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एक जैसे दिखने वाले इन दो शब्दों में क्या है अंतर? समझिए कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए क्यों हैं ये खास

DA vs DR : प्रशासनी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच डीए (DA) और डीआर (DR) दो ऐसे शब्द हैं, जो सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं. जब भी प्रशासन इनमें बढ़ोतरी करती है, तो देश के लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों के चेहरे खिल जाते हैं. भले ही इन दोनों का मुख्य उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर को कम करना और जीवन-यापन को आसान बनाना हो, लेकिन तकनीकी रूप से ये दोनों एक-दूसरे से काफी अलग हैं. आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि इन दोनों में क्या अंतर है और इनकी गणना कैसे होती है. क्या होता है महंगाई भत्ता (DA) ? DA यानी डियरनेस अलाउंस (Dearness Allowance): यह केंद्र और राज्य प्रशासन के मौजूदा (वर्किंग) कर्मचारियों की सैलरी का एक अहम हिस्सा होता है. बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों को संतुलित करना. इसे हर छह महीने में ‘ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ (AICPI) के आंकड़ों के आधार पर साल में दो बार (आमतौर पर मार्च और अक्टूबर में) रिवाइज किया जाता है, जो जनवरी और जुलाई से प्रभावी होता है.यह कर्मचारी की ‘कॉस्ट-टू-कंपनी’ (CTC) और मासिक सैलरी को सीधे बढ़ाता है. क्या होती है महंगाई राहत (DR) ? DR यानी डियरनेस रिलीफ (Dearness Relief): यह नौकरी से सेवानिवृत्त (Retired) हो चुके कर्मचारियों यानी पेंशनर्स को मिलने वाली पेंशन का एक हिस्सा होता है. रिटायरमेंट के बाद बुजुर्गों को बढ़ती महंगाई के खर्चों से बचाना.इसे भी DA के साथ ही साल में दो बार संशोधित किया जाता है.यह उन पूर्व कर्मचारियों की मासिक व्यक्तिगत या पारिवारिक पेंशन (Family Pension) की रकम को बढ़ाता है. Also Read: रसोई गैस सिलेंडर की सब्सिडी अचानक क्यों हो गई बंद? जानिए 3 मुख्य कारण और दोबारा शुरू कराने का आसान तरीका The post एक जैसे दिखने वाले इन दो शब्दों में क्या है अंतर? समझिए कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए क्यों हैं ये खास appeared first on Naya Vichar.

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Quad Summit 2025: ‘सिर्फ चर्चा नहीं, अब कार्रवाई करेगा क्वॉड’, भारत दौरे पर बोले मार्को रुबियो

Quad Summit 2025: हिंदुस्तान में आयोजित क्वॉड के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान अमेरिका ने साफ संकेत दिया कि क्वॉड अब केवल बातचीत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगा. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने नई दिल्ली में कहा कि क्वॉड धीरे-धीरे एक एक्शन ओरिएंटेड रणनीतिक साझेदारी में बदल रहा है. हैदराबाद हाउस में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने हिंदुस्तान प्रशासन और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर का स्वागत और मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया. रुबियो ने कहा कि पिछले एक साल में क्वॉड देशों का लक्ष्य सिर्फ समस्याओं पर चर्चा करना नहीं बल्कि उन पर ठोस कार्रवाई करना रहा है. उन्होंने कहा कि अब यह मंच धीरे-धीरे ऐसे गठबंधन में बदल रहा है जो वास्तविक काम कर रहा है. उनके मुताबिक सदस्य देशों की जनता को यह बताया जा सकता है कि कई क्षेत्रों में तेजी और प्रभावी तरीके से सहयोग आगे बढ़ रहा है. एशिया पैसिफिक से लेकर एनर्जी सिक्योरिटी तक फोकस अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हाल के वैश्विक घटनाक्रमों के बाद क्वॉड का एजेंडा पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है. उन्होंने बताया कि क्वॉड सिर्फ चार रणनीतिक सहयोगी देशों की बैठक नहीं है, बल्कि हर सदस्य देश अपनी अलग क्षमता लेकर आता है. सामूहिक रूप से ये देश दुनिया की कई बड़ी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं. रुबियो ने खास तौर पर मानवीय सहायता, ऊर्जा सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता, क्रिटिकल मिनरल और सप्लाई चेन डाइवर्सिफाई करने जैसे मुद्दों का उल्लेख किया. ये भी पढ़ें:- चीन की अकड़ कम करने साथ आए हिंदुस्तान-अमेरिका, Rare Earth सप्लाई चेन पर की बड़ी साझेदारी क्रिटिकल मिनरल और सप्लाई चेन पर बढ़ेगा सहयोग उन्होंने कहा कि ऊर्जा के अलावा क्रिटिकल मिनरल और सप्लाई चेन को विविध और सुरक्षित बनाना क्वॉड की प्राथमिकताओं में शामिल है. यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया भर में चीन पर निर्भर सप्लाई चेन को लेकर चिंता बढ़ रही है और कई देश वैकल्पिक नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं. बैठक खत्म होने के बाद भी जारी रहता है काम मार्को रुबियो ने कहा कि क्वॉड सिर्फ औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं है. उन्होंने बताया कि सदस्य देशों के अधिकारी पूरे साल लगातार संपर्क में रहते हैं और योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए काम करते हैं. उनके मुताबिक अमेरिकी विदेश विभाग में विशेष रूप से ऐसे अधिकारी नियुक्त किए गए हैं जो क्वॉड सहयोग और उससे जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर काम करते हैं.  मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री बनने के तुरंत बाद उनकी पहली आधिकारिक बैठक क्वॉड से जुड़ी थी. उन्होंने कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अमेरिका इस समूह को गंभीरता से लेता है. रुबियो ने कहा कि पिछले तीन दिनों के दौरान हुए द्विपक्षीय कार्यक्रमों के अलावा हिंदुस्तान ने इस अहम बैठक की मेजबानी कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अमेरिकी विदेश मंत्री आज अपनी चार दिनी यात्रा समाप्त करके अमेरिका (पहले आर्मेनिया) वापस लौट रहे हैं. उन्होंने क्वॉड विदेश मंत्रियों की बैठक को बेहद अहम समय में आयोजित सम्मेलन बताया. ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान और नेपाल के बीच चाय पर हुज्जत, क्या दार्जिलिंग ब्रांड पर खड़ा हुआ संकट? जानें पूरा मामला क्वॉड बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा? हिंदुस्तान के निमंत्रण पर ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो हिंदुस्तान पहुंचे. यह बैठक 1 जुलाई 2025 को वॉशिंगटन डीसी में हुई पिछली क्वॉड बैठक के आधार पर आगे बढ़ाई गई. बैठक में मुख्य रूप से मुक्त और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र, समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता, नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था, जलवायु अनुकूलन क्षमता, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचा विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. इसके अलावा क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और वैश्विक हालात पर भी सदस्य देशों ने अपने विचार साझा किए. The post Quad Summit 2025: ‘सिर्फ चर्चा नहीं, अब कार्रवाई करेगा क्वॉड’, हिंदुस्तान दौरे पर बोले मार्को रुबियो appeared first on Naya Vichar.

