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‘पापा ठीक हैं, हमसे बहुत प्यार करते हैं’, BSF जवान की मासूम बेटी के वीडियो ने सबको रुलाया

Begusarai Martyr Manish Daughter : बेगूसराय जिले के रतनपुर गांव के शहीद मनीष का आज सिमरिया घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया. जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने से उनकी मौत हो गई. इस दौरान उनकी मासूम बेटी की एक बात ने मौजूद लोगों को भावुक कर दिया. पिता का जिक्र आया तो बच्ची ने मासूमियत से कहा, “पापा ठीक हैं, पापा हमसे बहुत प्यार करते हैं.” बेटी के मुंह से निकले ये शब्द सुनकर आसपास का माहौल गमगीन हो गया. बच्ची के लिए उसके पापा आज भी उसके अपने हैं. उसे शायद पिता के हमेशा के लिए दूर चले जाने की पूरी समझ नहीं है, लेकिन उनके प्रति उसका प्यार और भरोसा साफ दिखाई देता है. यही मासूमियत वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर गयी. इस घटना का वीडियो भी सामने आया है और जिसने भी देखा, वो भावुक हो जा रहा है. View on Instagram पिता की याद में मासूम चेहरे पर दिखा भरोसा शहीद मनीष की बेटी के लिए पिता का प्यार उसकी सबसे बड़ी याद है. छोटी उम्र में भी वह पापा को लेकर जिस विश्वास के साथ बात कर रही थी, उसने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया. रतनपुर के लोगों के लिए मनीष की शहादत गर्व का विषय है, लेकिन परिवार के लिए उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती. बेटी की मासूम बातें इसी दर्द को और गहरा कर देती हैं. मनीष के परिवार में पत्नी रीना कुमारी और दो बेटियां हैं. बड़ी बेटी 13 वर्षीय मुस्कान गौतम नौवीं कक्षा में पढ़ती है, जबकि छोटी बेटी दीक्षा गौतम चार साल की है और प्ले स्कूल जाती है. पिता के पार्थिव शरीर के सामने दीक्षा बार-बार उन्हें वापस लाने की बात कहती रही. उसकी मासूम पुकार सुनकर वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके. किसी के पास उस छोटी बच्ची को यह समझाने के लिए शब्द नहीं थे कि उसके पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे. पत्नी और बेटी ने दिया जवान को कंधा मनीष कुमार सिंह की अंतिम यात्रा का दृश्य भी बेहद भावुक रहा. पत्नी रीना कुमारी ने अपने पति के पार्थिव शरीर को कंधा देकर अंतिम विदाई दी. वहीं बड़ी बेटी मुस्कान गौतम ने भी पिता के पार्थिव शरीर को कंधा दिया. मां और बेटी को पति और पिता को अंतिम विदाई देते देख वहां मौजूद लोगों की आंखें छलक उठीं. परिवार के लिए यह ऐसा पल था, जिसकी पीड़ा शायद जीवनभर उनके साथ रहेगी. View on Instagram 2004 में BSF में हुए थे भर्ती मनीष परिजनों के अनुसार, मनीष कुमार सिंह वर्ष 2004 में बीएसएफ की 157वीं बटालियन में भर्ती हुए थे. इसके बाद से वह लगातार देश की सेवा में जुटे रहे. वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में थी. ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद उनका इलाज चल रहा था. इसी दौरान उनका निधन हो गया. जवान की मौत की समाचार मिलते ही रतनपुर में शोक की लहर दौड़ गई. सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पैतृक आवास पहुंचने लगे. अन्य समाचारें पढ़ें : तिरंगे में लिपटकर लौटा BSF जवान, 4 साल की बेटी बोली- पापा को हॉस्पिटल से वापस लाइये, सिमरिया घाट पर हुआ अंतिम संस्कार जम्मू कश्मीर में तैनात बेगूसराय के BSF जवान मनीष सिंह की मौत, चार दिन पहले बिगड़ी थी तबीयत, वेंटिलेटर पर गई जान The post ‘पापा ठीक हैं, हमसे बहुत प्यार करते हैं’, BSF जवान की मासूम बेटी के वीडियो ने सबको रुलाया appeared first on Naya Vichar.

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‘मेरे साथ सोओ, पास कर दूंगा’, वायरल वीडियो से प्रिंसिपल-शिक्षक की गिरफ्तारी तक, बक्सर स्कूल कांड की पूरी कहानी

