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पार्टनर की तारीफ करने से रिश्ते पर क्या पड़ता है असर? रिसर्च में सामने आई ये दिलचस्प बातें

Relationship Tips: रिश्ते में प्यार दिखाने के लिए हमेशा महंगे गिफ्ट देने या बड़े बड़े वादे करने की जरूरत नहीं होती. कई बार पार्टनर की छोटी सी कोशिश को पहचान लेना और दिल से उसका शुक्रिया कहना भी बहुत मायने रखता है. अगर पार्टनर ने मुश्किल समय में आपका साथ दिया, आपकी बात ध्यान से सुनी या किसी काम में आपकी मदद की, तो उसे यह बताना कि आपने उसकी कोशिश को नोटिस किया है, रिश्ते में अपनापन बढ़ा सकता है लेकिन क्या पार्टनर की कद्र करने और उसके लिए आभार जताने का रिश्ता सच में बेहतर होने से कोई संबंध है? इस सवाल पर मनोवैज्ञानिकों ने कई रिसर्च की हैं. इन रिसर्च में यह समझने की कोशिश की गई है कि पार्टनर की कोशिशों को पहचानना और उसकी कद्र करना रिश्ते की खुशी, संतुष्टि और एक दूसरे से जुड़े रहने से किस तरह जुड़ा हो सकता है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि रिसर्च में क्या सामने आया. relationship tips on appreciating partner पार्टनर की कोशिशों को पहचानना क्यों जरूरी है? जब रिश्ता नया होता है, तब पार्टनर की छोटी छोटी बातें भी हमें खास लगती हैं. लेकिन रिश्ता पुराना होने के साथ कई चीजें रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं. पार्टनर आपकी मदद करता है, आपकी बातें सुनता है या घर परिवार की जिम्मेदारियों में आपका साथ देता है, लेकिन धीरे धीरे हम इन कोशिशों को सामान्य मानने लगते हैं. ऐसे में पार्टनर की कोशिश को पहचानना जरूरी हो सकता है. जब किसी इंसान को लगता है कि उसका पार्टनर उसकी मेहनत और कोशिशों को देख रहा है, तो उसे यह महसूस हो सकता है कि रिश्ते में उसकी अहमियत है. यहां तारीफ और आभार के बीच थोड़ा फर्क समझना भी जरूरी है. किसी के कपड़ों या लुक की तारीफ करना एक बात है. वहीं, पार्टनर ने आपके लिए कुछ किया और आपने उसके लिए दिल से धन्यवाद कहा, तो यह आभार जताना है. रिश्तों पर हुई रिसर्च में इसी तरह की कद्र और आभार को रिश्ते की क्वालिटी से जोड़कर देखा गया है. 2012 की रिसर्च में क्या सामने आया? साल 2012 में एमी गॉर्डन और उनकी टीम ने रिश्तों में ग्रैटिट्यूड यानी आभार और एप्रिसिएशन यानी पार्टनर की कद्र के बीच संबंध को समझने के लिए कई तरह की स्टडी की. इस रिसर्च में अलग अलग तरीकों से लोगों के अनुभव, व्यवहार और रिश्तों को देखा गया. रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों को लगता था कि उनका पार्टनर उनकी कद्र करता है, वे खुद भी अपने पार्टनर की ज्यादा कद्र करते थे. ऐसे लोग पार्टनर की जरूरतों को समझने और उनका ध्यान रखने में भी ज्यादा रिस्पॉन्सिव पाए गए. रिसर्च के एक हिस्से में पार्टनर की कद्र का रिश्ते के प्रति कमिटमेंट और समय के साथ रिश्ते में बने रहने से भी संबंध देखा गया. यानी जब किसी व्यक्ति को अपने पार्टनर से यह महसूस होता है कि उसकी अहमियत है, तो वह भी रिश्ते को