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IIT बॉम्बे छात्र साहिल की मौत में नया मोड़, परीक्षा हॉल में प्रोफेसर से हुई थी बहस; CCTV से सामने आया पूरा घटनाक्रम

IIT बॉम्बे के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले की जांच में नया तथ्य सामने आया है. मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के मुताबिक, 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान साहिल और परीक्षा पर्यवेक्षक प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला  के बीच बहस हुई थी. इसके बाद साहिल परीक्षा हॉल से निकलकर अपने कमरे में गया, जहां बाद में वह फंदे से लटका मिला. CCTV फुटेज पुलिस के कब्जे में पुलिस ने घटना वाले दिन की CCTV फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज के जरिए परीक्षा हॉल में साहिल के साथ हुई घटनाओं का क्रम समझने की कोशिश की जा रही है. पुलिस ने साहिल का मोबाइल फोन भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की है. परीक्षा खत्म होने से पहले हॉल से निकला साहिल रिपोर्ट्स के मुताबिक, 18 सितंबर को दोपहर करीब 12:30 से 12:45 बजे के बीच साहिल परीक्षा हॉल में नजर आया. परीक्षा दोपहर एक बजे समाप्त होनी थी. CCTV फुटेज के अनुसार, साहिल करीब 1:25 बजे अपने कमरे में पहुंचा था. जेब में रखी चीज को देखता नजर आया छात्र एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, CCTV फुटेज में साहिल कुछ झुका हुआ दिखाई देता है और अपनी जेब में रखी किसी चीज को देखने की कोशिश करता नजर आता है. इसके बाद प्रोफेसर डुल्ला उससे सवाल करते दिखाई देते हैं. पुलिस के अनुसार, बाद में प्रोफेसर साहिल को अन्य छात्रों से अलग एक तरफ ले गए. अलग ले जाकर हुई बहस पुलिस के अनुसार, प्रोफेसर और साहिल अलग खड़े होकर बहस कर रहे थे. जांच अधिकारी अब यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी बातचीत का मुद्दा क्या था और यह विवाद कैसे शुरू हुआ. CCTV फुटेज और छात्रों के बयानों को मिलाकर इस घटनाक्रम की जांच की जा रही है. ChatGPT इस्तेमाल की अभी पुष्टि नहीं जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या साहिल ने परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन पर ChatGPT का इस्तेमाल किया था. पुलिस को यह जांचना है कि क्या प्रश्नपत्र की तस्वीर या उसकी सामग्री फोन के जरिए अपलोड कर जवाब हासिल करने की कोशिश की गई थी. हालांकि, पुलिस के मुताबिक अभी CCTV फुटेज से इसकी पुष्टि नहीं हुई है. मोबाइल की फॉरेंसिक जांच से खुलेगा राज साहिल के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना से पहले फोन का इस्तेमाल किस तरह हुआ था और क्या उसमें परीक्षा से संबंधित कोई गतिविधि मौजूद थी. मोबाइल से मिलने वाली जानकारी जांच में अहम हो सकती है. परीक्षा हॉल में मौजूद छात्रों से पूछताछ क्राइम ब्रांच अब परीक्षा हॉल में मौजूद अन्य छात्रों के बयान भी दर्ज कर रही है. छात्रों से खास तौर पर 12:30 से 12:45 बजे के बीच साहिल और प्रोफेसर डुल्ला के बीच हुई बातचीत के बारे में जानकारी ली जा रही है. परिवार ने लगाए उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप साहिल के परिवार ने उसकी मौत के बाद संस्थान में कथित उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि इन पहलुओं की भी जांच होनी चाहिए. इन आरोपों के बीच IIT-बॉम्बे फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार पंत का बयान सामने आया है. SC/ST सेल में शिकायत को लेकर दावा डॉ राजकुमार पंत ने दावा किया है कि साहिल ने हाल के समय में संस्थान के SC/ST सेल के सामने कोई शिकायत नहीं की थी. हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और इस दावे के बीच वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. चाचा ने CBI जांच की मांग की साहिल के एक चाचा ने मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की है. परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद जांच के तरीके को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. फिलहाल मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है. जांच के बाद साफ होगी घटना की पूरी तस्वीर क्राइम ब्रांच CCTV फुटेज, छात्रों और प्रोफेसर के बयान तथा साहिल के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है. पुलिस का कहना है कि इन सभी जानकारियों का विश्लेषण करने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि परीक्षा हॉल में वास्तव में क्या हुआ था और उसके बाद घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा. ये भी पढ़ें: IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या केस, डीन सूर्यनारायण डूला सस्पेंड The post IIT बॉम्बे छात्र साहिल की मौत में नया मोड़, परीक्षा हॉल में प्रोफेसर से हुई थी बहस; CCTV से सामने आया पूरा घटनाक्रम appeared first on Naya Vichar.

