Hot News

Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

बिहार के इंजीनियर की करोड़ों की काली कमाई का खुलासा, जानिए रेड में 3 फ्लैट, 12 जमीन के प्लॉट समेत क्या-क्या मिला

Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है. इस बीच पर्यटन विभाग के अधीक्षण अभियंता अवधेश कुमार सिन्हा पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कार्रवाई की है. आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनके तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई. प्रारंभिक जांच में इंजीनियर के पास आय से करीब 75 प्रतिशत अधिक, यानी लगभग 1.42 करोड़ रुपये की संपत्ति होने के प्रमाण मिले हैं. इसके बाद निगरानी विभाग ने मामला दर्ज कर छापेमारी की. रेड में मिले 3 फ्लैट और 12 प्लॉट छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को इंजीनियर अवधेश कुमार सिन्हा की बड़ी संपत्ति का पता चला. उनके नाम तीन फ्लैट और 12 प्लॉट के दस्तावेज मिले हैं. फिलहाल जांच एजेंसी इन भूखंडों के स्थान और कीमत का आकलन कर रही है. इसके अलावा कई अन्य चल और अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं. 19 बैंक खाते और भारी निवेश के मिले सबूत निगरानी विभाग को छापेमारी के दौरान 19 बैंक खातों की जानकारी भी मिली है. साथ ही बीमा योजनाओं में निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. जांच एजेंसी अब इन सभी निवेशों के स्रोत की जांच कर रही है. आशियाना नगर में आलीशान मकान जांच में पता चला कि अवधेश कुमार सिन्हा ने पटना के आशियाना नगर स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी में करीब दो कट्ठा चार धूर जमीन 75.63 लाख रुपये में खरीदी थी. इस जमीन पर करीब 97 लाख रुपये खर्च कर आलीशान मकान बनवाया गया. दस्तावेजों के मुताबिक निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार को शुरुआती भुगतान भी किया गया था. गहने, नकदी और कार भी मिली छापेमारी के दौरान निगरानी विभाग ने 61 हजार रुपये नकद बरामद किए. इसके अलावा करीब 5.05 लाख रुपये के सोने के आभूषण, 3.07 लाख रुपये के हीरा जड़ित स्वर्णाभूषण और 1.52 लाख रुपये के चांदी के आभूषण भी मिले हैं. जांच में एक हुंडई कार का भी पता चला है. बीमा में भी किया था निवेश जांच एजेंसी को ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि इंजीनियर ने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा बीमा योजनाओं में भी निवेश किया था. अब इन निवेशों के स्रोत और भुगतान की भी जांच की जा रही है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें ईडी ने बांका में भी बरामद किए 2.92 करोड़ रुपये बिहार के बांका जिले में अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई में 2.92 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं. ईडी ने कई सेल डीड, बैंक खातों का विवरण, चेक, ऋण समझौते, निवेश से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए हैं. इस कार्रवाई की जानकारी ईडी के पटना क्षेत्रीय कार्यालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है. जांच अभी जारी निगरानी विभाग और ईडी दोनों ही मामलों में आगे की जांच जारी है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संपत्तियां और निवेश किन स्रोतों से किए गए और क्या इनमें भ्रष्टाचार या अवैध कमाई का इस्तेमाल हुआ है. Also Read: खान सर ने कहा- जो मुझे जीजा मानता है, वही फैजल खान कहता है, दो आधार कार्ड के आरोपों पर भी दी सफाई The post बिहार के इंजीनियर की करोड़ों की काली कमाई का खुलासा, जानिए रेड में 3 फ्लैट, 12 जमीन के प्लॉट समेत क्या-क्या मिला appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सोनम वांगचुक के इलाज पर विवाद: हाईकोर्ट पहुंचीं पत्नी गीतांजलि, बोलीं- सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं

