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आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा- ACP विवेक भगत मोलेस्टर है, वह एक घमंडी और घटिया अफसर है; गिरफ्तारी हो

सौरभ भारद्वाज ने कहा-‘ एसीपी विवेक भगत के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए. जिस तरह एक आम आदमी के साथ यौन उत्पीड़न के केस में कार्रवाई होती है, उसी तरह विवेक भगत के साथ भी होना चाहिए. एफआईआर दर्ज कर, गिरफ्तारी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह प्रशासन कहती है कि एक देश एक चुनाव होना चाहिए, लेकिन यही प्रशासन एक देश में दो कानून लागू करना चाहती है.’ आम आदमी पार्टी एसीपी विवेक भगत की गिरफ्तारी के लिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. वीडियो में देखें सौरभ भारद्वाज ने क्या कहा- जंतर-मंतर पर पुलिस ने ज्यादती की सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बदतमीजी की. वह भी तब जबकि किसी भी प्रदर्शनकारी ने पुलिस के खिलाफ कोई एक्शन नहीं दिखाया था. 75 साल से अधिक के प्रदर्शनकारियों पर भी दिल्ली पुलिस ने ज्यादती की. सांसदों के साथ बदमतीजी की गई, लेकिन स्त्री पत्रकारों के साथ जो बदतमीजी हुई उसे देश बर्दाश्त नहीं करेगा. एसीपी विवेक भगत पर मुकदमा दाखिल करना ही होगा. स्त्री पत्रकार के साथ बदतमीजी का लगा है आरोप एसीपी विवेक भगत पर जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान कवरेज कर रही स्त्री पत्रकारों के साथ बदतमीजी करने का आरोप लगा है. आरोप है कि उन्होंने 3 स्त्री पत्रकारों के साथ बदतमीजी की है. इस केस की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है. पुलिस ने कहा है कि जांच हो रही है और अगर दोष साबित हुआ तो कार्रवाई होगी. ये भी पढ़ें: स्त्री पत्रकार का आरोप- दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत ने मेरा ब्रेस्ट प्रेस किया, पुलिस ने कहा- जांच कर रहे हैं The post आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा- ACP विवेक भगत मोलेस्टर है, वह एक घमंडी और घटिया अफसर है; गिरफ्तारी हो appeared first on Naya Vichar.

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NDA में चिराग का ‘प्रेशर गेम’, ‘समर्थन है, समर्पण नहीं’ के जरिए क्या साधना चाहते हैं मोदी के हनुमान

