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mAadhaar से नए Aadhaar App में शिफ्ट होना है आसान, बस फॉलो करें ये स्टेप्स

अगर आप भी आधार से जुड़े कामों के लिए अभी तक mAadhaar ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं, तो अब नए Aadhaar App पर शिफ्ट होने का समय आ गया है. UIDAI जल्द पुराने ऐप को बंद करने जा रही है, जिसके बाद यूजर्स को नए Aadhaar App पर शिफ्ट होना होगा. हालांकि, mAadhaar ऐप का डेटा नये ऐप में ट्रांसफर नहीं होगा. यानी पुराने ऐप में जो भी आपकी डिटेल्स सेव थी, वो सीधे नए ऐप में नहीं आएगी. इसके लिए यूजर्स को नए Aadhaar App में फिर से अकाउंट सेटअप करना पड़ेगा. अच्छी बात यह है कि इस नए ऐप को सेटअप करना बेहद आसान है. कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करके आप अपने स्मार्टफोन में नया Aadhaar App शुरू कर सकते हैं और डिजिटल Aadhaar सेवाओं का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे. ऐसे करें नए Aadhaar App को सेटअप नए Aadhaar ऐप को सेटअप करना बेहद आसान है. इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें: सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में नये Aadhaar App को Play Store या App Store से डाउनलोड करें. ऐप इंस्टॉल होने के बाद Camera, SMS और Call Permissions को Allow करें. अब Begin Journey बटन पर टैप करें और फिर Continue to Register ऑप्शन चुनें. इसके बाद अपना Aadhaar Number दर्ज करके उसे कन्फर्म करें. स्क्रीन पर दिखाई देने वाले Terms and Conditions को पढ़ें और Continue बटन दबाएं. अब SMS Authentication के जरिए आपकी जानकारी वेरिफाई की जाएगी. इसके बाद ऐप Facial Recognition के लिए कहेगा. इसके लिए अपना चेहरा कैमरे के सामने दिए गए सर्कल के अंदर रखें. आखिर में सिक्योरिटी के लिए 6 अंकों का स्ट्रॉन्ग PIN सेट करें, जिससे फ्यूचर में ऐप में जल्दी लॉगिन किया जा सकेगा. सेटअप पूरा होते ही नया Aadhaar ऐप आपकी जानकारी ऑटोमैटिक तरीके से फेच कर लेगा. नए Aadhaar App के फायदे नया Aadhaar ऐप पुराने mAadhaar ऐप के मुकाबले कई एडवांस्ड फीचर्स के साथ आता है. इसे इस्तेमाल करने के कई फायदे हैं, जैसे- यूजर्स को बेहतर Identity Verification और मजबूत Data Privacy मिलती है. डिजिटल Aadhaar QR Code शेयर करते समय आप अपना पूरा पता जैसे डिटेल्स छिपा सकते हैं. एक्स्ट्रा सेफ्टी के लिए Fingerprint और Face Unlock फीचर का सपोर्ट मिलता है. यह ऐप Verified Digital Credentials के लिए एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन की तरह काम करता है. ऑफलाइन मोड में भी Aadhaar डिटेल्स एक्सेस की जा सकती हैं. एक ही डिवाइस में सुरक्षित तरीके से 5 फैमिली प्रोफाइल्स तक जोड़ी जा सकती हैं. नया Aadhaar ऐप खास तौर पर यूजर्स की प्राइवेसी और डिजिटल सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे Aadhaar से जुड़ी सेवाओं का इस्तेमाल पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान हो जाएगा. यह भी पढ़ें: अगर आपका आधार कार्ड खो जाए तो क्या करें? जानें पूरा रिकवरी प्रोसेस आसान स्टेप्स में The post mAadhaar से नए Aadhaar App में शिफ्ट होना है आसान, बस फॉलो करें ये स्टेप्स appeared first on Naya Vichar.

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चांद पर परमानेंट मून बेस बनाएगा NASA, 20 अरब डॉलर के मिशन का ऐलान; 3 चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया, पूरी डिटेल

