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रूस से तेल खरीदा तो लगेगा 100% जुर्माना! अमेरिकी संसद में नया बिल पास, भारत का रुख साफ

US Tariff: अमेरिकी संसद के निचले सदन (प्रतिनिधि सभा) में ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नाम का एक नया विधेयक पारित किया गया है. डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सांसदों के समर्थन से यह प्रस्ताव 214 के मुकाबले 211 वोटों से पास हुआ. इस नए कानून से अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार मिल जाएगा कि वे रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक का शुल्क (टैरिफ) लगा सकें, साथ ही ईरान पर पहले से लगी पाबंदियों को और सख्त कर सकें. इससे पहले अमेरिकी सीनेट (उच्च सदन) ने 7 अगस्त को इसे भारी बहुमत (86-11) से मंजूरी दी थी. इस कानून का मकसद रूस के तेल-गैस कारोबार, बड़े नेताओं और चोरी-छिपे तेल सप्लाई करने वाले ‘शैडो बेड़े’ के गुप्त जहाजों पर रोक लगाना है. हालांकि इसमें हिंदुस्तान का नाम सीधे तौर पर नहीं लिखा गया है, लेकिन रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाले मुख्य देशों को इसमें शामिल किया गया है. हिंदुस्तान किसी भी देश की एकतरफा पाबंदियों को नहीं मानता हिंदुस्तान ने साफ कर दिया है कि वह अपने 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखकर ही फैसले लेता है. रूस से सस्ते दाम पर तेल खरीदना हिंदुस्तान के लिए आर्थिक रूप से जरूरी है. हिंदुस्तान किसी भी देश की एकतरफा पाबंदियों को नहीं मानता. हिंदुस्तान अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है और उसका कहना है कि दुनिया में तेल के दाम स्थिर रखने के लिए हिंदुस्तान का तेल खरीदना जरूरी है. अमेरिकी पाबंदियों और टैक्स की धमकियों के बीच हिंदुस्तान लगातार अमेरिकी प्रशासन से बातचीत कर रहा है, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और रक्षा से जुड़े रिश्तों पर कोई बुरा असर न पड़े. ये भी पढ़ें: H-1B Visa : अमेरिकी नौकरियों से विदेशियों की होगी छुट्टी? जेडी वेंस बोले- लगेगी $1,00,000 की फीस The post रूस से तेल खरीदा तो लगेगा 100% जुर्माना! अमेरिकी संसद में नया बिल पास, हिंदुस्तान का रुख साफ appeared first on Naya Vichar.

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मंगलवार की मार के बाद बुधवार को बाजार का पलटवार, सेंसेक्स 300+ अंक उछला, निफ्टी 23200 के पार

Indian Stock Market: मंगलवार को बाजार में भारी गिरावट देखने के बाद, बुधवार को हिंदुस्तानीय शेयर बाजार ने मजबूती के साथ वापसी की है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 15–16 सितंबर की पॉलिसी बैठक के नतीजों से पहले सेंसेक्स 300 से ज्यादा अंक उछलकर खुला, वहीं निफ्टी भी 23,200 के पार पहुंच गया. वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी के बावजूद घरेलू निवेशकों ने राहत की सांस ली है. सुबह बाजार की चाल कैसी रही? शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर ट्रेड कर रहे थे: सूचकांक (Index) ओपनिंग लेवल ट्रेडिंग लेवल (सुबह ~9:30 बजे) बढ़त सेंसेक्स (Sensex) 74,249.31 74,388.37 +384.55 अंक (0.52%) निफ्टी (Nifty) 23,201.60 23,244.30 +125.70 अंक (0.54%) किन शेयर्स और सेक्टर्स में दिखा उतार-चढ़ाव? नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर मिला-जुला रुख देखने को मिला: NSE पर बढ़त वाले शेयर: नेस्ले, आईटीसी, एसबीआई, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), रिलायंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड, कोटक बैंक, एचडीएफसी लाइफ, ट्रेंट, बीईएल और हिंडाल्को. NSE पर गिरावट वाले शेयर: विप्रो, एनटीपीसी और ओएनजीसी. BSE पर ट्रेंड: आईटीसी, एलएंडटी, टेक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक बढ़त में रहे; वहीं एचडीएफसी बैंक, इंडिगो और टाटा स्टील लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. पेमेंट कंपनियों की चांदी: एनपीसीआई (NPCI) के नए एमडीआर (MDR) फ्रेमवर्क से पेटीएम (Paytm) के शेयर 2.08% बढ़कर ₹1767.05 और मोबिक्विक (Mobikwik) के शेयर 0.97% चढ़कर ₹203.90 पर पहुंच गए. सेक्टोरल हाल: ज्यादातर सेक्टर्स में खरीदारी दिखी, लेकिन निफ्टी रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर दबाव में नजर आए. क्या इस रिकवरी पर भरोसा किया जा सकता है? बाजार विश्लेषक विपिन दिक्सेना के मुताबिक, आज की रिकवरी राहत देने वाली है, लेकिन इसे तुरंत ‘ट्रेंड रिवर्सल’ (मंदी का खत्म होना) नहीं माना जा सकता. “कल की बिकवाली काफी व्यापक थी और वैश्विक माहौल अब भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. मुख्य सवाल यह है कि क्या यह तेजी $108 के पार क्रूड ऑयल, ऊंची बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली के बीच टिक पाएगी.” — विपिन दिक्सेना, बाजार विश्लेषक निफ्टी का अहम लेवल: निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट है. अगर निफ्टी 23,200 के ऊपर बना रहता है और 23,300–23,400 के स्तर को पार करता है, तो तेजी आगे बढ़ सकती है. अगर 23,000 का स्तर टूटता है, तो बाजार में दोबारा गिरावट का खतरा बन जाएगा. ग्लोबल संकेत और एक्सपर्ट्स की राय क्या है? जिओजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार का कहना है कि जब तक अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5% के करीब और कच्चा तेल (ब्रांट क्रूड $108.06/बैरल, क्रूड ऑयल $104.69/बैरल) पर बना हुआ है, तब तक बाजार में बड़ी तेजी आना मुश्किल है. FIIs पिछले 5 दिनों से लगातार बिकवाली कर रहे हैं और हर छोटे उछाल पर बेच सकते हैं. फेड रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में 0.25% (25 bps) की बढ़ोतरी की संभावना है, जिसे बाजार पहले ही पचा चुका है. असली असर फेड के आगे के बयान और आर्थिक दृष्टिकोण से पड़ेगा. इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक के नए एमडी और सीईओ की नियुक्ति की घोषणा भी बाजार पर असर डालेगी. ये भी पढ़ें: क्या अब ठेले वाले की जेब से भी कटेगा UPI चार्ज? जानिए किन दुकानदारों से वसूला जाएगा MDR The post मंगलवार की मार के बाद बुधवार को बाजार का पलटवार, सेंसेक्स 300+ अंक उछला, निफ्टी 23200 के पार appeared first on Naya Vichar.

