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रुला देगा नाना पाटेकर का ये आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट, दिखा वही रौबदार सिग्नेचर स्टाइल, फैंस बोले- कुछ कहिए ना प्लीज

सुबह के 5 बजकर 20 मिनट… वक्त जैसे अचानक ठहर गया था. हिंदुस्तानीय सिनेमा की वो बुलंद आवाज हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थी. समाचार आई कि नाना पाटेकर अब इस दुनिया में नहीं रहे, सुबह जब लोग नींद से जागे, इस न्यूज पर यकीन करना मुश्किल था. ‘वेलकम’ के बेबाक उदय शेट्टी से लेकर ‘क्रांतिवीर’ के जुनूनी हीरो तक, नाना पाटेकर ने पर्दे पर ऐसे किरदार जिए थे जो फैंस के दिलों में हमेशा के लिए बस गए. यूं अचानक चले जाने के बाद नाना पाटेकर का लास्ट इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल होने लगा. फैंस लव यू सर से लेकर आपकी बहुत याद आएगी तक कमेंट करने लगे. जाते-जाते भी सिनेमा का ही था जिक्र… आखिरी पोस्ट में शेयर की थी टीवी प्रीमियर की खुशी नाना सर ने अपने आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट में अपनी मल्टी-स्टारर फिल्म ‘ओ रोमियो’ (O Romeo) का प्रोमो शेयर किया था. इस वीडियो के जरिए वो बहुत ही उत्साह के साथ अपने दर्शकों को फिल्म के टेलीविजन प्रीमियर की जानकारी दे रहे थे. वीडियो में जहां शाहिद कपूर एक बेहद इंटेंस अवतार में सिगरेट पीते और धमाके के बीच चलते नजर आ रहे हैं, वहीं नाना सर भी अपने उसी पुराने, रौबदार और सिग्नेचर स्टाइल में उंगली उठाते दिख रहे हैं. इस प्रोमो में दिशा पटानी, रोती हुई तमन्ना भाटिया, विक्रांत मैसी, तृप्ति डिमरी और फरीदा जलाल जैसे सितारे भी नजर आ रहे हैं. View on Instagram नाना पाटेकर को यादकर फैंस हुए इमोशनल फैंस इस पोस्ट को देखकर इमोशनल हो रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, ”आपका काम हमेशा हमारे दिलों में रहेगा… आपकी आत्मा को शांति मिले, नाना सर.” एक दूसरे यूजर ने लिखा, ”नाना ‘क्रांतिवीर’ जैसा कुछ कहिए ना प्लीज.” एक अन्य यूजर ने लिखा, ”हिंदुस्तानीय सिनेमा के एक सच्चे दिग्गज…. आपकी दमदार मौजूदगी, यादगार अभिनय और अनोखी आवाज हमेशा याद रहेगी.” View on Instagram नाना पाटेकर की फिल्मों के बारे में नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के जाने-माने चेहरों में से एक थे. उनके फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 में ‘गमन’ से हुई थी. ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनके काम ने उन्हें हिंदुस्तानीय सिनेमा में एक खास जगह दिलाई. बाद के सालों में भी पाटेकर एक्टिंग करते रहे. उनकी हालिया फिल्मों में ‘हाउसफुल 5’ शामिल है, जिसमें अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन और रितेश देशमुख हैं. ये भी पढ़ें: नहीं रहे नाना पाटेकर: कार्डियक अरेस्ट से थमीं सांसें, याद रह गया – ‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने…’ The post रुला देगा नाना पाटेकर का ये आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट, दिखा वही रौबदार सिग्नेचर स्टाइल, फैंस बोले- कुछ कहिए ना प्लीज appeared first on Naya Vichar.

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शिबू सोरेन की तलाश में टुंडी के जंगल छानती रहीं रूपी सोरेन, पढ़िए संघर्ष के दिनों की कहानी

