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जेन जी से फिर संवाद करेंगे राहुल गांधी, जुटेंगे 20 हजार युवा, जानें कब और कहां होगा कार्यक्रम

भुवनेश्वर : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आगामी अक्तूबर महीने में ओडिशा दौरे पर आ सकते हैं. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने मंगलवार को बताया – पार्टी आलाकमान को इस संबंध में प्रस्ताव भेजकर अनुरोध किया गया है. इस दौरे के दौरान राहुल गांधी के भुवनेश्वर में प्रस्तावित ‘छात्र की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने की प्रबल संभावना है. इसमें करीब 20 हजार युवाओं के जुटने की उम्मीद है. जेन-जी के मुद्दों पर होगी खास चर्चा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने बताया – भुवनेश्वर में होने वाले इस बड़े कार्यक्रम में विशेष रूप से ‘जेन-जी’ से जुड़े मुद्दों और युवाओं की चिंताओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. साथ ही आगामी पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस राज्यभर में कई व्यापक कार्यक्रम आयोजित करेगी. पदयात्रा में भी हो सकते हैं शामिल इसी कड़ी में पार्टी 2 अक्टूबर से नबरंगपुर से पदयात्रा शुरू करने जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल होंगे. इन पदयात्राओं की निगरानी के लिए विशेष समितियां भी गठित की जाएंगी. संभावना जताई जा रही है कि राहुल गांधी पदयात्रा में भी शामिल होंगे. जनवरी-फरवरी में प्रियंका गांधी भी करेंगी दौरा भक्त चरण दास ने बताया कि पार्टी के अभियान को गति देने के लिए जनवरी और फरवरी के बीच राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री भी ओडिशा का दौरा करेंगे. कांग्रेस इन आगामी कार्यक्रमों और दौरों के माध्यम से राज्य में अपने संगठन को मजबूत करने तथा पंचायत चुनावों की तैयारियों को धार देने पर जोर दे रही है. The post जेन जी से फिर संवाद करेंगे राहुल गांधी, जुटेंगे 20 हजार युवा, जानें कब और कहां होगा कार्यक्रम appeared first on Naya Vichar.

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कांग्रेस का दावा- नंदीग्राम सीट छोड़ने के लिए तैयार थीं ममता बनर्जी, तृणमूल ने किया इनकार

