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भारत के दोस्त रूस ने पाकिस्तान के साथ किए दो बड़े समझौते, SCO में बनी सहमति; मिलकर करेंगे कार्रवाई

Pakistan Russia Agreements: शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की महत्वपूर्ण बैठक के बीच पाकिस्तान और रूस ने सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में दो अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. दोनों देशों ने अवैध प्रवासन पर रोक लगाने और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई बढ़ाने पर सहमति जताई है. इसके साथ ही अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय आतंकवाद पर भी चर्चा हुई. पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के अनुसार, यह समझौते किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और रूस के गृह मंत्री व्लादिमीर कोलोकोल्त्सेव के बीच हुई बैठक के दौरान किए गए. मोहसिन नकवी एससीओ सदस्य देशों के गृह और सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रियों की विशेष बैठक में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक पहुंचे हुए हैं. पाकिस्तानी गृह मंत्रालय ने कहा, ‘पाकिस्तान और रूस ने अवैध प्रवासन की रोकथाम के लिए सहयोग बढ़ाने संबंधी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.’ बैठक में दोनों देशों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि जो नागरिक किसी भी देश में अवैध रूप से रह रहे हैं, उनकी पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया में सहयोग बढ़ाया जाएगा. ड्रग्स और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने पर फोकस रूस और पाकिस्तान के बीच दूसरा महत्वपूर्ण समझौता मादक पदार्थों और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सहयोग बढ़ाने से जुड़ा है. मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने ड्रग्स नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय तस्करी से निपटने के लिए सूचना साझा करने और संयुक्त प्रयासों को मजबूत बनाने पर सहमति जताई. पाकिस्तान इन दिनों अपनी डिप्लोमेसी को केवल एक देश तक सीमित नहीं रखना चाहता है. वह ईरान यु्द्ध में ‘अमेरिका का डाकिया’ बना हुआ है. चीन के साथ उसकी दोस्ती बहुत पहले से ही है. अब रूस के साथ भी वह अपने संबंधों को प्रगाढ़ कर रहा है.  🇷🇺🤝🇵🇰Russia & Pakistan sign security cooperation agreement The two countries have agreed to boost joint efforts against illegal migration & drug trafficking following talks between Ministers Kolokoltsev & Mohsin Naqvi in Bishkek Why it matters: 🔸 For Russia: Cuts off drug… — Sputnik (@SputnikInt) June 8, 2026 रूस और पाकिस्तान के बीच सुधर रहे संबंध रूस और पाकिस्तान के संबंधों की मिसाल इससे समझी जा सकती है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 24 फरवरी 2022 को मॉस्को पहुंचे, उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और उसी दिन रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया. अब यह किस तरह का संकेत था. अभी तक विशेषज्ञ इसका आंकलन करते हैं; क्या यह पाकिस्तान को दी जाने वाली कम अहमियत थी, या फिर दुनिया को संदेश. हालांकि, अब दोनों देश इस घटना से काफी आगे बढ़ते दिख रहे हैं.  बीते दो सालों पाकिस्तान और रूस के बीच संबंध वाकई सुधरते दिख रहे हैं. पाकिस्तान, रूस से तेल खरीदने की भी डील करने की कोशिश कर रहा है. इतना ही नहीं जुलाई 2025 में दोनों देशों ने कराची स्थित पाकिस्तान स्टील मिल (PSM) को फिर से शुरू करने पर समझौता किया. मॉस्को स्थित पाकिस्तानी दूतावास में हुई इस डील में स्टील मिल को 2027 तक शुरू करने की योजना है.  1973 में इस मिल को सोवियत रूस की सहायता से ही बनाया गया था.  पुतिन ने भी की पाकिस्तान की सराहना बीते दिनों रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी पाकिस्तान की बड़ाई की थी. दरअसल उनसे सवाल किया गया कि रूस के पाकिस्तान और चीन से अच्छे संबंध हैं, तो इससे हिंदुस्तान के संबंधों पर कोई असर होगा? इस पर पुतिन ने कहा कि उन्हें हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद की समाचार है. लेकिन रूस को यह नहीं लगता कि पाकिस्तान के ऊपर चीन का कोई कंट्रोल है. पाकिस्तान एक बड़ा देश है और उसके कई देशों के साथ मल्टी डाइमेंशनल रिलेशन हैं.  अफगानिस्तान को सैन्य सहायता देगा रूस हालांकि, एक ओर जहां पाकिस्तान से संबंध ठीक हो रहे हैं. दूसरी ओर रूस और अफगानिस्तान की तालिबान प्रशासन के बीच भी संबंध सुधर रहे हैं. यह वही अफगानिस्तान है, जिसके पूर्ववर्ती लड़ाके- मुजाहिद्दीन के खिलाफ सोवियत रूस जंग लड़ चुका है. लेकिन कहा जाता है कि जियो पॉलिटिक्स में न तो परमानेंट दोस्त हैं और न दुश्मन. वैसे अब न सोवियत है और न मुजाहिद्दीन.  तो अब रूस और अफगान तालिबान ने मई 2026 में मॉस्को में एक महत्वपूर्ण सैन्य-तकनीकी सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते के तहत रूस ने अफगानिस्तान को हथियार और उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है. साथ ही, अफगान सेना को सैन्य प्रशिक्षण देने में भी सहयोग करेगा. यह समझौता दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. एक ओर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा तनाव चरम पर है, दूसरी ओर रूस उसे सहयोग दे रहा है.  ये भी पढ़ें:- दिन में अदालत, रात में ‘चांदनी बार’, पाकिस्तान के रावलपिंडी कोर्ट परिसर में ‘मुजरा’ का वीडियो वायरल; FIR दर्ज ये भी पढ़ें:- बांग्लादेश की बल्ले-बल्ले, रूस देगा उसका साथ; AI, रोजगार और व्यपार से लेकर BRICS में एंट्री तक मिलेगा सहयोग  मध्य एशियाई देशों के मंत्रियों से भी मिले मोहसिन नकवी रूसी प्रतिनिधिमंडल के अलावा मोहसिन नकवी ने ताजिकिस्तान, उजबेकिस्तान, किर्गिस्तान और कजाकिस्तान के गृह मंत्रियों के साथ भी अलग-अलग बैठकें कीं. इन बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और सीमा पार अपराधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. एससीओ मंच पर बढ़ा सुरक्षा सहयोग बिश्केक में हुई बैठकों से यह संकेत मिला है कि एससीओ सदस्य देश क्षेत्रीय सुरक्षा, अवैध प्रवासन, आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दों पर आपसी सहयोग बढ़ाने के पक्ष में हैं. पाकिस्तान और रूस के बीच हुए नए समझौते भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं. 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मस्क की SpaceX में भारतीय कैसे लगाएं पैसा? समझें कमाई और रिस्क का पूरा खेल!

