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LPG Price Fact Check Today: क्या सस्ता हुआ घरेलू एलपीजी सिलेंडर? जानें 200 रुपए की कटौती की सच्चाई और 13 सितंबर की दरें

LPG Cylinder Price Today 13 September 2026: सोशल मीडिया और वायरल रिपोर्ट्स में एलपीजी सिलेंडर के दामों में 200 रुपए की कटौती की समाचारें चल रहीं हैं. अगर आप 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर बुक करने जा रहे हैं, तो वास्तविक दरों और इन समाचारों के पीछे का सच जानना बेहद जरूरी है. घरेलू नहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर पर मिला था लाभ अगर आप भी सोच रहे हैं कि आज रसोई गैस सस्ती हुई है, तो यह जान लीजिए कि घरेलू गैस के ग्राहकों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है. 200 रुपए से अधिक की बड़ी कटौती की जो चर्चाएं चल रही हैं, वे दरअसल 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल (Commercial) एलपीजी सिलेंडर से जुड़ी हैं. अगस्त में हुआ था गैस की कीमतों में बदलाव तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने अगस्त महीने की शुरुआत में कॉमर्शियल सिलेंडरों के दामों में 200 रुपए से अधिक (दिल्ली में 202 रुपए और कोलकाता में 209 रुपए) की कटौती की थी. 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (Domestic LPG) की कीमतों में 13 सितंबर 2026 को कोई बदलाव नहीं किया गया है. यह पिछले दरों पर ही स्थिर हैं. ये भी पढ़ें: एलपीजी संकट के बीच एक्शन में कोलकाता पुलिस, कहा- सिलेंडर की कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई देश के प्रमुख महानगरों में आज (13 सितंबर 2026) 14.2 kg एलपीजी की दरें यदि आप गैस बुक कर रहे हैं, तो अपने शहर के अनुसार 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर के आधिकारिक दाम नीचे देख सकते हैं. कोलकाता (Kolkata) : 968.00 रुपए नोएडा (Noida) : 939.50 रुपए मुंबई (Mumbai) : 941.50 रुपए दिल्ली (Delhi) : 942.00 रुपए चेन्नई (Chennai) : 957.50 रुपए ये भी पढ़ें: पीएम पोषण योजना को शुभेंदु अधिकारी प्रशासन की संजीवनी, 8375 स्कूलों को एलपीजी के लिए देगी 3000 रुपए गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद 14 सितंबर 2026 को कीमतों में कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गयी है. उपभोक्ता अपने संबंधित शहर की निर्धारित मौजूदा दरों पर ही गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: एलपीजी कीमतों के मुद्दे को सड़क तक ले जाएगी तृणमूल, ममता बनर्जी ने स्त्री इकाई को दिया आंदोलन का जिम्मा The post LPG Price Fact Check Today: क्या सस्ता हुआ घरेलू एलपीजी सिलेंडर? जानें 200 रुपए की कटौती की सच्चाई और 13 सितंबर की दरें appeared first on Naya Vichar.

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Ganesh Chaturthi 2026: एक दैत्य के रक्त से भगवान गणेश का रंग कैसे हुआ लाल, पढ़ें ‘सिंदूरवदन’ अवतार की अनसुनी कहानी

Ganesh Chaturthi 2026: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सभी देवी-देवताओं में पहले पूजे जाने वाले गणेश का जन्म भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन मध्याह्न काल (दिन के 12 बजे के आसपास) हुआ था. इसलिए गणेश चतुर्थी के दिन इस मुहूर्त में उनकी पूजा शुभ मानी गई है. पंचांग के मुताबिक इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी. ब्रह्मवैवर्त पुराण के गणेश खंड में उनका एक नाम ‘सिंदूरवदन’ भी मिलता है. क्या आपको पता है कि भगवान गणेश यह नाम क्यों पड़ा और इससे जुड़ी कहानी क्या है? भगवान गणेश को क्यों चढ़ाते हैं सिंदूर, कैसे पड़ा ‘सिंदूरवदन’ नाम ब्रह्मवैवर्त पुराण (गीता प्रेस) के गणेश खंड में गणपति के एक नाम सिंदूरवदन का उल्लेख भी किया गया है. कथा के अनुसार, भगवान गणेश ने महापराक्रमी असुर ‘सिंदूर’ का वध कर उसके रक्त (खून) को अपने दिव्य अंगों पर लेप लिया. मान्यतानुसार, इस घटना के बाद से ही उनका एक नाम सिंदूरवदन प्रसिद्ध हो गया. चूंकि, आविर्भाव (प्रकट होना) के वक्त उनका मुख (मुंह) सिंदूर सा दिख रहा था. इसलिए उनकी पूजा में सिंदूर का विशेष महत्व है. भगवान गणेश की पूजा में उन्हें सिंदूर का तिलक लगाना चाहिए. भगवान गणेश का चतुर्भुज (चार हाथ वाले) स्वरूप इंफोग्राफिक (AI Generated Image) गणेश जी को स्वरुप को दर्शाने वाला स्तुति मंत्र एकदंतं शूर्पकर्णं गजवक्त्रं चतुर्भुजम्. पाशाङ्कुशधरं देवं ध्यायेत्सिद्धिविनायकम्. दन्ताक्षमालापरशुं पूर्णमोदकधारिणम्. मोदकासक्ताशुण्डाग्र-मेकदन्तं विनायकम्. ये भी पढ़ें: Ganesh Chaturthi Special: भगवान गणेश ने चूहे को ही क्यों बनाया अपना वाहन? जानें रोचक पौराणिक कथा स्तुति मंत्र का भावार्थ शास्त्रों के अनुसार, भगवान गणेश चतुर्बाहु (चार हाथ वाले) हैं. वे अपने तीन हाथों में पाश (एक प्रकार का अस्त्र), अंकुश (जिससे हाथी को वश में किया जाता है.), दंत (दांत) धारण किए हुए हैं. जबकि, उनके एक हाथ में लड्डू से भरा हुआ पात्र (बर्तन) है. जिनका स्वरूप लाल है और जो लंबोदर (बड़ा पेट) हैं. जिनकी पूजा सिंदूर और लाल रंग के फूल से की जाती है. ऐसा विनायक (भगवान गणेश का एक नाम) का स्वरूप है. The post Ganesh Chaturthi 2026: एक दैत्य के रक्त से भगवान गणेश का रंग कैसे हुआ लाल, पढ़ें ‘सिंदूरवदन’ अवतार की अनसुनी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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मैकेनिक नहीं बताएगा ये बातें… सिर्फ इतने दिनों पर बदलें इंजन ऑयल, बढ़ जाएगा बाइक का माइलेज