धनबाद से धर्मेंद्र गुप्त की रिपोर्ट झारखंड आंदोलन के इतिहास में टुंडी का नाम शिबू सोरेन के संघर्ष की कर्मभूमि के रूप में दर्ज है. लेकिन इस संघर्ष की एक कहानी ऐसी भी है, जो जंगल की पगडंडियों, परिवार की चिंता और एक पत्नी के धैर्य से होकर गुजरती है. शिबू सोरेन जब टुंडी के जंगल-पहाड़ों में फरारी के दिन बिता रहे थे, तब उनकी पत्नी रूपी सोरेन भी घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहीं. पति का लंबे समय तक कोई पता नहीं चला, तो वह अपनी सास और ननद के साथ उन्हें खोजने जंगल तक पहुंच गयीं. उस समय उनकी गोद में बड़े बेटे दुर्गा सोरेन थे. शिबू सोरेन और रूपी सोरेन( फाइल फोटो ) उनके करीबी सहयोगी बाम शंकर के अनुसार, इसी आवास से शिबू सोरेन का नेतृत्वक कार्यालय भी संचालित होता था. यहां उनके साथ पत्नी रूपी सोरेन, दिवंगत पुत्र दुर्गा सोरेन, हेमंत सोरेन, बसंत सोरेन और बेटी अंजलि रहती थीं. इस लिहाज से बोकारो उनके परिवार के लिए महज रहने की जगह नहीं था. आंदोलन के कठिन दौर से निकलकर नेतृत्व के बड़े मंच तक पहुंचने की यात्रा में यह घर परिवार और नेतृत्वक गतिविधियों, दोनों का केंद्र बना. ये भी पढ़ें: रूपी सोरेन : एक खामोश तपस्या, जिसने संघर्ष की विरासत को संभाले रखा बोकारो से शिबू सोरेन का जुड़ाव इतना गहरा रहा कि बाद के वर्षों में भी वह यहां आते रहे और पुराने कार्यकर्ताओं से मिलते रहे. जंगलों में संघर्ष के उन दिनों से लेकर बोकारो के इस घर तक, रूपी सोरेन उनके साथ खड़ी रहीं. उनकी स्मृतियां झारखंड आंदोलन के उस दौर का एक मानवीय पक्ष सामने लाती हैं, जिसे अक्सर नेतृत्वक इतिहास के बीच जगह नहीं मिल पाती. The post शिबू सोरेन की तलाश में टुंडी के जंगल छानती रहीं रूपी सोरेन, पढ़िए संघर्ष के दिनों की कहानी appeared first on Naya Vichar.

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80 करोड़ के मालिक, फिर भी 1BHK में रहे नाना पाटेकर, जानिए कितनी संपत्ति छोड़ गए