बनाए रखने की दिशा में ज्यादा कोशिश कर सकता है. हालांकि, इस रिसर्च का मतलब यह नहीं है कि सिर्फ पार्टनर की तारीफ करने से रिश्ता अपने आप मजबूत हो जाएगा. रिसर्च में इन चीजों के बीच संबंध देखा गया है. इसे ऐसा पक्का नियम नहीं माना जा सकता कि तारीफ करने से हर रिश्ता खुशहाल हो जाएगा. पार्टनर का ‘थैंक यू’ कहना क्यों मायने रख सकता है? साल 2019 में योबिन पार्क और उनकी टीम ने पांच अलग अलग स्टडीज के जरिए यह समझने की कोशिश की कि जब किसी व्यक्ति को अपने पार्टनर की तरफ से ग्रैटिट्यूड यानी आभार महसूस होता है, तो उसका रिश्ते से क्या संबंध हो सकता है. इस रिसर्च में खास तौर पर यह देखा गया कि पार्टनर की तरफ से मिलने वाले ग्रैटिट्यूड एक्सप्रेशन का उन लोगों पर क्या संबंध हो सकता है, जिन्हें रिश्ते में अटैचमेंट इनसिक्योरिटी यानी रिश्ते को लेकर ज्यादा असुरक्षा महसूस होती है. रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों को अपने पार्टनर की तरफ से ज्यादा ग्रैटिट्यूड एक्सप्रेशन महसूस हुए, उनमें अटैचमेंट इनसिक्योरिटी और रिलेशनशिप सैटिस्फैक्शन या कमिटमेंट के बीच कुछ निगेटिव संबंध कमजोर दिखाई दिए. रिसर्च के एक हिस्से में यह भी देखा गया कि पार्टनर की तरफ से ग्रैटिट्यूड महसूस करने वाले कुछ लोगों में आगे चलकर पार्टनर की परवाह महसूस करने और रिलेशनशिप सैटिस्फैक्शन व कमिटमेंट का संबंध बेहतर था. आसान भाषा में समझें तो जब आपका पार्टनर आपके काम के लिए ‘थैंक यू’ कहता है या यह बताता है कि उसे आपकी कोशिश की कद्र है, तो आपको यह महसूस हो सकता है कि सामने वाला आपकी मेहनत को देख रहा है और आपकी अहमियत समझता है. लेकिन यहां भी यह कहना सही नहीं होगा कि सिर्फ ‘थैंक यू’ बोलने से रिश्ता हमेशा बेहतर हो जाएगा. रिसर्च ने ग्रैटिट्यूड और रिश्ते की कुछ चीजों के बीच संबंध दिखाया है, न कि हर रिश्ते के लिए कोई पक्का फॉर्मूला. सिर्फ खूबसूरती की तारीफ करना ही काफी नहीं पार्टनर की तारीफ का मतलब सिर्फ यह कहना नहीं है कि ‘आज तुम बहुत अच्छे लग रहे हो.’ उसकी मेहनत, समझदारी, धैर्य और आपके लिए किए गए काम की कद्र करना भी जरूरी हो सकता है. मान लीजिए आप किसी परेशानी से गुजर रहे थे और आपके पार्टनर ने बिना किसी शिकायत के आपकी बात सुनी. ऐसी स्थिति में आप सिर्फ ‘अच्छा किया’ कहने के बजाय यह बता सकते हैं कि उसकी कौन सी बात आपको अच्छी लगी. आप कह सकते हैं, ‘तुमने मेरी बात बिना जज किए सुनी, इससे मुझे बहुत अच्छा लगा.’ इस तरह की बात से पार्टनर को यह महसूस हो सकता है कि आपने उसकी कोशिश को ध्यान से देखा और उसकी अहमियत समझी. इसलिए तारीफ को सिर्फ चेहरे, कपड़ों या खूबसूरती तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है. कई बार पार्टनर के व्यवहार और आपके लिए किए गए छोटे काम की कद्र करना भी बहुत मायने रख सकता है. क्या हर दिन पार्टनर की तारीफ करनी चाहिए? ऐसा कोई साइंटिफिक रूल नहीं है कि रिश्ते को अच्छा रखने के लिए हर दिन एक तय संख्या में पार्टनर की तारीफ करनी ही चाहिए. इसलिए इसे किसी फॉर्मूले की

