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सांसद नीतीश कुमार अचानक बॉडीगार्ड्स के साथ पहुंचे JDU ऑफिस, जानिए पूरा मामला

Nitish Kumar: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद नीतीश कुमार सुरक्षाकर्मियों के साथ अचानक जेडीयू ऑफिस पहुंचे. कई बार देखा गया है कि वे जेडीयू नेताओं के साथ ही ऑफिस पहुंचते हैं. लेकिन इस बार काफी समय बाद अकेले ही जेडीयू कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने ऑफिस में हो रहे कामकाज को घूम-घूमकर देखा. कुछ लोगों से बातें कीं और इसके बाद ऑफिस से निकल गए. इससे पहले भी अचानक ऑफिस पहुंचे थे सांसद यह पहली बार नहीं है जब इस तरह से नीतीश कुमार अचानक ही जेडीयू ऑफिस पहुंचे हो. बल्कि इससे पहले भी कई बार इस तरह का वाकया देखने के लिए मिला है. इस तरह से देखा गया कि नीतीश कुमार भले ही बिहार के मुख्यमंत्री अब नहीं रहे हो, लेकिन पार्टी से जुड़े कामकाज को लेकर वे लगातार एक्टिव हैं और देखरेख कर रहे हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें 21 जून को हुई बैठक में हुए थे शामिल इससे पहले 21 जून को नीतीश कुमार जेडीयू ऑफिस पहुंचे थे. यहां वे राष्ट्रीय परिषद की बैठक में शामिल हुए थे. जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नीतीश कुमार को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई थी. बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा था, 2025 का जनादेश बिहार के विकास के लिए मिला है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि वे भले राज्यसभा चले गए हो लेकिन राज्य के विकास के लिए उनका मार्गदर्शन जारी रहेगा. आज ऑफिस में हो रहे कामकाज को देखा 21 जून को नीतीश कुमार के जेडीयू ऑफिस पहुंचने पर उन पर फूलों की बारिश की गई थी. पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम इस दौरान उमड़ पड़ा था. साथ ही कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह भी देखा गया था. ऐसे में वह लगातार एक्शन मोड में हैं और आज उन्होंने जेडीयू ऑफिस में कैसे, क्या कुछ काम हो रहा, इसके बारे में जानकारी ली. Also Read: मुकेश सहनी को पुलिस ने किया ‘हाउस अरेस्ट’, VIP सुप्रीमो बोले- यह लोकतंत्र पर हमला The post सांसद नीतीश कुमार अचानक बॉडीगार्ड्स के साथ पहुंचे JDU ऑफिस, जानिए पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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Anti-Social Activities Bill: पेश होगा ‘गुंडा निवारण बिल’, ‘समाजविरोधी’ कहे जायेंगे ये काम, पकड़े जाने पर मिलेगी सजा