गीतांजलि ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से दूसरी जगह शिफ्ट करने की अनुमति मांगी है. इसके लिए रविवार (19 जुलाई) को तुरंत सुनवाई की अपील की गई है. गीतांजलि ने कहा कि किसी भी परिवार को अपने प्रियजन का इलाज किस अस्पताल में कराया जाए, यह तय करने के लिए प्रशासन से संघर्ष करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए. गीतांजलि ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल वांगचुक को उनकी पसंद के प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की ‘अनुमति नहीं दे रहा है’, सफदरजंग अस्पताल पर अब भरोसा नहीं रहा. अस्पताल में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात गीतांजलि जे. आंग्मो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि सफदरजंग अस्पताल ने जारी हेल्थ बुलेटिन में सोनम वांगचुक के पोटेशियम लेवल की असली जानकारी शामिल नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार अनुरोध करने के बावजूद अस्पताल न तो सोनम वांगचुक को छुट्टी दे रहा है और न ही किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति मिल रही है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं और उनकी आवाजाही पर भी सख्त रोक है. उनके मुताबिक, यह इलाज नहीं बल्कि अवैध हिरासत जैसी स्थिति है. ये भी पढ़ें: अस्पताल से सोनम वांगचुक का पहला मैसेज, कहा- आजादी का दूसरा आंदोलन, संसद चलो दिल्ली पुलिस सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले गई सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल शनिवार (18 जुलाई) को 21वें दिन में पहुंच गई. इसके बाद दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई. वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. वह नीट में कथित गड़बड़ियों और इस विवाद से जुड़े छात्रों की मौत के खिलाफ चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं. The post सोनम वांगचुक के इलाज पर विवाद: हाईकोर्ट पहुंचीं पत्नी गीतांजलि, बोलीं- सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राम मंदिर चंदा विवाद में ट्रस्ट के ऑडिट की मांग : राहुल गांधी और खरगे ने PM मोदी को लिखा पत्र

Ram Mandir Donation Controversy : अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान में चोरी और हेरफेर को लेकर एक नेतृत्वक विवाद बढ़ता जा रहा है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक संयुक्त पत्र लिखा है. इस पत्र के जरिए दोनों शीर्ष नेताओं ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी वित्तीय मामलों की एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है. विपक्ष के इस कदम से देश का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है. भक्तों के साथ विश्वासघात ​प्रधानमंत्री को भेजे गए इस संयुक्त पत्र के बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए नेताओं ने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है. उनका कहना है कि देश के लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा पूरी आस्था, भक्ति और अटूट विश्वास के साथ राम मंदिर निर्माण के लिए दान किया था. लेकिन चंदे में हुई इस कथित चोरी के खुलासे के बाद वे सभी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि यह न केवल वित्तीय अनियमितता है, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था के साथ किया गया एक बड़ा विश्वासघात है. ये भी पढ़ें : राम मंदिर ट्रस्ट पर फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा निर्मोही अखाड़ा, 2019 के फैसले के पूर्ण पालन और ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग कैश के साथ सोना-चांदी के ऑडिट की भी मांग ​कांग्रेस नेताओं ने अपने पत्र में साफ लिखा है, “हम आपसे तुरंत आग्रह करते हैं कि ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की एक स्वतंत्र और व्यापक जांच के आदेश दिए जाएं.” उन्होंने मांग की है कि इस जांच में केवल नकद (कैश) ही नहीं, बल्कि भक्तों द्वारा चढ़ाए गए सोने और चांदी सहित सभी तरह के चढ़ावे के प्रबंधन और रख-रखाव को भी शामिल किया जाना चाहिए. नेताओं का कहना है कि जांच की रिपोर्ट और ट्रस्ट के पूरे खातों को पूरी तरह से सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि हर एक भक्त को यह पता चल सके कि उनके दिए गए दान का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया है. उत्तर प्रदेश प्रशासन पहले ही बना चुकी है एसआईटी ​गौरतलब है कि राम मंदिर के चंदे में कथित गबन और हेरफेर का यह पूरा मामला पिछले महीने खुलकर सामने आया था. इस गंभीर आरोप के बाद चौतरफा दबाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रशासन ने 13 जून को ही इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया था. हालांकि, विपक्ष अब इस जांच को और बड़े स्तर पर ले जाने और इसमें पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए केंद्र प्रशासन और प्रधानमंत्री मोदी की सीधी दखल की मांग कर रहा है. ये भी पढ़ें : सोनम वांगचुक के इलाज पर बना सस्पेंस : अस्पताल बोला- हर पल कीमती, परिवार की मंजूरी बाकी The post राम मंदिर चंदा विवाद में ट्रस्ट के ऑडिट की मांग : राहुल गांधी और खरगे ने PM मोदी को लिखा पत्र appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अस्पताल से सोनम वांगचुक का पहला मैसेज, कहा- आजादी का दूसरा आंदोलन, संसद चलो

