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KBC 18: ₹25 लाख के सवाल ने IITian को भी किया कन्फ्यूज, जवाब सुन आप भी कहेंगे- अरे ये कैसे!

KBC 18: ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में ₹25 लाख के सवाल पर एक दिलचस्प ट्विस्ट देखने को मिला. IIT Roorkee से पढ़ाई कर चुके कृतज्ञ नायर को ISRO से जुड़े सवाल ने इतना कन्फ्यूज कर दिया कि उन्होंने ₹12.5 लाख की रकम लेकर गेम क्विट करने का फैसला किया. हालांकि, गेम छोड़ने के बाद जब अमिताभ बच्चन ने उनसे सही जवाब का अनुमान लगाने को कहा, तो उन्होंने वही जवाब चुना जो बिल्कुल सही था. ₹25 लाख के सवाल पर अटक गए कृतज्ञ हॉट सीट पर बैठे कृतज्ञ नायर ने शानदार तरीके से गेम को आगे बढ़ाया. उनके सामने जब ₹25 लाख का सवाल आया तो मामला ISRO की वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ से जुड़ा था. अमिताभ बच्चन ने पूछा कि नंदिनी हरिनाथ की कौन-सी चीज Smithsonian National Air and Space Museum में प्रदर्शित है. सवाल के विकल्प थे- चश्मा, साड़ी, डायरी और हैंडबैग. सवाल सुनते ही कृतज्ञ असमंजस में पड़ गए. उन्हें जवाब को लेकर पूरा भरोसा नहीं था. ऐसे में उन्होंने जोखिम लेने के बजाय सुरक्षित फैसला लिया और ₹12.5 लाख की रकम लेकर गेम से बाहर होने का फैसला किया. गेम छोड़ने के बाद दिया सही जवाब इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प ट्विस्ट इसके बाद आया. गेम क्विट करने के बाद अमिताभ बच्चन ने कृतज्ञ से पूछा कि अगर उन्हें सिर्फ अनुमान लगाना हो, तो वह कौन-सा विकल्प चुनेंगे? कृतज्ञ ने ‘साड़ी’ को अपना जवाब बताया. इसके बाद जब सही जवाब सामने आया तो वह साड़ी ही था. यानी जिस सवाल का सही जवाब कृतज्ञ गेम में रहते हुए नहीं दे पाए, उसका सही अनुमान उन्होंने गेम छोड़ने के बाद लगा दिया. क्या था सही जवाब? सही जवाब साड़ी था. ISRO की वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ की साड़ी Smithsonian National Air and Space Museum में प्रदर्शित की गई है. यही वजह रही कि ₹25 लाख के इस सवाल ने पूरे गेम का रोमांच बढ़ा दिया. कृतज्ञ के पास जवाब का अंदाजा तो था, लेकिन वह अपने जवाब को लेकर इतने आश्वस्त नहीं थे कि ₹12.5 लाख का सुरक्षित दांव छोड़कर जोखिम उठा सकें. कृतज्ञ ने क्यों चुना सुरक्षित रास्ता? KBC जैसे गेम में सिर्फ सही जवाब जानना ही काफी नहीं होता. असली चुनौती दबाव में फैसला लेने की होती है. कृतज्ञ के सामने भी यही स्थिति थी. एक तरफ ₹25 लाख जीतने का मौका था और दूसरी तरफ ₹12.5 लाख की पक्की रकम. जवाब को लेकर संशय होने की वजह से उन्होंने जोखिम नहीं लिया. उनका फैसला भले ही बाद में गलत साबित हुआ हो, लेकिन ₹12.5 लाख की रकम लेकर लौटना भी उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही. अमिताभ बच्चन के साथ मजेदार पल कृतज्ञ के गेम क्विट करने के बाद जब उन्होंने ‘साड़ी’ को अपना अनुमान बताया और यही सही जवाब निकला, तो यह पल काफी दिलचस्प बन गया. अगर वह गेम में रहते हुए इसी जवाब पर भरोसा कर पाते, तो उनकी रकम सीधे ₹25 लाख हो सकती थी. The post KBC 18: ₹25 लाख के सवाल ने IITian को भी किया कन्फ्यूज, जवाब सुन आप भी कहेंगे- अरे ये कैसे! appeared first on Naya Vichar.

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यहां है लक्ष्मण रेखा, पुरुष अकेले नहीं कर पाते पार, राम-सीता से जुड़ी है सदियों पुरानी कहानी…