SpaceX IPO: एलन मस्क की कंपनी SpaceX का IPO आने वाला है और इसे लेकर हिंदुस्तानीय इन्वेस्टर्स में काफी क्रेज है. यह IPO 12 जून को अमेरिकी शेयर बाजार NASDAQ पर लिस्ट हो सकता है. कंपनी की वैल्यूएशन करीब 1.75 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 145 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है. अगर आप भी इस मेगा आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए कुछ जरूरी बातें जानना बेहद जरूरी है.  क्या हिंदुस्तान से SpaceX IPO में पैसा लगा सकते हैं? हां, आप हिंदुस्तान में रहकर भी इस IPO में शामिल हो सकते हैं. हिंदुस्तानीय कानून के मुताबिक विदेशों में इंवेस्ट करने पर कोई पाबंदी नहीं है. लेकिन यह काम इतना आसान नहीं है. हिंदुस्तानीय रिटेल (आम) इन्वेस्टर सीधे इस IPO में अप्लाई नहीं कर सकते. इसके लिए आपके पास एक इंटरनेशनल ब्रोकरेज अकाउंट होना चाहिए. आप आरबीआई (RBI) की ‘लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम’ (LRS) के तहत साल में 2.5 लाख डॉलर (करीब 2 करोड़ रुपये) तक विदेश भेजकर इस अकाउंट को फंड कर सकते हैं. दूसरा तरीका GIFT City के प्लेटफॉर्म्स का है, लेकिन वहां के नियम आम इन्वेस्टर्स के लिए काफी पेचीदा हैं. सीधे शब्दों में कहें, तो अगर आपके पास पहले से विदेशी ब्रोकर अकाउंट है और वह ब्रोकर इस IPO का एक्सेस दे रहा है, तभी आप अप्लाई कर पाएंगे.  शेयर्स मिलने की कितनी उम्मीद है? SpaceX के शेयर्स मिलने यानी अलॉटमेंट की उम्मीद काफी कम है. अमेरिकी शेयर बाजारों में आईपीओ का बड़ा हिस्सा बड़े संस्थागत इन्वेस्टर्स (Institutions) को मिलता है. हालांकि, रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस IPO का करीब 30% हिस्सा (लगभग 22.5 बिलियन डॉलर) रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है.  इसके बावजूद, हिंदुस्तान जैसे इंटरनेशनल इन्वेस्टर्स को कड़े एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, सीमित कोटा और स्थानीय नियमों की वजह से अलॉटमेंट मिलने की संभावना बहुत कम है.  अलॉटमेंट न मिले तो SpaceX में इंवेस्ट कैसे करें? अगर आपको IPO में शेयर्स नहीं मिलते हैं, तो निराश होने की जरूरत नहीं है. इसके लिए दो रास्ते और हैं: डायरेक्ट ट्रेडिंग: जब SpaceX के शेयर्स NASDAQ पर रेगुलर ट्रेडिंग के लिए लिस्ट हो जाएंगे, तब आप अपने इंटरनेशनल ब्रोकरेज अकाउंट से इन्हें सीधे खरीद सकते हैं.  म्यूचुअल फंड: लिस्टिंग के तुरंत बाद SpaceX को ‘Nasdaq 100 Index’ में शामिल किया जा सकता है. आप इस इंडेक्स को ट्रैक करने वाले हिंदुस्तानीय इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड के जरिए इंवेस्ट कर सकते हैं. हालांकि, अभी आरबीआई की लिमिट्स के कारण हिंदुस्तानीय फंड्स के पास इनवेस्टमेंट के सीमित ऑप्शन हैं.  इस IPO में पैसा लगाने के रिस्क क्या हैं? SpaceX का बिजनेस बहुत ज्यादा पूंजी (Capital) की मांग करता है. इस इनवेस्टमेंट से जुड़े बड़े रिस्क नीचे दिए गए हैं: भारी-भरकम वैल्यूएशन: कंपनी की 1.75 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यूएशन उसकी मौजूदा सेल्स से 100 गुना ज्यादा है. यह पूरी तरह भविष्य की ग्रोथ के भरोसे है.  मुनाफे की कमी: कंपनी ने खुद कहा है कि उसे जल्द मुनाफे (Profit) की उम्मीद नहीं है.  इंडेक्स से दूरी: मुनाफे और अन्य कड़े नियमों को पूरा न करने के कारण SpaceX को फिलहाल ‘S&P 500 Index’ में जगह मिलने की संभावना नहीं है.  रॉयटर्स के अनुसार, हिंदुस्तान के अलावा अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, फ्रांस, यूके और यूएई समेत कुल 29 देशों के लोग इसमें इंवेस्ट कर सकते हैं, लेकिन हर देश के अपने नियम और पाबंदियां हैं. इसलिए, हाइप के बजाय सोच-समझकर फैसला लें.  ये भी पढ़ें: क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto ला रहा है IPO, जुटाएगा ₹8,010 करोड़, जानिए पूरी डिटेल The post मस्क की SpaceX में हिंदुस्तानीय कैसे लगाएं पैसा? समझें कमाई और रिस्क का पूरा स्पोर्ट्स! appeared first on Naya Vichar.

