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Author name: Vinod Jha

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मुंबई की नौकरी छोड़ी, पहले बने IPS फिर IAS, अब पूरे बिहार में लागू होगा इस अफसर का एजुकेशन मॉडल

IAS Kundan Kumar Success Story: बिहार में प्रशासनी स्कूलों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए शुरू किया गया ‘पूर्णिया लाइव क्लासेस’ मॉडल अब पूरे राज्य में लागू होने जा रहा है. इस पहल की शुरुआत वर्ष 2024 में तत्कालीन पूर्णिया डीएम IAS कुंदन कुमार ने की थी. इसका मकसद था कि प्रशासनी स्कूलों के बच्चों तक भी अच्छे शिक्षकों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसानी से पहुंच सके. इस मॉडल की सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे पूरे बिहार में लागू करने का निर्देश दिया है. अब इसे ‘बिहार लाइव क्लासेस’ के नाम से आगे बढ़ाया जाएगा. मुंबई की नौकरी छोड़ चुनी सिविल सेवा की राह IAS कुंदन कुमार का सफर युवाओं के लिए प्रेरणा है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक इंजीनियर के रूप में की थी. मुंबई की एक प्रतिष्ठित कंपनी में करीब पांच साल तक नौकरी की. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू कर दी. पहले बने IPS, फिर दोबारा परीक्षा देकर बने IAS कुंदन कुमार ने पहली बार 2009 में UPSC परीक्षा पास की. तब उनका चयन IPS के रूप में हुआ. लेकिन उनका सपना IAS बनने का था. इसलिए उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा परीक्षा दी. 2012 में उन्होंने IAS बनकर अपना लक्ष्य हासिल कर लिया. इसके बाद उन्होंने बिहार के कई जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं और कई नए प्रयोग किए. दो बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं सम्मानित बेहतरीन प्रशासनिक कार्यों और नवाचारों के लिए IAS कुंदन कुमार को दो बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मान मिल चुका है. उन्हें यह सम्मान डिजिटल शिक्षा और कृषि क्षेत्र में किए गए नवाचारों के लिए मिला था. उनके काम की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी हुई. क्या है ‘पूर्णिया लाइव क्लासेस’ मॉडल? 2024 में पूर्णिया के डीएम रहते हुए कुंदन कुमार ने ‘पूर्णिया लाइव क्लासेस’ की शुरुआत की. इस प्लेटफॉर्म के जरिए प्रशासनी स्कूलों के छात्रों को लाइव क्लास, रिकॉर्डेड लेक्चर, डाउट क्लियरिंग सेशन और साप्ताहिक टेस्ट की सुविधा दी जाती है. बाद में इसमें NEET और IIT-JEE की तैयारी भी शामिल कर दी गई. इससे दूर-दराज के छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने लगी. मुख्यमंत्री ने देखा लाइव डेमो वर्तमान में पटना के डीएम के रूप में कार्यरत IAS कुंदन कुमार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को इस मॉडल का लाइव डेमो दिखाया. पूर्णिया के जिला स्कूल से लाइव क्लास संचालित की गई. इसमें पूर्णिया के वर्तमान डीएम अंशुल कुमार भी मौजूद रहे. डेमो देखने के बाद मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना की और अधिकारियों को 15 अगस्त तक पूरे बिहार में इसे लागू करने का निर्देश दिया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें 265 प्रशासनी स्कूल जुड़े, हजारों छात्रों को मिल रहा लाभ फिलहाल पूर्णिया जिले के 265 प्रशासनी स्कूल इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं. यहां 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ-साथ NEET और IIT-JEE की तैयारी भी कराई जाती है. अगर कोई छात्र लाइव क्लास नहीं देख पाता, तो उसे रिकॉर्डेड वीडियो उपलब्ध कराया जाता है. नियमित टेस्ट के जरिए छात्रों की तैयारी का आकलन भी किया जाता है. अब लाखों छात्रों को मिलेगा फायदा पूर्णिया मॉडल की सफलता के बाद अब इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा. प्रशासन को उम्मीद है कि इससे राज्य के लाखों प्रशासनी स्कूलों के छात्रों को बेहतर शिक्षा, विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिलेगा. Also Read: 710 अंक, AIR 4… बिहार के आयुष ने बताया NEET क्रैक करने का फॉर्मूला The post मुंबई की नौकरी छोड़ी, पहले बने IPS फिर IAS, अब पूरे बिहार में लागू होगा इस अफसर का एजुकेशन मॉडल appeared first on Naya Vichar.

