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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: अभीरा की चालबाजी से आर्यन खुश, कहानी में नया ट्विस्ट

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है में दिखाया जाएगा कि अरमान से विद्या पूछती है कि क्या उसने अभीरा के साथ ड्रामा शुरू कर दिया और क्या उसने मायरा के रिएक्शन के बारे में सोचा. वहीं आर्यन, अरमान का धन्यवाद करता है और कहता है कि उसे अपनी गर्लफ्रेंड का प्यार अरमान और अभीरा की मदद से ही मिला है. जब मायरा को पता चलता है कि आर्यन की शादी हो रही है, तो वह शादी के समारोह की खरीदारी में लग जाती है. वह अरमान से अपनी छुट्टी की बात कहती है और घर लौटने का फैसला लेती है. मायरा के लिए सख्त होगा अरमान अरमान ठान लेता है कि मायरा शादी में शामिल नहीं होगी, जिससे मायरा और अभीरा दोनों हैरान रह जाते हैं. मायरा, अरमान से पूछती है कि ऐसा क्यों है और अरमान कहता है कि वह अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ सकती और सात दिन तक शादी में नहीं रह सकती. मायरा पूछती है कि क्या वह सिर्फ शादी के दिन आ सकती है. अरमान फिर भी उसे परमिशन नहीं देता. दूसरी तरफ, मनीषा, दमयंती से पूछती है कि अगर वे चाहती हैं कि दिशा सगाई तक उनके साथ रहे तो गलत क्यों सोच रही हैं. दमयंती कहती है कि परंपरा के खिलाफ नहीं जा सकते. मनीषा कहती है कि दोनों परिवार साथ रहकर एक-दूसरे को बेहतर समझ सकते हैं. अभीरा का स्मार्ट ऑफर अभीरा, दिशा के परिवार के लिए एक ऑफर लेकर आती है कि दिशा जब तक पोद्दार परिवार में रहेगी, आर्यन, दिशा के परिवार के साथ रहेगा. दमयंती, अभीरा के इस ऑफर को मान लेती है. इससे आर्यन बहुत खुश हो जाता है. ये रिश्ता क्या कहलाता है के आने वाले एपिसोड में दिखाया जाएगा कि मायरा और मुक्ति शादी में जाने का प्लान करती है. दमयंती, अरमान और अभीरा से उनकी अंगूठियां बदलने के लिए कहती हैं. मायरा, अभीरा और अरमान को अंगूठियां बदलते देखकर हैरान रह जाती है. यह भी पढ़ें– ये रिश्ता क्या कहलाता है: आर्यन ने रखी अजीब शर्त, क्या अभीरा और अरमान बनेंगे नकली पति-पत्नी? The post Yeh Rishta Kya Kehlata Hai: अभीरा की चालबाजी से आर्यन खुश, कहानी में नया ट्विस्ट appeared first on Naya Vichar.

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भारत का DNA चैंपियन वाला और हमारा… पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने अपनी टीम को लताड़ा

