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सरकार ने EPFO की वेतन सीमा को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया, जानिए ; आपके वेतन और पेंशन पर क्या होगा असर

नौकरीपेशा लोगों के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुखद फैसला लिया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रशासन ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा को 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए प्रति माह करने को मंजूरी दे दी है. मौजूदा 15,000 की सीमा सितंबर 2014 से लागू थी. EPFO की वेतन सीमा में 12 साल बाद किया गया बदलाव प्रशासन ने यह बदलाव 12 साल बाद किया है. EPFO की वेतन सीमा को पिछली बार सितंबर 2014 में 6,500 से बढ़ाकर 15,000 रुपए किया गया था. इससे पहले 2004 से 2014 के बीच यह सीमा नहीं बदली गई थी. प्रशासन की ओर से कहा गया है कि इस अवधि के दौरान वेतन स्तर, आय और औपचारिक रोजगार के दायरे में काफी बदलाव आया है, इसलिए EPFO की सीमा को भी मौजूदा परिस्थितियों के अनुरूप किया गया है. आखिर 25 हजार की सीमा का मतलब क्या है? EPFO की व्यवस्था के तहत अब तक 15,000 से अधिक मासिक वेतन पर नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारी अपने आप अनिवार्य EPF कवरेज में नहीं आते थे. नई सीमा लागू होने के बाद 15,000 से 25,000 तक वेतन पाने वाले बड़ी संख्या में कर्मचारी EPFO की अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में शामिल होंगे. इसका मतलब यह है कि इस आय वर्ग के कर्मचारियों को EPFO के तहत मिलने वाले PF बचत, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और EPF से जुड़ी बीमा सुरक्षा यानी EDLI का लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा, हालांकि इन योजनाओं के अपने अलग-अलग नियम और पात्रता शर्तें लागू होंगी. क्या आपकी सैलरी से ज्यादा PF कटेगा? यहां यह समझना जरूरी है कि 25,000 की नयी सीमा का अर्थ यह नहीं है कि हर कर्मचारी का PF योगदान सीधे 25,000 के आधार पर ही तय होगा. यह फैसला मुख्य रूप से अनिवार्य EPFO कवरेज की वेतन सीमा बढ़ाने से जुड़ा है. वास्तविक PF योगदान किस सैलरी सोर्स और किस सीमा के आधार पर होगा, इसका निर्धारण नियमों के आधार पर होगा. जिन कर्मचारियों का वेतन 15,000 से ऊपर है, उनके लिए इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि उनकी इन-हैंड सैलरी तुरंत किसी निश्चित रकम से कम हो जाएगी. योगदान की वास्तविक गणना लागू EPFO नियमों के अनुसार होगी. प्रशासन पर कितना बढ़ेगा खर्च? ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- CJP प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों के साथ हुई बर्बरता की जांच के लिए बनाई गई कमेटी का दोबारा नहीं होगा गठन, आरोप निराधार The post प्रशासन ने EPFO की वेतन सीमा को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया, जानिए ; आपके वेतन और पेंशन पर क्या होगा असर appeared first on Naya Vichar.

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सिंगल चार्ज में 348km रेंज कंफर्म, 45 लीटर बूट स्पेस और फीचर्स की भरमार… डेली यूज के लिए परफेक्ट है ये इलेक्ट्रिक स्कूटर

