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Author name: Vinod Jha

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पटना में गैस की किल्लत पर सड़क जाम, सिलेंडर लेकर सड़क पर उतरे लोग, बिहार के कई जिलों में हाहाकार

LPG Cylinder Crisis: देशभर में एलपीजी गैस की किल्लत का असर अब बिहार में भी साफ दिखाई देने लगा है. पटना में गैस नहीं मिलने से नाराज लोगों ने सड़क पर उतरकर हंगामा कर दिया. हालात इतने बिगड़ गए कि लोगों ने गैस सिलेंडर लेकर ही सड़क जाम कर दिया. सिलेंडर लेकर सड़क पर बैठे लोग, यातायात हुआ ठप दरअसल, बड़ी संख्या में लोग गैस लेने के लिए एक एजेंसी पर पहुंचे थे, लेकिन वहां ताला लटका मिला. इससे नाराज लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित लोग अपने-अपने गैस सिलेंडर लेकर बीच सड़क पर बैठ गए और जाम लगा दिया. कुछ ही देर में सड़क पर लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया. पुलिस पहुंची मौके पर, समझाकर हटवाया जाम सूचना मिलने के बाद पीरबहोर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की और काफी देर तक बातचीत के बाद किसी तरह जाम हटवाया. लोगों का कहना था कि कई दिनों से गैस नहीं मिल रही है, जिससे घर में खाना बनाना मुश्किल हो गया है. किशनगंज में एजेंसी के बाहर 500 मीटर लंबी लाइन गैस की कमी का असर सिर्फ पटना तक सीमित नहीं है. किशनगंज में भी गैस एजेंसी के बाहर करीब 500 मीटर लंबी लाइन देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि दो दिनों से गैस बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार सर्वर डाउन बता रहा है. ऐसे में उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है. दरभंगा में सुबह 6 बजे से लाइन, मारामारी की नौबत दरभंगा में भी हालात चिंताजनक हैं. वहां सुबह 6 बजे से ही लोग गैस एजेंसी के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो रहे हैं. सिलेंडर की कमी के कारण कई जगहों पर उपभोक्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और मारामारी की नौबत तक आ गई है. मोतिहारी में अवैध रिफिलिंग करते दुकानदार गिरफ्तार मोतिहारी में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एक किराना दुकानदार को गिरफ्तार किया है. उस पर अवैध तरीके से गैस सिलेंडर की रिफिलिंग करने का आरोप है. छापेमारी के दौरान दुकान से 3 खाली सिलेंडर, 1 भरा सिलेंडर, 4 नोजल और 11 छोटे रेगुलेटर बरामद किए गए हैं. खगड़िया में पुलिस की निगरानी में सिलेंडर वितरण खगड़िया में हालात को संभालने के लिए पुलिस की निगरानी में गैस सिलेंडर बांटे जा रहे हैं. वहीं जमुई में लाइन में खड़ी स्त्रीओं का कहना है कि 8-8 घंटे इंतजार करने के बाद भी गैस नहीं मिल रही. इससे घरों में चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है. गैस की कमी से बाजार में लकड़ी-कोयले की मांग बढ़ी इधर गैस की कमी का असर बाजार पर भी दिखने लगा है. कई जगहों पर लोग मजबूरी में लकड़ी और कोयले की तरफ लौट रहे हैं. इसकी मांग अचानक बढ़ने से इनके दाम भी तेजी से बढ़ गए हैं. वहीं इंडक्शन चूल्हे की कीमतें भी कई दुकानों में लगभग पांच गुना तक बढ़ गई हैं. Also Read: मिसाइल हमले में बिहार के मरीन इंजीनियर की इराक में मौत, अंतिम दर्शन के लिए तरस रहा परिवार The post पटना में गैस की किल्लत पर सड़क जाम, सिलेंडर लेकर सड़क पर उतरे लोग, बिहार के कई जिलों में हाहाकार appeared first on Naya Vichar.

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कल का राशिफल 15 मार्च 2026: इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें सभी 12 राशियों का भविष्य

