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WhatsApp स्टेटस पर अब डाल सकेंगे म्यूजिक, Instagram वाला फीचर जानें कैसे करें इस्तेमाल

WhatsApp Music Status Update: व्हॉट्सऐप ने अपने यूजर्स के लिए एक नया और रोमांचक फीचर लॉन्च किया है, जिससे वे अपने स्टेटस अपडेट में सीधे गाने जोड़ सकेंगे. यह फीचर Instagram की तरह काम करेगा और यूजर्स को अपनी भावनाओं को म्यूजिक के जरिये व्यक्त करने की सुविधा देगा. कैसे काम करेगा यह नया फीचर? WhatsApp Music Status Update: WhatsApp के इस नए अपडेट के तहत यूजर्स को एक म्यूजिक लाइब्रेरी मिलेगी, जहां से वे अपने पसंदीदा गानों को चुनकर स्टेटस में जोड़ सकेंगे. इसके अलावा, यह सुविधा Spotify, Apple Music और अन्य म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लैटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट हो सकती है, जिससे यूजर्स सीधे उन प्लैटफॉर्म से गाने साझा कर सकेंगे. WhatsApp म्यूजिक स्टेटस का उपयोग कैसे करें? WhatsApp ओपन करें और Status सेक्शन पर जाएं“Add Music” या “Music Sticker” का ऑप्शन चुनेंउपलब्ध गानों की लिस्ट से कोई भी गाना सेलेक्ट करें या अपनी प्लेलिस्ट से जोड़ेंस्टेटस पर अन्य एफेक्ट्स और टेक्स्ट जोड़ें, फिर शेयर करें यह भी पढ़ें: WhatsApp के डिलीट किये गए मैसेज कैसे पढ़ें? लेटेस्ट ट्रिक्स की यहां मिलेगी जानकारी यह भी पढ़ें: टेक्नोलॉजी की अन्य समाचारें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें यह भी पढ़ें: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता 1 व्हाट्सऐप अकाउंट 2 फोन में यूज करने का तरीका, जानेगा तो लोग पूछेंगे- कैसे किया WhatsApp के इस फीचर के फायदे बेहतर एक्सप्रेशन: यूजर्स अपने मूड और फीलिंग्स को गानों के जरिए बेहतर तरीके से व्यक्त कर सकेंगेइंस्टाग्राम जैसा अनुभव: Instagram स्टोरीज की तरह, WhatsApp पर भी अब गानों के साथ स्टेटस अपडेट करना संभव होगासीधे म्यूजिक ऐप से इंटीग्रेशन: यदि यह Spotify या अन्य ऐप्स से जुड़ा होगा, तो यूजर्स को बाहर जाकर गाना ढूंढने की जरूरत नहीं होगी. WhatsApp म्यूजिक स्टेटस कब होगा उपलब्ध? फिलहाल यह फीचर iOS और Android के बीटा वर्जन में टेस्टिंग स्टेज पर है. उम्मीद है कि जल्द ही इसे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा. WhatsApp का यह नया अपडेट म्यूजिक लवर्स के लिए एक बेहतरीन फीचर साबित होगा. अब यूजर्स अपने स्टेटस को और अधिक इंटरैक्टिव और एक्सप्रेसिव बना सकेंगे. अगर आप भी इस फीचर को ट्राई करना चाहते हैं, तो अपने WhatsApp को अपडेट रखें और नये बदलाव का मजा लें! यह भी पढ़ें: WhatsApp Banned Accounts: क्यों बैन होता है कोई अकाउंट और कैसे बचें इससे? यह भी पढ़ें: आधा हिंदुस्तान नहीं जानता व्हाट्सऐप चैट अनलॉक करने का तरीका, जानेगा तो कहलाएगा स्मार्ट The post WhatsApp स्टेटस पर अब डाल सकेंगे म्यूजिक, Instagram वाला फीचर जानें कैसे करें इस्तेमाल appeared first on Naya Vichar.