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खूंटी की महिला किसान ने किया कमाल, उगाया लाखों में बिकने वाला मियाजाकी आम

खूंटी से भूषण कांसी की रिपोर्ट Success Story : झारखंड के खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड के मरचा मिशन गांव की प्रगतिशील स्त्री किसान सिलप्रिया टोपनो इन दिनों पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई हैं. आदिवासी स्त्री किसान ने अपनी मेहनत और लगन से जापान के प्रसिद्ध और दुनिया के सबसे महंगे आमों में शामिल मियाजाकी आम की सफल खेती कर नई मिसाल पेश की है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत 1.5 लाख से 2 लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है. विदेशी आम के पेड़ों में आए फल सिलप्रिया टोपनो ने अपने बारी में मियाजाकी आम के तीन और अमेरिका रेड पाल्मर आम के सात पेड़ के  साथ दर्जन अच्छे नस्ल के आम लगाए हैं. वर्ष 2022 में उन्होंने कोलकाता से ऑनलाइन इन विदेशी प्रजाति के पौधे मंगवाए थे. लगातार 4 वर्षों तक देखभाल और मेहनत के बाद अब पेड़ों में फल आने शुरू हो गए हैं. पेड़ पर लगे लाल रंग के आकर्षक और बड़े आकार के आम लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि कई फलों का वजन एक किलो से अधिक है. विदेशी आम से अच्छी कमाई की उम्मीद विदेशी नस्ल के आमों की खेती से स्त्री किसान को अच्छी कमाई की उम्मीद है. हालांकि, आमों की बढ़ती चर्चा के साथ उनकी चिंता भी बढ़ गई है. लाखों रुपये कीमत वाले आम की चोरी का डर सताने लगा है. इसके कारण सिलप्रिया रातभर बगीचे की रखवाली कर रही हैं. पेड़ों के चारों ओर बांस और तार की घेराबंदी भी कर दी गई है. गांव के लोग भी इस दुर्लभ आम को देखने के लिए दूर दराज उनके बगीचे पहुंच रहे हैं. मियाजाकी आम की हुई हजार रुपये किलो बिक्री स्त्री किसान सिलप्रिया टोपनो ने बताया कि पिछले वर्ष पहली बार वह मियाजाकी आम को लेकर रांची गई थीं, जहां 1 हजार रुपये प्रति किलो की दर से इसकी बिक्री हुई थी. उन्होंने कहा कि इस बार फसल अच्छी हुई है, लेकिन गांव क्षेत्र में इतने महंगे आम खरीदने वाले ग्राहक नहीं मिल पा रहे हैं. यदि प्रशासन और उद्यानिकी विभाग सहयोग करे तथा उचित मार्केटिंग और निर्यात की व्यवस्था बने, तो क्षेत्र के किसान भी विदेशी आम की खेती से अच्छी आमदनी कर सकते हैं. क्या बोलीं सिलप्रिया टोपनो ?  चार साल पहले ऑनलाइन पौधा मंगाकर लगाया था. लगातार मेहनत और देखभाल के बाद अब फल मिलने लगे हैं. इस आम की मांग काफी है, लेकिन गांव में बाजार नहीं मिलने से परेशानी हो रही है. अगर प्रशासन मदद करे, तो यहां के किसान भी विदेशी आम की खेती कर आगे बढ़ सकते हैं. पोषक तत्वों से भरपूर है मियाजाकी आम सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ आनंद किशोर उरांव ने बताया कि जापान में उगाया जाने वाला मियाजाकी आम अपनी अनोखी गुणवत्ता और पोषक तत्वों के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. इसमें एंथोसायनिन, बीटा-कैरोटीन, विटामिन ए, विटामिन सी, फोलिक एसिड और पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, त्वचा को स्वस्थ रखने, आंखों की रोशनी बेहतर करने, दिल को स्वस्थ रखने तथा पाचन तंत्र को मजबूत करने में सहायक माना जाता है. स्त्री किसान बनी प्रेरणा मरचा मिशन गांव की यह स्त्री किसान अब पूरे जिले में खेती-किसानी के क्षेत्र में प्रेरणा बनकर उभर रही हैं. विदेशी आम की खेती ने न केवल उन्हें नई पहचान दिलाई है, बल्कि जिले के किसानों के लिए आधुनिक और लाभकारी खेती की नई राह भी खोल दी है. यह भी पढ़ें: सरायकेला-खरसावां : पेसा नियमावली लागू करने की मांग को लेकर भूमिज-मुंडा समाज ने सौंपा ज्ञापन यह भी पढ़ें: Ramgarh: आर्यिका माताओं की सड़क दुर्घटना में समाधि को लेकर जैन समाज में आक्रोश, निकाली गयी मौन रैली The post खूंटी की स्त्री किसान ने किया कमाल, उगाया लाखों में बिकने वाला मियाजाकी आम appeared first on Naya Vichar.

