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भागलपुर में सांसद ने पत्रकारों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, दी भद्दी भद्दी गालियां…जानिए क्या है पूरा मामला

नया विचार – भागलपुर में सांसद अजय मंडल ने बुधवार को संभावित मुख्यमंत्री दौरे की तैयारी की समाचार कवरेज कर रहे पत्रकारों की जमकर पिटाई की। साथ ही पत्रकारों को भद्दी भद्दी गालियां दी। पत्रकारों को वीडियो बनाते देख सांसद भड़के मिली जानकारी के अनुसार, घायल पत्रकारों की पहचान कुणाल शेखर और सुमित के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सांसद का बोर्ड लगा हुआ गाड़ी हवाई अड्डा में प्रवेश करती है जिसको पत्रकार कवरेज कर रहे थे। सांसद हवाई अड्डा में ही चल रहे तैयारी की जायजा ले रहे थे। इसके बाद सांसद गाड़ी में बैठकर वापस हवाई अड्डा से बाहर निकले उसके बाद अपने पांच गुर्गों को अपने स्कॉर्पियो में बैठाकर फिर से हवाई अड्डा पहुंचे। जिसका वीडियो पत्रकार बना रहे थे। वहीं,वीडियो बनाते देख सांसद भड़क उठे और गाली गलौज करना शुरू कर दिया, उसके बाद पत्रकार को दौड़ा-दौड़ा कर उसकी पिटाई की। इस घटना में दोनों पत्रकारों को गंभीर चोट लगी है। जिसका इलाज सदर अस्पताल में करवाया जा रहा है। इस घटना के बाद, भागलपुर के पत्रकारों में इसको लेकर खासा नाराजगी जाहिर की है। पत्रकारों ने सासंद पर कार्रवाई की मांग की है।

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Bihar Teacher: सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग ने बदला नियम, हर क्लास में अब इतने शिक्षक जरूरी

Bihar Teacher: शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से पांच (प्राथमिक स्कूल) और कक्षा छह से आठ (मध्य विद्यालय) तक के प्रशासनी स्कूलों के लिए शिक्षकों की मानक संख्या तय कर दी है. इसके अनुसार प्राथमिक प्रशासनी स्कूलों में पांच और मध्य विद्यालयों में कम से कम नौ शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य रूप से होनी चाहिए. नियुक्ति और पदस्थापन के लिए शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिख कर कहा है कि तय किये गये इन मानकों के हिसाब से राज्य के प्राथमिक और मध्य स्कूलों के लिए स्वीकृत बल और रिक्तियों की संख्या 31 जनवरी तक इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करें. हर प्राथमिक स्कूल में होगा एक प्रधान शिक्षक प्राथमिक शिक्षा निदेशक पंकज कुमार की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार कक्षा एक से पांच तक के ऐसे प्राथमिक स्कूल जहां 120 तक नामांकन हैं, वहां चार शिक्षक और जहां 121 से 150 तक शिशु नामांकित हैं, वहां पांच शिक्षक तैनात होंगे. 150 से अधिक नामांकन वाले स्कूलों में हर 40 विद्यार्थी पर एक शिक्षक नियुक्त होंगे, हर प्राथमिक स्कूल में एक प्रधान शिक्षक होगा, जो उक्त शिक्षक के अतिरिक्त होगा. मध्य विद्यालय में हर 35 विद्यार्थी पर एक शिक्षक होगा ऐसे मध्य विद्यालय जहां कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई होती है, वहां कक्षा एक से पांच तक में विद्यार्थियों के नामांकन के अनुसार प्राथमिक स्कूलों की तरह ही शिक्षक रखे जायेंगे. हालांकि कक्षा छह से आठ तक के लिए 105 तक नामांकित बच्चों पर चार शिक्षक नियुक्त होंगे. इसमें विज्ञान व गणित, सामाजिक अध्ययन, हिंदी और अंग्रेजी के एक-एक शिक्षक तैनात होंगे, जहां 105 से अधिक नामांकन हैं, वहां हर 35 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक नियुक्त होगा. हर मध्य विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक का पद स्वीकृत है, जो शिक्षकों की संख्या के अतिरिक्त होगा. Also Read: महाकुंभ में भगदड़ के बाद भी ट्रेनों में कम नहीं हो रही तीर्थयात्रियों की भीड़, AC कोच का जनरल सा हाल शिक्षा विभाग के अहम फैसले वैसे माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल जहां एक से आठ तक की कक्षाएं है, वहां भी शिक्षकों की संख्या का निर्धारण तय मानक के अनुसार होगा. विषयवार शिक्षकों की संख्या का निर्धारण जिलास्तर पर होगा. नामांकन अधिक होन पर विज्ञान और गणित के एक से अधिक शिक्षक रखे जा सकते है. उर्दू व संस्कृत के लिए भी प्रावधान हो सकता है. हर शिक्षक के लिए कम से कम एक वर्ग कक्ष होना चाहिए, शिक्षकों का वास्तविक मूल्यांकन स्कूल के कमरों की उपलब्धता के आधार पर होगा. मध्य विद्यालय में प्रधानाध्यापक सहित नौ शिक्षकों का प्रावधान जिन मध्य विद्यालयों में मूल कोटि के शारीरिक शिक्षक है, वहां स्वीकृत और कार्यरत बल में शारीरिक शिक्षक अंकित होंगे. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें The post Bihar Teacher: प्रशासनी स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग ने बदला नियम, हर क्लास में अब इतने शिक्षक जरूरी appeared first on Naya Vichar.

