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Cretta-Sierra की बढ़ेगी टेंशन, दशहरा से पहले लॉन्च होगी इस कंपनी की SUV, डेट हुई कंफर्म

होंडा हिंदुस्तान में 6 अक्टूबर को अपनी एलिवेट फेसलिफ्ट (Honda Elevate Facelift) लॉन्च करेगी और डीलर सूत्रों का कहना है कि इसके टॉप-मॉडल की कीमत करीब 20.50 लाख रुपये तक जा सकती है, जो मौजूदा मॉडल के 16.36 लाख रुपये के टॉप प्राइस से एक बड़ा उछाल है. यह बात इसलिए मायने रखती है क्योंकि मौजूदा एलिवेट सनरूफ और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे आराम देने वाले फीचर्स के मामले में सेगमेंट की दूसरी गाड़ियों से पहले ही पीछे है. आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि इसमें क्या बदलाव होने की उम्मीद है और खरीदारों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए. होंडा एलिवेट फेसलिफ्ट: सिटी से लिए गए कॉस्मेटिक अपडेट्स समाचारों के मुताबिक, पूरी तरह से नया डिजाइन बनाने के बजाय इसमें कुछ छोटे बदलाव किए जाएंगे, जिसमें एक नई ग्रिल, बदले हुए फ्रंट और रियर बंपर, अपडेटेड लाइट्स और एक नया अलॉय व्हील डिजाइन, इसके साथ ही नए कलर ऑप्शंस भी दिए जा सकते हैं. यह तरीका वैसा ही है जैसा होंडा ने इस साल की शुरुआत में सिटी फेसलिफ्ट के साथ अपनाया था, जिसमें मुख्य बॉडी स्ट्रक्चर को छेडे बिना बाहर की तरफ ऐसे ही छोटे बदलाव किए गए थे. चूंकि एलिवेट अपना प्लेटफॉर्म सिटी के साथ शेयर करती है, इसलिए इससे भी वैसी ही उम्मीद करना सही है. होंडा एलिवेट फेसलिफ्ट: केबिन में संभावित बदलाव असली और बडी समाचार केबिन के अंदर देखने को मिल सकती है. सिटी फेसलिफ्ट में बडी टचस्क्रीन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, अपडेटेड ADAS फीचर्स, फैक्ट्री-फिटेड 360-डिग्री कैमरा और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स दी गई थीं और यही फीचर्स एलिवेट में भी दिए जाने की उम्मीद है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि होंडा इसमें पैनोरमिक सनरूफ, ड्यूल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल या पावर्ड को-ड्राइवर सीट जोडेगी या नहीं, क्योंकि ये ऐसे फीचर्स हैं जो मुकाबले की गाड़ियां पहले से दे रही हैं और मौजूदा एलिवेट में अब भी गायब हैं. ये भी पढ़ें: Gen-Z Driving Skills: ऑटोमैटिक की गोद में पली-बढ़ी नई पीढ़ी भूली क्लच और गियर, सर्वे में हुए हैरान करने वाले खुलासे होंडा एलिवेट फेसलिफ्ट: इंजन और गियरबॉक्स इंजन में कोई बदलाव न होने की उम्मीद है. इसमें वही 1.5-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन रहेगा जो लगभग 120hp की पावर और 145Nm का टॉर्क देता है, जिसे 6-स्पीड मैनुअल या CVT के साथ जोडा गया है. होंडा के पास सिटी में इस इंजन का एक स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड वर्जन पहले से मौजूद है, लेकिन क्या वह पावरट्रेन आखिरकार नई एलिवेट में आएगा, यह अभी भी एक ऐसा सवाल है जिसका आधिकारिक तौर पर कोई जवाब नहीं मिला है. ये भी पढ़ें: चलते-चलते जेम्स बॉन्ड स्टाइल में नंबर प्लेट गायब, गाड़ी पर 1 लाख रुपए से ज्यादा के चालान, तेजी से वायरल हो रहा वीडियो होंडा एलिवेट फेसलिफ्ट: कीमत और फीचर्स की चुनौती लॉन्च की तारीख तय होने और कीमत के काफी ज्यादा बढने की उम्मीद के साथ, असली परीक्षा यह होगी कि क्या होंडा इस बढ़ी हुई कीमत को सही ठहराने के लिए उतने नए फीचर्स देती है या नहीं, खासकर तब जब 2023 में एलिवेट के पहली बार आने के बाद से इस सेगमेंट की बाकी गाड़ियां फीचर्स के मामले में काफी आगे निकल चुकी हैं. The post Cretta-Sierra की बढ़ेगी टेंशन, दशहरा से पहले लॉन्च होगी इस कंपनी की SUV, डेट हुई कंफर्म appeared first on Naya Vichar.

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Big Boss 20: सोशल मीडिया से पहले के ‘Viral’ स्टार थे काजी तौकीर, Millennials से पूछिए कैसे एक वोट के लिए लोग पैसे खर्च करते थे

