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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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बंगाल में हारीं ममता बनर्जी, 7 फीसदी वोट कम होते ही हाथ से निकलीं 133 सीटें, बीजेपी के 45 प्रतिशत वोट ने उखाड़ फेंका टीएमसी का साम्राज्य

खास बातें भाजपा को मिले 45.43 प्रतिशत वोट 294 सीटों पर लड़ने वाली कांग्रेस को मिले 3.20 फीसदी वोट 7 दलों को जितने वोट मिले, उससे ज्यादा लोगों ने NOTA दबाया परिवर्तन की वो लहर जिसे कोई पढ़ न सका West Bengal Election Results 2026 Vote Share: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने 15 साल से प्रशासन चला रही ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से उखाड़ फेंका. प्रदेश में भाजपा की ऐसी सुनामी चली कि टीएमसी के बड़े-बड़े दिग्गज चुनाव हार गये. लंबे समय बाद अकेले 294 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस पार्टी के वोट शेयर में 2021 की तुलना में 0.19 प्रतिशत का इजाफा देखा गया. 5 साल पहले पार्टी को 3.03 प्रतिशत वोट मिले थे, जब उसने वाममोर्चा के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था. भाजपा को मिले 45.43 प्रतिशत वोट हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया और 45.43 प्रतिशत वोट हासिल करके राज्य की सत्ता पर काबिज हो गयी. समाचार लिखे जाने तक भाजपा को 2,30,66,722 (45.43 प्रतिशत) वोट मिले हैं. तृणमूल कांग्रेस को 2,07,43,545 (40.86 प्रतिशत) मत प्राप्त हुए हैं. वोट के मामले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) तीसरे नंबर पर रही. उसे 22,12,478 (4.30 फीसदी) वोट मिले हैं. कांग्रेस को 16,46,997 (3.20) मत मिले हैं. 294 सीटों पर लड़ने वाली कांग्रेस को मिले 3.20 फीसदी वोट कांग्रेस को वर्ष 2021 में 3.03 प्रतिशत वोट मिले थे. इस बार उसका वोट बढ़कर 3.20 फीसदी हो गया. भाजपा को 37.97 प्रतिशत और टीएमसी को 2021 में 48.02 फीसदी मत मिले थे. इस तरह भाजपा ने बड़ी छलांग लगायी है और तृणमूल कांग्रेस के वोट प्रतिशत में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है. भाजपा ने टीएमसी से 4.57 प्रतिशत अधिक वोट हासिल किये और उसके सीटों की संख्या 77 से बढ़कर 205 हो गयी. यानी 128 सीटों का फायदा. तृणमूल का वोट शेयर 7.16 फीसदी घटा और उसके हाथ से 133 सीटें निकल गयीं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 7 दलों को जितने वोट मिले, उससे ज्यादा लोगों ने NOTA दबाया ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम, बहुजन समाज पार्टी, भाकपा (माले – लिबरेशन), आईयूएमएल, आरएएसएलजेपी और आरएसपी जैसी छोटी पार्टियों को जितने लोगों ने मतदान किया है, उससे ज्यादा लोगों ने नोटा (NOTA) का बटन दबाया. उपरोक्त 7 दलों को कुल 3,90,307 वोट मिले हैं, जबकि 4,03,918 लोगों ने नोटा का बटन दबाया. अन्य दलों को 4.56 प्रतिशत वोट मिले हैं. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव परिणाम आते ही शुरू हुई हिंसा, जामुड़िया में टीएमसी कार्यालय को फूंका, भाजपा पर लगे आरोप West Bengal Election Results 2026 Vote Share: परिवर्तन की वो लहर जिसे कोई पढ़ न सका विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा ने टीएमसी के वोट बैंक में 4.57 प्रतिशत की जो अतिरिक्त सेंधमारी की, वही ‘गेम चेंजर’ साबित हुई. भ्रष्टाचार और सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) के कारण टीएमसी के कोर वोटर्स ने किनारा कर लिया, जिसका सीधा फायदा भाजपा को हुआ और बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ के नारे के साथ भगवा राज की शुरुआत हो गयी. इसे भी पढ़ें बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत, काउंटिंग के बीच टीएमसी उम्मीदवारों ने लगाये धांधली के आरोप, कहा- कुछ गड़बड़ है… बंगाल में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? शुभेंदु अधिकारी का पलड़ा क्यों है सबसे भारी? काउंटिंग के बीच ममता बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया- काउंटिंग सेंटर में हमारे लोगों को रोका गया, घर के बाहर लगे जय श्रीराम के नारे गाल चुनाव 2026: काउंटिंग से पहले भवानीपुर में हाई-वोल्टेज ड्रामा, ममता बनर्जी ने खुद संभाला मोर्चा, पढ़ें बवाल की इनसाइड स्टोरी The post बंगाल में हारीं ममता बनर्जी, 7 फीसदी वोट कम होते ही हाथ से निकलीं 133 सीटें, बीजेपी के 45 प्रतिशत वोट ने उखाड़ फेंका टीएमसी का साम्राज्य appeared first on Naya Vichar.

