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Author name: Vinod Jha

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राहुल गांधी के सामने भावुक हुए NEET छात्रा के पिता, कहा- संसद में हमारी आवाज उठाइए

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: देहरादून में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र प्रशासन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह कोई नेतृत्वक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और उनकी समस्याओं पर चर्चा का मंच है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक कराने के लिए अब अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा- अगर आपके पास करोड़ों रुपये हैं, तो आप पेपर लीक के मेन्यू कार्ड से अपनी पसंद का पेपर चुन सकते हैं. एक अभिभावक ने की सदन में आवाज उठाने की अपील देहरादून में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी की मुलाकात कथित तौर पर NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाली छात्रा रिया कुमारी के पिता राजेश मल्ल से हुई. मंच पर बातचीत के दौरान भावुक राजेश मल्ल ने कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, वैसा किसी और बेटी के साथ नहीं होना चाहिए. उन्होंने राहुल गांधी से संसद में इस मुद्दे को मजबूती से उठाने और पेपर लीक से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने की अपील की. 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित, 152 मामले लेकिन एक भी दोषसिद्धि नहीं- राहुल गांधी कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था ऐसी स्थिति में पहुंच गई है, जहां पेपर लीक होना लगभग आम बात बन गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को रोकने में विफल रही है, जिसका खामियाजा लाखों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में पेपर लीक के लिए हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है और करोड़ों रुपये देकर इंटरनेट, टेलीग्राम या सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रश्नपत्र हासिल किए जा सकते हैं. राहुल ने दावा किया कि पिछले 10 सालों में 152 पेपर लीक की घटनाओं से करीब 7.5 करोड़ युवा प्रभावित हुए, लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली. उन्होंने कहा कि यह केवल सामने आए मामलों का आंकड़ा है और वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है. उनके मुताबिक, यह देश के युवाओं, उनकी मेहनत और उनके भविष्य का अपमान है. बोले राहुल गांधी- यह नेतृत्व नहीं, युवाओं के भविष्य की लड़ाई अपने संबोधन में राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यह किसी नेतृत्वक दल की रैली नहीं है, बल्कि देश के युवाओं, उनके भविष्य, संघर्ष और चुनौतियों की बात करने का मंच है. Also Read: बुलेट ट्रेन विवाद पर MEA का जवाब, जापानी नेता के दावे खारिज, कहा- काम तेजी से जारी The post राहुल गांधी के सामने भावुक हुए NEET छात्रा के पिता, कहा- संसद में हमारी आवाज उठाइए appeared first on Naya Vichar.

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कौशल विकास मिशन में 55 करोड़ के भुगतान पर सवाल, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने की जांच की मांग

मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर फर्जी बैंक गारंटी और ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को भुगतान का मुद्दा उठाया दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और प्रशासनी राशि की वसूली की मांग आनंद मोहन प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी (जेएसडीएमएस) में कथित वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर फर्जी बैंक गारंटी देने वाली कंपनियों को ब्लैकलिस्ट से हटाकर करोड़ों रुपये का भुगतान किये जाने पर गंभीर सवाल उठाये हैं. मरांडी ने आरोप लगाया कि फर्जी बैंक गारंटी के आरोप में ब्लैकलिस्ट की गयी कंपनी को पहले ब्लैकलिस्ट से बाहर निकाला गया, फिर उसे करीब 55 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया और भुगतान के बाद दोबारा ब्लैकलिस्ट कर दिया गया. उन्होंने इसे सुनियोजित वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का गंभीर मामला बताया. अधिकारियों की भूमिका पर उठाये सवाल मरांडी ने पूछा कि जब संबंधित कंपनियां फर्जी बैंक गारंटी देने की दोषी थीं, तो उन्हें ब्लैकलिस्ट से हटाने का आदेश किसने दिया और किस नियम के तहत यह फैसला लिया गया. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि करीब 55 करोड़ रुपये के भुगतान को किस अधिकारी और किस स्तर पर मंजूरी दी गयी. उन्होंने कहा कि यदि फर्जी बैंक गारंटी के मामले में एक विभाग के सचिव के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है, तो इस प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गयी. राशि की वसूली और समयबद्ध जांच की मांग प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही का नहीं, बल्कि प्रशासनी धन और पद के दुरुपयोग का है. उन्होंने पूरे मामले की समयबद्ध न्यायिक जांच कराने, ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को किये गये भुगतान की वैधानिकता की जांच कराने और दोषी पाये जाने पर संबंधित लोगों से प्रशासनी राशि की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की. मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया. The post कौशल विकास मिशन में 55 करोड़ के भुगतान पर सवाल, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने की जांच की मांग appeared first on Naya Vichar.