आजकल हिंदुस्तानीय बाजार में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है. अगर आप अपने रोजाना के काम के लिए एक मजबूत इलेक्ट्रिक स्कूटर तलाश रहे हैं, तो Komaki SE आपके लिए एकदम सही साबित हो सकता है. इसमें आपको सिंगल चार्ज में 348 किमी की बेहतरीन रेंज और 45 लीटर का बड़ा बूट स्पेस मिलता है. यह स्कूटर कम लागत में रोजाना सफर को आसान बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया गया है. आइए इसके बारे में हम आपको पूरी जानकारी देते हैं.  Komaki SE: शानदार रेंज और पावरफुल बैटरी इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की सबसे बड़ी खासियत इसकी दमदार बैटरी और लंबी रेंज है. इसमें आधुनिक लिथियम-आयन बैटरी पैक का इस्तेमाल किया गया है जो एक बार फुल चार्ज होने पर 348 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है. शहर में रोजाना ऑफिस जाने वाले लोगों या लंबे सफर पर जाने वालों के लिए यह रेंज बेहद फायदेमंद है. इसके साथ ही इसमें फास्ट चार्जिंग की सुविधा भी दी गई है, जिससे यह स्कूटर बेहद कम समय में चार्ज हो जाता है. इसकी बैटरी तकनीक को सुरक्षा और लंबे जीवन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.  Komaki SE: 45 लीटर का बड़ा बूट स्पेस स्टोरेज के मामले में यह इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार के बाकी वाहनों को पीछे छोड़ देता है. इसमें 45 लीटर का बड़ा बूट स्पेस दिया गया है, जो इस सेगमेंट में काफी अनोखा है. इस बड़े बूट स्पेस में आप आसानी से अपना फुल फेस हेलमेट, ऑफिस का बैग, राशन का सामान या अन्य जरूरी वस्तुएं रख सकते हैं. रोजाना के काम निपटाने वाले लोगों और परिवार के लिए यह जगह बहुत उपयोगी साबित होती है. अब आपको सामान ले जाने के लिए अलग से झंझट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ये भी पढ़ें: सिंगल चार्ज में 343km रेंज का दावा, 130kmph टॉप-स्पीड… फिर भी बिक्री में टॉप-5 से बाहर हुई ये इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी  Komaki SE: आधुनिक फीचर्स और स्मार्ट कनेक्टिविटी सवारी को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए इसमें कई डिजिटल और स्मार्ट फीचर्स शामिल किए गए हैं. स्कूटर में एक बड़ा डिजिटल डिस्प्ले मिलता है जो राइडर को स्पीड, बैटरी लेवल, ट्रिप मीटर और रेंज की सटीक जानकारी देता है. इसके अलावा स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और ब्लूटूथ नेविगेशन की सुविधा भी मौजूद है. सुरक्षा के लिए इसमें कॉम्बी ब्रेकिंग सिस्टम, फ्रंट डिस्क्स ब्रेक, एलईडी हेडलाइट और एंटी थेफ्ट अलार्म जैसे आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं. इसमें रिवर्स मोड भी है जो पार्किंग के समय काफी मदद करता है. ये भी पढ़ें: न लाइसेंस, न RTO रजिस्ट्रेशन, 25kmph की टॉप स्पीड भी, स्कूल-ट्यूशन जाने वाले बच्चों के लिए बेस्ट है ये इलेक्ट्रिक स्कूटर  Komaki SE: कीमत और एक्स शोरूम वैल्यू किफायती बजट में प्रीमियम फीचर्स देने के कारण यह स्कूटर ग्राहकों को काफी आकर्षित कर रहा है. इसकी एक्स शोरूम कीमत हिंदुस्तानीय ग्राहकों की जेब को ध्यान में रखकर तय की गई है, जो इसे बेहद किफायती बनाती है. पेट्रोल स्कूटरों की तुलना में इसका रनिंग कॉस्ट न के बराबर है. हर किलोमीटर पर बहुत ही मामूली खर्च आता है, जिससे हर महीने फ्यूल के पैसों की बड़ी बचत होती है. इसके साथ ही कंपनी बैटरी पर लंबी वारंटी भी दे रही है जो ग्राहकों का भरोसा और बढ़ाती है. डेली यूज के लिए सबसे बेहतरीन ऑप्शन  कुल मिलाकर देखा जाए तो यह इलेक्ट्रिक स्कूटर डेली के इस्तेमाल के लिए एक सही बैलेंस पेश करता है. इसकी स्ट्रॉंग बिल्ड क्वालिटी, आरामदायक सीटिंग और बेहतरीन सस्पेंशन खराब सड़कों पर भी राइडर को सुगम अनुभव प्रदान करते हैं. अगर आप पेट्रोल के बढ़ते दामों से परेशान हैं और एक टिकाऊ, ज्यादा स्टोरेज वाला और लंबी दूरी तय करने वाला वाहन चाहते हैं, तो यह इलेक्ट्रिक स्कूटर आपकी सभी जरूरतों को पूरा करता है. The post सिंगल चार्ज में 348km रेंज कंफर्म, 45 लीटर बूट स्पेस और फीचर्स की भरमार… डेली यूज के लिए परफेक्ट है ये इलेक्ट्रिक स्कूटर appeared first on Naya Vichar.

