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Bihar News: नेपाल-भारत में फैला था इंटरनेशनल चोरों का जाल, बिहार पुलिस ने किया भंडाफोड़

Bihar News: बिहार के अररिया जिला के कुआड़ी थाना क्षेत्र में स्थित सुंदर नाथ धाम मंदिर परिसर से अंतर्राष्ट्रीय चोरों का एक गिरोह पकड़ाया है. पुलिस ने नेपाल और हिंदुस्तान में सक्रिय इस गैंग के 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. ये शातिर छोर भीड़भाड़ वाले इलाकों, मंदिरों और बाजारों में चोरी की घटना को अंजाम देते थे. रंगे हाथ किए गए गिरफ्तार पुलिस को लगातार सुंदर नाथ धाम मंदिर से चोरी की शिकायत मिल रही थी. इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए रंगेहाथ 6 पॉकेटमारों को गिरफ्तार किया है. इसके पास से चोरी के 5 मोबाइल भी बरामद हुए हैं. पकड़े गए सभी आरोपी अररिया जिला और नेपाल के रहने वाले हैं. इन्हें किया गया गिरफ्तार मो. सानू उम्र 19 वर्ष पिता मो. साबिर पुत्र हाजी मोहल्ला वार्ड नं. 18 थाना जोगबनी जिला अररिया मो. शहजाद उम्र 19 वर्ष पिता मो. राजा अली पुत्र हाजी मोहल्ला वार्ड नं. 18 थाना जोगबनी जिला अररिया मो. आजाद उम्र 23 वर्ष पिता मो. डोमा पुत्र हाजी मोहल्ला वार्ड नं. 18 थाना जोगबनी जिला अररिया नेपाल के मोरंग जिला का रहने वाला मो. इम्फराज उम्र 21 वर्ष पिता सोहराब मियां नेपाल के मोरंग जिला का रहने वाला मो. अख्तर मियां उम्र 30 वर्ष पिता मो. अलाउद्दीन नेपाल के मोरंग जिला का रहने वाला रजत रॉय उम्र 22 वर्ष पिता प्रेम दास रॉय महेंद्र चौक नेपाल में ऊंचे दाम में बेचता था मोबाइल यह गिरोह बिहार, नेपाल और सीमावर्ती इलाकों में जेबतराशी और मोबाइल फोन चोरी करने में माहिर था. चोरी किए गए मोबाइल फोन नेपाल में ऊंचे दामों पर बेचे जाते थे. पुलिस को शक है कि इस गिरोह के और भी सदस्य नेपाल और जोगबनी इलाके में सक्रिय हैं. नया विचार प्रीमियम स्टोरी पढ़ें: Mughal Empire : दुष्ट चंगेज खां और तैमूर के वंशज थे मुगल, आश्रय की तलाश में हिंदुस्तान आया था बाबर पुलिस की जांच जारी पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ की जा रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है और वे किन-किन शहरों में सक्रिय थे. यह भी पढ़ें: बिहार में जल्द शुरू होगा यह चीनी मिल, मंत्री ने बताया प्रशासन का प्लान The post Bihar News: नेपाल-हिंदुस्तान में फैला था इंटरनेशनल चोरों का जाल, बिहार पुलिस ने किया भंडाफोड़ appeared first on Naya Vichar.

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ChatGPT से अब मुफ्त में पूछें अपनी आवाज में सवाल, फ्री यूजर्स के लिए आया एडवांस्ड वॉयस फीचर