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बुलेट ट्रेन विवाद पर MEA का जवाब, जापानी नेता के दावे खारिज, कहा- काम तेजी से जारी

Mumbai Ahmedabad Bullet Train: हिंदुस्तान ने शुक्रवार (17 जुलाई) को जापान के पूर्व मंत्री हिदेकी माकिहारा के उस बयान को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी के लिए हिंदुस्तान को जिम्मेदार ठहराया था. विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि यह उनका निजी विचार है और इसका वास्तविक तथ्यों से कोई मेल नहीं है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक जापान के पूर्व न्याय मंत्री और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के नेता हिदेकी माकिहारा ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि बुलेट ट्रेन परियोजना के दौरान हिंदुस्तानीय पक्ष की ओर से लगातार लापरवाही बरती गई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि हिंदुस्तान ने वादों को पूरा नहीं किया विदेश मंत्रालय ने कहा- यह उनकी निजी राय जापानी पूर्व मंत्री माकिहारा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि सोशल मीडिया पर दिया गया यह बयान पूरी तरह से उनकी व्यक्तिगत राय है और इसका वास्तविक स्थिति से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना पर हिंदुस्तान और जापान के बीच सहयोग लगातार सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रहा है और दोनों देशों के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से जारी है काम मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) परियोजना पर हिंदुस्तान और जापान के बीच सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है. प्रशासनी सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच परियोजना को लेकर समन्वय बेहतर तरीके से जारी है और इसे जल्द से जल्द शुरू करने के साझा लक्ष्य के अनुरूप निर्माण कार्य तेज़ गति से किया जा रहा है. 2030 के दशक की शुरुआत में मिलेगी जापान की E10 सीरीज ट्रेन सूत्रों के मुताबिक, जापान अपनी नई पीढ़ी की E10 सीरीज हाई-स्पीड ट्रेन 2030 के दशक की शुरुआत में उपलब्ध कराएगा. फिलहाल यह ट्रेन विकास (डेवलपमेंट) के चरण में है और इसका निर्माण जारी है. ट्रेन की डिलीवरी से पहले ही परियोजना के निर्माण कार्य में काफी प्रगति हुई है. योजना के अनुसार, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का पहला सेक्शन साल 2027 में परिचालन के लिए खोल दिया जाएगा. हिंदुस्तानीय हाई-स्पीड ट्रेन के साथ शुरू होगा संचालन प्रशासनी सूत्रों के अनुसार शुरुआती चरण में परिचालन हिंदुस्तानीय हाई-स्पीड ट्रेन के साथ शुरू करने पर हिंदुस्तान और जापान के बीच सहमति बन गई है. इससे परियोजना की शुरुआत तय समयसीमा के भीतर सुनिश्चित की जा सकेगी. The post बुलेट ट्रेन विवाद पर MEA का जवाब, जापानी नेता के दावे खारिज, कहा- काम तेजी से जारी appeared first on Naya Vichar.

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किसानों की आय बढ़ायेगी हेमंत सोरेन सरकार, हर जिले में बनेगी मॉडल किसान पाठशाला

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देश समय पर खाद-बीज, तकनीकी सहायता और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर जोर किसान समृद्धि योजना के तहत सौर सिंचाई पंप का दायरा बढ़ाने के निर्देश सुनील चौधरी, रांची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि आधुनिक तकनीक आधारित खेती और किसानों का सर्वांगीण विकास राज्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक-एक मॉडल किसान पाठशाला स्थापित की जाये, ताकि किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती और नई कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जा सके. इससे खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी. शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती और पशुपालन ग्रामीण वित्तीय स्थिति की रीढ़ हैं. इसलिए प्रशासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है. समय पर खाद-बीज और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को निर्धारित समय के भीतर खाद, बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराये जायें. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाये, ताकि खेती लाभकारी बने और किसानों की आय में लगातार बढ़ोतरी हो. किसान समृद्धि योजना पर विशेष फोकस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने किसान समृद्धि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई पंप उपलब्ध कराये जा रहे हैं, जिससे सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी, खेती की लागत कम होगी और किसान आत्मनिर्भर बन सकेंगे. उन्होंने अधिक से अधिक किसानों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिये. कृषि से जुड़े सभी क्षेत्रों की हुई समीक्षा बैठक में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गयी. इसमें किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास, आधुनिक कृषि तकनीक का विस्तार, पशुधन विकास, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, सहकारिता संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा कृषि आधारित आजीविका योजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि राज्य प्रशासन का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है. The post किसानों की आय बढ़ायेगी हेमंत सोरेन प्रशासन, हर जिले में बनेगी मॉडल किसान पाठशाला appeared first on Naya Vichar.

