Hot News

मुख्य खबर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

NIT जालंधर को 2nd Year में कहा Bye-Bye, JEE एडवांस के जरिए IIT में बनाई जगह

IIT Success Story: 12वीं के बाद बहुत से छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का सपना देखते हैं. इनमें से कई होते हैं जो सिर्फ IIT में ही एडमिशन लेना चाहते हैं, फिर चाहे इसके लिए कितना भी बड़ा रिस्क क्यों न लेना पड़े. कुछ ऐसी ही कहानी है सोनल खोलवाल की, जिन्होंने NIT में एडमिशन लेने के बाद भी अपना सबकुछ रिस्क पर लगाकर जेईई एडवांस परीक्षा की तैयारी की और IIT में जगह बनाई. NIIT को छोड़ शुरू की IIT JEE के लिए तैयारी सोनल खोलवाल ने NIT जालंधर में सीट मिलने के बावजूद दूसरे सेमेस्टर में कॉलेज छोड़ दिया था और दोबारा JEE Advanced की तैयारी शुरू कर दी. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हों IIT Delhi में एडमिशन मिल गया. कोविड के दौरान फिर से शुरू की JEE एडवांस की तैयारी साल 2020 में सोनल Dr BR Ambedkar National Institute of Technology Jalandhar में सीट मिली थी. उस समय कोविड महामारी के कारण कॉलेज बंद थे और ज्यादातर छात्र हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे थे. लेकिन उन्होंने इस समय का इस्तेमाल JEE Advanced की तैयारी के लिए किया. ताना देते थे लोग सोनल ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में अपनी कहानी बताते हुए कहा कि सबसे मुश्किल पढ़ाई नहीं थी बल्कि लोगों की बातें थीं. आसपास के लोग लगातार कहते थे कि NIT मिल चुका है, फिर रिस्क क्यों ले रही हो. अगर इससे बेहतर कुछ नहीं मिला तो? हालांकि, सोनल ने इन सवालों पर कभी ध्यान नहीं दिया और खुद पर भरोसा किया. आगे कहा कि जब कोई आसपास के सभी लोग सेफ रास्ता चुनने को कह रहे हैं तब खुद पर दांव लगाना आसान नहीं होता. डर, दबाव और असमंजस हर दिन महसूस होता है. लेकिन अंत में अपने सपनों और फैसलों के साथ आपको ही जीना होता है. 2nd Semester में लिया रिस्क सोनल ने अपने 2nd Semester में NIT जालंधर छोड़ने का फैसला लिया और पूरी मेहनत के साथ JEE Advanced परीक्षा दी. इसके बाद उन्हें IIT Delhi में एडमिशन मिल गया. सलोनी ने स्टूडेंट्स से कहा कि खुद पर भरोसा करना बहुत जरूरी है. अगर आपको लगता है कि आप बेहतर कर सकते हैं, तो मेहनत करने और कोशिश करने से पीछे नहीं हटना चाहिए. यह भी पढ़ें- इंजीनियरिंग कॉलेज की लिस्ट में दूसरे स्थान पर है ये कॉलेज, एडमिशन मिलना नहीं है इतना आसान The post NIT जालंधर को 2nd Year में कहा Bye-Bye, JEE एडवांस के जरिए IIT में बनाई जगह appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

30 की उम्र पार करते ही क्यों कमजोर होने लगती हैं हड्डियां? जानें इसके कारण और बचाव के तरीके

