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‘गोल्डन’ स्टोरी की वो 40 दिन, बीमारी से लड़कर जैसमीन लंबोरिया बनीं चैंपियन

CWG 2026: करीब 40 दिन पहले तक हिंदुस्तानीय मुक्केबाज जैसमीन लंबोरिया अस्पताल के बिस्तर पर थी. लगातार तेज बुखार और पेट की बीमारी के कारण उन्हें भर्ती होना पड़ा था. जिसके कारण कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके स्पोर्ट्सने पर भी सवाल खड़े हो गए थे. लेकिन शनिवार को ग्लास्गो में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मौजूदा चैंपियन माइकेला वॉल्श को हराकर स्त्रीओं के 57 किलोग्राम भार में गोल्ड अपने नाम किया. भिवानी की 24 वर्षीय जैसमीन के लिए यह सिर्फ एक स्वर्ण पदक नहीं था, बल्कि महीनों की बीमारी, दर्द और संघर्ष पर मिली यह जीत थी. उन्होंने चार साल पहले बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में जीते ब्रॉन्ज मेडल को इस बार गोल्ड में बदल दिया. एशियाई चैंपियनशिप से शुरू हुई मुश्किलें जैसमीन की परेशानी मार्च में एशियाई चैंपियनशिप के दौरान शुरू हुई. पहले मुकाबले के बाद ही उन्हें तेज बुखार हो गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. खराब तबीयत के बावजूद लगातार तीन कठिन मुकाबले स्पोर्ट्से, फाइनल में पहुंची और रजत पदक जीतने के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए सीधे क्वालिफाई किया. पहला मुकाबला स्पोर्ट्सने के बाद ही मुझे तेज बुखार हो गया था. मेरी हालत काफी खराब थी. किसी तरह मैं सेमीफाइनल तक पहुंची, जहां मैंने बेहद कठिन मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज की. वे तीनों मुकाबले मेरे लिए बेहद कठिन रहे, लेकिन मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया था. जैसमीन लंबोरिया ने जीता गोल्ड (फोटो- सोशल मीडिया) रिंग में दिखाई चैंपियन वाली जिद ग्लास्गो पहुंचने तक बहुत कम लोगों को अंदाजा था कि जैसमीन हाल ही में गंभीर बीमारी से उबरकर लौटी हैं. लेकिन रिंग में उतरते ही उन्होंने अपने स्पोर्ट्स से साबित कर दिया कि वह क्यों मौजूदा विश्व चैंपियन हैं. फाइनल में उन्होंने माइकेला वॉल्श को हराकर हिंदुस्तान के नाम एक और स्वर्ण पदक कर दिया. 40 दिन पहले अस्पताल के बिस्तर पर लेटी जैसमीन ने शायद ही सोचा होगा कि कुछ ही हफ्तों बाद वह कॉमनवेल्थ गेम्स के पोडियम पर हिंदुस्तान का तिरंगा सबसे ऊपर लहराते हुए स्वर्ण पदक गले में पहनेंगी. ये भी पढ़ें: CWG 2026: जैसमीन लांबोरिया बनी कॉमनवेल्थ चैंपियन, हिंदुस्तान को बॉक्सिंग में दिलाया दूसरा गोल्ड The post ‘गोल्डन’ स्टोरी की वो 40 दिन, बीमारी से लड़कर जैसमीन लंबोरिया बनीं चैंपियन appeared first on Naya Vichar.