NDA Alliance Politics केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान के “बिहार एनडीए प्रशासन का हिस्सा होने पर शर्म आती है” वाले बयान के बाद गठबंधन की नेतृत्व को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं. चिराग के इस बयान को नेतृत्वक जानकार केवल बिहार की कानून-व्यवस्था पर प्रशासन के खिलाफ हमला नहीं मान रहे. उनके मुताबिक, चिराग ने सार्वजनिक तौर पर प्रशासन पर दबाव बनाने के साथ-साथ अपनी पार्टी की लंबित मांगों को लेकर भी एक स्पष्ट नेतृत्वक संदेश देने की कोशिश की है. चिराग पासवान के बयान को इस संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि लोजपा (रामविलास) एनडीए का समर्थन कर रही है, लेकिन गठबंधन में अपने मुद्दों पर समझौता करने के लिए तैयार नहीं है. यानी सहयोगी दल से समर्थन की उम्मीद की जा सकती है, समर्पण की नहीं. चौकीदार-दफादार भर्ती समेत कई मांगें लंबित लोजपा (रामविलास) की कई मांगें लंबे समय से बिहार प्रशासन के स्तर पर लंबित हैं. इनमें चौकीदार और दफादार के पदों पर भर्ती, पार्टी के संस्थापक दिवंगत राम विलास पासवान की प्रतिमा स्थापित करना और पटना की किसी प्रमुख सड़क का नाम उनके नाम पर करना जैसी मांगें शामिल हैं. पार्टी नेताओं का कहना है कि इन मांगों को लेकर वरिष्ठ नेताओं की ओर से प्रशासन को कई बार पत्र भी लिखा गया है. लेकिन करीब नौ महीने बीतने के बाद भी इन पर ठोस पहल नहीं हुई है. पार्टी नेताओं के मुताबिक, प्रशासन की ओर से लगातार मामले को देखने और कार्रवाई का आश्वासन दिया जा रहा है. ऐसे में चिराग पासवान का कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर प्रशासन के खिलाफ खुलकर बोलना अपनी लंबित मांगों को लेकर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है. पार्टी के भीतर इसे इस संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है कि लोजपा (रामविलास) एनडीए में है, प्रशासन का समर्थन करती है, लेकिन अपनी नेतृत्वक जमीन और समर्थकों से जुड़े मुद्दों पर पीछे हटने को तैयार नहीं है. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें.. चौकीदार-दफादार भर्ती पर क्यों अड़ी है लोजपा (आर)? चौकीदार और दफादार के पदों पर भर्ती का मुद्दा लोजपा (रामविलास) के लिए खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पार्टी से जुड़े नेताओं का दावा है कि इन पदों पर भर्ती की मांग करने वालों में बड़ी संख्या उसके समर्थकों की है. लंबे समय से पार्टी का समर्थन करने वाले इन लोगों के बीच अब नाराजगी बढ़ रही है. पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रशासन में रहने के बावजूद यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो इसका असर पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक पर पड़ सकता है. कुछ समर्थकों की नाराजगी इस बात को लेकर भी सामने आ रही है कि वे लगातार पार्टी के साथ खड़े रहे, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो रही है.बिहार की नेतृत्व में पासवान समुदाय को लोजपा (रामविलास) का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है. ऐसे में पार्टी इस मुद्दे पर कोई नेतृत्वक समझौता करने के बजाय प्रशासन पर दबाव बढ़ाना चाहती है. इसी रणनीति के तहत चिराग का कानून-व्यवस्था के सवाल पर मुखर होना भी देखा जा रहा है. स्त्रीओं की सुरक्षा पर प्रशासन को घेरा चिराग पासवान ने एक प्राइवेट यूट्यूब चैनल के साथ बातचीत में बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि स्त्रीएं अब घर से बाहर निकलने में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं. उनकी यह टिप्पणी जमुई और समस्तीपुर में स्त्रीओं से जुड़ी घटनाओं के सामने आने के बाद आयी. इन घटनाओं को लेकर प्रशासन की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे हैं. चिराग के हमले ने एनडीए के भीतर इस मुद्दे को और नेतृत्वक बना दिया है. लोजपा (रामविलास) के पास लोकसभा में पांच सांसद हैं, जबकि बिहार विधानसभा में पार्टी के 19 विधायक हैं. ऐसे में चिराग के बयान को केवल एक सहयोगी दल के नेता की नाराजगी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. NDA में रहते हुए अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश चिराग पासवान एनडीए में रहते हुए इससे पहले भी कई मौकों पर अपनी ही प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर चुके हैं. भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में भी उन्होंने बिहार की सम्राट चौधरी प्रशासन पर तीखा हमला बोला था. इससे साफ है कि एनडीए में रहते हुए चिराग अपनी नेतृत्वक पहचान को अलग बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं. नेतृत्वक जानकारों का मानना है कि गठबंधन के भीतर रहते हुए प्रशासन की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाना चिराग की नेतृत्व का हिस्सा रहा है. इससे उन्हें अपनी पार्टी के समर्थकों के बीच अलग नेतृत्वक पहचान बनाए रखने में मदद मिलती है. साथ ही, उन राज्यों में सीटों और नेतृत्वक हिस्सेदारी को लेकर बातचीत की गुंजाइश भी बढ़ती है, जहां भाजपा को सहयोगियों की जरूरत पड़ सकती है. 2020 में NDA से अलग होकर चुनाव लड़ चुके हैं चिराग चिराग पासवान की नेतृत्व में एनडीए के भीतर रहते हुए अलग रुख अपनाने का इतिहास पुराना है. 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया था. उस समय लोजपा ने मुख्य रूप से नीतीश कुमार की जदयू को निशाना बनाया था. हालांकि लोजपा को उस चुनाव में केवल एक सीट पर जीत मिली, लेकिन पार्टी के अलग चुनाव लड़ने से जदयू को कई सीटों पर नुकसान हुआ. इससे यह भी सामने आया कि चिराग अपने दम पर बिहार के चुनावी समीकरण को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं. पार्टी में टूट के बाद भी चिराग अपने पिता राम विलास पासवान के पारंपरिक पासवान वोट बैंक को अपने साथ बनाए रखने में सफल रहे. इसका असर 2024 के लोकसभा चुनाव में साफ दिखाई दिया, जब लोजपा (रामविलास) ने एनडीए के साथ रहते हुए अपने हिस्से की सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज की. इसके बाद से चिराग लगातार अपनी अलग नेतृत्वक पहचान बनाए रखने की कोशिश करते रहे हैं. केंद्र की सिविल सेवाओं में लेटरल एंट्री की नीति के कुछ पहलुओं पर उन्होंने आपत्ति जतायी, जाति जनगणना को लेकर सवाल उठाये और बिहार में शासन-व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी ही प्रशासन के खिलाफ आवाज उठायी. चिराग की नेतृत्व का क्या

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मुंबई में CEC के खिलाफ गर्जना मार्च: उद्धव ठाकरे बोले- ज्ञानेश कुमार बीजेपी के हथियार