Kal Ka Rashifal 15 March 2026: कल सूर्योदय कालीन ग्रहों की बात करें तो सूर्य के साथ शुक्र और शनि मीन राशि में रहेंगे. मंगल, बुध, राहु कुम्भ राशि में विराजमान है, चंद्रमा मकर राशि संचरण करेंगे. देव गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में हैं और केतु सिंह राशि में मौजूद रहेंगे. कल का मेष राशिफल मेष राशि: कल चंद्रमा आपकी राशि से दसवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे कार्यक्षेत्र और करियर से जुड़े मामलों में सक्रियता बढ़ेगी. आपके भीतर उत्साह और ऊर्जा अधिक रहेगी. कार्यस्थल पर आपकी मेहनत और लगन से महत्वपूर्ण काम समय पर पूरे हो सकते हैं. आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेना उचित रहेगा.शुभ अंक: 4शुभ रंग: लाल कल का वृषभ राशिफल वृषभ राशि: कल चंद्रमा आपकी राशि से नौवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे भाग्य का सहयोग मिलने की संभावना बढ़ेगी. धैर्य और विवेक से काम लेने का दिन रहेगा. कार्यक्षेत्र में कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. आर्थिक स्थिति सामान्य बनी रहेगी. परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी.शुभ अंक: 6शुभ रंग: हरा कल का मिथुन राशिफल मिथुन राशि: कल चंद्रमा आपकी राशि से आठवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे दिन थोड़ा सावधानी से बिताने की आवश्यकता हो सकती है. कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं की सराहना होगी. आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी. परिवार में हंसी-खुशी का माहौल रहेगा और किसी प्रियजन से मुलाकात संभव है.शुभ अंक: 5शुभ रंग: पीला कल का कर्क राशिफल कर्क राशि: कल चंद्रमा आपकी राशि से सातवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे साझेदारी और दांपत्य जीवन से जुड़े मामलों में संतुलन बना रहेगा. व्यापार में भी लाभ की स्थिति बन सकती है. आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं. परिवार में सौहार्दपूर्ण वातावरण रहेगा और सभी का सहयोग मिलेगा.शुभ अंक: 2शुभ रंग: सफेद कल का सिंह राशिफल सिंह राशि: कल चंद्रमा आपकी राशि से छठे भाव में स्थित रहेंगे, जिससे कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, लेकिन आप अपने आत्मविश्वास से परिस्थितियों को संभाल लेंगे. आर्थिक स्थिति में मजबूती आने की संभावना है. परिवार में किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी का वातावरण बनेगा.शुभ अंक: 1शुभ रंग: सुनहरा कल का कन्या राशिफल कन्या राशि: कल चंद्रमा आपकी राशि से पांचवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे रचनात्मकता और बुद्धिमत्ता में वृद्धि होगी. नौकरी में आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है. आर्थिक मामलों में सावधानी रखना उचित होगा. प्रेम जीवन में आपसी समझ बढ़ेगी. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा.शुभ अंक: 3शुभ रंग: हरा कल का तुला राशिफल तुला राशि: कल चंद्रमा आपकी राशि से चौथे भाव में स्थित रहेंगे, जिससे घर-परिवार से जुड़े मामलों पर आपका ध्यान अधिक रहेगा. आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी. परिवार में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा. प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी और रिश्तों में विश्वास मजबूत होगा.शुभ अंक: 7शुभ रंग: गुलाबी कल का वृश्चिक राशिफल वृश्चिक राशि: कल चंद्रमा आपकी राशि से तीसरे भाव में स्थित रहेंगे, जिससे साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. व्यापार में धीरे-धीरे प्रगति होगी। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी. परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है. प्रेम जीवन में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा.शुभ अंक: 8शुभ रंग: नीला कल का धनु राशिफल धनु राशि: कल चंद्रमा आपकी राशि से दूसरे भाव में स्थित रहेंगे, जिससे आर्थिक और पारिवारिक मामलों पर आपका ध्यान अधिक रहेगा. नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्य में सराहना मिल सकती है. आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. परिवार के साथ समय बिताने से आनंद मिलेगा. प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी.शुभ अंक: 9शुभ रंग: पीला कल का मकर राशिफल मकर राशि: कल चंद्रमा आपकी ही राशि में प्रथम भाव में स्थित रहेंगे, जिससे आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में निखार आएगा. कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी. आर्थिक मामलों में स्थिति बेहतर हो सकती है. परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और सभी का सहयोग मिलेगा. प्रेम जीवन में विश्वास बढ़ेगा.शुभ अंक: 5शुभ रंग: भूरा कल का कुंभ राशिफल कुंभ राशि: कल चंद्रमा आपकी राशि से बारहवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे खर्चों और मानसिक चिंतन में वृद्धि हो सकती है. कार्यक्षेत्र में आपको अपने कार्यों का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है. व्यापार में भी नए अवसर सामने आ सकते हैं. आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी. परिवार में प्रसन्नता का माहौल रहेगा.शुभ अंक: 6शुभ रंग: बैंगनी कल का मीन राशिफल मीन राशि: कल चंद्रमा आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में स्थित रहेंगे, जिससे आय और लाभ के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं. कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास सफल हो सकते हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है. प्रेम जीवन में विश्वास और समझ बढ़ेगी.शुभ अंक: 2शुभ रंग: आसमानी Also Read: पापमोचनी एकादशी 2026 पर किस राशि को क्या दान करना होगा शुभ The post कल का राशिफल 15 मार्च 2026: इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें सभी 12 राशियों का भविष्य appeared first on Naya Vichar.

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गैस सिलेंडर चलेगा 10 दिन ज्यादा! आज ही अपनाएं ये 3 छोटे बदलाव और करें भारी बचत

