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बिहार के 211 नये डिग्री कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक भर्ती का रिजल्ट जारी, हिंदी में सबसे ज्यादा 81.3 अंक रहा कटऑफ

Bihar Assistant Professor Result: बिहार के नवस्थापित 211 डिग्री कॉलेजों में संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (बीएसयूएससी) ने शनिवार को अंतिम परिणाम जारी कर दिया. आयोग ने अंग्रेजी, हिंदी, अर्थशास्त्र, इतिहास, नेतृत्व विज्ञान और समाजशास्त्र विषयों के चयनित अभ्यर्थियों की सूची के साथ श्रेणीवार कटऑफ अंक भी जारी किए हैं. कुल 2532 पदों में से 2498 पदों का रिजल्ट प्रकाशित किया गया है. छह विषयों में 2498 अभ्यर्थियों का रिजल्ट सभी छह विषयों में 422-422 पद निर्धारित किए गए थे. चयन अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता के अंकों और साक्षात्कार में मिले अंकों के आधार पर तैयार संयुक्त मेरिट के अनुसार किया गया है. उच्च शिक्षा विभाग के अधीन स्थापित 211 नये डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आयोग ने 3 जुलाई को विज्ञापन जारी किया था. सभी विषयों के साक्षात्कार 21 से 26 जुलाई के बीच आयोजित किए गए थे. हिंदी में सबसे अधिक 81.3 अंक कटऑफ अनारक्षित वर्ग में हिंदी विषय का कटऑफ सबसे अधिक 81.3 अंक रहा. इसके बाद नेतृत्व विज्ञान में 79.2, इतिहास में 78.7, समाजशास्त्र में 78.3, अर्थशास्त्र में 76.6 और अंग्रेजी में 76.5 अंक कटऑफ रहा. आयोग ने सभी आरक्षण श्रेणियों के लिए विषयवार चयन सूची और कटऑफ भी जारी किए हैं. कई विषयों में पद रह गये रिक्त अंग्रेजी में नौ, अर्थशास्त्र में 11, समाजशास्त्र में 10 और हिंदी में चार पद रिक्त रह गये. समाजशास्त्र में यूआर, बीसी और ईबीसी वर्ग के एक-एक पद को आयोग ने फिलहाल होल्ड पर रखा है. योग्य अभ्यर्थियों की उपलब्धता नहीं होने के कारण कई आरक्षित श्रेणियों के पद भी खाली रह गये. समाजशास्त्र में एसटी का एक पद नहीं भरा जा सका. वहीं दिव्यांग श्रेणी में डीडी के छह और वीआई के तीन पद योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण रिक्त रह गये. अन्य विषयों में भी बहु-दिव्यांग (एमडी) समेत कुछ विशेष आरक्षित श्रेणियों के पद खाली रहे. विश्वविद्यालयों को भेजी जायेगी मेरिट आयोग ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापन और दिशा-निर्देशों के अनुरूप ऑनलाइन आवेदन नहीं करने वाले अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी निरस्त कर दी गयी है. अभ्यर्थी आयोग की अधिसूचनाओं में विषयवार चयन सूची, आरक्षण श्रेणीवार कटऑफ और चयनित अभ्यर्थियों के रोल या फॉर्म नंबर देख सकते हैं. परिणाम जारी होने के बाद अब संबंधित विश्वविद्यालयों को मेरिट सूची भेजी जायेगी. इसके साथ ही नये डिग्री कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. यहां क्लिक कर देखें रिजल्ट: बीएसयूएससी की आधिकारिक वेबसाइट The post बिहार के 211 नये डिग्री कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक भर्ती का रिजल्ट जारी, हिंदी में सबसे ज्यादा 81.3 अंक रहा कटऑफ appeared first on Naya Vichar.

