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Author name: Vinod Jha

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गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी का क्लीन स्वीप, कांग्रेस-AAP का सूपड़ा साफ, पीएम मोदी ने दी बधाई

Gujarat Nikay Chunav Result: गुजरात निकाय चुनाव 2026 में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी ने एक बार फिर अपना परचम लहरा दिया है. बीजेपी ने सभी सीटों पर क्लीन स्वीप कर लिया है. अहमदाबाद और राजकोट सहित सभी 15 नगर निगमों पर अब बीजेपी का कब्जा हो गया है. ये चुनाव 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों में हुए थे. बीजेपी ने अहमदाबाद की 192 में से 158 सीटें जीतकर गुजरात के सबसे बड़े शहर में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है. राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) के आंकड़ों के अनुसार, सुरेंद्रनगर, जामनगर, पोरबंदर, करमसाद-आणंद, नाडियाड, नवसारी, वापी, सूरत और मोरबी के नगर निगमों में कुल सीटों में से अधिकांश सीटें बीजेपी ने जीत ली है. राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़े गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी ने 9,900 से अधिक सीटों में से 6,472 सीटें जीत ली हैं. राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस ने 1,412 सीटें हासिल की हैं जबकि निर्दलीय, आम आदमी पार्टी (AAP), ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) सहित अन्य दलों ने 597 सीटें ही जीत सकी. बीजेपी की जीत से गदगद हुए पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों में हिंदुस्तानीय जनता पार्टी की सभी 15 नगर निगमों में शानदार जीत पर पार्टी को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि इस जनादेश से गुजरात और भाजपा के बीच का रिश्ता और मजबूत हुआ है. प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि गुजरात की जनता ने राज्य में भाजपा के कार्यों और सुशासन की नेतृत्व पर भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि जनता ने पार्टी की सालों की मेहनत को सराहा है और यह परिणाम उसी का प्रमाण है. पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि पार्टी आगे भी पूरी मेहनत के साथ काम करती रहेगी और गुजरात को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी. ગુજરાત અને ભારતીય જનતા પાર્ટી વચ્ચેનો સંબંધ હવે વધુ ગાઢ અને અખંડ બન્યો છે! રાજ્યભરમાં યોજાયેલી મહાનગરપાલિકા, નગરપાલિકા, તાલુકા પંચાયત અને જિલ્લા પંચાયતની ચૂંટણીઓમાં ભાજપને મળેલા પ્રચંડ જનસમર્થન અને જનાદેશ બદલ ગુજરાતની જનતાનો હૃદયપૂર્વક આભાર વ્યક્ત કરું છું. રાજ્ય સરકારના… — Narendra Modi (@narendramodi) April 28, 2026 बीजेपी ने सूरत में किया क्लीन स्वीप, AAP का सूपड़ा साफ बीजेपी ने सूरत नगर निगम में जबरदस्त जीत दर्ज की है. पार्टी ने 127 में से 115 सीटें जीतकर इस निकाय पर अपनी पुरानी पकड़ और मज़बूत कर ली है. आम आदमी पार्टी (AAP) को सिर्फ 4 सीटें पर ही जीत मिल पाई है. जबकि कांग्रेस ने पांच साल बाद महज एक सीट जीतकर सिर्फ अपना खाता खोल पाई. पिछले निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 27 सीटें जीती थीं. इस बार AAP 4 पर सिमट गई. Also Read: ममता बनर्जी को लड़ाई, लड़ाई, लड़ाई चाई : नंदीग्राम की हार के बाद भवानीपुर में ‘फाटाफाटी स्पोर्ट्सा’, 60 हजार का टार्गेट The post गुजरात निकाय चुनाव में बीजेपी का क्लीन स्वीप, कांग्रेस-AAP का सूपड़ा साफ, पीएम मोदी ने दी बधाई appeared first on Naya Vichar.

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पढ़ाई का नाम सुनते ही थका हुआ और चिड़चिड़ा हो जाता है बच्चा? जानें इसके छिपे 5 कारण

