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दिल्ली पुलिस का खुलासा, छात्र प्रदर्शन के दौरान मौजूद थे 2873 संगीन अपराधी; जांच तेज

दिल्ली पुलिस, तकनीकी साधनों और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम के जरिए अपराधियों की पहचान कर रही है. इनमें से कई शातिर अपराधी बार-बार प्रदर्शन स्थल पर आ रहे थे, जिसकी वजह से पुलिस अब हिंसा में उनकी सीधी संलिप्तता की आशंका के तहत जांच कर रही है. सीजेपी ने फिर दी आंदोलन की चेतावनी, प्रशासन से मांगा लिखित आश्वासन जंतर-मंतर पर 36 दिनों से जारी प्रदर्शन के स्थगित होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और प्रशासन के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। सोमवार को CJP ने प्रशासन पर लिखित समझौते से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगे पूरी नहीं हुईं तो वे दोबारा सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने राजधानी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जंतर-मंतर पर आंदोलन समाप्त कराने के लिए प्रशासन के साथ तीन दौर की वार्ता हुई थी. तीसरे दौर की वार्ता में प्रशासन ने साफ तौर पर आश्वासन दिया था कि आंदोलनकारियों और आयोजकों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे. सीजेपी को फिर से विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा रांका ने कहा कि अगर मंगलवार तक लिखित समझौता नहीं मिला तथा आंदोलन के सिलसिले में गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों और आयोजकों को रिहा नहीं किया गया, तो सीजेपी को फिर से विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. ये भी पढ़ें: CJP ने प्रशासन को फिर दी चेतावनी: FIR वापस लो, नहीं तो फिर जंतर-मंतर पर होगा आंदोलन! The post दिल्ली पुलिस का खुलासा, छात्र प्रदर्शन के दौरान मौजूद थे 2873 संगीन अपराधी; जांच तेज appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने 199 किग्रा वजन उठाकर जीता सिल्वर, भारत के खाते में आया पांचवां मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तानीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्त्रीओं के 53 किग्रा भार वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया. उन्होंने अपने आखिरी क्लीन एंड जर्क प्रयास में 111 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाकर सिल्वर मेडल पक्का किया. ज्ञानेश्वरी का यह प्रदर्शन हिंदुस्तान के लिए बेहद अहम रहा, क्योंकि उनके पदक के साथ ही देश के खाते में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का पांचवां पदक जुड़ गया. 199 किलोग्राम का कुल वजन उठाकर जीता रजत ज्ञानेश्वरी ने प्रतियोगिता के स्नैच राउंड में 88 किलोग्राम वजन उठाया था. इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले दो प्रयासों के बाद आखिरी कोशिश में 111 किलोग्राम वजन उठाकर अपना कुल स्कोर 199 किलोग्राम (88+111) पहुंचा दिया. इसी प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने रजत पदक पर कब्जा जमाया और हिंदुस्तान के पदकों की संख्या में इजाफा किया. नाइजीरिया की ओनोमे डिडीह ने बनाया रिकॉर्ड इस प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक नाइजीरिया की ओनोमे डिडीह ने अपने नाम किया. डिडीह ने कुल 206 किलोग्राम (93 किग्रा स्नैच + 113 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया. उनके दमदार प्रदर्शन के सामने बाकी सभी खिलाड़ी पीछे रह गए और उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया. हिंदुस्तान के खाते में पांच पदक ज्ञानेश्वरी यादव के रजत पदक के साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान के खाते में अब पांच पदक हो गए हैं. खास बात यह है कि हिंदुस्तान को अब तक मिले सभी पांचों पदक वेटलिफ्टिंग से आए हैं. इनमें मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जीता है, जबकि ज्ञानेश्वरी यादव, ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने रजत पदक अपने नाम किए हैं. वहीं झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीता. हिंदुस्तानीय वेटलिफ्टरों ने शुरुआती दिनों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में हिंदुस्तान की मजबूत शुरुआत कराई है. आने वाले दिनों में अन्य स्पोर्ट्सों में भी हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों से पदकों की उम्मीद रहेगी. ये भी पढ़ें: CWG 2026: झंडू कुमार को कांस्य जीतने का मिला इनाम, स्पोर्ट्स मंत्री ने दिए 10 लाख रुपये The post CWG 2026: ज्ञानेश्वरी यादव ने 199 किग्रा वजन उठाकर जीता सिल्वर, हिंदुस्तान के खाते में आया पांचवां मेडल appeared first on Naya Vichar.