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Bigg Boss के इन कंटेस्टेंट्स ने मोल ली मुसीबत, सलमान खान से लिया पंगा ; करियर हुआ चौपट

Bigg Boss Controversial Contestants: बिग बॉस का घर बाहर से जितना ग्लैमरस दिखता है, अंदर की कहानी उतनी ही उलझी हुई होती है. कैमरे, कंट्रोवर्सी, लड़ाई, दोस्ती और हर दिन बदलते रिश्ते… शो खत्म होने तक कई कंटेस्टेंट्स स्टार बन जाते हैं, लेकिन असली कहानी तो घर से बाहर निकलने के बाद शुरू होती है. किसी को शो ने ऐसी पहचान दी कि करियर चमक उठा, तो कुछ कंटेस्टेंट्स ऐसे भी रहे, जिनकी लाइफ बर्बाद हो गई. प्रियंका जग्गा The post Bigg Boss के इन कंटेस्टेंट्स ने मोल ली मुसीबत, सलमान खान से लिया पंगा ; करियर हुआ चौपट appeared first on Naya Vichar.

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चॉकलेट खाई, बोली ‘नहाने जा रही हूं’… और बाथरूम के दरवाजे पर ही हो गई 23 साल की वर्षा की मौत

बेंगलुरु से अपने दोस्तों के साथ घूमने निकली 23 वर्षीय युवती की एक लॉज में बेहद रहस्यमयी हालात में जान चली गई. मृतका की पहचान वर्षा के रूप में हुई है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, वर्षा 11 सितंबर को अपने एक कजिन (चचेरे भाई) और एक दोस्त के साथ बेंगलुरु से करीब 190 किलोमीटर दूर हासन जिले के खूबसूरत पर्यटन स्थल सकलेशपुर घूमने आई थी और वहीं एक लॉज में ठहरी हुई थी. चॉकलेट खाई, बाथरूम की ओर बढ़ी और वहीं ढेर हो गई हासन के पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त वर्षा अपने कमरे में मौजूद थी. उसने एक चॉकलेट खाई और अपने साथियों से कहा कि वह नहाने जा रही है. लेकिन बाथरूम के दरवाजे तक पहुंचते-पहुंचते वह अचानक लड़खड़ाकर फर्श पर गिर पड़ी और अचेत हो गई. कमरे में मौजूद साथी जब तक कुछ समझ पाते और मदद का इंतजाम करते, तब तक वर्षा की नब्ज थम चुकी थी. शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं, साथियों से पूछताछ जारी घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. शुरुआती मुआयने में पुलिस और डॉक्टरों को वर्षा के शरीर पर किसी तरह के बाहरी घाव या चोट के निशान नहीं मिले हैं. पुलिस ने उसके साथ ट्रिप पर आए दोनों साथियों को हिरासत में लेकर विस्तार से पूछताछ की है. हासन एसपी ने स्पष्ट किया कि वर्षा के परिवार को इस ट्रिप की पूरी जानकारी थी और वे जानते थे कि वह अपने दोस्तों के साथ हासन गई हुई है. अस्वाभाविक मौत का केस दर्ज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजर सकलेशपुर पुलिस ने मामले में अस्वाभाविक मौत (Unnatural Death) का मुकदमा दर्ज कर लिया है. मौत की असल वजह का पता लगाने के लिए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्या चॉकलेट में कोई जहरीला पदार्थ था, या फिर कार्डियक अरेस्ट अथवा किसी अचानक आई अंदरूनी मेडिकल इमरजेंसी के चलते यह जान गई. इन तमाम सवालों के सटीक जवाब विसरा और पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेंगे. ये भी पढ़ें: IND-NZ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर संसद की मुहर: हिंदुस्तानीय उत्पादों को न्यूजीलैंड में मिलेगी 100% ड्यूटी-फ्री एंट्री ये भी पढ़ें: MP Farmers Update : दमोह में मखाना-अश्वगंधा की नई पहल, धान-बाजरा बेचने के लिए 10 अक्टूबर से पहले कराएं रजिस्ट्रेशन ये भी पढ़ें: 16 सितंबर का मौसम: दिल्ली-UP से बिहार-झारखंड तक बदलेगा मौसम, MP-गुजरात में भी बारिश; जानें आज कहां कैसा रहेगा हाल The post चॉकलेट खाई, बोली ‘नहाने जा रही हूं’… और बाथरूम के दरवाजे पर ही हो गई 23 साल की वर्षा की मौत appeared first on Naya Vichar.

