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Author name: Vinod Jha

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ट्रंप की डील मतलब… छिटपुट हमले! फिर भिड़े ईरान-अमेरिका, बरसाने लगे बारूद; होर्मुज ब्लॉक

US Iran Attack Hormuz Strait: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक व्यापारिक जहाज पर ड्रोन हमले के आरोप के बाद अमेरिका ने शनिवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों समेत तटीय रडार केंद्रों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए. इसके बाद ईरान ने भी जवाबी फायर करके पूरे होर्मुज यातायात को फिर से बंद करवा दिया है. दोनों देशों के बीच यह संघर्ष, पीस डील साइन करने, इसके बाद पहली दौर की वार्ता और अगले राउंड की चर्चा के लिए तारीख की घोषणा होने के बाद, हो रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस कार्रवाई को ‘शक्तिशाली जवाब’ बताया है. उसने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों के साथ-साथ तटीय रडार साइट्स पर हमला किया. उसके मुताबिक, यह कार्रवाई 25 जून को M/V एवर लवली नाम के वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले के जवाब में की गई. अमेरिका ने कहा कि होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए उसकी सेना लगातार समन्वय और सहायता उपलब्ध करा रही है. अमेरिकी सेना ने हमलों का 37 सेकंड का वीडियो भी जारी किया. https://t.co/CckXLJSpah pic.twitter.com/NoMQ7cNtN5 — U.S. Central Command (@CENTCOM) June 27, 2026 अमेरिका ने लगाया युद्धविराम उल्लंघन का आरोप अमेरिका के अनुसार, सिंगापुर के झंडे वाला यह मालवाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकल रहा था और उस समय ओमान के तट के पास था. उसी समय उसके ऊपर ईरान की ओर से हमला किया गया. अमेरिकी कमांड ने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना अनुचित आक्रामकता है और यह युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन है. बयान में कहा गया,  ‘ईरानी बलों की यह खतरनाक गतिविधि नौवहन की स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाती है, जबकि यह इलाका दुनिया के महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है.’ हमले की जगह नहीं बताई गई अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह नहीं बताया कि हमले कहां किए गए. हालांकि, ईरान के प्रशासनी टेलीविजन ने एक रिपोर्ट में कहा कि दक्षिणी बंदरगाह शहर सिरिक में शुक्रवार देर रात ताहेरोयेह घाट पर धमाके की आवाज सुनी गई. रिपोर्ट में एक सैन्य सूत्र के हवाले से कहा गया कि यह विस्फोट इलाके में किसी प्रोजेक्टाइल के गिरने से हुआ. ट्रंप ने ईरान के ड्रोन हमले को बताया ‘मूर्खतापूर्ण’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के कथित ड्रोन हमले की आलोचना करते हुए इसे युद्धविराम समझौते का ‘मूर्खतापूर्ण उल्लंघन’ बताया. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा,  ‘एक ड्रोन ने एक बड़े और बेहद महंगे मालवाहक जहाज के ऊपरी हिस्से को सीधे निशाना बनाया, जबकि तीन अन्य ड्रोन को मार गिराया गया.’ हालांकि, ट्रंप ने ही इस संघर्ष के बीच एक बयान दिया था कि सीजफायर का मतलब कम गोलीबारी होता है. लेकिन दोनों देशों के बीच कम गोलीबारी से दुनिया को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है. वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आगे कोई हमला हुआ तो उसका जवाब दिया जाएगा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,  ‘ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. हमने इसका पालन किया है. अगर उन्हें समझौते को लागू करने के तरीके पर कोई आपत्ति है तो वे फोन उठा सकते हैं. लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा.’  Iran signed a ceasefire agreement. We have honored it. If they have disagreements about how the MOU is being applied, they can pick up the phone. But violence will be met with violence. https://t.co/VWnBS1PWaV — JD Vance (@JDVance) June 26, 2026 ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया अमेरिकी हमलों के कुछ समय बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. गार्ड्स ने कहा,  ‘अगर दोबारा आक्रामकता की गई तो हमारा जवाब इससे कहीं ज्यादा व्यापक होगा.’ उसने अमेरिका के ऊपर इस्लामाबाद समझौते के आर्टिकल 5 के उल्लंघन का आरोप लगाया. ईरान ने कहा कि होर्मुज से पार हो रही शिप ने अनधिकृत रास्ते का उपयोग किया, जिस पर अटैक किया गया. यह बयान ईरानी प्रशासनी टीवी के टेलीग्राम पोस्ट के हवाले से सामने आया. हालांकि, हमले कहां हुए इसकी सटीक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है.  نیروی دریایی سپاه به تجاوز و عهدشکنی آمریکا پاسخ داد روابط عمومی سپاه: به دنبال نقض آتش‌بس رژیم صهیونیستی در جنوب لبنان، ساعاتی پیش رژیم پیمان‌شکن آمریکا نیز مانند همیشه دست به نقض تعهدات خود زد و به بهانه‌های مختلف از تردد یک کشتی متخلف از مسیر غیرمجاز در تنگه هرمز به حمله… — اخبار فوری جنگ (@WarNewsIr) June 26, 2026 फिर चोक हुआ होर्मुज स्ट्रेट! 28 फरवरी से पहले होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया भर के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का यातायात होता था. लेकिन इस दिन से छिड़े संग्राम के बाद से इस संकरे समुद्री मार्ग से तेल की सप्लाई लगभग ठप हो गई. हालांकि, जब दोनों पक्षों ने सीजफायर पर सहमति जताई तो माल ढुलाई फिर से शुरू हुई. यह युद्ध के पहले स्तर तक तो नहीं पहुंचा, लेकिन युद्ध के बाद की सबसे बड़ी शिपिंग शुरू हो गई थी. लेकिन इन ताजा हमलों की वजह से होर्मुज एक बार फिर से बंद हो गया है.  ये भी पढ़ें:- इजरायल-लेबनान के बीच शांति की नई पहल, अमेरिका ने करवाई डील, तो भड़के हिज्बुल्लाह ने कहा- गृहयुद्ध की ओर… अप्रैल से लागू है अमेरिका-ईरान युद्धविराम अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम 8 अप्रैल से लागू हुआ था, लेकिन इसके बाद भी क्षेत्र में छिटपुट हिंसा जारी रही. इस दौरान ईरानी बलों की ओर से जहाजों पर हमले और अमेरिका की ओर से ईरानी ठिकानों पर कार्रवाई की घटनाएं सामने आती रही हैं. ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने 17 जून को युद्ध खत्म करने के लिए 14 बिंदुओं वाला समझौता किया था. इस समझौते में तुरंत सैन्य गतिविधियां रोकने और दोनों देशों के बीच 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई थी. दोनों देशों ने सोमवार को स्विट्जरलैंड में बातचीत का पहला दौर भी पूरा किया था. वहीं अल अरेबिया की रिपोर्ट के मुताबिक 28 और 29 जून को एक