Buxar Student Rape Case : बक्सर के डुमरांव में छात्राओं से यौन शोषण और आपत्तिजनक वीडियो से जुड़ा गंभीर मामला सामने आने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है. एक पीड़िता की मां के बयान पर कृष्णाब्रह्म थाने में प्रधानाध्यापक और दोनों आरोपी शिक्षकों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस ने इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल को पहले ही अरेस्ट कर लिया था. अब शुक्रवार की दोपहर एक आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार को भी जिले के ही ब्रह्मपुर इलाके से पकड़ लिया है. पुलिस आगे भी केस के हर पहलू की जांच कर रही है. स्कूल में विरोध के बाद मामला बढ़ा मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में आक्रोश बढ़ गया. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ग्रामीण विद्यालय पहुंचे और मामले को लेकर विरोध जताया. इसके बाद शिक्षा विभाग और पुलिस स्तर पर कार्रवाई तेज हुई. दोनों शिक्षकों को किया गया निलंबित डुमरांव के बीइओ ने 31 अगस्त को जिला शिक्षा विभाग को जांच रिपोर्ट भेजी थी. इसके बाद बुधवार को दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया. निलंबन के बाद दोनों का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र से संबद्ध किया गया है. आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार शिक्षा मंत्री ने बर्खास्तगी का दिया निर्देश मामले में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं. उन्होंने दोनों आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त करने और बक्सर के डीएम को बर्खास्तगी का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजने का निर्देश दिया है. मंत्री ने बक्सर एसपी को दोनों फरार शिक्षकों को तत्काल गिरफ्तार करने को भी कहा है. फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला शिक्षा मंत्री ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की बात कही है. उनका निर्देश है कि कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाये, ताकि मामले में न्यायिक कार्रवाई जल्द पूरी हो सके. प्रधानाध्यापक का राजकीय शिक्षक पुरस्कार रोका गया मामले के बाद प्रधानाध्यापक मु इमाम अली अंसारी को मिलने वाला राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026 रोक दिया गया है. शिक्षा विभाग ने मामले में विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू की है. बीइओ को भी भेजा गया शोकॉज छात्राओं से छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और धमकी देने के मामले में डुमरांव के बीइओ को भी शोकॉज किया गया है. शिक्षा विभाग की ओर से मामले में जिम्मेदारी और लापरवाही से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है. यह भी पढ़ें – बक्सर के डुमरांव नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण मामले में ब्रह्मपुर के शिक्षक का नाम, प्रतिष्ठित परिवार की साख पर लगा दाग अरविंद कुमार के प्रमाणपत्र पर भी उठा सवाल मामले की जांच के दौरान आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार के टीचर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट से जुड़ा पुराना मामला भी सामने आया है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में विभागीय जांच के दौरान उसका प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया था. इस पहलू की जानकारी भी मामले की जांच के दौरान सामने आयी है. वायरल वीडियो में दिख रही लड़की को लेकर क्या कहा गया प्रधानाध्यापक की ओर से दिये गये प्रतिवेदन में कहा गया है कि वायरल वीडियो में दिख रही लड़की विद्यालय में अध्ययनरत नहीं है. हालांकि पुलिस वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रही लड़की समेत पूरे मामले की जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी. करीब 12 छात्राओं के आरोप की भी चर्चा मामले को लेकर करीब 12 नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण का आरोप भी सामने आया है. हालांकि पुलिस की जांच में इन आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है. इसलिए इस संख्या और इससे जुड़े अन्य आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. देह व्यापार के आरोप पर एसपी ने क्या कहा कुछ लोगों की ओर से विद्यालय की पास आउट छात्राओं से देह व्यापार कराने का आरोप भी लगाया गया है. बक्सर के एसपी शुभम आर्य ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई मामला पुलिस के संज्ञान में नहीं आया है. उन्होंने कहा कि जांच में यदि ऐसी बात सामने आती है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी. ब्रह्मपुर में भी पहुंची मामले की गूंज आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार के ब्रह्मपुर नगर पंचायत का रहने वाला होने की जानकारी सामने आने के बाद वहां भी मामले की चर्चा तेज हो गयी. स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी एक शिक्षक परिवार से ताल्लुक रखता है. घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों में आक्रोश और हैरानी देखी गयी. नेतृत्वक और सामाजिक संगठनों ने भी उठायी आवाज मामले को लेकर नेतृत्वक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से भी कार्रवाई की मांग की गयी है. पूर्व विधायक संजय तिवारी ने आरोपित शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और त्वरित सुनवाई की मांग की. सामाजिक कार्यकर्ता रामजी सिंह ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर स्पीडी ट्रायल और दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा की मांग की. आप ने भी की बर्खास्तगी की मांग आम आदमी पार्टी की ओर से जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आरोपित शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की गयी है. पार्टी ने प्रधानाध्यापक की भूमिका और विद्यालय की निगरानी व्यवस्था की भी जांच की मांग की है. आरवाईए ने भी उठायी गिरफ्तारी की मांग आरवाईए नेताओं ने विद्यालय पहुंचकर शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों से जानकारी ली. आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व डुमरांव विधायक अजीत कुमार सिंह ने दोनों आरोपित शिक्षकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाये जाते हैं तो पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. पुलिस के सामने अब ये बड़े सवाल पुलिस की जांच में अब यह स्पष्ट करना अहम होगा कि वायरल वीडियो कहां बनाया गया, उसमें दिख रही लड़की की पहचान और विद्यालय से उसका संबंध क्या है, आरोपित शिक्षकों की भूमिका क्या रही और छात्राओं से जुड़े अन्य आरोपों में कितनी सच्चाई है. पुलिस ने सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है. जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर डुमरांव स्कूल मामले में सामने आये आरोप बेहद गंभीर हैं, लेकिन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी. फिलहाल प्रधानाध्यापक गिरफ्तार हैं, जबकि दोनों

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खनन बिल को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, आलोक दुबे बोले- जरूरत पड़ी तो करेंगे आर्थिक नाकेबंदी