Nana Patekar Net Worth: हिंदुस्तानीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ने से उनका देहांत हुआ. करीब पांच दशकों तक हिंदी और मराठी फिल्मों में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले नाना पाटेकर अपने पीछे एक बड़ी संपत्ति छोड़ गए हैं, जो उनकी सादगी भरे जीवन से बिल्कुल उलट नजर आती है. आइए जानते हैं आखिर उनकी पूरी नेटवर्थ कितनी है. कितनी संपत्ति के मालिक थे नाना पाटेकर? इकोनॉमिक टाइम्स के आंकड़ों के मुताबिक, नाना पाटेकर की कुल नेटवर्थ 50 करोड़ से 80 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है. संपत्ति / साधन विवरण और अनुमानित मूल्य अंधेरी, मुंबई फ्लैट 750 वर्ग फीट (1 BHK), वर्तमान मूल्य करीब ₹3 करोड़ खड़कवासला (पुणे) फार्महाउस 27 एकड़ जमीन, 7 कमरे और बड़ा हॉल अन्य प्रॉपर्टी गोवा का मॉडर्न घर और लॉ कॉलेज रोड (पुणे) में मकान फिल्म फीस ₹2 करोड़ से ₹3 करोड़ प्रति फिल्म कार कलेक्शन महिंद्रा जीप CJ4, ऑडी Q7 और महिंद्रा स्कॉर्पियो करोड़ों की संपत्ति, फिर भी 1 BHK में क्यों रहे? करोड़ों की कमाई के बावजूद नाना पाटेकर ने अपना अधिकांश जीवन मुंबई के अंधेरी स्थित एक छोटे से 1 BHK फ्लैट (750 वर्ग फीट) में बिताया. यह घर दशकों पहले करीब 1.1 लाख रुपये में खरीदा गया था. नाना अपनी मां के साथ इसी घर में रहते थे और उनके जाने के बाद भी अकेले यहीं रहे. इंटरव्यूज में उन्होंने अक्सर कहा था कि उनकी जरूरतें कभी इस छोटे से घर से बाहर नहीं गईं. हालांकि, उनके पास पुणे के खड़कवासला में 27 एकड़ का फार्महाउस भी था, जहां वे गेहूं और धान उगाते थे. उस खेती से होने वाली आय को वे वहां काम करने वाले किसानों और मजदूरों में बांट दिया करते थे. ये भी पढ़ें: एक्टिंग और ड्रामा से पहले क्या करते थे नाना पाटेकर, जानें कहां से हुई पढ़ाई कैसा रहा उनका शुरुआती जीवन और फिल्मी सफर? 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड जंजीरा में जन्मे विश्वनाथ पाटेकर (नाना पाटेकर) का शुरुआती जीवन दुखों और संघर्षों से भरा रहा। 13 साल की उम्र में पारिवारिक बिजनेस छिन जाने के बाद उन्होंने सिनेमा के पोस्टर पेंट करके महज 35 रुपये महीना कमाए. 28 वर्ष की उम्र में उनके पिता का निधन हो गया और उन्होंने अपने पहले शिशु को भी बचपन में ही खो दिया. डेब्यू: 1978 में फिल्म ‘गमन’ से शुरुआत. प्रमुख फिल्में: परिंदा, क्रांतिवीर, वेलकम, अपहरण, प्रहार और नटसम्राट. पुरस्कार: 3 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 4 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स और 2013 में ‘पद्म श्री’ सम्मान. समाज सेवा में कैसा रहा योगदान? नाना पाटेकर केवल परदे पर ही नायक नहीं थे. साल 2015 में महाराष्ट्र में आए भीषण सूखे के दौरान उन्होंने लातूर और विदर्भ के 100 से अधिक पीड़ित किसान परिवारों को खुद जाकर 15,000 रुपये के चेक बांटे थे. उनकी यह दरियादिली साबित करती है कि उनके लिए दौलत से ज्यादा इंसानियत मायने रखती थी. उनके परिवार में अब उनका बेटा मल्हार पाटेकर है. सिनेमा और समाज सेवा में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा. नाना पाटेकर के साथ सुबह क्या हुआ? नाना पाटेकर सुबह करीब 5:20 बजे गोवा के डोना पावला स्थित अपने घर पर बेहोश पाए गए थे. उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर (CPR) देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने एएनआई (ANI) को इस बात की पुष्टि की. मामले में मेडिको-लीगल केस दर्ज कर लिया गया है और मौत के सही कारणों की पुष्टि के लिए पोस्ट-मॉर्टम कराया जाएगा. ये भी पढ़ें: करोड़ों की दौलत और स्टारडम पर लात मारकर गांव क्यों भाग गए थे नाना पाटेकर? The post 80 करोड़ के मालिक, फिर भी 1BHK में रहे नाना पाटेकर, जानिए कितनी संपत्ति छोड़ गए appeared first on Naya Vichar.

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प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ी कहानी में आया नया मोड़: 3 महीने तक कहां था 17 वर्ष का अनुज, दूसरे आश्रम से बरामद होने के बाद उठे सवाल