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Pitru Paksha 2026: कब है पूर्णिमा श्राद्ध? जानें कुतुप-रौहिण मुहूर्त और तर्पण की विधि

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पूर्णिमा श्राद्ध का विशेष महत्व है. यह भाद्रपद मास की आखिरी तिथि (पूर्णिमा) के दिन किया जाता है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन ऋषि तर्पण का विधान है. मान्यता है कि ऋषि तर्पण के बिना पूर्वजों के लिए किया गया श्राद्ध (तर्पण, पिंडदान) पूरा नहीं होता है. क्यों जरूरी है पूर्णिमा श्राद्ध? धर्मशास्त्र के जानकार पं. धर्मनाथ झा ने बताया कि पितृ पक्ष में पूर्वजों के लिए किया गया श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) तभी स्वीकार होता है, जब पूर्णिमा श्राद्ध के दिन ऋषि तर्पण (अगस्त्य ऋषि के लिए) किया जाता है. शास्त्रों में अगस्त्य ऋषि को पितृ पक्ष का अधिकारी बताया गया है यानी उनको साक्षी मानकर भी पितृ पक्ष में पूर्वजों के लिए श्राद्ध (तर्पण और पिंडदान) किए जाते हैं. इसलिए पूर्णिमा श्राद्ध जरूरी माना गया है. पूर्णिमा श्राद्ध के दिन अगस्त्य ऋषि के अलावा वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र और भारद्वाज इन 7 ऋषियों का तर्पण भी किया जाता है. कब है पूर्णिमा श्राद्ध? मिथिला, महावीर और द्रिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा श्राद्ध 26 सितंबर 2026, शनिवार को है. चूंकि पूर्णिमा श्राद्ध भाद्रपद मास की आखिरी तिथि (पूर्णिमा) को करने का विधान है. पूर्णिमा श्राद्ध 2026 मुहूर्त पूर्णिमा श्राद्ध के लिए कुतुप और रौहिण मुहूर्त शुभ माने गए हैं. इस दौरान ऋषि तर्पण करना शुभ माना गया. कुतुप मुहूर्त सुबह 11 बजकर 16 मिनट से दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक रहेगा. रौहिण मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा अपराह्न काल का मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 52 मिनट से 3 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. मुहूर्त समय कुतुप मुहूर्त सुबह 11:16 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक रौहिण मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से 12:52 बजे तक अपराह्न काल मुहूर्त दोपहर 12:52 बजे से 3:17 बजे तक नोट- स्थानीय समय के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है. पूर्णिमा श्राद्ध पर किन-किन पितरों का तर्पण किया जाता है जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि में हुई हो- शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा श्राद्ध के दिन परिवार के उन सदस्यों के लिए तर्पण किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी महीने की पूर्णिमा तिथि में हुई हो. इसके साथ ही इस दिन कहीं-कहीं सन्यासियों के लिए भी तर्पण करने की परंपरा है. पूर्णिमा श्राद्ध के दिन ऋषि तर्पण का महत्व सनातन धर्म शास्त्रों में देव, पितृ और ऋषि ऋण का उल्लेख किया गया है. धर्मशास्त्र और कर्मकांड के अनुसार, जिस तरह श्राद्ध (तर्पण, पिंडदान) से पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है उसी तरह पूर्णिमा श्राद्ध के दिन ऋषि तर्पण (जल, कुश और अक्षत से) करने पर ऋषि ऋण से मुक्ति है. साथ ही उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन विधि-विधान से ऋषि और परिवार के दिवंगत व्यक्ति (पितर) के लिए श्राद्ध (तर्पण, पिंडदान) करने पर उनकी आत्मा तृप्त होती है जिससे उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन, यश और वंश वृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. कहा जाता है कि जब पितर प्रसन्न होते हैं,तो घर-परिवार समृद्ध और खुशहाल रहता है. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: 26 सितंबर से शुरू हो रहा पितृ पक्ष, नोट करें पूर्णिमा से सर्वपितृ अमावस्या की सही तिथियां पूर्णिमा श्राद्ध की विधि पूर्णिमा के दिन सुबह उठकर स्नान करें. इसके बाद साफ सफेद कपड़े पहनें. कुतुप या रौहिण मुहूर्त में दक्षिण दिशा की ओर मुंह करें. दाहिने हाथ की अनामिका उंगली (रिंग फिंगर) में कुश से बनी पवित्री (अंगूठीनुमा) धारण करें. तांबे या कांसे के बर्तन में शुद्ध जल, कच्चा दूध, काले तिल, सफेद फूल और अक्षत मिलाएं. दोनों हाथों में कुश रखें और जल लेकर ‘ॐ पितृभ्यः नमः’ बोलते हुए अपने गोत्र का नाम लेकर अंगूठे के सहारे जल को किसी बर्तन में धीरे से गिराएं. तर्पण के बाद बिना लहसुन-प्याज के बनाए गए भोजन या खीर को छोटे-छोटे हिस्सों में गाय, कुत्ता, कौआ, चींटी और देवता के लिए अलग-अलग करके रख दें. इसे पंचबलि कहा जाता है. संभव हो, तो ब्राह्मण को भोजन कराएं. अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं, तो मंदिर में या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को चावल, आटा, दाल, सब्जी फल इत्यादि श्राद्धापूर्वक दें. ब्राह्मण को भोजन कराने के अलावा अपनी क्षमता के अनुसार दक्षिणा, वस्त्र (नया कपड़ा), जनेऊ देकर आदरपूर्वक विदा करें. श्राद्ध कर्म के अंत में अगस्त्य ऋषि सहित अपने पूर्वजों से प्रार्थना कर भूल-चूक के लिए क्षमा मांगे. पूर्णिमा श्राद्ध के दिन किन चीजों का दान करें पूर्णिमा श्राद्ध के दिन दान करने की परंपरा भी है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन अनाज, कपड़े, छाता, जूता, काले तिल, घी, और फल का दान करना चाहिए. मान्यतानुसार, ऐसा करने से पूर्वज खुश होते हैं जिससे परिवार घर-परिवार खुशहाल रहता है और पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha 2026: 26 या 27 सितंबर, आखिर कब से शुरू होगा पितृ पक्ष? तर्पण के समय और श्राद्ध तिथि में छिपा है बड़ा फर्क The post Pitru Paksha 2026: कब है पूर्णिमा श्राद्ध? जानें कुतुप-रौहिण मुहूर्त और तर्पण की विधि appeared first on Naya Vichar.

