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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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Drishyam 2 में क्यों हुई थी अक्षय खन्ना की कास्टिंग, निर्देशक अभिषेक पाठक ने किया खुलासा

मोहनलाल स्टारर “दृश्यम 3” का मलयालम वर्जन आखिरकार दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुका है. लंबे इंतजार के बाद इस सुपरहिट फ्रेंचाइजी का नया चैप्टर दर्शकों के सामने आया है. फिल्म के हिंदी वर्जन भी काफी पॉपुलर हुए थे. इसमें अजय देवगन, तब्बू और अक्षय खन्ना जैसे कलाकार हैं. इस फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है. दोनों पार्ट सुपरहिट रही है. अब हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अभिषेक पाठक ने बताया कि मलयालम “दृश्यम 2” को हिंदी दर्शकों के मुताबिक ढालना आसान नहीं था. दृश्यम 2 बनाने में आई चुनौती पर क्या बोले अभिषेक पाठक अभिषेक ने जूम संग बात करते हुए कहा कि उन्होंने इसे किसी चुनौती की तरह नहीं देखा, लेकिन हिंदी ऑडियंस की पसंद को समझने में काफी समय लग गया. अभिषेक के मुताबिक जब उन्होंने मलयालम फिल्म देखी तो उन्हें उसकी ओरिजनल कहानी काफी पसंद आई, लेकिन हिंदी दर्शकों के लिए फिल्म को अलग अंदाज में पेश करना जरूरी था. इसी वजह से उन्होंने स्क्रिप्ट पर लगभग डेढ़ साल तक काम किया. दृश्यम 2 में क्यों हुई थी अक्षय खन्ना की एंट्री अभिषेक ने यह भी खुलासा किया कि हिंदी वर्जन में कई बदलाव जानबूझकर किए गए थे. उन्होंने मलयालम फिल्म के कुछ हिस्सों और सबप्लॉट्स को हटाया और अपनी तरफ से नए एंगल जोड़े. खास तौर पर अक्षय खन्ना का किरदार हिंदी फिल्म में नया था, जो मलयालम वर्जन में मौजूद नहीं था. उन्होंने कहा कि पुलिस वाले का ट्रैक पहले से था, लेकिन वह ऑडियंस के लिए उसे ज्यादा दिलचस्प और अलग बनाना चाहते थे. यही कारण था कि कई नए सीन जोड़े गए ताकि फिल्म ज्यादा थ्रिलिंग लगे. तब्बू की एंट्री पर क्या बोले थे अभिषेक पाठक हाल ही में अभिषेक ने दृश्यम 3 में तब्बू की वापसी को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा कि भले ही दर्शकों को लगता है कि मीरा की कहानी सैम की अस्थियों के विसर्जन के साथ समाप्त हो गई है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ जानना बाकी है. बता दें कि अजय देवगन, श्रिया सरन, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव ‘दृश्यम 3’ में अपनी भूमिकाओं को दोहराएंगे. अभिषेक ने स्क्रिप्ट के लिए आमिल कीयन खान और परवेज शेख के साथ मिलकर काम किया है. फिल्म का निर्माण आलोक जैन, अजीत अंधारे, कुमार मंगत पाठक और स्वयं पाठक कर रहे हैं. यह भी पढ़ें- दूसरी बार शादी के बंधन में बंधेंगे अरमान और अभीरा, लेकिन दादी सा ने रख दी ये शर्त The post Drishyam 2 में क्यों हुई थी अक्षय खन्ना की कास्टिंग, निर्देशक अभिषेक पाठक ने किया खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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क्या मिथिलांचल को मिलेगी वंदे भारत? संजय झा ने अश्विनी वैष्णव को सौंपा इन ट्रेनों का नया रूट प्लान