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जैश के निशाने पर थे शुभेंदु अधिकारी और जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल, एसटीएफ का खुलासा

पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) द्वारा गिरफ्तार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कथित सदस्य ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को निशाना बनाने और दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी में तोड़फोड़ करने की साजिश रची थी. एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. पाकिस्तान के आका के इशारे पर काम कर रहा था हमीम एसटीएफ के महानिरीक्षक (आईजी) गौरव शर्मा ने बताया कि आरोपी की पहचान हमीम मंडल के रूप में हुई है. उसे शुक्रवार को पूर्वी बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया गया और उसी रात पूछताछ के लिए कोलकाता लाया गया. शर्मा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जांच में मंडल के पाकिस्तान के आकाओं से संबंध स्थापित हुए हैं और वह उनके इशारे पर काम कर रहा था. हमीम को मिली थी शुभेंदु अधिकारी पर नजर रखने की जिम्मेदारी उन्होंने कहा कि हमीम को पाकिस्तान के आकाओं ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों पर नजर रखने का काम सौंपा था. उसे उन स्थानों की जानकारी जुटाने के लिए कहा गया था, जहां मुख्यमंत्री बिना सुरक्षा के मौजूद हो सकते थे. एसटीएफ ने दावा किया कि मंडल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए छात्रों के प्रदर्शन में पुलिस की वर्दी हासिल कर घुसपैठ करने, वहां तोड़फोड़ करने की साजिश रची थी. ये भी पढ़ें: बंगाल में ISI और जैश-ए-मोहम्मद के राज खोलेगी अर्पिता प्रशासन! हमीम ने सौंपा था हनीट्रैप का जिम्मा पुलिस ऑफिसर और राजनेता भी थे निशाने पर आईपीएस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शुभेंदु के अलावा कई पुलिस अधिकारी और नेतृत्वक नेता भी इस आतंकी मॉड्यूल के निशाने पर थे. एसटीएफ ने दावा किया कि आरोपी इंस्टाग्राम पर संपर्क बनाने के बाद व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ‘एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग’ ऐप्स के जरिये पाकिस्तान में कई आकाओं के संपर्क में था. जांचकर्ताओं ने पाकिस्तान के इनके आकाओं की पहचान ‘राणा’, ‘उजैर’, ‘आबिद जट्ट 333’ और ‘हमाद’ के नाम से की है. एसटीएफ को संदेह है कि ये सभी पाकिस्तान के शहजाद भट्टी गिरोह से जुड़े हैं. ये भी पढ़ें: बंगाल में ISI के नेटवर्क! संदिग्ध आतंकी हमीम की गर्लफ्रेंड झारखंड से गिरफ्तार हनी ट्रैप के जरिये अपहरण की योजना की सूचना पर हुई कार्रवाई शर्मा ने बताया कि इस मॉड्यूल की जांच तब शुरू हुई, जब अधिकारियों को हावड़ा के एक वरिष्ठ नेता से फिरौती वसूलने और उनके बेटे का ‘हनी ट्रैप’ के जरिये अपहरण करने की साजिश की सूचना मिली. उन्होंने कहा- कुछ दिन पहले हमें जानकारी मिली कि हावड़ा के एक वरिष्ठ नेता से फिरौती मांगने और उनके बेटे का ‘हनी ट्रैप’ के जरिये अपहरण करने की योजना है. हमें बताया गया कि इसके पीछे एक संगठन है. इसी सुराग से हम साहिबगंज के एक सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंचे, जिसका संचालन अर्पिता प्रशासन नाम की स्त्री कर रही थी. 4 वर्ष से संपर्क में थे अर्पिता प्रशासन और हमीम मंडल उन्होंने कहा कि अर्पिता प्रशासन के सोशल मीडिया अकाउंट की जांच से अधिकारियों का ध्यान हमीम मंडल तक पहुंचा. शर्मा के अनुसार, दोनों पिछले 4 वर्षों से संपर्क में थे. पहले इंस्टाग्राम पर उनकी पहचान हुई और बाद में वे व्यक्तिगत रूप से भी मिले. उन्होंने कहा कि इस कथित आतंकी नेटवर्क के पूरे दायरे, मॉड्यूल के अन्य सदस्यों और इसके सीमा पार संबंधों का पता लगाने के लिए जांच जारी है. ये भी पढ़ें: बंगाल के बर्धमान में जैश का आतंकवादी गिरफ्तार, सीएम शुभेंदु अधिकारी की हत्या का था प्लान The post जैश के निशाने पर थे शुभेंदु अधिकारी और जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल, एसटीएफ का खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: पहला राउंड हारने के बाद प्रिया घंघास की दमदार वापसी, कनाडाई मुक्केबाज को हराकर जीता गोल्ड

