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क्या आप भी फ्रिज में ठूंस-ठूंसकर रखते हैं सामान? तुरंत जान लें इसके नुकसान

Kitchen Mistakes: गर्मियों का मौसम जैसे ही आता है हमारे घरों में फ्रिज का इस्तेमाल और भी ज्यादा बढ़ जाता है. हम फ्रिज को ठंडे पानी, फलों, सब्जियों, दही, बची हुई खाने-पीने की चीजों और तरह-तरह के ड्रिंक्स से पूरी तरह से भर देते हैं. कई बार तो ऐसा भी होता है कि फ्रिज में जगह बिलकुल भी नहीं बचती है लेकिन फिर भी हम उसमें चीजें ठूंस देते हैं. जब हम ऐसा करते हैं तो हमें यह समझ में नहीं आता है कि हमारी यह छोटी सी लगने वाली गलती हमारा कितना बड़ा नुकसान कर सकती है. बता दें जब आप फ्रिज को पूरी तरह से ओवरलोड कर देते हैं तो इसका असर सिर्फ आपकी सेहत पर ही नहीं पड़ता है, इसकी वजह से आपको हर महीने बिजली का बिल भी ज्यादा देना पड़ सकता है. अगर आपको भरोसा नहीं हो रहा है, तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़ें. आज हम आपको ऐसे ही कुछ और नुकसानों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं. ठंडी हवा सही तरीके से नहीं पहुंच पाती फ्रिज के अंदर की ठंडी हवा का हर कोने तक पहुंचना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है. लेकिन, जब आप फ्रिज को जरूरत से ज्यादा चीजों से भर देते हैं, तो इसमें जगह नहीं बचती है और हवा का फ्लो भी रुक जाता है. इसका यह असर होता है कि फ्रिज के अंदर कुछ चीजें पूरी तरह से ठंडी नहीं हो पाती. दूध, दही, खाने की चीजें और कटे हुए फल इसकी वजह से और भी जल्दी खराब होने लग जाते हैं. इसकी वजह से आपके खाने की क्वालिटी खराब भी हो सकती है. बिजली का खर्च बढ़ जाता है जब आप अपने फ्रिज में चीजें बहुत ही ज्यादा भर देते हैं, तो उसे अपने अंदर के टेम्परेचर को बरकरार रखने के लिए नॉर्मल से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इसकी वजह से फ्रिज का कंप्रेसर बार-बार ऑन होता रहता है और बिना रुके हर समय काम भी करता रहता है. इसकी वजह से आपके बिजली का खर्च बढ़ जाता है और उस महीने आपको बिल भी ज्यादा चुकाना पड़ता है. अगर आप बिजली के बिल को कम करना चाहते हैं तो कभी भी फ्रिज को ओवरलोड करने की गलती न करें. फ्रिज की कूलिंग हो सकती है कमजोर जब आपका फ्रिज हर समय ओवरलोड रहता है तो इसकी वजह से अंदर मौजूद मशीनों पर भी ज्यादा प्रेशर पड़ता है. खासकर फ्रिज के कंप्रेसर पर इसका असर सबसे जल्दी देखने को मिलता है. अगर आप इस गलती को सुधारते नहीं हैं तो कुछ ही दिनों में फ्रिज की कूलिंग कमजोर पड़ने लगती है और आपको बर्फ जमाने में भी दिक्कतें आने लगती हैं. जब ऐसा होता है तो अक्सर हम यह सोच लेते हैं कि फ्रिज पुराना हो गया है और इसी वजह से अब यह सही से काम नहीं कर रहा है. खाने की चीजों में बढ़ सकते हैं बैक्टीरिया अगर आपके फ्रिज का टेम्परेचर हर हिस्से में एक बराबर न रहे, तो देखते ही देखते खाने की चीजों में बैक्टीरिया तेजी से पनपने लग जाते हैं. खासकर अगर फ्रिज के अंदर को पकाई हुई सब्जी है, कोई डेयरी प्रोडक्ट है या फिर कटे हुए फल हैं, तो उनके खराब होने की संभवना सबसे ज्यादा बढ़ जाती है. अगर आप इस तरह की चीजों का सेवन कर लेते हैं तो आपको पेट में तेज दर्द, गैस और फूड पोइजनिंग जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. इस तरह के खाने का सबसे बुरा असर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर देखने को मिल सकता है. फ्रिज को सही तरीके से इस्तेमाल करने के टिप्स गर्मियों के इन दिनों में आपको फ्रिज को हमेशा ही जरूरत के हिसाब से भरना चाहिए. कोशिश करें कि सभी चीजों के बीच थोड़ी खाली जगह जरूर रहे ताकि ठंडी हवा फ्रिज के अंदर आसानी से फ्लो कर सके. इसके अलावा आपको कभी भी खाने-पीने की गर्म चीजों को डायरेक्टली फ्रिज में रखने की भी गलती नहीं करनी चाहिए. हर कुछ समय में अपने फ्रिज की सफाई करें और साथ ही जरूरत से ज्यादा पानी की बोतलों को भी इसमें स्टोर करने से बचें. जब आप इन बातों का ख्याल रखते हैं तो आपके फ्रिज की कूलिंग बेहतर हो जाती है और साथ ही फ्रिज पर एक्स्ट्रा लोड भी नहीं पड़ता है. ये भी पढ़ें: कूलर से आ रही अजीब सड़ी सी बदबू ने कर दिया परेशान? ये आसान उपाय मिनटों में प्रॉब्लम करेंगे सॉल्व The post क्या आप भी फ्रिज में ठूंस-ठूंसकर रखते हैं सामान? तुरंत जान लें इसके नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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ट्विशा शर्मा केस: CBI ने सास गिरिबाला सिंह को किया गिरफ्तार; कल कोर्ट में पेशी