मुख्य बातें आज पेश होगा बलात्कार विरोधी विधेयक बंगाल की पवित्र भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं किसे कहा जायेगा असामाजिक गतिविधि ‘गुंडे’ किसे समझा जाना चाहिए कैसे काम करेगा यह विधेयक सजा से संबंधित नियम Anti-Social Activities Bill: कोलकाता : शुभेंदु अधिकारी प्रशासन असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कानून लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. सोमवार को विधानसभा में गैंगस्टर विरोधी विधेयक पेश किया जा रहा है. इसका उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना, शांति और व्यवस्था बनाए रखना है. गुजरात और उत्तर प्रदेश के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी भाजपा प्रशासन असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कानून लाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. विधेयक में समाज के लिए खतरनाक और हिंसक व्यक्ति को भी गुंडा के रूप में उल्लेख किया गया है. आज पेश होगा बलात्कार विरोधी विधेयक इस विधेयक के साथ ही, सोमवार को ‘पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था रखरखाव अधिनियम, 1972’ में संशोधन विधेयक भी पेश किया जाएगा. अब इसका नाम ‘पश्चिम बंगाल जन सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026’ होगा. इसका उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना, शांति और व्यवस्था बनाए रखना और असामाजिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से रोकना और नियंत्रित करना है. बंगाल की पवित्र भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं सत्ता में आने के बाद, शुभेंदु अधिकारी ने संकेत दिया है कि असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कानून लाए जाएंगे. उन्होंने कहा- गुंडों का दमन किया जाएगा. हम गुंडों की संपत्तियां भी जब्त करेंगे. ऋषि अरबिंदो और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं की जाएगी. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भूमि पर कोई राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं की जाएगी. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें किसे कहा जायेगा असामाजिक गतिविधि जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से…आम जनता या उनके किसी वर्ग में दहशत, खतरा, भय या असुरक्षा पैदा करती हैं या पैदा करने की संभावना रखती हैं. मानव जीवन, व्यक्ति या संपत्ति को गंभीर खतरा पैदा करती हैं. व्यवस्था या शांति भंग करती हैं. किसी भी अधिकार या वैध व्यवसाय, व्यापार, पेशे या आजीविका में बाधा उत्पन्न करती हैं. किसी को भी अचल या चल संपत्ति से अवैध रूप से बेदखल करती हैं. सार्वजनिक या निजी संपत्ति को महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचाती हैं या खनन, उत्खनन, रेत निष्कर्षण, वन संसाधनों या वन्यजीवों से संबंधित कोई भी अवैध गतिविधि करती हैं, जिससे प्रशासनी खजाने को भारी नुकसान होता है. ‘गुंडे’ किसे समझा जाना चाहिए ऐसा व्यक्ति जो स्वयं या किसी दल, गिरोह या सिंडिकेट के सदस्य या नेता के रूप में नियमित रूप से असामाजिक गतिविधियों को अंजाम देता है, अंजाम देने का प्रयास करता है, उकसाता है, बढ़ावा देता है, वित्तपोषण करता है या उनमें सहायता करता है. ऐसा व्यक्ति जिस पर हिंदुस्तानीय दंड संहिता, 2023 की धारा 111 या 112 के तहत दंडनीय अपराध का आरोप है. ऐसा व्यक्ति जो शस्त्र अधिनियम, 1959, मादक पदार्थ अधिनियम, 1985, अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम, 1956 या विस्फोटक अधिनियम, 1908 के तहत दंडनीय अपराध को अंजाम देता है, अंजाम देने का प्रयास करता है, उसमें सहायता करता है, उसे बढ़ावा देता है या उसका वित्तपोषण करता है. कैसे काम करेगा यह विधेयक किसी संदिग्ध को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस अधीक्षक या उनके रैंक के किसी अधिकारी की रिपोर्ट आवश्यक होगी. उस रिपोर्ट के आधार पर राज्य प्रशासन गिरफ्तारी का आदेश दे सकती है. यदि किसी व्यक्ति को पिछले 7 वर्षों में कम से कम एक बार किसी अपराध के लिए अदालत में दोषी ठहराया गया हो, या उस पर कम से कम 3 अलग-अलग मामलों में आरोप लगाया गया हो, जो एक ही घटना से संबंधित न हों, तो उसे भी गिरफ्तार किया जा सकता है. यदि मुख्य पुलिस अधिकारी या मुख्यमंत्री गिरफ्तारी का आदेश देते हैं, तो आरोपी व्यक्ति के खिलाफ सबूत तुरंत राज्य के उप प्रशासनी अधिकारी को सूचित किए जाने चाहिए. सलाहकार बोर्ड दस्तावेजों की समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त जानकारी भी मांग सकता है. यदि बंदी चाहे या बोर्ड आवश्यक समझे, तो उसका बयान भी सुना जाएगा. इस कानून के तहत, अपराधों को सीधे गिरफ्तारी योग्य और गैर-जमानती माना जाएगा. सजा से संबंधित नियम आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को 3 वर्ष तक की कैद और जुर्माना हो सकता है. हिरासत में लिए गए या क्षेत्र छोड़ने का आदेश प्राप्त व्यक्ति को शरण देने या छिपाने वाले किसी भी व्यक्ति को 2 वर्ष तक की कैद और जुर्माना हो सकता है. Also Read: भ्रष्ट लोग जेल जाने के डर से छोड़ रहे तृणमूल, कल्याण बनर्जी का बागी नेताओं पर हमला The post Anti-Social Activities Bill: पेश होगा ‘गुंडा निवारण बिल’, ‘समाजविरोधी’ कहे जायेंगे ये काम, पकड़े जाने पर मिलेगी सजा appeared first on Naya Vichar.

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राम मंदिर फंड विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने किया तत्काल सुनवाई से इनकार

अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे में कथित गड़बड़ी और पैसों के दुरुपयोग की जांच सीबीआई से कराने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया, रजिस्ट्री ने कहा है कि मामला कोर्ट की छुट्टियों के बाद ही सूचीबद्ध होगा. उन्होंने चिंता जताई कि तब तक मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वह रजिस्ट्री के समक्ष एक पत्र देकर मामले की तत्काल सुनवाई की जरूरत बताए. अदालत ने कहा कि ऐसा पत्र मिलने के बाद वह जल्द सुनवाई की मांग पर विचार कर सकती है. फिलहाल कोर्ट ने तत्काल कोई आदेश जारी नहीं किया है. Alleged Ram Mandir donation embezzlement case | The Supreme Court has advised the petitioner seeking a CBI probe into the alleged embezzlement of donations made to the Ayodhya Ram Mandir to submit a letter before the Courts’ registry mentioning the urgency for an urgent hearing… pic.twitter.com/45ohQoilTo — ANI (@ANI) June 29, 2026 The post राम मंदिर फंड विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने किया तत्काल सुनवाई से इनकार appeared first on Naya Vichar.