Bone Health: अक्सर हम यह मानते हैं कि हमारी हड्डियां सिर्फ बुढ़ापे में ही कमजोर होती हैं. लेकिन जब बात सच्चाई की होती है तो यह कुछ और ही बताती है. आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन हमारी हड्डियां 30 की उम्र के बाद ही कमजोर होने लग जाती हैं. जब आप इस उम्र को पार करते हैं तो आपके शरीर में बोन डेंसिटी यानी कि हड्डियों की मजबूती धीरे-धीरे कम होने लग जाती है. बचपन और प्यूबर्टी में आपका शरीर तेजी से नयी हड्डियां बना लेता है, लेकिन जैसे ही आप 30 की उम्र को पार करते हैं यह प्रोसेस काफी हद तक धीमा हो जाता है. ऐसा न हो इसलिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप 30 की उम्र के बाद अपनी डाइट और लाइफस्टाइल का सही से ख्याल रखना शुरू कर दें. अगर आप इन चीजों का सही से ख्याल नहीं रखते हैं तो आगे चलकर आपको ऑस्टियोपोरोसिस जैसी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं. आज की इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताने वाले हैं कि 30 की उम्र के बाद आपकी हड्डियां कमजोर क्यों होने लगती है और आप किस तरह से ऐसा होने से रोक सकते हैं. चलिए जानते हैं. शरीर में कैल्शियम की कमी बनती है बड़ी वजह अगर आपकी उम्र 30 से ज्यादा है तो आपके लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप अपने शरीर में कैल्शियम की कमी न होने दें. आपकी हड्डियों को मजबूती देने में कैल्शियम का बहुत ही बड़ा योगदान होता है. जब आपकी उम्र 30 से ज्यादा होती है तो आपका शरीर कैल्शियम का इस्तेमाल पहले की तरह नहीं कर पाता है. अगर आप अपनी हड्डियों को कमजोर होने से बचाना चाहते हैं तो जितनी जल्दी हो सके अपनी डाइट में दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स को शामिल करना शुरू कर दें. अगर आपकी डाइट में ये चीजें नहीं होंगी तो आपकी हड्डियां कमजोर होने लग जाएंगी. इसके अलावा आप अगर चाहें तो आपके डॉक्टर से कंसल्ट करके कैल्शियम की गोलियां भी ले सकते हैं. विटामिन D की कमी भी करती है असर आपकी डाइट में कैल्शियम की मात्रा चाहे कितनी भी अच्छी हो, लेकिन यह तभी आपके शरीर में सही से काम कर पाएगा जब आप अपने शरीर में विटामिन D का भी सही से ख्याल रखते हैं. आज के समय में हम ज्यादातर समय अपने घर पर बिताते हैं या फिर ऑफिस में काम करते हुए ही हमारी शाम हो जाती है. ऐसा होने की वजह से हम ज्यादा देर तक धूप में नहीं रह पाते हैं. जब आपके शरीर में विटामिन D की कमी होती है तो इससे भी आपकी हड्डियां कमजोर पड़ने लगती हैं. अगर आपका शरीर हर समय दर्द कर रहा है, आपको थकान महसूस हो रही है या फिर आपके जोड़ों में तेज दर्द हो रहा है, तो ये सभी इसके शुरूआती संकेत हो सकते हैं. खराब लाइफस्टाइल भी है जिम्मेदार आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन हड्डियों के कमजोर होने के पीछे की सबसे बड़ी कुछ और भी वजहें हैं. इनमें कम फिजिकल एक्टिविटीज करना, एक ही जगह पर घंटों बैठकर काम करते रहना, जरूरत से ज्यादा जंक फूड्स का सेवन करना, स्मोकिंग और ड्रिंकिंग करना सबसे प्रमुख कारणों में से हैं. जब आप एक्सरसाइज या फिर फिजिकल एक्टिविटीज नहीं करते हैं तो आपकी हड्डियों के साथ-साथ आपके मसल्स भी कमजोर होने लग जाते हैं. इसके अलावा 30 की उम्र के बाद हार्मोन्स में बदलाव होने की वजह से भी ये प्रॉब्लम तेजी से बढ़ने लगती है. कैसे करें हड्डियों का बचाव? अगर आप अपनी हड्डियों को लंबे समय तक स्ट्रॉन्ग और हेल्दी रखना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बैलेंस्ड डाइट लेना काफी ज्यादा जरूरी हो जाता है. अपनी डाइट में उन चीजों को शामिल करना शुरू कर दें जिनमें आपको भरपूर मात्रा में कैल्शियम, प्रोटीन और इस तरह की सभी जरूरी न्यूट्रिएंट्स मौजूद हों. इसके अलावा हर सुबह उठने के बाद थोड़ी देर धूप में बैठें ताकि आपके शरीर को जरूरी विटामिन D मिल सके. इसके अलावा आपको हर दिन कम से कम 30 से 40 मिनट वॉक, योगा या फिर लाइट एक्सरसाइज भी करना शुरू कर देना चाहिए. इन बातों का भी रखें खास ख्याल अगर आपकी उम्र 30 से ज्यादा हो चुकी है तो अब आपको कोल्ड ड्रिंक, प्रोसेस्ड फूड्स और ज्यादा नमक वाली चीजों का सेवन करना कम कर देना चाहिए. इस तरह की चीजों की वजह से भी आपके शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है. इसके अलावा अगर आपको लगातार कमर दर्द, घुटनों में दर्द या फिर काफी जल्दी थक जाने की प्रॉब्लम रहती है तो आपको बिना देरी किये अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. अगर आप समय रहते खुद पर ध्यान देना शुरू कर देते हैं तो हड्डियों से जुड़ी कई तरह की गंभीर समस्याओं से खुद को बचाकर रख सकंगे. ये भी पढ़ें: पेट की जिद्दी चर्बी से हैं परेशान? हर सुबह पिएं ये ड्रिंक्स, एक महीने में 4 से 5 किलो तक कम हो सकता है वजन The post 30 की उम्र पार करते ही क्यों कमजोर होने लगती हैं हड्डियां? जानें इसके कारण और बचाव के तरीके appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Dharmendra का पद्म विभूषण लेते ही इमोशनल हुईं हेमा मालिनी, बोलीं- उनका हाथ मेरे साथ था