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क्या अब ठेले वाले की जेब से भी कटेगा UPI चार्ज? जानिए किन दुकानदारों से वसूला जाएगा MDR

UPI MDR Charges: 15 अक्तूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने जा रहा है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या अब चाय, सब्जी, ठेले और रेहड़ी-पटरी लगाने वाले छोटे दुकानदारों की जेब पर भी यह चार्ज पड़ेगा? सीधा जवाब यह है कि आम ग्राहकों और छोटे दुकानदारों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन एक पेंच जरूर है. आइए समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और किस पर कितना असर पड़ेगा. क्या ठेले-खोमचे वाले दुकानदारों को भी यह चार्ज देना पड़ेगा? नियमानुसार, जिन दुकानदारों के पास GST नंबर नहीं है और जिनके QR कोड पर महीने में ₹1 लाख तक का UPI पेमेंट आता है, उन्हें Person-to-Person Merchant (P2M) कैटेगरी में रखा जाएगा. इन पर कोई MDR नहीं लगेगा. लेकिन असली पेंच यहीं फंसता है. बाजार की रिपोर्ट बताती है कि चाय-पान, रेहड़ी-पटरी और छोटे किराना दुकानदारों का औसत मासिक UPI लेन-देन ₹1 लाख से ₹3.5 लाख तक पहुंच जाता है. यदि कोई छोटा व्यापारी लगातार 3 महीने तक ₹1 लाख से ज्यादा का UPI लेन-देन करता है, तो उसे ‘बड़ा मर्चेंट’ मान लिया जाएगा. ऐसे में ₹2,000 से बड़े ट्रांजैक्शन पर उनसे भी MDR वसूला जा सकता है. MDR क्या है और ₹2,000 से ऊपर कितना चार्ज लगेगा? MDR वह शुल्क है जो दुकानदार और उसके बैंक के बीच का चार्ज होता है. ₹2,000 तक के मर्चेंट पेमेंट पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. इससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर सामान्य MDR दरें लागू होंगी: ट्रांजैक्शन की रकम लागू MDR शुल्क ₹2,000 तक शून्य (0%) ₹2,000 से अधिक (सामान्य मर्चेंट) 0.4% (अधिकतम ₹300) पेट्रोल, बिजली-पानी, रेलवे, इंश्योरेंस ₹5 (फिक्स्ड) कैपिटल मार्केट (म्यूचुअल फंड, शेयर) 0.02% (अधिकतम ₹300) ये भी पढ़ें: UPI Payment: क्या दोस्त-परिवार को पैसे भेजने पर भी लगेगा यूपीआई चार्ज ? जानें किन लोगों पर नहीं लागू होते MDR नियम आम जनता और ग्राहकों पर इसका क्या असर होगा? ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि UPI पूरी तरह मुफ्त रहेगा: P2P ट्रांसफर: दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने, बिल स्प्लिट करने या खुद के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने पर शून्य चार्ज लगेगा. ऐप शुल्क पर रोक: कोई भी UPI ऐप (जैसे PhonePe, Google Pay) ग्राहकों से कोई प्लेटफॉर्म फीस नहीं ले सकता. रोजमर्रा के पेमेंट: ₹2,000 तक की खरीदारी पर ग्राहक या दुकानदार किसी को कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं देना है. प्रशासन ने यह फैसला क्यों लिया? UPI का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है. अगस्त में रिकॉर्ड 24.51 बिलियन ट्रांजैक्शन के जरिए ₹29.82 ट्रिलियन का लेन-देन हुआ. NPCI का मकसद छोटे लेन-देन को पूरी तरह फ्री रखकर आम जनता को राहत देना है, जबकि बड़े मर्चेंट पेमेंट्स से मिलने वाले MDR के जरिए पेमेंट सिस्टम के बुनियादी ढांचे को टिकाऊ बनाना है. ये भी पढ़ें: Explainer : Google Pay, PhonePe और Paytm से पेमेंट किया तो कटेंगे एक्स्ट्रा पैसे! लेकिन आपकी जेब से नहीं जाएगा 1 भी रुपया The post क्या अब ठेले वाले की जेब से भी कटेगा UPI चार्ज? जानिए किन दुकानदारों से वसूला जाएगा MDR appeared first on Naya Vichar.

