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Author name: Vinod Jha

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खरमास 2026: आज से एक महीने तक नहीं होंगे कोई भी शुभ कार्य, जानें क्या है कारण

Kharmas 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में दो बार ऐसी अवधि आती है जब सूर्य देव अपने गुरु बृहस्पति की राशियों धनु और मीन में प्रवेश करते हैं. इस समय को खरमास कहा जाता है. साल 2026 में पहला खरमास 15 मार्च, रविवार से लगने जा रहा है, जो कि 14 अप्रैल, मंगलवार को समाप्त होगा. ज्योतिषीय दृष्टि से खरमास को शुभ नहीं माना जाता. हिंदू धर्म में खरमास के दौरान विवाह या किसी अन्य मांगलिक कार्य करना वर्जित है. खरमास में शुभ कार्य क्यों रुक जाते हैं? हिंदू धर्म में बृहस्पति को शुभ कार्यों का कारक माना जाता है. जब सूर्य अपने गुरु बृहस्पति की राशि (धनु या मीन) में प्रवेश करते हैं, तो वे गुरु के प्रभाव को कम कर देते हैं. गुरु के ‘अस्त’ या कमजोर होने की स्थिति में किए गए मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि का पूर्ण फल नहीं मिलता. इसके साथ ही शादी और अन्य शुभ कार्यों में बाधाएं आने की संभावना रहती है. पौराणिक कथा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान सूर्य अपने सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हैं. निरंतर चलने के कारण उनके घोड़े थक जाते थे. तब सूर्य देव ने घोड़ों को आराम देने के लिए एक तालाब के पास दो गधों (खर) को रथ में जोत लिया. गधों की गति धीमी होने के कारण सूर्य का तेज कम हो गया और उनकी गति मंद पड़ गई. इस कारण इस एक महीने की अवधि को खरमास कहा जाता है. कहते हैं कि इस समय सूर्य का तेज कम होने के कारण किए गए शुभ कार्य का फल पूर्ण रूप से नहीं मिलता. खरमास से जुड़े जरूरी नियम खरमास में क्या करें? भले ही इस दौरान मांगलिक कार्य वर्जित हों, लेकिन यह समय आध्यात्मिक शुद्धि और दान-पुण्य के लिए सर्वोत्तम माना जाता है. दान-पुण्य: जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना अत्यंत फलदायी होता है. सूर्य उपासना: प्रतिदिन तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें. विष्णु पूजा: इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना श्रेष्ठ माना जाता है. पवित्र स्नान: संभव हो तो पवित्र नदियों में स्नान करें या घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें. खरमास में क्या न करें? विवाह: इस दौरान शादी, रोका या सगाई जैसी रस्में नहीं की जातीं. गृह प्रवेश और निर्माण: नए घर में प्रवेश करना या घर की नींव रखना वर्जित है. मुंडन व संस्कार: बच्चों का मुंडन या जनेऊ संस्कार इस अवधि में न करें. नया व्यापार: नई दुकान खोलना या किसी बड़े व्यापारिक प्रोजेक्ट की शुरुआत करने से बचें. बड़ी खरीदारी: नया वाहन, जमीन या मकान खरीदना शुभ नहीं माना जाता. यह भी पढ़ें: मीन संक्रांति से शुरू होगा खरमास, जानें शुभ उपाय The post खरमास 2026: आज से एक महीने तक नहीं होंगे कोई भी शुभ कार्य, जानें क्या है कारण appeared first on Naya Vichar.

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आधार एड्रेस अपडेट कराने के लिए कौन-से डॉक्यूमेंट्स लगेंगे? जानें कैसे करें ऑनलाइन अपडेट

