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Author name: Vinod Jha

nayavichar.com पर संपादक हैं। पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार और लेखक व एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है। पत्रकारिता, प्रकाशन और विज्ञापन में अनुभव सभी प्रकार की सामग्री के साथ काम करने में सक्षम बनाता है: ब्लॉग पोस्ट, सोशल मीडिया सामग्री अच्छी तरह से शोध किए गए लेख और साथ ही प्रेस विज्ञप्तियाँ। यदि आप उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री की तलाश में हैं, तो nayavicharnews@gmail.com पर संपर्क करें। विशेषताएँ: रिपोर्टिंग, पत्रकारिता, लेखन और संचार, सोशल मीडिया

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अस्पताल का बिल बना देगा कंगाल! ऐसे चुनें सही हेल्थ इंश्योरेंस

Health Insurance: नोएडा के 36 साल के वैभव पांडेय ने सोचा था कि 5 लाख का हेल्थ कवर लेकर उन्होंने जंग जीत ली है. लेकिन जब पत्नी की हार्ट सर्जरी हुई और बिल 11 लाख आया, तो बीमा कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए. वैभव को अपनी मेहनत की कमाई खर्च करनी पड़ी और ऊपर से कर्ज भी लेना पड़ा. आज के दौर में इलाज इतना महंगा हो गया है कि पुरानी घिसी-पिटी पॉलिसियां अब काम नहीं आतीं. अब जमाना है ‘कस्टमाइज्ड हेल्थ इंश्योरेंस’ का. आइए जानते हैं कि यह क्या है और आपको इसे क्यों चुनना चाहिए. क्या है कस्टमाइज्ड हेल्थ इंश्योरेंस ? यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप अपनी पसंद की ‘थाली’ खुद सजाते हैं. इसमें बीमा कंपनी आपको यह मजबूर नहीं करती कि आप वो चीजें लें जिनकी आपको जरूरत नहीं है. इसके बजाय, आप अपनी उम्र, बीमारी के इतिहास और परिवार की जरूरत के हिसाब से अपना प्लान खुद डिजाइन करते हैं. एक्सपर्ट्स क्यों दे रहे हैं इसे चुनने की सलाह? बीमा एक्सपर्ट अमित भंडारी के मुताबिक, हर इंसान की लाइफस्टाइल अलग है, तो उसका बीमा एक जैसा क्यों हो? अगर आप युवा हैं, तो आप जिम इंजरी या एक्सीडेंट कवर पर ध्यान दे सकते हैं. आप सिर्फ उन्हीं फीचर्स के पैसे देते हैं जो आप चुनते हैं, जिससे फालतू का प्रीमियम बचता है. कस्टमाइज्ड प्लान होने से अस्पताल में ‘आउट ऑफ पॉकेट’ यानी अपनी जेब से पैसा देने की नौबत कम आती है. आज के दौर में कितना कवर है जरूरी? अगर आप किसी बड़े शहर में रहते हैं, तो 15 से 20 लाख रुपये का कवर अब न्यूनतम जरूरत बन गया है. इसके पीछे दो बड़े कारण हैं: हिंदुस्तान में इलाज का खर्च हर साल 12-14% की रफ्तार से बढ़ रहा है. हार्ट, किडनी या कैंसर जैसी बीमारियों का खर्च आसानी से 10 लाख के पार निकल जाता है. पॉलिसी में क्या-क्या एक्स्ट्रा जोड़ सकते हैं ? कस्टमाइज्ड प्लान में आपको 15-20 तरह के विकल्प मिलते हैं, जैसे: मैटरनिटी कवर: अगर आप परिवार बढ़ाने की सोच रहे हैं. रिस्टोरेशन बेनिफिट: अगर एक बार पूरा पैसा खत्म हो जाए, तो कंपनी दोबारा उतना ही पैसा भर देती है. ओपीडी खर्च: डॉक्टर की फीस और दवाइयों का खर्च. वेटिंग पीरियड कम करना: पुरानी बीमारियों (जैसे BP, शुगर) का कवर जल्दी शुरू करवाना. बीमा लेने से पहले ये जरूर पूछें क्या मेरी पॉलिसी में ‘रूम रेंट’ (कमरे के किराए) की कोई सीमा है? क्या इसमें ‘रिस्टोरेशन’ का विकल्प है? क्या अस्पताल के बिल में मुझे अपनी तरफ से कुछ प्रतिशत पैसा देना होगा (Co-payment)? Also Read: KCC का लोन नहीं भरा तो क्या बिक जाएगी जमीन ? जानें पूरा सच The post अस्पताल का बिल बना देगा कंगाल! ऐसे चुनें सही हेल्थ इंश्योरेंस appeared first on Naya Vichar.

