SIR पर दिल्ली में विपक्ष एकजुट, बिहार में क्यों आमने-सामने? RJD-कांग्रेस की तकरार से JDU-अनंत सिंह की जंग तक, MLC चुनाव का पूरा समीकरण समझिए
Bihar MLC Chunav: चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विपक्षी दल एक मंच पर नजर आए. विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और संयुक्त आंदोलन की बात की. लेकिन बिहार आते ही तस्वीर बदलती दिख रही है. यहां विपक्षी दलों के बीच चुनावी तालमेल पर सवाल उठ रहे हैं. बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव में राजद और कांग्रेस के उम्मीदवार कई सीटों पर आमने-सामने हैं. दूसरी तरफ जन सुराज ने भी सभी आठ सीटों पर उतरने का फैसला किया है. सिर्फ विपक्षी खेमे में ही खींचतान नहीं है. पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के भीतर भी विवाद खुलकर सामने आ चुका है. पार्टी ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है. वहीं, जेडीयू विधायक अनंत सिंह उनके खिलाफ जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में खड़े हैं. यानी बिहार का MLC चुनाव इस बार सिर्फ दल बनाम दल की लड़ाई नहीं है. इसमें गठबंधन के अंदर की नेतृत्व, व्यक्तिगत विरोध और नए नेतृत्वक विकल्प भी एक साथ दिखाई दे रहे हैं. RJD-कांग्रेस के बीच कई सीटों पर सीधा मुकाबला बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है. इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. मतगणना 27 अक्टूबर को होगी. NDA ने अपने हिस्से की चार-चार सीटें BJP और JDU के बीच बांटी हैं. जेडीयू ने पटना स्नातक से नीरज कुमार समेत चार उम्मीदवार उतारे हैं. बीजेपी ने भी चार सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं. दूसरी तरफ महागठबंधन में तस्वीर उतनी सीधी नहीं है. RJD ने छह सीटों पर पहले ही उम्मीदवार घोषित कर दिए थे. इसके बाद कांग्रेस ने पांच उम्मीदवारों की सूची जारी की. इनमें तीन सीटें ऐसी हैं, जहां दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं. ये सीटें हैं- कोसी स्नातक, दरभंगा स्नातक और पटना स्नातक. वहीं दरभंगा शिक्षक और पटना शिक्षक सीट पर RJD ने उम्मीदवार नहीं उतारा है. इन दोनों सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार मैदान में हैं. यही वजह है कि गठबंधन के भीतर सीटों के तालमेल को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ऐसा पहली बार नहीं है महागठबंधन के भीतर सीटों को लेकर खींचतान बिहार की नेतृत्व में नई बात नहीं है. 2025 के विधानसभा चुनाव में भी सहयोगी दल कई सीटों पर आमने-सामने आ गए थे. उस समय RJD और कांग्रेस के अलावा वाम दलों और VIP के उम्मीदवार भी एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे थे. इसे कई जगहों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ कहा गया. कुल 11 सीटों पर महागठबंधन के सहयोगी दलों के बीच सीधा मुकाबला हुआ था. नतीजों में महागठबंधन को 35 सीटें मिलीं. RJD को 25 और कांग्रेस को छह सीटों पर जीत मिली. हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि सिर्फ आपसी मुकाबले की वजह से चुनाव परिणाम ऐसा रहा. चुनाव में कई दूसरे नेतृत्वक और स्थानीय समीकरण भी काम करते हैं. लेकिन सहयोगी दलों के बीच सीटों पर टकराव गठबंधन के लिए एक अलग चुनौती जरूर बनता है. अब यही सवाल विधान परिषद चुनाव को लेकर भी उठ रहा है. इस बार जन सुराज ने मुकाबला और बड़ा किया महागठबंधन के अंदर की लड़ाई के बीच जन सुराज ने भी सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है. पटना स्नातक सीट पर पार्टी ने डॉ. अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाया है. उनके सामने NDA समर्थित JDU उम्मीदवार नीरज कुमार हैं. जन सुराज ने बाकी सीटों पर भी अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं. पटना स्नातक सीट इसलिए खास हो गई है, क्योंकि यहां मुकाबला सिर्फ दो उम्मीदवारों के बीच नहीं रह गया है. जेडीयू के अंदर से ही अनंत सिंह ने नीरज कुमार का विरोध शुरू कर दिया है. अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ खोला मोर्चा मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने खुले तौर पर डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया है. 1 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन के दौरान अनंत सिंह उनके साथ नजर आए. दोनों का काफिला खुली जीप में निकला. इसके बाद अनंत सिंह ने साफ कहा कि वह अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करेंगे. अनंत सिंह का कहना है कि विधान परिषद का यह चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं होता. इसलिए वह इसे जेडीयू के खिलाफ लड़ाई नहीं मानते. नीरज कुमार को लेकर उनका विरोध व्यक्तिगत बताया गया है. अनंत सिंह ने आरोप लगाया है कि नीरज ने उनके खिलाफ पहले भी चुनावों में काम किया था. इसी वजह से वह इस चुनाव में नीरज का विरोध कर रहे हैं. ये आरोप अनंत सिंह के हैं. नीरज कुमार ने भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. यानी पटना स्नातक सीट पर नेतृत्वक मुकाबले के साथ व्यक्तिगत टकराव भी चुनावी चर्चा का हिस्सा बन चुका है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें एक तरफ अनंत का अनुज को समर्थन, दूसरी तरफ नीरज को नीतीश का संदेश घटनाक्रम यहीं नहीं रुका. 3 अक्टूबर को नीरज कुमार ने नीतीश कुमार से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान चुनाव को लेकर बातचीत हुई. रिपोर्टों के मुताबिक नीतीश कुमार ने नीरज कुमार को मजबूती से चुनाव लड़ने और जीत के लिए प्रयास करने का संदेश दिया. नीरज कुमार ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार के प्रति आभार जताया. उन्होंने इसे पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर मिली जिम्मेदारी बताया. इस तरह पटना स्नातक सीट पर दो तस्वीरें एक साथ सामने आईं. एक तरफ जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार को पार्टी नेतृत्व का समर्थन मिला. दूसरी तरफ जेडीयू विधायक अनंत सिंह जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के लिए प्रचार कर रहे हैं. 200 KM के रोड शो से अनंत ने बढ़ाई हलचल अनंत सिंह ने अब अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो भी शुरू कर दिया है. वह पटना से नालंदा और नवादा तक पहुंचे. इस दौरान कई जगह समर्थकों की भीड़ दिखी. कुछ जगह JCB से फूल बरसाए गए. अनंत सिंह ने लोगों से अनुज सिंह को समर्थन देने की अपील की. उन्होंने यह भी कहा कि अनुज को इतने वोट मिलें कि दूसरे उम्मीदवार की जमानत जब्त हो जाए. यह प्रचार सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहा. रोड शो