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गुमला: नक्सलमुक्त होने के बाद भी अटका विकास, हरिनाखाड़ गांव की कोरवा जनजाति आज भी सुविधाओं से दूर

गुमला से जगरनाथ पासवान की रिपोर्ट Gumla News: गुमला प्रखंड के आंजन पंचायत में हरिनाखाड़ गांव है. इस गांव में कोरवा जनजाति के लोग निवास करते हैं. गांव चारों तरफ से पहाड़ और जंगल से घिरा हुआ है. आज से पांच साल पहले तक यह पूरा इलाका नक्सल प्रभावित था. इसी गांव में नक्सलियों का डेरा रहता था. लेकिन पुलिस की दबिश के बाद इस क्षेत्र से नक्सलमुक्त हो गया. पहले नक्सली थे तो अधिकारी और कर्मचारी गांव नहीं जाते थे और गांव के विकास से मुंह मोड़े हुए थे. अब गांव नक्सलमुक्त हुआ तो गांव के लोग विकास के लिए छटपटा रहे हैं.  तीन पुल बने, लेकिन सड़क नहीं बनी हालांकि, नक्सल खत्म होने के बाद इस गांव तक जाने के लिए तीन पुल का निर्माण हुआ है. लेकिन, सड़क का निर्माण नहीं किया गया. जिस कारण आज भी बरसात में इस गांव के लोगों को आने जाने में दिक्कत होती है. वहीं गांव में जलमीनार लगाया गया था, जो भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गया. जलमीनार बनने के कुछ दिनों बाद ही खराब हो गया. जिसकी अबतक मरम्मत नहीं हुई. पक्का आवास का सपना भी अधूरा है. जबकि प्रशासन द्वारा आदिम जनजातियों के विकास और संरक्षण के लिए कई योजना चला रही है. इसके बाद भी इस गांव में रहने वाले कोरवा जनजाति के लोग प्रशासनी योजनाओं से महरूम हैं. आजादी के 77 साल बाद भी लोग दूषित पानी पी रहे हैं. गांव में बिजली तक नहीं है. जिस कारण अक्सर गांव में हाथियों और अन्य जंगली जानवरों के घुसने का डर बना रहता है.  पूर्व डीसी की पहल से बना पुल  गुमला के पूर्व डीसी शशि रंजन बाइक से गांव तक गये थे. इसके बाद उनकी पहल से नदियों में तीन पुल बना. सड़क की भी स्वीकृति दी थी. लेकिन सड़क नहीं बनी. डीसी की पहल से जलमीनार भी लगा था. लेकिन पीएचइडी विभाग के जलमीनार भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गई. ग्रामीणों का दर्द  ग्रामीण सोमरा कोरवा ने कहा कि हरिनाखाड़ में कोरवा जनजाति के लोग रहते हैं. प्रशासन हमारे लिए कई योजना चला रही है. लेकिन यह सब कागजों में है. इसलिए इसबार जब भी चुनाव होगा. गांव में नेताओं को घुसने नहीं देंगे. वोट का भी बहिष्कार करेंगे. अधिकारियों की भी नो इंट्री करेंगे. ग्रामीण रामू कोरवा ने कहा कि हमारे गांव तक आने के लिए सड़क नहीं है. गर्मी के दिनों में तो किसी प्रकार आते जाते हैं. लेकिन बरसात के मौसम में सड़क फिसलन हो जाता है. क्योंकि, मिटटी की सड़क है. प्रशासन और प्रशासन से मांग है कि हमारे गांव की सड़क को बनवा दिया जाए. जिससे गांव का विकास हो. पानी की समस्या को लेकर ग्रामीण मंगनी कोरवा ने कहा कि हमारे गांव में शुद्ध पानी की समस्या है. जलमीनार बना था. लेकिन वह बेकार है. चापानल है तो उससे दूषित पानी निकलता है. मजबूरी में गांव के लोग इधर-उधर से पानी जुगाड़ कर प्यास बुझाते हैं. गांव के पास से बहने वाली नदी के पानी का उपयोग करते हैं. ग्रामीण जवंती कोरवा ने कहा कि हमारा गांव गरीबी और लाचारी में जी रहा है. गांव के दो शिशु जो अनाथ हैं. इनके माता पिता नहीं है. इसलिए प्रशासन और प्रशासन से मांग है कि अनाथ बच्चों की बेहतर शिक्षा और परवरिश की व्यवस्था की जाए नहीं तो ये शिशु मानव तस्करी का शिकार हो सकते हैं. ग्रामीण मंगरी कोरवा ने कहा कि गांव में इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है. बीमार पड़ने पर झाड़फूंक कराना पड़ता है या तो ग्रामीण चिकित्सक से इलाज कराते हैं. जिससे जान जाने का डर बना रहता है. कम से कम सप्ताह में एक दिन कोई नर्स या चिकित्सक गांव आये और लोगों की स्वास्थ्य जांच करे. संजय कुमार भगत, संरक्षक, न्यू आछासं ने कहा कि हरिनाखाड़‍ गांव में दो अनाथ शिशु हैं. उनका हालचाल लेने गांव गये तो गांव की भयावह समस्या सामने आया है. प्रशासन क्या कर रहा है. यहां के विधायक कहां हैं जो गांव की मामूली समस्याओं को भी दूर नहीं कर पा रहे हैं. गुमला डीसी गांव के विकास के लिए दौरा करें. ये भी पढ़ें: धनबाद में ताइवान के पीले तरबूज की खेती बनी आकर्षण का केंद्र, प्रदीप पांडेय बने किसानों के लिए मिसाल  ये भी पढ़ें: गढ़वा में सरस्वतिया नदी पुनर्जीवन मुहिम को मिला नया बल, मेदिनीनगर से बढ़े सहयोग के हाथ The post गुमला: नक्सलमुक्त होने के बाद भी अटका विकास, हरिनाखाड़ गांव की कोरवा जनजाति आज भी सुविधाओं से दूर appeared first on Naya Vichar.