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती होने के बाद पहली बार लोगों के नाम एक्स पर मैसेज जारी किया है. उन्होंने 20 जुलाई को होने वाले प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की. वांगचुक ने इसे “हिंदुस्तान का दूसरा आजादी आंदोलन” बताते हुए कहा कि यह अन्याय, डर, पेपर लीक और उनकी कथित गैरकानूनी हिरासत जैसी समस्याओं के खिलाफ लड़ाई है. उन्होंने लोगों से संसद मार्च को सफल बनाने और न्याय की इस मुहिम में साथ देने की अपील की. कैसी है सोनम वांगचुक की सेहत रविवार (19 जुलाई) सुबह 8:30 बजे तक जारी स्वास्थ्य अपडेट के मुताबिक, सोनम वांगचुक का इलाज दिल्ली के वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में लगातार चल रहा है. फिलहाल उनकी नाड़ी, बीपी और अन्य जरूरी हेल्थ इंडिकेशन नॉर्मल हैं. हालांकि, लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने की वजह से उनके ब्लड की कुछ जांच रिपोर्ट सामान्य से थोड़ी अलग आई हैं. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार उपवास का असर शरीर पर पड़ रहा है. इसलिए उनकी हालत पर एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही है. ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक के इलाज पर बना सस्पेंस : अस्पताल बोला- हर पल कीमती, परिवार की मंजूरी बाकी सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि पहुंचीं दिल्ली हाईकोट सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने मांग की है कि वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए भेजने की अनुमति दी जाए. उनका आरोप है कि वांगचुक को उनकी इच्छा के खिलाफ प्रशासनी अस्पताल में रखा गया है. उन्होंने कहा कि अब उन्हें सफदरजंग अस्पताल में हो रहे इलाज पर भरोसा नहीं रहा. परिवार का यह भी कहना है कि कई बार अनुरोध करने के बावजूद अस्पताल प्रशासन न तो उन्हें डिस्चार्ज कर रहा है और न ही प्राइवेट अस्पताल ले जाने की अनुमति दे रहा है. ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के राहुल गांधी, कहा- असत्य और हिंसा मोदी प्रशासन के मूल सिद्धांत The post अस्पताल से सोनम वांगचुक का पहला मैसेज, कहा- आजादी का दूसरा आंदोलन, संसद चलो appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IND vs ENG 3rd ODI: लॉर्ड्स पर भारत का प्रदर्शन चिंताजनक, 2004 के बाद से वनडे में नहीं मिली जीत