Gas Saving Tips: आज के समय में घर का बजट संभालना एक बड़ी चुनौती है और रसोई गैस के बढ़ते दाम इसमें और इजाफा कर देते हैं. अक्सर हमें पता भी नहीं चलता और सिलेंडर समय से पहले ही खत्म हो जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किचन की कुछ छोटी-छोटी आदतों को बदलकर आप गैस की बड़ी बचत कर सकते हैं. आज के इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे ही 3 आसान और बदलावों के बारे में बताएंगे, जिन्हें अपनाने के बाद आपका गैस सिलेंडर कम से कम 10 दिन ज्यादा चलेगा. ये तरीके न केवल आपके पैसों की बचत करेंगे, बल्कि खाना पकाने के काम को भी आसान बना देंगे. अगर आप भी गैस सिलेंडर जल्दी खत्म होने की समस्या से परेशान हैं, तो इन टिप्स को आज ही आजमाएं. बर्तन को ढककर खाना पकाएं यह सबसे आसान और प्रभावी तरीका है. जब आप बिना ढके खाना पकाते हैं, तो भाप के साथ गर्मी बाहर निकल जाती है और खाना पकने में अधिक समय लेता है. फायदा: बर्तन को ढककर पकाने से भाप अंदर बनी रहती है, जिससे खाना जल्दी पकता है और लगभग 15% से 20% गैस की बचत होती है. हमेशा पैन या कढ़ाई के आकार का ही ढक्कन इस्तेमाल करें. सूखी चीजों को पहले से भिगोकर रखें दाल, राजमा, छोले या चावल जैसी चीजों को पकाने में सबसे ज्यादा गैस खर्च होती है. अगर आप इन्हें सीधे कुकर में डाल देती हैं, तो इन्हें गलने में बहुत समय लगता है. स्मार्ट हैक: खाना बनाने से कम से कम 30 मिनट से 1 घंटा पहले दाल या चावल को पानी में भिगो दें. ऐसा करने से वे नरम हो जाते हैं और बहुत कम समय में पक जाते हैं. यह छोटा सा बदलाव महीने भर में आपके सिलेंडर की उम्र बढ़ा देगा. गैस के बर्नर की सफाई है सबसे जरूरी क्या आपके गैस चूल्हे की लौ पीली या नारंगी दिखती है? अगर हां, तो समझ लीजिए कि आपका बर्नर गंदा है और गैस बर्बाद हो रही है. नीली लौ का मतलब है कि गैस सही तरीके से जल रही है. क्या करें: हफ्ते में एक बार पुराने टूथब्रश और नींबू या सिरके की मदद से बर्नर के छेदों को साफ करें. बर्नर के छेद बंद होने से दबाव बढ़ता है और गैस लीक होने जैसा नुकसान होता है. साफ बर्नर न केवल तेज आंच देता है बल्कि गैस की खपत को भी कंट्रोल करता है. ये भी पढ़ें: Kitchen Hacks: क्या आपके भी पराठे बेलते समय फट जाते हैं? अपनाएं ये जादुई ट्रिक और बनाएं ढाबा जैसे नरम पराठे Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. नया विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है. The post गैस सिलेंडर चलेगा 10 दिन ज्यादा! आज ही अपनाएं ये 3 छोटे बदलाव और करें भारी बचत appeared first on Naya Vichar.

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वंशिका संग सात फेरे लेंगे कुलदीप, शादी में लगेगा सितारों का जमावड़ा

Highlights शादी में पारंपरिक सजावट  रिंकू, चहल और रैना पहुंचे, कोहली-रोहित का इंतजार आयोजन स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम  मेलबर्न से पढ़ी हैं कुलदीप की होने वाली पत्नी  Kuldeep Yadav Wedding: कुलदीप यादव शनिवार आज शाम अपनी बचपन की दोस्त वंशिका चड्ढा के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. यह विवाह समारोह मसूरी के जाने-माने सेवाय होटल में आयोजित हो रहा है. कुलदीप और वंशिका के परिवार वाले विवाह स्थल पर पहुंच चुके हैं और प्री-वेडिंग कार्यक्रम भी शुरू हो गए हैं. कुलदीप की शादी की मुख्य रस्में शाम छह बजे से शुरू होंगी. शादी में पारंपरिक सजावट  शादी समारोह के लिए होटल को ताजे फूलों, सुंदर लाइट और पारंपरिक सजावट से बहुत अच्छे तरीके से सजाया गया है. होटल प्रबंधन ने मेहमानों के स्वागत के लिए बड़े स्तर पर इंतजाम किए हैं. शादी में आने वाले मेहमानों के लिए कई तरह के व्यंजनों के साथ-साथ उत्तराखंड के खास पहाड़ी खाने की भी व्यवस्था की गई है.  रिंकू, चहल और रैना पहुंचे, कोहली-रोहित का इंतजार इस शादी में हिंदुस्तानीय टीम के कई बड़े खिलाड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. रिंकू सिंह अपनी मंगेतर प्रिया सरोज के साथ मसूरी में मौजूद हैं. इनके साथ ही युजवेंद्र चहल, फील्डिंग कोच टी दिलीप और सुरेश रैना भी कार्यक्रम में पहुंच चुके हैं. मोहम्मद कैफ भी देहरादून आ गए हैं.  उम्मीद जताई जा रही है कि विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, सुनील गावस्कर और सूर्यकुमार यादव भी समारोह में शामिल होंगे. इनके अलावा नीतीश राणा, मोहित शर्मा, जीतेश शर्मा, रवींद्र जडेजा और आरपी सिंह के आने की भी संभावना है. आयोजन स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम  दिग्गज क्रिकेटरों की लिस्ट को देखते हुए मसूरी के इस होटल में सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी गई है. होटल परिसर में केवल आमंत्रित मेहमानों को ही प्रवेश दिया जा रहा है. स्थानीय प्रशासन और होटल प्रबंधन ने मिलकर पूरे कार्यक्रम को शांति से संपन्न कराने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. बाहर के किसी भी व्यक्ति को होटल के अंदर जाने की अनुमति नहीं है. मेलबर्न से पढ़ी हैं कुलदीप की होने वाली पत्नी  कुलदीप यादव और वंशिका चड्ढा दोनों एक दूसरे को बचपन से जानते हैं. वंशिका चड्ढा ने अपनी पढ़ाई ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर से की है. अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद वह वर्तमान में हिंदुस्तानीय जीवन बीमा निगम (LIC) में काम कर रही हैं. अब यह दोनों हमेशा के लिए एक नए जीवन की शुरुआत करने वाले हैं. ये भी पढ़ें- लाइव मैच में हादसा, दर्द से कराह उठा पाकिस्तानी, स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा अस्पताल Fact Check: क्या शुभमन गिल ने टी20 वर्ल्ड कप सेलिब्रेशन फोटो से संजू सैमसन को हटाया? The post वंशिका संग सात फेरे लेंगे कुलदीप, शादी में लगेगा सितारों का जमावड़ा appeared first on Naya Vichar.

