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मौसम : बिहार-झारखंड में बारिश का अलर्ट, जानें 15 अगस्त तक कहां होगी भारी बारिश

Weather Forecast : मौसम विभाग ने प्रेस रिलीज जारी करके बताया कि 11 से 13 अगस्त के दौरान उत्तर और पूर्वी हिंदुस्तान के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. 11 अगस्त और 13 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के सभी इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. वहीं 11 से 12 अगस्त के दौरान पूर्वी राजस्थान और 14 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकतर इलाकों में वर्षा होने के आसार हैं. 11 से 12 अगस्त तक पश्चिमी मध्य प्रदेश और 10 से 16 अगस्त तक पूर्वी मध्य प्रदेश के सभी इलाकों में बारिश होने के आसार हैं. वहीं छत्तीसगढ़ में 13 से 16 अगस्त के दौरान जबकि विदर्भ में 13 व 14 अगस्त को काफी बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश हो सकती है. झारखंड का कैसा रहेगा मौसम ? झारखंड में 11 से 14 अगस्त 2026 के दौरान आमतौर पर बादल छाए रहने का अनुमान है. 11 अगस्त को राज्य के कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की राजस्थान का मौसम कैसा रहेगा ? राजस्थान में 11 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश का अनुमान है, जबकि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर और अजमेर संभागों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके बाद 12 और 13 अगस्त को भारी बारिश में कमी आएगी लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहेगी. वहीं 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान और 15 अगस्त से पूर्वी राजस्थान के अधिकांश भागों में बारिश में कमी देखी जाएगी. The post मौसम : बिहार-झारखंड में बारिश का अलर्ट, जानें 15 अगस्त तक कहां होगी भारी बारिश appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में मस्जिदों-मदरसों का बनेगा डेटाबेस, शुभेंदु सरकार ने कमिश्नर-एसपी को सौंपी जिम्मेदारी