ChatGPT Advanced Voice Mode Free: अगर आप भी टेक्स्ट टाइप करने में आलस करते हैं या तेजी से जवाब चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छी समाचार है. अब फ्री यूजर्स भी ChatGPT के वॉयस फीचर का मजा ले सकते हैं. इसका मतलब है कि अब आप बिना टाइप किये, सिर्फ बोलकर ChatGPT से बातचीत कर सकते हैं. चलिए, इस फीचर के बारे में आसान भाषा में जानते हैं. Advanced Voice Mode क्या है? ChatGPT का Advanced Voice Mode एक नई और दमदार सुविधा है, जिससे आप AI से नैचुरल तरीके से बातचीत कर सकते हैं. यह फीचर आपकी आवाज को तेजी से समझता है और तुरंत जवाब देता है, जिससे बातचीत और भी रोचक और इंटरैक्टिव हो जाती है. यह खासकर उन लोगों के लिए शानदार है, जो टाइप करने से बचना चाहते हैं या जो ज्यादा सहज बातचीत करना पसंद करते हैं. OpenAI की तरफ से एक पहल की शुरुआत की गई थी. इसमें यूजर्स 10 मिनट के लिए Advance Voice Mode का इस्तेमाल कर सकते थे. इसके तहत यूजर्स को फ्री में भी इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी गई थी. कंपनी की तरफ से अभी तक ये साफ करना रह गया है कि यूजर्स को कितने मिनट के लिए इसे फ्री में यूज करने की अनुमति दी जाएगी. प्लस यूजर्स के लिए इसे यूज करना ज्यादा आसान होगा. मिलेगा लिमिटेड ऐक्सेस ध्यान रखें कि फ्री यूजर्स को यह फीचर सीमित प्रयासों (2-3 बार) के लिए मिलेगा. यानी आप दिन में कुछ बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन अनलिमिटेड ऐक्सेस के लिए पेड वर्जन लेना होगा. फिर भी, यह शानदार मौका है नयी टेक्नोलॉजी को फ्री में आजमाने का. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : सावधान!  कहीं आपका बच्चा घंटों मोबाइल से चिपक कर मनोरोगी तो नहीं बन रहा The post ChatGPT से अब मुफ्त में पूछें अपनी आवाज में सवाल, फ्री यूजर्स के लिए आया एडवांस्ड वॉयस फीचर appeared first on Naya Vichar.

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Success Story: कभी बेचते थे चूड़ी, सिविल सर्विस की तैयारी के लिए छोड़ी सरकारी नौकरी फिर बन गये IAS

चतरा : झारखंड के आईएएस अधिकारी रमेश घोलप की गिनती झारखंड के तेज तर्रार आईएएस अधिकारियों में होती है. आज वे चतरा के डीसी हैं. वे सोशल मीडिया पर भी खासा सक्रिय रहते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि उनका सविल सर्वेंट बनने का सफर आसान नहीं था. घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए उन्हें अपनी मां और भाई के साथ सड़कों पर चूड़ी बेचना पड़ा. चूंकि उनकी मां शिक्षा के महत्व को जानती थी इसलिए वे उन्हें हमेशा पढ़ाई पर ध्यान देने को कहती थी. इसका खुलासा खुद रमेश घोलप ने नया विचार से बातचीत में किया था. साइकिल रिपयेरिंग का काम करते डीसी रमेश घोलप के पिता डीसी रमेश घोलप ने उस इंटरव्यू में कहा था कि उनके पिता साइकिल रिपयेरिंग का काम करते थे. चंकि उन्हें शराब पीने की भी लत थी इसलिए हमेशा घर में आर्थिक बनी रहती थी. इस वजह से मां ने चूड़ी बेचने का काम शुरू कर दिया. मां हमेशा कहती थी कि अच्छी शिक्षा से हम अपनी तकदीर बदल सकते हैं. Naya Vichar Premium Story: झारखंड में परीक्षाओं में धांधली को लेकर केंद्र से भी सख्त कानून, फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहे पेपर लीक के मामले ओपन यूनिवर्सिटी से ली स्नातक की डिग्री रमेश घोलप इस इंटरव्यू में आगे बताते हैं कि घर की स्थिति को सुधारने के लिए वे और उनके भाई भी 10 वीं के बाद अपनी मां के साथ चूड़ी बेचने लगे थे. हालांकि उनकी मां हमेशा उन दोनों को इसके लिए मना करती थी. 12वीं के बाद उन्होंने डीएड का कोर्स किया. इसके बाद ओपन यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री ली. इसके बाद उन्हें एक प्रशासनी स्कूल में शिक्षक की नौकरी मिल गयी. इससे उनकी मां बहुत खुश हुई. उन्हें लगने लगा था कि उनके घर की हालत अब सुधर जाएगी. लेकिन 6 माह बाद ही इस नौकरी से उनका मन भर गया. टीचर की नौकरी छोड़ सिविल सर्विस की तैयारी में जुटे आईएएस अधिकारी रमेश घोलप इसके बाद टीचर की नौकरी छोड़ सिविल सर्विस की तैयारी में जुट गये. उस वक्त उनकी मां को इस फैसले से दुख तो हुआ लेकिन इसके बावजूद वह हमेशा उनका समर्थन करती थी. साल 2012 में उनकी मेहनत रंग लायी और उन्होंने महाराष्ट्र सिविल सर्विस में टॉप किया. साथ यूपीएससी की परीक्षा में 287वीं रैंक हासिल किया. Also Read: Success Story: मां करती थी दिहाड़ी मजदूरी, बेटा बन गया IAS अफसर झारखंड की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें The post Success Story: कभी बेचते थे चूड़ी, सिविल सर्विस की तैयारी के लिए छोड़ी प्रशासनी नौकरी फिर बन गये IAS appeared first on Naya Vichar.