CWG 2026 Boxing: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान की प्रिया घंघास ने स्त्रीओं के 60 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया. फाइनल में उन्होंने कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदिएह को 4-1 के स्प्लिट फैसले से हराकर हिंदुस्तान की झोली में एक और गोल्ड डाला. पहले राउंड में मिली थी हार मुकाबले की शुरुआत प्रिया के लिए अच्छी नहीं रही. पहला राउंड वह 2-3 के करीबी अंतर से हार गईं. हालांकि, उन्होंने संयम नहीं खोया और अगले राउंड में दमदार वापसी की. दूसरे राउंड से पलटा मुकाबला दूसरे राउंड में प्रिया ने आक्रामक स्पोर्ट्स दिखाया और सटीक पंचों से कनाडाई मुक्केबाज पर दबाव बना दिया. जजों ने यह राउंड 4-1 से उनके पक्ष में दिया, जिससे मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल गया. आखिरी राउंड में दिखाया चैंपियन वाला स्पोर्ट्स निर्णायक तीसरे राउंड में भी प्रिया ने अपना दबदबा बनाए रखा. उन्होंने एक बार फिर 4-1 से राउंड जीतते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया. इसके साथ ही उन्होंने 4-1 के स्प्लिट फैसले से स्वर्ण पदक जीत लिया. यह शाम के बॉक्सिंग सत्र में हिंदुस्तान का लगातार दूसरा स्वर्ण पदक रहा. वहीं, दिन के पहले पांच बॉक्सिंग फाइनल के बाद हिंदुस्तान के खाते में अब चार स्वर्ण और एक रजत पदक हो चुके हैं, जो हिंदुस्तानीय मुक्केबाजों के शानदार प्रदर्शन की कहानी बयां करता है. ये भी पढ़ें: CWG 2026: बॉक्सिंग में हिंदुस्तान का तीसरा गोल्ड, साक्षी चौधरी बनी कॉमनवेल्थ चैंपियन The post CWG 2026: पहला राउंड हारने के बाद प्रिया घंघास की दमदार वापसी, कनाडाई मुक्केबाज को हराकर जीता गोल्ड appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: बॉक्सिंग में भारत का तीसरा गोल्ड, साक्षी चौधरी बनी कॉमनवेल्थ चैंपियन

CWG 2026 Boxing: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान की मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्त्रीओं के 51 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया. फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5-0 के एकतरफा फैसले से हराया. पहले राउंड से ही बनाई बढ़त साक्षी ने मुकाबले की शुरुआत बेहद संयम के साथ की. अपनी लंबाई और रीच का फायदा उठाते हुए उन्होंने बाएं हाथ के सटीक जैब्स लगाए और रूबी व्हाइट को खुलकर स्पोर्ट्सने का मौका नहीं दिया. हिंदुस्तानीय मुक्केबाज के दबदबे को देखते हुए सभी जजों ने पहला राउंड उनके पक्ष में दिया. दूसरे राउंड में भी दिखाया दम दूसरे राउंड में रूबी व्हाइट ने वापसी की कोशिश की, लेकिन साक्षी ने शानदार डिफेंस और सटीक पंचों से मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी. व्हाइट ने राउंड के अंत में कुछ अच्छे पंच जरूर लगाए, लेकिन जजों ने फिर साक्षी को बढ़त दी. तीसरे राउंड में नहीं दिया कोई मौका आखिरी राउंड में साक्षी ने बिना कोई जोखिम उठाए समझदारी से मुकाबला स्पोर्ट्सा. उन्होंने समय का सही इस्तेमाल किया और मौके मिलने पर साफ-सुथरे पंच लगाए. रूबी व्हाइट ने अंतिम क्षणों में बॉडी शॉट लगाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. अंत में जजों ने 5-0 से सर्वसम्मति से फैसला साक्षी चौधरी के पक्ष में सुनाया. इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड जीतने वाली दिन की तीसरी हिंदुस्तानीय मुक्केबाज बन गईं. हिंदुस्तान का बॉक्सिंग में शानदार प्रदर्शन जारी है और टीम के कई अन्य मुक्केबाज भी शनिवार को स्वर्ण पदक के मुकाबले में उतरने वाले हैं. ये भी पढ़ें: ‘गोल्डन’ स्टोरी की वो 40 दिन, बीमारी से लड़कर जैसमीन लंबोरिया बनीं चैंपियन The post CWG 2026: बॉक्सिंग में हिंदुस्तान का तीसरा गोल्ड, साक्षी चौधरी बनी कॉमनवेल्थ चैंपियन appeared first on Naya Vichar.