अपराध, बिहार

बिहार में मेडिकल टेक्नीशियन की पीट-पीट कर हत्या, एंबुलेंस पलटने से नाराज थे मरीज के परिजन

नया विचार – बिहार में एक एंबुलेंस के पलट जाने के बाद मरीज के आक्रोशित परिजनों ने एंबुलेंस में मौजूद ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की पीट-पीट कर हत्या कर दी. वारदात गया जिले के बथानी की है. 30 साल के मृतक का नाम कुंदन कुमार बताया जा रहा है. इस पूरे मामले में मरीज के परिजनों और आसपास के लोगों पर पीटने का आरोप लगा है. कुंदन कुमार नालंदा जिला के परवलपुर थाना क्षेत्र के एक सारी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है. इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. पुलिस मरीज के परिजनों से पूछताछ कर रही है. गुस्साये परिजनों ने पीट-पीट कर मार डाला जानकारी के अनुसार, बथानी थाना क्षेत्र के ढकनी बी से एक मरीज को लाने के लिए यह एम्बुलेंस गया था. मरीज को एम्बुलेंस में रखने के बाद जब गाड़ी को बैक किया जा रहा था, इसी दौरान मरीज सहित एंबुलेंस पलट गयी. एंबुलेंस पलटने पर ईएमटी कुंदन कुमार ने दूसरे एंबुलेंस के लिए अस्पताल को फोन किया. इस बीच, इसके बाद मरीज के परिजन और कुछ स्थानीय लोग भड़क गए. एम्बुलेंस पलटने की जानकारी मिलते ही वहां पर ग्रामीण जुट गये. उग्र होती भीड़ को देखकर ड्राइवर और मृतक कुंदन वहां से भागने लगे. ड्राइवर ने बताया कि वह खेत के रास्ते भागा, जबकि कुंदन सड़क के रास्ते भागने कोशिश में पकड़ा गया. वहां पर कुछ लोगों ने उसे पकड़ कर पीटना शुरू कर दिया.   जांच में जुटी पुलिस दूसरा एंबुलेंस लेकर जब 112 की टीम के साथ एंबुलेंसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा गया कि सड़क पर कुंदन अधमरा स्थिति में पड़ा हुआ था. उसे आनन-फानन में बिहार शरीफ के एक निजी क्लीनिक में ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. एंबुलेंस में मौजूद गर्भवती स्त्री को 112 की टीम ने अस्पताल पहुंचा. इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गयी है. नीमचक बथानी थाना ने कुंदन के शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल अस्पताल भेजा है. इस घटना को लेकर कुंदन के परिजन में कोहराम मचा हुआ है. वहीं अस्पताल के कर्मी इस घटना को लेकर स्तब्ध है. पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. अब तक मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में पुलिस अब एंबुलेंस बुलानेवाली आशा देवी से पूछताछ कर रही है.  