NASA Moon Base Mission: चांद पर इंसानी मौजूदगी को स्थायी बनाने की दिशा में नासा ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है. आर्टेमिस-II मिशन की सफलता के बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने तीन नए चंद्र मिशनों और करीब 20 अरब डॉलर की महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है. इस योजना का मकसद चांद पर ऐसा स्थायी बेस तैयार करना है, जहां भविष्य में वैज्ञानिक लंबे समय तक रहकर रिसर्च कर सकें. यानी चांद पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी अब सिर्फ विज्ञान कथाओं तक सीमित नहीं रह गई है. नासा ने चांद पर पहला मानव बेस बसाने की दिशा में अपना विस्तृत रोडमैप जारी कर दिया है. एजेंसी ने इसके लिए रोवर, लैंडर और अन्य तकनीकों के विकास पर करीब 1 अरब डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट भी दिए हैं. NASA ने पेश किया मून बेस का ब्लूप्रिंट वॉशिंगटन डीसी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नासा एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजैकमैन ने कहा कि अमेरिका फिर से चांद पर लौट रहा है और यह ‘मून बेस’ मानवता का किसी दूसरे खगोलीय पिंड पर पहला स्थायी ठिकाना होगा. उन्होंने बताया कि इस बेस में लूनर रोवर, ड्रोन, वैज्ञानिक उपकरण और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, ताकि इंसान चांद जैसे कठिन वातावरण में रहना और काम करना सीख सकें. नासा ने 2026 के लिए तीन शुरुआती ‘मून बेस मिशन’ घोषित किए हैं. इनका मकसद इंसानों के पहुंचने से पहले उपकरणों का परीक्षण करना और जोखिम कम करना है. 2028 तक इंसानों को चांद पर भेजने का लक्ष्य नासा का लक्ष्य 2028 तक आर्टेमिस-III मिशन के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को दोबारा चांद की सतह पर उतारना है. इससे पहले एजेंसी अगले कुछ वर्षों में कई परीक्षण मिशन चलाएगी. हाल ही में अप्रैल 2026 में आर्टेमिस-II मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद की परिक्रमा की थी. यह 1972 के अपोलो-17 मिशन के बाद पहला मानव मिशन था, जिसने लो अर्थ ऑर्बिट से आगे यात्रा की. नासा के ही यूजीन सर्नन और हैरिसन श्मिट 1972 में चांद पर कदम रखने वाले आखिरी अंतरिक्ष यात्री थे. Copy, Moon Joy(rides)! Over the next 18 months, our selected providers – Astrolab and Lunar Outpost – will finalize designs for Moon rovers that astronauts will drive to travel, transport supplies, and support remote operations. https://t.co/K9iQzBwrwE pic.twitter.com/4SxRaLNtJo — NASA (@NASA) May 26, 2026 Moon Base-I मिशन में होगा चांद की सतह का परीक्षण नासा ने बताया कि ‘मून बेस-I’ मिशन के लिए ब्लू ओरिजिन के ‘ब्लू मून मार्क-1 एंड्योरेंस’ लैंडर को चुना गया है. इस मिशन की लॉन्चिंग सितंबर के बाद किसी समय की जा सकती है. यह मिशन चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थित शैकलटन कनेक्टिंग रिज इलाके में उतरेगा. यहां वैज्ञानिक उपकरण भेजे जाएंगे, जिनमें स्टीरियो कैमरे और लेजर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव एरे लगे होंगे. नासा का कहना है कि यह मिशन भविष्य के मानवयुक्त मिशनों के जोखिम को कम करने में मदद करेगा. स्टीरियो कैमरे- यह अध्ययन करेंगे कि रॉकेट थ्रस्टर चांद की सतह को कैसे प्रभावित करते हैं. लेजर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव एरे- अंतरिक्ष यानों को सटीक लोकेशन पहचानने में मदद करेगा. Moon Base-II में भेजा जाएगा रोवर और भारी सामान  इस साल बाद में लॉन्च होने वाला ‘मून बेस-II’ मिशन चांद पर 1100 पाउंड से ज्यादा सामान पहुंचाएगा. यह मिशन एस्ट्रोबोटिक के ‘ग्रिफिन लैंडर’ के जरिए भेजा जाएगा. इसमें एस्ट्रोलैब का FLIP रोवर भी शामिल होगा. इसका उद्देश्य चांद की सतह पर आने-जाने और भारी सामान ले जाने की तकनीक विकसित करना है. Moon Base-III करेगा रहस्यमयी चमकीले हिस्सों की जांच  तीसरा मिशन ‘मून बेस-III’ चांद पर दिखने वाले रहस्यमयी चमकीले पैटर्न यानी ‘लूनर स्वर्ल्स’ का अध्ययन करेगा. वैज्ञानिकों का मानना है कि इनका संबंध चांद की सतह के नीचे मौजूद चुंबकीय क्षेत्रों से हो सकता है. इस मिशन में यूरोपियन स्पेस एजेंसी और कोरियन स्पेस एजेंसी के उपकरण भी भेजे जाएंगे. तीन चरणों में तैयार होगा चांद का बेस नासा ने अपने मून बेस कार्यक्रम को तीन चरणों में बांटा है. पहला चरण: 2026 से 2028 नई तकनीकों का परीक्षण चांद की सतह पर ऑपरेशन की तैयारी लूनर टेरेन व्हीकल यानी चंद्र वाहन की तैनाती दूसरा चरण: 2029 से 2032 स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना पावर ग्रिड और सपोर्ट सिस्टम विकसित करना तीसरा चरण: 2032 के बाद लगातार मानव मौजूदगी सुनिश्चित करना नियमित क्रू रोटेशन चांद की सतह पर लगातार वैज्ञानिक गतिविधियां चलाना मून रोवर बनाने पर करोड़ों डॉलर का खर्च नासा ने अमेरिकी कंपनियों एस्ट्रोलैब और लूनर आउटपोस्ट को चांद पर चलने वाले पहले रोवर तैयार करने का जिम्मा दिया है. एस्ट्रोलैब को करीब 219 मिलियन डॉलर और लूनर आउटपोस्ट को करीब 220 मिलियन डॉलर दिए गए हैं. एस्ट्रोलैब का रोवर लगभग 900 किलोग्राम वजन का होगा. इसे इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि अंतरिक्ष यात्री इसमें बैठकर 9.5 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से चल सकें. लूनर आउटपोस्ट का रोवर हल्का और ज्यादा तेज होगा. इसकी गति 14 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रखने की योजना है. यह रोवर तीन तरीकों से काम कर सकेगा. पहला- अंतरिक्ष यात्री खुद बैठकर चलाएं. दूसरा- पृथ्वी से रिमोट कंट्रोल के जरिए संचालित किया जाए. तीसरा- पूरी तरह स्वायत्त तरीके से खुद काम करे. नासा का लक्ष्य है कि यह रोवर चांद पर करीब एक साल तक सक्रिय रह सके. ये भी पढ़ें:- AI का भविष्य तय करेगा हिंदुस्तान… Microsoft ने ऐसे ही नहीं कहा; दुनिया में बज रहा इंडियन टेक का डंका ब्लू ओरिजिन को मिला बड़ी जिम्मेदारी जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन को इन रोवर्स को चांद की सतह तक पहुंचाने का काम सौंपा गया है. इसके लिए कंपनी को 188 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट मिला है. प्रदर्शन के आधार पर कंपनी को अतिरिक्त 280.4 मिलियन डॉलर भी मिल सकते हैं. दोनों रोवर कंपनियों को अगले 18 महीनों में डिजाइन तैयार कर परीक्षण पूरा करना होगा. 2028 में भेजे जाएंगे उड़ने वाले ड्रोन नासा 2028 में चार छोटे ‘हॉपिंग ड्रोन’ भी चांद पर भेजेगा. इनका काम ऐसे इलाकों की तस्वीरें लेना होगा जहां रोवर पहुंचना मुश्किल है. इन ड्रोन को ले जाने वाला स्पेसक्राफ्ट फायरफ्लाई एयरोस्पेस तैयार करेगी. मिशन पूरा होने के बाद वहां छोड़े गए सेंसर कई महीनों तक डेटा भेजते रहेंगे. अगर यह मिशन सफल रहता है तो यह चांद के दक्षिणी