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Donald Trump का नया प्लान, अब Truth Social पर पोस्ट देखने के लिए चुकानी होगी कीमत, उठने लगे सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump एक बार फिर अपने नए फैसले को लेकर चर्चा में हैं. इस बार मामला नेतृत्व नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और कारोबार से जुड़ा है. Trump की सोशल मीडिया कंपनी अब उनके पोस्ट को आम लोगों से पहले चुनिंदा भुगतान करने वाले ग्राहकों को दिखाने की तैयारी कर रही है. इस नई सेवा का मकसद कंपनी के लिए अतिरिक्त कमाई करना है, लेकिन इसके साथ ही हितों के टकराव, बाजार पर असर और सार्वजनिक पद के इस्तेमाल जैसे गंभीर सवाल भी उठने लगे हैं. भुगतान करने वालों को पहले दिखेंगे Trump के पोस्ट Trump की सोशल मीडिया कंपनी Trump Media & Technology Group ने अपने प्लैटफॉर्म Truth Social पर एक नई सुविधा शुरू करने की घोषणा की है. इस सेवा के तहत भुगतान करने वाले ग्राहकों, खासकर वॉल स्ट्रीट के ट्रेडर्स, को Donald Trump के सोशल मीडिया पोस्ट आम यूजर्स से पहले देखने का मौका मिलेगा. यह सुविधा शनिवार से शुरू की जा रही है. Trump के कई पोस्ट अक्सर वैश्विक नेतृत्व, वित्तीय स्थिति, ब्याज दरों, व्यापार शुल्क और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े होते हैं. ऐसे में उनके बयानों का असर कई बार शेयर बाजार पर भी तुरंत देखने को मिलता है. क्यों उठ रहे हैं विवाद? ‘फॉर्च्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैसले के बाद कई विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि अगर कुछ लोगों को राष्ट्रपति के पोस्ट पहले देखने का मौका मिलेगा, तो उन्हें बाजार में निवेश संबंधी फैसले लेने में बढ़त मिल सकती है. आलोचकों का कहना है कि इससे इनसाइडर ट्रेडिंग जैसे सवाल खड़े हो सकते हैं और यह सार्वजनिक पद से जुड़े प्रभाव का व्यावसायिक इस्तेमाल माना जा सकता है. हालांकि अभी तक इस संबंध में किसी नियामक संस्था की ओर से कोई कार्रवाई या आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है. विशेषज्ञों ने क्या कहा? ट्रेडिंग फर्म Able Alpha Trading की प्रमुख आइरीन एल्ड्रिज ने इस कदम पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि अगर किसी सूचीबद्ध कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) इसी तरह संवेदनशील जानकारी चुनिंदा लोगों तक पहले पहुंचाता, तो उसे गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता था. उनके मुताबिक राष्ट्रपति के बयानों का वैश्विक वित्तीय बाजारों पर सीधा असर पड़ता है, इसलिए ऐसी सेवा कई नए सवाल खड़े करती है. Trump Media का क्या है जवाब? Trump Media & Technology Group ने आलोचनाओं को खारिज किया है. कंपनी का कहना है कि यह पूरी तरह मुक्त बाजार की अवधारणा के अनुरूप सेवा है. कंपनी के अनुसार आलोचक सार्वजनिक और गैर-सार्वजनिक जानकारी के बीच अंतर को सही तरीके से नहीं समझ रहे हैं. वहीं White House के प्रेस कार्यालय ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है. बाजार और निवेशकों पर क्या पड़ सकता है असर? Donald Trump के सोशल मीडिया पोस्ट कई बार प्रशासनी नीतियों, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और आर्थिक फैसलों से जुड़े संकेत देते रहे हैं. ऐसे में अगर कुछ निवेशकों को यह जानकारी पहले मिलती है, तो वे दूसरों से पहले निवेश संबंधी फैसले ले सकते हैं. यही वजह है कि इस नई सेवा को लेकर बाजार विशेषज्ञों और नीति विश्लेषकों के बीच बहस तेज हो गई है. आने वाले दिनों में इस मॉडल पर नियामक एजेंसियों और बाजार की प्रतिक्रिया भी अहम रहेगी. ये भी पढ़ें: CJP के बाद अब E20 जनता पार्टी की एंट्री, 100% पेट्रोल के लिए सोशल मीडिया पर शुरू हुआ ऑनलाइन अभियान The post Donald Trump का नया प्लान, अब Truth Social पर पोस्ट देखने के लिए चुकानी होगी कीमत, उठने लगे सवाल appeared first on Naya Vichar.