बिहार, समस्तीपुर

हायोरब्बा! मास्टर साहब ने किया घोटाला, एक साथ पांच टीचर सस्पेंड, डबल बर्थडे वाले गुरुजी पर भी शिकंजा

नया विचार समस्तीपुर: एक साथ पांच शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। ये मामला मोरवा प्रखंड के बाजितपुर करनैल स्थित प्लस टू जनता उच्च विद्यालय का है। स्कूल के निर्माण कार्य में लगभग 60 लाख रुपये के गबन का आरोप है। विभागीय निर्देशों की अनदेखी और मानक से अधिक भुगतान भी किया गया। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच हुई और ये घोटाला सामने आया। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य का पैसा एक शिक्षक के निजी खाते में भेजा गया था। डीईओ ने पूर्व प्रधानाचार्य समेत पांच शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। एक अलग मामले में, परिहार के एक शिक्षक पर फर्जी जन्मतिथि के आधार पर नौकरी करने का आरोप है, जिसकी जांच की जा रही है। समस्तीपुर के मोरवा में पांच स्कूल टीचर सस्पेंड समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड में स्थित प्लस टू जनता उच्च विद्यालय, बाजितपुर करनैल में एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। इस घोटाले में स्कूल के निर्माण कार्य में लगभग 60 लाख रुपये के गबन का आरोप है। इसके साथ ही विभागीय निर्देशों की अनदेखी और मानक से अधिक भुगतान जैसे आरोप भी सामने आए हैं। इस मामले में स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य समेत पांच शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया है। यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब स्थानीय ग्रामीणों ने स्कूल के नवनिर्माण और चारदीवारी निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत की। ग्रामीणों को शक था कि निर्माण कार्य में प्रशासनी नियमों की अनदेखी की जा रही है और पैसे का गबन हो रहा है। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत मोरवा विधायक रणविजय साहू से की। विधायक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को मामले की जांच के आदेश दिए। स्कूल की बाउंड्री निर्माण में गड़बड़झाला डीईओ के निर्देश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) कुमार सत्यम के नेतृत्व में एक जांच दल गठित किया गया। जांच में पाया गया कि स्कूल के निर्माण कार्य में लगभग 60 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में स्कूल प्रबंधन समिति और अन्य सदस्यों को कोई जानकारी नहीं दी गई। यह भी पता चला कि निर्माण कार्य के लिए जो पैसा स्कूल के खाते से संबंधित एजेंसी को भेजा जाना चाहिए था, वो एक शिक्षक के निजी खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। चारदीवारी निर्माण में 20 लाख रुपये का खर्च दिखाया गया, जो वास्तविक लागत से कहीं ज्यादा था। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त तरुण कुमार झा, वर्तमान प्रभारी प्रधानाचार्य विकास कुमार झा और शिक्षक अमरेन्द्र कुमार, राजीव कुमार और चंदन कुमार के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही इन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया है। डीईओ के आदेश पर विभागीय प्रक्रिया के तहत दोषी शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। मोरवा के बीईओ राकेश कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। डबल बर्थडे वाले मास्टर साहब पर भी शिकंजा वहीं, एक अलग मामले में, परिहार में जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रमोद कुमार साहू ने बीडीओ आलोक कुमार को मध्य विद्यालय शिवनगर के प्रखंड शिक्षक राम दिनेश राय पर विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। राम दिनेश राय पर फर्जी जन्मतिथि के आधार पर नौकरी करने का आरोप है। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि राम दिनेश राय फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे हैं। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से मामले की जांच करवाई। जांच में यह बात सामने आई कि राम दिनेश राय ने दो अलग-अलग जन्मतिथि दर्ज कराकर प्रशासनी नौकरी हासिल की है। इसके बाद डीईओ ने बीडीओ को पत्र लिखकर राम दिनेश राय के खिलाफ विभागीय और अनुशासनिक कार्रवाई करने की सिफारिश की है।

बिहार

बिहार में 15000 कमाने वाले लोगों की बल्ले-बल्ले, अब मिलेगा इस योजना का लाभ; जानें

