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टमाटर के बिना भी बनेगी गाढ़ी ग्रेवी, बस इस चीज का करें इस्तेमाल

How to Thicken Gravy Without Tomato: सब्जी बनाते समय अगर अचानक टमाटर खत्म हो जाए, तो अक्सर समझ नहीं आता कि ग्रेवी में खट्टापन और गाढ़ापन कैसे लाया जाए. खासकर जब घर में मेहमान आने वाले हों या सब्जी जल्दी तैयार करनी हो, तब बाजार से सिर्फ टमाटर लेने जाना भी परेशानी लग सकता है. लेकिन इसके लिए टमाटर ही एकमात्र विकल्प नहीं है. रसोई में रखी एक आम चीज की मदद से आप सब्जी की ग्रेवी को गाढ़ा और स्वादिष्ट बना सकते हैं. How to Thicken Gravy Without Tomato: भुना हुआ बेसन आएगा काम अगर ग्रेवी पतली हो गई है और टमाटर मौजूद नहीं है, तो बेसन काम आ सकता है. बेसन न सिर्फ ग्रेवी को गाढ़ा करने में मदद करता है, बल्कि सब्जी को अच्छा टेक्सचर भी देता है. इसके लिए बेसन को सीधे ग्रेवी में डालने की गलती न करें, वरना इसमें गांठें पड़ सकती हैं. सबसे पहले एक छोटी कड़ाही या पैन गर्म करें. इसमें 1-2 चम्मच बेसन डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए हल्का भून लें. बेसन का कच्चापन दूर होने और हल्की खुशबू आने तक इसे भूनना काफी है. ऐसे तैयार करें बेसन का घोल बेसन भुन जाने के बाद गैस बंद कर दें और इसे थोड़ा ठंडा होने दें. अब इसमें थोड़ा पानी डालकर अच्छी तरह मिलाएं. कोशिश करें कि घोल बिल्कुल चिकना रहे और इसमें कोई गांठ न हो. आप चाहें तो पानी की जगह थोड़ी-सी सब्जी की ग्रेवी मिलाकर भी बेसन का पेस्ट तैयार कर सकते हैं. अब तैयार घोल को धीरे-धीरे सब्जी की ग्रेवी में डालें और साथ-साथ चलाते रहें. इससे बेसन एक जगह जमा नहीं होगा और ग्रेवी में अच्छी तरह मिल जाएगा. How to Thicken Gravy Without Tomato: कितनी मात्रा में डालें? बेसन की मात्रा ग्रेवी कितनी पतली है, इस पर निर्भर करती है. आमतौर पर 2-3 लोगों की सब्जी के लिए 1 से 2 चम्मच भुना हुआ बेसन पर्याप्त हो सकता है. अगर ग्रेवी अभी भी पतली लग रही है, तो थोड़ा और घोल डाल सकते हैं. ध्यान रखें कि बेसन डालने के बाद ग्रेवी को कुछ मिनट धीमी आंच पर पकाना जरूरी है. इससे बेसन अच्छी तरह पक जाएगा और ग्रेवी धीरे-धीरे गाढ़ी होने लगेगी. PC: AI Generated स्वाद बिगड़ने से ऐसे बचाएं बेसन ग्रेवी को गाढ़ा तो कर सकता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में डालने पर सब्जी का स्वाद बदल सकता है. इसलिए शुरुआत हमेशा कम मात्रा से करें. अगर आपकी सब्जी में पहले से मसाले ज्यादा हैं, तो बेसन डालने के बाद थोड़ा पानी मिलाकर स्वाद को बैलेंस किया जा सकता है. यह भी पढ़ें: बैंगन में कीड़े हैं या नहीं? खरीदने से पहले इन आसान तरीकों से करें पहचान The post टमाटर के बिना भी बनेगी गाढ़ी ग्रेवी, बस इस चीज का करें इस्तेमाल appeared first on Naya Vichar.

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‘The OG Queen’ Aishwarya Rai फिर छाईं, पेरिस में बोल्ड लुक में दिखीं तो हॉलीवुड स्टार्स भी पड़े फीके

Aishwarya Rai Paris Fashion Week: पेरिस की चमकती गलियों में जब Hollywood के सितारे एक साथ नजर आए, तो कैमरों का फोकस अचानक एक चेहरे पर जाकर ठहर गया. ये चेहरा था Aishwarya Rai का. Bachchan Family की बहू ने अपने Bold अंदाज से एक बार फिर साबित कर दिया कि ग्लैमर की दुनिया में कुछ नाम वक्त के साथ पुराने नहीं होते, बल्कि और खास बनते जाते हैं. Paris में Aishwarya का लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस ने उन्हें ‘The OG Queen’ कहना शुरू कर दिया. खास बात ये रही कि Hollywood Stars के बीच भी Aishwarya की मौजूदगी ने खूब सुर्खियां बटोरीं. एक्ट्रेस ने पेरिस फैशन वीक में लोरियल पेरिस के ‘Le Défilé’ शो में रैंप वॉक किया. शो की थीम ‘वाक योर वर्थ’ रखी गई थी. ऐश्वर्या का OG अवतार पेरिस फैशन वीक के रैंप पर ऐश्वर्या राय बच्चन का लुक बेहद खास रहा. एक्ट्रेस ने ब्लैक वेलवेट गाउन पहना था, जिसके साथ एक शानदार फ्लोर लेंथ केप था. इस आउटफिट में क्रिस्टल डिटेलिंग की गई थी, जो रैंप पर चलते हुए उन्हें एक अलग ही अंदाज दे रही थी. उनके लुक की सबसे खास बात उनका नया हेयर कलर भी रहा. ऐश्वर्या डीप बरगंडी यानी रेड शेड के बालों में नजर आईं. बोल्ड रेड लिप्स और उनकी सिग्नेचर आई मेकअप ने उनके लुक को और खास बना दिया. The post ‘The OG Queen’ Aishwarya Rai फिर छाईं, पेरिस में बोल्ड लुक में दिखीं तो हॉलीवुड स्टार्स भी पड़े फीके appeared first on Naya Vichar.