Mosque Survey West Bengal: पश्चिम बंगाल में मस्जिदों, इदगाहों, दरगाहों, मजारों और मस्जिदों का डेटाबेस बनाने का कार्य शुरू हो गया है. इसके लिए एक तैयार प्रोफॉर्मा राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को भेजा गया है. इसमें कुल 20 से 26 प्रकार की जानकारियां मांगी गयी है. अत्यावश्यक आधार पर सर्वे करने के लिए सभी पुलिस आयुक्तों और अधीक्षकों को भेजा गया पत्र मस्जिद, इदगाह, दरगाह व मजार से जुड़ी कुल 21 जानकारी लेकर तैयार प्रोफॉर्मा भरकर भेजने का निर्देश मदरसों के सर्वे के लिए अलग प्रोफॉर्मा, इसमें मांगी गयी हैं कुल 26 प्रकार की जानकारियां मस्जिद, ईदगाह, दरगाह व मजार से मांगी ये सूचनाएं मस्जिद, ईदगाह, दरगाह व मजार से संबंधित जो जानकारियां मांगी गयी हैं, वह इस प्रकार है. कितने वर्ष पुराने हैं सीमा से दूरी (एरियल) कितनी है किस प्रकार की जमीन (सराकरी, वक्फ भूमि, निजी, अतिक्रमित) पर बने हैं. क्या रजिस्टर्ड है? वैध या अवैध? भवन का क्षेत्रफल कितना है? कितनी मंजिल है? फंडिंग का सोर्स (यदि विदेशी फंडिंग है, तो उसका विवरण) क्या है? आवासीय घर है या नहीं? क्या कोई चहारदीवारी है? यदि है, तो उसकी ऊंचाई कितनी है? पिछले 3 वर्षों में क्या कोई विदेशी नागरिक यहां आया है? इंटेलिजेंस विभाग को भेजनी है जानकारी निर्देश दिया गया है कि उपरोक्त सारी जानकारियां जगह की तस्वीर के साथ प्रोफॉर्मा में भरकर राज्य के इंटेलिजेंस विभाग को भेजें. इसे मोस्ट अर्जेंट (अत्यावश्यक) मानकर काम करें. हालांकि, यह आंकड़ा क्यों संग्रह किया जा रहा है? इस बारे में कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है. मदरसों का भी शुरू हुआ सर्वेक्षण राज्य के मदरसों के सर्वे को लेकर भी प्रोफॉर्मा तैयार किया गया है, जिसमें कुल 26 प्रकार की जानकारियां मांगी गयी है. इसमें प्रमुख सवाल इस प्रकार हैं. मदरसा का नाम और उसका प्रकार (जूनियर, हाई, सीनियर) क्या है? प्रशासनी मान्यताप्राप्त है या खारीजी है? पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन से मान्यता है या नहीं? यदि है तो मान्यता कितने दिनों तक वैलिड है? जीपीएस को-ऑर्डिनेट के साथ पूरा पता. धार्मिक अनुमोदन (बरेलवी, डियोबंदी, अहले हदीस, शिया, जुह अन्य) किसका है? स्थापना का साल. सीमा से दूरी (एरियल) कितनी है. प्रतिष्ठान के प्रमुख का विवरण. फंडिंग का सोर्स ( सराकरी एडेड, निजी, स्पॉन्सर, विदेशी फंड) क्या है? किस जमीन (प्रशासनी, वक्फ, निजी, अतिक्रमित) पर निर्मित है? विद्यार्थियों की कुल संख्या (लड़का, लड़की, विदेशी शिशु) कितनी है? कर्मियों की संख्या (टीचिंग और नन टीचिंग) कितनी है? आवासीय है या नहीं? आवासीय है तो कितने रूम हैं? पढ़ाने की भाषा क्या है? कोर्स और विषयों का डिटेल्स? नजदीकी शिक्षण प्रतिष्ठान (प्रशासनी स्कूल ) की दूरी कितनी है? पहले क्या कोई अनहोनी हुई है? चहारदीवारी है या नहीं? यदि है तो उसकी ऊंचाई कितनी है? प्रतिष्ठान से जुड़ा अदालत में कोई मामला यदि चल रहा है, तो उसका पूर्ण विवरण. प्रतिष्ठान के बोर्ड या फैकल्टी में किसी एफआईआर में नामजद या चार्जशीटेड व्यक्ति का नाम है या नहीं? है तो पूरा विवरण. प्रतिष्ठान का कोई पूर्व छात्र किसी नेतृत्वक पार्टी में सांगठनिक पद पर है? अगर हां, तो उसका पूरा विवरण. क्या प्रतिष्ठान किसी दूसरे देशों के साथ फॉरेन एक्सचेंज प्रोग्राम चला रहा है? यदि हां, तो उसका पूरा विवरण. The post बंगाल में मस्जिदों-मदरसों का बनेगा डेटाबेस, शुभेंदु प्रशासन ने कमिश्नर-एसपी को सौंपी जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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यूपी चुनाव से पहले नई सियासी एंट्री, करणी सेना के इस फैसले से यूपी की सियासत में हलचल

UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गयी है. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी के खिलाफ अब करणी सेना ने भी चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है. करणी सेना के अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू ने कहा है कि संगठन यूपी की 50 से 70 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकता है. उन्होंने सत्ता पक्ष में बैठे “घमंडी लोगों” का घमंड चूर करने की बात भी कही. लखनऊ में बैठक के बाद अम्मू का बड़ा ऐलान लखनऊ में आयोजित बैठक में सूरजपाल सिंह अम्मू ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति का संकेत दिया. उन्होंने कहा कि करणी सेना चुनाव में उतरने की तैयारी कर रही है और 50 से 70 सीटों पर उम्मीदवार मैदान में उतारे जा सकते हैं. हालांकि उन्होंने किसी पार्टी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनके बयान का निशाना भाजपा की ओर माना जा रहा है. अम्मू ने कहा कि सत्ता पार्टी में बैठे घमंडी लोगों का घमंड चूर किया जायेगा. ऐसे में अगर करणी सेना चुनावी मैदान में उतरती है तो कई विधानसभा सीटों पर इसका असर देखने को मिल सकता है. MLC चुनाव में स्मिता मिश्रा को समर्थन करणी सेना अध्यक्ष ने स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर भी अपना रुख साफ किया. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी डॉ. स्मिता मिश्रा को समर्थन करेगी. इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद पर भी नाराजगी जतायी. उनका आरोप है कि मामले में अभी तक सिर्फ कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है, जबकि कुछ अन्य लोगों पर भी सवाल उठते हैं. आरक्षण पर भी अम्मू ने रखी अपनी बात सूरजपाल सिंह अम्मू ने आरक्षण के मौजूदा स्वरूप पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि गरीब किसी भी सामाजिक वर्ग से हो सकता है. उनके मुताबिक आरक्षण का लाभ उसी व्यक्ति को मिलना चाहिए जिसे वास्तव में इसकी जरूरत है. अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना अम्मू ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के PDA को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने PDA की अपनी व्याख्या करते हुए कहा कि इसमें ‘P’ का मतलब पीड़ित है. उन्होंने सपा-बसपा प्रशासनों के दौरान लगे नारों और अपने समाज के कथित अपमान का मुद्दा उठाया. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि योगी “बगैर मूंछ वाले ठाकुर” हैं. राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर उन्होंने कहा कि राम उनके आराध्य हैं और उनके आराध्य के घर में चोरी होना गंभीर मामला है. 50-70 सीटों पर उतरने से बदलेंगे समीकरण? 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले करणी सेना का यह ऐलान यूपी की सियासत में नया कोण जोड़ सकता है. खासकर उन सीटों पर जहां सामाजिक समीकरण बेहद करीबी हैं, वहां अलग उम्मीदवार के मैदान में आने से प्रमुख दलों के वोट समीकरण प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि करणी सेना वास्तव में कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारती है और किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा. यह भी पढ़ें: सपा सांसद अफजाल अंसारी की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, तीनों FIR पर प्रशासन से मांगा जवाब The post यूपी चुनाव से पहले नई सियासी एंट्री, करणी सेना के इस फैसले से यूपी की सियासत में हलचल appeared first on Naya Vichar.

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UPI यूजर्स को नहीं देना होगा कोई चार्ज, जानें दुकानदारों पर कैसे पड़ेगा MDR का असर

अगर आप रोजाना UPI से पेमेंट करते हैं, तो आपके लिए राहत की समाचार है. फिलहाल UPI से पेमेंट करने पर आपको कोई MDR यानी Merchant Discount Rate नहीं देना होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि अगर भविष्य में MDR लागू किया भी जाता है, तो इसका बोझ ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा. यह चार्ज मर्चेंट यानी दुकानदारों और कारोबारियों पर लागू होगा. यह सफाई Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को लेकर उठी उन चिंताओं के बाद आई है, जिनमें आशंका जताई जा रही थी कि UPI पेमेंट करने वाले ग्राहकों से भी शुल्क लिया जा सकता है. हालांकि, फिलहाल ऐसा कोई शुल्क लागू नहीं किया गया है. क्या प्रशासन UPI पर MDR लगाने जा रही है? नहीं. सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि 2026 का यह बिल UPI पर कोई नया MDR लागू नहीं करता. इसमें किसी खास शुल्क की रकम भी तय नहीं की गई है. बिल सिर्फ ऐसा कानूनी रास्ता तैयार करता है, जिससे प्रशासन आगे चलकर नोटिफिकेशन के जरिए मौजूदा जीरो-MDR व्यवस्था में बदलाव कर सके. यानी अभी UPI यूजर्स के लिए पेमेंट का तरीका पहले जैसा ही रहेगा. वित्त मंत्री ने कहा है कि अगर भविष्य में MDR लागू करने का फैसला होता है, तो यह ग्राहकों के बजाय मर्चेंट पर लागू होगा. MDR आखिर होता क्या है? MDR यानी Merchant Discount Rate वह फीस है, जो डिजिटल पेमेंट को प्रोसेस करने के बदले मर्चेंट की तरफ से बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और दूसरे संबंधित पक्षों को दी जाती है. आसान भाषा में समझें तो जब कोई ग्राहक डिजिटल पेमेंट करता है, तो इस फीस का असर आमतौर पर पेमेंट पाने वाले मर्चेंट पर होता है. ग्राहक सीधे MDR नहीं देता. UPI ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने में शामिल अलग-अलग पक्षों के बीच यह फीस व्यवस्था के हिसाब से बांटी जा सकती है. इसमें एक्वायरिंग बैंक, इश्यूइंग बैंक, पेमेंट नेटवर्क और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर शामिल हो सकते हैं. ये भी पढ़ें: UPI पर MDR को लेकर क्या है नया नियम? जानें ग्राहक देंगे चार्ज या मर्चेंट अभी UPI यूजर्स को क्या करना होगा? फिलहाल कुछ भी बदलने वाला नहीं है. UPI से पेमेंट करने वाले ग्राहक बिना MDR दिए ट्रांजैक्शन कर सकते हैं. प्रशासन के मुताबिक Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 के संसद से पास होने के बाद ही UPI and Services Steering Committee इस मुद्दे की जांच करेगी. इस कमेटी की अध्यक्षता National Payments Corporation of India (NPCI) करता है. अगर भविष्य में कोई नया नियम आता है, तो उसमें यह तय होगा कि किन ट्रांजैक्शन पर चार्ज लागू हो सकता है, इसका खर्च कौन उठाएगा और किन मामलों में छूट मिलेगी. क्या हर UPI पेमेंट पर MDR लग सकता है? ऐसा जरूरी नहीं है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर भविष्य में MDR को लेकर कोई व्यवस्था बनाई जाती है, तो हर UPI ट्रांजैक्शन पर एक जैसा चार्ज लगाने के बजाय अलग-अलग ट्रांजैक्शन के हिसाब से नियम तय किए जा सकते हैं. Dhruva Advisors के पार्टनर संदीप भल्ला ने कहा कि यह संशोधन सिर्फ प्रशासन को आगे फैसला लेने की सुविधा देता है, अपने आप UPI पर MDR लागू नहीं करता. वहीं CMS INDUSLAW के पार्टनर राघव मुथन्ना के मुताबिक, Person-to-Person यानी P2P पेमेंट और कम रकम वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लगने की संभावना कम है. ये भी पढ़ें: NCDC Amendment Bill 2026: आज लोकसभा में हो सकता है पेश, जानें क्या बदलेगा और किसे होगा फायदा The post UPI यूजर्स को नहीं देना होगा कोई चार्ज, जानें दुकानदारों पर कैसे पड़ेगा MDR का असर appeared first on Naya Vichar.