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Gemstone Astrology: हर किसी के लिए शुभ नहीं होता पुखराज, पहनने से पहले जान लें ये 9 जरूरी बातें

Gemstone Astrology: ज्योतिष शास्त्र में हर ग्रह से जुड़े अलग-अलग रत्न बताए गए हैं. पुखराज भी इन्हीं प्रमुख रत्नों में से एक है. इसका संबंध बृहस्पति यानी गुरु ग्रह से माना जाता है. यह पीले रंग का रत्न होता है. गुरु को ज्ञान, शिक्षा, विवाह, संतान, धन और करियर से जुड़े मामलों का कारक माना जाता है. पुखराज पहनने से पहले कुंडली में गुरु की स्थिति देखना जरूरी होता है. केवल किसी की सलाह पर या किसी दूसरे व्यक्ति को देखकर यह रत्न नहीं पहनना चाहिए. इस धारण करने के लिए लग्न, भाव और दूसरे ग्रहों के साथ गुरु की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है. आइए ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से जानते हैं कि पुखराज किसे पहनना चाहिए, इसके क्या फायदे हैं और इसे पहनने की विधि क्या है. पुखराज रत्न का इन्फोग्राफिक (एआई तस्वीर) किन लोगों को पुखराज नहीं पहनना चाहिए? ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा के अनुसार, मकर, कुंभ और मिथुन लग्न वाले लोगों को पुखराज नहीं पहनना चाहिए. इसके अलावा, अगर कुंडली में गुरु छठे, आठवें या बारहवें भाव में स्थित हो, तो पुखराज धारण नहीं करना चाहिए. इन भावों को त्रिक भाव कहा जाता है. पुखराज किस लग्न के लिए शुभ है? धनु और मीन लग्न वालों के लिए पुखराज विशेष रूप से लाभदायक माना जाता है. इसके अलावा मेष, कर्क, सिंह और वृश्चिक लग्न में भी कुंडली की स्थिति देखकर पुखराज पहना जा सकता है. ये भी पढ़ें: Gemstone Astrology: शुभ रत्न भी दे सकते हैं उल्टा असर, पहनने से पहले जानें 7 जरूरी बातें पुखराज किस उंगली में पहनना चाहिए? पुखराज को दाएं हाथ की तर्जनी उंगली में पहनना चाहिए. पुखराज किस धातु में पहनना चाहिए? पुखराज को सोने की अंगूठी में पहनना शुभ माना जाता है. अगर किसी कारण से सोने की अंगूठी में पहनना संभव नहीं है, तो इसे पंचधातु में भी धारण किया जा सकता है. पुखराज किस दिन पहनना चाहिए? पुखराज को शुक्ल पक्ष की पंचमी, सप्तमी, अष्टमी, दशमी या द्वादशी तिथि को आने वाले गुरुवार के दिन सुबह पहनना शुभ माना जाता है. पुखराज धारण करने की विधि पुखराज रत्न की सांकेतिक तस्वीर (एआई) गुरुवार की सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें. पुखराज को पहले दूध से साफ करें और फिर साफ पानी से धो लें. एक छोटी कटोरी में दूध लेकर उसमें पुखराज रखें. पुखराज पर हल्दी और कुमकुम अर्पित करें. भगवान गणेश और गुरु ग्रह का ध्यान करें. ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ मंत्र का जाप करें. इसके बाद पुखराज को दाएं हाथ की तर्जनी उंगली में धारण करें. पुखराज पहनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान पुखराज खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए. रत्न पहनने से पहले कुंडली में गुरु की स्थिति जरूर जांच लें. अगर पहले से कोई दूसरा रत्न पहना हुआ है, तो पुखराज उसके साथ अनुकूल है या नहीं, यह भी देखना जरूरी है. पुखराज का चुनाव हमेशा कुंडली के आधार पर करना चाहिए. रत्न धारण करने से पहले किसी ज्योतिष विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें. ये भी पढ़ें: Gemstone Astrology: पन्ना रत्न किसे पहनना चाहिए और किसे नहीं? जानें शुभ लग्न, फायदे, और धारण करने की विधि The post Gemstone Astrology: हर किसी के लिए शुभ नहीं होता पुखराज, पहनने से पहले जान लें ये 9 जरूरी बातें appeared first on Naya Vichar.