Mithila Rail Connectivity: मिथिला क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा दिलाने को लेकर राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से नई दिल्ली में मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने रेल सेवाओं के विस्तार और रेलवे आधारभूत ढांचे के विकास को लेकर कई मांगें रखीं. सांसद ने रेल मंत्री को एक डिटेल्ड पत्र भी सौंपा. इस पर जल्द काम होने का आश्वासन मिला है. संजय झा ने रेल मंत्री से माता जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी से अयोध्या धाम जंक्शन तक वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस शुरू करने की मांग की. प्रस्तावित रूट रक्सौल और गोरखपुर होकर तय किया गया है. उनका कहना है कि इससे मिथिला और अयोध्या के बीच यात्रा काफी आसान हो जाएगी और श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी. आनंद विहार-लौकहा स्पेशल ट्रेन को नियमित करने की मांग सांसद ने दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से लौकहा तक चल रही स्पेशल ट्रेन को नियमित ट्रेन का दर्जा देने की मांग भी रखी. उन्होंने कहा कि इस ट्रेन को यात्रियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, इसलिए इसे स्थायी रूप से चलाया जाना चाहिए ताकि लोगों को सफर में परेशानी न हो. दरभंगा संपर्क क्रांति और अहमदाबाद ट्रेन विस्तार का प्रस्ताव रेल मंत्री को दिए गए पत्र में दरभंगा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को झंझारपुर तक बढ़ाने की मांग की गई है. सांसद ने सुझाव दिया कि शुरुआत में इसे सप्ताह में तीन दिन चलाया जा सकता है. इसके अलावा अहमदाबाद-दरभंगा ट्रेन को वाचस्पति नगर तक विस्तार देने की भी मांग रखी गई. मिथिला में बेहतर होगी रेल कनेक्टिविटी! नई दिल्ली में कल शाम (20 मई को) माननीय केंद्रीय रेल मंत्री @AshwiniVaishnaw जी से मुलाकात कर मिथिला में रेलवे सेवाओं के विस्तार तथा आधारभूत संरचना के विकास के संबंध में विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान उन्हें एक पत्र भी सौंपा, जिस पर… pic.twitter.com/M3flKkB4Fe — Sanjay Kumar Jha (@SanjayJhaBihar) May 21, 2026 रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर जोर मिथिला क्षेत्र में रेलवे ढांचे को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू करने का आग्रह किया गया है. इसमें हरनगर-हसनपुर रेल लाइन के निर्माण कार्य में तेजी लाने, तमुरिया स्टेशन को आधुनिक स्टेशन के रूप में विकसित करने और वहां गुड्स वर्क लाइन की स्वीकृति देने की मांग शामिल है. इसके साथ ही सकरी-झंझारपुर-फारबिसगंज रेलखंड के डबलिंग और तमुरिया से सुपौल नई रेल लाइन के सर्वेक्षण काम को जल्द पूरा कराने की भी मांग की गई है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें यात्रियों और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा फायदा संजय झा ने कहा कि अगर इन परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू होता है तो मिथिला क्षेत्र के लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी. इससे न केवल यात्रियों का सफर आसान होगा बल्कि क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और विकास को भी नई गति मिलेगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल मंत्रालय इन मांगों पर सकारात्मक फैसला लेकर मिथिला को रेलवे के क्षेत्र में बड़ी सौगात देगा. इसे भी पढ़ें: प्रशांत किशोर का प्रण, इस काम से पहले नहीं लौटेंगे घर, आश्रम से चलाएंगे अभियान The post क्या मिथिलांचल को मिलेगी वंदे हिंदुस्तान? संजय झा ने अश्विनी वैष्णव को सौंपा इन ट्रेनों का नया रूट प्लान appeared first on Naya Vichar.

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Falta Re-Polling: फालता में बंपर वोटिंग, शाम 5 बजे तक 86.11 फीसदी मतदान