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11 अगस्त को झारखंड बंद के मद्देनजर बंद रहेंगे रांची के निजी स्कूल, DPS से DAV तक शामिल

रांची: झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बंद की घोषणा की. पार्टी ने सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है. वहीं झारखंड बंद के दौरान राजधानी रांची सहित 24 जिलों के कई स्कूल 11 अगस्त को बंद रहेंगे. छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज से भाजपा नाराज भाजपा नेताओं के अनुसार, JPSC-JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया था. इस दौरान पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने का आरोप है. भाजपा ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसके विरोध में बंद बुलाने का निर्णय लिया है. ये स्कूल रहेंगे बंद बंद के मद्देनजर राजधानी के कई प्रमुख निजी स्कूलों ने अभिभावकों और विद्यार्थियों को स्कूल बंद रहने की सूचना दी है. इनमें डीपीएस, लेडी केसी राय स्कूल, जेवीएम श्यामली, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कैंब्रियन स्कूल, ऑक्सफोर्ड स्कूल, सच्चिदानंद स्कूल, शारदा ग्लोबल स्कूल, मेरे नन्हे कदम स्कूल, ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल, चिरंजीव पब्लिक स्कूल, मनन विद्या मनरखन महतो स्कूल, गुरु गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल, सरला बिरला स्कूल, श्रद्धानंद बाल मंदिर स्कूल, सेवंथ स्टार एकेडमी, संत माइकल स्कूल, स्टेप बाय स्टेप स्कूल, ब्रिजफोर्ड स्कूल, टेंडर हार्ट स्कूल, ओडीएम सफायर स्कूल, डीएवी नंदराज बरियातू, संत माइकल प्ले स्कूल, जी एंड एच स्कूल, सेंट्रल एकेडमी, लाला लाजपत राय स्कूल, नोवल किड्स प्ले स्कूल, यूरो किड्स मोरहाबादी एवं कांके, ड्रीमर डेन प्री स्कूल, कोलकाता पब्लिक स्कूल, सृजन वैली स्कूल, ईस्ट प्वाइंट स्कूल, सेंट थॉमस स्कूल, डीएवी बरियातू, डीएवी गांधीनगर, संत जेवियर, सुरेंद्र नाथ स्कूल, डीएवी हेहल और एसआर डीएवी शामिल हैं. The post 11 अगस्त को झारखंड बंद के मद्देनजर बंद रहेंगे रांची के निजी स्कूल, DPS से DAV तक शामिल appeared first on Naya Vichar.