अगर आप हाल ही में नए घर में शिफ्ट हुए हैं या फिर अचानक ध्यान आया कि आपके आधार कार्ड पर अब भी कई साल पुराना पता दर्ज है, तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. अच्छी बात यह है कि अब इसे ठीक कराने के लिए आपको आधार सेंटर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. UIDAI की तरफ से यह सुविधा दी गई है कि आप myAadhaar पोर्टल के जरिए ही घर बैठे अपना पता अपडेट कर सकते हैं. बस आपके पास वैलिड एड्रेस प्रूफ और आधार से लिंक किया हुआ मोबाइल नंबर होना चाहिए. आइए अब आसान तरीके से समझते हैं कि आधार में ऑनलाइन एड्रेस अपडेट करने का पूरा प्रोसेस क्या है. कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स जरूरी हैं? एड्रेस अपडेट करने के लिए UIDAI कई तरह के डॉक्यूमेंट एक्सेप्ट करता है. जैसे बिजली का बिल, बैंक स्टेटमेंट या पासबुक, रेंट एग्रीमेंट, पासपोर्ट और वोटर आईडी. इसके अलावा अन्य प्रशासनी जारी किए गए एड्रेस प्रूफ भी वैलिड होते हैं. बस एक बात का ध्यान रखें कि जो भी डॉक्यूमेंट आप अपलोड करें, उसमें आपका नाम और पूरा पता साफ-साफ दिखाई देना चाहिए. अगर स्कैन धुंधला है या बिल का कोई हिस्सा कट गया है और पता ठीक से नहीं दिख रहा, तो आपका अपडेट रिक्वेस्ट रिजेक्ट भी हो सकता है. ऑनलाइन आधार में एड्रेस अपडेट करने के स्टेप्स सबसे पहले myAadhaar Portal पर जाएं. वहां Document Update ऑप्शन को खोजकर उस पर क्लिक करें. अपना Aadhaar नंबर दर्ज करें. रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से अपनी पहचान वेरिफाई करें. लॉग-इन होने के बाद Address Update ऑप्शन चुनें. अब अपना तरीका चुनें- अपने डॉक्यूमेंट्स के जरिए या Head of Family (HoF) के जरिए. नया एड्रेस सही-सही भरें. Address proof का वैलिड डॉक्यूमेंट अपलोड करें. सभी डिटेल्स चेक करने के बाद Request सबमिट कर दें. सबमिट करने के बाद Acknowledgement Receipt जरूर सेव करें. इसमें 14 अंकों का Update Request Number (URN) होता है. इसी URN की मदद से आप ऑनलाइन अपने रिक्वेस्ट का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं. कितना समय लगता है? रिक्वेस्ट सबमिट करने के बाद UIDAI आपके दिए गए डिटेल्स और डॉक्यूमेंट्स की जांच करता है. आमतौर पर यह प्रोसेस 30 दिनों तक का समय ले सकती है. अच्छी बात यह है कि एक बार अपडेट मंजूर हो जाने के बाद आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ती. आप सीधे UIDAI की ऑफिसियल वेबसाइट से अपडेटेड आधार कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: Aadhaar Card से जुड़ा मोबाइल नंबर भूल गए? मिनटों में ऐसे पता करें ऑनलाइन The post आधार एड्रेस अपडेट कराने के लिए कौन-से डॉक्यूमेंट्स लगेंगे? जानें कैसे करें ऑनलाइन अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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बेगूसराय में सीएम नीतीश की समृद्धि यात्रा से पहले सुरक्षा में चूक, हेलीपैड पर पहुंचा बैल, पुलिसकर्मियों को दौड़ाया

Bihar News: आज सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का अंतिम दिन है. आज अपनी यात्रा के क्रम में सीएम बेगूसराय और शेखपुरा जिले में पहुंचेंगे. लेकिन यात्रा से पहले बेगूसराय जिले में सुरक्षा व्यवस्था में चूक देखने को मिली. बेगूसराय में सीएम के आगमन को लेकर जो हेलीपैड बनाया गया था, उस पर अचानक एक बैल पहुंच गया. वहां तैनात पुलिसकर्मियों को बैल ने दौड़ा दिया. फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़े पुलिस के जवान वहां मौजूद लोगों के अनुसार बैल तेजी से दौड़ते हुए हैलीपैड पर पहुंच गया. दौड़ते हुए बैल को देखते ही वहां पर तैनात पुलिसकर्मी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. कुछ पुलिसकर्मी तो वहां मौजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर चढ़ गए. कुछ इधर-उधर भागने लगे. कुछ देर के लिए हेलीपैड के आस-पास अफरा-तफरी का माहौल हो गया. जब बैल वहां से नहीं भागा, तो उसे हेलीपैड से बाहर निकालने के लिए एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ी से जवानों ने उसे खदेड़ा. काफी मशक्कत के बाद बैल को बाहर निकाला जा सका. सीएम बेगूसराय को देंगे करोड़ों का गिफ्ट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का यह तीसरा फेज चल रहा है. इस क्रम में आज बेगूसराय को सीएम नीतीश कुमार करोड़ों का गिफ्ट देंगे. जानकारी के मुताबिक, जिले में सीएम नीतीश 109 करोड़ रुपए की लागत से 189 योजनाओं का शिलान्यास करेंगे. इसके साथ ही 165 करोड़ रुपए की लागत वाली 211 योजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे. विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक भी होगी. शेखपुरा में भी सीएम नीतीश की यात्रा बेगूसराय के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शेखपुरा जिले में जायेंगे. शेखपुरा में वह 144 करोड़ रुपए की लागत वाली 120 योजनाओं का शिलान्यास करेंगे. जिले में वह 62 करोड़ रुपए की लागत से 196 योजनाओं का उद्घाटन करेंगे. सीएम दोनों जिलों में चल रही विकास कार्यों का निरीक्षण करने के साथ अधिकारियों को आदेश भी दे सकते हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ यात्रा के दौरान दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा मौजूद रहेंगे. Also Read: बिहार के नए गवर्नर सैयद अता हसनैन ने लोक भवन में ली शपथ, सीएम नीतीश समेत कई मंत्री रहे मौजूद The post बेगूसराय में सीएम नीतीश की समृद्धि यात्रा से पहले सुरक्षा में चूक, हेलीपैड पर पहुंचा बैल, पुलिसकर्मियों को दौड़ाया appeared first on Naya Vichar.