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Indian Rich Migration: भारत में नहीं रहना चाहते 22% अमीर लोग, विदेश में बनाना चाहते हैं आशियाना

Indian Rich Migration: हिंदुस्तान में 22% अति धनाढ्य (सुपर रिच) लोग अब देश छोड़कर विदेश में बसने की योजना बना रहे हैं. इसके पीछे मुख्य वजह बेहतर लाइफ स्टाइल, कारोबार में आसानी और विदेशों में मिलने वाली विशेष सुविधाएं बताई जा रही हैं. अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देश इन अमीर हिंदुस्तानीयों के लिए पसंदीदा गंतव्य बन रहे हैं, जहां वे ‘गोल्डन वीजा’ योजना का लाभ उठाकर बसना चाहते हैं. सर्वेक्षण में सामने आई बड़ी सच्चाई हिंदुस्तान की अग्रणी संपत्ति प्रबंधन कंपनी कोटक प्राइवेट ने ईवाई (EY) के साथ मिलकर यह सर्वेक्षण किया, जिसमें 150 अति धनाढ्य व्यक्तियों को शामिल किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, हर पांच में से एक सुपर रिच व्यक्ति प्रवास की प्रक्रिया में है या जल्द ही विदेश बसने की योजना बना रहा है. हालांकि, इनमें से अधिकतर हिंदुस्तानीय अपनी नागरिकता बरकरार रखते हुए केवल स्थायी निवास के लिए अन्य देशों को चुन रहे हैं. विदेश जाने के पीछे की वजह रिपोर्ट के अनुसार, इन अमीर हिंदुस्तानीयों के विदेश जाने की सबसे प्रमुख वजहें हैं. बेहतर लाइफ स्टाइल: विदेशों में उच्च स्तरीय जीवन सुविधाओं की उपलब्धता. स्वास्थ्य सेवाएं: उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान पहुंच. शिक्षा: बच्चों के लिए उच्च शिक्षा के बेहतरीन अवसर. कारोबार की सुगमता: दो-तिहाई से अधिक लोगों ने व्यापार करने में आसानी को मुख्य कारण बताया. प्रवास को माना भविष्य का निवेश सर्वेक्षण में शामिल लोगों ने बताया कि विदेशों में बसने का निर्णय भविष्य में निवेश जैसा है. वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने के लिए विदेश जाना पसंद कर रहे हैं. साथ ही, अन्य देशों की आर्थिक स्थिरता और कारोबार करने के अनुकूल माहौल भी इन्हें अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. पूंजी के बाहर जाने को लेकर प्रशासन का रुख कोटक महिंद्रा बैंक की अध्यक्ष गौतमी गावनकर ने बताया कि हिंदुस्तान से बाहर बसने का मतलब पूंजी का बाहर जाना नहीं है. हिंदुस्तान में रहने वाले व्यक्ति को हर साल अधिकतम 2.5 लाख डॉलर ही बाहर भेजने की अनुमति है, जबकि प्रवासी हिंदुस्तानीयों के लिए यह सीमा 10 लाख डॉलर तक बढ़ जाती है. इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े. इसे भी पढ़ें: मोहम्मद शमी के जीजा और बहन मनरेगा मजदूर! खाते में आ रहा दनादन पैसा हिंदुस्तान से हर साल 25 लाख लोग जाते हैं विदेश हिंदुस्तान से हर साल लगभग 25 लाख हिंदुस्तानीय विदेशों में बसने के लिए जाते हैं. अब देश के अमीर और हाई-नेट वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) भी प्रवास की ओर बढ़ रहे हैं. यह दर्शाता है कि हिंदुस्तान में जीवन स्तर और व्यापार की सुगमता में अभी सुधार की जरूरत है, ताकि यह सुपर रिच लोगों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना रहे. इसे भी पढ़ें: 1 अप्रैल 2025 से बदलेंगे बैंकिंग और टैक्स नियम, जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर The post Indian Rich Migration: हिंदुस्तान में नहीं रहना चाहते 22% अमीर लोग, विदेश में बनाना चाहते हैं आशियाना appeared first on Naya Vichar.