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बिहार पंचायत चुनाव: EBC को कितना आरक्षण? जल्द तय किए जायेंगे मानक, जानिए पूरी गाइडलाइन

Bihar Panchayat Chunav: बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारी के बीच अत्यंत पिछड़ा वर्ग यानी EBC के आरक्षण को लेकर कवायद शुरू हो गई है. अब तक सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंचायत चुनाव में EBC को आखिर कितने प्रतिशत आरक्षण मिलेगा? इसका जवाब अब पंचायतवार आंकड़ों और एक तय गाइडलाइन के आधार पर सामने आएगा. जानकारी के मुताबिक, पंचायती राज विभाग की विशेषज्ञ टीम EBC आरक्षण के लिए मानक तैयार कर रही है. विभाग से यह गाइडलाइन जल्द ही अत्यंत पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजी जाएगी. इसके बाद आयोग इन्हीं मानकों पर अध्ययन करेगी और प्रशासन को अपनी अनुशंसा देगी. आखिर क्या है 50 प्रतिशत आरक्षण वाला फॉर्मूला बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव में SC, ST और EBC के लिए टोटल आरक्षण 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकता. ऐसे में EBC का हिस्सा सीधे 50 प्रतिशत नहीं होगा. पहले SC और ST की आबादी के आधार पर उनका आरक्षण तय होगा. इसके बाद 50 प्रतिशत की सीमा में जो हिस्सा बचेगा, उसमें EBC को आरक्षण मिलेगा. मसलन, अगर किसी पंचायत में SC-ST की आबादी 40 प्रतिशत है, तो उनके हिस्से के बाद 50 प्रतिशत की सीमा में 10 प्रतिशत हिस्सा EBC के लिए बच सकता है. यानी EBC का आरक्षण हर पंचायत में एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है. पंचायतवार तय होगा EBC का हिस्सा इस बार खास बात यह होगी कि सिर्फ राज्य स्तर के आंकड़ों के आधार पर फैसला नहीं होगा. हर पंचायत में EBC की स्थिति का आकलन किया जाएगा. आयोग मुख्य रूप से इन सवालों के जवाब पर रहेगा फोकस- पंचायत में EBC की आबादी कितनी है? EBC परिवारों की आर्थिक स्थिति कैसी है? सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति क्या है? पंचायत, नगर निकाय, विधानसभा और संसद में EBC का प्रतिनिधित्व कितना है? क्या आरक्षण का लाभ EBC की कुछ ही जातियों तक सीमित रह गया है? EBC में करीब 122 जातियां जानकारी के मुताबिक, बिहार में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिस्ट में लगभग 122 जातियां शामिल हैं. इनमें धानुक, तेली, मल्लाह, कानू, कहार, कुम्हार, समेत अन्य जातियां शामिल हैं. साथ ही अब आयोग यह भी देखेगा कि पंचायत चुनाव में इन अलग-अलग जातियों को प्रतिनिधित्व किस तरह मिला है. अब आगे क्या होगा? पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश की माने तो, गाइडलाइन आयोग को भेजेगा. आयोग पंचायत के अनुसार अध्ययन और आंकड़ों के आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को देगा. इसके बाद प्रशासन रिपोर्ट निर्वाचन विभाग को भेजेगी और चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इस तरह से ईबीसी के आरक्षण को लेकर अंतिम फैसला होना बाकी है. Also Read:बिहार के 25 जिलों में आज बिगड़ा रहेगा मौसम, भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी, IMD का अलर्ट जारी The post बिहार पंचायत चुनाव: EBC को कितना आरक्षण? जल्द तय किए जायेंगे मानक, जानिए पूरी गाइडलाइन appeared first on Naya Vichar.

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टूटने वाला था रिंकू सिंह और प्रिया सरोज का रिश्ता, जानें फिर कैसे पहुंची शादी तक बात