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झारखंड के इन जिलों में आंधी-बारिश के आसार, ऑरेंज अलर्ट जारी

Jharkhand Weather: झारखंड में गर्मी का कहर जारी है. तेज धूप और गर्म हवाओं से लोग परेशान हैं. मंगलवार को रांची का अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस रहा. मंगलवार को खूंटी में आंधी ने तबाही मचायी है. रनिया में कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए हैं. वज्रपात से कई पशुओं की मौत हो गई है.  आज का मौसम  मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बुधवार को रांची, खूंटी, सिंहभूम, सरायकेला, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज और गोड्डा में कहीं-कहीं आंधी और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना है. इसे देखते हुए मौसम विभाग ने इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं कोडरमा, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा में भी तेज हवा और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहेगा.  28 मई का मौसम  मौसम विभाग के मुताबिक, 28 मई को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और राज्य के कुछ हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है. राज्य के उत्तर-पूर्वी और निकटवर्ती मध्य भागों (धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और कोडरमा) में कहीं-कहीं गरज के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात होने की संभावना है. वहीं, राज्य के शेष भागों में भी कहीं-कहीं गरज के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की आशंका जताई गई है. यह भी पढ़ें: CM हेमंत ने लॉन्च किया ‘आदिनिवास’ ऐप, बोले- आदिवासियों को एक सूत्र में जोड़ेगा ये डिजिटल प्लेटफॉर्म यह भी पढ़ें: पेपर लीक विवाद पर भड़कीं झारखंड कांग्रेस, NTA की सभी 21 परीक्षाओं की निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल The post झारखंड के इन जिलों में आंधी-बारिश के आसार, ऑरेंज अलर्ट जारी appeared first on Naya Vichar.

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घूमने का प्लान पड़ेगा भारी, 27 मई का पेट्रोल-डीजल रेट देखकर ही निकालें अपनी गाड़ी!

Petrol Diesel Price Today 27 May 2026: दुनिया भर में चल रहे ईरान संकट और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इसका सीधा असर अब हमारी जेब पर दिखने लगा है. सोमवार को पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. पिछले दो हफ्तों से भी कम समय में यह चौथी बढ़ोतरी है, जिसके कारण 15 मई से अब तक तेल के दाम करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं. इस तेजी की वजह से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के आंकड़े को पार कर गई है.  पेट्रोल की नई कीमतें क्या हैं? इस ताजा बदलाव के बाद देश के बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम काफी बढ़ गए हैं. दिल्ली में आज एक लीटर पेट्रोल 102.12 रुपये में मिल रहा है. मुंबई में यह आंकड़ा 111.21 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है. हालांकि यहां कल के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 113.47 रुपये प्रति लीटर है, जबकि चेन्नई में यह 108.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है.  पेट्रोल रेट टेबल: शहर आज का रेट (प्रति लीटर) कल का रेट (प्रति लीटर) बदलाव लखनऊ ₹101.89 ₹101.86 +0.03 नोएडा ₹101.92 ₹102.38 -0.46 पटना ₹113.65 ₹113.35 +0.30 भागलपुर ₹114.78 ₹114.14 +0.64 दरभंगा ₹114.07 ₹114.07 0.00 गया ₹114.32 ₹114.43 -0.11 मुजफ्फरपुर ₹114.16 ₹114.18 -0.02 देवघर ₹104.99 ₹104.95 +0.04 धनबाद ₹105.48 ₹105.30 +0.18 जमशेदपुर  ₹105.22 ₹105.22 0.00 रांची ₹105.26 ₹105.75 -0.49 नई दिल्ली ₹102.12 ₹102.12 0.00 कोलकाता ₹113.47 ₹113.47 0.00 मुंबई ₹111.21 ₹111.21 0.00 चेन्नई ₹108.20 ₹107.87 +0.33 गुरुग्राम  ₹102.84 ₹102.59 +0.25 बेंगलुरु ₹110.93 ₹110.93 0.00 भोपाल ₹114.65 ₹114.43 +0.22 डीजल के दाम कहां तक पहुंचे? डीजल की कीमतों में भी भारी उछाल आया है, जिससे माल ढुलाई महंगी होने की आशंका है. दिल्ली में आज डीजल का भाव 95.20 रुपये प्रति लीटर हो गया है. मुंबई में डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है. कोलकाता में इसकी कीमत 99.82 रुपये प्रति लीटर है, जबकि चेन्नई में यह 99.98 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है, जो कल से 32 पैसे अधिक है.  डीजल रेट टेबल: शहर आज का रेट (प्रति लीटर) कल का रेट (प्रति लीटर) बदलाव लखनऊ ₹95.36 ₹95.36 0.00 नोएडा ₹95.37 ₹95.85 -0.48 पटना ₹99.65 ₹99.36 +0.29 भागलपुर ₹100.68 ₹100.08 +0.60 दरभंगा ₹100.02 ₹100.02 0.00 गया ₹100.27 ₹100.38 -0.11 मुजफ्फरपुर ₹100.11 ₹100.13 -0.02 देवघर ₹100.21 ₹100.15 +0.06 धनबाद ₹100.66 ₹100.51 +0.15 जमशेदपुर  ₹100.42 ₹100.42 0.00 रांची ₹100.49 ₹100.89 -0.40 नई दिल्ली ₹95.20 ₹95.20 0.00 कोलकाता ₹99.82 ₹99.82 0.00 मुंबई ₹97.83 ₹97.83 0.00 चेन्नई ₹99.98 ₹99.66 +0.32 गुरुग्राम  ₹95.51 ₹95.27 +0.24 बेंगलुरु ₹98.80 ₹98.80 0.00 भोपाल ₹99.74 ₹99.55 +0.19 ये भी पढ़ें: टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस नहीं चाहिए? तो फटाफट इन 5 तरीकों से करें ITR वेरिफाई The post घूमने का प्लान पड़ेगा भारी, 27 मई का पेट्रोल-डीजल रेट देखकर ही निकालें अपनी गाड़ी! appeared first on Naya Vichar.

