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Author name: Vinod Jha

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$150 तक पहुंच सकता है कच्चा तेल, हॉर्मुज संकट से भारत में LPG और पेट्रोल की बढ़ेगी टेंशन

Crude Oil Price: दुनियाभर में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों को लेकर एक बड़ी चेतावनी सामने आई है. नूवामा (Nuvama) की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगर खाड़ी देशों में स्थित हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का रास्ता अगले 4 से 8 हफ्तों तक बंद रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं. क्या है Strait of Hormuz और यह क्यों जरूरी है ? हॉर्मुज जलडमरूमध्य समुद्र का एक ऐसा पतला रास्ता है जहां से दुनिया का करीब 20% तेल (2 करोड़ बैरल रोज) गुजरता है. यह रास्ता खाड़ी देशों (जैसे सऊदी अरब, ईरान, यूएई) को पूरी दुनिया से जोड़ता है. फिलहाल तनाव की वजह से यहाँ जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है. तेल की कीमतों में लगी आग: $110 से $150 का खतरा रिपोर्ट कहती है कि अगर यह रास्ता ज्यादा दिनों तक बंद रहा, तो सप्लाई में भारी कमी आएगी. असर: कच्चा तेल जो अभी सामान्य चल रहा है, वह बढ़कर $110 से $150 प्रति बैरल के बीच पहुंच सकता है. खतरा: अगर कीमतें इतनी बढ़ीं, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छूने लगेंगे, जिससे महंगाई बढ़ेगी और लोग तेल का इस्तेमाल कम करने को मजबूर हो जाएंगे. हिंदुस्तान और एशिया पर सबसे ज्यादा मार एशियाई देश जैसे हिंदुस्तान, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया अपनी तेल की जरूरतों के लिए सबसे ज्यादा इसी रास्ते पर निर्भर हैं. हर दिन करीब 1.3 करोड़ बैरल तेल इसी रास्ते से होकर एशियाई देशों तक पहुंचता है. हिंदुस्तान की स्थिति: हिंदुस्तान के लिए कच्चा तेल मिलना तो फिर भी शायद मुमकिन हो जाए, लेकिन गैस (LNG) की कीमतें बढ़ने से मुश्किलें बढ़ सकती हैं. LPG पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा संकट रिपोर्ट में एक खास बात कही गई है कि अगर तनाव लंबा खिंचा, तो पेट्रोलियम उत्पादों में LPG (रसोई गैस) पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा. हिंदुस्तान अपनी जरूरत की काफी गैस इसी क्षेत्र से आयात करता है, इसलिए गैस की कीमतों या सप्लाई में दिक्कत आ सकती है. Also Read: दूध बेचने वालों को लेना होगा लाइसेंस, नहीं तो बंद करना होगा कारोबार The post $150 तक पहुंच सकता है कच्चा तेल, हॉर्मुज संकट से हिंदुस्तान में LPG और पेट्रोल की बढ़ेगी टेंशन appeared first on Naya Vichar.

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साउथ अफ्रीका सबसे बेवकूफ टीम, टी20 वर्ल्ड कप के बाद माइकल वॉन का बड़ा दावा