हिंदुस्तानीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ कहे जाने वाले दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र जी को मरणोपरांत देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान यानी ‘पद्म विभूषण’ दिया गया है. 25 मई को जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह सम्मान धर्मेंद्र जी की पत्नी और एक्ट्रेस हेमा मालिनी के हाथों में सौंपा, तो वो ऐतिहासिक पल काफी इमोशनल कर देने वाला था. अपने ‘धरम जी’ की याद में हेमा मालिनी की आंखें भर आईं. इस सम्मान को स्वीकार करने के बाद, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बेहद इमोशनल पोस्ट शेयर कर अपने दिल के जज्बात बयां किए हैं. यहां देखें पोस्ट- An euphoric moment! A moment when I actually felt my husband Dharam ji’s warm presence, holding my hand and guiding me to the dais where his Padma Vibhushan award awaited him❤️Yday at the serene Padma award function, as Her Excellency the President personally handed out the… pic.twitter.com/bK1Ix6lEzG — Hema Malini (@dreamgirlhema) May 26, 2026 हेमा मालिनी को महसूस हुआ धर्मेंद्र जी का साथ हेमा मालिनी ने अपने एक्स (पहले ट्विटर) पोस्ट में बताया कि जब वह स्टेज की तरफ बढ़ रही थीं, तो उन्हें ऐसा लगा जैसे धर्मेंद्र जी खुद उनका हाथ पकड़कर उनके साथ चल रहे हैं. हेमा मालिनी ने लिखा, “जब मैं वहां बैठी थी, तो मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा था. मुझे धर्मेंद्र जी के साथ बिताए पुराने दिन याद आ रहे थे, जब हम फिल्मों में साथ काम करते थे और फिर जब हम जीवनसाथी बने. वह एक बहुत अच्छे पति, प्यारे पिता और दादा थे.” हेमा मालिनी ने यह अवॉर्ड अपने पूरे परिवार और धर्मेंद्र जी के लाखों फैंस की तरफ से स्वीकार किया. बेटी ईशा देओल ने भी जताया गर्व View this post on Instagram A post shared by ESHA DHARMENDRA DEOL (@imeshadeol) धर्मेंद्र जी की बेटी ईशा देओल ने भी सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर की है. ईशा ने लिखा कि यह हमारे लिए बहुत गर्व का दिन है. हम सब बहुत चाहते थे कि आज पापा खुद यहां मौजूद होते. कल जब मम्मी (हेमा मालिनी) स्टेज पर अवॉर्ड ले रही थीं, तो हमारी छोटी बहन अहाना की आंखों में आंसू आ गए और वह पापा के सम्मान में तालियां बजा रही थीं. यह भी पढ़ें: ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ की तुलसी को आई ‘कहानी घर घर की’ की पार्वती की याद, Smriti Irani ने शेयर की खास तस्वीर The post Dharmendra का पद्म विभूषण लेते ही इमोशनल हुईं हेमा मालिनी, बोलीं- उनका हाथ मेरे साथ था appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रामगढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, राहुल दुबे गैंग के 6 अपराधी गिरफ्तार

रामगढ़ से भागीरथ महतो की रिपोर्ट Ramgarh News: झारखंड के रामगढ़ जिले में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत की अध्यक्षता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. जिसमें जिले में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक किशोर को निरुद्ध किया गया है. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पतरातु के नेतृत्व में गठित विशेष छापामारी दल द्वारा की गई. बड़ी घटना को अंजाम देने की थी तैयारी 25 मई को गुप्त सूचना मिली थी कि पतरातु थाना क्षेत्र में कुछ अपराधी किसी बड़ी घटना की योजना बना रहे हैं. सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर सभी को पकड़ लिया. हथियार और सामान बरामद  छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास ये सामान किया बरामद :  1 देशी लोडेड पिस्टल 34 जिंदा राउंड 2 मैगजीन 3 मोटरसाइकिल 6 मोबाइल फोन राहुल दुबे गिरोह से जुड़े हैं आरोपी पुलिस के अनुसार सभी गिरफ्तार अपराधी राहुल दुबे गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं. पूछताछ में उन्होंने रेलवे फ्लाईओवर, ओसम डेयरी प्लांट और अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट पर हुई गोलीबारी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. गिरफ्तार अपराधियों की पहचान गिरफ्तार आरोपियों में विकास साव, विशाल कुमार, बिंदु कुमार रवि, हीरालाल कुमार, दिगंबर प्रजापति उर्फ डेगन और एहतेसाम अंसारी उर्फ दुलर्भ शामिल हैं. इसके अलावा एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है. आपराधिक इतिहास भी आया सामने गिरफ्तार आरोपियों में कुछ का आपराधिक इतिहास भी रहा है. विशेषकर विकास साव और दिगंबर प्रजापति के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं. कानूनी कार्रवाई जारी इस मामले में पतरातु थाना कांड संख्या 126/26 के तहत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है. छापेमारी टीम में ये अधिकारी रहे शामिल इस कार्रवाई में एसडीपीओ पतरातु राघवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में कई थाना प्रभारी, ओपी प्रभारी और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल थे. यह भी पढ़ें: सरायकेला-खरसावां : पेसा नियमावली लागू करने की मांग को लेकर भूमिज-मुंडा समाज ने सौंपा ज्ञापन यह भी पढ़ें: Ramgarh: आर्यिका माताओं की सड़क दुर्घटना में समाधि को लेकर जैन समाज में आक्रोश, निकाली गयी मौन रैली The post रामगढ़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, राहुल दुबे गैंग के 6 अपराधी गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रितु जायसवाल ने थामा BJP का दामन, बोलीं- मुझे ट्रोल करने के लिए पुराने वीडियो वायरल किए जाएंगे