India vs England Lord’s ODI record: हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच स्पोर्ट्सी जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है. दोनों टीमें एक-एक मुकाबला जीतकर बराबरी पर खड़ी हैं और अब सीरीज का फैसला ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले तीसरे और आखिरी वनडे से होगा. क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इस मैदान पर टीम इंडिया के सामने सिर्फ सीरीज जीतने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि एक लंबे इंतजार को खत्म करने का भी दबाव होगा. लॉर्ड्स में हिंदुस्तान को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे जीत का इंतजार करीब 22 साल से है. लॉर्ड्स की यादों में दर्ज हैं कई सुनहरे पल लॉर्ड्स का मैदान हिंदुस्तानीय क्रिकेट के लिए बेहद खास रहा है. इसी ऐतिहासिक मैदान पर हिंदुस्तान ने 1983 में पहली बार वनडे विश्व कप जीतकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था. इसके अलावा 2002 नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में भी हिंदुस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ यादगार जीत दर्ज की थी, जब सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम ने असंभव लग रही जीत को संभव बनाया था. हालांकि, इन सुनहरी यादों के बीच लॉर्ड्स पर हाल के वर्षों का रिकॉर्ड हिंदुस्तानीय टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. 2004 के बाद हिंदुस्तान इस मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मुकाबला जीतने में सफल नहीं हो पाया है. पिछले चार मुकाबलों में हिंदुस्तान का प्रदर्शन निराशाजनक लॉर्ड्स में स्पोर्ट्से गए पिछले चार वनडे मुकाबलों के आंकड़े हिंदुस्तान के पक्ष में नहीं हैं. 2007: इंग्लैंड ने हिंदुस्तान को 7 विकेट से हराया. 2011: दोनों टीमों के बीच स्पोर्ट्सा गया मुकाबला रोमांचक संघर्ष के बाद टाई पर खत्म हुआ. 2018: इंग्लैंड ने हिंदुस्तानीय बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में डालते हुए 86 रनों से बड़ी जीत दर्ज की. 2022: हिंदुस्तान को एकतरफा मुकाबले में 100 रनों की हार झेलनी पड़ी. इन आंकड़ों से साफ है कि लॉर्ड्स की परिस्थितियों में इंग्लैंड ने हिंदुस्तान पर लगातार दबदबा बनाए रखा है. शुभमन गिल के सामने इतिहास बदलने की चुनौती हिंदुस्तानीय कप्तान शुभमन गिल के लिए यह मुकाबला कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा. युवा कप्तान के सामने जहां सीरीज जीतने की जिम्मेदारी होगी, वहीं लॉर्ड्स में लंबे समय से चले आ रहे जीत के सूखे को खत्म करने की चुनौती भी होगी. इंग्लैंड की परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की संभावना रहती है. ऐसे में हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों को नई गेंद के सामने मजबूती दिखानी होगी. वहीं, गेंदबाजों को इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बनाने के लिए सटीक लाइन और लेंथ के साथ प्रदर्शन करना होगा. बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में दिखानी होगी पूरी ताकत लॉर्ड्स की पिच पर शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजी आसान नहीं होती. यहां स्विंग और सीम गेंदबाजी का असर देखने को मिलता है. हिंदुस्तानीय शीर्ष क्रम को जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करनी होगी, जबकि मध्यक्रम को दबाव की स्थिति में संभलकर स्पोर्ट्सना होगा. गेंदबाजी विभाग में हिंदुस्तान को इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाजों के खिलाफ शुरुआती सफलता हासिल करनी होगी. अगर हिंदुस्तानीय गेंदबाज पावरप्ले में विकेट निकालने में कामयाब रहते हैं तो मेजबान टीम पर दबाव बनाया जा सकता है. सीरीज जीत के साथ इतिहास बनाने का मौका तीसरा वनडे सिर्फ एक मुकाबला नहीं बल्कि हिंदुस्तानीय टीम के लिए इतिहास बदलने का अवसर है. 22 साल से चले आ रहे लॉर्ड्स के सूखे को खत्म कर टीम इंडिया न सिर्फ सीरीज अपने नाम कर सकती है, बल्कि इस ऐतिहासिक मैदान पर एक नई रिकॉर्ड भी बना सकती है. अब नजरें रविवार को होने वाले इस निर्णायक मुकाबले पर हैं, जहां शुभमन गिल की टीम के सामने लॉर्ड्स के किले को भेदने की बड़ी चुनौती होगी. इसे भी पढ़े- लॉर्ड्स में रोहित शर्मा और गौतम गंभीर की दिखी शानदार बॉन्डिंग, वायरल हुआ वीडियो The post IND vs ENG 3rd ODI: लॉर्ड्स पर हिंदुस्तान का प्रदर्शन चिंताजनक, 2004 के बाद से वनडे में नहीं मिली जीत appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में आगे, लेकिन निवेशकों की पहली पसंद नहीं बन पाया बिहार, जानिए क्या कहती है नीति आयोग की रिपोर्ट

