सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती होने के बाद पहली बार लोगों के नाम एक्स पर मैसेज जारी किया है. उन्होंने 20 जुलाई को होने वाले प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की. वांगचुक ने इसे “हिंदुस्तान का दूसरा आजादी आंदोलन” बताते हुए कहा कि यह अन्याय, डर, पेपर लीक और उनकी कथित गैरकानूनी हिरासत जैसी समस्याओं के खिलाफ लड़ाई है. उन्होंने लोगों से संसद मार्च को सफल बनाने और न्याय की इस मुहिम में साथ देने की अपील की.
कैसी है सोनम वांगचुक की सेहत
रविवार (19 जुलाई) सुबह 8:30 बजे तक जारी स्वास्थ्य अपडेट के मुताबिक, सोनम वांगचुक का इलाज दिल्ली के वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में लगातार चल रहा है. फिलहाल उनकी नाड़ी, बीपी और अन्य जरूरी हेल्थ इंडिकेशन नॉर्मल हैं. हालांकि, लंबे समय से भूख हड़ताल पर रहने की वजह से उनके ब्लड की कुछ जांच रिपोर्ट सामान्य से थोड़ी अलग आई हैं. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार उपवास का असर शरीर पर पड़ रहा है. इसलिए उनकी हालत पर एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही है.
ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक के इलाज पर बना सस्पेंस : अस्पताल बोला- हर पल कीमती, परिवार की मंजूरी बाकी
सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि पहुंचीं दिल्ली हाईकोट
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने मांग की है कि वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए भेजने की अनुमति दी जाए. उनका आरोप है कि वांगचुक को उनकी इच्छा के खिलाफ प्रशासनी अस्पताल में रखा गया है. उन्होंने कहा कि अब उन्हें सफदरजंग अस्पताल में हो रहे इलाज पर भरोसा नहीं रहा. परिवार का यह भी कहना है कि कई बार अनुरोध करने के बावजूद अस्पताल प्रशासन न तो उन्हें डिस्चार्ज कर रहा है और न ही प्राइवेट अस्पताल ले जाने की अनुमति दे रहा है.
ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के राहुल गांधी, कहा- असत्य और हिंसा मोदी प्रशासन के मूल सिद्धांत
The post अस्पताल से सोनम वांगचुक का पहला मैसेज, कहा- आजादी का दूसरा आंदोलन, संसद चलो appeared first on Naya Vichar.