Congress Vs TMC: पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव से पहले पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (कालीघाट गुट) नंदीग्राम सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने को तैयार थीं. पार्टी ने मंगलवार को कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी ने कांग्रेस हाईकमान से संपर्क किया था. उसने कहा था कि वह 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में नंदीग्राम सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने को तैयार है. हालांकि, तृणमूल ने इस दावे को खारिज कर दिया है. इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में गठबंधन के मुद्दे पर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है. ‘बंगाल में टीएमसी अकेले कर सकती है भाजपा का मुकाबला’ इस दावे को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) के लिए एक महत्वपूर्ण नेतृत्वक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. टीएमसी वर्षों से कहती रही है कि वह पश्चिम बंगाल में अकेले ही हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुकाबला करने में सक्षम है. टीएमसी राज्य में चुनावी तालमेल के लिए कांग्रेस की ओर से किये गये प्रयासों को हर बार खारिज करती रही है. 15 दिन पहले दिल्ली में कांग्रेस से संपर्क का दावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल खेमे ने करीब 15 दिन पहले नयी दिल्ली में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता से संपर्क किया था. उन्होंने प्रस्ताव दिया था कि नंदीग्राम उपचुनाव कांग्रेस लड़े, जबकि रेजीनगर सीट पर तृणमूल चुनाव लड़े. प्रस्ताव यह था कि तृणमूल कांग्रेस रेजीनगर से चुनाव लड़ेगी और नंदीग्राम सीट कांग्रेस के लिए छोड़ देगी. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस पर समय मांगा और बाद में प्रदेश के नेताओं से इस प्रस्ताव पर चर्चा की. प्रदेश नेतृत्व का मानना था कि गठबंधन के लिए यह सही समय नहीं है. उचित समय आने पर इस पर विचार किया जा सकता है, लेकिन अभी नहीं. -प्रदीप भट्टाचार्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस कांग्रेस नेता प्रदीप भट्टाचार्य का बयान. सुमन रॉय चौधरी ने भी कहा- टीएमसी से आया था प्रस्ताव कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुमन रॉय चौधरी ने भी कहा कि यह प्रस्ताव तृणमूल कांग्रेस की ओर से आया था. उन्होंने कहा- जब तृणमूल सत्ता में थी, तब उसने ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया, जब भाजपा के खिलाफ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना थी. अब जब वह अकेली और पराजित है, तो ऐसा लगता है कि उसे कांग्रेस के महत्व का एहसास हुआ है. ये भी पढ़ें: Video: शुभेंदु अधिकारी का नंदीग्राम की जनता को आश्वासन, अल्पसंख्यक वोटरों से सवाल- आप प्रशासन के साथ हैं या नहीं? नंदीग्राम अभी भी टीएमसी के लिए कड़े मुकाबले वाली सीट : कांग्रेस कांग्रेस के एक अन्य नेता ने दावा किया कि नंदीग्राम अब भी तृणमूल के लिए कड़े मुकाबले वाली सीट है. उन्होंने सुझाव दिया कि सीट छोड़ने का प्रस्ताव देना खुद इस बात को दर्शाता है कि पार्टी इस चुनावी चुनौती को किस तरह देख रही है. कांग्रेस नेता ने कहा- नंदीग्राम एक कठिन सीट है. तृणमूल को पूरा भरोसा है कि वह यहां हार जायेगी. इसलिए वह यह सीट कांग्रेस को देने की पेशकश कर रही है. कुणाल घोष ने प्रदीप के दावे को नकारा तृणमूल कांग्रेस के इस कथित प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने कांग्रेस के इस दावे को नकार दिया. तृणमूल के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने इस दावे पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि ऐसा कोई कदम राज्य में केवल भाजपा के लिए फायदेमंद होगा. ये भी पढ़ें: नंदीग्राम के कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने किया नामांकन, शुभेंदु और ममता पर बरसे शुभंकर प्रशासन बंगाल में बिखर गया विपक्षी समीकरण कांग्रेस और तृणमूल के अलग-अलग दावों ने पश्चिम बंगाल में पहले से बिखरे विपक्षी समीकरणों को और उलझा दिया है. राष्ट्रीय स्तर पर तृणमूल, कांग्रेस और वाम दल विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक हैं, लेकिन राज्य के चुनावों में वे एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते रहे हैं. ‘टीएमसी को अब हुआ कांग्रेस के महत्व का अहसास’ प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल के संगठनात्मक संकट और विधानसभा चुनाव में मिली हार ने नेतृत्वक समीकरण बदल दिया है. भाजपा के हाथों विधानसभा चुनाव में हार और अब तृणमूल के तीन हिस्सों में बंट जाने के बाद ऐसा लगता है कि उसे पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के महत्व काअएहसास हुआ है. ये भी पढ़ें: कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर प्रशासन बोले- उपचुनाव से पहले मुसलमानों को धमका रहे शुभेंदु अधिकारी सबसे पहले 11 सितंबर को कांग्रेस ने उतारा उम्मीदवार प्रमुख विपक्षी दलों में कांग्रेस ने सबसे पहले उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की. 11 सितंबर को उसने नंदीग्राम से मिलन प्रधान और रेजीनगर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल कैफी को उम्मीदवार बनाया. इसके बाद वाम दलों ने अपने उम्मीदवार घोषित किये. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल ने बाद में नंदीग्राम से संचिता प्रधान दे को उम्मीदवार बनाया. रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी तृणमूल धड़े ने भी उपचुनाव में अपने उम्मीदवार उतार दिये हैं. भाजपा ने हसीरानी रथ को अपना उम्मीदवार बनाया है. शुभेंदु के इस्तीफे से खाली हुई नंदीग्राम सीट पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत हासिल की. बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट बरकरार रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया, जिससे वहां उपचुनाव कराना पड़ रहा है. ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल उपचुनाव : नंदीग्राम से चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी और रेजीनगर से सखाराव प्रशासन भाजपा उम्मीदवार नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को उपचुनाव, 9 को काउंटिंग नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को वोटिंग होगी. इसके बाद 9 अक्टूबर को काउंटिंग होगी. नंदीग्राम सीट पर अब तक 10 नामांकन दाखिल हो चुके हैं. तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार ने अभी नामांकन नहीं किया है. भाजपा की हसीरानी रथ और कांग्रेस के मिलन प्रधान ने मंगलवार को नामांकन दाखिल किया. नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव का शेड्यूल चुनाव कार्यक्रम तारीख अधिसूचना जारी 9 सितंबर 2026 नामांकन दाखिले की आखिरी तारीख 16 सितंबर 2026 नामांकन पत्रों की जांच 17 सितंबर 2026 नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 19 सितंबर 2026 मतदान की तारीख 6 अक्टूबर

