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Rajyog: सूर्य-बुध से 5 राशि के जातकों का भाग्योदय, बुधादित्य राजयोग खोलेगा धन-समृद्धि का रास्ता

Budhaditya Rajyog 5 Luckiest Zodiac: बुध ग्रह 7 सितंबर को कन्या राशि में प्रवेश किया था, अब सूर्य 17 सितंबर को कन्या में गोचर करने वाला है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कन्या राशि में सूर्य और बुध ग्रह का मिलन होगा. कन्या राशि में सूर्य-बुध के मिलने से बुधादित्य योग बनेगा, जिसे वैदिक ज्योतिष में ‘राजयोग’ कहा गया है. इस प्रकार 17 सितंबर को बुध और सूर्य के मिलने से बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा. कन्या राशि में बनने वाला यह राजयोग पांच राशियों से संबंध रखने वाले लोगों के लिए लाभकारी और उन्नतिकारक है. ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पांडेय ने बताया कि बुधादित्य राजयोग किन 5 राशि के जातकों के जीवन क्या बदलाव आएगा. मिथुन राशि के जातकों को पिता के सहयोग से होगा लाभ प्रशासनी या प्राइवेट नौकरी करने वाले सूर्य ग्रह की अनुकूलता प्राप्त करेंगे. इससे कार्यक्षेत्र में प्रतिष्ठा प्राप्त होगा. कार्यस्थल पर मान-सम्मान बढ़ेगा. आंख से जुड़ी परेशानी कम होगी. पिता के सहयोग या आशीर्वाद से कोई काम सफल होगा. नौकरी से अटके कार्यों को गति मिलेगी. वाणी के प्रभाव से कोई बड़ा काम बनेगा. व्यापार में आर्थिक उन्नति के कई रास्ते खुलेंगे. कर्क राशि से संबंधित लोगों के लिए अचानक लाभ का योग पहले किए पैतृक संपत्ति में निवेश का लाभ मिलेगा. सूर्य ग्रह का शुभ प्रभाव नौकरीपेशा जातकों की तरक्की में सहायक होगा. अचानक धन लाभ का योग है. आईटी क्षेत्र में काम करने वाले जातकों को खुशसमाचारी मिलेगी. व्यापार में तरक्की के लिहाज से की गई यात्रा सफल होगी. तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) से जुड़ा कष्ट कम होगा. सिंह राशि से जुड़े लोगों की दैनिक आमदनी बढ़ेगी पिता के सहयोग से प्रशासनी की योजना से लाभ हो सकता है. कारोबार करने वाले जातकों बुध और सूर्य ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होगी. आमदनी में वृद्धि होगी. धन लाभ के प्रबल योग हैं. दैनिक आमदनी में बढ़ोतरी से मन प्रसन्न रहेगा. समाजिक प्रतिष्ठा के साथ-साथ धन और समृद्धि के रास्ते खुलेंगे. ये भी पढ़ें: Venus Transit: 85 दिन तक मिलेगा राजसी ठाटबाट, शुक्र के नक्षत्र परिवर्तन से आएंगे 5 राशि वालों के सुनहरे दिन कन्या राशि के लोगों का होगा भाग्योदय सूर्य और बुध ग्रह के सकारात्मक प्रभाव से नौकरीपेशा जातकों की तरक्की होगी. व्यवसाय करने वाले जातकों को कुछ महत्वपूर्ण स्रोतों से धन लाभ हो सकता है. प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का शुभ समाचार मिलेगा. परिवार में छोटे भाई से आर्थिक लाभ होगा. भाग्योदय होगा. धन संकट से निजात मिल सकती है. आमदनी के नए स्रोत बनेंगे. तुला राशि से लोगों को प्रशासनी कार्यों से लाभ सूर्य ग्रह के अनुकूल प्रभाव से नौकरीपेशा जातकों की तरक्की होगी. बिजनेस करने वाले जातकों की दैनिक आमदनी बढ़ेगी. कोर्ट से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी. जमीन से जुड़े विवाद का निपटारा होगा. बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होगी. छोटे संतान से सुख मिल सकता है. यात्रा योग बनेगा जो सुखदायक होगा. अटका हुआ प्रशासनी काम पूरा होगा. The post Rajyog: सूर्य-बुध से 5 राशि के जातकों का भाग्योदय, बुधादित्य राजयोग खोलेगा धन-समृद्धि का रास्ता appeared first on Naya Vichar.

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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के पूर्व CM मधु कोड़ा दोषी साबित होंगे या मिलेगी क्लीन चिट? झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