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जितने किलोमीटर चलेगी पेट्रोल बाइक, EV खरीदने पर मिलेगा उतना डिस्काउंट, यह कंपनी लायी खास ऑफर

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने दोपहिया वाहन चलाने वालों का मासिक बजट बिगाड़ रखा है. ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है. इसी बीच एक ईवी कंपनी ने ऐसा ऑफर पेश किया है जो पेट्रोल बाइक मालिकों के लिए काफी दिलचस्प साबित हो सकता है. कंपनी अब ग्राहकों के पुराने पेट्रोल बाइक चलाने के रिकॉर्ड के आधार पर कैशबैक दे रही है. जितना ज्यादा आपने अपनी पेट्रोल बाइक चलाई होगी, उतना ही ज्यादा फायदा नई इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल खरीदते समय मिल सकता है. पेट्रोल से EV में शिफ्ट होने वालों के लिए खास योजना अल्ट्रावायलेट ने “किल द पेट्रोल बिल” नाम से एक नया प्रोग्राम शुरू किया है. इस योजना के तहत ग्राहक अपनी पुरानी पेट्रोल बाइक के पिछले दो साल के रनिंग रिकॉर्ड के आधार पर कैशबैक हासिल कर सकते हैं. कंपनी हर किलोमीटर के लिए 1 रुपये का लाभ दे रही है. उदाहरण के तौर पर यदि किसी ग्राहक ने पिछले दो वर्षों में अपनी पेट्रोल बाइक से 20,000 किलोमीटर की दूरी तय की है, तो उसे 20,000 रुपये तक का फायदा मिल सकता है. अधिकतम लाभ 30,000 रुपये तक रखा गया है. कैसे तय होगा कैशबैक? कंपनी ग्राहक की पुरानी पेट्रोल बाइक की प्रमाणित रनिंग हिस्ट्री की जांच करेगी. उसी के आधार पर कैशबैक की राशि तय होगी. यह लाभ कंपनी की F77 और X-47 इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल खरीदने पर उपलब्ध कराया जा रहा है. इस पहल का उद्देश्य उन लोगों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ आकर्षित करना है जो बढ़ते ईंधन खर्च से परेशान हैं और अब कम रनिंग कॉस्ट वाले विकल्प की तलाश कर रहे हैं. सिर्फ खरीदारी में नहीं, हर महीने भी होगी बचत कंपनी का दावा है कि इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल अपनाने के बाद ग्राहक हर महीने ईंधन खर्च में 3,000 से 5,000 रुपये तक की बचत कर सकते हैं. मौजूदा पेट्रोल कीमतों को देखते हुए लंबे समय में यह बचत काफी बड़ी रकम में बदल सकती है. यही वजह है कि अब ईवी कंपनियां केवल शुरुआती कीमत कम करने पर ही नहीं, बल्कि कुल ओनरशिप कॉस्ट घटाने पर भी जोर दे रही हैं. X-47 और F77 क्यों हैं चर्चा में? अल्ट्रावायलेट की F77 पहले से ही हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के रूप में पहचान बना चुकी है. वहीं X-47 को क्रॉसओवर सेगमेंट के ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. कंपनी इससे पहले बैटरी फ्लेक्स BaaS मॉडल भी लेकर आई थी, जिसके जरिए X-47 की शुरुआती कीमत को काफी कम किया गया था. अब नए कैशबैक प्रोग्राम के जरिए कंपनी इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल को और ज्यादा सुलभ बनाने की कोशिश कर रही है. क्या बढ़ेगी इलेक्ट्रिक बाइक की मांग? हिंदुस्तान में पेट्रोल की कीमतें लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई हैं. ऐसे में अगर ईवी कंपनियां ग्राहकों को सीधे आर्थिक लाभ देने वाले मॉडल लेकर आती हैं तो इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मांग और तेजी से बढ़ सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती खरीद लागत और रनिंग कॉस्ट के बीच का अंतर कम होने पर ज्यादा लोग पेट्रोल बाइक छोड़कर इलेक्ट्रिक विकल्पों की तरफ रुख कर सकते हैं. ऐसे ऑफर इस बदलाव को और तेज करने में मदद कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: हिंदुस्तान का सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर! कीमत सिर्फ 59,990 रुपये, 100KM रेंज के साथ मिलते हैं कई शानदार फीचर्स यह भी पढ़ें: 2026 के सबसे बेहतरीन इलेक्ट्रिक स्कूटर, खरीदने से पहले जानिए खूबी The post जितने किलोमीटर चलेगी पेट्रोल बाइक, EV खरीदने पर मिलेगा उतना डिस्काउंट, यह कंपनी लायी खास ऑफर appeared first on Naya Vichar.