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सोशियोलॉजी या जियोग्राफी? UPSC के लिए कौन-सा ऑप्शनल सब्जेक्ट रहेगा बेहतर

Sociology vs Geography: UPSC सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी करते समय सबसे बड़ा सवाल होता है कि ऑप्शनल सब्जेक्ट कौन-सा चुना जाए. कई कैंडिडेट्स सोशियोलॉजी और जियोग्राफी के बीच कन्फ्यूज रहते हैं. दोनों ही सब्जेक्ट (Sociology vs Geography) पॉपुलर हैं और हर साल कई कैंडिडेट्स इन्हें ऑप्शनल के रूप में चुनते हैं. मेधा आनंद (AIR 13, 2023) ने सोशियोलॉजी सब्जेक्ट में सबसे ज्यादा 310 मार्क्स हासिल किए हैं. वहीं प्रथम कौशिक (AIR 5, 2017) को जियोग्राफी में 327 मार्क्स मिले थे. लेकिन सवाल यह है कि इन दोनों में से कौन-सा सब्जेक्ट ज्यादा स्कोरिंग है. किसी भी विषय को स्कोरिंग बनाने में कैंडिडेट्स की रुचि, समझ और तैयारी का तरीका सबसे ज्यादा इम्पॉर्टेंट होता है. आइए जानते हैं कि सोशियोलॉजी या जियोग्राफी (UPSC Optional Sociology vs Geography), कौन ज्यादा स्कोरिंग होता है.  सोशियोलॉजी को क्यों माना जाता है स्कोरिंग? Sociology को UPSC में अपेक्षाकृत छोटा और समझने में आसान सिलेबस माना जाता है. कई टॉपर जैसे मेधा आनंद (AIR 13, 2023) ने सोशियोलॉजी सब्जेक्ट में सबसे ज्यादा 310 मार्क्स हासिल किए हैं. इसके अलावा शाह मरगी चिराग (AIR 4, 2024) को 291 मार्क्स और मोहन सूर्यवंशी (AIR 464, 2024) को 289 मार्क्स मिले हैं. इसलिए इसे स्कोरिंग ऑप्शनल माना जाता है. ये हैं इस सब्जेक्ट को चुनने के मुख्य फायदे- सिलेबस लिमिटेड और क्लियर होता है.  आंसर लिखना आसान होता है.  समाज से जुड़े एग्जांपल देने में आसानी रहती है.  GS पेपर और निबंध (Essay) में भी मदद मिलती है.  जियोग्राफी क्यों है पॉपुलर सब्जेक्ट? Geography भी यूपीएससी का एक बहुत पॉपुलर ऑप्शनल सब्जेक्ट है. इसमें फिजिकल और ह्यूमन दोनों की पढ़ाई की जाती है. अभिषेक चौरसिया (AIR 72, 2016) ने जियोग्राफी सब्जेक्ट में 295 मार्क्स लाया है. इसमें कांसेप्ट्स को अच्छी तरह समझना जरूरी होता है. ये हैं जियोग्राफी सब्जेक्ट के मुख्य फायदे – मैप और डायग्राम से आंसर बेहतर बनते हैं.  GS पेपर-1 और प्रीलिम्स में काफी मदद मिलती है.  सब्जेक्ट काफी रोचक और साइअन्टिफिक है.  Sociology vs Geography: किसे चुनना बेहतर रहेगा?  अगर आपको सोसाइटी, सामाजिक मुद्दों और थ्योरी में इंटरेस्ट है, तो सोशियोलॉजी बेहतर ऑप्शन हो सकता है. वहीं अगर आपको मैप, पर्यावरण और प्रैक्टिकल पसंद है, तो जियोग्राफी सिलेक्ट करना सही रहेगा. यूपीएससी में स्कोरिंग वही सब्जेक्ट बनाता है, जिसे कैंडिडेट्स अपनी रुचि और समझ के साथ पढ़ता है.  यह भी पढ़ें: BSc Nursing या GNM, जानें 12वीं के बाद नर्सिंग का कौन सा कोर्स बेस्ट The post सोशियोलॉजी या जियोग्राफी? UPSC के लिए कौन-सा ऑप्शनल सब्जेक्ट रहेगा बेहतर appeared first on Naya Vichar.

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Fact Check: क्या शुभमन गिल ने टी20 वर्ल्ड कप सेलिब्रेशन फोटो से संजू सैमसन को हटाया?