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Maruti Suzuki Fronx Sales Spike: बिक्री में 50% का उछाल और 28KM का शानदार माइलेज, फिर बनी ग्राहकों की पहली पसंद

हिंदुस्तानीय ऑटोमोबाइल बाजार में मारुति सुजुकी का दबदबा सालों से कायम है. कंपनी के व्यापक पोर्टफोलियो में हैचबैक से लेकर प्रीमियम एसयूवी तक के विकल्प उपलब्ध हैं. सब-फोर मीटर (4 मीटर से छोटी) एसयूवी सेगमेंट में भी अब मारुति अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर चुकी है. हाल ही में जारी हुए अगस्त 2026 के बिक्री आंकड़ों ने इस बात पर फिर से मुहर लगा दी है, जहां कंपनी की लोकप्रिय कूपे-एसयूवी मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स (Maruti Suzuki Fronx) की मांग में जबरदस्त तेजी देखी गई है. अगस्त 2026 में बिकीं 18,730 यूनिट्स: दर्ज की 50% की सालाना ग्रोथ मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स की बिक्री के आंकड़ों ने बाजार विश्लेषकों को चौंका दिया है. अगस्त 2026 में कंपनी ने इस कार की 18,730 यूनिट्स बेची हैं. अगर इसकी तुलना पिछले साल के समान महीने यानी अगस्त 2025 से करें, जब इसकी 12,422 यूनिट्स बिकी थीं, तो बिक्री में 50.8% का भारी उछाल दर्ज किया गया है. इस प्रदर्शन के साथ सब-फोर मीटर एसयूवी सेगमेंट में फ्रॉन्क्स की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 15.4% हो गई है, जिससे यह कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली क्रॉसओवर-एसयूवी बन चुकी है. इंजन विकल्प और शानदार माइलेज: 28KM/Kg की धाकड़ एफिशिएंसी मारुति फ्रॉन्क्स की लोकप्रियता का सबसे मुख्य कारण इसका पावरट्रेन विकल्प और माइलेज है. यह कार तीन प्रमुख अवतारों में उपलब्ध है: 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल: यह इंजन 21.79 किमी प्रति लीटर का सर्टिफाइड माइलेज देता है 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल (स्मार्ट हाइब्रिड): स्पोर्टी परफॉर्मेंस पसंद करने वाले चालकों के लिए यह वेरिएंट 21.5 किमी प्रति लीटर का माइलेज प्रदान करता है फैक्ट्री-फिटेड CNG वेरिएंट: सबसे ज्यादा मांग वाला यह मॉडल 28.51 किलोमीटर प्रति किलोग्राम का शानदार माइलेज देता है, जिससे रनिंग कॉस्ट बेहद कम हो जाती है. शुरुआती कीमत और वेरिएंट्स: बजट-फ्रेंडली प्रीमियम लुक मारुति फ्रॉन्क्स अपनी बोल्ड कूपे-स्टाइलिंग और बजट-फ्रेंडली कीमत के कारण पहली बार कार खरीदने वालों और अपग्रेड करने वालों, दोनों को आकर्षित कर रही है. पेट्रोल वेरिएंट्स: शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹6.85 लाख से शुरू होकर टॉप मॉडल के लिए ₹11.98 लाख तक जाती है. CNG वेरिएंट्स: फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी मॉडल की एक्स-शोरूम कीमत ₹7.89 लाख से शुरू होती है. 6 एयरबैग्स और सुरक्षा फीचर्स का कड़ा सुरक्षा कवच ग्राहकों के बीच इस कार की मांग बढ़ने की एक बड़ी वजह इसकी अपडेटेड सेफ्टी पैकेजिंग है. मारुति ने अब फ्रॉन्क्स में 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड (हर वेरिएंट में) दिए हैं. इसके अतिरिक्त कार में इलेक्ट्रॉनिक्स स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), हिल होल्ड असिस्ट, एबीएस के साथ ईबीडी, 360-डिग्री कैमरा और आइसोफिक्स (ISOFIX) चाइल्ड सीट एंकर जैसे सुरक्षा फीचर्स दिए गए हैं. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) Q1: मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स का CNG माइलेज कितना है? उत्तर: मारुति फ्रॉन्क्स सीएनजी वेरिएंट का एआरएआई (ARAI) द्वारा प्रमाणित माइलेज 28.51 किलोमीटर प्रति किलोग्राम है. Q2: क्या मारुति फ्रॉन्क्स के सभी वेरिएंट्स में 6 एयरबैग मिलते हैं? उत्तर: जी हां, मारुति सुजुकी अब फ्रॉन्क्स के सभी बेस और टॉप वेरिएंट्स में 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड तौर पर प्रदान करती है. Q3: मारुति फ्रॉन्क्स की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत क्या है? उत्तर: मारुति फ्रॉन्क्स के बेस पेट्रोल मॉडल की एक्स-शोरूम कीमत ₹6.85 लाख से शुरू होती है. ये भी पढ़ें: Maruti Baleno Facelift vs Maruti Fronx: इंजन, स्टाइल, फीचर्स और कीमत के मामले में कौन सबसे बेहतर? ये भी पढ़ें: iPhone Duo के बजट में आप खरीद सकते हैं ये फैमिली कारें, लिस्ट में Maruti Suzuki Alto K10 भी शामिल The post Maruti Suzuki Fronx Sales Spike: बिक्री में 50% का उछाल और 28KM का शानदार माइलेज, फिर बनी ग्राहकों की पहली पसंद appeared first on Naya Vichar.