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असम में हिमंता की आंधी में भी चला हेमंत का ‘तीर’, कांग्रेस के वोट बैंक में की सेंधमारी

Assam Election Result 2026, गुवाहटी: असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने एक तरफ जहां हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के लिए इतिहास रच दिया है, वहीं दूसरी तरफ झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का भी इस इलेक्शन में धमक है. चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, असम में एक बार फिर ‘केसरिया’ लहरा रहा है और भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार प्रशासन बनाने जा रही है. झामुमो ने 5 सीटों पर 15 हजार से अधिक वोट हासिल किए असम की 126 विधानसभा सीटों में से भाजपा अकेले 82 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के आंकड़े से कहीं अधिक है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा ने असम में सत्ता की ‘हैट्रिक’ लगाते हुए तीसरी बार जीत हासिल की है. हालांकि, इस बड़ी जीत के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का प्रदर्शन भी बेहद शानदार रहा है. पार्टी के प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहली बार चुनावी मैदान में उतरने के बावजूद झामुमो ने 5 सीटों पर 15 हजार से अधिक वोट हासिल किए हैं.” Also Read: Assam Election 2026 Results Live: असम में BJP की बंपर जीत पक्की, सीएम हिमंता ने जताया जनता का आभार JMM को भले ही नहीं मिली सीट, पर जीता दिल भले ही असम में JMM का खाता नहीं खुला, लेकिन पार्टी ने जिस तरह से कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई है, वह भविष्य की नेतृत्व के लिए बड़े संकेत हैं. झामुमो ने असम के चाय बागान इलाकों (Tea Tribes) में रहने वाले झारखंडी मूल के लोगों के बीच अपनी पैठ बना ली है. ये बात हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि दो सीटों पर झामुमो ने कांग्रेस को हरा दिया है. जी हां, असम की मजबात (Mazbat) विधानसभा सीट से JMM प्रत्याशी प्रीति रेखा बारला ने 29,172 वोट हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया. यहां JMM ने कांग्रेस को तीसरे स्थान पर धकेल दिया है. यहां हाल भेरगांव में भी रहा. यहां कांग्रेस चौथे स्थान पर खिसक गई और JMM तीसरे नंबर पर रही. JMM का सीट वाइज प्रदर्शन मजबात: प्रीति रेखा बारला (29,172 वोट)भेरगांव: प्रभात दास पनिका (21,997 वोट)डिगबोई: भरत नायक (19,638 वोट)खूमताई: अमित नाग (17,090 वोट)मार्घेरिटा: गार्नेल मिंज (19,228 वोट)सोनारी: बलदेव तेली (14,419 वोट)रंगापाड़ा: मैथ्यू टोपनो- (14890 वोट)चबुआ: भूपेन सिंह मुरारी- (13265 वोट)बरचला: अबुल माजन- (7387 वोट)बिस्वनाथ: तेहारु गौर- (12501 वोट)नहरकटिया: संजय बाघ- (7538 वोट)तिंगखोंग: महावीर बास्के- (14205)डुलियाजान: पीटर जान- (8389 वोट) Also Read: ममता दीदी के नाम चिट्ठी, बंगाल की युवा पत्रकार ने लिख दी दिल की बात The post असम में हिमंता की आंधी में भी चला हेमंत का ‘तीर’, कांग्रेस के वोट बैंक में की सेंधमारी appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में डबल सेंचुरी, असम में बहुमत: पीएम मोदी ने बंगाल और असम जीत को बताया ऐतिहासिक