Mumbai Protest: मुंबई में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. दोनों भाई सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं. लंबे समय बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे किसी बड़े नेतृत्वक मुद्दे पर एक साथ सड़क पर उतरे हैं. शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा कि यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ है. विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाताओं के अधिकार छीने गए हैं. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन का मुख्य निशाना सीईसी ज्ञानेश कुमार हैं. शिवसेना (UBT) और MNS के नेताओं ने उनके इस्तीफे की मांग की है. संजय राउत ने इस मार्च को संविधान और मतदान के अधिकार की रक्षा बता रहे हैं. उनका आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और लोगों का वोट का अधिकार छीना गया है. देखें मुंबई के आजाद मैदान का वीडियो जहां राज और उद्धव ठाकरे मार्च में शामिल हैं. बोले राज ठाकरे- मनमाने तरीके से चल रही प्रशासन मुंबई में विरोध मार्च के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए MNS प्रमुख राज ठाकरे ने प्रशासन और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उनकी नाराजगी इस बात से नहीं है कि कोई पार्टी सत्ता में है, बल्कि इस बात से है कि उस सत्ता का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है. राज ठाकरे ने कहा कि देश के मतदाताओं को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि वे किसे सत्ता में बैठाना चाहते हैं और किसे विपक्ष में भेजना चाहते हैं. उन्होंने सवाल किया कि इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग क्या जवाब देगा. उन्होंने प्रशासन के कामकाज को मनमाना बताते हुए आरोप लगाया कि बड़े संसाधन कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को दिए जा रहे हैं. उन्होंने जंगल, जमीन, एयरपोर्ट और पोर्ट जैसे संसाधनों का जिक्र करते हुए कहा कि यह सोच कैसे बन गई कि हम जो चाहें करेंगे और कोई फर्क नहीं पड़ेगा. राज ठाकरे ने दावा किया कि ऐसी स्थिति तभी बन सकती है जब चुनाव आयोग पर नियंत्रण हो. यहां देखें राज ठाकरे ने और क्या कहा बोले उद्धव ठाकरे- देश में तानाशाह नहीं बनने देंगे मुंबई में CEC के खिलाफ गर्जना मार्च में उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार बीजेपी के हथियार हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने नारे मेक इन इंडिया का जिक्र करते हुए कहा कि देश में निर्माण और विकास की पहल का स्वागत है, लेकिन अगर उसी के नाम पर तानाशाही खड़ी की जाएगी तो उसका विरोध होगा. उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि अगर मेक इन इंडिया के तहत देश में किसी तानाशाह को खड़ा करने की कोशिश की जाएगी, तो उसके खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी. उन्होंने कहा कि आज लोग इसी तानाशाही को खत्म करने के लिए एकजुट हुए हैं. सिर्फ पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं, आम लोगों को भी बुलावा विपक्षी नेताओं ने कहा है कि यह मार्च सिर्फ नेतृत्वक दलों तक सीमित नहीं रहेगा. मार्च में ऐसे लोगों को भी इसमें शामिल होने की अपील की गई है, जिन्हें चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर चिंता है. शिवसेना (UBT), MNS के साथ कांग्रेस, NCP, लेफ्ट दलों को भी मार्च में शामिल होने का न्योता दिया गया है. पार्टी झंडे नहीं, सिर्फ तिरंगा मार्च में पार्टी के झंडों की जगह केवल तिरंगा रखा गया है. उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने इस मार्च की घोषणा पिछले महीने की थी. दोनों दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया से मतदाताओं के नाम और मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है. The post मुंबई में CEC के खिलाफ गर्जना मार्च: उद्धव ठाकरे बोले- ज्ञानेश कुमार बीजेपी के हथियार appeared first on Naya Vichar.

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Vietnam Road Accident : जितिया का व्रत खोलते ही दरवाजे पर पहुंचा बेटे का शव, मां की चीख से दहल उठा कदमा