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क्या मेसी को मैदान में किया गया ‘KISS’? वायरल वीडियो की सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे आप

Messi Viral Kiss Video: सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि फीफा वर्ल्ड कप के दौरान एक स्त्री प्रशंसक सुरक्षा घेरा तोड़कर मैदान में पहुंची और अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी के गाल पर किस कर लिया. हालांकि, फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह भ्रामक निकला. जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह वायरल वीडियो एआई (AI) की मदद से तैयार किया गया है, जिसमें कई दृश्य त्रुटियां (visual glitches) साफ तौर पर देखी जा सकती हैं. A dramatic scene unfolded at the ongoing FIFA World Cup as an excited fan breached security and ran onto the pitch just to hug Lionel Messi. The Argentine superstar appeared calm as security quickly intervened and escorted the fan away. pic.twitter.com/5nGSFnazoA — Dami’ Adenuga (@DAMIADENUGA) June 28, 2026 क्या है वायरल दावा सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि फीफा वर्ल्ड कप के दौरान अर्जेंटीना का मैच चल रहा था. वीडियो में एक स्त्री प्रशंसक सुरक्षा घेरा तोड़कर मैदान में पहुंचती है और सीधे लियोनेल मेसी के पास जाकर उन्हें किस कर देती है. इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मी मैदान में पहुंचते हैं और स्त्री को वहां से बाहर ले जाते हैं. वीडियो को इस दावे के साथ साझा किया जा रहा है कि यह घटना अर्जेंटीना और जॉर्डन के बीच स्पोर्ट्से गए फीफा वर्ल्ड कप मुकाबले के दौरान हुई थी. पड़ताल में क्या सामने आया वायरल वीडियो की पड़ताल में सामने आया कि यह किसी वास्तविक मैच का फुटेज नहीं, बल्कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से तैयार किया गया वीडियो है. इसकी सबसे बड़ी पहचान लियोनेल मेसी की जर्सी है, जिसमें एक ही वीडियो के दौरान जर्सी नंबर 20 से बदलकर 10 हो जाता है. किसी आधिकारिक मैच में खिलाड़ी की जर्सी का नंबर इस तरह बदलना संभव नहीं है. इसके अलावा वीडियो में खिलाड़ियों की बॉडी मूवमेंट, दर्शकों की प्रतिक्रियाएं और सुरक्षा कर्मियों की गतिविधियां भी कई जगह अस्वाभाविक और असंगत दिखाई देती हैं, जो AI-जनरेटेड कंटेंट की ओर इशारा करती हैं. मैदान में घुसने की घटना का कोई रिकॉर्ड नहीं वायरल वीडियो में किए गए दावे की पुष्टि किसी भी आधिकारिक या विश्वसनीय स्रोत से नहीं होती. अर्जेंटीना और जॉर्डन के मैच के दौरान किसी प्रशंसक के सुरक्षा घेरा तोड़कर मैदान में पहुंचने या लियोनेल मेसी को गले लगाने की घटना का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है. इसके अलावा, इस कथित घटना से जुड़ा कोई स्वतंत्र वीडियो, फोटो या आधिकारिक बयान भी सामने नहीं आया, जिससे स्पष्ट होता है कि वायरल दावा वास्तविक नहीं है. एआई कंटेंट की पहचान कैसे करें आजकल एआई (AI) तकनीक से तैयार वीडियो इतने वास्तविक लगते हैं कि उनमें फर्क करना मुश्किल हो गया है. इसलिए, किसी भी वायरल वीडियो पर आँख मूंदकर विश्वास करने के बजाय उसके स्रोत की जाँच करें, आधिकारिक पुष्टि देखें और वीडियो में दिख रही किसी भी अजीब या असामान्य गतिविधि पर ध्यान ज़रूर दें. जर्सी नंबर में हेरफेर वायरल वीडियो की सबसे बड़ी तकनीकी गड़बड़ी लियोनेल मेसी की जर्सी है. वीडियो में मेसी की जर्सी का नंबर अचानक ’20’ से ’10’ में बदलते हुए दिखाई देता है, जो यह साबित करता है कि इसे AI के जरिए ‘मॉर्फ’ किया गया है. वास्तविक फुटेज में ऐसी तकनीकी गलतियां संभव नहीं हैं. इसे भी पढ़े- युवा फुटबॉल खिलाड़ी यिमवर्ट बेरोटेरान का भूकंप में दर्दनाक निधन, 18 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा The post क्या मेसी को मैदान में किया गया ‘KISS’? वायरल वीडियो की सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे आप appeared first on Naya Vichar.