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करूर भगदड़ मामला: मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार का फैसला बदला, पीड़ितों को नौकरी देने का आदेश रद्द

पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा, इस तरह भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को प्रशासनी नौकरी देने से इसी आधार पर नौकरियों की मांग करने वालों की बाढ़ आ जाएगी. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने 10 जुलाई 2026 को इस घटना में जान गंवाने वाले 31 लोगों के परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे. सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का दिया हवाला याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि यह फैसला पूरी तरह से गैर-कानूनी और नेतृत्वक कदम था. वकील मोहम्मद रशीद के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा मानवीय आधार पर नौकरी देने के लिए तय की गई चार प्रमुख गाइडलाइंस के तहत करूर भगदड़ के पीड़ित इस श्रेणी में पात्र नहीं आते हैं. प्रशासन का तर्क था कि यह नौकरियां एक नीतिगत फैसले के तहत दी गई थीं, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. हाई कोर्ट का फैसला युवाओं के लिए एक बड़ी जीत : याचिकाकर्ता के वकील याचिकाकर्ता के वकील क्लीटस ने इस फैसले को राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ी जीत बताया. उन्होंने कहा, “यह पूरे हिंदुस्तान के लिए एक अहम फैसला है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही मुआवजे के आदेशों का पालन करने के तरीके पर निर्देश और गाइडलाइंस दे चुका है. तमिलनाडु में मुआवजे के आदेशों के लिए पहले से ही एक प्रशासनी आदेश (GO) मौजूद है. उसी के आधार पर हमने अपनी दलीलें पेश कीं. इसके बाद, कोर्ट ने उस प्रशासनी आदेश को रद्द कर दिया जिसके तहत करूर घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को नौकरी दी जा रही थी. प्रशासन ने अपने पक्ष में चार घटनाओं का जिक्र किया था.” The post करूर भगदड़ मामला: मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु प्रशासन का फैसला बदला, पीड़ितों को नौकरी देने का आदेश रद्द appeared first on Naya Vichar.

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Exclusive: ‘.. तो उस वक्त एंटी नेशनल कहलाता’, अनुपमा चोपड़ा के ट्विटर विवाद को लेकर क्रिटिक सुभाष के झा का बड़ा बयान! पढ़ें पूरी खबर…