नया विचार पटना– बिहार के गरीब परिवारों के लिए खुशसमाचारी है। अब उन्हें पक्का घर मिलने का सपना जल्द ही पूरा हो सकता है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत घर-घर सर्वेक्षण शुरू हो गया है। इस सर्वे का मकसद उन सभी योग्य परिवारों की पहचान करना है, जो अभी तक इस योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं। यह सर्वेक्षण 31 मार्च तक चलेगा। इस दौरान अधिकारी घर-घर जाकर लोगों की जानकारी इकट्ठा करेंगे। योजना में किए गए बड़े बदलाव इस बार योजना में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। पहले अगर आपके पास बाइक थी या आपकी आमदनी 10000 रुपये से ज्यादा थी, तो आपको इस योजना का लाभ नहीं मिलता था। लेकिन अब नियम बदल गए हैं। अगर आपके पास बाइक है और आप 15000 रुपये प्रतिमाह कमाते हैं, तब भी आप पीएम आवास योजना का लाभ ले सकते हैं। बनाए गए हैं खास नियम लाभार्थियों के चयन के लिए कुछ खास नियम बनाए गए हैं। सबसे पहले तो आपके पास प्रशासनी नौकरी नहीं होनी चाहिए। दूसरे आपके पास ट्रैक्टर या हार्वेस्टर जैसा कोई कृषि यंत्र नहीं होना चाहिए। और तीसरा, आपका नाम योजना की पुरानी सूची में नहीं होना चाहिए। इनके अलावा कुछ और भी नियम हैं। अगर आपके पास कार या कोई अन्य चार पहिया वाहन है, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा 50000 रुपये या उससे ज्यादा है, आप इनकम टैक्स या व्यापार कर देते हैं, या आपके परिवार में किसी सदस्य की मासिक आय 15,000 रुपये या उससे ज्यादा है, तो आपको इस योजना से बाहर रखा जाएगा। योजना का लाभ लेने को चाहिए ये कार्ड पीएम आवास योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास मनरेगा का जॉब कार्ड और आधार कार्ड होना जरूरी है। अगर आपके पास जॉब कार्ड नहीं है, तो आपको योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सर्वे के दौरान अधिकारी इन सभी बातों की जांच करेंगे। सर्वे पूरा होने के बाद योग्य लाभार्थियों के नाम आवास प्लस 2.0 ऐप में जोड़े जाएंगे।

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बिहार में स्टील, टीवी, सीमेंट कुछ नहीं बनता, सिर्फ नौजवान लड़कों को मजदूर बनाया जा रहा है : प्रशांत किशोर

नया विचार – जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने लालू-नीतीश के 35 साल के शासन का विश्लेषण करते हुए कहा कि बिहार में स्टील, टीवी, सीमेंट आदि नहीं बनता है। बिहार में सिर्फ एक चीज बन रही है, हमारे नौजवान लड़कों को मजदूर बनाया जा रहा है। हमारे राज्य में स्टील या सीमेंट की फैक्ट्री नहीं है, इसलिए हमारे युवाओं को दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करनी पड़ती है। हमारे राज्य के युवा दूसरे राज्यों में जाकर मजदूरी करने को मजबूर हैं। इसके साथ ही प्रशांत किशोर ने कहा कि लालू-नीतीश ने मिलकर पूरे समाज को अनपढ़ बना दिया है। इसका नतीजा यह है कि हमारे सारे शिशु मजदूर ही बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि लालू और नीतीश के राज में ज्यादा फर्क नहीं है। लालू जी के राज में अपराधी जनता को परेशान करते थे और नीतीश कुमार भाजपा के राज में अधिकारी जनता को परेशान करते हैं। नीतीश कुमार के अफसर राज का आलम यह है कि आम लोगों को चाहे जमीन संबंधी कोई काम करवाना हो या जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना हो, अधिकारी बिना रिश्वत लिए काम नहीं करते।

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‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के बेटे और पसमांदा वाले अली अनवर ने छोड़ा नीतीश का साथ, बिहार चुनाव से पहले कांग्रेस का दांव