लोहरदगाः केंद्र प्रशासन द्वारा पारित खनन बिल के विरोध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आंदोलन की घोषणा की है. शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक दुबे और लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखेर भगत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र प्रशासन पर राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया. खनिज संपदा पर राज्यों का अधिकार कमजोर करने का आरोप आलोक दुबे ने कहा कि केंद्र प्रशासन का रवैया तानाशाहीपूर्ण है. खनिज संपदा पर राज्यों के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. इसके विरोध में झारखंड समेत अन्य राज्यों में कांग्रेस आंदोलन करेगी. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी, तो आर्थिक नाकेबंदी कर झारखंड से खनिज पदार्थों को बाहर जाने से भी रोका जाएगा. ये भी पढ़ें- ISIS आतंकी फैजान अंसारी मामले में 8 सितंबर को होगी अगली सुनवाई 7 सितंबर को राज्यपाल से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल आलोक दुबे ने बताया कि सात सितंबर को कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा. इसमें खनन बिल से झारखंड को होने वाले संभावित नुकसान की जानकारी राज्यपाल को दी जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रशासन राज्यों का हक छीनने में लगी है और केंद्र प्रशासन नहीं चाहती कि राज्यों का समुचित विकास हो. राम मंदिर के चंदे को लेकर भी भाजपा पर निशाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर निर्माण को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधा. आलोक दुबे ने कहा कि यदि राम मंदिर निर्माण का श्रेय प्रधानमंत्री ले रहे हैं, तो चंदा चोरी की जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर भी कांग्रेस पार्टी जोरदार आंदोलन करेगी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखेर भगत समेत पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे. ये भी पढ़ें- रांची पुलिस का नया एक्शन प्लान, 3 साल से जमे टाइगर मोबाइल जवानों का होगा तबादला The post खनन बिल को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, आलोक दुबे बोले- जरूरत पड़ी तो करेंगे आर्थिक नाकेबंदी appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: पटना में बाढ़ में डूबा श्मशान घाट, अंतिम संस्कार के लिए लाइन में लग रहे लोग, पानी में समाए तीन शेड

Bihar Flash Flood: बिहार में गंगा और गंडक के बढ़ते जलस्तर ने अब लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है. दीघा स्थित जनार्दन घाट पर बाढ़ का पानी तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रहा है. अंतिम संस्कार के लिए बनाए गए तीन बड़े शेड पानी में पूरी तरह डूब चुके हैं. गंगा के पानी में डूबे अंतिम संस्कार के शेड जनार्दन घाट पर शवों को रखने और अंतिम संस्कार के लिए बनाए गए शेड अब गंगा की तेज धार की चपेट में आ चुके हैं. पानी लगातार बढ़ने से घाट पर उपलब्ध जगह भी कम होती जा रही है. ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सड़क किनारे अंतिम संस्कार करने की मजबूरी बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण घाट पर पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है. कई परिवारों को आसपास की जगह तलाशकर अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति इतनी गंभीर हो गयी है कि शव जलाने के लिए भी जगह को लेकर सोचना पड़ रहा है. एक व्यक्ति ने बताया कि घाट पर पानी लगातार बढ़ता जा रहा है. पहले जहां शवों का अंतिम संस्कार आसानी से हो जाता था, वहां अब पानी पहुंच चुका है. अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अगली बार अंतिम संस्कार के लिए जगह मिलना और मुश्किल हो सकता है. Also Read : VIDEO : बिहार में बाढ़ को लेकर सम्राट प्रशासन की क्या है तैयारी, कैसे निपटेंगे वीडियो में जानिए The post VIDEO: पटना में बाढ़ में डूबा श्मशान घाट, अंतिम संस्कार के लिए लाइन में लग रहे लोग, पानी में समाए तीन शेड appeared first on Naya Vichar.

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Krishna Janmashtami Vrat Katha: कंस के अत्याचार से कांप उठी थी मथुरा, फिर हुई ऐसी आकाशवाणी कि बदल गई पूरी कहानी