Falta Re-Polling Updates: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फालता विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान शाम 63 बजे समाप्त हो गया. 144-फालता सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों पर री-पोलिंग कराई गई. चुनाव आयोग के अनुसार शाम 5 बजे तक 86.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. पिछली वोटिंग के दौरान गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान का फैसला लिया था. वोटों की गिनती 24 मई को होगी. सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गई और लोग बढ़-चढ़कर वोट डालने पहुंचे. #WATCH | South 24 Parganas, West Bengal: Polling begins in Falta Assembly Constituency. Votes will be counted on May 24. The re-poll across all 285 polling stations in 144-Falta Assembly Constituency, after irregularities were reported in the polling during the West Bengal… pic.twitter.com/po9IgqAGRo — ANI (@ANI) May 21, 2026 पिछली बार टीएमसी वाले दे रहे थे धमकी वोट डालने पहुंचे मतदाता देबाशीष घोष ने कहा कि इस बार वोटिंग पूरी तरह शांतिपूर्ण और सामान्य तरीके से हो रही है. घोष ने बताया कि उन्होंने बिना किसी डर के सही तरीके से वोट डाला, जिससे उन्हें सुकून मिला. उनका कहना है कि पिछली बार अलग-अलग नेतृत्वक दलों, खासकर टीएमसी कार्यकर्ताओं की ओर से दबाव और धमकियां दी जाती थीं. उन्होंने कहा कि लोग घर तक आकर तय समय पर वोट डालने के लिए कहते थे और इलाके में डर का माहौल बना हुआ था. VIDEO | West Bengal: Voting underway for the re-election to the Falta assembly seat in South 24 Parganas district, amid tight security. A voter, Debashish Ghosh, says, “Voting here has been completely normal and peaceful. Everything happened smoothy. I cast my vote properly… pic.twitter.com/quXSbcvF4r — Press Trust of India (@PTI_News) May 21, 2026 शांतिपूर्ण मतदान :  देबांग्शु पांडा बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने दावा किया कि इलाके में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है और माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा है. उन्होंने कहा कि लोग आराम से आ रहे हैं, वोट डाल रहे हैं और वापस जा रहे हैं. पांडा ने कहा कि बीजेपी यहां बड़ी जीत दर्ज करेगी. उन्होंने टीएमसी नेता जहांगीर खान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पहले ही अंदाजा हो गया है कि उनकी पार्टी को बहुत कम वोट मिलने वाले हैं. बीजेपी उम्मीदवार ने दावा किया कि उनकी पार्टी डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल करेगी. #WATCH | South 24 Parganas, West Bengal: BJP candidate from Falta assembly constituency, Debangshu Panda says, “The atmosphere is fine, there is no problem. There is a festive atmosphere. Voters are coming, casting their votes, and leaving; it’s a good atmosphere. BJP will win…… pic.twitter.com/4jLpgDWztN — ANI (@ANI) May 21, 2026 प्रत्येक मतदान केंद्र पर सीएपीएफ के आठ जवान तैनात राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के आठ जवान तैनात किये गये हैं. 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान प्रत्येक बूथ पर केवल चार जवानों को तैनात किया गया था. फालता विधानसभा क्षेत्र में 285 मतदान केंद्र हैं और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियां तैनात की गई हैं. पुनर्मतदान के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती पूर्व की तुलना में लगभग दोगुनी नजर आ रही है. इसके अतिरिक्त, किसी भी गड़बड़ी की स्थिति से तुरंत निपटने के लिए 30 त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्विक रिस्पांस टीम) भी तैनात हैं. तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने मैदान छोड़ा मंगलवार (19 मई) को तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने घोषणा की कि वह 21 मई को होने वाले पुन: मतदान में उम्मीदवार नहीं रहेंगे. तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि यह फैसला खान का व्यक्तिगत निर्णय है, पार्टी का नहीं. बीजेपी ने जहांगीर खान के खिलाफ देबांग्शु पांडा को उम्मीदवार बनाया है. इससे पहले, 29 अप्रैल को मतदान के दौरान कई मतदान केंद्रों से ईवीएम पर इत्र और चिपकने वाला टेप लगाए जाने की शिकायतें मिलने के बाद से निर्वाचन क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. यह भी पढ़ें : फालता में 21 मई को पुनर्मतदान: TMC के ‘पुष्पा’ आउट, BJP-कांग्रेस में सीधी भिड़ंत फालता विधानसभा सीट पर मुकाबला किनके बीच? टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर के चुनाव मैदान से हटने के बाद अब फालता विधानसभा सीट पर मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है. हालांकि इस इलाके में लंबे समय तक माकपा का दबदबा रहा है, इसलिए वाम दलों को भी पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. The post Falta Re-Polling: फालता में बंपर वोटिंग, शाम 5 बजे तक 86.11 फीसदी मतदान appeared first on Naya Vichar.

