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Creta से i20 तक महंगी होंगी Hyundai की ये कारें, अब देना होगा 12,800 रुपये तक ज्यादा

हुंदै की कार खरीदने का प्लान बना रहे ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है. कंपनी ने अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी करने का ऐलान कर दिया है. नयी कीमतें मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से लागू होंगी और कुछ गाड़ियों पर ग्राहकों को अब पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. लगातार बढ़ती कच्चे माल की लागत और ऑपरेशन खर्च के दबाव के बीच हुंदै ने यह फैसला लिया है. ऐसे में आने वाले दिनों में Creta, Venue, i20 और Verna जैसी लोकप्रिय कारें महंगी हो सकती हैं. कितनी बढ़ेगी हुंदै कारों की कीमत? हुंदै मोटर इंडिया ने जानकारी दी है कि उसके वाहनों की कीमतों में अधिकतम 12,800 रुपये तक की बढ़ोतरी की जाएगी. कंपनी के मुताबिक यह इजाफा हर मॉडल और वेरिएंट पर अलग-अलग होगा. यानी सभी गाड़ियों पर समान कीमत वृद्धि लागू नहीं होगी. कुछ एंट्री लेवल मॉडल्स पर कम असर पड़ेगा, जबकि प्रीमियम वेरिएंट्स की कीमत ज्यादा बढ़ सकती है. क्यों बढ़ाने पड़े दाम? कंपनी ने बताया कि कच्चे माल की लागत लगातार बढ़ रही है. इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेशनल खर्च में भी इजाफा हुआ है. ऑटो इंडस्ट्री लंबे समय से स्टील, एल्युमिनियम और दूसरे जरूरी कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों के दबाव का सामना कर रही है. इसी वजह से कंपनियां धीरे-धीरे वाहन कीमतों में संशोधन कर रही हैं. ग्राहकों पर कितना पड़ेगा असर? हुंदै का कहना है कि उसने लागत को कंट्रोल करने की पूरी कोशिश की, ताकि ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न पड़े. हालांकि, बढ़ते खर्च के कारण कंपनी को कीमतों में मामूली बढ़ोतरी करनी पड़ी. इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जो आने वाले दिनों में नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं. अगर आप जल्द Hyundai कार बुक करने वाले हैं, तो मौजूदा कीमत पर खरीदारी करना फायदे का सौदा हो सकता है. अप्रैल में ही दिया था संकेत हुंदै मोटर इंडिया ने अप्रैल 2026 में ही शेयर बाजार को दी जानकारी में साफ कर दिया था कि अगले महीने से कीमतों में करीब 1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जा सकती है. अब कंपनी ने आधिकारिक रूप से नयी कीमत वृद्धि की पुष्टि कर दी है. इससे साफ है कि ऑटो सेक्टर में लागत का दबाव लगातार बना हुआ है. ऑटो इंडस्ट्री में लगातार बढ़ रहे दाम हुंदै अकेली कंपनी नहीं है जिसने कीमतें बढ़ाई हैं. पिछले कुछ महीनों में कई दूसरी ऑटो कंपनियां भी अपनी कारों और एसयूवी की कीमतों में इजाफा कर चुकी हैं. इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, लॉजिस्टिक्स और कच्चे माल की महंगाई के कारण ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में वाहन लगातार महंगे होते जा रहे हैं. यह भी पढ़ें: Hyundai की बड़ी तैयारी, Creta और Nexon EV को टक्कर देने आ रही 2 नई SUV The post Creta से i20 तक महंगी होंगी Hyundai की ये कारें, अब देना होगा 12,800 रुपये तक ज्यादा appeared first on Naya Vichar.

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कहीं आप भी तो नहीं उड़ा रहे ट्रिप पर फालतू पैसा? इन 5 गलतियों से बचें और बचाएं अपने हजारों रुपये