Highlights पाकिस्तान सुपर 8 से हुआ बाहर जीतने और हारने का DNA  10 साल की मेहनत का नतीजा है टीम इंडिया PCB एक कमजोर क्रिकेट बोर्ड Rashid Latif Statement: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम का सफर सुपर 8 में ही खत्म हो गया. इसके बाद से टीम की लगातार आलोचना हो रही है. पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने अपनी टीम और बोर्ड को आड़े हाथों लिया है. लतीफ ने हिंदुस्तान और पाकिस्तान की टीमों के प्रदर्शन की तुलना की है. उनका कहना है कि चैंपियन बनना हिंदुस्तान के डीएनए में है, जबकि नॉकआउट से पहले बाहर हो जाना पाकिस्तान का डीएनए बन चुका है. पाकिस्तान सुपर 8 से हुआ बाहर 8 मार्च को खत्म हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान का स्पोर्ट्स बहुत साधारण रहा. टीम सुपर 8 राउंड से आगे नहीं बढ़ पाई. टूर्नामेंट में टीम को हिंदुस्तान और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों से हार झेलनी पड़ी. साल 2022 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से पाकिस्तान की टीम किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाई है. इसी खराब स्पोर्ट्स को लेकर पूर्व दिग्गज खिलाड़ी नाराज हैं. जीतने और हारने का DNA  लतीफ ने दोनों देशों के स्पोर्ट्स पर सीधा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का डीएनए ट्रॉफी जीतना है. टीम इंडिया का डीएनए फाइनल मैच स्पोर्ट्सना और वहां जीत दर्ज करना है. दूसरी तरफ, उन्होंने अपनी टीम पर निशाना साधते हुए कहा कि पाकिस्तान का डीएनए अब नॉकआउट मैचों से पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो जाना बन गया है. Rashid Latif says that India have a “DNA to win trophies,” while Pakistan’s DNA has been getting knocked out. He added that India have changed the game, even after losing the toss, a total of around 250 can be enough that “nobody will catch you.”pic.twitter.com/15n8oQKiJa — Cricketopia (@CricketopiaCom) March 12, 2026 10 साल की मेहनत का नतीजा है टीम इंडिया राशिद लतीफ ने हिंदुस्तानीय टीम की तारीफ में कहा कि हिंदुस्तान रातों रात चैंपियन नहीं बना है. यह टीम इंडिया की पिछले 10 से 15 साल की मेहनत का नतीजा है. उनके मुताबिक, टॉस हारने के बाद भी हिंदुस्तानीय बल्लेबाज 250 रन का स्कोर बना देते हैं. हिंदुस्तान ने हाल ही में न्यूजीलैंड को हराकर अपना तीसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीता है. हिंदुस्तानीय टीम ने वनडे वर्ल्ड कप 2023 का फाइनल स्पोर्ट्सा और टी20 वर्ल्ड कप 2024, चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर कब्जा जमाया है. PCB एक कमजोर क्रिकेट बोर्ड खराब स्पोर्ट्स के साथ लतीफ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भी जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने पीसीबी को एक कमजोर बोर्ड बताया. पूर्व कप्तान का मानना है कि बोर्ड अपने खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट को सही तरीके से मैनेज नहीं कर पा रहा है. उन्होंने कहा कि एक सही कॉन्ट्रैक्ट में इनाम और जुर्माने दोनों की जानकारी साफ होनी चाहिए. ये भी पढ़ें- तोड़ियों मत… ऋषभ पंत ने आयुष बडोनी को दिया अपना बैट, वीडियो वायरल 12 करोड़ की फरारी के मालिक बने हार्दिक, गर्लफ्रेंड माहिका संग ड्राइव का वीडियो वायरल पाक और बांग्लादेश विवाद पर जय शाह का पहला बयान, बोले- आईसीसी से ऊपर कोई नहीं The post हिंदुस्तान का DNA चैंपियन वाला और हमारा… पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने अपनी टीम को लताड़ा appeared first on Naya Vichar.

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सावधान! 31 मार्च की डेडलाइन चूके तो हाथ से निकल जाएगा टैक्स सेविंग का मौका