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भारत का एक और दुश्मन ढेर: पुलवामा हमले की साजिश रचने वाला आतंकी हमजा बुरहान मारा गया

Hamza Burhan killed: बुरहान पाकिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा था. उसे मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया. 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा हमले की साजिश रचने में हमजा बुरहान की बड़ी भूमिका थी. उस हमले में सीआरपीएफ (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे. 2022 में मोदी प्रशासन ने बुरहान को किया था आतंकवादी घोषित केंद्र की नरेंद्र मोदी प्रशासन ने 2022 में हमजा बुरहान को आतंकवादी घोषित किया था. प्रशासन की ओर से तो अधिसूचना जारी की गई थी, उसमें कहा गया था- अरजुमंद गुलजार डार उर्फ ​​हमजा बुरहान उर्फ ​​डॉक्टर, उम्र 23 वर्ष, खरबतपोरा, रत्नीपोरा, पुलवामा का निवासी है. अल बदर का सहयोगी सदस्य है, जो UAPA के तहत नामित एक आतंकवादी संगठन है. 2017 में उच्च शिक्षा लेने के बहाने पाकिस्तान गया था बुरहान, बन गया आतंकवादी हमजा बुरहान 2017 में उच्च शिक्षा हासिल करने के बहाने पाकिस्तान गया था. वहां जाकर वह आतंकी संगठन अल-बदर में शामिल हो गया. उसके बाद वह संगठन का कमांडर भी बन गया. The post हिंदुस्तान का एक और दुश्मन ढेर: पुलवामा हमले की साजिश रचने वाला आतंकी हमजा बुरहान मारा गया appeared first on Naya Vichar.

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आंध्र प्रदेश के नक्सलियों को भी भायी झारखंड की आत्मसमर्पण नीति, दो ने किया सरेंडर

रांची से प्रणव की रिपोर्ट Naxalite Surrender: झारखंड प्रशासन की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का असर अब दूसरे राज्यों के नक्सलियों पर भी दिखाई देने लगा है. गुरुवार 21 मई 2026 को रांची में 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. इनमें आंध्र प्रदेश के दो सक्रिय नक्सली भी शामिल हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झारखंड में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियान और बेहतर पुनर्वास नीति के कारण उग्रवादी मुख्यधारा में लौट रहे हैं. आंध्र प्रदेश के दो बड़े नक्सलियों ने छोड़ा संगठन आत्मसमर्पण करने वालों में पहला नाम विश्वनाथ उर्फ संतोष उर्फ सिलाय उर्फ डोंगा उर्फ गंगाधर उर्फ नरसन्ना का है. वह आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के नरेंद्रपुरम थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है. नक्सली संगठन में उसकी पहचान एक सक्रिय सदस्य के रूप में थी. जानकारी के मुताबिक वह चाईबासा क्षेत्र में सक्रिय स्पेशल एरिया कमेटी का सदस्य था. दूसरी नक्सली पूनम उर्फ जोभा उर्फ भवानी उर्फ सुजाता है. वह भी आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले की रहने वाली है. उसका संबंध रीजनल कमेटी से बताया गया है और वह लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रही थी. पुलिस ने बताया बड़ी सफलता झारखंड पुलिस के अनुसार दोनों नक्सलियों ने संगठन की हिंसक विचारधारा से तौबा करते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है. अधिकारियों का कहना है कि लगातार दबाव, सुरक्षा बलों के अभियान और प्रशासन की पुनर्वास नीति का असर नक्सली संगठनों पर साफ दिखाई दे रहा है. इसे भी पढ़ें: एसपी का दावा: गुमला हुआ नक्सलमुक्त, 5 लाख के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर पुनर्वास योजना का मिलेगा लाभ प्रशासन की नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी. पुलिस अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में और भी नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगे. इसे भी पढ़ें: नौकरी के नाम ठगी मामले पर बोले बीसीसीएल सीएमडी – बख्शे नहीं जाएंगे संलिप्त कर्मचारी The post आंध्र प्रदेश के नक्सलियों को भी भायी झारखंड की आत्मसमर्पण नीति, दो ने किया सरेंडर appeared first on Naya Vichar.

