Hot News

मुख्य खबर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

घूमने का प्लान पड़ेगा भारी, 27 मई का पेट्रोल-डीजल रेट देखकर ही निकालें अपनी गाड़ी!

Petrol Diesel Price Today 27 May 2026: दुनिया भर में चल रहे ईरान संकट और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इसका सीधा असर अब हमारी जेब पर दिखने लगा है. सोमवार को पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. पिछले दो हफ्तों से भी कम समय में यह चौथी बढ़ोतरी है, जिसके कारण 15 मई से अब तक तेल के दाम करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं. इस तेजी की वजह से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के आंकड़े को पार कर गई है.  पेट्रोल की नई कीमतें क्या हैं? इस ताजा बदलाव के बाद देश के बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम काफी बढ़ गए हैं. दिल्ली में आज एक लीटर पेट्रोल 102.12 रुपये में मिल रहा है. मुंबई में यह आंकड़ा 111.21 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है. हालांकि यहां कल के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113.47 रुपये प्रति लीटर है, जबकि चेन्नई में यह 108.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है.  पेट्रोल रेट टेबल: शहर आज का रेट (प्रति लीटर) कल का रेट (प्रति लीटर) बदलाव लखनऊ ₹101.89 ₹101.86 +0.03 नोएडा ₹101.92 ₹102.38 -0.46 पटना ₹113.65 ₹113.35 +0.30 भागलपुर ₹114.78 ₹114.14 +0.64 दरभंगा ₹114.07 ₹114.07 0.00 गया ₹114.32 ₹114.43 -0.11 मुजफ्फरपुर ₹114.16 ₹114.18 -0.02 देवघर ₹104.99 ₹104.95 +0.04 धनबाद ₹105.48 ₹105.30 +0.18 जमशेदपुर  ₹105.22 ₹105.22 0.00 रांची ₹105.26 ₹105.75 -0.49 नई दिल्ली ₹102.12 ₹102.12 0.00 कोलकाता ₹113.47 ₹113.47 0.00 मुंबई ₹111.21 ₹111.21 0.00 चेन्नई ₹108.20 ₹107.87 +0.33 गुरुग्राम  ₹102.84 ₹102.59 +0.25 बेंगलुरु ₹110.93 ₹110.93 0.00 भोपाल ₹114.65 ₹114.43 +0.22 डीजल के दाम कहां तक पहुंचे? डीजल की कीमतों में भी भारी उछाल आया है, जिससे माल ढुलाई महंगी होने की आशंका है. दिल्ली में आज डीजल का भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गया है. मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है. कोलकाता में इसकी कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर है, जबकि चेन्नई में यह 99.98 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है, जो कल से 32 पैसे अधिक है.  डीजल रेट टेबल: शहर आज का रेट (प्रति लीटर) कल का रेट (प्रति लीटर) बदलाव लखनऊ ₹95.36 ₹95.36 0.00 नोएडा ₹95.37 ₹95.85 -0.48 पटना ₹99.65 ₹99.36 +0.29 भागलपुर ₹100.68 ₹100.08 +0.60 दरभंगा ₹100.02 ₹100.02 0.00 गया ₹100.27 ₹100.38 -0.11 मुजफ्फरपुर ₹100.11 ₹100.13 -0.02 देवघर ₹100.21 ₹100.15 +0.06 धनबाद ₹100.66 ₹100.51 +0.15 जमशेदपुर  ₹100.42 ₹100.42 0.00 रांची ₹100.49 ₹100.89 -0.40 नई दिल्ली ₹95.20 ₹95.20 0.00 कोलकाता ₹99.82 ₹99.82 0.00 मुंबई ₹97.83 ₹97.83 0.00 चेन्नई ₹99.98 ₹99.66 +0.32 गुरुग्राम  ₹95.51 ₹95.27 +0.24 बेंगलुरु ₹98.80 ₹98.80 0.00 भोपाल ₹99.74 ₹99.55 +0.19 ये भी पढ़ें: टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस नहीं चाहिए? तो फटाफट इन 5 तरीकों से करें ITR वेरिफाई The post घूमने का प्लान पड़ेगा भारी, 27 मई का पेट्रोल-डीजल रेट देखकर ही निकालें अपनी गाड़ी! appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रांची से लापता हुए मासूम भाई-बहन, भाई को लगना था चौथा एंटीरेबीज इंजेक्शन 