Twisha Sharma Death Case: सीबीआई की एक टीम ने गिरिबाला सिंह को हिरासत में लेने से पहले भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन में उनके आवास पर उनसे घंटों पूछताछ की. उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. अब सीबीआई की टीम शुक्रवार 29 मई को उन्हें कोर्ट में पेश करेगी. CBI ने प्रधान जिला न्यायाधीश (DJ) मनोज कुमार श्रीवास्तव को गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के बारे में सूचित कर दिया है. ट्विशा के वकील पति समर्थ सिंह पहले से ही केंद्रीय एजेंसी की हिरासत में है. दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठक बयान दर्ज करेगी सीबीआई सीबीआई दोनों आरोपियों के बयानों के संबंध में आमना-सामना कराकर उनसे हिरासत में पूछताछ करने की योजना बना रही है, ताकि 12 मई को 33 वर्षीय ट्विशा की मौत से संबंधित परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके. Bhopal, Madhya Pradesh | Twisha Sharma death case| The CBI has informed Principal District Judge (DJ) Manoj Kumar Srivastava regarding the arrest of Giribala Singh. The CBI team arrived carrying the arrest documents. The CBI team will produce Giribala in court tomorrow. https://t.co/APPLAL13jL — ANI (@ANI) May 28, 2026 15 मई को सत्र अदालत ने गिरिबाला सिंह को दी थी जमानत, हाई कोर्ट ने किया रद्द मामले में एक सत्र अदालत ने 15 मई को पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला को अग्रिम जमानत दे दी थी. उन पर और उनके बेटे समर्थ पर दहेज उत्पीड़न से संबंधित आरोप हैं. हालांकि, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने बुधवार को अग्रिम जमानत रद्द कर दी. 25 मई को सीबीआई ने ट्विशा मौत मामले को अपने हाथ में लिया सीबीआई ने सोमवार 25 मई को औपचारिक रूप से ट्विशा की मौत की जांच अपने हाथ में ले ली थी. ट्विशा अपने ससुराल में 12 मई को कथित तौर पर फंदे से लटकी मिली थीं. सीबीआई ने राज्य पुलिस की प्राथमिकी को फिर से दर्ज किया है जिसमें समर्थ और गिरिबाला को आरोपी बनाया गया है. The post ट्विशा शर्मा केस: CBI ने सास गिरिबाला सिंह को किया गिरफ्तार; कल कोर्ट में पेशी appeared first on Naya Vichar.

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सिद्धारमैया ने किया भावुक पोस्ट, कहा- मैंने कभी सोचा भी नहीं था

Siddaramaiah Emotional Post: सिद्धारमैया ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा- आज, मैं लोक भवन गया और, गवर्नर की गैर-मौजूदगी में, मुख्यमंत्री के पद से अपना इस्तीफा गवर्नर के स्पेशल सेक्रेटरी को सौंप दिया. मैंने कभी सोचा भी नहीं था… एक ऐसे इंसान के तौर पर जिसका जन्म और पालन-पोषण एक छोटे से गांव में हुआ, मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन मैं MLA, मंत्री, विपक्ष का नेता बनूंगा, और दो बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर सेवा करूंगा. इतना बड़ा सपना सिर्फ बाबासाहेब डॉ बी आर अंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान की वजह से ही मुमकिन हो पाया. 48 साल के सार्वजनिक जीवन में मैंने हमेशा ईमानदारी से काम किया : सिद्धारमैया सिद्धारमैया ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- बुद्ध, बसवन्ना, बाबासाहेब अंबेडकर और महात्मा गांधी ने हमेशा मुझे सही रास्ता दिखाया है. अपने अड़तालीस साल के सार्वजनिक जीवन में, मैंने हमेशा ईमानदारी से गरीबों, दबे-कुचलों, उपेक्षितों और समाज में जिन्हें मौके नहीं मिले, उनके साथ खड़े होने की कोशिश की है. यही मेरे जीवन की सबसे बड़ी संतुष्टि है. सिद्धारमैया ने सोनिया, राहुल और खरगे का जताया आभार मैं हमेशा उन पार्टी विधायकों का आभारी रहूंगा जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया और मुझे अपना नेता चुना; अपने कैबिनेट सहयोगियों का, जो हर चुनौती में मेरे साथ चले; और श्रीमती सोनिया गांधी, श्री राहुल गांधी और AICC अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे का, जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया और मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी. Today, I went to Lok Bhavan and, in the absence of the Governor, handed over my resignation letter from the post of Chief Minister to the Governor’s Special Secretary. As someone who was born and brought up in a small village, I had never imagined that one day I would become an… pic.twitter.com/T1YxxoH7PQ — Siddaramaiah (@siddaramaiah) May 28, 2026 मैं कर्नाटक की जनता के सामने सिर झुकाता हूं: सिद्धारमैया सिद्धारमैया ने अपने पोस्ट में आगे लिखा- मैं कर्नाटक की जनता के सामने अपना सिर झुकाता हूं. लाखों प्यारे दिलों के सामने, जिन्होंने मुझे अपना ही एक हिस्सा माना, मुझे आशीर्वाद दिया, मेरा हौसला बढ़ाया, मेरी गलतियों को सुधारा, मुश्किल समय में मेरे साथ खड़े रहे, और इस लंबी यात्रा में हर कदम पर मेरा हाथ थामे रखा. आज मैं जो कुछ भी हूं, वह आप ही की वजह से हूं. मेरा इस्तीफा सिर्फ मुख्यमंत्री के पद से है, सार्वजनिक जीवन से नहीं : सिद्धारमैया संविधान ही मेरा धर्म है, और जनता ही मेरे भगवान हैं. मेरा इस्तीफा सिर्फ मुख्यमंत्री के पद से है, सार्वजनिक जीवन से या जनता के प्रति मेरी प्रतिबद्धता से नहीं. अपनी आखिरी सांस तक, मैं सामाजिक न्याय के लिए लड़ता रहूंगा और उन फूट डालने वाली सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ खड़ा रहूंगा जो हमारे संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं. इस यात्रा के हर कदम पर आपके प्यार, भरोसे और साथ के लिए धन्यवाद. ये भी पढ़ें: सिद्धारमैया ने राज्यसभा का ऑफर ठुकराया, कहा- मुझे राष्ट्रीय नेतृत्व में कोई दिलचस्पी नहीं The post सिद्धारमैया ने किया भावुक पोस्ट, कहा- मैंने कभी सोचा भी नहीं था appeared first on Naya Vichar.