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E20 के खिलाफ केजरीवाल का हल्ला बोल: 4 अगस्त को 100 लोग लेकर करेंगे पीएम आवास मार्च

‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया’ में ई20 ईंधन पर आयोजित एक ‘टाउन हॉल’ बैठक को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा, वह मंगलवार दोपहर को हस्ताक्षर अभियान के तहत ज्ञापन एकत्र करेंगे और 100 लोगों के साथ लोक कल्याण मार्ग स्थित नरेंद्र मोदी के आवास की ओर मार्च का नेतृत्व करेंगे. उन्होंने कहा, ऐसे लोगों को लेकर जाएंगे, जो न जेल जाने से डरते हैं और न ही डंडा खाने से डरते हैं. क्या है अरविंद केजरीवाल की मांग? केजरीवाल ने मांग की कि पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को एथेनॉल मिश्रित ‘ई20’ और नियमित पेट्रोल में से चुनने की अनुमति मिले. इसके अलावा उन्होंने ई20 पेट्रोल की कीमतों को कम करने और पेट्रोल की दरों में कटौती किये जाने की भी मांग की. केजरीवाल ने प्रशासन से रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रशासन से उस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का भी आग्रह किया जिसका हवाला देकर दावा किया जा रहा है कि ई20 से वाहनों को नुकसान नहीं पहुंचता है. उन्होंने कहा, ”केंद्र प्रशासन का कहना है कि रिसर्च किए जा चुके हैं और ई20 से वाहनों को कोई नुकसान नहीं होता है. मैं चाहता हूं कि वे उस रिपोर्ट को सार्वजनिक करें.” ये भी पढ़ें: राहुल गांधी का हमला, कहा- छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं, मोदी जी को माफी मांगनी चाहिए The post E20 के खिलाफ केजरीवाल का हल्ला बोल: 4 अगस्त को 100 लोग लेकर करेंगे पीएम आवास मार्च appeared first on Naya Vichar.

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‘गोल्डन’ स्टोरी की वो 40 दिन, बीमारी से लड़कर जैसमीन लंबोरिया बनीं चैंपियन

CWG 2026: करीब 40 दिन पहले तक हिंदुस्तानीय मुक्केबाज जैसमीन लंबोरिया अस्पताल के बिस्तर पर थी. लगातार तेज बुखार और पेट की बीमारी के कारण उन्हें भर्ती होना पड़ा था. जिसके कारण कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके स्पोर्ट्सने पर भी सवाल खड़े हो गए थे. लेकिन शनिवार को ग्लास्गो में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मौजूदा चैंपियन माइकेला वॉल्श को हराकर स्त्रीओं के 57 किलोग्राम भार में गोल्ड अपने नाम किया. भिवानी की 24 वर्षीय जैसमीन के लिए यह सिर्फ एक स्वर्ण पदक नहीं था, बल्कि महीनों की बीमारी, दर्द और संघर्ष पर मिली यह जीत थी. उन्होंने चार साल पहले बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में जीते ब्रॉन्ज मेडल को इस बार गोल्ड में बदल दिया. एशियाई चैंपियनशिप से शुरू हुई मुश्किलें जैसमीन की परेशानी मार्च में एशियाई चैंपियनशिप के दौरान शुरू हुई. पहले मुकाबले के बाद ही उन्हें तेज बुखार हो गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. खराब तबीयत के बावजूद लगातार तीन कठिन मुकाबले स्पोर्ट्से, फाइनल में पहुंची और रजत पदक जीतने के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सीधे क्वालिफाई किया. पहला मुकाबला स्पोर्ट्सने के बाद ही मुझे तेज बुखार हो गया था. मेरी हालत काफी खराब थी. किसी तरह मैं सेमीफाइनल तक पहुंची, जहां मैंने बेहद कठिन मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज की. वे तीनों मुकाबले मेरे लिए बेहद कठिन रहे, लेकिन मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया था. जैसमीन लंबोरिया ने जीता गोल्ड (फोटो- सोशल मीडिया) रिंग में दिखाई चैंपियन वाली जिद ग्लास्गो पहुंचने तक बहुत कम लोगों को अंदाजा था कि जैसमीन हाल ही में गंभीर बीमारी से उबरकर लौटी हैं. लेकिन रिंग में उतरते ही उन्होंने अपने स्पोर्ट्स से साबित कर दिया कि वह क्यों मौजूदा विश्व चैंपियन हैं. फाइनल में उन्होंने माइकेला वॉल्श को हराकर हिंदुस्तान के नाम एक और स्वर्ण पदक कर दिया. 40 दिन पहले अस्पताल के बिस्तर पर लेटी जैसमीन ने शायद ही सोचा होगा कि कुछ ही हफ्तों बाद वह कॉमनवेल्थ गेम्स के पोडियम पर हिंदुस्तान का तिरंगा सबसे ऊपर लहराते हुए स्वर्ण पदक गले में पहनेंगी. ये भी पढ़ें: CWG 2026: जैसमीन लांबोरिया बनी कॉमनवेल्थ चैंपियन, हिंदुस्तान को बॉक्सिंग में दिलाया दूसरा गोल्ड The post ‘गोल्डन’ स्टोरी की वो 40 दिन, बीमारी से लड़कर जैसमीन लंबोरिया बनीं चैंपियन appeared first on Naya Vichar.