Ritu Jaiswal: बिहार की चर्चित नेता रितु जायसवाल अब हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गई हैं. मंगलवार को पटना स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई. बीजेपी जॉइन करने के बाद रितु जायसवाल ने साफ कहा कि उनके पुराने वीडियो और बयानों को लेकर उन्हें ट्रोल किया जा सकता है, लेकिन वह इससे डरने वाली नहीं हैं. ‘मैं बागी नहीं थी, जनता बदलाव चाहती थी’ रितु जायसवाल ने कहा कि जब उन्होंने परिहार सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया था, तब लोगों ने उन्हें ‘बागी’ कहा. लेकिन असल में परिहार की जनता बदलाव चाहती थी. उन्होंने कहा कि लोगों ने मुझे भरपूर समर्थन दिया और करीब 65 हजार वोट मिले. इससे साफ था कि जनता मेरे साथ थी. बीजेपी में शामिल होने के फैसले पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है. संजय सरावगी का RJD पर तंज बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने रितु जायसवाल का स्वागत करते हुए RJD पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि अगर हमने अपने दरवाजे पूरी तरह खोल दिए, तो RJD की चौखट पर नेता दिखाई नहीं देंगे. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी लगातार मजबूत हो रही है और दूसरे दलों के नेता भी पार्टी की विचारधारा से प्रभावित हो रहे हैं. टिकट कटने के बाद बढ़ी थी नाराजगी 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में RJD ने परिहार सीट से रितु जायसवाल का टिकट काट दिया था. पार्टी ने वहां से रामचंद्र पूर्वे की बहू को उम्मीदवार बनाया. इसके बाद नाराज रितु जायसवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा. हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने करीब 64 हजार वोट हासिल किए. माना गया कि उनके चुनाव लड़ने से RJD उम्मीदवार को बड़ा नुकसान हुआ. बाद में पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था. RJD में कई अहम पद संभाल चुकी हैं रितु रितु जायसवाल बिहार की नेतृत्व का चर्चित चेहरा रही हैं. वह RJD स्त्री प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रह चुकी हैं. इसके अलावा 2021 से 2023 तक पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी संभाली. 2020 के विधानसभा चुनाव में RJD ने उन्हें परिहार सीट से उम्मीदवार बनाया था. वहीं 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें शिवहर सीट से मैदान में उतारा था. चुनाव में उन्हें करीब 4.47 लाख वोट मिले थे, लेकिन वह लवली आनंद से करीब 29 हजार वोटों से हार गई थीं. सोशल मीडिया पोस्ट से दिया था संकेत रितु जायसवाल 24 मई को X पर पोस्ट कर बीजेपी में शामिल होने की जानकारी दी. अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि देश संवेदनशील दौर से गुजर रहा है और ऐसे समय में सादगी और जनहित की नेतृत्व जरूरी है. उन्होंने कहा था कि नेतृत्व उनके लिए ‘सेवा, जिम्मेदारी और विचार’ का माध्यम है, न कि प्रदर्शन और दिखावे का. Also Read: गोरखपुर-सिलीगुड़ी और वाराणसी-कोलकाता समेत 15 एक्सप्रेसवे बदल देंगे बिहार की तस्वीर, कई शहरों की दूरी होगी आधी The post रितु जायसवाल ने थामा BJP का दामन, बोलीं- मुझे ट्रोल करने के लिए पुराने वीडियो वायरल किए जाएंगे appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अधिक मास की समाप्ति, निर्जला एकादशी और बड़े ग्रह गोचर से भरपूर रहेगा यह महीना, पढ़ें जून 2026 के व्रत-त्योहार की पूरी लिस्ट