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अमृतसर में वांटेड गैंगस्टर का एनकाउंटर, पुलिस ने हरमनजीत सिंह के पैर पर मारी गोली

Amritsar Police Encounter: पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने मतेवाल गांव में कार्रवाई करते हुए वांटेड गैंगस्टर हरमन गोपा राय उर्फ हरमनजीत सिंह का एनकाउंटर किया. पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान गैंगस्टर ने पुलिस टीम पर फायरिंग की. इस दौरान एक गोली SHO को लगते-लगते बची. जवाबी कार्रवाई में गैंगस्टर के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. अमृतसर के SSP कंवलप्रीत सिंह चहल ने बताया कि पुलिस को कुख्यात गैंगस्टर हरमन गोपा राय के मतेवाल इलाके में होने की गुप्त सूचना मिली थी. उसके खिलाफ इलाके में पहले हुई गोलीबारी के मामले में केस दर्ज है. सूचना के आधार पर SHO की अगुवाई में पुलिस टीम ने चेकपॉइंट लगाया. मुठभेड़ में बाल-बाल बचे SHO पुलिस के अनुसार, जब संदिग्ध को रुकने का इशारा किया गया तो उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी. उसने SHO को भी निशाना बनाकर फायर किया, लेकिन वह बाल-बाल बच गए. इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गैंगस्टर के पैर में गोली लगी. गुरदासपुर ग्रेनेड हमले में वांटेड है हरमन गोपा राय SSP ने बताया कि हरमन गोपा राय गुरदासपुर के हनुमान चौक पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में वांटेड और घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) है. उसके पास से .32 बोर की पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. आतंकवादी एंगल से भी की जाएगी जांच पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास और गैंग से जुड़े संबंधों की जांच कर रही है. SSP के मुताबिक, ग्रेनेड हमले के मामले को देखते हुए आतंकवादी गतिविधियों से उसके संभावित संबंधों की भी जांच की जाएगी. रिमांड के दौरान इस पहलू पर भी उससे पूछताछ की जाएगी. ये भी पढ़ें: आजमगढ़: पत्नी-बेटे समेत 4 की जान लेने वाला आरोपी एनकाउंटर में ढेर, पूजा को लेकर हुआ था विवाद The post अमृतसर में वांटेड गैंगस्टर का एनकाउंटर, पुलिस ने हरमनजीत सिंह के पैर पर मारी गोली appeared first on Naya Vichar.

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सिमडेगा में रूबेला की दस्तक ! दो बच्चियों में संक्रमण की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Simdega Rubella News: ठेठईटांगर प्रखंड के ताराबोगा स्थित नदीपार टोली और कुड़पानी के मुंडा टोली में दो बच्चों में रूबेला की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है. संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों प्रभावित टोलियों में कैंप लगाकर बच्चों की जांच और टीकाकरण कर रही है. साथ ही ग्रामीणों को रूबेला के लक्षण, बचाव और सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है. जांच के बाद दो बच्चियों में हुई रूबेला की पुष्टि जानकारी के अनुसार, रूबेला के लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दोनों टोलियों से पांच-पांच बच्चों के रक्त के नमूने जांच के लिए रांची भेजे थे. जांच रिपोर्ट में ताराबोगा नदीपार टोली की एक बच्ची और कुड़पानी मुंडा टोली की एक बच्ची में रूबेला की पुष्टि हुई. ये भी पढ़ें- हाथियों के झुंड की सूचना मिलते ही अलर्ट हुई सिमडेगा पुलिस, वन विभाग के साथ शुरू की निगरानी एक से पांच वर्ष तक के बच्चों का किया जा रहा टीकाकरण मामले की पुष्टि के बाद सिविल सर्जन डॉ. सुंदर मोहन सामद ने प्रभावित गांवों में विशेष टीकाकरण अभियान चलाने का निर्देश दिया. डॉ. अध्ययन शरण के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों टोलियों में कैंप लगाकर एक से पांच वर्ष तक के बच्चों को चिन्हित कर उनका टीकाकरण कर रही है. जिन बच्चों को पहले और दूसरे चरण का टीका लग चुका है, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार अतिरिक्त डोज भी दिया जा रहा है. परिजनों को दी जा रही जरूरी जानकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित बच्चों की देखभाल और रखरखाव को लेकर उनके परिजनों को आवश्यक जानकारी दे रही है. साथ ही परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों को रूबेला के लक्षण, संक्रमण से बचाव और जरूरी सावधानियों के बारे में जागरूक किया जा रहा है, ताकि संक्रमण को दूसरे बच्चों तक फैलने से रोका जा सके. ये भी पढ़ें- Garhwa Voter List: नाम जोड़ने के 20,671 आवेदन, सुधार के लिए 13,820 ने किया दावा स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग की लगातार नजर स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों प्रभावित टोलियों में लगातार निगरानी कर रही है. बच्चों की जांच और टीकाकरण के साथ ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान भी जारी है. विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. The post सिमडेगा में रूबेला की दस्तक ! दो बच्चियों में संक्रमण की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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Share Market Opening: बढ़त के साथ खुले भारतीय बाजार, Sensex 200 अंक चढ़ा, Nifty 23,300 के पार