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कोलकाता में छलका तसलीमा का दर्द : यूरोप ने नागरिकता दी, दोनों बंगाल में मुझे रहने के लिए थोड़ी जगह न मिली

बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन ने कोलकाता में शनिवार को अपना दर्द बयां किया. उन्होंने कहा कि यूरोप ने मुझे नागरिकता और रहने की जगह दी है, लेकिन अफसोस की बात है कि दोनों बंगाल (तसलीमा का अपना देश बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल)में मुझे रहने के लिए थोड़ी सी भी जगह नहीं मिल सकी. हालांकि, कोलकाता आने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा- कोलकाता लौटने पर मुझे ऐसा लगता है, जैसे मैं जिंदगी के उस हिस्से में वापस आ गयी हूं, जिसे मैं यहीं छोड़ गयी थी. किसी लेखक को अपने देश से निर्वासित न होना पड़े : नसरीन ‘द्विखंडितो’ की लेखिका तसलीमा नसरीन कोलकाता में अपने सम्मान में रवींद्र सदन में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहीं थीं. 19 साल बाद कोलकाता आयीं तसलीमा ने कहा- मैं ऐसे दिन की कामना करती हूं, जब किसी लेखक को अपने देश से निर्वासित न होना पड़े. उन्होंने कहा- मैं यहां किसी नेतृत्वक पार्टी के पक्ष या विपक्ष में बोलने नहीं आयी हूं. मैं स्त्रीओं के अधिकारों के पक्ष में बात करने आयी हूं. The post कोलकाता में छलका तसलीमा का दर्द : यूरोप ने नागरिकता दी, दोनों बंगाल में मुझे रहने के लिए थोड़ी जगह न मिली appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी का हमला, कहा- छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं, मोदी जी को माफी मांगनी चाहिए

कांग्रेस नेता ने पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले या मानसिक तनाव झेल रहे युवाओं के परिवारों का दर्द साझा करते हुए लिखा, “जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को खो दिया है, उनके आंसू और विलाप से बड़ा कोई दुख नहीं हो सकता. यह दर्द ताउम्र उनके साथ रहेगा और इसके साथ ही देश के इस टूटे-फूटे और भ्रष्ट शिक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल बने रहेंगे.” “पेपर लीक, रद्द होती परीक्षाएं और एक पल में बर्बाद होती सालों की तैयारी. हमारे छात्रों से ऐसे सिस्टम में ईमानदारी की उम्मीद की जाती है जो खुद बेईमान हो चुका है. हिंदुस्तान के युवाओं को पीएम की माफी की जरूरत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी को उनसे माफी मांगनी चाहिए.” – राहुल गांधी पीएम मोदी के रवैये पर उठाए सवाल प्रधानमंत्री के बयानों पर तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष ने पूछा, क्या पीएम कभी किसी ऐसे पीड़ित परिवार से मिले हैं? जिसने पेपर लीक और धांधली के कारण अपना बच्चा या अपनी जिंदगी भर की कमाई खो दी हो. उन्होंने दावा किया कि इसका जवाब ‘नहीं’ है. युवा की जान जाने से पूरा परिवार दर्द सहता है : राहुल गांधी राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी युवा की जान जाने के पीछे एक पूरा परिवार होता है जो कभी न खत्म होने वाला दर्द सहता है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र प्रशासन युवाओं के भविष्य, समय और उनके सपनों को छीनने वाले इस लचर ढर्रे को सुधारने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है. ये भी पढ़ें: “मैं निराश हो चुका हूं”: शहजाद पूनावाला ने पीएम मोदी को बताया फेलियर, कहा- राहुल गांधी से सीखिए The post राहुल गांधी का हमला, कहा- छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं, मोदी जी को माफी मांगनी चाहिए appeared first on Naya Vichar.

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दिलीप ट्रॉफी के लिए सेंट्रल जोन टीम का ऐलान, रजत पाटीदार को मिली कमान