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मुकेश अंबानी ने लगातार छठे साल नहीं लिया कोई वेतन, बिना सैलरी के कैसे होती है करोड़ों की कमाई?

Mukesh Ambani Zero Salary : एशिया के सबसे अमीर और दुनिया के 18वें सबसे धनी व्यक्ति मुकेश अंबानी ने इस साल भी एक अनोखा रिकॉर्ड कायम रखा है. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, 69 वर्षीय मुकेश अंबानी ने लगातार छठे वर्ष अपनी ही कंपनी से ₹1 का भी वेतन (Salary) या कोई अन्य भत्ता नहीं लिया है. कोविड-19 महामारी के दौरान स्वेच्छा से वेतन छोड़ने का जो फैसला उन्होंने लिया था, उसे उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 में भी जारी रखा है. आइए समझते हैं कि बिना सैलरी लिए भी मुकेश अंबानी की कमाई कैसे होती है और रिलायंस के अन्य शीर्ष अधिकारियों व उनके बच्चों को कितना पारिश्रमिक मिला. ₹15 करोड़ की सैलरी से ‘जीरो सैलरी’ मुकेश अंबानी ने कॉर्पोरेट जगत में संयम और नेतृत्व की मिसाल पेश करने के लिए अपने वेतन में कई बड़े बदलाव किए हैं. 2008-09 से 2019-20 तक: मुकेश अंबानी ने अपनी सालाना सैलरी को ₹15 करोड़ पर सीमित (Cap) कर दिया था, जबकि नियमों के मुताबिक वह इससे कहीं ज्यादा ले सकते थे. 2020-21 (कोरोना काल) से अब तक: कोविड-19 महामारी के समय उन्होंने स्वैच्छिक रूप से अपनी पूरी सैलरी छोड़ दी. उन्होंने संकल्प लिया था कि जब तक कंपनी के सभी बिजनेस अपनी पूरी क्षमता पर वापस नहीं आ जाते, वह वेतन नहीं लेंगे. अब वित्त वर्ष 2025-26 में भी उन्होंने कोई वेतन, भत्ता, सुविधाएं या सेवानिवृत्ति लाभ (Retirement Benefits) नहीं लिया है. 2029 तक यही नियम: साल 2023 में उन्हें अप्रैल 2029 तक (5 साल के लिए) फिर से रिलायंस का प्रमुख नियुक्त किया गया था. इस आगामी अवधि के लिए भी उन्होंने वेतन न लेने का फैसला किया है. बिना सैलरी मुकेश अंबानी कैसे कमाते हैं करोड़ों रुपये? करीब 100 अरब डॉलर की कुल संपत्ति के मालिक मुकेश अंबानी की कमाई का मुख्य जरिया लाभांश (Dividend) है. रिलायंस इंडस्ट्रीज में मुकेश अंबानी के पास सीधे तौर पर 1.61 करोड़ शेयर्स की हिस्सेदारी है. वित्त वर्ष 2024-25 के लिए घोषित ₹6 प्रति शेयर के लाभांश (Dividend) के आधार पर उन्हें केवल अपने डायरेक्ट शेयर्स से ₹9.66 करोड़ की लाभांश आय हुई. इसके अलावा प्रमोटर ग्रुप और अन्य होल्डिंग्स के जरिए भी डिविडेंड का एक बड़ा हिस्सा उन तक पहुंचता है. यह फैसला तब आया है जब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹95,754 करोड़ का अब तक का सबसे रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है और कंपनी की मार्केट वैल्यू ₹18.19 लाख करोड़ रही है. ईशा, आकाश और अनंत अंबानी को कितनी मिली फीस? अंबानी के तीनों बच्चों—ईशा, आकाश और अनंत अंबानी को अक्टूबर 2023 में रिलायंस के निदेशक मंडल (Board of Directors) में शामिल किया गया था. उन्हें कंपनी से कोई नियमित मासिक वेतन नहीं मिलता है. उन्हें केवल बोर्ड की बैठकों में शामिल होने की फीस (Sitting Fees) और मुनाफे पर कमीशन मिलता है. इस साल आकाश और ईशा अंबानी को ₹5-5 लाख बैठक शुल्क और ₹2.5-2.5 करोड़ का कमीशन मिला है. रिलायंस के बाकी टॉप बॉस की कितनी है सैलरी? जहां मुकेश अंबानी बिना सैलरी के काम कर रहे हैं, वहीं कंपनी के अन्य कार्यकारी निदेशकों (Executive Directors) का पारिश्रमिक इस प्रकार रहा: अधिकारी का नाम पद वित्त वर्ष 2025-26 का पारिश्रमिक (Salary + Commission) निखिल मेसवानी चचेरे भाई व कार्यकारी निदेशक ₹25 करोड़ हितल मेसवानी चचेरे भाई व कार्यकारी निदेशक ₹25 करोड़ पी एम एस प्रसाद कार्यकारी निदेशक ₹20.58 करोड़ (पिछले साल ₹19.96 करोड़ था) Also Read : नया क्रेडिट कार्ड लेने से पहले जान लें कितने कार्ड रखना है आपके लिए सबसे सुरक्षित The post मुकेश अंबानी ने लगातार छठे साल नहीं लिया कोई वेतन, बिना सैलरी के कैसे होती है करोड़ों की कमाई? appeared first on Naya Vichar.