जमशेदपुर : शनिवार को मां ने बेटे की सलामती के लिए जितिया का कठिन व्रत रखा था. रविवार को व्रत का पारण किया और अभी घर में बैठी ही थीं कि दरवाजे पर बेटे का पार्थिव शरीर पहुंच गया. बेटे का नाम सुनते ही लग्न देवी बदहवास होकर गिर पड़ीं. कुछ पल बाद बेटे के शव से लिपटकर उनकी चीख निकल पड़ी- “बेटा, तुम्हारे लिए उपवास किया है… उठ जाओ. तुम मुझे छोड़कर नहीं जा सकते. ऐसे शांत मत रहो, कितना सोओगे… उठ जाओ ना. सभी की आंखें हो गयीं नम कदमा के शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर-4 में रविवार को यह मार्मिक दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गयीं. बेटे की सलामती के लिए मां ने जितिया का व्रत रखा था, लेकिन व्रत खोलने के कुछ ही देर बाद उसी बेटे का शव सामने था. मां बार-बार शव से लिपटकर रोती रहीं और कहती रहीं कि “तेरी ही सलामती के लिए जितिया का व्रत रखा था और तुम ही छोड़कर चले गये… ऐसा क्यों किया.” मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास का माहौल गमगीन हो गया. पिता रमेश कुमार समेत परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल था. परिवार के लोग बारी-बारी से विनय के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करते रहे. कदमा के शास्त्रीनगर में आवास. बेटे की अर्थी उठी तो घर में मचा कोहराम घर से जब विनय की अर्थी निकली तो एक बार फिर माहौल चीख-पुकार से भर गया. परिवार के सदस्यों के साथ आसपास के लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए. बड़ी संख्या में लोग नम आंखों से विनय को अंतिम विदाई देने पहुंचे. शोकाकुल माहौल के बीच अंतिम यात्रा बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पहुंची, जहां विनय कुमार का अंतिम संस्कार किया गया. योग प्रशिक्षण देने वियतनाम गये थे विनय कदमा शास्त्रीनगर निवासी विनय कुमार करीब दो वर्ष पहले योग प्रशिक्षण देने के लिए वियतनाम गये थे. 25 सितंबर की रात हल्की बारिश के दौरान विनय और रांची निवासी राजा कुमार स्कूटी से घर लौट रहे थे. इसी दौरान बारिश के कारण स्कूटी फिसल गयी और अनियंत्रित होकर सामने से आ रही ओमनी कार से टकरा गयी. हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गयी थी. सांसद और केंद्रीय मंत्रियों की पहल के बाद जमशेदपुर पहुंचा शव विदेश में हुए हादसे के बाद विनय के पार्थिव शरीर को जमशेदपुर लाने के लिए परिवार की ओर से प्रयास किये गये. सांसद विद्युत वरण महतो, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की पहल के बाद शनिवार देर रात विनय का शव जमशेदपुर पहुंचा. शव को पहले टीएमएच में रखा गया. रविवार को परिजन अंतिम संस्कार से पहले विनय के पार्थिव शरीर को लेकर कदमा स्थित आवास पहुंचे. बेटे को आखिरी बार घर की चौखट पर देखकर परिवार का दर्द एक बार फिर फूट पड़ा. जिस घर में मां ने बेटे की लंबी उम्र और सलामती के लिए जितिया का व्रत रखा था, उसी घर से रविवार को बेटे की अर्थी उठी. जितिया की खुशियों के बीच आया यह मातम पूरे इलाके को गमगीन कर गया. The post Vietnam Road Accident : जितिया का व्रत खोलते ही दरवाजे पर पहुंचा बेटे का शव, मां की चीख से दहल उठा कदमा appeared first on Naya Vichar.

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1 टॉफी के दाम में 4 KM की रेंज… 108% बढ़ी सेल्स, ये इलेक्ट्रिक स्कूटर बना लोगों की पसंद