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BCCI से सीधी टक्कर लेने को तैयार PCB, IPL के बीच होगा पाकिस्तान सुपर लीग

IPL 2025: दुनिया की सबसे बड़ी लीग इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2025) का 18वें सीजन का आगाज 22 मार्च से होने वाला है. इस लीग की सफलता को देखते हुए IPL के बीच ICC कोई इवेंट नहीं आयोजित करता है. लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) BCCI से सीधी टक्कर लेने वाला है. दरअसल, PCB ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को IPL के बीच आयोजित करने जा रहा है. इस संबंध में बोर्ड ने शुक्रवार, 28 फरवरी को शेड्यूल जारी कर दिया है. PSL के 10वें सीजन का आगाज  IPL के बीच में होगा. यह भी पढ़ें- मेरे दोस्त पाकिस्तान से ज्यादा…अफागनिस्तान की जीत से गदगद जडेजा, वकार यूनिस को दिया करारा जवाब PSL का शेड्यूल जारी पाकिस्तान सुपर लीग के 10वें सीजन की शुरुआत 11 अप्रैल से  होने वाली है, जबकि लीग का फाइनल मुकाबला 18 मई के बीच स्पोर्ट्सा जाएगा. इस बीच IPL के भी मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे, क्योंकि IPL के 18वें सीजन के मुकाबले 22 मार्च से स्पोर्ट्से जाएंगे, जबकि फाइनल मैच 25 मई को आयोजित होगा. ऐसे में PCB ने PSL का शेड्यूल जारी कर सीधे BCCI से टक्कर लेने का प्रयास करने जा रहा है.   Mark your calendars! 🗓️ The #HBLPSLX schedule is HERE! ⚡ Read more: https://t.co/Nh5xUOkEYA Which match are you hyped for? 🤩#HBLPSL10 l #DECADEOFHBLPSL pic.twitter.com/qAlmbWqt1R — PakistanSuperLeague (@thePSLt20) February 28, 2025 18 मई को स्पोर्ट्सा जाएगा फाइनल मैच PCB की तरफ से जारी शेड्यूल के मुताबिक, PSL के 10वें सीजन का पहला मुकाबला पिछले सीजन की विजेता रही इस्लामाबाद यूनाइटेड और दो बार की चैंपियन रही लाहौर कलंदर्स के बीच रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. लीग के 13 मुकाबले लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाएगा. इसमें दो एलिमिनेटर मुकाबले सहित 18 मई को होने वाला फाइनल मुकाबला भी शामिल है. नया विचार प्रीमियम स्टोरी: Mughal Harem Stories :  मुगल हरम की औरतों ने मौत की परवाह किए बिना रात के अंधेरे में प्रेम को दिया अंजाम दोनों लीगों में शामिल खिलाड़ियों को होगी परेशानी इसके अलावा, रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में 13 मई को होने वाला क्वालिफायर 1 सहित कुल 11 मैच आयोजित होंगे. जबकि कराची नेशनल बैंक स्टेडियम और मुल्तान क्रिकेट स्टेडियम में कुल 5-5 मुकाबले स्पोर्ट्से जाएंगे. ऐसे में अब देखना यह दिलचस्प होगा कि जो खिलाड़ी दोनों लीग का हिस्सा हैं, वे किस लीग को प्राथमिकता पर रखते हैं. अगर वे IPL को दरकिनार कर PSL को चुनते हैं, तो उन्हें सख्त नियमों से गुजरना पड़ेगा, क्योंकि अब IPL के नियम सख्त हो गए हैं.   हिंदुस्तान-पाकिस्तान सीरीज कैसे हो सकती है? सुनील गावस्कर ने सुझाया उपाय, कहा- अगर सीमा पर… The post BCCI से सीधी टक्कर लेने को तैयार PCB, IPL के बीच होगा पाकिस्तान सुपर लीग appeared first on Naya Vichar.