Rinku Singh-Priya Saroj Wedding: हिंदुस्तानीय क्रिकेटर रिंकू सिंह और समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज की शादी की तारीख तय हो गई है. दोनों 4 दिसंबर 2026 को लखनऊ के रामाडा होटल में सात फेरे लेंगे. शादी की तारीख तय होते ही दोनों परिवारों में तैयारियां शुरू हो गई हैं. रिपोर्टों के मुताबिक समारोह में परिवार, करीबी रिश्तेदार और खास मेहमान शामिल होंगे. लेकिन इस शादी की कहानी सिर्फ तारीख और वेन्यू तक सीमित नहीं है. इसकी दिलचस्पी इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि रिंकू और प्रिया को अपने रिश्ते को शादी तक पहुंचाने के लिए परिवार की सहमति हासिल करने में तीन साल का समय लगा था. प्रिया के पिता चाहते थे IAS दामाद रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की रिलेशनशिप को लेकर पहले परिवार राजी नहीं था. बाद में सामने आए इंटरव्यू में प्रिया ने बताया था कि उनके पिता उनकी शादी एक IAS अधिकारी से कराने की सोच रहे थे. जिसके बाद रिश्ते भी आने शुरू हो गए थे. लेकिन प्रिया अपने पिता को मनाने में कामयाब रही. प्रिया ने बताया कि रिश्ते को लेकर परिवार को मनाने में करीब तीन साल लगे. इस दौरान रिंकू अपने क्रिकेट करियर में आगे बढ़ने पर ध्यान दे रहे थे, जबकि प्रिया ने अपने करियर पर फोकस किया. एक समय प्रिया के भाई ने रिंकू से सीधे यह भी पूछा था कि क्या वह शादी के लिए तैयार हैं. रिंकू का जवाब हां था. कैसे हुई रिंकू और प्रिया की लवस्टोरी की शुरुआत प्रिया सरोज और रिंकू सिंह (फोटो- सोशल मीडिया) रिंकू और प्रिया सरोज की पहली बातचीत किसी नेतृत्वक कार्यक्रम या क्रिकेट मैच में नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए शुरू हुई थी. रिपोर्टों के मुताबिक प्रिया की बहन के काम को प्रमोट कराने के सिलसिले में रिंकू से संपर्क हुआ और इसी के बाद दोनों की बातचीत आगे बढ़ी. धीरे-धीरे दोस्ती रिश्ते में बदल गई. बाद में दोनों ने अपने रिश्ते को परिवार के सामने रखा. ये भी पढ़ें: सपा सांसद प्रिया सरोज और क्रिकेटर रिंकू सिंह की शादी की तारीख फाइनल, 4 दिसंबर को लखनऊ में लेंगे सात फेरे रिंकू की एक पारी ने भी बदली कहानी रिंकू ने राज शमानी के साथ बातचीत में बताया था कि 2023 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ उनकी पांच छक्कों वाली पारी के बाद उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी. रिंकू के मुताबिक उस पारी के बाद प्रिया भावुक हो गई थीं और इस सफलता से रिश्ते को लेकर चीजें आसान होने की उम्मीद भी जगी थी. उन्होंने यह भी बताया था कि उस समय प्रिया के पिता को क्रिकेट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी और वह रिंकू को लेकर ज्यादा परिचित नहीं थे. जून 2025 में हुई थी सगाई लंबे इंतजार और परिवार की सहमति के बाद दोनों ने 8 जून 2025 को लखनऊ के द सेंट्रम होटल में सगाई की थी. समारोह में क्रिकेट और नेतृत्व से जुड़े कई मेहमान पहुंचे थे. शादी की तारीख पहले भी तय हुई थी, लेकिन क्रिकेट की व्यस्तताओं के कारण कार्यक्रम आगे बढ़ता रहा. अब परिवारों ने 4 दिसंबर 2026 की तारीख पर मुहर लगा दी है. क्रिकेट और नेतृत्व का चर्चित मिलन रिंकू सिंह हिंदुस्तानीय क्रिकेट के चर्चित बल्लेबाज हैं, जबकि प्रिया सरोज उत्तर प्रदेश की मछलीशहर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद हैं. 2025 में उनकी सगाई के समय भी क्रिकेट और नेतृत्व से जुड़े कई प्रमुख लोग समारोह में मौजूद थे. ये भी पढ़ें: Bhuvneshwar Kumar: भुवनेश्वर को सता रहा इस बात का अफसोस, बोले- काश पहले ही कर लेता ये काम The post टूटने वाला था रिंकू सिंह और प्रिया सरोज का रिश्ता, जानें फिर कैसे पहुंची शादी तक बात appeared first on Naya Vichar.

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मक्का एयरस्पेस में घुसा हूती ड्रोन : सऊदी बोला- पवित्र जगहों पर टेढ़ी नजर डाली तो खैर नहीं

Houthi Drone Attack on Mecca : यमन में सक्रिय सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने मंगलवार शाम पवित्र शहर मक्का के करीब एक हूती ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है. गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलकी ने एक बयान में जानकारी दी कि ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने से पहले ही ट्रैक कर हवा में ही नष्ट कर दिया गया. इस त्वरित कार्रवाई से किसी बड़े नुकसान को टाल दिया गया. पवित्र स्थलों की सुरक्षा हमारी ‘रेड लाइन’: सऊदी गठबंधन समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, प्रवक्ता तुर्की अल-मलकी ने कहा कि जुलाई 2017 में दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल के बाद यह दूसरा मौका है जब हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने का प्रयास किया है. गठबंधन ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि मक्का इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों का केंद्र है और वार्षिक हज यात्रा का मुख्य स्थल है. ऐसे में इन धार्मिक व पवित्र स्थलों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और यह सऊदी अरब के लिए एक ‘रेड लाइन’ (अंतिम सीमा) है. लगातार हमलों से क्षेत्र में बढ़ा तनाव यह ताजा ड्रोन हमला यमन के चरमपंथी समूह हूतियों द्वारा पिछले एक सप्ताह से किए जा रहे हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है. सीमावर्ती क्षेत्रों और रणनीतिक ठिकानों पर लगातार हो रहे इन हमलों ने सऊदी अरब और गठबंधन सेनाओं को संघर्ष में और अधिक उलझा दिया है. पवित्र शहर के पास ड्रोन दागे जाने की इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक और सैन्य तनाव और गहराने की आशंका जताई जा रही है. ये भी पढ़ें: 16 सितंबर का मौसम: दिल्ली-UP से बिहार-झारखंड तक बदलेगा मौसम, MP-गुजरात में भी बारिश; जानें आज कहां कैसा रहेगा हाल The post मक्का एयरस्पेस में घुसा हूती ड्रोन : सऊदी बोला- पवित्र जगहों पर टेढ़ी नजर डाली तो खैर नहीं appeared first on Naya Vichar.