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UPI New Rule: 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर लगेगा 0.4% चार्ज, ग्राहक नहीं दुकानदार देगा पैसा, 15 अक्टूबर से नियम

UPI New Rule: यूपीआई से भुगतान करने वालों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI ने यूपीआई के चुनिंदा व्यापारी लेनदेन के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR की नई व्यवस्था घोषित की है. नया नियम 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. हालांकि आम ग्राहक को यूपीआई इस्तेमाल करने के लिए अलग से कोई शुल्क नहीं देना होगा. 2000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर कितना लगेगा MDR? नई व्यवस्था के तहत ग्राहक से व्यापारी यानी Person-to-Merchant (P2M) यूपीआई लेनदेन में 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लगेगा. मिसाल के लिए अगर किसी व्यापारी को 10,000 रुपये का यूपीआई भुगतान किया जाता है तो 0.4 प्रतिशत के हिसाब से MDR 40 रुपये बनेगा. हालांकि किसी भी एक लेनदेन पर अधिकतम MDR 300 रुपये तक ही रहेगा. क्या ग्राहक के खाते से कटेगा पैसा? नहीं. नई व्यवस्था में MDR व्यापारी से जुड़ा शुल्क है. यूपीआई से भुगतान करने वाले ग्राहक से इसके लिए सीधे कोई लेनदेन शुल्क नहीं लिया जाएगा. Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजे जाने वाले यूपीआई भुगतान पर भी MDR नहीं लगेगा. इसी तरह 2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान पहले की तरह MDR से बाहर रहेंगे. छोटे दुकानदारों को भी देना होगा शुल्क? छोटे व्यापारियों के लिए राहत जारी रहेगी. पर्सन टू पर्सन मर्चेंट (Person-to-Person Merchant) यानी P2PM व्यवस्था के तहत आने वाले छोटे दुकानदारों से MDR नहीं लिया जाएगा. इस श्रेणी में ऐसे छोटे विक्रेता शामिल हैं, जिनके बैंक खातों में यूपीआई QR भुगतान के जरिए महीने में एक लाख रुपये तक आते हैं. NPCI के मुताबिक 2,000 रुपये तक के छोटे यूपीआई व्यापारी लेनदेन कुल P2M लेनदेन की संख्या का 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हैं और इन पर नया MDR लागू नहीं होगा. रेलवे, पेट्रोल और बीमा के लिए अलग नियम कुछ खास श्रेणियों में 0.4 प्रतिशत MDR की जगह तय शुल्क रखा गया है. रेलवे, दूरसंचार सेवाओं, बीमा और ईंधन जैसी श्रेणियों में 2,000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई भुगतान पर प्रति लेनदेन 5 रुपये MDR लगेगा. क्यों लाया गया नया MDR? NPCI के मुताबिक उच्च मूल्य वाले व्यापारी लेनदेन से मिलने वाली MDR राशि यूपीआई व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग संस्थानों के बीच बांटी जाएगी. इसका इस्तेमाल यूपीआई नेटवर्क के विस्तार, साइबर सुरक्षा, तकनीकी ढांचे और नई सुविधाओं में निवेश के लिए किया जाएगा. यानी 15 अक्टूबर से बदलाव मुख्य रूप से चुनिंदा बड़े व्यापारी यूपीआई लेनदेन में होगा. आम ग्राहकों के व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान और 2,000 रुपये तक के व्यापारी भुगतान पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा. The post UPI New Rule: 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर लगेगा 0.4% चार्ज, ग्राहक नहीं दुकानदार देगा पैसा, 15 अक्टूबर से नियम appeared first on Naya Vichar.

