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Author name: Vinod Jha

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भाई DSP, भाभी जज, कीर्ति ने जॉब के साथ क्रैक की UPSC

Kirti Success Story: हर किसी के जीवन में कोई ना कोई रोल मॉडल जरूर होत है, लेकिन कीर्ति पंवार का तो पूरा का पूरा घर “टैलेंट हब” ही है. भाई डीएसपी, भाभी जज, पापा रिटायर्ड प्रोफेसर, मम्मी टीचर और बहन MBBS कर रही हैं. ऐसे माहौल में बड़ा होना मतलब हर दिन खुद को बेहतर बनाने का प्रेशर भी और मोटिवेशन भी. आइए कीर्ति के UPSC क्रैक करने की जर्नी (Kirti Success Story) को करीब से देखते हैं. Kirti Success Story: कौन हैं कीर्ति? कीर्ति का जन्म 24 मार्च 1999 को पानीपत, हरियाणा में हुआ. कीर्ति ने अपनी स्कूली पढ़ाई Delhi Public School, Panipat से की और यहां भी उन्होंने जमकर परफॉर्म किया. 2017 में उन्हें Academic Excellence Award मिला और CBSE Class 10 में शानदार प्रदर्शन के लिए Ministry of Human Resource Development से Letter of Appreciation भी मिला. कीर्ति की कहानी सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं थी. कीर्ति स्टेट लेवल टेबल टेनिस और क्रिकेट प्लेयर भी रहीं. स्कूलिंग खत्म होने के बाद कीर्ति दिल्ली चली गईं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई स्कूल के बाद कीर्ति ने Hindu College, University of Delhi से BA (Programme) किया, जिसमें Economics और Political Science जैसे सब्जेक्ट थे. यहीं से उनका झुकाव पब्लिक पॉलिसी और गवर्नेंस की तरफ बढ़ा. इसके बाद उन्होंने Campus Law Centre, Faculty of Law, University of Delhi से LLB किया और 2023 में डिग्री पूरी की. इतना ही नहीं, CLAT PG 2024 में All India Rank 2 हासिल कर चुकी हैं. जॉब के साथ पढ़ाई वकालत पूरा होने के बाद कीर्ति ने एक लॉ फर्म ज्वाइन किया. PowerGrid में Officer Trainee (Law) के तौर पर जॉब शुरू की. हालांकि, उनका मन सिविल सर्विस में जाने का था. कीर्ति बताती हैं कि वो सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करती थीं. इसके बाद ऑफिस जाती थीं. UPSC की तैयारी कीर्ति बताती हैं कि उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा सबसे पहले साल 2021 में दी थीं. पहले प्रयास में ही वो प्रीलिम्स परीक्षा पास कर ली. इसके बाद उन्होंने तीन बार प्रीलिम्स एग्जाम एग्जाम क्रैक किया. कीर्ति को चौथे प्रयास में सफलता हासिल हुई. यह भी पढ़ें: मजदूर की बेटी ने किया कमाल, UPSC में गुडेल्ली सृजना को मिली AIR 55 The post भाई DSP, भाभी जज, कीर्ति ने जॉब के साथ क्रैक की UPSC appeared first on Naya Vichar.

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बच्चे की जिद के आगे घुटने टेकना पड़ सकता है भारी, आज ही सुधारें उसकी खाने-पीने की ये आदतें