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JPSC-JSSC नियुक्ति घोटाले में CID की जांच तेज, कोचिंग संचालकों से पूछताछ में खुलेगा भर्ती का नेटवर्क

रांची. JPSC-JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों में कोचिंग संस्थानों की भूमिका की अब CID जांच करेगी. इन परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच कर रही सीआइडी की एसआइटी को कई ऐसे तथ्य मिले हैं, जिससे कोचिंग संस्थानों की भूमिका पर सवाल उठे हैं. कोचिंग संचालकों पर एजेंट की तरह काम करने का आरोप कोचिंग संचालकों पर आरोप है कि अभ्यर्थियों को पढ़ाने के अलावा वे जेपीएससी और जेएसएससी में गलत तरीके से भर्तियां कराने में एजेंट की तरह काम कर रहे थे. ऐसे कई कोचिंग संचालकों को सीआइडी ने आरोपी बनाया है और इनकी तलाश में जुटी है. शिवांगन कोचिंग संचालक गिरफ्तार, पतंजलि आइएएस एकेडमी संचालक ने किया आत्मसमर्पण राजधानी रांची के सर्कुलर रोड स्थित शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार को सोमवार को गिरफ्तार किया है, जबकि पिछले सप्ताह रांची के ही एक अन्य कोचिंग संस्थान पतंजलि आइएएस एकेडमी के संचालक रवि कुमार ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है. सीआइडी अब इन दोनों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है. रिमांड पर लेकर इन दोनों से विस्तृत पूछताछ की जायेगी और इस बात की जानकारी ली जायेगी कि राज्य के अन्य जिलों में चल रहे कोचिंग संस्थानों की भी कोई भूमिका थी या नहीं. ये भी पढ़ें: SIR में दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ी, फॉर्म-6, 7 और 8 से ऐसे करें आवेदन कितने लोगों से पैसे लिए, किसके माध्यम से कराते थे सफल? पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कोचिंग संस्थान किस प्रकार एजेंट के रूप में काम कर रहे थे, कितने लोगों से पैसे लिए और किसके माध्यम से अभ्यर्थियों को सफल कराते थे. कई कोचिंग संचालकों के नाम सामने आ चुके हैं अब तक उल्लेखनीय है कि राज्य के अलग अलग जिलों में चल रहे कोचिंग संस्थानों के लोगों के नाम सीआइडी की जांच में आयी है. इनमें कुछ गिरफ्तार हुए हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है. कोचिंग से संबद्ध जिन लोगों के नाम अभी तक सामने आये हैं, उनमें नामकुम निवासी आदित्य पांडेय, बोकारो सेक्टर-3 निवासी सानंद प्रकाश, टाटीसिलवे का पवन कुमार सिंह, हजारीबाग का लालू कुमार यादव, गिरिडीह के बेंगाबाद का सौरभ कुमार पांडेय तथा पलामू के हमीदगंज का संतोष कुमार सिंह मुख्य है. ये भी पढ़ें: घर में घुस कर स्त्री पर चाकू से जानलेवा हमला, दो पर प्राथमिकी The post JPSC-JSSC नियुक्ति घोटाले में CID की जांच तेज, कोचिंग संचालकों से पूछताछ में खुलेगा भर्ती का नेटवर्क appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल उपचुनाव से पहले रीतब्रत गुट की बढ़ीं मुश्किलें, दलबदल कानून के तहत स्पीकर ने थमाया नोटिस