Tax Saving Deadline March 2026: फाइनेंशियल ईयर का आखिरी दिन 31 मार्च करीब है. अगर आप भी अपनी मेहनत की कमाई को टैक्स में कटने से बचाना चाहते हैं, तो अगले कुछ दिन आपके लिए बहुत जरूरी हैं. थोड़ी सी लापरवाही आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है. आइए जानते हैं कि आपको तुरंत क्या करना चाहिए. क्या आपने अपनी टैक्स सेविंग पूरी कर ली है? अगर आप Old Tax Regime (पुरानी टैक्स व्यवस्था) चुन रहे हैं, तो 31 मार्च तक निवेश करना अनिवार्य है. PPF, NPS या सुकन्या समृद्धि योजना जैसी स्कीम में पैसा लगाकर आप Section 80C के तहत छूट पा सकते हैं. याद रखें, 31 मार्च के बाद किया गया निवेश इस साल के टैक्स को कम नहीं कर पाएगा. क्या ऑफिस में जमा कर दिए हैं निवेश के सबूत? सिर्फ निवेश करना काफी नहीं है, उसके कागजात (Investment Proofs) अपने ऑफिस में जमा करना भी जरूरी है. अगर आप समय पर रसीदें या सर्टिफिकेट जमा नहीं करते हैं, तो आपका ऑफिस आपकी सैलरी से ज्यादा TDS (टैक्स) काट लेगा. अगर आपके पास होम लोन है, तो बैंक से ब्याज प्रमाणपत्र (Interest Certificate) लेकर जरूर जमा करें. क्या एडवांस टैक्स की डेडलाइन याद है? अगर आपका सालभर का अनुमानित टैक्स 10,000 रुपये से ज्यादा बनता है, तो 15 मार्च तक अपनी एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त जरूर भर दें. देरी करने पर आपको बकाया राशि पर भारी ब्याज देना पड़ सकता है. हालांकि, उन सीनियर सिटीजन्स को छूट है जिनका बिजनेस से कोई लेना-देना नहीं है. क्या हेल्थ इंश्योरेंस का फायदा लिया? बीमारी के खर्च के साथ-साथ हेल्थ इंश्योरेंस आपको टैक्स में भी राहत देता है. Section 80D के तहत आप अपने परिवार के प्रीमियम पर 25,000 रुपये से लेकर 75,000 रुपये तक की छूट पा सकते हैं. इसके अलावा, अगर आपके पास शेयर्स या म्यूचुअल फंड्स हैं, तो 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म प्रॉफिट (LTCG) पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, इसका फायदा उठाने के लिए पोर्टफोलियो को चेक करें. ये भी पढ़ें: 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया इनकम टैक्स एक्ट,  ITR भरने की डेडलाइन में राहत The post सावधान! 31 मार्च की डेडलाइन चूके तो हाथ से निकल जाएगा टैक्स सेविंग का मौका appeared first on Naya Vichar.

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चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस LIVE: बंगाल चुनाव 2026 की हर बड़ी घोषणा, सबसे पहले यहां