रांची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा से जुड़े बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. पूर्व सीएम द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रार्थी (मधु कोड़ा) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनीं. दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं द्वारा अपना-अपना पक्ष रखे जाने के बाद कोर्ट ने इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रखने का निर्णय लिया. निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में दी गई है चुनौती अदालत में सुनवाई के दौरान प्रार्थी मधु कोड़ा की ओर से अधिवक्ता नवीन कुमार सिंह ने पक्ष रखा. वहीं, ईडी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने दलीलें पेश कीं. गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मनी लॉन्ड्रिंग की राशि को लेकर उत्पन्न विवाद को चुनौती दी है. इससे पहले, निचली अदालत (विशेष PMLA कोर्ट) ने ईडी के आरोप पत्र (चार्जशीट) में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग की राशि में संशोधन करने की उनकी अर्जी को खारिज कर दिया था. निचली अदालत के इसी आदेश के खिलाफ मधु कोड़ा ने हाईकोर्ट का रुख किया है. ये भी पढ़ें: जेपीएससी नियुक्ति गड़बड़ी: अभय तिवारी समेत 2 आरोपियों की जमानत पर फैसला आज क्या है मनी लॉन्ड्रिंग की राशि से जुड़ा विवाद? पूर्व मुख्यमंत्री का तर्क है कि ईडी द्वारा आरोप पत्र में दर्शाई गई मनी लॉन्ड्रिंग की कुल राशि और वास्तविक तथ्यों में भिन्नता है, जिसे संशोधित किया जाना चाहिए. हालांकि, ईडी ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि निचली अदालत का फैसला नियमों के अनुरूप है और जांच के आधार पर ही चार्जशीट तैयार की गई है. दोनों पक्षों की कानूनी बहसों को दर्ज करने के बाद अदालत अब अपना अंतिम आदेश सुनाएगी, जिस पर राज्य के नेतृत्वक और कानूनी गलियारों की निगाहें टिकी हुई हैं. ये भी पढ़ें: सिमडेगा हॉकी चैंपियनशिप में दिखा रोमांच, 12 मुकाबलों में खिलाड़ियों ने दिखाया दम The post मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के पूर्व CM मधु कोड़ा दोषी साबित होंगे या मिलेगी क्लीन चिट? झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित appeared first on Naya Vichar.

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अब महिलाएं बनेंगी बॉस, पढ़ाई से लेकर बिजनेस तक, सुकन्या समेत इन सरकारी योजनाओं का मिलेगा पूरा साथ

हिंदुस्तान में स्त्रीओं को सशक्त बनाने और उनके विकास को रफ्तार देने के लिए केंद्र प्रशासन कई खास योजनाएं चला रही है. साल 2047 तक हिंदुस्तान को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में स्त्रीओं की हिस्सेदारी को सबसे अहम माना गया है. देश में स्त्रीओं की आबादी लगभग 50 फीसदी है, ऐसे में उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाए बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता. शिक्षा, रोजगार, सेहत और सुरक्षा जैसे हर मोर्चे पर स्त्रीओं को आगे लाने के लिए प्रशासन ने कई बड़ी पहल की हैं. आइए जानते हैं हिंदुस्तान की प्रमुख स्त्री सशक्तिकरण योजनाओं के बारे में और यह कैसे आपके काम आ सकती हैं. स्त्रीओं के लिए कौन-सी योजनाएं चल रही हैं? प्रशासन की मुख्य योजनाओं को आप अपनी जरूरत और श्रेणी के हिसाब से समझ सकती हैं: 1. बचत और निवेश से जुड़ी योजनाएं सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत यह खाता बेटी के जन्म के बाद खोला जाता है. इसमें अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना जमा किए जा सकते हैं. इस पर 8.2% सालाना ब्याज (टैक्स फ्री) मिलता है. यह पैसा बेटी की पढ़ाई और शादी के काम आता है. स्त्री सम्मान बचत प्रमाण पत्र (MSSC): पोस्ट ऑफिस की यह 2 साल की एफडी योजना है. इसमें स्त्रीएं 2 लाख रुपये तक जमा कर सकती हैं, जिस पर 7.5% की दर से ब्याज मिलता है. 