Krishna Janmashtami Vrat Katha: आज देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है. ये दिन श्रीकृष्ण को समर्पित है और इस दिन को भक्त कान्हा के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं. इस दिन श्रीकृष्ण की व्रत कता का भी काफी महत्व है. कंस का अत्याचार और भगवान कृष्ण के अद्भुत जन्म से जुड़ी कहानी पूजा के तौर पर और भक्त के तौर पर भी काफी उत्साहित करती है. यहां हम बता रहे हैं श्रीकृष्ण के जन्म की कहानी कृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा एकबार देवराज इंद्र ने नारद मुनि से पूछा- हे ब्रह्मपुत्र! क्या ऐसा कोई व्रत है, जो सभी व्रतों में श्रेष्ठ हो, कोई ऐसा व्रत है जिससे मनुष्य को लाभ, मुक्ति, भोग और मोक्ष की प्राप्ति हो. इसपर इंद्रदेव ने नारदजी को त्रेतायुग के अंत और द्वापर युग के प्रारंभ की कहानी सुनाई. कंस का अत्याचार और आकाशवानी नारद जी बोले , उस समय कंस नाम का एक बहुत ही गलत काम करने वाला दैत्य था. उसके पिता उग्रसेन उसकी चालाकी और बुरे किरदार से हमेशा दुखी रहते थे. जब पिता ने उसे डांटा और समझाया, तो कंस ने पिता की एक नहीं सुनी. उल्टे उन्हें राजगद्दी से उतार दिया और खुद राजा बन बैठा. उसके बाद मथुरा में लोगों के साथ उसने और ज्यादा जुल्म करने शुरू कर दिए. ये भी पढ़ें: Janmashtami: कान्हा की मुरली पर मोहित हुईं थीं गोपियां, जानें जन्माष्टमी से पहले यह कथा अब एक हैरान करने वाली बात — इतना खतरनाक कंस भी अपनी बहन देवकी से दिल से प्यार करता था. खुद ही उसने देवकी की शादी वासुदेव से तय की और खुशी-खुशी उनका विदा करने रथ पर बैठ गया. लेकिन तभी अचानक आसमान में से एक आवाज गूंजी , “अरे बुद्दू! जिस बहन को तू प्यार से रुखसत कर रहा है, ना उसी के आठवें शिशु के हाथों तेरा अंत होगा!” कारागार में सात बालकों का वध बस ये आवाज सुनते ही कंस का बुरा हाल हो गया. गुस्से में आकर वो सीधा वासुदेव को मारने ही वाला था कि तभी देवकी ने आगे बढ़कर कहा, “रुको! तुम मुझ पर भरोसा करो, मैं जो भी बच्चा जन्मूंगी, पैदा होते ही खुद तुम्हें दे दूंगी.” ये सुनकर कंस मान गया, पर उसने दोनों को कैदी बनाकर कालकोठरी में बंद कर दिया. इसके बाद वादे के हिसाब से एक के बाद एक सातों बच्चों को कंस अपने हाथों से मार डालता रहा. भगवान कृष्ण का अद्भुत जन्म अपने आठवें शिशु के आने से पहले भगवान विष्णु खुद देवकी और वासुदेव के सपने में आए और बोले , “मैं तुम्हारे यहां इंसान बनकर जन्म लूंगा, लेकिन जन्म के बाद मुझे नंद और यशोदा के पास छोड़ देना.” फिर भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की उसी रात, जब गोकुल में यशोदा का भी बच्चा होने वाला था, देवकी ने कृष्ण को जन्म दे दिया. भगवान के जादू से वहां के सारे पहरेदार गहरी नींद में डूब गए. फिर वासुदेव जी ने शिशु को सूप में लिटाया और रात के अंधेरे में नंद के घर की तरफ निकल पड़े. उस वक्त यमुना जी पानी से लबालब भरी हुई थीं, लेकिन जैसे ही शिशु के पैर उसके पानी को छुए, नदी अपने आप शांत हो गई. गोकुल पहुंचकर वासुदेव जी ने अपने बेटे को यशोदा की बेटी से बदल लिया और चुपचाप वापस जेल में आ गए. योगमाया की आकाशवाणी और कंस वध सुबह होते ही पहरेदार दौड़कर कंस के पास पहुंचे , “महाराज, देवकी के यहां लड़की हुई है.” ये सुनकर कंस का बुरा हाल हुआ. वो बच्ची को उठाकर चट्टान पर पटकने ही वाला था कि वो बच्ची उड़कर आसमान में जा बैठी और बिजली बनकर चमकने लगी! भारी आवाज में बोली , “काम तमाम करने वाले! जो तुझे मारेगा, वो गोकुल में जन्म चुका है. और सुन ले, मैं विष्णु की माया वैष्णवी हूं.” बाद में कंस ने पूतना राक्षसी को भेजा, जो जहरीला दूध पिलाकर कान्हा को खत्म करने आई थी. लेकिन नन्हे कान्हा ने दूध पीते-पीते ही उसकी सांसें ही खींच लीं! अंत में बड़े होकर श्रीकृष्ण ने कंस का खात्मा किया और मथुरा वालों को उसके आतंक से मुक्त करा दिया. जीवन भर अनगिनत लीलाएं करने वाले कान्हा ने गीता के उपदेश देकर पूरी दुनिया को वो ज्ञान दिया, जो आज के जमाने में भी उतना ही काम आता है. जन्माष्टमी 2026 व्रत शुभ मुहूर्त? पंचांग के अनुसार, जन्माष्टमी पर निशीथ काल की पूजा का मुहूर्त 4 सितंबर को मध्यरात्रि 11 बजकर 26 मिनट से 12 बजकर 12 मिनट तक है. जबकि वृषभ लग्न रात 9 बजकर 43 मिनट से 11 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. इस साल निशीथ काल की पूजा के लिए 46 मिनट का समय मिलेगा. The post Krishna Janmashtami Vrat Katha: कंस के अत्याचार से कांप उठी थी मथुरा, फिर हुई ऐसी आकाशवाणी कि बदल गई पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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‘सिर फोड़ा पर जेल नहीं गया’, पॉडकास्ट में शेखी बघारने वाले इन्फ्लुएंसर पर SC/ST एक्ट, राहुल गांधी ने पूछा- क्यों बचाया जा रहा?