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चावल पर महंगाई की मार, बासमती से आम चावल के दामों में 25% तक का उछाल

Rice Price Hike: रसोई के बजट पर एक बार फिर दबाव बढ़ गया है. बासमती से लेकर आम नॉन-बासमती चावल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वित्तीय वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही में बासमती चावल के दाम पिछले साल के मुकाबले 15 से 20 फीसदी तक बढ़ चुके हैं, जबकि रोजमर्रा की नॉन-बासमती किस्मों की कीमतों में 20 से 25 फीसदी का उछाल आया है. व्यापारियों और निर्यातकों का कहना है कि जब तक अक्टूबर-नवंबर में नई फसल बाजार में नहीं आ जाती, तब तक कीमतें ऊंची बनी रहने की संभावना है. क्या हैं चावल की कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण? कीमतों में इस उछाल के पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह के कारण जिम्मेदार हैं: ग्लोबल डिमांड और तनाव: अमेरिका-इरान युद्ध के चलते कई देश अपना फूड सप्लाई सुरक्षित करने के लिए तेजी से चावल खरीद रहे हैं. खासतौर पर गल्फ देशों से हिंदुस्तानीय चावल की भारी मांग आ रही है. दक्षिण हिंदुस्तान में कम बारिश: आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे प्रमुख चावल उत्पादक राज्यों में कम बारिश के कारण पैदावार और सप्लाई प्रभावित हुई है. प्रशासनी खरीद (PDS): राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बीवी कृष्णा राव के मुताबिक, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए तेलंगाना प्रशासन द्वारा की जा रही गैर-बासमती चावल की खरीद से भी बाजार में सप्लाई टाइट हुई है. आपकी जेब पर कितना असर पड़ा है? कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवार के मासिक बजट पर पड़ रहा है. ‘इकोनॉमिक टाइम्स’ की रिपोर्ट और राइसविला ग्रुप के सीईओ सूरज अग्रवाल के अनुसार, विभिन्न किस्मों के दाम इस प्रकार बढ़े हैं: चावल की किस्म पहले की कीमत (प्रति किग्रा) वर्तमान कीमत (प्रति किग्रा) बासमती (Biryani Rice) ₹85 ₹100 सोना मसूरा (Sona Masoori) ₹51 – ₹52 ₹63 – ₹64 क्या निर्यात की वजह से घरेलू बाजार में किल्लत है? केआरबीएल लिमिटेड के बल्क राइस एक्सपोर्ट्स हेड अक्षय गुप्ता के अनुसार, हिंदुस्तान ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में 154 देशों को रिकॉर्ड 65.2 लाख टन बासमती चावल का निर्यात किया, जिसमें सऊदी अरब सबसे बड़ा खरीदार रहा. गल्फ कॉरिडोर में पेमेंट और शिपिंग की रुकावटों के कारण सप्लाई थोड़ी धीमी हुई है, लेकिन मांग मजबूत बनी हुई है. हालांकि, गुप्ता का कहना है कि वर्ष 2025 की फसल तेजी से बिक गई और अक्टूबर की नई आवक से पहले बहुत कम स्टॉक बचा है. यानी घरेलू कीमतों में तेजी का मुख्य कारण बाजार में स्टॉक की कमी है, न कि केवल निर्यात. उपभोक्ताओं को कब तक मिलेगी राहत? फिलहाल जल्द राहत मिलने के आसार कम ही हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि नई खरीफ फसल आने (अक्टूबर-नवंबर) तक कीमतें ऊंची रहेंगी. इसके अलावा, अमेरिका-इरान के बीच तनाव कम होने और गल्फ देशों की तरफ से खरीदारी की रफ्तार धीमी होने पर ही बाजार में स्थिरता आ पाएगी. तब तक आम उपभोक्ताओं को महंगे चावल के साथ ही तालमेल बिठाना होगा. ये भी पढ़ें: ₹5,000 भेजें या ₹1 लाख, UPI पर कितना कटेगा पैसा? दूर करें MDR चार्ज का सारा कंफ्यूजन The post चावल पर महंगाई की मार, बासमती से आम चावल के दामों में 25% तक का उछाल appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: NEET पास युवक ने चुनी चोरी की राह… गर्लफ्रेंड के इलाज पर खर्च किए 80 लाख, जानिए पूरा मामला