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Donald Trump का नया प्लान, अब Truth Social पर पोस्ट देखने के लिए चुकानी होगी कीमत, उठने लगे सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर अपने नए फैसले को लेकर चर्चा में हैं. इस बार मामला नेतृत्व नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और कारोबार से जुड़ा है. Trump की सोशल मीडिया कंपनी अब उनके पोस्ट को आम लोगों से पहले चुनिंदा भुगतान करने वाले ग्राहकों को दिखाने की तैयारी कर रही है. इस नई सेवा का मकसद कंपनी के लिए अतिरिक्त कमाई करना है, लेकिन इसके साथ ही हितों के टकराव, बाजार पर असर और सार्वजनिक पद के इस्तेमाल जैसे गंभीर सवाल भी उठने लगे हैं. भुगतान करने वालों को पहले दिखेंगे Trump के पोस्ट Trump की सोशल मीडिया कंपनी Trump Media & Technology Group ने अपने प्लैटफॉर्म Truth Social पर एक नई सुविधा शुरू करने की घोषणा की है. इस सेवा के तहत भुगतान करने वाले ग्राहकों, खासकर वॉल स्ट्रीट के ट्रेडर्स, को Donald Trump के सोशल मीडिया पोस्ट आम यूजर्स से पहले देखने का मौका मिलेगा. यह सुविधा शनिवार से शुरू की जा रही है. Trump के कई पोस्ट अक्सर वैश्विक नेतृत्व, वित्तीय स्थिति, ब्याज दरों, व्यापार शुल्क और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े होते हैं. ऐसे में उनके बयानों का असर कई बार शेयर बाजार पर भी तुरंत देखने को मिलता है. क्यों उठ रहे हैं विवाद? ‘फॉर्च्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले के बाद कई विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि अगर कुछ लोगों को राष्ट्रपति के पोस्ट पहले देखने का मौका मिलेगा, तो उन्हें बाजार में निवेश संबंधी फैसले लेने में बढ़त मिल सकती है. आलोचकों का कहना है कि इससे इनसाइडर ट्रेडिंग जैसे सवाल खड़े हो सकते हैं और यह सार्वजनिक पद से जुड़े प्रभाव का व्यावसायिक इस्तेमाल माना जा सकता है. हालांकि अभी तक इस संबंध में किसी नियामक संस्था की ओर से कोई कार्रवाई या आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है. विशेषज्ञों ने क्या कहा? ट्रेडिंग फर्म Able Alpha Trading की प्रमुख आइरीन एल्ड्रिज ने इस कदम पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि अगर किसी सूचीबद्ध कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) इसी तरह संवेदनशील जानकारी चुनिंदा लोगों तक पहले पहुंचाता, तो उसे गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता था. उनके मुताबिक राष्ट्रपति के बयानों का वैश्विक वित्तीय बाजारों पर सीधा असर पड़ता है, इसलिए ऐसी सेवा कई नए सवाल खड़े करती है. Trump Media का क्या है जवाब? Trump Media & Technology Group ने आलोचनाओं को खारिज किया है. कंपनी का कहना है कि यह पूरी तरह मुक्त बाजार की अवधारणा के अनुरूप सेवा है. कंपनी के अनुसार आलोचक सार्वजनिक और गैर-सार्वजनिक जानकारी के बीच अंतर को सही तरीके से नहीं समझ रहे हैं. वहीं White House के प्रेस कार्यालय ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है. बाजार और निवेशकों पर क्या पड़ सकता है असर? Donald Trump के सोशल मीडिया पोस्ट कई बार प्रशासनी नीतियों, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और आर्थिक फैसलों से जुड़े संकेत देते रहे हैं. ऐसे में अगर कुछ निवेशकों को यह जानकारी पहले मिलती है, तो वे दूसरों से पहले निवेश संबंधी फैसले ले सकते हैं. यही वजह है कि इस नई सेवा को लेकर बाजार विशेषज्ञों और नीति विश्लेषकों के बीच बहस तेज हो गई है. आने वाले दिनों में इस मॉडल पर नियामक एजेंसियों और बाजार की प्रतिक्रिया भी अहम रहेगी. ये भी पढ़ें: CJP के बाद अब E20 जनता पार्टी की एंट्री, 100% पेट्रोल के लिए सोशल मीडिया पर शुरू हुआ ऑनलाइन अभियान The post Donald Trump का नया प्लान, अब Truth Social पर पोस्ट देखने के लिए चुकानी होगी कीमत, उठने लगे सवाल appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता में छलका तसलीमा का दर्द : यूरोप ने नागरिकता दी, दोनों बंगाल में मुझे रहने के लिए थोड़ी जगह न मिली

बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन ने कोलकाता में शनिवार को अपना दर्द बयां किया. उन्होंने कहा कि यूरोप ने मुझे नागरिकता और रहने की जगह दी है, लेकिन अफसोस की बात है कि दोनों बंगाल (तसलीमा का अपना देश बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल)में मुझे रहने के लिए थोड़ी सी भी जगह नहीं मिल सकी. हालांकि, कोलकाता आने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा- कोलकाता लौटने पर मुझे ऐसा लगता है, जैसे मैं जिंदगी के उस हिस्से में वापस आ गयी हूं, जिसे मैं यहीं छोड़ गयी थी. किसी लेखक को अपने देश से निर्वासित न होना पड़े : नसरीन ‘द्विखंडितो’ की लेखिका तसलीमा नसरीन कोलकाता में अपने सम्मान में रवींद्र सदन में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहीं थीं. 19 साल बाद कोलकाता आयीं तसलीमा ने कहा- मैं ऐसे दिन की कामना करती हूं, जब किसी लेखक को अपने देश से निर्वासित न होना पड़े. उन्होंने कहा- मैं यहां किसी नेतृत्वक पार्टी के पक्ष या विपक्ष में बोलने नहीं आयी हूं. मैं स्त्रीओं के अधिकारों के पक्ष में बात करने आयी हूं. The post कोलकाता में छलका तसलीमा का दर्द : यूरोप ने नागरिकता दी, दोनों बंगाल में मुझे रहने के लिए थोड़ी जगह न मिली appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी का हमला, कहा- छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं, मोदी जी को माफी मांगनी चाहिए