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डोप टेस्ट में फेल हुए पाकिस्तानी स्पिनर मोहम्मद नवाज, ICC ने लगाया तीन महीने का बैन

पाकिस्तान के स्टार स्पिनर मोहम्मद नवाज पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने डोपिंग नियमों के उल्लंघन के चलते सभी प्रारूपों के क्रिकेट से तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया है. ICC ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की. हालांकि नवाज ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और नशा मुक्ति उपचार कार्यक्रम पूरा करने पर उनकी सजा तीन महीने से घटकर एक महीने रह जाएगी. नवाज का डोप टेस्ट 7 फरवरी 2026 को श्रीलंका के कोलंबो में स्पोर्ट्से गए पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के बीच पुरुष टी20 विश्व कप मैच के बाद लिया गया था. जांच में उनके नमूने में कार्बोक्सी-THC पाया गया, जो कैनबिस (गांजा) के सेवन के बाद शरीर में बनने वाला प्रमुख मेटाबोलाइट माना जाता है. THC वही मनो-सक्रिय तत्व है, जो नशे का प्रभाव पैदा करता है. नवाज ने स्वीकार की गलती नवाज ने स्वीकार किया कि यह पदार्थ प्रतियोगिता के बाहर इस्तेमाल किया गया था और इसका स्पोर्ट्स प्रदर्शन बढ़ाने से कोई संबंध नहीं था. इसी आधार पर ICC ने उन्हें तीन महीने के लिए अयोग्य घोषित किया. यह प्रतिबंध 1 मई 2026 से प्रभावी माना गया है, जब उन्होंने स्वैच्छिक अस्थायी निलंबन स्वीकार किया था. उपचार कार्यक्रम पूरा करने पर मिलेगी राहत ICC के अनुसार, यदि नवाज निर्धारित नशा मुक्ति उपचार कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं, तो उनकी सजा घटकर केवल एक महीने की रह जाएगी. चूंकि वह पहले ही लगभग ढाई महीने का निलंबन काट चुके हैं, इसलिए कार्यक्रम पूरा होने पर उन्हें अतिरिक्त प्रतिबंध नहीं झेलना पड़ेगा. ICC एंटी-डोपिंग कोड के तहत 7 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ स्पोर्ट्से गए मैच और उसके बाद 1 मई तक स्पोर्ट्से गए सभी मुकाबलों में नवाज के परिणाम अमान्य कर दिए गए हैं. PSL में नवाज का प्रदर्शन रहा फीका नवाज हाल ही में पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में मुल्तान सुल्तांस के लिए स्पोर्ट्सते नजर आए थे. उन्होंने छह पारियों में केवल 54 रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में नौ मैचों में छह विकेट हासिल किए. इस दौरान उनका प्रदर्शन अपेक्षाकृत फीका रहा और वह काफी महंगे भी साबित हुए. ये भी पढ़ें: सचिन-गांगुली के क्लब में शामिल हुए रोहित शर्मा, ODI में विदेशी सरजमीं पर ऐसा करने वाले तीसरे हिंदुस्तानीय बने The post डोप टेस्ट में फेल हुए पाकिस्तानी स्पिनर मोहम्मद नवाज, ICC ने लगाया तीन महीने का बैन appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में राशन कार्ड बनवाना हुआ आसान, पंचायत में लगेंगे शिविर, ये दस्तावेज होंगे जरूरी

Bihar Ration Card: बिहार प्रशासन ने राशन कार्ड से वंचित पात्र परिवारों को राहत देने का फैसला लिया है. प्रशासन जल्द ही पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करेगी. इन शिविरों में लोग आसानी से नए राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे. प्रशासन का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी पात्र परिवार राशन कार्ड और उससे मिलने वाली प्रशासनी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे. पंचायत में ही होगी आवेदन की सुविधा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि विशेष शिविरों में लोगों को आवेदन करने से लेकर दस्तावेज जमा करने तक पूरी मदद मिलेगी. आवेदकों को यह भी बताया जाएगा कि आवेदन कैसे करना है और किन-किन दस्तावेजों की जरूरत होगी. इससे पूरी प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगी. पंचायत प्रतिनिधियों को भी मिलेगी जिम्मेदारी प्रशासन इस अभियान में पंचायत प्रतिनिधियों को भी शामिल करेगी. उन्हें निर्देश दिए जाएंगे कि वे अपने क्षेत्र के ऐसे परिवारों की पहचान करें, जिनके पास अभी तक राशन कार्ड नहीं है. साथ ही उन्हें आवेदन कराने में भी मदद करें. आवेदन प्रक्रिया होगी सरल प्रशासन राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को भी आसान बना रही है. शिविरों में आवेदन जमा करने के बाद दस्तावेजों और आवेदक की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा. इससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें राशन कार्ड बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत? नया राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदकों को ये दस्तावेज देने होंगे. जाति प्रमाण पत्र आय प्रमाण पत्र आवासीय प्रमाण पत्र परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड बैंक पासबुक की छायाप्रति परिवार की ग्रुप फोटो एक्टिव मोबाइल नंबर ग्रामीण परिवारों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा प्रशासन के इस फैसले से खासकर ग्रामीण इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. ऐसे कई परिवार हैं जो जानकारी की कमी या आवेदन प्रक्रिया की जटिलता के कारण अब तक राशन कार्ड नहीं बनवा पाए थे. पंचायत स्तर पर शिविर लगने से उन्हें घर के पास ही आवेदन करने की सुविधा मिलेगी और प्रशासनी योजनाओं का लाभ लेने का रास्ता आसान होगा. Also Read: बिहार पंचायत चुनाव 2026: समय पर ही होंगे चुनाव, परिसीमन की वजह से टलने की समाचारों पर मंत्री दीपक प्रकाश ने क्या कहा The post बिहार में राशन कार्ड बनवाना हुआ आसान, पंचायत में लगेंगे शिविर, ये दस्तावेज होंगे जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: सोमवार को SC में SIT की अंतरिम रिपोर्ट, फाइनल रिपोर्ट के लिए मांगा और समय

Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट दाखिल कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए एसआईटी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन से अतिरिक्त समय मांगने की तैयारी में है. अंतरिम रिपोर्ट में अब तक की जांच की प्रगति और जुटाए गए सबूतों और प्रमाणों का ब्योरा दिया जा सकता है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश प्रशासन ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था. जांच पूरी करने के लिए दल को शुरुआत में 15 दिन का समय दिया गया था हालांकि बाद में एक जुलाई को इसका कार्यकाल 15 दिन के लिए बढ़ा दिया गया था. 22 जुलाई को अयोध्या में हो सकती है राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक! राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट को बेहद अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर के प्रबंधन, दान की गणना और चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र में बड़े सुधारों पर फैसला ले सकता है. ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को अयोध्या में प्रस्तावित है, जिसमें इस मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है. प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद हुई बड़ी कार्रवाई एसआईटी ने 23 जून को उत्तर प्रदेश प्रशासन को नौ पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी. इसके बाद मामले में कई अहम कदम उठाए गए, जिनमें एफआईआर दर्ज होना, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और मंदिर ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे शामिल हैं. ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने कहा था कि वह एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे. उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि एसआईटी की गोपनीय प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक कैसे हुई. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग वाली याचिकाओं पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था. साथ ही एसआईटी को जांच की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था. प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने एसआईटी से स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की थी. तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही जांच मामले की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी कर रही है, जिसमें लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन शामिल हैं. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज ने 14 जुलाई को पुणे में कहा था कि उन्हें एसआईटी की जांच और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी, दोनों पर पूरा भरोसा है. उन्होंने साफ किया था कि ट्रस्ट जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि एसआईटी की जांच पूरी होने तक ट्रस्ट इस मामले पर कोई श्वेत पत्र जारी नहीं करेगा. अब तक क्या-क्या हुआ? इस मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. मंदिर ट्रस्ट के दो पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया है, जबकि मंदिर के चढ़ावे से कथित तौर पर निकाली गई नकदी भी बरामद की जा चुकी है. अब सभी की नजर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई और प्रशासनिक सुधारों की दिशा तय हो सकती है. Also Read: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में 100 से अधिक कर्मियों पर गाज की तैयारी, ट्रस्ट ने शुरू की छंटनी की कवायद The post राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: सोमवार को SC में SIT की अंतरिम रिपोर्ट, फाइनल रिपोर्ट के लिए मांगा और समय appeared first on Naya Vichar.

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वेट लॉस से लेकर ग्लोइंग स्किन तक, जानिए आपके लिए कौन-सा सीड्स वॉटर है बेस्ट