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BSNL में नौकरी पाने का मौका, सैलरी होगी 40000 से ज्यादा

BSNL Recruitment 2026: हिंदुस्तान संचार निगम लिमिटेड यानी BSNL ने Junior Telecom Officer (JTO) पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती अभियान के तहत कुल 100 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. इस वैकेंसी में आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स को ऑफिशियल वेबसाइट externalexam.bsnl.co.in पर जाना होगा. BSNL JTO Recruitment 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 04 जून 2026 से शुरू होगी. वहीं आवेदन करने की आखिरी तारीख 03 जुलाई 2026 सुबह 10 बजे तक तय की गई है. इसके बाद उम्मीदवारों को फॉर्म में सुधार करने के लिए 04 जुलाई से 11 जुलाई 2026 तक करेक्शन विंडो का मौका मिलेगा. BSNL Recruitment 2026 के लिए आवेदन का तरीका सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट externalexam.bsnl.co.in पर जाएं. होमपेज पर BSNL JTO Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करें. अब नया रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन आईडी बनाएं. आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी भरें. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और एप्लीकेशन फीस जमा करें. फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंट आउट निकालकर सुरक्षित रख लें. BSNL Recruitment 2026 Notification Check Here BSNL JTO भर्ती में आवेदन करने के लिए General, OBC और EWS वर्ग के उम्मीदवारों को 2000 रुपये फीस देनी होगी. वहीं SC, ST और PwBD वर्ग के उम्मीदवारों के लिए एप्लीकेशन फीस 1000 रुपये तय किया गया है. कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास BE, BTech या BSc Engineering की डिग्री होनी चाहिए. टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेडियो, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल, आईटी और इंस्ट्रूमेंटेशन जैसे विषयों से पढ़ाई करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा MSc Electronics या MSc Computer Science वाले उम्मीदवार भी पात्र होंगे. BSNL JTO 2026 में चयनित उम्मीदवारों को E-1 IDA पे स्केल के तहत 16,400 रुपये से 40,500 रुपये तक सैलरी दी जाएगी. इसके अलावा उम्मीदवारों को DA, HRA, मेडिकल सुविधाएं और अन्य भत्तों का लाभ भी मिलेगा. यह भी पढ़ें: कोडिंग से सिर्फ प्राइवेट जॉब नहीं, इन प्रशासनी नौकरी में बनाएं शानदार करियर The post BSNL में नौकरी पाने का मौका, सैलरी होगी 40000 से ज्यादा appeared first on Naya Vichar.

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कम हाइट वाली लड़कियां कपड़े चुनते समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, स्टाइलिश और अट्रैक्टिव दिखना है तो जान लें