Bengal Election 2026 Date LIVE Updates: आखिरकार वो घड़ी आ गयी, जिसका सबको इंतजार था. पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान आज होने जा रहा है. शाम 4 बजे निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने सहयोगी चुनाव आयुक्तों डॉ सुखवीर सिंह संधू और डॉ विजय शर्मा के साथ थोड़ी देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह बतायेंगे कि पश्चिम बंगाल में कब चुनाव होंगे, कितने चरणों में वोटिंग होगी और मतगणना कब होगी. चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के LIVE Updates और बंगाल चुनाव 2026 की हर बड़ी घोषणा के लिए बने रहें हमारे साथ. इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के संवादाता सम्मेलन का हर आपडेट आपको यहां मिलेगा, सबसे पहले. चप्पे चप्पे पर तैनात होंगे केंद्रीय बलों के जवान पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे. सेंट्रल फोर्सेज की 480 कंपनियों को राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किया जायेगा. कई जिलों में केंद्रीय बलों का रूट मार्च हो चुका है.  100 प्रतिशत मतदान केंद्रों की होगी वेबकास्टिंग निर्वाचन आयोग इस बार 100 प्रतिशत मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग करेगा. सभी 80 हजार मतदान केंद्रों पर निर्वाचन आयोग और उसके अधिकारियों की नजर रहेगी, ताकि चुनाव में कोई किसी प्रकार की गड़बड़ी न कर सके. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के बाद कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी थी. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें चुनावी हिंसा के मामले में होगी सख्त कार्रवाई चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद होने वाली हिंसा के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर चुनाव के पहले या चुनाव के बाद हिंसा में कोई अधिकारी दोषा पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. चुनाव आयोग ने इलेक्शन की तैयारी की समीक्षा के दौरान ही अधिकारियों से ये बातें कहीं थीं. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: क्या आपका नाम भी कट गया है? ऐसे चेक करें फाइनल वोटर लिस्ट में अपना नाम 80,000 मतदान केंद्रों पर वोट डालेंगे मतदाता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में 7 करोड़ से अधिक मतदाता 80 हजार मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. 80 हजार में से करीब 61 हजार मतदान केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में हैं. चुनाव आयोग की टीम ने 10 मार्च को कोलकाता में ये बातें पत्रकारों को बतायीं थीं. 8 चरणों में हुए थे 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 8 चरणों में कराये गये थे. तब 294 विधानसभा सीटों में से 292 सीटों पर चुनाव कराये गये थे. इतने चरणों में चुनाव कराने के लिए तब इलेक्शन कमीशन को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी. उस साल 27 मार्च को पहले चरण की वोटिंग हुई थी. आठवें और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को हुआ था. 17 अप्रैल को सबसे अधिक 45 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए थे. 27 मार्च और 1 अप्रैल 2021 को 30-30 सीटों पर वोट पड़े थे. सभी 292 विधानसभा सीटों की मतगणना एक साथ 2 मई 2021 को करायी गयी थी. 2 उम्मीदवारों के निधन की वजह से मार्च-अप्रैल में 294 में से 292 सीटों पर ही वोटिंग हो पायी थी. पिछले चुनाव में मतदाताओं की संख्या 7,34,14,746 (7.34 करोड़) थी. 2021 बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखें 27 मार्च 2021 को 30 सीटों पर मतदान 1 अप्रैल 2021 को 30 सीटों पर मतदान 6 अप्रैल 2021 को 31 सीटों पर मतदान 10 अप्रैल 2021 को 44 सीटों पर मतदान 17 अप्रैल 2021 को 45 सीटों पर मतदान 22 अप्रैल 2021 को 43 सीटों पर मतदान 26 अप्रैल 2021 को 36 सीटों पर मतदान 29 अप्रैल 2021 को 35 सीटों पर मतदान तृणमूल कांग्रेस ने लगातार तीसरी बार बनायी प्रशासन वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 2 मई को जब रिजल्ट आये, तो कांग्रेस और माकपा का पूरी तरह से राज्य से सफाया हो चुका था. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के 77 उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचे. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने प्रचंड बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार प्रशासन बनायी. उसके 215 उम्मीदवार चुनाव जीते और विधायक बने. नंदीग्राम में चुनाव हार गयीं ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की. हालांकि, पार्टी की सर्वोच्च नेता और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम विधानसभा सीट से खुद हार गयीं. भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 2 हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर दिया. शुभेंदु अधिकारी विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026 की उल्टी गिनती शुरू, जानें कब से लगेगी आचार संहिता और क्या होगा असर वोटर लिस्ट से नाम कट गया तो न हों परेशान, जानें आपके पास क्या हैं विकल्प? पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर 2 चरण में कराये जा सकते हैं विधानसभा चुनाव पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: टीएमसी बनाम बीजेपी – 294 सीटों की जंग में कौन मारेगा बाजी? The post चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस LIVE: बंगाल चुनाव 2026 की हर बड़ी घोषणा, सबसे पहले यहां appeared first on Naya Vichar.

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इंटरव्यू में टॉपर को पछाड़ा, जानिए कौन हैं Zinnia Aurora