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Yogi Adityanath: बंगाल की धरती काबा की नहीं, मां काली की रहेगी, ममता के गढ़ में योगी की ललकार

मुख्य बातें बंगाल को अब तक सब ने लूटा गया बंगाल की अस्मिता का अपमान बंगाल में 7000 उद्योग बंद Yogi Adityanath: कोलकाता. पश्चिम बंगाल के जोरासांको में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. अपने अंदाज में गरजते हुए सीएम योगी ने कहा कि बंगाल को टीएमसी की गुलामी से मुक्त कराने का अवसर आपके सामने है. पहले पूरा देश रोजगार के लिए बंगाल आता था. शोध होते थे, ज्ञान की धरा थी..लेकिन आज बंगाल अपनी बदहाली से लड़ रहा है. बंगाल को अब तक सब ने लूटा गया सीएम योगी ने कहा कि पहले कांग्रेस ने लूटा, फिर कम्युनिस्टों ने नोचा और 15 साल से टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने के लिए सारे यत्न कर रहे हैं. योगी ने आगे आरोप लगाया कि बंगाल में धड़ल्ले से गोहत्या होती है. भगवान राम के नाम से ममता दीदी को चिढ़ है. शोभायात्रा पर बैन लगता है. दुर्गा पूजा के समय कर्फ्यू लगता है. व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं. टीएमसी के गुंडे उनसे गुंडा टैक्स वसूलते हैं. बंगाल की अस्मिता का अपमान योगी ने रैली में TMC का मतलब- टेरर, माफिया राज और करप्शन बताया. उन्होंने कहा- बंगाल की धरती काबा की नहीं, मां काली की रहेगी, TMC के गुंडों का उपचार, डबल इंजन की भाजपा प्रशासन. जोरासांको में रैली करते हुए योगी ने कहा कि यह क्षेत्र गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर का ठाकुरबाड़ी है. साहित्य के लिए पहली बार किसी हिंदुस्तानीय को नोबेल प्राइज मिला था. पूरा हिंदुस्तान गौरव करता है. दुखद है कि गुरुदेव के उस हेरिटेज परिसर में, जहां उनकी तस्वीर लगनी चाहिए थी, जहां हिंदुस्तान माता की तस्वीर होनी चाहिए थी, वहां पर टीएमसी के गुंडों ने जबरन कब्जा करके ममता दीदी का फोटो लगा दिया. यह हिंदुस्तानीयता का अपमान है, बंगाल की अस्मिता का अपमान है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बंगाल में 7000 उद्योग बंद यूपी के सीएम ने कहा कि बंगाल आज बदहाल है, जो ज्ञान की धरा थी आज वो बेरोजगारी के अंधकार में भटकती हुई दिखाई दे रही है. 10 साल में ही 7,000 से ज्यादा बड़े उद्योग बंगाल में बंद हुए है. 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए हैं, लेकिन TMC और ममता दीदी के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है. बुआ और भतीजे, दोनों बंगाल के अस्तित्व को पूरी तरह समाप्त करना चाहते हैं. कोलकाता का मेयर बोलता है कि उर्दू चलेगी. मैं कहता हूं कि बंगाली अस्मिता के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता है. टीएमसी के लोगों को बताने की आवश्यकता है कि काबा से नहीं, बंगाल की पहचान कालीबाड़ी से है. Also Read: बंगाल में भरे जा रहे अन्नपूर्णा योजना के फॉर्म, तृणमूल ने बीजेपी पर लगाया आचार संहिता तोड़ने का आरोप The post Yogi Adityanath: बंगाल की धरती काबा की नहीं, मां काली की रहेगी, ममता के गढ़ में योगी की ललकार appeared first on Naya Vichar.

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सरायकेला में हाहाकार: 7 करोड़ की योजना फेल, लो-वोल्टेज की वजह से 10 गांव प्यासे, 1274 घरों में नल सूखे