Bihar News: (अनुराग प्रधान, पटना) देश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने की होड़ के बीच बिहार को झटका लगा है. नीति आयोग की इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 रिपोर्ट में राज्य का प्रदर्शन उम्मीद से काफी कमजोर रहा. 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सूची में बिहार को 26वां स्थान मिला है. वहीं बड़े राज्यों की श्रेणी में बिहार 17वें यानी अंतिम पायदान पर है. 100 अंकों के पैमाने पर बिहार को 41.2 अंक मिले हैं. इसी आधार पर राज्य को ‘इमर्जिंग परफॉर्मर’ श्रेणी में रखा गया है. इस श्रेणी में झारखंड, पंजाब, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, मेघालय, नागालैंड और पुडुचेरी भी शामिल हैं. शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में अच्छी तस्वीर रिपोर्ट में बिहार की कुछ उपलब्धियों का भी जिक्र किया गया है. राज्य ने शिक्षा पर बड़े राज्यों के औसत से 46 प्रतिशत अधिक प्रशासनी खर्च किया है. इसके अलावा सड़क, रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचे की उपलब्धता भी कई राज्यों की तुलना में बेहतर बताई गई है. बिजली और जलापूर्ति व्यवस्था में भी पहले की तुलना में सुधार दर्ज किया गया है. पर्यावरणीय मंजूरी की प्रक्रिया भी निवेशकों को पहले से आसान लगी है. इन वजहों से पीछे रह गया बिहार रिपोर्ट के अनुसार, बिहार का सबसे कमजोर पक्ष बिजनेस क्लाइमेट है. राज्य में निवेशकों के अनुकूल माहौल अभी भी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया है. औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, नवाचार, उद्योगों के लिए भूमि उपलब्धता, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून-व्यवस्था जैसे कई महत्वपूर्ण मानकों पर बिहार अन्य बड़े राज्यों से काफी पीछे है. यही वजह है कि बड़े निवेशक अभी भी राज्य में निवेश करने से हिचकते हैं. प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से काफी कम नीति आयोग के मुताबिक बिहार की प्रति व्यक्ति जीएसडीपी 44,705 रुपये है. यह बड़े राज्यों के औसत से करीब 72 प्रतिशत कम है. राज्य की वित्तीय स्थिति में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 67.5 प्रतिशत, उद्योग की 22.1 प्रतिशत और कृषि की 10.4 प्रतिशत है. विदेशी निवेश भी बेहद कम वर्ष 2023-24 में बिहार को केवल 0.16 मिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मिला. राज्य में फूड प्रोसेसिंग और कोक व रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि आधारित उद्योगों की अच्छी संभावनाएं होने के बावजूद निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए बेहतर औद्योगिक माहौल तैयार करना जरूरी है. वित्तीय स्थिति पर भी चिंता नीति आयोग ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट के अनुसार बिहार की कुल बकाया देनदारियां राष्ट्रीय औसत से करीब 500 बेसिस प्वाइंट अधिक हैं. इससे वित्तीय सुधार की जरूरत साफ दिखाई देती है. निवेशकों ने क्या कहा? 1,850 से अधिक निवेशकों की राय के आधार पर तैयार रिपोर्ट में बिहार की ताकत और कमजोरियों दोनों का उल्लेख किया गया है. निवेशकों ने माना कि बिजली, पानी और पर्यावरणीय मंजूरी की व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है. लेकिन उन्होंने उद्योगों के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली, बेहतर कानून-व्यवस्था, आसान भूमि आवंटन और मजबूत डिजिटल नेटवर्क की जरूरत बताई. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें बिहार की प्रमुख ताकतें शिक्षा पर औसत से 46% अधिक प्रशासनी खर्च रेलवे नेटवर्क और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर कोल्ड स्टोरेज क्षमता बड़े राज्यों से 23% अधिक बिजली और जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार प्राकृतिक संसाधनों की अच्छी उपलब्धता पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया पहले से आसान ये हैं सबसे बड़ी चुनौतियां बड़े राज्यों में सबसे कमजोर बिजनेस क्लाइमेट समर्पित औद्योगिक पार्कों की कमी टियर-2 और टियर-3 शहरों की कमजोर हवाई कनेक्टिविटी उद्योगों के लिए 24×7 बिजली की कमी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कमजोर कानून-व्यवस्था को लेकर निवेशकों की चिंता भूमि आवंटन प्रक्रिया जटिल रोजगार के सीमित अवसर बैंक ऋण और एमएसएमई की कम हिस्सेदारी नवाचार के मामले में भी पिछड़ा बिहार रिपोर्ट बताती है कि बिहार में सक्रिय कंपनियों के मुकाबले पेटेंट आवेदन का अनुपात केवल 0.48 प्रतिशत है, जबकि बड़े राज्यों का औसत 3.6 प्रतिशत है. एमएसएमई क्षेत्र में छोटे और मध्यम उद्योगों की हिस्सेदारी के मामले में बिहार 32वें स्थान पर है. वहीं उद्योगों को मिलने वाला बैंक ऋण राज्य की जीएसडीपी का केवल 6.7 प्रतिशत है, जिसे औद्योगिक विकास के लिए पर्याप्त नहीं माना गया है. Also Read: खान ने कहा- जो मुझे जीजा मानता है, वही फैजल खान कहता है, दो आधार कार्ड के आरोपों पर भी दी सफाई The post शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में आगे, लेकिन निवेशकों की पहली पसंद नहीं बन पाया बिहार, जानिए क्या कहती है नीति आयोग की रिपोर्ट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अपने बर्थडे पर पहनें ये ट्रेंडी ड्रेस, हर किसी की नजरें आप पर टिक जाएंगी