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ट्रेन में महिला यात्री का 15 लाख रुपये का बैग चोरी, संदिग्ध गिरफ्तार

आसनसोल. कोलकाता की रहने वाली एक स्त्री 25 जनवरी को राजेंद्र नगर-हावड़ा एक्सप्रेस के एसी टू-टियर कोच में सफर कर रही थी. यात्रा के दौरान आसनसोल और बर्दवान के बीच किसी अज्ञात चोर ने उसका लेडिज बैग चोरी कर लिया. स्त्री के अनुसार, बैग में सोने के गहने और दो लाख रुपये नगद समेत कुल 15 लाख रुपये का सामान था. इस घटना के बाद स्त्री ने हावड़ा जीआरपी में शिकायत दर्ज करायी. रेलवे पुलिस ने शुरू की जांच शिकायत के बाद पूर्व रेलवे मुख्यालय के आईजी और प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर को जब इस घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत दुर्गापुर जीआरपी को इस मामले की जांच करने के निर्देश दिये. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम गठित की गयी और पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी. ट्रेन और स्टेशनों पर सक्रिय चोरों की पहचान रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार, ट्रेनों और स्टेशनों पर अलग-अलग तरह के चोर सक्रिय होते हैं. इनमें नशाखुरानी करने वाले, मोबाइल चोरी करने वाले, यात्रियों की जेब काटने वाले, अटैची उठाने वाले और लेडिज बैग चुराने वाले शामिल होते हैं. स्त्री यात्री का बैग चोरी करने वाले गिरोह की पड़ताल शुरू की गयी और पहले पकड़े गये अपराधियों का रिकार्ड खंगाला गया. संदेह के घेरे में आया संदिग्ध व्यक्ति कल सुबह चार बजे नयी दिल्ली-हावड़ा कालका मेल एक्सप्रेस से दुर्गापुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर एक यात्री दो बैग लेकर उतरा. रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को उस व्यक्ति पर संदेह हुआ. जब उसे पकड़ने का प्रयास किया गया तो वह बैग छोड़कर भागने लगा. हालांकि, सुरक्षा बलों ने उसे पकड़ लिया. आरोपी ने की कई चोरियों की बात कबूल गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान आदित्य मलिक के रूप में हुई, जो मुर्शिदाबाद का रहने वाला है. पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने कालका मेल एक्सप्रेस से तीन लेडिज बैग चुराए थे. इस मामले में सुरक्षा बलों को और संदेह हुआ, क्योंकि 25 जनवरी की घटना के सीसीटीवी फुटेज में भी वही व्यक्ति दिखाई दिया था. इससे यह संभावना प्रबल हो गयी कि स्त्री यात्री का बैग चोरी करने में भी उसी का हाथ हो सकता है. आगे की जांच जारी पूछताछ के बाद आरोपी को अंडाल जीआरपी के हवाले कर दिया गया है. अब उससे गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि वह 15 लाख रुपये की चोरी में शामिल था या नहीं. रेलवे पुलिस इस घटना में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ट्रेन में स्त्री यात्री का 15 लाख रुपये का बैग चोरी, संदिग्ध गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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बुधवार को भी दंडित नहीं हुए दोषी, काकोली को सजा में चाहिए ढील