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रांची से लापता हुए मासूम भाई-बहन, भाई को लगना था चौथा एंटीरेबीज इंजेक्शन 

Ranchi News : झारखंड के रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र सेक्टर-1 स्थित पटेल नगर निवासी चिरंजीव महतो का छह वर्षीय बेटा युवांश उर्फ तूफान और 10 वर्षीय बेटी रोशनी कुमारी 25 मई की दोपहर 1:00 बजे के बाद से लापता हैं. 26 मई को पिता ने जगन्नाथपुर थाना में लापता बच्चों के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई है. सूचना देने की अपील बच्चों के बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर पिता को  9572650742 और जगन्नाथपुर थाना के नंबर 9431706169 पर तुरंत संपर्क करें. आपकी एक सूचना बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती है. लापता युवांश को लोग तूफान के नाम से बुलाते हैं  लापता युवांश को मुहल्ले और झोपड़ी मार्केट की दुकान के आसपास के लोग तूफान नाम से बुलाते हैं. पिता ने बताया कि युवांश खाने का बहुत शौकीन है. कभी चाउमिन, कभी फुचका, तो कभी अन्य खाने की चीजें खरीद कर खाता रहता था. पिता के मुताबिक, एक मई को घर के पास स्पोर्ट्सने के दौरान युवांश को एक कुत्ते ने काट लिया था. इसके बाद उसे रेबीज का इंजेक्शन दिलाया जा रहा है. एक मई, चार मई, आठ मई को इंजेक्शन लग चुका था. अगला इंजेक्शन 29 मई को पड़ने वाला है. टीका नहीं लगने से शिशु की जान को खतरा हो सकता है. सीसीटीवी फुटेज में दिखे दोनों शिशु पुलिस बच्चों की तलाश में जुट गई है. वहीं, ‘नया विचार’ की टीम ने भी मामले की पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस के साथ ‘नया विचार’ की टीम ने भी बच्चों के घर के आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालना शुरू किया. इस दौरान घर से करीब 800 मीटर दूर लगे एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में दोनों शिशु देखे गए. पुलिस ने रांची और हटिया रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों का फुटज भी खंगाला. फुचका खाते दिखे थे तीन शिशु झोपड़ी मार्केट के पास एक दुकानदार ने बताया कि कुल तीन शिशु पास की दुकान में फुचका खा रहे थे. इसके बाद वे कहीं चले गए. इधर, सिटी एसपी पारस राणा मंगलवार शाम लापता बच्चों के घर पहुंचे और परिजन से घटना की जानकारी ली. परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ चिरंजीव महतो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के झालदा के रहने वाले हैं. वे सुधा डेयरी में ऑपरेटर के तौर पर काम करते हैं. वे 10 साल से रांची में रह रहे हैं. जबकि तीन साल से वह परिवार के साथ सेक्टर-1 के पटेल नगर स्थित एक छोटे से मकान में रह रहे हैं. परिवार काफी गरीब है. छोटे छोटे दो कमरे के एसबेस्टस वाले घर में किसी तरह गुजर-बसर करता है. सब्जी बेचती है बच्चों की मां पत्नी रूपाली खलखो गुरुवार और रविवार को सेक्टर-2 में सब्जी बेचती है. जबकि, अन्य दिनों में झोपड़ी मार्केट, पंचमुखी बाजार में सब्जी की दुकान लगाती है. रूपाली ने बताया कि दोनों शिशु धुर्वा स्थित गायत्री मंदिर स्कूल में पढ़ते हैं. युवांश पहली और रोशनी तीसरी कक्षा में है. एक और छोटा बेटा है, जो मां के साथ रहता है. यह भी पढ़ें: धनबाद जेल पहुंचकर रजनी रवानी से मिले सांसद ढुल्लू महतो, सीबीआई जांच कराने की कही बात यह भी पढ़ें: दो हफ्ते के अंदर जोजोबाटा में लगेगा चापाकल, अधिकारियों के साथ पहुंचे विधायक दशरथ गागराई The post रांची से लापता हुए मासूम भाई-बहन, भाई को लगना था चौथा एंटीरेबीज इंजेक्शन  appeared first on Naya Vichar.