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ECB के लिए नहीं छोड़ेंगे RCB का साथ, एंडी फ्लावर ने ठुकराया इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच का ऑफर

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के मुख्य कोच एंडी फ्लावर ने इंग्लैंड पुरुष टेस्ट टीम के अगले मुख्य कोच बनने की संभावनाओं को खारिज कर दिया है. पूर्व जिम्बाब्वे कप्तान ने साफ कहा कि वह अपने मौजूदा काम से बेहद खुश हैं और फिलहाल किसी बदलाव के बारे में नहीं सोच रहे हैं. फ्लावर का यह फैसला RCB के लिए राहत लेकर आया है. उनकी कोचिंग में टीम ने 2025 और 2026 में लगातार दो IPL खिताब जीते हैं. ऐसे में अगर फ्लावर इंग्लैंड की जिम्मेदारी स्वीकार करते तो फ्रेंचाइजी को नया कोच तलाशना होता. ‘मैं अपने मौजूदा काम से बहुत खुश हूं’ लंदन स्पिरिट के मीडिया डे के दौरान फ्लावर ने कहा कि वह इस समय जिन संगठनों के साथ काम कर रहे हैं, उनसे पूरी तरह संतुष्ट हैं. “मैं इस समय जो काम कर रहा हूं, उससे बहुत खुश हूं. मेरे साथ शानदार लोग और बेहतरीन टीमें हैं. मैं अपने मौजूदा रोल में पूरी तरह सहज हूं और फिलहाल इसी के साथ आगे बढ़ना चाहता हूं.” ब्रेंडन मैकुलम के बाद इंग्लैंड तलाश रहा नया कोच इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने ब्रेंडन मैकुलम को हटाने के बाद नए टेस्ट कोच की तलाश शुरू की थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले एक सप्ताह से इंग्लैंड बोर्ड एंडी फ्लावर को मनाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. इंग्लैंड के साथ रहा है शानदार रिकॉर्ड फ्लावर का इंग्लैंड क्रिकेट के साथ लंबा और सफल रिश्ता रहा है. वह 2007 में पीटर मूर के सहायक कोच बने थे और 2009 में टीम डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाली. उनके कार्यकाल में इंग्लैंड ने 2009 में एशेज दोबारा जीती, 2010 टी20 विश्व कप खिताब जीता, 2010-11 में ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक एशेज सीरीज अपने नाम की और 2011 में टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 टीम बनी. पुरानी यादों को किया याद फ्लावर ने कहा कि इंग्लैंड टीम के साथ बिताया गया समय उनके करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक रहा है. “इंग्लैंड का मुख्य कोच बनना किसी भी व्यक्ति के लिए सम्मान की बात है. मैंने पहले यह जिम्मेदारी निभाई है और उन दिनों को बहुत अच्छे से याद करता हूं. लेकिन इस समय मैं अपने मौजूदा काम में खुश हूं और उसी पर ध्यान देना चाहता हूं.” इन दिग्गजों के नाम भी चर्चा में इंग्लैंड के अगले टेस्ट कोच की रेस में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच जस्टिन लैंगर और श्रीलंका के महान बल्लेबाज कुमार संगकारा के नाम भी चर्चा में हैं. हालांकि ECB ने अभी तक किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है. ये भी पढ़ें: रोहित शर्मा के बाद विराट कोहली की बारी? अश्विन ने सेलेक्टर्स के रवैये पर किया दावा The post ECB के लिए नहीं छोड़ेंगे RCB का साथ, एंडी फ्लावर ने ठुकराया इंग्लैंड टेस्ट टीम के कोच का ऑफर appeared first on Naya Vichar.