Parenting Tips: अक्सर पैरेंट्स की यह शिकायत रहती है कि जैसे ही पढ़ाई करने का समय आता है, उनके शिशु थके हुए लगने लगते हैं और चिड़चिड़ा व्यवहार भी करने लगते हैं. ऐसा इसलिए होता है कि आपका बच्चा पढ़ाई करने से बचने की कोशिश करते हैं. जब ऐसा होता है तो पैरेंट्स को लगता है कि शिशु आलसी हो रहे है, लकिन कई बार इसके पीछे वजह कुछ और ही होती है. अगर आपके घर पर छोटे शिशु हैं और वे भी पढ़ाई के नाम पर चिढ़ने लगे हैं तो आज की यह आर्टिकल आपके लिए ही है. आज हम आपको विस्तार से बताने वाले हैं कि आखिर आपके शिशु ऐसा कर क्यों रहे हैं. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से. हद से ज्यादा प्रेशर भी हो सकती है वजह कई बच्चों पर पढ़ाई को लेकर हद से ज्यादा प्रेशर रहता है. उनपर अच्छे मार्क्स लाने, हर एग्जाम में बेस्ट करने या फिर दूसरे बच्चों से तुलना होने की वजह से एक अलग लेवल का प्रेशर होता है. यह भी एक बड़ी वजह है कि शिशु मेंटली थका हुआ लगने लगता है. जब शिशु पर ज्यादा प्रेशर रहेगा, तो उसके लिए पढ़ाई जैसी जरूरी चीज भी बोझ जैसी लगने लगेगी. यह भी एक बड़ी वजह है कि बच्चा चिड़चिड़ा व्यवहार करने लग जाता है. किसी भी माता-पिता के लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि वे अपने शिशु से हद से ज्यादा एक्सपेक्टेशन न रखें. यह भी पढ़ें: शिशु को बुरी संगति और गलत दोस्तों से बचाना चाहते हैं? आज ही अपनाएं ये 5 आसान आदतें नींद पूरी न होना भी है एक वजह अगर आपका बच्चा देर रात तक जागता रहता है या फिर मोबाइल का इस्तेमाल करने में बिजी रहता है, तो उसकी नींद सही से पूरी नहीं हो पाती है. ऐसा होने पर भी उसका मूड पढ़ाई के समय खराब हो जाता है. जब शिशु की नींद पूरी नहीं होती है तो वह थका हुआ महसूस करता है, उसे गुस्सा जल्दी आता है और वह पढ़ाई पर फोकस भी नहीं कर पाता है. पढ़ाई का तरीका बोरिंग लगना हर शिशु चीजों को एक जैसा नहीं सीखता और समझता है. कुछ शिशु चीजों को पढ़कर सीख लेते हैं, तो कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें देखकर और सुनकर चीजें बेहतर तरीके से समझ में आती है. अगर आप शिशु को सिर्फ किताबें खोलकर घंटों बैठा देते हैं, तो इस वजह से भी उसे पढ़ाई बोरिंग लगने लगती है. जब शिशु को पढ़ाई बोरिंग लगने लगती है तो वह पढ़ाई से दूर भागने लगता है. ऐसे में अगर आप पढ़ाई को मजेदार बनाना चाहते हैं तो चार्ट, गेम्स, स्टोरीज या फिर एक्टिविटीज की मदद ले सकते हैं. यह भी पढ़ें: शिशु की इन 5 आदतों को शरारत या बदतमीजी समझने की न करें गलती? उसके जीनियस होने के हैं संकेत शरीर में कमजोरी या न्यूट्रिशन की कमी अगर आपका बच्चा अपनी डाइट सही से नहीं लेता है, ज्यादा जंक फूड्स खाने लगता है या फिर उसके शरीर में जरूरी न्यूट्रिएंट्स की कमी हो जाती है, तो भी उसे पढ़ाई में मन नहीं लगता है. न्यूट्रिशन की कमी से बच्चा जल्दी थक जाता है और वह कम एनर्जेटिक महसूस करने लगता है. अगर आपका बार-बार थका हुआ दिखे, तो आपको उसकी डाइट पर ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए. उसे घर पर बनी न्यूट्रिशियस चीजें, फल, दूध और हरी साग-सब्जियां खिलाना शुरू कर दें. इमोशनल प्रॉब्लम्स को समझें अगर आपके शिशु का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है, तो इसके पीछे एक वजह यह भी हो सकती है कि वह इमोशनली किसी चीज से परेशान है. कई बार शिशु अपने स्कूल, दोस्तों, टीचर या फिर घर के माहौल की वजह से काफी ज्यादा परेशान रहते हैं. अगर आपका बच्चा परेशान है तो आपको उससे प्यार से बात करनी चाहिए और उसके इमोशंस को समझने की कोशिश भी करनी चाहिए. यह भी पढ़ें: क्या बिना ट्यूशन आपका बच्चा नहीं कर सकता क्लास में टॉप? यह आर्टिकल बदल देगा आपकी सोच The post पढ़ाई का नाम सुनते ही थका हुआ और चिड़चिड़ा हो जाता है बच्चा? जानें इसके छिपे 5 कारण appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी को लड़ाई, लड़ाई, लड़ाई चाई : नंदीग्राम की हार के बाद भवानीपुर में ‘फाटाफाटी खेला’, 60 हजार का टार्गेट