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अनाज नहीं, जहर उगा रहे खेत? कीटनाशक और कैंसर की कहानी ने किया चौंकाने वाला खुलासा

The India Story: Slow Poison: एक छोटी-सी दुनिया है, जहां हर तरफ हरी-भरी फसलें दिखती हैं, लेकिन इसी हरियाली के पीछे एक डरावनी सच्चाई छिपी है. यही कहानी है फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन’, जो दिखाती है कि हमारी रोजमर्रा की थाली में कैसे धीरे-धीरे जहर घुलता जा रहा है. फिल्म 24 जुलाई को रिलीज हो रही है. विरोध से शुरू होती है कहानी टीजर की शुरुआत एक बड़े विरोध-प्रदर्शन से होती है, जहां किसान और आम लोग सड़क पर उतर आते हैं. उनका गुस्सा वकील अर्चना (काजल अग्रवाल) के खिलाफ फूटता है. भीड़ उनके खिलाफ जोरदार नारे लगाती है और गुस्से में उनके पर कालिख भी पोत दी जाती है. इसके बाद कहानी कोर्टरूम ड्रामा में बदल जाती है. यहां श्रेयस तलपड़े का किरदार योगेश पांडे अपनी बेटी की मौत के केस को लेकर न्याय की मांग करता है. वह आरोप लगाता है कि उसकी 7 साल की बेटी की मौत कैंसर से हुई, लेकिन इसके पीछे असली वजह रोजमर्रा के खाने में मौजूद जहरीले केमिकल और पेस्टिसाइड्स हैं. फिल्म यह भी दिखाती है कि फल, सब्जियां, दूध और दही जैसी चीजों में धीरे-धीरे जहर मिल चुका है, जो शरीर को गंभीर बीमारियों की ओर ले जा रहा है. View this post on Instagram A post shared by MIG Production & Studios (@mig.productionandstudios) काजल अग्रवाल का पक्ष कोर्ट में वकील अर्चना (काजल अग्रवाल) इस मामले को एक अलग नजरिए से पेश करती हैं. वह कहती हैं कि इस समस्या के लिए सिर्फ किसान जिम्मेदार नहीं हैं. टीजर में वह कहती हैं, ”फल-सब्जियां ये सब किसानों के माध्यम से खरीदी जाती है, किसान जो पेस्टिसाइड इस्तेमाल कर रहे है, उन्हें बनाने वाली कंपनियां और कंपनियों को इजाजत देने वाली प्रशासन भी दोषी है.” एक पिता की दर्दभरी कहानी टीजर में योगेश पांडे अपनी बीमार बेटी को बचाने के लिए अस्पतालों के चक्कर लगाता है, हर जगह मदद की उम्मीद करता है, लेकिन हालात उसके खिलाफ जाते हैं. समय पर इलाज न मिलने की वजह से उसकी बेटी की मौत हो जाती है. बेटी की मौत के बाद योगेश न्याय के लिए पुलिस और सिस्टम के पास जाता है, लेकिन उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जाता. हरित क्रांति के नाम पर जहर टीजर में एक डायलॉग है, योगेश (श्रेयस तलपड़े) कहते हैं, ‘हरित क्रांति के नाम पर जो जहर का तूफान उठा है, वो रुकने का नाम ही नहीं रहा है.’ फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन’ का टीजर The post अनाज नहीं, जहर उगा रहे खेत? कीटनाशक और कैंसर की कहानी ने किया चौंकाने वाला खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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मंत्री भी, लाभार्थी भी! केंद्रीय मंत्री को अपने ही मंत्रालय की स्कीम से मिली 99 लाख की मदद