‘ये किसे बुला लिया? कौन है ये Joker? कैसे अजीब-अजीब behave कर रहा है. घर के अंदर फ्री में concert कर लो, भई…’ Bigg Boss के घर में काजी तौकीर को देखकर सोशल मीडिया पर ऐसी कई टिप्पणियां नजर आ रही हैं. कुछ लोगों के लिए काजी आज बस एक ऐसे contestant हैं, जो कभी गा रहे हैं, कभी मस्ती कर रहे हैं और कभी अपने ही अंदाज में खोए हुए नजर आते हैं. लेकिन काजी की किसी वीडियो के नीचे comments में जरा ठहरकर देखिए. वहां एक दूसरी कहानी चल रही है. ‘मैंने इन्हें teenage में vote किया था.’ ‘Qazi was my first reality show crush.’ ‘ये वही Qazi है जिसके लिए हम पैसे खर्च करके vote करते थे.’ ये comments उस generation के हैं, जिसने काजी को आज के Instagram और Reels वाले दौर में नहीं, बल्कि उस वक्त अपना favourite बनाया था जब ‘viral’ होने के लिए ना social media था, ना लाखों followers और ना ही कोई trending hashtag. Millennials के लिए काजी तौकीर सिर्फ Bigg Boss के एक contestant नहीं हैं. ये वही काजी हैं जिनके नाम पर कभी पूरा reality show धड़कता था. जिनके लिए fans ने अपनी जेब से पैसे खर्च कर votes किए. जिन्होंने Arijit Singh को पीछे छोड़कर Fame Gurukul की trophy अपने नाम की. और जिनकी popularity इतनी थी कि शो जीतने के बाद उनकी सुरक्षा के लिए सात bodyguards तक लगाए गए थे. आज काजी Bigg Boss के घर में हैं. कल तक कुछ लोग उन्हें पहचानने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन एक पूरी generation ऐसी भी है, जिसे काजी को पहचानने के लिए किसी introduction की जरूरत नहीं. क्योंकि उस generation के लिए काजी तौकीर खुद ‘viral’ होने की परिभाषा थे. जब Reality Show में काजी का जलवा था साल 2004 में टीवी पर reality shows का दौर अपनी जगह बना रहा था. इसी बीच आया Fame Gurukul. देशभर के aspiring singers इस शो का हिस्सा बने. इनमें एक चेहरा था काजी तौकीर का. काजी की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ उनकी आवाज नहीं थी. उनका अंदाज अलग था. उनकी personality ऐसी थी कि वह बाकी contestants के बीच आसानी से नजर आ जाते थे. धीरे-धीरे शो के साथ उनकी fan following भी बढ़ती गई. फिर आया voting का दौर. आज की तरह एक click पर vote करने की सुविधा नहीं थी. इसके बावजूद काजी के fans उन्हें जिताने के लिए लगातार वोट करते रहे. उस वक्त उनके लिए लोगों के पैसे खर्च करके वोट करने की बातें भी सामने आई थीं. आखिरकार काजी ने Fame Gurukul का खिताब अपने नाम कर लिया. इस जीत की सबसे दिलचस्प बात यह थी कि उन्होंने उस मुकाबले में अरिजीत सिंह को पीछे छोड़ दिया था. आज अरिजीत सिंह की आवाज देश के हर कोने में पहचानी जाती है. लेकिन दो दशक पहले की उस reality show journey में audience ने काजी को अपना winner चुना था. यही काजी के उस स्टारडम की असली कहानी है. काजी के लिए ‘Viral’ का मतलब अलग था आज किसी celebrity के viral होने के लिए एक reel काफी है. कुछ घंटों में views लाखों में पहुंच जाते हैं. Hashtag trend करता है और अगले दिन पूरा internet उस चेहरे को पहचानने लगता है. काजी का दौर इससे बिल्कुल अलग था. न Instagram था. न Reels. न X की trending list. न YouTube Shorts. फिर भी काजी घर-घर में पहचाने जाते थे. उनकी popularity का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि Fame Gurukul जीतने के बाद उनकी security के लिए सात bodyguards तक लगाए गए थे. एक reality show contestant के लिए यह अपने आप में बताता है कि उस समय उनकी fan following किस स्तर पर थी. आज followers गिने जाते हैं. तब votes गिने जाते थे. आज engagement rate देखा जाता है. तब यह देखा जाता था कि कितने लोग किसी contestant को जिताने के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करने को तैयार हैं. काजी के पास वह audience थी. एकता कपूर से लेकर Bigg Boss तक मिला ऑफर Fame Gurukul के बाद काजी के लिए entertainment industry के कई दरवाजे खुले. उन्हें एकता कपूर के चर्चित शो ‘कैसा ये प्यार है’ में अंगद का रॉकस्टार किरदार निभाने का ऑफर मिला था. उस वक्त यह टीवी के सबसे चर्चित shows में से एक था. सिर्फ टीवी ही नहीं. काजी को Bigg Boss के लिए भी approach किया गया था. इसके अलावा उन्हें ‘Jo Jeeta Wohi Superstar’ को host करने का मौका भी ऑफर हुआ था. यानी जिस Bigg Boss के घर में काजी आज contestant बनकर पहुंचे हैं, उस शो से उनका रिश्ता नया नहीं है. उन्हें सालों पहले भी इस reality show का हिस्सा बनने का मौका मिल चुका था. लेकिन उस समय काजी ने कुछ बड़े offers स्वीकार नहीं किए. एक फिल्म को लेकर उनकी commitment थी. इसके अलावा कुछ फैसले उन्होंने अपने producer की सलाह पर लिए. Entertainment industry में वक्त बदलता है और उसके साथ चेहरे भी. काजी के साथ भी यही हुआ. ‘अफगान जलेबी’ और सलमान खान का कनेक्शन काजी की कहानी में ‘अफगान जलेबी’ का chapter भी दिलचस्प है. इस गाने के लिए पहले सलमान खान को approach किए जाने की बात सामने आई थी. बाद में काजी इस project से जुड़े. फिल्म थी ‘Phantom’ और गाना रिलीज होते ही चर्चा में आ गया. हालांकि यहां यह साफ करना जरूरी है कि काजी इस गाने के singer नहीं थे. गाने को पाकिस्तानी singer Asrar ने आवाज दी थी. काजी का connection इसके video से था. लेकिन काजी के career को देखें तो यह भी उस दौर की उनकी visibility का हिस्सा था. Fame Gurukul के बाद उनका चेहरा लगातार बड़े entertainment projects से जुड़ रहा था. फिर कहां गायब हो गए काजी? यही वह सवाल है जो आज Bigg Boss में उनकी वापसी के बाद फिर पूछा जा रहा है. जिस contestant के लिए कभी लोग पैसे खर्च करके वोट करते थे. जिस contestant ने Arijit Singh को पीछे छोड़कर reality show जीता. जिसे Ekta Kapoor अपने show में cast करना चाहती थीं. जिसे Bigg Boss के लिए पहले भी approach किया