Highlights दावा: गिल पर सैमसन की तस्वीर हटाने का आरोप सच्चाई: एडिटिंग और फोटो से छेड़छाड़ का दावा गलत कारण: अलग-अलग एंगल और समय पर क्लिक हुई तस्वीरें प्रमाण: अन्य खिलाड़ियों की पोस्ट से हुई पुष्टि Fact Check: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में हिंदुस्तान की जीत के बाद इंटरनेट पर एक नया विवाद शुरू हो गया है. दावा किया जा रहा है कि शुभमन गिल (Shubman Gill) ने अपनी बधाई पोस्ट से संजू सैमसन (Sanju Samson) को एडिट करके हटा दिया है. समाचार में हम इसी वायरल दावे का फैक्ट चेक कर रहे हैं. आपको सीधे तथ्यों के आधार पर बताएंगे कि इस तस्वीर की पूरी सच्चाई क्या है. इंटरनेट पर फैल रही इन बातों में कितनी सच्चाई है और इसके पीछे का असली कारण क्या है. दावा: गिल पर सैमसन की तस्वीर हटाने का आरोप वर्ल्ड कप जीतने के बाद गिल ने इंस्टाग्राम पर ट्रॉफी के साथ टीम के जश्न की एक फोटो शेयर की थी. इस फोटो में सैमसन कहीं भी दिखाई नहीं दे रहे हैं. कुछ क्रिकेट फैंस ने सूर्यकुमार यादव की पोस्ट से इस तस्वीर का मिलान किया. सूर्या की फोटो में सैमसन पीछे खड़े हुए नजर आ रहे हैं. इसके बाद सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से फैलने लगा कि गिल ने जानबूझकर फोटो को एडिट किया है और सैमसन को फ्रेम से बाहर कर दिया है. आरोप यहां तक लगाया गया कि सैमसन के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने से गिल खुश नहीं हैं, क्योंकि गिल खुद वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा नहीं बन पाए थे. View this post on Instagram A post shared by KOHLINATH🐐 (@leditx18) सच्चाई: एडिटिंग और फोटो से छेड़छाड़ का दावा गलत हमारी तथ्य जांच में यह वायरल दावा पूरी तरह से गलत साबित हुआ है. फैक्ट चेक में यह बात साफ हो गई है कि शुभमन गिल ने फोटो के साथ किसी भी तरह की कोई छेड़छाड़ या एडिटिंग नहीं की है. सोशल मीडिया पर चल रही आपसी मनमुटाव और फोटो क्रॉप करने की बातें केवल अफवाह हैं. गिल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वही तस्वीर शेयर की है जो उन्हें फोटोग्राफर से या टीम मैनेजमेंट से मिली थी. इस तस्वीर में एडिटिंग का कोई भी निशान मौजूद नहीं है. शुभमन गिल का पोस्ट जिसपर उठा विवाद इसमें खिलाड़ियों के एक्सप्रेशन देखें, Pic- Instagram/ Shubmangill सूर्यकुमार यादव ने शेयर किया पोस्ट इसमें खिलाड़ियों के एक्सप्रेशन देखें, Pic- Instagram/Surya_14kumar कारण: अलग-अलग एंगल और समय पर क्लिक हुई तस्वीरें मैच खत्म होने के बाद पोडियम पर जश्न के दौरान लगातार कई तस्वीरें कैमरे में कैद की गई थीं. इन कुछ सेकंड के भीतर खिलाड़ियों की पोजीशन और ट्रॉफी पकड़ने का तरीका बार-बार बदल रहा था. गिल ने जो तस्वीर शेयर की, उस समय सैमसन किसी अन्य खिलाड़ी के पीछे पूरी तरह से छिप गए थे. इसलिए वह कैमरे के फ्रेम में कैप्चर नहीं हो पाए. वहीं, सूर्यकुमार यादव ने जो फोटो डाली, वह किसी दूसरे सेकंड में खींची गई थी. उस पल सैमसन जसप्रीत बुमराह के पीछे से साफ नजर आ रहे थे. दोनों तस्वीरों के बीच केवल समय और एंगल का अंतर है. प्रमाण: अन्य खिलाड़ियों की पोस्ट से हुई पुष्टि इस बात का सबसे बड़ा सबूत टीम के अन्य खिलाड़ियों के सोशल मीडिया अकाउंट पर मौजूद है. गिल के अलावा टीम के कई अन्य सदस्यों ने भी बिल्कुल यही फोटो शेयर की है. यशस्वी जायसवाल, शिवम दुबे और रविचंद्रन अश्विन ने भी देशवासियों को जीत की बधाई देते हुए एकदम यही तस्वीर पोस्ट की है. इन सभी खिलाड़ियों की फोटो में भी संजू सैमसन दिखाई नहीं दे रहे हैं. इससे यह बात सौ प्रतिशत सच साबित होती है कि गिल ने किसी को फोटो से नहीं हटाया है. यह विवाद बेबुनियाद है और फोटो केवल एक अलग एंगल से ली गई थी. View this post on Instagram A post shared by shivam dube (@dubeshivam) View this post on Instagram A post shared by Ashwin (@rashwin99) ये भी पढ़ें- कुलदीप के संगीत में रैना, चहल और रिंकू का धमाल, जमकर डांस करते हुए वीडियो वायरल PSL छोड़ आईपीएल में दिखेंगे मुजरबानी, KKR मेंं मुस्तफिजुर की जगह ली एंट्री The post Fact Check: क्या शुभमन गिल ने टी20 वर्ल्ड कप सेलिब्रेशन फोटो से संजू सैमसन को हटाया? appeared first on Naya Vichar.