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मैच्योरिटी से पहले PPF से पैसा निकालना है? ये नियम जानना है जरूरी

PPF Withdrawal: पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) हिंदुस्तान में लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए सबसे भरोसेमंद और पॉपुलर प्रशासनी स्कीम है. सालाना 7.1% का ब्याज और E-E-E (एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट) टैक्स स्टेटस इसे बेहद खास बनाता है. नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत इसमें हर साल ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है, साथ ही ब्याज और मैच्योरिटी की रकम भी पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है. वैसे तो यह स्कीम 15 साल के लिए होती है, लेकिन अगर आपको बीच में पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो इसके नियम क्या हैं? आइए आसान भाषा में इस बात को समझते हैं. मैच्योरिटी से पहले पैसा कब और कितना निकाल सकते हैं? अगर आपका PPF अकाउंट चल रहा है और आपको बीच में पैसों की जरूरत है, तो आप 7वें फाइनेंशियल ईयर (यानी 6 साल पूरे होने के बाद) से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) कर सकते हैं. साल में केवल एक बार ही ऐसा करने की अनुमति होती है. यह पैसा आप मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की हायर एजुकेशन या NRI बनने की स्थिति में निकाल सकते हैं. आप कितना पैसा निकाल सकते हैं, इसकी एक लिमिट तय है. नीचे दिए गए दो आंकड़ों में से जो भी रकम कम होगी, आप उतना ही निकाल पाएंगे: पिछले फाइनेंशियल ईयर के आखिर में आपके अकाउंट में मौजूद बैलेंस का 50%. चालू वर्ष से ठीक 4 साल पहले वाले साल के आखिर में मौजूद बैलेंस का 50%. पैसे निकालने के लिए आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस में अपनी पासबुक की कॉपी के साथ ‘Form C’ भरकर जमा करना होगा. क्या अकाउंट को समय से पहले बंद किया जा सकता है? हां, खाता खोलने के 5 साल बाद आप PPF अकाउंट को पूरी तरह बंद (Premature Closure) कर सकते हैं. लेकिन ऐसा सिर्फ तीन खास हालातों में ही हो सकता है: अकाउंट होल्डर या परिवार को कोई गंभीर बीमारी होने पर, बच्चों की हायर एजुकेशन के लिए, या रेजिडेंट स्टेटस बदलकर NRI होने पर. ध्यान रहे, समय से पहले अकाउंट बंद करने पर 1% की पेनल्टी लगती है. यानी अकाउंट खोलने के दिन से (या मौजूदा 5 साल के ब्लॉक पीरियड की शुरुआत से) मिलने वाले ब्याज में 1% की कटौती कर दी जाएगी. इसके लिए आपको ‘Form C’ और ‘Form SB-7B’ भरकर अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस में सबमिट करना होगा.  15 साल की मैच्योरिटी के बाद क्या नियम हैं? 15 साल पूरे होने पर आपका PPF अकाउंट मैच्योर हो जाता है. इस समय आप बिना किसी पेनल्टी या पाबंदी के अपना पूरा 100% पैसा निकाल सकते हैं. इसके लिए बस ‘Form C’ भरकर जमा करना होता है. अगर आप 15 साल बाद भी इस अकाउंट को जारी रखना चाहते हैं, तो आपके पास दो ऑप्शन होते हैं: नया निवेश जारी रखते हुए: ‘Form H’ भरकर आप अकाउंट को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं. इस दौरान आप उस ब्लॉक की शुरुआत में मौजूद कुल बैलेंस का अधिकतम 60% हिस्सा ही निकाल पाएंगे (साल में सिर्फ एक बार).  