Subhash K Jha on Anupama Chopra Controversy: हाल ही में फिल्म क्रिटिक अनुपमा चोपड़ा ने खुलासा किया था कि रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ का निगेटिव रिव्यू करने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिली थीं. अब इस मामले में फिल्म क्रिटिक सुभाष के. झा उनके समर्थन में उतर आए हैं. उनका कहना है कि उस वक्त ‘धुरंधर’ को लेकर ऐसा माहौल बन गया था कि जो भी फिल्म की आलोचना करता या अनुपमा का साथ देता, उसे ‘एंटी-नेशनल’ यानी देशद्रोही कह दिया जाता. Subhash K Jha Statement: ‘अनुपमा के साथ जो हुआ, वह बिल्कुल गलत था’ सुभाष के. झा ने नया विचार को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि किसी भी प्रोफेशन में अगर किसी एक व्यक्ति पर हमला होता है, तो बाकी लोग उसके समर्थन में खड़े हो जाते हैं. लेकिन अनुपमा चोपड़ा के मामले में ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि जब अनुपमा को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा था और उन्हें धमकियां मिल रही थीं, तब इंडस्ट्री के ज्यादातर लोग चुप रहे. उन्होंने कहा, “हम सब उस वक्त ‘धुरंधर’ के जादू में इतने खो गए थे कि हमें कुछ और दिखाई ही नहीं दे रहा था. हर तरफ सिर्फ फिल्म की तारीफ हो रही थी. ऐसे में किसी ने यह नहीं कहा कि एक फिल्म क्रिटिक को अपनी राय रखने का पूरा हक है.” Dhurandhar Review Controversy: ‘अगर सपोर्ट करते तो एंटी-नेशनल कहे जाते’ सुभाष के. झा ने आगे कहा, “उस वक्त एक भी क्रिटिक उनके साथ नहीं आया. क्योंकि माहौल ऐसा था कि अगर आप ‘धुरंधर’ को पसंद नहीं करते, तो आपको एंटी-नेशनल, हिंदुस्तान विरोधी या पाकिस्तान समर्थक बता दिया जाता. फिल्म की असली वैल्यू और उस पर चर्चा कहीं पीछे छूट गई थी.” ‘फिल्म पसंद करना या न करना हर किसी का हक है’ सुभाष के. झा ने कहा कि किसी फिल्म को पसंद करना या नापसंद करना पूरी तरह एक व्यक्तिगत राय होती है. अगर किसी क्रिटिक को कोई फिल्म अच्छी नहीं लगती, तो उसे अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है. उन्होंने कहा कि किसी की राय से असहमत होना अलग बात है, लेकिन उसके लिए ट्रोल करना या जान से मारने की धमकियां देना बिल्कुल गलत है. उनके मुताबिक, उस समय इंडस्ट्री को एकजुट होकर अनुपमा चोपड़ा का समर्थन करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. यही वजह है कि आज भी वह मानते हैं कि अनुपमा के साथ गलत हुआ. Anupama Chopra Death Threats: क्या कहा था अनुपमा ने? अनुपमा चोपड़ा ने अपने X (पहले ट्विटर) पोस्ट में लिखा था कि “छह महीने पहले मुझे सिर्फ इसलिए जान से मारने की धमकियां मिलीं, क्योंकि मुझे एक फिल्म पसंद नहीं आई. उस वक्त लोगों की नफरत और गुस्से ने मुझे डरा दिया था.” हालांकि उन्होंने अपने पोस्ट में किसी फिल्म का नाम नहीं लिया था, लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की ओर था. फिल्म के रिलीज के समय उनके निगेटिव रिव्यू के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था. Report By: Neha Verma The post Exclusive: ‘.. तो उस वक्त एंटी नेशनल कहलाता’, अनुपमा चोपड़ा के ट्विटर विवाद को लेकर क्रिटिक सुभाष के झा का बड़ा बयान! पढ़ें पूरी समाचार… appeared first on Naya Vichar.

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संसद में सरकार और विपक्ष के बीच बनी सहमति, एंटी पेपर लीक बिल पर कल होगी चर्चा

NEET पेपर लीक के विरोध में हो रहे छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष का भारी हंगामा जारी है. लगातार बढ़ते हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा की कार्यवाही चार बार स्थगित करनी पड़ी और आखिरकार शाम 5:15 बजे इसे मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. वहीं, लोकसभा में भी विपक्ष के विरोध के चलते कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर लगाया सदन न चलने देने का आरोप ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर बोलते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “सभी सदस्य तैयारी के साथ आए हैं और विपक्ष के कई सदस्यों ने भी संशोधन पेश किए हैं; वे भी पूरी तरह तैयार हैं. यह एक महत्वपूर्ण विधेयक है, जो बच्चों, युवाओं और छात्रों के जीवन के लिए बहुत जरूरी है. फिर भी, कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ सहयोगी दल जानबूझकर इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में बाधा डाल रहे हैं. शुरू में वे इस बात पर जोर दे रहे थे कि चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि यह मामला परीक्षाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ा है. अब जब चर्चा के लिए इतना महत्वपूर्ण विधेयक लाया गया है और इसके लिए समय भी तय किया गया है, तब भी वे ऐसा ही व्यवहार कर रहे हैं. मैं कांग्रेस पार्टी के अपने सहयोगियों से आग्रह करता हूं: कृपया ऐसा न करें. आपकी छवि पहले ही काफी खराब हो चुकी है; ऐसे काम न करें जिनसे आपकी पार्टी की और बदनामी हो. पूरी पार्टी को एकजुट होकर इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा में भाग लेना चाहिए, जिसका उद्देश्य हमारे युवाओं और छात्रों के जीवन को बेहतर बनाना है.” The post संसद में प्रशासन और विपक्ष के बीच बनी सहमति, एंटी पेपर लीक बिल पर कल होगी चर्चा appeared first on Naya Vichar.