Zinnia Aurora Marksheet: यूपीएससी की लिखित परीक्षा जितनी कठिन होती है, उतनी ही कठिन इंटरव्यू भी होता है. ऐसे में यूपीएससी के पर्सनालिटी टेस्ट में मिले अंक काफी मायने रखते हैं. UPSC द्वारा जारी मार्कशीट को अगर ध्यान से देखें अगर तो ऐसे कई कैंडिडेट्स हैं, जिन्होंने इंटरव्यू में टॉपर अनुज अग्निहोत्री से ज्यादा मार्क्स हासिल किए हैं. इनमें से एक हैं AIR रैंक 6 लाने वाली जिनिया अरोरा. पर्सनैलिटी टेस्ट में जिनिया का प्रदर्शन टॉपर से बेहतर रहा. हालांकि लिखित परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री के ज्यादा अंक होने के कारण उनका कुल स्कोर अधिक रहा और वे ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने में सफल रहे. आइए जानते हैं कि दोनों उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में कितने अंक मिले. यूपीएससी मार्कशीट स्क्रीनशॉर्ट (PC-ऑफिशियल पेज) जिनिया अरोरा को UPSC Interview में मिले ज्यादा अंक यूपीएससी द्वारा जारी मार्कशीट के अनुसार जिनिया अरोरा को लिखित परीक्षा में 822 अंक मिले. इसके बाद इंटरव्यू यानी पर्सनैलिटी टेस्ट में उन्हें 215 अंक प्राप्त हुए. इस तरह उनका कुल स्कोर 1037 अंक रहा. इंटरव्यू में जिनिया का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा. यहां देखें अनुज अग्निहोत्री और जिनिया अरोरा के मार्क्स के बीच का अंतर उम्मीदवार लिखित परीक्षा इंटरव्यू कुल अंक अनुज अग्निहोत्री 867 204 1071 जिनिया अरोरा 822 215 1037 लिखित परीक्षा में आगे रहे अनुज अग्निहोत्री यूपीएससी परीक्षा के टॉपर अनुज अग्निहोत्री ने लिखित परीक्षा में 867 अंक हासिल किए. इंटरव्यू में उन्हें 204 अंक मिले. इस तरह उनका कुल स्कोर 1071 अंक रहा और वे ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने में सफल रहे. लिखित परीक्षा ने बनाया अंतर दोनों उम्मीदवारों के अंकों की तुलना करें तो साफ दिखाई देता है कि इंटरव्यू में जिनिया अरोरा ने अनुज अग्निहोत्री से ज्यादा अंक हासिल किए, लेकिन लिखित परीक्षा में अनुज के ज्यादा अंक होने के कारण कुल स्कोर में वे आगे रहे. यही कारण है कि अनुज अग्निहोत्री को पहली रैंक मिली, जबकि जिनिया अरोरा छठे स्थान पर रहीं. कौन हैं जिनिया अरोरा? जिनिया अरोरा हरियाणा के रोहतक की रहने वाली हैं और उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की है. उनकी स्कूली पढ़ाई दिल्ली के संस्कृती स्कूल से हुई और इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स और पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया है. यह भी पढ़ें- जॉब छोड़कर शुरू की UPSC की तैयारी, श्रुति ने हासिल की AIR 18 The post इंटरव्यू में टॉपर को पछाड़ा, जानिए कौन हैं Zinnia Aurora appeared first on Naya Vichar.

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FASTag Annual Pass हो जाएगा महंगा, जानिए कितना बढ़ेगा खर्च

नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं और FASTag Annual Pass का इस्तेमाल करते हैं, तो यह समाचार आपके काम की है. प्रशासन ने इस पास की कीमत में हल्की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है, जो 1 अप्रैल से लागू होगा. ऐसे में अगले महीने से निजी गाड़ियों के मालिकों को पहले से थोड़ा ज्यादा भुगतान करना होगा. कितनी हुई बढ़ोतरी? 1 अप्रैल से निजी कार, जीप और वैन के मालिकों को FASTag Annual Pass के लिए 3,075 रुपये देने होंगे, जबकि पहले इसकी कीमत 3,000 रुपये थी. Attention National Highway Users! Effective 1st April 2026, the applicable fee for the #FASTagAnnualPass will be revised from ₹3,000 to ₹3,075 for FY 2026–27 in accordance with the National Highways Fee (Determination of Rates and Collection) Rules, 2008. The Annual Pass… pic.twitter.com/nOhjyrcBoB — NHAI (@NHAI_Official) March 15, 2026 क्या है FASTag Annual Pass? FASTag Annual Pass की शुरुआत 15 अगस्त 2025 पर की गई थी. इसका मकसद हाईवे पर बार-बार टोल देने की परेशानी को कम करना और डिजिटल टोल पेमेंट को बढ़ावा देना था. यह पास खासतौर पर निजी यानी नॉन-कमर्शियल गाड़ियों के लिए बनाया गया है. अगर आपकी कार, जीप या वैन में वैलिड FASTag लगा है, तो आप इस योजना का फायदा ले सकते हैं. एक बार पास एक्टिवेट होने के बाद गाड़ी नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा से 200 बार तक गुजर सकती है या एक साल तक वैलिड रहती है, इन दोनों में जो भी पहले पूरा हो जाए. FASTag Annual Pass के लिए कैसे करें आवेदन वाहन मालिक Rajmarg Yatra App, NHAI की ऑफिशियल वेबसाइट या MoRTH की वेबसाइट के जरिए FASTag Annual Pass के लिए अप्लाई कर सकते हैं. पास एक्टिवेट करने के लिए आपको: FASTag से जुड़े अकाउंट में लॉग-इन करना होगा. गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए पेमेंट करना होगा. पेमेंट होने के बाद Pass आपके FASTag से लिंक हो जाएगा और 24 घंटे के भीतर एक्टिव हो जाएगा. इसके बाद यह एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक वैलिड रहता है. यह भी पढ़ें: लाल नंबर प्लेट वाली कारों का क्या होता है मतलब? बहुत कम लोग जानते हैं ये बात The post FASTag Annual Pass हो जाएगा महंगा, जानिए कितना बढ़ेगा खर्च appeared first on Naya Vichar.