सरायकेला-खरसावां, (शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट): कोल्हन प्रमंडल के सरायकेला-खरसावां जिले में बढ़ती गर्मी और चढ़ते पारे के बीच पेयजल समस्या ने विकराल रूप ले लिया है. क्षेत्र की महत्वपूर्ण ‘गोंडामारा-सामुरसाई’ जलापूर्ति योजना में आई तकनीकी खराबी के कारण पिछले तीन दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है. इस योजना के बंद होने से जोरडीहा और तेलायडीह पंचायत के अंतर्गत आने वाले लगभग 1274 घरों में पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है. सुबह और शाम के समय नल से पानी आने की उम्मीद में बैठे ग्रामीणों को अब दूर-दराज के चापाकलों और अन्य निजी स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है. लो-वोल्टेज और खराब ट्रांसफॉर्मर बना मुख्य बाधा मिली जानकारी के अनुसार, जलापूर्ति बाधित होने का मुख्य कारण क्षेत्र में व्याप्त ‘लो-वोल्टेज’ की समस्या है. इस वजह से पंप हाउस में लगे शक्तिशाली मोटर सही गति से नहीं चल पा रहे हैं, जिसके चलते संजय नदी से आने वाला पानी जलमीनार तक नहीं पहुंच रहा है. बताया गया कि योजना की क्षमता लगभग 4.20 लाख लीटर है, लेकिन वोल्टेज की कमी के कारण जलमीनार में पर्याप्त जल भंडारण नहीं हो पा रहा है. इसके अतिरिक्त, योजना के संचालन के लिए लगे दो ट्रांसफॉर्मर में से एक में तकनीकी खराबी आ गई है. जलापूर्ति का जिम्मा संभाल रही कंपनी ‘एसकेएस प्राइवेट लिमिटेड’ ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पीएचइडी (PHED) विभाग को लिखित रूप से सूचित कर दिया है. इन 10 गांवों की आबादी पर टूटा संकट इस जलापूर्ति योजना के ठप होने से खरसावां की दो प्रमुख पंचायतों जोरडीहा और तेलायडीह के करीब दस गांव सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. प्रभावित क्षेत्रों में सामुरसाही, गोंडामारा, छोटाबांबो, तेलांगजुडी, पिताकलांग, महादेवबुट्टा, छोटा सरगाडीह, बालियाटांड, फूचुडूंगरी, बेगनाडीह, जोरडीहा और गितीलता गांव के विभिन्न टोले शामिल हैं. इन इलाकों में रहने वाले 1274 परिवारों को पिछले 72 घंटों से एक बूंद पानी भी नल के जरिए नसीब नहीं हुआ है. Also Read: जामताड़ा के नारायणपुर में दो सड़क हादसे: एक युवक की मौत, कई घायल चापाकलों पर लंबी कतारें, व्यवस्था पर सवाल जलापूर्ति ठप होने के बाद ग्रामीण अब पारंपरिक जलस्रोतों जैसे चापाकल, कुआं और सोलर संचालित जल मीनारों पर निर्भर हो गए हैं. भीषण गर्मी में पानी भरने के लिए खासकर स्त्रीओं और बच्चों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है. सुबह होते ही चापाकलों पर बर्तनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई चापाकल पहले से ही खराब पड़े हैं, जिससे समस्या और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है. लोगों ने मांग की है कि जलापूर्ति बहाल होने तक खराब चापाकलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए. 7 करोड़ का भारी-भरकम निवेश, फिर भी प्यासे ग्रामीण उल्लेखनीय है कि इस महत्वकांक्षी योजना का निर्माण करीब सात करोड़ रुपये की लागत से किया गया था. वर्ष 2024 की शुरुआत से ही इस योजना के जरिये संजय नदी का शुद्ध पानी ग्रामीणों के घरों तक पहुंचाने का दावा किया गया था. लेकिन बार-बार आती तकनीकी खामियों ने इस योजना की सफलता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं. वहीं, बड़ा सरगीडीह गांव के निवासी पिछले एक वर्ष से पाइपलाइन बिछने के बावजूद पानी का इंतजार कर रहे हैं, जहां अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है. अधिकारी का आश्वासन: जल्द बहाल होगी सप्लाई मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएचइडी (PHED) के कार्यपालक अभियंता ललित इंदूवार ने स्वीकार किया कि बिजली से संबंधित तकनीकी समस्या के कारण जलापूर्ति बाधित हुई है. उन्होंने कहा कि विभाग और संबंधित कंपनी ट्रांसफॉर्मर की मरम्मत और वोल्टेज सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं. अभियंता ने आश्वासन दिया है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर समस्या का समाधान कर नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है. Also Read: चांडिल में सड़क हादसा, कार की टक्कर से साइकिल सवार की मौत The post सरायकेला में हाहाकार: 7 करोड़ की योजना फेल, लो-वोल्टेज की वजह से 10 गांव प्यासे, 1274 घरों में नल सूखे appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल चुनाव में दीवारों पर छिड़ी जंग, कहीं तीखा तंज तो कहीं मजेदार मीम्स, कोलकाता की गलियों में क्रिएटिविटी का जलवा