राजस्थान के बीचों-बीच फैले एक बड़े फार्म में ऊंची पत्थर की दीवारें और कांटेदार तार लगे हैं. यहां बाग, कृत्रिम तालाब और चार बड़े पॉलीहाउस बने हुए हैं. फार्म पर लगे एक बोर्ड पर साफ लिखा है कि इस परियोजना को हिंदुस्तान प्रशासन के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड से सहायता मिली है. फार्म पर लगे बोर्ड के मुताबिक, इस परियोजना के लाभार्थी भागीरथ चौधरी हैं. बोर्ड पर यह भी लिखा है कि उन्हें राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजना के तहत 50 प्रतिशत यानी 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई है. लेकिन इस बोर्ड पर एक अहम बात का जिक्र नहीं है. इसमें यह नहीं बताया गया कि लाभार्थी भागीरथ चौधरी सिर्फ किसान ही नहीं, बल्कि केंद्र प्रशासन में कृषि राज्य मंत्री भी हैं. इस संबंध में द इंडियन एक्सप्रेस ने समाचार प्रकाशित की है जिसके बाद सवाल उठने लगे हैं. तीन महीने पहले 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी मिली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को तीन महीने पहले 99.60 लाख रुपये की सब्सिडी मिली थी. रिपोर्ट के मुताबिक, यह सब्सिडी उसी मंत्रालय की एक योजना के तहत दी गई, जिसमें वह मंत्री हैं. इतना ही नहीं, जिस बोर्ड ने इस परियोजना को मंजूरी दी, उसके पदेन उपाध्यक्ष भी भागीरथ चौधरी ही हैं. यही बात अब विवाद की वजह बन गई है. यह योजना बड़े पैमाने पर सब्जियों और फूलों की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी. इसे मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के तहत 2014-15 में लॉन्च किया गया था. इस योजना का संचालन राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) करता है, जो कृषि मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है. मंत्रालय फिलहाल भागीरथ चौधरी के जिम्मे है. भागीरथ चौधरी NHB बोर्ड के हैं उपाध्यक्ष राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की वेबसाइट के मुताबिक, इसकी गतिविधियों का संचालन एक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स करता है. इस बोर्ड के पदेन अध्यक्ष केंद्रीय कृषि मंत्री होते हैं, जबकि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री पदेन उपाध्यक्ष की भूमिका निभाते हैं. ऐसे में भागीरथ चौधरी इस बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं. NHB की वेबसाइट पर पदेन उपाध्यक्ष के तौर पर सिर्फ “कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री” का पद लिखा है. हालांकि, संपर्क के लिए जो ईमेल दिए गए हैं, वे सीधे भागीरथ चौधरी से जुड़े बताए गए हैं. इनमें एक प्रशासनी ईमेल आईडी और एक जीमेल पता शामिल है. इससे यह स्पष्ट होता है कि बोर्ड में उपाध्यक्ष की भूमिका फिलहाल भागीरथ चौधरी ही निभा रहे हैं. सब्सिडी प्रस्तावों पर फैसला कौन लेता है? राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के अन्य सदस्यों में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव, हिंदुस्तानीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक और बागवानी क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी व उद्योग प्रतिनिधि शामिल हैं. यही बोर्ड विभिन्न परियोजनाओं और सब्सिडी प्रस्तावों पर फैसला लेता है. कागजों के आधार पर रिपोर्ट में बताया गया है कि इस योजना के तहत सब्सिडी वाली परियोजनाओं को मंजूरी देने में कृषि राज्य मंत्री की कोई सीधी भूमिका नहीं होती. अंतिम मंजूरी राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की परियोजना अनुमोदन समिति देती है. इस समिति में बोर्ड के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष शामिल नहीं होते. ऐसे में तकनीकी रूप से परियोजना की स्वीकृति प्रक्रिया में मंत्री की सीधी भागीदारी नहीं मानी जाती. इस मामले पर जवाब लेने के लिए द इंडियन एक्सप्रेस ने भागीरथ चौधरी को सवालों की एक सूची भेजी थी. उनसे पूछा गया था कि क्या अपने ही मंत्रालय की योजना के तहत सब्सिडी लेना हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) का मामला माना जा सकता है. समाचार प्रकाशित होने तक भागीरथ चौधरी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली थी. The post मंत्री भी, लाभार्थी भी! केंद्रीय मंत्री को अपने ही मंत्रालय की स्कीम से मिली 99 लाख की मदद appeared first on Naya Vichar.

