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Lala Amarnath Birthday: स्वतंत्र भारत के पहले टेस्ट कप्तान थे अमरनाथ, पहला शतक जड़ते ही महिलाओं ने फेंक दिए थे मंगलसूत्र

Lala Amarnath: हिंदुस्तानीय क्रिकेट के इतिहास में लाला अमरनाथ का नाम कई खास उपलब्धियों के साथ दर्ज है. वह टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाने वाले हिंदुस्तान के पहले बल्लेबाज थे. 1933 में टेस्ट डेब्यू पर 118 रन की उनकी पारी ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया था. उनके इसी शतक से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा आज भी सुनाया जाता है कि स्टेडियम में मौजूद स्त्रीओं ने खुशी में अपने गहने, यहां तक कि मंगलसूत्र भी मैदान की ओर उछाल दिए थे. आज ही के दिन यानी 11 सितंबर को लाला अमरनाथ का जन्म हुआ था. डेब्यू पर ही मचा दिया था तहलका साल था 1933. हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज स्पोर्ट्स रही थी. बंबई के जिमखाना ग्राउंड पर स्पोर्ट्से गए मुकाबले में 22 साल के लाला अमरनाथ को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला. डेब्यू पर किसी भी बल्लेबाज पर दबाव होता है, लेकिन लाला अमरनाथ ने इसे अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. हिंदुस्तानीय टीम ने जल्दी ही अपने दो विकेट गंवा दिए थे और स्कोर 21 रन था. ऐसे समय में अमरनाथ क्रीज पर आए और उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों का आक्रामक अंदाज में सामना किया. लाला अमरनाथ ने 117 मिनट तक बल्लेबाजी की और 118 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सी. उनकी इस पारी में 21 चौके शामिल थे. इस दौरान उन्होंने कप्तान सीके नायडू के साथ 176 रन की अहम साझेदारी भी की. हिंदुस्तान वह मुकाबला नौ विकेट से हार गया, लेकिन अमरनाथ की पारी ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया. वह टेस्ट डेब्यू पर शतक लगाने वाले हिंदुस्तान के पहले बल्लेबाज बने और हिंदुस्तानीय क्रिकेट को उसका पहला टेस्ट शतकवीर मिला. शतक के बाद स्त्रीओं ने फेंके थे गहने लाला अमरनाथ की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि उनके डेब्यू शतक से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा आज भी सुनाया जाता है. वह उन शुरुआती हिंदुस्तानीय क्रिकेटरों में शामिल थे, जिन्हें प्रशंसकों ने सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि स्टार के रूप में देखना शुरू कर दिया था. ‘द एपिक चैनल’ पर लाला अमरनाथ से जुड़े एक किस्से में बताया गया है कि जब उन्होंने टेस्ट डेब्यू में शतक पूरा किया, तो स्टेडियम में मौजूद स्त्रीएं खुशी से इस कदर उत्साहित हो गईं कि उन्होंने अपने गहने, यहां तक कि मंगलसूत्र भी मैदान की ओर उछाल दिए थे. ये भी पढ़ें: BBL 2026-27: फिन एलन से बेन स्टोक्स तक, कौन किस टीम का होगा हिस्सा; देखें स्टार प्लेयर्स की पूरी लिस्ट दूसरे विश्व युद्ध से प्रभावित हुआ करियर लाला अमरनाथ की शुरुआत को देखते हुए उनसे लंबे और सफल अंतरराष्ट्रीय करियर की उम्मीद की जा रही थी. हालांकि, उनका क्रिकेट करियर दूसरे विश्व युद्ध की वजह से प्रभावित हुआ. उस दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लंबे समय तक बाधित रहा. इसके बावजूद अमरनाथ ने घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाए रखी और एक बेहतरीन ऑलराउंडर के तौर पर खुद को स्थापित किया. बने स्वतंत्र हिंदुस्तान के पहले टेस्ट कप्तान 1947 में देश आजाद हुआ और इसके बाद हिंदुस्तानीय क्रिकेट के इतिहास में भी एक नया अध्याय शुरू हुआ. 1947-48 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लाला अमरनाथ ने हिंदुस्तानीय टीम की कप्तानी की. इसी के साथ वह स्वतंत्र हिंदुस्तान के पहले टेस्ट कप्तान बने. यह दौरा हिंदुस्तानीय टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था. सामने ऑस्ट्रेलिया की मजबूत टीम थी और उसके बल्लेबाजी क्रम में दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में शुमार डॉन ब्रैडमैन भी मौजूद थे. अमरनाथ ने इस दौरे पर गेंद से भी अपनी छाप छोड़ी. उन्होंने ब्रैडमैन को हिट विकेट के जरिए आउट किया. खास बात यह थी कि ब्रैडमैन उस पारी में 185 रन बना चुके थे. ब्रैडमैन अपने पूरे टेस्ट करियर में सिर्फ एक बार हिट विकेट आउट हुए और यह विकेट लाला अमरनाथ के नाम रहा. क्रिकेट से लाला अमरनाथ का रिश्ता अगली पीढ़ी तक भी पहुंचा. उनके बेटे मोहिंदर अमरनाथ और सुरिंदर अमरनाथ ने भी हिंदुस्तान के लिए क्रिकेट स्पोर्ट्सा. ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट पाकिस्तान के खिलाफ हिंदुस्तान को दिलाई पहली टेस्ट सीरीज जीत View on Instagram लाला अमरनाथ की कप्तानी में हिंदुस्तानीय क्रिकेट को एक और खास उपलब्धि मिली. 1952 में हिंदुस्तान ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज स्पोर्ट्सी. अमरनाथ की अगुवाई में हिंदुस्तान ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की. यह हिंदुस्तान की पहली टेस्ट सीरीज जीत थी. यानी जिस खिलाड़ी ने हिंदुस्तान को टेस्ट क्रिकेट का पहला शतक दिया था, उसी खिलाड़ी ने स्वतंत्र हिंदुस्तान की टीम को उसकी पहली टेस्ट सीरीज जीत तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई. लाला अमरनाथ का टेस्ट रिकॉर्ड लाला अमरनाथ ने हिंदुस्तान की ओर से कुल 24 टेस्ट मैच स्पोर्ट्से. इस दौरान उन्होंने 878 रन बनाए. उनके नाम एक शतक और चार अर्धशतक रहे. गेंदबाजी में भी उन्होंने 45 विकेट हासिल किए. उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में पांच विकेट लेने का प्रदर्शन भी दर्ज है. श्रेणी टेस्ट फर्स्ट क्लास मैच 24 186 पारी 40 286 नाबाद 4 34 रन 878 10,426 सर्वोच्च स्कोर 118 262 बल्लेबाजी औसत 24.38 41.37 शतक 1 31 अर्धशतक 4 39 फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उन्होंने 186 मैचों की 286 पारियों में 10,426 रन बनाए. उनका बल्लेबाजी औसत 41 से ज्यादा का रहा. इस दौरान उन्होंने 31 शतक और 39 अर्धशतक लगाए. उनका सर्वोच्च स्कोर 262 रन रहा. ये आंकड़े बताते हैं कि अमरनाथ सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में मिली पहचान की वजह से महान नहीं थे, बल्कि घरेलू क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन लंबे समय तक प्रभावशाली रहा. BCCI ने दिया पहला सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड हिंदुस्तानीय क्रिकेट में लाला अमरनाथ के योगदान को देखते हुए उन्हें 1994 में BCCI के पहले सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उनके लंबे क्रिकेट करियर और हिंदुस्तानीय क्रिकेट में दिए गए योगदान की पहचान था. जिस खिलाड़ी ने 1933 में हिंदुस्तान को उसका पहला टेस्ट शतक दिया था, उसी खिलाड़ी ने आजाद हिंदुस्तान की पहली टेस्ट टीम की कप्तानी की और पाकिस्तान के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज जीतने वाली हिंदुस्तानीय टीम की अगुवाई भी की. 5 अगस्त 2000 को लाला अमरनाथ का निधन हो गया. लेकिन हिंदुस्तानीय क्रिकेट के शुरुआती दौर में