क्या आपकी बाइक भी हर 1500 या 2000 किलोमीटर चलने के बाद भारी लगने लगती है. जब भी आप लोकल मैकेनिक के पास जाते हैं, तो वह सीधा एक ही बात कहता है – “भैया, इंजन ऑयल (मोबिल) पुराना हो गया है, इसे तुरंत बदलवा लो वरना इंजन सीज हो जाएगा.” क्या सच में इतनी जल्दी मोबिल बदलने की जरूरत होती है. जवाब है – बिल्कुल नहीं. कई बार मैकेनिक अक्सर अपने मुनाफे के लिए आपको जल्दी-जल्दी ऑयल बदलने की सलाह देते हैं. अगर आप सही समय पर इंजन ऑयल बदलेंगे, तो न सिर्फ आपके पैसे बचेंगे, बल्कि आपकी बाइक का माइलेज और इंजन की उम्र भी बढ़ जाएगी. मोबिल कब और कितने दिनों में बदलना चाहिए? बाइक का मोबिल बदलने का कोई एक फिक्स नियम नहीं होता. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी बाइक कितनी चली है और आप उसमें किस क्वालिटी का इंजन ऑयल इस्तेमाल कर रहे हैं. मिनरल ऑयल (सस्ता और नॉर्मल तेल): अगर आपकी बाइक में साधारण मिनरल ऑयल पड़ता है, तो इसे 2500 से 3000 किलोमीटर चलाने के बाद बदलें. सेमी-सिंथेटिक ऑयल (मध्यम रेंज): इस तेल की लाइफ थोड़ी बेहतर होती है. इसे 4000 से 5000 किलोमीटर के बीच बदलना चाहिए. फुल्ली-सिंथेटिक ऑयल (प्रीमियम तेल): यह सबसे बेस्ट क्वालिटी का तेल होता है. इसे आप 7000 से 10,000 किलोमीटर तक आराम से चला सकते हैं. दिनों के हिसाब से देखें, तो अगर आपकी बाइक बहुत कम चलती है, तब भी साल में कम से कम 2 बार (हर 6 महीने पर) मोबिल जरूर बदलवा लेना चाहिए. इंजन ऑयल, किलोमीटर और माइलेज का गणित ऑयल का प्रकार (Engine Oil Type) कितने KM पर बदलें कितने दिनों में बदलें माइलेज और इंजन पर असर मिनरल ऑयल 2,500 – 3,000 km 3 से 4 महीने रोजाना छोटी दूरी की राइड के लिए सही सेमी-सिंथेटिक 4,000 – 5,000 km 5 से 6 महीने स्मूथ पिकअप और बेहतर माइलेज फुल्ली-सिंथेटिक 7,000 – 10,000 km 8 से 12 महीने टॉप परफॉर्मेंस, लंबा इंजन लाइफ सही समय पर मोबिल बदलने से माइलेज कैसे बढ़ता है? इंजन ऑयल आपकी बाइक के इंजन के लिए खून की तरह काम करता है. जब आप सही समय पर तेल बदलते हैं, तो इंजन के अंदरूनी पार्ट्स (पिस्टन और गियर) बिना किसी घर्षण के आसानी से घूमते हैं. इससे इंजन को कम ताकत लगानी पड़ती है और पेट्रोल की खपत अपने आप घट जाती है. ये भी पढ़ें: 100cc कम्यूटर vs 160cc प्रीमियम Bike: डेली यूज के लिए कौन है बेहतर? जानें 5 साल में फ्यूल, मेंटेनेंस और रीसेल वैल्यू का पूरा गणित पुराना या जला हुआ मोबिल इंजन में गाढ़ा हो जाता है, जिससे इंजन गरम होने लगता है और बाइक का माइलेज 20% तक गिर जाता है. मैकेनिक के बहकावे में न आएं, खुद ऐसे चेक करें मोबिल गेज स्टिक से चेक करें: बाइक के इंजन में लगी तेल की डंडी निकालें और उसे साफ कपड़े से पोंछें. फिर वापस डालकर देखें. अगर तेल काले रंग का हो गया है और उसमें चिपचिपाहट खत्म हो गई है, तभी उसे बदलें. इंजन की आवाज सुनें: जब मोबिल खराब होता है, तो इंजन से अजीब सी भारी आवाज आने लगती है और बाइक स्टार्ट होने में नखरे करती है. ये भी पढ़ें: इलेक्ट्रिक स्कूटर vs पेट्रोल स्कूटर: 5 साल में कौन बचाएगा आपके सबसे ज्यादा पैसे? मोबिल फिल्टर (Mobil Filter) बदलना भी है बेहद जरूरी बहुत से लोग बाइक सर्विस कराते समय सिर्फ इंजन ऑयल बदलवा लेते हैं और ऑयल फिल्टर को नजरअंदाज कर देते हैं. यह सबसे बड़ी गलती है. पुराना ऑयल फिल्टर गंदगियों और बारीक धातु के कणों से भरा होता है. जब आप नया मोबिल डालते हैं, तो पुराने फिल्टर में जमा कचरा नए तेल में मिलकर उसे तुरंत गंदा कर देता है.  इससे नए तेल की लाइफ आधी हो जाती है और इंजन को पूरी तरह से सेफ्टी नहीं मिल पाती. इसलिए हर बार मोबिल बदलते समय या हर दूसरी सर्विस पर 40 से 50 रुपये का नया ऑयल फिल्टर जरूर लगवाएं. इससे नया इंजन ऑयल लंबे समय तक साफ रहेगा, बाइक की चाल मक्खन जैसी स्मूथ होगी और माइलेज में भी सीधा सुधार देखने को मिलेगा. The post मैकेनिक नहीं बताएगा ये बातें… सिर्फ इतने दिनों पर बदलें इंजन ऑयल, बढ़ जाएगा बाइक का माइलेज appeared first on Naya Vichar.