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परेशान बच्चा भी खुलकर बोलेगा! मन की बात जानने के लिए हर माता-पिता को पूछने चाहिए ये 6 सवाल

Parenting Tips: पेरेंटिंग के इस बदलते दौर में बच्चों के साथ एक मजबूत इमोशनल बॉन्ड बनाना किसी चैलेंज से कम नहीं है. अक्सर शिशु अपने मन की बात या स्कूल में हुई किसी परेशानी को माता-पिता के साथ शेयर करने में हिचकिचाते हैं, जिससे उनके मन में स्ट्रेस बढ़ने लगता है. एक पैरेंट के तौर पर यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप उनके लिए एक ऐसा माहौल तैयार करें जहां वे बिना डरे अपनी फीलिंग्स जाहिर कर सकें. आज के इस आर्टिकल में हम उन 6 जादुई सवालों के बारे में बात करेंगे, जिन्हें अगर आप सही तरीके से अपने बच्चों से पूछें, तो न सिर्फ उनका झिझकना कम होगा, बल्कि वे खुद खुलकर अपने दिल की बात आपसे साझा करने लगेंगे. आज के दिन का सबसे अच्छा और सबसे बुरा हिस्सा क्या था? यह सवाल बच्चों को उनके पूरे दिन के बारे में सोचने पर मजबूर करता है. इससे आपको न केवल उनकी खुशियों का पता चलता है, बल्कि उन छोटी-छोटी बातों की भी जानकारी मिलती है जो शायद उन्हें परेशान कर रही हों. आज स्कूल/मैदान में तुम्हें सबसे ज्यादा हंसी कब आई? बच्चों से सीधे परेशानी पूछने के बजाय उनके खुशहाल पलों के बारे में पूछें. जब वे अपनी हंसी या मजाक वाली बातें शेयर करते हैं, तो वे कंफर्टेबल महसूस करते हैं और धीरे-धीरे गंभीर बातें भी बताने लगते हैं. क्या आज किसी बात ने तुम्हें उदास या परेशान किया? यह एक सीधा और जरूरी सवाल है. इसे पूछते समय अपनी आवाज नरम रखें. इससे शिशु को यह अहसास होता है कि आप उसकी इमोशंस की परवाह करते हैं और वह अपनी बात बिना डरे कह सकता है. अगर तुम्हारे पास कोई जादुई शक्ति होती, तो तुम आज क्या बदलते? यह सवाल बच्चों के सोचने के तरीके और उनके मन की बात को समझने में मदद करता है. अक्सर शिशु स्पोर्ट्स-स्पोर्ट्स में अपनी उन समस्याओं को बता देते हैं जिन्हें वे सीधे तौर पर नहीं कह पाते. आज तुमने किसकी मदद की या किसने तुम्हारी मदद की? यह सवाल बच्चों में दूसरों का दुख समझने और नेकी की सोच पैदा करता है. इससे आपको उनके दोस्तों के साथ उनके बर्ताव के बारे में भी जरूरी जानकारी मिलती है. क्या कोई ऐसी बात है जिसे लेकर तुम मुझसे सलाह चाहते हो? अक्सर हम बच्चों को बिना मांगे सलाह देने लगते हैं. इसके बजाय, उनसे पूछें कि क्या उन्हें आपकी मदद चाहिए. यह सवाल उन्हें यह महसूस कराता है कि आप उनकी प्राइवेसी का सम्मान करते हैं और मदद के लिए हमेशा मौजूद हैं. The post परेशान बच्चा भी खुलकर बोलेगा! मन की बात जानने के लिए हर माता-पिता को पूछने चाहिए ये 6 सवाल appeared first on Naya Vichar.