बर्दवान/पानागढ़. पूर्व बर्दवान जिले के बर्दवान तृणमूल कांग्रेस में गुटीय झड़प के मामले में सोमवार को दोषी ठहराये गये 13 पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को बुधवार को भी अदालत में सजा नहीं सुनायी गयी. सजा फिर टल गयी. मंगलवार को ही मामले में सजा सुनाई जानी थी, पर उसके पहले स्त्री तृणमूल नेता काकोली गुप्त ता समेत चार दोषी बीमार पड़ गये. फिर शाम होते-होते मामले की सुनवाई करनेवाले फास्ट ट्रैक सेकेंड कोर्ट के जज अरविंद मिश्र का झाड़ग्राम कोर्ट में तबादला कर दिया गया. इसे लेकर राज्य के सियासी गलियारे में चर्चा होने लगी. बुधवार को सजा की घोषणा होनी थी, पर आज जब अदालत में लोग जुटे, तो मामले की सुनवाई फिर स्थगित कर दी गयी. बाद में मामले के प्रशासनी वकील हरिदास मुखर्जी ने बताया कि बचाव पक्ष के वकील ने केस से संबंधित सेक्शन को लेकर उपयुक्त जानकारी मांगी. इस पर जज ने कहा कि आपको जो जानकारी चाहिए, उसे साफ-साफ लिख कर कोर्ट को दीजिए. दूसरी ओर, मामले की एक दोषी काकोली गुप्त ता को छोड़ कर बाकी 12 गुनहगारों को बुधवार को बर्दवान अदालत में पेश किया गया. काकोली का बयान वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये कोर्ट में दर्ज किया गया है. काकोली को कैंसर है. जज के समक्ष वीसी के जरिये उनका बयान दर्ज किया गया है. तीन अन्य दोषियों के बयान भी जज के समक्ष दर्ज किये गये हैं. प्रशासनी वकील के मुताबिक बाकी दोषियों के बयान जज के समक्ष लेने में अभी समय लगेगा. गुरुवार को अन्य दोषियों के बयान लिये जायेंगे. बचाव पक्ष के वकील विश्वजीत दास ने काकोली गुप्त ता की समस्त मेडिकल रिपोर्ट जज के समक्ष पेश की और जेल मैनुअल के निर्धारित खंड 363 से स्त्री कैदियों को विशेष प्रावधान के तहत अपनी कैंसरग्रस्त मुवक्किल को प्रोबेशन के तहत सजा में रियायत की अर्जी दी. बाद में वकील विश्वजीत दास ने बताया कि जेल मैनुअल 363 के तहत सिर्फ काकोली गुप्त ता की शारीरिक स्थिति को देखते हुए अदालत से सजा में रियायत की गुहार लगायी. जज से अपील की है कि काकोली को जेल में रखने के बजाय प्रोबेशन में रखा जाये. इससे पहले बुधवार को भी सजा के संभावित ऐलान को देखते हुए बर्दवान अदालत में सुबह से भारी संख्या में तृणमूल नेता व कार्यकर्ता जुट गये थे. मालूम रहे कि वर्ष 2017 में बर्दवान सदर थाना क्षेत्र के नाड़ीग्राम दासपाड़ा में तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों में हिंसक झड़प हुई थी. घटना में तत्कालीन पंचायत सदस्य जीवन पाल की एक आंख चली गयी थी. अगले दिन उनकी पत्नी संध्या रानी पाल की शिकायत पर बर्दवान थाने में स्त्री तृणमूल नेता काकोली गुप्त ता समेत 15 पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. मामले पर कई वर्ष चली लंबी सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक सेकेंड कोर्ट के जज अरिंदम मिश्र ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए 13 नेताओं व कार्यकर्ताओं को दोषी करार दिया, जबकि साक्ष्यों के अभाव में दो आरोपियों को मामले से बरी कर दिया. सजा सुनाने का फैसला जज ने सुरक्षित कर लिया था. मंगलवार को सजा सुनायी जानी थी. दोषी ठहराये गये लोगों में बर्दवान स्त्री तृणमूल नेता और बर्दवान उन्नयन संस्था की चेयरपर्सन एवं बर्दवान एक तृणमूल कांग्रेस की सभानेता काकोली गुप्त ता, तृणमूल युवा नेता व पंचायत कर्माध्यक्ष मानस भट्टाचार्य, तृणमूल नेता शेख जमाल, कार्तिक बाग समेत नौ पार्टी नेता व कार्यकर्ता शामिल हैं. बुधवार को भी बर्दवान अदालत के बाहर भारी संख्या में तृणमूल के लोग जुटे थे. पुलिस की भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post बुधवार को भी दंडित नहीं हुए दोषी, काकोली को सजा में चाहिए ढील appeared first on Naya Vichar.

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व्यापार मंडल चुनाव को लेकर नामांकन शुरू

रीगा. व्यापार मंडल सहयोग समिति लिमिटेड चुनाव को लेकर नामांकन के प्रथम दिन वर्ग एक से अध्यक्ष पद के लिए चंदेश्वर पूर्वे, सदस्य के रूप में राकेश राय, सरोज कुमार, नथुनी साह, वर्ग 2 से इसराइल मियां, उपेंद्र सिंह, पुकार राम, सीता राम प्रसाद व अशोक कुमार ने अपना- अपना नामांकन प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में दाखिल किया. ज्ञात हो कि रीगा व्यापार मंडल का चुनाव प्राधिकार द्वारा निर्धारित किया गया है. नामांकन के प्रथम दिन सभी पदों के लिए एक-एक नामांकन दाखिल किया गया. मौके पर पैक्स अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह, रजनीश रंजन, राकेश भूषण सिंह, भोपाल कुमार सिंह, राम सुधार राय, राम हुलास राय, अजीत कुमार, गणेश महतो व संजीव कुमार चौधरी समेत अन्य मौजूद थे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post व्यापार मंडल चुनाव को लेकर नामांकन शुरू appeared first on Naya Vichar.