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पुणे मर्डर : ‘बैठने का इशारा’ और सिया की सुरक्षा का प्लान, क्राइम सीन री-क्रिएशन में हुआ ये खुलासा

पुणे ग्रामीण पुलिस रविवार (28 जून) को सिया गोयल को लेकर लोहागढ़ किला पहुंची, जो अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की कथित हत्या की आरोपी है. हत्या के वक्त उसके साथ उसका प्रेमी भी मौजूद था. पुलिस ने 18 जून को हुई वारदात से पहले की पूरी घटनाओं को समझने के लिए क्राइम सीन री-क्रिएशन किया. कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार सुबह करीब 6:30 बजे शुरू हुआ क्राइम सीन री-क्रिएशन लगभग तीन घंटे तक चला. क्या सिया और चेतन के बीच कोई फिक्स ‘सिग्नल’ था? इस दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले. जांच में यह भी सामने आया कि 25 वर्षीय केतन अग्रवाल को कथित तौर पर खाई में धक्का देने से पहले सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी के बीच एक फिक्स ‘सिग्नल’ था, जिसकी जानकारी अब पुलिस जुटा रही है. पुलिस ने 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने मिलकर साजिश रची और पुणे के किले में केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देकर उसकी हत्या की. मामले की जांच जारी है और पुलिस साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है. क्राइम सीन री-क्रिएशन क्यों किया पुलिस ने? हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में पुणे ग्रामीण के सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस संदीप सिंह गिल ने बताया कि आरोपी को लोहागढ़ किले ले जाकर पूरी घटना को दोबारा दोहराया गया. पुलिस ने उस रास्ते की जांच की, जहां से सभी गए थे. साथ ही, घटना के समय कौन कहां खड़ा था और वारदात किस तरह हुई, इसकी भी पुष्टि की गई. पुलिस ने यह क्राइम सीन री-क्रिएशन इसलिए किया ताकि केतन अग्रवाल की मौत से पहले की घटनाओं की सही तस्वीर सामने आ सके. साथ ही, यह भी पता लगाया जा सके कि वारदात कैसे हुई? इसमें आरोपियों की क्या भूमिका थी? पुलिस अब चेतन चौधरी को भी अलग से लोहागढ़ किले ले जाकर क्राइम सीन री-क्रिएशन कराएगी. सिया गोयल ने चेतन को किया इशारा क्राइम सीन री-क्रिएशन के दौरान केतन अग्रवाल की लंबाई और वजन के बराबर एक डमी का इस्तेमाल किया गया. जांच के दौरान सिया गोयल ने कथित तौर पर बताया कि उसने बैठकर चेतन चौधरी को इशारा दिया था. पुलिस के अनुसार, योजना के तहत सिया के बैठते ही चेतन को आगे बढ़कर अनजान केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देना था. जांच एजेंसियां इस कथित ‘सिग्नल’ को साजिश की अहम कड़ी मान रही हैं. यह भी पढ़ें : पुणे मर्डर : रास्ते में रुकी कैब, डिक्की खुली और बढ़ गया सस्पेंस; ड्राइवर ने बताई पूरी कहानी पुलिस जांच के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने पहले से एक सिग्नल तय कर रखा था. योजना के तहत सिया गोयल को या तो पानी पीने के बहाने बैठना था या फिर जूते के फीते बांधने का नाटक करना था. इसी हरकत को चेतन चौधरी के लिए इशारे के तौर पर इस्तेमाल किया जाना था, जिसके बाद उसे कथित तौर पर अगला कदम उठाना था. सिया गोयल का बैठना उसकी सुरक्षा की गारंटी थी? जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल का बैठना सिर्फ इशारा देने के लिए नहीं था, बल्कि उसकी अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखकर भी यह योजना बनाई गई थी. अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों को डर था कि अगर चेतन चौधरी केतन को धक्का दे और गिरते समय वह सिया को पकड़ने की कोशिश करे, तो सिया भी खाई में गिर सकती थी. इसलिए कथित तौर पर ऐसा सिग्नल चुना गया, जिससे वारदात के वक्त सिया केतन की पहुंच से दूर रहे. The post पुणे मर्डर : ‘बैठने का इशारा’ और सिया की सुरक्षा का प्लान, क्राइम सीन री-क्रिएशन में हुआ ये खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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मुकेश सहनी को पुलिस ने किया ‘हाउस अरेस्ट’, VIP सुप्रीमो बोले- यह लोकतंत्र पर हमला