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख करने के 24 घंटों के भीतर ही रीतब्रत गुट की बेचैनी बढ़ गई है. राज्य विधानसभा सचिवालय ने रीतब्रत बनर्जी समेत 10 तृणमूल विधायकों को नोटिस भेजा है. स्पीकर रथिंद्रनाथ बसु ने विधायकों से पूछा है कि उनकी विधायक पदवी रद्द क्यों नहीं की जानी चाहिए. इन 10 विधायकों को नोटिस का जवाब देने के लिए 7 दिनों का समय दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट में दायर है याचिका सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के ममता गुट ने रीतब्रत समेत 10 तृणमूल विधायकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की. विधानसभा अध्यक्ष को भी इस मामले में पक्षकार बनाया गया है. वरिष्ठ तृणमूल विधायक शोभनदेब चटर्जी ने यह जानने के लिए विशेष अनुमति याचिका दायर की है कि इन 10 विधायकों की सदस्यता अभी तक रद्द क्यों नहीं की गई है. कौन हैं वो 10 विधायक रीतब्रत बनर्जी, अरूप रॉय, फिरहाद हकीम, सबीना यास्मीन, बिप्लब मित्रा, जावेद खान, रथिन घोष, संदीपान साहा, अख्रुज्जमान अंसारी, शिउली साहा लिखित शिकायत दर्ज इसके बाद, अध्यक्ष ने मंगलवार को इन 10 विधायकों को नोटिस भेजा. यह नोटिस संविधान की दसवीं अनुसूची, यानी दलबदल विरोधी अधिनियम के तहत भेजा गया है. उनसे पूछा गया है कि उनकी सदस्यता रद्द क्यों न की जाए. शोभंदेव चटर्जी ने रीतब्रत गुट के खिलाफ पार्टी के आदेशों का उल्लंघन करने और दलविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. विधानसभा सूत्रों के अनुसार, विधानसभा सचिवालय ने इसी के मद्देनजर इन 10 विधायकों को नोटिस भेजा है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें चुनाव आयोग पर सबकी नजर नेतृत्वक जानकारों को मानना है कि राज्य की दो सीटों पर उपचुनाव से पहले रीतब्रत खेमे पर दबाव डाला जा रहा है. रीतब्रत गुट को नोटिस का जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया गया है. यह देखना बाकी है कि क्या वे इस समय सीमा को बढ़ाने के लिए आवेदन करते हैं. इसी तरह, इस बात को लेकर भी अटकलें तेज हो रही हैं कि रीतब्रत गुट के विधायक नोटिस के जवाब में क्या लिखेंगे. हालांकि, इसी बीच यह अटकलें भी शुरू हो गई हैं कि चुनाव आयोग द्वारा चुनाव चिन्ह पर निर्णय घोषित किए जाने के बाद तृणमूल के दोनों गुटों के बीच संघर्ष किस दिशा में जाएगा. Also Read: Kolkata Direct Investment: कोलकाता को मिलने वाली है बड़ी सौगात, फ्रांस करेगा सीधा निवेश और शुरू हो सकती है डायरेक्ट फ्लाइट The post बंगाल उपचुनाव से पहले रीतब्रत गुट की बढ़ीं मुश्किलें, दलबदल कानून के तहत स्पीकर ने थमाया नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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Iran US War: जर्मनी में अमेरिका की सीक्रेट बैठक, इजराइल समेत 7 अरब देश शामिल; US बोला – मिडिल ईस्ट से नहीं हटेगी सेना

Iran US War: ईरान के साथ जारी युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते सुरक्षा तनाव के बीच, अमेरिका, इजराइल और 7 अरब देशों के शीर्ष सैन्य कमांडरों की जर्मनी में एक निजी बैठक हुई. इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और ईरान से जुड़े घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह जानकारी दो इजराइली अधिकारियों के हवाले से सामने आई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुलाई बैठक इस उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने किया था. खास बात यह रही कि बैठक के बारे में किसी भी सहभागी प्रशासन ने पहले सार्वजनिक घोषणा नहीं की थी. अमेरिका और इजराइल के ईरान के साथ युद्ध की स्थिति में आने के बाद यह इस तरह की पहली उच्चस्तरीय बैठक बताई जा रही है. कौन-कौन से देश हुए शामिल? बैठक में इजराइल के साथ सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और मिस्र के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हुए. इस बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इनमें से कई अरब देशों के इजराइल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं. अमेरिका ने क्षेत्र से सेना हटाने पर क्या कहा? एडमिरल ब्रैड कूपर ने बैठक में शामिल सैन्य अधिकारियों को आश्वस्त किया कि ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों को लगातार निशाना बनाए जाने के बावजूद अमेरिका की फिलहाल मध्य पूर्व से अपनी सैन्य मौजूदगी हटाने की कोई योजना नहीं है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी प्लान बैठक में कूपर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से समुद्री यातायात बढ़ाने को लेकर अमेरिका की रणनीति की जानकारी भी साझा की. यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इजराइली सेना ने भी दिया ऑपरेशन अपडेट इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल इयाल जमीर ने बैठक में इजरायल की विभिन्न मोर्चों पर चल रही सैन्य कार्रवाइयों के बारे में विस्तृत जानकारी दी. बैठक में मध्य पूर्व के बदलते सैन्य और सुरक्षा समीकरणों पर भी चर्चा हुई. 2020 में हुए Abraham Accords के बाद इजरायल और कई अरब देशों के बीच सैन्य सहयोग लगातार बढ़ा है. खासतौर पर हवाई सुरक्षा और मिसाइल डिफेंस के क्षेत्र में सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. UAE के साथ इजराइल का डिफेंस कोऑपरेशन युद्ध के दौरान इजराइल ने UAE और अमेरिका के साथ कई स्तरों पर सहयोग किया है. इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, इजराइल ने UAE में अपना Iron Dome एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात किया और खुफिया, निगरानी तथा टोही (ISR) से जुड़ी महत्वपूर्ण सहायता उपलब्ध कराई. हूती हमलों से बढ़ी चिंता यह बैठक ऐसे समय हुई है जब सऊदी अरब पर हूती हमलों में तेजी और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास क्षेत्रीय नियंत्रण को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं. इससे लाल सागर और मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति और जटिल हो गई है. The post Iran US War: जर्मनी में अमेरिका की सीक्रेट बैठक, इजराइल समेत 7 अरब देश शामिल; US बोला – मिडिल ईस्ट से नहीं हटेगी सेना appeared first on Naya Vichar.