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (EV) की डिमांड तेजी से बढ़ रही है. इस रेस में हीरो मोटोकॉर्प का इलेक्ट्रिक स्कूटर ‘Vida’ (विडा) ग्राहकों की पसंद बनता जा रहा है. अगस्त के बिक्री आंकड़े बताते हैं कि हीरो विडा की सेल्स में 108 फीसदी का शानदार उछाल आया है. दोगुनी हुई हीरो विडा की बिक्री अगस्त 2026 में देश में कुल 1,87,214 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके, जो पिछले साल (अगस्त 2025 में 76,118 यूनिट) के मुकाबले 146% ज्यादा है. इस बढ़ते बाजार में हीरो Vida ने अगस्त 2026 में 25,558 स्कूटर्स बेचे हैं. पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 12,273 था, यानी कंपनी की बिक्री में 108% का सीधा इजाफा हुआ है. कंपनी फिलहाल VX2 और V2 सीरीज के तहत कुल 5 स्कूटर्स बेच रही है. ये भी पढ़ें: सिंगल चार्ज में 161km की रेंज, 10 साल की बैटरी वारंटी; 10 मिनट की चार्जिंग में 30km दौड़ेगा Ather का ये इलेक्ट्रिक स्कूटर सबसे सस्ता मॉडल: Vida VX2 Go अगर आप बजट में इलेक्ट्रिक स्कूटर तलाश रहे हैं, तो Vida पोर्टफोलियो में ‘VX2 Go’ सबसे किफायती विकल्प है. बैटरी ऑप्शन: यह स्कूटर 2.2kWh, 3.1kWh और 3.4kWh के तीन बैटरी विकल्पों में आता है. कीमत: इसके 2.2kWh बैटरी वाले बेस वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत (दिल्ली) 79,999 रुपये है. रेंज: कंपनी का दावा है कि फुल चार्ज होने पर यह 93 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है. खर्च का गणित: 1 रुपये में चलेगा 4 किलोमीटर अगर आपके घर में बिजली की दर 8 रुपये प्रति यूनिट है, तो इसकी 2.2kWh की बैटरी को फुल चार्ज करने में मात्र 20 रुपये का खर्च आएगा. सड़क पर चलाते समय अगर रेंज थोड़ी कम भी मिले, तो भी इसे चलाने की औसत लागत लगभग 25 पैसे प्रति किलोमीटर आती है. आसान भाषा में समझें तो, 1 रुपये के खर्च में आप इसे 4 किलोमीटर तक दौड़ा सकते हैं. अगस्त 2026 के टॉप सेलिंग इलेक्ट्रिक स्कूटर्स अगस्त महीने में बिक्री के मामले में बजाज चेतक ने बाजी मारी है. आइए देखते हैं टॉप मॉडल्स की लिस्ट: स्कूटर का नाम अगस्त 2026 में बिक्री (यूनिट्स) Bajaj Chetak 52,248 TVS iQube 42,882 Hero Vida 25,558 Ather Rizta 22,586 TVS Orbiter 14,641 Greaves Magnus 9,772 Ather 450 6,891 आंकड़े स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि हिंदुस्तानीय बाजार में बजाज चेतक, टीवीएस आईक्यूब और हीरो विडा जैसे मॉडल्स को ग्राहकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. ये भी पढ़ें: एक बार चार्ज करने पर 153 km की रेंज, 3 घंटे से कम में चार्ज, कीमत ₹1 लाख से भी नीचे, लोगों को खूब पसंद आ रहा है ये इलेक्ट्रिक स्कूटर The post 1 टॉफी के दाम में 4 KM की रेंज… 108% बढ़ी सेल्स, ये इलेक्ट्रिक स्कूटर बना लोगों की पसंद appeared first on Naya Vichar.

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महिला पत्रकार का आरोप- दिल्ली पुलिस के विवेक भगत ने मेरा ब्रेस्ट प्रेस किया, पुलिस ने कहा- जांच कर रहे हैं

‘मुझे बस के अंदर पुलिस ऑफिसर ने टच किया ब्रेस्ट पर’, यह कहना है एक स्त्री पत्रकार का है जिसका वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में स्त्री एक पुलिस ऑफिसर से बात करती दिख रही है. वह कहती है कि आपने अभी अनाउंसमेंट किया कि आपके पास जो सबूत है वो लेकर आएं. स्त्री कहती है, ‘ बस के अंदर मुझे एक पुलिस ऑफिसर ने टच किया. वो भी ब्रेस्ट पर. इस तरीके से…मैं वो एवीडेंस कहां से लाऊं. मैं कैसे शिकायत लिखाऊं.’ उसने आगे कहा कि मैं दो घंटे से ऊधर बैठी थी. मेरी शिकायत दर्ज नहीं की गई. वीडियो में आगे दिख रहा है कि एक पुलिसकर्मी स्त्री से थाने के अंदर चलने को कहता है. स्त्री इस दौरान अपने वकील को ढूंढ़ती नजर आती है. इसके बाद वह कुछ लोगों के साथ थाने के अंदर चली जाती है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच पीछे से एक आवाज सुनाई देती है, “देश की राजधानी दिल्ली में ये सब हो रहा है.” वहीं, आसपास मौजूद लोग दिल्ली पुलिस हाय-हाय के नारे लगाते भी सुनाई दे रहे हैं. इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो शेयर करके क्या कहा यूजर ने, देखें kuldeepkumaraap नाम के यूजर ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि देश की राजधानी दिल्ली में आज जो हो रहा है, वह बेहद चिंताजनक है. मैं अभी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचा हूं. यहां एक स्त्री पत्रकार ने ACP विनय भगत (ऐसा लगता है कि गलत नाम मेंशन किया है यूजर ने) पर छेड़छाड़ और बदसलूकी के गंभीर आरोप लगाए हैं.  उनकी शिकायत दर्ज कराने के लिए पत्रकार साथी सुबह से थाने के बाहर बैठे हैं, लेकिन अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है. इसी थाने के बाहर एक बच्ची भी कई घंटों से अपनी शिकायत लेकर बैठी थी. उसकी शिकायत तक दर्ज नहीं की जा रही थी. मैं वहां पहुंचा और उसकी शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस से बात की. View on Instagram आगे यूजर ने लिखा कि स्त्री पत्रकार को न्याय मिलना चाहिए और बच्ची की शिकायत पर भी तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. किसी भी नागरिक की शिकायत हो, पुलिस की जिम्मेदारी है कि उसे सुने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करे. कानून सबके लिए बराबर है. शिकायत दर्ज करना और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है. एक अन्य वीडियो में पुलिस ऑफिसर ने क्या कहा सुनें दूसरे वीडियो में एक पुलिस अधिकारी कहते नजर आ रहे हैं कि मामले में पुलिस कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा कि जो भी सबूत पुलिस को दिए जाएंगे, उनकी जांच के आधार पर आगे कदम उठाया जाएगा. इस दौरान किसी ने पूछा कि FIR कब दर्ज होगी? इस पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि सबूत मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर उनके पास कोई सबूत है, तो उसे अपने मीडिया प्रतिनिधि के जरिए पुलिस तक पहुंचाएं. View on Instagram The post स्त्री पत्रकार का आरोप- दिल्ली पुलिस के विवेक भगत ने मेरा ब्रेस्ट प्रेस किया, पुलिस ने कहा- जांच कर रहे हैं appeared first on Naya Vichar.