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Swiggy-Zomato पर ग्राहकों को नहीं मिल रहा पसंदीदा खाना, LPG की किल्लत का असर

LPG Crisis: ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब हिंदुस्तान में भी दिखने लगा है. कई शहरों में कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी हो गई है, जिसका सीधा असर रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन पर पड़ रहा है. गैस की सप्लाई कम होने से कई रेस्टोरेंट अपना पूरा मेन्यू नहीं चला पा रहे हैं. इसका असर फूड डिलीवरी ऐप्स पर भी दिख रहा है और ऑर्डर कम होने लगे हैं. डिलीवरी करने वाले गिग वर्कर्स का कहना है कि पहले जहां उन्हें दिन में करीब 30 ऑर्डर मिल जाते थे, अब वही घटकर 5 से 10 ऑर्डर रह गए हैं. कई रेस्टोरेंट ने गैस बचाने के लिए अपने मेन्यू से रोटी, डोसा और पूरी जैसे ज्यादा गैस में बनने वाले खाने हटा दिए हैं. इससे ग्राहक भी मनपसंद खाना ऑर्डर नहीं कर पा रहे हैं. 50-60% तक ऑर्डर कैंसल गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन का कहना है कि गैस की कमी के कारण स्विगी और जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म पर 50-60% तक ऑर्डर कैंसल हो रहे हैं. इसकी वजह से डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई पर भी बड़ा असर पड़ा है. जो लोग पहले दिन में कई डिलीवरी करके अच्छी कमाई कर लेते थे, अब उन्हें मुश्किल से 4-5 डिलीवरी ही मिल पा रही हैं. गिग वर्कर्स ने प्रशासन से की 4 मांगें इस स्थिति को देखते हुए यूनियन ने प्रशासन के सामने 4 मांगें रखी हैं. प्रभावित गिग वर्कर्स को तुरंत ₹10,000 की आर्थिक मदद दी जाए. स्विगी और जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म पर आईडी डिएक्टिवेशन पर कम से कम 3 महीने की रोक लगाई जाए. इस दौरान डिलीवरी पार्टनर्स के लिए न्यूनतम आय या इंसेंटिव तय किया जाए. गैस की कमी से प्रभावित डिलीवरी पार्टनर्स, क्लाउड किचन स्टाफ और छोटे फूड कारोबारियों के लिए राहत पैकेज दिया जाए. रेस्टोरेंट किचन LPG पर काफी निर्भर जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज के मुताबिक देश की बड़ी क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) चेन में करीब 60 से 65% खाना LPG से ही पकाया जाता है. आम तौर पर इनके पास सिर्फ एक या दो हफ्ते का गैस स्टॉक ही होता है. रेस्टोरेंट किचन में लगभग 80% खाना एलपीजी सिलेंडर से बनता है, जबकि बाकी के लिए पाइपलाइन गैस जैसे विकल्प इस्तेमाल किए जाते हैं. इसलिए अगर गैस की सप्लाई थोड़ी भी रुकती है तो कुछ ही दिनों में किचन का काम प्रभावित होने लगता है. मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेक्टर देश की कुल LPG खपत का करीब 8 से 10% हिस्सा इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में गैस की कमी का असर सीधे फूड इंडस्ट्री और उससे जुड़े लाखों लोगों की कमाई पर पड़ रहा है. Also Read: क्या बढ़ेगी प्रशासनी कर्मचारियों की सैलरी ? जानिए फिटमेंट फैक्टर और DA का पूरा गणित The post Swiggy-Zomato पर ग्राहकों को नहीं मिल रहा पसंदीदा खाना, LPG की किल्लत का असर appeared first on Naya Vichar.

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AC चलाते हुए भी आधा हो सकता है बिजली बिल, जान लें ये 5 आसान तरीके