2. रोजगार और बिजनेस के लिए आर्थिक मदद लखपति दीदी योजना: सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) से जुड़ी 2 करोड़ स्त्रीओं की आमदनी बढ़ाकर उन्हें सालाना 1 लाख रुपये से अधिक कमाने योग्य बनाना. ड्रोन दीदी योजना: SHG की 15,000 स्त्रीओं को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. इससे वे दवाइयां/राशन पहुंचाने और खेती की जमीन की मैपिंग जैसे काम करके कमाई कर सकेंगी. मुद्रा योजना (PMMY): छोटे बिजनेस के लिए बिना किसी गारंटी के 20 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है, जिसमें स्त्री उद्यमियों को प्राथमिकता मिलती है. स्टैंडअप इंडिया मिशन: SC, ST और स्त्री उद्यमियों को नया बिजनेस शुरू करने के लिए 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का लोन मिलता है, जो प्रोजेक्ट लागत का 75% तक कवर करता है. TREAD योजना: इसमें स्त्री उद्यमियों को बैंक लोन के साथ प्रशासन की ओर से 30% (अधिकतम 30 लाख रुपये) की सब्सिडी/मदद एनजीओ के जरिए मिलती है. स्त्री ई-हाट और STEP: ‘स्त्री ई-हाट’ एक ऑनलाइन बाजार है जहां स्त्रीएं अपने प्रोडक्ट बेच सकती हैं. वहीं ‘STEP’ योजना स्त्रीओं को हुनर सिखाकर रोजगार पाने में मदद करती है. 3. सेहत, घर और सुरक्षा की योजनाएं योजना का नाम मुख्य फायदा मिशन इंद्रधनुष गर्भवती स्त्रीओं और बच्चों का पूरी तरह से मुफ्त टीकाकरण. उज्जवला योजना गरीब परिवारों (BPL) को मुफ्त गैस कनेक्शन और सब्सिडी पर सिलेंडर. प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) पक्के मकान का मालिकाना हक घर की स्त्री के नाम पर. स्त्री शक्ति केंद्र (MSK) ग्रामीण स्त्रीओं को डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास में मदद. स्त्री हेल्पलाइन (181) हिंसा या परेशानी से पीड़ित स्त्रीओं के लिए 24×7 टोल-फ्री इमरजेंसी नंबर. इन प्रशासनी योजनाओं की जरूरत क्यों पड़ी? स्त्री सशक्तिकरण सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि देश की जरूरत है: वित्तीय स्थिति को मजबूती: जब स्त्रीएं काम करेंगी, तो देश की जीडीपी में तेजी से बढ़ोतरी होगी. गरीबी से मुक्ति: घर में एक से ज्यादा कमाने वाले सदस्य होने से परिवार गरीबी से बाहर निकलता है. बेहतर समाज और सेहत: एक पढ़ी-लिखी और जागरूक स्त्री पूरे परिवार के खान-पान और सेहत का ध्यान बेहतर तरीके से रख सकती है. इन योजनाओं का लाभ कैसे उठाएं? अगर आप या आपके परिवार की कोई स्त्री इनमें से किसी योजना का फायदा उठाना चाहती हैं, तो अपने नजदीकी बैंक, डाकघर या आंगनबाड़ी केंद्र से संपर्क कर सकती हैं. सही समय पर ली गई जानकारी और इन योजनाओं का इस्तेमाल स्त्रीओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है. ये भी पढ़ें: पीएम आवास योजना 2.0: शहरों में घर का सपना होगा पूरा, जल्द शुरू होगी योजना; जानें किसे मिलेगा फायदा The post अब स्त्रीएं बनेंगी बॉस, पढ़ाई से लेकर बिजनेस तक, सुकन्या समेत इन प्रशासनी योजनाओं का मिलेगा पूरा साथ appeared first on Naya Vichar.