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पत्रकार से सेक्सुअल हरासमेंट: CJP ने की FIR दर्ज करने की मांग, कहा- ‘ACP विवेक भगत को क्यों बचाया जा रहा है?’

सौरव दास ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद वह और CJP नेता रत्ना सिंह पुलिस के पास पहुंचे थे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर FIR दर्ज नहीं की गई, तो पत्रकारों और दूसरे प्रदर्शनकारियों का ग्रुप दोबारा पुलिस थाने पहुंचेगा. उन्होंने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की. दास ने कहा कि इस मामले को लेकर कई प्रदर्शनकारी और पत्रकार पहले से ही पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. वे लगातार पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे. दास ने आरोप लगाया कि पुलिस FIR दर्ज करने को तैयार नहीं है. उन्होंने दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि सार्वजनिक जगह पर सेक्सुअल हरासमेंट (स्त्री को गलत तरीके से छूने का आरोप) के आरोप झेल रहे ACP विवेक भगत के खिलाफ मामला क्यों दर्ज नहीं किया जा रहा है. दास ने कहा कि पुलिस अधिकारी को बचाने की कोशिश क्यों की जा रही है. उन्होंने यह भी पूछा कि विवेक भगत के मामले में ऐसा क्या है, जिसके चलते पुलिस उन पर कार्रवाई करने से बच रही है. सौरव दास ने कहा, “हमने पुलिस से कहा है कि अगर वीडियो देखने के लिए समय चाहिए तो आप समय ले सकते हैं. लेकिन FIR दर्ज करनी होगी. यदि ऐसा नहीं हुआ तो प्रदर्शनकारी फिर पुलिस थाने के बाहर पहुंचेंगे और FIR की कॉपी लेकर रहेंगे.” सौरव दास ने पूरे मामले पर क्या कहा, यहां सुनिए The post पत्रकार से सेक्सुअल हरासमेंट: CJP ने की FIR दर्ज करने की मांग, कहा- ‘ACP विवेक भगत को क्यों बचाया जा रहा है?’ appeared first on Naya Vichar.

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Watch Video : ‘चुपकर दलाल कहीं का, दलाल है तू’, किस पुलिस वाले पर फट पड़ीं नेहा बोरा