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के घने जंगलों और चारों ओर फैली पहाड़ियों के बीच एक ऐसी जगह मौजूद है, जिसके बारे में जानकर शायद आपको भी यकीन करना मुश्किल हो जाए. जिला मुख्यालय जमशेदपुर से करीब 70 किलोमीटर दूर पूर्वी सिंहभूम जिला के डुमरिया के लखाईडीह गांव के पास पहाड़ों के बीच एक झरना है, जिसे स्थानीय लोग राम-लक्ष्मण पूजा झरना के नाम से जानते हैं. इसी झरने के आसपास एक चट्टान पर बनी लंबी रेखा को ग्रामीण आज भी ‘लक्ष्मण रेखा’ मानते हैं. पुरुष इस रेखा को अकेले पार नहीं कर पाते खास बात यह है कि स्थानीय मान्यता के अनुसार पुरुष इस रेखा को अकेले पार नहीं कर पाते. लखाईडीह गांव चार अलग-अलग पहाड़ियों की गोद में बसा है. इसके आसपास का इलाका सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी पुरानी लोककथाओं और धार्मिक मान्यताओं के लिए भी जाना जाता है. राजाबासा गांव के राजा से मिलने आए थे राम-सीता गांव के पास पहाड़ पर स्थित इस झरने को लेकर ग्रामीणों का विश्वास है कि रामायण काल में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण इस क्षेत्र से होकर गुजरे थे. मान्यता है कि उस दौरान वे राजाबासा गांव के राजा से मिलने आए थे. इसी दौरान माता सीता पहाड़ पर एक विशेष पत्थर पर बैठी थीं. उनकी सुरक्षा के लिए लक्ष्मण ने वहां एक रेखा खींची थी. स्थानीय लोगों का दावा है कि उस रेखा का निशान आज भी उसी चट्टान पर दिखाई देता है. डुमरिया के लखाईडीह गांव के पास पहाड़ों के बीच झरना. लक्ष्मण रेखा पार करने पर पत्थर पर गिर जाते हैं लोग यही वजह है कि इस जगह को लेकर लोगों की उत्सुकता आज भी बनी हुई है. ग्रामीणों के अनुसार, जो पुरुष अकेले इस रेखा को पार करने की कोशिश करते हैं, वे रेखा के पास स्थित बड़े पत्थर पर जाकर गिर जाते हैं. वहीं, मान्यता है कि किसी स्त्री के साथ होने पर पुरुष इस रेखा को पार कर सकता है. इस दावे का कोई वैज्ञानिक या पुरातात्विक प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन पीढ़ियों से चली आ रही यह लोकमान्यता आज भी ग्रामीणों की आस्था का हिस्सा है. माता सीता ने झरना में किया था स्नान इस कहानी को और रोचक बनाता है यहां मौजूद सीता झरना. राम-लक्ष्मण पूजा झरना से करीब एक किलोमीटर नीचे पहाड़ों के बीच यह झरना स्थित है. स्थानीय मान्यता है कि राजाबासा आगमन के दौरान माता सीता ने इसी झरने में स्नान किया था. पहाड़ों और घने जंगलों के बीच स्थित यह जगह इतनी दुर्गम है कि यहां तक पहुंचना भी आसान नहीं है. रास्ता काफी कठिन है और राम-लक्ष्मण पूजा झरना तक पहुंचने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है. लखाईडीह के ग्रामीण इस पूरे इलाके को राम, लक्ष्मण और सीता से जुड़ी अपनी पुरानी विरासत मानते हैं. प्रशासन दे ध्यान तो बन सकता है पर्यटन का केंद्र उनका कहना है कि राम-लक्ष्मण पूजा झरना और सीता झरना का ऐतिहासिक महत्व काफी पुराना है. प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत होने के बावजूद इन जगहों पर अब तक वह ध्यान नहीं दिया गया, जिसकी जरूरत है. ग्रामीणों का मानना है कि अगर यहां तक पहुंचने के लिए बेहतर रास्ता और जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं, तो यह स्थान आस्था के साथ-साथ पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बन सकता है. The post यहां है लक्ष्मण रेखा, पुरुष अकेले नहीं कर पाते पार, राम-सीता से जुड़ी है सदियों पुरानी कहानी… appeared first on Naya Vichar.

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Manu Bhaker: दादी को अंतिम विदाई देते हुए भावुक हुईं मनु, पोस्ट में लिखा- ‘आप हमेशा दिलों में रहेंगी’