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थाली पर मंडराया महंगाई का खतरा, युद्ध से तेल-चीनी और खाद महंगे हो सकते हैं

Iran War Impact: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब हिंदुस्तान में खाने के तेल की कीमतों पर भी दिखने लगा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले समय में खाने का तेल और महंगा हो सकता है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है. हिंदुस्तान अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है. देश में इस्तेमाल होने वाले करीब 60% खाने का तेल आयात किया जाता है. ऐसे में जब भी दुनिया में सप्लाई में रुकावट आती है या ट्रांसपोर्ट महंगा होता है, तो उसका सीधा असर हिंदुस्तान में तेल की कीमतों पर पड़ता है. फॉर्च्यून इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार इमामी एग्रोटेक लिमिटेड के सीईओ और इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के चेयरमैन सुधाकर देसाई का कहना है कि ईंधन और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने से पहले ही खाने के तेल के दाम ऊपर जाने लगे हैं. उनके मुताबिक, हाल के समय में फ्यूल की कीमतें करीब 16–17% बढ़ी हैं, जिससे ट्रांसपोर्ट और शिपिंग महंगी हो गई है. इसी वजह से पाम और सोया तेल के दाम करीब 4–5% बढ़ चुके हैं, जबकि सनफ्लावर ऑयल पर ज्यादा दबाव है क्योंकि इसकी सप्लाई का बड़ा हिस्सा ब्लैक सी क्षेत्र से आता है. कच्चे तेल से क्यों बढ़ता है खाने के तेल का दाम खाने के तेल की कीमतें कच्चे तेल से भी जुड़ी होती हैं. जब क्रूड ऑयल महंगा होता है, तो कई देश बायोडीजल का ज्यादा इस्तेमाल करने लगते हैं. बायोडीजल बनाने के लिए पाम और सोयाबीन जैसे वनस्पति तेल का इस्तेमाल किया जाता है. पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के बोर्ड के सलाहकार चंद्र प्रकाश पांडे के अनुसार, मौजूदा तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें जनवरी 2025 के बाद सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच चुकी हैं. ऐसे में बायोडीजल की मांग बढ़ती है और इसका असर सीधे खाने के तेल की कीमतों पर पड़ता है. सप्लाई और शिपिंग भी हुई महंगी ग्लोबल सप्लाई चेन पर भी असर पड़ा है. कई शिपिंग कंपनियां इस क्षेत्र में नई बुकिंग लेने से बच रही हैं या फिर 1,500 से 3,000 डॉलर तक का अतिरिक्त “वॉर रिस्क चार्ज” लगा रही हैं. इसके अलावा Strait of Hormuz में व्यापार प्रभावित होने से जहाजों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है, जिससे ट्रांसपोर्ट लागत और बढ़ रही है. होर्मुज स्ट्रेट कीमतों में पहले ही दिखने लगा असर बाजार में इसका असर दिखाई भी देने लगा है. रिपोर्ट के मुताबिक पाम ऑयल की कीमत करीब 5% बढ़ चुकी है, जबकि सनफ्लावर ऑयल करीब 16% महंगा हो गया है. वहीं कच्चा तेल फरवरी में करीब 66 डॉलर प्रति बैरल था, जो संकट के दौरान 120 डॉलर तक पहुंच गया और अभी भी करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है. एथेनॉल महंगा हुआ तो चीनी के दाम बढ़ सकते हैं दुनिया में सबसे ज्यादा गन्ने की खेती Brazil में होती है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक समाचार के अनुसार जब एथेनॉल की कीमतें बढ़ती हैं, तो गन्ना मिलें ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए चीनी बनाने के बजाय एथेनॉल बनाने पर ज्यादा ध्यान देने लगती हैं. अगर ऐसा होता है तो बाजार में चीनी की सप्लाई कम हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है. रिपोर्ट के अनुसार हाल के समय में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से एथेनॉल की मांग भी बढ़ गई है. एथेनॉल का इस्तेमाल ईंधन के तौर पर भी किया जाता है, इसलिए तेल महंगा होने पर इसकी मांग बढ़ जाती है. इसी वजह से हाल ही में एथेनॉल की कीमतों में करीब 10% तक उछाल देखा गया है. यूरिया के दाम में तेज बढ़ोतरी दूसरी ओर, उर्वरक यानी खाद की कीमतों पर भी असर पड़ रहा है. तेल और गैस की रिफाइनिंग के दौरान सल्फर बड़ी मात्रा में निकलता है, जिसका इस्तेमाल खाद बनाने और कई फैक्ट्रियों में किया जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में मौजूद सल्फर का करीब आधा हिस्सा इस समय Strait of Hormuz के आसपास फंसा हुआ है. यह रास्ता ग्लोबल मार्केट के लिए बेहद अहम माना जाता है. दुनिया में बिकने वाली करीब एक-तिहाई यूरिया इसी रास्ते से होकर गुजरती है. यूरिया का बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व में बनता है, क्योंकि प्राकृतिक गैस उर्वरक उत्पादन का सबसे अहम कच्चा माल है. इसी वजह से क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद यूरिया की कीमतों में करीब 35% तक की बढ़ोतरी हो चुकी है. अगर हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहते हैं, तो खाद के दाम और बढ़ सकते हैं, जिससे खेती की लागत पर भी असर पड़ सकता है. Also Read : 1 अप्रैल से बदल जाएंगे फास्टैग पास के रेट, जानें अब कितना लगेगा चार्ज The post थाली पर मंडराया महंगाई का खतरा, युद्ध से तेल-चीनी और खाद महंगे हो सकते हैं appeared first on Naya Vichar.