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UP कैबिनेट मीटिंग में 23 प्रस्तावों पर लगी मुहर, CM योगी ने 200 करोड़ का प्लांट और नई यूनिवर्सिटी को दी हरी झंडी, इस क्षेत्र में 90% तक छूट

UP Politics: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 23 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में मथुरा के छाता में इथेनॉल प्लांट लगाने, अलीगढ़ में नई यूनिवर्सिटी की स्थापना और मकान किराये पर देने-लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने समेत परिवहन विभाग से जुड़े प्रस्तावों पर फैसला हुआ. प्रशासन के इन फैसलों को प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है. छाता में 200 करोड़ से बनेगा इथेनॉल प्लांट मथुरा के छाता में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से इथेनॉल प्लांट स्थापित किया जाएगा. इस प्लांट में केवल गन्ने से ही नहीं, बल्कि मक्का और धान से भी इथेनॉल तैयार किया जाएगा. प्रस्तावित संयंत्र की सालाना उत्पादन क्षमता करीब 3.96 करोड़ लीटर होगी. यह एक्सटेंशन प्लांट के तौर पर विकसित किया जाएगा और साल में करीब 11 महीने इसके संचालन की योजना है. 19 साल पहले बंद हुई थी शुगर फैक्ट्री छाता में करीब 19 साल पहले शुगर फैक्ट्री बंद हो गई थी. प्रशासन के मुताबिक, फैक्ट्री को संचालित करने के लिए करीब 50 लाख क्विंटल गन्ने की जरूरत पड़ती थी. गन्ने के भुगतान से जुड़ी समस्याओं के कारण फैक्ट्री बंद होने की बात सामने आई थी. अब इसी क्षेत्र में इथेनॉल प्लांट की स्थापना से औद्योगिक गतिविधियों को दोबारा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. 96 एकड़ जमीन पर तैयार होगा पूरा कॉम्प्लेक्स प्रस्तावित परियोजना के लिए करीब 96 एकड़ जमीन उपलब्ध है. छाता राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित है और नोएडा एयरपोर्ट से भी इसकी कनेक्टिविटी बेहतर बताई जा रही है. प्लांट के साथ गोदाम और दूसरे जरूरी कॉम्प्लेक्स भी विकसित किए जाएंगे. प्रशासन को उम्मीद है कि इस परियोजना से क्षेत्र में हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. गन्ना बढ़ा तो वापस आ सकती है शुगर फैक्ट्री प्रशासन के मुताबिक, भविष्य में क्षेत्र में गन्ने की उपलब्धता बढ़ती है तो यहां दोबारा शुगर फैक्ट्री के साथ एनर्जी प्लांट स्थापित करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी. यानी इथेनॉल परियोजना को सिर्फ एक प्लांट तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि आगे चलकर इसे बड़े औद्योगिक परिसर के रूप में विकसित करने की योजना है. अलीगढ़ में खुलेगी साईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी कैबिनेट ने अलीगढ़ में साईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी की स्थापना का रास्ता भी साफ कर दिया है. योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, संस्था ओम साईं को यूनिवर्सिटी स्थापित करने के लिए LOI जारी किया गया है. जरूरी मानकों को पूरा करने के बाद यह अनुमति दी गई है. उम्मीद है कि अगले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय शुरू हो जाएगा. साथ ही मकान किराये पर देने और लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है. यह भी देखें: UP Election 2027: सपा-कांग्रेस में सीटों पर महाघमासान, समाजवादी पार्टी ने 111 सीटों पर खींच दी लकीर, कांग्रेस की नजर 100 से ज्यादा सीटों पर The post UP कैबिनेट मीटिंग में 23 प्रस्तावों पर लगी मुहर, CM योगी ने 200 करोड़ का प्लांट और नई यूनिवर्सिटी को दी हरी झंडी, इस क्षेत्र में 90% तक छूट appeared first on Naya Vichar.

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India vs Afghanistan 2nd T20 LIVE Score: भारत ने टॉस जीतकर किया गेंदबाजी का फैसला, रवि बिश्नोई को मिला मौका

IND vs AFG 2nd T20 Live Score: हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज दिल्ली में स्पोर्ट्सा जा रहा है. शाम 7:30 बजे मैच शुरू होगा. इस कांटे की टक्कर को देखने के लिए तैयार हो जाइए और हमारे साथ पल-पल की अपडेट जानते रहिए. The post India vs Afghanistan 2nd T20 LIVE Score: हिंदुस्तान ने टॉस जीतकर किया गेंदबाजी का फैसला, रवि बिश्नोई को मिला मौका appeared first on Naya Vichar.