बिना नया निवेश किए: अगर आप मैच्योरिटी के एक साल के भीतर ‘Form H’ जमा नहीं करते हैं, तो अकाउंट अपने आप बिना निवेश के आगे बढ़ जाता है. इसमें आप जब चाहें पूरा पैसा निकाल सकते हैं और बचे हुए बैलेंस पर आपको ब्याज मिलता रहेगा.  PPF से निकाला गया हर एक रुपया पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है और इसे ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) में घोषित करने की भी जरूरत नहीं होती. हालांकि, वेल्थ क्रिएशन का फायदा उठाने के लिए जरूरी है कि आप इसमें से पैसा तभी निकालें जब बेहद जरूरी हो.  ये भी पढ़ें: PF का पैसा अब सीधे UPI से निकलेगा, जानिए क्या है प्रशासन का नया प्लान  The post मैच्योरिटी से पहले PPF से पैसा निकालना है? ये नियम जानना है जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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एसपी का दावा: गुमला हुआ नक्सलमुक्त, 5 लाख के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट Jharkhand News: झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच गुरुवार 21 मई 2026 को रांची में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. इस दौरान करीब 27 उग्रवादियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया. इनमें गुमला जिले के दो सक्रिय नक्सली भी शामिल हैं. पुलिस का दावा है कि इन दोनों के सरेंडर के बाद गुमला जिला पूरी तरह नक्सलमुक्त हो गया है. 5 लाख का इनामी नक्सली भी शामिल गुमला पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में एक पांच लाख रुपये का इनामी नक्सली भी शामिल है. उसकी पहचान लिपिन बैद उर्फ युजिन बैद के रूप में हुई है. वह गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के अंबाकोना गांव का रहने वाला बताया गया है. नक्सली संगठन में उसकी सक्रिय भूमिका रही थी और उस पर कई उग्रवादी मामलों में संलिप्तता के आरोप हैं. वहीं दूसरा नक्सली श्रवण गोप है, जो गुमला थाना क्षेत्र के कलीगा गांव का निवासी है. दोनों लंबे समय से उग्रवादी संगठन से जुड़े हुए थे. हथियार और गोलियां भी की जमा आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने हथियार और गोलियां भी पुलिस के सामने जमा कीं. जानकारी के मुताबिक एक इंसास राइफल समेत अन्य हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे गए हैं. पुलिस अधिकारियों ने इसे नक्सल अभियान में बड़ी सफलता बताया है. इसे भी पढ़ें: नौकरी के नाम ठगी मामले पर बोले बीसीसीएल सीएमडी – बख्शे नहीं जाएंगे संलिप्त कर्मचारी एसपी ने किया बड़ा दावा गुमला के पुलिस अधीक्षक हारीश बिन जमा ने कहा कि जिले में लगातार चलाए गए अभियान, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रशासन की पुनर्वास नीति का असर दिख रहा है. उन्होंने दावा किया कि अब गुमला जिला नक्सल प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो चुका है. पुलिस का कहना है कि मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों को प्रशासन की पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें. इसे भी पढ़ें: झारखंड पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक साथ बदल दिए गए 201 डीएसपी The post एसपी का दावा: गुमला हुआ नक्सलमुक्त, 5 लाख के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर appeared first on Naya Vichar.