नया विचार पटना- बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को कांग्रेस ने झटका दिया है। पूर्व राज्यसभा सदस्य अली अनवर अंसारी और ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के बेटे भगीरथ मांझी ने कांग्रेस की सदस्यता ली। इनके साथ कुछ अन्य नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी कांग्रेस में शामिल हुए। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने सभी का पार्टी में स्वागत किया। अली अनवर अंसारी जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता रह चुके हैं और वो अप्रैल 2006 से दिसंबर 2017 तक उच्च सदन (राज्यसभा) के सदस्य भी रहे। उन्होंने कहा कि वो राहुल गांधी के विचारों से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हुए हैं। JDU वाले अली अनवर अब कांग्रेस में अली अनवर अंसारी ने कहा, ‘राहुल जी के विचारों से बिहार में भाजपा और जद (यू) में खलबली मच गई है। राहुल जी की बातों से राज्य में दलित, आदिवासी, अति पिछड़ों, अकलियतों और पसमांदा मुसलमानों में उत्साह का संचार हुआ है।’ ‘पसमांदा मुस्लिम महाज’ नामक संगठन के संस्थापक अली अनवर अंसारी ने कहा कि उनके प्रयासों का नतीजा है कि देश-दुनिया के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में ‘पसमांदा सियासत’ पर शोध हो रहा है। कांग्रेस जॉइन करने के बाद अली अनवर अंसारी ने कहा, ‘खरगे जी और राहुल गांधी जी के विचारों से पहले से ही प्रभावित था। जब ‘संविधान रक्षा सम्मेलन’ की श्रृंखला शुरू हुई, तब मुझे आमंत्रित किया गया, जिसके बाद हम लोगों ने मिलकर कई जगहों पर इस सम्मेलन का आयोजन किया। बिहार में राहुल गांधी जी के विचारों से दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक लोगों में उत्साह का संचार हुआ है। हम सभी कांग्रेस पार्टी के विचारों से सहमति रखते हैं और साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।’ माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के बेटे भी ‘हाथ’ के साथ वहीं, जून 2023 में ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के बेटे भगीरथ मांझी ने जेडीयू की सदस्यता ली थी। बड़े ही तामझाम से पटना के जेडीयू ऑफिस में प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने दशरथ मांझी और उनके दामाद मिथुन मांझी को मेंबर बनाया था। तब, उम्मीद की जा रही थी कि गया से भगीरथ मांझी या उनके दामाद मिथुन मांझी जेडीयू से चुनाव लड़ेंगे। मगर, लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने पल्टी मारी और बाजी पलट गया। गया लोकसभी सीट एनडीए के पार्टनर जीतन राम मांझी के खाते में चला गया। हाल ही में 18 जनवरी को पटना में संविधान सुरक्षा सम्मेलन में के दौरान भागीरथ मांझी की मुलाकात कांग्रेस नेता राहुल गांधी से हुई थी। राहुल गांधी ने उन्हें सम्मानित किया था। बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अली अनवर अंसारी और भगीरथ मांझी के कांग्रेस जॉइन करने को लेकर एक बड़ा बदलाव कहा जा रहा है। इस कार्यक्रम में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश भी मौजूद थे। इसके अलावा नीतीश के गृह जिले नालंदा के रहने वाले फेमस हार्ट सर्जन डॉ. जगदीश प्रसाद ने भी राहुल गांधी पर भरोसा जताया। अब ये हस्तियां कांग्रेस के साथ इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता मनोज प्रजापति, आम आदमी पार्टी के नेता निशांत आनंद, चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े जगदीश प्रसाद, भाजपा की नेता रहीं निखत अब्बास, लेखक और पत्रकार फ्रैंक हुजूर भी कांग्रेस में शामिल हुए हैं। कुल सात नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस को जॉइन किया जिसमें बिहार से अली अनवर अंसारी और भगीरथ मांझी शामिल हैं। •अली अनवर अंसारी: पूर्व सांसद, प्रख्यात राजनेता, समाज सेवक और वरिष्ठ पत्रकार रहे हैं। इनकी मुस्लिम दलित समुदाय के संघर्षों पर लिखी किताबें बहुत विख्यात हैं। •भगीरथ मांझी: ये ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी जी के सुपुत्र हैं और कांग्रेस और राहुल गांधी जी की विचारधारा से प्रभावित होकर कांग्रेस में शामिल हुए •डॉ. जगदीश प्रसाद: प्रसिद्ध हार्ट सर्जन और हिंदुस्तान प्रशासन में पूर्व स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक रहे हैं। बिहार के नालंदा जिले से आते हैं। •मनोज प्रजापति: अखिल हिंदुस्तानीय प्रजापति कुंभकार संघ के राज्य अध्यक्ष हैं। ये सामाजिक और आर्थिक पहलुओं के द्वारा अपने समुदाय को ऊपर उठाने का काम करते आए हैं। •निशांत आनंद: AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे हैं। 4 साल से AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर काम करते आए हैं। •निखत अब्बास: BJP की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता रही हैं, इन्होंने BJP के साथ बहुत काम किया है। •फ्रैंक हुजूर, प्रसिद्ध लेखक: राहुल गांधी जी के समर्थन में हमेशा योगदान देते रहे हैं। ये हिंदुस्तान की विविधता के हिमायती हैं।