Birthday Dress Ideas: हर लड़की चाहती है कि उसके बर्थडे पर उसका लुक सबसे खास और स्टाइलिश हो. आखिर यह दिन साल में सिर्फ एक बार आता है. ऐसे में सही ड्रेस चुनना भी उतना ही जरूरी हो जाता है. आजकल फैशन में कई ऐसे आउटफिट ट्रेंड कर रहे हैं, जो देखने में बेहद खूबसूरत होने के साथ-साथ पहनने में भी आरामदायक हैं. अगर आप भी अपने बर्थडे के लिए परफेक्ट ड्रेस ढूंढ रही हैं, तो ये ट्रेंडी ऑप्शन (Birthday Dress Ideas) आपके लिए बेहतरीन साबित हो सकते हैं.  ऑफ-शोल्डर ड्रेस से पाएं ग्लैमरस लुक अगर आप अपने बर्थडे पर थोड़ा ग्लैमरस और स्टाइलिश दिखना चाहती हैं, तो ऑफ-शोल्डर ड्रेस एक शानदार ऑप्शन है. यह ड्रेस हर तरह की बॉडी टाइप पर अच्छी लगती है और फोटो में भी काफी अट्रैक्टिव दिखती है. इसे हाई हील्स, छोटे ईयररिंग्स और एक स्लिंग बैग के साथ स्टाइल किया जा सकता है.  PC: Freepik फ्लोरल शॉर्ट ड्रेस देगी फ्रेश और क्यूट लुक अगर आपको सिंपल लेकिन स्टाइलिश लुक पसंद है, तो फ्लोरल शॉर्ट ड्रेस चुन सकती हैं. यह खासकर डे बर्थडे पार्टी, कैफे सेलिब्रेशन या दोस्तों के साथ आउटिंग के लिए बेहतरीन रहती है. इसके साथ स्नीकर्स या व्हाइट सैंडल पहनकर आप कंफर्टेबल और फैशनेबल दोनों दिखेंगी.  PC: Social Media को-ऑर्ड सेट भी है स्टाइलिश ऑप्शन अगर आप ड्रेस की बजाय कुछ अलग पहनना चाहती हैं, तो को-ऑर्ड सेट ट्राई कर सकती हैं. मैचिंग टॉप और स्कर्ट या पैंट का यह कॉम्बिनेशन इन दिनों काफी ट्रेंड में है. यह लुक मॉडर्न होने के साथ-साथ बेहद कम्फर्टेबल भी होता है.  PC: Social Media यह भी पढ़ें: स्किनी, बूटकट या वाइड लेग? जानिए आपकी बॉडी टाइप के लिए कौन-सी जींस है परफेक्ट The post अपने बर्थडे पर पहनें ये ट्रेंडी ड्रेस, हर किसी की नजरें आप पर टिक जाएंगी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

जम्मू-कश्मीर में रातभर बारिश: पुंछ में 4 की मौत, राजौरी में बह गईं कई गाड़ियां, देखें Video

Jammu Kashmir Flood Video : शनिवार (18 जुलाई) शाम से शुरू हुई लगातार मूसलाधार बारिश के बाद जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में रविवार (19 जुलाई) तड़के अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आ गई. नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा. एक अधिकारी ने बताया कि पुंछ जिले में रात भर हुई भारी बारिश में चार लोगों की मौत हो गई जबकि कई लापता है. राजौरी में निजी संपत्ति को ज्यादा नुकसान राजौरी शहर के नए बस स्टैंड समेत कई निचले इलाके जलमग्न हो गए. कई गाड़ियां तेज बहाव में बह गए या पानी में डूब गए. प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को मौके पर भेजा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बाढ़ से प्रशासनी ढांचे और लोगों की निजी संपत्ति को ज्यादा नुकसान पहुंचा है. हिंदुस्तानीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है. बाढ़ से प्रभावित एक स्थानीय निवासी ने बताया कि सब कुछ खत्म हो गया. हमारा पूरा सामान पानी में बह गया. एक स्त्री अब भी लापता है. बाढ़ का वीडियो सामने आया है जिसे न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है. देखें वीडियो. तेज बहाव में बह गईं कई गाड़ियां प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, राजौरी की दरहाली, खांडली, सुकतोह और जमोला समेत सभी प्रमुख नदियां उफान पर हैं. कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर पहुंच गया, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया. दरहाली नदी ने बेला कॉलोनी के पास बाढ़ सुरक्षा दीवार तोड़ दी. इसके बाद बाढ़ का पानी नए बस स्टैंड में घुस गया, जहां खड़ी कई गाड़ियां तेज बहाव में बह गए या पानी में डूब गए. ये भी पढ़ें: बिहार-यूपी में येलो अलर्ट, झारखंड में भी होगी बारिश, जानें अन्य राज्यों के मौसम का हाल अब्दुल्ला ब्रिज और तारिक ब्रिज के पास ज्यादा नुकसान देखने को मिला अब्दुल्ला ब्रिज के पास की झुग्गी बस्ती में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, जिससे 50 से ज्यादा परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा. वहीं, तारिक ब्रिज के आसपास का इलाका भी पानी में डूब गया. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने नदी किनारे और निचले इलाकों में फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. पुलिस कर रही है लोगों की मदद एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि उनकी टीमें हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई कर रही हैं. फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है. बाढ़ से काफी संपत्ति का नुकसान हुआ है, लेकिन असली नुकसान का पता पानी उतरने के बाद ही चलेगा. पुलिस लगातार संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही है और नदी किनारे व निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील कर रही है. The post जम्मू-कश्मीर में रातभर बारिश: पुंछ में 4 की मौत, राजौरी में बह गईं कई गाड़ियां, देखें Video appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