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UP में PGT के 2607 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 151100 रुपए तक मिलेगी सैलेरी, देखें पूरी डिटेल

UPESSC PGT Teacher Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश एजुकेशन सर्विस सेलेक्शन कमीशन (UPESSC) ने पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. इस भर्ती के तहत कुल 2607 PGT Teacher Posts पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी. भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने वाली है. आइए इस बारे में और अधिक डिटेल्स में जानते हैं. UPESSC PGT Teacher Recruitment 2026 Date: कब से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया? भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 18 सितंबर 2026 से शुरू होगी, जिसकी आखिरी तारीख 17 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है. उम्मीदवारों को इसी तारीख तक एग्जाम फीस का भुगतान भी करना होगा. वहीं, आवेदन फॉर्म में सुधार करने का मौका 21 अक्टूबर 2026 तक दिया जाएगा. इस भर्ती परीक्षा की तारीख भी आयोग की ओर से जारी कर दी गई है. UPESSC PGT Teacher Exam 2026 का आयोजन 15 और 16 दिसंबर 2026 को किया जाएगा. रिजल्ट की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है. UPESSC PGT Teacher Recruitment 2026 Official Notification Check Here UPESSC PGT Teacher Recruitment 2026 Pay Scale: क्या होगी सैलेरी? UPESSC की ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जारी नोटिफिकेशन के अनुसार उम्मीदवारों को लेवल 8 के तहत सैलेरी दी जाएगी. इसमें उम्मीदवार का 47,600 रुपए से लेकर 1,51,100 रुपए तक का पेय स्केल होगा. How to Apply? कैसे करें आवेदन सबसे पहले उम्मीदवाराें UPESSC की ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाना होगा. इसके बाद उम्मीदवार यहां भर्ती से जुड़ी लिंक सर्च करें. उसपर क्लिक करके आपको रजिस्टर करना होगा. फाॅर्म में नाम, सिग्नेचर, फोटाे और अन्य जरूरी डिटेल्स भरें. अंत में सभी जानकारियों को अच्छे से चेक करके फाॅर्म सबमिट करें. भविष्य के लिए फाॅर्म का प्रिंटआउट जरूर रख लें. Note: भर्ती का लिंक 18 अगस्त 2026 काे एक्टिव हो जाएगा. ये भी पढ़ें: MP High Court Recruitment 2026: आवेदन की लास्ट डेट बढ़ी, असिस्टेंट ग्रेड 3 के 1174 पदों पर भर्ती, जानें डिटेल्स UPESSC PGT Teacher Recruitment 2026 Application Fee: क्या है एप्लिकेशन फीस? UPESSC की ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जारी नाेटिफिकेशन के अनुसार General, EWS और OBC कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए फीस 1500 रुपए है. वहीं SC और ST कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए 750 रुपए फीस निर्धारित की गई है. PH कैटेगरी के उम्मीदवारों को 500 रुपए फीस देना होगा. उम्मीदवार फीस का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से कर सकते हैं. UPESSC PGT Teacher Recruitment 2026 Age Limit: उम्मीदवार की एज कितनी होनी चाहिए? PGT Teacher पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए. वहीं अधिकतम एज 62 वर्ष निर्धारित की गई है. रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश एजुकेशन सर्विस सेलेक्शन कमीशन के नियमों के अनुसार एज लिमिट में छूट दी जाएगी. ये भी पढ़ें: शिक्षक भर्ती का इंतजार खत्म! यूपी में 15,012 पदों पर निकली वैकेंसी, जानें आवेदन और परीक्षा की पूरी डेटेल UPESSC PGT Teacher Recruitment 2026 Eligibility: जानिए एलिजीबिलिटी के बारे में PGT Teacher पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में मास्टर डिग्री होनी चाहिए. अलग-अलग विषयों के लिए एजुकेशन क्वालिफिकेशन और अन्य पात्रता शर्तें अलग हो सकती हैं. इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले UPESSC की ऑफिशियल वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जारी नाेटिफिकेशन चेक करना होगा. UPESSC PGT Teacher Recruitment 2026 Selection Process: कैसे होगा सिलेक्शन? उम्मीदवारों का सिलेक्शन भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के आधार पर किया जाएगा. इसमें सबसे पहले लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी. लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू (Viva-Voce) के लिए बुलाया जाएगा. इसके बाद सिलेक्टेड उम्मीदवारों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाएगा. सभी चरणों को पास करने वाले उम्मीदवारों की नियुक्ति PGT Teacher पद पर की जाएगी. ये भी पढ़ें: UP में प्राइमरी टीचर की 12405 वैकेंसी, सैलरी होगी 1 लाख से ज्यादा The post UP में PGT के 2607 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 151100 रुपए तक मिलेगी सैलेरी, देखें पूरी डिटेल appeared first on Naya Vichar.