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BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, बढ़ाए गए 932 सीट, आयोग ने जारी किया नोटिफिकेशन

BPSC TRE-4 Seat: बीपीएससी की ओर से टीआरई-4 को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है. इसके मुताबिक टोटल 932 सीटें बढ़ा दी गईं हैं. बीपीएससी टीआरई-4 के लिए अभ्यर्थियों से 25 सितंबर से ही आवेदन लिए जा रहे हैं. 26 अक्टूबर तक आवेदन लिए जायेंगे. इस तरह से अभ्यर्थियों को खुशसमाचारी मिल गई है. बीपीएससी से जारी किए गए नोटिफिकेशन में क्या? बीपीएससी की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन में यह बताया गया कि विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE – 4.0) के तहत विद्यालय अध्यापक के टोटल 32,388 पदों पर नियुक्ति के लिए जो विज्ञापन जारी किया गया था, उसमें माध्यमिक विद्यालय में विद्यालय अध्यापक के टोटल 493 पदों और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विद्यालय अध्यापक के टोटल 439 रिक्त पदों को सम्मिलित किया जाता है. कहां कितने पद बढ़ाए गए? नोटिफिकेशन में यह भी बताया गया कि पदों से जुड़ी ज्यादा जानकारी आयोग के आधिकारिक वेबसाइट www.bpsc.bihar.gov.in पर जाकर ले सकते हैं. पहले क्लास 9 से 10 तक में 3,877 पद थे, जो बढ़कर 4,370 हो गए हैं. जबकि 11 से 12 तक में 16,101 पद थे, जो बढ़कर 16,540 हो गए हैं. इसके अलावा क्लास 1 से 5 तक में 3,847 पदों और क्लास 6 से 8 तक में 8,563 पदों पर भर्ती होगी. आवेदन के लिए जानिए योग्यता योग्यता की बात करें तो, क्लास 1 से 5 तक के लिए सीटीईटी पेपर-1 या बीटीईटी पेपर-1 पास होना जरुरी है. क्लास 6 से 8 तक के लिए सीटीईटी पेपर-2 या बीटीईटी पेपर-2 पास होना जरुरी है. क्लास 9 से 10 और 6 से 10 तक के लिए एसटीईटी पेपर- 1 पास होना जरुरी है. इसी तरह से क्लास 11 और 12 तक के लिए एसटीईटी पेपर-2 पास होना जरुरी है. आयु सीमा की बात करें तो, अधिकतम आयु 37 साल है. लेकिन पिछड़ा वर्ग/अत्यंत पिछड़ा वर्ग (पुरुष और स्त्री) और अनारक्षित स्त्री 40 साल एससी, एसटी (पुरुष और स्त्री) 42 साल है. Also Read: यात्रियों को राहत: बिहार के लिए 4 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का बढ़ा परिचालन, अब दिसंबर तक मिलेगी सुविधा The post BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों के लिए खुशसमाचारी, बढ़ाए गए 932 सीट, आयोग ने जारी किया नोटिफिकेशन appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के दिहाड़ी मजदूरों को मिलेंगे 1-1 लाख रुपए, 25 साल पुराने बकाये पर SC का आदेश

