पार्टनर की तारीफ करने से रिश्ते पर क्या पड़ता है असर? रिसर्च में सामने आई ये दिलचस्प बातें
Relationship Tips: रिश्ते में प्यार दिखाने के लिए हमेशा महंगे गिफ्ट देने या बड़े बड़े वादे करने की जरूरत नहीं होती. कई बार पार्टनर की छोटी सी कोशिश को पहचान लेना और दिल से उसका शुक्रिया कहना भी बहुत मायने रखता है. अगर पार्टनर ने मुश्किल समय में आपका साथ दिया, आपकी बात ध्यान से सुनी या किसी काम में आपकी मदद की, तो उसे यह बताना कि आपने उसकी कोशिश को नोटिस किया है, रिश्ते में अपनापन बढ़ा सकता है लेकिन क्या पार्टनर की कद्र करने और उसके लिए आभार जताने का रिश्ता सच में बेहतर होने से कोई संबंध है? इस सवाल पर मनोवैज्ञानिकों ने कई रिसर्च की हैं. इन रिसर्च में यह समझने की कोशिश की गई है कि पार्टनर की कोशिशों को पहचानना और उसकी कद्र करना रिश्ते की खुशी, संतुष्टि और एक दूसरे से जुड़े रहने से किस तरह जुड़ा हो सकता है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि रिसर्च में क्या सामने आया. relationship tips on appreciating partner पार्टनर की कोशिशों को पहचानना क्यों जरूरी है? जब रिश्ता नया होता है, तब पार्टनर की छोटी छोटी बातें भी हमें खास लगती हैं. लेकिन रिश्ता पुराना होने के साथ कई चीजें रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं. पार्टनर आपकी मदद करता है, आपकी बातें सुनता है या घर परिवार की जिम्मेदारियों में आपका साथ देता है, लेकिन धीरे धीरे हम इन कोशिशों को सामान्य मानने लगते हैं. ऐसे में पार्टनर की कोशिश को पहचानना जरूरी हो सकता है. जब किसी इंसान को लगता है कि उसका पार्टनर उसकी मेहनत और कोशिशों को देख रहा है, तो उसे यह महसूस हो सकता है कि रिश्ते में उसकी अहमियत है. यहां तारीफ और आभार के बीच थोड़ा फर्क समझना भी जरूरी है. किसी के कपड़ों या लुक की तारीफ करना एक बात है. वहीं, पार्टनर ने आपके लिए कुछ किया और आपने उसके लिए दिल से धन्यवाद कहा, तो यह आभार जताना है. रिश्तों पर हुई रिसर्च में इसी तरह की कद्र और आभार को रिश्ते की क्वालिटी से जोड़कर देखा गया है. 2012 की रिसर्च में क्या सामने आया? साल 2012 में एमी गॉर्डन और उनकी टीम ने रिश्तों में ग्रैटिट्यूड यानी आभार और एप्रिसिएशन यानी पार्टनर की कद्र के बीच संबंध को समझने के लिए कई तरह की स्टडी की. इस रिसर्च में अलग अलग तरीकों से लोगों के अनुभव, व्यवहार और रिश्तों को देखा गया. रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों को लगता था कि उनका पार्टनर उनकी कद्र करता है, वे खुद भी अपने पार्टनर की ज्यादा कद्र करते थे. ऐसे लोग पार्टनर की जरूरतों को समझने और उनका ध्यान रखने में भी ज्यादा रिस्पॉन्सिव पाए गए. रिसर्च के एक हिस्से में पार्टनर की कद्र का रिश्ते के प्रति कमिटमेंट और समय के साथ रिश्ते में बने रहने से भी संबंध देखा गया. यानी जब किसी व्यक्ति को अपने पार्टनर से यह महसूस होता है कि उसकी अहमियत है, तो वह भी रिश्ते को बनाए रखने की दिशा में ज्यादा