Duleep Trophy 2026: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के कप्तान और मध्य प्रदेश के स्टार बल्लेबाज रजत पाटीदार को दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए सेंट्रल जोन का कप्तान बनाया गया है. वहीं, उत्तर प्रदेश के विस्फोटक बल्लेबाज रिंकू सिंह को टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है. 23 अगस्त से बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू होने वाले इस छह टीमों के टूर्नामेंट में सेंट्रल जोन की टीम सीधे 30 अगस्त से सेमीफाइनल में अपना अभियान शुरू करेगी. सरांश जैन पहला मैच कर सकते हैं मिस मध्य प्रदेश के ऑफ स्पिनर सरांश जैन को भी टीम में जगह मिली है, लेकिन वह श्रीलंका के खिलाफ हिंदुस्तान की टेस्ट टीम का हिस्सा हैं. ऐसे में अगर हिंदुस्तान की दो मैचों की टेस्ट सीरीज 27 अगस्त तक तय कार्यक्रम के अनुसार चलती है, तो सरांश सेंट्रल जोन का पहला मुकाबला नहीं स्पोर्ट्स पाएंगे. सेंट्रल जोन की टीम रजत पाटीदार (कप्तान), रिंकू सिंह (उपकप्तान), आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), सरांश जैन, अमन मोखाडे, कुणाल चंदेला, जीशान अंसारी, आर्यन पांडे, अरशद खान, आयुष पांडे, यश राठौड़, हर्ष दुबे, कुणाल सिंह राठौड़ (विकेटकीपर), यश ठाकुर और नचिकेत भुटे. हर्ष दुबे और यश ठाकुर को भी मौका सेंट्रल जोन की टीम में विदर्भ के स्पिनर हर्ष दुबे, तेज गेंदबाज यश ठाकुर, मध्य प्रदेश के अरशद खान और उत्तर प्रदेश के स्पिनर जीशान अंसारी को भी शामिल किया गया है. वहीं इसके साथ विदर्भ के स्टार बैटर अमन मोखाडे के साथ नचिकेत भुटे को भी शामिल किया गया है. ईस्ट जोन में वैभव सूर्यवंशी को मिली उपकप्तानी की जिम्मेदारी दूसरी ओर, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को दिलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया है. बिहार के इस युवा बल्लेबाज ने जुलाई 2026 में हिंदुस्तान के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था. ईस्ट जोन की कप्तानी झारखंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन करेंगे. टीम में अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, मुकेश कुमार, अभिमन्यु ईश्वरन, शहबाज अहमद, विराट सिंह और कुमार कुशाग्र जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं. ये भी पढ़ें: अब 4 नहीं… श्रीलंका रवाना होने से पहले टीम इंडिया के शेड्यूल में बदलाव The post दिलीप ट्रॉफी के लिए सेंट्रल जोन टीम का ऐलान, रजत पाटीदार को मिली कमान appeared first on Naya Vichar.

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मैसूर से पीएम मोदी का युवाओं को संदेश, बोले- ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना से बनाएं विकसित भारत

मैसूर (कर्नाटक) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र-विवेक स्मारक का उद्घाटन किया. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन में मैसूर का विशेष स्थान रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि हर देश ताकत उस देश युवाओं से होती है, मैं देश के युवाओं से अपील करता हूं कि वह नेशन फर्स्ट की भावना से हिंदुस्तान को विकसित बनाने में सहयोग करें.उन्होंने बताया कि करीब 130 वर्ष पहले युवा संन्यासी के रूप में स्वामी विवेकानंद मैसूर आए थे और तत्कालीन महाराजा ने उनका सहयोग किया था. अमेरिका से लिखे अपने पत्र में भी स्वामी विवेकानंद ने महाराजा के समर्थन का उल्लेख किया था. शिक्षा में समान अवसर पर प्रशासन का जोर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद शिक्षा के साथ-साथ समानता को भी राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मानते थे. उन्होंने कहा कि आज प्रशासन यह सुनिश्चित कर रही है कि भाषा के आधार पर किसी के साथ भेदभाव न हो. अब मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी पढ़ाई भी मातृभाषा में उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे युवाओं को समान अवसर मिल रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा स्वामी विवेकानंद कहते थे, “जीव सेवा ही शिव सेवा है” और उन्होंने इसके लिए युवाओं संगठित करके समाज की कुप्रथाओं में परिवर्तन किए. विवेक स्मारक युवाओं को देगा राष्ट्र सेवा की प्रेरणा पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि विवेक स्मारक आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बनेगा. उन्होंने कहा कि यहां ऐसे युवाओं का निर्माण होना चाहिए, जो समाज, राष्ट्र और गरीबों के हित को अपनी निजी खुशियों से ऊपर रखें. उन्होंने युवाओं से ‘नेशन फर्स्ट’ को जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य बनाने का आह्वान किया. शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाईं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में युवाओं को बेहतर अवसर देने के लिए शिक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हिंदुस्तान में अब करीब 1.40 लाख एमबीबीएस सीटें हैं और 823 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) 21वीं सदी के हिंदुस्तान के लिए सक्षम और आत्मविश्वासी युवा तैयार कर रही है। इस अवसर पर उन्होंने श्री रामकृष्ण आश्रम की दो कन्नड़ पुस्तकों का भी लोकार्पण किया. डीके शिवकुमार ने दिया सहयोग का संदेश कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कार्यक्रम में कहा कि पूरा कर्नाटक प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा है और राज्य मिलकर देश के विकास में योगदान देना चाहता है. उन्होंने कहा कि “हिंदुस्तान की प्रगति में कर्नाटक की बड़ी भूमिका है और हम सभी मिलकर देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी का संदेश देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. ये भी पढ़ें: पुणे के एक कार्यक्रम में NSA अजीत डोभाल बोले-आजादी का मतलब मनमानी करना नहीं होता ये भी पढ़ें: अरविंद केजरीवाल का बीजेपी पर वार- अमेरिका के दबाव में E20 नीति लागू की गई The post मैसूर से पीएम मोदी का युवाओं को संदेश, बोले- ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना से बनाएं विकसित हिंदुस्तान appeared first on Naya Vichar.