Premanand Maharaj Ashram: संत प्रेमानंद महाराज के वृंदावन स्थित आश्रम से जुड़ी उस कहानी में नया मोड़ आ गया है, जिसने पिछले दिनों काफी चर्चा बटोरी. हाथरस के सादाबाद क्षेत्र का 17 वर्षीय अनुज चौधरी, जो करीब तीन महीने से लापता था, आखिरकार बरसाना के एक दूसरे आश्रम से सकुशल बरामद कर लिया गया. अनुज के मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह इतने लंबे समय तक कहां रहा और घरवालों से संपर्क क्यों नहीं किया? 26 जून को प्रेमानंद महाराज से ली थी दीक्षा सादाबाद क्षेत्र के बरमाई खेड़ा गांव निवासी अनुज चौधरी के पिता राजवीर सिंह के मुताबिक, अनुज की रुचि पिछले कुछ समय से आध्यात्मिक जीवन की ओर बढ़ गई थी. 26 जून को उसने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी. इसके बाद वह घर लौट आया था. परिजनों के अनुसार, 3 जुलाई को अनुज दोबारा वृंदावन जाने की बात कहकर घर से निकला. इसके बाद वह वापस नहीं लौटा. परिवार ने अपने स्तर पर काफी तलाश की और पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई. बेटे की तलाश में आश्रम के बाहर धरने पर बैठा परिवार कई सप्ताह तक बेटे का पता नहीं चलने के बाद परिवार की चिंता बढ़ती गई. 2 अक्टूबर को अनुज के माता-पिता और अन्य परिजन ग्रामीणों के साथ वृंदावन स्थित राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर पहुंच गए. परिजनों ने बेटे को सामने लाने की मांग करते हुए धरना दिया. पुलिस मौके पर पहुंची और आश्रम से संबंधित रिकॉर्ड व उपलब्ध जानकारी की पड़ताल की. पुलिस के आश्वासन के बाद परिवार ने धरना समाप्त किया था. जिस आश्रम को लेकर उठे सवाल, वहां नहीं मिला अनुज मामले में दिलचस्प मोड़ तब आया जब अनुज की तलाश के दौरान जिस आश्रम का नाम सामने आया, वहां उसकी मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो सकी. पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों की तलाश जारी रखी. इसी बीच पुलिस को सुराग मिला और टीम बरसाना के एक दूसरे आश्रम तक पहुंची. वहां अनुज मिल गया. रिपोर्टों के अनुसार, वह संत वेश में था और उसके सिर के बाल मुंडे हुए थे. उसके गले में तुलसी की माला और हाथ में जाप माला थी. तीन महीने बाद मिला बेटा, लेकिन सवाल अभी बाकी अनुज की बरामदगी से परिवार को सबसे बड़ी राहत मिली, लेकिन इस पूरे मामले की कई कड़ियां अभी जुड़नी बाकी हैं. तीन जुलाई को घर से निकलने के बाद अनुज आखिर कहां-कहां रहा? वह बरसाना के दूसरे आश्रम तक कैसे पहुंचा? क्या वह अपनी इच्छा से वहां रह रहा था? इतने लंबे समय तक उसने परिवार से संपर्क क्यों नहीं किया? इन सवालों का जवाब पुलिस की पूछताछ और अनुज के बयान से सामने आने की उम्मीद है. पुलिस ने बरामदगी के बाद उससे पूछताछ शुरू की थी. परिवार से हुई मुलाकात, भावुक हुए परिजन बरामदगी के बाद अनुज को पुलिस ने अपने संरक्षण में रखा. उसके माता-पिता और दादी ने उससे मुलाकात की. लंबे समय बाद बेटे को सामने देखकर परिवार भावुक हो गया. बाद में बाल कल्याण समिति ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद अनुज को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया. हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार तीन महीने तक वह कहां रहा, इस बारे में अनुज ने फिलहाल परिवार को भी पूरी जानकारी नहीं दी है. प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा मामला क्यों चर्चा में आया? अनुज के लापता होने के बाद परिवार सीधे वृंदावन के राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचा था. इसी वजह से मामला संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जोड़कर चर्चा में आया. हालांकि, अनुज की बरामदगी दूसरे आश्रम से हुई है और उसके तीन महीने के दौरान वास्तव में क्या हुआ, यह पुलिस की जांच और उसके बयान के बाद ही स्पष्ट होगा. इसलिए फिलहाल किसी व्यक्ति या आश्रम पर सीधे तौर पर आरोप तय करना उचित नहीं होगा. पुलिस की जांच ही यह स्पष्ट करेगी कि अनुज के घर से निकलने के बाद की पूरी यात्रा क्या थी और वह बरसाना कैसे पहुंचा. अब कहानी का सबसे बड़ा सवाल अनुज मिल गया है, लेकिन तीन महीने की उसकी कहानी अभी अधूरी है. घर से निकलने के बाद वह कहां रहा, किन लोगों के संपर्क में रहा और बरसाना के आश्रम तक कैसे पहुंचा—इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी. यह भी पढ़ें: NDA को 245-265 सीटों का अनुमान: 403 सीटों का Matrize सर्वे सामने आते ही गरमाई सियासत, जानें पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक पूरा गणित The post प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ी कहानी में आया नया मोड़: 3 महीने तक कहां था 17 वर्ष का अनुज, दूसरे आश्रम से बरामद होने के बाद उठे सवाल appeared first on Naya Vichar.