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Lok Sabha Speaker: देश की परंपरा और प्रकृति की रक्षा में बंजारा समाज की भूमिका है महत्वपूर्ण

Lok Sabha Speaker: देश की परंपरा और प्रकृति की रक्षा में बंजारा समाज के योगदान अहम रहा है. बंजारा समाज वनों के संरक्षण में सबसे आगे रहता है और अब समय आ गया है कि इस समाज को देश की विकास यात्रा में प्रमुख भागीदार बनाया जाए. दिल्ली के डॉ अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में संत सेवालाल महाराज की 286 वीं जयंती और रूप सिंह जी महाराज की पुण्यतिथि पर बंजारा समाज के लोगों को संबोधित करते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब उनकी आवाज सुनी जाएगी और उनकी समस्याओं का निराकरण हो.  बंजारा समाज के पूज्य संत सेवालाल जी महाराज का जीवन ज्ञान, तपस्या, त्याग और मानवता सेवा का पर्याय था और रूप सिंह जी महाराज वीरता और न्याय के प्रतीक थे. मौजूदा पीढ़ी को इन संतों के पदचिन्हों पर चलते हुए एक बेहतर समाज का निर्माण करना चाहिए. लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बंजारा समाज कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद समाज की सेवा के प्रति हमेशा समर्पित रहा है. समाज ने कड़ी मेहनत और व्यापार में ईमानदारी से राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. समाज में शिक्षण और प्रशिक्षण की जरूरत बिरला ने युवा पीढ़ी को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र में परिवर्तन लाने के लिए बंजारा समाज को शिक्षण और प्रशिक्षण मिलना चाहिए. हमें एक ऐसे भविष्य का निर्माण करना चाहिए जहां अगली पीढ़ी न केवल शिक्षित हो, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार भी हो. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के युवाओं को बढ़ावा देने और उनकी कड़ी मेहनत और प्रयासों के द्वारा व्यापक परिवर्तन लाने की जरूरत है. खासकर लड़कियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए ताकि उन्हें शिक्षित कर बंजारा समाज समग्र रूप से प्रगति कर सके.   The post Lok Sabha Speaker: देश की परंपरा और प्रकृति की रक्षा में बंजारा समाज की भूमिका है महत्वपूर्ण appeared first on Naya Vichar.