Watch Video : ‘’गाली किसने नहीं दी…वो आदमी अपना बैच हटाकर घूम रहा है. एसएचओ है शायद…वो जान से मारने की धमकी दे रहा है. ये आदमी दलाली करता है.’’ यदि आप ये लाइन पढ़कर सोचने लगे कि आखिर ये शब्द किसके हैं, तो आइए आपको हम पूरी बात बताते हैं. दरअसल, नेहा बोरा एक वीडियाे सामने आया है जिसमें वो बहुत गुस्से में नजर आ रहीं हैं. वीडियो की शुरुआत में नजर आ रहा है कि नेहा बोरा अपने साथियों के साथ आ रहीं हैं. जैसे ही वो आगे बढ़तीं हैं, उन्हें दिल्ली पुलिस के जवान रोकने लगते हैं. इसके बाद नेहा गुस्से में कहती है, सर…स्त्री प्रोटेस्टर सर…वाट आर यू डूइंग सर…’ इसके बाद धक्का देते हुए प्रोटेस्टर आगे बढ़ते हैं. पुलिस का जवान इस दौरान जोर जोर से सीटी बजाता वीडियो में नजर आ रहा है. स्त्री पुलिस इस दौरान दौड़कर आती है और प्रोटेस्टर को रोकती है. नेहा बोरा और उनके समर्थक नारे लगाते हैं- वोट चोर कहां मिलेंगे..बीजेपी के दफ्तर में…एक दूसरा नारा भी लगने लगता है- सीईसी कहां मिलेंगे…बीजेपी के दफ्तर में…आगे नारा लगता है- मैडम सारे रेपिस्ट कहां मिलेंगे..बीजेपी के दफ्तर में…इसके बाद और भी नारे लगते हैं और स्त्री पुलिस प्रदर्शन करते हुए लोगों को रोकने का प्रयास करती वीडियो में दिख रही है. यही वीडियो हो रहा है वायरल View on Instagram नारे यहीं खत्म नहीं होते. अब वहां मौजूद प्रदर्शनकारी सीईसी ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो के नारे लगाने लगते हैं. वीडियो में नारे सुनाई दे रहे हैं- ज्ञानेश कुमार को अरेस्ट करो. इस बीच एक स्त्री पुलिस नेहा को समझाती वीडियो में नजर आ रही है. नेहा इस  दौरान भी नहीं रुकीं. वह नारे लगाने लगीं, ‘दिल्ली पुलिस वर्दी उतारो’… आगे नजर आ रहा है कि पुलिस सभी प्रदर्शनकारी को बस में बैठा रही है. इस दौरान कुछ देर के लिए हलचल मच जाती है. पुलिस कुछ लोगों को हटाते नजर आ रही है. इस बीच वीडियो में आवाज आ रही है कि ये है पावर का नशा…आगे का नजारा कुछ अलग ही दिखा. बस के अंदर नेहा बोरा और दूसरे समर्थकों की पुलिस से झड़प होती है. नेहा वीडियो में पुलिस को कहतीं दिख रहीं हैं- चुपकर दलाल कहीं का. एक पत्रकार ने बस में बैठी नेहा से सवाल किया कि आपको गाली किसने दी. इसपर नेहा ने जवाब दिया कि गाली किसने नहीं दी…एक पुलिस वाले की ओर इशारा करते हुए वह कहतीं हैं कि वो आदमी अपना बैच हटाकर घूम रहा है. एसएचओ है शायद…वो जान से मारने की धमकी दे रहा है. ये आदमी दलाली करता है. The post Watch Video : ‘चुपकर दलाल कहीं का, दलाल है तू’, किस पुलिस वाले पर फट पड़ीं नेहा बोरा appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तान के शहजाद भट्टी नेटवर्क पर UP ATS का बड़ा शिकंजा: 20 ठिकानों पर रेड, 24 से पूछताछ, डिजिटल कनेक्शन खंगाल रही टीम

UP Crime: पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क को लेकर उत्तर प्रदेश एटीएस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है. एजेंसी ने शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी. शुरुआती रिपोर्टों में 15 जिलों में कार्रवाई की बात सामने आई थी, जबकि बाद के अपडेट में 10 जिलों में करीब 24 लोगों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है. एटीएस की कार्रवाई का फोकस शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क से जुड़े स्थानीय संपर्क, डिजिटल कनेक्शन, आर्थिक लेनदेन और लॉजिस्टिक मदद की पड़ताल पर है. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्धों में से किन लोगों का नेटवर्क से वास्तविक और लगातार संपर्क था. 24 लोगों से पूछताछ, 18 को चेतावनी के बाद छोड़ा ताजा जानकारी के मुताबिक करीब 24 लोगों को जांच के दायरे में लेकर पूछताछ की गई. इनमें से 18 लोगों को चेतावनी के बाद छोड़ दिया गया, जबकि छह अन्य के मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच जारी है. अधिकारियों के अनुसार पूछताछ का मकसद महज संपर्क होने और नेटवर्क की गतिविधियों में वास्तविक भूमिका के बीच अंतर स्पष्ट करना है. एटीएस संदिग्धों के सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, कॉल रिकॉर्ड और दूसरे डिजिटल संपर्कों की भी जांच कर रही है. एजेंसी यह भी देख रही है कि किसी संदिग्ध ने नेटवर्क के लिए स्थानीय स्तर पर संपर्क, लॉजिस्टिक मदद या अन्य सहयोग तो नहीं किया. पहले पकड़े गए आरोपियों से मिले इनपुट पर बढ़ा जांच का दायरा बताया जा रहा है कि नई कार्रवाई पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ और खुफिया इनपुट के आधार पर आगे बढ़ाई गई है. जांच एजेंसी के सामने 150 से अधिक लोगों की गतिविधियों और संपर्कों को लेकर जानकारी आने की बात सामने आई है. इसी आधार पर संदिग्धों की भूमिका की अलग-अलग स्तर पर पड़ताल की जा रही है. जांच का दायरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ इंडो-नेपाल सीमा से लगे इलाकों तक बताया गया है. सामने आई रिपोर्टों में लखनऊ, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, अलीगढ़ और मेरठ समेत कई जिलों का उल्लेख है. चार महीने में 52 संदिग्धों की गिरफ्तारी का दावा ताजा रिपोर्टों के अनुसार यूपी एटीएस पिछले चार महीनों में शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़ी कथित आतंकी गतिविधियों के मामलों में 52 संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है. अब इन गिरफ्तारियों से मिले इनपुट के आधार पर नेटवर्क की जमीनी कड़ियों को खंगाला जा रहा है. केंद्र ने आतंकी संगठन घोषित किया है नेटवर्क शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर केंद्र प्रशासन ने भी कार्रवाई की है. गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार 16 सितंबर 2026 को शाहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन की सूची में शामिल किया गया. जांच एजेंसियों का आरोप है कि नेटवर्क हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी तथा युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए प्रभावित करने जैसी गतिविधियों से जुड़ा रहा है. अब छह संदिग्धों के गैजेट की जांच पर नजर फिलहाल जांच का एक अहम हिस्सा संदिग्धों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल उपकरणों की पड़ताल है. छह लोगों के गैजेट की जांच जारी होने की जानकारी सामने आई है. इनसे मिलने वाले डिजिटल सुराग यह स्पष्ट करने में मदद कर सकते हैं कि कथित नेटवर्क की यूपी में जमीनी पहुंच कितनी थी और कौन-कौन लोग उसके संपर्क में थे. एटीएस की कार्रवाई अभी जांच के स्तर पर है. किसी व्यक्ति का पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जाना अपने आप में उसके अपराधी या आतंकी गतिविधि में शामिल होने का प्रमाण नहीं है. यह भी पढ़ें: भाजपा जिलाध्यक्ष पर दुष्कर्म का आरोप: बलिया की स्त्री पदाधिकारी बोली- वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किया शोषण The post पाकिस्तान के शहजाद भट्टी नेटवर्क पर UP ATS का बड़ा शिकंजा: 20 ठिकानों पर रेड, 24 से पूछताछ, डिजिटल कनेक्शन खंगाल रही टीम appeared first on Naya Vichar.