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नाना पाटेकर नहीं रहे, UP में छूट गईं उनकी यादें! वाराणसी में शूटिंग से लखनऊ की साइबर मुहिम तक, जानें ‘नाना’ का खास कनेक्शन

UP News: हिंदी सिनेमा के दमदार अभिनेताओं में शुमार नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे. 75 साल की उम्र में 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा स्थित अपने घर पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 45 मिनट तक सीपीआर देने के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. उनके निधन की पुष्टि उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने की है. नाना पाटेकर के निधन की समाचार से फिल्म जगत में शोक की लहर है. लेकिन उत्तर प्रदेश से उनका रिश्ता भी कम दिलचस्प नहीं रहा. वाराणसी की गलियों से लेकर लखनऊ में यूपी पुलिस की साइबर जागरूकता मुहिम तक नाना पाटेकर की यादें यूपी से जुड़ी हैं. 2000 में वाराणसी पहुंचे थे नाना, ‘आंच’ की शूटिंग से जुड़ी कहानी नाना पाटेकर का वाराणसी से पुराना रिश्ता रहा है. वर्ष 2000 में वह अपनी फिल्म ‘आंच’ की शूटिंग के लिए वाराणसी पहुंचे थे. चौबेपुर क्षेत्र के छितौनी गांव में फिल्म की शूटिंग हुई थी. इसी दौरान उनकी मुलाकात गांव के संतोष नाम के युवक से हुई थी. उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, संतोष बाद में नाना पाटेकर के साथ मुंबई गए और वहां उनके घर पर रसोइए के तौर पर काम किया. यही कहानी बाद में वाराणसी की एक बड़ी समाचार का हिस्सा बनी. यानी नाना पाटेकर के लिए वाराणसी केवल फिल्म की लोकेशन नहीं रहा, बल्कि उनकी जिंदगी की एक यादगार कहानी भी इसी शहर से जुड़ गई. 35 साल बाद फिर काशी लौटे थे ‘नाना’ नाना पाटेकर ने नवंबर 2023 में फिल्म ‘जर्नी’ की शूटिंग के लिए दोबारा वाराणसी का रुख किया था. उस समय उन्होंने कहा था कि वह करीब 35 साल बाद बनारस आए हैं और शूटिंग पूरी होने के बाद शहर को घूमकर देखने की इच्छा है. उन्होंने काशी विश्वनाथ का आशीर्वाद मिलने की भी बात कही थी. फिल्म की शूटिंग वाराणसी के अलग-अलग हिस्सों में हुई. दशाश्वमेध-गोदौलिया इलाके में शूटिंग के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसे लेकर काफी चर्चा हुई. बाद में निर्देशक अनिल शर्मा ने स्पष्ट किया था कि वायरल वीडियो फिल्म के एक सीन का हिस्सा था. नाना पाटेकर ने भी मामले पर सफाई देते हुए अफसोस जताया था. लखनऊ में यूपी पुलिस की मुहिम का चेहरा बने नाना पाटेकर नाना पाटेकर का यूपी कनेक्शन उनके निधन से पहले के वर्षों में भी लगातार बना रहा. उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराध और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए ‘Scam Files’ नाम की एक शॉर्ट फिल्म बनाई, जिसमें नाना पाटेकर मुख्य भूमिका में नजर आए. करीब 5 मिनट 27 सेकंड की इस फिल्म में नाना पाटेकर ने एक जागरूक नागरिक का किरदार निभाया. फिल्म की कहानी कानपुर में सामने आए एक वास्तविक साइबर ठगी के प्रयास से प्रेरित थी. फिल्म का निर्देशन राज शांडिल्य ने किया था और इसकी पटकथा यूपी पुलिस के अधिकारी राहुल श्रीवास्तव ने लिखी थी. फिल्म में साफ संदेश दिया गया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है. साइबर अपराधी पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं. अगस्त 2026 में लखनऊ पहुंचे थे नाना नाना पाटेकर का यह यूपी कनेक्शन यहीं नहीं रुका. अगस्त 2026 में लखनऊ के लोक भवन में यूपी पुलिस के कार्यक्रम में भी वह मौजूद रहे. इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस के गीत ‘खाकी का सितारा’ का शुभारंभ हुआ और साइबर जागरूकता फिल्म की स्क्रीनिंग भी की गई. इस तरह देखा जाए तो निधन से कुछ समय पहले तक नाना पाटेकर उत्तर प्रदेश से सीधे तौर पर जुड़े एक सामाजिक जागरूकता अभियान का हिस्सा थे. प्रयागराज के कलाकार से भी जुड़ा था नाना का नाम नाना पाटेकर का यूपी कनेक्शन प्रयागराज तक भी पहुंचा. मार्च 2026 में प्रयागराज के अभिनेता साकिब के नाना पाटेकर के साथ एक वेब सीरीज में नजर आने की समाचार सामने आई थी. इससे उत्तर प्रदेश के कलाकारों के साथ नाना के काम का एक और रिश्ता सामने आया. ‘नाना’ की आवाज और किरदार अब यादों में नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ उनके अभिनय से नहीं, बल्कि उनकी खास संवाद अदायगी और अलग अंदाज से भी थी. ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए. 75 साल की उम्र में उनके निधन के साथ हिंदुस्तानीय सिनेमा ने एक ऐसा अभिनेता खो दिया, जिसकी आवाज, संवाद और अभिनय की शैली की अपनी अलग पहचान थी. यह भी पढ़ें: NDA को 245-265 सीटों का अनुमान: 403 सीटों का Matrize सर्वे सामने आते ही गरमाई सियासत, जानें पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक पूरा गणित The post नाना पाटेकर नहीं रहे, UP में छूट गईं उनकी यादें! वाराणसी में शूटिंग से लखनऊ की साइबर मुहिम तक, जानें ‘नाना’ का खास कनेक्शन appeared first on Naya Vichar.