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डैंड्रफ से हैं परेशान? ट्राई करें न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह का ये आयुर्वेदिक स्कैल्प पैक

Ayurvedic Scalp Pack: डैंड्रफ सिर की त्वचा यानी स्कैल्प पर होने वाली आम समस्या है. ये प्रॉब्लम बालों की खूबसूरती को कम कर देती है और कई बार सिर में खुजली की परेशानी भी होने लगती है. सिर में डैंड्रफ है और आपने काले या डार्क कलर के कपड़े पहनें हैं, तो ये कपड़ों पर गिरकर साफ दिखाई देता है, जिससे शर्मिंदगी महसूस हो सकती है. अगर आप भी डैंड्रफ से परेशान हैं तो न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह का आयुर्वेदिक स्कैल्प पैक को ट्राई कर सकते हैं. इस पैक के बारे में उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया है. स्कैल्प पैक बनाने के लिए क्या सामग्री चाहिए? 1 टेबलस्पून त्रिफला पाउडर 1 टेबलस्पून ताजे नीम के पत्तों का पेस्ट 2–3 टेबलस्पून छाछ 1 टीस्पून भीगी हुई मेथी का पेस्ट 1 टेबलस्पून ताजा एलोवेरा जेल स्कैल्प पैक को कैसे तैयार करें? स्कैल्प पैक बनाने के लिए एक छोटे से बर्तन में त्रिफला पाउडर, नीम पेस्ट और मेथी का पेस्ट मिलाएं. फिर इसमें छाछ और एलोवेरा जेल को डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर स्मूद पेस्ट तैयार कर लें.  कैसे इस्तेमाल करें?  स्कैल्प पैक को इस्तेमाल करने के लिए आप इसे अपने स्कैल्प पर लगाएं. इसे आप स्कैल्प पर 20 से 25 मिनट तक लगाकर रखें. इसके बाद आप गुनगुने पानी से धो लें. इस पैक का इस्तेमाल आप हफ्ते में 1-2 बार कर सकते हैं.  पैक से मिलने वाले फायदे  इस पैक को बनाने के लिए त्रिफला का इस्तेमाल किया है जो स्कैल्प को डिटॉक्स करने में मदद करता है.  नीम में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो डैंड्रफ को कम करने में मदद करते हैं.  मेथी के दाने बालों की जड़ों को पोषण देते हैं और रूसी को कम करने में मदद करते हैं.  छाछ स्कैल्प के ऑयल बैलेंस को बनाए रखने में मदद करती है और सिर की त्वचा को ठंडक पहुंचाती है.  एलोवेरा स्कैल्प को हाइड्रेट करता है, जलन और खुजली को शांत करता है.  इसके साथ ये पैक डैंड्रफ से होने वाले हेयर फॉल को कम करने में मदद करता है और बिना केमिकल के स्कैल्प को साफ रखने में सहायक है.  View this post on Instagram A post shared by Shweta Shah (@shweta_shah_nutritionist) ये भी पढ़ें: Hair Growth Secrets: बाल झड़ना रुकेंगे और घुटनों तक होंगे लंबे, बस नारियल तेल में मिलाकर लगाएं ये 1 सस्ती चीज ये भी पढ़ें:  Hair Solutions: कम उम्र में सफेद हो रहे हैं बाल? बस एक बार आजमाएं ये देसी नुस्खा, जड़ से काले और घने होंगे बाल The post डैंड्रफ से हैं परेशान? ट्राई करें न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह का ये आयुर्वेदिक स्कैल्प पैक appeared first on Naya Vichar.

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घर बैठे पाएं कोरियन ग्लास स्किन, लगाएं मानसी का बताया राइस फेस मास्क 

Rice Face Mask for Pigmentation: स्किन से जुड़ी समस्याएं जैसे पिगमेंटेशन, दाग-धब्बे और टैनिंग से बहुत लोग परेशान रहते हैं. इससे छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार पैसे खर्च करने के बाद भी कोई अच्छा रिजल्ट नहीं मिल पाता. ऐसे में घर पर कुछ चीजों से बनाया गया चावल का फेस मास्क त्वचा की देखभाल के लिए सही हो सकता है. चावल से बना फेस मास्क त्वचा को साफ, मुलायम और चमकदार बनाने में मदद करता है. कंटेंट क्रिएटर मानसी शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @healthy_tipswithme पर इस राइस फेस मास्क को बनाने का तरीका बताया है. उन्होंने बताया है कि अगर आप इस फेस मास्क को रेगुलर इस्तेमाल करते हैं तो आपको कोरियन जैसी ग्लास स्किन पाने में मदद मिल सकती है.  राइस फेस मास्क कैसे बनाएं? सबसे पहले चावल को अच्छे से पानी में धो लें. इसके बाद एक बर्तन में पानी डालकर चावल को उबालें और इसे तब तक पकने दें जब तक चावल अच्छी तरह से नरम होकर ओवरकुक न हो जाएं.  अब इसे ठंडा होने के बाद ग्राइंडर में डालें. फिर इसमें कच्चा दूध डालकर अच्छे से ग्राइन्ड करके स्मूथ पेस्ट बना लें. अब आप इसे एक कटोरी में डालकर ऊपर से शहद मिलाएं. अब तैयार है आपका राइस फेस मास्क. इसे आप स्टोर करके 7 दिनों के लिए भी रख सकते हैं. View this post on Instagram A post shared by Mansi Sharma (@healthy_tipswithme) यह भी पढ़ें: अब घर पर करें वैक्सिंग, बनाएं क्रिएटर मानसी शर्मा का बताया होममेड वैक्स  यह भी पढ़ें- 7 दिन में चमकाएं पूरी बॉडी, फॉलो करें मानसी शर्मा का पॉलिशिंग पैक Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. यह किसी भी तरह से चिकित्सा सलाह (Medical Advice) का विकल्प नहीं है. बालों या त्वचा से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह अवश्य लें. किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले अपनी सुविधा और एलर्जी की स्थिति को ध्यान में रखें. The post घर बैठे पाएं कोरियन ग्लास स्किन, लगाएं मानसी का बताया राइस फेस मास्क  appeared first on Naya Vichar.