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लड़की, ट्रेन, शराब…बिहार में तस्करी का मॉडर्न तरीका, नेहा और रिया मास्टरमाइंड या बड़े माफिया के मोहरे?

Bihar Woman Liquor Smugglers : बिहार में हाल में दो तस्वीरों ने सनसनी मचा दी है. समस्तीपुर में एसी फर्स्ट क्लास से शराब ला रही युवती के पकड़े जाने के बाद अब पटना जंक्शन पर भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा को शराब की खेप के साथ दबोचा गया है. इन दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद बड़ा सवाल यह है कि क्या यह लड़कियां सचमुच तस्करी में शामिल हैं या सिर्फ बड़े चालबाजों के लिए प्यादा भर हैं. सबसे पहले इस नए पैटर्न को समझिए…आखिर शराब तस्करों ने अपना तरीका क्यों बदला है? बिहार में शराबबंदी कानून लागू हुए करीब 10 साल हो गए हैं. अब तक राज्य में विभाग ने हरसंभव तरीके से होने वाली तस्करी को रोकने की कोशिश की है. एंबुलेंस से, पुलिस जीप से, नेता-अधिकारी के नेमप्लेट लगी गाड़ियों से शराब बरामद हो चुकी है. ट्रेनों में भी शराब लेकर आने-जाने वाले तस्कर पकड़े गए हैं. लेकिन अभी जो हुआ है, वो बिल्कुल नया ट्रेंड है. हाल में गुप्त सूचना के आधार पर समस्तीपुर स्टेशन पर आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के एसी फर्स्ट क्लास में छापेमारी की. टीम ने कूपे से समस्तीपुर के सिंघिया थाना क्षेत्र की रहने वाली नेहा झा को उसके जीजा ईशान कुमार के साथ हिरासत में लिया. तलाशी के दौरान दो सूटकेस से करीब 75 लीटर ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद की गई. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नेहा के पिता और उसकी बड़ी बहन भी पूर्व में शराब तस्करी के आरोप में जेल जा चुके हैं. शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार नेहा झा. पटना जंक्शन पर बैग में शराब लेकर पहुंची छात्रा गिरफ्तार समस्तीपुर के बाद पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पटना जंक्शन के पास पुलिस ने एक और युवती को पकड़ा. रिया नाम की आरोपी युवती दानापुर की रहने वाली है और प्रतियोगी परीक्षाओं सहित बिहार पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही है. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए युवती के हैंडबैग और शोल्डर बैग से करीब 14 हजार रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब बरामद की. युवती उत्तर प्रदेश से ट्रेन के जरिए शराब की यह खेप लेकर पटना पहुंची थी. पूछताछ में उसने बताया कि बनारस से पटना शराब पहुंचाने के लिए उसे दो हजार रुपये देने का झांसा दिया गया था. मोतिहारी में पुलिस से बचने के लिए परिवार का दिखावा मोतिहारी में भी इससे ही जुड़ा शराब तस्करी का अलग तरीका सामने आया था. उत्पाद विभाग की टीम ने एक स्त्री को लग्जरी कार से शराब ले जाते हुए पकड़ा था. पूछताछ में स्त्री ने कथित तौर पर बताया कि पुलिस को शक न हो, इसलिए उसके साथ एक पुरुष और एक शिशु को परिवार की तरह दिखाया गया था. स्त्री के अनुसार, पुरुष को 1500 रुपये रोज के हिसाब से किराये का पति और शिशु को 500 रुपये में साथ लिया गया था. पुलिस ने बताया कि स्त्री उत्तर प्रदेश से शराब लेकर मुजफ्फरपुर जा रही थी. View on Instagram Bihar Woman Liquor Smuggler : पूरे नेटवर्क-संपर्कों की पड़ताल में जुटी पुलिस यह दिखाता है कि तस्करी के तरीके कितने विविध हो गए हैं, और पुलिस अब इन पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है. पुलिस दोनों मामलों में पकड़ी गई युवतियों के मोबाइल कॉल डिटेल और संपर्कों को खंगाल रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब की ये खेप किन-किन स्थानीय सिंडिकेट और ग्राहकों तक पहुंचाई जानी थी. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े जाने के डर से बचने के लिए तस्कर गिरोह युवतियों का सहारा ले रहे हैं और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. अब समझिए, शराबबंदी के इस नए ट्रेंड की हकीकत बिहार में शराबबंदी कानून के तहत सबसे ज्यादा जिन लोगों को सजा हुई है, वो शराब कंज्यूम करनेवाले हैं. आंकड़ों के अनुसार अब तक राज्य में कुल छह लाख 40 हजार 379 लोगों को सजा सुनाई गई, इसमें करीब छह लाख 38 हजार मामले सिर्फ शराब पीने के हैं. इसका मतलब इन दस सालों में दो हजार के करीब ही लोगों को शराब तस्करी के मामले में सजा हुई है. इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बिहार पुलिस को तस्करों को सजा दिला पाने में उतनी सफलता नहीं मिली है, जितनी इससे जुड़े अन्य मामलों में मिली है. हाल में आई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भी शराब तस्करी से जुड़े मामलों में स्त्रीओं की संख्या बढ़ी है. पश्चिम चंपारण में ही बीते चार सालों में 900 के करीब स्त्रीओं को तस्करी के मामले में पकड़ा गया है. हालांकि पुलिस-प्रशासन का यही मानना है कि बड़े माफिया स्त्रीओं को सिर्फ डिलीवरी के वक्त आने कर रहे हैं. यानि उनसे सिर्फ कैरियर का काम लिया जा रहा है. View on Instagram Bihar CM Samrat Choudhary का बयान-स्त्रीओं के लिए की गई शराबबंदी जारी रहेगी इन तमाम बातों-विरोधाभासों के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बार फिर स्पष्ट कहा है कि शराबबंदी राज्य की स्त्रीओं की मांग पर की गई थी. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने यह फैसला बिहार की आधी आबादी की मांग पर लिया था, और यह फैसला आगे भी जारी रहेगा. आगे ये दो वीडियो भी देखें… यह भी पढ़ें : बिहार में शराबबंदी के बीच सूखा नशा बना बड़ी चुनौती, शराब तस्करी के तरीके भी बदले First AC में शराब तस्करी: नेहा की पूरी कहानी, पिता के बाद बहन पर भी केस, दरभंगा कनेक्शन की जांच The post लड़की, ट्रेन, शराब…बिहार में तस्करी का मॉडर्न तरीका, नेहा और रिया मास्टरमाइंड या बड़े माफिया के मोहरे? appeared first on Naya Vichar.

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10 लाख का पैकेज छोड़, परिवार से छिपाकर की तैयारी…आखिरी मौके में ऐसे लेफ्टिनेंट बने जमशेदपुर के प्रतीक