Highlights माइकल वॉन ने साउथ अफ्रीका को कहा मूर्ख  साउथ अफ्रीका ने जारी रखा जीत का सिलसिला  जिम्बाब्वे के खिलाफ मैन खिलाड़ियों को दिया आराम  टूर्नामेंट जीतने का वॉन का फॉर्मूला  Michael Vaughan on South Africa: हिंदुस्तानीय टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में साउथ अफ्रीका की मदद से पहुंच पाई. सुपर-8 राउंड में साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को हरा दिया. इसी नतीजे ने हिंदुस्तान के सेमीफाइनल में जाने का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया. सुपर-8 राउंड की शुरुआत में टीम इंडिया का नेट रन रेट बहुत खराब था. अगर साउथ अफ्रीका की टीम वेस्टइंडीज से अपना मैच हार जाती, तो हिंदुस्तान का टूर्नामेंट से बाहर होना तय था. प्वाइंट्स टेबल में वेस्टइंडीज की टीम हिंदुस्तान से नीचे थी, लेकिन उनका नेट रन रेट हिंदुस्तान से काफी बेहतर था. माइकल वॉन ने साउथ अफ्रीका को कहा मूर्ख  इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने साउथ अफ्रीका को टी20 विश्व कप की सबसे मूर्ख टीम बताया है. उन्होंने यह बात इसलिए कही क्योंकि साउथ अफ्रीका की वजह से ही हिंदुस्तान नॉकआउट में पहुंचा. वॉन ने एक पॉडकास्ट में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि अगर साउथ अफ्रीका सुपर-8 के मैच में वेस्टइंडीज से हार जाता, तो हिंदुस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो गया होता. उनके अनुसार साउथ अफ्रीका को हिंदुस्तान को वहीं रोक देना चाहिए था. साउथ अफ्रीका ने जारी रखा जीत का सिलसिला  वॉन ने आगे बताया कि वेस्टइंडीज को हराकर साउथ अफ्रीका ने अपनी जीत के सिलसिले को बनाए रखा. लेकिन इसका सीधा फायदा हिंदुस्तानीय टीम को मिल गया. इसके बाद हिंदुस्तान ने अगले मैचों में शानदार प्रदर्शन किया. हिंदुस्तान ने पहले जिम्बाब्वे को हराया. फिर बड़े मैच में वेस्टइंडीज को मात दी. इसके बाद सेमीफाइनल में हिंदुस्तान ने इंग्लैंड को भी हरा दिया और अपनी ताकत साबित कर दी. जिम्बाब्वे के खिलाफ मैन खिलाड़ियों को दिया आराम  साउथ अफ्रीका को वेस्टइंडीज को हराने के बाद अपना अगला मुकाबला जिम्बाब्वे के साथ स्पोर्ट्सना था. साउथ अफ्रीका की टीम इस मैच को लेकर बहुत आश्वस्त थी. इसी कारण से उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में अपने तीन अहम खिलाड़ियों को आराम भी दिया. माइकल वॉन का मानना है कि साउथ अफ्रीका को अपनी रणनीति में बदलाव करना चाहिए था और हिंदुस्तान को बाहर करने के मौके का फायदा उठाना चाहिए था. टूर्नामेंट जीतने का वॉन का फॉर्मूला  पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने टूर्नामेंट जीतने का एक सीधा तरीका बताया. उनके अनुसार अगर किसी टीम को बड़ा टूर्नामेंट जीतना है, तो सबसे अच्छी टीम को किसी भी तरह बाहर करना ही होगा. उन्होंने साफ कहा कि स्पोर्ट्स में आमतौर पर ऐसी चीजें नहीं होती हैं. लेकिन अगर आप वर्ल्ड कप जीतना चाहते हैं, तो सबसे अच्छा तरीका यही है कि सबसे मजबूत टीम को शुरुआत में ही बाहर कर दिया जाए. साउथ अफ्रीका ने ऐसा नहीं किया और हिंदुस्तान को आगे बढ़ने का मौका दे दिया. ये भी पढ़ें- अबरार की एंट्री से काव्या मारन हुईं ट्रोल, सनराइजर्स का एक्स अकाउंट सस्पेंड अब होगा कमबैक! अभिषेक-गिल के तरह युवराज की शरण में पहुंचे ऋषभ, ट्रेनिंग शुरू The post साउथ अफ्रीका सबसे बेवकूफ टीम, टी20 वर्ल्ड कप के बाद माइकल वॉन का बड़ा दावा appeared first on Naya Vichar.

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CM किसका होगा? बिहार के मंत्री ने कहा- फैसला बड़े स्तर पर होगा, निशांत पर क्या बोले?

Bihar Politics: बिहार की नेतृत्व में मुख्यमंत्री पद और राज्यसभा चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. मंत्री श्रवण कुमार ने साफ कहा है कि मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला गठबंधन स्तर पर होगा. साथ ही उन्होंने राज्यसभा की सभी पांच सीटों पर एनडीए की जीत का दावा भी किया है. सीएम पद पर क्या बोले श्रवण कुमार बिहार प्रशासन के मंत्री श्रवण कुमार ने मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसका होगा, यह फैसला किसी एक दल का नहीं होगा. यह निर्णय बड़े स्तर पर लिया जाएगा और गठबंधन में शामिल सभी दल मिलकर तय करेंगे. उन्होंने कहा कि अभी इस विषय पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. सही समय आने पर ही इस पर अंतिम निर्णय होगा. “डिमांड होना गलत नहीं… फैसला बड़े नेता करेंगे” बिहार के नए CM को लेकर चल रही चर्चाओं पर मंत्री श्रवण कुमार का बयान. बोले- ऐसे बड़े फैसले NDA के शीर्ष नेता मिलकर लेते हैं. जो फैसला होगा, सभी दलों को उसके साथ खड़ा रहना चाहिए. वहीं निशांत कुमार को लेकर उठ रही मांग पर बोले- डिमांड… pic.twitter.com/H2HLvkvvDk — Naya Vichar (@prabhatkhabar) March 13, 2026 BJP के दावे पर दिया जवाब जब मंत्री से पूछा गया कि हिंदुस्तानीय जनता पार्टी की ओर से कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री उनका होगा, तो इस पर उन्होंने सीधा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि यह सब बड़े स्तर पर तय होगा. उन्होंने यह भी कहा कि जिसने ऐसा बयान दिया है, उसी से पूछा जाना चाहिए कि उन्हें कैसे पता है कि मुख्यमंत्री कौन होगा. उनका यह बयान बिहार की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे रहा है. निशांत कुमार को CM बनाने की मांग पर प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर भी उनसे सवाल पूछा गया. इस पर मंत्री श्रवण कुमार ने संतुलित जवाब दिया. उन्होंने कहा कि हर नेतृत्वक दल चाहता है कि उसका नेता आगे बढ़े और मुख्यमंत्री बने. इसलिए ऐसी मांगें उठना नेतृत्व में स्वाभाविक है. राज्यसभा चुनाव में NDA की जीत का दावा आने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर मंत्री ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि बिहार में हो रहे विकास और तरक्की को देखते हुए विधायक सही फैसला करेंगे. उनका कहना है कि विधायक चाहे किसी भी दल के हों, वे विकास के मुद्दे पर मतदान करेंगे. उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन के उम्मीदवार की हार होगी और एनडीए पांचों सीटों पर जीत दर्ज करेगा. विधायकों की बैठक में बनी रणनीति मंत्री ने बताया कि राज्यसभा चुनाव को लेकर हाल ही में एनडीए विधायकों की बैठक हुई थी. इस बैठक में चुनाव को लेकर कई महत्वपूर्ण रणनीतियों पर चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि गठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरने जा रहा है. गैस सिलेंडर की किल्लत पर प्रशासन सख्त बिहार के कई इलाकों में गैस सिलेंडर की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं. इस सवाल पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि कुछ लोग कालाबाजारी में लगे हुए हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य प्रशासन और केंद्र प्रशासन इस मामले को गंभीरता से देख रही हैं. जो लोग कालाबाजारी करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पांचवें उम्मीदवार के नाम पर सस्पेंस राज्यसभा की पांचवीं सीट के उम्मीदवार को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है. शिवेश कुमार राम और उपेंद्र कुशवाहा के नाम की चर्चा चल रही है. हालांकि मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि उम्मीदवार के नाम का ऐलान सही समय पर किया जाएगा. अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. Also Read: राज्यसभा चुनाव: सम्राट के आवास पर NDA नेताओं ने बनाई रणनीति, JDU नेता बोले- विपक्ष के 12 MLA हमारे संपर्क में The post CM किसका होगा? बिहार के मंत्री ने कहा- फैसला बड़े स्तर पर होगा, निशांत पर क्या बोले? appeared first on Naya Vichar.