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CWG 2026: झंडू कुमार को कांस्य जीतने का मिला इनाम, खेल मंत्री ने दिए 10 लाख रुपये

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिंदुस्तान के लिए कांस्य पदक जीतने वाले पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं स्पोर्ट्स मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को नई दिल्ली में सम्मानित किया. स्पोर्ट्स मंत्री ने अपने आवास पर आयोजित एक विशेष समारोह में झंडू को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया और उनकी उपलब्धि की सराहना की. झंडू ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों में पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में 190 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया था. संघर्ष से सफलता तक का सफर बिहार के नालंदा जिले के हरनौत के रहने वाले झंडू कुमार की सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है. आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने परिवार का खर्च चलाने के लिए लंबे समय तक सब्जियां बेचीं और ई-रिक्शा भी चलाया. सीमित संसाधनों और तमाम मुश्किलों के बावजूद उन्होंने अपने स्पोर्ट्स का साथ नहीं छोड़ा. कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदुस्तान के लिए पदक जीतकर अपने संघर्ष को सफलता में बदल दिया. स्पोर्ट्स मंत्री से मुलाकात पर क्या बोले झंडू? सम्मान समारोह के बाद झंडू कुमार ने कहा कि स्पोर्ट्स मंत्री ने उनसे स्कॉटलैंड में हुए राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों के अनुभव के बारे में बातचीत की. स्पोर्ट्स मंत्री मनसुख मांडविया से मिलकर बहुत अच्छा लगा. पदक जीतने के बाद से लगातार बधाई संदेश मिल रहे हैं, जिससे मुझे आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिल रही है. अब एशियाई पैरा स्पोर्ट्सों पर नजर झंडू ने आगे बताया कि वह कुछ समय के लिए अपने परिवार से मिलने बिहार जाएंगे. इसके बाद वह गांधीनगर में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण शिविर में शामिल होकर एशियाई पैरा स्पोर्ट्सों की तैयारियां शुरू करेंगे. उन्होंने कहा कि एशियाई पैरा स्पोर्ट्सों में चीन जैसी मजबूत टीम चुनौती पेश करेगी, लेकिन उनका पूरा ध्यान हिंदुस्तान के लिए एक और पदक जीतने पर रहेगा. राष्ट्रमंडल स्पोर्ट्सों में उनकी उपलब्धि और उसके बाद मिला यह सम्मान हिंदुस्तानीय पैरा स्पोर्ट्सों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है. ये भी पढ़ें: CWG 2026: मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड; हिंदुस्तान को दिलाया पहला सोना The post CWG 2026: झंडू कुमार को कांस्य जीतने का मिला इनाम, स्पोर्ट्स मंत्री ने दिए 10 लाख रुपये appeared first on Naya Vichar.

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कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज की शुभेंदु अधिकारी की अवमानना याचिका, कहा- लोगों को शांति से रहने दें

टीएमसी शासनकाल में विधानसभा के भीतर केंद्रीय सुरक्षा बलों के प्रवेश पर रोक और स्पीकर के फैसले के खिलाफ दायर की गयी याचिका को कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया. जस्टिस अमृता सिन्हा ने मामला को आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए कहा- लोगों को शांति से रहने दें. राज्य प्रशासन के वकील की ओर से नियम (Rule) जारी करने की प्रार्थना को भी अदालत ने खारिज कर दिया. स्पीकर के फैसले के खिलाफ कोर्ट पहुंचे थे शुभेंदु दरअसल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासनकाल के दौरान जब शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे, तब उनके और अन्य हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों के साथ केंद्रीय बलों के जवान सुरक्षा में तैनात रहते थे. तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) बिमान बनर्जी ने एक आदेश जारी कर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए केंद्रीय बलों के सशस्त्र जवानों के विधानसभा परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी थी. शुभेंदु ने स्पीकर पर लगाये थे भेदभाव के आरोप शुभेंदु अधिकारी और भाजपा नेताओं ने इस फैसले का विरोध किया. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों को रोका जा रहा है, लेकिन सत्तारूढ़ टीएमसी के विधायकों और मंत्रियों को राज्य पुलिस की सुरक्षा के साथ विधानसभा में आने की छूट दी जा रही है. शुभेंदु अधिकारी ने इस संबंध में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी. ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी प्रशासन के ‘गुंडा रोधी कानून’ को चुनौती, कलकत्ता हाईकोर्ट का तुरंत सुनवाई से इनकार सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने क्या कहा? इस मामले में सोमवार (27 जुलाई) को आखिरी सुनवाई हुई. इस पुराने मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने कहा कि राज्य में नेतृत्वक और प्रशासनिक स्थिति बदलने के बाद अब वह इस याचिका को और आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं. मामले को खारिज करते हुए न्यायाधीश ने कहा- लोगों को शांति से रहने दें (Let people live in peace). ये भी पढ़ें: शुभेंदु अधिकारी को कलकत्ता हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी मिली राहत, कार्रवाई नहीं कर पायेगी बंगाल प्रशासन The post कलकत्ता हाईकोर्ट ने खारिज की शुभेंदु अधिकारी की अवमानना याचिका, कहा- लोगों को शांति से रहने दें appeared first on Naya Vichar.