कोशिश कर सकता है. हालांकि, इस रिसर्च का मतलब यह नहीं है कि सिर्फ पार्टनर की तारीफ करने से रिश्ता अपने आप मजबूत हो जाएगा. रिसर्च में इन चीजों के बीच संबंध देखा गया है. इसे ऐसा पक्का नियम नहीं माना जा सकता कि तारीफ करने से हर रिश्ता खुशहाल हो जाएगा. पार्टनर का ‘थैंक यू’ कहना क्यों मायने रख सकता है? साल 2019 में योबिन पार्क और उनकी टीम ने पांच अलग अलग स्टडीज के जरिए यह समझने की कोशिश की कि जब किसी व्यक्ति को अपने पार्टनर की तरफ से ग्रैटिट्यूड यानी आभार महसूस होता है, तो उसका रिश्ते से क्या संबंध हो सकता है. इस रिसर्च में खास तौर पर यह देखा गया कि पार्टनर की तरफ से मिलने वाले ग्रैटिट्यूड एक्सप्रेशन का उन लोगों पर क्या संबंध हो सकता है, जिन्हें रिश्ते में अटैचमेंट इनसिक्योरिटी यानी रिश्ते को लेकर ज्यादा असुरक्षा महसूस होती है. रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों को अपने पार्टनर की तरफ से ज्यादा ग्रैटिट्यूड एक्सप्रेशन महसूस हुए, उनमें अटैचमेंट इनसिक्योरिटी और रिलेशनशिप सैटिस्फैक्शन या कमिटमेंट के बीच कुछ निगेटिव संबंध कमजोर दिखाई दिए. रिसर्च के एक हिस्से में यह भी देखा गया कि पार्टनर की तरफ से ग्रैटिट्यूड महसूस करने वाले कुछ लोगों में आगे चलकर पार्टनर की परवाह महसूस करने और रिलेशनशिप सैटिस्फैक्शन व कमिटमेंट का संबंध बेहतर था. आसान भाषा में समझें तो जब आपका पार्टनर आपके काम के लिए ‘थैंक यू’ कहता है या यह बताता है कि उसे आपकी कोशिश की कद्र है, तो आपको यह महसूस हो सकता है कि सामने वाला आपकी मेहनत को देख रहा है और आपकी अहमियत समझता है. लेकिन यहां भी यह कहना सही नहीं होगा कि सिर्फ ‘थैंक यू’ बोलने से रिश्ता हमेशा बेहतर हो जाएगा. रिसर्च ने ग्रैटिट्यूड और रिश्ते की कुछ चीजों के बीच संबंध दिखाया है, न कि हर रिश्ते के लिए कोई पक्का फॉर्मूला. सिर्फ खूबसूरती की तारीफ करना ही काफी नहीं पार्टनर की तारीफ का मतलब सिर्फ यह कहना नहीं है कि ‘आज तुम बहुत अच्छे लग रहे हो.’ उसकी मेहनत, समझदारी, धैर्य और आपके लिए किए गए काम की कद्र करना भी जरूरी हो सकता है. मान लीजिए आप किसी परेशानी से गुजर रहे थे और आपके पार्टनर ने बिना किसी शिकायत के आपकी बात सुनी. ऐसी स्थिति में आप सिर्फ ‘अच्छा किया’ कहने के बजाय यह बता सकते हैं कि उसकी कौन सी बात आपको अच्छी लगी. आप कह सकते हैं, ‘तुमने मेरी बात बिना जज किए सुनी, इससे मुझे बहुत अच्छा लगा.’ इस तरह की बात से पार्टनर को यह महसूस हो सकता है कि आपने उसकी कोशिश को ध्यान से देखा और उसकी अहमियत समझी. इसलिए तारीफ को सिर्फ चेहरे, कपड़ों या खूबसूरती तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है. कई बार पार्टनर के व्यवहार और आपके लिए किए गए छोटे काम की कद्र करना भी बहुत मायने रख सकता है. क्या हर दिन पार्टनर की तारीफ करनी चाहिए? ऐसा कोई साइंटिफिक रूल नहीं है कि रिश्ते को अच्छा रखने के लिए हर दिन एक तय संख्या में पार्टनर की तारीफ करनी ही चाहिए. इसलिए इसे किसी फॉर्मूले की