Travel Tips: जब हम किसी नयी जगह या फिर अलग शहर घूमने की प्लानिंग करते हैं, तो उस समय हमारे अंदर एक बिलकुल ही अलग सी एक्साइटमेंट होती है. नयी जगहें एक्सप्लोर करना, नयी चीजें खाना और बिलकुल ही अलग एक्सपीरियंस हर किसी को काफी ज्यादा पसंद आता है. नयी जगह घूमना जितना मजेदार और मूड फ्रेश कर देने वाला होता है, उतना ही टेंशन भरा भी हो सकता है अगर पैसे बजट से ज्यादा खर्च होने लग जाएं तो. आकर ट्रैवल करते समय हम यह गलती कर देते हैं कि घूमते-फिरते समय इस तरह की चीजों में पैसे खर्च कर देते हैं, जिनकी हमें जरूरत तो बिलकुल भी नहीं होती है. यही बेकार के छोटे-छोटे खर्चे आगे चलकर ट्रिप का पूरा बजट ही बिगाड़ देते हैं और साथ ही मजा भी खराब कर देते हैं. अगर आप भी किसी नयी जगह पर घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की है. आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप ट्रैवल करते समय अपने ढेर सारे पैसों को बेकार में खर्च होने से बचा सकेंगे. तो चलिए इन टिप्स के बारे में विस्तार से जानते हैं. एयरपोर्ट या स्टेशन से महंगी टैक्सी बुक करना अक्सर जब हम किसी नयी जगह पहुंचते हैं तो सबसे बड़ी गलती एयरपोर्ट या फिर स्टेशन में ही कर देते हैं. इस समय हम थोड़ी जल्दबाजी में होते हैं और एयरपोर्ट या फिर स्टेशन से निकलते ही हमें जो भी टैक्सी दिखती है, हम उसे ही बुक कर लेते हैं. कई बार इन जगहों पर टैक्सी का भाड़ा काफी ज्यादा होता है. अगर आप अपने पैसे बचाना चाहते हैं तो सबसे पहले ऑनलाइन कैब बुकिंग ऐप्स पर या फिर लोकल ट्रांसपोर्ट के बारे में जानकारी जरूर इकठ्ठा कर लेनी चाहिए. इसके अलावा कई शहरों में मेट्रो, बस और शेयर टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध होती है, जो काफी ज्यादा सस्ते और आरामदायक साबित होते हैं. आपकी थोड़ी सी प्लानिंग आपके ढेर सारे पैसे बचा सकता है. जरूरत से ज्यादा शॉपिंग करना जब हम घूमने निकलते हैं तो अक्सर हर वह चीज खरीदने लग जाते हैं, जो हमें अट्रैक्टिव दिखाई देती है. बता दें कई टूरिस्ट प्लेसेस में चीजें बहुत ही ज्यादा महंगी बिकती हैं और हमें बाद में यह भी पता चलता है कि यही नॉर्मल सी चीजें कम कीमत पर कहीं और भी मिल रही होती हैं. आपको यह बात समझनी होगी कि हर एक चीज को खरीदना आपके लिए बिलकुल भी जरूरी नहीं है. सिर्फ उन्हीं चीजों पर अपने पैसे खर्च करें जो स्पेशल हों और उसी जगह पर मिलती हों. जब आप समझदारी से शॉपिंग करते हैं तो सिर्फ आपके पैसे नहीं बचते हैं, आपका ट्रैवल बैग भी हल्का रहता है. हर समय बाहर की महंगी चीजें खाना जब आप घूमने के लिए नयी जगहें जाते हैं, तो यहां पर खाने-पीने के लिए नयी चीजें ट्राई करना एक अच्छी बात है. लेकिन हर बार आप महंगे रेस्टोरेंट में ही खाना खाएं ये बिलकुल भी जरूरी नहीं है. कई बार होटल और टूरिस्ट स्पॉट्स के पास खाने-पीने की चीजें जरूरत से ज्यादा महंगी होती हैं. अगर आप पैसे बचाना चाहते हैं, तो लोकल फूड स्टॉल्स या फिर छोटे रेस्टोरेंट्स को ट्राई करना भी आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. इन जगहों पर आपको स्वाद भी मिलता है और पैसे भी कम खर्च होते हैं. इसके अलावा कोशिश करें कि आप अपने साथ पानी की बोतल और छोटे- छोटे स्नैक्स जरूर रखें ताकि आपके पैसे बार-बार खर्च न हो जाएं. बेवजह महंगे होटल में रुकना कई लोग यह गलती भी करते हैं कि ट्रिप के दौरान एक ऐसा होटल बुक कर लेते है, जिनमें फैसिलिटीज तो काफी ज्यादा होती हैं, लेकिन उनमें ठहरने का खर्चा भी उतना ही ज्यादा होता है. जब आप ट्रिप पर निकलते हैं तो आपको यह समझना चाहिए कि आपके दिन का ज्यादातर समय बाहर घूमने में ही बीतने वाला है. अगर आप पूरे दिन बाहर ही घूमने वाले हैं तो आपको अपने लिए सिर्फ एक साफ-सुथरे और सिक्योर होटल को चुनना ही काफी होता है. जब आप अपने लिए होटल बुक कर रहे हैं, तो पहले उसके रिव्यु और लोकेशन के बारे में जानकारी जरूर इकठ्ठा कर लें. जब आप ऐसा करते हैं तो आपको काफी कम पैसे में एक बेहतरीन स्टे मिल सकता है. बिना जानकारी के टूर पैकेज लेना कई टूरिस्ट प्लेसेस में लॉकर एजेंट आपको इंस्टेंट टूर पैकेज ऑफर कर देते हैं. ऐसा होने पर कई बार हम जल्दबाजी के चक्कर में बिना कम्पेयर किये उन्हें पैसे दे देते हैं. पैसे देने के बाद हमें यह पता चलता है कि वही चीज आपको दूसरे एजेंट के पास या फिर ऑनलाइन और भी कम कीमत पर मिल रही है. अगर आपको अपने पैसे बचाने हैं तो किसी भी एक्टिविटी या पैकेज को बुक करने से पहले उसकी कीमत और सुविधाओं को कम्पेयर जरूर कर लें. थोड़ा सा रिसर्च आपके ढेर सारे पैसे बचा सकता है. ये भी पढ़ें: छोटे से ट्रैवल बैग में कैसे फिट करें ज्यादा सामान? ये 5 स्मार्ट हैक्स मिनटों में खत्म कर देंगे आपकी टेंशन The post कहीं आप भी तो नहीं उड़ा रहे ट्रिप पर फालतू पैसा? इन 5 गलतियों से बचें और बचाएं अपने हजारों रुपये appeared first on Naya Vichar.