June 2026 Vrat Tyohar: कुछ ही दिनों में साल के छठे महीने जून की शुरुआत होने वाली है. ज्योतिष शास्त्र और पंचांग के अनुसार, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और व्रत-त्योहारों के आधार पर जून 2026 का महीना काफी खास और फलदायी रहने वाला है. इस महीने में कई बड़े व्रत-त्योहार पड़ेंगे और कई शुभ संयोग भी बनेंगे. जून की शुरुआत ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि के साथ हो रही है, जबकि इसका समापन आषाढ़ महीने की शुरुआत के साथ होगा. इस दौरान अधिक मास का भी अंत होगा. आइए जानते हैं इस खास महीने के व्रत-त्योहार और ग्रह गोचर की विस्तृत लिस्ट… जून 2026 के व्रत और त्योहार दिन और तिथि वर्त त्योहार 3 जून (बुधवार) विभुवन संकष्टी 7 जून (रविवार) अधिक भानु सप्तमी 8 जून (सोमवार) अधिक कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 11 जून (गुरुवार) परम एकादशी 12 जून (शुक्रवार) प्रदोष व्रत (शुक्र), अधिक कृष्ण रामलक्ष्मण द्वादशी 13 जून (शनिवार) मासिक कार्तिगाई, मासिक शिवरात्रि 14 जून (रविवार) रोहिणी व्रत, अधिक दर्श अमावस्या 15 जून (सोमवार) मिथुन संक्रांति, ज्येष्ठ अधिक अमावस्या और अधिकमास समाप्त 16 जून (मंगलवार) चंद्र दर्शन 17 जून (बुधवार) महाराणा प्रताप जयंती 18 जून (गुरुवार) प्रद्युम्न चतुर्थी 19 जून (शुक्रवार) स्कंद षष्ठी 20 जून (शनिवार) जमाई षष्ठी 21 जून (रविवार) भानु सप्तमी, साल का सबसे बड़ा दिन 22 जून (सोमवार) धूमावती जयंती, मासिक दुर्गाष्टमी 23 जून (मंगलवार) महेश नवमी 25 जून (गुरुवार) निर्जला एकादशी, गायत्री जयंती 26 जून (शुक्रवार) रामसक्ष्मण द्वादशी 27 जून (शनिवार) शनि प्रदोष व्रत, शनि त्रयोदशी 29 जून (सोमवार) वट पूर्णिमा व्रत, ज्येष्ठ पूर्णिमा, बटुक भैरवी जयंती 30 जून (मंगलवार) आषाढ़ माह का आरंभ जून 2026 के प्रमुख ग्रह गोचर इस महीने ग्रहों की चाल भी काफी रोचक रहने वाली है. कई बड़े ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे, जिसका जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ेगा: 2 जून: सुबह 02:25 बजे गुरु ग्रह का कर्क राशि में गोचर (यह एक बहुत बड़ा खगोलीय परिवर्तन है). 8 जून: शाम 05:47 बजे शुक्र ग्रह का कर्क राशि में गोचर. 15 जून: दोपहर 12:58 बजे सूर्य ग्रह का मिथुन राशि में गोचर (मिथुन संक्रांति). 20 जून: सुबह 12:07 बजे मंगल ग्रह का वृषभ राशि में गोचर. 22 जून: दोपहर 03:41 बजे बुध ग्रह का कर्क राशि में गोचर. इसके अलावा, चंद्र ग्रह जून 2026 में अपनी तेज गति के कारण कुल 13 बार राशि गोचर करेंगे. इस प्रकार, जून 2026 का महीना धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. व्रत-त्योहारों का फल प्राप्त करने के लिए श्रद्धा और विधि-विधान का पालन करें. The post अधिक मास की समाप्ति, निर्जला एकादशी और बड़े ग्रह गोचर से भरपूर रहेगा यह महीना, पढ़ें जून 2026 के व्रत-त्योहार की पूरी लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

गर्मियों में कौन से रंग के कपड़े शरीर को सबसे ज्यादा ठंडा रखते हैं? फ्रेश और एनर्जेटिक रहना है तो जान लें