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पार्टनर की तारीफ करने से रिश्ते पर क्या पड़ता है असर? रिसर्च में सामने आई ये दिलचस्प बातें

Relationship Tips: रिश्ते में प्यार दिखाने के लिए हमेशा महंगे गिफ्ट देने या बड़े बड़े वादे करने की जरूरत नहीं होती. कई बार पार्टनर की छोटी सी कोशिश को पहचान लेना और दिल से उसका शुक्रिया कहना भी बहुत मायने रखता है. अगर पार्टनर ने मुश्किल समय में आपका साथ दिया, आपकी बात ध्यान से सुनी या किसी काम में आपकी मदद की, तो उसे यह बताना कि आपने उसकी कोशिश को नोटिस किया है, रिश्ते में अपनापन बढ़ा सकता है लेकिन क्या पार्टनर की कद्र करने और उसके लिए आभार जताने का रिश्ता सच में बेहतर होने से कोई संबंध है? इस सवाल पर मनोवैज्ञानिकों ने कई रिसर्च की हैं. इन रिसर्च में यह समझने की कोशिश की गई है कि पार्टनर की कोशिशों को पहचानना और उसकी कद्र करना रिश्ते की खुशी, संतुष्टि और एक दूसरे से जुड़े रहने से किस तरह जुड़ा हो सकता है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि रिसर्च में क्या सामने आया. relationship tips on appreciating partner पार्टनर की कोशिशों को पहचानना क्यों जरूरी है? जब रिश्ता नया होता है, तब पार्टनर की छोटी छोटी बातें भी हमें खास लगती हैं. लेकिन रिश्ता पुराना होने के साथ कई चीजें रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं. पार्टनर आपकी मदद करता है, आपकी बातें सुनता है या घर परिवार की जिम्मेदारियों में आपका साथ देता है, लेकिन धीरे धीरे हम इन कोशिशों को सामान्य मानने लगते हैं. ऐसे में पार्टनर की कोशिश को पहचानना जरूरी हो सकता है. जब किसी इंसान को लगता है कि उसका पार्टनर उसकी मेहनत और कोशिशों को देख रहा है, तो उसे यह महसूस हो सकता है कि रिश्ते में उसकी अहमियत है. यहां तारीफ और आभार के बीच थोड़ा फर्क समझना भी जरूरी है. किसी के कपड़ों या लुक की तारीफ करना एक बात है. वहीं, पार्टनर ने आपके लिए कुछ किया और आपने उसके लिए दिल से धन्यवाद कहा, तो यह आभार जताना है. रिश्तों पर हुई रिसर्च में इसी तरह की कद्र और आभार को रिश्ते की क्वालिटी से जोड़कर देखा गया है. 2012 की रिसर्च में क्या सामने आया? साल 2012 में एमी गॉर्डन और उनकी टीम ने रिश्तों में ग्रैटिट्यूड यानी आभार और एप्रिसिएशन यानी पार्टनर की कद्र के बीच संबंध को समझने के लिए कई तरह की स्टडी की. इस रिसर्च में अलग अलग तरीकों से लोगों के अनुभव, व्यवहार और रिश्तों को देखा गया. रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों को लगता था कि उनका पार्टनर उनकी कद्र करता है, वे खुद भी अपने पार्टनर की ज्यादा कद्र करते थे. ऐसे लोग पार्टनर की जरूरतों को समझने और उनका ध्यान रखने में भी ज्यादा रिस्पॉन्सिव पाए गए. रिसर्च के एक हिस्से में पार्टनर की कद्र का रिश्ते के प्रति कमिटमेंट और समय के साथ रिश्ते में बने रहने से भी संबंध देखा गया. यानी जब किसी व्यक्ति को अपने पार्टनर से यह महसूस होता है कि उसकी अहमियत है, तो वह भी रिश्ते को बनाए रखने की दिशा में ज्यादा कोशिश कर सकता है. हालांकि, इस रिसर्च का मतलब यह नहीं है कि सिर्फ पार्टनर की तारीफ करने से रिश्ता अपने आप मजबूत हो जाएगा. रिसर्च में इन चीजों के बीच संबंध देखा गया है. इसे ऐसा पक्का नियम नहीं माना जा सकता कि तारीफ करने से हर रिश्ता खुशहाल हो जाएगा. पार्टनर का ‘थैंक यू’ कहना क्यों मायने रख सकता है? साल 2019 में योबिन पार्क और उनकी टीम ने पांच अलग अलग स्टडीज के जरिए यह समझने की कोशिश की कि जब किसी व्यक्ति को अपने पार्टनर की तरफ से ग्रैटिट्यूड यानी आभार महसूस होता है, तो उसका रिश्ते से क्या संबंध हो सकता है. इस रिसर्च में खास तौर पर यह देखा गया कि पार्टनर की तरफ से मिलने वाले ग्रैटिट्यूड एक्सप्रेशन का उन लोगों पर क्या संबंध हो सकता है, जिन्हें रिश्ते में अटैचमेंट इनसिक्योरिटी यानी रिश्ते को लेकर ज्यादा असुरक्षा महसूस होती है. रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों को अपने पार्टनर की तरफ से ज्यादा ग्रैटिट्यूड एक्सप्रेशन महसूस हुए, उनमें अटैचमेंट इनसिक्योरिटी और रिलेशनशिप सैटिस्फैक्शन या कमिटमेंट के बीच कुछ निगेटिव संबंध कमजोर दिखाई दिए. रिसर्च के एक हिस्से में यह भी देखा गया कि पार्टनर की तरफ से ग्रैटिट्यूड महसूस करने वाले कुछ लोगों में आगे चलकर पार्टनर की परवाह महसूस करने और रिलेशनशिप सैटिस्फैक्शन व कमिटमेंट का संबंध बेहतर था. आसान भाषा में समझें तो जब आपका पार्टनर आपके काम के लिए ‘थैंक यू’ कहता है या यह बताता है कि उसे आपकी कोशिश की कद्र है, तो आपको यह महसूस हो सकता है कि सामने वाला आपकी मेहनत को देख रहा है और आपकी अहमियत समझता है. लेकिन यहां भी यह कहना सही नहीं होगा कि सिर्फ ‘थैंक यू’ बोलने से रिश्ता हमेशा बेहतर हो जाएगा. रिसर्च ने ग्रैटिट्यूड और रिश्ते की कुछ चीजों के बीच संबंध दिखाया है, न कि हर रिश्ते के लिए कोई पक्का फॉर्मूला. सिर्फ खूबसूरती की तारीफ करना ही काफी नहीं पार्टनर की तारीफ का मतलब सिर्फ यह कहना नहीं है कि ‘आज तुम बहुत अच्छे लग रहे हो.’ उसकी मेहनत, समझदारी, धैर्य और आपके लिए किए गए काम की कद्र करना भी जरूरी हो सकता है. मान लीजिए आप किसी परेशानी से गुजर रहे थे और आपके पार्टनर ने बिना किसी शिकायत के आपकी बात सुनी. ऐसी स्थिति में आप सिर्फ ‘अच्छा किया’ कहने के बजाय यह बता सकते हैं कि उसकी कौन सी बात आपको अच्छी लगी. आप कह सकते हैं, ‘तुमने मेरी बात बिना जज किए सुनी, इससे मुझे बहुत अच्छा लगा.’ इस तरह की बात से पार्टनर को यह महसूस हो सकता है कि आपने उसकी कोशिश को ध्यान से देखा और उसकी अहमियत समझी. इसलिए तारीफ को सिर्फ चेहरे, कपड़ों या खूबसूरती तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है. कई बार पार्टनर के व्यवहार और आपके लिए किए गए छोटे काम की कद्र करना भी बहुत मायने रख सकता है. क्या हर दिन पार्टनर की तारीफ करनी चाहिए? ऐसा कोई साइंटिफिक रूल नहीं है कि रिश्ते को अच्छा रखने के लिए हर दिन एक तय संख्या में पार्टनर की तारीफ करनी ही चाहिए. इसलिए इसे किसी फॉर्मूले की