उत्तर प्रदेश आगरा कैंट गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) ने इंटरस्टेट चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो चालाक चोरों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुनीत और आकाश के रूप में हुई है. इनके कब्जे से लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद की गई है. इस गिरोह का खुलासा होने के बाद पुलिस के सामने मुख्य आरोपी पुनीत की ऐसी कहानी सामने आई, जिसने जांच टीम को भी हैरान कर दिया. NEET पास कर चुका है मुख्य आरोपी पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य आरोपी पुनीत पढ़ा-लिखा है और वह NEET परीक्षा पास कर चुका है. खास बात यह है कि चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के साथ-साथ वह NEET की तैयारी भी करता रहा. पुलिस जांच में उसके खिलाफ पहले से 27 से ज़्यादा मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है. गर्लफ्रेंड के इलाज में खर्च कर दिए 80 लाख पुलिस के मुताबिक, पुनीत चोरी से हासिल रकम का इस्तेमाल अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल के साथ-साथ अपनी गर्लफ्रेंड की जरूरतें पूरी करने में करता था. जब उसकी गर्लफ्रेंड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थी, तो पुनीत ने कथित तौर पर उसके इलाज में करीब 80 लाख रुपये खर्च कर दिए. यह ऐसी कहानी थी जिसने पुलिस को भी चौंका दिया. लॉकडाउन के बाद हुक्का पार्लर बंद किया और बन गया चोर पुलिस के मुताबिक, पुनीत लखनऊ में हुक्का पार्लर चलाता था. लॉकडाउन के दौरान परिस्थितियां बदलीं और बाद में उसने हुक्का पार्लर बंद कर दिया. इसके बाद वह चोरी की वारदातों में शामिल हो गया. पुलिस के मुताबिक, धीरे-धीरे उसने चोरी को अपना जरिया बना लिया और अलग-अलग राज्यों में वारदातें करने लगा. जिस जिले में पकड़ा, वहां दोबारा चोरी नहीं करता था पुलिस के मुताबिक, पुनीत चोरी के मामले में काफी चालाक था. वह जिस जिले में चोरी करते हुए गिरफ्तार हो जाता था, वहां दोबारा वारदात नहीं करता था. इसके बजाय दूसरे जिलों और राज्यों को निशाना बनाता था, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके. परिवार में भाई एयरफोर्स में, बहन डॉक्टर पुलिस के अनुसार, पुनीत के परिवार की पृष्ठभूमि भी सामान्य नहीं है. उसका भाई एयरफोर्स में है, जबकि बहन डॉक्टर बताई गई है. उसके पिता भी आर्मी से रिटायर्ड हैं. इसके बावजूद पुनीत ने कथित तौर पर चोरी का रास्ता अपना लिया. लाखों के गहने और नकदी बरामद आगरा कैंट GRP पुलिस की कार्रवाई में पुनीत और आकाश को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने उनके कब्जे से लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद करने का दावा किया है. पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है. ये भी पढ़ें: ब्रिटेन के बाद EU से भी ज्यादा फायदा, हिंदुस्तानीय चमड़ा-जूते की बढ़ेगी डिमांड, 5.5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है एक्सपोर्ट The post VIDEO: NEET पास युवक ने चुनी चोरी की राह… गर्लफ्रेंड के इलाज पर खर्च किए 80 लाख, जानिए पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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प्राइवेट नौकरी छोड़ फुलवारी शरीफ की प्रिया रानी बनीं IAS, पहली ही पोस्टिंग में मिली सासाराम की जिम्मेदारी