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हत्या के एक मामले में अरुण को मिलने वाली थी सुपारी

सीतामढ़ी. जिले के टॉप टेन अपराधियों की सूची में शामिल अरुण भगत की तलाश काफी दिनों से जिला पुलिस व एसटीएफ कर रही थी. अरुण की गिरफ्तारी से जिला पुलिस ने राहत की सांस ली है. सोमवार को एसटीएफ व जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार शातिर बदमाश अरुण भगत से सघन पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया. अरुण समेत तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. जिसमें दो से पुलिस अब भी पूछताछ कर रही है. माना जा रहा है कि उनलोगों की निशानदेही पर पुलिस को विधि-व्यवस्था बनाये रखने में काफी सहयोग मिलेगा. बताया जा रहा है कि, पुलिसिया पूछताछ में अरुण भगत ने बताया कि उसे हत्या के एक मामले में सुपारी मिलने वाली थी. तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. इसी प्रकार अरुण, महिंदवारा थाना क्षेत्र के कुछ बदमाशों की मदद से रीगा के एक सीएसपी संचालक को लूटने वाला था. बताया गया कि अरुण पर सीतामढ़ी व शिवहर में हत्या, रंगदारी व आर्म्स एक्ट समेत 15 संगीन मामले दर्ज है. चर्चा है कि अन्य आपराधिक मामलों को सुलझाने के लिए पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post हत्या के एक मामले में अरुण को मिलने वाली थी सुपारी appeared first on Naya Vichar.

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ईद से पहले रानीसायर में जरूरतमंदों को बांटे कपड़े

रानीगंज. रमज़ान के पाक महीने में ईद-उल-फितर के आगमन से पहले रानीगंज के रानीसायर में अली हुसैन की अगुवाई में इमदादी पहल की गयी. मोहम्मद इदरीस और शेख जेबुन्निसा की याद में आयोजित कार्यक्रम में 200 से अधिक जरूरतमंद लोगों को साड़िया, कुर्ता-पायजामा और लच्छों से भरे पैकेट बांटे गये. इस अवसर पर, पांडवेश्वर के विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती, तृणमूल नेता विष्णुदेव नोनिया, वीर बहादुर सिंह, वार्ड 88 की पार्षद नेहा साव, सदन कुमार सिंह और अन्य गणमान्य उपस्थित थे. उन्होंने जरूरतमंदों के बीच वस्त्र बांटे और इस नेक कार्य की सराहना की. अली हुसैन की मां ने भी कुछ जरूरतमंदों को अपने हाथों से वस्त्र वितरित किए. इस मौके पर पांडवेश्वर के विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती ने अली हुसैन को अपने छोटे भाई के समान बताते हुए उनकी समाज सेवा के कार्यों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि अली हुसैन का यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक है. अली हुसैन ने बताया कि यह कार्यक्रम उनके स्वर्गीय नाना-नानी की स्मृति में आयोजित किया था, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके. उन्होंने रानीसायर के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि यहाँ के सभी लोग उनके परिवार की तरह हैं. उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा सभी धर्मों के लोगों को साथ लेकर चलते हैं और ईद या पूजा जैसे अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं. मौके पर पांडवेश्वर के विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती, टीएमसी नेता वीर बहादुर सिंह, नेहा साव और सदन कुमार सिंह को गुलदस्ता एवं मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post ईद से पहले रानीसायर में जरूरतमंदों को बांटे कपड़े appeared first on Naya Vichar.

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टीडीबी कॉलेज में प्रेमचंद के गोदान पर हुआ विशेष व्याख्यान