खास बातें नंदीग्राम में ‘शांतिकुंज के मंझले बेटे’ से हारीं ममता बनर्जी नंदीग्राम का जख्म और भवानीपुर का भरोसा अभिषेक बनर्जी ने तय किया टार्गेट क्या दीदी इस बार चिंतित हैं? अनोखी बात : परिवार के हर सदस्य का नाम ‘A’ से क्यों? राज्य के कोने-कोने में विरोधियों को चुनौती दे रहीं ममता Mamata Banerjee Bhabanipur Election 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) की प्रमुख ममता बनर्जी के लिए नेतृत्व का मतलब सिर्फ सत्ता नहीं, निरंतर ‘संघर्ष’ (लड़ाई, लड़ाई, लड़ाई) है. 71 वर्ष की उम्र में भी उनका जोश वैसा ही है, जैसा दशकों पहले था. इस बार के विधानसभा चुनाव में उनके निशाने पर कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सीधे चुनाव आयोग है. नंदीग्राम में ‘शांतिकुंज के मंझले बेटे’ से हारीं ममता बनर्जी ‘दीदी’ के बारे में कहा जाता है कि वह बिना लड़ाई के रह ही नहीं सकतीं. पिछले चुनाव में नंदीग्राम के संग्राम में ‘शांतिकुंज के मंझले बेटे’ (शुभेंदु अधिकारी) से मिली हार के बाद, इस बार वह अपनी ‘बड़ी बहन’ यानी भवानीपुर विधानसभा सीट से मैदान में हैं. क्या शुभेंदु अधिकारी ने इस बार यहां उनकी राह कठिन बना दी है? नंदीग्राम का जख्म और भवानीपुर का भरोसा ममता बनर्जी की नेतृत्वक बिसात हमेशा चौंकाने वाली होती है. 2021 में उन्होंने अचानक नंदीग्राम से लड़ने का फैसला किया था. चोटिल पैर और प्लास्टर के साथ ‘भांगा पाये स्पोर्ट्सा होबे’ का नारा दिया, लेकिन जीत शुभेंदु अधिकारी की हुई. इस बार ममता बनर्जी ने नारा बदलकर ‘फाटाफाटी स्पोर्ट्सा होबे’ कर दिया है. वह नंदीग्राम (मंझली बहन) की बजाय अब सिर्फ भवानीपुर (बड़ी बहन) पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें अभिषेक बनर्जी ने तय किया टार्गेट ममता बनर्जी भले ही एक सीट से लड़ रही हों, लेकिन राज्य की सभी 294 सीटों पर वह खुद को ही उम्मीदवार मानती हैं. उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भवानीपुर में दीदी की जीत का अंतर 60 हजार वोटों का तय किया है. कार्यकर्ताओं पर ‘अदृश्य CCTV’ जैसी नजर रखी जा रही है. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी या बंगाल के नये ‘किंग’? 2026 का चुनाव अभिषेक बनर्जी की सबसे बड़ी ‘अग्निपरीक्षा’ Mamata Banerjee Bhabanipur Election 2026: क्या दीदी इस बार चिंतित हैं? नेतृत्वक गलियारों में चर्चा है कि ममता बनर्जी इस बार थोड़ी नर्वस हैं, क्योंकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उन्होंने भवानीपुर के बीएलए (BLA) के साथ करीब 5 बार बैठकें की हैं. उनके करीबियों का कहना है कि यह चिंता नहीं, बल्कि चुनाव के प्रति उनकी गंभीरता है. वह किसी भी लड़ाई को हल्के में नहीं लेतीं. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में वोट से पहले ‘जंग’, शुभेंदु अधिकारी का दावा- TMC ने BJP की स्त्री कार्यकर्ता को घर में घुसकर धमकाया अनोखी बात : परिवार के हर सदस्य का नाम ‘A’ से क्यों? ममता बनर्जी के परिवार में नाम रखने का एक बेहद दिलचस्प और अनोखा चलन है, जो शायद ही किसी को पता हो. ममता बनर्जी ने अपने सभी भतीजे और भतीजियों के नाम अंग्रेजी वर्णमाला के पहले अक्षर ‘A’ से रखे हैं. उदाहरण के लिए- अभिषेक, आकाश, आबेश और अग्निशा. यह सिलसिला अगली पीढ़ी में भी जारी है. अभिषेक बनर्जी के बच्चों के नाम अजानिया और अयांश हैं. उनके भाई कार्तिक के पोते का नाम खुद ‘पिटी दादी’ (ममता बनर्जी) ने आदिरा रखा है. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर में वोटर लिस्ट से 40 फीसदी मुस्लिम गायब, गुजराती वोट बैंक भी नाराज, ‘गढ़’ बचा पायेंगी ममता बनर्जी? राज्य के कोने-कोने में विरोधियों को चुनौती दे रहीं ममता आदिगंगा के किनारे बसी भवानीपुर की गलियों से लेकर राज्य के कोने-कोने तक, ममता बनर्जी एक बार फिर अपनी सादगी और हवाई चप्पल के साथ विरोधियों को चुनौती दे रही हैं. अब देखना यह है कि ‘फाटाफाटी स्पोर्ट्सा’ में जनता उन्हें कितना समर्थन देती है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी की स्त्री ब्रिगेड में टोटो चालक की पत्नी से राष्ट्रपति से सम्मानित किसान तक बंगाल चुनाव 2026: भितरघात और SIR का घातक कॉकटेल, 120 सीटों पर बिगड़ सकता है दिग्गजों का स्पोर्ट्स! विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल की इन 294 सीटों पर होगी वोटिंग, एक-एक सीट का नाम यहां देखें ममता बनर्जी ने टीएमसी के 74 विधायकों की कर दी छुट्टी, शुभेंदु अधिकारी से भवानीपुर में होगा नंदीग्राम का हिसाब The post ममता बनर्जी को लड़ाई, लड़ाई, लड़ाई चाई : नंदीग्राम की हार के बाद भवानीपुर में ‘फाटाफाटी स्पोर्ट्सा’, 60 हजार का टार्गेट appeared first on Naya Vichar.