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धर्मेंद्र को मिला पद्म विभूषण सम्मान, पिता को याद कर इमोशनल हुईं ईशा देओल

Dharmendra Padma Vibhushan Award: सोमवार की शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अलग-अलग क्षेत्रों के खास लोगों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया. इस खास मौके पर हिंदुस्तानीय सिनेमा में 60 सालों से ज्यादा समय तक राज करने वाले अभिनेता धर्मेंद्र को देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ दिया गया. धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं हैं, इसलिए उनकी पत्नी और मशहूर एक्ट्रेस हेमा मालिनी ने राष्ट्रपति के हाथों यह सम्मान लिया. इस पल को देखकर धर्मेंद्र की बेटियां अपने आंसू नहीं रोक पाईं. बेटी ईशा देओल ने लिखा दिल छू लेने वाला नोट पिता को मिले इस बहुत बड़े सम्मान पर उनकी बड़ी बेटी ईशा देओल ने सोशल मीडिया पर अपनी मां हेमा मालिनी की तस्वीरें शेयर की हैं. ईशा ने बेहद इमोशनल होते हुए लिखा कि ‘यह बहुत गर्व और भावनाओं से भरा पल है. हमारी बहुत इच्छा थी कि काश आज पापा यहां हमारे साथ होते. सफेद शर्ट और नीले सूट में हमेशा की तरह हैंडसम दिखते हुए’. View this post on Instagram A post shared by ESHA DHARMENDRA DEOL (@imeshadeol) थिएटर्स में रो पड़ीं छोटी बेटी अहाना ईशा देओल ने आगे लिखा कि जब मां स्टेज पर पुरस्कार ले रही थीं, तब हम सब भाई-बहनों में सबसे छोटी अहाना खुद को रोक नहीं पाईं. वह हम सबकी तरफ से तालियां बजा रही थीं और उनकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे. पापा हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे. इस फंक्शन का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें अहाना ताली बजाते हुए अपने आंसू पोंछती नजर आ रही हैं. हेमा मालिनी ने बताया कि ईशा भी इस फंक्शन में आना चाहती थीं, लेकिन किसी वजह से नहीं आ सकीं. उन्होंने यह भी कहा कि सनी देओल, बॉबी देओल और पूरा परिवार इस सम्मान से बेहद खुश है. ऐसा रहा धर्मेंद्र का सफर धर्मेंद्र ने अपने 60 साल लंबे फिल्मी करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था. अपने 90वें जन्मदिन से ठीक पहले सांस की तकलीफ के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद उन्होंने घर पर अपने परिवार के बीच आखिरी सांस ली थी. इसी साल 1 जनवरी को रिलीज हुई फिल्म ‘इक्कीस’ उनकी आखिरी फिल्म थी. धर्मेंद्र ने दो शादियां की थीं. उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर से दो बेटे सनी और बॉबी देओल हैं, जबकि दूसरी पत्नी हेमा मालिनी से दो बेटियां एशा और अहाना देओल हैं. यह भी पढ़ें: मंडे टेस्ट में फेल हुई ‘चांद मेरा दिल’?, चार दिनों में फिल्म ने की बस इतनी सी कमाई The post धर्मेंद्र को मिला पद्म विभूषण सम्मान, पिता को याद कर इमोशनल हुईं ईशा देओल appeared first on Naya Vichar.