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H-1B Visa : अमेरिकी नौकरियों से विदेशियों की होगी छुट्टी? जेडी वेंस बोले- लगेगी $1,00,000 की फीस

H-1B Visa : अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने H-1B वीजा कार्यक्रम को लेकर ट्रंप प्रशासन का रुख साफ किया है. उन्होंने कहा कि H-1B वीजा का इस्तेमाल अमेरिकी पेशेवरों को हटाकर कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों को रखने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. प्रतिभाशाली लोगों को ही मिले वीजा जेडी वेंस ने कहा कि संसद (कांग्रेस) में नेतृत्वक गतिरोध के कारण कानून बदलना आसान नहीं है, इसलिए प्रशासन स्तर पर ही सुधार किए जा रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा, “यदि कोई टेक कंपनी H-1B वीजा पाना चाहती है, तो वह केवल वास्तविक जीनियस (प्रतिभाशाली) व्यक्ति के लिए होना चाहिए. ऐसे लोग जो अमेरिकी वित्तीय स्थिति या टेक इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान कर सकें. यह व्यवस्था इसके लिए नहीं है कि 60,000 डॉलर कमाने वाले किसी अमेरिकी अकाउंटेंट को हटाकर 45,000 डॉलर में विदेशी अकाउंटेंट को रख लिया जाए.” 100,000 डॉलर फीस और छंटनी पर रोक प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कड़े कदमों का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि H-1B वीजा के लिए 100,000 डॉलर का शुल्क लगाने की योजना बनाई गई है. इसके साथ ही उन कंपनियों पर भी निगरानी रखी जा रही है जो एक तरफ अमेरिकी कर्मचारियों को निकालती हैं और दूसरी तरफ विदेशी कार्यबल की मांग करती हैं. वेंस ने कंपनियों के इस रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह हास्यास्पद है कि कंपनियां कर्मचारियों की कमी का रोना रोती हैं और दूसरी तरफ 5,000 लोगों को नौकरी से निकाल देती हैं. यदि आप अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी कर रहे हैं, तो आपको विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने का हक नहीं होना चाहिए.” कानूनी अड़चनों के बावजूद नीति पर कायम उपराष्ट्रपति ने माना कि इन सख्त फैसलों के कारण प्रशासन को कानूनी चुनौतियों और मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि प्रशासन कानून और नीति दोनों ही मोर्चों पर सही है. उन्होंने दोहराया कि H-1B वीजा व्यवस्था का मूल उद्देश्य अमेरिकी वित्तीय स्थिति को समृद्ध बनाना है, न कि घरेलू कार्यबल को विस्थापित करना. ये भी पढ़ें: मेल-बैलेट पर ट्रंप को यूएस सुप्रीम कोर्ट से झटका, उनके चुने जजों ने भी खिलाफ दिया फैसला The post H-1B Visa : अमेरिकी नौकरियों से विदेशियों की होगी छुट्टी? जेडी वेंस बोले- लगेगी $1,00,000 की फीस appeared first on Naya Vichar.

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SIR में दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ी, फॉर्म-6, 7 और 8 से ऐसे करें आवेदन