Seeds Water Benefits: आजकल वजन कम करने से लेकर स्किन को ग्लोइंग बनाने और पाचन सुधारने तक के लिए लोग अलग-अलग तरह के सीड्स वॉटर पीना पसंद कर रहे हैं. चिया सीड्स, अलसी, मेथी और तुलसी के बीज जैसे कई ऑप्शन  मौजूद हैं. लेकिन हर सीड्स वॉटर का फायदा अलग होता है. ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी हेल्थ गोल के अनुसार सही सीड्स वॉटर चुनें. आइए जानते हैं किस लक्ष्य के लिए कौन-सा सीड्स वॉटर (Seeds Water Benefits) सबसे बेहतर माना जाता है.  वजन कम करना चाहते हैं? चिया सीड्स वॉटर चुनें अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना है, तो चिया सीड्स वॉटर अच्छा विकल्प हो सकता है. चिया सीड्स में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है. इससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा यह शरीर को हाइड्रेट रखने में भी सहायक होता है.  PC: Freepik दिल की सेहत के लिए अलसी का पानी अलसी (Flax Seeds) ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा सोर्स है. अगर आप हार्ट हेल्थ को बेहतर रखना चाहते हैं, तो अलसी का पानी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने में मदद कर सकता है. PC: Freepik एनर्जी और इम्यूनिटी के लिए कद्दू के बीज कद्दू के बीजों को भिगोकर सेवन करने से शरीर को जिंक, मैग्नीशियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व मिलते हैं. ये इम्यूनिटी को सपोर्ट करने और शरीर की एनर्जी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.  PC: Freepik Seeds Water Benefits: सीड्स वॉटर पीते समय रखें ये बातें किसी भी सीड्स वॉटर का सेवन सीमित मात्रा में करें.  अगर आपको किसी तरह की एलर्जी या कोई गंभीर बीमारी है, तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे नियमित रूप से लें.  केवल सीड्स वॉटर पीने से हेल्थ गोल पूरे नहीं होंगे. संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और नियमित एक्सरसाइज भी उतनी ही जरूरी है.  अलग-अलग सीड्स को एक साथ मिलाकर पीने के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से एक ऑप्शन चुनें.  यह भी पढ़ें: मानसून में सेहत का रखना है ख्याल? आज ही डाइट में शामिल करें ये 10 सब्जियां The post वेट लॉस से लेकर ग्लोइंग स्किन तक, जानिए आपके लिए कौन-सा सीड्स वॉटर है बेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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जामताड़ा के सदर अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल, बिना इलाज के गर्भवती को बैरंग लौटाने का आरोप

Jamtara News: झारखंड के जामताड़ा सदर अस्पताल में गुरुवार को एक गर्भवती स्त्री की मौत के बाद उत्पन्न विवाद शुक्रवार को और गहरा गया. अस्पताल में हुई तोड़फोड़ और चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार के विरोध में डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया. झारखंड मेडिकल एसोसिएशन के नेतृत्व में शुरू हुई हड़ताल को चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का भी समर्थन मिला. इसके चलते सदर अस्पताल की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं, जबकि इमरजेंसी सेवाओं का संचालन जारी रखा गया. हड़ताल के कारण इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल में हुआ था हंगामा जानकारी के अनुसार गुरुवार को शहर के प्रशासनबांध निवासी एक प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. घटना के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. आक्रोशित लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और प्रशासनी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. इस दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की भी बात सामने आई. घटना के बाद अस्पताल का माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके विरोध में डॉक्टरों ने अगले दिन कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया. आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े चिकित्सक कार्य बहिष्कार पर बैठे चिकित्सकों ने अस्पताल में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान कर उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. साथ ही अस्पताल परिसर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई. सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. मिक्की माझी ने कहा कि भय के माहौल में डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपना दायित्व नहीं निभा सकते. जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक सामान्य माहौल बहाल होना मुश्किल है. वहीं डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. हड़ताल से मरीजों की बढ़ी परेशानी डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार का सबसे अधिक असर इलाज के लिए आने वाले मरीजों पर पड़ा. ओपीडी बंद रहने के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों को बिना इलाज लौटना पड़ा. कई मरीज निजी अस्पतालों की ओर जाने को मजबूर हुए. अस्पताल परिसर में दिनभर मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ लगी रही, लेकिन नियमित चिकित्सा सेवाएं बाधित रहने से लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली. इसे भी पढ़ें: झारखंड में चिकित्सा व्यवस्था की एक और भयावह तस्वीर, एंबुलेंस नहीं मिली तो टोटो से पहुंची गर्भवती की मौत गर्भवती को भर्ती नहीं करने का आरोप शुक्रवार सुबह नारायणपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर से प्रसव पीड़ा से पीड़ित एक गर्भवती स्त्री को एंबुलेंस से सदर अस्पताल लाया गया. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की हड़ताल का हवाला देते हुए स्त्री को भर्ती नहीं किया गया और दूसरे अस्पताल जाने की सलाह देकर वापस भेज दिया गया. स्त्री के पति और साथ आई सहिया ने बताया कि वे सुरक्षित प्रसव की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन इलाज नहीं मिलने से निराश होकर लौटना पड़ा. हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. फिलहाल डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार जारी है और मरीजों की परेशानियां भी लगातार बढ़ रही हैं. इसे भी पढ़ें: धनबाद के पाथरडीह में बेल्ट से बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल, तीन युवक लापता The post जामताड़ा के सदर अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल, बिना इलाज के गर्भवती को बैरंग लौटाने का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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Samay Raina Mystery Girl: समय रैना के साथ दिखी ‘मिस्ट्री गर्ल’ कौन? खुद कॉमेडियन ने खोला राज