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बचके रहना रे बाबा…! नियमों के बड़े पक्के हैं सेबी के नए चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय

SEBI New Chief: केंद्र प्रशासन ने तुहिन कांत पांडेय को हिंदुस्तानीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. वह माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे. उनका कार्यकाल 1 मार्च 2025 को समाप्त हो रहा है. कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी. वह तीन वर्षों तक इस पद पर कार्य करेंगे. सेबी के चेयरमैन बनने वाले तुहिन कांत पांडेय नियमों के पक्के बताए जाते हैं. सेबी चेयरमैन बनने के बाद इनके सामने कई नई चुनौतियां भी हैं. कौन हैं तुहिन कांत पांडेय तुहिन कांत पांडेय 1987 बैच के ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. मौजूदा समय में वह वित्त सचिव के रूप में कार्यरत थे और कई महत्वपूर्ण आर्थिक नीतियों को लागू करने में उनकी अहम भूमिका रही है. अगस्त 2024 में उन्हें वित्त सचिव नियुक्त किया गया था. उनके प्रशासनिक अनुभव और वित्तीय मामलों की गहरी समझ के कारण प्रशासन ने उन्हें SEBI प्रमुख के रूप में चुना. सेबी के चेयरमैन को कितनी मिलती है सैलरी सेबी हिंदुस्तान के शेयर बाजार और वित्तीय नियमन का सबसे महत्वपूर्ण संस्थान है. यह न केवल निवेशकों के हितों की रक्षा करता है, बल्कि बाजार की पारदर्शिता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भी काम करता है. सेबी के चेयरमैन का पद हिंदुस्तान प्रशासन के सचिव के बराबर होता है. उन्हें हर महीने 5,62,500 रुपये वेतन (अन्य भत्तों के बिना) मिलता है. सेबी प्रमुख के कई दावेदार सेबी प्रमुख बनने की दौड़ में कई वरिष्ठ नौकरशाहों के नाम चर्चा में थे. इनमें इरडा के चेयरमैन देबाशीष पांडा, आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ और तेल सचिव पंकज जैन प्रमुख हैं. हालांकि, तुहिन कांत पांडेय को इस पद के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा था. प्रशासन ने जनवरी 2025 में इस पद के लिए आवेदन मंगवाए थे, जिसकी अंतिम तिथि 17 फरवरी 2025 थी. पारदर्शी चयन प्रक्रिया के बाद पांडे को नियुक्त किया गया. तुहिन कांत पांडेये की बड़ी चुनौतियां शेयर बाजार की स्थिरता: हाल के महीनों में हिंदुस्तानीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिसे स्थिर करने की जरूरत होगी. निवेशकों का विश्वास बढ़ाना: हिंडनबर्ग रिपोर्ट जैसे विवादों के बाद निवेशकों के विश्वास को फिर से मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी. बाजार नियमन को मजबूत करना: SEBI को पारदर्शी और प्रभावी बनाना ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके. डिजिटल बदलाव को अपनाना: फिनटेक, क्रिप्टोकरेंसी और AI आधारित ट्रेडिंग के बढ़ते उपयोग के चलते SEBI की नीतियों को आधुनिक बनाना आवश्यक होगा. इसे भी पढ़ें: EPFO Interest Rate: 7 करोड़ कर्मचारियों को झटका, PF ब्याज दर नहीं बढ़ी! तुहिन कांता पांडे का विजन तुहिन कांत पांडेय का कार्यकाल ऐसे समय में शुरू हो रहा है, जब हिंदुस्तानीय स्टॉक मार्केट रिकॉर्ड गिरावट के दौर से गुजर रहा है. सेबी की नीतियों में सुधार, निवेशकों की सुरक्षा और डिजिटल बदलाव को अपनाने के बीच सही दिशा तय करना उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी. अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि तुहिन कांत पांडेय हिंदुस्तान के प्रतिभूति बाजार को कैसे नई दिशा देते हैं और किस तरह से हिंदुस्तानीय शेयर बाजार को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाते हैं. इसे भी पढ़ें: 1 मार्च से लाखों लोगों को नहीं मिलेगा राशन और प्रशासनी योजनाओं का लाभ, तुरंत करें ये काम The post बचके रहना रे बाबा…! नियमों के बड़े पक्के हैं सेबी के नए चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में जल्द शुरू होगा यह चीनी मिल, मंत्री ने बताया सरकार का प्लान