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आज राजस्थान के सामने हैदराबाद की चुनौती, हारने वाली टीम हो जाएगी IPL 2026 से बाहर

Eliminator 2026: सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स एलिमिनेटर मुकाबले में आईपीएल 2026 का एलिमिनेटर मैच स्पोर्ट्सा जाएगा. यह मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा. इस मैच में जो भी टीम हारेगी, वह टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी. वैभव सूर्यवंशी रच सकते हैं इतिहास इस मैच में राजस्थान के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पास एक बड़ा रिकॉर्ड बनाने का मौका है. वे एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं. यह रिकॉर्ड फिलहाल क्रिस गेल के नाम है. जिन्होंने 2012 में बेंगलुरु की तरफ से स्पोर्ट्सते हुए 59 छक्के लगाए थे. वैभव इस सीजन में अब तक 53 छक्के लगा चुके हैं. उन्हें गेल का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 7 छक्कों की जरूरत है. राजस्थान की आखिरी जीत राजस्थान रॉयल्स के लिए सनराइजर्स हैदराबाद की चुनौती आसान नहीं होने वाली है. रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो पलड़ा हैदराबाद का भारी दिख रहा है. राजस्थान की टीम पिछले 6 मैचों से हैदराबाद को नहीं हरा पाई है. राजस्थान को हैदराबाद के खिलाफ आखिरी जीत 2 अप्रैल 2023 को मिली थी, जब उन्होंने हैदराबाद को उनके ही घर में 72 रनों से हराया था. 2024 के सीजन में भी हैदराबाद ने ही क्वालिफायर-2 मैच में राजस्थान को हराकर फाइनल का टिकट काटा था. हालांकि, हैदराबाद फाइनल में कोलकाता से हार गई थी. दोनों टीमों के बीच अब तक 23 आईपीएल मैच स्पोर्ट्से जा चुके हैं. इनमें 23 मैचों में से 14 मैच हैदराबाद ने जीते हैं. पिच रिपोर्ट मुल्लांपुर के महाराजा यादविंदर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों को एक बार फिर हाई-स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकता है. यहाँ स्पोर्ट्से गए पिछले तीनों मैचों में टीमों ने 200 रन से ज्यादा का स्कोर बनाया है. इन तीन मैचों में से दो बार बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है. एक बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने मैच जीता है. मौसम का हाल मैच के दिन तापमान 25°C से 45°C के बीच रहने का अनुमान है. इतनी तेज गर्मी और उमस के कारण खिलाड़ियों को मैदान पर काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. दोनों टीमों की संभावित खिलाड़ी (12) हैदराबाद: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासन, सलील अरोड़ा, स्मरण रविचंद्रन, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, शिवांग कुमार, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन, ट्रैविस हेड. राजस्थान: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, शुभम दुबे, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, यश राज पुंजा, बृजेश शर्मा, रवींद्र जडेजा.  यह भी पढ़े- 6 गेंद पर 6 छक्के, ऑडी कार का इनाम और 31 की उम्र में संन्यास; ऐसी रही हिंदुस्तानीय दिग्गज की कहानी The post आज राजस्थान के सामने हैदराबाद की चुनौती, हारने वाली टीम हो जाएगी IPL 2026 से बाहर appeared first on Naya Vichar.

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28 मई को इस्तीफा दे सकते हैं सिद्धरमैया! शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री; सामने आया बड़ा अपडेट