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गोरखपुर-सिलीगुड़ी और वाराणसी-कोलकाता समेत 15 एक्सप्रेसवे बदल देंगे बिहार की तस्वीर, कई शहरों की दूरी होगी आधी

Bihar Expressway News: बिहार अब तेजी से बदल रहा है. जो राज्य कभी खराब सड़कों और लंबी यात्राओं के लिए चर्चा में रहता था, वही अब देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर हब में शामिल होने की तैयारी कर रहा है. राज्य में 15 बड़े एक्सप्रेसवे और फोरलेन परियोजनाओं पर करीब 2.11 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार में सफर आसान और तेज हो जाएगा. गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से बदलेगी नॉर्थ-ईस्ट की कनेक्टिविटी गोरखपुर-सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है. यह हाई-स्पीड कॉरिडोर बिहार को सीधे नॉर्थ-ईस्ट से जोड़ देगा. इस सड़क पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे. इसके बनने के बाद गोपालगंज से सिलीगुड़ी की दूरी सिर्फ 5 घंटे में पूरी होगी. इससे असम, मेघालय और सिक्किम जैसे राज्यों तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा. राम जानकी मार्ग से जुड़ेगी आस्था और पर्यटन अयोध्या-जनकपुर राम जानकी मार्ग बिहार के धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देगा. यह वही ऐतिहासिक रास्ता माना जाता है, जहां से भगवान राम की बारात जनकपुर गई थी. चार लेन वाले इस हाईवे के बनने के बाद श्रद्धालु अयोध्या से सीतामढ़ी तक सिर्फ 5 घंटे में पहुंच सकेंगे. इससे बिहार में धार्मिक पर्यटन को बड़ा फायदा मिलेगा. अब 90 मिनट में पहुंचेंगे गया पटना-सिपारा से गया के डोभी तक तैयार हो रहा 4-लेन कॉरिडोर राजधानी को दक्षिण बिहार से तेजी से जोड़ेगा. इस सड़क के बनने के बाद पटना से गया की दूरी मात्र 90 मिनट में पूरी होगी. इस मार्ग पर बड़े रेल ओवरब्रिज, सर्विस रोड और बाइपास बनाए जा रहे हैं. इसे ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां फलदार पेड़ भी लगाए जाएंगे. मोकामा-मुंगेर फोरलेन से बदलेगी टाल क्षेत्र की किस्मत यह परियोजना बक्सर-भागलपुर कॉरिडोर का हिस्सा है. इसके बनने से पटना से मुंगेर का सफर 4 घंटे से घटकर 3 घंटे से भी कम हो जाएगा. इससे लखीसराय और मुंगेर के टाल क्षेत्र में व्यापार और रोजगार को नई रफ्तार मिलेगी. बिहटा एयरपोर्ट तक पहुंचना होगा आसान दानापुर-बिहटा-कोईलवर एलिवेटेड कॉरिडोर राजधानी की ट्रैफिक समस्या कम करेगा. 25 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के बनने के बाद पटना से बिहटा एयरपोर्ट तक पहुंचने में सिर्फ 25 मिनट लगेंगे. वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर यह 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा. इसके बनने के बाद गया से कोलकाता का सफर 9 घंटे के बजाय 5 घंटे से कम में पूरा होगा. इस परियोजना से उद्योग, व्यापार और माल ढुलाई को बड़ा फायदा मिलेगा. रक्सौल-हल्दिया कॉरिडोर से बढ़ेगा निर्यात यह एक्सप्रेसवे उत्तर बिहार को सीधे हल्दिया बंदरगाह से जोड़ेगा. इससे मखाना, लीची और दूसरे कृषि उत्पादों का निर्यात आसान होगा. रक्सौल से हल्दिया की यात्रा 20 घंटे से घटकर 11 घंटे रह जाएगी. सीमांचल और उत्तर बिहार को मिलेगी नई रफ्तार पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सीमांचल क्षेत्र के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है. इसके बनने के बाद पटना से पूर्णिया की दूरी सिर्फ 3 घंटे में पूरी होगी. वहीं आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे उत्तर और दक्षिण बिहार को सीधे जोड़ेगा. गया से दरभंगा तक की यात्रा 4 घंटे में पूरी हो सकेगी. पटना रिंग रोड और मरीन ड्राइव से बदलेगी राजधानी 150 किलोमीटर लंबा पटना रिंग रोड शहर को ट्रैफिक जाम से राहत देगा. बाहरी वाहन शहर में घुसे बिना आगे निकल सकेंगे. इसके अलावा बिदुपुर-दिघवारा एक्सप्रेसवे के तहत गंगा किनारे मरीन ड्राइव तैयार किया जा रहा है, जिससे पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण दोनों को फायदा होगा. बिहार अब रफ्तार की नई राजधानी बनने की ओर इन सभी परियोजनाओं से साफ है कि बिहार अब सिर्फ नेतृत्व का केंद्र नहीं, बल्कि हाई-स्पीड इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास का नया मॉडल बन रहा है. 2.11 लाख करोड़ रुपये की यह सड़क क्रांति आने वाले समय में रोजगार, पर्यटन, उद्योग और व्यापार को नई ऊंचाई दे सकती है. Also Read: बिहार में प्रशासनी खर्च पर विदेश यात्रा पर लगेगी रोक, अब अफसर-मंत्री करेंगे ‘बिहार दर्शन’, जानिए गवर्नमेंट का प्लान The post गोरखपुर-सिलीगुड़ी और वाराणसी-कोलकाता समेत 15 एक्सप्रेसवे बदल देंगे बिहार की तस्वीर, कई शहरों की दूरी होगी आधी appeared first on Naya Vichar.