Bihar News: लंबे समय से बंद पड़ी सासामुसा चीनी मिल फिर से चालू करने की उम्मीद जगी है. चार वर्षों से बंद रीगा चीनी मिल के संचालन के बाद, गोपालगंज व सीतामढ़ी की बंद चीनी मिलों के चालू होने की संभावना बढ़ गयी है. इस संबंध में बिहार प्रशासन के गन्ना उद्योग मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने नया विचार से महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा, गोपालगंज जिला कभी गन्ना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध था, आज बंद पड़ी चीनी मिलों की वजह से गन्ना की खेती पर संकट का सामना कर रहा है. हालांकि, प्रशासन ने गन्ना किसानों को राहत देने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है. गन्ना उद्योग मंत्री ने बताया कि राज्य प्रशासन गन्ना किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और उनके लिए लगातार काम कर रही है. मंत्री ने बताया कि इन मिलों के चालू होने की प्रक्रिया के लिए प्रशासन ने अवलोकन शुरू कर दिया है और रिपोर्ट के आधार पर अगले कदम उठाए जाएंगे. किसानों के आय में हो रही वृद्धि बिहार प्रशासन ने गन्ना किसानों के हित में कई पहल की हैं. मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने बताया कि राज्य प्रशासन ने गन्ना किसानों के लिए न्यूनतम मूल्य में 20 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना के तहत उत्तम खाद, उत्तम बीज और कृषि यंत्रों पर अनुदान भी दिया जा रहा है. इससे किसानों को खेती में मदद मिल रही है और उनकी आय में वृद्धि हो रही है. कृष्णनंदन पासवान ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में गन्ना की खेती लगभग खत्म हो गयी है, वहां के किसानों को गुड़ प्रोसेसिंग प्लांट लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. प्रशासन इच्छुक किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान देकर गुड़ प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने में मदद कर रही है. इससे गन्ना उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और गन्ना किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे. प्रशासन क्या कदम उठाएगी गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा कि नीतीश प्रशासन आने वाले दिनों में गन्ना किसानों को और अधिक प्रोत्साहन देने का प्रयास करेगी. इसके साथ ही, बंद पड़ी चीनी मिलों के संचालन की दिशा में भी प्रशासन सक्रिय रूप से काम कर रही है. यह कदम किसानों के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ गन्ना उद्योग को भी पुनर्जीवित करेगा. प्रशासन का यह प्रयास गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत का कारण बनेगा और राज्य में चीनी मिलों के बंद होने से उत्पन्न संकट को दूर करने में मदद करेगा. पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी :  Mughal Harem Stories : अपने हुस्न और चतुराई से नूरजहां ने जहांगीर को कदमों में रखा और बनी मलिका ए हिंद History of Munda Tribes 7 : पड़हा राजा कैसे करते थे न्याय, कौन -कौन थे पदधारी और कब मिलती थी जिंदा गाड़ने की सजा The post बिहार में जल्द शुरू होगा यह चीनी मिल, मंत्री ने बताया प्रशासन का प्लान appeared first on Naya Vichar.