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शशि थरूर के साले साहब संभालेंगे इंडियन आर्मी की सबसे बड़ी कमान, अपनी खुशी रोक नहीं पाए सांसद; कही ये बात

Shashi Tharoor Brother in Law Army: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने हिंदुस्तानीय सेना में एक अहम नियुक्ति को लेकर खुशी और गर्व जाहिर किया है. उन्होंने अपने बहनोई (साले साहब) लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर के हिंदुस्तानीय सेना की प्रतिष्ठित दक्षिणी कमान के नए सेना कमांडर नियुक्त होने पर उन्हें बधाई दी. शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर से फोन पर बात की और इस उपलब्धि पर अपनी खुशी जाहिर की. सोशल मीडिया एक्स पर किए गए पोस्ट में शशि थरूर ने राजेश पुष्कर के साथ एक फोटो साझा की. लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर शशि थरूर की दिवंगत पत्नी सुनंदा पुष्कर के भाई हैं. इस पोस्ट के साथ उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह हिंदुस्तानीय सेना का शानदार अभियान था. पाकिस्तान ने हिंदुस्तान के सामने घुटने टेके थे. उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है, जब भी सिंदूर-2 होगा हिंदुस्तानीय सेना जल, थल और नभ हर तरह से ऑपरेशन करने के लिए तैयार है.  1 जुलाई से संभालेंगे दक्षिणी कमान की जिम्मेदारी थरूर ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को दक्षिणी कमान का आर्मी कमांडर नियुक्त किया गया है. वह 1 जुलाई से इस जिम्मेदारी को संभालेंगे. उन्होंने लिखा कि हिंदुस्तानीय सेना में कुल छह ऑपरेशनल कमांड हैं और इनमें दक्षिणी कमान क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ी कमान है. यह देश के बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक हिस्सों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है. शशि थरूर ने जताया परिवार का गर्व थरूर ने अपने पोस्ट में कहा कि राजेश पुष्कर की सैन्य क्षमता, शानदार रिकॉर्ड और वर्दी के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें पूरा भरोसा है कि वह इस जिम्मेदारी को बेहतरीन तरीके से निभाएंगे. उन्होंने लिखा,  ‘उनकी सैन्य प्रतिभा, शानदार रिकॉर्ड और वर्दी के प्रति पूरी निष्ठा को जानते हुए मुझे पूरा विश्वास है कि वह इस जिम्मेदारी को सर्वोच्च सम्मान के साथ निभाएंगे.’ उन्होंने आगे कहा कि यह पूरे परिवार के लिए बेहद गर्व का क्षण है और देश के लिए भी भरोसे का समय है. एक सक्षम और समर्पित अधिकारी इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं. It’s official! I have just got off the phone with my brother-in-law, Lt Gen Rajesh Pushkar, and I simply cannot contain my immense pride and joy. He has just been appointed as the Army Commander of the prestigious Southern Command, effective July 1. To put this into perspective,… pic.twitter.com/zXPy54dFak — Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) June 26, 2026 पिपिंग सेरेमनी की तस्वीर भी साझा की शशि थरूर ने अपनी पोस्ट के साथ एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर और उनकी पत्नी अनु के साथ नजर आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि यह तस्वीर उस समय की है जब राजेश पुष्कर मेजर जनरल बने थे और उनकी ‘पिपिंग सेरेमनी’ हुई थी. ये भी पढ़ें:- ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सामने आए, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दर्ज हुई वीरों की गाथा थरूर ने नई भूमिका के लिए मांगीं शुभकामनाएं थरूर ने देशवासियों से भी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को शुभकामनाएं देने की अपील की. उन्होंने लिखा, ‘कृपया मेरे साथ मिलकर उन्हें शुभकामनाएं दें, क्योंकि वह इस नई भूमिका में देश की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं.’ पोस्ट के अंत में उन्होंने ‘जय हिंद!’ लिखा. The post शशि थरूर के साले साहब संभालेंगे इंडियन आर्मी की सबसे बड़ी कमान, अपनी खुशी रोक नहीं पाए सांसद; कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

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गया जी में टला रेल हादसा, ट्रैक पर रखी मिली लोहे की प्लेट, अचानक पहुंची बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस फिर…