Manu Bhaker Post: पेरिस ओलिंपिक में हिंदुस्तान का नाम रोशन कManu Bhaker: दादी को अंतिम विदाई देते हुए भावुक हुई मनु, पोस्ट में लिखा- ‘आप हमेशा दिलों में रहेंगी’रने वाली स्टार निशानेबाज मनु भाकर बुधवार को बेहद भावुक नजर आईं. 84 वर्षीय दादी दया कौर के निधन के बाद मनु भोपाल में चल रहा ट्रेनिंग कैंप छोड़कर अपने पैतृक गांव गोरिया पहुंचीं और दादी को अंतिम विदाई दी. दया कौर का मंगलवार को रोहतक के एक निजी अस्पताल में निधन हुआ था. दादी की अंतिम यात्रा के दौरान मनु ने उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया. दादी को अंतिम विदाई देने के बाद मनु भाकर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपना दर्द बयां किया. दादी की समाचार मिलते ही ट्रेनिंग कैंप छोड़ गांव पहुंचीं मनु View on Instagram दया कौर को सीने में दर्द की शिकायत के बाद रोहतक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से भी जूझ रही थीं. मंगलवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. दादी के निधन की समाचार मिलते ही भोपाल में एशियन गेम्स की तैयारी कर रही मनु तुरंत अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गईं. परिवार के मुताबिक, मनु और उनकी दादी के बीच खास लगाव था. दया कौर अपनी पोती को बेहद प्यार करती थीं और मनु की उपलब्धियों को लेकर हमेशा उत्साहित रहती थीं. वह मनु के स्पोर्ट्स सफर को करीब से देखती थीं और उनकी सफलता पर गर्व महसूस करती थीं. ये भी पढ़ें: Lionel Messi Retirement: इलाज के लिए पैसे जुटाना भी था मुश्किल, फिर एक पेपर नैपकिन ने बदल दी मेसी की किस्मत इंस्टाग्राम पोस्ट पर छलका मनु का दर्द दादी दया कौर को अंतिम विदाई देने के बाद मनु भाकर ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट भी साझा की. उन्होंने अपनी दादी को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि भारी मन से उन्होंने उन्हें अंतिम प्रणाम किया. मनु ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘बहुत भारी दिल के साथ मैंने अपनी दादी को अंतिम श्रद्धांजलि दी. हवन और अन्य अंतिम संस्कार की रस्में 18 सितंबर को गोरिया गांव में होंगी. दादी जी, आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी.’ पोती की ओलिंपिक सफलता की गवाह बनी थीं दया कौर पेरिस ओलिंपिक 2024 में मनु भाकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो कांस्य पदक जीते थे. वह एक ही ओलिंपिक में दो पदक जीतने वाली आजाद हिंदुस्तान की पहली हिंदुस्तानीय एथलीट बनी थीं. मनु की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को उनकी दादी दया कौर ने गांव से ही देखा था. उन्होंने पोती की सफलता पर खुशी जताई थी. रिपोर्टों के मुताबिक, दया कौर मनु के जीवन और करियर से काफी जुड़ी हुई थीं. मनु के लिए दादी का जाना इसलिए भी बेहद भावुक पल है, क्योंकि वह उनके करियर की कई बड़ी उपलब्धियों की गवाह रही थीं. उनकी मौजूदगी मनु के लिए परिवार के साथ-साथ भावनात्मक सहारे का भी हिस्सा थी. मनु की शूटिंग तैयारियों पर पड़ा असर दादी के निधन के बाद मनु भाकर की शूटिंग से जुड़ी गतिविधियां फिलहाल प्रभावित हुई हैं. वह इस मुश्किल समय में अपने परिवार के साथ हैं. हिंदुस्तानीय निशानेबाजी टीम को एशियन गेम्स 2026 के लिए 15 सितंबर को रवाना होना है. ऐसे में मनु की टीम के साथ आगे की यात्रा और ट्रेनिंग को लेकर स्थिति बाद में स्पष्ट होगी. ये भी पढ़ें: ENG vs PAK Test: चार बदलाव के बाद भी नहीं बदली पाकिस्तान की कहानी, इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी 133 पर ढेर The post Manu Bhaker: दादी को अंतिम विदाई देते हुए भावुक हुईं मनु, पोस्ट में लिखा- ‘आप हमेशा दिलों में रहेंगी’ appeared first on Naya Vichar.

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रांची: जिस जलमीनार को तोड़ने पहुंचे थे मजदूर, वही बनी मौत का कारण; मलबे में दबकर दो की मौत

रांची से राजेश कुमार की रिपोर्ट रांची: रांची कोतवाली थाना के ठीक पीछे बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया. पुरानी और जर्जर जलमीनार को तोड़ने के दौरान उसका ढांचा अचानक भरभराकर गिर पड़ा. इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गयी. मृतकों की पहचान सत्या भुइयां और मैथिलीशरण महतो के रूप में हुई है. दोनों मजदूर पलामू के रहने वाले थे. घटना के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित स्थल पर पुरानी पानी की टंकी को हटा कर नयी टंकी का निर्माण कराया जाना था. इसी सिलसिले में बुधवार को मजदूर पुरानी संरचना को ढहाने के काम में जुटे हुए थे. इस दौरान मौके पर कुल चार मजदूर काम कर रहे थे. इसी बीच दोपहर में जर्जर जलमीनार का मुख्य ढांचा अनियंत्रित होकर नीचे आ गिरा. वहां काम कर रहे मजदूर संभल पाते, इससे पहले ही वे भारी-भरकम मलबे के नीचे दब गये. जोर की हुई आवाज जलमीनार गिरते ही जोर की आवाज हुई, जिसे सुनकर आसपास के लोग बदहवास होकर उधर दौड़े. घटना की सूचना तुरंत स्थानीय कोतवाली थाना को दी गयी. जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची और आनन-फानन में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया. भारी मलबे को हटा कर नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकालने की कवायद शुरू हुई, लेकिन तब तक दो मजदूरों की सांसें थम चुकी थीं. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है. रात और बारिश के कारण करनी पड़ी कड़ी मशक्कत रात होने और बारिश होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी. पुलिस की टीम के अलावा रांची नगर निगम के भी कई मजदूर लगे हुए थे. शवों को खोजने के लिए मोबाइल की लाइट से कई लोग लगे हुए थे. सुरक्षा मानकों की उड़ीं धज्जियां, जांच में जुटी पुलिस पुरानी संरचना को तोड़ने के दौरान हुए इस भीषण हादसे ने निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्य में बरती जाने वाली लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इतनी ऊंची और जर्जर संरचना को गिराने के दौरान सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गये थे. मजदूरों के पास जरूरी सुरक्षा उपकरण तक मौजूद नहीं थे. फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में क्रेन और जेसीबी के जरिए मलबा हटाने का काम जारी है. सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है, ताकि आम लोगों की आवाजाही को रोका जा सके. कोतवाली थाना पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है. जांच की जा रही है कि कार्य में किस स्तर पर लापरवाही हुई थी. The post रांची: जिस जलमीनार को तोड़ने पहुंचे थे मजदूर, वही बनी मौत का कारण; मलबे में दबकर दो की मौत appeared first on Naya Vichar.