Mukesh Sahani House Arrest: विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के सुप्रीमो मुकेश सहनी से जुड़ी समाचार है. पुलिस ने उन्हें ‘हाउस अरेस्ट’ कर लिया है. साथ ही शाहजहांपुर जाने पर पाबंदी लगाने पर उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है. मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश प्रशासन और प्रशासन पर अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं. मुकेश सहनी ने कहा, उन्हें शाहजहांपुर और अन्य जनपदों के प्रस्तावित दौरे से रोकना यह ‘अघोषित आपातकाल’ जैसी स्थिति को दर्शाता है. पुलिस अधीक्षक की तरफ से जारी लेटर में क्या निर्देश दिया गया? पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पुलिस अधीक्षक शाहजहांपुर के लेटर के आधार पर यह निर्देश दिया गया कि मुकेश सहनी के जनपद भ्रमण से ‘कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका’ है, जिसके चलते उन्हें लखनऊ में ही रोके जाने की बात कही गई है और उनके आवागमन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. मुकेश सहनी ने यह भी लगाया आरोप इस पर प्रतिक्रिया देते हुए वीआईपी प्रमुख ने कहा कि प्रशासन जनता के चुने हुए और जनहित में कार्य करने वाले नेताओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है और प्रशासन असहमति की आवाजों से भयभीत है. बिहार की अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें मुकेश सहनी ने कहा, प्रशासन अब लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा रही है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला है. यदि किसी जनप्रतिनिधि को अपने कार्यक्रम में जाने से रोका जाता है तो यह स्पष्ट करता है कि प्रशासन चर्चा और संवाद से भाग रही है. हक और अधिकार की लड़ाई को रोकने की कोशिश का आरोप उन्होंने आगे कहा कि निषाद समाज के हक, अधिकार और आरक्षण की लड़ाई को रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे आंदोलन कमजोर नहीं होगा. निषाद समाज अब जाग चुका है और अपने सम्मान और अधिकारों की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की कार्रवाई से जनता में असंतोष बढ़ेगा और पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी. Also Read: बिहार को जल्द मिलेगी 15 हजार करोड़ की सौगात, यहां होगा NH, बाइपास और पुलों का निर्माण The post मुकेश सहनी को पुलिस ने किया ‘हाउस अरेस्ट’, VIP सुप्रीमो बोले- यह लोकतंत्र पर हमला appeared first on Naya Vichar.

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पलामू: 10 दिन में एक ही परिवार के 5 लोगों की गई जान, ओझा का दिया भभूत खाने का शक