Summer Fashion Tips: गर्मियों के इन दिनों में धूप काफी ज्यादा तेज होती है. ऐसे में लगातार बढ़ते हुए टेम्परेचर की वजह से हमारा शरीर बाकी दिनों की तुलना में और भी ज्यादा थक जाता है. शरीर को थकावट और अन्य परेशानियों से बचाकर रखने के लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि इस दौरान आप अपने कपड़ों पर भी ध्यान देना शुरू कर दें. गर्मियों के दिनों में आपके लिए सिर्फ सही कपड़े पहनना ही काफी नहीं होता है, आपके लिए सही रंग के कपड़े पहनना भी जरूरी हो जाता है. आपको शायद हैरानी हो लेकिन आपके कपड़ों का रंग काफी हद तक आपके शरीर की गर्मी को अफेक्ट कर सकता है. साइंस की अगर मानें तो हल्के और गहरे रंग के कपड़े, सूर्य की रोशनी को अलग-अलग तरीके से एब्जॉर्ब और रिफ्लेक्ट करते हैं. ऐसा होने की वजह से आपके शरीर का टेम्परेचर आसानी से बदल सकता है. यह एक बड़ी वजह है कि आपको गर्मियों के इन दिनों में अपने लिए एक सही रंग के कपड़े का चुनाव करना चाहिए. जब आप एक सही रंग का कपड़ा पहनते हैं तो आपको खुद को ठंडा, फ्रेश और ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करने लग जाते हैं. हल्के रंग क्यों होते हैं सबसे बेहतर? गर्मियों के इन दिनों में आपको जितना हो सके सफेद, लाइट ब्लू, क्रीम, पेस्टल पिंक और लाइट ग्रीन रंग के कपड़े पहनने की कोशिश करनी चाहिए. ये हल्के रंग होते हैं और गर्मियों के दिनों में इन्हें ही सबसे ज्यादा कम्फर्टेबल माना जाता है. जब आप इस रंग के कपड़े पहनते हैं तो ये सूर्य की रोशनी को ज्यादा मात्रा में रिफ्लेक्ट कर देते हैं. ऐसा होने की वजह से आपके शरीर पर गर्मी का असर कम पड़ता है. सफेद रंग के कपड़ों की सबसे बेस्ट माना जाता है क्योंकि ये सूर्य की लगभग पूरी रोशनी को ही रिफ्लेक्ट कर देता है और साथ ही आपके शरीर को गर्म होने से भी बचाता है,. गहरे रंग क्यों बढ़ा सकते हैं गर्मी? गर्मियों में अगर आप काले, डीप ब्लू, डीप रेड या फिर डार्क ब्राउन जैसे डार्क रंग के कपड़े पहनते हैं, तो इसकी वजह से आपके शरीर को ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है. साइंस की मानें तो इन रंगों के कपड़े सूर्य की रोशनी को ज्यादा से ज्यादा एब्जॉर्ब करते हैं और इसकी वजह से आपके शरीर का टेम्परेचर तेजी से बढ़ने भी लगता है. हालांकि, ये डार्क रंग दिखने में काफी ज्यादा स्टाइलिश और क्लासी लगते हैं, लेकिन जब आप इन्हें तेज धूप में लंबे समय तक पहने रहते हैं तो आपको ज्यादा पसीना और बेचैनी जैसी प्रॉब्लम्स हो सकती है. पेस्टल और नेचुरल टोन क्यों हैं ट्रेंड में? अगर आप फैशन की दुनिया में नजर डालेंगे तो आपको पता चेलगा कि अभी के समय में पेस्टल रंगों का क्रेज काफी ज्यादा है. ये स्टाइल और कम्फर्ट का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है. लाइट लैवेंडर, मिंट ग्रीन, बेबी ब्लू, पीच और स्काई टोन जैसे रंग आपकी आंखों को सुकून देते हैं और गर्मियों के इन दिनों में ठंडक का एहसास कराने में मदद करते हैं. इसके अलावा इन रंगों के कपड़े काफी ज्यादा ट्रेंडी भी लगते हैं देखने में. जब आप इन रंगों के कपड़े पहनते हैं तो आपका लुक फ्रेश, सॉफ्ट और ज्यादा मॉडर्न लगने लगता है. कपड़े का फैब्रिक भी उतना ही जरूरी आपके लिए सिर्फ कपड़ों का रंग ही नहीं बल्कि उसका फैब्रिक भी उतना ही मैटर करता है. गर्मियों के इन दिनों में आपको कॉटन, लिनन और खादी जैसे लाइट और सांस लेने वाले फैब्रिक के कपड़े पहनने की कोशिश करनी चाहिए. इस फैब्रिक के जो कपड़े होते हैं वे आपके शरीर से हवा को पास होने में मदद करते हैं. ऐसा होने की वजह से आपको पसीना कम आता है और साथ ही स्किन को भी राहत मिलती है. जब आप हल्के रंग और हल्के फैब्रिक का कपड़ा पहनना शुरू करते हैं तो आपको ज्यादा कम्फर्टेबल महसूस होता है और आप एनर्जेटिक भी ज्यादा रहने लग जाते हैं. ये भी पढ़ें: नौतपा में शरीर को अंदर से ठंडा रखेंगी ये 6 चीजें, लू और डिहाइड्रेशन से भी मिलेगा बचाव The post गर्मियों में कौन से रंग के कपड़े शरीर को सबसे ज्यादा ठंडा रखते हैं? फ्रेश और एनर्जेटिक रहना है तो जान लें appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

एक जैसे दिखने वाले इन दो शब्दों में क्या है अंतर? समझिए कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए क्यों हैं ये खास

DA vs DR : प्रशासनी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच डीए (DA) और डीआर (DR) दो ऐसे शब्द हैं, जो सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं. जब भी प्रशासन इनमें बढ़ोतरी करती है, तो देश के लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों के चेहरे खिल जाते हैं. भले ही इन दोनों का मुख्य उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर को कम करना और जीवन-यापन को आसान बनाना हो, लेकिन तकनीकी रूप से ये दोनों एक-दूसरे से काफी अलग हैं. आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि इन दोनों में क्या अंतर है और इनकी गणना कैसे होती है. क्या होता है महंगाई भत्ता (DA) ? DA यानी डियरनेस अलाउंस (Dearness Allowance): यह केंद्र और राज्य प्रशासन के मौजूदा (वर्किंग) कर्मचारियों की सैलरी का एक अहम हिस्सा होता है. बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों को संतुलित करना. इसे हर छह महीने में ‘ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ (AICPI) के आंकड़ों के आधार पर साल में दो बार (आमतौर पर मार्च और अक्टूबर में) रिवाइज किया जाता है, जो जनवरी और जुलाई से प्रभावी होता है.यह कर्मचारी की ‘कॉस्ट-टू-कंपनी’ (CTC) और मासिक सैलरी को सीधे बढ़ाता है. क्या होती है महंगाई राहत (DR) ? DR यानी डियरनेस रिलीफ (Dearness Relief): यह नौकरी से सेवानिवृत्त (Retired) हो चुके कर्मचारियों यानी पेंशनर्स को मिलने वाली पेंशन का एक हिस्सा होता है. रिटायरमेंट के बाद बुजुर्गों को बढ़ती महंगाई के खर्चों से बचाना.इसे भी DA के साथ ही साल में दो बार संशोधित किया जाता है.यह उन पूर्व कर्मचारियों की मासिक व्यक्तिगत या पारिवारिक पेंशन (Family Pension) की रकम को बढ़ाता है. Also Read: रसोई गैस सिलेंडर की सब्सिडी अचानक क्यों हो गई बंद? जानिए 3 मुख्य कारण और दोबारा शुरू कराने का आसान तरीका The post एक जैसे दिखने वाले इन दो शब्दों में क्या है अंतर? समझिए कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए क्यों हैं ये खास appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Quad Summit 2025: ‘सिर्फ चर्चा नहीं, अब कार्रवाई करेगा क्वॉड’, भारत दौरे पर बोले मार्को रुबियो