रानीगंज. बुधवार को टीडीबी कॉलेज के हिंदी विभाग में ””प्रेमचंद के गोदान की आलोचना’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया. इसमें गिरिडीह कॉलेज, गिरिडीह के हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ बलभद्र ने व्याख्यान दिया. कहा कि प्रेमचंद ने जब लिखना शुरू किया, तब हिंदुस्तान गुलाम था. लेखक चाहे किसी भी भाषा का हो, वह अपने समय से प्रभावित होता है. गुलामी का समय होने के कारण, प्रेमचंद ने भी गुलामी के प्रभाव को अपने लेखन में दर्शाया. बताया कि गुलामी का असर देश और समाज के विभिन्न पहलुओं, जैसे किसानों, स्त्रीओं व शिक्षण संस्थानों पर कैसे पड़ता है. गुलामी एक गुलाम नागरिक को जन्म देती है. उपन्यास की आलोचना करते समय, हमें उपन्यास के रचनाकाल को ध्यान में रखना चाहिए. मुक्तिबोध ने भी यही कहा है. हमें रचना, रचनाकार और रचनाकाल, इन तीन चीजों को ध्यान में रखकर ही किसी रचना की आलोचना करनी चाहिए.इस संदर्भ में, उन्होंने मुक्तिबोध की पुस्तक ””कामायनी: एक पुनर्विचार”” की भी चर्चा की. इस अवसर पर वरिष्ठ अध्यापक डॉ मंजुला शर्मा ने विभाग की ओर से पुष्पगुच्छ देकर प्रोफेसर डॉ बलभद्र का स्वागत किया, और डॉ गणेश रजक ने उन्हें उत्तरीय दिया गया. व्याख्यान में पीजी समन्वयक डॉ जयराम कुमार पासवान, यूजी समन्वयक डॉ वसीम आलम, डॉ आलम शेख, डॉ मीना कुमारी, डॉ किरणलता दुबे और रीना तिवारी भी उपस्थित थे. कार्यक्रम में यूजी और पीजी के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post टीडीबी कॉलेज में प्रेमचंद के गोदान पर हुआ विशेष व्याख्यान appeared first on Naya Vichar.

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व्यापारी की हत्या का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पानागढ़. पश्चिम बर्दवान के कांकसा थाना क्षेत्र के पानागढ़ विश्वकर्मा मंदिर के खुदीराम बोस रोड दुर्गामंदिर इलाके में मकान के छज्जे को लेकर पुराने विवाद में व्यापारी को घर से बुला कर बुरी तरह पीटने और फिर लोहे के रॉड से वार करके मार डालने के मुख्य आरोपी राकेश जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया. घटना के 19 दिनों बाद मुख्य आरोपी को लेकर कांकसा थाने की पुलिस ने बुधवार को दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया, जहां से उसे सात दिनों की पुलिस रिमांड में हवालात भेज दिया गया. मामले में आरोपी राकेश जायसवाल के दो बेटे और उसकी पत्नी भी अभियुक्त हैं, जिन्हें पुलिस तलाश रही है. इस संबंध में कांकसा के एसीपी सुमन कुमार जायसवाल ने बताया कि मुख्य आरोपी राकेश जायसवाल से रिमांड में पूछताछ की जायेगी. अन्य आरोपी भी जल्द ही पुलिस के शिकंजे मे होंगे. मिली जानकारी के मुताबिक गत सात मार्च को छज्जा विवाद को लेकर व्यापारी कपिल देव जायसवाल(55) को उनके घर से आरोपी पड़ोसी ने बाहर बुलाया और फिर अपने दो बेटों व पत्नी के साथ मिल कर कथित तौर पर उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी. फिर उनके सिर पर लोहे के रॉड से वार कर दिया. इससे बुरी तरह जख्मी कपिल देव जायसवाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के 16वें दिन उन्होंने दम तोड़ दिया. घटना के बाद पीड़ित परिवार के बेटे रोहित जायसवाल की शिकायत पर गत आठ मार्च को ही कांकसा थाने में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. घटना के बाद मुख्य आरोपी राकेश जायसवाल सपरिवार अपना घर व दुकान बंद कर फरार हो गया था. राकेश के बेटे शनि व शिवम और पत्नी सुधा जायसवाल भी नामजद अभियुक्त हैं. मामला दर्ज कर जांच के क्रम में पुलिस ने आरोपियों के कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी, पर कोई हाथ नहीं लगा. आखिरकार मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर मुख्य आरोपी राकेश जायसवाल को पुलिस ने दबोच लिया. आरोपी राकेश जायसवाल को गिरफ्तार कर कांकसा थाने ले जाया गया. वहां से उसे दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया गया. इधर, दिवंगत कपिल देव जायसवाल के बेटे रोहित जायसवाल ने कहा कि हत्या के मामले में फरार सभी अभियुक्तों की अविलंब गिरफ्तारी होनी चाहिए, साथ ही उन्हें कानूनी प्रक्रिया के जरिये कड़ी सजा दिलायी जाये. रोहित के मुताबिक छज्जे को लेकर विवाद से कई बार जायसवाल संगठन और कबाड़ी पट्टी संगठन को अवगत कराया गया था. पर दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने राकेश जायसवाल को समझाया भी था, लेकिन आरोपी किसी की नहीं सुन रहा था. हत्या की घटना के बाद भाजपा पंचायत सदस्य पंकज जायसवाल, पानागढ़ कबाड़ी पट्टी संगठन, डिस्पोजल मोटर पाटर्स एंड स्क्रैप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण सिंह ,पानागढ़ जायसवाल समाज चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश चंद्र जायसवाल ने दुख जताया था. मामले में पुलिस से कानूनी कार्रवाई करने की अपील की गयी थी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post व्यापारी की हत्या का मुख्य आरोपी गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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होल्डिंग टैक्स : सत्र 2024-25 में 5.18 करोड़ का हुआ रिकॉर्ड कलेक्शन