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IPS भानुप्रताप सिंह से मिलने बिहार से भरतपुर पहुंचीं पत्नी, ससुरालवालों ने नहीं खोला दरवाजा, बेटी को लेकर चले गए SP

IPS Bhanupratap Singh: खगड़िया के SP भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब राजस्थान के भरतपुर तक पहुंच गया है. पूजा मथुरा गेट थाने पहुंचीं और पति के साथ ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत दी. पूजा का आरोप है कि भानुप्रताप सिंह उनकी छह साल की बेटी को उनसे दूर कर रहे हैं. पुलिस ने इसे पारिवारिक मामला बताते हुए तत्काल कार्रवाई नहीं की. इसके बाद पूजा देर रात तक थाने में बैठी रहीं. 16 दिन से बेटी को नहीं देखा- पूजा पूजा ने कहा कि वह अपने पति और बेटी के साथ सामान्य पारिवारिक जीवन जीना चाहती हैं. उनके मुताबिक, बेटी उनसे मिलने और बात करने के लिए रोती है, लेकिन उन्हें बच्ची से बात तक नहीं करने दिया जा रहा है. पूजा का दावा है कि उन्हें अपनी बेटी को देखे हुए 16 दिन हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि वह अपने पति के संघर्ष के समय उनके साथ खड़ी रहीं और अब चाहती हैं कि इस मुश्किल समय में पति भी उनका साथ दें. बिहार से भरतपुर पहुंचीं, तब तक निकल गए SP भानुप्रताप सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी के रहने वाले हैं. उनका परिवार राजस्थान के भरतपुर शहर की गीता कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है. बताया गया कि पिछले कुछ दिनों से IPS अधिकारी अपनी छह साल की बेटी के साथ भरतपुर में थे. पत्नी पूजा जब बिहार से वहां पहुंचीं तो उन्हें जानकारी मिली कि भानुप्रताप सिंह भरतपुर से निकल चुके हैं. पूजा ने बताया कि उनके भरतपुर पहुंचने पर सुरक्षा के लिए छह पुलिसकर्मियों को भेजा गया था, जिनमें एक स्त्री पुलिसकर्मी भी शामिल थीं. पहले ससुराल पहुंचीं, फिर ननद के घर गईं पूजा सबसे पहले गीता कॉलोनी स्थित अपने ससुराल पहुंचीं. उनका कहना है कि उन्होंने करीब एक घंटे तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन गेट नहीं खोला गया और उन्हें घर में प्रवेश नहीं मिला. इसके बाद पूजा विजय नगर स्थित अपनी ननद के घर पहुंचीं. वहां भी दरवाजा नहीं खोला गया. इसके बाद परेशान होकर वह मथुरा गेट थाने पहुंचीं और पुलिस से मदद की मांग की. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें SHO ने फोन पर की भानुप्रताप सिंह से बात मथुरा गेट थाने में SHO ने भानुप्रताप सिंह से फोन पर बातचीत की. इसके बाद पुलिस ने मामले को पारिवारिक विवाद मानते हुए तत्काल कार्रवाई करने से इनकार कर दिया. पूजा इसके बाद भी देर रात तक थाने में मौजूद रहीं. मामले को लेकर फिलहाल दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद पर आगे की स्थिति का इंतजार है. 2015 में शुरू हुई थी दोनों की लव स्टोरी पूजा ने बताया कि भानुप्रताप सिंह के पिता सेना में थे और उनके मौसा भी सेना से जुड़े थे. इसी पारिवारिक परिचय के कारण दोनों के परिवार एक-दूसरे को जानते थे. पूजा ने बताया कि साल 2015 में कोलकाता की एक फैमिली पार्टी में दोनों पहली बार मिले थे. यहीं से बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए. इसे भी पढ़ें: Bihar Ka Mausam: बिहार में 40 KMPH की रफ्तार से चलेगी हवा, IMD ने बताया 14 से 18 सितंबर तक किन-किन जिलों में होगी बारिश The post IPS भानुप्रताप सिंह से मिलने बिहार से भरतपुर पहुंचीं पत्नी, ससुरालवालों ने नहीं खोला दरवाजा, बेटी को लेकर चले गए SP appeared first on Naya Vichar.