BJP Victory Celebrations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी हेडक्वार्टर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा- आज का दिन ऐतिहासिक है. ये जीत ऐतिहासिक है. उन्होंने BJP मुख्यालय में अपना संबोधन हिंदुस्तान माता की जय के उद्घोष के साथ शुरू किया. जीत का जश्न मनाने के लिए पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी पार्टी ऑफिस में मौजूदा रहे. #WATCH | Prime Minister Narendra Modi arrives at the party headquarters to celebrate the party’s performance in the Assam and West Bengal elections. pic.twitter.com/uLmH6HWSXL — ANI (@ANI) May 4, 2026 पीएम मोदी बोले- पश्चिम बंगाल में कमल खिला! पीएम मोदी ने एक्स पर बंगाल की जीत पर लोगों को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा- 2026 का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अविस्मरणीय रहेगा. जनता की शक्ति और भाजपा की सुशासन की नेतृत्व विजयी हुई है. मैं पश्चिम बंगाल के हर व्यक्ति को नमन करता हूं. जनता ने भाजपा को एक अभूतपूर्व जनादेश दिया है, और मैं उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि हमारी पार्टी पश्चिम बंगाल की जनता के सपनों, आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी. हम एक ऐसी प्रशासन बनाएंगे जो समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए अवसरों और गरिमा को सुनिश्चित करे. पीएम मोदी ने आगे लिखा- पीढ़ियों से अनगिनत कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों और संघर्षों के बिना, पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह ऐतिहासिक जीत संभव नहीं हो पाती. मैं उनमें से हर एक को नमन करता हूं साल-दर-साल, उन्होंने विपरीत परिस्थितियों का सामना किया है, जमीन पर कड़ी मेहनत की है और हमारे विकास के एजेंडे के बारे में बात की है. वे ही हमारी पार्टी की असली ताकत हैं. #WATCH | Delhi | Union Home Minister Amit Shah arrives at the party headquarters to celebrate the party’s performance in the Assam and West Bengal elections. pic.twitter.com/dR7X0XLoeX — ANI (@ANI) May 4, 2026 असम ने BJP-NDA को अपना आशीर्वाद दिया : पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने असम की जीत पर खुशी जताते हुए एक्स पर लिखा- असम ने एक बार फिर BJP-NDA को अपना आशीर्वाद दिया है! असम विधानसभा चुनावों में BJP-NDA की जीत, हमारे गठबंधन द्वारा विकास पर दिए जा रहे जोर और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों के प्रति अटूट समर्थन को दर्शाती है. मैं असम के अपने भाई-बहनों का इस जबरदस्त जनादेश के लिए धन्यवाद करता हूं. मैं उन्हें यह भी भरोसा दिलाता हूं कि हम राज्य के कायाकल्प के लिए लगातार काम करते रहेंगे. #WATCH | BJP National President Nitin Nabin arrives at the party headquarters in Delhi The party sweeps the Assam polls and is currently leading on 203 seats in West Bengal, way past the majority mark. pic.twitter.com/pFUzIu4H1h — ANI (@ANI) May 4, 2026 बंगाल में बीजेपी को 55 सीटों पर मिली जीत, 149 पर आगे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी अब तक 55 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है. जबकि 149 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. वहीं असम की बात करें तो बीजेपी को 63 सीटों पर जीत मिली है. जबकि 19 सीटों पर आगे चल रही है. असम में बीजेपी गठबंधन के 101 सीट जीतने का अनुमान लगाया जा रहा है. The post बंगाल में डबल सेंचुरी, असम में बहुमत: पीएम मोदी ने बंगाल और असम जीत को बताया ऐतिहासिक appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

स्वास्थ्य केंद्रों की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी का बड़ा अभियान; वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर– जिलाधिकारी, समस्तीपुर के विशेष निर्देश पर आज जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु एक व्यापक ‘पुनः जांच’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के 102 स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/APHC) का औचक निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और प्रशासनिक अनुशासन को सुनिश्चित किया जा सके। प्रमुख अधिकारियों को सौंपी गई कमान: जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं: श्री आशुतोष आनन्द (परियोजना पदाधिकारी-सह-निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन): इनके द्वारा स्वा० उपकेन्द्र भागिरथपुर एवं परतापुर की जांच की जा रही है। जिला कल्याण पदाधिकारी: इन्हें सरायरंजन एवं उजियारपुर के स्वास्थ्य केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है।पुष्पिता झा एवं श्री संदीप झा (वरीय उप समाहर्ता): ये अधिकारी क्रमशः बासुदेवपुर, भागिरथपुर और आयुर्वेदिक औषधालय, समस्तीपुर की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO): विभिन्न प्रखंडों के BDO जैसे श्री सुप्रभात कुमार (कल्याणपुर), श्री अजमल प्रवेज (वारिसनगर) और श्री विजय कुमार चन्द्रा (खानपुर) अपने-अपने क्षेत्रों के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की गहन जांच कर रहे हैं। अंचल अधिकारी (CO) एवं राजस्व अधिकारी: श्रीमती पल्लवी (पूसा), सुश्री आरती कुमारी (ताजपुर) और श्रीमती प्रीति कुमारी मिश्रा (दलसिंहसराय) जैसे अधिकारी भी आवंटित केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता और कर्मियों की उपस्थिति की जांच कर रहे हैं। जाँच के मुख्य बिंदु: जिलाधिकारी ने सभी जाँच अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित रिपोर्ट आज अपराह्न 02:00 बजे तक समर्पित करें: उपस्थिति: चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की समय पर उपस्थिति। दवा भंडार: आवश्यक दवाओं का स्टॉक और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता। बुनियादी ढांचा: पेयजल, बिजली, साफ-सफाई और मरीजों के बैठने की व्यवस्था। उपकरण: चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता और रख-रखाव। प्रशासनिक संकल्प: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विभागीय निर्देशों के आलोक में यह दूसरी बार की जा रही जांच (Follow-up Inspection) है। इसका मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि 23 अप्रैल की जांच के बाद कमियों में कितना सुधार हुआ है। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों या अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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शुभेंदु अधिकारी की कुंडली विश्लेषण: ग्रह योग, राजनीतिक सफलता और भविष्य की संभावनाएं