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प्रशांत किशोर के ‘8 सिपहसालार’ कौन? MLC चुनाव में जन सुराज के 5 नाम लगभग फाइनल, जानिए किसे कहां से मिल सकता है टिकट

Bihar MLC Chunav: बांकीपुर चुनाव में जीत के बाद जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर अब अगले सियासी मिशन की तैयारी में जुट गए हैं. इस बार फोकस विधान परिषद चुनाव पर है. पार्टी ने आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है. जन सुराज ने चुनाव आयोग के सामने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाना शुरू कर दिया है. पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक करीब पांच उम्मीदवारों के नाम पर सहमति बन चुकी है. हालांकि, अंतिम घोषणा अभी बाकी है. लगातार चुनावी क्षेत्रों का दौरा कर रहे पीके प्रशांत किशोर उन इलाकों का लगातार दौरा कर रहे हैं, जहां विधान परिषद का चुनाव होना है. अब तक वह पांच चुनावी क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं. पार्टी सूत्रों का कहना है कि पीके तीन और क्षेत्रों का दौरा करेंगे. इसके बाद उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जा सकते हैं. इस बीच संभावित प्रत्याशियों का जन सुराज में शामिल होने का सिलसिला भी जारी है. पटना शिक्षक सीट पर दिव्या ज्योति के नाम की चर्चा पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. दिव्या ज्योति को जन सुराज का संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है. हाल में प्रदेश अध्यक्ष मनोज हिंदुस्तानी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई है. इसके बाद उनके चुनाव लड़ने की चर्चा तेज हो गई. हालांकि, दिव्या ज्योति ने खुद कहा है कि अभी उन्हें चुनाव लड़ने का कोई आश्वासन नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि वह प्रशांत किशोर के नेतृत्व में काम करने के लिए पार्टी में आई हैं. सारण में अफाक अहमद पर फिर भरोसा? सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज अपने मौजूदा विधान पार्षद अफाक अहमद पर दोबारा दांव लगा सकता है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक उनकी उम्मीदवारी लगभग तय मानी जा रही है. पिछले चुनाव में अफाक अहमद ने 3,055 वोट हासिल किए थे. उन्होंने आनंद पुष्कर को 674 वोटों से हराया था. इस बार भी पार्टी उन्हें मैदान में उतारने की तैयारी में है. सारण में जन सुराज ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया है. तिरहुत में वंशीधर ब्रजवासी या भूषण झा? तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर भी जन सुराज की रणनीति सामने आती दिख रही है. सूत्रों के मुताबिक वर्तमान विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी को फिर से मौका दिया जा सकता है. ब्रजवासी ने पिछली बार शिक्षक की नौकरी छोड़कर चुनाव लड़ा था. उन्हें शिक्षकों का समर्थन मिला और वह चुनाव जीत गए थे. उन्हें कुल 23,003 वोट मिले थे. हालांकि, इसी सीट पर भूषण झा के नाम की भी चर्चा है. ऐसे में अंतिम फैसला पार्टी की घोषणा के बाद ही साफ होगा. कोसी स्नातक सीट पर रजनीश रंजन का नाम कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए रजनीश रंजन का नाम चर्चा में है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक उन्हें जन सुराज का उम्मीदवार बनाया जा सकता है. बताया जा रहा है कि इस सीट को लेकर पार्टी की तैयारी चल रही है. जल्द ही उम्मीदवार के नाम का आधिकारिक ऐलान हो सकता है. दरभंगा शिक्षक सीट पर सुरेश प्रसाद राय की तैयारी दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए जन सुराज सुरेश प्रसाद राय को मैदान में उतारने की तैयारी में है. पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक उनकी उम्मीदवारी को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है. हालांकि, यहां भी अंतिम मुहर और आधिकारिक घोषणा का इंतजार है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें संभावित उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट अगर पार्टी सूत्रों के दावों को देखें तो अभी इन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है. पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: डॉ. दिव्या ज्योति सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: अफाक अहमद तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: वंशीधर ब्रजवासी / भूषण झा कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: रजनीश रंजन दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र: सुरेश प्रसाद राय 8 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी जन सुराज की तैयारी सिर्फ इन पांच सीटों तक सीमित नहीं है. पार्टी आठ विधान परिषद सीटों पर उम्मीदवार उतारने की रणनीति बना रही है. फिलहाल पांच नामों को लेकर ज्यादा चर्चा है. प्रशांत किशोर लगातार चुनावी क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं. साथ ही वोटर लिस्ट को लेकर भी पार्टी सक्रिय है. ऐसे में माना जा रहा है कि उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा के साथ जन सुराज का पूरा चुनावी प्लान सामने आ जाएगा. हालांकि, अभी तक पार्टी ने इन संभावित उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. इसलिए अंतिम सूची में बदलाव की संभावना बनी हुई है. Also Read: प्रशांत किशोर पर सम्राट चौधरी बोले- वो बेचारा है, उसको करने दीजिए, बांकीपुर हार पर कहा- BJP के लिए अलार्मिंग, गलती हुई है… The post प्रशांत किशोर के ‘8 सिपहसालार’ कौन? MLC चुनाव में जन सुराज के 5 नाम लगभग फाइनल, जानिए किसे कहां से मिल सकता है टिकट appeared first on Naya Vichar.