Parenting Tips: आज के समय में आप किसी भी घर जिसमें छोटे शिशु हैं, उसमें यह समस्या देखने को मिलती ही है कि वे हेल्दी खाना नहीं, बल्कि अपनी पसंद की चीजों को ज्यादा खाना चाहते हैं. कभी अचानक से चिप्स खाने की जिद, तो कभी सुबह उठते ही चॉकलेट की डिमांड. इस तरह के चीजों के प्रति ज्यादा झुकाव होने की वजह से अक्सर शिशु घर पर बनी हेल्दी चीजों को देखते ही मुंह बनाने लग जाते हैं. अगर बार-बार ऐसा होता रहे तो यह एक समय के बाद पैरेंट्स के लिए परेशानी की वजह बन जाता है. कई बार पैरेंट्स प्यार में आकर या फिर समय की कमी होने की वजह से बच्चों की उनकी पसंद की चीजें दे देते हैं, बिना इस बात को सोचे कि आगे चलकर इसका बच्चों की सेहत पर क्या असर पड़ेगा. आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो पैरेंट्स शिशु को खाना खिलाते समय अनजाने में कर देते हैं. अगर आप इन गलतियों को समय रहते सुधारते नहीं हैं तो आपके शिशु की सेहत पर इसका काफी बुरा असर पड़ सकता है. जंक फूड पर ज्यादा डिपेंड करना आज के बच्चों को घर पर बनी चीजें नहीं बल्कि पिज्जा, बर्गर, चिप्स और पैक्ड चीजें ज्यादा पसंद आते हैं. यह एक बड़ी वजह है कि पैरेंट्स आसानी से बच्चों को ये चीजें खाने के लिए दे देते हैं. अगर आप भी अपने शिशु को खाने में इस तरह की चीजें देते हैं तो आपको जान लेना चाहिए कि इनमें न्यूट्रिशन कम और नुकसान ज्यादा होता है. जब शिशु ज्यादा जंक फूड्स खाने लगते हैं तो उनमें मोटापा, कमजोरी और डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं. यह भी पढ़ें: क्या बिना ट्यूशन आपका बच्चा नहीं कर सकता क्लास में टॉप? यह आर्टिकल बदल देगा आपकी सोच सब्जियों और फलों को नजरअंदाज करना कई शिशु ऐसे भी होते हैं जिन्हें सब्जियां और फलों का सेवन करना अच्छा नहीं लगता है. ऐसे में माता-पिता बच्चों के इस जिद के सामने अपने घुटने टेक देते हैं. किसी भी माता-पिता के लिए यह सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है. फलों और सब्जियों में आपको भरपूर मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर मिल जाते हैं. अगर आप अपने शिशु को फल और सब्जियां नहीं खिलाते हैं तो शिशु की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है. बच्चों को जबरदस्ती खाना खिलाना कुछ माता-पिता ऐसे भी होते हैं जो बच्चों को ज्यादा खिलाने के चक्कर में उनसे जबरदस्ती करते हैं. जब आप ऐसा करते हैं तो आपके शिशु खाने की चीजों से दूर भागने लग जाते हैं और खाने की चीजों के प्रति उनका एक निगेटिव नजरिया भी बन जाता है. आपको हमेशा अपने शिशु को उनकी भूख को देखते हुए खाने की चीजें देनी चाहिए. इसके अलावा आपको अपने शिशु में हेल्दी चीजें खाने की आदतों को भी बढ़ावा देना चाहिए. यह भी पढ़ें: पढ़ाई करते समय बार-बार भटक जाता है शिशु का ध्यान? स्टडी टेबल से तुरंत हटाएं ये 4 चीजें बच्चों को पानी कम पिलाना अक्सर माता-पिता अपने शिशु के खाने-पीने का ख्याल तो सही तरीके से रख लेते हैं, लेकिन उन्हें पानी पिलाने की जरूरत को नजरअंदाज कर देते हैं. अगर आप अपने शिशु को सही मात्रा में पानी नहीं मिलाते हैं तो उन्हें डिहाइड्रेशन, थकान और डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम्स हो सकती है. आपको अपने शिशु को हर थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पिलाते रहना चाहिए. मीठी चीजों का हद से ज्यादा सेवन जब शिशु छोटे होते हैं तो पैरेंट्स अक्सर उन्हें चॉकलेट, कैंडीज, कोल्ड ड्रिंक या इस तरह की मीठी चीजें खिलाने की गलती कर देते हैं. इस तरह की चीजें बच्चों के दांतों को खराब कर देती हैं और उन्हें मीठी चीजें खाने की आदत लग जाती है. अगर शिशु छोटे हैं तो आपको उन्हें काफी सीमित मात्रा में मीठी चीजें खिलानी चाहिए. हद से ज्यादा मीठी चीजों की जगह पर आप उन्हें फलों या फिर घर पर बनी चीजों का सेवन करवा सकते हैं. यह भी पढ़ें: क्या आप भी शिशु की हर जिद पर कहते हैं ‘हां’? जानिए कब जरूरी है ‘ना’ कहना The post शिशु की जिद के आगे घुटने टेकना पड़ सकता है भारी, आज ही सुधारें उसकी खाने-पीने की ये आदतें appeared first on Naya Vichar.

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पटना लौटते ही नीतीश कुमार से मिले सीएम सम्राट चौधरी, पहली कैबिनेट मीटिंग में लिए जा सकते हैं कई बड़े फैसले

Samrat Choudhary: दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सीधे नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे. दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं. तस्वीरों में नीतीश कुमार सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखे नजर आ रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री सिर झुकाकर उनका अभिवादन करते दिखे. इस मुलाकात को सियासी तौर पर काफी अहम माना जा रहा है. आज पहली कैबिनेट बैठक बिहार में नई सम्राट प्रशासन की पहली कैबिनेट बैठक आज यानी बुधवार शाम 6 बजे बुलाई गई है. इस बैठक में रोजगार और युवाओं से जुड़े बड़े फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है. माना जा रहा है कि प्रशासन शुरुआती फैसलों के जरिए बड़ा संदेश देने की तैयारी में है. PM मोदी से भी मिले सम्राट 21 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की. मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि राज्य के विकास और जनकल्याण को लेकर प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन मिला. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सहयोग बिहार की प्रगति को नई दिशा देगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में कई वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की. उन्होंने राधामोहन सिंह और गिरिराज सिंह से मुलाकात कर राज्य के कई मुद्दों पर चर्चा की. RSS दफ्तर और BJP मुख्यालय भी गए प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दफ्तर भी पहुंचे, जहां उन्होंने संघ के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की. इसके पहले वे हिंदुस्तानीय जनता पार्टी मुख्यालय भी गए थे, जहां उनकी मुलाकात नितिन नवीन से हुई. सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान मंत्रिमंडल के नामों पर अंतिम चर्चा की गई और लिस्ट को फाइनल रूप दिया गया. अब सबकी नजर आज होने वाली कैबिनेट बैठक पर टिकी है, जहां से प्रशासन के एजेंडे की स्पष्ट झलक मिल सकती है. Also Read: अनंत सिंह बोले- पप्पू यादव पागल हो गए हैं, पहले ये बताएं, पत्नी MP कैसे बनीं? सांसद ने कहा- नोटिस फाड़कर फेंक दिया The post पटना लौटते ही नीतीश कुमार से मिले सीएम सम्राट चौधरी, पहली कैबिनेट मीटिंग में लिए जा सकते हैं कई बड़े फैसले appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल में फिर बवाल, बालेन शाह को झटका, 26 दिन के अंदर गृह मंत्री ने दिया इस्तीफा