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खून से लथपथ मिले पुनीत सुपरस्टार, कार का शीशा चकनाचूर, जानिए कैसे हुआ एक्सीडेंट?

Puneet Superstar: सोशल मीडिया की दुनिया में कभी-कभी ऐसे वीडियो सामने आ जाते हैं जो देखते ही देखते वायरल हो जाते हैं. हाल ही में इंटरनेट पर एक ऐसा ही वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पुनीत सुपरस्टार घायल हालत में दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आते ही उनके फॉलोअर्स चिंता में पड़ गए हैं.  वायरल वीडियो ने बढ़ाई लोगों की चिंता View this post on Instagram A post shared by puneet super star (@puneetsuperr_star) वायरल हो रहे वीडियो में पुनीत सुपरस्टार एक कार के अंदर बैठे नजर आ रहे हैं. उनके सिर से खून निकलता हुआ दिखाई दे रहा है और कार का आगे का शीशा भी पूरी तरह टूटा हुआ नजर आता है. वीडियो में वह दर्द से चिल्लाते और कराहते भी दिखाई देते हैं, जबकि आसपास मौजूद कुछ लोग उनका वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं. यही वजह है कि कई लोगों को लगा कि पुनीत का सच में एक्सीडेंट हो गया है. खुद शेयर किए वीडियो बता दें, पुनीत सुपरस्टार ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दो वीडियो शेयर किया हैं. इन्हें देखने के बाद उनके फॉलोअर्स और भी ज्यादा परेशान हो गए और कई लोगों ने कमेंट कर उनकी सेहत को लेकर चिंता भी जताई है. क्या है वायरल वीडियो की असलियत? हालांकि, इस पूरे मामले की सच्चाई कुछ और ही है. दरअसल यह कोई असली एक्सीडेंट नहीं बल्कि सिर्फ एक कंटेंट वीडियो है. पुनीत सुपरस्टार ने यह वीडियो रील बनाने के लिए शूट किया है. वह अक्सर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह के अजीब और चौंकाने वाले वीडियो बनाते रहते हैं, जिनकी वजह से वह हमेशा चर्चा में भी रहते हैं. यही कारण है कि इस बार भी उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया. यह भी पढे़ं: बादशाह को गिरफ्तार करने का ऑर्डर, पासपोर्ट भी होगा जब्त, आयोग के सामने नहीं हुए पेश The post खून से लथपथ मिले पुनीत सुपरस्टार, कार का शीशा चकनाचूर, जानिए कैसे हुआ एक्सीडेंट? appeared first on Naya Vichar.

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मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर राख में मिला देंगे… खार्ग हमले के बाद भड़का ईरान, ट्रंप ने शेयर किया वीडियो