पलामू से चंद्रशेखर सिंह/ रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट  Palamu Family Death Case : पलामू जिले के पड़वा प्रखंड के सिक्का गांव में अज्ञात बीमारी से कोहराम मचा हुआ है. रविवार की मध्य रात्रि के बाद मृतक कुलदीप महतो के रांची स्थित रिम्स में इलाजरत बेटे नकुल महतो उम्र करीब 20 वर्ष की भी मौत हो गई. परिवार में पांचवीं मौत है. मालूम हो कि शनिवार की देर रात रांची रिम्स में इलाजरत पुत्रवधू श्वेता देवी उम्र करीब 28 वर्ष की मौत हो गई थी. इस रहस्यमयी बीमारी से पीड़ित एक ही परिवार में यह पांचवीं मौत है. अधिकारियों ने परिवार के बाकी एक सदस्य मृतक कुलदीप महतो की पत्नी लाखो उर्फ लाखी देवी (52 वर्ष) रांची रिम्स में इलाज चल रहा है. अंधविश्वास के फेर में उजड़ रहा कुनबा इस दुखद घटना के पीछे अंधविश्वास का एक बड़ा पहलू सामने आया है. पिता कुलदीप महतो और बेटी बबीता कुमारी की मौत के बाद परिवार के अन्य बीमार सदस्य आधुनिक इलाज कराने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े थे. इसी ओझा-गुणी के फेर में आकर वे बार-बार डॉक्टरों को चकमा देकर अस्पताल से भाग रहे थे. समय पर सही इलाज न मिलने और झाड़-फूंक में वक्त बर्बाद होने के कारण बीमारी बढ़ती गई. जिसके चलते एक-एक कर चार लोगों की जान चली गई. गांव के लोगों ने बताया कि प्रभावित परिवार ओझा-गुनी पर विश्वास करता था. छह माह पहले परिवार के लोग एक सदस्य के बीमार पड़ने पर ओझा के पास गए थे. वहां उसने उनको भभूत दिया और कहा कि इसे खाने पर बीमारी ठीक हो जाएगी. इसके बाद उक्त परिवार के सदस्य बीमार होने पर घर में उपलब्ध सरसों तेल में भभूत मिलाकर खाते थे. कुलदीप महतो ने कुछ दिन पहले ही सरसों का तेल पेरवाया था. कुलदीप महतो का घर आखिर कौन सी बीमारी ले रही जान उठ रहे सवाल सिक्का गांव में एक के बाद एक चार मौतों से इलाके में दहशत है. पिता कुलदीप महतो की मौत 19 जून की मध्य रात्रि और बेटी बबीता कुमारी की 20 जून की सुबह करीब 8 बजे मौत हो गई थी. एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने और दोनों शवों का पोस्टमार्टम होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग बीमारी का स्पष्ट पता नहीं लगा पाया है. स्थानीय लोगों का सवाल है कि एक सप्ताह बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्यों नहीं आई. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ श्रवण कुमार मेहता ने बताया कि काफी प्रयास के बाद पीड़ितों को रांची रिम्स भिजवाया गया है. वे इलाज से क्यों कतरा रहे हैं और अस्पताल से क्यों भाग रहे थे. यह प्रबंधन के समझ से परे है. एमएमसीएच में फोरेंसिक जांच की सुविधा नहीं इस रहस्यमयी बीमारी का पता न चल पाने की सबसे बड़ी वजह एमएमसीएच मेदिनीनगर में संसाधनों की कमी है. अस्पताल में फोरेंसिक जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं है. यही कारण है कि मृतकों के सटीक कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है. स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों का कहना है कि फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा.  कब हुई किसकी मौत ?  19 जून को परिवार के मुखिया कुलदीप महतो की रात में अचानक मौत हो गई थी. 20 जून अगले ही दिन सुबह करीब आठ बजे बेटी बबीता कुमारी ने भी दम तोड़ दिया. 26 जून शुक्रवार की रात इलाज के दौरान नाबालिग बेटी इंदु कुमारी (16 वर्ष) की मौत हो गई थी. 27 जून शनिवार की देर शाम कुलदीप महतो की पुत्रवधू श्वेता देवी (28 वर्ष) की भी इलाज के दौरान मौत हो गई. 20 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम गई थी सिक्का गांव  19 जून की मध्य रात्रि में कुलदीप महतो और 20 जून को सुबह बेटी बबीता कुमारी की मौत की सूचना के बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीम सिक्का गांव गई थी. लेकिन मृतक के अन्य चार पीड़ित परिवार घर पर नहीं मिले थे. जिसे बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा चैनपुर से रेस्क्यू कर एमएमसीएच में भर्ती कराया गया था. लेकिन सभी पीड़ित सदस्य अस्पताल से भाग गए थे. ग्रामीणों के अनुसार कुलदीप महतो और बेटी बबीता कुमारी के दाह संस्कार में शामिल हुए थे. लेकिन इसके फिर गांव से भाग कर कहां चले गए इसका कोई पता नहीं चल पा रहा था. इसी बीच शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम को पता चला कि पीड़ित परिवार लेस्लीगंज के पूर्णाडीह में हैं. इसके बाद चारों पीड़ित परिवार को मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच में भर्ती कराया गया. जहां देर रात नाबालिक इंदु कुमारी की मौत हो गई. दूसरे दिन शनिवार की देर शाम श्वेता देवी की भी मौत हो गई. इसके बाद अन्य दो सदस्यों लाखो उर्फ लाखी देवी और नकुल महतो को रांची रिम्स पहुंचाया गया था. जहां इलाज के दौरान रविवार की मध्य रात्रि नकुल महतो भी दम तोड़ दिया. ये भी पढ़ें: साहिबगंज: राजमहल में भाइयों के बीच हुआ जमीन विवाद, मारपीट में बुजुर्ग की मौत ये भी पढ़ें: साहिबगंज सड़क हादसा: फरक्का से लौट रहे एक ही परिवार के 3 लोगों की ट्रेलर की चपेट में आने से मौत The post पलामू: 10 दिन में एक ही परिवार के 5 लोगों की गई जान, ओझा का दिया भभूत खाने का शक appeared first on Naya Vichar.

