Hot News

मुख्य खबर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कार के डिवाइडर से टकराते ही लगी आग, जिंदा जले प्राइवेट हाॅस्पिटल के न्यूरोसर्जन

रविवार की सुबह करीब 7:15 बजे जगदीश बाबू अपनी कार NH-365BB पर सवार होकर खम्मम से हैदराबाद जा रहे थे. पिल्ललामर्री के पास उनकी कार सड़क के डिवाइडर से टकरा गई. टक्कर बहुत तेज थी इस वजह से कार में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया. डॉक्टर कार के अंदर फंस गए और बुरी तरह झुलसने से उनकी मौत हो गई. परिवार के पास जा रहे थे जगदीश बाबू मामले की जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसा सुबह करीब 7:15 बजे हुआ. उस वक्त डॉ जगदीश बाबू खम्मम से हैदराबाद जा रहे थे, जहां उनका परिवार रहता है. इसी दौरान पिल्ललामर्री के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से टकरा गई. आशंका जताई जा रही है कि शायद डॉक्टर जगदीश बाबू को नींद आ गई, जिसकी वजह से गाड़ी पर उनका कंट्रोल नहीं रहा और वह डिवाइडर से टकरा गई. डिवाइडर से टकराते ही कार में लगी आग पुलिस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि डिवाइडर से टकराने के तुरंत बाद कार में आग लग गई. आग इतनी भयंकर थी कि कुछ ही मिनटो में पूरी गाड़ी धू-धू कर जल गई. डॉ जगदीश बाबू कार के अंदर फंसे रह गए, उन्हें कार से निकलने का मौका नहीं मिला. उनका शरीर इतनी बुरी तरह जल चुका था कि शव की पहचान करने में दिक्कत हो रही थी. निजी मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख थे जगदीश बाबू डॉ जगदीश बाबू खम्मम के एक निजी मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख थे. दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद सूर्यापेट से डॉक्टरों की एक टीम घटनास्थल पर पहुंचीं. शव को पोस्टमार्टम के लिए सूर्यापेट प्रशासनी अस्पताल भेज दिया गया है. परिवार को हादसे की सूचना दे दी गई है. अभी तक उनके परिवार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है. ये भी पढ़ें: वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता का 46 साल की उम्र में अचानक निधन, पीएम मोदी, राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने जताया दुख The post कार के डिवाइडर से टकराते ही लगी आग, जिंदा जले प्राइवेट हाॅस्पिटल के न्यूरोसर्जन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

LPG सिलेंडर सब्सिडी को लेकर बड़ा अपडेट: 1 अक्टूबर से पहले निपटा लें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, रुक सकती है सब्सिडी

केंद्र प्रशासन ने घरेलू एलपीजी (LPG) ग्राहकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य कर दिया है. यदि आप भी रसोई गैस पर मिलने वाली प्रशासनी सब्सिडी का लाभ लगातार उठाना चाहते हैं, तो 1 अक्टूबर 2026 से पहले अपनी गैस एजेंसी या मोबाइल ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूर करा लें. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी को केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है ताकि फर्जी या कमर्शियल उपयोग में आ रहे कनेक्शनों पर लगाम लगाई जा सके. तय समय सीमा तक यह प्रक्रिया पूरी न होने पर ग्राहकों को सिलेंडर तो मिलेगा, लेकिन उन्हें बाजार दर (बिना सब्सिडी) पर पूरा भुगतान करना पड़ेगा. 