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BRICS Summit 2026 LIVE: PM मोदी ने संस्कृत के श्लोक से किया ब्रिक्स का आगाज, राष्ट्रपति पुतिन से करेंगे द्विपक्षीय बातचीत

BRICS Summit 2026 LIVE : 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) की मेजबानी हिंदुस्तान को सौंपी गई है. यह सम्मेलन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में आयोजित हो रहा है. वर्ल्ड लीडर्स के आने का सिलसिला जारी है. ब्रिक्स समिट की हर अपडेट के लिए जुड़े रहें नया विचार के साथ. The post BRICS Summit 2026 LIVE: PM मोदी ने संस्कृत के श्लोक से किया ब्रिक्स का आगाज, राष्ट्रपति पुतिन से करेंगे द्विपक्षीय बातचीत appeared first on Naya Vichar.

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Delhi Traffic Advisory: 11 से 13 सितंबर तक दिल्ली में ट्रैफिक डायवर्जन, 22 रास्तों पर जाने से बचें; निकलने से पहले पढ़ें यह खबर

Delhi Traffic Advisory: दिल्ली में 12 और 13 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियों को लेकर ट्रैफिक पुलिस अलर्ट मोड पर है. सुरक्षा और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है. इसके तहत 11 सितंबर को दोपहर 2:00 बजे से रात 8:30 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर विशेष डायवर्जन रहेगा. ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए घर से निकलने से पहले वैकल्पिक मार्गों और एडवाइजरी की जांच अवश्य कर लें. दिल्ली पुलिस ने दिल्ली में 11 से 13 सितंबर 2026 के दौरान ट्रैफिक में बदलाव किया है. इस दौरान 22 रूट पर यातायात डाइवर्ट किया जाएगा. जबकि 35 से अधिक सड़कें नियंत्रित या प्रभावित रहेंगी. मुख्य कार्यक्रम स्थल हिंदुस्तान मंडपम, प्रगति मैदान है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों की सुविधा के लिए रूट गाइड और आवश्यक निर्देश जारी किए हैं. प्रभावित सड़कें और ट्रैफिक डायवर्जन (22 पॉइंट) प्रभावित सड़कें सरदार पटेल मार्ग, मदर टेरेसा क्रीसेंट, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, 30 जनवरी मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, सुब्रमण्यम हिंदुस्तानी मार्ग, मथुरा रोड, मोती लाल नेहरू मार्ग, डॉ जाकिर हुसैन मार्ग, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, सत्या मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंबा रोड, टॉलस्टॉय मार्ग, रणजीत सिंह फ्लाईओवर, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग, कमाल अतातुर्क मार्ग, एपीजे अब्दुल कलाम रोड, प्रेस एनक्लेव रोड, लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, जोसेफ ब्रोज टीटो मार्ग और लाला लाजपत राय मार्ग. दिल्ली ट्रैफिक, फोटो एक्स डायवर्जन पॉइंट और वैकल्पिक मार्ग डॉ दिनेश नंदिनी डालमिया चौक (W-Point): मथुरा रोड और तिलक मार्ग पर प्रवेश प्रतिबंधित. वैकल्पिक मार्ग: ईस्ट/साउथ दिल्ली के लिए BSZ मार्ग → IP मार्ग; सेंटर/नॉर्थ/वेस्ट दिल्ली के लिए BSZ मार्ग → दिल्ली गेट; न्यू दिल्ली/CP के लिए सिकंदरा रो. राम चरण अग्रवाल चौक (A-Point): W-Point की ओर व्यावसायिक वाहनों की नो एंट्री वैकल्पिक मार्ग: ईस्ट/साउथ दिल्ली के लिए IP मार्ग; न्यू दिल्ली/CP के लिए DDU मार्ग; सेंटर/नॉर्थ/वेस्ट दिल्ली के लिए BSZ मार्ग → दिल्ली गेट. मीर दर्द चौक: महाराजा रणजीत सिंह मार्ग बंद वैकल्पिक मार्ग: न्यू दिल्ली/सेंटर/नॉर्थ/वेस्ट दिल्ली के लिए मीर दर्द मार्ग → अब्दुल गफ्फार मार्ग → DDU मार्ग. कस्तूरबा गांधी मार्ग / आउटर सर्कल CP: C-हेक्सागोन व आउटर सर्कल CP की ओर प्रवेश प्रतिबंधित वैकल्पिक मार्ग: जनपथ को छोड़कर आउटर सर्कल व अन्य सड़कें. जनपथ / कनाट प्लेस: C-हेक्सागोन की ओर जाना मना वैकल्पिक मार्ग: काली बाड़ी, शहीद भगत सिंह, पंचकुइयां, मिंटो व बाराखंबा रोड। पटेल चौक: विंडसर प्लेस और संसद मार्ग (RBI) की तरफ प्रवेश बंद वैकल्पिक मार्ग: अशोका रोड → GPO या संसद मार्ग → CP. RML अस्पताल गोलचक्कर: मदर टेरेसा क्रीसेंट व तालकटोरा रोड बंद वैकल्पिक मार्ग: शेख मुजीबुर रहमान मार्ग या बाबा खड़क सिंह मार्ग. वंदे मातरम मार्ग / साइमन बोलीवर मार्ग: साइमन बोलीवर मार्ग बंद वैकल्पिक मार्ग: वंदे मातरम मार्ग → धौला कुआं या करोल बाग. धौला कुआं फ्लाईओवर: सरदार पटेल मार्ग बंद वैकल्पिक मार्ग: रिंग रोड (दोनों तरफ), वंदे मातरम मार्ग, NH-48 / गुड़गांव रोड. मोती बाग फ्लाईओवर: शांति पथ बंद वैकल्पिक मार्ग: रिंग रोड (दोनों तरफ) या राव तुला राम मार्ग. गोलचक्कर ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग: यशवंत प्लेस की ओर अफ्रीका एवेन्यू बंद वैकल्पिक मार्ग: ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग या अफ्रीका एवेन्यू → भीकाजी कामा फ्लाईओवर. मदरसा टी-पॉइंट: ऑरोबिंदो मार्ग बंद वैकल्पिक मार्ग: लोधी रोड या ऑरोबिंदो मार्ग → सफदरजंग फ्लाईओवर. लोधी रोड / अमृता शेरगिल मार्ग: अमृता शेरगिल मार्ग बंद वैकल्पिक मार्ग: लोधी रोड. लोधी रोड / मैक्स मुलर मार्ग: मैक्स मुलर मार्ग बंद वैकल्पिक मार्ग: लोधी रोड. लोधी रोड / महर्षि रमन मार्ग: महर्षि रमन मार्ग बंद वैकल्पिक मार्ग: लोधी रोड या भीष्म पितामह मार्ग. लोधी रोड / आर्कबिशप मेकैरियस मार्ग: आर्कबिशप मेकैरियस मार्ग बंद वैकल्पिक मार्ग: लोधी रोड. लोधी फ्लाईओवर के नीचे: हिंदुस्तान मंडपम की ओर मथुरा रोड बंद वैकल्पिक मार्ग: लोधी रोड → नीला गुंबद, बारापुला फ्लाईओवर या मदरसा / लाला लाजपत राय मार्ग. नीला गुंबद: ओबेरॉय फ्लाईओवर / डॉ जाकिर हुसैन मार्ग बंद वैकल्पिक मार्ग: मथुरा रोड → आश्रम चौक या लोधी रोड. ओबेरॉय फ्लाईओवर के नीचे: मथुरा रोड बंद (ओबेरॉय होटल व गोल्फ लिंक की गाड़ियों को अनुमति) वैकल्पिक मार्ग: लोधी फ्लाईओवर (DPS मथुरा रोड के सामने यू-टर्न अंडरपास होकर). DPS मथुरा रोड के सामने यू-टर्न: हिंदुस्तान मंडपम की ओर बंद वैकल्पिक मार्ग: DPS मथुरा रोड के सामने यू-टर्न अंडरपास के जरिए लोधी फ्लाईओवर. रिंग रोड / भैरों रोड: भैरों मार्ग की ओर प्रवेश बंद वैकल्पिक मार्ग: सराय काले खां होकर रिंग रोड या राजघाट होकर रिंग रोड. मंडी हाउस: फिरोजशाह रोड, भगवान दास रोड, कॉपरनिकस मार्ग बंद वैकल्पिक मार्ग: बाराखंबा रोड या सिकंदरा मार्ग. ये भी पढ़ें: मेट्रो, बैंक, स्कूल और ऑफिस…ब्रिक्स समिट को लेकर दिल्ली में क्या-क्या रहेगा बंद? 11 से 13 सितंबर तक रखें इन बातों का ध्यान रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक मार्ग रेलवे स्टेशन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन रूट A: ISBT कश्मीरी गेट → बुलेवार्ड रोड → रानी झांसी मार्ग → DBG रोड → पंचकुइयां रोड → आउटर सर्कल, CP. रूट B: आश्रम चौक → रिंग रोड → राजघाट → JLN मार्ग रूट C: वंदे मातरम मार्ग → डॉ अंबेडकर मार्ग → पंचकुइयां रोड → आउटर सर्कल, CP. पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन रूट A: ISBT कश्मीरी गेट → रिंग रोड → हनुमान मंदिर → S.P. मुखर्जी मार्ग. रूट B: आश्रम चौक → रिंग रोड → राजघाट → रिंग रोड → हनुमान मंदिर → S.P. मुखर्जी मार्ग. रूट C: वंदे मातरम मार्ग → डॉ अंबेडकर मार्ग → रानी झांसी मार्ग → रानी झांसी फ्लाईओवर → बुलेवार्ड रोड → लोथियान मार्ग. हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन रूट A: AIIMS → रिंग रोड → आश्रम चौक → मथुरा रोड. रूट B: ISBT कश्मीरी गेट → रिंग रोड → राजघाट → रिंग रोड → आश्रम चौक → मथुरा रोड. एयरपोर्ट (मेट्रो सेवा लेने की सख्त सलाह) गुरुग्राम से (T3/T4/T2/T1): NH-48 → राव गजराज सिंह मार्ग → ओल्ड दिल्ली गुरुग्राम रोड → UER II → सर्विस रोड → T3 टर्मिनल रोड। T1 के लिए: NH-48 → महिपालपुर फ्लाईओवर के नीचे → T-3 रोड, या महिपालपुर फ्लाईओवर होकर उल्लान बातार मार्ग → T-1 रोड. द्वारका से (T3/T4/T2/T1): सेक्टर-22, द्वारका रोड → UER II (T3 के लिए नया टनल) नई दिल्ली और साउथ

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11 सितंबर को बैंकिंग पर ब्रेक, SBI-PNB समेत कई बैंकों में ठप हो सकता है कामकाज