Siddaramaiah Karnataka CM Resign: कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर एक बार फिर नेतृत्वक हलचल तेज हो गई है. दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान की अहम बैठक और उसके बाद राहुल गांधी व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अलग मुलाकात ने सत्ता परिवर्तन की अटकलों को और हवा दे दी है. हालांकि पार्टी की ओर से फिलहाल किसी भी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की  मानें तो 28 मई को सिद्धरमैया बड़ा ऐलान कर सकते हैं.  मंगलवार को राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली में एक बड़ी बैठक की, लेकिन इस बैठक के नेतृत्वक मायने सिर्फ चुनावी रणनीति तक सीमित नहीं माने जा रहे हैं. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल मौजूद रहे. राहुल गांधी और सिद्धारमैया की अलग बैठक ने बढ़ाई हलचल एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक खत्म होने के बाद राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से अलग से मुलाकात की. इस बातचीत में कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा हुई. पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया के सामने सत्ता परिवर्तन का रास्ता तैयार करने की जरूरत रखी. हालांकि उन्हें पद छोड़ने के लिए कोई समयसीमा नहीं दी गई है. चर्चा के दौरान कई विकल्पों पर विचार हुआ. इन विकल्पों में एक संभावना यह भी बताई जा रही है कि सिद्धारमैया को कर्नाटक से राज्यसभा भेजकर राष्ट्रीय नेतृत्व में सक्रिय भूमिका दी जाए. हालांकि इस पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी और सिद्धारमैया के बीच अगले दौर की बातचीत के बाद ही पार्टी कोई स्पष्ट रोडमैप तैयार करेगी. गुरुवार, 28 मई को इस्तीफा दे सकते हैं सिद्धरमैया हालांकि, देर रात आई द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं या नहीं, इस पर वह 28 मई को अपना रुख साफ कर सकते हैं. इंडिया टुडे और डेक्कन हेराल्ड ने अपनी-अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि सिद्धरमैया 28 मई को रिजाइन कर सकते हैं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धरमैया गुरुवार, 28 मई को अपने बंगलुरु आवास पर एक प्रेस कांफ्रेंस कर सकते हैं. लीडरशिप बदलने की प्रक्रिया और सत्ता हस्तांतरण करवाने के लिए दिल्ली से रणदीप सुरजेवाला बुधवार को बंगलुरु जा सकते हैं. वहीं, एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में कहा गया कि शिवकुमार अभी दिल्ली में हैं. वह गुरुवार को ब्रेकफास्ट पर सिद्धरमैया से बंगलुरु में मुलाकात करेंगे, इसके बाद सिद्धरमैया इस्तीफा देंगे. हालांकि, कांग्रेस पार्टी के भीतर यह भी कहा जा रहा है कि अगर सिद्धारमैया इस प्रस्ताव पर सहमत होते हैं, तब भी उन्हें तुरंत मुख्यमंत्री पद छोड़ने की जरूरत नहीं होगी. डीके शिवकुमार की दावेदारी फिर चर्चा में कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता परिवर्तन की अटकलें तब से लगातार चल रही हैं, जब नवंबर 2025 में प्रशासन ने अपना ढाई साल का कार्यकाल पूरा किया था. उसी समय से उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थक लगातार यह दावा करते रहे हैं कि अगला मौका उन्हें मिलेगा. अब दिल्ली में हुई बैठकों के बाद एक बार फिर उनकी दावेदारी चर्चा के केंद्र में आ गई है. केसी वेणुगोपाल ने अटकलों को बताया बेबुनियाद इससे पहले, दिल्ली में 7 घंटे चली मैराथन बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बैठक पूरी तरह राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर केंद्रित थी. उन्होंने कहा, ‘आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ विस्तृत चर्चा हुई. इसमें सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार, रणदीप सिंह सुरजेवाला और मैं शामिल था. पूरी चर्चा सिर्फ आगामी चुनावों को लेकर हुई.’ उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि लोग जो चर्चा कर रहे हैं, वह सिर्फ अटकलें हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक की राज्यसभा और परिषद सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के साथ की जाएगी. हालांकि, सिद्धरमैया के इस्तीफे वाला अपडेट वेणुगोपाल के बयान के बाद आया है.  बीजेपी ने कांग्रेस प्रशासन पर साधा निशाना बीजेपी सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कर्नाटक की नेतृत्वक स्थिति पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि राज्य प्रशासन अंदरूनी खींचतान की वजह से गिरने की कगार पर पहुंच गई है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस प्रशासन बनने के बाद से वहां सबसे बड़ा मुद्दा यही है कि मुख्यमंत्री कौन रहेगा और किसे हटाया जाएगा. मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार हैं.’  मनन कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो चुके हैं और जनता परेशान है. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस विवाद का हल नहीं निकाल पा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक के अलावा केरल और तेलंगाना में भी कांग्रेस के भीतर असंतोष बढ़ रहा है. मंगलवार दिनभर का घटनाक्रम एक नजर में कांग्रेस हाईकमान ने राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव को लेकर अहम बैठक बुलाई बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार, रणदीप सिंह सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल शामिल रहे बैठक के बाद राहुल गांधी और सिद्धारमैया के बीच अलग से वन-टू-वन चर्चा हुई सूत्रों के मुताबिक, नेतृत्व परिवर्तन और सिद्धारमैया की संभावित नई भूमिका पर चर्चा हुई राज्यसभा के जरिए सिद्धारमैया को राष्ट्रीय नेतृत्व में भेजने का विकल्प भी सामने आया कांग्रेस ने फिलहाल किसी बदलाव से इनकार किया बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस प्रशासन पर अंदरूनी कलह और विकास ठप होने का आरोप लगाया कांग्रेस हाईकमान की बैठक से बढ़ीं नेतृत्वक चर्चाएं ये भी पढ़ें:- अब सुखेंदु शेखर रॉय के बागी तेवर, बोले- बंगाल में अराजकता का हुआ अंत, क्या ममता बनर्जी के करीबियों पर गिरेगी गाज? कांग्रेस के लिए क्यों आसान नहीं है फैसला? पार्टी सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया को मनाए बिना कांग्रेस नेतृत्व के लिए सत्ता परिवर्तन का फैसला लागू करना आसान नहीं होगा. वह फिलहाल कांग्रेस शासित चार राज्यों में एकमात्र अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से आने वाले मुख्यमंत्री हैं. इसके अलावा कर्नाटक में उनका AHINDA (अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित समुदाय) सामाजिक समीकरण पर मजबूत पकड़ मानी जाती है. यही वजह है कि कांग्रेस नेतृत्व किसी जल्दबाजी से बचना चाहता है. माना जा रहा है कि हाल के विधानसभा चुनावों

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Welcome To The Jungle: 103 डिग्री बुखार में भी अक्षय कुमार ने किया ‘घिस घिस घिस’ गाने का शूट, अक्षरा सिंह ने सुनाया किस्सा