Stock Market: हिंदुस्तानीय शेयर बाजार ने बुधवार को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 200 अंक से अधिक चढ़ा, जबकि निफ्टी 23,300 के स्तर के ऊपर बना रहा. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, एनएसई का निफ्टी पिछले बंद 23,329 के मुकाबले 23,352.15 पर खुला. सुबह 9:19 बजे यह 47.20 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,376.20 पर कारोबार कर रहा था. इसी तरह बीएसई सेंसेक्स पिछले बंद 74,529.08 के मुकाबले 74,648.32 पर खुला. सुबह 9:19 बजे सेंसेक्स 200.84 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,729.92 पर था. ज्यादातर सेक्टर हरे निशान में शुरुआती कारोबार में ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त में रहे. हालांकि आईटी, फार्मा, पीएसयू बैंक और हेल्थकेयर शेयरों पर दबाव देखा गया. व्यापक बाजार के सभी प्रमुख सूचकांक भी शुरुआती कारोबार में हरे निशान में रहे. तेजी वाले प्रमुख शेयर बीएसई पर बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, अदाणी पोर्ट्स, कोटक बैंक, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील, सन फार्मा, इंडिगो और मारुति के शेयरों में तेजी रही. बढ़त वाले प्रमुख शेयर एनएसई पर बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, हिंडाल्को, जेएसडब्ल्यू स्टील, श्रीराम फाइनेंस, टाटा स्टील, एलएंडटी, सन फार्मा, नेस्ले, रिलायंस, ग्रासिम, एचसीएल टेक, मैक्स हेल्थ, आईसीआईसीआई बैंक और एनटीपीसी के शेयर बढ़त में रहे. गिरावट वाले प्रमुख शेयर बीएसई पर टीसीएस, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, बीईएल और एमएंडएम के शेयरों में गिरावट रही. एनएसई पर टीसीएस, इंफोसिस, ओएनजीसी, विप्रो और बीईएल दबाव में रहे. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा था. ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 98.43 डॉलर प्रति बैरल रही, जबकि कच्चा तेल करीब 89.23 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. ये भी पढ़ें: Bank Strike: 26 से 30 सितंबर तक 5 दिन बंद रहेंगे बैंक, 25 सितंबर तक निपटा काम; देखें पूरा शेड्यूल बाजार विश्लेषक विपिन दीक्षित के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट के कारण हिंदुस्तानीय बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही है. हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली अब भी बाजार के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है. उन्होंने कहा कि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे रही है, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार में मजबूत तेजी बनने में बाधा डाल रही है. दीक्षित ने कहा कि तकनीकी रूप से 23,300 का स्तर अहम है. अगर निफ्टी इस स्तर को बनाए रखता है और 23,400-23,500 के स्तर को पार करता है, तो तेजी 23,600 तक बढ़ सकती है. वहीं, 23,200 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर निफ्टी 23,000 के स्तर की ओर जा सकता है. उनके अनुसार, निफ्टी के 23,500-23,600 के ऊपर मजबूती से निकलने तक बाजार का व्यापक तकनीकी रुख सतर्क बना हुआ है. मिड और स्मॉलकैप शेयरों पर नजर जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि घरेलू बाजार में पर्याप्त तरलता व्यापक बाजार को समर्थन दे रही है. उन्होंने कहा कि बेहतर विकास और आगे की अच्छी संभावनाओं के कारण कई मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेश बढ़ रहा है. हालांकि, इन शेयरों का वैल्यूएशन अब ऊंचा होता जा रहा है. विजयकुमार के मुताबिक, मौजूदा बाजार में आकर्षक वैल्यूएशन वाले लार्जकैप शेयरों के साथ ऊंचे वैल्यूएशन वाले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक अनुभव के आधार पर औसत स्तर की ओर वापसी होती है, लेकिन यह कब होगी, इसका सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है. The post Share Market Opening: बढ़त के साथ खुले हिंदुस्तानीय बाजार, Sensex 200 अंक चढ़ा, Nifty 23,300 के पार appeared first on Naya Vichar.

