Saptami Shani Upay: 17 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्र की सप्तमी तिथि है. नवरात्र की इस तिथि को महासप्तमी के नाम से भी जाना जाता है. महासप्तमी के दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मां कालरात्र का स्वरूप शनि ग्रह से जुड़ा है. ऐसे में सप्तमी तिथि पर क्या करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत मिल सकती है, जानिए
नवरात्र की सप्तमी पर बना दुर्लभ संयोग
ज्योतिषाचार्य पंडित धनंजय पांडेय ने बताया कि नवरात्र के सातवें (मां कालरात्रि पूजा) शनिवार का दुर्लभ संयोग बना है. ऐसा बहुत कम होता है, जब नवरात्र में देवी कालरात्रि की पूजा का शुभ संयोग शनिवार को बने. देवी कालरात्रि का स्वरूप शनि ग्रह से जुड़ा है. ऐसे में माता कालरात्रि की पूजा करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत मिल सकती है.
मां कालरात्रि की पूजा से शनि ग्रह से अशुभ प्रभाव कम होते हैं
मां दुर्गा का सातवां स्वरूप मां कालरात्रि अज्ञान और भय को दूर करने वाला माना जाता है. देवी का यह स्वरूप शनि ग्रह से जुड़ा है. मान्यता है कि नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव कम होते हैं. ज्योतिषाचार्य पंडित धनंजय पांडेय के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से होने वाली परेशानियों से राहत पाने के लिए मां कालरात्रि की पूजा करनी चाहिए.
सप्तमी पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या से राहत के लिए क्या करें
मां कालरात्रि के बीज मंत्र का जाप करें
मंत्र- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
पूजा के दौरान मां कालरात्रि का ध्यान मंत्र पढ़ें
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी
मां कालरात्रि के आसान मंत्र का भी कर सकते हैं जाप
मंत्र- ॐ देवी कालरात्र्यै नमः
संक्षेप में मां कालरात्रि की पूजा कैसे करें?
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें.
- मां कालरात्रि के सामने दीपक जलाएं और पुष्प अर्पित करें.
- मां के आसान मंत्र- “ॐ देवी कालरात्र्यै नमः” का श्रद्धापूर्वक जाप करें.
- मां से भय, संकट और नकारात्मकता से रक्षा की प्रार्थना करें.
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