Suvendu Adhikari kundli Analysis: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बढ़त के पीछे जिन नेताओं की अहम भूमिका मानी जा रही है, उनमें शुभेंदु अधिकारी प्रमुख हैं. उन्हें इस सफलता का मुख्य चेहरा कहा जा सकता है. कभी तृणमूल कांग्रेस के मजबूत नेता रहे अधिकारी अब बीजेपी के प्रभावशाली नेता बन चुके हैं. उनकी आक्रामक रणनीति, मजबूत जमीनी पकड़ और संगठन क्षमता ने बंगाल की नेतृत्व में बड़ा बदलाव लाकर बीजेपी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा से जानें क्या कहती है शुभेंदु अधिकारी की कुंडली शुभेंदु अधिकारी की ऐसी है कुंडली शुभेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को दोपहर 12:00 बजे कोलकाता में हुआ माना गया है. इनका जन्म पुनर्वसु नक्षत्र (तृतीय चरण), मंगलवार के दिन ब्रह्म योग में हुआ है. मीन लग्न की कुंडली होने के कारण इनका स्वभाव संवेदनशील, आध्यात्मिक और दूरदर्शी माना जाता है. जन्म के समय गुरु महादशा का प्रभाव रहा, जो जीवन में ज्ञान, सम्मान और मार्गदर्शन की भूमिका को दर्शाता है. ग्रह स्थिति और प्रमुख योग कुंडली में लग्नेश गुरु नवम भाव में सूर्य के साथ स्थित है, जिससे गुरु-आदित्य योग बनता है. यह योग भाग्य, प्रतिष्ठा और उच्च पद प्राप्ति के संकेत देता है, हालांकि गुरु के अस्त होने से इसके फल में कुछ कमी आ सकती है. मंगल अष्टम भाव में शुक्र के साथ युति में है, जिससे व्यक्ति की संचार क्षमता प्रभावशाली होती है, लेकिन जीवन में विवाद और कानूनी मामलों का सामना भी करना पड़ सकता है. चंद्रमा चौथे भाव में स्थित होकर मानसिक स्थिरता और घरेलू सुख का संकेत देता है. शनि दूसरे भाव में स्थित होकर धन संचय की क्षमता और प्रभावशाली वाणी प्रदान करता है. बुध दशम भाव में होने से करियर और कार्यक्षेत्र में बुद्धिमत्ता और रणनीतिक सोच का योगदान मिलता है. व्यक्तित्व और जीवन पर प्रभाव ग्रहों के प्रभाव से शुभेंदु अधिकारी का व्यक्तित्व मजबूत, आत्मसम्मानी और संतुलित दिखाई देता है. ये सामाजिक और नेतृत्वक दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहने वाले व्यक्ति हैं. इनके भीतर दूसरों पर अनावश्यक दबाव न बनाने की प्रवृत्ति होती है, जिससे ये नेतृत्व के लिए उपयुक्त बनते हैं. स्वास्थ्य की दृष्टि से कुंडली संतुलित है और गंभीर समस्याओं की संभावना कम दिखाई देती है. प्रारंभिक जीवन में कुछ संघर्ष अवश्य रहते हैं, लेकिन समय के साथ परिस्थितियां अनुकूल होती जाती हैं. शिक्षा के क्षेत्र में उच्च उपलब्धि और विदेशों से जुड़ाव के भी संकेत मिलते हैं. करियर और प्रगति चंद्रमा और बुध के प्रभाव से करियर में निरंतर उन्नति के योग बनते हैं. 21 वर्ष की आयु के बाद से इनके जीवन में स्थिरता और प्रगति का दौर शुरू होता है. प्रारंभिक बाधाओं के बाद धीरे-धीरे सफलता मिलती है. नेतृत्वक और प्रशासनिक क्षेत्रों में इनकी पकड़ मजबूत होती है और समय के साथ प्रतिष्ठा बढ़ती है. महादशा और वर्तमान समय वर्तमान में शुक्र महादशा और चंद्रमा अंतर्दशा चल रही है, जो सुख, कला, भावनात्मक संतुलन और भौतिक सुख-सुविधाओं का संकेत देती है. इस अवधि में पद, प्रतिष्ठा और सामाजिक सम्मान मिलने की संभावना अधिक रहती है. यह समय नेतृत्वक रूप से भी अनुकूल माना जा सकता है. वर्तमान ग्रह गोचर का प्रभाव वर्तमान गोचर में शनि और मंगल मीन राशि में स्थित हैं, जिससे राजयोग तो बनता है लेकिन संघर्ष के साथ. सफलता प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है. केतु का प्रभाव सहयोगी साबित हो सकता है, विशेषकर नेतृत्वक समर्थन में. 2026 की वार्षिक कुंडली के अनुसार सूर्य मेष राशि में उच्च का होकर शक्ति प्रदान कर रहा है, जबकि गुरु मिथुन में संचार और करियर को मजबूती देगा. 14 मई तक शुक्र की स्थिति अनुकूल रहकर प्रशासनी कार्यों में प्रगति और स्थिरता प्रदान करेगी. हालांकि राहु का प्रभाव चुनौतियां दे सकता है, जिससे उच्च पद प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक रहेगा. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा15+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ The post शुभेंदु अधिकारी की कुंडली विश्लेषण: ग्रह योग, नेतृत्वक सफलता और भविष्य की संभावनाएं appeared first on Naya Vichar.