Fashion Tips: हर लड़की यह चाहती है कि वह अपने ग्रुप में सबसे ज्यादा स्टाइलिश और स्मार्ट दिखे. इसके लिए अक्सर वे ट्रेंडी कपड़े पहनती हैं, अच्छे से अपने बालों को बनाती हैं और मेकअप का भी सहारा लेती हैं. उनके अनुसार सारी चीजें ऑन पॉइंट होती हैं, लेकिन जैसे ही वे घर से बाहर निकलती हैं लोग लग जाते हैं या फिर कमेंट्स पास करने लग जाते हैं. खासकर उन लड़कियों को ये सब ज्यादा सहना पड़ता है जिनकी हाइट कम होती है. ड्रेसिंग में की गयी एक छोटी सी गलती ही उनके लुक को पूरी तरह से बिगाड़कर रख देती है. अगर आपकी हाइट कम है, तो आपको कपड़े चुनते समय दूसरों की तुलना में ज्यादा समझदारी दिखानी चाहिए. अगर आप सही फैशन टिप्स अपनाते हैं, तो इससे सिर्फ आपकी हाइट लंबी नहीं दिखती है, इससे आका पूरा लुक बदल जाता है और आप काफी ज्यादा अट्रैक्टिव भी दिखने लगती हैं. आज इस आर्टिकल में हम 5 ऐसी गलतियों के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिन्हें कम हाइट वाली लड़कियों को भूलकर भी नहीं दोहराना चाहिए. तो चलिए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं. बहुत ज्यादा ढीले कपड़े पहनने की गलती कई लड़कियां कम्फर्टेबल फील करने के चक्कर में हद से ज्यादा ओवरसाइज या फिर ढीले-वाले कपड़े पहन लेती हैं. लेकिन, कम हाइट होने की वजह से इस तरह के कपड़े उसके शरीर को और भी ज्यादा छोटा दिखा सकते हैं. जब आप बहुत ही ज्यादा छोटे कपड़े पहन लेती हैं तो आपकी बॉडी शेप छिप जाती हैं और आपका ओवरऑल लुक भी हैवी लगने लगता है. अगर आप अपनी लुक को बढ़ाना चाहती हैं तो सबसे पहले फिटिंग वाले कपड़े या फिर कम ढीले-वाले कपड़े पहनना शुरू कर दें. इस तरह के कपड़े आपके शरीर को बैलेंस्ड और हाइट को थोड़ी लंबी दिखने में मदद करते हैं. बड़े और चौड़े प्रिंट्स चुनना कम हाइट वाली लड़कियों को कभी भी बड़े फूलों वाले या फिर बहुत ही ज्यादा चौड़े डिजाइन वाले कपड़े पहनने से हर कीमत पर बचना चाहिए. इस तरह के प्रिंट्स वाले कपड़े आपके शरीर को ज्यादा चौड़ा दिखाते हैं और साथ ही हाइट को और भी कम दिखा देते हैं. इस तरह के प्रिंट्स से बेहतर होगा कि आप छोटे प्रिंट्स, पतली लाइन्स और सिंपल डिजाइन वाले कपड़े पहनना शुरू कर दें. खासकर आपको वर्टिकल स्ट्राइप्स वाले कपड़े पहनने चाहिए ताकि आपकी हाइट थोड़ी ज्यादा लंबी लगने लगे. बहुत लंबी कुर्ती या टॉप पहनना जिन लड़कियों की हाइट कम होती है उन्हें कभी भी घुटनों से नीचे तक की लंबी कुर्ती या टॉप पहनने की गलती नहीं करनी चाहिए. इस तरह के कपड़े उनपर कभी भी अच्छे नहीं लगते हैं. अगर आप इस तरह के कपड़े पहनेंगी तो आपके पैर और भी छोटे दिखने लगेंगे और साथ ही आपकी पूरी हाइट भी दबी हुई लगने लगेगी. अगर आपकी हाइट कम है तो आपको हमेशा ऐसी कुर्ती या टॉप खरीदें, जो सिर्फ घुटनों से थोड़ा ऊपर ही न हों बल्कि फिटिंग में भी सही हो. जब आप इस तरह के कपड़े पहनेंगी तो आपके शरीर का रेश्यो ज्यादा अच्छा दिखने लगता है और साथ ही आपका लुक भी स्टाइलिश लगने लगता है. गलत फुटवियर पहन लेना जब बात फैशन की होती है तो इसमें सिर्फ आपके कपड़े ही नहीं, बल्कि आपके जूते और फुटवियर भी काफी ज्यादा मायने रखते हैं. अगर आपकी हाइट कम है तो आपको कभी भी फ्लैट चप्पल या फिर हैवी जूते नहीं पहनना चाहिए. इस तरह के फुटवियर की वजह से आपकी हाइट और भी ज्यादा कम नजर आने लग जाती है. अगर आपकी हाइट कम है तो आपको हमेशा हल्की हील्स, न्यूड कलर की सैंडल या फिर पॉइंटेड फुटवियर पहनना शुरू कर देना चाहिए. ये आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकते हैं. इस तरह के फुटवियर आपके पैरों को लंबा दिखात हैं और साथ ही आपके लुक को ज्यादा एलिगेंट भी बना देते हैं. बहुत ज्यादा लेयरिंग करना अक्सर सर्दियों के फैशन के चक्कर में कई लड़कियां एक साथ कई लेयर्स वाले कपड़े पहनने लग जाती हैं. लेकिन हैवी लेयरिंग की वजह से आपका शरीर और भी ज्यादा हैवी दिखने लग जाता है और साथ ही आपकी हाइट और भी ज्यादा छोटी नजर आने लग जाती हैं. आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप अपने लुक को जितना हो सके सिंपल और क्लीन रखें. अगर आपकी हाइट कम है तो आपके लिए एक से दो लेयर्स तक सीमित रहना ही काफी होता है. जब आप इस बात का ख्याल रखते हैं तो आप स्टाइलिश भी लगती हैं और साथ ही आपकी हाइट भी बैलेंस्ड लगती है. ये भी पढ़ें: गर्मियों में भी दिखना है कूल, क्लासी और अट्रैक्टिव? आज ही अपनाएं ये आसान फैशन टिप्स The post कम हाइट वाली लड़कियां कपड़े चुनते समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, स्टाइलिश और अट्रैक्टिव दिखना है तो जान लें appeared first on Naya Vichar.

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दुर्गापुर कोर्ट में जूता कांड! टीएमसी ब्लॉक अध्यक्ष राजीव घोष की पेशी पर भारी बवाल, रणक्षेत्र बना परिसर, देखें Video