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12 अगस्त का सूर्य ग्रहण किन देशों में दिखेगा, जानें पूरी जानकारी

Solar Eclipse 2026: साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से काफी खास माना जा रहा है. इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण फरवरी महीने में लग चुका है, जबकि अब खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग अगस्त में लगने वाले दूसरे सूर्य ग्रहण का इंतजार कर रहे हैं. 12 अगस्त 2026 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण एक पूर्ण सूर्य ग्रहण (खग्रास) होगा. इस दौरान कुछ समय के लिए सूर्य पूरी तरह से चंद्रमा की छाया में आ जाएगा और दिन के समय भी अंधकार जैसा वातावरण बन सकता है. खगोल प्रेमियों के लिए यह घटना बेहद खास मानी जा रही है. सूर्य ग्रहण का समय और खगोलीय स्थिति पंचांग और खगोलीय गणनाओं के अनुसार यह सूर्य ग्रहण सावन मास की अमावस्या तिथि पर लगेगा. हिंदुस्तानीय समयानुसार ग्रहण की समयावधि इस प्रकार बताई जा रही है: इस दौरान कई देशों में सूर्य पूरी तरह से चंद्रमा की छाया से ढक जाएगा, जिसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है. किन देशों में दिखाई देगा यह सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 का यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से उत्तरी गोलार्ध के कई देशों में देखा जा सकेगा. वैज्ञानिकों के अनुसार इसका सबसे स्पष्ट दृश्य आर्कटिक क्षेत्र, ग्रीनलैंड और आइसलैंड में देखने को मिलेगा. इसके अलावा स्पेन के उत्तरी हिस्सों, पुर्तगाल के कुछ क्षेत्रों और यूरोप के कई देशों में भी यह खगोलीय घटना नजर आएगी. वहीं कनाडा, रूस के उत्तर-पूर्वी भाग और उत्तर-पश्चिम अफ्रीका के कुछ इलाकों में भी लोग इस अद्भुत नजारे को देख सकेंगे. क्या हिंदुस्तान में दिखेगा सूर्य ग्रहण हिंदुस्तानीय खगोल प्रेमियों के लिए यह समाचार थोड़ी निराशाजनक हो सकती है, क्योंकि यह सूर्य ग्रहण हिंदुस्तान में दिखाई नहीं देगा. उस समय हिंदुस्तान में रात होगी, इसलिए यहां से इस खगोलीय घटना को देख पाना संभव नहीं होगा. The post 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण किन देशों में दिखेगा, जानें पूरी जानकारी appeared first on Naya Vichar.

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मोनालिसा का पुराना वीडियो वायरल, बोली-पापा मम्मी की पसंद से करूंगी शादी