Nepal Home Minister Resigns: सुदन गुरुंग ने फेसबुक पर अपने इस्तीफे की घोषणा की. गुरुंग ने कहा- उन्होंने जनता की आलोचना को गंभीरता से लिया है. सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए पद छोड़ने का फैसला किया है. उन्होंने इस्तीफा देते हुए लिखा- मैं, सुदन गुरुंग, चैत्र 13, 2082 (26 मार्च, 2026) से गृह मंत्री के रूप में पूरी ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा हूं. हाल ही में, मैंने अपने शेयरों और संबंधित मामलों को लेकर नागरिकों द्वारा उठाए गए सवालों, टिप्पणियों और सार्वजनिक चिंताओं को बहुत गंभीरता से लिया है. मेरे लिए किसी भी पद से ज्यादा महत्व नैतिक मूल्यों का है : गुरुंग सुदन गुरुंग ने इस्तीफा पत्र में लिखा- मेरे लिए, किसी भी पद से ज्यादा महत्व नैतिक मूल्यों का है, और जनता के विश्वास से बड़ी कोई शक्ति नहीं है. आज का Gen Z आंदोलन, जो सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करता है, वही संदेश देता है: सार्वजनिक जीवन स्वच्छ होना चाहिए और नेतृत्व जवाबदेह होना चाहिए. सुदन गुरुंग पर क्या है आरोप? सुदन गुरुंग पर गृह मंत्री रहते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. उनपर आय से अधिक संपत्ति और शेयर बाजार में संदिग्ध कारोबार करने का आरोप है. दावा किया गया है कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद कारोबारी दीपक भट्ट के साथ उन्होंने आर्थिक लेनदेन की है. आरोप ये भी है कि गुरुंग ने अपनी आधिकारिक संपत्ति की घोषणा में स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो लाइफ में निवेश की जानकारी नहीं दी थी. 9 अप्रैल को पीएम बालेंद्र शाह ने मंत्री दीपक कुमार साह को पद से हटाया था इससे पहले 9 अप्रैल को, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अपनी पार्टी की सिफारिश पर, श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह को अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते पद से हटा दिया था. दीपक कुमार साह पर क्या था आरोप? दीपक कुमार साह पर आरोप था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी, जूनू श्रेष्ठ को स्वास्थ्य बीमा बोर्ड के सदस्य के तौर पर बनाए रखा. यह एक ऐसा पद था जो लंबे समय से लगभग निष्क्रिय पड़ा था. आयोग ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट पार्टी को सौंपी थी, जिसमें साह के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई थी. ये भी पढ़ें: नेपाल में बवाल: कुर्सी संभालते ही मुश्किल में बालेन शाह, विरोध तेज The post नेपाल में फिर बवाल, बालेन शाह को झटका, 26 दिन के अंदर गृह मंत्री ने दिया इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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अनंत सिंह बोले- पप्पू यादव पागल हो गए हैं, पहले ये बताएं, पत्नी MP कैसे बनीं? सांसद ने कहा- नोटिस फाड़कर फेंक दिया

Anant Singh On Pappu Yadav: बिहार की नेतृत्व में इन दिनों स्त्रीओं को लेकर दिए गए एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव अपने बयान पर अड़े हुए हैं, जबकि मोकामा विधायक अनंत सिंह ने उन्हें घेरते हुए तीखा पलटवार किया है. इस पूरे मामले ने नेतृत्वक माहौल को और गर्म कर दिया है. ‘मैंने कुछ गलत नहीं कहा’- पप्पू यादव दरअसल, पप्पू यादव ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि स्त्रीओं की नेतृत्व में एंट्री बिना समझौते के आसान नहीं होती. इस बयान को लेकर विरोध शुरू हुआ, लेकिन बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने साफ कर दिया कि वे अपने शब्दों से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि उन्होंने वही कहा जो समाज में हो रहा है और यह कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं थी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समाज में स्त्रीओं को देवी का दर्जा तो दिया गया, लेकिन असल सम्मान आज भी नहीं मिला है और उनके साथ शोषण जारी है. स्त्री आयोग के नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया स्त्री आयोग द्वारा भेजे गए नोटिस पर भी पप्पू यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उन्होंने उस नोटिस को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया है. उनके इस बयान ने विवाद को और तेज कर दिया है और इस पर नेतृत्वक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. अनंत सिंह का पलटवार, निजी सवाल से घेरा इस बयान पर मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पप्पू यादव पागल हो गया है. जब सांसद 90 प्रतिशत स्त्रीओं पर इस तरह का आरोप लगा रहे हैं, तो उन्हें पहले अपने घर से जवाब लेना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि वे बताएं कि पहले उनकी पत्नी कहां है. दूसरी स्त्रीओं पर आरोप लगाने से पहले पप्पू यादव अपनी पत्नी से तो पूछे कि वह कैसे नेतृत्व में गई थी. पटना: ”पहले अपनी पत्नी से पूछे…” JDU विधायक अनंत सिंह ने पप्पू यादव के दिए गए स्त्रीओं के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. कहा-जब उन्होंने कहा कि 90% स्त्रीएं नेतृत्व में आने के लिए बेड का सहारा लेती हैं तो पहले पप्पू यादव अपने पत्नी से तो पूछे वह कैसे गई थी. वह सभी स्त्रीओं को कह… pic.twitter.com/P8Y1UH2Bbm — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 22, 2026 निशांत कुमार के दौरे पर क्या बोले अनंत सिंह अनंत सिंह ने निशांत कुमार के बिहार दौरे को सही बताते हुए कहा कि जो नेता मैदान में उतरता है, वही असल स्थिति को समझ पाता है. उनके मुताबिक, घूमने से ही पता चलता है कि कहां क्या काम करना है. वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी उन्होंने हमला बोला. अनंत सिंह ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और वे सिर्फ बेवजह की बातें कर रहे हैं. पटना: JDU विधायक अनंत सिंह ने कहा कि निशांत कुमार का पूरे बिहार में घूमना अच्छी बात है, तभी काम की जानकारी मिलेगी. राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, सब फाजुल बात है श्रवण कुमार को नेता बनने पर बधाई दी.#BiharPolitics #JDU… pic.twitter.com/0SYFED9kMB — Naya Vichar (@prabhatkhabar) April 22, 2026 श्रवण कुमार को बताया मेहनती नेता जदयू में श्रवण कुमार को विधायक दल का नेता चुने जाने पर उन्होंने समर्थन जताया. अनंत सिंह ने कहा कि श्रवण कुमार पार्टी के पुराने और मेहनती नेता हैं और उनके नेतृत्व में संगठन आगे बढ़ेगा. अपराध और एनकाउंटर पर बयान अपराध के मुद्दे पर भी अनंत सिंह ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि जो लोग गलत काम करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होना तय है. उनके मुताबिक, अगर लोग सुधर जाएं तो एनकाउंटर की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. उन्होंने यह भी कहा कि आजकल कम उम्र के शिशु भी गलत रास्ते पर जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है. Also Read: गोपालगंज में भू-माफियाओं पर एक्शन की तैयारी, 60 अपराधियों की लिस्ट तैयार, IPS विनय तिवारी का क्या है प्लान? The post अनंत सिंह बोले- पप्पू यादव पागल हो गए हैं, पहले ये बताएं, पत्नी MP कैसे बनीं? सांसद ने कहा- नोटिस फाड़कर फेंक दिया appeared first on Naya Vichar.