Ranchi News : झारखंड के रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र सेक्टर-1 स्थित पटेल नगर निवासी चिरंजीव महतो का छह वर्षीय बेटा युवांश उर्फ तूफान और 10 वर्षीय बेटी रोशनी कुमारी 25 मई की दोपहर 1:00 बजे के बाद से लापता हैं. 26 मई को पिता ने जगन्नाथपुर थाना में लापता बच्चों के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई है. सूचना देने की अपील बच्चों के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर पिता को  9572650742 और जगन्नाथपुर थाना के नंबर 9431706169 पर तुरंत संपर्क करें. आपकी एक सूचना बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती है. लापता युवांश को लोग तूफान के नाम से बुलाते हैं  लापता युवांश को मुहल्ले और झोपड़ी मार्केट की दुकान के आसपास के लोग तूफान नाम से बुलाते हैं. पिता ने बताया कि युवांश खाने का बहुत शौकीन है. कभी चाउमिन, कभी फुचका, तो कभी अन्य खाने की चीजें खरीद कर खाता रहता था. पिता के मुताबिक, एक मई को घर के पास स्पोर्ट्सने के दौरान युवांश को एक कुत्ते ने काट लिया था. इसके बाद उसे रेबीज का इंजेक्शन दिलाया जा रहा है. एक मई, चार मई, आठ मई को इंजेक्शन लग चुका था. अगला इंजेक्शन 29 मई को पड़ने वाला है. टीका नहीं लगने से शिशु की जान को खतरा हो सकता है. सीसीटीवी फुटेज में दिखे दोनों शिशु पुलिस बच्चों की तलाश में जुट गई है. वहीं, ‘नया विचार’ की टीम ने भी मामले की पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस के साथ ‘नया विचार’ की टीम ने भी बच्चों के घर के आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालना शुरू किया. इस दौरान घर से करीब 800 मीटर दूर लगे एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में दोनों शिशु देखे गए. पुलिस ने रांची और हटिया रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों का फुटज भी खंगाला. फुचका खाते दिखे थे तीन शिशु झोपड़ी मार्केट के पास एक दुकानदार ने बताया कि कुल तीन शिशु पास की दुकान में फुचका खा रहे थे. इसके बाद वे कहीं चले गए. इधर, सिटी एसपी पारस राणा मंगलवार शाम लापता बच्चों के घर पहुंचे और परिजन से घटना की जानकारी ली. परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ चिरंजीव महतो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के झालदा के रहने वाले हैं. वे सुधा डेयरी में ऑपरेटर के तौर पर काम करते हैं. वे 10 साल से रांची में रह रहे हैं. जबकि तीन साल से वह परिवार के साथ सेक्टर-1 के पटेल नगर स्थित एक छोटे से मकान में रह रहे हैं. परिवार काफी गरीब है. छोटे छोटे दो कमरे के एसबेस्टस वाले घर में किसी तरह गुजर-बसर करता है. सब्जी बेचती है बच्चों की मां पत्नी रूपाली खलखो गुरुवार और रविवार को सेक्टर-2 में सब्जी बेचती है. जबकि, अन्य दिनों में झोपड़ी मार्केट, पंचमुखी बाजार में सब्जी की दुकान लगाती है. रूपाली ने बताया कि दोनों शिशु धुर्वा स्थित गायत्री मंदिर स्कूल में पढ़ते हैं. युवांश पहली और रोशनी तीसरी कक्षा में है. एक और छोटा बेटा है, जो मां के साथ रहता है. यह भी पढ़ें: धनबाद जेल पहुंचकर रजनी रवानी से मिले सांसद ढुल्लू महतो, सीबीआई जांच कराने की कही बात यह भी पढ़ें: दो हफ्ते के अंदर जोजोबाटा में लगेगा चापाकल, अधिकारियों के साथ पहुंचे विधायक दशरथ गागराई The post रांची से लापता हुए मासूम भाई-बहन, भाई को लगना था चौथा एंटीरेबीज इंजेक्शन  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

आज राजस्थान के सामने हैदराबाद की चुनौती, हारने वाली टीम हो जाएगी IPL 2026 से बाहर

Eliminator 2026: सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स एलिमिनेटर मुकाबले में आईपीएल 2026 का एलिमिनेटर मैच स्पोर्ट्सा जाएगा. यह मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा. इस मैच में जो भी टीम हारेगी, वह टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी. वैभव सूर्यवंशी रच सकते हैं इतिहास इस मैच में राजस्थान के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पास एक बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका है. वे एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं. यह रिकॉर्ड फिलहाल क्रिस गेल के नाम है. जिन्होंने 2012 में बेंगलुरु की तरफ से स्पोर्ट्सते हुए 59 छक्के लगाए थे. वैभव इस सीजन में अब तक 53 छक्के लगा चुके हैं. उन्हें गेल का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 7 छक्कों की जरूरत है. राजस्थान की आखिरी जीत राजस्थान रॉयल्स के लिए सनराइजर्स हैदराबाद की चुनौती आसान नहीं होने वाली है. रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो पलड़ा हैदराबाद का भारी दिख रहा है. राजस्थान की टीम पिछले 6 मैचों से हैदराबाद को नहीं हरा पाई है. राजस्थान को हैदराबाद के खिलाफ आखिरी जीत 2 अप्रैल 2023 को मिली थी, जब उन्होंने हैदराबाद को उनके ही घर में 72 रनों से हराया था. 2024 के सीजन में भी हैदराबाद ने ही क्वालिफायर-2 मैच में राजस्थान को हराकर फाइनल का टिकट काटा था. हालांकि, हैदराबाद फाइनल में कोलकाता से हार गई थी. दोनों टीमों के बीच अब तक 23 आईपीएल मैच स्पोर्ट्से जा चुके हैं. इनमें 23 मैचों में से 14 मैच हैदराबाद ने जीते हैं. पिच रिपोर्ट मुल्लांपुर के महाराजा यादविंदर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों को एक बार फिर हाई-स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकता है. यहाँ स्पोर्ट्से गए पिछले तीनों मैचों में टीमों ने 200 रन से ज्यादा का स्कोर बनाया है. इन तीन मैचों में से दो बार बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है. एक बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने मैच जीता है. मौसम का हाल मैच के दिन तापमान 25°C से 45°C के बीच रहने का अनुमान है. इतनी तेज गर्मी और उमस के कारण खिलाड़ियों को मैदान पर काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. दोनों टीमों की संभावित खिलाड़ी (12) हैदराबाद: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासन, सलील अरोड़ा, स्मरण रविचंद्रन, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, शिवांग कुमार, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन, ट्रैविस हेड. राजस्थान: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, शुभम दुबे, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, यश राज पुंजा, बृजेश शर्मा, रवींद्र जडेजा.  यह भी पढ़े- 6 गेंद पर 6 छक्के, ऑडी कार का इनाम और 31 की उम्र में संन्यास; ऐसी रही हिंदुस्तानीय दिग्गज की कहानी The post आज राजस्थान के सामने हैदराबाद की चुनौती, हारने वाली टीम हो जाएगी IPL 2026 से बाहर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

28 मई को इस्तीफा दे सकते हैं सिद्धरमैया! शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री; सामने आया बड़ा अपडेट