AC Electricity Bill: जैसे ही गर्मियों का मौसम करीब आता है एसी हमारे घर में आराम का सबसे जरूरी साथी बन जाता है. लेकिन अगर एसी का सही तरीके से इस्तेमाल ना किया जाए, तो बिजली का बिल काफी बढ़ सकता है. एसी चालू करना तो काफी आसान है, लेकिन इसे स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करना भी जरूरी है. गर्मी से राहत पाना मतलब बिल भी बढ़ाना नहीं. इसलिए, आइए जानते हैं कुछ आसान तरीके, जिन्हें अपनाकर आप एसी चलाते समय बिजली की काफी बचत कर सकते हैं.  AC का सही टेम्परेचर सेट करें कभी-कभी लगता है कि AC को 18°C पर सेट कर देंगे तो जल्दी ठंडक आ जाएगी. असल में ऐसा करने से रूम जल्दी नहीं ठंडा होता, बस AC को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. ज्यादातर एक्सपर्ट्स यही कहते हैं कि 24-26°C सबसे बढ़िया रहता है. हर डिग्री कम करने से बिजली का बिल 6-10% तक बढ़ सकता है. AC के साथ पंखे भी चलाएं एसी ऑन होने पर भी पंखे बेकार नहीं होते. छत या टेबल फैन ठंडी हवा को पूरे कमरे में फैलाने में मदद करते हैं. ऐसा करते ही पूरा कमरा बराबर ठंडा लगने लगता है. और सबसे बढ़िया बात यह है कि पंखा चलाने से आप एसी का टेम्परेचर थोड़ा ऊपर भी रख सकते हैं. ऐसा करने से गर्मी बिल्कुल महसूस नहीं होगी. Smart Modes का सही इस्तेमाल करें ज्यादातर AC सिर्फ पावर और टेम्परेचर तक ही सीमित नहीं रहते. इनके Sleep mode, Eco mode और Timer जैसे स्मार्ट ऑप्शन आपकी मदद कर सकते हैं. Sleep mode रातभर धीरे-धीरे टेम्परेचर बढ़ाता है. इससे नींद आरामदायक रहती है और बिजली भी बचती है. Timer के जरिए आप AC को पहले से सेट कर सकते हैं कि कब बंद हो जाए. Dry mode कमरे की नमी को कम करता है वो भी बिना ज्यादा ठंडा किए. गर्मी को रूम में घुसने से रोकें सूरज की सीधी रोशनी कमरे को जल्दी गर्म कर देती है. इसलिए सुबह और दोपहर में परदे, ब्लाइंड्स या रिफ्लेक्टिव विंडो फिल्म्स जरूर लगाएं. सिर्फ ब्लैकआउट कर्टेन ही बहुत फर्क डाल सकते हैं. साथ ही, खिड़कियों या दरवाजों के फटे हिस्सों पर ध्यान दें. ये दरारें ठंडी हवा को बाहर और गर्म हवा को अंदर आने देती हैं. एसी की सर्विसिंग जरूर कराएं आपका एसी भी थोड़ा ध्यान चाहता है. फिल्टर साफ करना, कॉइल चेक करना और सर्विस करवाना जैसे छोटे-छोटे काम बड़े प्रॉब्लम्स को रोक सकते हैं. गंदा एसी जल्दी गरम हो जाता है, कभी-कभी चिंगारी मारता है या सर्किट ट्रिप भी कर सकता है. यह भी पढ़ें: एसी सर्विसिंग करवाते समय टेक्नीशियन से जरूर पूछे ये 5 सवाल, तभी मिलेगी सही कूलिंग The post AC चलाते हुए भी आधा हो सकता है बिजली बिल, जान लें ये 5 आसान तरीके appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में नशे के कारोबारियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स बनाएगी सरकार

रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट Special Task Force: झारखंड में नशे का अवैध कारोबार करने वालों के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. राज्य प्रशासन ने नशाखोरी के खिलाफ कड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली प्रशासन राज्य के प्रत्येक जिले में स्पेशल टास्कफोर्स का गठन करेगी, जो नशे के अवैध कारोबार और ड्रग्स तस्करी पर सख्ती से कार्रवाई करेगी. इससे युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने में मदद मिलेगी. विधानसभा में उठा नशाखोरी का मुद्दा शनिवार को यह मामला झारखंड विधानसभा में उठाया गया. भाजपा विधायक रोशन लाल चौधरी ने राज्य में बढ़ते ड्रग्स के अवैध व्यापार को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में ड्रग्स का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है और बड़ी संख्या में युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं. विधायक ने सदन में आंकड़े पेश करते हुए बताया कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच राज्य में ड्रग्स से जुड़े 2396 मामले दर्ज किए गए हैं. यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि राज्य में नशे का कारोबार एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है. प्रशासन ने जताई चिंता सदन में उठे सवाल का जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र ने कहा कि राज्य में नशाखोरी का बढ़ना वाकई चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि कई युवा नशे की लत में पड़कर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं. मंत्री ने बताया कि प्रशासन लगातार इस दिशा में कार्रवाई कर रही है. जांच के बाद अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और कई आरोपियों को जेल भी भेजा गया है. उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2026 में अब तक ड्रग्स से जुड़े 17 मामले सामने आ चुके हैं. टास्कफोर्स बनाने की उठी मांग इस मुद्दे पर भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने भी अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि राज्य में नशे की समस्या लगातार बढ़ रही है और कई जगहों पर स्थिति पुलिस के कंट्रोल से बाहर होती जा रही है. उन्होंने कहा कि नशे की लत के कारण कई युवा अपनी जान तक गंवा रहे हैं. नवीन जायसवाल ने सुझाव दिया कि इस समस्या से निपटने के लिए हर जिले में विशेष टास्कफोर्स का गठन किया जाना चाहिए, ताकि ड्रग्स के अवैध कारोबार पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके. इसे भी पढ़ें: झारखंड में पोटका के दो दोस्तों का कमाल, 10 बीघे में की तरबूज की खेती जिलों में बनेगी विशेष टीम मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन को आश्वस्त किया कि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी. उन्होंने कहा कि नशाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए जिलों में विशेष टीम का गठन किया जाएगा. प्रशासन की योजना है कि स्पेशल टास्कफोर्स के माध्यम से ड्रग्स तस्करी, नशे के अवैध कारोबार और इससे जुड़े नेटवर्क पर निगरानी रखी जाएगी. साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे. इसे भी पढ़ें: झारखंड में एसआईआर की तैयारी तेज, घर-घर जाएंगे बीएलओ The post झारखंड में नशे के कारोबारियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स बनाएगी प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में होमगार्ड बहाली की डेट जारी, चतरा जिले में 28 मार्च से 18 अप्रैल तक परीक्षा