सीतामढ़ी. नगर निगम ने बीतने वाले सत्र 2024-25 में रिकॉर्ड टैक्स कलेक्शन किया है. जबकि, शहर के विभिन्न संगठनों द्वारा पिछले वर्ष अगस्त-सितंबर माह से ही लगातार होल्डिंग टैक्स में हुई बढ़ोतरी का विरोध करते हुए टैक्स को कम करने का न केवल दबाव बनाया जा रहा है, बल्कि परचा बांटकर लोगों से बढ़े हुए टैक्स का विरोध करने की अपील की गयी. नतीजतन, आउटसोर्सिंग कंपनी स्पारो सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड के कर्मी टैक्स कलेक्शन के लिये डोर-टू-डोर जाते हैं, तो प्रोपर्टी मालिकों द्वारा कहा जाता है कि टैक्स कम होने दीजिये, तब देखा जायेगा. यानी कई प्रोपर्टी मालिकों द्वारा टैक्स अदा करने में आलस्य दिखाया जा रहा है. हालांकि, स्पारो के प्रोजेक्ट मैनेजर चंदन प्रकाश से मिली जानकारी के अनुसार, सत्र 2024-25 में 25 मार्च तक शहर के 14062 प्रोपर्टीज से पांच करोड़, 18 लाख, 55 हजार 743 रुपये का कलेक्शन हुआ है. अभी मार्च क्लोजिंग में छह दिन शेष है. इन छह दिनों में भी टैक्स कलेक्शन जारी रहेगा. जबकि, करीब तीन हजार प्रोपर्टी मालिकों पर अब भी करीब ढ़ाई से तीन करोड़ रुपये बतौर होल्डिंग टैक्स का बकाया होने का अनुमान है. — नये सत्र में प्रोपर्टीज की संख्या व टैक्स कलेक्शन में और होगी वृद्धि जानकारी के अनुसार, स्पारो सॉफ्टेक प्रालि को नगर निगम क्षेत्र के तमाम प्रोपर्टीज का सर्वे एवं टैक्स कलेक्शन की जिम्मेदारी दी गयी है. कंपनी द्वारा पिछले सत्र में भी करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स कलेक्शन किया गया था. वहीं, करीब 17 हजार से अधिक मकानों का सर्वे किया गया था. शहर में कितने मकान या अन्य प्रकार के प्रोपर्टीज हैं, इसका पता अगले तीन-चार महीने में चलने का अनुमान है. जानकारी के अनुसार, कंपनी द्वारा बीते फरवरी महीने में शहर के तमाम प्रोपर्टीज का ड्रोन सर्वे किया जा चुका है. अगले तीन-चार महीने में सर्वे रिपोर्ट आने की संभावना है. रिपोर्ट आने के बाद यह पता चलेगा कि शहर में कितने मकान व अन्य प्रकार के प्रोपर्टीज हैं, कितने का स्व-कर निर्धारण हुआ है, कितने मकानों से टैक्स मिल रहा है. शेष प्रोपर्टी मालिकों को नोटिस भेजकर अपनी प्रोपर्टीज का स्व-कर निर्धारण कराने को कहा जायेगा. इसके बाद होल्डिंगधारियों की संख्या में तो बढ़ोतरी होगी ही, टैक्स कलेक्शन में काफी वृद्धि होगी. डिस्क्लेमर: यह नया विचार समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे नया विचार डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है The post होल्डिंग टैक्स : सत्र 2024-25 में 5.18 करोड़ का हुआ रिकॉर्ड कलेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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