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SIR में भारत रत्न CNR Rao के नाम में एक ‘F’ की गड़बड़ी पर विवाद, EC ने कहा- कोई नोटिस नहीं दिया

हिंदुस्तान रत्न से सम्मानित वैज्ञानिक प्रोफेसर C.N.R. राव का नाम कर्नाटक में वोटर लिस्ट की जांच यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चर्चा में है. पहले समाचार आई कि 92 वर्षीय वैज्ञानिक को उनके नाम में अंतर के चलते चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा और सुनवाई के लिए बुलाया है. हालांकि, अब चुनाव आयोग ने इस दावे को खारिज कर दिया है. चुनाव आयोग ने 9 सितंबर को कहा कि C.N.R. राव को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था. आयोग के मुताबिक, उनके वोटर रिकॉर्ड की बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने जांच की और इसे अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल करने की सिफारिश की. इसके बाद अतिरिक्त चुनाव पंजीकरण अधिकारी (AERO) ने 8 सितंबर को उनके नाम को अंतिम सूची में शामिल करने की मंजूरी दे दी. पहले रिपोर्ट में क्या कहा गया था? कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक C.N.R. राव को SIR के दौरान नाम में अंतर को लेकर नोटिस दिया गया था. जिस नोटिस में वजह “self-name mismatch” यानी अपने नाम का रिकॉर्ड से मेल नहीं खाना बताई गई थी. रिपोर्ट में कहा गया था कि पुराने वोटर रिकॉर्ड में उनका नाम “Prof. C.N.R. Rao” था, जबकि मौजूदा रिकॉर्ड में “Proff. C.N.R. Rao” दर्ज था. यानी “Prof.” में एक अतिरिक्त ‘f’ जुड़ा हुआ था. इसी अंतर के चलते उन्हें बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में सुनवाई के लिए बुलाए जाने की बात कही गई थी. वहीं कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह जानकारी भी सामने आई कि चुनाव अधिकारी उनके घर जाकर सत्यापन करने की तैयारी कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: अमित शाह बोले- वैश्विक उथल-पुथल के बीच हिंदुस्तान की आर्थिक रफ्तार बरकरार, पहली तिमाही में 7.8% रही GDP चुनाव आयोग ने क्या कहा? अब चुनाव आयोग ने इस रिपोर्ट को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है. आयोग के मुताबिक, C.N.R. राव कर्नाटक की 157-मल्लेश्वरम विधानसभा सीट के पार्ट नंबर 59 में पंजीकृत मतदाता हैं और उनका नाम मौजूदा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है. आयोग ने बताया कि SIR के दौरान राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय BLO ने उनके घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया था. रिकॉर्ड की जांच के बाद BLO ने उनके नाम को अंतिम सूची में शामिल करने की सिफारिश की. AERO ने 8 सितंबर को इसे मंजूरी भी दे दी. ये भी पढ़ें: ठगी का शिकार हुआ Fake PMO Officer? रोहन पारेख के वकील का दावा- ऑफर लेटर और ID कार्ड मिला था हालांकि चुनाव आयोग ने यह जरूर माना है कि पुराने और मौजूदा रिकॉर्ड की तुलना के दौरान नाम से जुड़ी एक असंगति सामने आई थी. मौजूदा ड्राफ्ट में नाम “Proff C.N.R. Rao S/O Nagesh Rav. H” दर्ज था, जबकि 2002 के रिकॉर्ड में अलग एंट्री थी. लेकिन आयोग के अनुसार इस अंतर के आधार पर C.N.R. राव या उनके परिवार को कोई नोटिस नहीं भेजा गया. जांच के बाद उनका रिकॉर्ड अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए मंजूर कर दिया गया. बता दें कि C.N.R. राव को विज्ञान और रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए 2014 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान हिंदुस्तान रत्न से सम्मानित किया गया था. The post SIR में हिंदुस्तान रत्न CNR Rao के नाम में एक ‘F’ की गड़बड़ी पर विवाद, EC ने कहा- कोई नोटिस नहीं दिया appeared first on Naya Vichar.

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चांद के आगे अब इंसान कहां जाएगा? Sunita Williams ने बताया Deep Space का भविष्य, कहा- AI, रोबोट और इंसान साथ काम करेंगे