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शुभेंदु अधिकारी का ‘हिंदुत्व’ अवतार : श्रीखोल बजाकर संकीर्तन और 500 किमी का सफर, 35 साल तक नहीं देखी फिल्म

खास बातें ममता बनर्जी से अमित शाह तक : अब नहीं बदलेंगे ‘गुरु’ फिटनेस और डाइट : ‘शवासन’ के उस्ताद हैं शुभेंदु सफर का साथी काली एसयूवी अनोखी बात : क्लास 7 के बाद 35 साल तक नहीं देखी फिल्म Suvendu Adhikari ‍Biography: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में पिछले 5 वर्षों में अगर कोई चेहरा ‘कट्टर हिंदुत्व’ का सबसे बड़ा पोस्टर ब्वॉय बनकर उभरा है, तो वह हैं शुभेंदु अधिकारी. कभी तृणमूल कांग्रेस के संकटमोचक रहे शुभेंदु आज बीजेपी के सबसे मारक हथियार हैं. नेतृत्वक गलियारों में भले ही उनके तीखे भाषणों की गूंज हो, लेकिन उनकी निजी जिंदगी अनुशासन, धार्मिक संस्कारों और एक अजीबोगरीब ‘सिनेमाई परहेज’ से भरी है. 55 साल के शुभेंदु के लिए नेतृत्व कोई पेशा नहीं, एक ‘चरैवेति’ (निरंतर चलते रहना) का संकल्प है. ममता बनर्जी से अमित शाह तक : अब नहीं बदलेंगे ‘गुरु’ गुरु दीक्षा : एक समय था, जब ममता बनर्जी उनकी ‘नेतृत्वक गुरु’ हुआ करती थीं. वर्ष 2019 के बाद उनकी निष्ठा बदली और अब वह अमित शाह को अपना मार्गदर्शक मानते हैं. शुभेंदु का दावा है कि अब वह जीवन भर अपना ‘गुरु’ नहीं बदलेंगे. आदर्श नायक : वह सतीश सामंत और सुशील धाड़ा जैसे क्रांतिकारियों को अपना आदर्श मानते हैं. उन्हीं की राह पर चलने का दावा करते हैं. भक्ति भाव : शुभेंदु का हिंदुत्व केवल भाषणों तक सीमित नहीं है. पूर्व मेदिनीपुर के मंदिरों और धार्मिक संस्थानों से उनका गहरा नाता है. अक्सर उन्हें गले में श्रीखोल (मृदंग) लटकाकर हरिनाम संकीर्तन करते देखा जा सकता है. संस्कारों की जड़ें : शुभेंदु के करीबी बताते हैं कि यह बदलाव अचानक नहीं है, उनके भीतर बचपन से ही धार्मिक संस्कारों के बीज बोये गये थे. संकीर्तन के दौरान उन्हें भक्ति में डूबे हुए नृत्य करते देखना एक आम बात है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें फिटनेस और डाइट : ‘शवासन’ के उस्ताद हैं शुभेंदु शुभेंदु अधिकारी की फिटनेस का अपना एक अलग गणित है. देखने में भले वह स्लिम न हों, लेकिन उनकी डाइट बहुत सख्त है. वह ब्राउन राइस और सिंघाड़े के आटे की रोटी खाते हैं. रात में आधा घंटा टहलना उनके रूटीन का हिस्सा है. विश्व योग दिवस पर जब उन्होंने सूर्य नमस्कार करने की कोशिश की थी, तो वह थोड़ा असहज हो गये थे. उनके साथी मजाक में कहते हैं कि वह ‘शवासन’ करने में माहिर हैं. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर बना ‘मनोवैज्ञानिक युद्धक्षेत्र’, ममता के गढ़ में शुभेंदु की एंट्री से दिलचस्प हुआ मुकाबला, क्या ‘मिनी इंडिया’ तोड़ेगा दीदी की अजेय छवि? Suvendu Adhikari: सफर का साथी काली एसयूवी शुभेंदु अधिकारी अपनी काली एसयूवी (SUV) में हर दिन 400 से 500 किलोमीटर का सफर तय करते हैं. खास बात यह है कि वह ड्राइवर की बगल वाली सीट पर नहीं, बल्कि बीच की सीट पर बैठते हैं. अनोखी बात : क्लास 7 के बाद 35 साल तक नहीं देखी फिल्म शुभेंदु अधिकारी के बारे में एक ऐसी सच्चाई है, जो किसी को भी हैरान कर देगी. उन्होंने आखिरी बार सिने हॉल में तब फिल्म देखी थी, जब वह सातवीं कक्षा में पढ़ाई करते थे. बीजेपी में शामिल होने के बाद पिछले 5 वर्षों में उन्होंने केवल 3 फिल्में देखीं. वह भी पार्टी के निर्देश पर. शुभेंदु का कहना है कि नेतृत्व में चौबीस घंटे सक्रिय रहने वाले व्यक्ति के पास फिल्में देखने का वक्त नहीं होता. इसे भी पढ़ें : बंगाल की सत्ता का ‘गेट-वे’ है हुगली, सिंगूर से शुरू हुई थी वामदलों के पतन की कहानी, अब 43.61 लाख वोटर करेंगे दीदी और दादा का फैसला सियासत के मैदान में जीत के आदी शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के रण में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. देखना होगा कि उनकी यह ‘चरैवेति’ उन्हें सत्ता के शिखर तक ले जाती है या नहीं. इसे भी पढ़ें दक्षिण कोलकाता में वोटर लिस्ट पर कैंची, ममता बनर्जी की भवानीपुर समेत 4 सीटों पर रोमांचक हुआ मुकाबला बंगाल की नेतृत्व के ‘गेमचेंजर’ हैं शुभेंदु अधिकारी? नंदीग्राम के नायक से ममता बनर्जी को ललकारने तक, जानें 5 अनकहे सच नंदीग्राम का संग्राम : 21 लाख लेकर मैदान में उतरे शुभेंदु अधिकारी ने खर्च किये 23.62 लाख रुपए, ममता बनर्जी को हराया भवानीपुर में वोट से पहले ‘जंग’, शुभेंदु अधिकारी का दावा- TMC ने BJP की स्त्री कार्यकर्ता को घर में घुसकर धमकाया The post शुभेंदु अधिकारी का ‘हिंदुत्व’ अवतार : श्रीखोल बजाकर संकीर्तन और 500 किमी का सफर, 35 साल तक नहीं देखी फिल्म appeared first on Naya Vichar.