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बिहार पुलिस कांस्टेबल का फाइनल रिजल्ट जारी, 19838 कैंडिडेट्स पास

Bihar Police Constable Final Result 2026: CSBC ने बिहार पुलिस कांस्टेबल Final Result 2026 जारी कर दिया है. लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे लाखों उम्मीदवार अब अपना परिणाम चेक कर सकते हैं. इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए बिहार पुलिस में कांस्टेबल के हजारों पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. आधिकारिक नोटिस के मुताबिक इस भर्ती परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था. अब फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद चयनित उम्मीदवारों में खुशी का माहौल है. इसमें 19838 कैंडिडेट्स सफल हुए हैं. Bihar Police Constable Final Result 2026 ऐसे चेक करें रिजल्ट चेक करने के लिए सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट- csbc.bih.nic.in पर जाएं. होमपेज पर Bihar Police Constable Final Result 2026 लिंक खोलें. रिजल्ट PDF डाउनलोड करें. अपने रोल नंबर को सर्च करें. भविष्य के लिए रिजल्ट का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें. Bihar Police Constable Final Result 2026 Check Here सेलेक्शन प्रोसेस बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए कुल 16,73,586 उम्मीदवारों ने ऑनलाइन आवेदन किया था. लिखित परीक्षा अलग-अलग तारीखों में आयोजित की गई थी, जिसमें लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए थे. इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी PET के लिए उम्मीदवारों को बुलाया गया. PET में दौड़, ऊंची कूद और गोला फेंक जैसे टेस्ट शामिल थे. CSBC की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार कुल 79,932 अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था. इनमें से 50,650 पुरुष और 29,282 स्त्री उम्मीदवार शामिल थीं. यह भी पढ़ें: UPSC सिविल सर्विस के लिए आंसर की जारी, यहां सेट वाइज करें डाउनलोड The post बिहार पुलिस कांस्टेबल का फाइनल रिजल्ट जारी, 19838 कैंडिडेट्स पास appeared first on Naya Vichar.

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IPL 2026 के बाद भी CSK के साथ जुड़े रहेंगे धोनी? CEO ने माही के भविष्य पर दिया बड़ा अपडेट

Kasi Viswanathan On MS Dhoni: महेंद्र सिंह धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स का रिश्ता आईपीएल के पहले सीजन 2008 से चला आ रहा है. लेकिन आईपीएल 2026 में पहली बार ऐसा देखने को मिला, जब धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक भी मुकाबला नहीं स्पोर्ट्सा. टीम के साथ ज्यादातर मौकों पर यात्रा करने के बावजूद धोनी पूरे सीजन मैदान से बाहर रहे, जिसके बाद उनके आईपीएल भविष्य को लेकर लगातार सवाल उठने लगे. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि रांची के 45 वर्षीय दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज आईपीएल 2026 के बाद पांच बार की चैंपियन टीम से अलग हो सकते हैं. हालांकि अब CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने धोनी के भविष्य को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. धोनी के भविष्य को लेकर नहीं हुई है कोई चर्चा काशी विश्वनाथन ने रेवस्पोर्ट्ज से बातचीत में कहा कि फ्रेंचाइजी ने अभी तक धोनी से उनके भविष्य को लेकर कोई चर्चा नहीं की है, क्योंकि वह अपने फैसले खुद लेना पसंद करते हैं और टीम प्रबंधन उनके फैसलों का सम्मान करता है. किसी भी भूमिका में टीम के साथ रहें धोनी उन्होंने कहा, ‘हमने अभी तक धोनी से इस बारे में कोई बात नहीं की है, क्योंकि जैसा कि आप जानते हैं कि वो अपने फैसले खुद लेते हैं और हम उसका सम्मान करते हैं. हम हमेशा चाहेंगे कि वह CSK के साथ स्थायी रूप से जुड़े रहें, चाहे खिलाड़ी, कोच या मेंटर किसी भी भूमिका में हों. यह पूरी तरह उनके फैसले पर निर्भर करेगा’. धोनी के भविष्य को लेकर अब भी तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन CSK प्रबंधन के बयान से इतना जरूर तय माना जा रहा है कि फ्रेंचाइजी उन्हें किसी न किसी भूमिका में अपने साथ बनाए रखना चाहती है. IPL 2026 में टीम के प्रदर्शन पर क्या बोले काशी विश्वनाथ? आईपीएल 2026 में CSK के प्रदर्शन पर बात करते हुए काशी विश्वनाथन ने निराशा जाहिर की. चेन्नई की टीम इस सीजन प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही. उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह काफी निराशाजनक रहा कि हम प्लेऑफ में नहीं क्वालीफाई कर सके. टीम में कई युवा खिलाड़ी है. हमें उन्हें खुद को साबित करने के लिए समय देना होगा. हमें अपनी गलतियों को पहचानना होगा और मजबूत वापसी करनी होगी. यह भी पढ़ें: रजत पाटीदार ने रचा इतिहास, RCB को लगातार दो फाइनल में पहुंचाने वाले पहले कप्तान बने; धोनी की लिस्ट में हुए शामिल The post IPL 2026 के बाद भी CSK के साथ जुड़े रहेंगे धोनी? CEO ने माही के भविष्य पर दिया बड़ा अपडेट appeared first on Naya Vichar.