कांग्रेस नेता ने पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले या मानसिक तनाव झेल रहे युवाओं के परिवारों का दर्द साझा करते हुए लिखा, “जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को खो दिया है, उनके आंसू और विलाप से बड़ा कोई दुख नहीं हो सकता. यह दर्द ताउम्र उनके साथ रहेगा और इसके साथ ही देश के इस टूटे-फूटे और भ्रष्ट शिक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल बने रहेंगे.” “पेपर लीक, रद्द होती परीक्षाएं और एक पल में बर्बाद होती सालों की तैयारी. हमारे छात्रों से ऐसे सिस्टम में ईमानदारी की उम्मीद की जाती है जो खुद बेईमान हो चुका है. हिंदुस्तान के युवाओं को पीएम की माफी की जरूरत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी को उनसे माफी मांगनी चाहिए.” – राहुल गांधी पीएम मोदी के रवैये पर उठाए सवाल प्रधानमंत्री के बयानों पर तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष ने पूछा, क्या पीएम कभी किसी ऐसे पीड़ित परिवार से मिले हैं? जिसने पेपर लीक और धांधली के कारण अपना बच्चा या अपनी जिंदगी भर की कमाई खो दी हो. उन्होंने दावा किया कि इसका जवाब ‘नहीं’ है. युवा की जान जाने से पूरा परिवार दर्द सहता है : राहुल गांधी राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी युवा की जान जाने के पीछे एक पूरा परिवार होता है जो कभी न खत्म होने वाला दर्द सहता है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र प्रशासन युवाओं के भविष्य, समय और उनके सपनों को छीनने वाले इस लचर ढर्रे को सुधारने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है. ये भी पढ़ें: “मैं निराश हो चुका हूं”: शहजाद पूनावाला ने पीएम मोदी को बताया फेलियर, कहा- राहुल गांधी से सीखिए The post राहुल गांधी का हमला, कहा- छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं, मोदी जी को माफी मांगनी चाहिए appeared first on Naya Vichar.

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दिलीप ट्रॉफी के लिए सेंट्रल जोन टीम का ऐलान, रजत पाटीदार को मिली कमान

Duleep Trophy 2026: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान और मध्य प्रदेश के स्टार बल्लेबाज रजत पाटीदार को दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए सेंट्रल जोन का कप्तान बनाया गया है. वहीं, उत्तर प्रदेश के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह को टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है. 23 अगस्त से बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू होने वाले इस छह टीमों के टूर्नामेंट में सेंट्रल जोन की टीम सीधे 30 अगस्त से सेमीफाइनल में अपना अभियान शुरू करेगी. सरांश जैन पहला मैच कर सकते हैं मिस मध्य प्रदेश के ऑफ स्पिनर सरांश जैन को भी टीम में जगह मिली है, लेकिन वह श्रीलंका के खिलाफ हिंदुस्तान की टेस्ट टीम का हिस्सा हैं. ऐसे में अगर हिंदुस्तान की दो मैचों की टेस्ट सीरीज 27 अगस्त तक तय कार्यक्रम के अनुसार चलती है, तो सरांश सेंट्रल जोन का पहला मुकाबला नहीं स्पोर्ट्स पाएंगे. सेंट्रल जोन की टीम रजत पाटीदार (कप्तान), रिंकू सिंह (उपकप्तान), आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), सरांश जैन, अमन मोखाडे, कुणाल चंदेला, जीशान अंसारी, आर्यन पांडे, अरशद खान, आयुष पांडे, यश राठौड़, हर्ष दुबे, कुणाल सिंह राठौड़ (विकेटकीपर), यश ठाकुर और नचिकेत भुटे. हर्ष दुबे और यश ठाकुर को भी मौका सेंट्रल जोन की टीम में विदर्भ के स्पिनर हर्ष दुबे, तेज गेंदबाज यश ठाकुर, मध्य प्रदेश के अरशद खान और उत्तर प्रदेश के स्पिनर जीशान अंसारी को भी शामिल किया गया है. वहीं इसके साथ विदर्भ के स्टार बैटर अमन मोखाडे के साथ नचिकेत भुटे को भी शामिल किया गया है. ईस्ट जोन में वैभव सूर्यवंशी को मिली उपकप्तानी की जिम्मेदारी दूसरी ओर, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया है. बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने जुलाई 2026 में हिंदुस्तान के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था. ईस्ट जोन की कप्तानी झारखंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन करेंगे. टीम में अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार, अभिमन्यु ईश्वरन, शहबाज अहमद, विराट सिंह और कुमार कुशाग्र जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं. ये भी पढ़ें: अब 4 नहीं… श्रीलंका रवाना होने से पहले टीम इंडिया के शेड्यूल में बदलाव The post दिलीप ट्रॉफी के लिए सेंट्रल जोन टीम का ऐलान, रजत पाटीदार को मिली कमान appeared first on Naya Vichar.

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