खास बातें सुरक्षा के लिए बुलानी पड़ी सेंट्रल फोर्स राजीव घोष पर आरोपों की है लंबी फेहरिस्त जबरन वसूली और भ्रष्टाचार कोर्ट परिसर में चला हाई-वोल्टेज ड्रामा सुरक्षा का कड़ा घेरा, मची अफरा-तफरी बीजेपी का हमला- यह तो बस शुरुआत है दुर्गापुर से निमाई दास की रिपोर्ट Durgapur Court Political Tension: पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर दुर्गापुर का सब-डिवीजनल कोर्ट परिसर गुरुवार को उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ब्लॉक अध्यक्ष राजीव घोष को पुलिस पेशी के लिए लेकर पहुंची. कोर्ट गेट पर पहले से मौजूद हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने राजीव घोष को देखते ही अपना आक्रोश व्यक्त करना शुरू कर दिया. सुरक्षा के लिए बुलानी पड़ी सेंट्रल फोर्स गुस्साये प्रदर्शनकारियों ने न केवल ‘चोर-चोर’ के नारे लगाये, बल्कि राजीव घोष की तरफ जूते दिखाकर अपना विरोध दर्ज कराया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गयी कि पुलिस को भीड़ को संभालने में पसीने छूट गये. सुरक्षा के लिहाज से सेंट्रल फोर्स की अतिरिक्त टुकड़ी को वहां तैनात करना पड़ा. राजीव घोष पर आरोपों की है लंबी फेहरिस्त राजीव घोष की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश के पीछे भ्रष्टाचार और आतंक के गंभीर आरोप बताये जा रहे हैं. बीजेपी का आरोप है कि राजीव घोष लंबे समय से दुर्गापुर और आसपास के इलाकों में मारपीट, बमबाजी और नेतृत्वक जुल्म के पर्याय बने हुए थे. इसे भी पढ़ें : दुर्गापुर में ‘जय श्रीराम’ बनाम ‘जय बांग्ला’ के नारों पर संग्राम, भाजपा के रोड शो में भिड़े बीजेपी-टीएमसी समर्थक जबरन वसूली और भ्रष्टाचार स्थानीय कारोबारियों और आम लोगों से जबरन वसूली और सिंडिकेट चलाने के आरोपों ने उनकी छवि को धूमिल किया है. जिला बीजेपी प्रवक्ता सुमंत मंडल ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि राजीव ने भ्रष्टाचार के जरिये करोड़ों की संपत्ति बनायी और सत्ता के रसूख का इस्तेमाल कर आम जनता को डराया-धमकाया. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें कोर्ट परिसर में चला हाई-वोल्टेज ड्रामा जैसे ही पुलिस की गाड़ी कोर्ट परिसर में दाखिल हुई, प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स की ओर दौड़ पड़े. हाथों में पार्टी का झंडा और पैर से निकाले हुए जूते लेकर प्रदर्शनकारी राजीव घोष के खिलाफ चिल्ला रहे थे. उनका कहना था कि ‘जनता का पैसा लूटने वालों की जगह जेल में’ है. सुरक्षा का कड़ा घेरा, मची अफरा-तफरी हालात बिगड़ता देख राज्य पुलिस के साथ तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों (Central Forces) ने तुरंत मोर्चा संभाला. राजीव घोष को सुरक्षित कोर्ट रूम तक ले जाने के लिए पुलिस को मानव शृंखला (Human Chain) बनानी पड़ी. अचानक हुए इस हंगामे के कारण कोर्ट परिसर में मौजूद आम लोग और वकील भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आये. इसे भी पढ़ें : बंगाल: दुर्गापुर के सेन मार्केट में लाठीचार्ज, व्यवसायी समिति पर कब्जे के लिए दो गुटों में मारपीट Durgapur Court Political Tension: बीजेपी का हमला- यह तो बस शुरुआत है बीजेपी नेता सुमंत मंडल ने कहा कि राजीव घोष की गिरफ्तारी जनता की जीत है. उन्होंने दावा किया कि दुर्गापुर की जनता अब चुप नहीं बैठने वाली है. भ्रष्टाचार में लिप्त हर नेता को इसी तरह के विरोध का सामना करना पड़ेगा. दूसरी ओर, टीएमसी के स्थानीय नेतृत्व ने इस घटना को बीजेपी की ‘ओछी नेतृत्व’ करार दिया है. पार्टी ने कहा है कि कानून निष्पक्ष जांच करेगा. इसे भी पढ़ें बंगाल के दुर्गापुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक में अगलगी, एएसपी शाखा के कैबिनेट और वॉल्ट सुरक्षित यूपी-बिहार नहीं ये बंगाल है, यहां बुलडोजर नहीं चलेगा, दुर्गापुर में भाजपा पर बरसीं ममता बनर्जी The post दुर्गापुर कोर्ट में जूता कांड! टीएमसी ब्लॉक अध्यक्ष राजीव घोष की पेशी पर भारी बवाल, रणक्षेत्र बना परिसर, देखें Video appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में PM मोदी से मिले विजय सिन्हा, भेंट की राम की मूर्ति, बिहार के मुद्दों पर हुई खास चर्चा