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IGNOU में भी होता है प्लेसमेंट ड्राइव, जानें कैसे करें रजिस्ट्रेशन

IGNOU Placement: इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी IGNOU सिर्फ दूर बैठकर पढ़ाई कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां छात्रों को प्लेसमेंट का मौका भी दिया जाता है. फर्क बस इतना है कि यहां का सिस्टम बाकी रेगुलर कॉलेजों से थोड़ा अलग चलता है. इग्नू में कैंपस प्लेसमेंट प्लेसमेंट ड्राइव (IGNOU Campus Placement 2026) के नाम से होता है. इसमें अलग-अलग रीजनल सेंटर पर जॉब फेयर लगाए जाते हैं. IGNOU Placement Process: इग्नू में कैसे होता है प्लेसमेंट? IGNOU का अपना Campus Placement Cell यानी CPC होता है. यही टीम अलग-अलग कंपनियों के साथ मिलकर प्लेसमेंट ड्राइव (IGNOU Placement Drive) करवाती है. कई बार दिल्ली हेडक्वार्टर में Mega Placement Drive होती है. सबसे अच्छी बात ये है कि सिर्फ फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स ही नहीं, बल्कि पुराने छात्र यानी Alumni भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं. The Campus Placement Cell, IGNOU invites students and alumni to participate in an exclusive Placement Drive for the role of Business Development Executive (International Sales) with Flybunch Ventures Pvt. Ltd. pic.twitter.com/uGbaMe63Wq — IGNOU (@OfficialIGNOU) May 18, 2026 छात्रों को नियमित रूप से IGNOU की ऑफिशियल वेबसाइट का Announcements सेक्शन चेक करते रहना चाहिए. जब भी कोई प्लेसमेंट ड्राइव आती है, उसके लिए अलग से रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है. इसके अलावा इंटरव्यू में जाते समय IGNOU ID Card, अपडेटेड CV, पासपोर्ट साइज फोटो और जरूरी डॉक्यूमेंट्स साथ रखना बेहद जरूरी है. कैसा रहा प्लेसमेंट रिकॉर्ड? साल 2022 में IGNOU के Campus Placement Cell यानी CPC ने दिल्ली हेडक्वार्टर में एक प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित की थी. यह भर्ती प्रक्रिया Globiva कंपनी के लिए रखी गई थी. इसमें कुल 506 छात्रों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 133 छात्रों का चयन नौकरी के लिए हुआ. यह भी पढ़ें: IIT बॉम्बे या IIT मद्रास? CS के लिए कौन सा कॉलेज है बेस्ट, काउंसलिंग से पहले देखें रैंक The post IGNOU में भी होता है प्लेसमेंट ड्राइव, जानें कैसे करें रजिस्ट्रेशन appeared first on Naya Vichar.

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नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का विरोध मार्च, कहा- बीजेपी सरकार दोषियों को बचा रही

NEET Paper Leak : नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने राजस्थान के जयपुर में बीजेपी हेडक्वार्टर की ओर विरोध मार्च निकाला. विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांगा और यह आरोप लगाया कि बीजेपी पेपर लीक करने वालों को बचाने का काम कर रही है. पेपर लीक मामले की लीपापोती कर रही है बीजेपी राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीका राम जूली ने विरोध मार्च के दौरान कहा कि बीजेपी तानाशाही कर रही है. बीजेपी के कई अधिकारी इस पेपर लीक में शामिल पाए गए हैं, लेकिन बीजेपी उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि 100 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री चुप हैं. अबतक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो जाना चाहिए था. प्रदेश के शिक्षा मंत्री कह रहे हैं कि यह कोई बड़ी बात नहीं है.ये लोग पेपर लीक करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं. #WATCH | Jaipur, Rajasthan: Congress leaders and workers staged a protest march towards the BJP Headquarters over the NEET UG 2026 paper leak case. pic.twitter.com/ae96zC3dia — ANI (@ANI) May 21, 2026 बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है बीजेपी प्रशासन कांग्रेस ने विरोध मार्च के दौरान कहा कि बीजेपी प्रशासन देश के लाखों बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है. पेपर लीक होने के बाद जब परीक्षा कैंसिल हुई, बच्चों में डर समा गया. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि 2024 में जब पेपर लीक हुआ था, तो राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि नीट के पेपर चोरी हो रहे हैं, लाखों बच्चों के भविष्य से समझौता किया जा रहा है. इस मसले पर संसद में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन इन लोगों ने इस पर चर्चा नहीं की क्योंकि ये लोग खुद पेपर लीक में शामिल थे. ये भी पढ़ें : तमिलनाडु के सीएम विजय ने किया कैबिनेट का विस्तार, दो कांग्रेसी सहित 23 मंत्रियों ने ली शपथ The post नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का विरोध मार्च, कहा- बीजेपी प्रशासन दोषियों को बचा रही appeared first on Naya Vichar.