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चीन की अकड़ कम करने साथ आए भारत-अमेरिका, Rare Earth सप्लाई चेन पर की बड़ी साझेदारी

India US Rare Earth Deal: दुनिया में क्रिटिकल मिनरल और रेयर अर्थ एलीमेंट्स को लेकर बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच हिंदुस्तान और अमेरिका ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है. दोनों देशों ने इन अहम संसाधनों की सप्लाई, माइनिंग और प्रोसेसिंग को सुरक्षित बनाने के लिए एक द्विपक्षीय ढांचे पर हस्ताक्षर किए हैं. हिंदुस्तान के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को इस समझौते की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह फैसला द्विपक्षीय बातचीत और क्वॉड के विदेश मंत्रियों की मीटिंग के बाद लिया गया. जयशंकर ने कहा कि हिंदुस्तान और अमेरिका ने क्रिटिकल मिनरल और रेयर अर्थ की माइनिंग तथा प्रोसेसिंग से जुड़ी सप्लाई को सुरक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने इस मुद्दे को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में बेहद अहम बताया. उनके मुताबिक यह विषय क्वॉड बैठक में भी प्रमुखता से उठा था और चाहे यह सहयोग द्विपक्षीय स्तर पर हो, क्वॉड के जरिए हो या समान सोच वाले देशों के बड़े समूह के साथ, इसकी जरूरत आज पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है. सप्लाई चेन से लेकर निवेश तक होगा सहयोग इस नए ढांचे का मकसद क्रिटिकल मिनरल और रेयर अर्थ सप्लाई चेन के हर हिस्से में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है. इसमें माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसाइक्लिंग और संबंधित निवेश जैसे क्षेत्र शामिल होंगे. विदेश मंत्री ने कहा कि यह साझेदारी मजबूत और विविध सप्लाई चेन तैयार करने में मदद करेगी. साथ ही दोनों देश फाइनेंसिंग और क्रिटिकल मिनरल के प्रभावी प्रबंधन में भी मिलकर काम करेंगे. जयशंकर ने इसे हिंदुस्तान-अमेरिका संबंधों की बढ़ती मजबूती का संकेत बताते हुए कहा कि दुनिया में चुनौतियां भी बहुत हैं और अवसर भी, ऐसे समय में यह समझौता दोनों देशों के करीबी सहयोग को दिखाता है. मार्को रूबियो बोले- हिंदुस्तान अमेरिका के लिए बेहद अहम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी इस समझौते को दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों का बड़ा उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से वह लगातार हिंदुस्तान और अमेरिका के रणनीतिक गठबंधन की अहमियत पर बात कर रहे हैं और यह समझौता उसी का ठोस प्रमाण है. रुबियो के मुताबिक हिंदुस्तान और अमेरिका दोनों ऐसे देश हैं जिनके रणनीतिक हित लंबे समय तक क्रिटिकल मिनरल और उनसे जुड़ी सप्लाई चेन तक भरोसेमंद पहुंच बनाए रखने से जुड़े हैं. यह इनोवेशन आधारित वित्तीय स्थिति के लिए बेहद जरूरी है. ये भी पढ़ें:- ट्रंप ने फिर ईरान को धमकाया, बोले- अपना यूरेनियम अमेरिका को दो या नष्ट करो, तभी बनेगी बात, वरना डील नहीं क्यों अहम हैं क्रिटिकल मिनरल और रेयर अर्थ? क्रिटिकल मिनरल और रेयर अर्थ आज की हाई-टेक दुनिया की सबसे जरूरी जरूरतों में शामिल हैं. इनका इस्तेमाल हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स, क्लीन एनर्जी टेक, डिफेंस सिस्टम और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में बड़े पैमाने पर होता है. वैश्विक स्तर पर इन संसाधनों की सप्लाई को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है. इसकी बड़ी वजह यह है कि फिलहाल रेयर अर्थ प्रोसेसिंग मार्केट पर चीन का दबदबा माना जाता है. ऐसे में हिंदुस्तान, अमेरिका और अन्य देश सप्लाई चेन को ज्यादा विविध और सुरक्षित बनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि किसी एक देश पर निर्भरता कम की जा सके. ये भी पढ़ें:- हिंदुस्तान और नेपाल के बीच चाय पर कलह, क्या दार्जिलिंग ब्रांड पर खड़ा हुआ संकट? जानें पूरा मामला चीन की निर्भरता कम करने की रणनीति विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम है. अमेरिका और हिंदुस्तान दोनों लंबे समय से क्रिटिकल मिनरल की सप्लाई में चीन पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के विकल्प तलाश रहे हैं. अक्सर चीन इन दुर्लभ खनिजों की सप्लाई पर रोक लगा देता है. अब यह नई साझेदारी आने वाले समय में टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को और मजबूत कर सकती है. The post चीन की अकड़ कम करने साथ आए हिंदुस्तान-अमेरिका, Rare Earth सप्लाई चेन पर की बड़ी साझेदारी appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 10 सीटों पर MLC चुनाव की घोषणा, इलेक्शन कमीशन ने जारी किया पूरा शेड्यूल