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सौरभ गांगुली और उनकी पत्नी डोना को जान से मारने की धमकी, सेक्रेटरी ने ठाकुरपुकुर थाने में की शिकायत

कोलकाता से विकास कुमार गुप्ता की रिपोर्ट Sourav Ganguly Death Threat: हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली एवं उनकी पत्नी डोना गांगुली को जान से मारने की धमकी दी गयी है. उनके बेहला वाले घर पर धमकी भरा पत्र मिलने के बाद थाने में लिखित शिकायत की गयी है. परिवार ने पुलिस को बताया है कि यह दूसरा मौका है, जब सौरभ गांगुली के परिवार को अनजान लोगों की तरफ से जान से मारने की धमकी मिली है. सेक्रेटरी ने ठाकुरपुकुर थाने में की लिखित शिकायत सौरभ गांगुली की पर्सनल सेक्रेटरी तानिया भट्टाचार्य ने सोमवार की रात को ठाकुरपुकुर थाने में शिकायत दर्ज करवायी. उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी. उन्होंने आरोप लगाया कि गांगुली परिवार को पिछले कुछ महीनों से एक अनजान व्यक्ति से बार-बार धमकी भरे लेटर मिल रहे हैं. शुरू में सौरभ एवं उनके परिवार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया. लेकिन, सोमवार को लेटर मिलने के बाद, क्रिकेटर और उनका परिवार सुरक्षा को लेकर चिंतित है. अंग्रेजी भाषा में लिखा गया है धमकी भरा पत्र शिकायत में कहा गया है कि पिछले 6 महीनों से सौरभ को अंग्रेजी में लेटर भेजे जा रहे हैं. हालांकि, पहले के लेटर में आपत्तिजनक भाषा थी. परिवार ने शुरू में उन पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन सोमवार को उनके घर पर मिले लेटर में सौरभ एवं उनकी पत्नी डोना दोनों की जान को सीधा खतरा बताया गया था. इस लेटर के मिलने के बाद सौरभ की पर्सनल सेक्रेटरी ठाकुरपुकुर थाने में पहुंची. ठाकुरपुकुर थाने की पुलिस की तरफ से लालबाजार के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट को भी इस मामले की जानकारी दे दी गयी है. कौन ऐसी हरकतें कर रहा है, पुलिस इसकी जांच में जुट गयी है. The post सौरभ गांगुली और उनकी पत्नी डोना को जान से मारने की धमकी, सेक्रेटरी ने ठाकुरपुकुर थाने में की शिकायत appeared first on Naya Vichar.

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‘कई रातों के बाद सूरज निकला है…’ सरफराज की टीम इंडिया में वापसी पर पिता का इमोशनल वीडियो वायरल