ईरान में गृहयुद्ध का खतरा : सीजफायर के विरोध में विदेश मंत्री पर पथराव, राष्ट्रपति मसूद को धमकी

Iran Political Crisis : अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर के बाद अब ईरान में एक गंभीर नेतृत्वक संकट पैदा हो गया है. देश के कट्टरपंथी गुटों ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और अमेरिकी बातचीत में शामिल शीर्ष नेताओं पर बड़ा आरोप लगाया है. उनका दावा है कि अमेरिका के साथ समझौता करके प्रशासन ने इस्लामिक क्रांति के मूल सिद्धांतों और सर्वोच्च नेतृत्व के साथ बड़ा धोखा किया है. उनका मानना है कि प्रशासन पूरी तरह से देश के सिद्धांतों से समझौता कर चुकी है. ​विदेश मंत्री पर पथराव और राष्ट्रपति के खिलाफ नारेबाजी सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार यह गुस्सा उस समय सामने आया जब दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा था. इस दौरान भीड़ ने राष्ट्रपति पेजेशकियान के सामने समझौतावादी मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए. इतना ही नहीं अमेरिका के साथ सीजफायर और प्रतिबंधों में राहत की बीतचीत करने वाले विदेश मंत्री अब्बास अराघची पर उग्र भीड़ ने पथराव कर दिया. भीड़ ने उन्हें गद्दार और बिकाऊ तक कह दिया, जिसके बाद अराघची को अपनी जान बचाकर वहां से भागना पड़ा. गायक की खुली धमकी- हमारे हाथ में ब्लेड और आपका गला होगा ईरान ने भीतर यह अंदरूनी लड़ाई केवल नारेबाजी और पथराव तक ही सीमित नहीं रही. प्रशासन के समर्थक रहे एक कट्टरपंथी धार्मिक गायक मोहम्मद अली बख्शी ने एक जनसभा के दौरान सीधे तौर पर राष्ट्रपति को जान से मारने की धमकी दे डाली. बख्शी ने मंच से कहा कि मिस्टर प्रेसिडेंट, अगर सुप्रीम लीडर की शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो हमारे हाथ में ब्लेड होगा और सामने आपका गला. हम आपके लिए जीवित रहना नरक कर देंगे. इस बयान के बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है. ये भी पढ़ें : जॉर्डन में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला, अमेरिका ने ईरान पर फिर बरसाए बम नए सुप्रीम लीडर गायब, तख्तापलट के लग रहे आरोप पूरे घमासान के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई रहस्यमयी तरीके से जनता के सामने नहीं आ रहे. अपने पिता की मौत के बाद से उन्होंने अभी तक न तो देश को संबोधित किया है और न किसी कार्यक्रम में दिखे हैं. आशंका है कि वे अपनी जान के डर से छिपे हुए हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उनकी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या भी बताई गई है. इसी गैर-मौजूदगी का फायदा उठाकर कट्टरपंथी दल ‘जेभ-ए-पायदारी’ ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति और संसद अध्यक्ष गालिबफ देश की सत्ता पर कब्जा करने के लिए राजनैतिक तख्तापलट करने का प्रयास कर रहे हैं. ​प्रशासन कट्टरपंथियों को कर रही सत्ता से बाहर ​ ईरान के युद्धकालीन बड़े नेताओं का मानना है कि ये हद से ज्यादा कट्टरपंथी तत्व देश की सुरक्षा और अमेरिका के साथ चल रही रणनीतिक बातचीत के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन चुके हैं. यही वजह है कि संसद अध्यक्ष गालिबफ ने इन तत्वों को सत्ता से दरकिनार करना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में अफवाह फैलाने और पिछले महीने अमेरिकी बातचीत के गोपनीय दस्तावेजों को मीडिया में लीक करने वाले मुख्य कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियान को संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. ​पूर्ण युद्ध की सनक और अमेरिकी सैनिकों को बंधक बनाने की मांग ​ इस बीच, अमेरिका के साथ हुआ अस्थायी सीजफायर टूटने से इन कट्टरपंथियों के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ये लोग किसी भी समझौते के सख्त खिलाफ हैं और सीधे तौर पर पूर्ण युद्ध चाहते हैं. ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और कट्टरपंथी नेता मनूचेहर मुत्तकी ने प्रशासनी टीवी पर एक बेहद खतरनाक विचार साझा करते हुए कहा कि ईरान को क्षेत्र में मौजूद किसी भी अमेरिकी सैन्य अड्डे पर सीधा हमला करना चाहिए और वहां से कम से कम 100 अमेरिकी सैनिकों को बंधक बनाकर ईरान ले आना चाहिए. अंदरूनी टकराव की यह स्थिति ईरान को एक नए विनाश की ओर धकेल रही है. ये भी पढ़ें : सोनम वांगचुक को हटाने पर बीजेपी की सफाई : कोर्ट के आदेश पर सेहत बचाने के लिए किया शिफ्ट, विपक्ष कर रहा नेतृत्व The post ईरान में गृहयुद्ध का खतरा : सीजफायर के विरोध में विदेश मंत्री पर पथराव, राष्ट्रपति मसूद को धमकी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