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JPSC-JSSC नियुक्ति मामला: सरकार ने सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को सौंपी स्टेटस रिपोर्ट, जवाब दाखिल करने के लिए सिर्फ 48 घंटे

Jhrkhand High Cort Hearing: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षा धांधली के मामले में राज्य प्रशासन ने मंगलवार को सीआईडी जांच से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को सौंप दिया है. हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य प्रशासन की जांच की रफ्तार पर गंभीर चिंता जताई है. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला 2500 से ज्यादा अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए जांच केवल तेज नहीं, बल्कि लगातार प्रभावी गति से आगे बढ़नी चाहिए. अदालत ने यह भी साफ किया कि फिलहाल उसका मुख्य उद्देश्य प्रशासन की उस अधिसूचना की वैधता या अवैधता की जांच करना है, जिसके तहत भर्ती विज्ञापन रद्द होने के बाद नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं. सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट सुनवाई के दौरान राज्य प्रशासन की ओर से महाधिवक्ता ने आपराधिक जांच की प्रगति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत की. कोर्ट ने रिपोर्ट खोलकर उसका अवलोकन किया और फिर उसे दोबारा सील कर रिकॉर्ड पर रख लिया. अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच से जुड़ी इस रिपोर्ट की प्रति याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को साझा नहीं की जाएगी. प्रशासन ने चार सप्ताह का समय मांगा राज्य प्रशासन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने दलील दी कि मामले में आपराधिक जांच जारी है, इसलिए जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए कम से कम चार सप्ताह का समय दिया जाए. उनका कहना था कि जांच पूरी तरह आगे बढ़ने तक विस्तृत जवाब दाखिल करना मुश्किल है. कोर्ट बोला, सभी अभ्यर्थी दोषी नहीं हो सकते सुनवाई के दौरान अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप जरूर हैं और जांच भी चल रही है, लेकिन केवल इसी आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि नियुक्ति पाने वाले सभी अभ्यर्थियों ने अनियमितता की है. अदालत ने यह भी कहा कि कई उम्मीदवार पूरी तरह वास्तविक हो सकते हैं, जबकि कुछ अभ्यर्थी कथित गड़बड़ियों से प्रभावित हुए होंगे. इसी कारण जांच जारी है और कोर्ट फिलहाल केवल अधिसूचना की कानूनी वैधता पर विचार करेगा. जांच की रफ्तार पर सख्त टिप्पणी जस्टिस दीपक रोशन ने सीलबंद रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि शुरुआती दौर में जांच की प्रगति काफी तेज थी, लेकिन बाद में उसकी रफ्तार कम होती दिखाई देती है. अदालत ने कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में जांच एजेंसियों को लगातार अच्छी गति से काम करना चाहिए, ताकि सच्चाई जल्द सामने आ सके और प्रभावित अभ्यर्थियों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े. इसे भी पढ़ें: JPSC-JSSC मामलों की धीमी जांच पर हाईकोर्ट नाराज, प्रशासन को लगाई फटकार 18 सितंबर को अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को तय की है. इस दिन W.P.(S) No. 6512/2026 समेत कई संबंधित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि तब तक प्रशासन से आवश्यक निर्देश प्राप्त नहीं होते हैं, तो महाधिवक्ता कानून के बिंदुओं पर अदालत की सहायता करेंगे, क्योंकि अंततः कोर्ट को उसी अधिसूचना की वैधता पर फैसला देना है, जिससे 2500 से अधिक अभ्यर्थियों का करियर प्रभावित हुआ है. साथ ही पहले से दी गई अंतरिम राहत अगले आदेश तक जारी रहेगी. इसे भी पढ़ें: BGR माइंस पर INTUC का हमला, बोले सुरजीत नागवाला – रैयत-विस्थापितों को ठगना बंद करे, नहीं तो होगी तालाबंदी The post JPSC-JSSC नियुक्ति मामला: प्रशासन ने सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को सौंपी स्टेटस रिपोर्ट, जवाब दाखिल करने के लिए सिर्फ 48 घंटे appeared first on Naya Vichar.