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Haifa Day: 108 साल पहले भारतीय सैनिकों ने इजरायल के इस शहर को कैसे जीता? जानिए Jodhpur-Mysore Lancers की कहानी

108 साल पहले यानी 23 सितंबर 1918 को हिंदुस्तानीय घुड़सवारों ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान Haifa पर कब्जे में अहम भूमिका निभाई थी. आज यही तारीख Haifa Day के रूप में हिंदुस्तानीय सैन्य इतिहास और हिंदुस्तान-इजरायल की साझा स्मृति में खास जगह रखती है. मशीनगन के सामने घोड़े और तलवार! सोचिए—सामने आधुनिक मशीनगन और तोपें हों और आपकी सेना घोड़ों पर सवार होकर आगे बढ़े. 1918 में Haifa के मोर्चे पर कुछ ऐसा ही हुआ. हिंदुस्तानीय cavalry ने कठिन terrain और भारी दुश्मनी fire के बीच हमला किया. यही वजह है कि Haifa की लड़ाई military history में एक असाधारण cavalry action के रूप में याद की जाती है. Read more: Read only here: Naya Vichar Exclusive: ‘तालिबान को जल्द सैन्य झटके लगेंगे’, NRF कमांडर रूबिन सत्तार का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू Jodhpur, Mysore और Hyderabad के सैनिक Haifa अभियान में 15th Imperial Service Cavalry Brigade शामिल थी. इससे जुड़े हिंदुस्तानीय State Forces में: Jodhpur Lancers Mysore Lancers Hyderabad Lancers शामिल थे. इन सैनिकों ने British-led Allied campaign के तहत Ottoman Empire के खिलाफ लड़ाई लड़ी. सिर्फ एक शहर नहीं था Haifa Haifa की रणनीतिक स्थिति बेहद महत्वपूर्ण थी. यह Mediterranean coast, Haifa Bay और Mount Carmel के बीच स्थित था. शहर पर नियंत्रण मिलने का मतलब था कि Allied forces को आगे बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण port और supply route मिल सकता था. इसीलिए Haifa पर कब्जा Palestine campaign के अंतिम चरण में महत्वपूर्ण था. दुश्मन सिर्फ Ottoman सैनिक नहीं थे Haifa के approaches पर Ottoman forces के साथ German machine-gun positions और Austro-Hungarian artillery भी मौजूद थी. Mount Carmel का terrain भी cavalry के लिए आसान नहीं था. हिंदुस्तानीय सैनिकों को पहले कठिन ऊंचाई वाले रास्तों और enemy fire को पार करना पड़ा. पहले पहाड़ी artillery position को निशाना बनाया गया Mysore Lancers की एक squadron ने Sherwood Rangers और British artillery के समर्थन से Mount Carmel की तरफ बढ़कर Austro-Hungarian artillery battery पर हमला किया. ऊंचाई पर मौजूद artillery position को neutralise करना पूरे operation के लिए बेहद महत्वपूर्ण था. कौन हैं ‘हीरो ऑफ हाइफा’, हिंदुस्तानीय सैनिकों की वीरता अब इजरायली स्कूलों की किताबों में और शुरू हुआ घुड़सवारों का ऐतिहासिक हमला दूसरी तरफ Jodhpur Lancers ने Haifa की ओर जाने वाले रास्ते को रोक रही enemy positions पर हमला किया. मशीनगन और artillery fire के बावजूद cavalry आगे बढ़ी. फिर Jodhpur Lancers ने Haifa की ओर classic mounted charge किया. Major Dalpat Singh Shekhawat Haifa की कहानी में एक नाम खास तौर पर याद किया जाता है— Major Dalpat Singh Shekhawat Jodhpur Lancers के इस अधिकारी ने लड़ाई में नेतृत्व किया और वीरगति पाई. बाद में उन्हें ‘Hero of Haifa’ के रूप में याद किया जाने लगा. क्या यह ‘आज के हिंदुस्तान ने Israel को आजाद कराया’ था? नहीं. यह बात समझना बेहद जरूरी है. 