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह आदेश बिहार के पुनर्गठन और उसके बाद झारखंड के गठन से जुड़े करीब 25 साल पुराने कर्मचारियों के बकाया मामले में दिया. मामला बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के बाद पांच अंतर-राज्यीय प्रशासनी निगमों के कर्मचारियों और श्रमिकों के बकाया तथा अन्य सेवा संबंधी दावों से जुड़ा है. इन पांच निगमों के कर्मचारियों से जुड़ा है मामला मामला बिहार राज्य निर्माण निगम लिमिटेड, बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड, बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम लिमिटेड, बिहार राज्य वन विकास निगम लिमिटेड और बिहार राज्य पंचायती राज वित्त निगम लिमिटेड के कर्मचारियों और श्रमिकों से संबंधित है. झारखंड के अलग राज्य बनने के बाद इन निगमों की देनदारियों और कर्मचारियों के सेवा संबंधी दावों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था. इस मामले की सुनवाई पहले भी सुप्रीम कोर्ट में हुई थी. दिहाड़ी मजदूरों के बकाये की गणना पर कोर्ट की टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने दिहाड़ी मजदूरों के बकाये की गणना के लिए 1992 से 42.50 रुपये प्रतिदिन की एक समान दर अपनाने की राज्य की गणना को स्वीकार नहीं किया. अदालत ने कहा कि केवल इस आधार पर कि संबंधित कर्मचारी दिहाड़ी मजदूर थे, उनकी सेवा के अलग-अलग समय में लागू मजदूरी को नजरअंदाज करके बकाये की गणना नहीं की जा सकती. कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक 42.50 रुपये प्रतिदिन की एक समान दर को आधार बनाकर बकाये की गणना करना उचित और न्यायसंगत नहीं माना जा सकता. EPF और वेतन के बकाये पर ब्याज का भी आदेश सुप्रीम कोर्ट ने बिहार और झारखंड को देरी से किए गए EPF भुगतान पर 12 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज देने का निर्देश दिया है. वहीं, देरी से दिए गए वेतन, मजदूरी और अन्य मौद्रिक बकाये पर 6 प्रतिशत सालाना साधारण ब्याज देने को कहा है. यह ब्याज उस तारीख से देय होगा, जिस दिन संबंधित राशि का भुगतान होना था और वास्तविक भुगतान की तारीख तक लागू रहेगा. पहले भुगतान पा चुके कर्मचारियों को भी मिलेगा 1 लाख कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन पात्र दिहाड़ी कर्मचारियों और श्रमिकों को उनका बकाया पहले ही दिया जा चुका है, उन्हें भी संबंधित अवधि में काम करने की स्थिति में 1 लाख रुपये और लागू ब्याज मिलेगा. यह राशि उन्हें पहले मिल चुकी रकम के अतिरिक्त होगी. लापता या सत्यापन से बचे कर्मचारियों के लिए 12 महीने अदालत ने कहा कि ऐसे कर्मचारी या श्रमिक, जिनका पता नहीं चल पाया है या जिनका सत्यापन नहीं हुआ है, अथवा उनके कानूनी उत्तराधिकारी, संबंधित निगम के नोडल अधिकारी के पास संपर्क कर सकते हैं. ऐसे लोगों को आदेश की तारीख से 12 महीने के भीतर जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना दावा पेश करने की अनुमति दी गई है. सत्यापन के बाद जो राशि देय होगी, उसका भुगतान कानून के अनुसार किया जाएगा. बिहार और झारखंड को चार सप्ताह में जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों को कर्मचारियों और श्रमिकों से संबंधित अद्यतन जानकारी सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया है. इसमें उन कर्मचारियों की जानकारी शामिल होगी, जिन्हें बकाया का भुगतान हो चुका है या जिनकी देनदारी समाप्त हो चुकी है, साथ ही उन लोगों की जानकारी भी होगी जिनके दावे अभी लंबित हैं. भुगतान किए जा चुके दावों के संबंध में नाम, पद, सेवा अवधि, देय राशि, भुगतान की गई राशि और भुगतान की तारीख जैसी जानकारी प्रकाशित करनी होगी. लंबित दावों के मामले में उनके लंबित रहने का कारण और आवश्यक दस्तावेजों या प्रक्रिया की जानकारी भी देनी होगी. अदालत ने दोनों राज्यों को यह जानकारी अपनी संबंधित आधिकारिक वेबसाइटों पर चार सप्ताह के भीतर प्रकाशित करने और बाद में सत्यापन तथा भुगतान की स्थिति के अनुसार उसे अपडेट करने का निर्देश दिया है. ये भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, पद से हटाने की मांग; जल्द होगी सुनवाई The post बिहार के दिहाड़ी मजदूरों को मिलेंगे 1-1 लाख रुपए, 25 साल पुराने बकाये पर SC का आदेश appeared first on Naya Vichar.

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सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग पर मानहानि का केस ठोका,कहा-यह केस मेरे कार्यकाल का मूल्यांकन करेगा

निशिकांत दुबे ने अपने पोस्ट में बताया है कि उन्होंने पटियाला कोर्ट, दिल्ली और दिल्ली हाईकोर्ट में 2 करोड़ के आपराधिक मानहानि का केस पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग पर कर दिया. उन्होंने लिखा है कि अब फैसला कोर्ट ही करेगा, पिछले 18 साल के मेरे संसदीय कार्यकाल का मूल्यांकन भी यह केस करेगा. सांसद ने की दो करोड़ रुपए हर्जाने की मांग निशिकांत दुबे ने दिल्ली हाईकोर्ट में जो केस दर्ज कराया है, उसमें उन्होंने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग से दो करोड़ रुपए हर्जाने की मांग की है. पूर्व वित्त सचिव ने कथित तौर पर सांसद निशिकांत दुबे को ब्लैकमेल करने वाला इंसान कहा था. गर्ग ने यह भी कहा था कि निशिकांत दुबे अपना काम करवाने के लिए लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के चेयरमैन पर दबाव डालने उनके ऑफिस आए थे. बदनाम करने के इरादे से लगाए गए आरोप सांसद निशिकांत दुबे ने सुभाष गर्ग के आरोपों को झूठा बताया है और यह कहा है कि उन्हें बदनाम करने के इरादे से इस तरह के आरोप लगाए गए हैं. विवाद तब और बढ़ा जब सुभाष गर्ग ने पहली तिमाही के लिए केंद्र के बताए गए 7.8% जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े पर सबके सामने सवाल उठाया था. इतना ही नहीं सुभाष गर्ग ने एक पॉडकास्ट में भी सांसद निशिकांत दुबे पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए थे. निशिकांत दुबे ने गर्ग के ऑफिस जाने से इनकार किया और सुभाष गर्ग पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया. इसके बाद निशिकांत दुबे ने सुभाष गर्ग को एक लीगल नोटिस भेजा, जिसमें बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई थी. गर्ग ने लीगल नोटिस का जवाब भेजा, इसके बाद निशिकांत दुबे ने मानहानि का केस फाइल किया है. ये भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, पद से हटाने की मांग; जल्द होगी सुनवाई The post सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग पर मानहानि का केस ठोका,कहा-यह केस मेरे कार्यकाल का मूल्यांकन करेगा appeared first on Naya Vichar.