Siddaramaiah Karnataka CM Resign: कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर एक बार फिर नेतृत्वक हलचल तेज हो गई है. दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की अहम बैठक और उसके बाद राहुल गांधी व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अलग मुलाकात ने सत्ता परिवर्तन की अटकलों को और हवा दे दी है. हालांकि पार्टी की ओर से फिलहाल किसी भी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की  मानें तो 28 मई को सिद्धरमैया बड़ा ऐलान कर सकते हैं.  मंगलवार को राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली में एक बड़ी बैठक की, लेकिन इस बैठक के नेतृत्वक मायने सिर्फ चुनावी रणनीति तक सीमित नहीं माने जा रहे हैं. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल मौजूद रहे. राहुल गांधी और सिद्धारमैया की अलग बैठक ने बढ़ाई हलचल एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक खत्म होने के बाद राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से अलग से मुलाकात की. इस बातचीत में कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा हुई. पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया के सामने सत्ता परिवर्तन का रास्ता तैयार करने की जरूरत रखी. हालांकि उन्हें पद छोड़ने के लिए कोई समयसीमा नहीं दी गई है. चर्चा के दौरान कई विकल्पों पर विचार हुआ. इन विकल्पों में एक संभावना यह भी बताई जा रही है कि सिद्धारमैया को कर्नाटक से राज्यसभा भेजकर राष्ट्रीय नेतृत्व में सक्रिय भूमिका दी जाए. हालांकि इस पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी और सिद्धारमैया के बीच अगले दौर की बातचीत के बाद ही पार्टी कोई स्पष्ट रोडमैप तैयार करेगी. गुरुवार, 28 मई को इस्तीफा दे सकते हैं सिद्धरमैया हालांकि, देर रात आई द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं या नहीं, इस पर वह 28 मई को अपना रुख साफ कर सकते हैं. इंडिया टुडे और डेक्कन हेराल्ड ने अपनी-अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि सिद्धरमैया 28 मई को रिजाइन कर सकते हैं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धरमैया गुरुवार, 28 मई को अपने बंगलुरु आवास पर एक प्रेस कांफ्रेंस कर सकते हैं. लीडरशिप बदलने की प्रक्रिया और सत्ता हस्तांतरण करवाने के लिए दिल्ली से रणदीप सुरजेवाला बुधवार को बंगलुरु जा सकते हैं. वहीं, एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में कहा गया कि शिवकुमार अभी दिल्ली में हैं. वह गुरुवार को ब्रेकफास्ट पर सिद्धरमैया से बंगलुरु में मुलाकात करेंगे, इसके बाद सिद्धरमैया इस्तीफा देंगे. हालांकि, कांग्रेस पार्टी के भीतर यह भी कहा जा रहा है कि अगर सिद्धारमैया इस प्रस्ताव पर सहमत होते हैं, तब भी उन्हें तुरंत मुख्यमंत्री पद छोड़ने की जरूरत नहीं होगी. डीके शिवकुमार की दावेदारी फिर चर्चा में कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तब से लगातार चल रही हैं, जब नवंबर 2025 में प्रशासन ने अपना ढाई साल का कार्यकाल पूरा किया था. उसी समय से उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थक लगातार यह दावा करते रहे हैं कि अगला मौका उन्हें मिलेगा. अब दिल्ली में हुई बैठकों के बाद एक बार फिर उनकी दावेदारी चर्चा के केंद्र में आ गई है. केसी वेणुगोपाल ने अटकलों को बताया बेबुनियाद इससे पहले, दिल्ली में 7 घंटे चली मैराथन बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बैठक पूरी तरह राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर केंद्रित थी. उन्होंने कहा, ‘आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ विस्तृत चर्चा हुई. इसमें सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार, रणदीप सिंह सुरजेवाला और मैं शामिल था. पूरी चर्चा सिर्फ आगामी चुनावों को लेकर हुई.’ उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि लोग जो चर्चा कर रहे हैं, वह सिर्फ अटकलें हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक की राज्यसभा और परिषद सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के साथ की जाएगी. हालांकि, सिद्धरमैया के इस्तीफे वाला अपडेट वेणुगोपाल के बयान के बाद आया है.  बीजेपी ने कांग्रेस प्रशासन पर साधा निशाना बीजेपी सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कर्नाटक की नेतृत्वक स्थिति पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि राज्य प्रशासन अंदरूनी खींचतान की वजह से गिरने की कगार पर पहुंच गई है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस प्रशासन बनने के बाद से वहां सबसे बड़ा मुद्दा यही है कि मुख्यमंत्री कौन रहेगा और किसे हटाया जाएगा. मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं.’  मनन कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो चुके हैं और जनता परेशान है. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस विवाद का हल नहीं निकाल पा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक के अलावा केरल और तेलंगाना में भी कांग्रेस के भीतर असंतोष बढ़ रहा है. मंगलवार दिनभर का घटनाक्रम एक नजर में कांग्रेस हाईकमान ने राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव को लेकर अहम बैठक बुलाई बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार, रणदीप सिंह सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल शामिल रहे बैठक के बाद राहुल गांधी और सिद्धारमैया के बीच अलग से वन-टू-वन चर्चा हुई सूत्रों के मुताबिक, नेतृत्व परिवर्तन और सिद्धारमैया की संभावित नई भूमिका पर चर्चा हुई राज्यसभा के जरिए सिद्धारमैया को राष्ट्रीय नेतृत्व में भेजने का विकल्प भी सामने आया कांग्रेस ने फिलहाल किसी बदलाव से इनकार किया बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस प्रशासन पर अंदरूनी कलह और विकास ठप होने का आरोप लगाया कांग्रेस हाईकमान की बैठक से बढ़ीं नेतृत्वक चर्चाएं ये भी पढ़ें:- अब सुखेंदु शेखर रॉय के बागी तेवर, बोले- बंगाल में अराजकता का हुआ अंत, क्या ममता बनर्जी के करीबियों पर गिरेगी गाज? कांग्रेस के लिए क्यों आसान नहीं है फैसला? पार्टी सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया को मनाए बिना कांग्रेस नेतृत्व के लिए सत्ता परिवर्तन का फैसला लागू करना आसान नहीं होगा. वह फिलहाल कांग्रेस शासित चार राज्यों में एकमात्र अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से आने वाले मुख्यमंत्री हैं. इसके अलावा कर्नाटक में उनका AHINDA (अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित समुदाय) सामाजिक समीकरण पर मजबूत पकड़ मानी जाती है. यही वजह है कि कांग्रेस नेतृत्व किसी जल्दबाजी से बचना चाहता है. माना जा रहा है कि हाल के विधानसभा चुनावों