जमशेदपुर: आज जहां युवाओं में बड़ी कंपनियों में नौकरी पाने और लाखों रुपये का पैकेज हासिल करने की होड़ मची हुई है. वहीं, जमशेदपुर के परसुडीह के रहने वाले 26 साल के प्रतीक सिंह ने करीब 10 लाख रुपये के पैकेज वाली नौकरी को छोड़कर देश सेवा का रास्ता चुना. कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद प्रतीक ने ईवाई इंडिया और डेलॉयट जैसी बड़ी कंपनियों में डेटा एनालिस्ट के तौर पर काम किया. लेकिन दो साल की नौकरी के बाद उन्हें एहसास हुआ कि यही काम वह पूरी जिंदगी नहीं करना चाहते. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर सेना में जाने का फैसला किया. खास बात यह रही कि प्रतीक के इस फैसले और उनकी तैयारी की जानकारी उनके माता-पिता तक को नहीं थी. उन्होंने अपने पास मौजूद पैसों से दिल्ली में रहकर तैयारी शुरू की और एसएससी टेक के जरिए एसएसबी की परीक्षा दी. जून 2026 में दिया गया उनका दूसरा प्रयास उम्र के हिसाब से आखिरी मौका था. इस आखिरी मौके का उन्होंने अच्छे से फायदा उठाया और सेना में नौकरी हासिल की. डीबीएमएस से शुरू हुई पढ़ाई प्रतीक सिंह का जन्म 26 मार्च 2001 को हुआ. वह जमशेदपुर के परसुडीह हाउसिंग कॉलोनी के रहने वाले हैं. उनकी दसवीं तक की पढ़ाई डीबीएमएस इंग्लिश स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने बिष्टुपुर स्थित श्रीकृष्ण पब्लिक स्कूल से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई की. 12वीं में उन्होंने साइंस विषय लिया. इसके बाद प्रतीक ने भुवनेश्वर के एसओए यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक किया और वर्ष 2023 में उनकी पढ़ाई पूरी हुई. डेटा एनालिस्ट के तौर पर किया काम बीटेक के बाद प्रतीक ने ईवाई इंडिया में डेटा एनालिस्ट के तौर पर करीब एक साल काम किया. इसके बाद उन्होंने डेलॉयट इंडिया ज्वाइन की और वहां भी करीब एक साल तक डेटा एनालिस्ट के तौर पर काम किया. दोनों नौकरियां गुरुग्राम में थीं. इसके बाद प्रतीक स्काइडाइविंग के लिए हरियाणा के नारनौल गए. यहीं उनकी मुलाकात ब्रिगेडियर सौरभ सिंह शेखावत से हुई. सेना से जुड़े लोगों के साथ बातचीत और उनके अनुभवों को करीब से समझने के बाद प्रतीक को लगने लगा कि सेना का जीवन ही उनके लिए सही हो सकता है. यहीं से उनके मन में सेना में जाने का फैसला मजबूत होता गया. बहन बनी सबसे बड़ी स्पोर्ट सिस्टम माता-पिता व बहन के साथ प्रतीक प्रतीक के माता-पिता को उनके सेना में जाने की तैयारी के बारे में चयन होने से पहले तक कोई जानकारी नहीं थी. जब उनका चयन हो गया और मेडिकल की प्रक्रिया शुरू हुई, तब उन्होंने अपने माता-पिता को बताया कि उनका चयन हो गया है. यानी जिस तैयारी को प्रतीक ने परिवार से छिपाकर शुरू किया था, उसकी सफलता की समाचार उन्होंने मेडिकल के समय अपने परिवार के साथ साझा की. उनके पिता शलेंद्र सिंह रेलवे में प्रशासनी पद पर कार्यरत रहे हैं और मां प्रतीमा सिंह गृहिणी हैं. ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में भी दर्ज है नाम अवॉर्ड के साथ प्रतीक प्रतीक को बचपन से ही स्पोर्ट्सकूद और फिटनेस में काफी रुचि रही है. पुश-अप्स में उनके प्रदर्शन के लिए उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज किया गया है. उन्हें घुड़सवारी, तैराकी और स्काई-डाइविंग का भी शौक है. सोशल मीडिया को मानते हैं बड़ा डिस्ट्रैक्शन प्रतीक सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं हैं. वह व्हाट्सऐप के अलावा किसी सोशल मीडिया मंच का इस्तेमाल नहीं करते. उनका मानना है कि फोन और सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल किया जाए तो यह उपयोगी हो सकता है, लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल होने पर खासकर विद्यार्थियों के लिए यह बड़ा डिस्ट्रैक्शन बन सकता है. ‘लेजर जैसा फोकस जरूरी है’: प्रतीक प्रतीक अपनी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र फोकस को मानते हैं. उनका मानना है कि अगर किसी व्यक्ति का ध्यान एक ही लक्ष्य पर लेजर की तरह केंद्रित हो और वह लगातार उसी दिशा में मेहनत करता रहे, तो सफलता हासिल की जा सकती है. The post 10 लाख का पैकेज छोड़, परिवार से छिपाकर की तैयारी…आखिरी मौके में ऐसे लेफ्टिनेंट बने जमशेदपुर के प्रतीक appeared first on Naya Vichar.

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पेंडिंग चालान चुकाने का मौका: झारखंड और बिहार में इस दिन लग रही है नेशनल लोक अदालत, मिल सकती है जुर्माने में राहत

झारखंड और बिहार समेत देशभर में 12 सितंबर 2026 को नेशनल लोक अदालत (National Lok Adalat) लगने जा रही है. अगर आपका कोई भी पेडिंग ट्रैफिक चालान है, तो बिना कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटे इसे कम खर्च में निपटाने का यह एक शानदार मौका है. आइए जानते हैं कि इस लोक अदालत में आपको कैसे राहत मिल सकती है और इसके लिए क्या तैयारी करनी होगी. चालान में कैसे मिलेगी भारी छूट? लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित और छोटे मामलों को आपसी सहमति से जल्द सुलझाना है. सुनवाई के दौरान जज और लीगल पैनल के सामने आपके चालान को रखा जाता है. कई स्थितियों में वाहन चालक का पूरा जुर्माना माफ कर दिया जाता है या फिर बहुत ही कम राशि (डिस्काउंटेड रेट) देकर मामले का निपटारा कर दिया जाता है. किन ट्रैफिक चालानों का होगा निपटारा? इस लोक अदालत में मुख्य रूप से सामान्य ट्रैफिक उल्लंघनों पर राहत दी जाएगी. इनमें निम्नलिखित मामले शामिल हैं: बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट न लगाना रेड लाइट जंप करना (ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना) तय सीमा से अधिक तेज गाड़ी चलाना (ओवरस्पीडिंग) नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) न होना वाहन का इंश्योरेंस (बीमा) खत्म होना ये भी पढ़ें: The post पेंडिंग चालान चुकाने का मौका: झारखंड और बिहार में इस दिन लग रही है नेशनल लोक अदालत, मिल सकती है जुर्माने में राहत appeared first on Naya Vichar.