1918 में न आज का हिंदुस्तान स्वतंत्र था और न आधुनिक State of Israel अस्तित्व में था. हिंदुस्तानीय सैनिक British Empire के सैन्य ढांचे के अंतर्गत लड़ रहे थे. Jodhpur, Mysore और Hyderabad जैसी princely states की forces British imperial military campaign का हिस्सा थीं. यही इस कहानी का सबसे महत्वपूर्ण historical paradox है. क्योंकि सैनिक हिंदुस्तानीय थे Independent India ने इस कहानी को colonial politics के बजाय हिंदुस्तानीय सैनिकों के साहस, सैन्य कौशल और बलिदान की स्मृति के रूप में अपनाया. 23 सितंबर को Haifa Day के रूप में मनाया जाता है. 2018 में Battle of Haifa की centenary भी आधिकारिक रूप से commemorated की गई थी. Teen Murti Haifa Chowk दिल्ली का मशहूर Teen Murti Chowk 2018 में Teen Murti Haifa Chowk के नाम से जाना जाने लगा. यह नाम उन हिंदुस्तानीय cavalry units की स्मृति से जुड़ा है जिन्होंने Haifa campaign में हिस्सा लिया था. तीन statues Jodhpur, Mysore और Hyderabad Lancers की भूमिका का प्रतिनिधित्व करती हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. इमेज सोर्स- @narendramodi इतिहास बना diplomacy का हिस्सा जनवरी 2018 में Israeli PM Benjamin Netanyahu की हिंदुस्तान यात्रा के दौरान PM Narendra Modi और Netanyahu ने Teen Murti Haifa Chowk पर हिंदुस्तानीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी. इससे Haifa की 100 साल पुरानी military history को हिंदुस्तान-इजरायल diplomatic relationship में एक नया symbolic dimension मिला. ‘Memory Diplomacy’: एक पुरानी लड़ाई, एक नया रिश्ता Haifa की लड़ाई 1918 की थी. हिंदुस्तान और Israel के आधुनिक diplomatic relations उससे बहुत बाद की कहानी हैं. लेकिन दोनों देशों ने Haifa की स्मृति को अपने shared historical narrative में जगह दी. इसे Memory Diplomacy कह सकते हैं—यानी पुरानी ऐतिहासिक स्मृतियों को आधुनिक रिश्तों के symbolic bridge के रूप में इस्तेमाल करना. यह सिर्फ वीरता की कहानी नहीं थी इन सैनिकों की बहादुरी को याद करते हुए यह भी नहीं भूलना चाहिए कि वे औपनिवेशिक हिंदुस्तान से आए थे. हिंदुस्तान स्वतंत्र नहीं था. युद्ध का निर्णय हिंदुस्तानीय जनता की किसी स्वतंत्र प्रशासन ने नहीं लिया था. इसलिए Haifa की कहानी में एक साथ दो सच्चाइयां मौजूद हैं— हिंदुस्तानीय सैनिकों की extraordinary bravery और British Empire की colonial military system. 108 साल बाद Haifa क्यों महत्वपूर्ण है? क्योंकि एक ही battle में तीन अलग-अलग कहानियां मिलती हैं— Military history: घोड़ों पर सवार हिंदुस्तानीय cavalry का असाधारण charge Colonial history: British Empire के लिए लड़ता हुआ औपनिवेशिक हिंदुस्तान Modern diplomacy: हिंदुस्तान-इजरायल संबंधों में shared memory का symbolic इस्तेमाल और शायद इसी वजह से 23 सितंबर का Haifa Day सिर्फ एक युद्ध की तारीख नहीं है. यह इतिहास के बदलते अर्थों की कहानी है. Read more: यूरोप में 72 घंटे की चेतावनी: क्या World War 3 शुरू होने वाली है? The post Haifa Day: 108 साल पहले हिंदुस्तानीय सैनिकों ने इजरायल के इस शहर को कैसे जीता? जानिए Jodhpur-Mysore Lancers की कहानी appeared first on Naya Vichar.