रांची. राज्य में एसआइआर के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में सुधार कराने के लिए दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ा दी गयी है. यह निर्णय निर्वाचन आयोग ने विभिन्न स्टेकहोल्डर से मिले अनुरोध और फॉर्म-6, 7 और 8 के लगातार मिल रहे आवेदनों को देखते हुए लिया है. दावा-आपत्ति अवधि का दूसरी और अंतिम बार विस्तार यह दावा-आपत्ति अवधि का दूसरी और अंतिम बार विस्तार है. यह जानकारी राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रविकुमार ने दी. उन्होंने सभी पात्र हिंदुस्तानीय नागरिकों, विशेष कर युवाओं से अपील की कि जिनके नाम एसआइआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वह अंतिम तिथि का इंतजार नहीं करें. ECI नेट या संबंधित बीएलओ से करें संपर्क उन्होंने कहा कि ऐसे पात्र नागरिक ECIनेट के माध्यम से अथवा संबंधित बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म-6 और आवश्यक घोषणा पत्र जमा करें. इससे पहले एसआइआर के तहत दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि 4 सितंबर निर्धारित थी. पात्र नागरिक फॉर्म-6 भरकर कराएं नाम शामिल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि ऐसे पात्र हिंदुस्तानीय नागरिक, जो 1 अक्तूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं और जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, वह फॉर्म-6 भरकर नाम शामिल कराने की प्रक्रिया पूरी करें. ये भी पढ़ें: प्रशासनी भवन में रह रहा था परिवार, प्रशासन ने खाली कराया मकान; सामान वाहन से गांव पहुंचाया The post SIR में दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ी, फॉर्म-6, 7 और 8 से ऐसे करें आवेदन appeared first on Naya Vichar.

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16 सितंबर का मौसम: दिल्ली-UP से बिहार-झारखंड तक बदलेगा मौसम, MP-गुजरात में भी बारिश; जानें आज कहां कैसा रहेगा हाल

Weather Update : 16 सितंबर को उत्तर-पश्चिम हिंदुस्तान के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का असर रह सकता है. IMD के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 16-17 सितंबर के दौरान कई जगह बारिश की संभावना है. 15-17 सितंबर के दौरान इन इलाकों में कुछ जगह भारी बारिश भी हो सकती है. दिल्ली-UP में कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली में आज आसमान में बादल छाए रहने और दोपहर से शाम के बीच कुछ जगह बहुत हल्की बारिश होने का अनुमान है. तापमान करीब 33 से 35 डिग्री के बीच रह सकता है. उत्तर प्रदेश के लिए भी स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है. पंजाब-हरियाणा में बारिश के साथ बिजली पंजाब और हरियाणा में आज बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है. कुछ इलाकों में तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है. खेतों में काम करने वाले लोगों को बिजली चमकने के समय खुले स्थान पर रुकने से बचना चाहिए. ये भी पढ़ें: MP Weather: मध्य प्रदेश में अभी थमने वाली नहीं बारिश, अगले 5 दिन ऐसा रहेगा मौसम का मिजाज बिहार-झारखंड में भी मौसम सक्रिय बिहार और झारखंड में 15 से 21 सितंबर तक अलग-अलग जगह बारिश और गरज-चमक की संभावना IMD ने जताई है. यानी 16 सितंबर को भी दोनों राज्यों में मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है. गांवों में कच्ची सड़क, खेत और निचले इलाकों में रहने वालों को बारिश के दौरान सावधानी रखनी चाहिए. MP में बारिश का दौर जारी मध्य प्रदेश में पश्चिमी MP में 15-16 सितंबर को और पूर्वी MP में 15-17 सितंबर को बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है. यानी 16 सितंबर को भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है. गुजरात में बारिश कम होगी, लेकिन खतरा पूरी तरह नहीं टला गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 16 सितंबर से छिटपुट बारिश की संभावना है. इससे पहले 15 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ में बहुत भारी बारिश की चेतावनी थी. इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. पूर्वोत्तर में भी बरसेंगे बादल अरुणाचल प्रदेश में 16-17 सितंबर को कई जगह बारिश की संभावना है. असम और मेघालय में 16 सितंबर को भी कई इलाकों में बारिश हो सकती है. इन राज्यों में 15-17 सितंबर के दौरान कुछ जगह गरज-चमक भी हो सकती है. अगले कुछ दिनों में क्या बदलेगा? IMD के 15 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी मध्य प्रदेश में 17-19 सितंबर, विदर्भ में 20-21 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 19-21 सितंबर के दौरान बारिश और गरज-चमक की गतिविधि बढ़ सकती है. बिहार-झारखंड में भी 15-21 सितंबर तक अलग-अलग जगह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 16-21 सितंबर के दौरान भी बारिश हो सकती है. किसान और गांव में रहने वाले लोग क्या ध्यान रखें? बारिश के समय खेत में काम करने से बचें, खासकर जब बिजली चमक रही हो. कच्ची सड़क, नदी-नाला या छोटी पुलिया पानी में डूबी हो तो उसे पार करने की कोशिश न करें. जिन इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, वहां खेतों में पानी की निकासी का रास्ता खुला रखना जरूरी है. IMD ने भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, सड़क-रेल यातायात और फसलों पर असर की संभावना भी बताई है. The post 16 सितंबर का मौसम: दिल्ली-UP से बिहार-झारखंड तक बदलेगा मौसम, MP-गुजरात में भी बारिश; जानें आज कहां कैसा रहेगा हाल appeared first on Naya Vichar.

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