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SIR की समय सीमा एक महीने और बढ़ाई जाए, बंधु तिर्की ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखा पत्र

रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट Ranchi News: झारखंड के पूर्व मंत्री और राज्य प्रशासन की समन्वय समिति के सदस्य बंधु तिर्की ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समय सीमा कम-से-कम एक माह बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय सीमा झारखंड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है. ऐसे में बड़ी संख्या में पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित रह सकते हैं. उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने के लिए इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए. झारखंड की भौगोलिक स्थिति को बताया बड़ी चुनौती बंधु तिर्की ने अपने पत्र में कहा कि झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियां देश के कई अन्य राज्यों से अलग हैं. राज्य के अनेक जिले, पंचायत और गांव घने जंगलों, पहाड़ी इलाकों और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित हैं. कई गांवों तक पहुंचना आज भी आसान नहीं है. ऐसी परिस्थितियों में निर्धारित समय के भीतर प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंचना बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को समय सीमा तय करते समय इन व्यावहारिक कठिनाइयों का ध्यान रखना चाहिए. पलायन के कारण कई मतदाता रह सकते हैं वंचित पूर्व मंत्री ने कहा कि झारखंड के हजारों लोग रोजगार और आजीविका के लिए दूसरे राज्यों में रह रहे हैं. बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और कामगार फिलहाल अपने गृह राज्य से बाहर हैं. ऐसे में यदि विशेष गहन पुनरीक्षण की समय सीमा नहीं बढ़ाई गई तो कई वैध मतदाता आवश्यक दस्तावेज और प्रपत्र समय पर जमा नहीं कर पाएंगे. इससे उनके नाम मतदाता सूची से छूटने की आशंका बढ़ सकती है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए आयोग से संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की अपील की. कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पहले भी सौंप चुका है ज्ञापन बंधु तिर्की ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल पहले ही झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंप चुका है. प्रतिनिधिमंडल ने भी विशेष गहन पुनरीक्षण की अवधि बढ़ाने और मतदाताओं को पर्याप्त समय देने की मांग की थी. हालांकि अब तक इस दिशा में कोई सकारात्मक निर्णय सामने नहीं आया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्य चुनाव आयुक्त इस विषय पर शीघ्र उचित फैसला करेंगे. इसे भी पढ़ें: JPSC Students Protest: रांची में लंबा खिंचेगा आंदोलन, छात्रों को मिल गया नया मंच बीएलओ को निर्देश देने की मांग अपने पत्र में बंधु तिर्की ने मुख्य चुनाव आयुक्त से यह भी अनुरोध किया कि सभी बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाताओं के साथ सहयोगात्मक, संवेदनशील और सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने का निर्देश दिया जाए. उनका कहना है कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को दस्तावेज और प्रपत्र जमा करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि बीएलओ सकारात्मक सहयोग करेंगे तो पुनरीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनेगी. साथ ही प्रत्येक पात्र मतदाता को सूची में शामिल होने का समान अवसर मिलेगा, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी. इसे भी पढ़ें: गुमला के केसीडीह हादसे को न्योता दे रहा जर्जर स्कूल, छत से टप-टप टपकता है पानी The post SIR की समय सीमा एक महीने और बढ़ाई जाए, बंधु तिर्की ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखा पत्र appeared first on Naya Vichar.