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पटना पहुंची नेहा बोरा ने सरकार को दिया अल्टीमेट, बोलीं- 29 जुलाई तक रिहा करो नहीं तो 30 को होगा आंदोलन

NEHA BORA : पटना में 22 जुलाई को हुए छात्र आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्रों और जनप्रतिनिधियों से मिलने आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा सोमवार को बेऊर केंद्रीय कारा पहुंची. उन्होंने जेल में बंद छात्र नेताओं, विधायक और अन्य छात्रों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना. कहा कि 29 जुलाई तक प्रदर्शनकारियों को रिहा करें. मुलाकात के बाद नेहा बोरा ने कहा कि यदि छात्रों के साथ न्याय नहीं हुआ तो 30 जुलाई को बिहारभर में व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो जंतर-मंतर जैसी भीड़ बिहार की सड़कों पर भी उतरेगी. छात्रों ने पुलिस पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप जेल से बाहर आने के बाद नेहा बोरा ने बताया कि बंद छात्रों ने उन्हें पुलिस कार्रवाई के दौरान दुर्व्यवहार किए जाने की जानकारी दी. छात्रों का कहना था कि पुलिस का व्यवहार बेहद गलत था और उनके साथ अनुचित तरीके से पेश आया गया. जेल अधिकारियों से भी की बातचीत नेहा बोरा ने बेऊर जेल के अधिकारियों से भी मुलाकात की. उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जेल में बंद छात्रों और अन्य लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी तथा सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. मीडिया पर हमले के सवाल पर रहीं खामोश मीडिया कर्मियों पर हुए हमले के संबंध में पूछे गए सवाल पर नेहा बोरा ने कोई टिप्पणी नहीं की और चुप्पी साध ली. वहीं छात्र नेता अजीत कुशवाहा ने पत्रकारों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए और पत्रकारों पर हमला किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. इसे भी पढ़ें: क्या पुलिस प्रदर्शनकारियों पर चला सकती है AK-47? समझिए पूरी कानूनी प्रक्रिया The post पटना पहुंची नेहा बोरा ने प्रशासन को दिया अल्टीमेट, बोलीं- 29 जुलाई तक रिहा करो नहीं तो 30 को होगा आंदोलन appeared first on Naya Vichar.

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काला सागर में MV OMORFI पोत पर हमले से भारत नाराज, यूक्रेनी राजदूत तलब