गया जी से रोहित कुमार सिंह की रिपोर्टGaya Ji Railway News: गया जी से राजगीर जाने वाली बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गयी. रेलवे ट्रैक पर लोहे की प्लेट रखे जाने की सूचना मिलने के बाद ट्रेन चालक और गार्ड की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से समय रहते ट्रेन को रोक दिया गया. कैसे बची सैकड़ों यात्रियों की जान? इस सूझबूझ के कारण सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई और एक बड़ा रेल हादसा टल गया. घटना के बाद कुछ देर के लिए यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया, हालांकि रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ की तत्परता से स्थिति जल्द ही सामान्य कर ली गयी. रेलवे ट्रैक पर लोहे की प्लेट रात 1:05 बजे गया जंक्शन से खुली थी ट्रेन मिली जानकारी के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस रात करीब 1:05 बजे गया जंक्शन से राजगीर के लिए रवाना हुई थी. ट्रेन निर्धारित गति से आगे बढ़ रही थी. इसी दौरान चालक की नजर रेलवे ट्रैक पर रखी एक संदिग्ध लोहे की प्लेट पर पड़ी. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए चालक ने बिना देर किए ट्रेन की गति कम की और अंतिम रोक सिग्नल के समीप ट्रेन को सुरक्षित रोक दिया. समय रहते ट्रेन रुक जाने से संभावित बड़ा हादसा टल गया. Gaya Ji News: ड्राइवर और गार्ड ने दिखाई सूझबूझ घटना के दौरान ट्रेन के चालक नवनीत कुमार और गार्ड राजीव कुमार ने पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी का परिचय दिया. दोनों ने स्थिति का तत्काल आकलन करते हुए सुरक्षा नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की. चालक ने ट्रेन रोकने के साथ ही स्टेशन मास्टर, रेलवे कंट्रोल और संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी. उनकी त्वरित कार्रवाई की वजह से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकीं. अधिकारियों ने ट्रैक का किया निरीक्षण सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने पूरे ट्रैक का निरीक्षण किया और रेलवे लाइन पर रखी गयी लोहे की प्लेट को हटाया. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित है और आगे किसी प्रकार का खतरा नहीं है. सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ाने की अनुमति दी गयी. Rail Accident: 10 मिनट बाद फिर शुरू हुआ ट्रेन का परिचालन रेलवे अधिकारियों द्वारा ट्रैक की जांच और लोहे की प्लेट हटाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग 10 मिनट के भीतर बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस का परिचालन दोबारा शुरू कर दिया गया. ट्रेन को सावधानीपूर्वक आगे के लिए रवाना किया गया. इस दौरान यात्रियों को भी स्थिति की जानकारी दी गई, जिससे उनके बीच व्याप्त चिंता धीरे-धीरे समाप्त हो गयी. यात्रियों में मची रही अफरा-तफरी अचानक ट्रेन रुकने और रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध वस्तु मिलने की जानकारी मिलते ही यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. कई यात्री अपने डिब्बों से बाहर निकलकर घटना की जानकारी लेने लगे. हालांकि रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ ने यात्रियों को शांत रहने की अपील की और सुरक्षा व्यवस्था बनाएं रखी. अधिकारियों के आश्वासन के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली. Buddha Purnima Express: मामले की जांच में जुटा रेलवे प्रशासन घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है. रेलवे ट्रैक पर लोहे की प्लेट कैसे और किस उद्देश्य से रखी गयी. इसकी जांच शुरू कर दी गई है. आरपीएफ और संबंधित विभाग आसपास के क्षेत्र की जांच कर रहे हैं तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है. यदि इसमें किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जायेगी. सतर्क कर्मचारियों की हो रही सराहना इस घटना में ट्रेन चालक नवनीत कुमार और गार्ड राजीव कुमार की सूझबूझ और तत्परता की व्यापक सराहना हो रही है. उनकी समय पर की गई कार्रवाई ने संभावित बड़े रेल हादसे को टाल दिया और सैकड़ों यात्रियों की जान सुरक्षित रही. रेलवे अधिकारियों ने भी दोनों कर्मचारियों की सतर्कता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदार कार्यशैली सुरक्षा व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है. यात्रियों ने भी चालक और गार्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता के कारण वे सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर यात्रा जारी रख सकें. Also Read: जिले में आज मंडी का भाव : आम 50 तो सेब 280 रुपये किलो, घर से निकलने से पहले यहां देखें ताजे फल और किराना का सही भाव The post गया जी में टला रेल हादसा, ट्रैक पर रखी मिली लोहे की प्लेट, अचानक पहुंची बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस फिर… appeared first on Naya Vichar.