Swatantra Bharadwaj Viral Video : दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान एक छात्र के पिता संजय कुमार से मारपीट का मामला गरमा गया है. सोशल मीडिया पर खुद को ‘स्वतंत्र सनातनी योद्धा’ बताने वाले इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट की चर्चा जोरों पर है. इसमें वह बेखौफ होकर यह कहता दिख रहा है कि उसने पीड़ित का सिर फोड़ दिया था, जिसके बाद उसके सिर पर 60 टांके लगे थे. पॉडकास्ट में वो खुद कहता है कि इसके लिए उसपर धारा 307 के तहत हाफ मर्डर का केस लगना चाहिए था. उसके शब्दों में कहें तो “चिराग पासवान और मोदी जी अपने बड़े भैया हैं”. स्वतंत्र अपनी नेतृत्वक पहुंच की वजह से वह पूरी रात खुलेआम घूमता रहा और जेल तक नहीं गया. इतना ही नहीं, वह पुलिस जैसे जूते पहनकर रौब झाड़ने की बात भी कह रहा है. राहुल गांधी का प्रशासन पर तीखा हमला पीड़ित की बेटी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर न्याय की गुहार लगाई, जिस पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि दलित बेटी के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम क्यों घूम रहा है और उसे किसका संरक्षण हासिल है? उन्होंने छात्रा को भरोसा दिलाया कि पूरा विपक्ष उसके साथ खड़ा है. इधर, सीजेपी (CJP) नेताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की. पुलिस की सफाई और FIR में नई धाराएं मामला तूल पकड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि पीड़ित की चोटें गंभीर या खोपड़ी टूटने जैसी नहीं थीं, बल्कि हाथापाई में कड़े से मामूली चोट लगी थी. पुलिस के मुताबिक 23 जून की इस घटना में स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा चुकी है और जल्द ही चार्जशीट पेश की जाएगी. नए घटनाक्रम के बाद पुलिस ने वायरल पॉडकास्ट को जांच में शामिल करते हुए मामले में एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट की धाराएं जोड़ दी हैं. दूसरी तरफ आरोपी ने सफाई दी है कि उसने यह सब भीड़ से बचने के लिए आत्मरक्षा (Self-Defence) में किया था. ये भी पढ़ें: Nepal Flood Rescue : त्रिशूली सुरंग से 9 दिन बाद जिंदा निकले दो युवक, दर्जनों लोगों के फंसे होने की आशंका ये भी पढ़ें: Nepal Flood Rescue VIDEO : 9 दिन बाद सुरंग से निकली जिंदगी, अंदर से आई आवाज और फिर शुरू हुआ रेस्क्यू, वीडियो में देखें पूरा ऑपरेशन The post ‘सिर फोड़ा पर जेल नहीं गया’, पॉडकास्ट में शेखी बघारने वाले इन्फ्लुएंसर पर SC/ST एक्ट, राहुल गांधी ने पूछा- क्यों बचाया जा रहा? appeared first on Naya Vichar.

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BCCI Ban: रोहित ने उम्र कम दिखाने के लिए बनवा रखे थे 3-3 बर्थ सर्टिफिकेट, BCCI ने लगाया 2 साल का बैन