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रात में बार-बार टूटती है नींद? सोने से पहले बदलें ये 5 आदतें, आएगी घोड़े बेचकर नींद

Sleep Hygiene Tips: आज की भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हर समय काम का स्ट्रेस और रात को देर तक जागकर स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने की आदत, हमारी सेहत पर काफी बुरा असर डाल रहे हैं. इनका सबसे पहला और डायरेक्ट असर हमारी नींद पर ही पड़ता है. अगर आपके साथ आये दिन ऐसा होता है कि आप रात को समय पर सोने तो चले जाते हैं, लेकिन रात में बार-बार आपकी नींद खुलती रहती है, या फिर एक बार अगर नींद खुल जाए तो आपके लिए दोबारा सो पाना काफी ज्यादा कठिन हो जाता है, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. अगर आपके साथ इनमें से कुछ भी हो रहा है, तो आपको सबसे पहले अपनी स्लीप हाइजीन यानी की सोने की आदतों को सुधारने की जरूरत है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो रात को बार-बार नींद टूटना इस बात की तरफ इशारा करता है कि आपका दिमाग पूरी तरह से शांत नहीं हो पा रहा है. अगर आप एक अच्छी और गहरी नींद चाहते हैं, तो आपको सोने से ठीक पहले कुछ खास बातों का ख्याल रखना शुरू कर देना चाहिए. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं बातों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं. सोने से 1 घंटा पहले गैजेट्स से बना लें दूरी अगर रात को बार-बार आपकी नींद खुल रही है तो इसकी सबसे बड़ी वजह आपके हाथों में रहने वाला स्मार्टफोन या लैपटॉप है. इन स्क्रीन्स से निकलने वाली ब्लू लाइट हमारे दिमाग को यह भ्रम देती है कि अभी दिन है. इससे शरीर में मेलाटोनिन नाम का हार्मोन नहीं बन पाता, जो नींद के लिए जिम्मेदार होता है. अगर आप एक गहरी और बेहतर नींद पाना चाहते हैं तो सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्मार्टफोन, टीवी और लैपटॉप को पूरी तरह से खुद से दूर कर दें. कैफीन और हैवी डाइट को कहें ना कई लोगों की आदत रात को खाने के बाद चाय या कॉफी पीने की होती है. चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन आपके दिमाग को एक्टिव कर देता है, जिससे नींद तो खराब होती ही है, साथ ही रात में बार-बार आंख भी खुलती रहती है. इसी तरह, रात का खाना हमेशा एक बेहद ही हल्का और सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले ही खाना खा लें. बता दें काफी ज्यादा हैवी और स्पाइसी खाना पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे पेट में बेचैनी होती है और नींद टूट जाती है. कमरे का माहौल को बनाएं शांत और ठंडा आपके बेडरूम का माहौल ही आपकी नींद की क्वालिटी को काफी हद तक तय करता है. सोने से पहले अपने कमरे की लाइट को बिल्कुल कम ब्राइटनेस पर कर दें या उसे बंद ही कर दें. इसके अलावा आपको कमरे के टेम्परेचर को न तो बहुत ज्यादा गर्म रखना चाहिए और न ही बहुत ठंडा. एक शांत, अंधेरा और हल्का ठंडा कमरा गहरी नींद को बढ़ावा देता है. अगर आपके कमरे में कोई डिस्टर्ब करने वाली आवाज आ रही हो, तो उसे बंद करने की कोशिश करें. तलवों की मसाज और गुनगुना पानी आयुर्वेद के अनुसार, सोने से पहले पैरों के तलवों की मसाज करना अनिद्रा जैसी प्रॉब्लम का सबसे पक्का इलाज है. रात को सोने से पहले हाथों और पैरों को धोकर सरसों के तेल या नारियल के तेल से 5 मिनट तलवों की मसाज करें. इससे पूरे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दिमाग की नसें शांत होती हैं. इसके अलावा, सोने से ठीक पहले एक ग्लास गुनगुना पानी या हल्दी वाला दूध पीना भी बहुत फायदेमंद होता है. दिमाग को शांत करने के लिए करें ब्रीथिंग एक्सरसाइज अक्सर पूरे दिन की चिंता और स्ट्रेस, रात के समय हमारे दिमाग में घूमते रहते हैं. इसकी वजह से भी रात को बार-बार आपकी नींद खुलती रहती है. इससे बचने के लिए बिस्तर पर लेटकर 5 से 10 मिनट गहरी सांस लें और छोड़ें. इसे ब्रीथिंग एक्सरसाइज करना कहा जाता है. आप चाहें तो कोई लाइट और पीसफुल म्यूजिक भी सुन सकते हैं या कोई अच्छी किताब पढ़ सकते हैं. इससे आपका ध्यान फालतू की एंग्जायटी से हट जाएगा और आपको गहरी नींद आएगी. ये भी पढ़ें: क्या आप भी सुबह सोकर उठते ही करते हैं ये 5 गलतियां? तेजी से बढ़ सकता है आपका ब्लड प्रेशर The post रात में बार-बार टूटती है नींद? सोने से पहले बदलें ये 5 आदतें, आएगी घोड़े बेचकर नींद appeared first on Naya Vichar.