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बिहार की जेलों में रातों रात प्रशासनिक फेरबदल, एकसाथ 30 उपाधीक्षकों का तबादला, देखिए पूरी लिस्ट

Bihar Transfer News: बिहार की जेलों में रातों रात प्रशासनिक फेरबदल हुआ. पिछले दिनों बेऊर जेल के अधीक्षक पर कार्रवाई हुई थी. ऐसे में अब 30 उपाधीक्षकों का ट्रांसफर करते हुए नई जिम्मेदारी दी गई है. गृह विभाग की तरफ से आधिकारिक तौर पर अधिसूचना जारी कर दी गई है. इसमें सभी 30 उपाधीक्षकों को बिहार की विभिन्न केंद्रीय, मंडल (सब-डिविजनल) और जिला जेलों ट्रांसफर किया गया है. इस वजह से किया गया तबादला गृह विभाग की तरफ से जारी लेटर में सभी 30 उपाधीक्षकों को बिना देरी के नए पदस्थापन जगह पर जाने का निर्देश दिया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक आवश्यकता और कारा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बिहार प्रशासन की तरफ से तबादला किया गया है. इस तरह बड़े पैमाने में हुए फेरबदल से प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है. इन जेलों में हुआ तबादला पूर्णिया जिले के रहने वाले राजेश कुमार मिश्रा को मुंगेर मंडल कारा का उपाधीक्षक बनाया गया है. अरवल जिला के रामानुज राम को मोतिहारी केंद्रीय कारा, पश्चिम चंपारण के जितेंद्र प्रसाद गुप्ता को मधेपुरा मंडल कारा, पश्चिम चंपारण के ही सरवर इमाम खान को शेखपुरा मंडल कारा, भागलपुर के शिवमंगल प्रसाद को समस्तीपुर मंडल कारा, लखीसराय के प्रेमजीत कुमार को मंडल कारा कटिहार और नालंदा के धीरज कुमार को मंडल कारा बेतिया की जिम्मेदारी दी गई है. Also Read: बिहार के इन 12 जिलों में आज आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की एडवाइजरी The post बिहार की जेलों में रातों रात प्रशासनिक फेरबदल, एकसाथ 30 उपाधीक्षकों का तबादला, देखिए पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

पटना, बिहार, समस्तीपुर

बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु 28 जून को छह परीक्षा स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

समस्तीपुर मंडल द्वारा मधुबनी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, बापूधाम मोतिहारी, पूर्णिया कोर्ट एवं सुपौल से पाटलिपुत्र के लिए विशेष ट्रेनों का परिचालन नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर – बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2026 के अभ्यर्थियों की सुविधा तथा उनकी सुगम एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल द्वारा 28 जून 2026 (रविवार) को विभिन्न स्टेशनों से पाटलिपुत्र के लिए छह परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। विशेष ट्रेनों का विवरण निम्नानुसार है— 1. गाड़ी संख्या 03217 मधुबनी से 15:00 बजे प्रस्थान कर सिवान 22:00 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन दरभंगा–लहेरियासराय–समस्तीपुर– मुजफ्फरपुर–हाजीपुर–सोनपुर–छपरा होकर चलेगी। 2. गाड़ी संख्या 03218 दरभंगा से 14:45 बजे प्रस्थान कर पाटलिपुत्र 19:45 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन लहेरियासराय– समस्तीपुर–मुजफ्फरपुर–हाजीपुर होकर चलेगी। 3. गाड़ी संख्या 03219 मुजफ्फरपुर से 15:00 बजे प्रस्थान कर पाटलिपुत्र 18:00 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन हाजीपुर–सोनपुर होकर चलेगी। 4. गाड़ी संख्या 03220 बापूधाम मोतिहारी से 15:00 बजे प्रस्थान कर पाटलिपुत्र 20:30 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन चकिया–मुजफ्फरपुर–हाजीपुर होकर चलेगी। 5. गाड़ी संख्या 03221 पूर्णिया कोर्ट से 15:00 बजे प्रस्थान कर पाटलिपुत्र 22:00 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन सहरसा–खगड़िया– बेगूसराय–बरौनी– शाहपुर पटोरी–हाजीपुर होकर चलेगी। 6. गाड़ी संख्या 03222 सुपौल से 14:45 बजे प्रस्थान कर पाटलिपुत्र 21:00 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन सहरसा–खगड़िया– बेगूसराय–बरौनी– शाहपुर पटोरी–हाजीपुर होकर चलेगी।

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वेनेजुएला में भूकंपों का कहर, 920 लोगों की मौत के बाद फिर कांपी धरती; बचाव अभियान जारी