सरफराज खान की हिंदुस्तानीय टीम में वापसी हो गई है. करीब दो साल बाद उन्हें एक बार फिर टीम में शामिल किया गया है. श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए सरफराज को साई सुदर्शन के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में जगह मिली है. जैसे ही सरफराज की टीम में वापसी की समाचार सामने आई, उनके पिता नौशाद खान भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए. सरफराज खान के पिता नौशाद खान ने बेटे की वापसी पर एक प्रेरणादायक पंक्ति साझा की. उन्होंने लिखा, ‘भले निकला है कई रातों के बाद सूरज, लेकिन मेहनत को मिलता है हमेशा किस्मत का साथ.’ यह बात सिर्फ एक बधाई संदेश नहीं थी, बल्कि इसमें सरफराज के पिछले करीब दो साल का संघर्ष भी साफ नजर आता है. टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने लगातार घरेलू क्रिकेट में रन बनाए, अपनी फिटनेस पर काम किया और मौके का इंतजार करते रहे. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और एक बार फिर टीम इंडिया का दरवाजा उनके लिए खुल गया. नवंबर 2024 के बाद अब मिला टीम इंडिया में मौका सरफराज ने आखिरी बार नवंबर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हिंदुस्तान के लिए स्पोर्ट्सा था. वह सीरीज हिंदुस्तानीय टीम के लिए बेहद निराशाजनक रही थी. हिंदुस्तान को घरेलू मैदान पर 12 साल बाद टेस्ट सीरीज में हार मिली थी और पहली बार तीन मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था. उस सीरीज के बाद सरफराज टीम से बाहर हो गए. 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए उन्हें हिंदुस्तानीय टीम में शामिल भी किया गया, लेकिन उन्हें एक भी टेस्ट स्पोर्ट्सने का मौका नहीं मिला. हिंदुस्तान के लिए अब तक सरफराज ने 6 टेस्ट की 11 पारियों में 371 रन बनाए हैं. उनका औसत 37.10 है और उनके नाम एक शतक और तीन अर्धशतक हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 150 रन है. अब करीब दो साल बाद उनके पास एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत करने का मौका है. टीम से बाहर होने के बाद भी बल्ला नहीं रुका सरफराज ने टीम से बाहर होने के बाद खुद को टूटने नहीं दिया. घरेलू क्रिकेट में उन्होंने लगातार रन बनाए और चयनकर्ताओं का दरवाजा खटखटाते रहे. रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 7 मैचों की 9 पारियों में 429 रन बनाए. उनका औसत 53.62 रहा और इस दौरान उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतक लगाया. उनका सर्वोच्च स्कोर 227 रन रहा. ये भी पढ़ें: 17 किलो वजन घटाया, कश्मीर में बहाया पसीना… 2 साल बाद सरफराज खान ने ऐसे किया टीम इंडिया में कमबैक इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी उनका बल्ला खूब चला. सात पारियों में उन्होंने 329 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 65.80 और स्ट्राइक रेट 203.09 रहा. इस दौरान उन्होंने एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए. विजय हजारे ट्रॉफी में भी सरफराज ने अपनी फॉर्म जारी रखी. छह मैचों की पांच पारियों में उन्होंने 303 रन बनाए. उनका औसत 75.75 और स्ट्राइक रेट 190.56 रहा. उन्होंने एक शतक और दो अर्धशतक लगाए. CSK से मिला मौका, फिर मुंबई टी20 लीग में भी दिखाया दम उनके घरेलू प्रदर्शन का इनाम उन्हें आईपीएल में भी मिला. सरफराज को चेन्नई सुपर किंग्स ने 75 लाख रुपये में अपने साथ जोड़ा. आईपीएल में वह सात पारियों में 161 रन बना सके. उनका औसत 23 रहा और स्ट्राइक रेट करीब 170 का था. इस दौरान उनके बल्ले से एक अर्धशतक भी निकला. श्रीलंका सीरीज से पहले उन्होंने मुंबई टी20 लीग में आकाश टाइगर्स एमडब्ल्यूएस के लिए भी स्पोर्ट्सा. पांच पारियों में उन्होंने 161 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 214.67 रहा. यहां भी उन्होंने एक अर्धशतक लगाया. फिटनेस पर भी जमकर की मेहनत सरफराज की वापसी सिर्फ रनों की वजह से नहीं हुई. उन्होंने अपनी फिटनेस पर भी काफी काम किया है. हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम पर हिंदुस्तानीय टीम की जर्सी में अपनी तस्वीर साझा की, जिसमें उनका बदला हुआ और पहले से ज्यादा फिट लुक नजर आया. लंबे समय से उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठते रहे थे, लेकिन सरफराज ने इस बार मैदान के साथ-साथ फिटनेस पर भी खुद को साबित करने की कोशिश की. अब वह टीम इंडिया के कैंप से जुड़ चुके हैं और 15 अगस्त से गाले में शुरू होने वाले पहले टेस्ट की तैयारी कर रहे हैं. ये भी पढ़ें: अजीत अगरकर की जगह चीफ सेलेक्टर नहीं बनना चाहते VVS लक्ष्मण? BCCI के सामने बढ़ी चुनौती The post ‘कई रातों के बाद सूरज निकला है…’ सरफराज की टीम इंडिया में वापसी पर पिता का इमोशनल वीडियो वायरल appeared first on Naya Vichar.