Welcome To The Jungle: बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’अक्षय कुमार अपनी नई फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर इन दिनों चर्चा में हैं. हाल ही में फिल्म का नया गाना ‘घिस घिस घिस’ रिलीज हुआ है, जिसमें अक्षय कुमार भोजपुरी अंदाज में गाते और डांस करते नजर आ रहे हैं. इस गाने में उनके साथ भोजपुरी इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस अक्षरा सिंह भी दिखाई दे रही हैं. अब अक्षरा सिंह ने खुलासा किया है कि गाने की शूटिंग के दौरान अक्षय कुमार को तेज बुखार था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पूरी मेहनत और एनर्जी के साथ शूट पूरा किया. 103 डिग्री बुखार में भी अक्षय कुमार ने किया कमाल अक्षरा सिंह ने बताया कि जब इस गाने की शूटिंग चल रही थी, तब अक्षय कुमार को 103 डिग्री का बहुत तेज बुखार था. इतनी तेज तबीयत खराब होने के बावजूद अक्षय कुमार की एनर्जी में कोई कमी नहीं थी. उन्होंने बिना किसी नखरे के पूरा गाना शूट किया. अक्षरा ने हंसते हुए कहा कि हमारी भोजपुरी इंडस्ट्री के हीरो जितना नखरा दिखाते हैं, अक्षय सर उसके बिल्कुल उलट हैं. उन्हें देखकर अक्षरा को बहुत कुछ सीखने को मिला. यहां देखें गाने का पूरा वीडियो- जब अक्षय कुमार ने अक्षरा के लिए स्टैंड लिया अक्षरा ने सेट की एक बहुत प्यारी बात शेयर की. उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान टीम के लोगों ने उनसे ‘घाघरा चोली’ पहनने को कहा, क्योंकि लोगों को लगता है कि भोजपुरी हीरोइनें सिर्फ वही पहनती हैं. अक्षरा को यह बात पसंद नहीं आई और उन्होंने थोड़ा सा मुंह बनाया. दूर खड़े अक्षय कुमार ने यह देख लिया. वह तुरंत टीम के पास आए और बोले, “इसे छोड़ो, इसे जिसमें आराम मिले वही पहनने दो. इसका जो मन कर रहा है, इसे वो पहनने की आजादी दो.” अक्षय कुमार की इस बात ने अक्षरा का दिल जीत लिया. अक्षय कुमार ने सीखी भोजपुरी भाषा अक्षरा ने बताया कि गाने की शूटिंग के दौरान अक्षय कुमार लगातार उनसे पूछ रहे थे कि भोजपुरी लाइनों को सही तरीके से कैसे बोलना है और उसका क्या मतलब होता है. अक्षरा के लिए यह बहुत गर्व की बात थी कि इतना बड़ा एक्टर उनसे भोजपुरी सीख रहा था. इसके अलावा, गाने के मशहूर कोरियोग्राफर गणेश आचार्य ने भी अक्षरा की तारीफ की और अपनी टीम से कहा कि अक्षरा बहुत कमाल की कलाकार हैं, उन्हें सिखाने की जरूरत नहीं है. अक्षरा ने कहा कि अब बॉलीवुड में भोजपुरी भाषा को बहुत सम्मान मिल रहा है, जिससे वह बेहद खुश हैं. यह भी पढ़ें: Chunnari Chunnari Song: सलमान खान के आइकॉनिक गाने पर वरुण धवन का धमाका, रिलीज हुआ ‘चुनरी चुनरी’ का नया वर्जन The post Welcome To The Jungle: 103 डिग्री बुखार में भी अक्षय कुमार ने किया ‘घिस घिस घिस’ गाने का शूट, अक्षरा सिंह ने सुनाया किस्सा appeared first on Naya Vichar.

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गुरुवार को पुरुषोत्तम मास का पहला तेरस, बाबा बैद्यनाथ मंदिर में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़

देवघर से संजीत मंडल की रिपोर्ट Deoghar News: पुरुषोत्तम मास का पहला तेरस गुरुवार को पड़ रहा है. इस विशेष अवसर पर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है. तेरस को लेकर बाबा नगरी में आध्यात्मिक माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंच रहे हैं. कई श्रद्धालु बुधवार रात से ही बाबा मंदिर के आसपास डेरा जमाए हुए हैं, ताकि गुरुवार सुबह जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर सकें. तेरस पर शिव पूजा का विशेष महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की आराधना के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है. इस माह में आने वाली तेरस तिथि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक, व्रत, जप और दान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है तथा सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है. श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ को जल, बेलपत्र, धतूरा, दूध और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे. स्थानीय पंडितों के अनुसार पुरुषोत्तम मास में की गई पूजा कई गुना फलदायी मानी जाती है. यही वजह है कि इस अवसर पर दूर-दराज से श्रद्धालु बाबा नगरी पहुंचते हैं. मंदिर परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए बाबा मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. मंदिर परिसर में सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. मंदिर प्रशासन की ओर से कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था को मजबूत किया गया है. श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि दर्शन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो. वहीं भीड़ नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती का फैसला लिया है. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाएगी. श्रद्धालु करेंगे जलाभिषेक और विशेष पूजा तेरस के अवसर पर श्रद्धालु सुबह से ही बाबा मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे. कई भक्त सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर देवघर पहुंचे हैं और बाबा भोलेनाथ को अर्पित करेंगे. मंदिर परिसर में दिनभर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंजते रहेंगे. कई श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना करेंगे और रात्रि में दीपदान, भजन-कीर्तन तथा धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे. पुरुषोत्तम मास में बढ़ जाती है धार्मिक आस्था धार्मिक ग्रंथों में पुरुषोत्तम मास को विशेष पुण्य का महीना माना गया है. इस दौरान लोग पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों में अधिक रुचि लेते हैं. देवघर आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि पुरुषोत्तम मास में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. स्थानीय कारोबार में भी आई रौनक श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से देवघर के स्थानीय बाजारों और छोटे कारोबारियों में भी उत्साह देखा जा रहा है. पूजा सामग्री, फूल-माला, प्रसाद और धार्मिक वस्तुओं की दुकानों पर सुबह से ही भीड़ लगी रही. होटल, धर्मशाला और वाहन चालकों को भी श्रद्धालुओं की भीड़ का लाभ मिल रहा है. व्यापारियों का कहना है कि पुरुषोत्तम मास और तेरस के अवसर पर हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय वित्तीय स्थिति को भी सहारा मिलता है. इसे भी पढ़ें: नोवामुंडी में सामने आई इंसानियत को झकझोरती तस्वीर, डालसा से जागी मदद की उम्मीद प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति ने श्रद्धालुओं से सहयोग और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है. प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालु कतारबद्ध तरीके से दर्शन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. साथ ही लोगों से गर्मी को देखते हुए पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की भी अपील की गई है, ताकि पूजा-अर्चना के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो. इसे भी पढ़ें: दो नाबालिग लड़कियों से गैंगरेप मामले में नौ आरोपी दोषी करार, 30 मई को होगी सजा पर सुनवाई The post गुरुवार को पुरुषोत्तम मास का पहला तेरस, बाबा बैद्यनाथ मंदिर में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़ appeared first on Naya Vichar.