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हफ्ते-दो हफ्ते में कागजी कार्रवाई शुरू, सितंबर तक आ सकता है OpenAI का IPO 

OpenAI IPO: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में क्रांति लाने वाली कंपनी OpenAI अब शेयर बाजार में कदम रखने की तैयारी कर रही है. ‘द न्यूयार्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ChatGPT बनाने वाली यह कंपनी आने वाले कुछ हफ्तों में कॉन्फिडेंशियली इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर सकती है. अगर सब कुछ ठीक रहा, तो इस साल सितंबर तक OpenAI का IPO मार्केट में दस्तक दे सकता है. इस बड़े कदम के लिए कंपनी गोल्डमैन सैक्स और मॉर्गन स्टेनली जैसी दिग्गज वॉल स्ट्रीट बैंकों के साथ मिलकर काम कर रही है. क्या है OpenAI का पूरा प्लान?  OpenAI इस समय शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव पर पैनी नजर रखे हुए है, इसलिए आईपीओ की सटीक तारीख में थोड़ा बदलाव हो सकता है. फिलहाल कंपनी के स्पोक्सपर्सन ने इस पर सीधा जवाब न देते हुए कहा कि वे सामान्य गवर्नेंस के तहत रणनीतिक ऑप्शंस का मूल्यांकन कर रहे हैं और उनका पूरा ध्यान काम को बेहतर तरीके से पूरा करने पर है. आपको बता दें कि इस साल हुए एक फंडिंग राउंड के बाद प्राइवेट मार्केट में OpenAI की वैल्यू 730 अरब डॉलर (USD 730 Billion) आंकी गई है, और इसमें उनका लेटेस्ट इन्वेस्टमेंट शामिल नहीं है. यह आईपीओ ग्लोबल टेक रेस को एक नए मुकाम पर ले जाएगा.  कौन सी और कंपनियां हैं लाइन में?  बाजार में सिर्फ OpenAI ही अकेली नहीं है. एलन मस्क की रॉकेट और सैटेलाइट कंपनी ‘SpaceX’, जिसकी वैल्यू 1 ट्रिलियन डॉलर (USD 1 Trillion) से ज्यादा है, वह भी अगले महीने तक शेयर बाजार में आ सकती है. इसके अलावा OpenAI की प्रतिद्वंदी कंपनी ‘Anthropic’ भी 900 अरब डॉलर (USD 900 Billion) की वैल्यूएशन पर फंड जुटा रही है और पब्लिक होने की तैयारी में है. एक्स्पर्ट्स का मानना है कि इस आईपीओ बूम से सिलिकॉन वैली के टेक अधिकारियों की संपत्ति में भारी इजाफा होगा, जिससे दुनिया के पहले ट्रिलेनियर (Trillionaires) सामने आ सकते हैं. साथ ही, कंपनियों के कर्मचारियों और वॉल स्ट्रीट बैंकों को भी इससे भारी मुनाफा होगा.  क्या हैं OpenAI के सामने चुनौतियां?  एक तरफ जहां बिजनेस में भारी मुनाफे की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ एआई टेक्नोलॉजी का विरोध भी तेज हो रहा है. दुनिया भर में लोग अपने इलाकों में बन रहे डेटा सेंटर्स का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका में पेरेंट्स ग्रुप्स, एनवायरनमेंटलिस्ट्स और रिलिजियस लीडर्स का एक बड़ा आंदोलन खड़ा हो रहा है, जिन्हें डर है कि एआई के कारण उनकी नौकरियां, मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. हालांकि, OpenAI के लिए सोमवार को एक अच्छी समाचार आई जब एक अमेरिकी अदालत और जूरी ने एलन मस्क के उस मुकदमे को खारिज कर दिया, जो OpenAI की प्रॉफिट कमाने वाली (for-profit) कंपनी को बंद कराना चाहता था. इस कानूनी जीत ने OpenAI के आईपीओ का रास्ता काफी हद तक साफ कर दिया है.  ये भी पढ़ें: रिकॉर्ड गिरावट के बाद संभला हिंदुस्तानीय रुपया, 41 पैसे की आई मजबूती; जानें ट्रंप के किस बयान का हुआ असर The post हफ्ते-दो हफ्ते में कागजी कार्रवाई शुरू, सितंबर तक आ सकता है OpenAI का IPO  appeared first on Naya Vichar.

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