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कैमूर-वाल्मीकिनगर में हेलीपोर्ट, अधौरा में डिग्री कॉलेज, आदिवासियों के लिए भी सीएम सम्राट ने खोला पिटारा

Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आदिवासी समाज के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं. उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में मैराथन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. इसमें प्रथम विजेता को 1 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर आने वाले प्रतिभागी को 75 हजार रुपये और तीसरे विजेता को 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आदिवासी युवाओं को स्पोर्ट्स के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. अधौरा में खुलेगा डिग्री कॉलेज सीएम ने कैमूर जिले के अधौरा इलाके के लिए भी बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि जहां आदिवासी समाज के लोग संघर्षपूर्ण जीवन जी रहे हैं, वहां डिग्री कॉलेज खोला जाएगा ताकि स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े. वाल्मीकिनगर और कैमूर में बनेंगे हेलीपोर्ट मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर और कैमूर में हेलीपोर्ट बनाने की घोषणा भी की. उनका कहना है कि इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे. ‘बिरसा लिब्स इन न्यू हिंदुस्तान’ कार्यक्रम में सीएम का संबोधन मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में आयोजित ‘जनजातीय गरिमा उत्सव 2026’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लाभार्थियों से संवाद किया. यह कार्यक्रम ‘बिरसा लिब्स इन न्यू हिंदुस्तान’ थीम के तहत आयोजित किया गया था. सीएम ने कहा कि केंद्र प्रशासन द्वारा बिहार में एकलव्य विद्यालय खोले गए हैं, जहां बिहार बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई बोर्ड के पाठ्यक्रम की भी पढ़ाई होगी. इससे आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा. आदिवासी क्षेत्रों में बढ़ेगा होम स्टे मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना शुरू की जाएगी. इससे पर्यटक आदिवासी संस्कृति और जीवनशैली को करीब से समझ सकेंगे. साथ ही स्थानीय लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी. लाखों छात्रों को मिल रही छात्रवृत्ति प्रशासन की ओर से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत करीब 1 लाख 4 हजार एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है. इनमें 4155 विद्यार्थी आदिवासी समाज से हैं. वहीं प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत इस वर्ष 20 लाख 46 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिला है, जिनमें 1.41 लाख विद्यार्थी एसटी वर्ग के हैं. Also Read: बिहार के 120 स्कूलों में होगी मिड डे मील की जांच, बच्चों के खाने के सैंपल लेकर परखी जाएगी गुणवत्ता The post कैमूर-वाल्मीकिनगर में हेलीपोर्ट, अधौरा में डिग्री कॉलेज, आदिवासियों के लिए भी सीएम सम्राट ने खोला पिटारा appeared first on Naya Vichar.

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कैबिनेट का फैसला: पांच साल तक जारी रहेगी सार्थक-PDS योजना, केंद्र खर्च करेगा 25,530 करोड़ रुपये

Cabinet Decision: केंद्र प्रशासन ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार (27 मई) को सार्थक-पीडीएस योजना के विस्तार को मंजूरी दे दी. इस योजना के लिए केंद्र प्रशासन की ओर से 25,530 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. पांच सालों तक लागू रहेगी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में स्कीम फॉर असिस्टेंस इन राशन ट्रांसपोर्ट एंड हैंडलिंग-इनकम विद ऑटोमेशन इन पीडीएस (सार्थक-पीडीएस) को 16वें वित्त आयोग चक्र की अवधि के दौरान एक छतरी योजना के रूप में लागू करने का फैसला लिया गया. प्रशासन के मुताबिक यह योजना अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक यानी अगले पांच सालों के लिए लागू रहेगी. साथ ही योजना में तीन सुधार भी लागू किए जाएंगे. 1. राज्यों को मिलेगा परिवहन खर्च में सहयोग अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राज्य प्रशासनों की एजेंसियों को हिंदुस्तानीय खाद्य निगम (FCI) के बड़े गोदामों से अनाज को जिलों, डिवीजनों और अंततः उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंचाने में काफी खर्च उठाना पड़ता है. कई राज्यों को इन खर्चों को वहन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र प्रशासन ने राज्यों को वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है, ताकि खाद्यान्न परिवहन और वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके. 2. उचित मूल्य दुकान संचालकों का बढ़ेगा मेहनताना केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योजना का दूसरा बड़ा सुधार उचित मूल्य की दुकानों से जुड़ा है. लंबे समय से राशन दुकानों के डीलरों को मिलने वाला वेतन स्थिर था, जबकि लगातार इसकी बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी. प्रशासन ने अब फैसला लिया है कि उचित मूल्य दुकान संचालकों को अधिक पारिश्रमिक दिया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके और पीडीएस व्यवस्था बेहतर ढंग से संचालित हो सके. 3. तकनीक के जरिए होगा PDS का आधुनिकीकरण केंद्रीय अश्विनी वैष्णव ने कहा कि तीसरा बड़ा सुधार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण से जुड़ा है. प्रशासन तकनीक के प्रभावी उपयोग के जरिए पीडीएस को अधिक पारदर्शी, तेज और सक्षम बनाना चाहती है. इसके लिए वितरण प्रणाली में स्वचालन (ऑटोमेशन) और आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि लाभार्थियों तक राशन की आपूर्ति अधिक सुगम और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित की जा सके. #WATCH | Delhi | Union Minister Ashwini Vaishnaw says, “…Today, a major decision has been taken regarding the Public Distribution System (PDS), the mechanism responsible for implementing this program, through the introduction of the ‘SARTHAK-PDS’ scheme. This program entails an… pic.twitter.com/2POENVU0ad — ANI (@ANI) May 27, 2026 25,530 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विणी वैष्णव ने मीडिया से बात करते कहा कि योजना के लिए केंद्र प्रशासन की हिस्सेदारी 25,530 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है. उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य राज्यों की एजेंसियों को खाद्यान्न के परिवहन, भंडारण और वितरण से जुड़े खर्चों में सहायता प्रदान करना है. पारदर्शिता और दक्षता में होगा सुधार प्रशासन का मानना है कि ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना के विस्तार से पीडीएस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी. साथ ही, लाभार्थियों तक खाद्यान्न की आपूर्ति अधिक आसानी से हो सकेगी. The post कैबिनेट का फैसला: पांच साल तक जारी रहेगी सार्थक-PDS योजना, केंद्र खर्च करेगा 25,530 करोड़ रुपये appeared first on Naya Vichar.