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रिम्स में अब सिर्फ 475 रुपये में होगी HLA-B27 जांच, निजी लैब में लगते हैं 4000-4500 रुपये

आरटीपीसीआर मशीन से शुरू हुई जांच, जकड़न, जोड़ों के दर्द और अर्थराइटिस मरीजों को बड़ी राहत बिहार-झारखंड के प्रशासनी मेडिकल कॉलेजों में फिलहाल सिर्फ रिम्स में उपलब्ध है सुविधा निजी लैब में 4,000 से 4,500 रुपये तक खर्च, रिम्स में रिपोर्ट डेढ़ घंटे में तैयार राजीव पांडेय, रांची शरीर में लगातार जकड़न, जोड़ों में दर्द, अर्थराइटिस और ऑटोइम्यून बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की समाचार है. रिम्स के लैब मेडिसिन विभाग में अब अत्याधुनिक आरटीपीसीआर मशीन से एचएलए-बी27 (HLA-B27) जांच की सुविधा शुरू हो गयी है. इस जांच के लिए मरीजों को केवल 475 रुपये खर्च करने होंगे, जबकि निजी लैब में यही जांच 4,000 से 4,500 रुपये तक में होती है. रिम्स में यह सुविधा पिछले तीन माह से उपलब्ध है. यहां ब्लड सैंपल लेकर अस्पताल की लैब में ही जांच की जाती है, जबकि निजी लैब अधिकतर सैंपल जांच के लिए महानगरों में भेजते हैं. रिम्स के अधिकारियों के अनुसार बिहार और झारखंड के प्रशासनी मेडिकल कॉलेजों में फिलहाल यह सुविधा केवल रिम्स में उपलब्ध है. डीएनए अलग कर डेढ़ घंटे में होती है जांच लैब मेडिसिन विभाग में पहले मरीज के ब्लड सैंपल से डीएनए अलग किया जाता है. इसके बाद आरटीपीसीआर तकनीक के माध्यम से एचएलए-बी27 की जांच की जाती है. पूरी प्रक्रिया में करीब डेढ़ घंटे का समय लगता है. इसके बाद रिपोर्ट का विश्लेषण कर अंतिम परिणाम जारी किया जाता है. रिम्स में इस जांच के लिए सबसे अधिक सैंपल न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी और मेडिसिन विभाग से आते हैं. ऑटोइम्यून बीमारियों की पहचान में अहम एचएलए-बी27 जांच साइटोमेट्री या पीसीआर तकनीक से की जाती है. यदि रिपोर्ट निगेटिव आती है तो इसका मतलब है कि रक्त में एचएलए-बी27 प्रोटीन मौजूद नहीं है और संबंधित बीमारी की संभावना कम होती है. वहीं पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर यह प्रोटीन पाया जाता है, जिससे कुछ ऑटोइम्यून रोगों की पहचान में मदद मिलती है. यह जांच रीढ़ और जोड़ों में सूजन, लंबे समय से बने दर्द, अर्थराइटिस तथा आंखों की सूजन जैसी समस्याओं के कारणों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. समय पर जांच होने से मरीजों का इलाज भी जल्दी शुरू किया जा सकता है. HLA-B27 जांच क्यों जरूरी लगातार जोड़ों में दर्द और जकड़न की पहचान में मदद. अर्थराइटिस और ऑटोइम्यून बीमारियों के निदान में उपयोगी. रीढ़, जोड़ों और आंखों की सूजन का कारण पता चलता है. रिम्स में मात्र 475 रुपये में उपलब्ध. निजी लैब की तुलना में करीब 90 प्रतिशत कम खर्च. बिहार-झारखंड के प्रशासनी मेडिकल कॉलेजों में फिलहाल सिर्फ रिम्स में यह सुविधा उपलब्ध. The post रिम्स में अब सिर्फ 475 रुपये में होगी HLA-B27 जांच, निजी लैब में लगते हैं 4000-4500 रुपये appeared first on Naya Vichar.

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बिहार शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी लागू, इस तारीख से शुरू होगा आवेदन, तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया

Bihar Teacher Transfer Portal: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों को बड़ा तोहफा देते हुए ट्रांसफर की अधिसूचना जारी कर दी है. बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के तहत अब तबादलों का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है. इसके लिए बकायदा पूरा टाइम-टेबल भी जारी कर दिया गया है. कैबिनेट की तरफ से 24 जून को ही इस ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी मिल चुकी थी और अब विभाग ने इस पर मुहर लगा दी है. यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी ताकि किसी भी शिक्षक को परेशानी न हो. तीन चरणों में पूरा होगा ट्रांसफर का स्पोर्ट्स शिक्षकों के तबादले, समायोजन और आपसी सहमति से होने वाले ट्रांसफर की यह पूरी प्रक्रिया कुल मिलाकर तीन अलग-अलग चरणों में पूरी की जाएगी. इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल आगामी 29 जुलाई से खोल दिया जाएगा. शिक्षक इस पोर्टल पर जाकर 5 अगस्त तक अपना ऑनलाइन आवेदन दर्ज करा सकेंगे. शुरुआती इस हफ्ते में सिर्फ समायोजन और म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे. इसके बाद ही आगे की अन्य प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी. पहले और दूसरे चरण का पूरा कार्यक्रम, जानें कब क्या होगा तय समय-सारिणी के अनुसार, पहले चरण की शुरुआत 7 अगस्त से होगी जो 9 सितंबर तक चलेगी. इस दौरान शिक्षकों के समायोजन और समानुपातीकरण की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा, जिसमें सूची जारी करना, आपत्तियां मांगना और उनका निपटारा करना शामिल है. इसके बाद दूसरा चरण 10 सितंबर से शुरू होकर 14 सितंबर तक चलेगा. इस दौरान जिला, प्रमंडल और राज्य स्थापना समिति मिलकर म्यूचुअल ट्रांसफर की सभी कागजी और तकनीकी कार्रवाई को अंतिम रूप देगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें सामान्य ट्रांसफर के लिए तीसरा चरण, जानें आवेदन और फाइनल लिस्ट की तारीखें तीसरा और अंतिम चरण सामान्य तबादलों के लिए निर्धारित किया गया है. इसके तहत 16 सितंबर को स्कूलों में बची हुई खाली सीटों की लिस्ट जारी की जाएगी. इसके बाद शिक्षक 17 सितंबर से 23 सितंबर तक अपनी पसंद के अनुसार स्कूलों का चयन करके सामान्य ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे. 24 सितंबर से 31 अक्टूबर तक सामान्य ट्रांसफर की फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी और यदि इस पर कोई शिकायत या अपील आती है तो उसका निपटारा भी इसी अवधि में कर दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें: बिहार की श्रेया कौशिक को मिली 30000000 की लिंकन स्कॉलरशिप, हिंदुस्तान से इकलौती छात्रा चुनी गई The post बिहार शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी लागू, इस तारीख से शुरू होगा आवेदन, तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया appeared first on Naya Vichar.

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हजारीबाग में बढ़ा रसेल वाइपर का आतंक, मुफस्सिल थाने के सिरिस्ता से लेकर शिक्षक के घर तक पहुंचा जहरीला सांप