Bank Strike Today: देशभर में बैंक ग्राहकों के लिए शुक्रवार, 11 सितंबर को बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत कई मांगों को लेकर एक दिन की देशव्यापी हड़ताल बुलाई है. सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों ने ग्राहकों को पहले ही संभावित असर की जानकारी दे दी है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), यूको बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र समेत कई बैंकों ने कहा है कि उन्होंने कामकाज सामान्य रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए हैं. हालांकि, कर्मचारियों की भागीदारी के आधार पर शाखाओं और दफ्तरों का काम प्रभावित हो सकता है. बैंक कर्मचारी आखिर हड़ताल क्यों कर रहे हैं? UFBU सात बैंक कर्मचारी और अधिकारी यूनियनों का संयुक्त मंच है. यूनियनों की मुख्य मांग पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है. इसके अलावा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े कई मुद्दों को भी जल्द सुलझाने की मांग की जा रही है. मुख्य मांगों में शामिल हैं: पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करना पेंशन को अपडेट करना पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) का एक समान फॉर्मूला नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में जाने का विकल्प सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना से जुड़े मुद्दों का समाधान PLI योजना को लेकर क्या है मामला? बैंक यूनियनों ने PLI योजना को लेकर भी चिंता जताई है. वित्त मंत्रालय ने 19 नवंबर 2024 को जारी PLI योजना को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए फिलहाल रोक दिया है. मंत्रालय के मुताबिक, इस मुद्दे पर नए द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त नोट को लेकर चल रही बातचीत के दौरान विचार किया जाएगा. यह फैसला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद आया. बैठक में PLI के अलावा एक्स-ग्रेशिया भुगतान और रिटायर हो चुके बैंक कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. 11 सितंबर के बाद बैंक कब-कब बंद रहेंगे? ग्राहकों के लिए परेशानी सिर्फ 11 सितंबर तक सीमित नहीं रह सकती. UFBU ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का भी ऐलान किया है. अगर मांगों पर समाधान नहीं निकला तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है. इसके अलावा 11 सितंबर की हड़ताल के अगले दिन 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है। 14 सितंबर को कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी के कारण बैंक अवकाश रहेगा. तारीख स्थिति 11 सितंबर देशव्यापी बैंक हड़ताल 12 सितंबर दूसरा शनिवार 13 सितंबर रविवार 14 सितंबर कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी की छुट्टी ऐसे में कुछ राज्यों में बैंक शाखाओं का काम लगातार कई दिनों तक प्रभावित हो सकता है. इसलिए जरूरी बैंकिंग काम वाले ग्राहकों के लिए बेहतर होगा कि वे अपने संबंधित बैंक की स्थानीय शाखा और छुट्टियों के कैलेंडर के हिसाब से पहले से योजना बना लें. ये भी पढ़ें: Bank Holiday September: 11 सितंबर से लगातार 3 दिन बंद रहेंगे बैंक, जानें क्यों… ? The post 11 सितंबर को बैंकिंग पर ब्रेक, SBI-PNB समेत कई बैंकों में ठप हो सकता है कामकाज appeared first on Naya Vichar.

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‘हनुमान अंश’ ने बदला बॉलीवुड का मूड! जिस धर्म पर फिल्म बनाने से डरते थे मेकर्स, अब उसी पर लग रहा है दांव

जिस जेनरेशन के लिए कभी भगवान की कहानी का मतलब टीवी पर आने वाली रामायण या दादी-नानी की सुनाई कथा हुआ करता था, आज वही जेनरेशन थिएटर में ‘हनुमान अंश’ के लिए तालियां बजा रही है. सोशल मीडिया पर जय श्री राम लिखने से लेकर धार्मिक किरदारों के पोस्टर शेयर करने तक, आस्था अब सिर्फ पूजा की चीज नहीं रही, वह पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुकी है. शायद यही वजह है कि ‘हनुमान अंश’ की सुपर सक्सेस के बाद बॉलीवुड का मूड तेजी से बदला है.  