Vijay Sinha: बिहार प्रशासन के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है. इस दौरान उन्होंने पीएम को राम की मूर्ति भेंट की. सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी और विजय सिन्हा के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई. जिसमें बिहार की मौजूदा नेतृत्वक स्थिति, संगठनात्मक समीकरण और कई समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. बिहार की नेतृत्व और भविष्य की भूमिका पर चर्चा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विजय सिन्हा ने बिहार के मौजूदा नेतृत्वक हालात को लेकर अपनी बात प्रधानमंत्री के सामने रखी. इसके साथ ही आगे की नेतृत्वक भूमिका और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर भी चर्चा होने की बात कही जा रही है. हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. डिप्टी सीएम से कृषि मंत्री तक का सफर नीतीश कुमार प्रशासन में विजय कुमार सिन्हा को बीजेपी कोटे से डिप्टी सीएम बनाया गया था. उस समय बीजेपी के दो उपमुख्यमंत्री थे. लेकिन बाद में सत्ता संतुलन और सहयोगी दलों के बीच नए नेतृत्वक समीकरण बनने के बाद दोनों डिप्टी सीएम पद जेडीयू के खाते में चले गए. इसके बाद विजय सिन्हा को कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई. नेतृत्वक गलियारों में अक्सर यह चर्चा होती रही है कि विजय सिन्हा का नेतृत्वक कद और अनुभव बीजेपी के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहा है. कई मौकों पर उनके बयान और हावभाव में यह संकेत भी देखने को मिला कि वह खुद को बड़ी जिम्मेदारियों के लिए तैयार मानते हैं. ‘कमांडर का आदेश सर्वोपरि’ जब सम्राट चौधरी को एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया था तब विजय सिन्हा ने पार्टी नेतृत्व को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि हम अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हैं. जो जिम्मेदारी मिलेगी, कमांडर का जो आदेश होगा, उसे हम पूरा करेंगे. उनके इस बयान को भी अब नेतृत्वक संकेतों के तौर पर देखा जा रहा है. ‘अब सिर्फ विजय सिन्हा नहीं, विजय बिहारी हूं’ कुछ दिनों पहले मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ये भी कहा था कि विभाग बदल जाने से उनका काम और सोच नहीं बदली है. उन्होंने मंच से कहा कि अब सिर्फ विजय सिन्हा नहीं, विजय बिहारी हूं. पूरे बिहार के लोगों की चिंता है और उनकी जमीन सुरक्षित रखने का संकल्प आज भी कायम है. बीजेपी के भीतर विजय सिन्हा को ऐसे नेता के रूप में देखा जाता है, जिनकी संगठन और प्रशासन दोनों में मजबूत पकड़ है. विजय सिन्हा विधानसभा अध्यक्ष से लेकर डिप्टी सीएम तक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं. Also Read: ‘शाम में घर आइए, एक-एक चीज बताइए…’ गाड़ी रुकवाकर विजय चौधरी से बोले नीतीश, JDU ऑफिस पहुंचे तो गायब मिले मंत्री The post दिल्ली में PM मोदी से मिले विजय सिन्हा, भेंट की राम की मूर्ति, बिहार के मुद्दों पर हुई खास चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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1 साल की नौकरी पर भी मिलेगी ग्रेच्युटी; लेकिन इन 3 गलतियों पर कंपनी रोक सकती है पैसा

New Gratuity Rules Labor Code : निजी क्षेत्र (Private Sector) में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी को लेकर एक बहुत बड़ी और अच्छी समाचार है. प्रशासन ने नए लेबर कोड (New Labour Codes) के जरिए ग्रेच्युटी के पुराने नियमों को पूरी तरह बदल दिया है. नए नियमों ने जहां एक तरफ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ दफ्तर में अनुशासन को लेकर नियमों को काफी सख्त भी कर दिया है. आइए आसान भाषा में समझते हैं ग्रेच्युटी का यह नया गणित, कर्मचारियों को होने वाले फायदे और वे खतरे जिनसे आपकी गाढ़ी कमाई डूब सकती है. अब 5 साल का इंतजार खत्म: 1 साल में ही ग्रेच्युटी पक्की! पुराने नियमों के मुताबिक, किसी भी कंपनी में लगातार 5 साल तक काम करने के बाद ही कोई कर्मचारी ग्रेच्युटी का हकदार बनता था. लेकिन नए लेबर कोड ने ‘फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों’ (Fixed-Term Employees – जो कॉन्ट्रैक्ट या निश्चित अवधि के लिए काम करते हैं) के लिए यह पाबंदी खत्म कर दी है. अब कॉन्ट्रैक्ट (FTE) पर काम करने वाले कर्मचारी सिर्फ 1 साल की नौकरी के बाद भी ग्रेच्युटी के हकदार होंगे. नए नियमों के तहत किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी (मूल वेतन) और महंगाई भत्ता (DA) उसकी कुल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50% होना अनिवार्य है. पहले कंपनियां भत्तों (Allowances) को बढ़ाकर बेसिक सैलरी कम रखती थीं जिससे ग्रेच्युटी कम बनती थी, लेकिन अब बेसिक सैलरी बढ़ते ही ग्रेच्युटी की रकम भी अपने आप मोटी हो जाएगी. इन 3 मामलों में कंपनी ‘हड़प’ सकती है आपकी ग्रेच्युटी ग्रेच्युटी भले ही आपका कानूनी अधिकार है, लेकिन अगर आपका रिकॉर्ड खराब होता है, तो कंपनी को आपका पैसा रोकने का पूरा अधिकार है. कंपनी इन परिस्थितियों में आपकी ग्रेच्युटी पर ताला लगा सकती है. चोरी या धोखाधड़ी (Fraud): यदि कोई कर्मचारी कंपनी में वित्तीय हेराफेरी, रिश्वतखोरी या फर्जी कागजात (फ्रॉड) के जरिए कंपनी को चूना लगाते हुए पकड़ा जाता है. बदतमीजी और अनुशासनहीनता: ऑफिस में किसी के साथ मारपीट करना, स्त्री कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करना या दफ्तर के नियमों को पूरी तरह ताक पर रखना भारी पड़ सकता है. आरोप साबित होने पर कंपनी 100% ग्रेच्युटी काट सकती है. कंपनी को नुकसान पहुंचाना: यदि कर्मचारी की किसी लापरवाही या जानबूझकर की गई गलती से कंपनी को बड़ा आर्थिक नुकसान होता है, तो कंपनी उस नुकसान की भरपाई कर्मचारी की ग्रेच्युटी के पैसे से कर सकती है. नुकसान की रकम काटने के बाद यदि कुछ बचेगा, तभी कर्मचारी को मिलेगा. क्या बॉस अपनी मर्जी से पैसा रोक सकता है? जी नहीं, यह इतना भी आसान नहीं है. अगर कोई कंपनी किसी कर्मचारी की ग्रेच्युटी रोकना चाहती है, तो उसे बाकायदा कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा. कंपनी को ठोस सबूत पेश करने होंगे और कर्मचारी को अपनी सफाई देने का पूरा मौका देना होगा. अगर आरोप झूठे निकलते हैं, तो कंपनी को देरी की अवधि का भारी ब्याज भी चुकाना पड़ेगा. Also Read : केंद्रीय कर्मचारियों को लग सकता है लाखों का फटका, वेतन आयोग में देरी से HRA और भत्तों के एरियर पर मंडराया खतरा The post 1 साल की नौकरी पर भी मिलेगी ग्रेच्युटी; लेकिन इन 3 गलतियों पर कंपनी रोक सकती है पैसा appeared first on Naya Vichar.