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बिहार पंचायत चुनाव: EBC को कितना आरक्षण? जल्द तय किए जायेंगे मानक, जानिए पूरी गाइडलाइन

Bihar Panchayat Chunav: बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारी के बीच अत्यंत पिछड़ा वर्ग यानी EBC के आरक्षण को लेकर कवायद शुरू हो गई है. अब तक सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंचायत चुनाव में EBC को आखिर कितने प्रतिशत आरक्षण मिलेगा? इसका जवाब अब पंचायतवार आंकड़ों और एक तय गाइडलाइन के आधार पर सामने आएगा. जानकारी के मुताबिक, पंचायती राज विभाग की विशेषज्ञ टीम EBC आरक्षण के लिए मानक तैयार कर रही है. विभाग से यह गाइडलाइन जल्द ही अत्यंत पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजी जाएगी. इसके बाद आयोग इन्हीं मानकों पर अध्ययन करेगी और प्रशासन को अपनी अनुशंसा देगी. आखिर क्या है 50 प्रतिशत आरक्षण वाला फॉर्मूला बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव में SC, ST और EBC के लिए टोटल आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता. ऐसे में EBC का हिस्सा सीधे 50 प्रतिशत नहीं होगा. पहले SC और ST की आबादी के आधार पर उनका आरक्षण तय होगा. इसके बाद 50 प्रतिशत की सीमा में जो हिस्सा बचेगा, उसमें EBC को आरक्षण मिलेगा. मसलन, अगर किसी पंचायत में SC-ST की आबादी 40 प्रतिशत है, तो उनके हिस्से के बाद 50 प्रतिशत की सीमा में 10 प्रतिशत हिस्सा EBC के लिए बच सकता है. यानी EBC का आरक्षण हर पंचायत में एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है. पंचायतवार तय होगा EBC का हिस्सा इस बार खास बात यह होगी कि सिर्फ राज्य स्तर के आंकड़ों के आधार पर फैसला नहीं होगा. हर पंचायत में EBC की स्थिति का आकलन किया जाएगा. आयोग मुख्य रूप से इन सवालों के जवाब पर रहेगा फोकस- पंचायत में EBC की आबादी कितनी है? EBC परिवारों की आर्थिक स्थिति कैसी है? सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति क्या है? पंचायत, नगर निकाय, विधानसभा और संसद में EBC का प्रतिनिधित्व कितना है? क्या आरक्षण का लाभ EBC की कुछ ही जातियों तक सीमित रह गया है? EBC में करीब 122 जातियां जानकारी के मुताबिक, बिहार में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिस्ट में लगभग 122 जातियां शामिल हैं. इनमें धानुक, तेली, मल्लाह, कानू, कहार, कुम्हार, समेत अन्य जातियां शामिल हैं. साथ ही अब आयोग यह भी देखेगा कि पंचायत चुनाव में इन अलग-अलग जातियों को प्रतिनिधित्व किस तरह मिला है. अब आगे क्या होगा? पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश की माने तो, गाइडलाइन आयोग को भेजेगा. आयोग पंचायत के अनुसार अध्ययन और आंकड़ों के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को देगा. इसके बाद प्रशासन रिपोर्ट निर्वाचन विभाग को भेजेगी और चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इस तरह से ईबीसी के आरक्षण को लेकर अंतिम फैसला होना बाकी है. Also Read:बिहार के 25 जिलों में आज बिगड़ा रहेगा मौसम, भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी, IMD का अलर्ट जारी The post बिहार पंचायत चुनाव: EBC को कितना आरक्षण? जल्द तय किए जायेंगे मानक, जानिए पूरी गाइडलाइन appeared first on Naya Vichar.