साईं बाबा, जगन्नाथ, खाटू श्याम, महाकाली से लेकर रामायण तक, धार्मिक कहानियों की लंबी लाइन लग गई है. दिलचस्प यह है कि जिन विषयों से कभी बड़े स्टार और मेकर्स यह सोचकर दूरी बनाते थे कि ‘आज की जेनरेशन इसे देखेगी कौन?’, अब उसी जेनरेशन को ध्यान में रखकर करोड़ों के प्रोजेक्ट तैयार हो रहे हैं. तो क्या बदल गया है- दर्शक या बॉलीवुड का नजरिया? एक फिल्म चली और खुल गया आस्था का दरवाजा बॉलीवुड के लिए यह कोई नई बात नहीं है कि एक फिल्म की सफलता के बाद उसी तरह की कई कहानियों पर काम शुरू हो जाए. कभी एक्शन का दौर आया. फिर गैंगस्टर फिल्में चलीं. कॉमेडी का ट्रेंड आया. कंटेंट सिनेमा ने जगह बनाई. अब धार्मिक और पौराणिक कहानियों की बारी दिखाई दे रही है. ‘हनुमान अंश’ की सफलता ने मेकर्स को सबसे बड़ा भरोसा यही दिया है कि धार्मिक विषय को अगर नए अंदाज में पेश किया जाए, तो आज का दर्शक उसे खारिज नहीं करेगा. यही वजह है कि एक के बाद एक नए प्रोजेक्ट सामने आ रहे हैं. साईं बाबा, भगवान जगन्नाथ, खाटू श्याम, महाकाली और रामायण जैसे विषय बड़े पर्दे पर पहुंच रहे हैं. यानी भगवान अब सिर्फ मंदिर की घंटियों और टीवी स्क्रीन तक सीमित नहीं हैं. बॉलीवुड उन्हें सिनेमाघरों की सबसे बड़ी स्क्रीन पर लाने की तैयारी कर रहा है. और इस बार फर्क सिर्फ फिल्मों की संख्या का नहीं है. फर्क यह भी है कि इन फिल्मों के साथ बड़े नाम और बड़े सितारे जुड़ रहे हैं. कभी ‘धोती-कुर्ता और मुकुट’ से डरते थे स्टार यह बदलाव अचानक नहीं आया है. हिंदुस्तानीय सिनेमा के इतिहास में धार्मिक फिल्मों की अपनी एक लंबी और मजबूत परंपरा रही है. शुरुआती दौर में पौराणिक फिल्में सिनेमा का अहम हिस्सा थीं. ‘राजा हरिश्चंद्र’ से लेकर ‘संतोषी मां’ तक धार्मिक कहानियों ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा. क्यों हनुमान अंश और जय संतोषी माता को कंपेयर कर रहे दर्शक यानी धार्मिक सिनेमा के सफल होने का सबूत बॉलीवुड के पास पहले से था. फिर सवाल यह है कि इतने साल तक मेकर्स इससे दूर क्यों रहे? शायद इसलिए क्योंकि धार्मिक फिल्म में सिर्फ बॉक्स ऑफिस का रिस्क नहीं होता. इसमें दर्शक की आस्था का रिस्क भी होता है. और यही वजह है कि आज धार्मिक फिल्म बनाना एक साथ आसान भी हुआ है और मुश्किल भी. सोशल मीडिया ने आस्था को ‘वायरल’ कर दिया आज की जेनरेशन धार्मिक विषयों से उसी तरह जुड़ती है, जैसे वह बाकी पॉप कल्चर से जुड़ती है. इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और मीम्स ने धार्मिक किरदारों को भी डिजिटल स्पेस में पहुंचा दिया है. किसी फिल्म का एक डायलॉग वायरल होता है. कोई पोस्टर ट्रेंड करता है. किसी अभिनेता का भगवान वाला लुक सोशल मीडिया पर चर्चा में आ जाता है. यानी फिल्म रिलीज होने से पहले ही उसका एक डिजिटल दर्शक तैयार हो जाता है. ‘हनुमान अंश’ के मामले में भी सोशल मीडिया और वर्ड ऑफ माउथ ने फिल्म को लेकर माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाई. यही वह चीज है जिसे अब मेकर्स नजरअंदाज नहीं कर सकते. डॉ. द्विवेदी भी इस बदलाव को सकारात्मक नजर से देखते हैं. वह कहते हैं, “यह बहुत ही खूबसूरत दौर है. अच्छी बात है कि ऐसी चीजें अब बेबाकी से बन रही हैं.” उनके मुताबिक आज लोग अपने धर्म को लेकर ज्यादा खुलकर बात कर रहे हैं. “लोग अब जय श्री राम बोलने से हिचकते नहीं हैं, अपने धर्म को लेकर प्राउड फील करते हैं.” यानी जो बात कभी पर्दे के पीछे थी, अब वह खुले तौर पर पॉप कल्चर का हिस्सा बन रही है. लेकिन बॉलीवुड के लिए यह स्पोर्ट्स इतना आसान भी नहीं यहीं से कहानी का दूसरा और ज्यादा दिलचस्प हिस्सा शुरू होता है. धार्मिक फिल्म में अगर कहानी दर्शक को पसंद आ गई, तो फिल्म को सिर्फ सफलता नहीं मिलती. उसे एक तरह का भावनात्मक समर्थन भी मिलता है. लेकिन अगर दर्शक को लगा कि उसके आराध्य, धार्मिक ग्रंथ या परंपरा के साथ छेड़छाड़ हुई है, तो वही दर्शक सबसे बड़ा आलोचक भी बन जाता है. ‘आदिपुरुष’ इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. रामायण जैसे विषय पर बनी इस बड़े बजट की फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं. लेकिन रिलीज के बाद फिल्म के लुक, वीएफएक्स और संवादों को लेकर ऐसा विवाद हुआ कि मामला सिर्फ फिल्म की समीक्षा तक नहीं रहा. सोशल मीडिया पर जबरदस्त विरोध हुआ. धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगे और मेकर्स को विवादित संवादों में बदलाव तक करना पड़ा. डॉ चंद्रप्रकाश द्विवेदी उनके मुताबिक ऐसे विषयों पर गहरी रिसर्च जरूरी है. किताबें पढ़नी होंगी. इतिहास समझना होगा. धार्मिक मान्यताओं और लोककथाओं के बीच अंतर समझना होगा. क्योंकि इंटरनेट पर मौजूद हर जानकारी इतिहास नहीं है और हर वायरल पोस्ट धार्मिक सत्य नहीं. धार्मिक सिनेमा में क्रिएटिव फ्रीडम जरूर हो सकती है, लेकिन रिसर्च से समझौता करना सबसे महंगा पड़ सकता है. अब असली परीक्षा उन फिल्मों की है जो लाइन में हैं ‘हनुमान अंश’ ने रास्ता दिखा दिया है. अब साईं बाबा, जगन्नाथ, खाटू श्याम, महाकाली और रामायण जैसी फिल्मों की बारी है. इन फिल्मों के सामने दो तरह के दर्शक होंगे. एक वह, जो भगवान को अपने बचपन की कहानी की तरह जानता है. और दूसरा वह युवा दर्शक, जो उसी भगवान को सोशल मीडिया, रील्स और सिनेमा की भाषा में देखना चाहता है. मेकर्स की असली चुनौती इन दोनों को एक साथ जोड़ने की है. सिर्फ बड़े सेट बना देने से धार्मिक फिल्म नहीं बनेगी. सिर्फ वीएफएक्स से भगवान का संसार खड़ा नहीं होगा. और सिर्फ किसी सुपरस्टार को भगवान बना देने से दर्शक थिएटर नहीं आएगा. कहानी में भरोसा