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प्रभात खबर इम्पैक्ट : गोल्ड मेडलिस्ट विनीमा धान के घर जल्द बनेगा शौचालय, विभाग ने शुरू की निर्माण की प्रक्रिया

तोरपा/कर्रा(खूंटी). कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ की बेटी विनीमा धान ने जूनियर एशिया कप स्त्री हॉकी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन किया है. अब उनके घर में जल्द ही शौचालय बनेगा. सम्मान समारोह के दौरान विधायक सुदीप गुड़िया के समक्ष शौचालय की समस्या उठाए जाने और इस संबंध में नया विचार में समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग ने पहल शुरू कर दी है. अधिकारियों ने घर पहुंचकर लिये जरूरी कागजात शनिवार को स्वच्छ हिंदुस्तान मिशन की कर्रा प्रखंड को-ऑर्डिनेटर एलीन गुड़िया एवं वीबी-जी रामजी के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी प्रेम सुजीत कुजूर सहित अन्य अधिकारी विनीमा धान के घर कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ स्थित बाम्हण टोली पहुंचे. अधिकारियों ने विनीमा के पिता मोगो धान और माता इंपैक्ट अंजनी धान से मुलाकात की तथा शौचालय निर्माण के लिए आवश्यक कागजात प्राप्त किए. पोर्टल पर आज दर्ज होगा लाभुक का विवरण इस संबंध में एलीन गुड़िया ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए संबंधित पोर्टल पर लाभुक का विवरण आज ही दर्ज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि एक-दो दिनों के भीतर शौचालय निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा. विधायक के समक्ष विनीमा ने रखी थी समस्या गौरतलब है कि शुक्रवार को विधायक सुदीप गुड़िया के आवासीय कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान विनीमा धान ने अपने घर में शौचालय नहीं होने की समस्या रखी थी. उन्होंने विधायक से शौचालय बनवा देने की मांग की थी. विनीमा की इस मांग पर विधायक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग के माध्यम से समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था. उपायुक्त ने अधिकारियों को दिया तत्काल प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश खूंटी के उपायुक्त जावेद हुसैन ने इस संबंध में कहा कि विनीमा धान के घर में शौचालय नहीं होने की जानकारी मिली है. उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस विषय पर तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शौचालय बनवाने का निर्देश दिया है. समाचार प्रकाशित होने के बाद शुरू हुई पहल गोल्ड मेडल जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन करने वाली विनीमा धान के घर शौचालय की समस्या सामने आने के बाद अब विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. अधिकारियों के घर पहुंचने और कागजात लेने के बाद एक-दो दिनों में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है. ये भी पढ़ें: JSSC CGL: मुख्य आरोपी दिलीप कुमार पासवान तीन दिन की रिमांड पर, आसनसोल होटल कनेक्शन की जांच तेज The post नया विचार इम्पैक्ट : गोल्ड मेडलिस्ट विनीमा धान के घर जल्द बनेगा शौचालय, विभाग ने शुरू की निर्माण की प्रक्रिया appeared first on Naya Vichar.

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