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Google का 15 अरब डॉलर AI डेटा सेंटर, विशाखापत्तनम बनेगा नया टेक हब

हिंदुस्तान की डिजिटल दौड़ अब एक नए स्तर पर पहुंचने वाली है. Google के 15 अरब डॉलर के मेगा एआई डेटा सेंटर प्रोजेक्ट ने देश के टेक मैप पर बड़ा बदलाव संकेत दिया है. केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही Visakhapatnam एक उभरता हुआ AI हब बन जाएगा. यह सिर्फ एक डेटा सेंटर नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के डिजिटल भविष्य की नई नींव माना जा रहा है. विशाखापत्तनम बनेगा AI सिटी आंध्र प्रदेश के तारलुवाड़ा इलाके में इस बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी है. प्रशासन का कहना है कि यह हाइपरस्केल डेटा सेंटर शहर की पहचान बदल देगा. AI आधारित सेवाओं, स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों के लिए यह नया केंद्र बन सकता है. मंत्री ने साफ कहा कि यह प्रोजेक्ट हिंदुस्तान को ग्लोबल AI रेस में मजबूत स्थिति दिलाने में मदद करेगा. आने वाले समय में विशाखापत्तनम सिर्फ एक पोर्ट सिटी नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी इनोवेशन का बड़ा केंद्र बन सकता है. कितना बड़ा है यह प्रोजेक्ट? यह डेटा सेंटर करीब 1 गीगावाट क्षमता का होगा, जो इसे हिंदुस्तान के सबसे बड़े टेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल करता है. इस प्रोजेक्ट को AdaniConneX और Airtel Nxtra के साथ मिलकर विकसित किया जा रहा है. इसके लिए करीब 600 एकड़ जमीन आवंटित की गई है, जिससे साफ है कि इसका स्केल कितना बड़ा है. इतना बड़ा निवेश हिंदुस्तान में डेटा प्रोसेसिंग और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ताकत देगा. AI और डिजिटल सेवाओं में बड़ा बदलाव AI का असर अब शिक्षा, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स और खेती तक पहुंच चुका है. इस डेटा सेंटर के जरिए इन सभी सेक्टर में बेहतर और तेज सेवाएं मिल सकती हैं. बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग होने से कंपनियों को हिंदुस्तान में ही एडवांस AI सॉल्यूशंस विकसित करने का मौका मिलेगा. इससे देश में टेक इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी बड़ा बूस्ट मिल सकता है. ग्लोबल कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर इस प्रोजेक्ट के साथ समुद्री केबल नेटवर्क भी जोड़ा जा रहा है, जिससे हिंदुस्तान की कनेक्टिविटी यूरोप, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और अमेरिका तक मजबूत होगी. प्रशासन का मानना है कि यह कदम हिंदुस्तान को डिजिटल और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में ग्लोबल हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ाएगा. साथ ही, टेक कंपनियों को देश में सर्वर और GPU निर्माण के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है. हिंदुस्तान की टेक पावर को मिलेगा नया बूस्ट हिंदुस्तान पहले ही आईटी सर्विसेज में दुनिया में मजबूत पहचान बना चुका है. अब फोकस इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मैन्युफैक्चरिंग पर है. प्रशासन की नीतियां और बड़े निवेश मिलकर हिंदुस्तान को एक भरोसेमंद टेक्नोलॉजी पार्टनर बना रहे हैं. ऐसे में यह डेटा सेंटर प्रोजेक्ट सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की डिजिटल ताकत का प्रतीक बन सकता है. यह भी पढ़ें: आपकी आदतें समझकर जवाब देगा Gemini, Google ने हिंदुस्तान में रोलआउट किया नया फीचर यह भी पढ़ें: Google AI Pro में बड़ा अपग्रेड, अब 2TB की जगह मिलेगा 5TB स्टोरेज, बिना एक्स्ट्रा चार्ज के The post Google का 15 अरब डॉलर AI डेटा सेंटर, विशाखापत्तनम बनेगा नया टेक हब appeared first on Naya Vichar.