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Explained : नया मॉडल आते ही पुराना iPhone क्यों हो गया महंगा? कैसे तय होती है आईफोन की कीमत

आमतौर पर टेक्नोलॉजी की दुनिया में नया मॉडल आते ही पुराना सस्ता हो जाता है. लेकिन इस बार एप्पल ने इस नियम को ही पलट दिया. आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स की लॉन्चिंग (iPhone 18 Launch) के बाद हिंदुस्तान में iPhone 17 की शुरुआती कीमत करीब 21 फीसदी बढ़कर ₹99,900 हो गई है. यानी जो आईफोन 17, अब तक ₹82,900 से खरीदा जा सकता था, उसके लिए अब आपको ₹17,000 ज्यादा देने होंगे. नए मॉडल की लॉन्चिंग के बाढ़ एप्पल के ऑफिशियल वेबसाइट पर आईफोन 17 की शुरुआती कीमत ₹99,900 है. ऐसे में सवाल ये है कि पुराना आईफोन (Old iPhone) महंगा क्यों हो गया? और कैसे आईफोन (iPhone Price) की कीमत तय होती है. नया आईफोन मॉडल आया तो पुराना सस्ता क्यों नहीं हुआ? आमतौर पर नया आईफोन आते ही पिछला मॉडल सस्ता हो जाता है. इसके कई कारण होते हैं, लेकिन कीमत कम होने के पीछे एक बात की चर्चा होती है कि पुराने मॉडल का स्टॉक अभी भी बचा हुआ है. हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है. दरअसल, जब तक कोई मॉडल मार्केट में रहता है, उसकी नई यूनिट्स भी बनती रहती हैं. इसलिए उसकी कीमत में बदलाव होता रहता है. चैटबॉट, एआई मॉडल और जनरेटिव एआई सेवाएं सिर्फ आपके फोन या कंप्यूटर में नहीं चलतीं. इनके पीछे विशाल डेटा सेंटर होते हैं, जहां हजारों-लाखों प्रोसेसर के साथ भारी मात्रा में तेज मेमोरी की जरूरत होती है. एआई सर्वर में इस्तेमाल होने वाली हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (High-Bandwidth Memory) यानी HBM की मांग तेजी से बढ़ी है. इसका असर स्टैंडर्ड DRAM की सप्लाई पर भी पड़ रहा है. काउंटरपॉइंट के अनुसार 2026 की पहली तिमाही में वैश्विक डीआरएएम बाजार का राजस्व एक साल में 260 फीसदी बढ़कर करीब 97 अरब डॉलर पहुंच गया. एआई डेटा सेंटर( AI Data Center) की मांग इसका एक बड़ा कारण है. मतलब आसान भाषा में कहें तो आईफोन 17 के मामले में असली स्पोर्ट्स एआई और मेमोरी का है, जिसके कारण इसकी लागत बढ़ गई है. हिंदुस्तान में कीमत और ज्यादा क्यों चुभ रही है? हिंदुस्तान में इस कहानी का एक और हिस्सा है. रॉयटर्स के मुताबिक, 2026 में एप्पल ने हिंदुस्तान में कुछ आईफोन मॉडल्स की कीमतों में दुनिया के दूसरे बाजारों के मुकाबले ज्यादा बढ़ोतरी की. आईफोन 17 का बेस मॉडल करीब 21 फीसदी महंगा हुआ, जबकि कुछ दूसरे मॉडल्स की कीमत में बढ़ोतरी 41 फीसदी तक पहुंची. हिंदुस्तान में 18 फीसदी जीएसटी और आयात से जुड़ी लागत भी फोन की कीमत को प्रभावित करती है. इसलिए आईफोन 17 के महंगा होने के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है. मेमोरी की बढ़ती कीमत, एआई की बढ़ती मांग, सीमित चिप उत्पादन क्षमता (India Chip Production Capacity) और हिंदुस्तान की टैक्स-कॉस्ट संरचना(Tax-Cost Structure of India) इन सभी कारणों का असर इसकी कीमत पर पड़ा है. कैसे तय होती है iPhone की कीमत? आईफोन की कीमत सिर्फ इस बात से तय नहीं होती कि उसे बनाने में कितना खर्च आया. फोन के अंदर लगने वाले चिप, कैमरा, डिस्प्ले और मेमोरी जैसे पार्ट्स की कीमत भी इसमें जुड़ती है. इसके अलावा फोन को बनाने और एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का खर्च, सप्लाई चेन, टैक्स और इंपोर्ट कॉस्ट भी कीमत पर असर डालते हैं. अगर इनमें से किसी चीज की लागत बढ़ती है, तो फोन की कुल कीमत भी बढ़ जाती है. इसके साथ-साथ कंपनी यह भी देखती है कि किसी देश के बाजार में फोन की कितनी मांग है और वहां किस कीमत पर उसे बेचा जा सकता है. यानी आसान भाषा में कहें तो आईफोन की कीमत सिर्फ उसके पार्ट्स की कीमत जोड़कर तय नहीं होती. फोन बनाने से लेकर ग्राहक तक पहुंचने के बीच आने वाले कई खर्च मिलकर इसकी अंतिम कीमत तय करते हैं. तो क्या आगे फोन और महंगे होंगे? काउंटरपॉइंट का अनुमान है कि मेमोरी सप्लाई की समस्या 2027 के दूसरे हिस्से तक बनी रह सकती है और दुनिया भर में एआई हर दिन काम का जरूरी हिस्सा बनता जा रहा है. इसका मतलब हुआ कि आने वाले समय में स्मार्टफोन कंपनियों के सामने दो ही रास्ते होंगे, कीमत बढ़ाना या फिर हार्डवेयर और मुनाफे में कटौती करना. यानी आने वाले समय में पूरी संभावना है कि इस बढ़ती कीमत का असर आपके स्मार्टफोन के बिल में भी दिखाई दे. ये भी पढ़ें: iPhone 18 Pro लॉन्च होते ही Apple ने हिंदुस्तान में बढ़ाए iPhone 17, iPhone Air और iPhone 16 के दाम; देखें नयी रेट लिस्ट The post Explained : नया मॉडल आते ही पुराना iPhone क्यों हो गया महंगा? कैसे तय होती है आईफोन की कीमत appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit से पहले PM मोदी का संदेश, बोले- विश्व कल्याण के लिए हो सार्थक चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS Summit से पहले संस्कृत के श्लोक के जरिए दुनिया के प्रमुख नेताओं का स्वागत किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के प्रमुख नेता BRICS Summit के लिए एक मंच पर जुटेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि सम्मेलन के दौरान विश्व कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी. विश्व कल्याण के लिए सकारात्मक संवाद पर जोर पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में सभी देश मिलकर वैश्विक हित से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा करेंगे. उन्होंने BRICS के मंच से सहयोग और सकारात्मक संवाद की भावना को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई. संस्कृत श्लोक से दिया एकता और सद्भाव का संदेश प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में संस्कृत के श्लोक के जरिए अच्छे लोगों के साथ रहने, सद्भाव बनाए रखने और सकारात्मक संगति का महत्व बताया. श्लोक में कहा गया है— “सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्.” असद्भाव से बचने और मैत्री बढ़ाने की सीख श्लोक का भाव है कि सज्जनों के साथ रहना और उनके साथ संगति करना चाहिए. अच्छे लोगों के साथ ही संवाद, मैत्री और व्यवहार रखना चाहिए तथा असद्भाव रखने वालों से दूरी बनाए रखनी चाहिए. BRICS Summit से पहले यह संदेश वैश्विक सहयोग और मैत्री की भावना को रेखांकित करता है. ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026 : आज से अगले तीन दिन दिल्ली पर रहेगी दुनिया की नजर, जानिए 11, 12 और 13 सितंबर को क्या-क्या होगा ? The post BRICS Summit से पहले PM मोदी का संदेश, बोले- विश्व कल्याण के लिए हो सार्थक चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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बारिश में जूते भीगते ही आती है बदबू? सिर्फ धूप में रखना नहीं है इलाज, ऐसे करें ड्राई