Bihar MLC Election: (पटना से मिथिलेश कुमार की रिपोर्ट)बिहार विधान परिषद की दस सीटों लिए चुनाव की घोषणा कर दी गई है. चुनाव आयोग ने मंगलवार को इसकी सूचना जारी की है. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खाली सीट समेत नौ अन्य सदस्यों का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है. इन सभी सीटों पर 18 जून को मतदान कराया जाएगा. पहली जून को विधिवत अधिसूचना जारी होगी. इसके साथ ही नामांकन का कार्य आरंभ हो जाएगा. जानिए चुनाव का पूरा शेड्यूल पहली जून से आठ जून तक नामांकन होगा. नौ जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. 11 जून तक नाम वापसी का समय है. दस नामांकन होने की स्थिति में 11 जून को नाम वापसी की समय खत्म हो जाने के बाद निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर दी जाएगी. दस से अधिक नामांकन की स्थिति में 18 जून को मतदान कराया जाएगा. विधानसभा कोटे की इन दस सीटों के लिए 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाला जाएगा. शाम चार बजे के बाद मतों की गिनती होगी और परिणाम जारी होगा. इनके कार्यकाल हो रहे खत्म डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मो. फारूख, भीषम साहनी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संजय प्रकाश, समीकर कुमार सिंह, सम्राट चौधरी और सुनीरल कुमार सिंह का कार्यकाल 28 जून को खत्म हो रहा है. इन पदों पर द्विवार्षिक चुनाव कराए जायेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खाली सीट को भरे जाने के लिए भी उप चुनाव कराने की घोषणा की गई है. इस सीट पर भी 18 जून को जरूरत पड़ने पर वोट कराए जायेंगे. एनडीए से दो मंत्रियों की एंट्री तय बिहार विधानसभा कोटे से विधान परिषद की 10 सीटों पर 18 जून को होने वाले चुनाव में सबसे बड़ा झटका कांग्रेस को लगना तय माना जा रहा है. विधानसभा में संख्या बल कमजोर होने के कारण कांग्रेस इस बार अपने कोटे से एक भी सदस्य विधान परिषद नहीं भेज पाएगी. कांग्रेस के विधान पार्षद डॉ. समीर कुमार सिंह का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है. उनके कार्यकाल खत्म होने के बाद परिषद में कांग्रेस के सिर्फ दो सदस्य ही बचेंगे. इसी प्रकार राजद को भी एक सीट का नुकसान उठाना पड़ेगा. उसके दो सदस्य रिटायर हो रहे है. जबकि विधानसभा में संख्या बल के आधार पर पार्टी मात्र एक सदस्य को ही विधान परिषद भेज सकेगी. चुनाव में सबसे अधिक जदयू कोटे की पांच सीटें विधान परिषद की जिन 10 सीटों का कार्यकाल जून में समाप्त हो रहा है, उनमें सबसे अधिक पांच सीटें जदयू कोटे की हैं. भाजपा और राजद के दो-दो सदस्य रिटायर हो रहे हैं. नेतृत्वक हलकों में चर्चा है कि एनडीए कोटे से दो मंत्रियों का विधान परिषद पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है. इनमें स्वास्थ्य मंत्री निशांत और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश का नाम है. भाजपा कोटे से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और संजय प्रकाश की सीटों का कार्यकाल भी 28 जून को समाप्त हो रहा है. लेकिन भाजपा अभी यह तय नहीं कर पाई है कि इन सीटों पर किन चेहरों को मौका दिया जाएगा. जदयू की जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनमें कुमुद वर्मा, गुलाम गौस, भीष्म सहनी और श्रीभगवान सिंह कुशवाहा के इस्तीफे से रिक्त सीटें शामिल हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर भी उपचुनाव कराया जाना है. Also Read: बिहार में 50 हजार के इनामी अपराधी का एनकाउंटर, JDU MLC बोले- अपराध करोगे तो गिरफ्तार होगे The post बिहार में 10 सीटों पर MLC चुनाव की घोषणा, इलेक्शन कमीशन ने जारी किया पूरा शेड्यूल appeared first on Naya Vichar.

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बिहार में 50 हजार के इनामी का एनकाउंटर, JDU MLC बोले- अपराध करोगे तो गिरफ्तार होगे

Encounter In Bihar: सम्राट प्रशासन में ताबड़तोड़ अपराधियों का एनकाउंटर किया जा रहा है. इसी क्रम में खगड़िया में 50 हजार के कुख्यात अपराधी मो. बुद्दिन के पैर में गोली लगी. जिले के बैलदौर में पुलिस और अपराधी के बीच मुठभेड़ हुई. अपराधी के पास से पुलिस ने एक राइफल, दो देशी कट्टा के साथ कारतूस भी बरामद किया गया. इसे लेकर जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने कड़ा रिएक्शन दिया. जेडीयू एमएलसी ने क्या कहा? जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने कहा, हमारे पुलिस बल को यह अधिकार मिला है कि अगर अपराध करोगे तो गिरफ्तार होगे. हमारे पुलिस बल पर हमला करोगे मतलब प्रशासन के साख पर हमला करोगे, तो गोली खाओगे. फिर इलाज के बाद जेल और कोर्ट में भटकोगे. इस तरह जिंदगी भर भटकते रहोगे. इस दौरान उन्होंने बिहार से 8 हजार लड़कियों के गायब होने की समाचार को फर्जी बताया. मुठभेड़ के दौरान 10 राउंड चलीं गोलियां जानकारी के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने देर रात करीब दो बजे जिले के बेलदौर थाना इलाके के दिघौन पंचायत के सुखायबासा गांव में छापेमारी की. पुलिस टीम को देखते ही बदमाश ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बदमाश के पैर में गोली लग गई. बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान करीब दस राउंड फायरिंग हुई. पुलिस ने घायल बदमाश के पास से एक राइफल, दो देसी कट्टा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया है. घायल अपराधी को इलाज के लिए सदर अस्पताल खगड़िया में भर्ती कराया गया है. अपराधी पर हत्या, लूट जैसे कई मामले दर्ज पुलिस सूत्रों के अनुसार, मो. बुद्दीन पर बेलदौर थाना समेत पसराहा और अन्य थानों में हत्या, लूट और कई गंभीर मामलों के केस दर्ज हैं. वह लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था. एसटीएफ की टीम पहले भी कई बार उसे पकड़ने की कोशिश कर चुकी थी, लेकिन हर बार वह फरार होने में सफल हो जाता था. घटना की सूचना मिलते ही एसपी, सदर एसडीपीओ, गोगरी एसडीपीओ, कई इंस्पेक्टर और एसएफएल टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई. पुलिस उसके अन्य साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. Also Read: बिहार में पुलिसिंग सिस्टम बन रहा डिजिटल, इस पोर्टल पर घर बैठे दर्ज होंगे FIR The post बिहार में 50 हजार के इनामी का एनकाउंटर, JDU MLC बोले- अपराध करोगे तो गिरफ्तार होगे appeared first on Naya Vichar.