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Swara Bhaskar की बर्बादी की कहानी: Talent था, मौके थे, पहचान थी, फिर ऐसा क्या हुआ कि Actress कम और Controversy ज्यादा बन गईं?

एक वक्त था जब Swara Bhaskar को देखकर लगता था कि बॉलीवुड को एक ऐसी अभिनेत्री मिल गई है जो हीरोइन बनने की रेस में नहीं है, बल्कि किरदार को अपनी पहचान बनाने आई है. ‘तनु वेड्स मनु ’ में पायल, ‘रांझणा’ में बिंदिया, ‘नील बटे सन्नाटा’ में चंदा और ‘अनारकली ऑफ आरा’ की अनारकली… Swara ने ऐसे किरदार चुने जिन्हें बड़ी-बड़ी अभिनेत्रियां शायद हाथ लगाने से भी बचतीं. ‘Anaarkali of Aarah’ में तो उनके साथ पंकज त्रिपाठी और संजय मिश्रा जैसे कलाकार भी थे और फिल्म को Swara के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना गया. यानी शुरुआत में Swara की USP साफ थी- unconventional roles, बेबाक अभिनय और ऐसी लड़की जो ग्लैमर की बजाय character के दम पर जगह बना रही थी. फिर Swara की पॉपुलेरिटी बढ़ी. और इसी दौर में उनकी जिंदगी में Sonam Kapoor आईं. ‘Raanjhanaa’ के सेट पर शुरू हुई दोस्ती आगे चलकर इतनी गहरी हुई कि Swara ने खुद माना कि Sonam की दोस्ती ने उन्हें Bollywood के A-list inner circle से परिचित कराया. ‘Veere Di Wedding’ तक आते-आते दोनों की दोस्ती खुद एक मीडिया स्टोरी बन चुकी थी. यहीं से Swara की कहानी में एक दूसरा Swara दिखने लगा. एक तरफ actress Swara थीं, जिनके पास दमदार किरदार थे. दूसरी तरफ public personality Swara थीं, जो अपनी राय को लेकर increasingly मुखर होती जा रही थीं. और धीरे-धीरे उनकी acting से ज्यादा उनकी opinions headline बनने लगीं. फिर आया ‘Veere Di Wedding’ का दौर. एक masturbation scene ने Swara को trolls के निशाने पर ला दिया. पाकिस्तान, feminism, politics और तमाम सामाजिक मुद्दों पर उनके बयान लगातार बहस का हिस्सा बनने लगे. Sonam Kapoor तक को उनके बचाव में सामने आना पड़ा. यानी Swara ने जो popularity अपने unconventional roles से कमाई थी, अब वही popularity controversy को भी amplify करने लगी. और Bollywood की सबसे बड़ी विडंबना यही है. यहां actress का opinion उसकी personality का हिस्सा हो सकता है, लेकिन producer के लिए वह कभी-कभी project का risk भी बन जाता है. Swara ने खुद 2022 में दावा किया था कि उनके political statements की वजह से उन्हें काम मिलने में नुकसान हुआ. उन्होंने बताया था कि लोगों ने उनसे कहा कि filmmakers उन्हें cast करने से डरते हैं. फिर ‘Padmaavat’ पर उनका Sanjay Leela Bhansali को लिखा खुला पत्र आया. Swara ने फिल्म के jauhar scene पर सवाल उठाया था. सालों बाद 2026 में उन्होंने खुद कहा कि उस letter ने उनके career को नुकसान पहुंचाया. यानी जिस बेबाकी को कभी उनकी ताकत माना गया था, वही बेबाकी उनके career की कीमत बनती चली गई. अब यहां से सवाल सिर्फ यह नहीं है कि Swara को काम क्यों नहीं मिला. सवाल यह है कि क्या Swara ने खुद अपनी सबसे बड़ी ताकत को अपने career की सबसे बड़ी कमजोरी बनने दिया? क्योंकि एक समय था जब लोग पूछते थे- Swara की अगली फिल्म कौन-सी है? फिर सवाल बदल गया- Swara ने इस बार क्या बोल दिया? और फिर धीरे-धीरे एक और बदलाव आया. Swara की पहचान उनके किरदारों से ज्यादा उनके trolls से होने लगी. विडंबना देखिए, जिस actress ने अपनी पहचान भीड़ से अलग खड़े होकर बनाई थी, वही धीरे-धीरे सोशल मीडिया की भीड़ में अपनी एक्टिंग identity खोती चली गई. फिर जिंदगी में एक और chapter आया- शादी और नेतृत्व. Swara ने Fahad Ahmad से शादी की और बाद में उनके नेतृत्वक सफर में भी सक्रिय रूप से उनके साथ नजर आईं. 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में फहाद अहमद Anushakti Nagar से चुनाव लड़े, लेकिन Sana Malik से 3,378 वोटों से हार गए. यानी फिल्मों में करियर का ग्राफ पहले ही संघर्ष कर रहा था और नेतृत्व का यह चैप्टर भी चुनावी जीत में नहीं बदल पाया. लेकिन Swara की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. बल्कि TV और reality space ने उस Swara को पहचान लिया जिसे Bollywood शायद धीरे-धीरे ‘इग्नोर’ करने लगा था. वह Swara जिसे कभी ‘Anaarkali of Aarah’ के दमदार अभिनय के लिए याद किया जाता था, अब reality television में अपनी controversial public image के साथ दिखाई देने लगीं. 2025 में ‘Pati Patni Aur Panga’ से लौटते हुए खुद Swara ने माना कि Twitter पर उनकी ‘bad reputation’ है और उन्होंने यह भी कहा कि लोग उन्हें projects के लिए ‘too controversial’ मानते हैं. यानी irony पूरी है. जिस controversy ने फिल्मों में उनके लिए दरवाजे मुश्किल किए, वही controversy television के लिए एक selling point बन गई. आज Swara के career को देखकर सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि वह talented थीं या नहीं. वह थीं. सवाल यह है कि क्या उन्होंने अपने talent को अपनी सबसे बड़ी पहचान बनने दिया? क्योंकि एक समय Swara Bhaskar वह एक्ट्रेस थीं, जो A लिस्ट एक्ट्रेस के बीच अपनी जगह बना सकती थीं. आज उनकी चर्चा अक्सर इस बात पर ज्यादा होती है कि उन्होंने क्या कहा, किससे भिड़ीं, किस कंट्रोवर्सी में फंसीं और किस reality show में नजर आईं. एक actress के लिए इससे बड़ी career irony शायद ही कोई हो. कभी Swara किरदारों की वजह से समाचार बनती थीं. फिर Swara खुद समाचार बन गईं. और शायद यहीं से उनके career की असली गिरावट शुरू हुई. ये भी पढ़ें: Vvan Review: ये कौन सा बिहार दिखा रहे हैं Arunabh? छठ को समझा नहीं, बस बेचने की कोशिश कर दी… The post Swara Bhaskar की बर्बादी की कहानी: Talent था, मौके थे, पहचान थी, फिर ऐसा क्या हुआ कि Actress कम और Controversy ज्यादा बन गईं? appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: IAS की नौकरी छोड़ी, अब राजनीति में उतरेंगी दिव्या मित्तल; बोलीं- किसी पार्टी का नहीं लूंगी साथ

उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी अगली पारी को लेकर तस्वीर साफ कर दी है. प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अब वह नेतृत्व में कदम रखने जा रही हैं. हालांकि, उन्होंने साफ कहा है कि वह किसी नेतृत्वक दल में शामिल नहीं होंगी. उन्होंने उत्तर प्रदेश से अपनी नेतृत्वक यात्रा शुरू करने की बात कही है. दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर करके अपने अगले कदम का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि उनकी नेतृत्व का मकसद आम लोगों के मुद्दों और उनकी आवाज को सामने लाना होगा. उनका कहना है कि वह लोगों के साथ मिलकर ऐसा नेतृत्वक मंच खड़ा करना चाहती हैं, जिसका आधार जनता के सवाल और समस्याएं हों. यूपी से ही शुरू करेंगी नई नेतृत्वक पारी दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि वह यहीं से नेतृत्व की शुरुआत करेंगी. उन्होंने कहा कि एक अधिकारी के तौर पर जब वह उत्तर प्रदेश आई थीं, तब यहां के लोगों ने उन्हें परिवार का हिस्सा माना. इसी वजह से उन्होंने अपनी नई नेतृत्वक यात्रा के लिए भी यूपी को चुना है. 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद दिया था इस्तीफा दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं. उन्होंने 30 अगस्त 2026 को प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की थी. उनके मुताबिक, इस्तीफे के पीछे निजी और पारिवारिक कारण थे. उनका इस्तीफा 15 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ. लोग पूछ रहे थे- आगे क्या करेंगी? IAS छोड़ने के बाद दिव्या मित्तल के अगले कदम को लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं. किसी ने उनके विदेश लौटने, किसी ने कोचिंग से जुड़ने तो किसी ने नेतृत्व में आने की संभावना जताई थी. दिव्या ने खुद 27 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इन चर्चाओं का जिक्र किया था और कहा था कि 29 सितंबर को वह अपने अगले कदम का खुलासा करेंगी. बोलीं- आम लोगों की आवाज बनना चाहती हूं दिव्या मित्तल ने कहा कि नेतृत्व उनके लिए सिर्फ किसी पद तक पहुंचने का माध्यम नहीं होगी. वह उन लोगों की आवाज उठाना चाहती हैं, जिनकी समस्याएं प्रशासनी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पातीं या पहुंचने के बाद भी उनका समाधान नहीं हो पाता. उन्होंने कहा कि देश में आज भी कई बुनियादी समस्याएं मौजूद हैं और इनका समाधान जरूरी है. मिर्जापुर की स्त्री का सुनाया अनुभव अपने प्रशासनिक कार्यकाल का अनुभव साझा करते हुए दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर के लहुरियादह इलाके की एक स्त्री का उदाहरण दिया. उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में पानी पहुंचाने के काम के निरीक्षण के दौरान स्त्री उनके पास आई थी. उन्हें लगा कि स्त्री पेंशन, आवास या पानी जैसी सुविधा की मांग करेगी, लेकिन उसने गांव में स्कूल को पांचवीं कक्षा से आगे बढ़ाने की मांग रखी. स्कूल को मंजूरी मिली, फिर भी तीन साल तक नहीं बना दिव्या मित्तल के मुताबिक, गांव में पांचवीं के बाद बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में दिक्कत थी. उन्होंने स्कूल से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी ली और बताया कि स्कूल को मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन तीन साल बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो पाया था. उन्होंने इसे व्यवस्था में मौजूद जवाबदेही से जुड़ा सवाल बताया. युवाओं और पेपर लीक का भी किया जिक्र पूर्व IAS अधिकारी ने युवाओं की शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को भी अपने संबोधन में जगह दी. उन्होंने पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि छात्र वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी होने से उनकी मेहनत प्रभावित होती है. इसके अलावा उन्होंने AI के बढ़ते इस्तेमाल और भविष्य में रोजगार पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जाहिर की. नेतृत्व को लेकर पहले भी लगते रहे थे कयास दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद से ही उनके नेतृत्व में आने की अटकलें लग रही थीं. सितंबर में उनके इस्तीफे को लेकर नेतृत्वक चर्चाएं भी सामने आई थीं, हालांकि उस समय उन्होंने नेतृत्व में आने की बात से इनकार किया था. अब 29 सितंबर को जारी अपने वीडियो में उन्होंने नेतृत्व में आने की घोषणा कर दी है, लेकिन किसी नेतृत्वक दल से जुड़ने से इनकार किया है. ये भी पढ़ें: राजस्थान मौसम: मानसून की विदाई के बीच आज इन इलाकों में बारिश के आसार, जानें जयपुर का हाल The post VIDEO: IAS की नौकरी छोड़ी, अब नेतृत्व में उतरेंगी दिव्या मित्तल; बोलीं- किसी पार्टी का नहीं लूंगी साथ appeared first on Naya Vichar.