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8 ग्राम सोना…महिलाओं को 2500 रुपये, TVK की जीत के बाद विजय के वादे पर लोगों की नजर

Tamil Nadu TVK Manifesto: पार्टी के घोषणापत्र में विजय ने 60 वर्ष से कम आयु की स्त्रीओं के लिए प्रति माह 2,500 रुपये की सहायता, विवाह के लिए आठ ग्राम सोना और हर परिवार को साल में छह मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने का आश्वासन दिया है. विजय ने दुल्हनों के लिए सोने के साथ रेशमी साड़ी देने का भी वादा किया है विजय ने गरीब दुल्हनों के लिए सोने के साथ अच्छी गुणवत्ता की रेशमी साड़ी देने और स्त्रीओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों के लिए पांच लाख रुपये तक के ब्याज-मुक्त ऋण का भी वादा किया है. उन्होंने सत्ता में आने पर भ्रष्टाचार-मुक्त और सुशासन देने का आश्वासन दिया है. प्रशासनी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता को सलाना 15,000 रुपये देने का वादा घोषणापत्र में शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है. स्कूल छोड़ने की समस्या को रोकने के लिए प्रशासनी और राज्य सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की माताओं या अभिभावकों को वार्षिक 15,000 रुपये देने का वादा किया गया है. विजय ने राज्य में शिक्षा में क्रांति लाने का श्रेय पाने वाले प्रसिद्ध नेता के कामराज के नाम पर 100 विशेष आवासीय स्कूल स्थापित करने और उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण देने का वादा किया है. टीवीके के संस्थापक ने AI मंत्रालय, AI विश्वविद्यालय और AI नगर स्थापित करने की भी घोषणा की है. घोषणापत्र में कृषि क्षेत्र के कल्याण पर भी विशेष जोर दिया गया है. टीवीके को 14 सीटों पर मिली जीत, 94 पर बढ़त निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, विजय की पार्टी 14 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है. जबकि 94 विधानसभा क्षेत्रों में आगे चल रही है, जो कि सदन में साधारण बहुमत (118) से कुछ ही कम है. पांच एकड़ से कम भूमि वाले किसानों के ऋण माफ पार्टी ने वादा किया है कि पांच एकड़ से कम भूमि रखने वाले किसानों के कृषि सहकारी फसल ऋण पूरी तरह माफ किए जाएंगे, जबकि इससे अधिक भूमि वाले किसानों को 50 प्रतिशत ऋण की माफी दी जाएगी. इसके अलावा, धान के लिए 3,500 रुपये प्रति क्विंटल और गन्ने के लिए 4,500 रुपये प्रति टन का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का भी आश्वासन दिया गया है. बेरोजगार स्नातकों को प्रति माह 4000 रुपये की सहायता युवा बेरोजगारी को लेकर विजय ने पांच लाख नए प्रशासनी रोजगार सृजित करने और उतनी ही संख्या में भत्तायुक्त प्रशिक्षण अवसर देने का वादा किया है. बेरोजगार स्नातकों को प्रति माह 4,000 रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी. पुरानी पेंशन योजना का वादा प्रशासनी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना पर विचार करने और नर्सों सहित अनुबंध कर्मियों को नियमित करने का आश्वासन दिया गया है. स्वास्थ्य क्षेत्र में उन्होंने नशामुक्त तमिलनाडु का संकल्प लिया है. विजय ने अस्पतालों के आधुनिकीकरण, हर वर्ष निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और 25 लाख रुपये तक की पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने का भी वादा किया है. बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को प्रति माह 3 हजार रुपये घोषणापत्र में बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए प्रति माह 3,000 रुपये की पेंशन, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली, भूमि स्वामित्व दस्तावेजों का नियमितीकरण और सभी घरों को 100 प्रतिशत पाइप से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने जैसे प्रावधान भी शामिल हैं. ये भी पढ़ें: तमिलनाडु में विजय की टीवीके बनी सबसे बड़ी पार्टी, बधाई देने पहुंचे ज्योतिष राधन पंडित, चुनाव से पहले दी थी सलाह The post 8 ग्राम सोना…स्त्रीओं को 2500 रुपये, TVK की जीत के बाद विजय के वादे पर लोगों की नजर appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