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तीज पर कौन सा मेकअप रहेगा सबसे बेस्ट? इन 5 लुक्स पर डालें नजर

Hartalika Teej Makeup Look Ideas: हरतालिका तीज का त्योहार आते ही स्त्रीओं की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. साड़ी हो या लहंगा, मेहंदी हो या चूड़ियां, इस दिन हर कोई अपने लुक को खास बनाना चाहता है. लेकिन आउटफिट और ज्वेलरी के साथ मेकअप भी ऐसा होना चाहिए जो पूरे लुक को खूबसूरत तरीके से कंप्लीट करे. अगर आप इस बार तीज पर कुछ अलग ट्राई करना चाहती हैं, तो इन मेकअप लुक्स से आइडिया ले सकती हैं.  1. ट्रेडिशनल रेड लिप्स लुक तीज के मौके पर लाल रंग की लिपस्टिक हमेशा क्लासिक लगती है. अगर आपने लाल, मैरून या गहरे गुलाबी रंग की साड़ी पहनी है, तो रेड लिप्स आपके लुक को और निखार (Hartalika Teej Makeup Look Ideas)सकते हैं. आंखों पर हल्का गोल्डन या ब्राउन आईशैडो लगाएं और पतली विंग्ड आईलाइनर से मेकअप को पूरा करें. 2. सॉफ्ट ग्लो वाला मेकअप अगर आपको बहुत ज्यादा मेकअप पसंद नहीं है, तो सॉफ्ट ग्लो लुक अच्छा विकल्प हो सकता है. चेहरे पर हल्का बेस लगाएं और जरूरत के हिसाब से कंसीलर इस्तेमाल करें. गालों पर पीच या पिंक ब्लश लगाएं और हल्का हाइलाइटर लगाकर चेहरे को नेचुरल ग्लो दें. होंठों पर न्यूड या सॉफ्ट पिंक शेड अच्छा लगेगा.  PC: AI Generated यह भी पढ़ें: हरतालिका तीज पर हाथों में रचाएं ये खूबसूरत मेहंदी डिजाइन, नजरें हटाना हो जाएगा मुश्किल 4. बोल्ड आईलाइनर और पिंक लिप्स अगर आप अपने मेकअप में आंखों को हाइलाइट करना चाहती हैं, तो बोल्ड आईलाइनर ट्राई कर सकती हैं. आंखों पर ब्लैक आईलाइनर की थोड़ी मोटी लाइन लगाएं और पलकों पर मस्कारा लगाएं. इसके साथ पिंक या रोज शेड की लिपस्टिक लगाएं. यह लुक सिंपल भी लगेगा और फेस्टिव भी.  PC: AI Generated 5. देसी ब्राइडल टच (Hartalika Teej Makeup Look Ideas) अगर आप तीज पर थोड़ा हैवी और रॉयल लुक चाहती हैं, तो मेकअप में ब्राइडल टच दे सकती हैं. आंखों पर ब्राउन और गोल्डन शेड का कॉम्बिनेशन रखें और हल्का स्मोकी इफेक्ट दें. इसके साथ मैरून या डीप रेड लिपस्टिक लगाएं. मांग टीका, नथ और बड़ी बिंदी जैसे ट्रेडिशनल एक्सेसरीज इस लुक को और खूबसूरत बना सकते हैं.  यह भी पढ़ें: इस तीज बालों को दें ऐसा लुक, हर कोई कहेगा वाह क्या हेयरस्टाइल है The post तीज पर कौन सा मेकअप रहेगा सबसे बेस्ट? इन 5 लुक्स पर डालें नजर appeared first on Naya Vichar.

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रायबरेली में राहुल गांधी के सामने ‘0’ का चक्रव्यूह, क्या 2027 में कांग्रेस की किस्मत बदलेगी या दूर रहेंगे सुनहरे दिन?