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Honda Activa चलाकर भर गया मन? अपग्रेड के लिए ये 3 स्कूटर्स हैं सबसे परफेक्ट ऑप्शन, कीमत 68,750 से शुरू

देश के ऑटो मार्केट में दिन-प्रतिदिन स्कूटर की डिमांड बढ़ती जा रही है. एक से बढ़कर एक बेहतर स्कूटर्स मार्केट में उपलबद्ध हैं. होंडा एक्टिवा चलाकर अगर आपका मन भर चुका है और आप एक बेहतर स्कूटर की तलाश में हैं. तो आज हम आपको बाजार में मौजूद तीन ऐसे बेहतरीन ऑप्शंस के बारे में बताएंगे जो आपके लिए परफेक्ट साबित हो सकते हैं. इन स्कूटर्स की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 68,150 रुपये से शुरू होती है और ये सभी बेहतरीन फीचर्स के साथ आते हैं. TVS Jupiter 110 टीवीएस जुपिटर हिंदुस्तानीय बाजार में होंडा एक्टिवा का सबसे मजबूत और कड़ा मुकाबला करने वाला स्कूटर माना जाता है. इसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत लगभग 76,625 रुपये से शुरू होती है. आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इस स्कूटर में दमदार इंजन के साथ बेहतरीन माइलेज और आधुनिक फीचर्स मिलते हैं. इसमें मिलने वाला एक्सटर्नल फ्यूल फिलिंग का विकल्प इसे और भी ज्यादा सुविधाजनक बनाता है जिससे बार-बार सीट खोलने की जरूरत नहीं पड़ती है. इसके अलावा इसमें बड़ा बूट स्पेस, आरामदायक सीट और शानदार राइडिंग अनुभव मिलता है जो डेली के सफर को बेहद आसान बना देता है. Hero Destini 110 हीरो डेस्टिनी 110 उन लोगों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है जो अधिक पावर और बेहतर परफॉर्मेंस की तलाश में हैं. इस स्कूटर की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत लगभग 75,600 रुपये से शुरू होती है. हीरो की आधिकारिक साइट के अनुसार इसमें 110.9 सीसी का दमदार इंजन दिया गया है जो शानदार टॉर्क और पावर जनरेट करता है. इसमें मेटल बॉडी, डिजि-एनलॉग स्पीडोमीटर, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और i3s आइडल स्टार्ट-स्टॉप तकनीक जैसे आधुनिक फीचर्स मिलते हैं जो ईंधन की बचत करने में मदद करते हैं. इसका क्लासिक लुक और मजबूत बनावट इसे परिवार के लिए एक परफेक्ट और भरोसेमंद स्कूटर बनाती है. ये भी पढ़ें: एक बार चार्ज करने पर 187 km की रेंज, 3.1 सेकेंड में 0-40 किमी की रफ्तार, कीमत ₹80 हजार से भी कम, अब तक करीब 1.5 लाख लोगों ने खरीदा ये इलेक्ट्रिक स्कूटर TVS Zest 110 टीवीएस जेस्ट 110 खासकर हल्के वजन, बेहतरीन हैंडलिंग और बजट फ्रेंडली स्कूटर चाहने वाले ग्राहकों के लिए एक शानदार विकल्प है. इसकी शुरुआती एक्स शोरूम कीमत लगभग 68,150 रुपये से शुरू होती है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह स्कूटर स्त्रीओं और शहर में रोजाना आने-जाने वाले राइडर्स के लिए बहुत आरामदायक है क्योंकि इसका वजन कम है और इसकी सीट हाइट भी काफी कम है. इसमें एलईडी टेल लैंप, यूएसबी चार्जिंग पोर्ट और 19 लीटर का अंडर सीट स्टोरेज स्पेस मिलता है जो जरूरत का सामान रखने के लिए पर्याप्त होता है. कम कीमत में बेहतरीन फीचर्स चाहने वालों के लिए यह एक आदर्श ऑप्शन है. ये भी पढ़ें: सिंगल चार्ज में 161km की रेंज, 10 साल की बैटरी वारंटी; 10 मिनट की चार्जिंग में 30km दौड़ेगा Ather का ये इलेक्ट्रिक स्कूटर क्यों खरीदें होंडा एक्टिवा के बदले ये तीनों स्कूटर्स? अगर आप होंडा एक्टिवा के पुराने डिजाइन और सामान्य फीचर्स से उब चुके हैं. तो इन तीनों स्कूटर्स में आपको कई एडवांस्ड खूबियां मिल जाती हैं. टीवीएस जुपिटर आपको बेहतर माइलेज और एक्सटर्नल फ्यूल फिलिंग जैसी सुविधा देता है. वहीं हीरो डेस्टिनी 125 आपको अधिक पावरफुल इंजन और आधुनिक टेक्नोलॉजी का अनुभव कराता है. इसके अलावा टीवीएस जेस्ट 120 कम बजट में हल्का और आसानी से हैंडल होने वाला स्कूटर चाहने वालों के लिए बेस्ट है. इन सभी स्कूटर्स की कीमत और उनके शानदार फीचर्स इन्हें एक्टिवा के मुकाबले एक बेहतरीन अपग्रेड बनाते हैं. The post Honda Activa चलाकर भर गया मन? अपग्रेड के लिए ये 3 स्कूटर्स हैं सबसे परफेक्ट ऑप्शन, कीमत 68,750 से शुरू appeared first on Naya Vichar.