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Welcome To The Jungle: 103 डिग्री बुखार में भी अक्षय कुमार ने किया ‘घिस घिस घिस’ गाने का शूट, अक्षरा सिंह ने सुनाया किस्सा

Welcome To The Jungle: बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’अक्षय कुमार अपनी नई फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर इन दिनों चर्चा में हैं. हाल ही में फिल्म का नया गाना ‘घिस घिस घिस’ रिलीज हुआ है, जिसमें अक्षय कुमार भोजपुरी अंदाज में गाते और डांस करते नजर आ रहे हैं. इस गाने में उनके साथ भोजपुरी इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस अक्षरा सिंह भी दिखाई दे रही हैं. अब अक्षरा सिंह ने खुलासा किया है कि गाने की शूटिंग के दौरान अक्षय कुमार को तेज बुखार था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पूरी मेहनत और एनर्जी के साथ शूट पूरा किया. 103 डिग्री बुखार में भी अक्षय कुमार ने किया कमाल अक्षरा सिंह ने बताया कि जब इस गाने की शूटिंग चल रही थी, तब अक्षय कुमार को 103 डिग्री का बहुत तेज बुखार था. इतनी तेज तबीयत खराब होने के बावजूद अक्षय कुमार की एनर्जी में कोई कमी नहीं थी. उन्होंने बिना किसी नखरे के पूरा गाना शूट किया. अक्षरा ने हंसते हुए कहा कि हमारी भोजपुरी इंडस्ट्री के हीरो जितना नखरा दिखाते हैं, अक्षय सर उसके बिल्कुल उलट हैं. उन्हें देखकर अक्षरा को बहुत कुछ सीखने को मिला. यहां देखें गाने का पूरा वीडियो- जब अक्षय कुमार ने अक्षरा के लिए स्टैंड लिया अक्षरा ने सेट की एक बहुत प्यारी बात शेयर की. उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान टीम के लोगों ने उनसे ‘घाघरा चोली’ पहनने को कहा, क्योंकि लोगों को लगता है कि भोजपुरी हीरोइनें सिर्फ वही पहनती हैं. अक्षरा को यह बात पसंद नहीं आई और उन्होंने थोड़ा सा मुंह बनाया. दूर खड़े अक्षय कुमार ने यह देख लिया. वह तुरंत टीम के पास आए और बोले, “इसे छोड़ो, इसे जिसमें आराम मिले वही पहनने दो. इसका जो मन कर रहा है, इसे वो पहनने की आजादी दो.” अक्षय कुमार की इस बात ने अक्षरा का दिल जीत लिया. अक्षय कुमार ने सीखी भोजपुरी भाषा अक्षरा ने बताया कि गाने की शूटिंग के दौरान अक्षय कुमार लगातार उनसे पूछ रहे थे कि भोजपुरी लाइनों को सही तरीके से कैसे बोलना है और उसका क्या मतलब होता है. अक्षरा के लिए यह बहुत गर्व की बात थी कि इतना बड़ा एक्टर उनसे भोजपुरी सीख रहा था. इसके अलावा, गाने के मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य ने भी अक्षरा की तारीफ की और अपनी टीम से कहा कि अक्षरा बहुत कमाल की कलाकार हैं, उन्हें सिखाने की जरूरत नहीं है. अक्षरा ने कहा कि अब बॉलीवुड में भोजपुरी भाषा को बहुत सम्मान मिल रहा है, जिससे वह बेहद खुश हैं. यह भी पढ़ें: Chunnari Chunnari Song: सलमान खान के आइकॉनिक गाने पर वरुण धवन का धमाका, रिलीज हुआ ‘चुनरी चुनरी’ का नया वर्जन The post Welcome To The Jungle: 103 डिग्री बुखार में भी अक्षय कुमार ने किया ‘घिस घिस घिस’ गाने का शूट, अक्षरा सिंह ने सुनाया किस्सा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गुरुवार को पुरुषोत्तम मास का पहला तेरस, बाबा बैद्यनाथ मंदिर में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़