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बांकीपुर उपचुनाव के रिजल्ट से पहले चुनाव आयोग पहुंचे PK, पटना SSP के खिलाफ लगाए आरोप

Bankipur By Election: बांकीपुर उपचुनाव का रिजल्ट आने से पहले जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ा आरोप लगाया है. पार्टी के नेताओं के साथ उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात की और पटना एसएसपी समेत कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सत्तापक्ष के साथ मिलकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की है. प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले तीन दिनों में पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष नहीं रही. उनके मुताबिक मतदाताओं और जन सुराज के कार्यकर्ताओं को डराने और दबाव बनाने की कोशिश की गई, ताकि चुनाव प्रभावित हो सके. पटना SSP के खिलाफ दी शिकायत पीके ने कहा कि मतदान वाले दिन पुलिस और कुछ आपराधिक तत्वों ने मिलकर माहौल खराब किया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा और उनके अधीनस्थ अधिकारियों की भूमिका रही. इसी वजह से उनके खिलाफ चुनाव आयोग को लिखित शिकायत सौंपी गई है. प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार जांच होगी और अगर आरोप सही पाए गए तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. आयोग को सौंपे गए सबूत प्रशांत किशोर ने कहा कि शिकायत के साथ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मौजूद सभी अहम सबूत भी चुनाव आयोग को दिए गए हैं. उन्होंने दावा किया कि इन सबूतों को अगले दिन मीडिया के सामने भी सार्वजनिक किया जाएगा. पीके ने आरोप लगाया कि पटना एसएसपी और उनके अधीनस्थ अधिकारियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया. उनका कहना है कि मतदान के दौरान लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया गया और वोटरों व कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाया गया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें वोटिंग के दिन हुआ था विवाद बांकीपुर उपचुनाव के मतदान वाले दिन जन सुराज के कार्यकर्ताओं और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प की समाचार सामने आई थी. वहीं मतदान से एक दिन पहले पटना पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर जन सुराज के 20 नेताओं को हिरासत में लिया था. इस दौरान प्रशांत किशोर और जक्कनपुर थाना प्रभारी के बीच तीखी बहस भी हुई थी. प्रशांत किशोर का कहना है कि चुनाव के दौरान पुलिस की पूरी कार्रवाई पक्षपातपूर्ण रही. इसी वजह से उन्होंने पूरे मामले को चुनाव आयोग के सामने उठाया और निष्पक्ष जांच की मांग की है. इसे भी पढ़ें:  Bihar New Rail Line: बिहार में 976 करोड़ से बिछेंगी 4 नई रेल लाइनें, पटना समेत इन रूटों पर रोज चलेंगी 22 नई ट्रेनें The post बांकीपुर उपचुनाव के रिजल्ट से पहले चुनाव आयोग पहुंचे PK, पटना SSP के खिलाफ लगाए आरोप appeared first on Naya Vichar.

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बिहार पुलिस ड्राइवर कांस्टेबल भर्ती का अगला चरण शुरू, 24 अगस्त से होगी DET परीक्षा

Bihar Police Driver Constable DET Date: बिहार पुलिस में ड्राइवर कांस्टेबल भर्ती के तहत 4,361 पदों के लिए की जा रही है. जिन अभ्यर्थियों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) पास कर ली है, अब उन्हें अगले चरण यानी ड्राइविंग टेस्ट में शामिल होना होगा. इसके बाद ही फाइनल मेरिट लिस्ट जारी होगी. 24 अगस्त से होगा DET? बिहार पुलिस की ओर से जारी सूचना के अनुसार, मोटर वाहन चालक दक्षता परीक्षा (DET) 24 अगस्त 2026 से शुरू होगी. परीक्षा का आयोजन बिहार वेटनरी कॉलेज ग्राउंड, पटना में किया जाएगा. केवल वही उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होंगे, जिन्हें PET के आधार पर अगले चरण के लिए चुना गया है. इस परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों की वाहन चलाने की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा. 10 अगस्त से डाउनलोड कर सकेंगे एडमिट कार्ड DET परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार 10 अगस्त 2026 से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे. इसी दिन से उम्मीदवारों को परीक्षा की तारीख, समय और रिपोर्टिंग से जुड़ी पूरी जानकारी भी उपलब्ध करा दी जाएगी. ऐसे डाउनलोड करें DET एडमिट कार्ड सबसे पहले CSBC की आधिकारिक वेबसाइट csbc.bihar.gov.in पर जाएं. होमपेज पर Bihar Police सेक्शन खोलें. “Download Admit Card for DET of Bihar Driver Constable of Advt. No. 02/2025” लिंक पर क्लिक करें. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, जन्मतिथि या मांगी गई जानकारी भरें. सबमिट करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा. बिहार पुलिस ने साफ कर दिया है कि किसी भी उम्मीदवार को एडमिट कार्ड डाक के माध्यम से नहीं भेजा जाएगा. सभी अभ्यर्थियों को अपना प्रवेश पत्र केवल ऑनलाइन ही डाउनलोड करना होगा. ये भी पढ़ें: बिहार में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के पदों पर भर्ती, जानें योग्यता और आवेदन प्रक्रिया The post बिहार पुलिस ड्राइवर कांस्टेबल भर्ती का अगला चरण शुरू, 24 अगस्त से होगी DET परीक्षा appeared first on Naya Vichar.