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AI  के खतरे से वाकिफ हैं एंथ्रोपिक के सीईओ, कहा-सावधानी इसे जानलेवा बनने से रोक सकती है

डारियो अमोदेई ने अपने बयान में कहा है कि वे इस बात से कुछ हद तक सहमत हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानों को मार सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर सही रास्ता अपनाया जाए, तो गलत होने की संभावना बहुत कम है. एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने सुपरइंटेलिजेंट कंप्यूटर सिस्टम के जोखिमों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फर्मों से इस शक्तिशाली टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट को धीमा करने को कहा.  सुपरइंटेलिजेंट कंप्यूटर सिस्टम को धीमा करने की जरूरत डारियो अमोदेई ने AI कंपनियों से कहा कि वे इस पावरफुल टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट को धीमा करें, क्योंकि सुपरइंटेलिजेंट कंप्यूटर सिस्टम के रिस्क को लेकर चिंता बढ़ रही है. इंटरव्यू में डारियो अमोदेई ने कहा कि वह एंथ्रोपिक के पूर्व रिसर्चर जैकब कॉक्सन की राय से असहमति से ज्यादा सहमति रखते हैं. उन्होंने कहा कि यह एक दिलचस्प इस्तीफा है क्योंकि जब उन्होंने छोड़ा, तो उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि एआई के क्षेत्र में एंथ्रोपिक सबसे जिम्मेदार कंपनी है. अमोदेई ने कहा कि चीजें खराब हो सकती हैं, यह संभव है, लेकिन हमें यह ध्यान रखना होगा कि चीजें गलत रास्ते पर ना जाएं.इस काम के लिए पूरे विश्व को साथ चलना होगा. जैकब कॉक्सन की चेतावनी -एआई हम सबको मार सकता है जैकब कॉक्सन ने AI के बारे में चेतावनी देते हुए यह कहा है कि यह हमारी जान ले सकता है. जैकब ने कहा है कि जो लोग एआई सिस्टम की ताकत को कम आंक रहे हैं वे गलती कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ये जल्द ही सुपरह्यूमन सिस्टम बन जाएंगी और किसी भी चीज को हैक कर पाएंगे. रातों-रात किसी भी फील्ड में क्रांति ला पाएंगे. उन्होंने यहां तक कहा कि ये सुपरइंटेलिजेंट AI सिस्टम कुछ ही सालों में इंसानियत को खत्म कर सकते हैं और इन्हें बनाने वाले लोग इस बात को जानते हैं. जैकब ने यह भी दावा किया है कि एंथ्रोपिक भी इस बारे में अच्छे से जानती है, लेकिन वह खुद को बेहतर AI सिस्टम बनाने वाली पहली कंपनी बनना चाहती है, इसलिए वह सभी चीजों को दरकिनार कर रही है. ये भी पढ़ें: एंथ्रोपिक के रिसर्चर ने नौकरी छोड़ी, चेतावनी दी-AI इस दशक के अंत तक हमारी जान पर खतरा बन जाएगा ! The post AI  के खतरे से वाकिफ हैं एंथ्रोपिक के सीईओ, कहा-सावधानी इसे जानलेवा बनने से रोक सकती है appeared first on Naya Vichar.

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Weekly Top Jobs: इस हफ्ते 11 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियों के मौके, 12वीं पास से प्रोफेशनल्स तक के लिए भर्तियां