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला अभी दो भीषण भूकंपों से हुई तबाही से उबर भी नहीं पाया था कि शुक्रवार दोपहर देश के उत्तरी तट के पास एक बार फिर धरती हिल गई. नए भूकंप का झटका राजधानी कराकस और मराकाय समेत कई इलाकों में महसूस किया गया. अंतरराष्ट्रीय भूकंप निगरानी एजेंसी ईएमएससी (EMSC) के अनुसार, इस नए भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई है. हालांकि, इससे किसी बड़े नुकसान की तत्काल जानकारी सामने नहीं आई है. अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, वेनेजुएला में शुक्रवार को एक और भूकंप दर्ज किया गया. इस भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई, जिसका केंद्र एल लिमोन से 54 किलोमीटर उत्तर में स्थित था. USGS के मुताबिक, यह भूकंप 26 जून 2026 को रात 10 बजकर 16 मिनट (UTC) पर आया. इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर दर्ज की गई, जबकि भूकंप का स्थान 10.800°N अक्षांश और 67.599°W देशांतर पर बताया गया है. यह भूकंप 24 तारीख को आए विनाशाकारी डबलेट भूकंप के आफ्टरशॉक के रूप में देखा जा रहा है.   दो बड़े भूकंपों में अब तक 920 लोगों की मौत बुधवार को वेनेजुएला में लगातार कुछ ही सेकंड के अंतराल पर दो शक्तिशाली भूकंप आए थे. इनकी तीव्रता क्रमशः 7.2 और 7.5 मापी गई थी. इन दोनों भूकंपों को वेनेजुएला में एक सदी से ज्यादा समय में आए सबसे शक्तिशाली झटकों में शामिल किया जा रहा है. भूकंप के कारण सबसे ज्यादा तबाही ला ग्वाइरा, कराकस और देश के उत्तरी तटीय राज्यों में हुई. कई इमारतें पूरी तरह ढह गईं और जरूरी बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा. वेनेजुएला में इन भूकंपों से मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 920 हो गई है. वहीं, अधिकारियों के अनुसार, करीब 3360 लोग घायल हुए हैं. वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने शुक्रवार को नए आंकड़ों की जानकारी दी. मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी अधिकारियों ने यह भी बताया कि करीब 50 हजार लोग अभी भी लापता हैं. इस वजह से आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. भूकंप के बाद बचाव दल लगातार ढही हुई इमारतों के मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं. राहतकर्मी जीवित बचे लोगों को निकालने के लिए दिन-रात अभियान चला रहे हैं. ये भी पढ़ें:- इजरायल-लेबनान के बीच शांति की नई पहल, अमेरिका ने करवाई डील, तो भड़के हिज्बुल्लाह ने कहा- गृहयुद्ध की ओर… कई देशों से पहुंच रही अंतरराष्ट्रीय मदद वेनेजुएला की इस बड़ी प्राकृतिक आपदा के बाद कई देशों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. अमेरिका, हिंदुस्तान, मैक्सिको, स्पेन, जर्मनी, स्विट्जरलैंड और कोलंबिया से राहत सामग्री और विशेषज्ञ टीमें पहुंचनी शुरू हो गई हैं. मदद में मेडिकल टीम, खोज और बचाव दल, विशेष प्रशिक्षित खोजी कुत्ते, आपातकालीन राहत सामग्री और अस्थायी अस्पताल शामिल हैं. हिंदुस्तान ने दो C-130 विमानों के साथ करीब 35 टन राहत सामग्री भेजी है. इसे लेकर हिंदुस्तानीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल 41 सदस्यीय हिंदुस्तानीय जवान रवाना हुए हैं. इनमें 9 डॉक्टर्स भी शामिल हैं. साथ ही मेडिकल सुविधा से लैस 2 BHISHMA पोर्टेबल हॉस्पिटल भी शामिल है.  The post वेनेजुएला में भूकंपों का कहर, 920 लोगों की मौत के बाद फिर कांपी धरती; बचाव अभियान जारी appeared first on Naya Vichar.

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पहले दिन ही वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर छाई ‘वेलकम टू द जंगल’, क्या पीछे छूट गई ‘वेलकम’ और ‘वेलकम बैक’?