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NEET परीक्षार्थियों के लिए जरूरी खबर, EOU ने जारी की एडवाइजरी, भूलकर भी न करें ये गलती

Bihar News: NEET री-एग्जाम से पहले आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. EOU ने आशंका जताई है कि 21 जून को होने वाली NEET री-एग्जाम के दौरान साइबर अपराधी और असामाजिक तत्व सोशल मीडिया व फर्जी कॉल के जरिए पेपर लीक और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने जैसे झूठे दावे कर अभ्यर्थियों को ठगी का शिकार बना सकते हैं. इसी को देखते हुए अभ्यर्थियों से सतर्क रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है. पेपर दिलाने के नाम पर हो सकती है ठगी EOU ने कहा है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप समेत अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर कुछ लोग परीक्षा से जुड़ी भ्रामक जानकारी फैला सकते हैं. कई मामलों में प्रश्नपत्र या उत्तर उपलब्ध कराने के नाम पर पैसे मांगकर ठगी की कोशिश भी की जा सकती है. परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि ऐसे किसी भी लालच में न आएं और किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न दें. Eou ने जारी की एडवाइजरी फोन, ई-मेल या मैसेज आए तो तुरंत रहें सतर्क आर्थिक अपराध इकाई ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी को फोन कॉल, ई-मेल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, तो उसे तुरंत संदेह की नजर से देखें. ऐसी जानकारी मिलने पर नजदीकी थाना या साइबर थाना को तत्काल सूचना देने की अपील की गई है. अफवाहों को आगे न बढ़ाएं EOU ने अभ्यर्थियों से कहा है कि परीक्षा से संबंधित किसी भी अपुष्ट या भ्रामक संदेश को आगे फॉरवर्ड न करें. कई बार गलत सूचनाएं तेजी से वायरल होकर उम्मीदवारों के बीच भ्रम पैदा करती हैं और परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होती है. यदि सोशल मीडिया पर पेपर लीक या प्रश्नपत्र वायरल होने का कोई दावा दिखे तो संबंधित पोस्ट का URL सुरक्षित रखें और उसकी जानकारी पुलिस को दें. शिकायत कहां करें? किसी भी संदिग्ध गतिविधि, पेपर लीक की सूचना या साइबर ठगी से जुड़ी जानकारी आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना को दी जा सकती है. व्हाट्सएप/मोबाइल नंबर: 9031829067 इसके अलावा साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी संपर्क किया जा सकता है. 10 साल तक की सजा और 1 करोड़ तक जुर्माना EOU ने चेतावनी दी है कि परीक्षा में कदाचार, पेपर लीक या अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर केंद्र प्रशासन के पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस कानून के तहत दोषियों को 10 वर्ष तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. इसके अलावा हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) 2023 में भी ऐसे अपराधों के लिए सख्त प्रावधान हैं. केवल आधिकारिक सूचना पर करें भरोसा लगातार सामने आ रहे साइबर फ्रॉड और पेपर लीक की अफवाहों के बीच EOU की यह एडवाइजरी अभ्यर्थियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है. प्रशासन ने अपील की है कि उम्मीदवार किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने में सहयोग करें. Also Read: बिहार में 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन, किसान सभा का बड़ा ऐलान, गांव-गांव से जुटेंगे किसान The post NEET परीक्षार्थियों के लिए जरूरी समाचार, EOU ने जारी की एडवाइजरी, भूलकर भी न करें ये गलती appeared first on Naya Vichar.

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सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना क्यों है मना? बागेश्वर धाम बाबा ने बताई वजह

Vastu Rules: सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में दैनिक जीवन से जुड़ी कई परंपराएं और नियम बताए गए हैं, जिनका पालन आज भी बड़ी संख्या में लोग करते हैं. इन्हीं में से एक मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद या संध्याकाल में घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए. अक्सर घर के बड़े-बुजुर्ग भी इस बात की सलाह देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों कहा जाता है? यदि कोई व्यक्ति शाम के समय झाड़ू लगाता है, तो इसका क्या प्रभाव पड़ता है? आइए, इन सभी सवालों के जवाब बागेश्वर धाम बाबा से जानते हैं. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कहा? पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर धाम प्रशासन या महाराज के नाम से भी जाना जाता है, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर हैं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार संध्याकाल के समय भगवान शिव अपने गणों के साथ पृथ्वी पर भ्रमण करते हैं. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति शाम के समय घर की सफाई करके कचरा घर के बाहर फेंकता है, तो इसे शुभ नहीं माना जाता. उनका कहना है कि इससे भगवान शिव अप्रसन्न हो सकते हैं और घर का सकारात्मक वातावरण प्रभावित हो सकता है. इसी कारण वे सुबह के समय घर की साफ-सफाई करने की सलाह देते हैं. धार्मिक और वास्तु दृष्टिकोण हिंदू धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र में झाड़ू को केवल सफाई का साधन नहीं, बल्कि धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. मां लक्ष्मी के आगमन का समय: शास्त्रों के अनुसार संध्याकाल का समय घर में सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी के आगमन का समय माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस समय घर में झाड़ू लगाने या कचरा बाहर फेंकने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और घर में आने वाली सुख-समृद्धि वापस लौट जाती है. दरिद्रता का वास: वास्तु मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाने से मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं, जिससे घर में आर्थिक तंगी, कर्ज और दरिद्रता का प्रभाव बढ़ सकता है. मजबूरी में शाम को झाड़ू लगानी पड़े तो क्या करें? आज की व्यस्त जीवनशैली में कई लोग नौकरी या अन्य कार्यों के कारण शाम को घर लौटते हैं. ऐसे में यदि किसी कारणवश रात में झाड़ू लगाना जरूरी हो जाए, तो वास्तु शास्त्र में इसके लिए कुछ उपाय बताए गए हैं. वास्तु नियम यदि रात में झाड़ू लगाना अनिवार्य हो, तो घर का सारा कचरा और धूल एक स्थान या कोने में इकट्ठा कर लें, लेकिन उसे रात में घर से बाहर न निकालें. उस कचरे को अगले दिन सुबह ही घर के बाहर फेंकें. मान्यता है कि रात में कचरा बाहर फेंकने से धन हानि और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं. यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी समाचारें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Naya Vichar The post सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना क्यों है मना? बागेश्वर धाम बाबा ने बताई वजह appeared first on Naya Vichar.