देवघर : श्रावणी मेला में दो सौ डॉक्टरों की होगी तैनाती, हर पांच किमी पर लगेंगे शिविर

Shravani Mela 2026 : श्रावणी मेला 2026 में श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए झारखंड प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही है. झारखंड में प्रवेश करते ही लोगों को कांवरियों को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और उपचार मिले, इसके लिए हर कांवरिया पथ में हर पांच किलोमीटर पर अस्थायी स्वास्थ्य शिविर लगाये जायेंगे. स्वास्थ्य विभाग ने 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले मेले के लिए जिलों से 200 से ज्यादा चिकित्सकों को अस्थाई रूप से पदस्थापित करने पर विचार कर रहा है. डॉक्टरों के 80-80 के बैच का दो शिफ्ट में देवघर में तैनाती की जायेगी. वासुकिनाथ में भी डॉक्टरों की होगी तैनाती  दुमका के वासुकिनाथ में 20-20 चिकित्सकों का शिफ्ट होगा. वहीं, बड़ी संख्या में पैरामेडिकल स्टॉफ की प्रतिनियुक्ति की जायेगी. सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) के नेतृत्व में एमपीडब्ल्यू स्टॉफ की भी प्रतिनियुक्ति के लिए निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा डॉ सिद्धार्थ सान्याल की ओर से फाइल आगे बढ़ायी गयी है. कावंरिया पथ पर विशेष स्वास्थ्य शिविर स्थापित किये गये हैं. इन शिविरों में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जायेंगी. 24 घंटे कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं को मिलेगी सेवा  सभी डॉक्टर स्थानीय जिलों के उपायुक्त और सिविल सर्जन के निर्देश पर काम करेंगे, ताकि मुख्य राजमार्गों से इतर सुदूरवर्ती रूटों पर भी शिवभक्तों को मरहम-पट्टी के साथ ही आकस्मिक रूप से कांवरियों को 24 घंटे तत्काल इलाज मिल सके. श्रावणी मेला को लेकर 20 जुलाई को होगी बैठक देवघर जिला परिसदन सभागार कक्ष में श्रावणी मेला, 2026 के सफल आयोजन को लेकर 20 जुलाई यानि सोमवार को बैठक होगी. बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी भी शामिल होंगे. संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला ने उपायुक्त देवघर और संताल परगना के क्षेत्रीय उप निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र लिखा है. इसमें विभाग से संबंधित तैयारियों पर विस्तृत समीक्षा की जायेगी. ये भी पढ़ें- जामताड़ा के सदर अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल, बिना इलाज के गर्भवती को बैरंग लौटाने का आरोप ये भी पढ़ें-चतरा के हंटरगंज में दो लाख की सुपारी देकर दिव्या की कराई गई हत्या, मामले में एक गिरफ्तार The post देवघर : श्रावणी मेला में दो सौ डॉक्टरों की होगी तैनाती, हर पांच किमी पर लगेंगे शिविर appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top