दो राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में भाजपा की जीत पर कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन: बंगाल,असम और पाण्डुचेरी में भाजपा की ऐतिहासिक जीत पर भाजपा सरायरंजन दक्षिणी के कार्यकर्ता बंधुओं ने सोमवार को जीत का जश्न अपने मण्डल के खजुरी चौक पर मनाया। कार्यकर्ताओं ने जीत की खुशी पर मिठाइयां भी बांटी। मौके पर मंडल भाजपा अध्यक्ष बबलू झा, मंडल उपाध्यक्ष रणजीत राय, महामंत्री दुर्गा सिंह, प्रेम कुमार उर्फ हरि प्रसाद, संजीत सिंह, मुरारी सिंह,गुड्डू साह,संजीत राय, कुंदन सिंह,अशोक ठाकुर साहित्य दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

समस्तीपुर

उमावि लाटबसेपुरा में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन: प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय लाटबसेपुरा में सोमवार को डॉ. मदन प्रसाद छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रतिभा सम्मान समारोह का भावपूर्ण आयोजन किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव एवं प्रधानाध्यापक अनन्त कुमार राय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करना अनुकरणीय तथा प्रशंसनीय कार्य है। ऐसे समारोह के आयोजन से अन्य छात्र-छात्राओं को भी प्रेरणा मिलती है। मुजफ्फरपुर जिले में कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा के पद पर कार्यरत विपुल कुमार ने कहा बच्चों को माध्यमिक स्तर से ही कैरियर काउंसलिंग देना वक्त की मांग है। इससे उन्हें जॉब ओरिएंटेड शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। समारोह के आयोजनकर्ता शिवेश ने कहा कि यह छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2018 से लगातार प्रति वर्ष उनके पिताजी की स्मृति में इस विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को संचालित है। अगले साल से इंटरमीडिएट परीक्षा के भी मेधावी बच्चों को इसमें शामिल किया जाएगा। इस अवसर पर वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में विद्यालय स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले क्रमशः अनीष कुमार शर्मा को 5100 रूपए, शिवानी कुमारी को 3500 रूपए तथा मनीष कुमार को 2500 रूपए नगद राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण 43 अन्य छात्र-छात्राओं को दीवार घड़ी प्रदान की गई। मौके पर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक दीपक कुमार पाण्डेय, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष दिनेश प्रसाद सिंह, पैक्स अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता, डाकबाबू संजय कुमार, शिक्षक गंगा नारायण विद्यार्थी, नागमणि आशुतोष,शेखर प्रसाद सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