How to Dry Wet Shoes: रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसी छोटी-छोटी परेशानियां होती हैं, जिनका सही तरीका पता हो तो काम काफी आसान हो सकता है. काम की बात सीरीज में हम ऐसी ही रोजमर्रा से जुड़ी जरूरी बातें बताएंगे, जिनका इस्तेमाल आप अपनी दिनचर्या में तुरंत कर सकते हैं.  बारिश में जूते भीग जाना भी ऐसी ही एक आम परेशानी है. सड़क पर जमा पानी हो या अचानक हुई तेज बारिश, जूते कुछ ही मिनटों में पूरी तरह गीले हो जाते हैं. परेशानी तब बढ़ती है जब इन्हें घर लाकर सही तरीके से सुखाया न जाए. जूतों के अंदर बची नमी से बदबू आने लगती है और लंबे समय तक नमी रहने पर फुटवियर का मटेरियल भी खराब हो सकता है. आज “काम की बात” की इस कड़ी में जानिए बारिश में भीगे जूतों को सुखाने का आसान तरीका, ताकि अगली बार उन्हें पहनते समय बदबू परेशान न करे.  जूते भीग जाएं तो सबसे पहले क्या करें? घर पहुंचते ही गीले जूतों को बंद रैक या जूते के बॉक्स में रखने की गलती न करें. सबसे पहले जूतों से अतिरिक्त पानी निकालें और उन्हें खुली, हवादार जगह पर रखें. अगर इनसोल आसानी से निकल सकता है, तो उसे बाहर निकालकर अलग से सूखने दें. इससे जूते के अंदर की नमी निकलने में मदद मिलेगी. REI की footwear-care guidance के अनुसार, गीले जूतों को सामान्य तापमान वाली कम नमी की जगह पर सुखाना चाहिए. जल्दी सुखाने के लिए पंखे की हवा का इस्तेमाल किया जा सकता है. How to Dry Wet Shoes: क्या जूतों में अखबार भरना सही है? हां, यह जूते सुखाने का आसान तरीका है. ASICS की official shoe-care guidance के अनुसार, गीले जूतों से इनसोल निकालकर उनके अंदर अखबार भरा जा सकता है. अखबार जूते के अंदर मौजूद नमी को सोखने में मदद करता है और जूते का आकार बनाए रखने में भी मदद कर सकता है. अखबार को समय-समय पर बदलना जरूरी है. जब वह नमी से गीला हो जाए, तो उसे निकालकर सूखा अखबार डालें. इससे नमी सोखने की प्रक्रिया बेहतर तरीके से जारी रहेगी. क्या गीले जूतों को हेयर ड्रायर से सुखा सकते हैं? जल्दी सुखाने के चक्कर में जूतों पर बहुत तेज गर्म हवा देना सही नहीं है. REI के अनुसार, जूतों को किसी हीट सोर्स के पास रखने से बचना चाहिए, क्योंकि ज्यादा गर्मी से उनका आकार बिगड़ सकता है. इसलिए हेयर ड्रायर की तेज गर्म हवा, हीटर या किसी दूसरे डायरेक्ट हीट सोर्स की बजाय जूतों को सामान्य तापमान पर हवा में सुखाना बेहतर है. जरूरत हो तो पंखे की सामान्य हवा का इस्तेमाल कर सकते हैं. PC: AI Generated क्या जूतों को तेज धूप में रखना चाहिए? गीले जूतों को जल्दी सुखाने के लिए तेज धूप में रख देना हमेशा सही तरीका (How to Dry Wet Shoes) नहीं है. ASICS की shoe-care guidance में भी जूतों को डायरेक्ट धूप और हीटींग डिवाइस से दूर रखकर air-dry करने की सलाह दी गई है. इसलिए जूतों को ऐसी जगह रखें जहां हवा आती-जाती रहे और वे सीधे तेज गर्मी के संपर्क में न हों. खासकर महंगे या किसी खास मटेरियल से बने जूतों के लिए निर्माता के care instructions जरूर देखें. बदबू आने लगे तो क्या करें? जूतों के अंदर नमी लंबे समय तक रहने पर बदबू की समस्या बढ़ सकती है. इसलिए सिर्फ जूते का बाहरी हिस्सा सूखना काफी नहीं है. इनसोल को निकालकर अलग से सुखाएं और जूते के अंदर भी अच्छी तरह हवा लगने दें. REI की गाइडेंस के अनुसार, इनसोल पसीने को सोखते हैं और उनमें odor-causing bacteria के लिए अनुकूल वातावरण बन सकता है. इसलिए इन्हें भी नियमित रूप से साफ करके अच्छी तरह air-dry करना जरूरी है. अगर जूते सूखने के बाद भी बदबू बनी हुई है, तो ASICS के अनुसार जूते पूरी तरह सूखने के बाद अंदर थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा डालना गंध और बची हुई नमी को कम करने में मदद कर सकता है. यह भी पढ़ें: चंद मिनटों में खाना खत्म कर देते हैं? पंकज त्रिपाठी की 30 मिनट वाली आदत से सीखें सही तरीका The post बारिश में जूते भीगते ही आती है बदबू? सिर्फ धूप में रखना नहीं है इलाज, ऐसे करें ड्राई appeared first on Naya Vichar.

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3 विषयों के लिए जारी हुआ UGC NET आंसर की, 13 सितंबर तक करें ऑब्जेक्शन

UGC NET June 2026 Answer Key: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट जून 2026 री-एग्जाम की प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी है. यह री-एग्जाम इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के लिए आयोजित किया गया था. परीक्षा में शामिल कैंडिडेट्स अब अपनी प्रोविजनल आंसर की और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स देख सकते हैं. अगर किसी सवाल के उत्तर पर आपत्ति है, तो तय समय के अंदर Answer Key पर चैलेंज दर्ज कराया जा सकता है. 9 और 10 सितंबर को हुई थी परीक्षा NTA ने 16 अगस्त 2026 को UGC NET जून 2026 री-एग्जाम का आयोजन किया था. इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा 9 सितंबर और 10 सितंबर 2026 को देश के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर हुई थी. अब एजेंसी ने इन तीनों विषयों की प्रोविजनल आंसर की और उम्मीदवारों के रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स ऑनलाइन उपलब्ध करा दिए हैं. 13 सितंबर तक कर सकते हैं आंसर की पर ऑब्जेक्शन उम्मीदवार प्रोविजनल आंसर की देखने के बाद किसी सवाल के उत्तर से संतुष्ट नहीं हैं, तो उसके खिलाफ आपत्ति (ऑब्जेक्शन) दर्ज करा सकते हैं. आंसर की चैलेंज के लिए कैंडिडेट्स को 10 सितंबर से 13 सितंबर 2026 तक का समय दिया गया है. हर सवाल पर देनी होगी 200 रुपये फीस प्रोविजनल आंसर की को चुनौती देने के लिए कैंडिडेट्स को प्रति सवाल 200 रुपये की प्रोसेसिंग फीस देनी होगी. अगर कैंडिडेट्स की चुनौती सही पाई जाती है और NTA उसे स्वीकार कर लेता है, तो जमा की गई फीस पूरी तरह रिफंड कर दी जाएगी.उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तय समय सीमा के अंदर ही अपनी ऑब्जेक्शन दर्ज करें. लास्ट डेट के बाद आंसर की चैलेंज स्वीकार नहीं किया जाएगा. कब हुआ था UGC NET री-एग्जाम? विषय री-एग्जाम की तारीख Answer Key Challenge English 9 और 10 सितंबर 2026 10 से 13 सितंबर 2026 Commerce 9 और 10 सितंबर 2026 10 से 13 सितंबर 2026 Sociology 9 और 10 सितंबर 2026 10 से 13 सितंबर 2026 ये भी पढ़ें: Railway Technician भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित, 6557 पदों के लिए इस दिन होगा एग्जाम The post 3 विषयों के लिए जारी हुआ UGC NET आंसर की, 13 सितंबर तक करें ऑब्जेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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BRICS Summit 2026 : आज से अगले तीन दिन दिल्ली पर रहेगी दुनिया की नजर, जानिए 11, 12 और 13 सितंबर को क्या-क्या होगा ?