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टूटने वाला था रिंकू सिंह और प्रिया सरोज का रिश्ता, जानें फिर कैसे पहुंची शादी तक बात

Rinku Singh-Priya Saroj Wedding: हिंदुस्तानीय क्रिकेटर रिंकू सिंह और समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज की शादी की तारीख तय हो गई है. दोनों 4 दिसंबर 2026 को लखनऊ के रामाडा होटल में सात फेरे लेंगे. शादी की तारीख तय होते ही दोनों परिवारों में तैयारियां शुरू हो गई हैं. रिपोर्टों के मुताबिक समारोह में परिवार, करीबी रिश्तेदार और खास मेहमान शामिल होंगे. लेकिन इस शादी की कहानी सिर्फ तारीख और वेन्यू तक सीमित नहीं है. इसकी दिलचस्पी इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि रिंकू और प्रिया को अपने रिश्ते को शादी तक पहुंचाने के लिए परिवार की सहमति हासिल करने में तीन साल का समय लगा था. प्रिया के पिता चाहते थे IAS दामाद रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की रिलेशनशिप को लेकर पहले परिवार राजी नहीं था. बाद में सामने आए इंटरव्यू में प्रिया ने बताया था कि उनके पिता उनकी शादी एक IAS अधिकारी से कराने की सोच रहे थे. जिसके बाद रिश्ते भी आने शुरू हो गए थे. लेकिन प्रिया अपने पिता को मनाने में कामयाब रही. प्रिया ने बताया कि रिश्ते को लेकर परिवार को मनाने में करीब तीन साल लगे. इस दौरान रिंकू अपने क्रिकेट करियर में आगे बढ़ने पर ध्यान दे रहे थे, जबकि प्रिया ने अपने करियर पर फोकस किया. एक समय प्रिया के भाई ने रिंकू से सीधे यह भी पूछा था कि क्या वह शादी के लिए तैयार हैं. रिंकू का जवाब हां था. कैसे हुई रिंकू और प्रिया की लवस्टोरी की शुरुआत प्रिया सरोज और रिंकू सिंह (फोटो- सोशल मीडिया) रिंकू और प्रिया सरोज की पहली बातचीत किसी नेतृत्वक कार्यक्रम या क्रिकेट मैच में नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुई थी. रिपोर्टों के मुताबिक प्रिया की बहन के काम को प्रमोट कराने के सिलसिले में रिंकू से संपर्क हुआ और इसी के बाद दोनों की बातचीत आगे बढ़ी. धीरे-धीरे दोस्ती रिश्ते में बदल गई. बाद में दोनों ने अपने रिश्ते को परिवार के सामने रखा. ये भी पढ़ें: सपा सांसद प्रिया सरोज और क्रिकेटर रिंकू सिंह की शादी की तारीख फाइनल, 4 दिसंबर को लखनऊ में लेंगे सात फेरे रिंकू की एक पारी ने भी बदली कहानी रिंकू ने राज शमानी के साथ बातचीत में बताया था कि 2023 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ उनकी पांच छक्कों वाली पारी के बाद उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी. रिंकू के मुताबिक उस पारी के बाद प्रिया भावुक हो गई थीं और इस सफलता से रिश्ते को लेकर चीजें आसान होने की उम्मीद भी जगी थी. उन्होंने यह भी बताया था कि उस समय प्रिया के पिता को क्रिकेट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी और वह रिंकू को लेकर ज्यादा परिचित नहीं थे. जून 2025 में हुई थी सगाई लंबे इंतजार और परिवार की सहमति के बाद दोनों ने 8 जून 2025 को लखनऊ के द सेंट्रम होटल में सगाई की थी. समारोह में क्रिकेट और नेतृत्व से जुड़े कई मेहमान पहुंचे थे. शादी की तारीख पहले भी तय हुई थी, लेकिन क्रिकेट की व्यस्तताओं के कारण कार्यक्रम आगे बढ़ता रहा. अब परिवारों ने 4 दिसंबर 2026 की तारीख पर मुहर लगा दी है. क्रिकेट और नेतृत्व का चर्चित मिलन रिंकू सिंह हिंदुस्तानीय क्रिकेट के चर्चित बल्लेबाज हैं, जबकि प्रिया सरोज उत्तर प्रदेश की मछलीशहर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद हैं. 2025 में उनकी सगाई के समय भी क्रिकेट और नेतृत्व से जुड़े कई प्रमुख लोग समारोह में मौजूद थे. ये भी पढ़ें: Bhuvneshwar Kumar: भुवनेश्वर को सता रहा इस बात का अफसोस, बोले- काश पहले ही कर लेता ये काम The post टूटने वाला था रिंकू सिंह और प्रिया सरोज का रिश्ता, जानें फिर कैसे पहुंची शादी तक बात appeared first on Naya Vichar.