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LPG चूल्हा या इलेक्ट्रिक स्टोव- सस्ता और सुरक्षित विकल्प कौन?

हिंदुस्तान में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत की चर्चा लगातार बढ़ रही है और इसी वजह से लोग अब बिजली से चलने वाले इंडक्शन स्टोव को विकल्प के तौर पर देख रहे हैं. सवाल यही है कि LPG चूल्हा या इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव, कौन ज्यादा सुरक्षित और किफायती है? आइए विस्तार से समझते हैं. खर्च का हिसाब अगर आपके इलाके में बिजली का रेट ₹8 प्रति यूनिट है और आप रोजाना 1600W का इंडक्शन स्टोव 1 घंटे चलाते हैं, तो महीने में लगभग ₹500-600 का अतिरिक्त बिजली बिल आएगा. वहीं LPG सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को देखें तो इंडक्शन स्टोव का इस्तेमाल 10-15% तक सस्ता पड़ सकता है. सेफ्टी फैक्टर LPG चूल्हे से जुड़े खतरे सभी जानते हैं- सिलेंडर लीक या ब्लास्ट होने पर पूरे घर को नुकसान हो सकता है. इसके मुकाबले इंडक्शन स्टोव कहीं ज्यादा सुरक्षित है. इसमें सिर्फ शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है, वो भी तब जब वायर कट जाए या पानी के संपर्क में आये. सुविधा और इस्तेमाल इंडक्शन स्टोव से बिना गैस के खाना पकाना आसान है. यह तुरंत गर्म होता है और बिजली से चलता है. वहीं LPG चूल्हा पारंपरिक है और बिजली कटने की स्थिति में ज्यादा भरोसेमंद साबित होता है. किनके लिए क्या सही अगर आपके इलाके में बिजली का रेट ज्यादा नहीं है और आप सेफ्टी को प्राथमिकता देते हैं, तो इंडक्शन स्टोव बेहतर विकल्प है. लेकिन जहां बिजली महंगी है या बार-बार कटती है, वहां LPG चूल्हा ही ज्यादा प्रैक्टिकल रहेगा. यह भी पढ़ें: युद्ध जैसी स्थिति में जान बचाएंगे ये सस्ते गैजेट्स, घर पर जरूर रखें The post LPG चूल्हा या इलेक्ट्रिक स्टोव- सस्ता और सुरक्षित विकल्प कौन? appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा चुनाव: 5 सीटों पर मुकाबला दिलचस्प, होटल पनास में तेजस्वी की रणनीतिक बैठक