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अस्पताल का बिल बना देगा कंगाल! ऐसे चुनें सही हेल्थ इंश्योरेंस

Health Insurance: नोएडा के 36 साल के वैभव पांडेय ने सोचा था कि 5 लाख का हेल्थ कवर लेकर उन्होंने जंग जीत ली है. लेकिन जब पत्नी की हार्ट सर्जरी हुई और बिल 11 लाख आया, तो बीमा कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए. वैभव को अपनी मेहनत की कमाई खर्च करनी पड़ी और ऊपर से कर्ज भी लेना पड़ा. आज के दौर में इलाज इतना महंगा हो गया है कि पुरानी घिसी-पिटी पॉलिसियां अब काम नहीं आतीं. अब जमाना है ‘कस्टमाइज्ड हेल्थ इंश्योरेंस’ का. आइए जानते हैं कि यह क्या है और आपको इसे क्यों चुनना चाहिए. क्या है कस्टमाइज्ड हेल्थ इंश्योरेंस ? यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप अपनी पसंद की ‘थाली’ खुद सजाते हैं. इसमें बीमा कंपनी आपको यह मजबूर नहीं करती कि आप वो चीजें लें जिनकी आपको जरूरत नहीं है. इसके बजाय, आप अपनी उम्र, बीमारी के इतिहास और परिवार की जरूरत के हिसाब से अपना प्लान खुद डिजाइन करते हैं. एक्सपर्ट्स क्यों दे रहे हैं इसे चुनने की सलाह? बीमा एक्सपर्ट अमित भंडारी के मुताबिक, हर इंसान की लाइफस्टाइल अलग है, तो उसका बीमा एक जैसा क्यों हो? अगर आप युवा हैं, तो आप जिम इंजरी या एक्सीडेंट कवर पर ध्यान दे सकते हैं. आप सिर्फ उन्हीं फीचर्स के पैसे देते हैं जो आप चुनते हैं, जिससे फालतू का प्रीमियम बचता है. कस्टमाइज्ड प्लान होने से अस्पताल में ‘आउट ऑफ पॉकेट’ यानी अपनी जेब से पैसा देने की नौबत कम आती है. आज के दौर में कितना कवर है जरूरी? अगर आप किसी बड़े शहर में रहते हैं, तो 15 से 20 लाख रुपये का कवर अब न्यूनतम जरूरत बन गया है. इसके पीछे दो बड़े कारण हैं: हिंदुस्तान में इलाज का खर्च हर साल 12-14% की रफ्तार से बढ़ रहा है. हार्ट, किडनी या कैंसर जैसी बीमारियों का खर्च आसानी से 10 लाख के पार निकल जाता है. पॉलिसी में क्या-क्या एक्स्ट्रा जोड़ सकते हैं ? कस्टमाइज्ड प्लान में आपको 15-20 तरह के विकल्प मिलते हैं, जैसे: मैटरनिटी कवर: अगर आप परिवार बढ़ाने की सोच रहे हैं. रिस्टोरेशन बेनिफिट: अगर एक बार पूरा पैसा खत्म हो जाए, तो कंपनी दोबारा उतना ही पैसा भर देती है. ओपीडी खर्च: डॉक्टर की फीस और दवाइयों का खर्च. वेटिंग पीरियड कम करना: पुरानी बीमारियों (जैसे BP, शुगर) का कवर जल्दी शुरू करवाना. बीमा लेने से पहले ये जरूर पूछें क्या मेरी पॉलिसी में ‘रूम रेंट’ (कमरे के किराए) की कोई सीमा है? क्या इसमें ‘रिस्टोरेशन’ का विकल्प है? क्या अस्पताल के बिल में मुझे अपनी तरफ से कुछ प्रतिशत पैसा देना होगा (Co-payment)? Also Read: KCC का लोन नहीं भरा तो क्या बिक जाएगी जमीन ? जानें पूरा सच The post अस्पताल का बिल बना देगा कंगाल! ऐसे चुनें सही हेल्थ इंश्योरेंस appeared first on Naya Vichar.