विदेश मंत्रालय ने यूक्रेनी राजदूत से कहा, “निर्दोष आम नाविकों की जान को खतरे में डालने वाली ऐसी कार्रवाई कतई मंजूर नहीं है. इससे बचा जाना चाहिए.” हिंदुस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग की सुरक्षा, नेविगेशन की स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार पर इस तरह के हमलों के पड़ने वाले बुरे प्रभावों पर जोर दिया. राजदूत से अनुरोध किया गया है कि वे हिंदुस्तान की इस गंभीर चिंता से यूक्रेन की प्रशासन को तुरंत अवगत कराएं. जहाज पर सवार थे तीन हिंदुस्तानीय, दो सुरक्षित विदेश मंत्रालय के अनुसार, जिस वक्त ‘एमवी ओमोर्फी’ पर हमला हुआ, उस पर तीन हिंदुस्तानीयों समेत चालक दल के 10 सदस्य मौजूद थे. यह पोत कथित तौर पर रूस के समुद्री सीमा क्षेत्र से गुजर रहा था. इस हमले में एक हिंदुस्तानीय की मौत हो गई, जबकि दो अन्य हिंदुस्तानीय नागरिक सुरक्षित हैं. अनाज ले जा रहे जहाज पर रूसी हमले को लेकर भी हिंदुस्तान ने दिया था बयान यह घटना यूक्रेन तट के पास एक अन्य वाणिज्यिक जहाज पर हुए रूसी हमले के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जिसमें चार हिंदुस्तानीयों समेत 10 लोगों की जान चली गई थी. उस घटना पर मास्को ने दावा किया था कि जहाज पर सैन्य साजोसामान मौजूद था, लेकिन हिंदुस्तान ने शुक्रवार को यह स्पष्ट करते हुए कि जहाज में अनाज लदा हुआ था, रूस के दावे को खारिज कर दिया था. हिंदुस्तान ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय नियमों और दायित्वों का पालन करने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है. ये भी पढ़ें: होर्मुज स्ट्रेट में हादसा: समुद्री माइन से टकराकर ऑयल टैंकर में विस्फोट The post काला सागर में MV OMORFI पोत पर हमले से हिंदुस्तान नाराज, यूक्रेनी राजदूत तलब appeared first on Naya Vichar.

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102.5 मिलियन पाउंड की बोली भी बेकार, रियल मैड्रिड से जुड़ने को तैयार यान डियोमांडे

Yan Diomande News: फीफा विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले आइवरी कोस्ट के युवा विंगर यान डियोमांडे जल्द ही स्पेनिश दिग्गज रियल मैड्रिड का हिस्सा बन सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 19 वर्षीय खिलाड़ी ने रियल मैड्रिड के साथ व्यक्तिगत शर्तों (पर्सनल टर्म्स) पर सहमति बना ली है. इसके साथ ही पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) और लिवरपूल इस ट्रांसफर रेस से बाहर हो गए हैं. PSG की रिकॉर्ड बोली भी हुई खारिज रिपोर्ट्स के अनुसार, पीएसजी (PSG) ने डियोमांडे के लिए करीब 102.5 मिलियन पाउंड की अंतिम बोली लगाई थी, लेकिन आरबी लाइपजिग ने इसे ठुकरा दिया. इसके बाद फ्रेंच क्लब ने साफ कर दिया कि वह ट्रांसफर फीस और वेतन को लेकर किसी बोली की जंग में शामिल नहीं होगा. वहीं, लिवरपूल की शुरुआती 69 मिलियन पाउंड की पेशकश पहले ही अस्वीकार हो चुकी थी, जिसके बाद क्लब ने दूसरे खिलाड़ियों पर ध्यान देना शुरू कर दिया. बेलिंगहम की तर्ज पर होगा अनुबंध बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रियल मैड्रिड और डियोमांडे के बीच हुए समझौते का ढांचा जूड बेलिंगहम के कॉन्ट्रैक्ट जैसा होगा. इसमें प्रदर्शन के आधार पर बढ़ने वाले बोनस शामिल होंगे, जिससे खिलाड़ी की कमाई हर सीजन बेहतर होती जाएगी. माना जा रहा है कि रियल मैड्रिड इस ट्रांसफर के लिए 100 मिलियन पाउंड से अधिक की रकम खर्च करेगा. विश्व कप और बुंडेसलीगा में चमके दाएं फ्लैंक पर स्पोर्ट्सने वाले डियोमांडे ने फीफा विश्व कप 2026 में आइवरी कोस्ट के लिए डेब्यू करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और टीम को राउंड ऑफ 32 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. पिछले सीजन बुंडेसलीगा में उन्होंने आरबी लाइपजिग के लिए 12 गोल और 8 असिस्ट किए. उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत क्लब तीसरे स्थान पर रहा और यूईएफए चैंपियंस लीग के लिए क्वालिफाई किया. इसी प्रदर्शन के लिए उन्हें 2025-26 बुंडेसलीगा यंग प्लेयर ऑफ द सीजन भी चुना गया. Also Read: 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर नेशनल चैंपियनशिप 28 जुलाई से, 30 टीमें तीन डिवीजन में लेंगी भाग The post 102.5 मिलियन पाउंड की बोली भी बेकार, रियल मैड्रिड से जुड़ने को तैयार यान डियोमांडे appeared first on Naya Vichar.

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