बिहार

पर्यटकों से गुलजार हुआ बिहार का डल झील, अब तक पहुंची 41 प्रजातियों की विदेशी पक्षियां

नया विचार बेगूसराय– बिहार के बेगूसराय जिले स्थिति कावर झील आजकल पर्यटकों से गुलजार है. एशिया का यह दूसरा सबसे बड़ा पक्षी अभयारण्य है. यह अभयारण्य प्रकृति के सौंदर्य और पक्षी संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है. इस पक्षी अभयारण्य में इस साल 107 प्रजाति के देसी और करीब 40 प्रजाति के विदेशी पक्षी प्रवास करने आये हैं. इस कारण यह जगह पक्षी प्रेमियों के लिए खास बन गया है. यहां लोगों को कई प्रवासी पक्षी और देसी पक्षी की प्रजाति देखने को मिल रही है. इन पक्षियों को कावर का स्वच्छ जल, कम ठंड एवं धान के अवशेष के रूप में चारा की पर्याप्त उपलब्धता के कारण रुकने में आसानी होती है. सात समंदर पार से आती हैं प्रवासी पक्षियां ठंड बढ़ते ही कावर झील पक्षी विहार में प्रवासी मेहमान पक्षियों का आगमन शुरू हो गया है. सात समंदर पार से मीलों दूर सफर तय कर रंग-बिरंगे पक्षियों का झील में उतरना शुरू हो गया है. पक्षियों की चहचहाहट व कलरव से लोगों का मन प्रफुल्लित हो रहा है. वहीं झील की रमणीयता बढ़ गई है. रंग-बिरंगे पक्षियों की कलरव से झील की सुंदरता में चार चांद लग गया है. प्रत्येक वर्ष दर्जनों प्रजाति के पक्षी यहां आते हैं. आनेवाले पक्षियों की संख्या सैकड़ों में नहीं बल्कि कई हजारों में होती है. इस झील में पांच माह के प्रवास के बाद गर्मी शुरू होते ही अपने वतन को लौट जाते हैं. यहां दिखती हैं 40 से ज्यादा प्रवासी प्रजातियां इस जगह को 20 जनवरी 1989 को कावर पक्षी बिहार घोषित किया गया. दो जनवरी 1989 को वन मंत्रालय ने कावर को देशभर के 10 रामसर साइट में शामिल किया. इस झील में मुख्य रूप से लालसर, दीघौंच, कसुरार, डुमर, निलसर, डार्टर, ब्लैक नेकेड स्टाक, कूट, किगफिशर, मूर हेन, ग्रै हेरान, कामन इगरेट, लार्ज इगरेट, स्नालर इगरेट, लिटिस इगरेट, नाइट हेरान, लिटिल ग्रीब, शावलर, शिकरा, इजिप्शियन वल्चर, बार हेडेड गीज, पर्पल हेरान, टिल, पर्पल हेरान आदि प्रजाति के मेहमान पक्षी ठंडे इलाके वाले देश साइबेरिया, स्विट्जरलैंड, इंडो तिब्बत, वर्मा, थाईलैंड, जापान, रूस, अफगानिस्तान, मंगोलिया, इंडोनेशिया आदि देशों से यहां पहुंचते हैं. पर्यटकों को भा रही है प्रकृति की सुंदरता पर्यटकों के लिए प्रशासनी स्तर पर कोई खास व्यवस्था नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों ने निजी स्तर पर नाव के साथ-साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की है. कावर झील में पक्षी देखने आयी चंदा सिंह कहती हैं कि पक्षी अभयारण्य एक ऐसी जगह है, जहां आप सुंदर पक्षियों के साथ प्रकृति के मनोरम दृश्य का भी आनंद उठा सकते हैं. यहां मौजूद प्रवासी पक्षियां अपनी ओर आकर्षित करती है. सुविधाओं की कमी के बावजूद उनका कहना है कि यह जगह दोस्तों और परिवार के साथ घूमने के लिए शानदार पर्यटन स्थल है. नेचर फोटोग्राफी के शौकीन अभिनव सिन्हा कहते हैं कि रंग-बिरंगे पक्षियों की खूबसूरती और प्रकृति की सुंदरता को अपनी नजरों में कैद करना हमें यहां अच्छा लगता है. कैसे आएं कावर झील पक्षी अभयारण्य बेगूसराय में स्थित कावर झील पक्षी अभ्यारण एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है. यहां आने के लिए आप रेल, सड़क और हवाई मार्ग का उपयोग कर सकते हैं. रेल मार्ग – इस पक्षी अभ्यारण तक आने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन बेगूसराय स्टेशन है, जिसकी दूरी कावर झील से मात्र 30 किलोमीटर है. वायु मार्ग – कावर झील पक्षी अभयारण्य का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा पटना एयरपोर्ट है. इस एयरपोर्ट से पक्षी अभयारण्य तक की दूरी केवल 160 किलोमीटर है. पटना एयरपोर्ट तक पहुंच कर आप बेगूसराय के लिए बस या कैब लेकर कावर झील पक्षी अभयारण्य तक आ सकते हैं. सड़क मार्ग – पटना को बेगूसराय से जोड़ने वाली सड़क हिंदुस्तान के प्रमुख शहरों से जुड़ी हुई है. इसलिए आप सड़क मार्ग से भी कावर झील पक्षी अभयारण्य तक आ सकते हैं.