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राम रहीम को फिर 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार जेल से मिली राहत; 10 साल की जेल में 406 दिन बाहर

Gurmeet Ram Rahim Parole: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गए हैं. वह साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा काट रहे हैं. हरियाणा प्रशासन की सक्षम प्राधिकरण की मंजूरी के बाद उन्हें 30 दिन की पैरोल दी गई है. 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद यह उनकी 16वीं अस्थायी रिहाई है. राम रहीम सोमवार सुबह करीब 6 बजकर 34 मिनट पर रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकले. इस दौरान जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था सामान्य दिखाई दी और भारी पुलिस तैनाती नजर नहीं आई. उनके वकील जितेंद्र खुराना ने पैरोल की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य की सक्षम अथॉरिटी ने 30 दिन की पैरोल मंजूर की है. उन्होंने बताया कि पैरोल के दौरान राम रहीम सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में रहेंगे. राम रहीम को अगस्त 2017 में साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सुनारिया जेल भेजा गया था. उन्हें दो साध्वियों से दुराचार मामले में 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. तब से अब तक उन्हें कई बार पैरोल और फरलो मिल चुकी है. इसी साल जनवरी में भी उन्हें 40 दिन की पैरोल मिली थी और 15 फरवरी को वह वापस जेल लौटे थे. VIDEO | Rohtak, Haryana: Dera Sacha Sauda chief Gurmeet Ram Rahim granted 30-day parole. Visuals of him leaving from Rohtak’s Sunaria Jail.#HaryanaNews #RamRahim (Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/nFrdxLwKgX — Press Trust of India (@PTI_News) May 26, 2026 पत्रकार हत्या मामले में मिली थी राहत इस साल 7 मार्च को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था. इसकी पुष्टि उनके वकील ने की थी. राम रहीम पर आरोप था कि उन्होंने अपने अखबार में डेरा प्रमुख की आलोचना करने वाले सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या की साजिश रची थी. 2019 में विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इस मामले में राम रहीम के साथ कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को भी दोषी करार दिया गया था. अदालत ने सभी को उम्रकैद के साथ 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था. बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति विक्रम अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राम रहीम को इस मामले में राहत दे दी. रणजीत सिंह हत्या केस में भी बरी इससे पहले 2024 में भी हाई कोर्ट ने डेरा के पूर्व मैनेजर रणजीत सिंह हत्या मामले में राम रहीम और चार अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था. पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने इससे पहले राम रहीम समेत पांच लोगों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. आरोप था कि 10 जुलाई 2002 को हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के खानपुर कोलियां गांव में खेतों में काम कर रहे रणजीत सिंह की हत्या कर दी गई थी. पैरोल पर पहले भी उठते रहे सवाल राम रहीम को बार-बार मिलने वाली पैरोल पहले भी नेतृत्वक बहस और सुरक्षा चिंताओं का मुद्दा बनती रही है. डेरा सच्चा सौदा के पंजाब और आसपास के राज्यों में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं, ऐसे में प्रशासन की मेहरबानी का एक कारण यह भी माना जाता है. विपक्षी दल कई बार चुनावी समय में दी गई पैरोल पर सवाल उठा चुके हैं, जबकि प्रशासन हर बार कानूनी प्रक्रिया का हवाला देता रहा है.  ये भी पढ़ें:- क्या बदलने वाला है कर्नाटक का सीएम? सिद्धारमैया और शिवकुमार को दिल्ली से आया बुलावा ये भी पढ़ें:- बंगाल में हार के बाद ममता बनर्जी को याद आया INDIA गठबंधन! दिल्ली में बड़ी बैठक की तैयारी, क्या कांग्रेस देगी साथ? 10 साल की जेल में 406 दिन बीते बाहर वह अब तक अपनी जेल के पूरी सजा के दिनों में 406 दिन बाहर काट चुके हैं. वहीं इस रिहाई के बाद उनके जेल से बाहर रहने के दिनों की संख्या 436 हो जाएगी. आधिकारिक जेल रिकॉर्ड के मुताबिक कैदी नंबर 8647/C यानी गुरमीत राम रहीम सिंह को अब तक कुल 16 बार अस्थायी रिहाई मिल चुकी है. इसका पूरा ब्योरा इस प्रकार है: पहली रिहाई (अक्टूबर 2020): 1 दिन दूसरी रिहाई (मई 2021): आधा दिन (12 घंटे, मां से मिलने के लिए) तीसरी रिहाई (फरवरी 2022): 21 दिन चौथी रिहाई (जून 2022): 30 दिन पांचवीं रिहाई (अक्टूबर 2022): 40 दिन छठी रिहाई (जनवरी 2023): 40 दिन सातवीं रिहाई (जुलाई 2023): 30 दिन आठवीं रिहाई (नवंबर 2023): 21 दिन नौवीं रिहाई (जनवरी 2024): 50 दिन दसवीं रिहाई (अगस्त 2024): 21 दिन 11वीं रिहाई (अक्टूबर 2024): 20 दिन 12वीं रिहाई (जनवरी 2025): 30 दिन 13वीं रिहाई (अप्रैल 2025): 21 दिन 14वीं रिहाई (अगस्त 2025): 40 दिन 15वीं रिहाई (जनवरी 2026): 40 दिन 16वीं रिहाई (मई 2026): 30 दिन (मौजूदा पैरोल) The post राम रहीम को फिर 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार जेल से मिली राहत; 10 साल की जेल में 406 दिन बाहर appeared first on Naya Vichar.