Viral Girl Monalisa Wedding: महाकुंभ में फूलमाला बेचने वाली एक लड़की अचानक पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई थी. बड़ी-बड़ी नीली आंखों की वजह से वायरल हुई मोनालिसा भोंसले की कहानी सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियों में रही. पहले उनके फिल्म डेब्यू की समाचारें सामने आई थीं, लेकिन अब उनकी शादी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, मोनालिसा ने अपने मुस्लिम बॉयफ्रेंड फरमान खान से शादी कर ली है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस रिश्ते को लेकर कई तरह की बातें की जा रही हैं. इसी बीच मोनालिसा का एक पुराना वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. परिवार की नाराजगी की समाचारें भी हैं. शादी पर मोनालिसा का पुराना वीडियो वायरल इस वीडियो में उनसे शादी को लेकर सवाल किया जाता है, जिस पर वह कहती नजर आती हैं कि वह अपने माता-पिता की पसंद से ही शादी करना चाहेंगी. वीडियो में मोनालिसा कहती हैं कि मम्मी-पापा जिस लड़के को पसंद करेंगे, वही उनके लिए बेहतर होगा. उनका मानना है कि अपने फैसले से की गई शादी हमेशा सही नहीं होती और उनके परिवार में ऐसा चलन भी नहीं है. जब उनसे पूछा गया कि वह किस उम्र में शादी करना चाहेंगी, तो उन्होंने जवाब दिया था कि 21 साल की उम्र में. केरल में की फरमान खान से शादी Viral #KumbhMela fame #Monalisa Bhosle has reportedly married her boyfriend Farman Khan at a temple in Thiruvananthapuram. The couple has sought protection from #Kerala Police amid family opposition to their relationship.Monalisa from Indore, Madhya Pradesh, shot to fame after a… pic.twitter.com/P41vBSCLZs — Ashish (@KP_Aashish) March 11, 2026 वायरल हो रहे वीडियो के अनुसार, मोनालिसा ने फरमान खान के साथ केरल में शादी की है. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह शादी अरुमनौर श्री नैनार देवा मंदिर में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ हुई है. शादी के दौरान मोनालिसा लाल साड़ी में नजर आईं, जबकि फरमान खान ने सफेद कुर्ता और मुंडू पहना हुआ था. अफवाहों पर कपल की सफाई शादी के बाद दोनों ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी शादी पूरी तरह हिंदू परंपरा के अनुसार मंदिर में हुई है. मोनालिसा ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो बातें फैलाई जा रही हैं, उनमें सच्चाई नहीं है. उन्होंने कहा कि शादी के दौरान सभी धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया और लोग जो अफवाहें फैला रहे हैं, वे गलत हैं. फरमान खान ने भी कहा कि उनकी शादी में काफी लोग शामिल हुए और उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतना बड़ा कार्यक्रम बन जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए सभी धर्म समान हैं और वे हर धर्म का सम्मान करते हैं. यह भी पढे़ं: वायरल गर्ल मोनालिसा ने बॉयफ्रेंड फरमान संग की शादी, ‘पति’ के साथ पहुंची थाने The post मोनालिसा का पुराना वीडियो वायरल, बोली-पापा मम्मी की पसंद से करूंगी शादी appeared first on Naya Vichar.

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पश्चिम बंगाल में भाजपा ला सकती है सीएम फेस, पहले होगा इन सीटों पर उम्मीदवारों का एलान

मुख्य बातें बंगाल को लेकर उम्मीद से है भाजपा टिकट उसी को जिसकी जीतने की संभावना सबसे अधिक Bengal Election: कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भाजपा इस बार हर हाल में सत्ता पाना चाहती है. इसको लेकर भाजपा की रणनीति में कई बदलाव दिख रहे हैं. तीन दिनों तक बंगाल को लेकर दिल्ली में चली बैठकों के बाद यह समाचार आ रही है कि भाजपा इस बार बंगाल में सीएम फेस के साथ चुनावी मैदान में उतर सकती है. अमित शाह इस रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. उन्होंने बंगाल के प्रमुख नेताओं के साथ इस मसले पर बात की है. बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने भी इसपर चर्चा की है. प्रधानमंत्री आवास पर हुई समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और अन्य नेता शामिल थे. बंगाल को लेकर उम्मीद से है भाजपा पार्टी के पास इंटरनल सर्वे के रिपोर्ट्स आ गए हैं. बीजेपी के एक सीनियर नेता ने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग बदलाव चाहते हैं. वह इस बार परिवर्तन के लिए वोट करेंगे. पार्टी भी अपनी रणनीति में कई बदलाव कर रही है. उम्मीदवारों के चयन में इस बार युवाओं को मौका देने की बात सामने आ रही है. पीएम मोदी के पश्चिम बंगाल दौरे के बाद चुनाव की तारीख आ सकती है. पार्टी पहले चरण में 145 से 150 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का एलान कर सकती है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें टिकट उसी को जिसकी जीतने की संभावना सबसे अधिक भाजपा के एक नेता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम उन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा पहले करेंगे, जिस पर पिछले चुनाव में हम बेहद कम मार्जिन से चुनाव हारे. साथ ही, उन निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवारों के नाम का एलान पहले किया जाएगा, जहां अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या अधिक है. इससे हमारे उम्मीदवार को पहले से चुनाव प्रचार करने का फायदा मिल सके. बीजेपी नेता ने कहा कि पीएम मोदी मीटिंग में इस बात पर जोर दिया कि टिकट उसे दिया जाए, जिसकी जीतने की संभावना सबसे अधिक हो और जमीन पर लोगों का उससे जुड़ाव हो. Also Read: भाजपा ने तय किये 150 उम्मीदवार, चुनाव तारीख घोषित होते ही जारी होगी पहली लिस्ट The post पश्चिम बंगाल में भाजपा ला सकती है सीएम फेस, पहले होगा इन सीटों पर उम्मीदवारों का एलान appeared first on Naya Vichar.