Kolkata Political Graffiti: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, कोलकाता की दीवारें बोलने लगीं हैं. बंगाल की नेतृत्व में ‘दीवार लेखन’ (Wall Graffiti) की परंपरा दशकों पुरानी है, लेकिन इस बार इसमें डिजिटल युग के ‘मीम्स’ और सोशल मीडिया के तीखे तंज का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है. नौकरी चाहिए, उद्योग चाहिए, मां-बहन-बीबी को सम्मान चाहिए. इसलिए अब तृणमूल नहीं. उत्तर कोलकाता की संकरी गलियों से लेकर दक्षिण कोलकाता के पॉश इलाकों तक, नेतृत्वक दलों के समर्थक अपनी क्रिएटिविटी से न केवल विरोधियों पर निशाना साध रहे हैं, बल्कि राहगीरों को मुस्कुराने पर भी मजबूर कर रहे हैं. इस बार रैलियों ही नहीं, बल्कि शब्दों और कला के जरिये मतदाताओं के दिल जीतने की भी कोशिश हो रही है. कॉमरेड विकास भट्टाचार्य को वोट दें. चुपचाप ईवीएम पर छाप. व्यंग्य, राइमिंग और मीम्स, दीवारों पर ‘स्पोर्ट्सा’ : इस बार की वॉल ग्राफिटी पारंपरिक नारों से काफी आगे निकल गयी है. तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और वामदलों के समर्थक एक-दूसरे को घेरने के लिए मजेदार कविताओं और कार्टूनों का सहारा ले रहे हैं. गंजे सिर पर कभी बाल नहीं आयेंगे, बंगाल में कभी कमल फूल नहीं खिलेगा. तंज भरे नारे : महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों को भी मजाकिया अंदाज में पेश किया गया है. पॉप कल्चर का तड़का : फिल्मों के डायलॉग और वायरल मीम्स को नेतृत्वक रंग देकर दीवारों पर उकेरा गया है. विजुअल आर्ट : विरोधियों के नेताओं के कैरिकेचर (व्यंग्य चित्र) इस बार चर्चा का मुख्य केंद्र हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें अंग्रेजी में हिंदी नारा : एप्स्टीन और आई-पैक. राज को राज रहने दो. Kolkata Political Graffiti: क्यों खास है कोलकाता की वॉल राइटिंग? कोलकाता के कलाकारों के लिए ये दीवारें एक खुले कैनवास की तरह हैं. चुनाव आयोग की बंदिशों के बावजूद, निजी दीवारों पर मालिक की सहमति से किये गये ये लेखन चुनावी माहौल को जीवंत बना देते हैं. बांग्ला में हिंदी नारा : हमारा लड़ाई है जारी, एक दीदी सब पर भारी. यह बंगाल की वह कला है, जो डिजिटल विज्ञापनों के दौर में भी अपनी प्रासंगिकता बनाये हुए है. बड़े मुद्दों के साथ-साथ मोहल्ले की छोटी-छोटी समस्याओं को भी इन स्लोगन्स में जगह मिलती है. कुम्हारपाड़ा की बैलगाड़ी पर भरे हैं लक्ष्मी हांडी. जान गयी है जनता, फिर आ रही हैं ममता. हैरानी की बात यह है कि ये दीवारें केवल गलियों तक सीमित नहीं हैं. राहगीर इन मजेदार ग्राफिटी और स्लोगन्स की तस्वीरें खींचकर फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (X) पर शेयर कर रहे हैं. कमल फूल पर वोट देने से घर में घुसेंगे विषधर सांप. कई स्लोगन तो इतने लोकप्रिय हो गये हैं कि वे रातों-रात डिजिटल मीम्स में तब्दील हो गये. नेतृत्वक दलों के आईटी सेल भी अब इन दीवारों से प्रेरणा लेकर अपना कंटेंट तैयार कर रहे हैं. जितना करो हमला, बीजेपी जीतेगी बांग्ला. 2026 के इस चुनाव में जीत किसकी होगी, यह तो 4 मई के नतीजे ही बतायेंगे, लेकिन कोलकाता की इन रंगीन और मजाकिया दीवारों ने ‘चुनावी कला’ की रेस में सबको पीछे छोड़ दिया है. इसे भी पढ़ें कहीं मछली लेकर प्रचार, तो कहीं प्रत्याशी ने बना दी रोटी, बाली में बजरंगबली के दर पर दिखा अनोखा भाईचारा चुनाव या ‘बंगाल गॉट टैलेंट’? कोई तल रहा पकौड़े, कोई मांज रहा बर्तन, वोटर को रिझाने के लिए हो रहे क्या-क्या जतन? लोकल ट्रेन में हाथ में भूंजा लिये वोट मांगती दिखी स्त्री उम्मीदवार, बंगाल में चुनाव प्रचार की अनोखी तस्वीर प्रचार का अनोखा अंदाज : पुरुलिया के काशीपुर में हलवाई बने टीएमसी सौमेन बेलथरिया, तला खाजा The post बंगाल चुनाव में दीवारों पर छिड़ी जंग, कहीं तीखा तंज तो कहीं मजेदार मीम्स, कोलकाता की गलियों में क्रिएटिविटी का जलवा appeared first on Naya Vichar.

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NIT में एडमिशन लेने से पहले, देखें ये 5 यूनिक BTech कोर्स