Weekly Top Jobs: प्रशासनी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए हर हफ्ते कई नई भर्तियां सामने आती हैं. इनमें कुछ भर्तियां ज्यादा पदों की वजह से खास होती हैं. तो कुछ में अच्छी सैलरी, अलग-अलग योग्यता या आवेदन की लास्ट डेट की वजह से मौका महत्वपूर्ण होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए Weekly Top Jobs में हम इस हफ्ते की ऐसी प्रशासनी नौकरियों की बात कर रहे हैं, जो नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खास हैं. इस हफ्ते की लिस्ट में 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए SSC CHSL से लेकर 1936 असिस्टेंट प्रोफेसर और 1871 SI के पद शामिल हैं. इसके अलावा बैंकिंग और UPSSSC में भी हजारों पदों पर नौकरी का मौका है. तो आइए जानते हैं इस हफ्ते की Top Jobs के बारे में. Job 1: 12वीं पास के लिए 2536 पद 12वीं पास उम्मीदवारों के लिए SSC CHSL 2026 इस हफ्ते की सबसे खास भर्ती है. SSC ने LDC, JSA और DEO के 2536 पदों पर भर्ती निकाली है. आवेदन की प्रक्रिया 7 सितंबर से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 7 अक्टूबर तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं. पूरी समाचार → SSC CHSL 2026: बंपर भर्ती के लिए ऐसे करें आवेदन, जानिए पूरी स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस Job 2: असिस्टेंट प्रोफेसर के 1936 पद पोस्ट ग्रेजुएशन और जरूरी पात्रता रखने वाले उम्मीदवारों के लिए उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का मौका है. UPESSC ने 1936 पदों पर भर्ती शुरू की है. आवेदन 8 सितंबर से शुरू हो चुके हैं और 7 अक्टूबर तक फॉर्म भरा जा सकता है. पूरी समाचार → UP Assistant Professor Recruitment 2026: 1936 पदों पर 8 सितंबर से आवेदन शुरू, जानें कैसे करें Apply Job 3: पुलिस में SI बनने का मौका ग्रेजुएट युवाओं के लिए SSC CPO SI भर्ती भी इस हफ्ते की बड़ी नौकरियों में शामिल है. दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सब इंस्पेक्टर के 1871 पदों पर भर्ती होगी. आवेदन 10 सितंबर से शुरू हो चुके हैं और 30 सितंबर तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं. पूरी समाचार → सेंट्रल आर्म्ड और दिल्ली पुलिस में SI बनने का मौका, ग्रेजुएट कर सकते हैं अप्लाई Job 4: बैंक ऑफ बड़ौदा में 2482 पद बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए Bank of Baroda की LBO भर्ती खास है. बैंक में Local Bank Officer के 2482 पदों पर भर्ती चल रही है. खास बात यह है कि आवेदन की लास्ट डेट बढ़ाकर 17 सितंबर कर दी गई है. पूरी समाचार → बैंक ऑफ बड़ौदा में 2482 पदों पर आवेदन की लास्ट डेट बढ़ी, ऐसे करें अप्लाई Job 5: UPSSSC में 1251 पदों पर भर्ती उत्तर प्रदेश में प्रशासनी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए Livestock Extension Officer भर्ती है. UPSSSC ने 1251 पदों पर आवेदन शुरू किया है. इसके लिए UPSSSC PET 2025 का स्कोर जरूरी है और 29 सितंबर तक ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है. पूरी समाचार → UPSSSC LEO के 1251 पदों पर बंपर वैकेंसी के लिए आवेदन शुरू, ऐसे करें अप्लाई Job 6: Bank of India में Specialist Officer के 205 पद बैंकिंग सेक्टर में स्पेशलाइज्ड पदों पर नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए Bank of India ने 205 पदों पर भर्ती निकाली है. इसमें Chief Manager, Senior Manager, Manager और Officer समेत कई पद शामिल हैं. आवेदन 10 सितंबर से शुरू हो चुके हैं और 25 सितंबर तक ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है. पूरी समाचार → बैंक ऑफ इंडिया में Chief Manager समेत कई पदों पर भर्ती, 1.2 लाख तक बेसिक सैलरी, जानें कौन कर सकता है आवेदन तो ये थीं इस हफ्ते की Top Government Jobs. अगर इनमें से किसी भर्ती में आप आवेदन करना चाहते हैं, तो ऊपर दी गई पूरी समाचार जरूर पढ़ें. वहां आपको योग्यता, फीस, लास्ट डेट और अप्लाई करने का तरीका डिटेल में मिल जाएगा. ये भी पढ़ें: दिल्ली हाईकोर्ट में ग्रेजुएट्स के लिए निकली 150 पदों पर भर्ती, 1 लाख 50 हजार तक सैलरी The post Weekly Top Jobs: इस हफ्ते 11 हजार से ज्यादा प्रशासनी नौकरियों के मौके, 12वीं पास से प्रोफेशनल्स तक के लिए भर्तियां appeared first on Naya Vichar.

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Sushant Case: वो पार्टी, वो कथित झगड़ा और Salman Khan का फोन… क्या सच में सुशांत को फटकारा गया था?