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JPSC-CGL रद्द मामला: झारखंड हाईकोर्ट बोला- परीक्षा रद्द करने का फैसला दबाव में लिया गया, केस में आज फिर सुनवाई

रांची : झारखंड हाइकोर्ट ने जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के विज्ञापनों को रद्द करने को चुनौती देनेवाली विभिन्न याचिकाओं पर लंबी सुनवाई की. लगभग साढ़े तीन घंटे तक सुनवाई चलती रही. इस दौरान प्रार्थियों और प्रशासन के अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस जारी रही. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद राज्य प्रशासन से मौखिक रूप से पूछा कि मामले में जब सीआईडी जांच पूरी नहीं हुई है, तो परीक्षा रद्द करने का आधार क्या है. बहस सुनने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि नियुक्ति प्रक्रियाओं को रद्द करने का फैसला दबाव में आकर लिया गया. अदालत ने जांच की रफ्तार पर गंभीर चिंता जतायी है. अब इस मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को ही होगी. 2500 सफल अभ्यर्थियों के साथ न्याय जरूरी मौके पर अदालत ने कहा कि ढाई साल से अनुसंधान चल रहा है. राज्य को बिना अधिकारियों के नहीं छोड़ा जा सकता है. 2500 सफल अभ्यर्थियों के साथ न्याय होना जरूरी है. जो अभ्यर्थी मेरिट से नियुक्त होकर आये हैं, उन्हें किसी तरह से नुकसान नहीं होना चाहिए, बड़े पैमाने पर परीक्षा में अनियमित बता कर सभी अभ्यर्थियों को गलत नहीं ठहराया जा सकता है. अदालत ऐसे संवेदनशील बिंदु, जिसमें पूरी परीक्षा व्यवस्था (सिस्टमेटिक फेलियर) पर प्रशासन सवाल उठा रही है, उस पर कैसे आंखें बंद रख सकती है. केवल सीलबंद रिपोर्ट देकर परीक्षा रद्द करने के निर्णय को सही नहीं ठहराया जा सकता. ये भी पढ़ें: मां के निधन से शोक में CM हेमंत सोरेन, मोरहाबादी आवास में आज सुबह 9 बजे तक होगा अंतिम दर्शन आज भी सुनवाई, प्रार्थियों को अंतरिम राहत बरकरार अगली सुनवाई आठ अक्तूबर को होगी. साथ ही प्रार्थियों को मिली अंतरिम राहत अगले आदेश तक बरकरार रही. ज्ञात हो कि प्राथर्थी रमेश उरांव और अन्य ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा-2023 रद्द करने की अधिसूचना को चुनौती दी है. सुभाष मुरमू और अन्य ने सीडीपीओ परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है. इसी तरह आशीष अक्षत, आकांक्षा मिंज और अन्य ने जेपीएससी 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने को चुनौती दी है, जबकि सौरभ सिंह और अन्य ने फूड सेफ्टी अफसर भर्ती रद्द करने के फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है. ये भी पढ़ें: JSSC CGL पेपर लीक का खुलासा! प्रिंटिंग प्रेस कर्मी ने रट लिए थे सवाल-जवाब, ऐसे खुला पूरा स्पोर्ट्स The post JPSC-CGL रद्द मामला: झारखंड हाईकोर्ट बोला- परीक्षा रद्द करने का फैसला दबाव में लिया गया, केस में आज फिर सुनवाई appeared first on Naya Vichar.