BCCI Bans Rohit: हिंदुस्तानीय क्रिकेट में उम्र को लेकर फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया है. बंगाल और हिंदुस्तान की अंडर-19 टीम का हिस्सा रहे रोहित यादव पर उम्र संबंधी दस्तावेजों में गड़बड़ी के चलते BCCI ने दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है. हैरानी की बात यह है कि रोहित के पास अलग-अलग जन्म वर्ष वाले तीन जन्म प्रमाण पत्र मिले हैं. दस्तावेजों में उनकी जन्मतिथि को अलग-अलग साल में दिखाया गया था. रोहित को ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज के लिए हिंदुस्तानीय टीम में चुना गया था, लेकिन अब वह इस सीरीज में नहीं स्पोर्ट्स पाएंगे. हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के बीच सीरीज की शुरुआत 18 सितंबर से होनी है. बनवा रखे थे तीन बर्थ सर्टिफिकेट क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) ने अपने खिलाड़ियों के दस्तावेजों को अपडेट करने के दौरान रोहित यादव के रिकॉर्ड में यह गड़बड़ी पकड़ी. रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित के पास 2007, 2009 और 2010 जन्म वर्ष वाले तीन अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र मिले. यानी एक ही खिलाड़ी के रिकॉर्ड में जन्म के तीन अलग-अलग साल दर्ज थे. इसके अलावा उनके आधार कार्ड में भी जन्म वर्ष को लेकर बदलाव किए गए थे. रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में आधार अपडेट के दौरान रोहित का जन्म वर्ष 2006 किया गया था. इसके बाद 2021 में इसे बदलकर 2009 कर दिया गया. उनके पते में भी बदलाव हुआ और उत्तर प्रदेश की जगह हावड़ा का पता दर्ज किया गया. बाद के दस्तावेजों में लिलुआ का पता सामने आया. CAB के एक अधिकारी ने बताया कि दस्तावेजों में मौजूद जन्म वर्ष के आधार पर रोहित स्पोर्ट्सने के लिए पात्र नहीं थे. BCCI ने लगाया दो साल का बैन दस्तावेजों में इस तरह की विसंगतियां सामने आने के बाद BCCI ने रोहित यादव पर तत्काल प्रभाव से दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है. सभी संबद्ध राज्य क्रिकेट संघों को भी इस फैसले की जानकारी दे दी गई है. इस कार्रवाई के बाद हिंदुस्तानीय अंडर-19 टीम के चयनकर्ताओं को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए रोहित के स्थान पर नए खिलाड़ी का चयन करना होगा. ये भी पढ़ें: Axel Viral Video: कभी रेसिंग ट्रैक पर दौड़ाते थे बाइक, आज नंगे पैर दुनिया घूम रहा ये पूर्व Moto2 रेसर श्रीलंका दौरे पर भी किया था शानदार प्रदर्शन उम्र विवाद के बीच रोहित हाल ही में हिंदुस्तान की अंडर-19 टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भी गए थे. जुलाई में हुए दो मैचों की यूथ टेस्ट सीरीज में वह शुरुआती मुकाबले में नहीं स्पोर्ट्स पाए थे, लेकिन दूसरे टेस्ट में मौका मिलने के बाद उन्होंने गेंद से शानदार प्रदर्शन किया. रोहित ने दोनों पारियों में कुल छह विकेट अपने नाम किए. दूसरी पारी में उनके चार विकेट की मदद से हिंदुस्तान ने श्रीलंका अंडर-19 को 260 रन पर समेट दिया था और मुकाबला 211 रन से अपने नाम किया था. 62 खिलाड़ियों पर भी गिरी गाज रोहित यादव अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं, जिनके दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आई है. CAB ने कुल 62 खिलाड़ियों को 2026-27 और 2027-28 सीजन के दौरान किसी भी टूर्नामेंट में रजिस्ट्रेशन या ट्रांसफर के लिए अयोग्य घोषित किया है. ये भी पढ़ें: Dasun Shanaka Century: 12 छक्के, 8 चौके और 281 का स्ट्राइक रेट, दासुन शनाका ने CPL में जड़ा सबसे तेज शतक The post BCCI Ban: रोहित ने उम्र कम दिखाने के लिए बनवा रखे थे 3-3 बर्थ सर्टिफिकेट, BCCI ने लगाया 2 साल का बैन appeared first on Naya Vichar.

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PHOTOS: इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी मनाने पहुंचे निशांत कुमार, श्रीकृष्ण के दर्शन कर युवाओं को दिया खास संदेश

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जन्माष्टमी के अवसर पर इस्कॉन मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए. उन्होंने बिहार के युवाओं से नशे से दूर रहने और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की खास अपील की. The post PHOTOS: इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी मनाने पहुंचे निशांत कुमार, श्रीकृष्ण के दर्शन कर युवाओं को दिया खास संदेश appeared first on Naya Vichar.

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Mirzapur Movie Review: कालीन भैया किडनैप, गुड्डू भैया की एंट्री पर शोर और रवि किशन का भौकाल, मिर्जापुर की गद्दी पर किसका कब्जा?