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भागलपुर में दिनदहाड़े शूटआउट: नगर परिषद ऑफिस में घुसकर ईओ की हत्या, सभापति को मारी कई गोलियां

Bihar Crime News: बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में मंगलवार दोपहर अपराधियों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया. बाइक सवार बदमाश नगर परिषद कार्यालय में घुस गए और वहां मौजूद अधिकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं. इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कृष्ण भूषण कुमार और सभापति राजकुमार गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए. इलाज के दौरान ईओ की मौत घटना के बाद दोनों घायलों को तुरंत सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी हालत गंभीर देखते हुए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया. हालांकि, रास्ते में ही ईओ कृष्ण भूषण कुमार की मौत हो गई. वहीं, सभापति राजकुमार गुड्डू का इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा है. डॉक्टरों के अनुसार, उनके सिर में गोली लगी है और स्थिति नाजुक बनी हुई है. सभापति को मारी गई कई गोलियां प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने सभापति को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायरिंग की. बताया जा रहा है कि उन्हें करीब पांच गोलियां लगी हैं. नगर परिषद कार्यालय परिसर में आठ से अधिक राउंड फायरिंग के सबूत मिले हैं, जिससे घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. मज़दूर का भेष, झोले में बंदूक और दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग… भागलपुर के सुलतानगंज नगर परिषद ऑफिस में फायरिंग, कार्यपालक पदाधिकारी की मौत. सभापति की हालत गंभीर. ऑफिस में घुसकर बरसाईं गोलियां. देखिए गोलीबारी का CCTV फुटेज.#Bhagalpur #Bihar #Firing #Breaking #PrabhatKhabar… pic.twitter.com/SR4UflmqDQ — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 28, 2026 इलाके में दहशत, दफ्तर बना छावनी घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई. सूचना मिलते ही पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और नगर परिषद कार्यालय को सील कर दिया गया. सुरक्षा के मद्देनजर परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. एसएसपी, सिटी एसपी और अन्य अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से जांच पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक बाइक पर सवार तीन अपराधी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए. घटनास्थल से एक खोखा भी बरामद किया गया है. कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल दिनदहाड़े हुई इस घटना ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अपराधियों ने खुलेआम पुलिस को चुनौती दी है. अंग क्षेत्र में हुई इस वारदात से पूरे राज्य में दहशत का माहौल है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. वारदात के पीछे के कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा. (सुलतानगंज से शुभांकर की रिपोर्ट) Also Read: पटना मरीन ड्राइव पर बनेगा एंटरटेनमेंट और किड्स जोन, दो फेज में होगा निर्माण, सेल्फी पॉइंट भी होंगे तैयार The post भागलपुर में दिनदहाड़े शूटआउट: नगर परिषद ऑफिस में घुसकर ईओ की हत्या, सभापति को मारी कई गोलियां appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: ‘J-TET नियमावली 2026’ को मिली मंजूरी, क्षेत्रीय भाषाओं पर सस्पेंस बरकरार

Jharkhand Cabinet Meeting, रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को रांची के प्रोजेक्ट भवन में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई. इस मीटिंग में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कुल 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है. कैबिनेट सचिव वंदना डाडल ने बैठक के बाद निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा की. आज की बैठक में सबसे अधिक जोर जे-टेट नियमावली को पारित करना, शिक्षा क्षेत्र में सुदृढ़ीकरण और राजधानी रांची की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने पर रहा. जेटेट नियमावली 2026 को मंजूरी कैबिनेट ने बहुप्रतीक्षित ‘शिक्षक पात्रता नियमावली (JTET) 2026’ को अपनी स्वीकृति दे दी है. गौरतलब है कि पिछली कैबिनेट में भोजपुरी, अंगिका और मगही भाषा को शामिल करने के विवाद के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था. इस बार भी कैबिनेट ने इन भाषाओं को शामिल किए बिना ही नियमावली को पारित कर दिया है. बैठक के दौरान मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने इन भाषाओं को क्षेत्रीय सूची में शामिल करने का मुद्दा उठाया, जिस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि अन्य भाषाओं को शामिल करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा. यह समिति सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. Also Read: झारखंड: मंत्री राधाकृष्ण किशोर अस्पताल में भर्ती, बंगाल चुनाव प्रचार से लौटते ही बिगड़ी तबीयत, CM ने जाना हालचाल दो नए फ्लाईओवरों को हरी झंडी राजधानी रांची में ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने दो बड़े फ्लाईओवर निर्माण को मंजूरी दी है. पहला फ्लाईओवर अरगोड़ा चौक से हरमू के काव रेस्टोरेंट्स (डीबडी ब्रिज) तक बनेगा, जिसकी लागत कुल 469 करोड़ रुपये होगी. वहीं, दूसरा फ्लाईओवर करम टोली चौक से साइंस सिटी तक बनाया जाएगा, जिस पर 351 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इन परियोजनाओं से शहर के व्यस्त इलाकों में आवाजाही काफी आसान हो जाएगी. शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में बड़े बदलाव कैबिनेट ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के आलोक में ‘राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण’ के गठन को स्वीकृति दी है. इसके तहत जेसीआरटी (JCRT) को प्राधिकरण के रूप में विकसित किया जाएगा, जो स्कूलों के लिए सुरक्षा और गुणवत्ता के मानक तय करेगा. साथ ही, राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए गूगल (Google) के साथ एमओयू करने की मंजूरी दी गई है. पलामू के राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में ‘इनोवेशन एंड इंक्यूवेशन सेंटर’ की स्थापना के लिए 22.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. मारंग गोमके योजना का विस्तार कैबिनेट ने मारंग गोमके छात्रवृत्ति योजना के तहत अब 50 छात्रों को विदेश में पढ़ाई की सुविधा देने का फैसला किया है. इसमें एसटी वर्ग के 20, एससी के 10, ओबीसी के 14 और अल्पसंख्यक वर्ग के 6 छात्र शामिल होंगे. इसके अलावा, गढ़वा जिले के ‘बंशीधर नगर’ का नाम बदलकर अब आधिकारिक तौर पर ‘बंशीधर नगर उंटारी’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. कोर्ट के आदेशों का होगा अनुपालन कैबिनेट में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आलोक में कई कर्मियों की सेवा नियमित करने और पेंशन गणना के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई. इसमें प्रभाकर सारंगी सहित 24 अन्य कर्मियों की दैनिक सेवा को पेंशन गणना में जोड़ने और वन विभाग के कर्मियों की सेवा नियमित करने जैसे संवेदनशील फैसले शामिल हैं. Also Read: शादी में पसरा मातम: गढ़वा में दूल्हे को चश्मा पहनाने के विवाद में बाराती की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी फरार The post झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: ‘J-TET नियमावली 2026’ को मिली मंजूरी, क्षेत्रीय भाषाओं पर सस्पेंस बरकरार appeared first on Naya Vichar.