समय रैना ने अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर करके सबको बताया कि वायरल तस्वीरों में दिख रही स्त्री कोई और नहीं बल्कि चांदनी आनंद घई हैं. चांदनी, समय के बेस्ट फ्रेंड बलराज सिंह घई की पत्नी हैं. बलराज मुंबई के मशहूर कॉमेडी क्लब ‘द हैबिटेट’ के फाउंडर और होटल कारोबारी हैं. समय रैना और चांदनी की अच्छी दोस्ती है, इसलिए दोनों अक्सर साथ नजर आते हैं. यानी वायरल तस्वीरों का डेटिंग रूमर्स से कोई लेना-देना नहीं था. Samay Raina-Medha Shankr Dating Rumours: मेधा शंकर के साथ डेटिंग की अफवाहें क्यों उड़ रही हैं? समय रैना का नाम पिछले काफी समय से ’12वीं फेल’ फेम मेधा शंकर के साथ जोड़ा जा रहा है. दोनों को कई बार एक साथ स्पॉट किया गया है. हाल ही में वे मुंबई में फिल्म ‘आनंदम’ के प्रीमियर पर भी साथ नजर आए थे. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर दोनों की मजेदार बातचीत और एक-दूसरे की पोस्ट पर किए गए कमेंट्स भी खूब वायरल हुए. इतना ही नहीं, समय रैना एक इंटरव्यू में यह भी कह चुके हैं कि उन्हें मेधा शंकर पर क्रश था. हालांकि, अब तक समय और मेधा दोनों ने अपने रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, इसलिए डेटिंग की समाचारों की पुष्टि नहीं हुई है. Samay Raina Supreme Court Case: सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना पर क्यों लगाया 3 लाख का जुर्माना? काम की बात करें तो समय रैना एक कानूनी मुश्किल में फंस गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उन पर 3 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है. यह मामला उनके शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ से जुड़ा है. कोर्ट का कहना है कि समय ने दिव्यांग लोगों की मदद करने और उन्हें अपने शो में बुलाने का जो वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया. कोर्ट ने इसे आदेश की अनदेखी माना और समय को दो हफ्ते के अंदर यह पैसे जमा करने को कहा है. अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो यह जुर्माना बढ़कर 30 लाख रुपये भी हो सकता है. India’s Got Latent Season 2: कहां देखें इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2? इन सब विवादों के बीच समय रैना का सुपरहिट शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2’ धमाकेदार तरीके से चल रहा है. इस शो के नए एपिसोड हर दूसरे शुक्रवार (Alternate Friday) को शाम 7 बजे आते हैं. मजेदार बात यह है कि फैंस इस शो को यूट्यूब के साथ-साथ नेटफ्लिक्स पर भी एक साथ देख सकते हैं. यह भी पढ़ें: मिस्ट्री गर्ल संग स्पॉट हुए समय रैना, हाथों में हाथ डाले आए नजर, वायरल VIDEO ने बढ़ाईं डेटिंग की चर्चा यह भी पढ़ें: ‘यूथ आइकन कैसे?’ समय रैना पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद में लगा लाखों का जुर्माना The post Samay Raina Mystery Girl: समय रैना के साथ दिखी ‘मिस्ट्री गर्ल’ कौन? खुद कॉमेडियन ने खोला राज appeared first on Naya Vichar.

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19 दिन से अनशन पर Sonam Wangchuk… लेकिन क्या आपको 16 साल तक भूखी रहने वाली उस महिला की याद है?