Welcome To The Jungle Box Office: अक्षय कुमार की मल्टी-स्टारर कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ सिनेमाघरों में 26 जून को रिलीज हो गई है. रिलीज के पहले ही दिन फिल्म ने हिंदुस्तान और विदेशों में अच्छी कमाई की. हालांकि सोशल मीडिया पर दर्शकों के रिएक्शन मिले-जुले नजर आए. कुछ लोगों ने फिल्म को फुल एंटरटेनर बताया, तो कई दर्शकों ने इसे सिर्फ पुरानी फिल्मों की यादों पर टिकी कॉमेडी कहा. आइए आपको बताते हैं कि दुनियाभर में मूवी ने कितनी कमाई की. Welcome To The Jungle Worldwide Box Office Collection Day 1: वर्ल्डवाइड ‘वेलकम टू द जंगल’ ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ अहमद खान के निर्देशन में बनी ‘वेलकम टू द जंगल’ के लिए मेकर्स ने रिलीज से एक दिन पहले पेड प्रीव्यू शो आयोजित किए थे. इन प्रीव्यू शोज से फिल्म ने 3.75 करोड़ रुपये की कमाई की. फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन पहले दिन 29 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. View this post on Instagram A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar) Welcome To The Jungle Collection Day 1: घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने कितनी कमाई की? Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, पहले दिन हिंदुस्तान में लगभग 15 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया. फिल्म देशभर में करीब 10,892 शोज में रिलीज हुई थी. इसी के साथ फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 18.75 करोड़ रुपये पहुंच गया है. अगर ग्रॉस कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने हिंदुस्तान में 22.50 करोड़ रुपये का ग्रॉस बिजनेस किया है. View this post on Instagram A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar) क्या टूटा ‘वेलकम’ और ‘वेलकम बैक’ के ओपनिंग डे का रिकॉर्ड? साल 2007 में रिलीज हुई ‘वेलकम’ में नाना पाटेकर के उदय भाई और अनिल कपूर के मजनू भाई वाले किरदार आज भी दर्शकों के फेवरेट माने जाते हैं. ओपनिंग डे कलेक्शन: 3.35 करोड़ इंडिया नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: 70.13 करोड़ वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: 119.50 करोड़ ‘वेलकम बैक’ (2015) 2015 में ‘वेलकम बैक’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई. इस बार फिल्म में अक्षय कुमार नजर नहीं आए और उनकी जगह जॉन अब्राहम ने लीड रोल निभाया. पहले दिन की कमाई: 14.40 करोड़ हिंदुस्तान में नेट कलेक्शन: 96.55 करोड़ वर्ल्डवाइड कलेक्शन: 168.70 करोड़ ऐसे में दोनों फिल्मों के ओपनिंग डे का रिकॉर्ड ‘वेलकम टू द जंगल’ (15 करोड़ रुपये) ने तोड़ दिया. यह भी पढ़ें– Welcome To The Jungle: फर्स्ट डे फर्स्ट शो के बाद सामने आया पब्लिक रिएक्शन, अक्षय की फिल्म पास या फेल? यह भी पढ़ें– Welcome To The Jungle: 104 डिग्री बुखार में भी शूटिंग करते रहे अक्षय, अक्षरा सिंह बोलीं- ऐसा जुनून कभी नहीं देखा The post पहले दिन ही वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर छाई ‘वेलकम टू द जंगल’, क्या पीछे छूट गई ‘वेलकम’ और ‘वेलकम बैक’? appeared first on Naya Vichar.

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रावण ने सिर्फ माता सीता का हरण किया लेकिन…, देखें राम मंदिर दान गबन मामले में क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री

Video : इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अयोध्या राम मंदिर के दान में कथित गड़बड़ी के मामले पर रिएक्शन दिया. उन्होंने कहा कि रावण ने सिर्फ माता सीता का हरण किया था, लेकिन यहां तो राम मंदिर के दानपात्र से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था ही लूट ली गई. करोड़ों लोगों का भरोसा चोरी हुआ है. शास्त्री ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है. उनका दावा है कि जांच आगे बढ़ने पर और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जांच के बाद पक्का है कि और लोग पकड़े जाएंगे. मैं और भी बहुत कुछ कह सकता हूं लेकिन हो सकता है किसी को बुरा लगे. किसी को बुरा लगे तो ये उसका काम…मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि रावण ने माता जानकी की चोरी की जिसका परिणाम ये निकला कि उसका परिवार सहित नाश हुआ. करोड़ों लोगों के दान दिए गए पैसे राम मंदिर में चोरी करने वाला पक्का है कि प्रशासनी  दंड पाएगा. पक्का है वो महादंड पाएगा. वीडियो में देखें धीरेंद्र शास्त्री ने कहा. #WATCH | Jakarta, Indonesia: On the alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement issue, Bageshwar Dham Peethadhish Dhirendra Krishna Shastri says, “Ravana only abducted Mata Janaki, but the faith of lakhs of people has been stolen from the Ram Mandir donation box… I… pic.twitter.com/WZcF1tq7G2 — ANI (@ANI) June 26, 2026 यह भी पढ़ें : Champat Rai: कौन हैं चंपत राय? 18 महीने जेल, राम मंदिर आंदोलन और अब महासचिव पद से इस्तीफा राम मंदिर दान गबन मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश में भाजपा और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. जांच एजेंसियों का दावा है कि अब तक आरोपियों के पास से 79.85 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं. इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे की चर्चाएं भी तेज हैं, हालांकि विहिप ने कहा है कि उसे ऐसी किसी जानकारी की जानकारी नहीं है. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. The post रावण ने सिर्फ माता सीता का हरण किया लेकिन…, देखें राम मंदिर दान गबन मामले में क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री appeared first on Naya Vichar.

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