1 अक्टूबर की समय सीमा क्यों है बेहद महत्वपूर्ण? रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए इस समय सीमा का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो गया है. केंद्र प्रशासन द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत 1 अक्टूबर के बाद केवल उन्हीं एलपीजी कनेक्शनों पर सब्सिडी ट्रांसफर की जाएगी जो आधार बायोमेट्रिक से लिंक होंगे. जिन ग्राहकों का ई-केवाईसी अधूरा रहेगा, उनकी सब्सिडी की राशि होल्ड पर रखी जा सकती है या रद्द की जा सकती है. इससे ग्राहकों को हर सिलेंडर रिफिल पर लगभग ₹200 से ₹300 तक का अतिरिक्त आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. घर बैठे स्मार्टफोन से बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा करने का आसान तरीका गैस एजेंसी के चक्कर काटे बिना आप अपने स्मार्टफोन से ही कुछ मिनटों में ई-केवाईसी की प्रक्रिया निपटा सकते हैं. इसके लिए आपको सबसे पहले Google Play Store या Apple App Store से अपनी संबंधित गैस कंपनी (HP, Indane, या Bharat Gas) का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करना होगा. इसके साथ ही आपको UIDAI की Aadhaar FaceRD ऐप भी इंस्टॉल करनी होगी, जो चेहरे के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन का काम करती है. ऐप में लॉग इन करने के बाद ‘Profile’ या ‘Services’ मेन्यू में जाकर ‘e-KYC’ या ‘Authentication’ के विकल्प का चयन करें. स्क्रीन पर कैमरा चालू होते ही अपने चेहरे को सही रोशनी में रखकर पलकें झपकाएं, जिसके बाद ओटीपी (OTP) दर्ज करते ही आपका ऑथेंटिकेशन पूरा हो जाएगा. बिना ऐप डाउनलोड किए पोर्टल और वेब ब्राउजर से भी हो जाएगा काम यदि आप मोबाइल में अलग से ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते हैं, तो लैपटॉप या मोबाइल ब्राउजर के जरिए भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट mylpg.in पर जाएं और अपनी प्रदाता कंपनी का चयन करें. पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद डैशबोर्ड में दिए गए ‘Biometric Authentication’ या ‘e-KYC’ विकल्प पर क्लिक करें. आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आने वाले 6-अंकों के ओटीपी को सबमिट करके अपनी जानकारियों का मिलान करें और फॉर्म फाइनल सबमिट कर दें. ऑफलाइन माध्यम: नजदीकी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एजेंसी पर जाकर कराएं वेरिफिकेशन जो उपभोक्ता डिजिटल ऐप या पोर्टल का इस्तेमाल करने में सहज नहीं हैं, वे अपनी नजदीकी एलपीजी गैस एजेंसी (डिस्ट्रीब्यूटर ऑफिस) जाकर भी यह काम करवा सकते हैं. इसके लिए आपको अपना मूल आधार कार्ड, एलपीजी कंज्यूमर पासबुक और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर साथ ले जाना होगा. एजेंसी पर मौजूद फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैनर डिवाइस की मदद से आपका बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन तुरंत पूरा कर दिया जाएगा. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) Q1: LPG सिलेंडर पर बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा करने की आखिरी तारीख क्या है? उत्तर: सब्सिडी का निर्बाध लाभ उठाते रहने के लिए 1 अक्टूबर 2026 से पहले बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा करना अनिवार्य है. Q2: यदि कोई ग्राहक 1 अक्टूबर तक ई-केवाईसी नहीं करा पाता है तो क्या होगा? उत्तर: ऐसे ग्राहकों को गैस सिलेंडर तो मिलता रहेगा, लेकिन उन्हें बिना सब्सिडी वाली पूरी बाजार कीमत चुकानी होगी और बैंक खाते में सब्सिडी आना बंद हो जाएगी. Q3: क्या घर बैठे मोबाइल से फेस ऑथेंटिकेशन करना पूरी तरह सुरक्षित है? उत्तर: हां, UIDAI की Aadhaar FaceRD तकनीक पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड और सुरक्षित है, जो बिना किसी बायोमेट्रिक डेटा लीक के चेहरे से सत्यापन करती है. ये भी पढ़ें: WhatsApp पर AI चैट समरी कैसे बनाएं? जानें स्टेप-बाय-स्टेप तरीका और फायदे ये भी पढ़ें: EPF Balance Check: पासबुक से लेकर पेंशन तक मिलेगी हर डिटेल, ऐसे निकालें अपने राज्य का EPFO WhatsApp Number The post LPG सिलेंडर सब्सिडी को लेकर बड़ा अपडेट: 1 अक्टूबर से पहले निपटा लें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, रुक सकती है सब्सिडी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पोते की जिद पर भड़की दादी, थमा दिया ‘मौत का तोहफा’, मेरठ में बेटे-पोते पर डाला ज्वलनशील पदार्थ, खुद भी दी जान