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असम विधानसभा में UCC पास, समान नागरिक संहिता अपनाने वाला तीसरा राज्य बना

Assam UCC: विधानसभा से यूसीसी बिल पास होने पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, आज मुझे आपको यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि असम विधानसभा ने समान नागरिक संहिता 2026 को अपना लिया है. उत्तराखंड और गुजरात के बाद, असम समान नागरिक संहिता को अपनाने वाला तीसरा राज्य होगा. समान नागरिक संहिता को अपनाना हमारे चुनावी घोषणापत्र में किए गए हमारे वादों में से एक था. हमें इस बात की बेहद खुशी है कि चुनाव के तुरंत बाद, असम विधानसभा के पहले ही सत्र में हम इस ऐतिहासिक विधेयक को पारित कर सके. अब यह विधेयक राष्ट्रपति जी की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. #WATCH | Guwahati | On Assam assembly passing “The Uniform Civil Code, Assam, Bill, 2026”, Assam CM Himanta Biswa Sarma says, “Today I am very happy to inform you that the Assam assembly has adopted the Uniform Civil Code 2026. Assam will be the third state, after Uttarakhand and… pic.twitter.com/mQXZRtLgOr — ANI (@ANI) May 27, 2026 UCC संविधान के अनुच्छेद 44 की नींव पर आधारित है : सीएम हिमंता ‘समान नागरिक संहिता, असम, 2026 विधेयक’ पर चर्चा के दौरान सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा- प्रस्तावित कानून विपक्ष के बीजेपी या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 44 की नींव पर आधारित है. हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, समान नागरिक संहिता का लंबा इतिहास है. इसकी मांग सबसे पहले कांग्रेस ने 1925 में की थी. 1937 में जवाहरलाल नेहरू ने भी इसका सुझाव दिया था. वही कांग्रेस आज इसका विरोध कुरान और शरीयत के नजरिए से कर रही है, न कि हिंदू, ईसाई या आदिवासी दृष्टिकोण से. विपक्ष ने यूसीसी विधेयक को बताया बीजेपी का नेतृत्वक एजेंडा, व्यापक परामर्श की मांग की असम विधानसभा में बुधवार को विपक्षी सदस्यों ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर लाए गए विधेयक को बीजेपी का नेतृत्वक एजेंडा बताया. विपक्ष ने प्रस्तावित कानून को पारित करने से पहले सभी हितधारकों से व्यापक परामर्श की मांग की. चर्चा के दौरान विपक्षी विधायकों ने कहा- यह समाज के एक विशेष वर्ग के अधिकारों को नुकसान पहुंचा सकता है. कांग्रेस केवल एक विशेष समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है : सीएम हिमंता हिमंता ने कहा- कांग्रेस समान नागरिक संहिता का विरोध कर रही है. वह सभी जातियों, पंथों और धर्मों का प्रतिनिधित्व नहीं करती, बल्कि केवल एक विशेष समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है. कांग्रेस असम की भौगोलिक विविधता का प्रतिनिधित्व नहीं करती. मुख्यमंत्री ने कहा, आज की कांग्रेस को देखकर बहुत दुख और पीड़ा होती है. हमारे वक्तव्यों में सभी धर्मों और सभी लोगों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए. मुझे लगता है कि कांग्रेस को सांप्रदायिक पार्टी में बदलने के बजाय हिंदुस्तान की धर्मनिरपेक्ष परंपरा का पालन करना चाहिए. यूसीसी में क्या है? इस विधेयक में बहुविवाह पर रोक लगाने और लिव-इन संबंधों का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रावधान किया गया है. विधेयक में कहा गया है कि यह कानून असम में रहने वाली किसी भी अनुसूचित जनजाति पर लागू नहीं होगा. इसमें कई दंडात्मक प्रावधान भी प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें द्विविवाह या बहुविवाह के लिए सात वर्ष तक की कैद और लिव-इन संबंध का पंजीकरण नहीं कराने पर तीन महीने तक की जेल की सजा शामिल है. The post असम विधानसभा में UCC पास, समान नागरिक संहिता अपनाने वाला तीसरा राज्य बना appeared first on Naya Vichar.