‘मिर्जापुर’ की दुनिया में फिर गोलियां चल रही हैं. फिर गद्दी का स्पोर्ट्स है. फिर पुराने चेहरे आमने-सामने हैं. फर्क बस इतना है कि इस बार स्पोर्ट्स ओटीटी की स्क्रीन पर नहीं, बड़े पर्दे पर हो रहा है. ‘मिर्जापुर द मूवी’ की शुरुआत ही कालीन भैया यानी अखंडानंद त्रिपाठी के अपहरण से होती है. इसके बाद कहानी उन्हें बचाने से ज्यादा मिर्जापुर की गद्दी के स्पोर्ट्स में उलझती जाती है. गुड्डू भैया हैं. मुन्ना हैं. बबलू हैं. और इस बार सबसे बड़ा दांव रवि किशन का किरदार स्पोर्ट्स रहा है. अगर आप सोच रहे हैं कि फिल्म सिर्फ पुराने किरदारों को एक बार फिर साथ खड़ा करके पुरानी यादें बेचती है, तो ऐसा नहीं है. फिल्म में पुराने किरदारों की वही पहचान है, लेकिन कहानी को नए ट्विस्ट और नए रिश्तों के साथ आगे बढ़ाया गया है. गुड्डू भैया आते हैं और थिएटर जाग जाता है गुड्डू भैया जब भी स्क्रीन पर आते हैं, माहौल बदल जाता है. थिएटर में शोर सुनाई देता है और समझ आता है कि इस किरदार की फैन फॉलोइंग अब भी कम नहीं हुई है. अली फजल ने गुड्डू भैया के अंदाज को बरकरार रखा है. उनकी बॉडी लैंग्वेज हो या फाइट सीक्वेंस, किरदार में वही पुराना एटीट्यूड नजर आता है. खासकर उनके एक्शन सीन फिल्म की बड़ी ताकत हैं. कई जगह तो ऐसा लगता है जैसे किसी सुपरहीरो फिल्म में एक बड़े विलेन को खत्म करने के लिए सारे हीरो एक साथ उतर आए हों. फर्क बस इतना है कि यहां सुपरहीरो की जगह ‘मिर्जापुर’ के वो किरदार हैं, जिनके हाथों में बंदूक है और हिसाब बराबर करने का अपना तरीका. बबलू भैया की वापसी भी मजेदार बबलू के रोल में जीतेंद्र कुमार स्क्रीन पर आते हैं तो कहानी में पुराना स्वाद लौटता है. उनकी मौजूदगी सिर्फ नॉस्टैल्जिया नहीं है. उनके किरदार को एक्शन और ड्रामा दोनों में जगह मिलती है. और फिल्म का क्लाइमेक्स यहां सबसे बड़ा स्पोर्ट्स करता है. जिन किरदारों ने एक-दूसरे के खिलाफ खून की लड़ाई लड़ी है, वही एक वक्त पर साथ खड़े नजर आते हैं. मुन्ना, बबलू और गुड्डू का साथ आना फैंस के लिए बड़ा थिएटर मोमेंट बन सकता है. लेकिन असली भौकाल रवि किशन का है फिल्म खत्म होने के बाद अगर किसी एक कलाकार की परफॉर्मेंस सबसे ज्यादा याद रहती है, तो वह रवि किशन हैं. उनका किरदार कहानी के बीच में कहीं से आता हुआ चेहरा नहीं है. धीरे-धीरे पूरी कहानी उनके इर्द-गिर्द घूमने लगती है. उनकी नजर मिर्जापुर की गद्दी पर है और इसके लिए वह अपना पूरा स्पोर्ट्स तैयार करते हैं. रवि किशन ने किरदार की चालाकी, महत्वाकांक्षा और तेवर को जिस तरह पकड़ा है, वह फिल्म को मजबूत बनाता है. कई सीन में वह सामने मौजूद बाकी किरदारों पर भारी पड़ते हैं. यानी गुड्डू भैया का स्वैग अपनी जगह है, लेकिन इस बार रवि किशन का स्पोर्ट्स अलग लेवल पर है. मुन्ना की मां वाली कहानी दिल छूती है ‘मिर्जापुर’ में सिर्फ गोलियां नहीं चलतीं. किरदारों के पीछे उनकी अपनी कहानियां भी हैं. फिल्म मुन्ना भैया की बैकस्टोरी को भी छूती है. मुन्ना की मां उन्हें बचाने के लिए अपनी जान दे देती हैं. यही याद उनके भीतर कहीं दबकर रह जाती है. बाद में जब मुन्ना बबलू की मां को मारने पहुंचते हैं और वह उन्हें बचा लेती हैं, तो उन्हें अपनी मां की याद आ जाती है. यही पल उनके भीतर कुछ बदल देता है. यह ट्रैक फिल्म में इमोशनल वजन जोड़ता है और मुन्ना के किरदार को सिर्फ गुस्सैल और हिंसक इंसान बनाकर नहीं छोड़ता. वीणा की पुरानी मोहब्बत ने बदल दिया पूरा स्पोर्ट्स फिल्म का एक बड़ा ट्विस्ट वीणा के अतीत से जुड़ा है. शादी से पहले वीणा का एक लोहार प्रेमी था. दोनों शादी नहीं कर सके और वीणा कालीन भैया की पत्नी बन गईं. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. दोनों के बीच संपर्क बना रहा. अब ट्विस्ट देखिए. यही प्रेमी आगे चलकर रवि किशन का राइट हैंड बन जाता है. उसका निशाना कालीन भैया हैं. दूसरी तरफ रवि किशन की नजर मिर्जापुर की गद्दी पर है. मतलब एक तरफ गद्दी का स्पोर्ट्स है. दूसरी तरफ बदले की आग. और इनके बीच छिपा हुआ है वीणा का पुराना रिश्ता. जब यह राज खुलने का खतरा पैदा होता है, तो वीणा खुद अपने हाथों से अपने प्रेमी को गोली मार देती हैं. यहां फिल्म अचानक एक अलग ही मोड़ ले लेती है. डायलॉग पुराने नहीं, इस बार मीम मटीरियल नया है ‘मिर्जापुर’ के पुराने डायलॉग्स इतने पॉपुलर हैं कि फिल्म के सामने सबसे बड़ा खतरा यही था कि कहीं वह उन्हीं संवादों को बार-बार दोहराकर नॉस्टैल्जिया बेचने न लगे. लेकिन यहां ऐसा नहीं होता. कुछ पुराने संदर्भ जरूर हैं, लेकिन ज्यादातर डायलॉग नए हैं. कई संवाद ऐसे हैं जिन पर थिएटर में रिएक्शन मिलता है और सोशल मीडिया पर आने वाले दिनों में मीम बनने की पूरी गुंजाइश है. यानी मेकर्स ने सिर्फ पुराने वायरल डायलॉग्स के भरोसे फिल्म नहीं छोड़ी है. एक्शन में कोई कंजूसी नहीं फिल्म का एक्शन इसकी सबसे बड़ी यूएसपी में शामिल है. फाइट सीक्वेंस अच्छी तरह कोरियोग्राफ किए गए हैं. एक्शन कहानी से अलग कोई चिपकाया हुआ हिस्सा नहीं लगता. जहां जरूरत है, वहां मारधाड़ कहानी को आगे बढ़ाती है और जहां गुड्डू भैया स्क्रीन पर हैं, वहां फैंस को वह सब मिलता है जिसका वे इंतजार कर रहे थे. बैकग्राउंड म्यूजिक भी माहौल बनाने में पूरा साथ देता है. इसके अलावा फिल्म में पंजाबी और पुराने लोकप्रिय गानों का इस्तेमाल किया गया है. गानों के राइट्स लेकर उन्हें कहानी के बीच जिस तरह इस्तेमाल किया गया है, वह कई जगह अच्छा असर छोड़ता है. ‘मिर्जापुर’ नहीं देखा तो भी फिल्म समझ आएगी? यह फिल्म की सबसे अच्छी बातों में से एक है. अगर आपने ‘मिर्जापुर’ का कोई सीजन नहीं देखा है, तब भी फिल्म की कहानी को समझा जा सकता है. पुराने किरदारों और रिश्तों की जानकारी रखने वाले दर्शकों को जरूर ज्यादा मजा आएगा, लेकिन नए दर्शक भी प्लॉट से कटे हुए महसूस नहीं करेंगे. यानी फिल्म सिर्फ पुराने फैंस के लिए बंद दरवाजा नहीं है. यूपी की मिट्टी वाला स्वाद बरकरार ‘मिर्जापुर’ की असली ताकत सिर्फ बंदूक