Meerut Crime News: पेंशन की मामूली रकम और पोते की मोबाइल की जिद ने एक हंसते-स्पोर्ट्सते परिवार की खुशियां पल भर में तबाही में बदल दीं. फलावदा क्षेत्र के दादूपुर गांव में शनिवार रात पारिवारिक कलह इस कदर हावी हुई कि 65 वर्षीय दादी सुमित्रा देवी ने खौफनाक कदम उठाते हुए अपने ही बेटे और 14 साल के मासूम पोते पर ज्वलनशील पदार्थ डाल दिया. वारदात को अंजाम देने के बाद वृद्धा ने खुद भी पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. झुलसे हुए पिता-पुत्र जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं. मोबाइल दिलाने को लेकर भी हुई थी कहासुनी जानकारी के मुताबिक, सुमित्रा देवी को पेंशन मिलती थी और पेंशन की रकम को लेकर परिवार में आए दिन विवाद होता था. शनिवार रात भी पेंशन के पैसों और पोते को नया मोबाइल दिलाने को लेकर कहासुनी हुई. इसी दौरान सुमित्रा देवी ने कथित तौर पर बेटे परमवीर और पोते उदय पर ज्वलनशील पदार्थ डाल दिया. दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. परमवीर सेना से रिटायर्ड था और शहर में परिवार के साथ रहता था. कुछ दिन पहले पेंशन को लेकर हुए विवाद के बाद वह गांव में अपनी मां के पास आया था. परमवीर के पिता ब्रजवीर का बीमारी के कारण इलाज चल रहा है. पुलिस ने शुरू की मामले की जांच घटना की सूचना मिलने के बाद फलावदा थाना पुलिस और सीओ मवाना पंकज लवानिया मौके पर पहुंचे. एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए. पुलिस ने परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की. थाना प्रभारी पूनम जादौन ने बताया कि पीआरवी के माध्यम से घटना की सूचना मिली थी. प्रारंभिक जांच में सुमित्रा देवी द्वारा बेटे और पोते पर ज्वलनशील पदार्थ डालने की बात सामने आई है. इसके बाद स्त्री की मौत हो गई. प्रथमदृष्टया मामला घरेलू विवाद से जुड़ा है. पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. Must Read- वार्डबॉय बना ‘ICU स्पेशलिस्ट’, पोस्टर देख हर कोई हैरान, कानपुर के एहसास अस्पताल का अजीब मामला The post पोते की जिद पर भड़की दादी, थमा दिया ‘मौत का तोहफा’, मेरठ में बेटे-पोते पर डाला ज्वलनशील पदार्थ, खुद भी दी जान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Video : राहुल गांधी के मंच पर पीएम मोदी की नकल, पीयूष गोयल ने कहा- ‘असंस्कारी नाराज फूफा’

Video : पीयूष गोयल ने एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, असंस्कारी नाराज फूफा! गोयल ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर बार-बार नेतृत्वक बयानबाजी करना समझ से परे है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले खुद आईना देखना चाहिए. गोयल ने राहुल गांधी के बयान को सस्ती नेतृत्व करार देते हुए तंज कसा. पहले आप ये वीडियो देखें फिर हम आपको पूरी बात बताते हैं. दरअसल, इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके समर्थकों पर निशाना साधा. उनके मंच पर इस दौरान एक कॉमेडियन की इंट्री होती है. वह कांग्रेस नेता के साथ मिलकर पीएम मोदी का मजाक उड़ाते नजर आते हैं. राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कांग्रेस ने यह वीडियो एक्स पर शेयर किया है. वीडियो में राहुल गांधी के साथ मंच पर मौजूद एक व्यक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करता और विदेशी नेताओं के साथ उनकी बातचीत का मजाक उड़ाता नजर आ रहा है. ये भी पढ़ें: Video: माई फ्रेंड… छात्रों की गूंज कार्यक्रम में किसने लगा लिया राहुल गांधी को गले, हंस-हंसकर छात्र हुए लोटपोट इस कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी भी मंच पर मौजूद थे. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस घटना की आलोचना की. यही नहीं सवाल उठाया कि छात्रों और युवाओं से जुड़े कार्यक्रम में इस तरह का प्रदर्शन करना कितना उचित है.  The post Video : राहुल गांधी के मंच पर पीएम मोदी की नकल, पीयूष गोयल ने कहा- ‘असंस्कारी नाराज फूफा’ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Gemstone Astrology: लहसुनिया किसे पहनना चाहिए? जानें फायदे, सही उंगली और धारण करने की विधि

Gemstone Astrology: ज्योतिष शास्त्र में लहसुनिया रत्न का संबंध केतु ग्रह से बताया गया है. अंग्रेजी में इसे कैट्स आई स्टोन भी कहा जाता है. लहसुनिया बिल्ली की आंख जैसी चमक के लिए जाना जाता है. केतु एक छाया ग्रह है. इसे अध्यात्म, वैराग्य, रहस्य और अचानक होने वाले बदलावों से जोड़कर देखा जाता है. ज्योतिषाचार्य डॉ. एन. के. बेरा के अनुसार, कुंडली में केतु की स्थिति के अनुसार लहसुनिया धारण करने से व्यक्ति को इसके सकारात्मक परिणाम मिलते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि लहसुनिया किसे पहनना चाहिए और इसे धारण करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. लहसुनिया रत्न का इन्फोग्राफिक (एआई) लहसुनिया कौन लोग धारण कर सकते हैं? यदि जन्मकुंडली में केतु दूसरे, चौथे, पांचवें, नौवें या दसवें भाव में स्थित हो, तो लहसुनिया धारण करना लाभकारी हो सकता है. इसके अलावा, केतु मंगल, बृहस्पति या शुक्र के साथ स्थित हो, तो भी ज्योतिषाचार्य की सलाह के बाद लहसुनिया धारण किया जा सकता है. किन लोगों को लहसुनिया धारण नहीं करना चाहिए? यदि कुंडली में केतु तीसरे, छठे, आठवें या 12वें भाव में स्थित हो, तो लहसुनिया धारण नहीं करना चाहिए. लहसुनिया किन रत्नों के साथ नहीं पहनना चाहिए? ज्योतिषाचार्य के अनुसार, लहसुनिया को नीलम, मूंगा, माणिक, गोमेद और हीरा के साथ धारण नहीं करना चाहिए. पुरुष और स्त्रीएं किस उंगली में पहनें लहसुनिया? ज्योतिषाचार्य के अनुसार, लहसुनिया धारण करने के लिए पुरुषों और स्त्रीओं के लिए अलग-अलग हाथ बताए गए हैं. पुरुष: दाएं हाथ की कनिष्ठा यानी छोटी उंगली में लहसुनिया धारण कर सकते हैं. स्त्री: बाएं हाथ की छोटी उंगली में लहसुनिया धारण कर सकती हैं. लहसुनिया को किस धातु में धारण करना चाहिए? लहसुनिया को सोने या चांदी की धातु में धारण करने की सलाह दी जाती है. लहसुनिया रत्न कब पहनें? लहसुनिया रत्न की अंगूठी की सांकेतिक तस्वीर (एआई) ज्योतिषाचार्य के अनुसार, लहसुनिया को शनिवार को सूर्यास्त के बाद पूजा करके धारण करना चाहिए. यदि इस रत्न को शुक्ल पक्ष की द्वितीया, पंचमी, दशमी और एकादशी तिथि को आने वाले शनिवार को पहना जाए, तो यह लाभकारी माना जाता है. इसे सूर्यास्त के बाद धारण करना चाहिए. लहसुनिया पहनने की विधि शनिवार के दिन स्नान करके साफ कपड़े पहनें. लहसुनिया को गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करें. लहसुनिया को सोने या चांदी की अंगूठी में जड़वाएं. ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें. सूर्यास्त के बाद इसे छोटी उंगली में धारण करें. लहसुनिया पहनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान केतु को छाया और रहस्य का ग्रह माना जाता है. इसलिए इसे धारण करने से पहले ज्योतिषाचार्य से हस्तरेखा और जन्मकुंडली की जांच जरूर करवाएं. कुंडली में केतु की स्थिति और अन्य ग्रहों के साथ उसके संबंध को देखने के बाद ही लहसुनिया धारण करें. ये भी पढ़ें: Gemstone Astrology: नीलम पहनने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, कुंडली की इन स्थितियों में मिलता है लाभ The post Gemstone Astrology: लहसुनिया किसे पहनना चाहिए? जानें फायदे, सही उंगली और धारण करने की विधि appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Bank Strike: 28 से 30 सितंबर तक 3 दिन बंद रहेंगे बैंक, कर्मियों ने किया हड़ताल का ऐलान – जानें पूरा अपडेट

Bank Strike: देश में इन दिनों ‘5 Days Banking’ सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है. इसका सीधा संबंध बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग और 28 से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल से बताया जा रहा है. बैंक कर्मचारी सप्ताह में सिर्फ पांच दिन काम और सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे हैं. फाइव डे वर्किंग की मांग क्या है? बैंक कर्मचारियों की मांग है कि बैंकों में Five Day Working Week लागू किया जाए. यानी सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग कामकाज हो और शनिवार-रविवार साप्ताहिक अवकाश रहे. मार्च 2024 में हुई एक बैठक में इस व्यवस्था पर सहमति बनने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है. 28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल का ऐलान इसी मुद्दे को लेकर बैंक यूनियनों के संगठन United Forum of Bank Unions (UFBU) की ओर से 28, 29 और 30 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है. यही वजह है कि ‘5 Days Banking’ को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है और लोग बैंक बंद रहने के संभावित दिनों की जानकारी तलाश रहे हैं. लगातार 5 दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना अगर प्रस्तावित हड़ताल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होती है, तो सितंबर के आखिरी सप्ताह में बैंक शाखाओं पर लगातार पांच दिनों तक असर पड़ सकता है. इसकी वजह 26 सितंबर का चौथा शनिवार, 27 सितंबर का रविवार और इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित बैंक हड़ताल है. तारीख दिन बैंकिंग स्थिति 26 सितंबर 2026 शनिवार चौथा शनिवार, नियमित अवकाश 27 सितंबर 2026 रविवार साप्ताहिक अवकाश 28 सितंबर 2026 सोमवार प्रस्तावित बैंक हड़ताल 29 सितंबर 2026 मंगलवार प्रस्तावित बैंक हड़ताल 30 सितंबर 2026 बुधवार प्रस्तावित बैंक हड़ताल हाफ ईयरली क्लोजिंग के समय हड़ताल से बढ़ सकती है परेशानी 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल ऐसे समय हो रही है, जब बैंक सितंबर महीने की अर्धवार्षिक क्लोजिंग (Half-Yearly Closing) की प्रक्रिया से गुजरते हैं. ऐसे में शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने के साथ वित्तीय लेनदेन और चेक क्लियरिंग जैसी सेवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है. कितने राज्यों में बंद हो सकते हैं बैंक? यह हड़ताल किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है. UFBU के आह्वान के मुताबिक यह देशव्यापी हड़ताल है, इसलिए इसका असर अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंकिंग सेवाओं पर पड़ सकता है. हालांकि, किसी शाखा में वास्तविक असर स्थानीय परिस्थितियों और कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा. किन बैंकों पर पड़ सकता है सबसे ज्यादा असर? हड़ताल में मुख्य रूप से उन बैंकों के कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं, जहां संबंधित बैंक कर्मचारी यूनियनों की भागीदारी है. इनमें SBI, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB), यूको बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र समेत अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शामिल हैं. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) और कुछ अन्य बैंकिंग संस्थानों में भी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. क्या SBI और दूसरे प्रशासनी बैंक भी बंद रहेंगे? देश के बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी यदि हड़ताल में शामिल होते हैं, तो उनकी शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है. ऐसे में ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे जरूरी बैंकिंग कामकाज पहले ही निपटा लें और अपने बैंक की ओर से जारी किसी आधिकारिक सूचना को जरूर देखें. HDFC, ICICI और Axis Bank का क्या होगा? HDFC Bank, ICICI Bank और Axis Bank जैसे प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों पर इस हड़ताल का असर अलग हो सकता है. इन बैंकों के कर्मचारियों की भागीदारी UFBU से जुड़ी बैंक यूनियनों में उसी तरह नहीं है, इसलिए इनकी शाखाओं के सामान्य रूप से संचालित होने की संभावना रहती है. हालांकि, ग्राहकों को अपने संबंधित बैंक की आधिकारिक सूचना के आधार पर ही अंतिम स्थिति माननी चाहिए. ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह अगर आपको 28 से 30 सितंबर के बीच बैंक शाखा में कोई जरूरी काम है, तो उसे पहले ही पूरा करना बेहतर रहेगा. खासतौर पर चेक जमा करने, कैश ट्रांजैक्शन, बैंक ड्राफ्ट और अन्य शाखा-आधारित सेवाओं के लिए पहले से योजना बनाना उपयोगी होगा. हड़ताल की अंतिम स्थिति के लिए अपने बैंक की आधिकारिक एडवाइजरी जरूर देखें. ये भी पढ़ें: PM Kisan 24वीं किस्त: किसानों के खाते में कब आयेंगे ₹2,000, जानें तारीख The post Bank Strike: 28 से 30 सितंबर तक 3 दिन बंद रहेंगे बैंक, कर्मियों ने किया हड़ताल का ऐलान – जानें पूरा अपडेट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कोलकाता : बाजार में साइकिल खड़ी देख भड़कीं बीजेपी विधायक अग्निमित्रा पॉल, ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब

कोलकाता : फुटपाथ फुटपाथ ही रहेगा. वहां कोई पार्किंग या अवैध दुकानें नहीं होंगी. राज्य के नगर निगम मंत्री अग्निमित्र पॉल ने इस संबंध में कई बार निर्देश दिए हैं. वे शहर को सुंदर बनाने के लिए प्रतिदिन नियमित रूप से शहर का दौरा करते हैं. जरूरत पड़ने पर वे सुधार करते हैं, कभी-कभी उसे और भी सुंदर बनाने के सुझाव भी देते हैं. सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल हाल ही में मंत्री जी एक बाजार में गए और एक दुकान के सामने साइकिल देखकर नाराज हो गए. उन्होंने यह भी पूछा कि दुकान के सामने साइकिल क्यों खड़ी है. मंत्री जी का वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस पर खूब चर्चा भी हुई. अब अग्निमित्र पॉल ने ट्रोलर्स को जवाब दिया है. ट्रोल कर वे मुझे चिढ़ा रहे हैं मंत्री जी ने कहा, “लोग बाज़ार के अंदर साइकिलें खड़ी कर रहे हैं. मेरा कहना है कि जहां दुकानें हों, वहां साइकिलें न खड़ी करें. वे मुझे चिढ़ा रहे हैं और कह रहे हैं कि मुझे साइकिलों का क्या ध्यान रखना चाहिए? क्यों रखना है? उन्हें बाज़ार के बाहर पार्किंग में खड़ी करें.” कहीं भी नहीं हो सकती है पार्किंग मंत्री जी का स्पष्ट बयान है कि कहीं भी साइकिल, मोटरसाइकिल या कार खड़ी नहीं की जा सकती. और उन्होंने पार्किंग को लेकर पहले ही स्पष्ट संदेश दे दिया है. उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि अगर आप बात नहीं मानेंगे तो जुर्माना लगाया जाएगा. नतीजतन, जब उन्होंने बाज़ार के अंदर दुकानों के सामने गाड़ियां खड़ी देखीं तो वे नाराज़ हो गए. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें क्या कहा था मंत्री ने जो हो गया वायरल एक वीडियो में अग्निमित्रा कहती नजर आ रही हैं, “यह साइकिल किसकी है? क्या मुझे इसे पुलिस स्टेशन में जमा करवाना चाहिए? क्या बाजार में साइकिल रखने की कोई जगह है? आप लोग क्या सोचते हैं, क्या आप जो चाहें कर सकते हैं? ऐसा तो नहीं है कि पिछली प्रशासन ने झंडा लेकर मनमानी की हो.” अग्निमित्रा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. आज उन्होंने ट्रोल को करारा जवाब दिया. Also Read: Kolkata Direct Investment: कोलकाता को मिलने वाली है बड़ी सौगात, फ्रांस करेगा सीधा निवेश और शुरू हो सकती है डायरेक्ट फ्लाइट The post कोलकाता : बाजार में साइकिल खड़ी देख भड़कीं बीजेपी विधायक अग्निमित्रा पॉल, ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता का 46 साल की उम्र में अचानक निधन, पीएम मोदी, राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने जताया दुख

देश की जानी-मानी स्त्री पत्रकार पायल मेहता का रविवार सुबह मुंबई में निधन हो गया. वह 46 वर्ष की थीं. पायल मेहता सीएनएन-न्यूज18 समाचार चैनल की पत्रकार थीं और नेतृत्वक समाचारों की रिपोर्टिंग करती थी. उनका कार्यस्थल दिल्ली था, लेकिन वो मुंबई की यात्रा पर थीं. रविवार सुबह अचानक उनकी तबीयत खराब हुई. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया है. पीएम मोदी ने बताया मेहनती पत्रकार पायल मेहता की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं ने शोक जताया व्यक्त किया है. प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करके संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि पायल मेहता एक मेहनती पत्रकार थीं जो जमीन से मजबूती से जुड़ी रहीं .पीए मोदी ने लिखा कि अपने काम के अलावा, उन्हें उस दयालुता और प्यार के लिए भी याद किया जाएगा जिससे उन्होंने इतने सारे लोगों की जिंदगी में जगह बनाई. उनका अचानक और असमय गुजर जाना बहुत दुख की बात है. राहुल गांधी ने जताई संवेदना विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी पायल मेहता के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि मैं उनके परिवार, मित्रों और सहकर्मियों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. शीला भट्ट से कुछ घंटे पहले हुई थी बात उनकी करीबी पत्रकार शीला भट्ट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि पायल मेहता मुंबई की यात्रा पर थीं,तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें बेचैनी महसूस हुई, रात करीब दो बजे उन्हें अस्पताल ले जाया गया. इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी नब्ज थम गई. शीला भट्ट ने अपने पोस्ट में बताया कि उन्होंने रात को करीब पौने ग्यारह बजे गलती से फोन कर दिया था, उस वक्त वे ठीक थीं. पायल मेहता संसद, प्रशासन एवं हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ी समाचारों को कवर करती थीं. ये भी पढ़ें: छात्र की मौत के बाद IIT बंबई के खिलाफ दर्ज हुई FIR, एग्जाम के दौरान मोबाइल पर ChatGPT के इस्तेमाल का है आरोप The post वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता का 46 साल की उम्र में अचानक निधन, पीएम मोदी, राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने जताया दुख appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

शेफाली का शतक और गेंदबाजों का कहर… भारत ने बांग्लादेश को 114 रन से रौंदा, एशियन गेम्स में एक मेडल पक्का