Iran War Kharg Island: अमेरिका ने ईरान के ऑयल इकॉनमी के क्राउन ज्वेल खार्ग आईलैंड पर शुक्रवार को हमला किया. इस हमले में यूएस एयरफोर्स ने खार्ग द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को इस हमले का वीडियो साझा किया, जिसमें जमीन पर मौजूद ठिकानों पर बम गिराए जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. यह आईलैंड से ईरान 90 प्रतिशत तेल निर्यात करता है. इस घटना के बाद ईरान ने चेतावनी दी कि अगर उसके तेल कंपनियों की फैसिलिटीज को निशाना बनाया गया तो वह मिडिल ईस्ट में उनके ऊर्जा ठिकानों पर जवाबी हमले करेगा. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि यह ईरान पर किए गए अमेरिकी हमलों का ‘अनक्लासिफाइड’ यानी सार्वजनिक किया गया फुटेज है. काले-सफेद रंग के इस वीडियो में कई जगहों पर बम गिरने के बाद बड़े विस्फोट और घना धुआं उठता नजर आता है. हालांकि, ट्रंप ने इस वीडियो के साथ कोई कैप्शन नहीं दिया, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका कि यह फुटेज खास तौर पर खार्ग द्वीप पर हुए हमलों का ही है या नहीं. New media post from Donald J. Trump (TS: 13 Mar 21:22 ET)​​​‍​​‌‍​​‌‍​​​​​​​‌‍​​​‌‍​​​‌‍​​​​​‌‍​​​​​​​​​​‌‍​‌‍​​​​​​‌‍​​​​​​​​‌‍​​‌‍​​​​​​​​​​‌‍​​​​​‌‍​​​​​​​‌‍​​​​​​​​​​‌‍​​‌‍​​​​​​​​​​‌‍ pic.twitter.com/MqjVf6pbI1 — Commentary: Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) March 14, 2026 पूरी तरह राख में मिला देंगे इस हमले के बाद, ईरान के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के एक प्रवक्ता ने कहा कि यदि ईरान के तेल ढांचे को निशाना बनाया गया तो तेहरान पूरे क्षेत्र में उन ऊर्जा सुविधाओं पर हमला करेगा, जिन्हें अमेरिकी स्वामित्व वाली कंपनियां संचालित करती हैं या जो अमेरिका के साथ सहयोग करती हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे ठिकानों को ‘पूरी तरह नष्ट कर राख में बदल दिया जाएगा.’ ट्रंप का बड़ा बमबारी अभियान का दावा इससे पहले ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में बताया था कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया है. उन्होंने लिखा, ‘कुछ ही समय पहले मेरे निर्देश पर यूएस सेंट्रल कमांड ने मिडिल ईस्ट के इतिहास के सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियानों में से एक को अंजाम दिया और ईरान के ‘क्राउन ज्वेल’ कहे जाने वाले खार्ग द्वीप पर मौजूद हर सैन्य लक्ष्य को पूरी तरह नष्ट कर दिया.’ ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने जानबूझकर द्वीप के तेल ढांचे को निशाना नहीं बनाया. हालांकि, अगर ईरान या कोई और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालने की कोशिश करता है, तो मैं इस फैसले पर तुरंत दोबारा विचार करूंगा. इससे पहले ट्रंप ने यह धमकी भी दी थी कि अगर, ईरान रणनीतिक रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही रोकता है, तो खार्ग द्वीप के तेल ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है. यह वही समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और एलएनजी गुजरता है. ईरान ने हमले की पुष्टि की, लेकिन तेल ढांचे को नुकसान से किया इनकार ईरानी मीडिया ने भी पुष्टि की कि शुक्रवार को खार्ग द्वीप पर हवाई हमले किए गए थे. ईरान की प्रशासनी समाचार एजेंसी फारस न्यूज एजेंसी ने बताया कि खार्ग द्वीप पर 15 से अधिक विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, लेकिन अमेरिकी हमलों में तेल ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. रिपोर्ट के अनुसार हमलों का लक्ष्य सैन्य ठिकाने थे, जिनमें सेना की रक्षा प्रणाली, जोशन समुद्री बेस, हवाई अड्डे का कंट्रोल टावर और हेलीकॉप्टर हैंगर शामिल थे.  घटनास्थल से घना धुआं उठता देखा गया. हालांकि ईरानी रिपोर्टों में कहा गया कि ‘तेज धमाकों के बावजूद द्वीप के किसी भी तेल ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा.’ हमले में कितने लोग हताहत हुए या अन्य किस प्रकार का नुकसान हुआ, इसके बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी जारी नहीं की गई है. ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान और दुनिया के सामने गिड़गिड़ा रहा US, ईरानी विदेश मंत्री ने ट्रंप प्रशासन पर कसा तंज खार्ग आईलैंड पर हमले के बाद और भड़क सकता है युद्ध खार्ग द्वीप ईरान के तट से लगभग 26 किलोमीटर दूर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से करीब 483 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है. बढ़ते तनाव के बावजूद ईरान ने कच्चे तेल का निर्यात जारी रखा है, जबकि खाड़ी क्षेत्र के कई अन्य उत्पादकों ने संभावित ईरानी हमलों के डर से अपनी आपूर्ति रोक दी है. खार्ग द्वीप पर अमेरिका के हमले से पहले ही तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके इस संघर्ष के और भड़कने का खतरा बढ़ गया है. विश्लेषकों का कहना है कि अगर वहां तेल आपूर्ति बाधित होती है तो पहले से तेजी से बढ़ रही वैश्विक तेल कीमतें ‘नियंत्रण से बाहर’ हो सकती हैं. खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले ऐसे समय हुए जब ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक बयान में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की कसम खाई है. उन्होंने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी कि वे अपने यहां मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद करें, अन्यथा उन्हें निशाना बनाया जा सकता है. ये भी पढ़ें:- मिडिल ईस्ट में आ रहा एक और US वॉरशिप और 2500 कमांडो, क्या है ट्रंप का इरादा? अमेरिका ने भेजी अतिरिक्त सुरक्षा इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा जल्द ही दी जा सकती है. इसके बाद ही यह सूचना सामने आई, जिसमें पेंटागन ने बताया कि वह मिडिल ईस्ट में एक मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट भेज रहा है, जिसमें आमतौर पर करीब 2,500 मरीन और नौसैनिक शामिल होते हैं. इसके साथ ही यूएसएस त्रिपोली भी जापान से रवाना कर दिया गया है.  The post मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर राख में मिला देंगे… खार्ग हमले के बाद भड़का ईरान, ट्रंप ने शेयर किया वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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