NIT Admission 2026: सालों से जब भी इंजीनियरिंग की बात आती है तो गिने-चुने दो चार कोर्स ही लोगों को मालूम होते हैं. लेकिन बदलते ट्रेंड के साथ अब कई यूनिक बीटेक ब्रांच (Unique BTech Branch) भी मार्केट में आ गए है, देश के विभिन्न NITs में ये कोर्स ऑफर किए जाते हैं. अगर आपने भी JEE Main परीक्षा पास कर ली है तो आइए जानते हैं इन यूनिक बीटेक ब्रांच के बारे में. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बीटेक NIT दिल्ली से NIT दिल्ली ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बीटेक प्रोग्राम 2023-24 अकैडमिक सेशन से CSE विभाग के तहत शुरू किया था. इसमें मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म, डीप लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, कंप्यूटर विजन और बिग डेटा सिस्टम्स के साथ-साथ स्टैंडर्ड CSE कोर पढ़ाया जाता है. एडमिशन JEE Main और JoSAA के तहत मिलती है. NIT दिल्ली से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक  NIT दिल्ली में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग 2024 में शुरू की गई थी. मैकेनिकल एंड एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के अनुसार, यह कोर्स छात्रों को स्पेस प्रोग्राम की चुनौतियों के लिए तैयार करने और इस क्षेत्र में इनोवेशन और क्रिएटिविटी को बढ़ावा देने पर केंद्रित है. NIT दिल्ली से BTech -VLSI डिजाइन और टेक्नोलॉजी यह प्रोग्राम 2024-25 सत्र में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के साथ शुरू किया गया. इस कोर्स में डिवाइस फिजिक्स और सर्किट डिजाइन से लेकर वेरिफिकेशन, लेआउट और फैब्रिकेशन आदि के बारे में पढ़ाया जाता है. पिछले साल के JoSAA सीट मैट्रिक्स के अनुसार इसमें लगभग 25 सीटें हैं, जो होम-स्टेट और अन्य राज्य कोटा में बंटी हुई हैं. प्रोग्राम / कोर्स क्या पढ़ाया जाएगा (Course Details) फोकस एरिया BTech in Artificial Intelligence AI, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिसिस, ऑटोमेशन भविष्य की टेक्नोलॉजी BTech in Data Science डेटा कलेक्शन, एनालिसिस, बिग डेटा टूल्स डेटा आधारित करियर BTech in Robotics Engineering रोबोट डिजाइन, ऑटोमेशन, कंट्रोल सिस्टम इंडस्ट्री और ऑटोमेशन BTech in Cyber Security नेटवर्क सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग, डेटा प्रोटेक्शन डिजिटल सुरक्षा BTech in Internet of Things (IoT) स्मार्ट डिवाइस, सेंसर, कनेक्टेड सिस्टम स्मार्ट टेक्नोलॉजी BTech in Environmental Engineering प्रदूषण नियंत्रण, सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर्यावरण संरक्षण BTech in Smart Manufacturing इंडस्ट्री 4.0, ऑटोमेटेड प्रोडक्शन सिस्टम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर Integrated MTech Courses 5 साल में BTech + MTech, एडवांस्ड रिसर्च रिसर्च और स्पेशलाइजेशन Interdisciplinary Engineering मल्टी-डिसिप्लिन स्टडी (जैसे AI + मैकेनिकल) नई एज टेक्नोलॉजी BTech in Computational Engineering कंप्यूटेशन, मॉडलिंग, सिमुलेशन इंजीनियरिंग + कंप्यूटर NIT राउरकेला से AI में BTech NIT राउरकेला ने 2024-25 शैक्षणिक वर्ष से AI में BTech शुरू किया, जो कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के तहत संचालित होता है. इसमें AI, सॉफ्ट कंप्यूटिंग, पैरेलल एल्गोरिद्म, डेटाबेस इंजीनियरिंग, कंप्यूटर नेटवर्क और इमेज प्रोसेसिंग से जुड़ी जानकारी दी जाती है. इस प्रोग्राम में 45 सीटें हैं. एडमिशन JEE Main और JoSAA से मिलती है. NIT कुरुक्षेत्र से AI में BTech NIT कुरुक्षेत्र के कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग ने यह प्रोग्राम 2023-24 सत्र से 60 सीटों के साथ शुरू किया. इसमें कम्प्यूटेशनल मैथ्स की नींव, कंप्यूटर साइंस के मुख्य विषयों के साथ AI, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग के इनोवेशन के बारे में पढ़ाया जाता है. NIT कुरुक्षेत्र से AI में BTech कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग ने 2024-25 सत्र से AI और डेटा साइंस में अलग BTech प्रोग्राम शुरू किया, जिसमें 60 सीटें हैं. यह कोर्स डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा पाइपलाइन, स्टैटिस्टिकल मॉडलिंग और बड़े पैमाने के डेटा सिस्टम्स पर केंद्रित है, साथ ही AI कोर भी शामिल है. NIT सुरथकल से AI में BTech NIT सुरथकल का इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग AI में BTech प्रोग्राम चलाता है, जो IT से अलग है. इसका उद्देश्य छात्रों को मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और डेटा विजुअलाइजेशन के जरिए स्मार्ट मशीन, सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन बनाने में सक्षम बनाना है. NIT वारंगल से डाटा साइंस और AI में BTech NIT वारंगल (NIRF 2024 में 21वीं रैंक) ने 2024-25 से यह नया प्रोग्राम शुरू किया. एडमिशन JEE Main AIR के आधार पर JoSAA काउंसलिंग से होता है. यह प्रोग्राम संस्थान के मौजूदा CSE प्रोग्राम से अलग है और इसका अलग JoSAA ब्रांच कोड है. NIT कालीकट में CSE से BTech NIT कालीकट ने 2023–24 सत्र से CSE विभाग के तहत AI और डेटा साइंस फोकस वाला BTech प्रोग्राम शुरू किया. यह चार साल का कोर्स है. प्रवेश JEE Main और JoSAA काउंसलिंग के जरिए होता है. NIT तिरुचिरापल्ली (ट्रिची) से डाटा साइंस में बीटेक NIT ट्रिची (NIRF 2025 में 9वीं रैंक) ने 2025–26 सत्र से डाटा साइंस में BTech शुरू किया. यह एक चार साल का कोर्स है. इसमें एंट्री JEE Main और JoSAA के जरिए होता है. NIT सिलचर में AI और CSE से BTech NIT सिलचर ने CSE (AI) को एक अलग प्रोग्राम के रूप में शुरू किया है, जिसका अपना JoSAA कोड है. यह नियमित CSE से अलग है. यह प्रोग्राम 2023 में JoSAA सीट मैट्रिक्स में शामिल हुआ, जिसमें लगभग 30 सीटें हैं. यह भी पढ़ें- CSE ब्रांच के लिए फेमस है NIT सुरथकल, जानें क्या है एडमिशन प्रोसेस The post NIT में एडमिशन लेने से पहले, देखें ये 5 यूनिक BTech कोर्स appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी कर बुरे फंसे खरगे, EC से मिल बीजेपी ने कार्रवाई की मांग की