IND W vs BAN W: शेफाली वर्मा की तूफानी शतक और हिंदुस्तानीय गेंदबाजों की घातक गेंदबाजी के दम पर टीम इंडिया ने एशियन गेम्स 2026 स्त्री क्रिकेट के सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 114 रन से हरा दिया. इस जीत के साथ हिंदुस्तानीय टीम ने फाइनल में जगह बना ली है और एशियन गेम्स में अपना एक और मेडल पक्का कर लिया है. हिंदुस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 195 रन बनाए. The post शेफाली का शतक और गेंदबाजों का कहर… हिंदुस्तान ने बांग्लादेश को 114 रन से रौंदा, एशियन गेम्स में एक मेडल पक्का appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

राहुल गांधी के मिमिक्री वाले वीडियो पर भड़की बीजेपी, कहा- कांग्रेस कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री वाले वीडियो को लेकर बीजेपी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला है. बीजेपी ने कांग्रेस को कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी बताया दिया है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर कांग्रेस के ट्वीट को रिपोस्ट करते हुए कहा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि जो पार्टी लगभग छह दशकों तक सत्ता में रही, वह एक ऐसे सर्कस में बदल जाएगी जो बस अपने बचे-खुचे समर्थकों का मनोरंजन करने में लगी है. हिंदुस्तानीयों को गर्व है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी दुनिया के सबसे लोकप्रिय चुने हुए नेता हैं! कांग्रेस पार्टी अब कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी बन गई है! वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं… RIP. क्या हुआ था ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में? राहुल गांधी ने 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद किया था. कार्यक्रम में शिक्षा, भर्ती, बेरोजगारी और संस्थानों से जुड़े मुद्दे उठाए गए. राहुल गांधी ने अपने संबोधन में दावा किया कि देश का ‘सिस्टम’ छात्रों के सवालों से डरता है और उन्होंने शिक्षा तथा रोजगार से जुड़े कई मुद्दों पर प्रशासन को घेरा. इंदौर के कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि भी मंच पर मौजूद थे. मणि ने प्रधानमंत्री मोदी की बोलने की शैली और हाव-भाव की नकल की थी. इस प्रस्तुति में प्रधानमंत्री की विदेश नीति, उनकी मां और बच्चों के साथ उनके एक सिक्का-ट्रिक से जुड़े संदर्भ भी शामिल थे. BJP ने क्या आरोप लगाया? बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की मां का अपमान किया और मंच पर जिस तरह की गतिविधियां हुईं, वह नेतृत्वक शुचिता के अनुरूप नहीं थीं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की नेतृत्व में सम्मानित नेता बताते हुए कहा कि इस तरह की नकल और टिप्पणी को जनता स्वीकार नहीं करेगी. JDU नेता ने भी राहुल गांधी पर साधा निशाना JDU नेता श्याम रजक ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि नेतृत्व में व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय विचारधारा और नीतियों के आधार पर बहस होनी चाहिए. रजक ने राहुल गांधी को नेतृत्वक प्रशिक्षण लेने और समाजवाद तथा प्रमुख नेतृत्वक नेताओं से संबंधित साहित्य पढ़ने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि किसी नेता या उसके परिवार के सदस्यों पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना नेतृत्वक मर्यादा के अनुरूप नहीं है. ये भी पढ़ें: Video: माई फ्रेंड… छात्रों की गूंज कार्यक्रम में किसने लगा लिया राहुल गांधी को गले, हंस-हंसकर छात्र हुए लोटपोट The post राहुल गांधी के मिमिक्री वाले वीडियो पर भड़की बीजेपी, कहा- कांग्रेस कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top