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जश्न के बाद झटका, ड्राइवर की बेटी नहीं, IAS की पत्नि को UPSC AIR 79

UPSC AIR 79 Priyanka Choudhary: UPSC की सिविल सर्विस परीक्षा का फाइनल रिजल्ट आते ही कई जगह खुशी और हैरानी दोनों देखने को मिली. इसी बीच एक ऐसा मामला सामने आया जिसने लोगों को कुछ देर के लिए उलझन में डाल दिया. रिजल्ट लिस्ट में AIR 79 पर प्रियंका चौधरी का नाम था. नाम सामने आते ही उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में रहने वाली एक प्रियंका चौधरी के परिवार में जश्न शुरू हो गया. लोगों ने मान लिया कि ड्राइवर की बेटी ने UPSC जैसी कठिन परीक्षा में बड़ी सफलता हासिल कर ली है. सच सामने आते ही परिवार को जश्न के बाद झटका लगा. दरअसल, इस रैंक पर गाजीपुर की प्रियंका को नहीं बल्कि चंबा में पोस्टेड DC मुकेश रेप्सवाल की पत्नि प्रियंका चौधरी का नाम है. आइए जानते हैं दोनों प्रियंका कौन हैं. गाजीपुर की प्रियंका चौधरी गाजीपुर के गौरा खास गांव की रहने वाली प्रियंका चौधरी के पिता नीराराम प्रशासनी दफ्तर में ड्राइवर के तौर पर काम करते हैं. जब रिजल्ट में प्रियंका चौधरी नाम दिखा तो परिवार और गांव के लोग खुशी से झूम उठे. नीराराम ने भावुक होकर कहा कि अगर बेटी सच में IAS बन गई है तो वह गर्व से उसकी गाड़ी भी चलाएंगे. गांव में मिठाई बांटी जाने लगी और लोगों ने बधाइयां देना शुरू कर दिया. प्रियंका पहले से ही पढ़ाई में अच्छी थीं और पढ़ाई के बाद GST ऑफिसर के तौर पर नौकरी भी कर रही हैं. ऐसे में नाम के कंफ्यूजन के चलते लगा कि उनके गांव की बेटी ही IAS बनी है. UPSC CSE 2026 Final Result Check Here UPSC AIR 79 Priyanka Choudhary: असली प्रियंका चौधरी कौन? दरअसल AIR 79 हासिल करने वाली प्रियंका चौधरी मूलरूप से राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली हैं. उन्होंने Indian Institute of Technology Roorkee यानी IIT रुड़की से पढ़ाई की है और जियोफिजिकल टेक्नोलॉजी में मास्टर्स किया है. रियल प्रियंका चौधरी की डिटेल्स बताया जा रहा है कि यह उनका चौथा प्रयास था और आखिरकार उन्हें सफलता मिल गई. प्रियंका चौधरी के पति IAS अधिकारी हैं और हिमाचल प्रदेश के चंबा में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात हैं. सोशल मीडिया पर रियल प्रियंका चौधरी की डिटेल्स शेयर की गई है. यह भी पढ़ें: मिठाई बांटी, फूल बरसे, IAS बनने की खुशी पल में गायब, UPSC लिस्ट में निकली दूसरी शिखा The post जश्न के बाद झटका, ड्राइवर की बेटी नहीं, IAS की पत्नि को UPSC AIR 79 appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में पोटका के दो दोस्तों ने कर दिया जादू, 10 बीघे में कर दी तरबूज की खेती