मुंबई की रात थी. एक पार्टी थी. फिल्म इंडस्ट्री के कुछ जाने-पहचाने चेहरे वहां मौजूद थे. फिर एक कहानी निकली. कहा गया कि सुशांत सिंह राजपूत का अभिनेता सूरज पंचोली से किसी पार्टी में झगड़ा हुआ. बात इतनी बढ़ी कि यह समाचार सलमान खान तक पहुंची. सलमान, जो सूरज पंचोली के mentor रहे हैं, कथित तौर पर नाराज हुए और उन्होंने सुशांत को फोन कर फटकार लगा दी. कहा गया कि सुशांत ने माफी मांगी और फिर इस कहानी में एक और लाइन जोड़ दी गई – सलमान खान से पंगा लेना सुशांत के लिए भारी पड़ गया. साल 2017 में यह कहानी मनोरंजन मीडिया में तेजी से चली थी. लेकिन कहानी का दूसरा हिस्सा? वह कहीं ज्यादा दिलचस्प है. क्योंकि जिन दो लोगों के बीच कथित झगड़े की बात कही गई थी, उन्हीं में से एक ने इस पूरी कहानी को खारिज कर दिया था. और यही वह जगह है जहां से सुशांत केस की एक बेहद जरूरी पड़ताल शुरू होती है. कहानी की शुरुआत कहां से हुई? दिसंबर 2017 में रिपोर्ट्स सामने आईं कि सुशांत सिंह राजपूत ने एक पार्टी में सूरज पंचोली के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की. सूरज पंचोली उस समय सलमान खान के protege के तौर पर जाने जाते थे. सलमान ने उन्हें 2015 की फिल्म ‘Hero’ से लॉन्च किया था. इसी वजह से अगली कड़ी अपने आप बन गई. रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जब सलमान को इस कथित घटना के बारे में पता चला तो वह नाराज हुए और उन्होंने सुशांत को फोन किया. India Today की उस समय की रिपोर्ट में यही दावा किया गया था कि सलमान ने सुशांत को फोन कर फटकार लगाई और सूरज से दूर रहने को कहा. रिपोर्ट में यह भी लिखा गया कि सुशांत ने माफी मांगी. बस. यहीं से कहानी में सलमान का नाम सुशांत के साथ जुड़ गया. लेकिन… क्या यह कहानी सच थी? फिर सामने आए सूरज पंचोली. इस कथित विवाद की सबसे अहम कड़ी खुद सूरज पंचोली थे. अगर सच में पार्टी में सुशांत से उनका झगड़ा हुआ था, तो उनकी तरफ से इसकी पुष्टि इस कहानी को मजबूत कर सकती थी. लेकिन सूरज ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने इस समाचार को खारिज कर दिया. Hindustan Times ने दिसंबर 2017 में सूरज के हवाले से रिपोर्ट किया कि उन्होंने इन समाचारों को “baseless” और “ridiculous” बताया था. सूरज ने कहा था कि सुशांत और वह भाई जैसे थे और वे हाल में भी साथ मिले थे. Indian Express की रिपोर्ट में भी यही सामने आया कि दोनों एक्टर्स ने कथित झगड़े की समाचारों को खारिज किया था. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के करीबी एक सूत्र ने भी इस कहानी को गलत बताया था. यानी एक तरफ समाचार थी – सुशांत ने सूरज से बदसलूकी की. दूसरी तरफ सूरज खुद कह रहे थे – ऐसा कुछ हुआ ही नहीं. और यहीं पहली बड़ी दरार दिखाई देती है. फिर आया 2020… और पुरानी कहानी फिर जिंदा हो गई 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की मौत हुई सोशल मीडिया पर अचानक उनकी जिंदगी और बॉलीवुड में उनके रिश्तों को लेकर पुरानी समाचारें दोबारा खंगाली जाने लगीं. 2017 की वही कहानी भी फिर सामने आई. इस बार फर्क सिर्फ इतना था कि सुशांत अब इस कहानी का जवाब देने के लिए मौजूद नहीं थे. पुरानी रिपोर्टों के स्क्रीनशॉट शेयर होने लगे. सलमान का नाम फिर आया. सूरज पंचोली का नाम फिर आया. और उस कथित फोन कॉल की कहानी भी फिर चर्चा में आ गई. यहीं से एक पुराने entertainment report ने एक नए narrative का रूप लेना शुरू किया. लेकिन सवाल वही था – क्या 2017 की घटना वास्तव में हुई थी? सुशांत की मौत के बाद सूरज ने फिर दी सफाई 2020 में जब सुशांत की मौत के बाद उनका नाम इस पूरे मामले में घसीटा जाने लगा, तब सूरज पंचोली ने एक बार फिर इस कहानी पर बात की. Aaj Tak के साथ बातचीत में सूरज ने कहा कि वह और सुशांत मुश्किल से एक-दो बार मिले थे, दोनों के बीच सामान्य रिश्ता था और कोई दुश्मनी नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि वे एक-दूसरे को भाई कहते थे. India Today को दिए इंटरव्यू में सूरज से सीधे 2017 की उस समाचार के बारे में सवाल किया गया. वहां भी उन्होंने कहा कि सुशांत के साथ उनका कोई झगड़ा नहीं हुआ था. उन्होंने बताया कि सुशांत ने उन्हें अपनी फिल्म ‘Raabta’ की screening पर भी बुलाया था और उनके बीच cordial relationship था. अब जरा कहानी को जोड़िए. 2017 में समाचार चली – झगड़ा हुआ. समाचार चली – सलमान नाराज हुए. समाचार चली – सलमान ने सुशांत को फोन किया. लेकिन उसी दौर में सूरज ने कहा – झगड़ा हुआ ही नहीं. और 2020 में उन्होंने फिर कहा – दोनों के बीच दुश्मनी नहीं थी. तो क्या Salman ने Sushant को फोन किया था? यही इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा सवाल है. और यहां ईमानदार जवाब है – इस फोन कॉल की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आती. एक 2017 की रिपोर्ट में फोन कॉल और सलमान की नाराजगी का दावा किया गया था. लेकिन उसी समय सूरज पंचोली ने कथित झगड़े को ही खारिज कर दिया था. बाद में भी उन्होंने यही रुख दोहराया. इसलिए आज उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर यह कहना कि – “सलमान ने निश्चित तौर पर सुशांत को फोन करके धमकाया था” तथ्यात्मक रूप से बहुत आगे निकल जाना होगा. सही भाषा होगी – “2017 में ऐसी रिपोर्ट सामने आई थी, लेकिन सूरज पंचोली ने कथित झगड़े और उससे जुड़े दावों को खारिज कर दिया था.” यही फर्क investigative journalism और social-media narrative के बीच है. फिर Salman का नाम इतना बड़ा क्यों हो गया? क्योंकि यहां सिर्फ एक फोन कॉल की कहानी नहीं थी. इसके पीछे बॉलीवुड की पूरी power structure वाली बहस खड़ी थी. सलमान उस समय इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली सितारों में से एक थे. सूरज पंचोली उनके mentor थे. सुशांत एक outsider थे, जिन्होंने television से Bollywood तक अपना रास्ता बनाया था. इसलिए 2017 की वह पुरानी कहानी 2020 में एक नए अर्थ के साथ circulate होने

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BRICS देशों के बीच कारोबार में बाहरी दबाव कम करने का पुतिन ने बताया प्लान, रखे ये 2 प्रस्ताव