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‘विपक्ष के बहकावे में न आएं’- बवाल के बाद CM हेमंत का छात्रों को संदेश, लाठी चार्ज पर क्या बोले सिटी एसपी

Hemant Soren, रांची : जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में सुधार की मांग को लेकर सोमवार को हुए अभ्यर्थियों के अभूतपूर्व विधानसभा घेराव और देर शाम हुए बवाल के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और रांची के सिटी एसपी पारस राणा के सामने आ चुके हैं. एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ने युवाओं को संवाद का न्योता देते हुए उनकी मांगों पर गंभीर कार्रवाई का भरोसा दिया है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन ने स्थिति को संभालने के दौरान हुए बल प्रयोग और पुलिसकर्मियों पर हुए पथराव की पूरी जानकारी दी है. “दोषी चाहे जो हो बख्शा नहीं जाएगा”- CM हेमंत सोरेन झारखंड विधानसभा घेराव के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर अपना संदेश साझा करते हुए सबसे पहले पुलिस और प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए धन्यवाद किया. इसके बाद युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लिखा कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना छात्रों का अधिकार है और उनकी बात को सुनना प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन के वरिष्ठ मंत्री लगातार अभ्यर्थियों से संवाद कर रहे हैं और उनकी मांगों पर पूरी संवेदनशीलता से कार्रवाई की जाएगी. पिछले दिनों की कार्रवाइयों का हवाला देते हुए सीएम ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, प्रशासन ने किसी को नहीं बख्शा है. उनका मकसद परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और सुरक्षित बनाना है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने छात्रों को आगाह करते हुए अपील की कि वे विपक्ष के नेतृत्वक नैरेटिव और भड़काने वाले मनसूबों के बहकावे में न आएं, बल्कि प्रशासन के साथ संवाद और विश्वास के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें. ये भी पढ़ें: Jharkhand Liquor Scam: ACB समन पर नहीं पहुंचे कंपनियों के निदेशक, 11 को उत्पाद अधिकारियों से होगी पूछताछ “स्थिति को कंट्रोल करने के लिए करना पड़ा हल्का बल प्रयोग”- सिटी एसपी दूसरी ओर, रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने मीडिया से बातचीत करते हुए विधानसभा परिसर के बाहर हुई पुलिसिया कार्रवाई का पूरा ब्योरा दिया. उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के आयोजक खुद भी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद भीड़ में से पथराव किया गया. उग्र भीड़ जब सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे विधानसभा के मुख्य द्वार के समीप पहुंच गई और पथराव में पुलिस जवान घायल होने लगे, तब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. सिटी एसपी ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई में कुछ छात्रों को भी मामूली चोटें आई हैं. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि घटना के बाद किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया गया है और पुलिस प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता के साथ छात्रों को वहां से सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से उनके गंतव्य स्थानों की ओर रवाना कराया है. ये भी पढ़ें: विधानसभा के सामने 11 अगस्त को वित्तरहित शिक्षकों का महाधरना, संस्कृत स्कूल और मदरसा कर्मी भी होंगे शामिल The post ‘विपक्ष के बहकावे में न आएं’- बवाल के बाद CM हेमंत का छात्रों को संदेश, लाठी चार्ज पर क्या बोले सिटी एसपी appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज : अभिजीत दीपके की 3 लाइन की पोस्ट पर भड़के यूजर्स ने पूछा- जंतर-मंतर वाला तेवर कहां गया?