समस्तीपुर

प्रो. विनोद कुमार झा ने प्रभारी प्राचार्य पद पर किया योगदान

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड अंतर्गत केएसआर इंटर कॉलेज के सरायरंजन के प्रभारी प्राचार्य पद पर कॉलेज के वनस्पति विभाग के वरीय प्राध्यापक प्रो. विनोद कुमार झा ने सोमवार को अपना योगदान किया। इस योगदान को लेकर प्राध्यापक डॉ. एस .एन. झा ने नवपदस्थापित प्रभारी प्राचार्य के शैक्षणिक योगदान की सराहना की और कहा कि उनकी पदोन्नति कॉलेज के उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां कॉलेज की प्रतिष्ठा को बढ़ाती हैं तथा अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बनती हैं। इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों ने प्रो. झा को चादर, माला एवं पाग भेंट कर सम्मानित किया। मौके पर प्रो. सुधीर कुमार झा,प्रो. अमरकांत झा, प्रो. लाल बहादुर पंडित, प्रो.शंभू झा,प्रो. जगन्नाथ झा, प्रो. शोभा झा, प्रो.अनिल कुमार झा, प्रो. दयानंद, प्रो. विनोद कुमार झा, प्रो. मीरा कुमारी, प्रो. अविनेश कुमार झा,संतोष झा, प्रभाकर कुमार, विनोद ईश्वर, राम झा, लक्ष्मण राय, रामसुंदर राय, राजेश कुमार यादव, उपेंद्र महतो आदि मौजूद रहे।

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ढहा कलकत्ता का किला: BJP ने बंगाल में लगाई सेंध, ‘स्ट्रीट फाइटर’ दीदी को मिली ऐतिहासिक हार