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राजस्थान ने टॉस जीता, पंजाब किंग्स की पहले बल्लेबाजी, देखें प्लेइंग XI

PBKS vs RR, IPL 2026: राजस्थान रॉयल्स ने दो बदलाव करते हुए शिमरोन हेटमायर और रवि बिश्नोई की जगह दासुन शनाका और यश पुंजा को एकादश में शामिल किया है. जबकि पंजाब ने भी दो बदलाव करते हुए सूर्यांश शेडगे और लॉकी फर्ग्युसन को एकादश में जगह दी है. 🚨Toss update from New Chandigarh🚨@rajasthanroyals won the toss and elected to bowl first against @PunjabKingsIPL Updates ▶️ https://t.co/fBbdVnF5Fx#TATAIPL | #KhelBindaas | #PBKSvRR pic.twitter.com/B0CBFCjVhr — IndianPremierLeague (@IPL) April 28, 2026 पंजाब किंग्स (प्लेइंग इलेवन) प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, श्रेयस अय्यर (कप्तान), कूपर कोनोली, सूर्यांश शेडगे, नेहल वढेरा, मार्कस स्टोइनिस, मार्को जानसन, लॉकी फर्ग्यूसन, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल. राजस्थान रॉयल्स (प्लेइंग इलेवन) वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जयसवाल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा, यश राज पुंजा. इम्पैक्ट प्लेयर राजस्थान रॉयल्स: रवि बिश्नोई, रवि सिंह, तुषार देशपांडे, शुभम दुबे, शिम्रोन हेटमायर. पंजाब किंग्स: विष्णु विनोद, विजयकुमार विशक, जेवियर बार्टलेट, हरप्रीत बराड़, मुशीर खान. The post राजस्थान ने टॉस जीता, पंजाब किंग्स की पहले बल्लेबाजी, देखें प्लेइंग XI appeared first on Naya Vichar.

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वाराणसी : महिला सम्मेलन में बोले पीएम मोदी महिलाओं को शासन में भागीदार बनाने के लिए 33% आरक्षण जरूरी

PM Modi In Varanasi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनोखे अंदाज में अपने चुनाव क्षेत्र वाराणसी में स्त्री शक्ति का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा वाराणसी माता श्रृंगार गौरी, माता विशालाक्षी और मां गंगे की धरती है. इस धरती पर जब वाराणसी की मां-बहनें इकट्ठा होती हैं,तो वह समागम अद्‌भुत होता है. पीएम मोदी ने कहा कि देश के नीति-निर्धारण में स्त्रीओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हमारी प्रशासन प्रतिबद्ध है. स्त्री आरक्षण के लिए स्त्रीओं का समर्थन जरूरी प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में स्त्री सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहते हैं कि मुझे आपका साथ चाहिए. मैं यह चाहता हूं कि घर की स्त्रीएं सशक्त हों. इसके लिए मैं उन्हें लोकसभा और विधानसभा में 33प्रतिशत आरक्षण दिलाना चाहता हूं और इसके लिए मुझे आपका समर्थन चाहिए. मैंने कोशिश भी की, लेकिन समाजवादी और कांग्रेस पार्टी ने मेरा प्रयास को साकार रूप नहीं लेने दिया. मगर मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि मैं यह प्रयास फिर करूंगा, क्योंकि स्त्रीओं को मजबूत करना मेरी प्रशासन का लक्ष्य है. देश के नीति-निर्धारण में स्त्रीओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हमारी प्रशासन प्रतिबद्ध है। वाराणसी में स्त्री सम्मेलन को संबोधित कर रहा हूं। https://t.co/ibR9RbyYlB — Narendra Modi (@narendramodi) April 28, 2026 स्त्रीओं का कल्याण और उनका सशक्तिकरण मोदी प्रशासन का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरी प्रशासन बेटियों के लिए पढ़ाई, कमाई और दवाई की व्यवस्था कर रही है. मैं यह चाहता हूं कि बेटियां सुरक्षित हों और सशक्त हों. ना सिर्फ परिवार में बल्कि देश के शासन में भी उनकी आवाज सुनी जाए. स्त्रीएं सशक्त हो रही हैं और उनकी आवाज घर में बुलंद हो रही है. वे घर की मालकिन बन रही हैं.10 करोड़ स्त्रीएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं. 3 करोड़ लखपति दीदी बन चुकी हैं. ये भी पढ़ें : जस्टिस स्वर्णकांता की कोर्ट में प्रस्तुत नहीं होंगे केजरीवाल, कहा-मुझे वहां न्याय की उम्मीद नहीं; सत्याग्रह के मार्ग पर चलूंगा विराट कोहली ने दिल्ली में कहा-क्रिकेट मेरा जीवन है, यह मैंने बचपन में ही तय कर लिया था The post वाराणसी : स्त्री सम्मेलन में बोले पीएम मोदी स्त्रीओं को शासन में भागीदार बनाने के लिए 33% आरक्षण जरूरी appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण की वोटिंग से पहले भारत-बांग्लादेश बॉर्डर सील, जानें किनको मिलेगी छूट