Quad Summit 2025: हिंदुस्तान में आयोजित क्वॉड के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान अमेरिका ने साफ संकेत दिया कि क्वॉड अब केवल बातचीत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने नई दिल्ली में कहा कि क्वॉड धीरे-धीरे एक एक्शन ओरिएंटेड रणनीतिक साझेदारी में बदल रहा है. हैदराबाद हाउस में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने हिंदुस्तान प्रशासन और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर का स्वागत और मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया. रुबियो ने कहा कि पिछले एक साल में क्वॉड देशों का लक्ष्य सिर्फ समस्याओं पर चर्चा करना नहीं बल्कि उन पर ठोस कार्रवाई करना रहा है. उन्होंने कहा कि अब यह मंच धीरे-धीरे ऐसे गठबंधन में बदल रहा है जो वास्तविक काम कर रहा है. उनके मुताबिक सदस्य देशों की जनता को यह बताया जा सकता है कि कई क्षेत्रों में तेजी और प्रभावी तरीके से सहयोग आगे बढ़ रहा है. एशिया पैसिफिक से लेकर एनर्जी सिक्योरिटी तक फोकस अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हाल के वैश्विक घटनाक्रमों के बाद क्वॉड का एजेंडा पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है. उन्होंने बताया कि क्वॉड सिर्फ चार रणनीतिक सहयोगी देशों की बैठक नहीं है, बल्कि हर सदस्य देश अपनी अलग क्षमता लेकर आता है. सामूहिक रूप से ये देश दुनिया की कई बड़ी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं. रुबियो ने खास तौर पर मानवीय सहायता, ऊर्जा सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता, क्रिटिकल मिनरल और सप्लाई चेन डाइवर्सिफाई करने जैसे मुद्दों का उल्लेख किया. ये भी पढ़ें:- चीन की अकड़ कम करने साथ आए हिंदुस्तान-अमेरिका, Rare Earth सप्लाई चेन पर की बड़ी साझेदारी क्रिटिकल मिनरल और सप्लाई चेन पर बढ़ेगा सहयोग उन्होंने कहा कि ऊर्जा के अलावा क्रिटिकल मिनरल और सप्लाई चेन को विविध और सुरक्षित बनाना क्वॉड की प्राथमिकताओं में शामिल है. यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया भर में चीन पर निर्भर सप्लाई चेन को लेकर चिंता बढ़ रही है और कई देश वैकल्पिक नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं. बैठक खत्म होने के बाद भी जारी रहता है काम मार्को रुबियो ने कहा कि क्वॉड सिर्फ औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं है. उन्होंने बताया कि सदस्य देशों के अधिकारी पूरे साल लगातार संपर्क में रहते हैं और योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए काम करते हैं. उनके मुताबिक अमेरिकी विदेश विभाग में विशेष रूप से ऐसे अधिकारी नियुक्त किए गए हैं जो क्वॉड सहयोग और उससे जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर काम करते हैं.  मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री बनने के तुरंत बाद उनकी पहली आधिकारिक बैठक क्वॉड से जुड़ी थी. उन्होंने कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अमेरिका इस समूह को गंभीरता से लेता है. रुबियो ने कहा कि पिछले तीन दिनों के दौरान हुए द्विपक्षीय कार्यक्रमों के अलावा हिंदुस्तान ने इस अहम बैठक की मेजबानी कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अमेरिकी विदेश मंत्री आज अपनी चार दिनी यात्रा समाप्त करके अमेरिका (पहले आर्मेनिया) वापस लौट रहे हैं. उन्होंने क्वॉड विदेश मंत्रियों की बैठक को बेहद अहम समय में आयोजित सम्मेलन बताया. ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान और नेपाल के बीच चाय पर हुज्जत, क्या दार्जिलिंग ब्रांड पर खड़ा हुआ संकट? जानें पूरा मामला क्वॉड बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा? हिंदुस्तान के निमंत्रण पर ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो हिंदुस्तान पहुंचे. यह बैठक 1 जुलाई 2025 को वॉशिंगटन डीसी में हुई पिछली क्वॉड बैठक के आधार पर आगे बढ़ाई गई. बैठक में मुख्य रूप से मुक्त और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र, समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता, नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था, जलवायु अनुकूलन क्षमता, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचा विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. इसके अलावा क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और वैश्विक हालात पर भी सदस्य देशों ने अपने विचार साझा किए. The post Quad Summit 2025: ‘सिर्फ चर्चा नहीं, अब कार्रवाई करेगा क्वॉड’, हिंदुस्तान दौरे पर बोले मार्को रुबियो appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