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Video : POK में आर-पार की लड़ाई का ऐलान, LOC के पास जुटे 25 हजार लोगों ने कहा- हम भारत में…

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POK) में जारी आंदोलन अब नियंत्रण रेखा LOC के करीब पहुंच गया है. मंधोल इलाके में आयोजित एक सभा में हजारों लोग जुटे हुए हैं. आयोजकों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक करीब 25 हजार लोगों की भीड़ जुटी हुई हैं. मंधोल LOC से करीब 7 किलोमीटर दूर है. प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान प्रशासन और सेना के खिलाफ नारे लगाए और हिंदुस्तान की ओर जाने वाली पुंछ-मेंढर रास्ते को खोलने की मांग कर रहे हैं. आर-पार की लड़ाई का ऐलान जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी प्रमुख भूमिका निभा रही है. संगठन लंबे समय से POK में बिजली की कीमत, जरूरी सामान की कीमत, रोजगार, नेतृत्वक प्रतिनिधित्व और शासन से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ने प्रदर्शन के कारण प्रशासन ने पीओके की सप्लाई लाइन को काट दिया है. जिसके कारण लोगों को दिक्कत हो रही है. लोगों के पास आटा और खाने का सामान नहीं है. 5 जून से पीओके में जारी आंदोलन के 5 जून से शुरू हुए इस आंदोलन के दौरान कई इलाकों में प्रदर्शन और सुरक्षा बलों के साथ तनाव की समाचारें सामने आई हैं. लेकिन सोमवार को 115 वें दिन मंधोल के इलाके में खासी गहमागहमी देखी गई. मंधोल की सभा में जेएएसी से जुड़े नेता सरदार अमान खान ने एलओसी को लेकर भीड़ के सामने पाकिस्तान प्रशासन और सेना को लेकर सवाल उठाया और उन्होंने पुंछ और मेंढर की तरफ जाने वाले रास्ते को खोलने और एलओसी की मौजूदा व्यवस्था को खत्म करने की मांग की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों में शामिल कई लोगों ने हिंदुस्तान के साथ जुड़ने की इच्छा जताई हैं. देखिए वीडियो.. पीओके में क्या है नेतृत्वक स्थिति ? जानकारी के लिए बता दें कि जारी आंदोलन और लोगों के विरोध के बावजूद POK में चुनाव हुए. चुनाव कई चरणों में कराए गए और पहले चरण में 27 जुलाई को मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों पर मतदान हुआ. बाद के चरणों में दूसरे इलाकों में मतदान हुआ. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने चुनाव में मजबूत प्रदर्शन किया और इफ्तिखार गिलानी पीओके के प्रधानमंत्री बने. फिलहाल मंधोल में जुटी भीड़ ने आंदोलन को एलओसी के करीब पहुंचाकर इसे नया नेतृत्वक और सुरक्षा मुद्दा बना दिया है. आगे हालात किस दिशा में जाएंगे, यह प्रदर्शनकारियों की अगली रणनीति और पाकिस्तान प्रशासन की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा. ये भी पढ़ें: सऊदी के साथ समझौते पर PAK ने दी सफाई, मक्का पर हमले को लेकर कहा-मुसलमान ऐसा करने की हिम्मत… मुनीर के सामने पीओके की चुनौती, आगे क्या होगा? पीओके में बढ़ता असंतोष अब पाकिस्तान की सत्ता और सेना के लिए बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है. आंदोलन के दबाव के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि पाकिस्तान की सेना हालात को नियंत्रित करने के लिए किस हद तक हस्तक्षेप करेगी. दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय अधिकारों से जुड़े सवाल भी महत्वपूर्ण हैं. अगर मौजूदा आंदोलन लगातार मजबूत होता है और स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ती है, तो पीओके की नेतृत्वक स्थिति पर बहस और तेज हो सकती है.  The post Video : POK में आर-पार की लड़ाई का ऐलान, LOC के पास जुटे 25 हजार लोगों ने कहा- हम हिंदुस्तान में… appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में गंडक का रौद्र रूप, चंपारण तटबंध टूटा, 4 जिलों में बाढ़ का संकट, बगहा में SP ऑफिस तक डूबा