जादूगोड़ा से रंजन कुमार गुप्ता की रिपोर्ट Success Story: जहां आज के समय में बेहतर रोजगार की तलाश में अधिकांश युवा गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं. वहीं, झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड के आसनबनी और कुलडीहा गांव के दो दोस्तों ने तरबूज की खेती को ही अपना भविष्य बनाकर एक नई मिसाल पेश की है. बचपन के दोस्त शशिकांत बिशायी और मलय गिरी ने मिलकर 10 बीघा जमीन पर आधुनिक तरीके से तरबूज की खेती शुरू की है. उनकी मेहनत और सोच आज क्षेत्र के किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा बनती जा रही है. बचपन की दोस्ती से शुरू हुआ खेती का सपना शशिकांत बिशायी और मलय गिरी बचपन से ही एक-दूसरे के अच्छे दोस्त रहे हैं. दोनों ने गांव में ही पले-बढ़े और हमेशा कुछ नया करने की सोच रखते थे. जब आसपास के कई युवा रोजगार की तलाश में शहरों की ओर जाने लगे, तब इन दोनों दोस्तों ने अलग रास्ता चुनने का निर्णय लिया. दोनों ने सोचा कि अगर खेती को आधुनिक तरीके से किया जाए और सही योजना के साथ मेहनत की जाए तो यह भी एक सफल व्यवसाय बन सकता है. इसी सोच के साथ उन्होंने खेती में नई शुरुआत करने का फैसला किया. 10 बीघा जमीन पर शुरू की तरबूज की खेती इस वर्ष दोनों दोस्तों ने मिलकर लगभग 10 बीघा जमीन पर तरबूज की खेती शुरू की है. खेती शुरू करने से पहले उन्होंने खेत की मिट्टी को तैयार किया और वैज्ञानिक तरीके से जमीन को उपजाऊ बनाने का प्रयास किया. उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का चयन किया गया, ताकि फसल अच्छी और अधिक उत्पादन देने वाली हो. इसके साथ ही खेत में आधुनिक कृषि तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है. खेत में दिनभर मेहनत करते नजर आते हैं दोनों किसान यदि कोई व्यक्ति इनके खेत पर पहुंचता है तो उसे दोनों दोस्त खेत में ही काम करते हुए दिखाई देते हैं. कभी सिंचाई करते हुए, कभी पौधों की देखभाल करते हुए और कभी खेत की निगरानी करते हुए वे दिनभर मेहनत में जुटे रहते हैं. खेती में नियमित मेहनत और देखभाल बेहद जरूरी होती है. इसलिए दोनों किसान सुबह से लेकर शाम तक खेत में काम करते हैं, ताकि फसल को किसी भी प्रकार का नुकसान न हो और उत्पादन बेहतर हो सके. गर्मियों में लाभदायक है तरबूज की खेती तरबूज की खेती गर्मी के मौसम में किसानों के लिए काफी लाभदायक मानी जाती है. यह फसल लगभग 70 से 90 दिनों के भीतर तैयार हो जाती है. गर्मियों के मौसम में बाजार में तरबूज की मांग काफी अधिक रहती है. इसी कारण किसानों को इस फसल से अच्छी आय प्राप्त हो सकती है. कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय किसानों के अनुसार एक बीघा जमीन में तरबूज की खेती करने में लगभग 20 से 30 हजार रुपये तक का खर्च आता है. वहीं अगर फसल अच्छी होती है तो एक बीघा जमीन से 60 से 80 हजार रुपये तक की आमदनी भी संभव है. मौसम और कीटों से रहता है नुकसान का खतरा हालांकि खेती में लाभ के साथ जोखिम भी जुड़ा रहता है. मौसम में अचानक बदलाव, अधिक बारिश, कीट या बीमारियों के कारण फसल को नुकसान पहुंच सकता है. इसी कारण शशिकांत और मलय अपनी फसल की नियमित निगरानी कर रहे हैं. समय-समय पर सिंचाई, उर्वरक और आवश्यक दवाइयों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि पौधों का विकास बेहतर तरीके से हो सके. किसानों और युवाओं को दे रहे नई दिशा नया विचार से बातचीत के दौरान शशिकांत बिशायी और मलय गिरी ने बताया कि अगर किसान नई तकनीकों और आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाएं तो खेती से अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है. उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र के किसान भाई भी पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई फसलों की खेती शुरू करें, जिससे उनकी आय बढ़ सके. दोनों युवकों ने यह भी कहा कि जो किसान या युवा तरबूज की खेती के बारे में सीखना चाहते हैं, वे उनके खेत पर आकर खेती को देख सकते हैं और जरूरी जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं. मेहनत रंग ला रही, खेत तक पहुंच रहे व्यापारी दोनों दोस्तों की मेहनत का असर अब उनके खेतों में दिखाई देने लगा है. तरबूज की फसल धीरे-धीरे तैयार हो रही है और खेत में हरियाली के बीच बड़े-बड़े तरबूज उगने लगे हैं. सबसे खास बात यह है कि अब व्यापारी भी उनकी फसल खरीदने के लिए सीधे खेत तक पहुंचने लगे हैं. इससे उन्हें बाजार की बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है. इसे भी पढ़ें: रांची में इंडेन गैस की मैनुअल बुकिंग शुरू, इन मोबाइल नंबरों पर फोन कर सकते हैं ग्राहक युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही सफलता की कहानी शशिकांत बिशायी और मलय गिरी की यह पहल यह साबित करती है कि यदि युवा खेती की ओर लौटें और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें तो खेती भी रोजगार और सम्मान का मजबूत माध्यम बन सकती है. आज जब अधिकांश युवा शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, ऐसे समय में इन दोनों दोस्तों की कहानी ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है. उनकी मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच यह संदेश देती है कि सही दिशा और कड़ी मेहनत से गांव में रहकर भी सफलता हासिल की जा सकती है. इसे भी पढ़ें: पैसों की कमी से बॉक्सिंग छोड़ने को मजबूर जमशेदपुर के दो सगे भाई, झारखंड को दिला चुके हैं चार राष्ट्रीय पदक The post झारखंड में पोटका के दो दोस्तों ने कर दिया जादू, 10 बीघे में कर दी तरबूज की खेती appeared first on Naya Vichar.

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कौन हैं मोहम्मद अली जाफरी? जिनकी स्ट्रेटजी से तन कर खड़ा है ईरान; हरा नहीं पा रहे US-इजरायल