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अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ का रविवार को चला जादू या नहीं? तीन दिन में फिल्म ने इतनी कमाई कर डाली

Welcome To The Jungle Box Office: अक्षय कुमार की फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ ने तीन दिनों में 63.75 करोड़ नेट इंडिया कलेक्शन कर लिया है. फिल्म ने रविवार को सबसे बड़ी छलांग लगाई और करीब 24.75 करोड़ की कमाई की. आइए आपको फिल्म का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कार्ड बताते हैं. Welcome To The Jungle Box Office Collection: किस दिन कितनी कमाई हुई? डायरेक्टर अहमद खान की इस कॉमेडी एंटरटेनर ने रिलीज के पहले ही दिन से अच्छा प्रदर्शन किया. फिल्म 26 जून को थिएटर्स में रिलीज हुई थी, जबकि एक दिन पहले 25 जून को पेड प्रीव्यू दिखाए गए थे. डे वाइज कलेक्शन (sacnilk के अनुसार) के बारे में बताते हैं- पेड प्रीव्यू: 3.75 करोड़ शुक्रवार: 15.25 करोड़ शनिवार: 20 करोड़ रविवार: 24.75 करोड़ Welcome to the jungle box office collection, photo- sacnilk Return of Welcome Franchise: ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की वापसी यह फिल्म साल 2007 में शुरू हुई सुपरहिट ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त है. इससे पहले ‘वेलकम बैक’ (2015) रिलीज हुई थी.‘वेलकम टू द जंगल’ में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडीज, अरशद वारसी, जॉनी लीवर, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता, राजपाल यादव, शरद केलकर, फरीदा जलाल, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, दलेर मेहंदी,दिवंगत पंकज धीर, पुनीत इस्सर, सुदेश बेरी, जीतू वर्मा, आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी,आदित्य सिंह, भाग्य भानुशाली, किरण कुमार, तुषार कपूर, विंदू दारा सिंह, उर्वशी रौतेला, हेमंत पांडे हैं. Welcome To The Jungle Worldwide Collection: दुनियाभर में फिल्म ने कितना कलेक्शन किया? sacnilk के अनुसार, ओवरसीज मार्केट में फिल्म ने तीसरे दिन 6.00 करोड़ की कमाई की है. इसके साथ ही फिल्म का कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन अब तक 16.70 करोड़ पहुंच गया है. वहीं, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने अब तक कुल 93.20 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है. यह भी पढ़ें– Welcome To The Jungle: 104 डिग्री बुखार में भी शूटिंग करते रहे अक्षय, अक्षरा सिंह बोलीं- ऐसा जुनून कभी नहीं देखा The post अक्षय कुमार की ‘वेलकम टू द जंगल’ का रविवार को चला जादू या नहीं? तीन दिन में फिल्म ने इतनी कमाई कर डाली appeared first on Naya Vichar.

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सोने में 10 रुपये और चांदी में 100 रुपये की गिरावट! जानिए 29 जून का नया रेट 

Gold-Silver Price Today: लगातार उतार-चढ़ाव के बीच आज दोनों की कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली है. हालांकि गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन खरीदारी करने वालों के लिए यह अच्छी समाचार मानी जा सकती है. ध्यान दें कि यहां दिए गए भाव पिछले क्लोजिंग सेशन और आज उपलब्ध शुरुआती अपडेट के आधार पर हैं. अलग-अलग शहरों और ज्वेलर्स के हिसाब से रेट में थोड़ा फर्क हो सकता है. कितना बदला सोने का भाव? आज 24 कैरेट सोना 1,43,940 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट 1,31,940 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट 1,07,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. कल के मुकाबले सभी कैरेट में 10 रुपये प्रति 10 ग्राम की मामूली गिरावट दर्ज की गई है.  सोने का आज का रेट कैरेट आज का रेट कल का रेट बदलाव 24 कैरेट (10 ग्राम) ₹1,43,940 ₹1,43,950 -₹10 22 कैरेट (10 ग्राम) ₹1,31,940 ₹1,31,950 -₹10 18 कैरेट (10 ग्राम) ₹1,07,950 ₹1,07,960 -₹10 शहरवार सोने का रेट (24 कैरेट, 10 ग्राम) शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव पटना ₹1,43,990 ₹1,44,000 -₹10 रांची ₹1,43,950 ₹1,43,960 -₹10 लखनऊ ₹1,44,090 ₹1,44,100 -₹10 दिल्ली ₹1,44,090 ₹1,44,100 -₹10 मुंबई ₹1,43,940 ₹1,43,950 -₹10 कोलकाता ₹1,43,940 ₹1,43,950 -₹10 चांदी में क्या हुआ? चांदी भी आज थोड़ी सस्ती हुई है. 1 किलो चांदी का भाव 2,39,900 रुपये है, जो कल के मुकाबले 100 रुपये कम है. अगर आप चांदी में इन्वेस्ट या खरीदारी का प्लान बना रहे हैं, तो आज का दिन पिछले दिन से थोड़ा बेहतर माना जा सकता है.  चांदी का आज का रेट मात्रा आज का रेट कल का रेट बदलाव 10 ग्राम ₹2,399 ₹2,400 -₹1 100 ग्राम ₹23,990 ₹24,000 -₹10 1 किलो ₹2,39,900 ₹2,40,000 -₹100 शहरवार चांदी का रेट (1 किलो)  शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव पटना ₹2,39,900 ₹2,40,000 -₹100 रांची ₹2,39,900 ₹2,40,000 -₹100 लखनऊ ₹2,39,900 ₹2,40,000 -₹100 दिल्ली ₹2,39,900 ₹2,40,000 -₹100 मुंबई ₹2,39,900 ₹2,40,000 -₹100 कोलकाता ₹2,39,900 ₹2,40,000 -₹100 ये भी पढ़ें: दिल्ली से रांची तक क्या है पेट्रोल-डीजल का हाल? एक क्लिक में जानिए 29 जून के लेटेस्ट रेट The post सोने में 10 रुपये और चांदी में 100 रुपये की गिरावट! जानिए 29 जून का नया रेट  appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड की बारिश से औरंगाबाद के भीम बराज लबालब, फिर भी उत्तर कोयल मुख्य नहर की टेस्टिंग ठप; कब जागेगा प्रशासन?