देवघर से संजीत मंडल की रिपोर्ट Deoghar News: पुरुषोत्तम मास का पहला तेरस गुरुवार को पड़ रहा है. इस विशेष अवसर पर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. तेरस को लेकर बाबा नगरी में आध्यात्मिक माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंच रहे हैं. कई श्रद्धालु बुधवार रात से ही बाबा मंदिर के आसपास डेरा जमाए हुए हैं, ताकि गुरुवार सुबह जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर सकें. तेरस पर शिव पूजा का विशेष महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की आराधना के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है. इस माह में आने वाली तेरस तिथि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, व्रत, जप और दान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है तथा सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है. श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ को जल, बेलपत्र, धतूरा, दूध और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे. स्थानीय पंडितों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में की गई पूजा कई गुना फलदायी मानी जाती है. यही वजह है कि इस अवसर पर दूर-दराज से श्रद्धालु बाबा नगरी पहुंचते हैं. मंदिर परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए बाबा मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. मंदिर परिसर में सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. मंदिर प्रशासन की ओर से कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था को मजबूत किया गया है. श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि दर्शन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो. वहीं भीड़ नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती का फैसला लिया है. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाएगी. श्रद्धालु करेंगे जलाभिषेक और विशेष पूजा तेरस के अवसर पर श्रद्धालु सुबह से ही बाबा मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे. कई भक्त सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर देवघर पहुंचे हैं और बाबा भोलेनाथ को अर्पित करेंगे. मंदिर परिसर में दिनभर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंजते रहेंगे. कई श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना करेंगे और रात्रि में दीपदान, भजन-कीर्तन तथा धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे. पुरुषोत्तम मास में बढ़ जाती है धार्मिक आस्था धार्मिक ग्रंथों में पुरुषोत्तम मास को विशेष पुण्य का महीना माना गया है. इस दौरान लोग पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों में अधिक रुचि लेते हैं. देवघर आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि पुरुषोत्तम मास में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. स्थानीय कारोबार में भी आई रौनक श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से देवघर के स्थानीय बाजारों और छोटे कारोबारियों में भी उत्साह देखा जा रहा है. पूजा सामग्री, फूल-माला, प्रसाद और धार्मिक वस्तुओं की दुकानों पर सुबह से ही भीड़ लगी रही. होटल, धर्मशाला और वाहन चालकों को भी श्रद्धालुओं की भीड़ का लाभ मिल रहा है. व्यापारियों का कहना है कि पुरुषोत्तम मास और तेरस के अवसर पर हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय वित्तीय स्थिति को भी सहारा मिलता है. इसे भी पढ़ें: नोवामुंडी में सामने आई इंसानियत को झकझोरती तस्वीर, डालसा से जागी मदद की उम्मीद प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति ने श्रद्धालुओं से सहयोग और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है. प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालु कतारबद्ध तरीके से दर्शन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. साथ ही लोगों से गर्मी को देखते हुए पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की भी अपील की गई है, ताकि पूजा-अर्चना के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो. इसे भी पढ़ें: दो नाबालिग लड़कियों से गैंगरेप मामले में नौ आरोपी दोषी करार, 30 मई को होगी सजा पर सुनवाई The post गुरुवार को पुरुषोत्तम मास का पहला तेरस, बाबा बैद्यनाथ मंदिर में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़ appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रोक लें बच्चे की मोबाइल देखकर खाना खाने की आदत, वरना बहुत पछताएंगे; होगा भारी नुकसान

Parenting Tips: आज के समय में आपको एक चीज आपको लगभग सभी घरों में देखने को मिल जाएगी. यह चीज और कुछ नहीं है बल्कि खाना खाते समय बच्चों के हाथों में स्मार्टफोन या फिर मोबाइल का होना है. आप खुद अपने घर पर यह चीज देख सकते हैं कि जैसे ही आपका बच्चा खाने बैठता है उसके हाथों में या तो स्मार्टफोन होता है या फिर उसकी नजरें टीवी की स्क्रीन पर टिकी हुई रहती हैं. कई बार शिशु इसके लिए जिद करते हैं तो कई बार माता-पिता ही बच्चों को जल्दी खाना खिलाने के चक्कर में उनके हाथों में स्मार्टफोन पकड़ा देते हैं. शुरूआती दौर में पैरेंट्स को लगता है कि इसकी वजह से शिशु जल्दी खाना खा लेंगे लेकिन धीरे-धीरे उनकी यही आदत एक बड़ी समस्या बन जाती है. शिशु का पूरा ध्यान स्मार्टफोन की स्क्रीन पर होता है और इस वजह से अक्सर वह बिना समझे और ठीक से चबाए खाना खा लेता है. अगर उसकी यह आदत सुधारी न जाए तो इसका असर सिर्फ उसके सेहत पर नहीं पड़ता है, इसका सीधा असर उसके सोचने और सीखने की कैपिसिटी पर भी पड़ने लगता है. अगर आपके शिशु भी स्मार्टफोन देखे बिना खाना नहीं खाते हैं, तो आज की यह आर्टिकल आपके लिए ही है. आज हम आपको कुछ ऐसे नुकसानों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं जो उसे इस आदत की वजह से हो सकती है. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं. ध्यान भटकने से डाइजेशन पर पड़ता है असर जब आपका बच्चा खाना खाते हुए स्क्रीन की तरफ देखता रहता है तो उसके पूरा ध्यान खीने के कप नहीं रहता है. कई बार वह बिना चबाए या फिर ठीक से खाना को समझे हुए भी उसे खा लेता है. अगर ऐसा हो तो डाइजेशन प्रोसेस भी सही से पूरा नहीं हो पाता है. बार-बार ऐसा होते रहने से शिशु को गैस, पेट दर्द और अपच जैसी प्रॉब्लम्स होने लग जाती हैं. ऐसा न हो इसलिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आपका बच्चा अपना ध्यान स्मार्टफोन के ऊपर नहीं बल्कि खाना खाते समय अपना पूरा ध्यान खाने के ऊपर रखे. खाने की आदतें हो जाती हैं खराब अक्सर ऐसा होता है कि मोबाइल देखते-देखते हुए बच्चा जरूरत से ज्यादा खाने लग जाता है, या फिर कई बार ऐसा भी होता है कि ध्यान न लगने की वजह से वह कम खाना खाकर भी उठ जाता है. मोबाइल पर ध्यान होने की वजह से उसे यह समझ ही नहीं आता है कि उसने कितना खाना खा लिया है. अगर बच्चा मोबाइल देखते हुए ज्यादा खाने लग जाए तो इसकी वजह से उसे ओवरईटिंग की प्रॉब्लम भी हो सकती है, जो आगे चलकर उसके मोटापे का भी कारण बन सकती है. परिवार से दूरी और बातचीत की कमी खाना सिर्फ आपके पेट को भरने का काम नहीं करता है, यह परिवार के साथ समय बिताने का भी एक जबरदस्त मौका होता है. लेकिन जब आपका बच्चा खाना खाते समय अपना पूरा ध्यान मोबाइल फोन पर टिकाकर रखता है, तो फैमिली मेंबर्स के साथ उसे बात करने का मौका भी नहीं मिल पाता है. अगर इस आदत को समय रहते सुधारा न जाए तो उसके अंदर सोशल स्किल्स सही से डेवलप भी नहीं हो पाती है. कई मामलों में शिशु आगे चलकर अकेला रहना भी पसंद करने लग जाते हैं. मेंटल डेवलपमेंट पर निगेटिव अफेक्ट जब बच्चा खाना खाते समय लगातार स्मार्टफोन की तरफ देखता रहता है, तो उसका दिमाग पूरी तरह से स्क्रीन पर ही फोकस्ड रहने लगता है. ऐसा होने की वजह से उसका कंसंट्रेशन कम होने लग जाता है. अगर वह सही से कंसन्ट्रेट नहीं कर पाएगा तो उसका ध्यान कभी भी पढ़ाई और अन्य एक्टिविटीज पर सही तरीके से नहीं लग पाएगा. उसकी यह आदत आगे चलकर उसकी चीजों को सीखने की कैपिसिटी को अफेक्ट कर सकती है. ये भी पढ़ें: छोटी उम्र में ही कैविटी से खराब हो रहे हैं शिशु के दांत? जानिए इसकी वजह और बचाव के तरीके The post रोक लें शिशु की मोबाइल देखकर खाना खाने की आदत, वरना बहुत पछताएंगे; होगा भारी नुकसान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