BRICS Summit 2026: BRICS देशों के बीच कारोबार को बढ़ावा देने और बाहरी दबाव का असर कम करने के लिए रूस ने दो बड़े प्रस्ताव रखे हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS देशों के लिए नया बीमा सिस्टम और अनाज बाजार बनाने का प्रस्ताव दिया है. इसका मकसद सदस्य देशों के बीच कारोबार को आसान और मजबूत बनाना है. पुतिन ने रविवार को BRICS Summit के आखिरी सत्र में कहा कि BRICS देशों के पास पूंजी, कामगारों और तकनीक के अपने रास्ते हैं और वे बाहरी दबाव के बावजूद काम कर सकते हैं. इसी दौरान उन्होंने बीमा व्यवस्था और अनाज बाजार बनाने की रूसी पहल सामने रखी. आखिर नया बीमा सिस्टम क्यों जरूरी है? पुतिन के प्रस्ताव को समझने के लिए रूस के तेल कारोबार पर लगे पश्चिमी प्रतिबंधों को समझना जरूरी है. रूस के कच्चे तेल को ले जाने वाले जहाजों के बीमा पर पश्चिमी देशों ने पाबंदियां लगाई हैं. इसके साथ ही कुछ शर्तों के तहत ही ऐसे जहाजों को बीमा देने की अनुमति दी गई. ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026: स्त्री कारोबारियों के छोटे बिजनेस को बढ़ाने मिलेंगे पैसे? दूसरे ब्रिक्स देशों में खुलेंगे नए अवसर इस तरह की पाबंदियों का असर रूस से होने वाले कच्चे तेल के निर्यात पर पड़ा है. ऐसे में रूस BRICS देशों के बीच एक ऐसी बीमा व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव दे रहा है, जिससे सदस्य देश अपने कारोबार और सामान की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का इस्तेमाल कर सकें. हालांकि, पुतिन ने इस नए बीमा सिस्टम की पूरी रूपरेखा अभी नहीं बताई है. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह रूस की ओर से दिया गया प्रस्ताव है और दूसरे BRICS सदस्य इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026: हिंदुस्तान-चीन के बीच दूरियां होंगी कम? मोदी-शी जिनपिंग ने सीमा पर शांति और BRICS सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर अनाज के लिए भी अलग बाजार बनाने का प्रस्ताव पुतिन ने सिर्फ बीमा तक बात सीमित नहीं रखी. उन्होंने BRICS के लिए एक अलग अनाज बाजार बनाने का भी प्रस्ताव दिया है. इसका मतलब यह है कि BRICS देशों के बीच अनाज की खरीद-बिक्री के लिए एक साझा व्यवस्था बनाने पर विचार किया जा सकता है. इससे खाद्य कारोबार में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की कोशिश हो सकती है. इसके साथ ही पुतिन ने BRICS के New Development Bank (NDB) के कामकाज की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि बैंक करीब 140 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट संभाल रहा है. यानी रूस के इन प्रस्तावों का फोकस BRICS देशों के बीच पैसे, कारोबार, बीमा, तकनीक और खाद्य बाजार के लिए अपनी व्यवस्था मजबूत करने पर है. The post BRICS देशों के बीच कारोबार में बाहरी दबाव कम करने का पुतिन ने बताया प्लान, रखे ये 2 प्रस्ताव appeared first on Naya Vichar.

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बागेश्वर बाबा का फोटो जलाने के मामले में आशुतोष चटर्जी को समन, आर-पार के मूड में बंगाल कांग्रेस

