Bihar Flood: बिहार में मॉनसून कमजोर पड़ रहा लेकिन दूसरी तरफ बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है. राज्य की कई प्रमुख नदियां जैसे कि गंगा, गंडक, सोन, घाघरा का जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों की टेंशन बढ़ती जा रही है. पूरी रात लोग टेंशन में बिता रहे. केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों की माने तो, कई जगहों पर नदियां लाल निशान के पास पहुंच गईं हैं जबकि कई जगहों पर पार कर चुकीं हैं.
इन जिलों में स्थिति गंभीर
गंडक नदी में आई बाढ़ की वजह से पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण में खास तौर पर तबाही देखने के लिए मिली. कई तटबंध टूट गए. इसके साथ ही कई रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया. नदी के पास के इलाके या फिर निचले इलाके में रह रहे कई लोगों के घर नदी में डूब रहे. इसकी वजह से लोग खुद का घर छोड़ने तक के लिए मजबूर हैं. इन दोनों जिले के अलावा गोपालगंज, सारण और वैशाली जिले में भी तबाही जैसा मंजर देखने के लिए मिला.
पटना में गंगा नदी का उफान
आपदा प्रबंधन विभाग की माने तो, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण, सहरसा, दरभंगा, गोपालगंज और पूर्णिया के 24 प्रखंडों के 65 गांवों में 1.50 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है. गंगा नदी की बात करें तो, पटना के गांधी घाट पर जलस्तर खतरे के निशान से 17 सेंटीमीटर ऊपर है. आज इस घाट पर जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है. इसके अलावा दीघा घाट पर पानी खतरे के निशान से नीचे था लेकिन आज खतरे के निशान के पास पहुंच सकता है. हाथीदह में जलस्तर 42 सेंटीमीटर और कहलगांव में 17 सेंटीमीटर तक पानी बढ़ सकता है.
ये नदियां भी रौद्र रूप में
गंगा नदी के अलावा दूसरे नदियों की बात करें तो, पटना के मनेर में सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. जबकि गोपालगंज जिले में गंडक नदी उफान पर है. जिले में नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 176 सेंटीमीटर ऊपर है. इसके अलावा पश्चिम चंपारण नदी का जलस्तर 80 सेंटीमीटर तक बढ़ने की संभावना जताई गई है. दूसरी तरफ, सीवान जिले में घाघरा नदी भी रौद्र रूप में है. फिलहाल यह नदी खतरे के निशान से नीचे है लेकिन आज तक में बढ़ोतरी की संभावना है.
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गोपालगंज और सारण में लाखों की आबादी पर खतरा
मिली जानकारी के अनुसार, गोपालगंज और सारण जिले में बाढ़ का खौफनाक मंजर देखने के लिए मिल रहा है. गोपालगंज जिले में गंडक नदी में आई बाढ़ की वजह से 43 गांवों में आफत आ गई है. घरों के साथ-साथ कई स्कूलों में पानी घुस गया है. लेकिन इस बीच प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट दिखा. बताया जा रहा है कि डीएम समीर सौरभ समेत अन्य अधिकारी बांध के पास रातभर पेट्रोलिंग करते रहे.
दूसरी तरफ, सारण जिले की बात करें तो, गंडक नदी के उफान से सारण जिले के कई प्रखंडों में पानी घुस गया. अब तो किसानों की फसलें भी डूबने लगीं हैं. लाखों की आबादी गंडक में आई बाढ़ की वजह से प्रभावित हो रही है. खासकर निचले इलाकों में रह रहे लोगों की परेशानी बनी हुई है. आज भी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है. लेकिन मौसम विभाग की ओर से यह संभावना जताई गई है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य में बारिश से राहत रहेगी.
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