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Google Search में AI से परेशान हुए लोग, अब DuckDuckGo बना नया सहारा

गूगल पिछले कुछ समय से अपने सर्च प्लैटफॉर्म में लगातार AI फीचर्स जोड़ रहा है. लेकिन अब यही बदलाव कई यूजर्स को परेशान करने लगा है. बड़ी संख्या में ऐसे लोग सामने आ रहे हैं जो बिना AI वाले पुराने और सीधे-सादे सर्च अनुभव को पसंद करते हैं. इसी वजह से अब प्राइवेसी-फोकस्ड सर्च इंजन DuckDuckGo को बड़ा फायदा मिलता दिख रहा है. हाल ही में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, गूगल के नए AI अपडेट्स के बाद DuckDuckGo के डाउनलोड और ट्रैफिक में अचानक तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. Google I/O के बाद अचानक बढ़ी DuckDuckGo की लोकप्रियता रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल के बड़े AI ऐलानों के बाद अमेरिका में DuckDuckGo मोबाइल ऐप इंस्टॉल्स में औसतन 18 प्रतिशत से ज्यादा की साप्ताहिक बढ़ोतरी देखने को मिली. खास बात यह रही कि iPhone यूजर्स के बीच इसकी ग्रोथ और भी ज्यादा रही. कुछ दिनों में ऐप डाउनलोड लगभग 70 प्रतिशत तक बढ़ गए. इतना ही नहीं, DuckDuckGo के उस खास सर्च पेज पर भी ट्रैफिक तेजी से बढ़ा जहां AI फीचर्स पूरी तरह बंद रहते हैं. यह साफ संकेत है कि इंटरनेट पर अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे यूजर्स मौजूद हैं जो AI-जेनरेटेड जवाबों की बजाय सामान्य सर्च रिजल्ट देखना चाहते हैं. यूजर्स को क्यों पसंद आ रहा AI-Free सर्च? कई यूजर्स का मानना है कि AI आधारित सर्च रिजल्ट्स कई बार जरूरत से ज्यादा जानकारी देते हैं या असली वेबसाइट्स तक पहुंचने का अनुभव खराब कर देते हैं. कुछ लोगों को यह भी लगता है कि AI फीचर्स अब जबरदस्ती थोपे जा रहे हैं और उन्हें बंद करने का आसान विकल्प नहीं मिलता. DuckDuckGo ने इसी मुद्दे को अपनी ताकत बना लिया है. कंपनी लगातार यह कह रही है कि उसके यहां यूजर्स तय कर सकते हैं कि उन्हें AI चाहिए या नहीं. यानी अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह AI-Free सर्च चाहता है तो उसे वह विकल्प आसानी से मिल जाता है. प्राइवेसी भी बनी बड़ी वजह DuckDuckGo पहले से ही प्राइवेसी-केंद्रित सर्च इंजन के तौर पर जाना जाता है. कंपनी दावा करती है कि वह यूजर्स की सर्च हिस्ट्री स्टोर नहीं करती और न ही चैट या डेटा को AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल करती है. आज जब AI और डेटा कलेक्शन को लेकर लोगों की चिंता बढ़ रही है, तब यह मॉडल कई यूजर्स को आकर्षित कर रहा है. खासकर वे लोग जो अपनी ऑनलाइन एक्टिविटी को ज्यादा निजी रखना चाहते हैं, अब गूगल के विकल्प तलाश रहे हैं. DuckDuckGo ने AI को पूरी तरह नहीं हटाया दिलचस्प बात यह है कि DuckDuckGo खुद भी AI फीचर्स ऑफर करता है. कंपनी के पास AI आधारित Search Assist और Duck.AI जैसे टूल मौजूद हैं. लेकिन फर्क यह है कि यहां AI फीचर्स ऑप्शनल रखे गए हैं. कंपनी ने ऐसे फीचर्स भी लॉन्च किए हैं जो सर्च रिजल्ट्स से AI जनरेटेड इमेजेज को फिल्टर कर सकते हैं. यानी यूजर के पास ज्यादा कंट्रोल रहता है कि वह इंटरनेट को किस तरीके से इस्तेमाल करना चाहता है. क्या AI सर्च के खिलाफ बढ़ रही नयी बहस? AI अब टेक इंडस्ट्री का सबसे बड़ा ट्रेंड बन चुका है. गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और दूसरी बड़ी कंपनियां अपने प्लैटफॉर्म्स में तेजी से AI जोड़ रही हैं. लेकिन अब इसके खिलाफ एक अलग तरह की प्रतिक्रिया भी दिखने लगी है. कुछ यूजर्स चाहते हैं कि इंटरनेट पहले जैसा आसान और कंट्रोल्ड रहे, जहां वे खुद तय करें कि उन्हें AI की मदद चाहिए या नहीं. DuckDuckGo की बढ़ती लोकप्रियता इसी बदलती सोच का संकेत मानी जा रही है. गूगल का नया एआई एजेंट बनेगा आपकी डिजिटल लाइफ का 24/7 मैनेजर The post Google Search में AI से परेशान हुए लोग, अब DuckDuckGo बना नया सहारा appeared first on Naya Vichar.

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