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Bigg Boss 20 Episode 3 Live: मनोज तिवारी की बेटी को मैरी कॉम ने कहा, मोटी रीति, काजी बचपन में थे वैज्ञानिक

दोस्तों, डे 3 आते-आते बिग बॉस के घर का माहौल पूरी तरह गरमा चुका है, जो लोग कल तक एक-दूसरे के साथ हंसते-बोलते नजर आ रहे थे, आज उन्हीं के बीच शुरू हो गई है टेंशन, तकरार. आज घर में सिर्फ बातें नहीं हुईं… एक तरफ रिश्तों की गर्माहट दिखाई दी, तो दूसरी तरफ छोटी-छोटी बातों ने बड़ा रूप लेना शुरू कर दिया. कहीं ईगो क्लैश, कहीं नोकझोंक, कहीं दोस्ती की शुरुआत और कहीं ऐसा मोमेंट जिसने पूरे घर का माहौल बदल दिया. The post Bigg Boss 20 Episode 3 Live: मनोज तिवारी की बेटी को मैरी कॉम ने कहा, मोटी रीति, काजी बचपन में थे वैज्ञानिक appeared first on Naya Vichar.

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Apple Event 2026 LIVE: iPhone 18 Pro से फोल्डेबल iPhone तक, आज हो सकते हैं कई प्रोडक्ट्स लॉन्च, जानें हर अपडेट

Apple Event 2026 LIVE Updates: ऐपल ने अपने इवेंट का नाम रखा है ‘सरप्राइज एंड शाइन’. नाम में ही एक बड़ा इशारा छिपा हुआ दिख रहा है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘सरप्राइज’ शब्द उस लंबे समय से अटकलों में चल रहे फोन की ओर इशारा कर रहा है, जिसका इंतजार यूजर्स को सबसे ज्यादा है. इस बार इवेंट की असली चमक आईफोन फोल्ड पर टिकी होने वाली है. दुनिया भर की नजरें आज इसी बात पर टिकी हैं कि ऐपल अपने फोल्डेबल फोन में क्या नया और अलग लेकर आ रही है. पल-पल की ऐपल इवेंट लाइव अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें. The post Apple Event 2026 LIVE: iPhone 18 Pro से फोल्डेबल iPhone तक, आज हो सकते हैं कई प्रोडक्ट्स लॉन्च, जानें हर अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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Richest Cricket League: आखिर कौन है दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग? कितने नंबर पर है IPL, देखें टॉप-10 की लिस्ट