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Yogi Adityanath: बंगाल की धरती काबा की नहीं, मां काली की रहेगी, ममता के गढ़ में योगी की ललकार

मुख्य बातें बंगाल को अब तक सब ने लूटा गया बंगाल की अस्मिता का अपमान बंगाल में 7000 उद्योग बंद Yogi Adityanath: कोलकाता. पश्चिम बंगाल के जोरासांको में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. अपने अंदाज में गरजते हुए सीएम योगी ने कहा कि बंगाल को टीएमसी की गुलामी से मुक्त कराने का अवसर आपके सामने है. पहले पूरा देश रोजगार के लिए बंगाल आता था. शोध होते थे, ज्ञान की धरा थी..लेकिन आज बंगाल अपनी बदहाली से लड़ रहा है. बंगाल को अब तक सब ने लूटा गया सीएम योगी ने कहा कि पहले कांग्रेस ने लूटा, फिर कम्युनिस्टों ने नोचा और 15 साल से टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने के लिए सारे यत्न कर रहे हैं. योगी ने आगे आरोप लगाया कि बंगाल में धड़ल्ले से गोहत्या होती है. भगवान राम के नाम से ममता दीदी को चिढ़ है. शोभायात्रा पर बैन लगता है. दुर्गा पूजा के समय कर्फ्यू लगता है. व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं. टीएमसी के गुंडे उनसे गुंडा टैक्स वसूलते हैं. बंगाल की अस्मिता का अपमान योगी ने रैली में TMC का मतलब- टेरर, माफिया राज और करप्शन बताया. उन्होंने कहा- बंगाल की धरती काबा की नहीं, मां काली की रहेगी, TMC के गुंडों का उपचार, डबल इंजन की भाजपा प्रशासन. जोरासांको में रैली करते हुए योगी ने कहा कि यह क्षेत्र गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर का ठाकुरबाड़ी है. साहित्य के लिए पहली बार किसी हिंदुस्तानीय को नोबेल प्राइज मिला था. पूरा हिंदुस्तान गौरव करता है. दुखद है कि गुरुदेव के उस हेरिटेज परिसर में, जहां उनकी तस्वीर लगनी चाहिए थी, जहां हिंदुस्तान माता की तस्वीर होनी चाहिए थी, वहां पर टीएमसी के गुंडों ने जबरन कब्जा करके ममता दीदी का फोटो लगा दिया. यह हिंदुस्तानीयता का अपमान है, बंगाल की अस्मिता का अपमान है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बंगाल में 7000 उद्योग बंद यूपी के सीएम ने कहा कि बंगाल आज बदहाल है, जो ज्ञान की धरा थी आज वो बेरोजगारी के अंधकार में भटकती हुई दिखाई दे रही है. 10 साल में ही 7,000 से ज्यादा बड़े उद्योग बंगाल में बंद हुए है. 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए हैं, लेकिन TMC और ममता दीदी के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है. बुआ और भतीजे, दोनों बंगाल के अस्तित्व को पूरी तरह समाप्त करना चाहते हैं. कोलकाता का मेयर बोलता है कि उर्दू चलेगी. मैं कहता हूं कि बंगाली अस्मिता के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता है. टीएमसी के लोगों को बताने की आवश्यकता है कि काबा से नहीं, बंगाल की पहचान कालीबाड़ी से है. Also Read: बंगाल में भरे जा रहे अन्नपूर्णा योजना के फॉर्म, तृणमूल ने बीजेपी पर लगाया आचार संहिता तोड़ने का आरोप The post Yogi Adityanath: बंगाल की धरती काबा की नहीं, मां काली की रहेगी, ममता के गढ़ में योगी की ललकार appeared first on Naya Vichar.

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सरायकेला में हाहाकार: 7 करोड़ की योजना फेल, लो-वोल्टेज की वजह से 10 गांव प्यासे, 1274 घरों में नल सूखे