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अचानक पैरों में दर्द और ऐंठन क्यों होती है? इन जरूरी विटामिन्स की कमी हो सकती है वजह

Leg Pain Causes: पैरों में दर्द या ऐंठन होना काफी आम बात है. ज्यादा देर तक खड़े रहने, बहुत चलने या लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से पैरों में दर्द हो सकता है. कई बार थोड़ी देर आराम करने के बाद यह परेशानी ठीक भी हो जाती है. लेकिन अगर बिना ज्यादा काम किए भी बार-बार पैरों में दर्द, ऐंठन, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो रहा है, तो इसके पीछे शरीर में कुछ जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी भी हो सकती है. हालांकि हर बार दर्द की वजह यही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. Vitamin D की कमी से हो सकता है पैरों में दर्द Vitamin D हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है. यह हड्डियों और मांसपेशियों को सही तरह से काम करने में मदद करता है. शरीर में Vitamin D कम होने पर कुछ लोगों को कमजोरी और शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द महसूस हो सकता है. पैरों में दर्द या कमजोरी भी इसकी कमी से जुड़ी हो सकती है. Vitamin D का सबसे आसान स्रोत धूप है. इसके अलावा खाने और डॉक्टर की सलाह से इसकी कमी पूरी की जा सकती है. बिना जांच के Vitamin D की दवा लेना सही नहीं है. Calcium कम होने पर पैर में ऐंठन हो सकती है Calcium का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों को हड्डियों की मजबूती याद आती है. लेकिन यह हमारी मांसपेशियों के लिए भी जरूरी है. शरीर में Calcium कम होने पर पैरों में खिंचाव या ऐंठन जैसी परेशानी हो सकती है. इसकी कमी से बचने के लिए खाने में दूध, दही, पनीर, तिल जैसी चीजें शामिल कर सकते हैं. अगर पैरों में बार-बार ऐंठन होती है, तो डॉक्टर से बात करके इसकी सही वजह पता करना बेहतर रहेगा. Vitamin B12 कम होने पर पैर सुन्न पड़ सकते हैं Vitamin B12 हमारे शरीर की नसों के लिए जरूरी होता है. इसकी कमी होने पर हाथ-पैर में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो सकती है. कुछ लोगों को पैरों में जलन या अजीब सा दर्द भी महसूस हो सकता है. अगर ऐसी परेशानी बार-बार हो रही है, तो केवल अंदाजा लगाकर B12 की दवा शुरू न करें. डॉक्टर जरूरत पड़ने पर खून की जांच करवाकर सही वजह पता कर सकते हैं. खाने में इन चीजों को करें शामिल शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देने के लिए रोज के खाने पर ध्यान देना जरूरी है. अपनी डाइट में हरी सब्जियां, दालें, दूध, दही, पनीर, अंडे, फल और साबुत अनाज जैसी चीजें शामिल करें. इसके साथ दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और रोज थोड़ा चलना-फिरना भी रखें. इससे शरीर एक्टिव रहता है और मांसपेशियों की अच्छी तरह देखभाल होती है. बार-बार दर्द हो तो डॉक्टर से मिलें कभी-कभार पैरों में दर्द या ऐंठन होना आम बात हो सकती है. लेकिन अगर बिना किसी खास वजह के यह परेशानी बार-बार हो रही है या दर्द के साथ पैर सुन्न पड़ रहे हैं, कमजोरी महसूस हो रही है या चलने में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. पैरों में दर्द सिर्फ Vitamin या Mineral की कमी की वजह से ही नहीं होता. इसलिए खुद से कोई दवा या सप्लीमेंट लेने के बजाय पहले इसकी वजह पता करना ज्यादा सही रहेगा. यह भी पढ़ें: बच्चों के कान छिदवाने में न करें जल्दबाजी, डॉक्टर ने बताई सही उम्र The post अचानक पैरों में दर्द और ऐंठन क्यों होती है? इन जरूरी विटामिन्स की कमी हो सकती है वजह appeared first on Naya Vichar.

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