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2000 रुपये से ज्यादा UPI पेमेंट पर चार्ज लगेगा या नहीं? जानें केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा

UPI Payment: अगर आप यूपीआई से 2,000 रुपये से ज्यादा का भुगतान करते हैं तो क्या आने वाले समय में इसके लिए शुल्क देना होगा? इस सवाल को लेकर नेतृत्वक बहस तेज हो गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रशासन पर बड़े यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने का रास्ता खोलने का आरोप लगाया है. अब केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने इन आरोपों को खारिज किया है. 2000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर क्या बोले अठावले? न्यूज एजेंसी एएनआई की एर रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि केंद्र प्रशासन ने 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लगाने का फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आरोप लगा रहे हैं कि 2,000 रुपये से अधिक का लेनदेन होने पर प्रशासन चार्ज लगाने पर विचार कर रही है, लेकिन यह आरोप गलत है. अठावले के मुताबिक फिलहाल प्रशासन के सामने ऐसा कोई मामला नहीं है, जिसमें इस तरह का शुल्क लागू करने या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा हो. अब राहुल गांधी आरोप लगा रहे हैं कि यदि कोई लेनदेन 2,000 रुपये से अधिक का होता है, तो प्रशासन उस पर शुल्क लगाने पर विचार कर रही है. राहुल गांधी का यह आरोप झूठा है. फिलहाल, प्रशासन के समक्ष इस तरह के किसी भी शुल्क को लागू करने या बढ़ाने के संबंध में कोई मामला नहीं है- केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाया? लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि केंद्र प्रशासन ने यूपीआई पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल दिया है. राहुल गांधी का कहना है कि 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारी यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लगाने की संभावना बन सकती है. उन्होंने दावा किया कि भले ही प्रशासन सीधे ग्राहकों से शुल्क न लेने की बात कहे, लेकिन अगर व्यापारियों पर शुल्क लगाया गया तो उसका असर सामान की कीमतों पर पड़ सकता है और आखिरकार इसका बोझ ग्राहक को उठाना पड़ सकता है. मोदी प्रशासन ने चुपचाप यूपीआई पर शुल्क लगाने का रास्ता खोल दिया है. अब 2,000 रुपये से अधिक के व्यापारी यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर ((मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगाया जा सकता है. भले ही ये लेनदेन कुल लेनदेन का सिर्फ 5% हों, लेकिन ये यूपीआई के कुल लेनदेन मूल्य का लगभग 65% हिस्सा बनाते हैं. प्रशासन का कहना है कि ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. लेकिन दुकानदारों पर लगाया गया यह शुल्क आखिर आएगा कहां से? कीमतों में जुड़कर सीधे ग्राहक की जेब से ही निकलेगा- विपक्ष के नेता राहुल गांधी अमेरिकी दबाव के आरोप पर भी जवाब रामदास अठावले ने अमेरिकी दबाव के आरोप को भी खारिज किया. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी प्रशासन किसी बाहरी दबाव में काम नहीं करती है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के अमेरिका के साथ अच्छे व्यापारिक संबंध हैं और चीन, रूस, ईरान समेत दूसरे देशों के साथ भी अच्छे संबंध हैं. Also Read: राहुल गांधी का दावा – 2000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर लग सकता है चार्ज, कहा- अमेरिकी दबाव में झुकी प्रशासन The post 2000 रुपये से ज्यादा UPI पेमेंट पर चार्ज लगेगा या नहीं? जानें केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा appeared first on Naya Vichar.

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मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर क्या दिखाना चाहता है पाकिस्तान? भारत ने कहा- नौटंकी, आंखों में धूल झोंकने की कोशिश

जैश-ए-मोनौटंकी, आंखों में धूल झोंकने की कोशिश, जैश प्रमुख मसूद अजहर पर इनामी राशि बढ़ाने के पाकिस्तानी कदम पर हिंदुस्तान की प्रतिक्रियाहम्मद (JeM) के चीफ मसूद अजहर पर पाकिस्तान द्वारा इनाम की राशि 70 लाख रुपए करने के ऐलान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने टिप्पणी की है. प्रेस काॅन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से इस तरह की नौटंकी और लोगों को बेवकूफ बनाने की कोशिशें कोई नई बात नहीं है. हमने पहले भी ऐसी नौटंकी देखी हैं, ये सिर्फ और सिर्फ आंख में धूल झोंकने की कोशिश है. आतंकवाद को स्पॉन्सर करने वाले देश के लिए इस तरह की झूठी घोषणाएं करना महज ढोंग है. पाकिस्तान को ऐसी घोषणाएं करने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए ताकि विश्व को ऐसा लगे कि वह आतंकवाद के खिलाफ है. रणधीर जायसवाल का यह बयान तब आया है जब पाकिस्तान की फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने 2026 के लिए मोस्ट वांटेड आतंकियों की नयी रेड बुक जारी की. इस सूची में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का नाम भी शामिल है. FIA ने अजहर को भगोड़ा बताते हुए उस पर घोषित इनाम को 50 लाख से बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दिया है. इस सूची में 26/11 मुंबई हमलों से जुड़े 19 लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं. अक्टूबर में होने वाली FATF की बैठक से पहले यह सूची जारी कर लाभ लेने की कोशिश कर रहा है. ये भी पढ़ें: कांग्रेस में बड़े बदलाव की तैयारी, राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के साथ 130 कैंडिडेट का किया इंटरव्यू! The post मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर क्या दिखाना चाहता है पाकिस्तान? हिंदुस्तान ने कहा- नौटंकी, आंखों में धूल झोंकने की कोशिश appeared first on Naya Vichar.