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EOU Raid In Patna: 4.70 करोड़ का साम्राज्य, फ्लैट, जमीन, बैंक बैलेंस… जानिए GM कमलेश के ठिकानों से EOU को और क्या-क्या मिला

EOU Raid In Patna: बिहार में लगातार भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. ऐसे में मंगलवार को बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के जेनरल मैनेजर कमलेश कुमार के ठिकानों पर ईओयू ने छापेमारी की. टोटल 4 ठिकानों को ईओयू की टीम ने खंगाला. इस दौरान कई दस्तावेज और संपत्ति खुलासा हुआ. कमलेश कुमार ने 21 साल की नौकरी में काली कमाई का साम्राज्य खड़ा कर लिया. 4.70 करोड़ के फ्लैट और जमीन के दस्तावेज छापेमारी के दौरान यह जानकारी सामने आई कि जेनरल मैनेजर को सेवाकाल में वेतन मद में 2.28 करोड़ रुपए मिले. लेकिन छापेमारी के दौरान जीएम के ठिकानों से लगभग 4.70 करोड़ के फ्लैट और जमीन के दस्तावेज बरामद किए गए. कमलेश कुमार ने अपने परिवार के लोगों पत्नी, भाई, खुद के नाम पर और पत्नी के भाई तक के नाम पर जमीन और फ्लैट खरीदे. जंदाहा, पटना और नोएडा में फ्लैट यह भी जानकारी सामेन आई कि उनका जंहादा में 12 प्लॉट है. पटना के एसके पुरी और राजीव नगर में मकान और दुकान और नोएडा में भी फ्लैट है. उन्होंने नौकरी करते हुए ही दो लोगों मीरा कुमारी और सौरभ कुमार के नाम पर भागलपुर में जमीन भी खरीदी थी. लेकिन करीब 7 लाख रुपये में उसे 2018 में बेच दिया था. इसके बाद खुद और मीरा कुमारी के नाम से पटना में जो जमीन खरीदी थी, उसे 2021 में लाखों की कीमत पर बेच दी. बैंक अकाउंट के डिटेल्स ईओयू की छापेमारी के दौरान बैंक डिटेल्स भी सामने आए. सैलेरी खाते में तो सिर्फ 36 हजार रुपये की जानकारी सामने आई. लेकिन पीपीएफ खाते में 9.74 लाख जमा हैं. इतना ही नहीं 22 बैंक खातों में करीब 22.86 लाख रुपये जमा है. इसके अलावा करीब 35 लाख रुपये का लोन भी है. बैंक से जुड़े डिटेल्स सामने आने के बाद अकाउंट को फ्रीज किया जा रहा है. ये जानकारी भी आई सामने साथ ही नोएडा में 35 लाख का फ्लैट, एसकेपुरी के मनमोहन अपार्टमेंट में 83 लाख का फ्लैट, राजीव नगर में 1.20 करोड़ का मकान, 2 दुकानें, जंदाहा में 80 लाख का मकान, पटना में 1.56 करोड़ की जमीन, परिजनों के नाम पर जमीन, इनोवा कार और लगभग 1.44 करोड़ की संपत्ति की जानकारी मिली. इस तरह से 21 साल की नौकरी में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा किया गया. कमलेश कुमार पर लगा था आरोप कमलेश कुमार पर अपनी ज्ञात और वैध आय के स्रोतों से लगभग 3 करोड़ 12 लाख 51 हजार रुपये अधिक की संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगा था. यह राशि उनकी ज्ञात आय से लगभग 103.30 प्रतिशत अधिक बताई गई. ऐसे में मंगलवार की सुबह कमलेश कुमार से जुड़े चार जगहों पर अलग-अलग टीमों की ओर से तलाशी शुरू की गई. इन 4 जगहों पर हुई छापेमारी वैशाली के जंदाहा थाना इलाके के पैतृक आवास पटना के एसके पुरी के मनमोहन अपार्टमेंट का फ्लैट राजीव नगर रोड नंबर-25सी का मेघा बिल्डिंग बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड स्थित महाप्रबंधक का कार्यालय कक्ष Also Read:बिहार का मौसम: पूरे राज्य में आज IMD का अलर्ट, 26 सितंबर तक बिगड़ा रहेगा मौसम, इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी The post EOU Raid In Patna: 4.70 करोड़ का साम्राज्य, फ्लैट, जमीन, बैंक बैलेंस… जानिए GM कमलेश के ठिकानों से EOU को और क्या-क्या मिला appeared first on Naya Vichar.

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BIT Mesra Placement: वर्ष 2025-26 में 1.4 करोड़ रुपए रहा हाईएस्ट CTC, जानें ब्रांच वाइज प्लेसमेंट पैकेज

BIT Mesra Placement Record 2025-26: बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) Mesra के प्लेसमेंट रिकॉर्ड में छात्रों को अलग-अलग इंडस्ट्री सेक्टर में रोजगार के अवसर मिले हैं. संस्थान के उपलब्ध प्लेसमेंट आंकड़ों के अनुसार, सेक्टर वाइज प्लेसमेंट में सबसे बड़ी हिस्सेदारी IT Services की रही, जहां कुल प्लेसमेंट का 18% दर्ज किया गया. इसके बाद IT Product सेक्टर में 17% प्लेसमेंट रिकाॅर्ड रहा. ऐसे ही अन्य सेक्टर्स के प्लेसमेंट रिकाॅर्ड को लेकर जानकारी BIT Mesra की ओर से अपनी ऑफिशियल वेबसाइट The post BIT Mesra Placement: वर्ष 2025-26 में 1.4 करोड़ रुपए रहा हाईएस्ट CTC, जानें ब्रांच वाइज प्लेसमेंट पैकेज appeared first on Naya Vichar.

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पलामू में करम डाली विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, नदी में डूबने से छह की मौत

Palamu Karam Dali Visarjan Deaths: पलामू के चैनपुर थाना क्षेत्र के बोकया गांव में करम पूजा की करम डाली विसर्जन के दौरान कोयल नदी में डूबने से पांच बच्चों की मौत हो गयी. वहीं, पाटन थाना क्षेत्र के नानी झरिया में करम डाल बहाने के दौरान 15 वर्षीय सिंपी कुमारी की डूबने से मौत हो गयी. सूचना मिलने के बाद डालटनगंज विधायक आलोक चौरसिया बोकेया गांव के कोयल नदी किनारे घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली और पीड़ित परिवार को ढाढंस बंधाया. कोयल नदी में डूबे पांच शिशु घटना बुधवार सुबह करीब छह बजे की बतायी जा रही है. मृतकों में नीतीश कुमार सिंह (18), पिता बाबूलाल सिंह, अमित कुमार ठाकुर (22), पिता पुरानी ठाकुर, राजा सिंह (12), पिता संजय सिंह, विशाल पासवान (16), पिता तिलकधारी पासवान और हेमंत कुमार सिंह (8), पिता सुनील सिंह शामिल हैं. सभी शिशु चैनपुर थाना क्षेत्र के पतरिया खुर्द के रहने वाले थे. ये भी पढ़ें- JSSC-CGL और JPSC में 500 करोड़ के घोटाले का दावा, राज्यसभा चुनाव पर भी योगेंद्र साव ने उठाए सवाल पाटन में 15 वर्षीय सिंपी की मौत पाटन थाना क्षेत्र के नानी झरिया में करम डाल बहाने के दौरान 15 वर्षीय सिंपी कुमारी की डूबने से मौत हो गयी. सिंपी कुमारी दिलीप पासवान की बेटी थी. ये भी पढ़ें- रूपी सोरेन की तबीयत में फिर उतार-चढ़ाव, CM हेमंत और कल्पना सोरेन पहुंचे हिल व्यू अस्पताल The post पलामू में करम डाली विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, नदी में डूबने से छह की मौत appeared first on Naya Vichar.