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नीतीश की बीमारी कहीं NDA में राजनीतिक उठापटक की नींव न डाल दे, टूट चुकी है 19 साल की परम्परा!

नया विचार पटना– बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीमार क्या हुए, राज्य में नई नेतृत्वक उठापटक की कहानी शुरू हो गई। कुछ हो न हो, पर नीतीश कुमार कुछ इसी तरह से बीमार रहे तो एनडीए की नेतृत्व किंतु-परंतु के घेरे में तो चली ही जाएगी। इसके साथ ही एनडीए के छोटे दल जो बड़ा चेहरा दिखाने लगे हैं, उनकी टकराहट की गूंज कुछ बढ़ भी सकती है। सबसे ज्यादा चिंता की बात भाजपा के लिए ही हो जाएगी, क्योंकि बिहार में ‘कुर्सी की नेतृत्व’ में नीतीश कुमार उनके लिए तो तुरुप का इक्का ही हैं। दिलचस्प तो यह है कि बीमारी के कारण नीतीश कुमार जिन महत्वपूर्ण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए, विपक्ष इसे एनडीए में खटपट के रूप में देखने लगा है। आइए जानते हैं कि विपक्ष को बोलने का मौका कब-कब नीतीश कुमार ने दिया… …और तोड़ दी 19 साल की परम्परा अपने नेतृत्वक करियर में नीतीश कुमार के चिंतन में सबसे ज्यादा दलित पीड़ित ही रही है। लेकिन, इस बार नीतीश कुमार के जीवन का नकारात्मक ही सही पर एक रिकॉर्ड बन गया। दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गणतंत्र दिवस के मौके पर दलित टोला जाते रहे हैं। लेकिन खुद के रचे इतिहास को खुद नीतीश कुमार ने ही इस बार बदल दिया। दरअसल होता यह था कि गणतंत्र दिवस पर नीतीश कुमार गांधी मैदान आते थे, और यहां से किसी दलित टोले में उनकी उपस्थिति में झंडोत्तोलन होता था। इस गणतंत्र दिवस पर भी दलित टोला में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जाने का कार्यक्रम तय था। मुख्यमंत्री को फुलवारी शरीफ प्रखंड के महुली गांव के महादलित टोले में जाना था। प्रशासनिक तैयारी की जा रही थी। बड़ा मंच बना। सजावट की सारी व्यवस्था की गई। नीतीश कुमार पटना के गांधी मैदान भी गए, पर सीएम झंडोत्तोलन के बाद सीधे अपने आवास चले गये। सीएम नीतीश कुमार के बदले मंत्री विजय चौधरी महुली गांव में पहुंचे। विजय चौधरी की मौजूदगी में महादलित टोले के बुजुर्ग सुभाष रविदास ने झंडोत्तोलन किया।इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के नहीं जाने से नेतृत्वक गलियारा अफवाहों से भर गया था। पीठासीन पदाधिकारियों की बैठक में भी नहीं पहुंचे सीएम गत माह जनवरी को पटना में देश भर के पीठासीन पदाधिकारियों का सम्मेलन हुआ था। इसमें लोकसभा के अध्यक्ष समेत सारे राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष मौजूद थे। कार्यक्रम में नीतीश कुमार को आना था और संबोधन भी करना था। लेकिन नीतीश कुमार कार्यक्रम में नहीं गए। कर्पूरी ठाकुर की जयंती कार्यक्रम में नहीं आए नीतीश ज्ञात हो कि 24 जनवरी को कर्पूरी जयंती मनाई जाती है। इस मौके पर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पटना और समस्तीपुर के दौरे पर आये थे। प्रोटोकॉल तो यही कहता है के नीतीश कुमार को पटना एयरपोर्ट पर ही उप-राष्ट्रपति का स्वागत करना चाहिए था, लेकिन वे वहां नहीं गए। तय यह हुआ था कि स्व. कर्पूरी ठाकुर के गांव में आयोजित कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ नीतीश कुमार भी मौजूद रहेंगे। लेकिन नीतीश कुमार मुख्य समारोह में शामिल नहीं हुए। बीमार हुए नीतीश तो NDA में बिखराव? वरिष्ट पत्रकार का मानना है कि नीतीश कुमार का ही वह चेहरा है, जो भाजपा को सत्ता के करीब लाता है। और यह बीमारी जिसके कारण महत्वपूर्ण कार्यक्रम तक छूट जा रहे हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार से भी अगर नीतीश कुमार दूर रह गए तो एनडीए में दरार तो पड़ेगी ही, जदयू भी विभाजित हो सकती है। सेकंड लाइनर नहीं होने के कारण पार्टी बिखर भी सकती है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही एनडीए में शामिल छोटे दलों ने पहले से ही डिमांड का पहाड़ खड़ा कर रखा है। तब ये सौ फीसदी स्ट्राइक रेट वाली पार्टियां हिस्सेदारी की सीमा हर हाल में पाना चाहेंगी। और ये स्थितियां महागठबंधन की लड़ाई को अतिरिक्त ताकत दे जाएगा। एनडीए में नीतीश कुमार के विकल्प को ले कर कोई चेहरा भी नहीं है। यह एक यक्ष प्रश्न तो खड़ा हो जाएगा।