हिमाचल में भड़की भीषण आग: कंडाघाट के जंगल धधके, शिमला में दुकान 

Himachal Pradesh Fire: हिमाचल प्रदेश में आग की दो अलग-अलग घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. सोलन जिले के कंडाघाट क्षेत्र में जहां जंगलों में भीषण आग फैल गई, वहीं शिमला के छोटा शिमला इलाके में एक दुकान में लगी आग से भारी नुकसान हुआ. दोनों घटनाओं में राहत की बात यह रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई. कंडाघाट के क्यारीघाट इलाके में धधके जंगल मंगलवार को सोलन जिले के कंडाघाट स्थित क्यारीघाट गांव के आसपास अचानक भीषण वनाग्नि फैल गई. देखते ही देखते आग ने पहाड़ी इलाके के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया. जंगलों से उठता धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था, जबकि तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई. स्थिति गंभीर होते देख प्रशासन हरकत में आया और आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं. स्थानीय ग्रामीण भी आग बुझाने के प्रयासों में जुट गए. दमकल कर्मियों और गांववालों ने मिलकर आग को फैलने से रोकने की कोशिश की. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ ध्रुव चौहान ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि पिछले 3-5 दिनों से सोलन के जंगलों में आग लगी हुई है. इसकी वजह से भारी मात्रा में बायोडाइवर्सिटी को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से कार्रवाई करने की मांग की. Continuous forest fires in Solan , Himachal Pradesh for the last 3 -5 days A huge number of biodiversity destroyed What are you doing @SukhuSukhvinder ? Save the Himachal for God sake ! pic.twitter.com/KIooEtnWDc — Dr.Dhruv Chauhan (@DrDhruvchauhan) May 26, 2026 छोटा शिमला में दुकान में लगी आग इससे पहले मई महीने में छोटा शिमला में हिमाचल प्रदेश सचिवालय के पास एक दुकान में आग लगने की घटना सामने आई थी. आग लगने से दुकान के अंदर रखा सामान और लकड़ी का ढांचा बुरी तरह जल गया. घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई की. मौके पर दो फायर टेंडर भेजे गए, जिनकी मदद से आग पर काबू पा लिया गया. राहत की बात यह रही कि आग आसपास की दूसरी दुकानों और इमारतों तक नहीं फैल सकी. गुरुद्वारे के पास निर्माण स्थल से मिली थी सूचना फायर स्टेशन चुल्हासन के सब-फायर ऑफिसर भगत राम ठाकुर ने बताया कि क्षेत्रीय अग्निशमन अधिकारी नितिन दीवान से उन्हें गुरुद्वारे के पास एक निर्माण स्थल पर आग लगने की जानकारी मिली थी. सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया. प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि आग की शुरुआत दुकान के भीतर लगे इलेक्ट्रिकल पैनल से हुई हो सकती है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की असली वजह की जांच अभी जारी है. भगत राम ठाकुर ने कहा, ‘आग को पूरी तरह बुझा दिया गया है. घटना के सही कारणों की जांच की जा रही है. इस हादसे में किराएदार को काफी नुकसान हुआ है.’ ये भी पढ़ें:- सैटेलाइट डेटा में खुलासा: गंगा के मैदानों का धुआं हिमालय तक पहुंचा; बिहार-बंगाल सबसे बड़े हॉटस्पॉट दुकानदार ने बताया कैसे लगी आग दुकान के मालिक मोनू गुप्ता ने बताया कि जब आग लगी तब वह दुकान पर मौजूद नहीं थे. उन्होंने कहा कि वह दुकान खोलकर नीचे सामान लेने गए थे. वापस लौटने पर लोगों ने उन्हें बताया कि उनकी दुकान में आग लग गई है. मोनू गुप्ता के मुताबिक, ‘पक्का तो नहीं कह सकता, लेकिन लगता है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी. दुकान में काफी नुकसान हुआ है.’ उन्होंने बताया कि दुकान में रखे मिक्सर समेत कई सामान जल गए. चूंकि दुकान का अंदरूनी हिस्सा लकड़ी का था, इसलिए आग तेजी से फैल गई और नुकसान ज्यादा हुआ. ये भी पढ़ें:- हिमाचल पंचायत चुनाव: पहले चरण में 73.19 प्रतिशत मतदान; वोटिंग में स्त्रीओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ा इमारत में कई परिवार रहते हैं मोनू गुप्ता ने यह भी बताया कि जिस भवन में दुकान स्थित है, उसकी ऊपरी मंजिल पर पांच से छह परिवार रहते हैं. समय रहते आग पर काबू पा लेने से बड़ा हादसा टल गया. फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच जारी है. The post हिमाचल में भड़की भीषण आग: कंडाघाट के जंगल धधके, शिमला में दुकान  appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

घुसपैठियों में बंगाल की 3D नीति का खौफ, हकीमपुर बॉर्डर पर बीएसएफ से कह रहे- साहब, हमें वापस भेज दो