Kharge Controversial Remark: बीजेपी का एक डेलिगेशन बुधवार को चुनाव आयोग पहुंचा और प्रधानमंत्री मोदी पर विवादित टिप्पणी के लिए खरगे के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की. इस प्रतिनिधिमंडल में निर्मला सीतारमण समेत तीन केंद्रीय मंत्री शामिल थे. सीतारमण ने खरगे के बयान की निंदा की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा, आज हम आयोग के समक्ष उपस्थित हुए ताकि उसका ध्यान इस ओर आकर्षित किया जा सके कि कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति ने इतने निंदनीय शब्दों का प्रयोग किया है. वित्त मंत्री ने कहा- खरगे ने प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहा जो अत्यंत निंदनीय है. कांग्रेस पीएम मोदी से नफरत करती है : सीतारमण सीतारमण ने कहा, यह हिंदुस्तान की जनता द्वारा दिए गए (प्रधानमंत्री मोदी को) जनादेश का अपमान है. इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उस पूरी व्यवस्था का अपमान है जहां लोग चुनावों के माध्यम से अपने नेता का चुनाव करते हैं, और एक बार चुने जाने के बाद, वह पूरे देश के नेता होते हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस पूरी तरह से हताश है और तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बीच प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां इसलिए कर रही है क्योंकि वह मोदी से गहरी नफरत करती है. ये भी पढ़ें: पीएम मोदी पर खरगे का विवादित बयान: अमित शाह का अटैक, कहा- कांग्रेस को जनता देगी जवाब The post पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी कर बुरे फंसे खरगे, EC से मिल बीजेपी ने कार्रवाई की मांग की appeared first on Naya Vichar.

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Rakhi Sawant के लव प्रपोजल पर Raqesh Bapat ने तोड़ी चुप्पी, क्या थामेंगे ‘ड्रामा क्वीन’ का हाथ?

Bigg Boss Marathi 6 के घर में जब ‘ड्रामा क्वीन’ राखी सावंत ने राकेश बापट के लिए अपने प्यार का इजहार किया, तो सब हैरान रह गए थे. राखी ने जिस तरह नेशनल टीवी पर अपने दिल की बात कही, उसके बाद हर कोई राकेश के जवाब का इंतजार कर रहा था. अब शो खत्म होने के बाद राकेश बापट ने इस पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और साफ-साफ बताया है कि वह राखी के बारे में क्या सोचते हैं. राखी सावंत ने किया था दिल का इजहार शो के अंदर राखी सावंत बहुत इमोशनल हो गई थीं. उन्होंने कहा था, “जिंदगी में लोग आते और चले जाते हैं. मेरी शादी हुई, मेरा तलाक भी हुआ, लेकिन प्यार नहीं मिला. समझौता किया गया था.” उन्होंने आगे राकेश बापट को अपना सच्चा प्यार बताया और कहा कि वह उन्हें बहुत पसंद करती हैं. राकेश बापट: “राखी बहुत नेक दिल इंसान हैं” Free Press Journal को दिए इंटरव्यू में राकेश बापट ने राखी की जमकर तारीफ की. राकेश ने कहा कि राखी सावंत दिल की बहुत साफ और दयालु इंसान हैं. उन्होंने बताया कि कैमरे के पीछे राखी सभी का खूब ख्याल रखती हैं, सबके लिए खाना बनाती हैं और बड़े प्यार से खिलाती भी हैं. साथ ही राकेश ने यह भी कहा कि राखी सिर्फ मस्ती ही नहीं करतीं, बल्कि ‘बिग बॉस’ के स्पोर्ट्स को भी पूरी गंभीरता से लेती हैं. उनके अनुसार, राखी एक समझदार और सुलझी हुई स्त्री हैं. “हम सिर्फ अच्छे दोस्त रहेंगे” जब प्यार की बात आई, तो राकेश ने साफ कर दिया कि वह राखी को सिर्फ एक अच्छी दोस्त मानते हैं. राकेश ने कहा, “मैं राखी के साथ अपनी दोस्ती का रिश्ता खराब नहीं करना चाहता. मैंने घर के अंदर ही उन्हें बता दिया था कि हमारे बीच प्यार जैसा कुछ नहीं हो सकता.” राकेश का कहना है कि वह राखी की बहुत इज्जत करते हैं, लेकिन वह उनके साथ किसी भी तरह के रोमांटिक रिश्ते में नहीं जुड़ना चाहते. वह आगे भी सिर्फ दोस्त बनकर ही रहना चाहते हैं. यह भी पढ़ें: मामी सुनीता को देखते ही सब कुछ छोड़ पैरों में गिर पड़े Krushna Abhishek, देखें ये इमोशनल पल The post Rakhi Sawant के लव प्रपोजल पर Raqesh Bapat ने तोड़ी चुप्पी, क्या थामेंगे ‘ड्रामा क्वीन’ का हाथ? appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका और इजरायल के हमलों से ईरान में भारी तबाही, 1300 स्कूलों को पहुंचा नुकसान, अब मरम्मत का काम शुरू