सरायकेला-खरसावां, (शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट): कोल्हन प्रमंडल के सरायकेला-खरसावां जिले में बढ़ती गर्मी और चढ़ते पारे के बीच पेयजल समस्या ने विकराल रूप ले लिया है. क्षेत्र की महत्वपूर्ण ‘गोंडामारा-सामुरसाई’ जलापूर्ति योजना में आई तकनीकी खराबी के कारण पिछले तीन दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है. इस योजना के बंद होने से जोरडीहा और तेलायडीह पंचायत के अंतर्गत आने वाले लगभग 1274 घरों में पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है. सुबह और शाम के समय नल से पानी आने की उम्मीद में बैठे ग्रामीणों को अब दूर-दराज के चापाकलों और अन्य निजी स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है. लो-वोल्टेज और खराब ट्रांसफॉर्मर बना मुख्य बाधा मिली जानकारी के अनुसार, जलापूर्ति बाधित होने का मुख्य कारण क्षेत्र में व्याप्त ‘लो-वोल्टेज’ की समस्या है. इस वजह से पंप हाउस में लगे शक्तिशाली मोटर सही गति से नहीं चल पा रहे हैं, जिसके चलते संजय नदी से आने वाला पानी जलमीनार तक नहीं पहुंच रहा है. बताया गया कि योजना की क्षमता लगभग 4.20 लाख लीटर है, लेकिन वोल्टेज की कमी के कारण जलमीनार में पर्याप्त जल भंडारण नहीं हो पा रहा है. इसके अतिरिक्त, योजना के संचालन के लिए लगे दो ट्रांसफॉर्मर में से एक में तकनीकी खराबी आ गई है. जलापूर्ति का जिम्मा संभाल रही कंपनी ‘एसकेएस प्राइवेट लिमिटेड’ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पीएचइडी (PHED) विभाग को लिखित रूप से सूचित कर दिया है. इन 10 गांवों की आबादी पर टूटा संकट इस जलापूर्ति योजना के ठप होने से खरसावां की दो प्रमुख पंचायतों जोरडीहा और तेलायडीह के करीब दस गांव सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. प्रभावित क्षेत्रों में सामुरसाही, गोंडामारा, छोटाबांबो, तेलांगजुडी, पिताकलांग, महादेवबुट्टा, छोटा सरगाडीह, बालियाटांड, फूचुडूंगरी, बेगनाडीह, जोरडीहा और गितीलता गांव के विभिन्न टोले शामिल हैं. इन इलाकों में रहने वाले 1274 परिवारों को पिछले 72 घंटों से एक बूंद पानी भी नल के जरिए नसीब नहीं हुआ है. Also Read: जामताड़ा के नारायणपुर में दो सड़क हादसे: एक युवक की मौत, कई घायल चापाकलों पर लंबी कतारें, व्यवस्था पर सवाल जलापूर्ति ठप होने के बाद ग्रामीण अब पारंपरिक जलस्रोतों जैसे चापाकल, कुआं और सोलर संचालित जल मीनारों पर निर्भर हो गए हैं. भीषण गर्मी में पानी भरने के लिए खासकर स्त्रीओं और बच्चों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है. सुबह होते ही चापाकलों पर बर्तनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई चापाकल पहले से ही खराब पड़े हैं, जिससे समस्या और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है. लोगों ने मांग की है कि जलापूर्ति बहाल होने तक खराब चापाकलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए. 7 करोड़ का भारी-भरकम निवेश, फिर भी प्यासे ग्रामीण उल्लेखनीय है कि इस महत्वकांक्षी योजना का निर्माण करीब सात करोड़ रुपये की लागत से किया गया था. वर्ष 2024 की शुरुआत से ही इस योजना के जरिये संजय नदी का शुद्ध पानी ग्रामीणों के घरों तक पहुंचाने का दावा किया गया था. लेकिन बार-बार आती तकनीकी खामियों ने इस योजना की सफलता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. वहीं, बड़ा सरगीडीह गांव के निवासी पिछले एक वर्ष से पाइपलाइन बिछने के बावजूद पानी का इंतजार कर रहे हैं, जहां अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है. अधिकारी का आश्वासन: जल्द बहाल होगी सप्लाई मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएचइडी (PHED) के कार्यपालक अभियंता ललित इंदूवार ने स्वीकार किया कि बिजली से संबंधित तकनीकी समस्या के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है. उन्होंने कहा कि विभाग और संबंधित कंपनी ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत और वोल्टेज सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं. अभियंता ने आश्वासन दिया है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर समस्या का समाधान कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है. Also Read: चांडिल में सड़क हादसा, कार की टक्कर से साइकिल सवार की मौत The post सरायकेला में हाहाकार: 7 करोड़ की योजना फेल, लो-वोल्टेज की वजह से 10 गांव प्यासे, 1274 घरों में नल सूखे appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव में दीवारों पर छिड़ी जंग, कहीं तीखा तंज तो कहीं मजेदार मीम्स, कोलकाता की गलियों में क्रिएटिविटी का जलवा