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बिहार MLC चुनाव: 12 नामांकन रद्द, अब 152 प्रत्याशी मैदान में, इस सीट पर 40 उम्मीदवार

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो गई है. बुधवार को सभी प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की गई. इस दौरान 12 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए. अब कुल 152 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, आठ सीटों के लिए कुल 164 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किया था. स्क्रूटनी के बाद 152 नामांकन वैध पाए गए हैं. आठ सीटों पर 164 प्रत्याशियों ने भरा था पर्चा विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होना है. स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, तिरहुत, दरभंगा और कोशी शामिल हैं. वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, तिरहुत, दरभंगा और सारण सीट है. पटना स्नातक क्षेत्र से 22 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था. इनमें चार के पर्चे रद्द हुए हैं. अब यहां 18 प्रत्याशी मैदान में हैं. तिरहुत स्नातक क्षेत्र में 20 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया था. स्क्रूटनी में तीन नामांकन खारिज हुए. यहां अब 17 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे. दरभंगा स्नातक क्षेत्र में 40 नामांकन दाखिल हुए थे. इनमें किसी भी प्रत्याशी का पर्चा खारिज नहीं हुआ. सभी 40 उम्मीदवार मैदान में हैं. कोशी स्नातक क्षेत्र में 16 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था. इनमें एक पर्चा रद्द हुआ. अब यहां 15 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 62 प्रत्याशी वैध चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 66 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था. स्क्रूटनी में चार पर्चे खारिज हुए. इसके बाद 62 प्रत्याशी मैदान में हैं. पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 22 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था. इनमें तीन पर्चे रद्द हुए. अब 19 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे. सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 19 नामांकन दाखिल हुए थे. सभी 19 पर्चे सही पाए गए. यहां कोई नामांकन रद्द नहीं हुआ. तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 11 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था. सभी 11 नामांकन वैध पाए गए हैं. दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 14 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा था. इनमें एक नामांकन रद्द हुआ. अब 13 प्रत्याशी मैदान में हैं. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें स्त्री प्रत्याशी भी मैदान में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में स्त्री प्रत्याशी भी चुनाव लड़ रही हैं. स्नातक क्षेत्र से पटना में निर्दलीय रंजू कुमारी मैदान में हैं. तिरहुत से राजद की रश्मि विनायक गौतम ने नामांकन किया है. दरभंगा से नेहा कुमारी और रिंकी कुमारी चुनाव लड़ रही हैं. कोशी से निर्दलीय वंदना कुमारी मैदान में हैं. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पटना से निर्दलीय अर्चिता प्रकाश और जनसुराज की दिव्या ज्योति प्रत्याशी हैं. तिरहुत से निर्दलीय कुमारी रूपम और पूर्णिमा मिश्रा मैदान में हैं. दरभंगा से निर्दलीय निक्की झा चुनाव लड़ रही हैं. सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कोई स्त्री प्रत्याशी मैदान में नहीं है. 23 अक्टूबर को होगा मतदान बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा. इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को अधिसूचना जारी की है. मतदान के दिन संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं को विशेष आकस्मिक अवकाश मिलेगा. यह सुविधा सिर्फ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं के लिए लागू होगी. पटना, तिरहुत, दरभंगा और कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के साथ पटना, तिरहुत, दरभंगा और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे. Also Read: मानसून की विदाई से पहले पटना में तेज बारिश, बिहार के इन 26 जिलों में आंधी-बारिश के साथ वज्रपात का अलर्ट The post बिहार MLC चुनाव: 12 नामांकन रद्द, अब 152 प्रत्याशी मैदान में, इस सीट पर 40 उम्मीदवार appeared first on Naya Vichar.

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नहीं रहे नाना पाटेकर, 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन; सिनेमा जगत स्तब्ध