जोहार. आज 17 जुलाई है. देश की निगाहें इन दिनों लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk पर टिकी हैं. वे लगातार कई दिनों से अनशन पर हैं. उनका संघर्ष केवल लद्दाख का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और जनभागीदारी का प्रतीक बन चुका है. लेकिन सोनम वांगचुक की यह तपस्या एक ऐसे चेहरे की याद भी दिलाती है, जिसने सिर्फ 19 दिन नहीं, पूरे 16 साल तक अन्न का एक दाना नहीं खाया. उस स्त्री का नाम था- Irom Chanu Sharmila एक अनसुनी कहानी, जिसे चुनावी लोकतंत्र भूल गया आज भी उनका नाम सुनते ही सवाल उठता है- क्या लोकतंत्र में सबसे बड़ा त्याग करने वाला व्यक्ति हमेशा सबसे बड़ा जननेता भी बन पाता है? जब एक गोलीकांड ने बदल दी पूरी जिंदगी 2 नवंबर 2000. मणिपुर के मालोम कस्बे में गोली चली. दस निर्दोष नागरिक मारे गए. इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया. इरोम शर्मिला भी इस घटना से अंदर तक टूट गईं. उन्होंने तय किया कि जब तक सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम (AFSPA) नहीं हटेगा, तब तक वे खाना नहीं खाएंगी. सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम, 1958 (AFSPA) हिंदुस्तान की संसद का एक कानून है, जो हिंदुस्तानीय सशस्त्र बलों को ‘अशांत क्षेत्रों’ में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अधिकार देता है. यह कोई भावनात्मक फैसला नहीं था. यह एक ऐसा संकल्प था, जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी. एक ऐसी कैद, जहां जेल भी थी और अस्पताल भी अनशन शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. उन पर आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया. फिर शुरू हुआ एक ऐसा सिलसिला, जो पूरे 16 वर्षों तक चलता रहा. हर साल उन्हें रिहा किया जाता और कुछ ही दिनों में दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाता. उनका कमरा अस्पताल भी था और जेल भी. वे अपने मुंह से कभी खाना नहीं खाती थीं. डॉक्टर उनकी नाक में डाली गई एक पतली नली के जरिए उन्हें जीवित रखते थे. कल्पना कीजिए… एक दिन नहीं… एक महीना नहीं… एक साल नहीं… पूरे 16 साल तक किसी इंसान ने अपनी इच्छा से एक निवाला तक नहीं खाया. सिर्फ भूख ही नहीं, अकेलापन भी उनका साथी था इरोम शर्मिला ने केवल भोजन नहीं छोड़ा था. उन्होंने त्योहार छोड़े… परिवार छोड़ा… दोस्त छोड़े… सामान्य जीवन छोड़ दिया. सबसे मार्मिक बात यह थी कि उनकी मां भी उनसे मिलने नहीं आती थीं. कारण यह था कि कहीं माँ को देखकर बेटी का संकल्प कमजोर न पड़ जाए. सोचिए, एक मां अपनी बेटी से मिलने की इच्छा को 16 वर्षों तक दबाए रखे- यह त्याग केवल इरोम का नहीं, पूरे परिवार का था. दुनिया ने सलाम किया, लेकिन घर ने साथ नहीं दिया दुनिया भर के मानवाधिकार संगठनों ने इरोम शर्मिला को शांति और अहिंसा की मिसाल बताया. उन्हें ‘आयरन लेडी ऑफ मणिपुर’ कहा गया. उनकी तुलना महात्मा गांधी की अहिंसक लड़ाई से की गई. विदेशी विश्वविद्यालयों में उनके संघर्ष पर शोध हुए. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनका नाम सम्मान से लिया गया. लेकिन उनके अपने लोकतंत्र में कहानी कुछ और थी. 16 साल बाद लगा कि अब संसद से लड़ाई लड़ेंगे अगस्त 2016 में इरोम शर्मिला ने अपना अनशन समाप्त कर दिया. उन्होंने कहा-  ‘सिर्फ विरोध से कानून नहीं बदलेंगे. अब लोकतंत्र के भीतर जाकर बदलाव की कोशिश करनी होगी.’ उन्होंने नेतृत्वक दल बनाया और 2017 के मणिपुर विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया. देश को लगा कि जिस स्त्री ने 16 साल अपना जीवन दांव पर लगाया, जनता उसे सिर-आंखों पर बिठाएगी. लेकिन लोकतंत्र ने कुछ और ही फैसला लिखा था. क्यों हार गईं इरोम शर्मिला? इसका उत्तर केवल नेतृत्व में नहीं, समाज में भी छिपा है. लोग किसी आंदोलन का समर्थन कर सकते हैं, लेकिन चुनाव में वे विकास, जातीय समीकरण, स्थानीय नेतृत्व, पार्टी संगठन, संसाधन और जीतने की संभावना जैसे अनेक पहलुओं को भी देखते हैं. नैतिक सम्मान और चुनावी समर्थन- दोनों हमेशा एक जैसे नहीं होते. इरोम शर्मिला एक महान आंदोलन की प्रतीक थीं, लेकिन उनके पास वह नेतृत्वक संगठन नहीं था, जो चुनाव जिता सके. यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी विडंबना भी है. सोनम वांगचुक के लिए सबसे बड़ा सबक सोनम वांगचुक का आंदोलन अपने संदर्भ और उद्देश्य में अलग है. उनकी तुलना इरोम शर्मिला से करना उचित नहीं होगा. लेकिन इरोम शर्मिला की कहानी एक महत्वपूर्ण सीख जरूर देती है. अहिंसक आंदोलन समाज की अंतरात्मा को जगा सकते हैं. वे प्रशासनों को सोचने पर मजबूर कर सकते हैं. वे इतिहास बदल सकते हैं. लेकिन यह जरूरी नहीं कि वही आंदोलन चुनावी जीत में भी बदल जाए. आखिर में… लोकतंत्र केवल वोटों से नहीं चलता और न ही केवल आंदोलनों से. आंदोलन लोकतंत्र की आत्मा को जीवित रखते हैं, जबकि चुनाव उसकी प्रशासन तय करते हैं. इरोम शर्मिला चुनाव हार गईं, लेकिन उनका संघर्ष हार नहीं गया. आज जब सोनम वांगचुक अपने संकल्प पर डटे हैं, तब इरोम शर्मिला की कहानी हमें याद दिलाती है कि त्याग का मूल्य इतिहास अक्सर समझता है, लेकिन चुनाव हमेशा नहीं. शायद इसलिए कुछ लोग सत्ता नहीं जीतते, वे समय जीत लेते हैं. यह भी पढ़ें : Monsoon Session : क्या राहुल गांधी कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में जान फूकेंगे? दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर से खास इंटरव्यू यह भी पढ़ें : Prashant Kishor : दूसरों की प्रशासन बनाने वाले PK, बांकीपुर उपचुनाव में क्या साबित करना चाहते हैं? The post 19 दिन से अनशन पर Sonam Wangchuk… लेकिन क्या आपको 16 साल तक भूखी रहने वाली उस स्त्री की याद है? appeared first on Naya Vichar.