वही अभिजीत दीपके हैं जिन्होंने नीट धांधली के खिलाफ देश भर के युवाओं को लामबंद कर दिया था और सीधे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ गए थे. लेकिन झारखंड के आक्रोशित छात्रों के मामले में वे सिर्फ ‘आभासी’ यानी सोशल मीडिया तक ही सीमित नजर आए. अब जब रांची की सड़कों पर छात्र पीटे गए, तो दीपके केवल तीन लाइन के सवाल पूछकर खामोश हो गए. छात्रों पर लाठीचार्ज पर क्या बोले अभिजीत दीपके? झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने X पर जो पोस्ट किया है, उसमें उनके तेवर जंतर-मंतर वाले नहीं, बल्कि बेहद नरम नजर आ रहे हैं. उनके शब्दों में वह तल्खी गायब है जो दिल्ली के आंदोलन में दिखती थी. आप खुद उनकी पोस्ट पढ़कर अंदाजा लगा सकते हैं कि उन्होंने झारखंड के पिटते छात्रों के पक्ष में क्या लिखा. “झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ इतनी बेरहमी से बल का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है? जब नेतृत्वक पार्टियां प्रदर्शन करती हैं, तो पुलिस को लाठीचार्ज या आंसू गैस का इस्तेमाल करते हुए नहीं देखा जाता. तो फिर छात्रों के खिलाफ ही बार-बार इस तरह बल का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?” दीपके पर भड़के यूजर्स अभिजीत दीपके के पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स की नाराजगी साफ देखी जा सकती है. @hk_565 के यूजर ने लिखा, “अगर हिम्मत है, तो पार्टी और मंत्री का नाम लो. तुम बस नई पैकेजिंग में आया हुआ पुराना प्रोडक्ट हो.” @callmesarc नाम के यूजर ने लिखा, “राज्य प्रशासन, राहुल गांधी और वहां जो भी सत्ता में है, उन्हें टैग करें, इतने डरपोक मत बनिए.” एक अन्य यूजर ने दीपके से पूछा, “आप NEET विरोध के समय की तरह CM के इस्तीफे की मांग क्यों नहीं करते? क्या इस्तीफे की आपकी मांग सिर्फ केंद्र प्रशासन के लिए होती है और दूसरी नेतृत्वक पार्टियों की प्रशासन के मामले में बदल जाती है? अगर आपकी कोई नेतृत्वक महत्वाकांक्षा या समर्थन नहीं है, तो यह चुनिंदा आक्रोश क्यों?” ये भी पढ़ें: विधानसभा में आंदोलनकारियों पर फिर बरसा पुलिस का डंडा, छात्र नेता बोले- अब सीधे CM से बात होगी The post झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज : अभिजीत दीपके की 3 लाइन की पोस्ट पर भड़के यूजर्स ने पूछा- जंतर-मंतर वाला तेवर कहां गया? appeared first on Naya Vichar.

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JPSC JSSC Protest: छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ बीजेपी का हल्लाबोल, 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान

रांची: झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बंद की घोषणा की. पार्टी ने सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है. छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज से भाजपा नाराज भाजपा नेताओं के अनुसार, JPSC-JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया था. इस दौरान पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने का आरोप है. भाजपा ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसके विरोध में बंद बुलाने का निर्णय लिया है. छात्रों के लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करे प्रशासन: BJP पार्टी नेताओं ने कहा कि छात्रों की मांगों और उनके लोकतांत्रिक आंदोलन को दबाने के बजाय प्रशासन को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए. भाजपा ने लाठीचार्ज की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग भी की है. भाजपा के बंद के आह्वान के बाद मंगलवार को राज्य के विभिन्न जिलों में नेतृत्वक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. पार्टी कार्यकर्ताओं से बंद को सफल बनाने की अपील की गयी है. BJP के राज्य महासचिव अमर कुमार बाउरी का सामने आया बड़ा बयान JPSC-JSSC उम्मीदवारों के विरोध-प्रदर्शन पर BJP के राज्य महासचिव अमर कुमार बाउरी का भी बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा, ‘हम बस छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए हेमंत सोरेन से उनके आवास पर मिलने गए थे और इस तानाशाही प्रशासन ने हमें सुबह 10:30 बजे से लेकर लगभग रात 8:30 बजे तक, यानी 11 घंटे तक इंतजार कराकर यह साबित कर दिया है कि यह सचमुच एक तानाशाही प्रशासन है, वे विरोध की आवाज बर्दाश्त नहीं करते. आज राहुल गांधी और हेमंत सोरेन दोनों ही चुप हैं. मुझे लगता है कि जहां हम हेमंत सोरेन के इस ‘जन्मदिन के तोहफे’ को जरूर याद रखेंगे, वहीं आने वाले चुनावों में उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.’ The post JPSC JSSC Protest: छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ बीजेपी का हल्लाबोल, 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान appeared first on Naya Vichar.

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