Iran War Damage: ईरान के मंत्रियों का कहना है कि अब हालात सुधारने की कोशिशें जारी हैं. ईरान के सड़क और शहरी विकास उप मंत्री (Roads and Urban Development Minister) ने IRNA को बताया कि 40 दिनों की जंग के दौरान 24 पुलों और चौराहों को निशाना बनाया गया. उन्होंने साफ कहा कि इनमें से एक भी जगह मिलिट्री से जुड़ी नहीं थी, बल्कि ये सब आम जनता की सुविधा के लिए बनाए गए थे. मंत्री ने इन हमलों के लिए ‘अमेरिका-इजरायल’ को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि हमले के तुरंत बाद ही इन्हें फिर से बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. 775 स्कूलों की हुई मरम्मत ईरान के शिक्षा मंत्री अलीरेजा काजमी ने IRNA को जानकारी दी कि हमले में कुल 1300 स्कूलों को नुकसान पहुंचा था. इनमें से 775 स्कूलों को अब तक ठीक किया जा चुका है. काजमी के अनुसार, करीब 20 स्कूल पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं. सबसे ज्यादा असर तेहरान, केरमनशाह, इस्फहान और होर्मुजगन प्रांतों में देखा गया है. जो स्कूल ज्यादा खराब हो चुके हैं, उन्हें अक्टूबर तक ठीक करने का लक्ष्य रखा गया है. हमलों के बीच ऑनलाइन चलती रही पढ़ाई शिक्षा मंत्री काजमी ने बताया कि युद्ध के कारण पढ़ाई नहीं रुकी. ‘ईरानी टेलीविजन स्कूल’ के जरिए बच्चों को घर बैठे और ऑनलाइन पढ़ाया गया. इसके साथ ही छात्रों और स्टाफ की काउंसलिंग भी की जा रही है. मीनाब के शजरेह तैयबा गर्ल्स स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में मारे गए 170 लोगों (जिनमें ज्यादातर छात्राएं और टीचर्स थे) की याद में स्कूलों में शोक सभाएं भी आयोजित की गईं. ईरान की शर्त: घेराबंदी हटेगी तभी होगी बात तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के दूत आमिर सईद इरावानी ने बातचीत के लिए एक बड़ी शर्त रखी है. उन्होंने रुडलॉ न्यूज नेटवर्क (Rudlaw News Network) को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका को सबसे पहले अपनी समुद्री घेराबंदी (Naval Blockade) खत्म करनी होगी. इरावानी ने साफ किया कि जब तक वॉशिंगटन ‘सीजफायर के उल्लंघन’ को नहीं रोकता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी. ये भी पढ़ें: ईरान का पाकिस्तान पर भड़का गुस्सा, मध्यस्थता पर उठाए सवाल; क्या मुनीर का गेम हुआ फेल? डोनाल्ड ट्रंप का अल्टीमेटम: 3 से 5 दिन का समय एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के गुटों को एक साथ आकर जवाब देने के लिए बहुत कम समय दिया है. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ईरान को अपनी स्थिति साफ करने के लिए सिर्फ 3 से 5 दिन की मोहलत दे रहे हैं. रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यह सीजफायर हमेशा के लिए नहीं है. वॉशिंगटन अब ईरान के अगले कदम का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ही अमेरिका अपनी आगे की रणनीति तय करेगा. ये भी पढ़ें: ट्रंप के सीजफायर ऐलान के बाद बढ़ा तनाव, ईरान ने होर्मुज में कंटेनर शिप पर बरसाईं गोलियां The post अमेरिका और इजरायल के हमलों से ईरान में भारी तबाही, 1300 स्कूलों को पहुंचा नुकसान, अब मरम्मत का काम शुरू appeared first on Naya Vichar.

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क्या जल्दी ही आईपीएल में वापसी करेंगे महेंद्र सिंह धोनी, प्रैक्टिस सेशन में आए नजर?