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जींद से बोले पीएम मोदी : भारत की हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया में सबसे अलग, जानें भाषण की 10 अहम बातें

PM Modi speech : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जींद-सोनीपत हाईड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत जींद की जनता का अभिवादन करते हुए की. उन्होंने कहा कि जींद उनके लिए सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि यादों से जुड़ी एक खास जगह है. उन्होंने बताया कि संगठन के कार्यकर्ता के रूप में जब वह पहली बार जींद आए थे, तब यहां के लोगों ने उन्हें जो स्नेह और सम्मान दिया, उसे वह आज तक नहीं भूले हैं. पीएम ने जींद की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का भी उल्लेख किया और माता जयंतिया के आशीर्वाद का जिक्र किया. उन्होंने मुर्रा भैंस के दूध, घी, दही और जींद के प्रसिद्ध घेवर को भी याद करते हुए कहा कि यहां का स्वाद आज भी उनकी यादों में बसा हुआ है. हाइड्रोजन ट्रेन से इतिहास में दर्ज हुआ जींद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू होना केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे हिंदुस्तान के लिए बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि जैसे आज भी लोग हिंदुस्तान की पहली ट्रेन को बॉम्बे और ठाणे के बीच चली ट्रेन के रूप में याद करते हैं, उसी तरह भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र होगा तो जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम भी गर्व के साथ लिया जाएगा. उन्होंने इस उपलब्धि के लिए राज्य प्रशासन, रेलवे और देशवासियों को बधाई दी तथा कहा कि यह हिंदुस्तान की आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की अपील अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जींद की जनता से एक विशेष आग्रह भी किया. उन्होंने कहा कि वह यहां कुछ मांगने आए हैं और वह मांग है स्वच्छता का संकल्प. पीएम ने लोगों से अपील की कि यदि हर नागरिक यह तय कर ले कि वह गंदगी नहीं फैलाएगा, तो न केवल जींद बल्कि पूरा हरियाणा स्वच्छ बन सकता है. उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल प्रशासनी अभियान नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की दैनिक आदत बनाना होगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि साफ-सफाई से स्वास्थ्य बेहतर होगा, पर्यटन बढ़ेगा और आने वाली पीढ़ियों को भी स्वच्छ वातावरण मिलेगा. ये भी पढ़ें : PHOTO: हिंदुस्तान की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को PM मोदी ने किया फ्लैग ऑफ, जींद-सोनीपत रूट से हुई शुरुआत हिंदुस्तान की हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया में सबसे अलग प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान की पहली हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन यात्री ट्रेन है. उन्होंने बताया कि इसकी क्षमता 3,200 हॉर्सपावर है, जबकि अन्य देशों में चल रही हाइड्रोजन ट्रेनें आमतौर पर केवल तीन या चार कोच की होती हैं. हिंदुस्तान ने पहली ही कोशिश में 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन तैयार कर दुनिया के सामने नई मिसाल पेश की है. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ का उदाहरण है, जिसे हिंदुस्तानीय इंजीनियरों और हिंदुस्तानीय कंपनियों ने विकसित किया है. इसके लिए जींद में विशेष हाइड्रोजन इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया गया है, जिससे भविष्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. रेलवे के आधुनिकीकरण का किया जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी प्रशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने का काम भी करती है. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान में रेलवे के बिजलीकरण की शुरुआत 1925 में हुई थी, लेकिन 2014 तक केवल करीब 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क का ही विद्युतीकरण हो पाया था. उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में तेज गति से काम करते हुए अब देश का लगभग पूरा रेल नेटवर्क बिजली से जुड़ चुका है और हरियाणा में रेलवे का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है. उनके अनुसार, इससे ईंधन पर निर्भरता कम हुई है और ऊर्जा संकट के बावजूद रेलवे का संचालन प्रभावित नहीं हुआ. ये भी पढ़ें : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन: खुद बनाएगी बिजली, किराया सिर्फ ₹5 से शुरू, जानें और क्या है खास स्पोर्ट्स और खिलाड़ियों के लिए बड़े लक्ष्य तय किए प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा की स्पोर्ट्स प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र प्रशासन स्पोर्ट्स इंडस्ट्री और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर लगातार काम कर रही है तथा ‘स्पोर्ट्सो हिंदुस्तान नीति’ के माध्यम से खिलाड़ियों को आर्थिक और तकनीकी सहायता दी जा रही है. पीएम ने हरियाणा के खिलाड़ियों से 2032 और 2036 ओलंपिक को लक्ष्य बनाकर तैयारी करने की अपील की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य प्रशासन खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराएंगी ताकि हिंदुस्तान वैश्विक स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन कर सके. बिना खर्ची-पर्ची की नौकरियों का किया जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में हरियाणा प्रशासन की भर्ती प्रक्रिया की सराहना की. उन्होंने कहा कि राज्य में बिना खर्ची-पर्ची के प्रशासनी नौकरियां देने की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है. पीएम ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रणाली लागू करना आसान नहीं था, लेकिन प्रशासन ने इसे सफलतापूर्वक लागू किया. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा के किसानों को इस योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मिली है. उन्होंने कहा कि पारदर्शी शासन, किसानों के कल्याण और विकास कार्यों के दम पर हरियाणा लगातार प्रगति की नई मिसाल कायम कर रहा है. हरियाणा को 14,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ हरियाणा को करीब 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी. इन परियोजनाओं में सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े कार्य शामिल हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र प्रशासन आधुनिक परिवहन, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार सृजन पर लगातार निवेश कर रही है. हरियाणा कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री के चंडीगढ़ और पंजाब दौरे के दौरान भी लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रस्तावित है. ये भी पढ़ें : मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: जलमार्गों पर हिंदुस्तानीय नाविकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी विकास और आत्मनिर्भर हिंदुस्तान पर दिया जोर अपने पूरे संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर हिंदुस्तान, आधुनिक तकनीक और