दिल्ली में इन दिनों हर तरफ BRICS समिट की तैयारियां दिखाई दे रही हैं. 12 और 13 सितंबर को हिंदुस्तान मंडपम में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई बड़े नेता राजधानी पहुंच रहे हैं. इसका असर सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर नहीं, बल्कि स्कूल, सड़क और आम लोगों की आवाजाही पर भी पड़ेगा. हालांकि आम लोगों को कोई दिक्कत ना हो इसके लिए 11 से 13 सितंबर तक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई प्रमुख रास्तों पर डायवर्सन और नियंत्रित आवाजाही की व्यवस्था की है. 11 सितंबर से दिल्ली में क्या बदल रहा? आज (11 सितंबर) से BRICS समिट के लिए सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह लागू है. दिल्ली के सभी स्कूलों को आज बंद रखने का फैसला किया गया है. शिक्षा निदेशालय ने यह कदम समिट के दौरान संभावित ट्रैफिक और आवाजाही की परेशानी को देखते हुए उठाया है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 11 से 13 सितंबर के लिए अलग से एडवाइजरी जारी की है. VVIP काफिलों की आवाजाही के दौरान कई सड़कों पर ट्रैफिक को कुछ समय के लिए रोका या दूसरे रास्ते पर भेजा जा सकता है. 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कें इस व्यवस्था के दायरे में हैं और 22 डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं. कल यानी 12 सितंबर सबसे अहम दिन 12 सितंबर को हिंदुस्तान मंडपम में BRICS सम्मेलन का पहला मुख्य दिन होगा. इसी दिन कई राष्ट्राध्यक्ष और दूसरे बड़े प्रतिनिधि हिंदुस्तान मंडपम पहुंचेंगे. दोपहर 2 बजे से नेताओं का पहुंचना शुरू होगा. हिंदुस्तान मंडपम के लेवल-2 पर उनका आधिकारिक फोटो भी लिया जाएगा. इसके बाद दोपहर 2:35 बजे नेताओं की बंद कमरे में बैठक होगी. इसमें दुनिया के बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. खास तौर पर इस बात पर जोर रहेगा कि दुनिया से जुड़े फैसलों में ज्यादा से ज्यादा देशों की आवाज कैसे शामिल हो और अलग-अलग देशों के बीच मिलकर काम करने को कैसे मजबूत किया जाए. शाम 4:25 बजे हिंदुस्तान इनोवेट्स नाम की प्रदर्शनी दिखाई जाएगी. इसके बाद शाम 5:05 बजे सभी नेताओं की ग्रुप फोटो होगी. इसके कुछ ही मिनट बाद, 5:10 बजे नेता पौधरोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे. दिन का आखिरी बड़ा कार्यक्रम शाम 7:30 बजे होगा. प्रधानमंत्री की ओर से विदेशी नेताओं के लिए गाला डिनर रखा गया है. VVIP मूवमेंट ज्यादा होने की वजह से मध्य दिल्ली और नई दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है.हिंदुस्तान मंडपम के आसपास के अलावा एयरपोर्ट से आने-जाने वाले रास्तों पर भी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी रहेगी. 13 सितंबर को क्या होगा? 13 सितंबर BRICS समिट का दूसरा और आखिरी दिन होगा. इस दिन भी हिंदुस्तान मंडपम के आसपास VVIP आवाजाही रहेगी और सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी. समिट का दूसरे दिन BRICS के साझेदार और दूसरे आमंत्रित देशों के नेता सुबह 9:55 बजे हिंदुस्तान मंडपम पहुंचेंगे. इसके बाद सुबह 10:35 बजे सभी नेताओं की ग्रुप फोटो होगी. फिर सुबह 10:50 बजे समिट का ओपन सेशन शुरू होगा. इस दौरान नेता खुले मंच से अपनी बात रखेंगे. इसमें अहम मुद्दों पर चर्चा के साथ बड़े ऐलान भी हो सकते हैं. यानी 13 सितंबर को समिट अपने आखिरी दौर में पहुंचेगा और दिन के कार्यक्रमों के साथ इस साल का BRICS शिखर सम्मेलन भी खत्म हो जाएगा. 35 से ज्यादा सड़कों पर VVIP मूवमेंट समिट के दौरान सरदार पटेल मार्ग, तीन मूर्ति मार्ग, अकबर रोड, मथुरा रोड, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंभा रोड और दूसरी प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक नियंत्रित किया जा सकता है. हालांकि इन सभी सड़कों को पूरे समय बंद रखने की जानकारी नहीं है. VVIP काफिले की जरूरत के हिसाब से कुछ समय के लिए आवाजाही रोकी या डायवर्ट की जाएगी. एयरपोर्ट जाने वालों के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मेट्रो को बेहतर विकल्प बताया है. सड़क से जाने पर VVIP मूवमेंट के कारण अचानक ट्रैफिक रुक सकता है, इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है। सुरक्षा में हजारों जवान, 4,800 पुलिसकर्मी संभालेंगे ट्रैफिक BRICS समिट के लिए दिल्ली में सुरक्षा का इंतजाम कई स्तरों पर किया गया है.दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री को मिलाकर करीब 25,000 से 30,000 सुरक्षाकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे है. हिंदुस्तान मंडपम और VVIP रूट के आसपास मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था है. CCTV, एंटी-ड्रोन सिस्टम और दूसरी तकनीकी निगरानी के जरिए भी नजर रखी जा रही है. 11, 12 और 13 सितंबर को आम दिल्ली वालों के लिए क्या बदलेगा? 11 से 13 सितंबर के बीच अगर आपका सफर नई दिल्ली, हिंदुस्तान मंडपम, एयरपोर्ट या VVIP रूट के आसपास है तो निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें. जरूरी न हो तो इन इलाकों से गुजरने से बचें. एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने वालों को खास तौर पर समय लेकर निकलना चाहिए. मेट्रो का इस्तेमाल करने से सड़क पर होने वाले अचानक डायवर्जन से बचा जा सकता है. कुल मिलाकर, अगले तीन दिन दिल्ली के लिए सामान्य दिनों से अलग रहने वाले हैं. BRICS समिट के चलते सुरक्षा सबसे ऊपर रहेगी, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की कोशिश है कि VVIP मूवमेंट के बीच आम लोगों की आवाजाही को जितना संभव हो, सामान्य रखा जाए.  ये भी पढ़ें: कैसे हुई थी BRICS की शुरुआत ? समझिए हिंदुस्तान के लिए क्यों खास है 2026 का शिखर सम्मेलन The post BRICS Summit 2026 : आज से अगले तीन दिन दिल्ली पर रहेगी दुनिया की नजर, जानिए 11, 12 और 13 सितंबर को क्या-क्या होगा ? appeared first on Naya Vichar.

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