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टीएमसी में ‘खेला’ शुरू, स्पीकर और सीएम शुभेंदु अधिकारी से मिले ममता बनर्जी के 2 बागी विधायक, सांसद काकोली घोष समेत 3 का इस्तीफा

खास बातें काकोली घोष ने टीएमसी के आंतरिक कामकाज पर जताया असंतोष टीएमसी में कई पदों पर रहीं काकोली स्पीकर रथिंद्र बोस से मिले ऋतब्रत और संदीपन क्या टीएमसी के कुछ और ‘विकेट’ गिरने वाले हैं? शिष्टाचार या पॉलिटिकल शिफ्ट की तैयारी? ममता बनर्जी की बैठक में ऋतब्रत ने चुनाव प्रबंधन पर उठाये थे सवाल मैंने उनके नेतृत्व में नेतृत्व की है – संदीपन साहा टीएमसी के भीतर ‘अविश्वास’ का माहौल TMC MLAs Meet Suvendu Adhikari: शुभेंदु अधिकारी की बढ़ती स्वीकार्यता क्या पश्चिम बंगाल में होने वाला है बड़ा उलटफेर? TMC MLAs Meet Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व में पालाबदल शुरू होने से पहले इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है. बंगाल विधानसभा के स्पीकर और मुख्यमंत्री से तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों की मुलाकात के बाद टीएमसी के कई नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने वालों में सांसद काकोली घोष दस्तीदार, अरूप चक्रवर्ती और सुशांत घोष शामिल हैं. काकोली घोष ने टीएमसी के आंतरिक कामकाज पर जताया असंतोष तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से निराशा व्यक्त करने वाली लोकसभा सदस्य काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. हाल में वह टीएमसी के प्रमुख कार्यक्रमों से अनुपस्थित रहीं. पार्टी के आंतरिक कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया. दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, वह सांसद बनी रहेंगी. टीएमसी में कई पदों पर रहीं काकोली काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी में कई पदों पर कार्य किया. वह पार्टी की स्त्री इकाई की अध्यक्ष भी रहीं. टीएमसी नेतृत्व की आपत्तियों के बावजूद उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रशासनिक बैठक में भाग लिया था. इसे भी पढ़ें : टीएमसी में बगावत! काकोली घोष दस्तीदार का इस्तीफा, I-PAC पर फोड़ा हार का ठीकरा, ममता को दी सलाह- ‘भूंइफोड़’ संस्थाओं से बचें स्पीकर रथिंद्र बोस से मिले ऋतब्रत और संदीपन विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की शिकस्त के बाद पार्टी के भीतर मची रार अब खुलकर सामने आने लगी है. काकोली घोष दस्तीदार, अरूप चक्रवर्ती और सुशांत घोष के इस्तीफे से पहले राज्य में उस वक्त सिसायी पारा चढ़ गया, जब टीएमसी के 2 कद्दावर विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने अचानक विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस से मुलाकात की. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें क्या टीएमसी के कुछ और ‘विकेट’ गिरने वाले हैं? चौंकाने वाली बात यह है कि बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी वहां मौजूद थे. बंद कमरे में हुई इस चर्चा ने उन अटकलों को हवा दे दी है कि क्या टीएमसी के कुछ और ‘विकेट’ गिरने वाले हैं. शिष्टाचार या पॉलिटिकल शिफ्ट की तैयारी? आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को ‘शिष्टाचार भेंट’ का नाम दिया गया है, लेकिन इसके पीछे की टाइमिंग कई गहरे सवाल खड़े करती है. मुलाकात ऋतब्रत बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी की दिल्ली स्थित पुराने ‘बंग भवन’ में हुई गुप्त मीटिंग के कुछ ही दिनों बाद हुई है. इसे भी पढ़ें : अब सुखेंदु शेखर रॉय के बागी तेवर, बोले- बंगाल में अराजकता का हुआ अंत, क्या ममता बनर्जी के करीबियों पर गिरेगी गाज? ममता बनर्जी की बैठक में ऋतब्रत ने चुनाव प्रबंधन पर उठाये थे सवाल ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा वही नेता हैं, जिन्होंने चुनाव में टीएमसी को मिली करारी हार के बाद पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा बुलायी गयी इंटरनल मीटिंग में नेतृत्व और चुनावी प्रबंधन पर तीखे सवाल दागे थे. नेतृत्वक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष के विधायकों का सीधे मुख्यमंत्री और स्पीकर से मिलना महज संयोग नहीं हो सकता. मैंने उनके नेतृत्व में नेतृत्व की है – संदीपन साहा विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष से बाहर निकलने के बाद दोनों नेताओं के चेहरे पर मुस्कान थी. हालांकि, पत्रकारों के सवालों ने उन्हें असहज कर दिया. ऋतब्रत ने कहा- हम रचनात्मक विपक्ष (Constructive Opposition) की भूमिका निभाते रहेंगे. स्पीकर साहब को बधाई नहीं दे पाया था, इसलिए मिलने आये. मुख्यमंत्री वहां थे, तो उनसे भी अभिवादन हुआ. संदीपन साहा ने कहा- मैं शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में काम कर चुका हूं. उनसे मिलना कोई अपराध नहीं है. इसे भी पढ़ें : टीएमसी में बगावत! काकोली घोष दस्तीदार का इस्तीफा, I-PAC पर फोड़ा हार का ठीकरा, ममता को दी सलाह- ‘भूंइफोड़’ संस्थाओं से बचें टीएमसी के भीतर ‘अविश्वास’ का माहौल ममता बनर्जी की पार्टी के लिए यह स्थिति चिंताजनक है. ऋतब्रत और संदीपन जैसे युवा और प्रभावी चेहरों का मुख्यमंत्री के प्रति नरम रुख यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर एक बड़ा धड़ा अब भविष्य की तलाश में है. दोनों विधायक पहले ही कह चुके हैं कि टीएमसी ने चुनाव के दौरान जमीनी फीडबैक को नजरअंदाज किया. शुभेंदु अधिकारी की बढ़ती स्वीकार्यता मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष के विधायकों के लिए ‘सॉफ्ट कॉर्नर’ रखा है, जो टीएमसी की नींव हिलाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है. TMC MLAs Meet Suvendu Adhikari: क्या पश्चिम बंगाल में होने वाला है बड़ा उलटफेर? विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि बैठक में विधानसभा की समितियों (Committees) और क्षेत्र के विकास कार्यों पर चर्चा हुई. लेकिन नेतृत्व में ‘शिष्टाचार’ अक्सर ‘पालाबदल’ की पहली सीढ़ी होती है. अब देखना यह है कि कालीघाट (ममता बनर्जी का आवास) से इन दोनों विधायकों के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाता है. इसे भी पढ़ें बंगाल चुनाव 2026 में हार के बाद ‘कॉकरोच’ के सहारे ममता-अभिषेक! वायरल CJP का किया समर्थन सत्ता छिनते ही TMC के अस्तित्व पर संकट, जानें क्यों अब ममता बनर्जी के लिए वापसी की राह है कठिन अंदरूनी कलह और ‘मिड-लेवल’ लीडरशिप की बेरुखी ने डुबोयी TMC की लुटिया! बंगाल में ममता का किला ढहने की इनसाइड स्टोरी फालता में ऐतिहासिक हार के बाद अभिषेक बनर्जी ने जहांगीर खान को कहा विश्वासघाती, शुभेंदु अधिकारी बोले- ये तो बस शुरुआत है The post टीएमसी में ‘स्पोर्ट्सा’ शुरू, स्पीकर और सीएम शुभेंदु अधिकारी से मिले ममता बनर्जी के 2 बागी विधायक, सांसद काकोली घोष समेत 3 का इस्तीफा appeared first on Naya Vichar.