Richest Cricket League 2026: क्रिकेट की दुनिया में पैसों के मामले में सिर्फ खिलाड़ी और बोर्ड ही नहीं, लीग भी किसी से कम नहीं हैं. दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिकेट लीग्स में हर साल अरबों रुपये का कारोबार होता है. अगर सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड की बात करें तो BCCI करीब 2.2 अरब डॉलर (लगभग ₹18,760 करोड़) की अनुमानित संपत्ति के साथ सबसे आगे है. लेकिन जब बात दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग की आती है तो तस्वीर और भी दिलचस्प हो जाती है. 2026 की शुरुआत तक उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर दुनिया की टॉप-10 सबसे अमीर क्रिकेट लीग्स की यह सूची तैयार की गई है. आने वाले वर्षों में लीग की वैल्यू, मीडिया राइट्स, स्पॉन्सरशिप और निवेश के साथ इनकी रैंकिंग में बदलाव हो सकता है. आइए जानते हैं कौन-सी लीग कितने नंबर पर है और IPL के सामने बाकी लीग्स कहां ठहरती हैं. पहले नंबर पर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग की बात हो और IPL का नाम सबसे ऊपर न आए, ऐसा संभव नहीं है. हिंदुस्तानीय क्रिकेट की इस फ्रेंचाइजी लीग ने क्रिकेट को एक अलग ही बिजनेस मॉडल दिया है. 2025-26 के आसपास उपलब्ध आकलनों में IPL की वैल्यू करीब 10.9 से 16.4 अरब डॉलर के बीच बताई गई है. IPL को BCCI ने शुरू किया था और इसके शुरुआती दौर में ललित मोदी की भूमिका भी अहम रही. आज दुनिया की लगभग हर बड़ी क्रिकेट लीग किसी न किसी रूप में IPL के बिजनेस मॉडल से प्रेरणा लेती है. ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट यूएई की लीग साउथ अफ्रीका के लीग से ऊपर यूएई की ILT20 अपेक्षाकृत नई लीग है, लेकिन इसने बेहद तेजी से अपनी जगह बनाई है. इसके पीछे UAE में मौजूद मजबूत निवेश क्षमता और IPL फ्रेंचाइजी मालिकों की भागीदारी को बड़ी वजह माना जाता है. ILT20 की वैल्यू $15-20 मिलियन बताई जाती है. दुनिया भर के खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण ILT20 ने कम समय में अपनी पहचान बनाई. हालांकि दक्षिण अफ्रीका की SA20 के तेजी से उभरने के बाद ILT20 की दूसरे स्थान पर मौजूदगी को चुनौती मिली है. रैंक लीग देश अनुमानित वैल्यू 1 IPL हिंदुस्तान $12–16 अरब 2 ILT20 UAE $15–20 मिलियन 3 SA20 दक्षिण अफ्रीका $12.5 मिलियन 4 BBL ऑस्ट्रेलिया $10 मिलियन 5 द हंड्रेड इंग्लैंड $9 मिलियन 6 MLC अमेरिका $6.9 मिलियन 7 PSL पाकिस्तान $5.7 मिलियन 8 BPL बांग्लादेश $4.8 मिलियन 9 CPL वेस्टइंडीज $4.6 मिलियन 10 LPL श्रीलंका $3.98 मिलियन 2023 में शुरू हुई दक्षिण अफ्रीका की SA20 ने बेहद कम समय में फ्रेंचाइजी क्रिकेट की दुनिया में अपनी मजबूत जगह बना ली है. इस लीग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी सभी छह टीमों का मालिकाना हक IPL फ्रेंचाइजी से जुड़ा है. इससे लीग को हिंदुस्तानीय क्रिकेट बाजार और IPL के अनुभव का फायदा मिला. पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ की कमिश्नर के तौर पर भूमिका भी SA20 को सफल बनाने में अहम रही है. आज के डेट में इस लीग की वैल्यू लगभग $12.5 मिलियन के करीब है. ये भी पढ़ें: Naman Dhir: सिर्फ 2 रन से टूटने से बचा क्रिस गेल का रिकॉर्ड, टी20 में दूसरी सबसे बड़ी पारी स्पोर्ट्सने वाले खिलाड़ी बने नमन धीर बिग बैश और द हंड्रेड लीग में 1 मिलियन का अंतर ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग दुनिया की सबसे पुरानी और स्थापित T20 लीग्स में से एक है. घरेलू क्रिकेट में T20 को लोकप्रिय बनाने में BBL की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है. इसके मजबूत दर्शक वर्ग और मीडिया राइट्स ने इसे लंबे समय तक दुनिया की प्रमुख फ्रेंचाइजी लीग बनाए रखा. हालांकि हाल के वर्षों में इसकी लोकप्रियता और व्यावसायिक स्थिति को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है.$10 मिलियन के साथ सबसे अमीर लीग की सूची में BBL चौथे नंबर पर है. वहीं मात्र 1 मिलियन के अंतर के साथ द हंड्रेड लीग पांचवे नंबर पर है. द हंड्रेड लीग की वैल्यू $9 मिलियन है. इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने क्रिकेट के पारंपरिक T20 फॉर्मेट से अलग हटकर 100 गेंदों वाला टूर्नामेंट द हंड्रेड शुरू किया.शुरुआत में इस फॉर्मेट को लेकर काफी सवाल उठे, लेकिन धीरे-धीरे टूर्नामेंट ने दर्शकों, स्पॉन्सर्स और प्रसारण कंपनियों के बीच अपनी जगह बनाई. अमेरिका में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए शुरू हुई मेजर लीग क्रिकेट अमेरिका में क्रिकेट को मुख्यधारा में लाने की कोशिश में मेजर लीग क्रिकेट बेहद महत्वपूर्ण लीग बनकर उभरी है. MLC को अमेरिकी निवेशकों के साथ-साथ IPL फ्रेंचाइजी मालिकों का भी समर्थन मिला है. बड़ी हिंदुस्तानीय आबादी वाले अमेरिकी बाजार को देखते हुए इस लीग में जबरदस्त संभावनाएं हैं. MLC खिलाड़ियों को आकर्षक फीस देने के लिए भी जानी जाती है. करीब $6.9 मिलियन की वैल्यू के साथ MLC छठें नंबर पर है. ये भी पढ़ें: Cricket Brothers: मैदान पर धमाल मचा रही हैं भाइयों की ये जोड़ियां, जानिए कौन-कौन हैं शामिल PSL की कमाई में हो रही लगातार गिरावट PSL यानी पाकिस्तान सुपर लीग, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए कमाई का एक महत्वपूर्ण जरिया है. करीब 5.7 मिलियन डॉलर की अनुमानित वैल्यू के साथ PSL दुनिया की टॉप-10 अमीर क्रिकेट लीग्स में शामिल है. एक समय PSL दुनिया की पांच सबसे अमीर T20 लीग्स में गिनी जाती थी, लेकिन ILT20, SA20 और MLC जैसी लीग्स के उभरने के बाद इसकी रैंकिंग में गिरावट आई है. PSL की वैल्यू आज के तारीख में $5.7 मिलियन है. टॉप-10 की लिस्ट में इन लीग्स का नाम नहीं दुनिया में T20 और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की कई अन्य लीग्स भी हैं, लेकिन उपलब्ध आर्थिक आंकड़ों के आधार पर वे इस टॉप-10 में जगह नहीं बना पातीं. इनमें New Zealand का Super Smash, इंग्लैंड का T20 Blast, T10 League और हाल ही में शुरू हुई European T20 Premier League जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं. इन लीग्स की अपनी लोकप्रियता और क्रिकेटिंग अहमियत जरूर है, लेकिन आर्थिक ताकत के मामले में वे फिलहाल ऊपर बताई गई दस लीग्स से पीछे हैं. ये भी पढ़ें: Kumar Kushagra Celebration: दलीप ट्रॉफी फाइनल में कुशाग्र का शतक, खास अंदाज में मनाया सेंचुरी का जश्न;