Kolkata Political Graffiti: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, कोलकाता की दीवारें बोलने लगीं हैं. बंगाल की नेतृत्व में ‘दीवार लेखन’ (Wall Graffiti) की परंपरा दशकों पुरानी है, लेकिन इस बार इसमें डिजिटल युग के ‘मीम्स’ और सोशल मीडिया के तीखे तंज का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है. नौकरी चाहिए, उद्योग चाहिए, मां-बहन-बीबी को सम्मान चाहिए. इसलिए अब तृणमूल नहीं. उत्तर कोलकाता की संकरी गलियों से लेकर दक्षिण कोलकाता के पॉश इलाकों तक, नेतृत्वक दलों के समर्थक अपनी क्रिएटिविटी से न केवल विरोधियों पर निशाना साध रहे हैं, बल्कि राहगीरों को मुस्कुराने पर भी मजबूर कर रहे हैं. इस बार रैलियों ही नहीं, बल्कि शब्दों और कला के जरिये मतदाताओं के दिल जीतने की भी कोशिश हो रही है. कॉमरेड विकास भट्टाचार्य को वोट दें. चुपचाप ईवीएम पर छाप. व्यंग्य, राइमिंग और मीम्स, दीवारों पर ‘स्पोर्ट्सा’ : इस बार की वॉल ग्राफिटी पारंपरिक नारों से काफी आगे निकल गयी है. तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और वामदलों के समर्थक एक-दूसरे को घेरने के लिए मजेदार कविताओं और कार्टूनों का सहारा ले रहे हैं. गंजे सिर पर कभी बाल नहीं आयेंगे, बंगाल में कभी कमल फूल नहीं खिलेगा. तंज भरे नारे : महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों को भी मजाकिया अंदाज में पेश किया गया है. पॉप कल्चर का तड़का : फिल्मों के डायलॉग और वायरल मीम्स को नेतृत्वक रंग देकर दीवारों पर उकेरा गया है. विजुअल आर्ट : विरोधियों के नेताओं के कैरिकेचर (व्यंग्य चित्र) इस बार चर्चा का मुख्य केंद्र हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें अंग्रेजी में हिंदी नारा : एप्स्टीन और आई-पैक. राज को राज रहने दो. Kolkata Political Graffiti: क्यों खास है कोलकाता की वॉल राइटिंग? कोलकाता के कलाकारों के लिए ये दीवारें एक खुले कैनवास की तरह हैं. चुनाव आयोग की बंदिशों के बावजूद, निजी दीवारों पर मालिक की सहमति से किये गये ये लेखन चुनावी माहौल को जीवंत बना देते हैं. बांग्ला में हिंदी नारा : हमारा लड़ाई है जारी, एक दीदी सब पर भारी. यह बंगाल की वह कला है, जो डिजिटल विज्ञापनों के दौर में भी अपनी प्रासंगिकता बनाये हुए है. बड़े मुद्दों के साथ-साथ मोहल्ले की छोटी-छोटी समस्याओं को भी इन स्लोगन्स में जगह मिलती है. कुम्हारपाड़ा की बैलगाड़ी पर भरे हैं लक्ष्मी हांडी. जान गयी है जनता, फिर आ रही हैं ममता. हैरानी की बात यह है कि ये दीवारें केवल गलियों तक सीमित नहीं हैं. राहगीर इन मजेदार ग्राफिटी और स्लोगन्स की तस्वीरें खींचकर फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (X) पर शेयर कर रहे हैं. कमल फूल पर वोट देने से घर में घुसेंगे विषधर सांप. कई स्लोगन तो इतने लोकप्रिय हो गये हैं कि वे रातों-रात डिजिटल मीम्स में तब्दील हो गये. नेतृत्वक दलों के आईटी सेल भी अब इन दीवारों से प्रेरणा लेकर अपना कंटेंट तैयार कर रहे हैं. जितना करो हमला, बीजेपी जीतेगी बांग्ला. 2026 के इस चुनाव में जीत किसकी होगी, यह तो 4 मई के नतीजे ही बतायेंगे, लेकिन कोलकाता की इन रंगीन और मजाकिया दीवारों ने ‘चुनावी कला’ की रेस में सबको पीछे छोड़ दिया है. इसे भी पढ़ें कहीं मछली लेकर प्रचार, तो कहीं प्रत्याशी ने बना दी रोटी, बाली में बजरंगबली के दर पर दिखा अनोखा भाईचारा चुनाव या ‘बंगाल गॉट टैलेंट’? कोई तल रहा पकौड़े, कोई मांज रहा बर्तन, वोटर को रिझाने के लिए हो रहे क्या-क्या जतन? लोकल ट्रेन में हाथ में भूंजा लिये वोट मांगती दिखी स्त्री उम्मीदवार, बंगाल में चुनाव प्रचार की अनोखी तस्वीर प्रचार का अनोखा अंदाज : पुरुलिया के काशीपुर में हलवाई बने टीएमसी सौमेन बेलथरिया, तला खाजा The post बंगाल चुनाव में दीवारों पर छिड़ी जंग, कहीं तीखा तंज तो कहीं मजेदार मीम्स, कोलकाता की गलियों में क्रिएटिविटी का जलवा appeared first on Naya Vichar.

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NIT में एडमिशन लेने से पहले, देखें ये 5 यूनिक BTech कोर्स