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CAT के लिए अप्लाई करने का एक और मौका, बढ़ी लास्ट डेट

CAT 2026 Registration: IIM में MBA और मैनेजमेंट प्रोग्राम में एडमिशन की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स के लिए जरूरी समाचार है. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIMs) ने Common Admission Test (CAT) 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट बढ़ा दी है. अब कैंडिडेट्स 22 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक CAT 2026 के लिए अप्लाई कर सकते हैं. इससे पहले रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट 15 सितंबर 2026 है. CAT 2026 की नई लास्ट डेट CAT 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 3 अगस्त 2026 से शुरू हुआ था. अब कैंडिडेट्स को अप्लाई करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया है. IIMs ने साफ किया है कि 22 सितंबर शाम 5 बजे रजिस्ट्रेशन की लास्ट डेट है. कब होगा CAT 2026 एग्जाम? CAT 2026 का आयोजन 29 नवंबर 2026 को किया जाएगा. परीक्षा तीन सेशन में आयोजित होगी. इस परीक्षा के जरिए 21 IIM समेत देश के कई प्रमुख मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के MBA और अन्य पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में एडमिशन के लिए कैंडिडेट्स का चयन किया जाता है. आवेदन करने का तरीका CAT 2026 के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में किया जा सकता है. कैंडिडेट्स CAT की ऑफिशियल वेबसाइट iimcat.ac.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. आवेदन करते समय पर्सनल डिटेल, एकेडमिक डिटेल और जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जानकारी देनी होगी. इसके बाद एप्लिकेशन फीस जमा करके फॉर्म सबमिट करना होगा. आवेदन करने से पहले ध्यान दें कैंडिडेट्स को सलाह है कि वे लास्ट डेट का इंतजार न करें. रजिस्ट्रेशन के दौरान किसी तरह की गलती या पेमेंट से जुड़ी समस्या होने पर आवेदन पूरा करने में परेशानी हो सकती है. इसलिए 22 सितंबर शाम 5 बजे से पहले अपना एप्लिकेशन फॉर्म सबमिट कर दें. CAT परीक्षा के लिए कैसे करें अप्लाई? CAT की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं. New Candidate Registration पर क्लिक करें. नए उम्मीदवार के तौर पर रजिस्ट्रेशन शुरू करें और नाम, DOB, मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी जैसी जरूरी जानकारी भरें. लॉगिन करें रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद मिले User ID और Password से लॉगिन करें. आवेदन फॉर्म भरें फॉर्म में अपनी पर्सनल डिटेल, शैक्षणिक योग्यता और अन्य जरूरी डिटेल्स डालें. मांगे गए फोटो, साइन और अन्य आवश्यक डॉक्यूमेंट्स डालें. परीक्षा शहर चुनें और आवेदन शुल्क जमा करें फॉर्म सबमिट करें और कंफर्मेशन पेजो को डाउनलोड कर लें. ये भी पढ़ें: NEET, JEE वाले ध्यान दें! NTA ने बदला अपना पता, नोट कर लें नया एड्रेस The post CAT के लिए अप्लाई करने का एक और मौका, बढ़ी लास्ट डेट appeared first on Naya Vichar.

