लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक छात्रा से दुष्कर्म के कथित दावे को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. विश्वविद्यालय की ओर से रविवार को तीन छात्राओं का एक वीडियो जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने परिसर में दुष्कर्म की किसी घटना से इनकार किया था. अब इन तीनों छात्राओं ने आरोप लगाया है कि वीडियो जारी करने से पहले उनकी सहमति नहीं ली गई थी. छात्राओं का कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है.
छात्राओं ने सोशल मीडिया पर जारी किया नया वीडियो
पीटीआई के अनुसार सोमवार को तीनों छात्राओं ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर विश्वविद्यालय की ओर से जारी किए गए वीडियो पर सवाल उठाए. एक छात्रा ने दावा किया कि उनके बयान को काट-छांटकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया. छात्रा के मुताबिक, उन्हें इस बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी और वीडियो पोस्ट करने के लिए उनकी सहमति भी नहीं ली गई. वहीं, दूसरी छात्रा ने लोगों से उन्हें इस मामले से दूर रखने की अपील करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है और उन्हें अकेला छोड़ दिया जाए.
क्या है पूरा मामला?
मामला शनिवार देर रात करीब एक बजे शुरू हुए विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा है. प्रदर्शन गर्ल्स हॉस्टल-3 के पास शुरू हुआ और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई. प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर तोड़फोड़ करने और परिसर के बाहर दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग के एक हिस्से को जाम करने का आरोप है.
यह विरोध उस दावे के बाद शुरू हुआ था जिसमें कहा गया था कि विश्वविद्यालय परिसर में एक प्लंबर ने तीन दिन पहले एक छात्रा से कथित तौर पर दुष्कर्म किया था.
विश्वविद्यालय ने दुष्कर्म के दावे को बताया अफवाह
LPU प्रबंधन ने दुष्कर्म के दावों को खारिज करते हुए इन्हें अफवाह बताया है. विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने रविवार को कहा था कि कुछ असामाजिक तत्व विश्वविद्यालय के खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं.
छात्रों को शांत कराने के प्रयास के तहत विश्वविद्यालय ने एक मिनट से अधिक लंबा वीडियो जारी किया था. इसमें रजिस्ट्रार के बयान के बाद हॉस्टल के कमरा नंबर 504 में रहने वाली तीन छात्राओं के बयान शामिल थे. छात्राओं ने वीडियो में कहा था कि उनके कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई और वे पिछले दो महीने से वहां रह रही हैं.
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वीडियो को लेकर अब नया विवाद
विश्वविद्यालय की ओर से जारी वीडियो के एक दिन बाद छात्राओं द्वारा नया वीडियो जारी किए जाने से मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. छात्राओं ने आरोप लगाया है कि उनके वीडियो को एडिट करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया और इसके बाद उन्हें ऑनलाइन गालियां और दुर्व्यवहार झेलना पड़ रहा है.
वहीं, विश्वविद्यालय ने अपने पहले के बयान में कहा था कि झूठी और मनगढ़ंत बातों के जरिए संस्थान की छवि खराब करने की साजिश की जा रही है. फिलहाल मामले में सामने आए अलग-अलग दावों के बीच पुलिस या संबंधित अधिकारियों की ओर से घटना को लेकर विस्तृत आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार है.
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