Iran Mohammad Ali Jafari: 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ शुरू किया. इस अभियान में फाइटर प्लेन, ड्रोन और मिसाइलों के जरिए ईरान के शीर्ष सैन्य और नेतृत्वक नेताओं को निशाना बनाया गया. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, आईआरजीसी प्रमुख मोहम्मद पाकपोर, रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह और सशस्त्र बलों के प्रमुख सैयद अब्दोलरहीम मौसवी सहित कई बड़े अधिकारी मारे गए. अमेरिका को लगा कि ईरान की कमांड और कंट्रोल प्रणाली टूट चुकी है और कुछ ही दिनों में ईरानी व्यवस्था ढह जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ईरान अब भी मुकाबले में मजबूती से खड़ा है. इसके पीछे जिस व्यक्ति की सबसे बड़ी भूमिका मानी जाती है, वह हैं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के पूर्व प्रमुख मोहम्मद अली जाफरी और उनकी ‘मोजैक डिफेंस’ रणनीति. ईरान की रणनीति क्या है? ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा था कि ईरान ने पिछले दो दशकों में अमेरिकी सैन्य अभियानों का अध्ययन किया है और उनसे कई सबक लिए हैं. उनके मुताबिक राजधानी पर बमबारी होने से भी ईरान की युद्ध क्षमता खत्म नहीं होगी, क्योंकि सेना अलग-अलग इकाइयों में बंटी हुई है और हर इकाई स्वतंत्र रूप से काम कर सकती है. ईरान युद्ध के 14वें दिन तक भी लगातार अमेरिका और इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है. उसने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिका के लगभग सभी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.  ईरान के हमले इतने सटीक हैं कि अमेरिका अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को ईरानी मिसाइलों की जद से दूर रखे हुए है. लगभग दो हफ्ते बाद भी पूरे मध्य पूर्व में तनाव बना हुआ है. ‘मोजैक डिफेंस’ ने ईरान को मजबूत बनाया ईरान की नेतृत्व व्यवस्था को खत्म करने के लिए कोई ‘किल स्विच’ नहीं है. जब केंद्रीय नेतृत्व ही नहीं है, तो अमेरिका किसे निशाना बनाए? मोहम्मद अली जाफरी ने ‘डिसेंट्रलाइज्ड मोजैक डिफेंस’ रणनीति बनाई. इस रणनीति का मूल विचार यह है कि अगर युद्ध में देश का शीर्ष नेतृत्व खत्म भी हो जाए, तब भी सेना लड़ाई जारी रख सके. इसलिए सैन्य शक्ति को एक जगह केंद्रित रखने के बजाय कई हिस्सों में बांट दिया गया है. मोजैक डिफेंस कैसे काम करता है? इस सिद्धांत के तहत ईरान ने अपनी सैन्य संरचना को 31 प्रांतीय कमांडों में विभाजित कर दिया. हर कमांड के पास होता है: अपना मुख्यालय, मिसाइल और ड्रोन भंडार, खुफिया संसाधन, बासिज मिलिशिया की इकाइयाँ, नौसैनिक हमलावर दल और पहले से तय युद्ध योजनाएँ. इससे इन 31 स्थानीय कमांडरों को स्वतंत्र निर्णय लेने की शक्ति मिलती है, भले ही केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क टूट जाए. इन इकाइयों ने अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों के साथ-साथ खाड़ी देशों में हवाई अड्डों, तेल रिफाइनरियों, टर्मिनलों और अन्य बुनियादी ढांचे पर हमले किए.  हर प्रांत एक ‘मोजैक’ की तरह है, जहां कमांडरों को स्वतंत्र निर्णय लेने की शक्ति है. इस वजह से यदि तेहरान से संपर्क टूट भी जाए, तब भी सेना एक संगठित ताकत के रूप में लड़ सकती है.  तेहरान से कोई निर्देश न मिलने पर भी ये पहले बनी योजनाओं के आधार पर काम कर रहे हैं. ईरान लगभग हिंदुस्तान के आधे क्षेत्रफल वाला देश है, जहां पहाड़, रेगिस्तान और मैदानी इलाका है.  इतने बड़े देश में सेना उतरना भी अमेरिका के लिए आसान नहीं है. अगर अमेरिकी सेना उतरी तो भी उसे हर जगह आईआरजीसी और बासिज फोर्स के लड़ाकों से भिड़ना होगा. यह सबकुछ विकेंद्रीकृत व्यवस्था की वजह से ही हो पा हा है.  मोजैक सिद्धांत किन अनुभवों से बना? यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस की 2010 की रिपोर्ट के अनुसार यह सिद्धांत दो प्रमुख अनुभवों पर आधारित है: 2003 में अमेरिका का इराक पर हमला: ईरान-इराक युद्ध लंबा और थकाऊ युद्ध था, जिसमें इराक ने ईरान पर जमीनी हमला किया और रासायनिक हथियारों तथा मिसाइलों का इस्तेमाल किया. इसके जवाब में ईरान ने बसीज मिलिशिया जैसी वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध बड़ी संख्या वाली सेनाओं के जरिए मानव लहर हमलों का सहारा लिया. इससे ईरान ने अधिक शक्तिशाली इराकी सेना को लंबे संघर्ष में उलझाकर बराबरी पर ला दिया. 2003 के इराक युद्ध से मिला सबक: 2003 में अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2003 invasion of Iraq के दौरान इराक की सेना को बहुत जल्दी हरा दिया. उस समय इराक की सेना पूरी तरह सद्दाम हुसैन के केंद्रीकृत नियंत्रण में थी. निचले स्तर के कमांडरों को बिना उनकी अनुमति के कोई बड़ा फैसला लेने की छूट नहीं थी. इस वजह से इराकी सेना अमेरिकी हमले का प्रभावी जवाब नहीं दे पाई और बगदाद तक का रास्ता जल्दी साफ हो गया. अमेरिका को शायद लगा था कि वह 2026 में ईरान में वही कर सकता है जो उसने 2003 में इराक में किया था. 2003 में जब अमेरिका ने इराक पर हमला किया था, तो Saddam Hussein की सेना को ध्वस्त करने में सिर्फ 26 दिन लगे थे. लेकिन ईरान में किसी ने 2003 के इराक युद्ध का गहराई से अध्ययन किया था और तय किया था कि ईरानी शासन का वही हश्र नहीं होने दिया जाएगा जो सद्दाम हुसैन के शासन का हुआ था. वह व्यक्ति था मोहम्मद अली जाफरी.  उन्हीं ने यह सबक लिया कि सेना को पूरी तरह केंद्रीकृत नियंत्रण में रखना खतरनाक है. ईरान युद्ध के 14वें दिन 13 मार्च को भी ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं और अमेरिका-इजरायल का सपना- ईरान की हार अब भी बहुत दूर है. ये भी पढ़ें:- US सैनिकों का शिकार होगा… अगर ट्रंप ने की ऐसी गलती, ईरान के ‘धुरंधरों’ ने चेताया जाफरी की रणनीति: जीत नहीं, हार को असंभव बनाना विशेषज्ञों के अनुसार यह रणनीति ईरान को जरूरी नहीं कि युद्ध जिताए, लेकिन उसकी हार लगभग असंभव बना देती है. श्रीलंकाई मूल के ऑस्ट्रेलिया के लेखक एक्सपर्ट शनाका एंस्लेम परेरा ने लिखा, ‘ईरान आत्मघाती मिशन पर नहीं है, बल्कि ऑटोपायलट पर चल रहा है. मोजैक सिद्धांत जीतने के लिए नहीं, बल्कि हार को असंभव बनाने के लिए बनाया गया था.’ ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता, आईआरजीसी की वैचारिक प्रतिबद्धता और जाफरी की रणनीति ने मिलकर उसे ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है कि उसके विरोधियों को तेज जीत के बजाय लंबे और महंगे युद्ध