Russell Viper: हजारीबाग जिले में रसेल वाइपर सांप का लगातार बढ़ता आतंक लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है. शहर से लेकर गांव तक, घरों से लेकर प्रशासनी कार्यालयों तक इस अत्यंत जहरीले सांप के पहुंचने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. शुक्रवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मुकुंडगंज स्थित वास्तु विहार कॉलोनी में एक शिक्षक के घर रसेल वाइपर घुस गया. वहीं, कुछ दिन पहले मुफस्सिल थाना के सिरिस्ता कार्यालय में भी यह जहरीला सांप कुर्सी पर बैठा मिला था. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है. शिक्षक के घर में दिखा जहरीला सांप शुक्रवार को मुकुंडगंज स्थित वास्तु विहार कॉलोनी में रहने वाले एक शिक्षक के घर अचानक रसेल वाइपर दिखाई देने से परिवार के लोगों में अफरा-तफरी मच गई. सांप को देखते ही घर के सदस्य सुरक्षित स्थान पर चले गए और आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी. काफी सावधानी बरतते हुए सांप को घर से बाहर निकाला गया. इसी दिन इचाक प्रखंड के रेवाली गांव में भी एक किसान के घर रसेल वाइपर घुसने की घटना सामने आई, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया. सिरिस्ता में कुर्सी पर बैठा मिला रसेल वाइपर 13 जुलाई को मुफस्सिल थाना के सिरिस्ता कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक रसेल वाइपर सांप कर्मचारियों की कुर्सी पर बैठा दिखाई दिया. जहरीले सांप को देखते ही थाना के पुलिस पदाधिकारी, मुंशी, सिपाही, चौकीदार और अन्य कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई. काफी मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने सावधानीपूर्वक सांप को कार्यालय से बाहर निकाला. हालांकि इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. प्रशासनी कार्यालयों में भी लगातार पहुंच रहा सांप मुफस्सिल थाना की घटना अकेली नहीं है. करीब दस दिन पहले जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ ऑफिस) में भी रसेल वाइपर घुस गया था. सांप को देखकर कार्यालय के कर्मचारी घबरा गए थे और कुछ समय तक कार्यालय का काम प्रभावित रहा. इसके अलावा लगभग पंद्रह दिन पहले बंदोबस्त कार्यालय में भी रसेल वाइपर मिलने से कर्मचारियों में दहशत फैल गई थी. लगातार प्रशासनी दफ्तरों में इस जहरीले सांप के पहुंचने से कर्मचारी भी चिंता में हैं. लोगों में बढ़ी दहशत, सावधानी बरतने की अपील लगातार घरों और प्रशासनी कार्यालयों में रसेल वाइपर मिलने की घटनाओं के बाद लोग अपने आसपास अधिक सतर्क रहने लगे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात और उमस के मौसम में सांप अक्सर ठंडी और सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों तथा भवनों में प्रवेश कर जाते हैं. ऐसे में लोगों को किसी भी संदिग्ध जगह पर हाथ डालने या बिना देखे सामान उठाने से बचना चाहिए. यदि सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने का प्रयास करने के बजाय तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए. इसे भी पढ़ें: कटिहार के कुरसेला में ‘रसेल वाइपर’ दिखने से ग्रामीणों में हड़कंप क्या कहते हैं वन्य जीव संरक्षक न्यू ह्यूमन फाउंडेशन के उपाध्यक्ष सह वन्य जीव संरक्षक मुरारी सिंह ने बताया कि उमस बढ़ने पर रसेल वाइपर अपने शरीर का तापमान संतुलित रखने के लिए ठंडी जगहों की तलाश करता है. कई बार भोजन की खोज में भी वह घरों और कार्यालयों में पहुंच जाता है. उन्होंने बताया कि रसेल वाइपर हिंदुस्तान के सबसे जहरीले सांपों में शामिल है. यह सामान्यतः शांत और सुस्त दिखाई देता है, लेकिन खतरा महसूस होने पर बेहद तेजी से हमला कर सकता है. इसलिए ऐसे सांप को देखकर घबराने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना और विशेषज्ञों की मदद लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है. इसे भी पढ़ें: JAMUI रसेल वाइपर सर्प निकलने से मचा हड़कंप, वन विभाग ने किया रेस्क्यू The post हजारीबाग में बढ़ा रसेल वाइपर का आतंक, मुफस्सिल थाने के सिरिस्ता से लेकर शिक्षक के घर तक पहुंचा जहरीला सांप appeared first on Naya Vichar.

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PoK पर नई साजिश? गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां प्रांत बनाने की तैयारी, पाक विधानसभा में प्रस्ताव पास

Pakistan: पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान की तथाकथित विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर पाकिस्तान की संघीय प्रशासन से क्षेत्र को संवैधानिक और नेतृत्वक अधिकारों के साथ-साथ अस्थायी सूबे (प्रोविजनल प्रोविंस) का दर्जा देने की मांग की है. इस संबंध में पाकिस्तान के अंग्रेजी अखबार डॉन ने शुक्रवार को रिपोर्ट प्रकाशित की. रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को विधानसभा सत्र के दौरान विधायक जलाल अली शाह ने यह प्रस्ताव पेश किया. सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के सदस्यों ने इसका समर्थन किया और इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया. 2009 और 2018 के आदेशों का दिया हवाला प्रस्ताव में कहा गया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान (सशक्तीकरण और स्व-शासन) आदेश, 2009 के तहत चुनी हुई विधानसभा का गठन हुआ, जिससे क्षेत्र में स्व-शासन की प्रक्रिया को बढ़ावा मिला. इसके अलावा, सरताज अजीज की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिशों के आधार पर गिलगित-बाल्टिस्तान आदेश, 2018 लागू किया गया, जिसके जरिए विधानसभा को अधिक विधायी अधिकार प्रदान किए गए. संघीय स्तर पर प्रतिनिधित्व की मांग विधानसभा ने पाकिस्तान प्रशासन से समिति की सिफारिशों को लागू करने और गिलगित-बाल्टिस्तान को अस्थायी सूबे का दर्जा देने की अपील की है. प्रस्ताव में कहा गया है कि ऐसा होने पर क्षेत्र के लोग पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के लिए अपने प्रतिनिधि चुन सकेंगे और उन्हें संघीय स्तर पर नेतृत्वक प्रतिनिधित्व मिल सकेगा. पाकिस्तान ने यह हरकत ऐसे समय में की है जब वो बलूचिस्तान में बढ़ती अशांति और खैबर पख्तूनख्वा में तेज होते उग्रवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है. ऐसे में गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर उठाया गया यह कदम घरेलू संकटों से लोगों का ध्यान भटकाने और कब्जे वाले क्षेत्र पर अपने नियंत्रण को मजबूत दिखाने की कोशिश है. हिंदुस्तान अपने पुराने रुख पर कायम गिलगित-बाल्टिस्तान का प्रशासन फिलहाल पाकिस्तान अलग से संचालित करता है. वहीं, हिंदुस्तान लगातार हमेशा से यह साफ करता रहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, जिसमें गिलगित-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) भी शामिल है, हिंदुस्तान का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं. हिंदुस्तान ने इन क्षेत्रों की संवैधानिक या प्रशासनिक स्थिति बदलने की पाकिस्तान की हर कोशिश को खारिज करते हुए कहा है कि ऐसे कदमों का कोई कानूनी आधार नहीं है और उनसे जमीनी हकीकत नहीं बदली जा सकती है. The post PoK पर नई साजिश? गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां प्रांत बनाने की तैयारी, पाक विधानसभा में प्रस्ताव पास appeared first on Naya Vichar.