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धनबाद के सोनारडीह में कोयला तस्करों का उत्पात, फायरिंग-बमबारी से दहशत 

कामदेव सिंह की रिपोर्ट  Dhanbad News : सोनारडीह ओपी क्षेत्र के बहियारडीह में अवैध कोयला तस्करों ने एक दर्जन से अधिक बम गोली चलाकर दहशत फैला दिया. तस्कर यही नहीं रुके सूचना मिलने पर बरोरा और सोनारडीह पुलिस टीम जब पहुंची, तो पुलिस वालों से राइफल छीनने का प्रयास किया. इस दौरान पुलिस गश्ती दल के वाहन को छतिग्रस्त कर दिया. 100 से अधिक संख्या में कोयला तस्करों का हुजूम देख पुलिस के भी होश उड़ गए.  घर-दुकान पर फायरिंग और तोड़फोड़ से मचा हड़कंप सामने शंकर साव के घर और दुकान पर भी जमकर उत्पात मचाया. उनके घर पर कई गोलियां चलाई. दुकान को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. कई बाइक, सीसीटीवी कैमरा, टीवी, फ्रिज सहित अन्य सामान तोड़ फोड़ कर चूर कर दिया. घटना सुबह 8 बजे के करीब बताई जा रही है. शंकर की पत्नी रूबी देवी ने रोते हुए बताया कि 100 से अधिक लोग आए और गोली चलाई, बम भी फोड़ें. कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की, जो घायल भी है. मेरे घर का लाखों के सामान का नुकसान पहुंचा दिया है. घटना के बाद पूरे बहियारडीह में दहशत का माहौल है. कोयला तस्करी के विरोध में ग्रामीणों का हंगामा, पुलिस से झड़प  अवैध कोयला तस्करी और बम-गोली चलाने के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने सोनारडीह ओपी पहुंचकर विरोध किया. इस दौरान ग्रामीण स्त्रीएं फोरलेन सड़क को जाम करने का प्रयास किया. जिसे पुलिस ने लाठीचार्ज कर भगा दिया. इससे ग्रामीण स्त्रीओं में आक्रोश है. ये भी पढ़ें: गढ़वा में सरस्वतिया नदी पुनर्जीवन मुहिम को मिला नया बल, मेदिनीनगर से बढ़े सहयोग के हाथ  ये भी पढ़ें: ई-वेस्ट पर झारखंड हाइकोर्ट सख्त: राज्य प्रशासन से मांगा जवाब, 2 जुलाई को अगली सुनवाई The post धनबाद के सोनारडीह में कोयला तस्करों का उत्पात, फायरिंग-बमबारी से दहशत  appeared first on Naya Vichar.

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इस दिन थियेटर्स में दस्तक देगी बंटवारा 1947, मोशन पोस्टर में दिखा सनी देओल-प्रीति जिंटा का दमदार अंदाज

Batwara 1947: सनी देओल एक बार फिर बड़े पर्दे पर धमाल मचाने के लिए तैयार हैं. उनकी मोस्ट अवेटेड फिल्म बंटवारा 1947 का मोशन पोस्टर सामने आ गया है. इसी के साथ मेकर्स ने रिलीज डेट भी अनाउंस कर दी. एक्शन ड्रामा 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. बंटवारा 1947 की रिलीज डेट से उठा पर्दा गदर 2 एक्टर ने सोशल मीडिया पर फिल्म का मोशन पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, “नफरत और डर के दौर में उन्होंने साहस को चुना… 14 अगस्त 2026 से सिनेमाघरों में देखें ‘बंटवारा 1947’.” छोटी सी क्लिप में सनी के साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल और सनी के बेटे करण देओल की भी झलक देखने को मिली. View this post on Instagram A post shared by Sunny Deol (@iamsunnydeol) बंटवारा 1947 को लेकर फैंस एक्साइटेड सनी देओल की नई फिल्म की पहली झलक देखकर फैंस सुपर एक्साइटेड हो गए. एक यूजर ने लिखा, ”सुपर डुपर हिट…सनी पाजी 100 परसेंट.” एक दूसरे यूजर ने लिखा, ”सनी सर मैं 40 साल का हूं और मैं बचपन से आपकी फिल्म देख रहा हूं.” एक अन्य यूजर ने लिखा, ”सनी देओल+राज कुमार संतोषी.” बंटवारा 1947 में दिखेंगे ये स्टार्स इस पीरियड ड्रामा का निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर राजकुमार संतोषी कर रहे हैं, जबकि फिल्म को आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनाया जा रहा है. फिल्म में सनी देओल के अलावा प्रीति जिंटा, शबाना आजमी और करण देओल जैसे कलाकारों की टोली है. बता दें कि साल 2023 में आमिर खान प्रोडक्शंस ने ऑफिशियल तौर पर इस फिल्म की घोषणा की थी. उस समय इसका नाम “लाहौर 1947” था. इस बीच, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ से टकराएगी. नितिन कक्कर की ओर से निर्देशित यह फिल्म हाशमी की 2007 में आई फिल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल है, जिसमें श्रिया सरन है. यह भी पढ़ें- जब लड़कों से मिले गिफ्ट्स की कीमत देखती थी अनुष्का शर्मा, हिसाब लगाकर करती ये काम The post इस दिन थियेटर्स में दस्तक देगी बंटवारा 1947, मोशन पोस्टर में दिखा सनी देओल-प्रीति जिंटा का दमदार अंदाज appeared first on Naya Vichar.