SDM Priya Rani: इन दिनों सासाराम की SDM प्रिया रानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. पोस्ट ऑफिस चौक पर कुछ लोगों को जांच और कार्रवाई का आश्वासन देती नजर आ रही हैं. वे लोगों से बार-बार शांति बनाए रखने की अपील कर रही हैं और कह रही हैं कि आपकी जो भी समस्या है, उसे लिखित में दीजिए, उसका समाधान जरूर होगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि प्रिया रानी कौन हैं. BTech के बाद की प्राइवेट कंपनी की नौकरी प्रिया रानी मूल रूप से पटना के फुलवारी शरीफ स्थित कुरकुरी गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता किसान हैं और मां हाउस वाइफ. प्रिया रानी ने रांची के BIT Mesra से BTech की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने कुछ सालों तक एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी की. हालांकि, उन्हें सिविल सेवा में जाना था. ऐसे में उन्होंने UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की. ये भी पढ़ें: बिहार में शराबबंदी की कमान दिव्या शक्ति के हाथ में, IPS के बाद ऐसे बनीं IAS, देखें UPSC रैंक साल 2023 में IAS कैडर के लिए चुनीं गईं प्रिया रानी ने 2021 में अपने पहले ही प्रयास में 284वीं रैंक के साथ परीक्षा पास कर ली थी और IDES सेवा के लिए चुनी गई थीं. लेकिन उन्हें IAS कैडर चाहिए था. ऐसे में उन्होंने दोबारा से कोशिश की और साल 2023 में रैंक UPSC CSE परीक्षा पास कर ली. साल 2023 में प्रिया रानी ने UPSC CSE की परीक्षा में AIR रैंक 69 हासिल किया और IAS कैडर के लिए चुनी गईं. प्रिया रानी 22 अगस्त 2026 से सासाराम में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO/SDM) के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं. ये भी पढ़ें: चकरी की प्रियंका को BPSC में रैंक 58, पिता इंस्पेक्टर बेटी बनी SDM The post प्राइवेट नौकरी छोड़ फुलवारी शरीफ की प्रिया रानी बनीं IAS, पहली ही पोस्टिंग में मिली सासाराम की जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- CJP प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों के साथ हुई बर्बरता की जांच के लिए बनाई गई कमेटी का दोबारा नहीं होगा गठन, आरोप निराधार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ आयोजित छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ज्यादतियों की जांच के लिए बनाई गई पांच मेंबर वाली कमेटी (HPEC) को फिर से बनाने से मना कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि इस कमेटी को दोबारा से बनाने के लिए जो आरोप पैनल पर लगाए जा रहे हैं वो अंदाजे और धारणाओं पर आधारित हैं. निष्पक्षता के साथ हुआ है कमेटी का गठन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया(CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने कहा कि कमेटी को निष्पक्षता और ट्रांसपेरेंसी के ऊंचे स्टैंडर्ड और निष्पक्ष नजरिए के साथ बनाया गया है. अभी से कमेटी के कार्यों पर सवाल उठाना सही नहीं होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी कोर्ट के सामने किसी एक या दूसरे पक्ष के कारणों का समर्थन करने के लिए नहीं बनाई गई है. इस कमेटी का उद्देश्य यह बताना है कि 20 जुलाई के दिन जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ ज्यादती हुई थी या नहीं? कमेटी में बदलाव की गुंजाइश नहीं सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने 10 सितंबर के ऑर्डर में इस मांग को ठुकरा दिया कि जांच कमेटी दोबारा बनाई जानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को आज 16 सितंबर को कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है. बेंच ने कहा, हम कमेटी के गठन में कोई बदलाव करने के पक्ष में नहीं हैं, खासकर तब जब ऐसे पुनर्गठन की प्रार्थना सिर्फ अंदाजे और पहले से बनी-बनाई बातों पर आधारित हैं. ये भी पढ़ें: Marital Rape : पति द्वारा की गई जबरदस्ती को क्यों नहीं कहा जाता रेप? जानिए, पति-पत्नी के संबंध पर क्या कहता है कानून The post सुप्रीम कोर्ट ने कहा- CJP प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों के साथ हुई बर्बरता की जांच के लिए बनाई गई कमेटी का दोबारा नहीं होगा गठन, आरोप निराधार appeared first on Naya Vichar.