India Bangladesh Border Sealed Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गयी है. उत्तर 24 परगना जिले की 33 विधानसभा सीटों पर 29 अप्रैल को होने वाली वोटिंग के मद्देनजर हिंदुस्तान-बांग्लादेश सीमा मार्गों को पूरी तरह प्रतिबंधित यानी सील कर दिया गया है. पेट्रापोल लैंड पोर्ट पर पसरा सन्नाटा निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने सीमा पार से होने वाली किसी भी संभावित घुसपैठ या चुनावी खलल को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया है. दक्षिण एशिया के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र ‘पेट्रापोल लैंड पोर्ट’ पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है. 26 अप्रैल से ही लागू हैं कड़े प्रतिबंध जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सीमा पर आवाजाही को लेकर नियम बेहद सख्त कर दिये गये हैं. यह प्रतिबंध 26 अप्रैल की शाम 6 बजे से ही लागू कर दिया गया है, जो मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक जारी रहेगा. उत्तर 24 परगना जिले से लगे बांग्लादेशी सीमा क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति या वाहन को हिंदुस्तानीय क्षेत्र में प्रवेश करने या यहां से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. सीमा पार व्यापार का मुख्य केंद्र होने के कारण पेट्रापोल लैंड पोर्ट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि मतदान प्रभावित न हो. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मानवीय आधार पर इन्हें मिलेगी छूट प्रशासन ने इस सख्त पाबंदी के बीच कुछ विशेष परिस्थितियों में रियायत देने का भी फैसला किया है. इमरजेंसी मेडिकल की स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को आवाजाही की छूट रहेगी. हिंदुस्तानीय क्षेत्र के वे निवासी जो मतदान करने के लिए सीमा पार से वापस लौट रहे हैं, उन्हें हिंदुस्तान की सीमा में आने की अनुमति दी जायेगी. ऐसी वस्तुएं, जो तय समयसीमा में खराब हो सकती हैं, उनके परिवहन को शर्तों के साथ मंजूरी दी गयी है. इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव के लिए सुरक्षा कवच तैयार, CAPF का पहरा, 100 मीटर के घेरे में ‘नो एंट्री’, चप्पे-चप्पे पर CCTV 2200 किलोमीटर लंबी सीमा पर हाई अलर्ट पश्चिम बंगाल बांग्लादेश के साथ लगभग 2,200 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है. अधिकारियों का कहना है कि उत्तर 24 परगना जैसे जिलों में सीमा का एक बड़ा हिस्सा ‘ओपन’ यानी खुला हुआ है. इसकी वजह से चुनावों के दौरान सुरक्षा चुनौतियां बढ़ जाती हैं. इसे भी पढ़ें : चुनाव से पहले STF ने बिहार के हथियार तस्कर को कोलकाता में दबोचा, पिस्टल और 100 से ज्यादा कारतूस बरामद बीएसएफ के साथ स्थानीय पुलिस भी सीमा पर कर रही गश्त पेट्रापोल लैंड पोर्ट के अधिकारियों के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी सीमावर्ती गांवों में गश्त कर रही है. इसे भी पढ़ें : भवानीपुर बना ‘मनोवैज्ञानिक युद्धक्षेत्र’, ममता के गढ़ में शुभेंदु की एंट्री से दिलचस्प हुआ मुकाबला, क्या ‘मिनी इंडिया’ तोड़ेगा दीदी की अजेय छवि? India Bangladesh Border Sealed: उत्तर 24 परगना की 33 सीटों पर वोट 29 को शुक्रवार 29 अप्रैल को होने वाले इस मतदान में उत्तर 24 परगना की 33 सीटों का परिणाम राज्य की अगली प्रशासन बनाने में अहम भूमिका निभायेगा. यही वजह है कि प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर को किले में तब्दील कर दिया है. इसे भी पढ़ें अभेद्य किले में तब्दील कोलकाता, खिदिरपुर से पोर्ट तक चप्पे-चप्पे पर पहरा, अंतिम चरण के लिए सुरक्षा बल ‘सुपर अलर्ट’ बंगाल चुनाव के फेज-2 से पहले बड़ी कार्रवाई, TMC पार्षद समेत 1,543 गिरफ्तार, जानें कहां हुई कितनी गिरफ्तारी चुनाव के बीच पुलिस ऑब्जर्वर पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, आयोग से कहा- TMC की शिकायत पर कार्रवाई करें उत्तर कोलकाता की 7 सीटों पर वोटर लिस्ट में बड़ी काट-छांट, SIR के बाद 10.84 लाख मतदाता करेंगे फैसला, देखें आपके क्षेत्र का पूरा डेटा The post बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण की वोटिंग से पहले हिंदुस्तान-बांग्लादेश बॉर्डर सील, जानें किनको मिलेगी छूट appeared first on Naya Vichar.

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