UP Politics: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी खोई नेतृत्वक जमीन वापस पाने की तैयारी शुरू कर दी है. रायबरेली से सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ अलग-अलग वर्गों के लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में करीब चार लाख मतों के अंतर से राहुल गांधी की जीत ने कांग्रेस को नई उम्मीद दी है. हालांकि, विधानसभा चुनाव में पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती रायबरेली जिले की छह विधानसभा सीटों में अपना खाता खोलने की है. राहुल गांधी का रायबरेली दौरा क्यों है अहम? राहुल गांधी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे. बुधवार को उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं से मुलाकात की. उनका यह दौरा भले ही दिशा (DISHA) की बैठक में शामिल होने के लिए था, लेकिन इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है. सांसद बनने के बाद राहुल गांधी लगातार रायबरेली का दौरा कर रहे हैं और स्थानीय मुद्दों के साथ संगठन की स्थिति को भी समझने की कोशिश कर रहे हैं. व्यापारियों ने राहुल गांधी के सामने क्या मुद्दे उठाए? इस दौरान राहुल गांधी ने विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधिमंडलों और व्यापारियों से भी मुलाकात की. प्रभु टाउन में सर्राफा व्यापारी फाना त्रिवेदी के आवास पर हुई बैठक में व्यापारियों ने सोना-चांदी के कारोबार में गिरावट, महंगाई और बाजार में घटती क्रयशक्ति जैसे मुद्दे उठाए. राहुल गांधी ने उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी आवाज सड़क से संसद तक उठाने का भरोसा दिया. केमिस्ट कारोबारियों ने भी रखी अपनी समस्या भुएमऊ गेस्ट हाउस में राहुल गांधी ने केमिस्ट प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की. दवा कारोबारियों ने ऑनलाइन माध्यम से बिना चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री और इससे पारंपरिक दवा कारोबार पर पड़ रहे असर की समस्या उठाई. राहुल गांधी ने उनकी बात सुनी. इस तरह अपने दौरे के दौरान उन्होंने व्यापारियों और दवा कारोबारियों समेत अलग-अलग वर्गों के लोगों से संवाद किया. छह सीटें, लेकिन कांग्रेस के पास एक भी विधायक नहीं रायबरेली जिले में कुल छह विधानसभा सीटें हैं. इनमें रायबरेली सदर, हरचंदपुर, बछरावां, सरेनी, ऊंचाहार और सलोन शामिल हैं. इनमें से पांच विधानसभा सीटें रायबरेली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जिले की सभी छह सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी एक भी सीट जीत नहीं सकी. 2022 में भाजपा-सपा के बीच बंटा था रायबरेली 2022 में भाजपा ने रायबरेली सदर और सलोन सीट पर जीत दर्ज की थी, जबकि हरचंदपुर, बछरावां, सरेनी और ऊंचाहार सीटों पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार विजयी हुए थे. हालांकि, ऊंचाहार से सपा विधायक मनोज पांडेय अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं. ऐसे में वर्तमान नेतृत्वक समीकरण 2022 के चुनावी नतीजों से अलग नजर आता है. सोनिया गांधी के दौर में कांग्रेस का दबदबा रायबरेली लंबे समय से गांधी परिवार और कांग्रेस की नेतृत्व का अहम केंद्र रहा है. सोनिया गांधी 2004 में रायबरेली लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरी थीं. उस समय जिले में कांग्रेस के पास अखिलेश सिंह के रूप में एक विधायक था. इसके बाद 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने रायबरेली में मजबूत प्रदर्शन किया और उसके टिकट पर पांच विधायक चुने गए. 2007 में कांग्रेस ने पांच सीटों पर दर्ज की थी जीत 2007 में बछरावां से राजा राम त्यागी, सलोन से शिव बालक पासी, सरेनी से अशोक कुमार सिंह, ऊंचाहार से अजय पाल सिंह और हरचंदपुर से शिवगणेश लोधी कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे. वहीं रायबरेली सदर से अखिलेश सिंह निर्दलीय विधायक चुने गए थे. उस चुनाव में रायबरेली जिले की इन सीटों पर सपा, बसपा और भाजपा अपना खाता नहीं खोल सकी थीं. 2012 में कांग्रेस का फिर नहीं खुला खाता 2007 के मजबूत प्रदर्शन के बाद 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जिले की एक भी सीट जीतने में सफल नहीं रही. 2017 में पार्टी ने रायबरेली सदर और हरचंदपुर सीट पर जीत दर्ज की. रायबरेली सदर से अदिति सिंह और हरचंदपुर से राकेश सिंह कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे. हालांकि, बाद में दोनों ही भाजपा में शामिल हो गए. इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को फिर सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा. राहुल की जीत से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जगी उम्मीद 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी रायबरेली से चुनाव मैदान में उतरे और करीब चार लाख मतों के अंतर से जीत दर्ज की. राहुल गांधी को रायबरेली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी पांच विधानसभा सीटों पर बड़ी बढ़त मिली. कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस जीत से जिले में पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है. स्थानीय मुद्दों पर भी राहुल का फोकस राहुल गांधी के सांसद बनने के बाद कांग्रेस रायबरेली में संगठन को मजबूत करने और स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता बढ़ाने की कोशिश कर रही है. इससे पहले राहुल गांधी ने वीरा पासी की मूर्ति का अनावरण कर दलित समुदाय के बीच संवाद बढ़ाने की कोशिश की थी. इस बार व्यापारियों से मुलाकात को भी पार्टी की इसी जमीनी पहुंच की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है. 2027 में सपा-कांग्रेस गठबंधन बनेगा बड़ा सवाल 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा था और दोनों दलों का प्रदर्शन बेहतर रहा था. अब 2027 के विधानसभा चुनाव में भी अगर दोनों दल साथ आते हैं, तो रायबरेली में सीट बंटवारा अहम मुद्दा होगा. जिले की अधिकांश विधानसभा सीटों पर फिलहाल सपा का मजबूत आधार है. ऐसे में यह सवाल महत्वपूर्ण है कि गठबंधन की स्थिति में कांग्रेस को कितनी और कौन-कौन सी सीटें मिलेंगी. सीट बंटवारे पर फंस सकता है पेंच 2017 के विधानसभा चुनाव में भी सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन हुआ था. उस दौरान रायबरेली की कुछ सीटों पर दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने भी उतरे थे. इसलिए 2027 में गठबंधन की स्थिति और सीटों का बंटवारा कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण नेतृत्वक चुनौती होगी. दूसरी ओर भाजपा भी रायबरेली में अपने संगठन और विकास के मुद्दों