Bihar Flood Alert: उत्तर बिहार में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ गए हैं. पश्चिम चंपारण में सोमवार देर रात चंपारण तटबंध टूट गया. खैरटवा के पास तटबंध टूटने से आसपास के इलाकों में पानी फैलने लगा. कई गांवों में अफरातफरी मच गई. लोग रात में ही सामान समेटकर सुरक्षित जगहों की ओर जाने लगे. वाल्मीकिनगर गंडक बराज से मंगलवार सुबह 8 बजे 1,91,200 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. खैरटवा के पास तटबंध में टूटान रतवल-चखनी मुख्य मार्ग पर खैरटवा के पास चंपारण तटबंध टूट गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, टूटान करीब 150 फीट का है. पानी तेजी से निचले इलाकों की ओर फैल रहा है. वहीं, जल संसाधन विभाग के अनुसार खैरटवा गांव में तटबंध के 4 किमी पर करीब 10 मीटर लंबाई में माइनर ब्रीच हुआ है. विभाग के मुताबिक, पानी खेतों में फैल रहा है. आगे यह चंपारण तटबंध के 9.50 किमी पर फिर गंडक नदी में मिल जाएगा. छह पंचायतों के गांवों में अफरातफरी तटबंध टूटने की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों में दहशत फैल गई. चखनी, राजावटिया, सिंगाड़ी पिपरिया, चंद्रपुर, रतवल और पतिलार पंचायत के कई गांव प्रभावित हैं. लोग जरूरी सामान समेटकर ऊंची जगहों पर जाने लगे. ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था. इससे तटबंध पर पानी का दबाव बना हुआ था. तटबंध टूटने के बाद रतवल-चखनी मुख्य मार्ग पर आवागमन भी ठप हो गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की है. बताया जा रहा है कि पिछले साल भी इसी जगह गंडक का चंपारण तटबंध टूटा था. तब भी इलाके में भारी नुकसान हुआ था. बगहा में फ्लड लेवल से ऊपर पहुंचा पानी जल संसाधन विभाग के अनुसार, बगहा के पास गंडक नदी का जलस्तर अब तक के उच्चतम फ्लड लेवल 90.90 मीटर से करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. इसके कारण तटबंध पर दबाव बढ़ा. विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है. तटबंध की मरम्मत का काम शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है. पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. NH-727 को फिलहाल बड़ा खतरा नहीं तटबंध टूटने से बगहा-1 प्रखंड के अगस्तिया, खैरटवा और चंद्रपुर के निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका है. इससे कई जगहों की संपर्कता प्रभावित हो सकती है. राष्ट्रीय राजमार्ग-727 यहां से करीब तीन किलोमीटर दूर है. जल संसाधन विभाग के अनुसार, हाईवे पर बड़े पैमाने पर असर की संभावना नहीं है. संबंधित इलाके में गंडक नदी का बहाव घट रहा है. बगहा शहर के 9 वार्डों में घुसा पानी गंडक का पानी बगहा शहर में भी प्रवेश कर गया है. सोमवार को शहर के नौ वार्ड बाढ़ की चपेट में आ गए. बगहा SP कार्यालय, पुलिस लाइन और किसान भवन भी पानी में डूब गए. बगहा-बेतिया और बगहा-वाल्मीकिनगर सड़क पर पानी भर गया है. इससे आवागमन बाधित है. कई जगह लोग नाव के सहारे आवाजाही कर रहे हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें पूर्वी चंपारण से सारण तक असर गंडक की बाढ़ का असर दूसरे जिलों में भी दिख रहा है. पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर और अरेराज के कई गांवों में पानी भर गया है. गोपालगंज में सदर प्रखंड के चार गांवों की सड़कें डूब गई हैं. दियारा इलाके के कई स्कूल भी पानी से घिर गए हैं. सारण जिले में भी बाढ़ से नुकसान हुआ है. यहां करीब 50 एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद होने की जानकारी है. चार जिलों में बढ़ी परेशानी गंडक की बाढ़ से पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण प्रभावित हैं. तटीय इलाकों में घरों और फसलों को नुकसान पहुंचा है. पश्चिम चंपारण में तटबंध टूटने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है. प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर निगरानी कर रही हैं. लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है. Also Read: बिहार से अब विदा होने लगा मानसून, बारिश थमेगी तो बढ़ेगा पारा, जानें 4 अक्टूबर तक के मौसम का हाल The post बिहार में गंडक का रौद्र रूप, चंपारण तटबंध टूटा, 4 जिलों में बाढ़ का संकट, बगहा में SP ऑफिस तक डूबा appeared first on Naya Vichar.

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