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रोक लें बच्चे की मोबाइल देखकर खाना खाने की आदत, वरना बहुत पछताएंगे; होगा भारी नुकसान

Parenting Tips: आज के समय में आपको एक चीज आपको लगभग सभी घरों में देखने को मिल जाएगी. यह चीज और कुछ नहीं है बल्कि खाना खाते समय बच्चों के हाथों में स्मार्टफोन या फिर मोबाइल का होना है. आप खुद अपने घर पर यह चीज देख सकते हैं कि जैसे ही आपका बच्चा खाने बैठता है उसके हाथों में या तो स्मार्टफोन होता है या फिर उसकी नजरें टीवी की स्क्रीन पर टिकी हुई रहती हैं. कई बार शिशु इसके लिए जिद करते हैं तो कई बार माता-पिता ही बच्चों को जल्दी खाना खिलाने के चक्कर में उनके हाथों में स्मार्टफोन पकड़ा देते हैं. शुरूआती दौर में पैरेंट्स को लगता है कि इसकी वजह से शिशु जल्दी खाना खा लेंगे लेकिन धीरे-धीरे उनकी यही आदत एक बड़ी समस्या बन जाती है. शिशु का पूरा ध्यान स्मार्टफोन की स्क्रीन पर होता है और इस वजह से अक्सर वह बिना समझे और ठीक से चबाए खाना खा लेता है. अगर उसकी यह आदत सुधारी न जाए तो इसका असर सिर्फ उसके सेहत पर नहीं पड़ता है, इसका सीधा असर उसके सोचने और सीखने की कैपिसिटी पर भी पड़ने लगता है. अगर आपके शिशु भी स्मार्टफोन देखे बिना खाना नहीं खाते हैं, तो आज की यह आर्टिकल आपके लिए ही है. आज हम आपको कुछ ऐसे नुकसानों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं जो उसे इस आदत की वजह से हो सकती है. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं. ध्यान भटकने से डाइजेशन पर पड़ता है असर जब आपका बच्चा खाना खाते हुए स्क्रीन की तरफ देखता रहता है तो उसके पूरा ध्यान खीने के कप नहीं रहता है. कई बार वह बिना चबाए या फिर ठीक से खाना को समझे हुए भी उसे खा लेता है. अगर ऐसा हो तो डाइजेशन प्रोसेस भी सही से पूरा नहीं हो पाता है. बार-बार ऐसा होते रहने से शिशु को गैस, पेट दर्द और अपच जैसी प्रॉब्लम्स होने लग जाती हैं. ऐसा न हो इसलिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आपका बच्चा अपना ध्यान स्मार्टफोन के ऊपर नहीं बल्कि खाना खाते समय अपना पूरा ध्यान खाने के ऊपर रखे. खाने की आदतें हो जाती हैं खराब अक्सर ऐसा होता है कि मोबाइल देखते-देखते हुए बच्चा जरूरत से ज्यादा खाने लग जाता है, या फिर कई बार ऐसा भी होता है कि ध्यान न लगने की वजह से वह कम खाना खाकर भी उठ जाता है. मोबाइल पर ध्यान होने की वजह से उसे यह समझ ही नहीं आता है कि उसने कितना खाना खा लिया है. अगर बच्चा मोबाइल देखते हुए ज्यादा खाने लग जाए तो इसकी वजह से उसे ओवरईटिंग की प्रॉब्लम भी हो सकती है, जो आगे चलकर उसके मोटापे का भी कारण बन सकती है. परिवार से दूरी और बातचीत की कमी खाना सिर्फ आपके पेट को भरने का काम नहीं करता है, यह परिवार के साथ समय बिताने का भी एक जबरदस्त मौका होता है. लेकिन जब आपका बच्चा खाना खाते समय अपना पूरा ध्यान मोबाइल फोन पर टिकाकर रखता है, तो फैमिली मेंबर्स के साथ उसे बात करने का मौका भी नहीं मिल पाता है. अगर इस आदत को समय रहते सुधारा न जाए तो उसके अंदर सोशल स्किल्स सही से डेवलप भी नहीं हो पाती है. कई मामलों में शिशु आगे चलकर अकेला रहना भी पसंद करने लग जाते हैं. मेंटल डेवलपमेंट पर निगेटिव अफेक्ट जब बच्चा खाना खाते समय लगातार स्मार्टफोन की तरफ देखता रहता है, तो उसका दिमाग पूरी तरह से स्क्रीन पर ही फोकस्ड रहने लगता है. ऐसा होने की वजह से उसका कंसंट्रेशन कम होने लग जाता है. अगर वह सही से कंसन्ट्रेट नहीं कर पाएगा तो उसका ध्यान कभी भी पढ़ाई और अन्य एक्टिविटीज पर सही तरीके से नहीं लग पाएगा. उसकी यह आदत आगे चलकर उसकी चीजों को सीखने की कैपिसिटी को अफेक्ट कर सकती है. ये भी पढ़ें: छोटी उम्र में ही कैविटी से खराब हो रहे हैं शिशु के दांत? जानिए इसकी वजह और बचाव के तरीके The post रोक लें शिशु की मोबाइल देखकर खाना खाने की आदत, वरना बहुत पछताएंगे; होगा भारी नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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