खास बातें जल्द से जल्द सीमापार जाने की तैयारी दमदम से न्यूटाउन तक सफाई अभियान का असर Illegal Bangladeshis Fleeing West Bengal: सुना रहे मजबूरी की दास्तां मालदा में खुला पहला निरुद्ध केंद्र, 9 संदिग्ध हिरासत में SIR के दौरान भी दिखा था ऐसा ही डर BSF भी हैरान : खुद सरेंडर कर रहे हैं लोग जाली कागजातों का डर प्लास्टिक शीट और सामान के साथ बॉर्डर पर डेरा Illegal Bangladeshis Fleeing West Bengal: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की 3D (Detect, Delete and Deport यानी पता लगाओ, हटाओ और निर्वासित करो) की नीति ने अवैध रूप से प्रदेश में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों में भारी दहशत पैदा कर दी है. आलम यह है कि जो लोग दशकों से कोलकाता और आसपास के इलाकों में पहचान छिपाकर रह रहे थे, वे अब खुद ही बॉर्डर की ओर भाग रहे हैं. जल्द से जल्द सीमापार जाने की तैयारी उत्तर 24 परगना के बशीरहाट स्थित हकीमपुर सीमा चौकी पर पिछले 2 दिनों में 100 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशी अपने सामान, बिस्तर और बर्तनों के साथ जमा हो गये हैं, ताकि वे किसी भी तरह सीमा पार कर अपने वतन लौट सकें. दमदम से न्यूटाउन तक सफाई अभियान का असर हकीमपुर बॉर्डर पर कतारों में खड़े इन लोगों में पुरुष, स्त्रीएं और शिशु शामिल हैं. इनमें से अधिकतर लोग कोलकाता के दमदम, न्यूटाउन और डानकुनी जैसे इलाकों में सालों से दिहाड़ी मजदूरी या घरेलू सहायक का काम कर रहे थे. इसे भी पढ़ें : हकीमपुर बॉर्डर पर भारी हलचल, शुभेंदु अधिकारी का अल्टीमेटम- जल्दी भागो, घुसपैठियों के दाना-पानी पर भी रोक Illegal Bangladeshis Fleeing West Bengal: सुना रहे मजबूरी की दास्तां राज्य प्रशासन द्वारा जिला स्तर पर निरुद्ध केंद्र (Detention Centres) शुरू किये जाने के फैसले ने इनकी नींद उड़ा दी है. जांच चौकी पर इंतजार कर रहे एक व्यक्ति ने दर्द साझा करते हुए कहा- अगर प्रशासन हमें यहां रहने ही नहीं देगी और पकड़कर जेल (डिटेंशन सेंटर) में डाल देगी, तो हमारे पास वापस जाने के अलावा क्या चारा है? हम खुद ही चले जाना बेहतर समझ रहे हैं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मालदा में खुला पहला निरुद्ध केंद्र, 9 संदिग्ध हिरासत में प्रशासनिक सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मालदा राज्य का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां संदिग्धों के लिए निरुद्ध केंद्र ने काम करना शुरू कर दिया है. मालदा के इस सेंटर में फिलहाल 9 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है. उन्हें तब तक यहं रखा जायेगा, जब तक उनके निर्वासन (Deportation) की कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो जातीं. SIR के दौरान भी दिखा था ऐसा ही डर पिछले साल नवंबर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान भी ऐसी भीड़ दिखी थी, लेकिन नयी प्रशासन की सख्ती ने इस बार वापसी की रफ्तार बढ़ा दी है. इसे भी पढ़ें : शुभेंदु अधिकारी का डोनाल्ड ट्रंप स्टाइल एक्शन, मिशन Detect, Delete and Deport शुरू, 9 घुसपैठियों को डिटेंशन सेंटर में डाला BSF भी हैरान : खुद सरेंडर कर रहे हैं लोग सीमा सुरक्षा बल (BSF) के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पिछले 2 दिनों में वापस जाने वालों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है. बीएसएफ कर्मी अब इन लोगों के दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं और BGB के संपर्क में हैं, ताकि इन लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके. जाली कागजातों का डर कई घुसपैठियों को डर है कि अगर 3D अभियान के तहत घर-घर तलाशी हुई, तो उनके द्वारा बनवाये गये जाली आधार कार्ड और पहचान पत्र पकड़े जायेंगे, जिससे वे कानूनी पचड़े में बुरी तरह फंस सकते हैं. इसे भी पढ़ें : क्या बढ़ेगा सीमा पर तनाव? बाड़बंदी के फैसले से क्यों बौखलाया बांग्लादेश? प्लास्टिक शीट और सामान के साथ बॉर्डर पर डेरा हकीमपुर सीमा चौकी की तस्वीरें किसी शरणार्थी शिविर जैसी नजर आ रही हैं. लोग प्लास्टिक की चादरें बिछाकर खुले आसमान के नीचे बैठे हैं. उनके पास बड़े-बड़े बोरे और बंडल हैं, जिनमें उनकी बरसों की जमा पूंजी और गृहस्थी के सामान हैं. शुभेंदु अधिकारी प्रशासन की ‘पता लगाओ और हटाओ’ की नीति ने साफ संदेश दे दिया है कि बंगाल अब अवैध प्रवासियों के लिए ‘सेफ हेवन’ नहीं रहा. इसे भी पढ़ें घुसपैठ के आरोप में बांग्लादेश भेजे गये लोग आयेंगे वापस, सुप्रीम कोर्ट में प्रशासन का आश्वासन बंगाल में घुसपैठ के डर ने सीमावर्ती गांवों में भाजपा के पक्ष में हुई नेतृत्वक ‘घेराबंदी’, जानें इनसाइड स्टोरी बांग्लादेश में समुद्री लुटेरों की आहट, सुंदरबन में हिंदुस्तान ने कसा सुरक्षा घेरा बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए बंगाल में लागू होगा असम मॉडल, मालदा में बोले नितिन नबीन The post घुसपैठियों में बंगाल की 3D नीति का खौफ, हकीमपुर बॉर्डर पर बीएसएफ से कह रहे- साहब, हमें वापस भेज दो appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