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CBSE बोर्ड ने मानी कॉपियों की अदला-बदली की गलती, कहा: जल्द सुधरेंगे छात्रों के मार्क्स

CBSE 12th Re-evaluation: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)ने 12वीं की परीक्षा की आंसर शीट में हुई गड़बड़ियों को स्वीकार किया है. CBSE 12वीं की कॉपियों की अदला-बदली हो गई है. बोर्ड ने कहा कि जिन स्टूडेंट्स के मार्क्स गलत दिए गए है उनके नंबर बदल दिए जाएंगे. यह पूरा मामला एक छात्र के सोशल मीडिया पोस्ट करने के बाद सामने आया. CBSE 12th Re-evaluation: छात्र वेदांत की शिकायत वेदांत ने री-इवैल्यूएशन के लिए CBSE पोर्टल पर अप्लाइ किया था. लेकिन जब उनकी कॉपी उनके पास आई तो उसमे कुछ और ही देखने को मिला.वेदांत ने दावा किया कि CBSE के नए ऑनलाइन स्क्रिप्ट मॉनिटरिंग सिस्टम में उनकी फिजिक्स की आंसर शीट उनकी अपनी नहीं थी.लिखावट अलग थी. जवाबों का तरीका अलग था.पूरा लुक अलग था.उन्होंने अपनी दूसरी विषयों की आंसर शीट से भी तुलना की उन्होंने पूछा कि क्या उनकी असली फिजिक्स वाली आंसर शीट चेक हुई भी या नहीं. 23 मई को वेदांत ने एक्स पर कई पोस्ट किए.उन्होंने लिखा कि आंसर शीट की कॉपी मिलने के बाद वे बहुत दुखी हो गए है. फिजिक्स वाली आंसर शीट किसी और की लग रही थी. CBSE का जवाब CBSE ने वेदांत को ईमेल भेजा. बोर्ड ने कहा कि (CBSE 12th Re-evaluation) मामले की जांच हो गई है.उनकी सही फिजिक्स की आंसर शीट उनके ईमेल पर भेज दी गई है. उनके नंबर भी जल्दी अपडेट कर दिए जाएंगे.CBSE के संयुक्त सचिव ने वेदांत को पत्र लिखा.उन्होंने सही फिजिक्स की आंसर शीट अटैच भी की है. बोर्ड ने पक्का किया कि नए नंबरों के हिसाब से रिजल्ट जल्दी बदल दिया जाएगा. CBSE 12th Re-evaluation: केमिस्ट्री का अलग मामला वेदांत के मामले के बाद केमिस्ट्री की आंसर शीट में भी गड़बड़ी की शिकायत आई.एक छात्र ने सोशल मीडिया पर बताया कि CBSE ने उनकी चिंता समझी और केमिस्ट्री के पेपर की फिर से जांच की बात कही है. सोशल मीडिया पर समाचार फैलने के बाद CBSE ने वेदांत के मामले को तुरंत महत्व दिया. बोर्ड ने छात्र से सीधे संपर्क किया.अब CBSE की एक विशेष टीम सोशल मीडिया पर सभी शिकायतों पर नजर रख रही है. ये मामले CBSE की आंसर शीट चेक करने और रिजल्ट के बाद की व्यवस्था पर लगातार सवाल उठा रहे हैं.छात्र अब पूछ रहे हैं कि आंसर शीट की कॉपी देने की प्रक्रिया कितनी सही है. सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल हैं.दोबारा चेक करने की व्यवस्था पर भी चर्चा हो रही है.बोर्ड ने सभी स्टूडेंट्स को भरोसा दिलाया है कि गलतियों को ठीक किया जाएगा.इससे किसी स्टूडेंट का नुकसान नहीं होगा. यह भी पढ़ें: CBSE 12वीं की आंसर शीट री-चेकिंग पोर्टल बिल्कुल ठीक, 3 घंटे में आए 3.8 लाख आवेदन The post CBSE बोर्ड ने मानी कॉपियों की अदला-बदली की गलती, कहा: जल्द सुधरेंगे छात्रों के मार्क्स appeared first on Naya Vichar.

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