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Aayush: गिलोय की महत्ता को लेकर दुनिया में हो रहे हैं रिसर्च 

Aayush: देश में आयुर्वेद का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है. आयुर्वेद में गिलोय के कई फायदे बताए गए हैं. जानकारों का कहना है कि गिलोय का सेवन काफी फायदेमंद होता है. गिलोय को लेकर हिंदुस्तान ही नहीं वैश्विक स्तर पर चर्चा हो रही है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध बायोमेडिकल एंड लाइफ साइंस रिसर्च संस्था पबमेड का दावा है कि पिछले एक दशक में गिलोय को लेकर प्रकाशित होने वाले रिसर्च पब्लिकेशन में 376 फीसदी की वृद्धि हुई है. इससे जाहिर होता है कि वैश्विक स्तर पर गिलोय की रोग निवारक क्षमता के प्रति लोगों की रुचि बढ़ी है. डेटा के अनुसार गिलोय को लेकर वर्ष 2014 में 243 अध्ययन प्रकाशित हुआ जो वर्ष 2024 में बढ़कर 913 हो गया.  आयुष मंत्रालय द्वारा रिसर्च को बढ़ावा देने को लेकर उठाए गए कदम की जानकारी देते हुए आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि मंत्रालय आयुष के क्षेत्र में रिसर्च को प्राथमिकता दे रहा है. मंत्रालय दुनिया की प्रमुख संस्थानों के साथ मिलकर आयुर्वेद और हर्बल प्लांट की गुणकारी क्षमताओं को सामने लाने की दिशा में कदम उठा रहा है. हमारी कोशिश आयुर्वेद को मुख्यधारा के स्वास्थ्य सेवा से जोड़ना है ताकि लोगों को अच्छी और सस्ती स्वास्थ्य सेवा मिल सके.   कोरोना के बाद बढ़ी उत्सुकता आयुष पद्धति के तहत लंबे समय से गिलोय का उपयोग किया जाता रहा है. वैज्ञानिकों को पहले से गिलोय के फायदे के बारे में पता था. लेकिन कोरोना के बाद गिलोय को लेकर होने वाले शोध में अचानक वृद्धि देखी गयी. विशेषज्ञों का मानना है कि गिलोय में प्राकृतिक तौर पर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के गुण है. कई रिसर्च में यह बात सामने आयी है कि गिलोय प्रतिरोधक क्षमता, एंटी वायरल और अन्य रोगों से लड़ने में काफी सहायक है. इस शोध के बाद वैश्विक स्तर पर गिलोय के प्रति वैज्ञानिकों की दिलचस्पी बढ़ी है. कई शोध में यह बात सामने आयी है कि गिलोय कैंसर, इम्यून संबंधी रोग और अन्य रोगों के उपचार में काफी कारगर है. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर गालिब का कहना है कि वैश्विक स्तर पर गिलोय के वैज्ञानिक पहलू पर चर्चा हो रही है. दुनिया के विशेषज्ञ मानने लगे हैं कि गिलोय में रोग ठीक करने की क्षमता है. आने वाले समय में गिलोय कई शोध का विषय बनेगा. फरवरी 2025 में गुजरात यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ साइंस के अध्ययन में पता चला कि गिलोय सर्वाइकल कैंसर के उपचार में मददगार है. जनवरी 2025 में टाटा मेमोरियल सेंटर के शोधकर्ताओं ने भी गिलोय के कैंसर के उपचार को लेकर अध्ययन प्रकाशित किया है.  The post Aayush: गिलोय की महत्ता को लेकर दुनिया में हो रहे हैं रिसर्च  appeared first on Naya Vichar.

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Shivdeep Lande: आखिरकार शिवदीप लांडे ने किया अपनी नई पारी ऐलान, 4 मार्च से इस बैनर तले बिहार में करेंगे काम