Bageshwar Baba Photo Burning: पश्चिम बंगाल में बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) की दुर्गा पूजा और बंगाली खान-पान पर की गयी टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद पुलिसिया कार्रवाई और सियासी टकराव में बदल गया है. दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर थाने के बाहर कथित तौर पर बागेश्वर बाबा की तस्वीर को जूतों से रौंदने और जलाने के मामले में कोलकाता पुलिस ने अब प्रदेश कांग्रेस के महासचिव को पूछताछ के लिए थाने बुला लिया. इसके बाद बंगाल प्रदेश कांग्रेस भी आर-पार के मूड में है. 10 बजे नोटिस, 3 बजे पूछताछ रविवार (13 सितंबर) को कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (WBPCC) के महासचिव आशुतोष चटर्जी को समन जारी कर भवानीपुर थाने में जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया. आशुतोष ने खुद सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि भवानीपुर पुलिस स्टेशन से उन्हें सुबह करीब 10 बजे एक नोटिस मिला. इसमें उन्हें दोपहर 3 बजे जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का हुक्म दिया गया था. प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर प्रशासन को दी गयी जानकारी आशुतोष चटर्जी ने बताया कि इस पुलिसिया कार्रवाई के तुरंत बाद उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर प्रशासन को पूरी स्थिति से अवगत कराया है. 8 सितंबर को हुए प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने पहले ही दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस महासचिव अतनु दास को गिरफ्तार कर लिया है. इस एफआईआर में आशुतोष चटर्जी के साथ-साथ दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप प्रसाद को भी नामजद आरोपी बनाया गया है. ये भी पढ़ें: दुर्गा पूजा में मांसाहार पर टिप्पणी विवाद : कांग्रेस के बाद अब सपा ने बागेश्वर बाबा के खिलाफ दर्ज करायी शिकायत ‘बंगाल की परंपरा का अपमान करने वालों के आगे नहीं झुकेंगे’ पुलिस से समन मिलने के बाद कांग्रेस ने बैकफुट पर जाने की बजाय बागेश्वर बाबा और राज्य प्रशासन दोनों के खिलाफ तीखा हमला बोला है. आशुतोष चटर्जी ने कहा- बंगाल की परंपरा का अपमान करने वालों के आगे नहीं झुकेंगे. कांग्रेस किसी भी ऐसे व्यक्ति के सामने सिर नहीं झुकायेगी, जिसने बंगालियों, हमारी संस्कृति या हमारी सदियों पुरानी खान-पान की परंपराओं का अपमान किया हो. असली सवाल यह है कि विवादित और भड़काऊ बयान देने वाले धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? -आशुतोष चटर्जी, महासचिव, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस लिलुआ की ‘हनुमान कथा’ से सुलगी थी आग विवाद की शुरुआत 5 सितंबर को हावड़ा के लिलुआ स्थित वर्कशॉप मैदान में आयोजित 3 दिवसीय ‘हनुमान कथा’ के दौरान हुई थी. बागेश्वर बाबा ने मंच से बंगाल के लोगों से दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान मांसाहारी भोजन त्यागने की अपील की थी. शास्त्री ने कहा था कि जो लोग धार्मिक और पवित्र अवसरों पर मांस का सेवन करते हैं, वे ‘ढोंगी’ हैं. ये भी पढ़ें: Video: बाबा बागेश्वर के बयान पर बोले शमिक भट्टाचार्य- बाहरी लोग तय न करें बंगाली क्या खायेंगे, अष्टमी पर लुची और नवमी पर मटन हमारी परंपरा बाबा के खिलाफ सड़क पर उतरी कांग्रेस बंगाली संस्कृति में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार के सामाजिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए कांग्रेस ने इसे ‘बंगाल का अपमान’ करार दिया. 8 सितंबर को पार्टी ने भवानीपुर थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जहां बाबा की तस्वीर को पैरों तले रौंदा गया. उस पर जूते मारे गये. और अंत में फोटो को आग लगा दी गयी. The post बागेश्वर बाबा का फोटो जलाने के मामले में आशुतोष चटर्जी को समन, आर-पार के मूड में बंगाल कांग्रेस appeared first on Naya Vichar.

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BRICS 2027 की मेजबानी करेगा चीन, PM मोदी ने दी शुभकामनाएं, कहा- अब वादे नहीं, चाहिए ठोस नतीजे

BRICS Summit 2026: हिंदुस्तान की अध्यक्षता में हुए 18वें BRICS Summit के समापन के साथ 2027 की कमान चीन संभालेगा. बीजिंग अगले साल 19वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी भी करेगा. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्य देशों को संदेश दिया कि BRICS की अगली पारी केवल विचारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए. BRICS से अब वैश्विक स्तर पर ठोस परिणामों की उम्मीद की जा रही है. उन्होंने भरोसा जताया कि सदस्य देशों के सामूहिक प्रयास इन अपेक्षाओं को पूरा करने में सफल होंगे. ब्रिक्स अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने के लिए तैयार है. दुनिया अब हमसे केवल विचारों और प्रतिबद्धताओं की नहीं, बल्कि ठोस परिणामों की उम्मीद करती है. मुझे विश्वास है कि हमारे सामूहिक प्रयासों से हम निश्चित रूप से इन अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्लोबल साउथ पर रहा खास जोर प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ग्लोबल साउथ के देशों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि BRICS में ग्लोबल साउथ का भरोसा बढ़ा है क्योंकि यहां उनकी आवाज सुनी जाती है, उनके अनुभवों को महत्व दिया जाता है और समाधान उनके साथ मिलकर तैयार किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि BRICS की ताकत उसकी विविधता और सहयोग में है. सदस्य देश अलग-अलग परिस्थितियों से आते हैं, लेकिन सहयोग के जरिए साझा प्रगति की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. सिर्फ प्रशासनों तक सीमित न रहे BRICS पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान की कोशिश रही है कि BRICS का सहयोग केवल प्रशासनों तक सीमित न रहे. उद्यमियों, किसानों, शोधकर्ताओं, स्त्रीओं, युवाओं और आम नागरिकों को भी इसकी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाया जाए. उन्होंने आपदा प्रबंधन, MSME सहयोग और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर BRICS की पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि समूह का उद्देश्य समावेशी वैश्विक विकास को आगे बढ़ाना है. हमने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि ब्रिक्स सहयोग केवल प्रशासनों तक ही सीमित न रहे; हम चाहते हैं कि हमारे उद्यमी, किसान, शोधकर्ता, स्त्रीएं, युवा और आम नागरिक भी सक्रिय भागीदार बनें- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन ने भी मजबूत BRICS की वकालत की BRICS Summit में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी समूह की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करने की बात कही. उन्होंने BRICS को अंतरराष्ट्रीय मामलों में एक सक्रिय, स्थिर और सकारात्मक ताकत बनने पर जोर दिया. शी जिनपिंग ने समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की. इसके बाद वह नई दिल्ली से रवाना हो गए. अब 2027 में चीन BRICS की कमान संभालेगा और समूह के 19वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा. Also Read:BRICS Summit: शी जिनपिंग ने 53 देशों को दी बंपर टैक्स छूट, दुनिया के लिए रखे 5 सुझाव; कहा- ताकत की मनमानी अब नहीं चलेगी The post BRICS 2027 की मेजबानी करेगा चीन, PM मोदी ने दी शुभकामनाएं, कहा- अब वादे नहीं, चाहिए ठोस नतीजे appeared first on Naya Vichar.

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