खूंटी की महिला किसान ने किया कमाल, उगाया लाखों में बिकने वाला मियाजाकी आम

खूंटी से भूषण कांसी की रिपोर्ट Success Story : झारखंड के खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड के मरचा मिशन गांव की प्रगतिशील स्त्री किसान सिलप्रिया टोपनो इन दिनों पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई हैं. आदिवासी स्त्री किसान ने अपनी मेहनत और लगन से जापान के प्रसिद्ध और दुनिया के सबसे महंगे आमों में शामिल मियाजाकी आम की सफल खेती कर नई मिसाल पेश की है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत 1.5 लाख से 2 लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है. विदेशी आम के पेड़ों में आए फल सिलप्रिया टोपनो ने अपने बारी में मियाजाकी आम के तीन और अमेरिका रेड पाल्मर आम के सात पेड़ के  साथ दर्जन अच्छे नस्ल के आम लगाए हैं. वर्ष 2022 में उन्होंने कोलकाता से ऑनलाइन इन विदेशी प्रजाति के पौधे मंगवाए थे. लगातार 4 वर्षों तक देखभाल और मेहनत के बाद अब पेड़ों में फल आने शुरू हो गए हैं. पेड़ पर लगे लाल रंग के आकर्षक और बड़े आकार के आम लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि कई फलों का वजन एक किलो से अधिक है. विदेशी आम से अच्छी कमाई की उम्मीद विदेशी नस्ल के आमों की खेती से स्त्री किसान को अच्छी कमाई की उम्मीद है. हालांकि, आमों की बढ़ती चर्चा के साथ उनकी चिंता भी बढ़ गई है. लाखों रुपये कीमत वाले आम की चोरी का डर सताने लगा है. इसके कारण सिलप्रिया रातभर बगीचे की रखवाली कर रही हैं. पेड़ों के चारों ओर बांस और तार की घेराबंदी भी कर दी गई है. गांव के लोग भी इस दुर्लभ आम को देखने के लिए दूर दराज उनके बगीचे पहुंच रहे हैं. मियाजाकी आम की हुई हजार रुपये किलो बिक्री स्त्री किसान सिलप्रिया टोपनो ने बताया कि पिछले वर्ष पहली बार वह मियाजाकी आम को लेकर रांची गई थीं, जहां 1 हजार रुपये प्रति किलो की दर से इसकी बिक्री हुई थी. उन्होंने कहा कि इस बार फसल अच्छी हुई है, लेकिन गांव क्षेत्र में इतने महंगे आम खरीदने वाले ग्राहक नहीं मिल पा रहे हैं. यदि प्रशासन और उद्यानिकी विभाग सहयोग करे तथा उचित मार्केटिंग और निर्यात की व्यवस्था बने, तो क्षेत्र के किसान भी विदेशी आम की खेती से अच्छी आमदनी कर सकते हैं. क्या बोलीं सिलप्रिया टोपनो ?  चार साल पहले ऑनलाइन पौधा मंगाकर लगाया था. लगातार मेहनत और देखभाल के बाद अब फल मिलने लगे हैं. इस आम की मांग काफी है, लेकिन गांव में बाजार नहीं मिलने से परेशानी हो रही है. अगर प्रशासन मदद करे, तो यहां के किसान भी विदेशी आम की खेती कर आगे बढ़ सकते हैं. पोषक तत्वों से भरपूर है मियाजाकी आम सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ आनंद किशोर उरांव ने बताया कि जापान में उगाया जाने वाला मियाजाकी आम अपनी अनोखी गुणवत्ता और पोषक तत्वों के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. इसमें एंथोसायनिन, बीटा-कैरोटीन, विटामिन ए, विटामिन सी, फोलिक एसिड और पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, त्वचा को स्वस्थ रखने, आंखों की रोशनी बेहतर करने, दिल को स्वस्थ रखने तथा पाचन तंत्र को मजबूत करने में सहायक माना जाता है. स्त्री किसान बनी प्रेरणा मरचा मिशन गांव की यह स्त्री किसान अब पूरे जिले में खेती-किसानी के क्षेत्र में प्रेरणा बनकर उभर रही हैं. विदेशी आम की खेती ने न केवल उन्हें नई पहचान दिलाई है, बल्कि जिले के किसानों के लिए आधुनिक और लाभकारी खेती की नई राह भी खोल दी है. यह भी पढ़ें: सरायकेला-खरसावां : पेसा नियमावली लागू करने की मांग को लेकर भूमिज-मुंडा समाज ने सौंपा ज्ञापन यह भी पढ़ें: Ramgarh: आर्यिका माताओं की सड़क दुर्घटना में समाधि को लेकर जैन समाज में आक्रोश, निकाली गयी मौन रैली The post खूंटी की स्त्री किसान ने किया कमाल, उगाया लाखों में बिकने वाला मियाजाकी आम appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top