North Koel Canal Aurangabad News: (विश्वनाथ पांडे) झारखंड में लगातार हो रही बारिश से उत्तर कोयल परियोजना के भीम बराज में जल भंडारण क्षमता लगभग पूरी हो चुकी है. वर्तमान में अतिरिक्त पानी बराज के डाउन साइड में छोड़ा जा रहा है. इसके बावजूद उत्तर कोयल मुख्य नहर के तटबंधों की टेस्टिंग अब तक शुरू नहीं हो सकी है. हालांकि जल संसाधन विभाग का दावा है कि नहर संचालन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. अधूरे निर्माण कार्य से अटकी टेस्टिंग जानकारी के अनुसार झारखंड क्षेत्र में 104 आरडी के समीप सुपर पैसेज तथा 84 आरडी के पास सीडी स्ट्रक्चर का निर्माण कार्य अभी भी जारी है. निर्माण के दौरान मुख्य नहर को मिट्टी से भरकर अस्थायी रास्ता बनाया गया था, जिसे निर्माण एजेंसी वाप्कोस ने अब तक नहीं हटाया है. इसके अलावा दोनों संरचनाओं का निर्माण भी अधूरा है. यही कारण है कि मुख्य नहर में जल प्रवाह शुरू नहीं हो पा रहा है. धान की खेती को लेकर किसानों की बढ़ी चिंता खरीफ सीजन में धान का बिचड़ा गिराने का उपयुक्त समय तेजी से निकलता जा रहा है. किसानों को उम्मीद थी कि इस बार समय पर नहर से सिंचाई के लिए पानी मिलेगा, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण उनकी उम्मीदों को झटका लगा है. 2.40 मीटर जलस्तर होने पर खुलेगा नहर का गेट भीम बराज, मोहम्मदगंज के कार्यपालक अभियंता विनीत प्रकाश ने बताया कि मुख्य नहर के संचालन के लिए बराज में 2.40 मीटर वाटर पोंड लेवल आवश्यक है. रविवार रात तक जलस्तर बढ़कर 2.10 मीटर तक पहुंच गया है. डाल्टेनगंज क्षेत्र में 7 सेंटीमीटर वर्षा होने से कोयल नदी में पर्याप्त जल प्रवाह बना हुआ है. इसी कारण गेट संख्या-33 खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है. अगले सप्ताह टेस्टिंग शुरू करने का दावा मुख्य अभियंता अर्जुन प्रसाद सिंह ने बताया कि हर हाल में अगले सप्ताह आरएमसी का गेट खोलकर मुख्य नहर की टेस्टिंग शुरू कर दी जाएगी. छह साल बाद भी अधूरी है परियोजना गौरतलब है कि झारखंड क्षेत्र में वर्ष 2018 से उत्तर कोयल मुख्य नहर के रीमॉडलिंग का कार्य चल रहा है. करीब छह वर्ष बीत जाने के बावजूद 31.40 किलोमीटर के लक्ष्य के विरुद्ध केवल 19 किलोमीटर में ही लाइनिंग का कार्य पूरा हो सका है. इसके अलावा पुल, पुलिया, सीडी, सीआर, एचआर और सुपर पैसेज जैसी कई महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण अब भी अधूरा है. इससे परियोजना की प्रगति और समयसीमा पर सवाल उठ रहे हैं. इसे जरूर पढ़ें: औरंगाबाद में होटलों का कचरा और अतिक्रमण बना काल, घुट-घुट कर दम तोड़ रही पुनपुन नदी; ‘स्वच्छ नदी’ योजना फेल! The post झारखंड की बारिश से औरंगाबाद के भीम बराज लबालब, फिर भी उत्तर कोयल मुख्य नहर की टेस्टिंग ठप; कब जागेगा प्रशासन? appeared first on Naya Vichar.

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