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राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के लोग ‘नोटों से भरी थैली’ लेकर पहुंच रहे हैं विधायकों के पास, कांग्रेस का आरोप

Rajya Sabha Election : मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को होने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग से बचने और अपने खेमे को एकजुट रखने के मकसद से कांग्रेस ने अपने विधायकों को पार्टी शासित कर्नाटक ले जाने का फैसला किया है. मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से इस संबंध में बात की. उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी विधायकों को किसी कांग्रेस शासित प्रदेश में ले जाया जाएगा क्योंकि बीजेपी उनके विधायकों को कथित तौर पर खरीदने का प्रयास कर रही है. सिंघार ने कहा कि पार्टी के कुछ विधायकों ने उन्हें बताया है कि बीजेपी के लोग ‘नोटों से भरी थैली’ लेकर उनसे संपर्क करने आए थे लेकिन उन्होंने उन्हें लौटा दिया. सिंघार ने दावा किया कि 18 तारीख को मतदान के दिन बीजेपी का सारा ‘षड्यंत्र’ विफल होगा. सौंसर विधायक विजय रेवानाथ चौरे ने बाद में कहा कि सभी विधायक भोपाल से बेंगलुरु जा रहे हैं. उन्होंने भी दावा किया कि बीजेपी खरीद फरोख्त के प्रयास कर रही है इसलिए पार्टी के शीर्ष नेताओं ने विधायकों को एक साथ किसी कांग्रेस शासित राज्य में रखने का फैसला किया है. मध्य प्रदेश में खाली हुई जिन तीन सीटों पर चुनाव चुनाव हो रहे हैं, उनमें से दो पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है जबकि संख्या बल के लिहाज से तीसरी सीट पर कांग्रेस का पलड़ा भारी है. लेकिन राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को पेचीदा बना दिया है. बीजेपी ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राज्य इकाई के सचिव रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है और तीसरी सीट पर मध्यप्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट पर दांव लगाया है. बैठक में कांग्रेस का एक विधायक नहीं पहुंचा कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है, जहां उनका मुकाबला केवट से होना निश्चित है. चुघ और अग्रवाल ने शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि नटराजन और केवट ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया. इससे पहले, सोमवार देर रात सिंघार के घर पर पार्टी नेताओं की एक बैठक हुई, जिसमें करीब 60 विधायक शामिल हुए. पार्टी का एक विधायक बैठक में शामिल नहीं हुआ क्योंकि वह दिल्ली में था, जबकि वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने आनलाइन माध्यम से इसमें हिस्सा लिया. बीजेपी के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं वर्तमान में वर्तमान में मध्यप्रदेश की कुल 230 सदस्यीय विधानसभा में सदस्यों की संख्या 229 है. इनमें बीजेपी के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं जबकि एक सीट हिंदुस्तान आदिवासी पार्टी के पास है. दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र हिंदुस्तानी की सदस्यता रद्द हो चुकी है, जिस वजह से एक सीट रिक्त है. श्योपुर जिले के विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर हाई कोर्ट की रोक है. सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए मध्यप्रदेश हाई  कोर्ट में याचिका लगाई गई है. ऐसे में यह संभावना है कि वह इस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करें. सप्रे ने सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात भी की है. राज्यसभा में वोटों का ये है गणित राज्यसभा की तीन सीटों पर प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है. इस हिसाब से दो सीटें जीतने के लिए भाजपा को 116 वोट की जरूरत है. कुल 164 में से 116 वोट देने के बाद बीजेपी के पास 48 वोट बचेंगे. तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 58 वोट चाहिए यानी बीजेपी को 10 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है. निर्मला सप्रे और हिंदुस्तान आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश डोडियार के मत बीजेपी को मिले लें तो उसकी संख्या 50 तक पहुंच सकती है. इसके बावजूद जीत के लिए उसे कम से कम आठ और मतों की आवश्यकता होगी. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी इसकी पूर्ति कांग्रेस खेमे में सेंध लगाकर करने का प्रयास कर रही है. यह भी पढ़ें : राज्यसभा चुनाव : डिनर टेबल पर सियासी रणनीति, कांग्रेस को सताने लगा टूट का डर? कांग्रेस के पास आवश्यक संख्या से चार वोट अधिक सप्रे का रुख और मल्होत्रा के मतदान पर लगी रोक की वजह से कांग्रेस का प्रभावी आंकड़ा 62 पर सिमट सकता है. हालांकि, चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस के पास आवश्यक संख्या से चार वोट अधिक है. मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा. सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन था. The post राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के लोग ‘नोटों से भरी थैली’ लेकर पहुंच रहे हैं विधायकों के पास, कांग्रेस का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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