6 गेंद पर 6 छक्के, ऑडी कार का इनाम और 31 की उम्र में संन्यास; ऐसी रही भारतीय दिग्गज की कहानी

Ravi Shastri Birthday: हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी और कोच रवि शास्त्री 27 मई 2026 को अपना 64वां जन्मदिन मना रहे हैं. रवि शास्त्री उन्हीं चुनिंदा चेहरों में शामिल हैं जिन्होंने खिलाड़ी, कोच और कमेंटेटर के तौर पर हिंदुस्तानीय क्रिकेट पर अपनी मजबूत छाप छोड़ी है. मैदान पर उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से टीम को जीत दिलाई, जबकि बाद में कोच और कमेंट्री की दुनिया में भी एक अलग मुकाम हासिल किया. टीम इंडिया के भरोसेमंद ऑलराउंडर रहे शास्त्री 27 मई 1962 को मुंबई में जन्मे रवि शास्त्री ने घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से स्पोर्ट्सते हुए अपनी पहचान बनाई और साल 1981 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया. दाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज शास्त्री अपने दौर के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर माने जाते थे. उन्होंने हिंदुस्तान के लिए 80 टेस्ट और 150 वनडे मुकाबले स्पोर्ट्से. टेस्ट में उनके नाम 3830 रन और 151 विकेट दर्ज हैं, जबकि वनडे में उन्होंने 3108 रन और 129 विकेट हासिल किए. 1983 विश्व कप विजेता हिंदुस्तानीय टीम का हिस्सा होना भी उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा. 6 गेंदों पर 6 छक्के और सबसे तेज दोहरे शतक का रिकॉर्ड रवि शास्त्री ने घरेलू क्रिकेट में कई यादगार रिकॉर्ड बनाए. 10 जनवरी 1985 को रणजी ट्रॉफी में बड़ौदा के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में उन्होंने एक ओवर की छह गेंदों पर लगातार छह छक्के जड़ दिए थे. इसी मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 113 मिनट में अपना दोहरा शतक भी पूरा किया था, जो लंबे समय तक एक विश्व रिकॉर्ड रहा. शास्त्री को मिली थी ऑडी कार साल 1985 रवि शास्त्री के करियर का सबसे यादगार दौर माना जाता है. ऑस्ट्रेलिया में स्पोर्ट्से गए ‘वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट’ टूर्नामेंट में उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया था. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 182 रन बनाए और 8 विकेट चटकाए. पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मैच में उन्होंने नाबाद 51 रन बनाए और 1 विकेट लेकर ‘मैन ऑफ द मैच’ बने, जिसके बाद उन्हें पूरे टूर्नामेंट का ‘चैंपियन ऑफ चैंपियंस’ चुना गया. इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए उन्हें एक चमचमाती ‘ऑडी 100’ कार पुरस्कार में दी गई थी. उस समय मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर टीम के सभी खिलाड़ियों को कार पर बैठाकर शास्त्री द्वारा गाड़ी चलाने वाली तस्वीर काफी चर्चित हुई थी, जिसे आज भी हिंदुस्तानीय क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित तस्वीरों में गिना जाता है. चोट की वजह से जल्दी खत्म हुआ शानदार सफर रवि शास्त्री का अंतरराष्ट्रीय करियर और लंबा चल सकता था, लेकिन घुटने की लगातार समस्या (Knee Injury) के कारण उन्हें महज 31 साल की उम्र में क्रिकेट को अलविदा कहना पड़ा. अपने करियर में उन्होंने हिंदुस्तान के लिए सिर्फ एक टेस्ट मैच में कप्तानी की थी. कमेंट्री बॉक्स में गूंजी दमदार आवाज 1992 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच स्पोर्ट्सने के बाद रवि शास्त्री ने कमेंट्री की दुनिया की ओर रुख किया (हालांकि उन्होंने आधिकारिक तौर पर 1994 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास लिया था). उनकी दमदार आवाज, अनोखे अंदाज और बेबाकी ने उन्हें जल्द ही दुनिया का सबसे लोकप्रिय कमेंटेटर बना दिया. 2011 विश्व कप फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी के विजयी छक्के पर उनका मशहूर कमेंट, “Dhoni finishes off in style… a magnificent strike into the crowd!” आज भी करोड़ों हिंदुस्तानीय क्रिकेट फैंस के रोंगटे खड़े कर देता है. कोच के तौर पर टीम इंडिया को दी ‘निडर’ सोच रवि शास्त्री 2014 से 2016 तक हिंदुस्तानीय टीम के डायरेक्टर रहे और फिर 2017 से 2021 तक टीम इंडिया के मुख्य कोच बने. कप्तान विराट कोहली के साथ मिलकर उन्होंने हिंदुस्तानीय टीम को विदेशों में ऐतिहासिक सफलताएं दिलाईं. ऑस्ट्रेलिया की धरती पर लगातार दो टेस्ट सीरीज जीतना, टेस्ट क्रिकेट में हिंदुस्तान को लंबे समय तक दुनिया की नंबर-1 टीम बनाए रखना और खिलाड़ियों में ‘जीतने की जिद’ पैदा करना उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियां हैं. आज भी रवि शास्त्री क्रिकेट की दुनिया में अपनी बेखौफ और निष्पक्ष आवाज के लिए पहचाने जाते हैं. मैदान की 22 गज की पट्टी से लेकर हाथ में माइक थामने तक, उनका यह सफर हिंदुस्तानीय क्रिकेट के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेगा. मृणाल कुमार पांडेय यह भी पढ़ें: IPL 2026 में इन स्टार खिलाड़ियों ने किया सबसे ज्यादा निराश, ऐसी है इस सीजन की अंडरपरफॉर्म्ड XI The post 6 गेंद पर 6 छक्के, ऑडी कार का इनाम और 31 की उम्र में संन्यास; ऐसी रही हिंदुस्तानीय दिग्गज की कहानी appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top