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केरलम: CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों पर किया हमला, एक पुलिसकर्मी घायल, जानें पूरा मामला

Keralam: 182 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलाशी अभियान पूरा करने के बाद, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के आवास से लौटते समय प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर हमला हो गया. CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारी के वाहन के शीशे तोड़ दिए. हालांकि अधिकारी सुरक्षित रूप से अपने जोनल कार्यालय पहुंच गए, लेकिन छापेमारी के लिए इस्तेमाल किए गए वाहनों को नुकसान पहुंचा. अधिकारियों के अनुसार, इस घटना के संबंध में कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी. CPI(M) कार्यकर्ता कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) मामले में केंद्रीय एजेंसी द्वारा केरल में 10 जगहों पर की गई तलाशी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. इन जगहों में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन का आवास भी शामिल है. ईडी ने केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री विजयन के आवास पर तलाशी ली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े कथित धनशोधन मामले में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी के खिलाफ जांच के तहत विजयन और अन्य लोगों के आवास पर छापे मारे. राज्य में कुल 10 परिसरों पर तलाशी ली गई, जिनमें राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में पूर्व मुख्यमंत्री का किराए का मकान, कन्नूर में एक स्थान और निजी संस्था कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) के प्रमुख व्यक्तियों के आवास शामिल हैं. यह छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत की जा रही है. विजयन के घर की तलाशी ली गई है क्योंकि जांच में उनकी बेटी टी वीणा भी शामिल है. Enforcement Directorate’s team came under attack while returning from the residence of former Keralam CM Pinarayi Vijayan after completing search operations in a Rs 182 crore money laundering case. While the officials safely reached their zonal office, the vehicles used in the… https://t.co/mQd49oRJD6 — ANI (@ANI) May 27, 2026 पूर्व सीएम पर क्या है आरोप‍? आरोप है कि निजी कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड ने 2018 से 2019 के बीच विजयन की बेटी टी वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का अवैध भुगतान किया, जबकि इस आईटी कंपनी ने सीएमआरएल को कोई सेवा प्रदान नहीं की थी. विजयन ने पहले भी अपनी बेटी पर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ये उनकी छवि खराब करने और उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं. ईडी की कार्रवाई रद्द करने वाली याचिका केरलम हाई कोर्ट ने किया खारिज केरलम हाई कोर्ट ने मंगलवार को सीएमआरएल द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें मामले में ईडी की कार्रवाई रद्द करने का अनुरोध किया गया था. ईडी ने इन आरोपों की जांच के लिए 2024 में पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था. The post केरलम: CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों पर किया हमला, एक पुलिसकर्मी घायल, जानें पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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अब साल में दो बार दिखेगा IPL का रोमांच, बड़े बदलाव की तैयारी में BCCI