NIT Admission 2026: सालों से जब भी इंजीनियरिंग की बात आती है तो गिने-चुने दो चार कोर्स ही लोगों को मालूम होते हैं. लेकिन बदलते ट्रेंड के साथ अब कई यूनिक बीटेक ब्रांच (Unique BTech Branch) भी मार्केट में आ गए है, देश के विभिन्न NITs में ये कोर्स ऑफर किए जाते हैं. अगर आपने भी JEE Main परीक्षा पास कर ली है तो आइए जानते हैं इन यूनिक बीटेक ब्रांच के बारे में. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बीटेक NIT दिल्ली से NIT दिल्ली ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बीटेक प्रोग्राम 2023-24 अकैडमिक सेशन से CSE विभाग के तहत शुरू किया था. इसमें मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म, डीप लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, कंप्यूटर विजन और बिग डेटा सिस्टम्स के साथ-साथ स्टैंडर्ड CSE कोर पढ़ाया जाता है. एडमिशन JEE Main और JoSAA के तहत मिलती है. NIT दिल्ली से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक  NIT दिल्ली में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग 2024 में शुरू की गई थी. मैकेनिकल एंड एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के अनुसार, यह कोर्स छात्रों को स्पेस प्रोग्राम की चुनौतियों के लिए तैयार करने और इस क्षेत्र में इनोवेशन और क्रिएटिविटी को बढ़ावा देने पर केंद्रित है. NIT दिल्ली से BTech -VLSI डिजाइन और टेक्नोलॉजी यह प्रोग्राम 2024-25 सत्र में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के साथ शुरू किया गया. इस कोर्स में डिवाइस फिजिक्स और सर्किट डिजाइन से लेकर वेरिफिकेशन, लेआउट और फैब्रिकेशन आदि के बारे में पढ़ाया जाता है. पिछले साल के JoSAA सीट मैट्रिक्स के अनुसार इसमें लगभग 25 सीटें हैं, जो होम-स्टेट और अन्य राज्य कोटा में बंटी हुई हैं. प्रोग्राम / कोर्स क्या पढ़ाया जाएगा (Course Details) फोकस एरिया BTech in Artificial Intelligence AI, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस, ऑटोमेशन भविष्य की टेक्नोलॉजी BTech in Data Science डेटा कलेक्शन, एनालिसिस, बिग डेटा टूल्स डेटा आधारित करियर BTech in Robotics Engineering रोबोट डिजाइन, ऑटोमेशन, कंट्रोल सिस्टम इंडस्ट्री और ऑटोमेशन BTech in Cyber Security नेटवर्क सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग, डेटा प्रोटेक्शन डिजिटल सुरक्षा BTech in Internet of Things (IoT) स्मार्ट डिवाइस, सेंसर, कनेक्टेड सिस्टम स्मार्ट टेक्नोलॉजी BTech in Environmental Engineering प्रदूषण नियंत्रण, सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर्यावरण संरक्षण BTech in Smart Manufacturing इंडस्ट्री 4.0, ऑटोमेटेड प्रोडक्शन सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर Integrated MTech Courses 5 साल में BTech + MTech, एडवांस्ड रिसर्च रिसर्च और स्पेशलाइजेशन Interdisciplinary Engineering मल्टी-डिसिप्लिन स्टडी (जैसे AI + मैकेनिकल) नई एज टेक्नोलॉजी BTech in Computational Engineering कंप्यूटेशन, मॉडलिंग, सिमुलेशन इंजीनियरिंग + कंप्यूटर NIT राउरकेला से AI में BTech NIT राउरकेला ने 2024-25 शैक्षणिक वर्ष से AI में BTech शुरू किया, जो कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के तहत संचालित होता है. इसमें AI, सॉफ्ट कंप्यूटिंग, पैरेलल एल्गोरिद्म, डेटाबेस इंजीनियरिंग, कंप्यूटर नेटवर्क और इमेज प्रोसेसिंग से जुड़ी जानकारी दी जाती है. इस प्रोग्राम में 45 सीटें हैं. एडमिशन JEE Main और JoSAA से मिलती है. NIT कुरुक्षेत्र से AI में BTech NIT कुरुक्षेत्र के कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग ने यह प्रोग्राम 2023-24 सत्र से 60 सीटों के साथ शुरू किया. इसमें कम्प्यूटेशनल मैथ्स की नींव, कंप्यूटर साइंस के मुख्य विषयों के साथ AI, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग के इनोवेशन के बारे में पढ़ाया जाता है. NIT कुरुक्षेत्र से AI में BTech कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग ने 2024-25 सत्र से AI और डेटा साइंस में अलग BTech प्रोग्राम शुरू किया, जिसमें 60 सीटें हैं. यह कोर्स डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा पाइपलाइन, स्टैटिस्टिकल मॉडलिंग और बड़े पैमाने के डेटा सिस्टम्स पर केंद्रित है, साथ ही AI कोर भी शामिल है. NIT सुरथकल से AI में BTech NIT सुरथकल का इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग AI में BTech प्रोग्राम चलाता है, जो IT से अलग है. इसका उद्देश्य छात्रों को मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और डेटा विजुअलाइजेशन के जरिए स्मार्ट मशीन, सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन बनाने में सक्षम बनाना है. NIT वारंगल से डाटा साइंस और AI में BTech NIT वारंगल (NIRF 2024 में 21वीं रैंक) ने 2024-25 से यह नया प्रोग्राम शुरू किया. एडमिशन JEE Main AIR के आधार पर JoSAA काउंसलिंग से होता है. यह प्रोग्राम संस्थान के मौजूदा CSE प्रोग्राम से अलग है और इसका अलग JoSAA ब्रांच कोड है. NIT कालीकट में CSE से BTech NIT कालीकट ने 2023–24 सत्र से CSE विभाग के तहत AI और डेटा साइंस फोकस वाला BTech प्रोग्राम शुरू किया. यह चार साल का कोर्स है. प्रवेश JEE Main और JoSAA काउंसलिंग के जरिए होता है. NIT तिरुचिरापल्ली (ट्रिची) से डाटा साइंस में बीटेक NIT ट्रिची (NIRF 2025 में 9वीं रैंक) ने 2025–26 सत्र से डाटा साइंस में BTech शुरू किया. यह एक चार साल का कोर्स है. इसमें एंट्री JEE Main और JoSAA के जरिए होता है. NIT सिलचर में AI और CSE से BTech NIT सिलचर ने CSE (AI) को एक अलग प्रोग्राम के रूप में शुरू किया है, जिसका अपना JoSAA कोड है. यह नियमित CSE से अलग है. यह प्रोग्राम 2023 में JoSAA सीट मैट्रिक्स में शामिल हुआ, जिसमें लगभग 30 सीटें हैं. यह भी पढ़ें- CSE ब्रांच के लिए फेमस है NIT सुरथकल, जानें क्या है एडमिशन प्रोसेस The post NIT में एडमिशन लेने से पहले, देखें ये 5 यूनिक BTech कोर्स appeared first on Naya Vichar.

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