BJP Wins West Bengal Election 2026: पूर्वी हिंदुस्तान की नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे ममता बनर्जी के 15 साल लंबे शासन का अंत होता दिख रहा है. सोमवार दोपहर तक बीजेपी 198 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 100 सीटों के आंकड़े तक पहुंचने के लिए संघर्ष करती नजर आई. यह उस पार्टी के लिए बड़ा झटका है, जिसने पांच साल पहले 213 सीटों के साथ राज्य में दबदबा कायम किया था. 94 रैलियों और 13 पदयात्राओं वाले व्यापक चुनाव अभियान के बावजूद, 71 वर्षीय ‘दीदी’ की आक्रामक नेतृत्व पर सवाल उठे. विपक्ष के नेता और बीजेपी के प्रमुख चेहरे शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पार्टी ने सत्ता विरोधी लहर और ‘वोटर लिस्ट सफाई’ जैसे मुद्दों को प्रभावी ढंग से भुनाया. ज्यादा मतदान ने ही साफ कर दिया था नतीजा दो चरणों में हुए मतदान में रिकॉर्ड 92.47% मतदान दर्ज किया गया, जो भारी जनभागीदारी को दर्शाता है. ममता बनर्जी का अभियान मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ उनके कानूनी और सड़क संघर्षों पर केंद्रित रहा. इस प्रक्रिया में लगभग 89 लाख नाम हटाए गए, जिसे उन्होंने अपने समर्थकों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश बताया. आमतौर पर ज्यादा मतदान बदलाव की इच्छा का संकेत होता है. 92.47% का रिकॉर्ड मतदान एक अत्यधिक सक्रिय मतदाता समूह की ओर इशारा करता है. विश्लेषकों का मानना है कि ‘माइग्रेंट वोटर्स’ (राज्य में लौटकर मतदान करने वाले श्रमिक) और पहली बार वोट देने वालों की बड़ी संख्या बीजेपी के ‘असल परिवर्तन’ के नारे के पक्ष में गई, जो मुख्यमंत्री के ‘बंगाली अस्मिता’ के संदेश पर भारी पड़ा. ये भी पढ़ें:- असम में BJP की बंपर जीत, हिमंता का जादू बरकरार, जोरहाट में गोगोई हारे ये भी पढ़ें:- झालमुड़ी से लेकर जय श्री राम तक… बंगाल में बीजेपी की जय, जश्न में डूबे कार्यकर्ता, Video भाजपा ने ममता की हर रणनीति को विफल कर दिया बीजेपी ने मतदाता सूची की सफाई को ‘अवैध घुसपैठियों’ को हटाने की कार्रवाई बताया, जबकि ममता बनर्जी ने खुद सुप्रीम कोर्ट में इसे अपने मूल वोट बैंक को निशाना बनाने की कोशिश करार दिया. आंकड़े बताते हैं कि इस प्रक्रिया ने टीएमसी की पारंपरिक बूथ-स्तरीय पकड़ को काफी हद तक कमजोर कर दिया. नतीजों के रुझान आने के बीच भी ममता बनर्जी ने हार नहीं मानी और एक वीडियो जारी कर चुनाव में ‘अनियमितताओं’ का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग और केंद्रीय बल मिलकर टीएमसी की बढ़त को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. उनके गढ़ भवानीपुर में मुकाबला राज्य की नेतृत्वक ध्रुवीकरण की झलक बन गया. शुरुआती रुझानों में ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी पर 17,371 वोटों की बढ़त मिलती दिखी, लेकिन पूरे राज्य में टीएमसी के पारंपरिक ‘मां, माटी, मानुष’ आधार में गिरावट के संकेत साफ नजर आए. 2021 में टीएमसी ने ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत पकड़ बनाए रखी थी, लेकिन 2026 में बड़ा बदलाव देखने को मिला. बीजेपी ने जंगलमहल और उत्तर बंगाल में अपनी पकड़ और मजबूत की और इन्हें अपने गढ़ में बदल दिया. यहां तक कि प्रेसिडेंसी क्षेत्र (कोलकाता और आसपास के इलाके), जिसे टीएमसी का सबसे सुरक्षित इलाका माना जाता था, वहां भी सोमवार दोपहर तक बीजेपी 89 में से 49 सीटों पर आगे थी. टीएमसी के पूर्व नेताओं ने ममता की स्थिति और खराब की स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाते हुए, टीएमसी के पूर्व नेताओं और अब आलोचकों ने इन नतीजों को ‘लूट के खिलाफ जनादेश’ बताया. हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री पर ‘परिवार केंद्रित सत्ता संरचना’ बनाने का आरोप लगाया. कबीर आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हैं और इस समय रेजिनगर और नौदा दोनों सीटों पर आगे चल रहे हैं. कबीर ने कहा, ‘मैं बंगाल की जनता को टीएमसी को ऐसा जवाब देने के लिए बधाई देता हूं. 15 साल में उन्होंने अंग्रेजों से भी ज्यादा लूट की.’ यह बयान टीएमसी के भीतर बढ़ती अंदरूनी कलह को दर्शाता है, जो पूरे चुनाव के दौरान साफ दिखी. शुभेंदु अधिकारी और हुमायूं कबीर जैसे नेताओं ने ‘संस्थागत लूट’ के मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाया. यह धारणा कि सत्ता केवल मुख्यमंत्री के परिवार, खासकर उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के इर्द-गिर्द सिमट रही है, जमीनी नेताओं में असंतोष का कारण बनी, जिससे कई बड़े नेताओं ने पार्टी छोड़ी और नए दल बने, जैसे कबीर की एजीयूपी. आरजी कर मामले और भर्ती घोटालों से उपजा असंतोष ‘साइलेंट एंटी-इंकम्बेंसी’ में बदल गया, जिसे ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी कल्याणकारी योजनाएं भी पूरी तरह शांत नहीं कर सकीं. ममता के कुछ काम उन पर पड़े भारी 2011 और 2021 में ममता बनर्जी की ‘स्ट्रीट फाइटर’ छवि प्रभावी रही थी, लेकिन 2026 तक इसका असर कम होता दिखा. केंद्रीय एजेंसियों के साथ उनके लगातार टकराव, जैसे जनवरी 2026 का ED फाइल छीनने वाला मामला, आलोचकों के अनुसार संवैधानिक मर्यादा से हटकर नजर आया. वहीं, बीजेपी इस बार विरोधी वोटों को एकजुट करने में सफल रही और ‘लेफ्ट-कांग्रेस’ गठबंधन को कई सीटों पर वोट बांटने से रोक दिया. ये भी पढ़ें:- तमिलनाडु में इतिहास दोहरा रहे विजय, ‘पॉलिटिकल डिसरप्टर्स’ के एलीट क्लब में होंगे शामिल, जानें कैसे ये भी पढ़ें:- मैं धोनी को पीछे कर दूंगा… तमिलनाडु चुनाव 2026 में विजय की जीत पर प्रशांत किशोर वायरल ममता को उम्मीद शाम तक बदलेंगे नतीजे 2026 के नतीजे संकेत देते हैं कि ममता बनर्जी की व्यक्तिगत लोकप्रियता अब भी कायम है, लेकिन साफ मतदाता सूची, मजबूत सत्ता विरोधी लहर और बीजेपी की बेहतर जमीनी संगठन क्षमता ने आखिरकार ‘कालीघाट के किले’ में सेंध लगा दी. ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों से ‘हिम्मत न हारने’ की अपील की है और शाम के बाद स्थिति बदलने की उम्मीद जताई है. हालांकि बीजेपी पहली बार राज्य में प्रशासन बनाने की स्थिति में दिख रही है, ऐसे में ‘फाइटर दीदी’ की छवि, जो कभी उनकी सबसे बड़ी ताकत थी, अब सबसे बड़ी चुनौती का सामना कर रही है. यह बदलाव पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में एक युग के अंत का संकेत देता है, जहां आंदोलन की नेतृत्व से हार की स्थिति तक का सफर तय होता नजर आ रहा

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