BCCI IPL plan: आईपीएल का 19वां सीजन खत्म होने के साथ ही बीसीसीआई अब अगले सीजन के बड़े बदलावों की तैयारी में जुट गया है. सबसे बड़ा बदलाव टूर्नामेंट के समय को लेकर हो सकता है. आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल के मुताबिक, मई में बढ़ने वाली भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए इस लीग को सितंबर-अक्टूबर में शिफ्ट करने की चर्चा चल रही है. ताकि खिलाड़ियों को अत्यधिक थकान और चोटों से बचाया जा सके. क्या सितंबर-अक्टूबर में शिफ्ट होगा IPL आईपीएल 2026 का सीजन अपने अंतिम पड़ाव पर है. 28 मार्च से शुरू हुआ 74 मैचों का यह लंबा सफर 31 मई को फाइनल मुकाबले के साथ समाप्त होने जा रहा है. हालांकि, इस सीजन के दौरान उत्तर और पश्चिम हिंदुस्तान में मौसम के कड़े मिजाज ने आयोजकों को गहरी चिंता में डाल दिया है. मई के महीने में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू के चलते न सिर्फ स्टेडियमों में दर्शकों की तादाद पर असर पड़ा है. बल्कि खिलाड़ियों की फिटनेस और इंजरी को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं. इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए अब हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के भीतर टूर्नामेंट की पारंपरिक विंडो को बदलकर इसे सितंबर-अक्टूबर में आयोजित करने पर गंभीर मंथन शुरू हो गया है. फेस्टिव सीजन में हो सकता है IPL स्पोर्टस्टार वेबसाइट को दिए एक विशेष इंटरव्यू में जब आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल से लीग में दर्शकों की कम होती रुचि पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस बड़े बदलाव का संकेत दिया. धूमल ने कहा, “हमें ब्रॉडकास्टर्स के साथ मिलकर इस बात पर विचार करने की जरूरत है कि क्या टूर्नामेंट को किसी अन्य विंडो में शिफ्ट किया जा सकता है. एक सुझाव सितंबर-अक्टूबर की विंडो का आया है, जो बेहद शानदार साबित हो सकता है. यह समय ठीक दीपावली के आसपास का होता है, जो विज्ञापनदाताओं के लिहाज से सबसे बेहतरीन वक्त है. हम अगले द्विपक्षीय टेंडर के दौरान इस बात की समीक्षा करेंगे कि क्या यह विंडो हमारे लिए उपलब्ध हो सकती है या नहीं.” क्या दो टुकड़ों में बटेगा IPL का रोमांच आईपीएल के पहले सीजन से ही (कोविड के दो सालों को छोड़कर) यह टूर्नामेंट हमेशा मार्च से मई के बीच स्पोर्ट्सा जाता रहा है. ऐसे में सालों पुरानी इस विंडो को बदलना बीसीसीआई के लिए आसान नहीं होगा. हालांकि, बोर्ड सिर्फ तारीखें बदलने पर ही विचार नहीं कर रहा, बल्कि टूर्नामेंट को दो अलग-अलग हिस्सों में बांटने की बड़ी योजना बना रहा है. आईपीएल चेयरमैन ने क्या कहा आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल के मुताबिक, मई के महीने में हिंदुस्तान में पड़ने वाली भीषण गर्मी को देखते हुए बोर्ड नए विकल्पों पर काम कर रहा है. योजना यह है कि टूर्नामेंट का पहला हिस्सा फरवरी से अप्रैल के बीच और दूसरा हिस्सा साल के आखिर में सितंबर-अक्टूबर के दौरान आयोजित किया जाए. हालांकि, खिलाड़ियों की उपलब्धता पक्की करने के लिए बीसीसीआई इस पर अन्य देशों के क्रिकेट बोर्ड के साथ बातचीत के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेगी. यह भी पढ़े- सुदर्शन को पछाड़ सकते हैं सूर्यवंशी, गेंदबाजी में भुवी-रबाडा के बीच रेस The post अब साल में दो बार दिखेगा IPL का रोमांच, बड़े बदलाव की तैयारी में BCCI appeared first on Naya Vichar.

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