MS Dhoni : क्या महेंद्र सिंह धोनी 23 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ स्पोर्ट्से जाने वाले हाई वोल्टेज मैच में वापसी करेंगे? यह सवाल इसलिए पूछा जा रहा है क्योंकि चेन्नई के लिए यह मैच आईपीएल की रेस में बने रहने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और पिछले मैच में गुजरात टाइटंस को हराकर मुंबई के हौसले बुलंद हैं. प्रैक्टिस सेशन में विकेटकीपिंग करते नजर आए महेंद्र सिंह धोनी? एएनआई न्यूज के अनुसार मुंबई के पूर्व क्रिकेटर आदित्य तारे ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा कि धोनी आमतौर पर प्रैक्टिस सेशन के दौरान खुद को बैटिंग या हल्की ड्रिल तक ही सीमित रखते हैं, लेकिन वे विकेट कीपिंग ग्लव्स, पैड और हेलमेट पहने हुए नजर आ रहे थे. यह बात उनकी रिकवरी प्रोग्रेस का इंडिकेटर है. तारे ने कहा कि वे शायद पिंडली की चोट के बाद अपनी मैच फिटनेस टेस्ट कर रहे थे. तारे ने बताया कि धोनी ने पहले भी प्रैक्टिस सेशन में बैटिंग की थी, लेकिन इस सीजन में यह पहली बार था जब वे विकेटकीपिंग करते देखे गए हैं. यह एक सुखद समाचार है और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए तो बहुत ही अहम समाचार है. संभव है कि माही भाई मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में चेन्नई का उत्साह बढ़ाते हुए ग्राउंड में नजर आएं. अबतक आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं स्पोर्ट्से हैं धोनी आईपीएल के 19वें सीजन में धोनी ने अबतक एक भी मैच नहीं स्पोर्ट्सा है. वे पिंडली (calf) की चोट से उबर रहे हैं. यह पहला मौका है जब चेन्नई की टीम एमएस के बिना 6 मैच स्पोर्ट्स चुकी है और उसने सिर्फ दो मैच में ही जीत दर्ज की है. चेन्नई सुपर किंग्स का मुकाबला 23 अप्रैल को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी मुंबई इंडियंस से होगा. प्वाइंट टेबल में CSK आठवें स्थान पर है, जबकि मुंबई अभी स्टैंडिंग में सातवें स्थान पर है. ये भी पढ़ें : दिल्ली कैपिटल्स को हराने के बाद बोले ईशान किशन, मैच जीतने के लिए पाॅजिटिव माइंडसेट तुरुप का इक्का मुंबई इंडियंस के लकी चार्म बने तिलक वर्मा, हार्दिक ने कहा-टीम को इसकी सख्त जरूरत थी The post क्या जल्दी ही आईपीएल में वापसी करेंगे महेंद्र सिंह धोनी, प्रैक्टिस सेशन में आए नजर? appeared first on Naya Vichar.

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‘किंग’ के बाद शाहरुख खान की नई प्लानिंग, क्या आएगी ‘जवान 2’?

Shahrukh khan: बॉलीवुड के बेताज बादशाह शाहरुख खान एक बार फिर बड़े पर्दे पर तहलका मचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. पिछले साल एक के बाद एक तीन ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद, अब किंग खान अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग में जी-जान से जुटे हुए हैं. बताया जा रहा है कि यह फिल्म हिंदुस्तानीय सिनेमा की सबसे बड़ी एक्शन फिल्मों में से एक होने वाली है, जिसे लेकर फैंस के बीच जबरदस्त दीवानगी देखने को मिल रही है. इस बीच उनके अगले प्रोजेक्ट जवान 2 को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है, जिससे फैंस काफी एक्साइटेड हैं. ‘जवान 2’ को लेकर चर्चा इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक के ‘किंग’ के बाद शाहरुख खान अपनी सुपरहिट फिल्म ‘जवान’ के दूसरे पार्ट यानी ‘जवान 2’ पर काम शुरू कर सकते हैं. कहा जा रहा है कि फिल्म की कहानी लगभग तैयार है और मेकर्स इसे आगे बढ़ाने की सोच रहे हैं. हालांकि अभी तक इस बारे में कोई पक्की जानकारी या आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. फिल्म ‘किंग’ की स्टारकास्ट और रिलीज डेट शाहरुख की आने वाली फिल्म ‘किंग’ 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. यह एक जबरदस्त एक्शन पैक फिल्म होगी. खास बात यह है कि इस फिल्म में शाहरुख के साथ उनकी बेटी सुहाना खान भी नजर आएंगी. इनके अलावा दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, अनिल कपूर और अरशद वारसी जैसे बड़े सितारों के होने की चर्चा है. हालांकि ‘जवान 2’ को लेकर अभी तक कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इस समाचार ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है. यह भी पढ़ें: तमन्ना से ब्रेकअप के बाद मिस्ट्री गर्ल संग दिखे विजय वर्मा, तस्वीरों ने मचाई हलचल The post ‘किंग’ के बाद शाहरुख खान की नई प्लानिंग, क्या आएगी ‘जवान 2’? appeared first on Naya Vichar.

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