ताजा ख़बर, बिहार, मौसम

बिहार के इन 8 जिलों में आज फिर बिगड़ेगा मौसम, पछुआ हवाएं बढ़ाएगी ठिठुरन

नया विचार पटना– बिहार के मौसम में लगातार बदलाव जारी है. प्रदेश में घने कोहरे और ठंड से फिलहाल लोगों को राहत मिलने की संभावना नहीं है. क्योंकि पछुआ हवा लगातार बिहार में ठंड बढ़ा रही है. हालांकि आज सुबह के समय घना कोहरा और दिन में धूप खिलेगी. आज राज्य के अधिकांश इलाके में अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 06 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेश का मौसम ऐसा ही बने रहने का अनुमान है. IMD ने बिहार के 7 जिलों में 29 जनवरी तक घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है. सर्द पछुआ हवाएं बढ़ाएगी ठिठुरन प्रदेश में सर्द पछुआ हवाएं चलने के कारण रात के समय ठिठुरन महसूस हो रही है. मौसम विभाग केंद्र का कहना है कि अगले तीन दिनों तक राज्य के न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है. हालांकि इसके बाद बिहार के न्यूनतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. बिहार में अगले कुछ दिनों तक कोहरे और ठंड का असर बना रहेगा. दिन के समय धूप निकलने से लोगों को थोड़ी बहुत राहत मिलेगी. इन जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना बिहार में अगले 24 घंटे में हल्के से मध्यम गति की पछुआ हवा चलने की स्थिति जारी रहने का पूर्वानुमान है. राज्य के अधिकांश भागों के न्यूनतम तापमान में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन की संभावना नहीं है. राज्य के उत्तरी भाग में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की स्थिति जारी रहने की संभावना है. प्रदेश के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, शिवहर और किशनगंज में मंगलवार की सुबह घना कोहरा छाए रहेगा. वहीं पिछले 24 घंटों में प्रदेश में गया जिला के डुमरिया सबसे ठंडा रहा. डुमरिया का न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं सोमवार को मुंगेर जिला के बरियारपुर प्रखंड सबसे ज्यादा गर्म रहा. यहां का अधिकतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

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