अंतरिक्ष की दुनिया अब सिर्फ चांद तक पहुंचने की होड़ तक सीमित नहीं है. अब सवाल यह है कि इंसान चांद से आगे कितना दूर जा सकता है और वहां लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रह सकता है. इसी भविष्य को लेकर NASA की पूर्व अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने बड़ी बात कही है. Williams ने कहा कि जैसे-जैसे इंसान चांद से आगे और ज्यादा दूर अंतरिक्ष में जाएगा, इंसान, रोबोट, AI और दूसरी तकनीकों को मिलकर काम करना होगा. उनके मुताबिक रोबोट किसी नए ग्रह या चांद पर पहले जाकर वहां की स्थिति को समझने में मदद कर सकते हैं, लेकिन आखिरकार वहां इंसान की मौजूदगी जरूरी होगी. Sunita Williams ने इंसान और रोबोट को लेकर क्या कहा? Sunita Williams ने अपने अनुभव का उदाहरण देते हुए बताया कि भविष्य में रोबोट अंतरिक्ष की खोज में इंसानों की मदद करेंगे. वे चांद या मंगल पर जाकर वहां की परिस्थितियों को पहले समझ सकते हैं. लेकिन रोबोट उतना ही कर पाएंगे जितना उन्हें पहले से प्रोग्राम किया गया है. उन्होंने कहा कि जब इंसान खुद वहां पहुंचेगा तो उसे ऐसी कई चीजें मिल सकती हैं, जिनके बारे में अभी जानकारी नहीं है. ऐसे में इंसान मौके के हिसाब से फैसला ले सकता है कि आगे क्या करना है. ये भी पढ़ें: SIR में हिंदुस्तान रत्न CNR Rao के नाम में एक ‘F’ की गड़बड़ी पर विवाद, EC ने कहा- कोई नोटिस नहीं दिया Williams ने इंसान, रोबोट और तकनीक के बीच इस सहयोग को एक तरह की “symbiosis” यानी साथ मिलकर काम करने वाली व्यवस्था बताया. उनके मुताबिक AI इंसानों की मदद करेगा, लेकिन किसी जगह पर जाकर स्थिति को समझने और अगला फैसला लेने के लिए इंसान की भूमिका जरूरी रहेगी. यह बात उन्होंने अपने अंतरिक्ष अनुभव से जोड़कर भी समझाई. उन्होंने कहा कि धरती पर अगर हमारे मन में कोई सवाल आता है तो हम फोन निकालकर तुरंत जानकारी खोज सकते हैं. लेकिन International Space Station पर यह इतना आसान नहीं है. वहां अंतरिक्ष यात्रियों को कई मामलों में धरती पर मौजूद टीमों से संपर्क करना पड़ता है. भविष्य में जब इंसान धरती से और दूर जाएगा, तब हर छोटी समस्या के लिए धरती की टीम से मदद लेना मुश्किल हो सकता है. इसलिए अंतरिक्ष यात्रियों को ज्यादा आत्मनिर्भर बनाने वाली तकनीक जरूरी होगी. Deep Space Mission में सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी? धरती की निचली कक्षा में कुछ समय बिताना और Deep Space में लंबे समय तक रहना बिल्कुल अलग चुनौती है. दूरी बढ़ने के साथ संचार में समय लग सकता है और किसी आपात स्थिति में धरती से तुरंत मदद पहुंचाना संभव नहीं होगा. ऐसे मिशनों में ऑक्सीजन, पानी, भोजन, तापमान, रेडिएशन से सुरक्षा, मेडिकल सहायता और ऊर्जा जैसी व्यवस्थाओं को लंबे समय तक बनाए रखना होगा. इसके साथ अंतरिक्ष यात्रियों को ऐसी तकनीक भी चाहिए होगी जो उन्हें खुद समस्या समझने और समाधान निकालने में मदद करे. यही वजह है कि भविष्य की Space Station और Deep Space Missions में AI, Robotics, Autonomous Systems और बेहतर onboard information systems की भूमिका बढ़ने वाली है. ये भी पढ़ें: अमित शाह बोले- वैश्विक उथल-पुथल के बीच हिंदुस्तान की आर्थिक रफ्तार बरकरार, पहली तिमाही में 7.8% रही GDP चांद से आगे की असली चुनौती मानव अंतरिक्ष उड़ान का अगला दौर सिर्फ यह साबित करने का नहीं होगा कि इंसान कितनी दूर जा सकता है. असली चुनौती यह होगी कि वह वहां सुरक्षित, आत्मनिर्भर और लंबे समय तक कैसे रह सकता है. सुनीता विलियम्स के मुताबिक इसका जवाब इंसान और तकनीक के साथ मिलकर काम करने में है. रोबोट और AI रास्ता आसान कर सकते हैं, नई जगहों की जानकारी जुटा सकते हैं और इंसानों की मदद कर सकते हैं. लेकिन जब सामने ऐसी स्थिति आएगी जिसका जवाब पहले से किसी मशीन को नहीं पता, तब इंसान का फैसला सबसे महत्वपूर्ण होगा. Sunita Williams ने यह बात 9 सितंबर 2026 को Bengaluru Space Expo (BSX) 2026 में कही. उन्होंने Bangalore International Exhibition Centre (BIEC), Bengaluru में आयोजित “The Next Chapter of Space: A Conversation on Exploration, Science and Innovation” सत्र में अंतरिक्ष के भविष्य पर चर्चा की. इस सत्र में उनके साथ Group Captain Angad Pratap और Tom Shelley भी मौजूद थे. The post चांद के आगे अब इंसान कहां जाएगा? Sunita Williams ने बताया Deep Space का भविष्य, कहा- AI, रोबोट और इंसान साथ काम करेंगे appeared first on Naya Vichar.

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‘बिग बॉस बांग्ला’ के होस्ट सौरभ गांगुली का ट्रोलर्स को जवाब- यह ‘दादागिरी’ नहीं, धीरे-धीरे और बेहतर होगा