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Red Fort Blast: 2022 से रची जा रही थी साजिश? NIA चार्जशीट में उमर उन नबी को बताया मास्टरमाइंड, ऐसे बना कार बम

Red Fort Blast: लाल किला ब्लास्ट की जांच में NIA की चार्जशीट ने धमाके के तरीके को लेकर कई और अहम जानकारी सामने आई है. एजेंसी के मुताबिक विस्फोट में इस्तेमाल Hyundai i20 को साधारण कार की तरह नहीं, बल्कि Vehicle-Borne Improvised Explosive Device यानी VBIED के रूप में तैयार किया गया था. इसका मतलब वाहन को ही विस्फोटक उपकरण में बदल दिया गया था. फॉरेंसिक जांच के दौरान कार के मलबे और घटनास्थल से जुटाए गए नमूनों में TATP, अमोनियम नाइट्रेट और पोटैशियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक पदार्थों के निशान मिलने की बात चार्जशीट में कही गई है. एजेंसी ने धमाके में मारे गए उमर उन नबी को कथित तौर पर साजिश का मास्टरमाइंड और एक पुनर्जीवित आतंकी मॉड्यूल का ऑपरेशनल इंचार्ज बताया है. NIA के मुताबिक इस नेटवर्क को तैयार करने की कोशिश 2022 से चल रही थी. उमर उन नबी को बताया कथित मास्टरमाइंड NIA की चार्जशीट के मुताबिक उमर उन नबी, जिसे पिंडा (Pinda) और राहुल बट नामों से भी जाना जाता था, कथित तौर पर अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) के एक पुनर्जीवित मॉड्यूल का ऑपरेशनल इंचार्ज था. जांच एजेंसी का आरोप है कि वह 2022 की शुरुआत से इस निष्क्रिय मॉड्यूल को दोबारा खड़ा करने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए लोगों का नेटवर्क तैयार करने में जुटा था. कट्टरपंथ की ओर लोगों को ले जाने का आरोप चार्जशीट में NIA ने आरोप लगाया है कि नबी लोगों को कट्टरपंथ की ओर ले जाने, कथित तौर पर शहादत से जुड़े विचारों का महिमामंडन करने और नए लोगों को नेटवर्क से जोड़ने में भूमिका निभाता था. एजेंसी का दावा है कि वह गुप्त बैठकों की व्यवस्था करता था, प्रशिक्षण में मदद करता था और मॉड्यूल से जुड़े लॉजिस्टिक्स का प्रबंधन भी करता था. अफगानिस्तान जाने की योजना का भी जिक्र NIA की चार्जशीट में नबी की कथित तौर पर अफगानिस्तान जाने की योजना का भी जिक्र किया गया है. जांच के मुताबिक मॉड्यूल से जुड़े लोग ऐसे साहित्य को अपने पास रखते और साझा करते थे, जिसमें हिंसक संघर्ष और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े विचारों का प्रचार किया गया था. तफ्तीश के दौरान NIA ने कई दस्तावेजों की जांच की. एजेंसी के मुताबिक इन सामग्रियों में हिंसक गतिविधियों को उचित ठहराने, गोपनीय तरीके से काम करने, अपनी पहचान छिपाने और अलग-अलग तरह के हमलों से जुड़ी बातें शामिल थीं. जांच के दौरान जिन सामग्रियों की जांच की गई उनमें जिहाद की परिभाषा, जिहाद की आवश्यकताएं, जिहाद के 21 उद्देश्य, जिहाद में सेवा और भागीदारी के 39 तरीके और जिहाद का समर्थन करने के 44 तरीके शीर्षक वाले दस्तावेज शामिल थे. चार्जशीट में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में रहने के लिए सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते थे. फंड, हथियार और ठिकानों की व्यवस्था का आरोप NIA के अनुसार नबी की भूमिका केवल लोगों को जोड़ने तक सीमित नहीं थी. एजेंसी ने उस पर फंड की व्यवस्था करने, अवैध हथियार जुटाने और मॉड्यूल के सदस्यों के साथ-साथ साजिश से जुड़ी सामग्री के लिए जगह उपलब्ध कराने में भूमिका निभाने का आरोप लगाया है. चार्जशीट में दावा किया गया है कि जम्मू-कश्मीर और दिल्ली-NCR में बैठकें की गईं, जहां सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया और कथित आतंकवादी गतिविधियों की तैयारियां की गईं. सेकेंड हैंड कार को बनाया गया VBIED NIA के मुताबिक 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास विस्फोट करने वाले वाहन को Vehicle-Borne Improvised Explosive Device यानी VBIED में बदला गया था. चार्जशीट में आरोप है कि नबी और एक सह-आरोपी ने साजिश के तहत एक सेकेंड हैंड कार खरीदी थी. धमाके के समय कार में मौजूद था नबी NIA के अनुसार धमाके के समय उमर उन नबी कार के अंदर ही मौजूद था. धमाके वाली जगह से मिले जैविक नमूनों की DNA जांच के आधार पर उसकी पहचान की गई. फॉरेंसिक जांच में घटनास्थल से मिली सामग्री में TATP और अमोनियम नाइट्रेट के अवशेष मिलने की बात भी कही गई है. कार के अंदर से शुरू किया गया था विस्फोट? चार्जशीट के मुताबिक फॉरेंसिक साक्ष्यों से एजेंसी इस नतीजे पर पहुंची कि विस्फोटक उपकरण को वाहन के अंदर से एक कमांड मैकेनिज्म के जरिए सक्रिय किया गया था. यह धमाका 10 नवंबर 2025 को शाम करीब 6:50 बजे लाल किले के पास हुआ था. 11 लोगों की हुई थी मौत NIA की जांच के मुताबिक इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई और 29 लोग घायल हुए थे. विस्फोट से आसपास की संपत्तियों और वाहनों को भी काफी नुकसान पहुंचा था. एजेंसी का आरोप है कि यह हमला किसी एक घटना तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक बड़े कथित आतंकी नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने, लोगों को कट्टरपंथ की ओर ले जाने और हमलों की तैयारी से जुड़ी व्यापक साजिश थी. The post Red Fort Blast: 2022 से रची जा रही थी साजिश? NIA चार्जशीट में उमर उन नबी को बताया मास्टरमाइंड, ऐसे बना कार बम appeared first on Naya Vichar.

