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Bihar News: रोजना डेढ़ करोड़ का खाना सड़क पर खा जाते हैं इस शहर के लोग, 10 वर्षों में स्ट्रीट फूड कल्चर का बढ़ा ट्रेंड

Bihar News: मुजफ्फरपुर. शहर की फास्ट फूड की दुकानों से रोज करीब दो करोड़ का जायका लग रहा है. बिहार अर्बन लाइवलीहुड्स मिशन के तहत नगर निगम के क्षेत्र में 2,597 दुकानें रजिस्टर्ड हैं, जिसमें से 3500 दुकानें फास्ट फूड के हें. हालांकि शहर के विभिन्न जगहों पर करीब पांच हजार फास्ट फूड की दुकानें हैं. इनमें कई दुकानों से बिक्री पांच से दस हजार तक की है. औसत रोज तीन हजार का भी टर्नओवर मानें तो शहर में फास्ट फूड की दुकानों से करीब दो करोड़ के व्यंजनों की बिक्री होती है. शहर में करीब 50 से अधिक व्यंजनों की वेराइटी है, जो हर वर्ग के लोगों को पसंद आ रही है. हाल ही में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 500 वेंडर्स को हाइजीन ट्रेनिंग दी है.

कल्याणी से मिठनपुरा तक करीब 200 स्टॉल

मुजफ्फरपुर के स्ट्रीट फूड में बिहारी व्यंजनों के साथ चाइनीज व्यंजनों का दबदबा है. सबसे लोकप्रिय आइटम्स में एग रॉल, चिकेन चिल्ली, फॉयड चिकेन, पानीपुरी, बर्गर, चाऊमीन, माेमो, मंचूरियन व बिरयानी शामिल हैं. स्ट्रीट फूड का कारोबार शाम से शुरू होता है और देर रात तक चलता है. ऑफिस और कारोबार से छूटने वाले लोगों के अलावा शाम में टहलने वाले युवा इसके प्रमुख ग्राहक हैं. कल्याणी, क्लब रोड और मिठनपुरा फास्ट फूड का हब बना हुआ है. यहां करीब 200 से अधिक स्टॉल्स हैं, मोतीझील फ्लाईओवर और देवी मंदिर रोड पानीपुरी के लिये चर्चित है तो क्लब रोड में ननवेज आइटम की विभिन्न व्यंजन उपलब्ध हैं. पानी टंकी के पास मंचूरियन की आधे दर्जन से अधिक दुकानें हैं. ब्रह्मपुरा में एग-बेस्ड स्ट्रीट फूड के भी आधा दर्जन स्टॉल्स हैं.

एक दशक पहले तक नगण्य थी स्ट्रीट फूड की संख्या

पहले की स्थिति की बात करें तो एक दशक पहले तक स्ट्रीट फूड की संख्या नगण्य थी. सड़क पर खड़ा होकर खाना भी लोग पसंद नहीं करते थे, लेकिन आधुनिक जीवन शैली में स्ट्रीट फूड से बना फास्ट फूड लोगों की दिनचर्या में शामिल हो गया है. 2012 के स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट के तहत फूड वेंडरों का रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया. कोविड के बाद डिजिटल ऑर्डर ने टर्नओवर बढ़ाया. इसके बाद से स्ट्रीट फूड के प्रति लोगों की रुचि जगी. आज के युवा स्ट्रीट फूड के विभिन्न व्यंजन खूब पसंद कर रहे हैं. इसका एक कारण है कि यह रेस्तरां से सस्ते हैं और ताजा उपलब्ध होता है. पुरानी बाजार के मंचूरियन दुकानदार राकेश कुमार बताते हैं कि पिछले दो सालों में फास्ट फूड का क्रेज अधिक बढ़ा है. बाजार में सबसे अधिक मांग एग रॉल, चाऊमीन और चिकेन आइटम की है.

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विनोद झा
संपादक नया विचार

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