Shivdeep Lande: रियल सिंघम के नाम से मशहूर शिवदीप लांडे ने शुक्रवार को अपनी नई पारी का ऐलान किया. लांडे ‘रन फॉर सेल्फ’ के बैनर तले बिहार में रह कर काम करेंगे. फिलाहल उन्होंने किसी राजनितिक दल में शामिल होने से इंकार किया है. उन्होंने कहा कि उनका आने वाला बिहार की बेहतरी में लगायेंगे. उन्होंने कहा कि बिहार को बदलने के मकसद से वो काम करेंगे. प्रेस वार्ता के दौरान शिवदीप लांडे ने कहा कि वे अपनी नई पहल मुंगेर से 4 मार्च को शुरू करेंगे. उन्होंने मुंगेर से ही आईपीएस सेवा की शुरुआत की थी अब वहीं से नई शुरुआत भी करेंगे. आज लांडे ने अपनी पत्नी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेस में ‘रन फॉर सेल्फ’ नामक बैनर तले अपनी नई पारी की घोषणा की. लांडे ने कहा कि बिहार के युवा देश के हर क्षेत्र में आगे बढकर काम कर रहे हैं. यहां के युवा से सभी को उम्मीदें हैं. इसलिए वे बिहार के युवाओं से मिलने के लिए उनके बीच पहुंच रहे हैं. शिवदीप लांडे ने कहा, “मैं बिहार की दशा और दिशा को सुधरने के लिए निकला हूँ. मैंने खाकी वर्दी छोड़ी है लेकिन अंदर से आज भी खाकी में हूँ. हमें अब सिर्फ बिहार को बदलने के लिए काम करना है.” देखें Video: पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : औरंगजेब ने आंखें निकलवा दीं, पर छावा संभाजी ने नहीं कुबूल किया इस्लाम, क्या है शिवाजी के बेटे की पूरी कहानी? पढ़ें नया विचार की प्रीमियम स्टोरी : सावधान!  कहीं आपका बच्चा घंटों मोबाइल से चिपक कर मनोरोगी तो नहीं बन रहा The post Shivdeep Lande: आखिरकार शिवदीप लांडे ने किया अपनी नई पारी ऐलान, 4 मार्च से इस बैनर तले बिहार में करेंगे काम appeared first on Naya Vichar.

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Celebrity MasterChef में बेबस दिखी अर्चना गौतम, फर्श पर बैठकर फूट-फूटकर रोई, VIDEO

Celebrity MasterChef: सेलिब्रिटी मास्टरशेफ ने हाल ही में ब्लैक एप्रन वाले खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की. इसमें प्रतियोगियों को रात भर खाना बनाना था. जहां अर्चना गौतम, फैसल शेख, कबिता सिंह और गौरव खन्ना को एक स्पेशल डिस बनानी थी. कबिता और फैसू को स्लो कुकिंग विधि से खाना बनाना था. वहीं अर्चना को फर्मेंटेशन का उपयोग करना था. जैसे ही सेलिब्रिटीज आते हैं, अर्चना आटे को देखकर परेशान हो जाती हैं. वह इस बात पर हैरान लग रही थी कि वह डिश को एक साथ कैसे लाएगी. वहीं कबिता कहती हैं, ‘चुनौती काफी कठिन है, मैंने पहले कभी रात भर खाना नहीं बनाया.’ जबकि फैसू नूडल्स बनाने में काफी तेज थे. View this post on Instagram A post shared by Sony Entertainment Television (@sonytvofficial) अर्चना की टेबल पर जजों को लगता है कि उनकी फिलिंग अच्छी नहीं थी. वह कहते हैं कि एक गलती और वह मास्टरशेफ से एलिमिनेट हो सकती हैं. जैसे तैसे अर्चना डिश कंप्लीट करती हैं, लेकिन जजों को यह पसंद नहीं आता. उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए ये मास्टरशेफ लेवल डिश नहीं है.’ जैसे ही जज अनाउंस करते हैं कि आज कौन जाएगा. अर्चना रोते हुए फर्श पर गिर जाती है. उन्होंने कहा, मैं आज रोना नहीं चाहती थी. नया विचार की प्रीमियम स्टोरी: Child Mental Health : शिशु हो रहे हैं दबंग, रेप और आत्महत्या करने में भी नहीं करते संकोच, जानिए क्या है वजह The post Celebrity MasterChef में बेबस दिखी अर्चना गौतम, फर्श पर बैठकर फूट-फूटकर रोई, VIDEO appeared first on Naya Vichar.

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