चतरा से मो तसलीम की रिपोर्ट Chatra News: झारखंड के चतरा जिले में होमगार्ड जवानों की बहाली को लेकर शारीरिक जांच परीक्षा और लिखित परीक्षा की तिथि निर्धारित कर दी गई है. भर्ती प्रक्रिया 28 मार्च से शुरू होकर 18 अप्रैल तक चलेगी. इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों के अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता जांच और लिखित परीक्षा अलग-अलग तिथियों पर आयोजित की जाएगी. प्रशासन की ओर से इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होगी परीक्षा जिले में होमगार्ड बहाली से जुड़ी सभी परीक्षाएं चतरा स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की जाएंगी. जारी सूचना में उपायुक्त सह गृह रक्षक नवनामांकन समिति की अध्यक्ष कीर्तिश्री जी ने बताया कि सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि के अनुसार परीक्षा में शामिल होना होगा. भर्ती प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन ने विस्तृत व्यवस्था की है. उन्होंने बताया कि अलग-अलग प्रखंडों के अभ्यर्थियों के लिए अलग तिथियां तय की गई हैं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके. इसके साथ ही सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है. शारीरिक दक्षता में होंगे कई स्पोर्ट्स होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता की विस्तृत जांच की जाएगी. इस दौरान उम्मीदवारों को दौड़, हाई जंप, लॉन्ग जंप और भाला फेंक जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेना होगा. इन सभी गतिविधियों के माध्यम से अभ्यर्थियों की शारीरिक क्षमता और फिटनेस का मूल्यांकन किया जाएगा. इसके बाद लिखित परीक्षा भी आयोजित की जाएगी. लिखित परीक्षा में अभ्यर्थियों को श्रुतिलेख लिखवाया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा के संयुक्त मूल्यांकन के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा. आरएफआइडी तकनीक से होगी दौड़ की जांच इस बार भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा. अभ्यर्थियों की दौड़ की परीक्षा आरएफआइडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टैग तकनीक के माध्यम से कराई जाएगी. ट्रैक पर लगाए गए सेंसर और मशीनों के जरिए जैसे ही अभ्यर्थी दौड़ते हुए निर्धारित बिंदु से गुजरेंगे, उनका समय और प्रदर्शन स्वतः रिकॉर्ड हो जाएगा. इस तकनीक से दौड़ का परिणाम पूरी तरह सटीक और निष्पक्ष तरीके से दर्ज किया जा सकेगा. अधिकारियों का मानना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और किसी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की संभावना भी समाप्त हो जाएगी. अभ्यर्थियों को लाने होंगे जरूरी दस्तावेज भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि पर अपने साथ जरूरी दस्तावेज लेकर आना अनिवार्य होगा. अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र यानी ऑनलाइन पावती के साथ पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा. इसके अलावा, अभ्यर्थियों को अपने मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और दो रंगीन फोटो भी साथ लाने होंगे. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना आवश्यक दस्तावेज के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सुबह छह बजे से होगी रिपोर्टिंग जारी निर्देश के अनुसार सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा के दिन सुबह छह बजे तक स्टेडियम में रिपोर्ट करना होगा. समय पर पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को ही शारीरिक जांच और लिखित परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा. इसे भी पढ़ें: झारखंड में पोटका के दो दोस्तों का कमाल, 10 बीघे में की तरबूज की खेती प्रखंडवार परीक्षा की तिथियां कान्हाचट्टी प्रखंड: 28 मार्च 2026 (स्त्री एवं पुरुष अभ्यर्थी) गिद्धौर प्रखंड: 29 मार्च 2026 लावालौंग प्रखंड: 30 मार्च 2026 पत्थलगड्डा प्रखंड: 1 अप्रैल 2026 मयूरहंड प्रखंड: 2 अप्रैल 2026 कुंदा प्रखंड: 4 अप्रैल 2026 चतरा प्रखंड: 5 और 6 अप्रैल 2026 इटखोरी प्रखंड: 7 अप्रैल 2026 हंटरगंज प्रखंड: 8 और 9 अप्रैल 2026 सिमरिया प्रखंड: 10 और 11 अप्रैल 2026 प्रतापपुर प्रखंड: 13 और 15 अप्रैल 2026 टंडवा प्रखंड: 16 और 17 अप्रैल 2026 गैर तकनीकी शहरी-तकनीकी शहरी: 18 अप्रैल 2026 इसे भी पढ़ें: पैसों की कमी से बॉक्सिंग छोड़ने को मजबूर जमशेदपुर के दो सगे भाई, झारखंड को दिला चुके हैं चार राष्ट्रीय पदक The post झारखंड में होमगार्ड बहाली की डेट जारी, चतरा जिले में 28 मार्च से 18 अप्रैल तक परीक्षा appeared first on Naya Vichar.