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मक्का एयरस्पेस में घुसा हूती ड्रोन : सऊदी बोला- पवित्र जगहों पर टेढ़ी नजर डाली तो खैर नहीं

Houthi Drone Attack on Mecca : यमन में सक्रिय सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने मंगलवार शाम पवित्र शहर मक्का के करीब एक हूती ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है. गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलकी ने एक बयान में जानकारी दी कि ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही ट्रैक कर हवा में ही नष्ट कर दिया गया. इस त्वरित कार्रवाई से किसी बड़े नुकसान को टाल दिया गया. पवित्र स्थलों की सुरक्षा हमारी ‘रेड लाइन’: सऊदी गठबंधन समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, प्रवक्ता तुर्की अल-मलकी ने कहा कि जुलाई 2017 में दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल के बाद यह दूसरा मौका है जब हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने का प्रयास किया है. गठबंधन ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि मक्का इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों का केंद्र है और वार्षिक हज यात्रा का मुख्य स्थल है. ऐसे में इन धार्मिक व पवित्र स्थलों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यह सऊदी अरब के लिए एक ‘रेड लाइन’ (अंतिम सीमा) है. लगातार हमलों से क्षेत्र में बढ़ा तनाव यह ताजा ड्रोन हमला यमन के चरमपंथी समूह हूतियों द्वारा पिछले एक सप्ताह से किए जा रहे हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है. सीमावर्ती क्षेत्रों और रणनीतिक ठिकानों पर लगातार हो रहे इन हमलों ने सऊदी अरब और गठबंधन सेनाओं को संघर्ष में और अधिक उलझा दिया है. पवित्र शहर के पास ड्रोन दागे जाने की इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक और सैन्य तनाव और गहराने की आशंका जताई जा रही है. ये भी पढ़ें: 16 सितंबर का मौसम: दिल्ली-UP से बिहार-झारखंड तक बदलेगा मौसम, MP-गुजरात में भी बारिश; जानें आज कहां कैसा रहेगा हाल The post मक्का एयरस्पेस में घुसा हूती ड्रोन : सऊदी बोला- पवित्र जगहों पर टेढ़ी नजर डाली तो खैर नहीं appeared first on Naya Vichar.

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JPSC-JSSC नियुक्ति घोटाले में CID की जांच तेज, कोचिंग संचालकों से पूछताछ में खुलेगा भर्ती का नेटवर्क

रांची. JPSC-JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों में कोचिंग संस्थानों की भूमिका की अब CID जांच करेगी. इन परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआइडी की एसआइटी को कई ऐसे तथ्य मिले हैं, जिससे कोचिंग संस्थानों की भूमिका पर सवाल उठे हैं. कोचिंग संचालकों पर एजेंट की तरह काम करने का आरोप कोचिंग संचालकों पर आरोप है कि अभ्यर्थियों को पढ़ाने के अलावा वे जेपीएससी और जेएसएससी में गलत तरीके से भर्तियां कराने में एजेंट की तरह काम कर रहे थे. ऐसे कई कोचिंग संचालकों को सीआइडी ने आरोपी बनाया है और इनकी तलाश में जुटी है. शिवांगन कोचिंग संचालक गिरफ्तार, पतंजलि आइएएस एकेडमी संचालक ने किया आत्मसमर्पण राजधानी रांची के सर्कुलर रोड स्थित शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार को सोमवार को गिरफ्तार किया है, जबकि पिछले सप्ताह रांची के ही एक अन्य कोचिंग संस्थान पतंजलि आइएएस एकेडमी के संचालक रवि कुमार ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है. सीआइडी अब इन दोनों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है. रिमांड पर लेकर इन दोनों से विस्तृत पूछताछ की जायेगी और इस बात की जानकारी ली जायेगी कि राज्य के अन्य जिलों में चल रहे कोचिंग संस्थानों की भी कोई भूमिका थी या नहीं. ये भी पढ़ें: SIR में दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ी, फॉर्म-6, 7 और 8 से ऐसे करें आवेदन कितने लोगों से पैसे लिए, किसके माध्यम से कराते थे सफल? पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कोचिंग संस्थान किस प्रकार एजेंट के रूप में काम कर रहे थे, कितने लोगों से पैसे लिए और किसके माध्यम से अभ्यर्थियों को सफल कराते थे. कई कोचिंग संचालकों के नाम सामने आ चुके हैं अब तक उल्लेखनीय है कि राज्य के अलग अलग जिलों में चल रहे कोचिंग संस्थानों के लोगों के नाम सीआइडी की जांच में आयी है. इनमें कुछ गिरफ्तार हुए हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है. कोचिंग से संबद्ध जिन लोगों के नाम अभी तक सामने आये हैं, उनमें नामकुम निवासी आदित्य पांडेय, बोकारो सेक्टर-3 निवासी सानंद प्रकाश, टाटीसिलवे का पवन कुमार सिंह, हजारीबाग का लालू कुमार यादव, गिरिडीह के बेंगाबाद का सौरभ कुमार पांडेय तथा पलामू के हमीदगंज का संतोष कुमार सिंह मुख्य है. ये भी पढ़ें: घर में घुस कर स्त्री पर चाकू से जानलेवा हमला, दो पर प्राथमिकी The post JPSC-JSSC नियुक्ति घोटाले में CID की जांच तेज, कोचिंग संचालकों से पूछताछ में खुलेगा भर्ती का नेटवर्क appeared first on Naya Vichar.

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