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ईरान के बंदर खमीर पर अमेरिका का भीषण हमला, सात की मौत! चाबहार पुल तबाह

US-Iran War : अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के दक्षिणी होरमुजगान इलाके में जोरदार हवाई हमले किए. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बंदर खमीर शहर में हुए हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हुई है. सोशल मीडिया पर आए वीडियो में भी कई पुल पूरी तरह ध्वस्त दिखाई दे रहे हैं. अमेरिका के इस हमले से होर्मुज की जंग और भड़क गई है. रणनीतिक पुलों और बंदरगाहों को बनाया निशाना अमेरिका द्वारा किए गए हमलों का मुख्य निशाना बंदर अब्बास को ईरान के अंदरूनी हिस्सों से जोड़ने वाले सड़क और रेलवे पुल थे. इन पुलों के क्षतिग्रस्त होने से ईरान के सबसे बड़े समुद्री बंदरगाह तक पहुंच प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा, चाबहार बंदरगाह पर भी हमले किए गए, जहां एक कंट्रोल टावर के ढहने की समाचार है. ईरान का कहना है कि यह टावर बंदरगाह के व्यावसायिक यातायात की निगरानी करता था. सेंटकॉम का दावा- दर्जनों ठिकानों पर कार्रवाई अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि शुक्रवार सुबह तक चले अभियान में ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया. यह लगातार छठी रात थी जब अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही ईरान को चेतावनी दे चुके थे कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दबाव बनाना जारी रखता है, तो उसके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा. ईरान का पलटवार, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सहयोगी देशों की ओर मिसाइलें दागीं. कुवैत में एक बिजली और समुद्री जल को मीठा बनाने वाले संयंत्र को नुकसान पहुंचने की समाचार है. उधर, कतर और जॉर्डन ने भी ईरान पर मिसाइल हमले किए. लेकिन ईरान द्वारा उन्हें रोकने की पुष्टि की है. वहीं, उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र में भी धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. एक हमले में ईरानी कुर्द संगठन कोमाला के कई सदस्यों के मारे जाने की समाचार है. यह भी पढ़ें-ईरान पर ट्रंप का सख्त संदेश, अमेरिका बोला- MoU तोड़ने की कीमत चुकानी होगी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना सबसे बड़ा रणक्षेत्र अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अस्थायी सीजफायर 8 जुलाई को पूरी तरह टूट चुका है. इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमलों से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरानी अधिकारियों का दावा है कि हालिया अमेरिकी हमलों में दर्जनों लोगों की मौत और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. वहीं, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार की चिंता बढ़ा दी है. यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिति पर भी गहरा असर डाल सकता है. यह भी पढ़ें-Iran US Deal: ईरान से मुनाफाखोरी की फिराक में अमेरिका, हुआ खुलासा तो भड़के जेडी वेंस! The post ईरान के बंदर खमीर पर अमेरिका का भीषण हमला, सात की मौत! चाबहार पुल तबाह appeared first on Naya Vichar.

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