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Pithori Amavasya: अमावस्या पर 4 दीया दूर करेगा पितृ दोष, पूर्वज प्रसन्न होकर रखेंगे खुशहाल

Pithori Amavasya Upay: अमावस्या तिथि को पितृ देव की कृपा पाने का शुभ अवसर माना गया है. धर्मशास्त्र के अनुसार, अमावस्या के दिन कुछ जगहों पर पूर्वजों के निमित्त दीया जलाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. साथ ही, यह उपाय पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए मददगार है. पिठोरी अमावस्या पर किन जगहों पर दीया जलाना पूर्वजों की पाने के लिए खास है, जानिए. दक्षिण दिशा में होता है पूर्वजों का वास धर्मशास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा पितृ देव को समर्पित है. इस दिशा में पूर्वजों का वास माना गया है. इसलिए पिठोरी अमावस्या पर दक्षिण दिशा में पूर्वज के नाम का एक दीया जलाना चाहिए. मान्यतानुसार, इससे पूर्वज प्रसन्न होते हैं. साथ ही उनकी कृपा प्राप्त होती है. पूर्वजों की कृपा से पितृ दोष दूर होने की मान्यता है. इस दिन घर के बाहर एक दक्षिण दिशा में एक दीया जलाएं. यहां ध्यान रखना है कि दीया की लौ दक्षिण दिशा की ओर हो. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: कब से शुरू होगा पितृ पक्ष? किस तारीख को करें पूर्वजों का तर्पण, श्राद्ध या पिंडदान पीपल वृक्ष के नीचे दीया जलाने से दूर होगा पितृ दोष धार्मिक मान्यता के अनुसार अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष के नीचे एक दीया शुभ और कल्याणकारी है. ऐसा इसलिए क्योंकि मान्यतानुसार, पीपल में पितर का वास होता है. पिठोरी अमावस्या दीया से जुड़ा उपाय करने से पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे पितृ दोष शांत होता है. नकारात्मक ऊर्जा दूर करेगा मुख्य द्वार का दीया पिठोरी अमावस्या के दिन घर के मुख्य दरवाजे पर भी एक दीया जलाना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मुख्य द्वार पर दीया जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता. साथ ही इससे देवता भी प्रसन्न होते हैं. पवित्र नदी में दीप दान से खुशहाल रहेगा परिवार भाद्रपद यानी पिठोरी अमावस्या पर पवित्र नदी में दीप दान की परंपरा है. धर्मशास्त्र के अनुसार, इस दिन नदी में दीप दान करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं. साथ ही पितृ दोष का असर कम होता है. जीवन में खुशहाली और सुख-समृद्धि के लिए भी अमावस्या के दिन का यह उपाय खास माना गया है. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: पूर्वज से पहले क्यों जरूरी है ऋषि तर्पण, नहीं करने पर क्या होगा; पहले जान लें तारीख और महत्व अमावस्या पर किस चीज का दीया जलाएं पंडित मणिभूषण झा ने बताया कि अमावस्या के दिन पूर्वजों के निमित्त सरसों के तेल का दीया जलाना शुभ है. चूंकि, इस दिन गुरुवार का संयोग बन रहा है इसलिए दीया जलाने के लिए शुद्ध घी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर शुद्ध सरसों का तेल या घी उपलब्ध न हो सके, तो तिल के तेल को प्रयोग में लाया जा सकता है. The post Pithori Amavasya: अमावस्या पर 4 दीया दूर करेगा पितृ दोष, पूर्वज प्रसन्न होकर रखेंगे खुशहाल appeared first on Naya Vichar.

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