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गुलाब के पौधे में फूल नहीं आ रहे? वजह हो सकती हैं ये 6 गलतियां

Why Rose Plant Is Not Flowering: गुलाब का पौधा घर में लगा हो और उसमें रंग-बिरंगे फूल खिलें, तो बालकनी या गार्डन की खूबसूरती बढ़ जाती है. लेकिन कई बार पौधा हरा-भरा होने के बावजूद उसमें फूल नहीं आते. ऐसे में लोग अक्सर ज्यादा खाद या पानी देना शुरू कर देते हैं. जबकि फूल न आने की वजह पौधे की देखभाल से जुड़ी कुछ सामान्य गलतियां भी हो सकती हैं. अगर आपके गुलाब के पौधे में भी लंबे समय से फूल नहीं आ रहे, तो इन बातों पर जरूर ध्यान दें. PC: AI Generated गुलाब को नहीं मिल रही पर्याप्त धूप  गुलाब को अच्छी ग्रोथ और फूलों के लिए पर्याप्त रोशनी की जरूरत होती है. अगर पौधा ऐसी जगह रखा है जहां ज्यादातर समय छाया रहती है, तो उसमें फूल कम आ सकते हैं. इसलिए गुलाब के पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे हर दिन कई घंटे सीधी धूप मिल सके. जरूरत से ज्यादा पानी देना (Why Rose Plant Is Not Flowering) गुलाब के पौधे को पानी चाहिए, लेकिन हर समय मिट्टी को गीला रखना सही नहीं है. लगातार ज्यादा पानी देने से मिट्टी में हवा की कमी हो सकती है और जड़ों पर भी असर पड़ सकता है. पानी देने से पहले ऊपर की मिट्टी को छूकर देखें. अगर मिट्टी अभी नम है, तो तुरंत दोबारा पानी देने की जरूरत नहीं है. खाद का सही इस्तेमाल नहीं करना सिर्फ पत्तियां और नई शाखाएं बढ़ाने पर ध्यान देने से भी फूल कम आ सकते हैं. गुलाब के लिए खाद का इस्तेमाल पौधे की जरूरत और मौसम के अनुसार करना चाहिए. जरूरत से ज्यादा खाद डालने से भी पौधे को नुकसान (Why Rose Plant Is Not Flowering) हो सकता है. इसलिए खाद की मात्रा हमेशा उसके पैकेट पर दिए निर्देश या किसी भरोसेमंद बागवानी सलाह के अनुसार रखें. सूखे फूल और कमजोर टहनियां नहीं हटाना गुलाब में पुराने और मुरझाए हुए फूलों को समय-समय पर हटाना पौधे की देखभाल का जरूरी हिस्सा है. सूखे फूलों को हटाने से पौधे को नई ग्रोथ पर ऊर्जा लगाने में मदद मिल सकती है. इसी तरह बहुत कमजोर, सूखी या खराब टहनियों को भी साफ प्रूनिंग कैंची से हटाया जा सकता है. पौधे में कीड़े तो नहीं लगे? कभी-कभी पत्तियों या नई कलियों पर छोटे कीड़े दिखाई देने लगते हैं. एफिड जैसे कीट नई ग्रोथ और कलियों को नुकसान (Why Rose Plant Is Not Flowering) पहुंचा सकते हैं. इसलिए समय-समय पर पौधे की पत्तियों के नीचे, नई शाखाओं और कलियों को ध्यान से देखें. अगर कीड़े दिखाई दें, तो पौधे के हिसाब से सुरक्षित कीट नियंत्रण उपाय अपनाएं. गमला बहुत छोटा तो नहीं? अगर गुलाब का पौधा लंबे समय से उसी छोटे गमले में लगा है, तो जड़ों के लिए जगह कम पड़ सकती है. ऐसी स्थिति में पौधे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है. गमला बदलने की जरूरत है या नहीं, यह जड़ों और पौधे की मौजूदा स्थिति देखकर तय करें. नया गमला लेते समय उसमें पर्याप्त ड्रेनेज होल जरूर रखें. यह भी पढ़ें: बालकनी में कम धूप आती है? ये 4 पौधे बिना ज्यादा धूप के भी रहेंगे हरे-भरे The post गुलाब के पौधे में फूल नहीं आ रहे? वजह हो सकती हैं ये 6 गलतियां appeared first on Naya Vichar.

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