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पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने कोर्ट को दिया खराब तबीयत का हवाला, जेल में ही इलाज कराने का मिला निर्देश

Former Minister Manju Verma : बिहार प्रशासन की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा एवं उनके पति चंद्रशेखर वर्मा को आर्म्स एक्ट के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में लेकर बेगूसराय जेल भेज दिया गया है. इस दौरान पूर्व मंत्री मंजू वर्मा की ओर से अधिवक्ता ने न्यायालय में एक आवेदन देकर उनकी तबीयत खराब होने का हवाला भी दिया. जिस पर न्यायालय ने सुनवाई की और उनका समुचित इलाज कराने का निर्देश जेल अधीक्षक को दिया है. पूर्व मंत्री एवं उनके पति को यह सजा जिला जज द्वितीय सह एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने सुनाई है. इससे पहले कोर्ट ने उन्हें मामले में दोषी करार दिया. फिर दोनों आरोपितों को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1 ए) में 7 साल सश्रम कारावास एवं 50000 अर्थ दंड की सजा सुनाई. साथ ही आर्म्स एक्ट की धारा 26 में 5 साल सश्रम कारावास एवं 40000 अर्थ दंड की सजा सुनाई. यहां पढ़ें समाचार : बिहार की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति को 7-7 साल की जेल, अवैध हथियार रखने मामले में कोर्ट का फैसला क्या है मामला 16 अगस्त 2018 को मुजफ्फरपुर बालिका कांड के जांच के क्रम में सीबीआई के द्वारा पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के बेगूसराय घर श्रीपुर अर्जुन टोल, चेरिया बरियारपुर में छापेमारी की गई थी. इस दौरान उनके घर में रखे स्टील के ट्रंक से 50 अवैध जिंदा गोली बरामद की गई. जिसमें 15 गोली .328 बोर की, दस गोली .8 एन एन बोर की, 19 गोली 7.62 बोर की और 6 गोली .303 बोर की बरामद की गयी. अवैध गोली बरामद होने के बाद सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक व सूचक उमेश कुमार ने चेरियाबरियारपुर थाना में जप्ती सूची के साथ आवेदन दिया. इसमें उन्होंने पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने को कहा. उसी आवेदन पर चेरिया बरियारपुर थाना कांड संख्या 143/2018 आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)ए ,26 और 35 के तहत दर्ज की गई थी. पति-पत्नी को कोर्ट से लगा झटका अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक राम प्रकाश यादव ने न्यायालय में अभियोजन का पक्ष रखा और इनके द्वारा आठ गवाहों की गवाही कराई गई है. पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा की ओर से वरीय अधिवक्ता विजय कुमार महाराज और ललन महतो इनका पक्ष न्यायालय में रखा था. फिलहाल पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति को बेगूसराय कोर्ट से करारा झटका लगा है. अब किसी भी तरह की राहत के लिए पूर्व मंत्री मंजू वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा की निगाहें पटना उच्च न्यायालय पर रहेगी. न्यायालय के फैसले को लेकर सुबह से ही जिले में हलचल देखी जा रही थी. The post पूर्व मंत्री मंजू वर्मा ने कोर्ट को दिया खराब तबीयत का हवाला, जेल में ही इलाज कराने का मिला निर्देश appeared first on Naya Vichar.

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