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Vaibhav Sooryavanshi: सूर्यवंशी के नहीं खेलने पर पूर्व क्रिकेटर के घर में हुआ क्लेश, बोले-‘मेरी बीवी चिल्लाने लगी’

Vaibhav Sooryavanshi: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम समय में क्रिकेट फैंस के बीच ऐसी पहचान बना ली है कि अब उनके बल्ले को देखने के लिए दर्शकों में अलग ही उत्सुकता रहती है. यही दीवानगी पूर्व हिंदुस्तानीय क्रिकेटर कृष्णमाचारी श्रीकांत के घर तक पहुंच गई है. अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में जब वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली, तो श्रीकांत ने मैच देखना तक छोड़ दिया. इतना ही नहीं, उनकी पत्नी ने भी वैभव के नहीं स्पोर्ट्सने पर सवाल उठाए. वैभव नहीं स्पोर्ट्से तो श्रीकांत ने शुरू कर दी फिल्म अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में वैभव के बाहर रहने पर श्रीकांत ने अपने शो में इस पूरे वाकये का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि वैभव के नहीं स्पोर्ट्सने की वजह से उन्होंने मैच के बजाय फिल्म देखना शुरू कर दिया था. श्रीकांत ने कहा कि उनकी पत्नी भी इस बात से हैरान थीं कि पिछले मैच में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को टीम से बाहर क्यों रखा गया. उनके मुताबिक, वैभव की लोकप्रियता अब सिर्फ क्रिकेट फैंस तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके घर में भी उनकी बल्लेबाजी को लेकर उत्सुकता रहती है. श्रीकांत बोले- वैभव के साथ गलत हो रहा है श्रीकांत ने टीम मैनेजमेंट के फैसले पर खुलकर सवाल उठाया. उनका मानना है कि अगर वैभव को मौका देने के बाद एक खराब प्रदर्शन पर बाहर कर दिया गया, तो इससे युवा खिलाड़ी के मन में अनिश्चितता पैदा हो सकती है. उन्होंने कहा कि वैभव ने दलीप ट्रॉफी, टी20 क्रिकेट, इंडिया-ए और आईपीएल जैसे अलग-अलग स्तरों पर रन बनाए हैं. ऐसे में उन्हें लगातार मौके देकर आगे बढ़ाना चाहिए. श्रीकांत ने यह भी कहा कि अगर वैभव अगले मुकाबले में स्पोर्ट्सते हैं और रन नहीं बना पाते, तो उनके मन में यह सवाल आ सकता है कि क्या उन्हें फिर से टीम से बाहर कर दिया जाएगा. उनके मुताबिक, टीम मैनेजमेंट को युवा खिलाड़ी के साथ सही संदेश देना चाहिए. पहले टी20 में संजू सैमसन नहीं छोड़ पाए छाप अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और उनकी जगह बल्लेबाजी क्रम में संजू सैमसन को मौका मिला. हालांकि, संजू इस मौके का फायदा नहीं उठा सके और 10 रन बनाकर आउट हो गए. दूसरी ओर, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी की और हिंदुस्तान ने मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया. यानी टीम के नतीजे के लिहाज से फैसला सफल रहा, लेकिन वैभव को लेकर बहस जरूर तेज हो गई. अब दूसरे टी20 में सबसे बड़ा सवाल- वैभव स्पोर्ट्सेंगे या नहीं? हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच दूसरा टी20 15 सितंबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में स्पोर्ट्सा जाना है. हिंदुस्तान सीरीज में 1-0 से आगे है और उसके पास सीरीज अपने नाम करने का मौका है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या टीम मैनेजमेंट 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल करेगा, या संजू सैमसन को एक और मौका दिया जाएगा? वैभव के लिए यह सिर्फ एक मैच नहीं होगा. अगर उन्हें मौका मिलता है, तो उनकी नजर एक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय पारी पर होगी. वहीं टीम मैनेजमेंट के लिए युवा प्रतिभा को मौका देने और मौजूदा कॉम्बिनेशन को बनाए रखने के बीच संतुलन बनाना चुनौती होगी. ये भी पढ़ें: IND vs AFG 2nd T20: सीरीज जीतने उतरेगी टीम इंडिया, जानें कब और कहां देखें मैच का लाइव टेलीकास्ट वैभव को लेकर क्यों बढ़ी है चर्चा? उम्र सिर्फ 15 साल. IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह. अलग-अलग स्तर के क्रिकेट में लगातार रन. पहले टी20 में प्लेइंग इलेवन से बाहर. श्रीकांत जैसे पूर्व क्रिकेटर ने चयन पर सवाल उठाए. दूसरे टी20 में उनकी संभावित एंट्री पर सभी की नजरें. ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट The post Vaibhav Sooryavanshi: सूर्यवंशी के नहीं स्पोर्ट्सने पर पूर्व क्रिकेटर के घर में हुआ क्लेश, बोले-‘मेरी बीवी चिल्लाने लगी’ appeared first on Naya Vichar.

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