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गिरिडीह के हरलाडीह से मिसिर बेसरा का सहयोगी 25 लाख ईनामी नक्सली अजय महतो गिरफ्तार, 100 से अधिक मामले दर्ज

Giridih Naxal Arrest: गिरिडीह पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में दशकों की सबसे बड़ी सफलता हाथ लगी है. लाल आतंक का चेहरा माने जाने वाले कुख्यात नक्सली और मिसिर बेसरा का सहयोगी अजय महतो उर्फ टाइगर उर्फ बासुदेव को बीती रात हरलाडीह से गिरफ्तार कर लिया गया. अजय महतो गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव का रहने वाला है. झारखंड प्रशासन ने उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. करमू मांझी के घर से की गई गिरफ्तारी एसपी डॉ बिमल कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर हरलाडीह में करमू मांझी के घर पर छापेमारी की. इसी दौरान पुलिस ने घर में छिपे बैठे टाइगर को दबोच लिया. छापेमारी के दौरान इसके साथ मौजूद 2 अन्य नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया है. तीनों से पुलिस की विशेष टीम पूछताछ कर रही है. पारसनाथ का जोनल कमांडर, 100 से अधिक मामले दर्ज अजय महतो उर्फ टाइगर भाकपा माओवादी का स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य और पारसनाथ इलाके का जोनल कमांडर रहा है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इसके ऊपर हत्या, लूट, लेवी वसूली, पुलिस पार्टी पर हमला, ईआईडी ब्लास्ट और प्रशासनी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के 100 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं. टाइगर ने गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के सीमावर्ती इलाकों में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है. पुलिस पर घात लगाकर हमला, रोड निर्माण में लगे वाहनों को फूंकना और ठेकेदारों से रंगदारी मांगना इसकी पहचान बन गई थी. झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल और ओडिशा की पुलिस भी लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी. इसे भी पढ़ें: 3000 जवानों को चकमा देकर कोल्हान के जंगलों में फरार हुआ नक्सली मिसिर बेसरा देशद्रोह का मुकदमा चलाने की तैयारी गिरिडीह उपायुक्त पहले ही अजय महतो समेत 12 नक्सलियों के खिलाफ देशद्रोह और यूएपीए एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की अनुशंसा राज्य प्रशासन से कर चुके हैं. गृह विभाग से स्वीकृति भी मिल चुकी है. गिरफ्तारी के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि टाइगर की गिरफ्तारी से नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है. पुलिस आने वाले दिनों में सघन अभियान चलाकर बचे हुए नक्सलियों को भी गिरफ्तार करेगी. इसे भी पढ़ें: रातभर झाड़ियों में छिपे रहे कोबरा जवान, सुबह घर के बाहर से ऐसे दबोचा गया नक्सली रविंद्र गंझू The post गिरिडीह के हरलाडीह से मिसिर बेसरा का सहयोगी 25 लाख ईनामी नक्सली अजय महतो गिरफ्तार, 100 से अधिक मामले दर्ज appeared first on Naya Vichar.

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