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लोहरदगा के कुड़ू में नशेड़ी बाप ने कमरे में सो रहे बेटे को टांगी से काटा, जंगल से किया गया गिरफ्तार

Lohardaga Crime News: लोहरदगा जिले के कुड़ू थाना क्षेत्र के सलगी गरभू टोली गांव में बुधवार सुबह करीब 9 बजे दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी. पिता ने अपने ही बेटे की टांगी से वार कर हत्या कर दी. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब एक घंटे के भीतर उसे सलगी जंगल से हिरासत में ले लिया. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त टांगी भी बरामद कर ली है. एक सप्ताह से चल रहा था विवाद जानकारी के अनुसार, सलगी गरभू टोली निवासी सुरेश वर्मा का पिछले करीब एक सप्ताह से अपने पुत्र संजय वर्मा के साथ विवाद चल रहा था. बताया जा रहा है कि सुरेश अक्सर नशे की हालत में रहता था और उसका बेटा संजय इस बात का विरोध करता था. इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार कहासुनी होती रहती थी. परिवार के लोगों के अनुसार पिता-पुत्र के रिश्तों में पिछले कुछ दिनों से तनाव बना हुआ था. नशा कर लौटने के बाद किया वार बुधवार सुबह सुरेश वर्मा घर से निकला और पड़ोस में जाकर नशा करने के बाद करीब 8 बजे वापस लौटा. उस समय घर में संजय अकेला अपने कमरे में सो रहा था. पुलिस के अनुसार घर में प्रवेश करते ही सुरेश ने टांगी उठायी और सीधे कमरे में पहुंचकर सो रहे संजय के माथे पर जोरदार वार कर दिया. अचानक हुए हमले से संजय को संभलने का मौका भी नहीं मिला और गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. परिजनों ने देखा खून से लथपथ शव घटना की जानकारी तब हुई जब घर के अन्य सदस्य कमरे में पहुंचे. उन्होंने देखा कि संजय खून से लथपथ फर्श पर पड़ा है. इसके बाद घर में चीख-पुकार मच गयी. परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. घटना के बाद सुरेश वर्मा मौके से फरार हो गया, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया. जंगल से गिरफ्तार हुआ आरोपी सूचना मिलते ही कुड़ू थाना प्रभारी अजीत कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल भेज दिया. इसके साथ ही आरोपी की तलाश में छापेमारी शुरू की गयी. पुलिस ने करीब एक घंटे के भीतर सलगी जंगल से सुरेश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया. उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी भी बरामद कर ली गयी. इसे भी पढ़ें: BGR माइंस पर INTUC का हमला, बोले सुरजीत नागवाला – रैयत-विस्थापितों को ठगना बंद करे, नहीं तो होगी तालाबंदी मामले की जांच जारी पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हत्या के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है. गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं. पिता के हाथों बेटे की हत्या की इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. इसे भी पढ़ें: Jharkhand SIR: वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और सुधार कराने की तारीख बढ़ी, अब 30 सितंबर तक मिलेगा मौका The post लोहरदगा के कुड़ू में नशेड़ी बाप ने कमरे में सो रहे बेटे को टांगी से काटा, जंगल से किया गया गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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