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पुलिस का दावा: 130 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, पूर्व नेता बोले- मैंने सरेंडर नहीं किया, बल्कि मुझे…

Maoist Leaders Surrender: तेलंगाना में नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता सामने आई है. 7 मार्च को कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के 130 कैडरों ने आत्मसमर्पण कर दिया. तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक बी शिवधर रेड्डी के अनुसार, इन कैडरों ने पुलिस को 124 हथियार भी सौंपे, जिनमें इंसास राइफल और AK-47 राइफलें शामिल हैं. बताया गया कि इनमें से कई हथियार पहले पुलिस बल से लूटे गए थे. इस बीच पूर्व माओवादी नेता मल्ला राजिरेड्डी ने तेलंगाना पुलिस के सामने अपने आत्मसमर्पण की आधिकारिक कहानी को चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि उन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया था, बल्कि उन्हें गिरफ्तार किया गया था. राजिरेड्डी ने अपनी गिरफ्तारी की परिस्थितियों को याद करते हुए आरोप लगाया कि अक्सर वरिष्ठ माओवादियों को पकड़ने के बाद अधिकारियों द्वारा उनकी गिरफ्तारी को स्वेच्छा से किया गया आत्मसमर्पण बताया जाता है. उन्होंने कहा, ‘मैंने आत्मसमर्पण नहीं किया था, मुझे 18 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था. हमने तय किया था कि इस मुद्दे को कानून के दायरे में और अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाएगा. लेकिन जिसे भी पकड़ा जाता है, प्रशासन उसे आत्मसमर्पण बताकर पेश करती है.’ राजिरेड्डी के साथ ही तिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवूजी भी पकड़े गए. उन्होंने कहा कि कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी), जो लंबे समय से दूरदराज के इलाकों में वर्ग संघर्ष और गुरिल्ला युद्ध के जरिए सक्रिय रही है, उसके लिए अब अपनी पारंपरिक गतिविधियों को जारी रखना काफी कठिन हो सकता है. उनका मानना है कि संगठन खुले तौर पर सशस्त्र संघर्ष जारी रखने के बजाय गुप्त रूप से लोगों को संगठित कर सकता है. इसके लिए वह नए इलाकों में जाकर खुद को फिर से संगठित करने और पार्टी की आगे की रणनीति तय करने की कोशिश कर सकता है. कौन हैं देवूजी? एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य तिप्पिरी तिरुपति को देवूजी और कुम्मा दादा के नाम से भी जाना जाता है. 62 वर्षीय देवूजी ने अपने जीवन के लगभग 44 वर्ष भूमिगत रहते हुए बिताए हैं और वे माओवादी संगठन के सबसे वरिष्ठ जीवित नेताओं में गिने जाते हैं. तेलंगाना के जगतियाल जिले के कोरुतला क्षेत्र के रहने वाले देवूजी ने वर्ष 1978 में रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन के जरिए इस आंदोलन से जुड़ाव शुरू किया था. इसके बाद संगठन में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई.  उन्होंने 1980 के दशक में एक सशस्त्र दस्ते के सदस्य के रूप में काम शुरू किया और आगे चलकर सिरोंचा तथा पेरिमिला के वन क्षेत्रों में कमांडर की जिम्मेदारी संभाली. वर्ष  2001 तक वे संगठन के केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य बन गए थे. बाद में 2017 में उन्हें माओवादी पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली इकाई पोलित ब्यूरो में शामिल किया गया.  भविष्य में गुरिल्ला युद्ध लड़ना संभव नहीं- राजिरेड्डी वरिष्ठ माओवादी नेता और केंद्रीय समिति के सदस्य मल्ला राजिरेड्डी, जिन्हें संग्राम के नाम से भी जाना जाता है. उन्होंने सशस्त्र संघर्ष के बारे में कहा, ‘मुझे लगता है कि जो पार्टी लंबे समय से अंदरूनी क्षेत्रों में वर्ग संघर्ष और गुरिल्ला युद्ध लड़ रही है, उसके लिए भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को जारी रखना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में खुले सशस्त्र संघर्ष के बजाय वह गुप्त रूप से जनता को संघर्ष के लिए संगठित करने का रास्ता चुन सकती है. इसके लिए वे बाहरी क्षेत्रों में जाकर खुद को फिर से संगठित करेंगे और पार्टी का मार्गदर्शन करेंगे.’ उन्होंने कहा कि अब माओवादी आंदोलन समाप्त हो चुका है. उनका मानना है कि अब संवैधानिक प्रावधानो के तहत अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का समय आ गया है.  कौन हैं राजिरेड्डी? 76 वर्षीय संग्राम ने 1971 में आंदोलन से जुड़ने के बाद अपने जीवन के करीब 46 साल भूमिगत रहते हुए बिताए. वह तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले के रहने हैं. उन्होंने गोदावरीखानी की कोयला पट्टी में मजदूरों को संगठित करने में अहम भूमिका निभाई थी. बीते कई दशकों के दौरान उन्होंने संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. इनमें वन समिति के सचिव के साथ-साथ महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में गतिविधियों की निगरानी करने वाले दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रीय ब्यूरो के प्रभारी का पद भी शामिल रहा. इससे पहले उन्हें वर्ष 2007 में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 2009 में जमानत मिलने के बाद वे दोबारा भूमिगत हो गए. हाल के वर्षों में वे दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति के मार्गदर्शक के तौर पर सक्रिय रहे. पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया? वहीं, पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में तीन स्टेट कमेटी सदस्य, एक रीजनल कमेटी सदस्य, 10 डिविजनल कमेटी सदस्य, 46 एरिया कमेटी सदस्य और 70 अन्य पार्टी सदस्य शामिल हैं. इन माओवादियों ने पुलिस को कुल 124 हथियार सौंपे, जिनमें 1 INSAS LMG राइफल, 31 AK-47 राइफलें, 21 INSAS राइफलें, 20 SLR राइफलें, 18 .303 राइफलें और 33 अन्य हथियार शामिल हैं. पुलिस महानिदेशक बी शिवधर रेड्डी ने पत्रकारों से कहा, जिन कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) ने हथियार पहले पुलिस बल से लूटे थे. यह प्रशासन और तेलंगाना पुलिस के लिए बड़ी सफलता है. ये भी पढ़ें:- बेगूसराय में सीएम नीतीश की समृद्धि यात्रा से पहले सुरक्षा में चूक, हेलीपैड पर पहुंचा बैल, पुलिसकर्मियों को दौड़ाया मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम के दौरान रहे मौजूद यह आत्मसमर्पण कार्यक्रम हैदराबाद में स्थित इंटीग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेंटर में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की मौजूदगी में आयोजित किया गया. आत्मसमर्पण कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री रेड्डी ने शीर्ष माओवादी नेताओं से भी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में आने की अपील की. उन्होंने विशेष रूप से केंद्रीय समिति के सदस्य गणपति से आत्मसमर्पण कर तेलंगाना के पुनर्निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया. मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को भी बधाई दी और कहा कि राज्य प्रशासन की अपील को स्वीकार कर उन्होंने मुख्यधारा का रास्ता चुना है. उन्होंने कहा कि प्रशासन कानून के दायरे में रहकर नक्सलियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए तैयार है. जरूरत पड़ने पर राज्य प्रशासन लंबित मामलों की समीक्षा के लिए एक समिति भी गठित कर सकती है. Six senior surrendered Maoists met Chief Minister Revanth Reddy at the Secretariat including Tippiri Tirupati (Devji), Malla Rajireddy (Sangram), Pulluri Prasada Rao (Chandranna), Pothula Kalpana (Sujata), Bade Chokka Rao (Damodar), and