Bigg Boss Bangla Sourav Ganguly: ‘दादागिरी’ के मंच पर लगातार एक दशक से अधिक समय तक अपनी सौम्य, शांत और गरिमापूर्ण एंकरिंग से बंगाल के घर-घर में राज करने वाले हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और ‘महाराज’ के नाम से मशहूर सौरभ गांगुली (Sourav Ganguly) नये रूप में दर्शकों के सामने हैं. टीवी रियलिटी शो ‘बिग बॉस बांग्ला’ (Bigg Boss Bangla) के होस्ट के रूप में उनकी नयी पारी को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं. सौरभ गांगुली को ट्रोल भी किया जा रहा है. हाल ही में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के एक विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए सौरभ गांगुली ने ‘बिग बॉस बांग्ला’ की होस्टिंग और सोशल मीडिया पर हो रही अपनी आलोचनाओं पर खुलकर अपनी बात रखी. ये भी पढ़ें: सौरभ गांगुली और उनकी पत्नी डोना को जान से मारने की धमकी, सेक्रेटरी ने ठाकुरपुकुर थाने में की शिकायत असली जज तो दर्शक ही हैं : सौरभ गांगुली ‘बिग बॉस बांग्ला’ के ग्रैंड लांचिंग के दौरान सौरभ गांगुली के डांस मूव्स और पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के मीम्स बनाये गये. उन पर व्यंग्य किये गये. कई लोगों का मानना था कि ‘दादागिरी’ जैसे पारिवारिक और बौद्धिक शो के बाद ‘बिग बॉस’ जैसे विवादित फॉर्मेट पर सौरभ गांगुली का अंदाज थोड़ा अलग लग रहा है. हालांकि, ‘दादा का दरबार’ में हमेशा की तरह कूल और आत्मविश्वासी सौरभ गांगुली ने ट्रोलर्स को अपने चिरपरिचित अंदाज में ही जवाब दिया. सौरभ ने कहा कि वे एक नये फॉर्मेट में कैसा काम कर रहे हैं, इसका फैसला केवल दर्शक ही कर सकते हैं. दर्शक ही तय करेंगे कि होस्ट के रूप में उनकी नयी पारी कैसी है. ये भी पढ़ें: सौरभ गांगुली ने स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए निवेश बढ़ाने की अपील की ‘दादागिरी’ से तुलना पर बोले सौरभ- अभी तो शुरुआत है, थोड़ा वक्त दीजिए सौरभ गांगुली से जब एक दशक लंबे ऐतिहासिक शो ‘दादागिरी’ से इस नये शो की तुलना करने को कहा गया, तो पूर्व क्रिकेटर ने मुस्कुराते हुए मजाकिया अंदाज में कहा- यह कोई ‘दादागिरी’ नहीं है कि मेरे पास 10 साल का अनुभव हो. मैंने तो अभी सिर्फ 2 दिन शूटिंग की है. धीरे-धीरे और बेहतर होगा. पहली बार यह फॉर्मेट कर रहा हूं, तो पूरी तरह ढलने में थोड़ा समय लगना स्वाभाविक है. The post ‘बिग बॉस बांग्ला’ के होस्ट सौरभ गांगुली का ट्रोलर्स को जवाब- यह ‘दादागिरी’ नहीं, धीरे-धीरे और बेहतर होगा appeared first on Naya Vichar.

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प्रशांत किशोर पर सम्राट चौधरी बोले- वो बेचारा है, उसको करने दीजिए, बांकीपुर हार पर कहा- BJP के लिए अलार्मिंग, गलती हुई है…

Samrat Choudhary Interview: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इसे हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के लिए चेतावनी बताया. सीएम ने कहा कि पार्टी इस नतीजे पर गंभीरता से आत्ममंथन कर रही है. संगठन से हुई गलतियों को सुधारने के लिए कार्यकर्ता काम में जुट गए हैं. एएनआई के पॉडकास्ट में सम्राट चौधरी ने बांकीपुर के नतीजे और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को लेकर भी खुलकर बात की. ‘हम लोगों से गलती तो हुई, यह हमारे लिए चिंता का विषय’ सम्राट चौधरी ने कहा कि बीजेपी और पार्टी के नेता इस हार को गंभीरता से देख रहे हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि संगठन से गलती हुई है. उन्होंने कहा, ‘हिंदुस्तानीय जनता पार्टी और हमलोग आत्ममंथन कर रहे हैं. हम लोगों से गलती तो हुई. हमारे सीट पर कोई जीत रहा है. यह चिंता का विषय हमारे लिए है. इसलिए तमाम लोग, पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता इस काम में लगा है.’ सीएम ने कहा कि पार्टी इस पूरे सिस्टम पर दोबारा विचार करेगी. जो कमियां सामने आयेंगी, उन्हें दूर किया जाएगा. उन्होंने बांकीपुर के नतीजे को पार्टी के लिए ‘अलार्मिंग’ बताया. ‘एक सीट पूरे बिहार का मैंडेट नहीं होती’ सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि किसी एक विधानसभा सीट का उपचुनाव पूरे बिहार के जनादेश का संकेत नहीं माना जा सकता. उन्होंने पुराने उपचुनावों का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि 2005 में नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद 2009 में हुए उपचुनाव में 17 में से 12 सीटों पर हार मिली थी. इसके बावजूद बाद में बड़ी जीत मिली. सीएम ने कहा कि बिहार का मूड समझने के लिए भागलपुर, पूर्णिया, मोतिहारी, सारण और शाहाबाद जैसे अलग-अलग क्षेत्रों के नतीजे भी देखने होंगे. एक सीट पूरे प्रदेश का फैसला नहीं करती. ‘जनता का मैंडेट है, काम करना पड़ेगा’ मुख्यमंत्री ने विधायकों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि जनता ने जिस काम के लिए विधायक चुना है, उन्हें उसी तरह काम करना होगा. उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में विधायक बने हैं. अच्छा काम करिए. विधायक तो विधायक जी हैं. विधायक की तरह काम करिए. करना पड़ेगा. जनता का तो मैंडेट इसी के लिए है. काम करना पड़ेगा.’ सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रशासन भी अपना काम करेगी. आखिरकार जनता को ही तय करना है कि कौन सही काम कर रहा है और कौन नहीं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें प्रशांत किशोर पर बोले- वो बेचारा है… बांकीपुर उपचुनाव के दौरान प्रशांत किशोर की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर की गयी टिप्पणियों को लेकर भी सवाल पूछा गया. इस पर सीएम ने व्यक्तिगत टिप्पणी से दूरी बनाने की बात कही. सम्राट चौधरी ने कहा, ‘वो बेचारा है, चलिए उसको करने दीजिए.’ उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत लड़ाई किसी से नहीं है. वह बिहार के विकास और काम करने के लिए आये हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई उनके खिलाफ कोर्ट जाता है तो उसे ऐसा करने का संवैधानिक अधिकार है. ‘जिसको जो बोलना है बोलने दीजिए, हम काम करेंगे’ प्रशांत किशोर को लेकर लगातार सवाल पूछे जाने पर सम्राट चौधरी ने कहा कि चुनाव के दौरान वह किसी पर टिप्पणी नहीं कर रहे थे. उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद सबका निशाना एक ही होता है. सीएम ने तंज करते हुए कहा, ‘ये तो अच्छी बात है ना कि सब सम्राट चौधरी से ही मोहब्बत कर रहा है. तो दिक्कत क्या है आपको?’ उन्होंने अंत में कहा कि उनका किसी से व्यक्तिगत विवाद नहीं है. जिसे जो कहना है, कहने दीजिए. प्रशासन अपना काम करती रहेगी. Also Read: IPS भानु प्रताप सिंह का वायरल ऑडियो: बोले- हम संबंध नहीं तोड़ना चाहते, पत्नी ने कहा- पति ने कोर्ट में दाखिल की है तलाक की अर्जी The post प्रशांत किशोर पर सम्राट चौधरी बोले- वो बेचारा है, उसको करने दीजिए, बांकीपुर हार पर कहा- BJP के लिए अलार्मिंग, गलती हुई है… appeared first on Naya Vichar.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: किरायेदार की मौत के बाद क्या मकान मालिक भी फंसेगा! कोर्ट ने साफ कर दिया नियम