Rajya Sabha Election: बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले नेतृत्व पूरी तरह गर्म हो चुकी है. पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में होने के कारण इस बार मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है. इसी बीच विपक्षी महागठबंधन ने अपनी रणनीति तेज कर दी है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को महागठबंधन के विधायकों की अहम बैठक बुलाई है, जहां जीत की रणनीति पर चर्चा की जा रही है और सभी विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश की जा रही है. होटल में जुटे विधायक, रणनीति पर मंथन पटना के होटल पनास में महागठबंधन के विधायकों की बैठक हो रही है. इस बैठक में विभिन्न दलों के विधायक पहुंच रहे हैं और राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जा रही है. कई विधायकों को मतदान से पहले यहीं ठहराने की भी तैयारी की गई है, ताकि सभी को एकजुट रखा जा सके और वोटिंग के समय किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे. बैठक में सभी विधायकों को मतदान की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा. महागठबंधन के नेताओं की कोशिश है कि किसी भी विधायक का वोट तकनीकी गलती से निरस्त न हो. इसी कारण रणनीतिक बैठक में चुनावी गणित और प्रक्रिया दोनों पर चर्चा हो रही है. AIMIM और अन्य दलों का समर्थन अहम राज्यसभा की पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो गया है. महागठबंधन की ओर से अमरेद्र धारी सिंह उम्मीदवार हैं, जिन्हें जीत दिलाने के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत मानी जा रही है. ऐसे में AIMIM और बसपा के विधायकों की भूमिका अहम मानी जा रही है. अगर इन दलों के विधायक महागठबंधन के पक्ष में मतदान करते हैं तो चुनाव का समीकरण बदल सकता है. होटल पनास में AIMIM के विधायक भी पहुंच चुके हैं, जो महागठबंधन के लिए एक बड़ी राहत की समाचार हो सकती है. यदि ओवैसी और मायावती के विधायक राजद के पाले में वोट करते हैं, तो एनडीए के गणित का बिगड़ना तय माना जा रहा है. कांग्रेस के सामने नेतृत्व का सवाल कांग्रेस के सभी विधायक भी पटना पहुंच चुके हैं, लेकिन पार्टी अब तक विधायक दल के नेता और सचेतक का चुनाव नहीं कर पाई है. ऐसे में यह सवाल बना हुआ है कि विधायकों को अंतिम दिशा-निर्देश कौन देगा. राज्यसभा चुनाव से पहले होने वाली यह गतिविधियां आने वाले समय में बिहार की नेतृत्व के नए समीकरण भी तय कर सकती हैं. Also Read: राज्यसभा चुनाव: बीजेपी की बैठक के बाद शिवेश राम ने तेजस्वी-ओवैसी से की अपील, क्या बनी बात? The post राज्यसभा चुनाव: 5 सीटों पर मुकाबला दिलचस्प, होटल पनास में तेजस्वी की रणनीतिक बैठक appeared first on Naya Vichar.

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हिंदू नववर्ष पर नीम खाने की परंपरा और इसके धार्मिक फायदे

Hindu New Year 2026: हिंदू धर्म में नववर्ष का स्वागत केवल मिठाईयों और मीठे व्यंजनों से नहीं होता, बल्कि नीम की कड़वी पत्तियों का सेवन भी एक पुरानी परंपरा है. खासकर उगादी (Ugadi) और गुड़ी पड़वा (Gudi Padwa) में लोग नववर्ष की सुबह नीम खाते हैं. नीम की कड़वाहट जीवन में आने वाली कठिनाइयों और बुरी घटनाओं का प्रतीक मानी जाती है. इसे खाने से व्यक्ति अपने जीवन में संतुलन बनाए रखने और नकारात्मकताओं को दूर करने का प्रयास करता है. धार्मिक महत्व धार्मिक दृष्टि से, नीम का सेवन अशुभता और पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है. हिंदू शास्त्रों में नीम को शुद्धिकरण का प्रतीक माना गया है. नववर्ष पर नीम खाने का अर्थ है पुराने दुःख और नकारात्मकताओं को पीछे छोड़कर नए वर्ष में स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली का स्वागत करना. यह परंपरा जीवन में संयम और आत्मसंतोष की भावना को भी बढ़ाती है. स्वास्थ्य लाभ नीम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं, जो शरीर से विषैले तत्वों को निकालने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. नववर्ष की सुबह नीम खाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और त्वचा से संबंधित समस्याओं में राहत मिलती है. इस तरह, हिंदू नववर्ष पर नीम खाना केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि स्वास्थ्य और आध्यात्मिक लाभ का भी प्रतीक है. यह हमें जीवन में सकारात्मकता, आत्मनियंत्रण और स्वास्थ्य बनाए रखने की सीख देता है. The post हिंदू नववर्ष पर नीम खाने की परंपरा और इसके धार्मिक फायदे appeared first on Naya Vichar.

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