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Drishyam 3 Trailer: वर्दी कोई भी हो, परिवार पर आया तो विजय सलगांवकर कुछ भी करेगा… रिलीज हुआ ‘दृश्यम 3’ का माइंड-ब्लोइंग ट्रेलर

Drishyam: The Conclusion Trailer: एक केस, एक फैमिली और एक जेल… 2 अक्टूबर की तारीख पास आते ही विजय सलगांवकर का अतीत एक बार फिर उसका पीछा करते हुए दरवाजे पर आ खड़ा हुआ है. बॉलीवुड की चर्चित सस्पेंस-थ्रिलर फ्रेंचाइजी की अगली फिल्म ‘दृश्यम 3’ का ऑफिशियल ट्रेलर आउट हो चुका है. 2 मिनट 49 सेकंड का यह ट्रेलर शुरुआत से लेकर आखिरी सेकंड तक सांसें थाम देने वाले सस्पेंस से भरा हुआ है. इस बार पुलिस सिर्फ पुराने शक के आधार पर नहीं, बल्कि पक्के सबूतों और नई तकनीकों के साथ सलगांवकर परिवार को घेरने निकली है, जहां एक तरफ बदला है और दूसरी तरफ अपने परिवार को बचाने की आखिरी जंग. Drishyam 3 Trailer Highlights: क्या-क्या हुआ ट्रेलर में? ट्रेलर की शुरुआत एक सवाल से होती है कि “अगर विजय की कहानी का सीक्वल लिखना हो, तो विजय इस बार क्या करेगा?” इसके बाद सीधे पुलिस की नई रणनीति दिखती है. तबू (मीरा देशमुख) इस बार इंसाफ नहीं, सीधे ‘बदला’ चाहती हैं. लेकिन असली ट्विस्ट तब आता है जब एस.पी. क्राइम ब्रांच के रूप में जयदीप अहलावत की एंट्री होती है. जयदीप लाइ-डिटेक्टर मशीन से विजय और उसके परिवार का पॉलीग्राफ टेस्ट करते दिखते हैं और विजय की धड़कनों को नापते हैं. ट्रेलर में दिखाया गया है कि पुलिस इस बार पूरे सबूतों के साथ आई है ताकि पूरे परिवार को जेल की सलाखों के पीछे धकेला जा सके. लेकिन ट्रेलर के एंड में अजय देवगन का वो सीन रोंगटे खड़े कर देता है, जहां वे कड़क आवाज में कहते हैं, “आदमी अपने परिवार के लिए हर कदम पर टूटता है… लेकिन जब तक कोई परिवार को थ्रेटन न करे.वरना परिवार को घसीटना तो दूर, एक आम आदमी क्या कर सकता है आप सोच भी नहीं सकते, चाहे सामने किसी भी वर्दी वाला क्यों न हो.” यहां देखें पूरा ट्रेलर- ये भी पढ़ें: 7 साल पुराना राज खुलेगा या विजय सालगांवकर चलेगा आखिरी दांव? इस दिन थियेटर्स में देखने जाएं दृश्यम: द कन्क्लूजन Drishyam 3 Trailer Review: कैसा लगा ट्रेलर? क्या बहुत सही है: ट्रेलर की सबसे बड़ी ताकत इसका बैकग्राउंड स्कोर और जयदीप अहलावत की एंट्री है. जयदीप का स्क्रीन प्रेजेंस और उनकी भारी आवाज पुलिस वाले रोल में एकदम कड़क लग रही है. अजय देवगन का आखिरी डायलॉग और उनकी आंखों का इंटेंस एक्सप्रेशन सीधे दिल में उतरता है. सस्पेंस का मीटर एकदम हाई सेट किया गया है. क्या थोड़ा मिसिंग लगा: ‘दृश्यम 2’ में जिस तरह से सस्पेंस का सस्पेंशन बिल्ड किया गया था, उसके मुकाबले इस ट्रेलर में थोड़ा सा सस्पेंस पहले ही रिवील कर दिया गया है (जैसे पॉलीग्राफ टेस्ट वाला सीन). इसके अलावा, थोड़े और नए क्लूज दिखाए जा सकते थे ताकि थ्योरीज बनाने में दर्शकों को और मजाा आता. ये भी पढ़ें: अजय देवगन के पास कितनी है संपत्ति? फिल्मों के अलावा इन बिजनेस से भी करते हैं कमाई, जानें नेट वर्थ कौन-कौन हैं इस बार फिल्म में? अजय देवगन – विजय सलगांवकर के आइकॉनिक रोल में. तबू – पूर्व आईजी मीरा देशमुख (जो अपने बेटे का बदला लेने आई हैं). जयदीप अहलावत – एस.पी. क्राइम ब्रांच (जो विजय का केस री-ओपन करके सच उगलवाएंगे). श्रिया सरन – विजय की पत्नी (नंदिनी). इशिता दत्ता – विजय की बड़ी बेटी (अंजू). अक्षय खन्ना – (पुराने आईजी केस की कड़ियों को जोड़ने वाले रोल में). The post Drishyam 3 Trailer: वर्दी कोई भी हो, परिवार पर आया तो विजय सलगांवकर कुछ भी करेगा… रिलीज हुआ ‘दृश्यम 3’ का माइंड-ब्लोइंग ट्रेलर appeared first on Naya Vichar.

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