UP News: किराये के मकान में रहने वाले किसी व्यक्ति की दुर्घटना में मौत हो जाने भर से मकान मालिक को आपराधिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि मकान मालिक की ऐसी विशिष्ट लापरवाही या चूक का प्रथम दृष्टया प्रमाण होना जरूरी है, जिसका मौत से सीधा और निकट संबंध हो. छात्र की मौत के बाद मकान मालिक पर दर्ज हुई थी FIR मामला कानपुर के काकादेव थाना क्षेत्र का है. मृतक छात्र करीब आठ महीने से मकान मालिक अवधेश सिंह के घर में किराये पर रहकर आईआईटी की तैयारी कर रहा था. एक दिसंबर 2025 को उसकी मौत की सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे. छात्र का शव मकान के बाथरूम में मिला था. इसके बाद उसके पिता संतोष कुमार गुप्ता ने मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. गैस गीजर से जहरीली गैस निकलने की जताई गई थी आशंका परिजनों ने आरोप लगाया था कि बाथरूम में गैस गीजर लगा था और वहां पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था नहीं थी. आशंका जताई गई कि गीजर से निकली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण छात्र की मौत हुई. पुलिस ने मामले की जांच के बाद लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया और चार्जशीट दाखिल कर दी. ट्रायल कोर्ट ने भी इसका संज्ञान लेते हुए मकान मालिक को समन जारी किया था. हाईकोर्ट ने कहा- सिर्फ अनुमान के आधार पर नहीं चलेगा आपराधिक केस मामले की सुनवाई जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की एकल पीठ ने की. हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड की जांच के बाद पाया कि ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं है, जिससे यह साबित हो कि गैस गीजर सुरक्षा मानकों के विपरीत लगाया गया था या उसमें कोई खराबी थी. यह भी साबित नहीं हुआ कि मकान मालिक को गीजर की खराबी या गैस लीकेज की जानकारी थी और जानकारी होने के बावजूद उसने उसे ठीक नहीं कराया. मकान मालिक के खिलाफ पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल मकान का मालिक होना किसी व्यक्ति को आपराधिक रूप से जिम्मेदार बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है. दुर्घटना में मौत होने मात्र से मालिक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता. इसके लिए लापरवाही और मौत के बीच स्पष्ट संबंध का प्रथम दृष्टया प्रमाण जरूरी है. इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने अवधेश सिंह के खिलाफ चल रही पूरी आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी. क्या है कोर्ट की टिप्पणी का मतलब? हाईकोर्ट के इस फैसले का सीधा संदेश है कि किरायेदार की दुर्घटनावश मौत होने पर केवल मकान मालिक होने के आधार पर आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती. अभियोजन पक्ष को यह दिखाना होगा कि मकान मालिक की कोई विशिष्ट लापरवाही या चूक थी और उसी का मौत से सीधा संबंध था. महज आशंका या अनुमान के आधार पर आपराधिक मुकदमा आगे नहीं बढ़ाया जा सकता. यह भी पढ़ें: कुशवाहा-सैनी-मौर्य-शाक्य सवाल न करें! वायरल वीडियो ने मचाया बवाल, अखिलेश के PDA फॉर्मूले पर उठे बड़े सवाल The post इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: किरायेदार की मौत के बाद क्या मकान मालिक भी फंसेगा! कोर्ट ने साफ कर दिया नियम appeared first on Naya Vichar.

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Indian Railways: दिल्ली-मुंबई से चेन्नई-कोलकाता तक 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर को मंजूरी, मोदी कैबिनेट का फैसला