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खरमास 2026: आज से एक महीने तक नहीं होंगे कोई भी शुभ कार्य, जानें क्या है कारण

Kharmas 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में दो बार ऐसी अवधि आती है जब सूर्य देव अपने गुरु बृहस्पति की राशियों धनु और मीन में प्रवेश करते हैं. इस समय को खरमास कहा जाता है. साल 2026 में पहला खरमास 15 मार्च, रविवार से लगने जा रहा है, जो कि 14 अप्रैल, मंगलवार को समाप्त होगा. ज्योतिषीय दृष्टि से खरमास को शुभ नहीं माना जाता. हिंदू धर्म में खरमास के दौरान विवाह या किसी अन्य मांगलिक कार्य करना वर्जित है. खरमास में शुभ कार्य क्यों रुक जाते हैं? हिंदू धर्म में बृहस्पति को शुभ कार्यों का कारक माना जाता है. जब सूर्य अपने गुरु बृहस्पति की राशि (धनु या मीन) में प्रवेश करते हैं, तो वे गुरु के प्रभाव को कम कर देते हैं. गुरु के ‘अस्त’ या कमजोर होने की स्थिति में किए गए मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि का पूर्ण फल नहीं मिलता. इसके साथ ही शादी और अन्य शुभ कार्यों में बाधाएं आने की संभावना रहती है. पौराणिक कथा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान सूर्य अपने सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हैं. निरंतर चलने के कारण उनके घोड़े थक जाते थे. तब सूर्य देव ने घोड़ों को आराम देने के लिए एक तालाब के पास दो गधों (खर) को रथ में जोत लिया. गधों की गति धीमी होने के कारण सूर्य का तेज कम हो गया और उनकी गति मंद पड़ गई. इस कारण इस एक महीने की अवधि को खरमास कहा जाता है. कहते हैं कि इस समय सूर्य का तेज कम होने के कारण किए गए शुभ कार्य का फल पूर्ण रूप से नहीं मिलता. खरमास से जुड़े जरूरी नियम खरमास में क्या करें? भले ही इस दौरान मांगलिक कार्य वर्जित हों, लेकिन यह समय आध्यात्मिक शुद्धि और दान-पुण्य के लिए सर्वोत्तम माना जाता है. दान-पुण्य: जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना अत्यंत फलदायी होता है. सूर्य उपासना: प्रतिदिन तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें. विष्णु पूजा: इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना श्रेष्ठ माना जाता है. पवित्र स्नान: संभव हो तो पवित्र नदियों में स्नान करें या घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें. खरमास में क्या न करें? विवाह: इस दौरान शादी, रोका या सगाई जैसी रस्में नहीं की जातीं. गृह प्रवेश और निर्माण: नए घर में प्रवेश करना या घर की नींव रखना वर्जित है. मुंडन व संस्कार: बच्चों का मुंडन या जनेऊ संस्कार इस अवधि में न करें. नया व्यापार: नई दुकान खोलना या किसी बड़े व्यापारिक प्रोजेक्ट की शुरुआत करने से बचें. बड़ी खरीदारी: नया वाहन, जमीन या मकान खरीदना शुभ नहीं माना जाता. यह भी पढ़ें: मीन संक्रांति से शुरू होगा खरमास, जानें शुभ उपाय The post खरमास 2026: आज से एक महीने तक नहीं होंगे कोई भी शुभ कार्य, जानें क्या है कारण appeared first on Naya Vichar.

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