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सहरसा को सीएम नीतीश ने दी करोड़ों की सौगात, सम्राट चौधरी बोले- एक महीने में जारी होगा एयरपोर्ट का टेंडर

CM Nitish Yatra: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा को लेकर सहरसा जिले में पहुंचे. जिले को सीएम नीतीश ने 500 करोड़ की योजनाओं का गिफ्ट दिया. इसके बाद मंच से लोगों को संबोधित भी किया. मंच से मुख्यमंत्री ने कहा, 2005 में हमारी प्रशासन बनी. इससे पहले की क्या स्थिति थी, याद है ना. लोग शाम होने के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे. हिंदू-मुस्लिम में लड़ाई होते थे. प्रशासन बनते ही कब्रिस्तानों की घेराबंदी की गई, जिसके बाद झगड़े कम हुए. सीएम ने विकास कार्यों को गिनाया सीएम नीतीश ने यह भी कहा, हम लोग की प्रशासन आने के बाद शुरु से ही विकास का काम हो रहा है. अब किसी भी प्रकार के डर और भय का वातावरण नहीं है. सीएम ने बिहार प्रशासन की तरफ से किए गए सभी विकास कार्यों को गिनाया. साथ ही राज्य में बिजली आपूर्ति को लेकर कहा, हमारी प्रशासन ने 2018 में ही हर घर बिजली पहुंचाई और वो भी सस्ती दर पर. अब तो 125 यूनिट फ्री बिजली दी जा रही है. सम्राट चौधरी ने एयरपोर्ट को लेकर किया ऐलान सीएम नीतीश के साथ उनकी समृद्धि यात्रा में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, मंत्री विजय चौधरी समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे. इस दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि अगले एक महीने के अंदर सहरसा एयरपोर्ट का टेंडर जारी होगा. साथ ही उन्होंने बिहार में सड़कों का जाल बिछाने और सहरसा में रोड कनेक्टिविटी को मजबूत किए जाने का जिक्र किया. सीएम नीतीश के कार्यकाल की जमकर की तारीफ सम्राट चौधरी ने कहा, सीएम नीतीश कुमार ने ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया कि आज सहरसा से लोग पटना सिर्फ 3 से 4 घंटे में ही पहुंच रहे हैं. खगड़िया से एक विशेष सड़क बनाने का काम भी चल रहा है. मानसी से सीधा सहरसा को जोड़ा जाएगा. सिमरी-बख्तियारपुर ये सब टापू का इलाका है. यहां सिर्फ पुल ही पुल बनाए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सीएम नीतीश ने धीरे-धीरे विकास के सपनों को आगे लाया और आज हम कह सकते हैं कि जिस बिहार में 6 हजार किलोमीटर लंबी सड़क हुआ करती थी, आज नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में एक लाख 40 हजार किलोमीटर लंबी सड़क बनी है. बिहार को आर्थिक रूप से खड़ा किया है. Also Read: कल्याण बिगहा में निशांत कुमार को मिला गुलाब का फूल, बोलीं स्त्रीएं- परिवार बढ़ाइए The post सहरसा को सीएम नीतीश ने दी करोड़ों की सौगात, सम्राट चौधरी बोले- एक महीने में जारी होगा एयरपोर्ट का टेंडर appeared first on Naya Vichar.

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