Railway Mega Plan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार (9 सितंबर) को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्र प्रशासन ने देश के सात अहम रेल कॉरिडोर पर फोर लेन बनाने की मंजूरी दे दी है. इनमें कोलकाता-दिल्ली, चेन्नई-कोलकाता, दिल्ली-मुंबई, मुंबई-चेन्नई और बिलासपुर-कटनी जैसे प्रमुख रेलवे रूट शामिल हैं. 11000 किलोमीटर लंबे हैं 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश के 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर करीब 11,000 किलोमीटर लंबे हैं और इन पर रेलवे के लगभग 40 प्रतिशत ट्रैफिक का दबाव रहता है. इन कॉरिडोर में 4-लाइनिंग और क्षमता बढ़ाने का काम किया जा रहा है. अश्विनी वैष्णव बोले- 2000 किलोमीटर पहले ही हो चुका है फोर लेन अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन हाई-डेंसिटी कॉरिडोर में करीब 2,000 किलोमीटर रेल मार्ग पहले ही 4 लेन वाला हो चुका है. इसके अलावा करीब 5,000 किलोमीटर हिस्से पर काम चल रहा है या इसके लिए मंजूरी दी जा चुकी है. बाकी करीब 4,000 किलोमीटर रेल रूट के लिए अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है. इस तरह रेलवे इन व्यस्त कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाने के लिए अलग-अलग चरणों में काम कर रहा है. 5 राज्यों में बढ़ेगा रेल नेटवर्क केंद्र प्रशासन ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए पांच बड़े मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक ये परियोजनाएं तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 17 जिलों को कवर करेंगी. इन प्रोजेक्ट पर कुल 10,021 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इन्हें 2029-30 तक पूरा करने की योजना है. रेलवे नेटवर्क में जुड़ेंगे करीब 540 किलोमीटर इन पांच परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हिंदुस्तानीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में करीब 540 किलोमीटर की अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी. मल्टीट्रैकिंग के जरिए व्यस्त रेल मार्गों पर अतिरिक्त लाइनें तैयार की जाएंगी, जिससे रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी. इन 5 रेलवे परियोजनाओं को मिली मंजूरी अरक्कोनम-रेनिगुंटा: इस रूट पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी. प्रोजेक्ट की लंबाई 77 किलोमीटर है. व्हाइटफील्ड-बंगारपेट: यहां भी तीसरी और चौथी लाइन बनाई जाएगी. यह प्रोजेक्ट 47 किलोमीटर लंबा होगा. होसुर-ओमलूर: इस रेल मार्ग का दोहरीकरण किया जाएगा. इसकी कुल लंबाई 147 किलोमीटर है. सेलम-करूर-दिंडीगुल: इस रूट पर भी डबल रेल लाइन तैयार की जाएगी. प्रोजेक्ट की लंबाई 159 किलोमीटर है. सिकंदराबाद (घटकेसर)-काजीपेट: इस 110 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर अतिरिक्त लाइनें बिछाकर ट्रैक की क्षमता बढ़ाई जाएगी. 17 जिलों और 2,121 गांवों को मिलेगा फायदा प्रशासन के मुताबिक इन परियोजनाओं से चार राज्यों के 17 जिलों में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी. इन परियोजनाओं का फायदा करीब 2,121 गांवों को मिलने की उम्मीद है, जहां लगभग 52 लाख लोग रहते हैं. माल ढुलाई की क्षमता में होगा बड़ा इजाफा रेलवे की इन क्षमता विस्तार परियोजनाओं से माल ढुलाई की क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी. इन प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद करीब 47 MTPA यानी सालाना 47 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता जुड़ सकती है. 2029-30 तक पूरा करने की योजना इन सभी परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और प्रशासन ने इनके लिए 2029-30 तक का लक्ष्य रखा है. मल्टीट्रैकिंग के जरिए रेलवे का फोकस व्यस्त रूटों पर क्षमता बढ़ाने और रेल संचालन को बेहतर बनाने पर रहेगा. The post Indian Railways: दिल्ली-मुंबई से चेन्नई-कोलकाता तक 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर को मंजूरी, मोदी कैबिनेट का फैसला appeared first on Naya Vichar.

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Exclusive: Hanuman Ansh ने बदली सीतामढ़ी के Rishi Pathak की किस्मत, 4 साल पहले टूट गया था बॉलीवुड डेब्यू का सपना, बोले- ‘ये भगवान का प्लान है’

जरा सोचिए, साल 2022 में देश की चर्चित फिल्म Rocketry से आपका म्यूजिकल डेब्यू होने वाला हो. परिवार के साथ इस बड़े सपने को सेलिब्रेट भी कर चुके हों. फिर रिलीज से कुछ वक्त पहले पता चले कि फिल्म में गाने ही नहीं हैं. हाथ लगती है हताशा, निराशा और सबसे मुश्किल सवाल- अब परिवार को क्या कहें? जिस डेब्यू का सपना दिखाया था, वह टूट गया. कट टू 2026. इस साल Hanuman Ansh की जबरदस्त चर्चा है और फिल्म के तीन गाने उसी संगीतकार ने कंपोज किए हैं, जिसका डेब्यू चार साल पहले होते-होते रह गया था. कहानी फिल्मी और जादुई लगती है. लेकिन सौ फीसदी सच है. यह कहानी है सीतामढ़ी के Rishi Pathak की, जिन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार Hanuman Ansh के जरिए अपनी पहचान बना ली. Rishi Pathak ने हमसे Exclusive बातचीत में अपने उस टूटे हुए सपने से लेकर Hanuman Ansh तक के सफर को याद किया. ‘परिवार को बता दिया था कि मेरा बॉलीवुड डेब्यू होने वाला है’ Rishi ने A.R. Rahman Academy से म्यूजिक की ट्रेनिंग ली है. संगीत को करियर बनाने का सपना लेकर वह मुंबई पहुंचे थे. इसी दौरान उन्हें R. Madhavan की फिल्म Rocketry में काम करने का मौका मिला. वह बताते हैं, “उस फिल्म के लिए मैंने एक गाना कंपोज किया था. Madhavan सर को वह गाना पसंद भी आया था. मैं बहुत एक्साइटेड था. मैंने अपने परिवार को भी बता दिया था कि मेरा बॉलीवुड डेब्यू होने वाला है.” लेकिन कहानी यहां बदल गई. “आखिरी वक्त पर पता चला कि फिल्म में कोई गाना ही नहीं जा रहा है. मेरा डेब्यू होते-होते रह गया. बहुत उम्मीद थी. बुरा लगा.” किसी नए कलाकार के लिए पहला बड़ा मौका सिर्फ एक क्रेडिट नहीं होता. वह उसके सालों के सपने का पहला पड़ाव होता है. Rishi के लिए भी यह झटका आसान नहीं था. ‘फिर Chennai जाकर ग्रामीण बच्चों को संगीत सिखाने लगा’ इस निराशा के बाद Rishi ने खुद को काम से जोड़े रखा. वह Chennai चले गए और ग्रामीण इलाकों के बच्चों को संगीत की ट्रेनिंग देने लगे. “मैं वहां बच्चों को संगीत सिखाने लगा. इस बीच एक-दो वेब शो के लिए भी मैंने म्यूजिक कंपोज किया. काम चलता रहा, लेकिन कहीं न कहीं बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने की चाहत थी.” शायद उस वक्त Rishi को भी नहीं पता था कि Rocketry में छूटा मौका उन्हें एक ऐसे प्रोजेक्ट तक ले जाएगा, जो उनके करियर की पहचान बन जाएगा. वह कहते हैं, “अब वो कहते हैं न कि ऊपर वाले की मर्जी ही कुछ और थी. मैं Vishal जी से मिला और हमने Hanuman Ansh साथ में किया. फिल्म को जो रिस्पॉन्स मिला है, उससे बेहतर बॉलीवुड डेब्यू हो ही नहीं सकता था.” ‘Vishal सर बिना फीस के भी कहते तो काम कर लेता’ Rishi निर्देशक Vishal को अपना मेंटर मानते हैं. दोनों पिछले करीब सात साल से साथ जुड़े हुए हैं. Rishi के मुताबिक इस सफर में Vishal ने उन्हें लगातार मौके दिए. “Vishal सर ने मुझे कई मौके दिए हैं. अगर वह मुझे बिना फीस के भी काम करने को कहते तो मैं कर लेता. बिहार से इतनी दूर मुंबई जैसी मायानगरी में जब कोई लगातार आपका सपोर्ट करता है तो वह बहुत बड़ी बात होती है.” उनके लिए Vishal का साथ सिर्फ काम मिलने तक सीमित नहीं रहा. “मेरे लिए वह सिर्फ निर्देशक नहीं हैं. मैं उन्हें अपना मेंटर मानता हूं. उन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे अपनी क्रिएटिविटी दिखाने की आजादी दी.” ‘हर क्रिएटिव को पूरी आजादी मिली, इसलिए सबने दिल से काम किया’ Rishi बताते हैं कि Hanuman Ansh की पूरी क्रिएटिव टीम को Vishal ने काम करने की पूरी आजादी दी थी. “उन्होंने टीम के सभी क्रिएटिव लोगों को पूरी क्रिएटिव लिबर्टी दी थी. यही वजह है कि सभी ने अपना काम पूरे दिल से किया. जब किसी कलाकार को अपनी बात कहने और अपनी क्रिएटिविटी दिखाने की आजादी मिलती है तो उसका असर काम पर भी दिखाई देता है.” Rishi के हिस्से में फिल्म के तीन गाने आए. ‘राम भजन की ओर’, ‘जय हनुमान’ और ‘वैष्णव जन तो’ को उन्होंने कंपोज किया. ‘सेट पर हर धर्म के लोग थे, लेकिन मकसद एक था’ Hanuman Ansh धार्मिक विषय पर बनी फिल्म है. लेकिन Rishi के मुताबिक फिल्म के सेट का माहौल किसी एक धर्म तक सीमित नहीं था. वहां अलग-अलग धर्मों के लोग साथ काम कर रहे थे. “बेशक फिल्म हिंदू धर्म के गुरु पर बन रही थी, लेकिन सेट पर सभी धर्मों के लोग बतौर क्रू मौजूद थे. हम सबका एक ही मकसद था. इस फिल्म के साथ पूरी ईमानदारी और लगन से काम करना.” यही वजह है कि जब फिल्म को मुस्लिम दर्शकों से मिल रहे प्यार की चर्चा हुई तो Rishi को इसमें कुछ असामान्य नहीं लगा. “जब थिएटर में मुस्लिम दर्शकों के फिल्म देखने की बात चली तो चेहरे पर एक मुस्कान थी. यह तो हम रोज अपने सेट पर देखा करते थे.” Rishi बताते हैं कि शूटिंग की शुरुआत भी एक खास माहौल में होती थी. “सभी धर्मों के लोग जूते उतारकर और हनुमान चालीसा के साथ ही शूटिंग की शुरुआत करते थे. सेट पर नॉनवेज तो किसी ने खाया ही नहीं. सबने फिल्म के लिए एक जैसा समर्पण दिखाया.” अपनी सेविंग्स से खोला स्टूडियो, अब इंडिपेंडेंट मेकर्स की मदद मुंबई में अपने संघर्ष के दौरान Rishi ने अपनी सेविंग्स से एक छोटा सा म्यूजिक स्टूडियो भी खोला है. यहां वह इंडिपेंडेंट मेकर्स के लिए सीमित बजट में संगीत तैयार करते हैं. उनकी कोशिश है कि बजट कम होने की वजह से किसी फिल्ममेकर को अपने प्रोजेक्ट के संगीत से समझौता न करना पड़े. इसके पीछे भी वह अपने मेंटर Vishal की एक सीख को याद करते हैं. “Vishal सर ने मुझे एक बात कही थी. तुमसे जो बन पड़ता है, उसे सामने वाले की मदद में लगा दो. चीजों को पास ऑन करने से बरकत ही होता है.” Rishi आज उसी बात को अपने तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं. ‘लगातार कॉल और मैसेज आ रहे हैं’ Hanuman Ansh की सफलता ने Rishi की जिंदगी में एक और बदलाव किया है. अब उनके

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Apple Event 2026 LIVE: आज रात लॉन्च होगा iPhone 18 Pro और पहला Foldable iPhone Ultra, जानें संभावित कीमत और फीचर्स

iPhone 18 Pro Launch Live Updates: ऐपल ने अपने इवेंट का नाम रखा है ‘सरप्राइज एंड शाइन’. नाम में ही एक बड़ा इशारा छिपा हुआ दिख रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘सरप्राइज’ शब्द उस लंबे समय से अटकलों में चल रहे फोन की ओर इशारा कर रहा है, जिसका इंतजार यूजर्स को सबसे ज्यादा है. इस बार इवेंट की असली चमक आईफोन फोल्ड पर टिकी होने वाली है. दुनिया भर की नजरें आज इसी बात पर टिकी हैं कि ऐपल अपने फोल्डेबल फोन में क्या नया और अलग लेकर आ रही है. पल-पल की ऐपल इवेंट लाइव अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें! The post Apple Event 2026 LIVE: आज रात लॉन्च होगा iPhone 18 Pro और पहला Foldable iPhone Ultra, जानें संभावित कीमत और फीचर्स appeared first on Naya Vichar.

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