Nana Patekar Passed away: बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है. उनके निधन की समाचार से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर में बेहोश पाए गए थे. इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक्टर को कार्डियक अरेस्ट आया था. घर में बेहोश मिले थे नाना पाटेकर रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर की तबीयत अचानक बिगड़ी. उन्हें गोवा स्थित उनके घर पर बेहोश पाया गया, जिसके बाद परिवार और आसपास के लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया. बताया जा रहा है कि डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की. 5:20 45 CPR – (MLC) : . , , , https://t.co/nBmoNknR1Z — ANI_HindiNews (@AHindinews) October 8, 2026 “> अस्पताल में करीब 45 मिनट तक उन्हें होश में लाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. शुरुआती जांच में कार्डियक अरेस्ट को मौत की वजह बताया गया है. कुछ दिन पहले ही दिखाया था फिटनेस का दम नाना पाटेकर की मौत की समाचार इसलिए भी हैरान करने वाली है क्योंकि हाल ही में उनका एक फिटनेस वीडियो सामने आया था. इस वीडियो में वह बिना किसी परेशानी के एक्सरसाइज करते नजर आए थे. फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर अतुल कासबेकर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया था. View on Instagram वीडियो में नाना पाटेकर लगातार ट्राइसेप डिप्स करते दिखाई दिए थे. एक्सरसाइज पूरी करने के बाद उनके चेहरे पर मुस्कान भी नजर आई थी. उस वक्त उनका फिटनेस के प्रति जुनून देखकर फैंस काफी प्रभावित हुए थे. 1978 में शुरू हुआ था फिल्मी सफर नाना पाटेकर ने अपने लंबे करियर में हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने साल 1978 में फिल्म ‘गमन’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था. इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया. ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘अंगार’, ‘क्रांतिवीर’, ‘तिरंगा’, ‘खामोशी’ और ‘अब तक छप्पन’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब पसंद किया गया. नाना अपने दमदार डायलॉग और अलग अंदाज की वजह से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाने में कामयाब रहे. ये भी पढ़ें: Welcome To The Jungle का हिस्सा क्यों नहीं बने ‘उदय’ और ‘मजनू’? अक्षय कुमार ने दिया Welcome 4 पर अपडेट आखिरी दौर तक फिल्मों में रहे एक्टिव नाना पाटेकर ने उम्र बढ़ने के बावजूद फिल्मों से दूरी नहीं बनाई थी. वह हाल के वर्षों में भी लगातार फिल्मों का हिस्सा रहे. उन्हें अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन और रितेश देशमुख स्टारर ‘हाउसफुल 5’ में देखा गया था. नाना पाटेकर फोटो- इंस्टाग्राम इसके अलावा वह विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओ’ रोमियो’ में भी नजर आए, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिका में थे. उन्होंने अनिल कपूर और राधिका मदान की फिल्म ‘सूबेदार’ में भी कैमियो किया था. सिनेमा में छोड़ी अलग पहचान नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि लेखक और निर्देशक के तौर पर भी अपनी पहचान बना चुके थे. उनकी एक्टिंग में गुस्सा, भावनाएं और गंभीरता का ऐसा मेल देखने को मिलता था, जो उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता था. उनके निधन की समाचार ने हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका दिया है. 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले नाना पाटेकर अपने पीछे फिल्मों और यादगार किरदारों की ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिन्हें दर्शक लंबे समय तक याद रखेंगे. ये भी पढ़ें: ‘बिना दिखावे के की किसानों की मदद…’, CM योगी आदित्यनाथ ने इस एक्टर की जमकर तारीफ की The post नहीं रहे नाना पाटेकर, 75 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन; सिनेमा जगत स्तब्ध appeared first on Naya Vichar.

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JSSC CGL पेपर लीक का खुलासा! प्रिंटिंग प्रेस कर्मी ने रट लिए थे सवाल-जवाब, ऐसे खुला पूरा खेल

JSSC CGL Scam. JSSC CGL परीक्षा-2023 में हुए बड़े फर्जीवाड़े की CID जांच में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. जांच में सामने आया है कि प्रश्न पत्र छापने वाली एजेंसी के कर्मी समीर ने परीक्षा से पहले ही सवाल-जवाब रट लिए थे. यही अंदरूनी पहुंच पेपर लीक कराने का बड़ा माध्यम बनी. प्रश्नपत्र बनाने वाली एजेंसी में काम करता था समीर CID की जांच के दायरे में आया समीर कुमार उस एजेंसी के प्रमुख लोगों में से एक था, जिसे परीक्षा की गोपनीयता की जिम्मेदारी मिली थी. मानेसर स्थित आइसीएन इंडिया को प्रश्नों की डिजाइनिंग, प्रिंटिंग, जंबलिंग और OMR शीट तैयार करने का अत्यंत संवेदनशील काम मिला था. समीर इसी एजेंसी में कार्यरत था. यहीं से उसके सिंडिकेट के संपर्क में आने की जमीन बनी. प्रश्नपत्र निर्माण की सीधी प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण समीर के पास सवाल और उनके जवाब पहले से उपलब्ध थे. अंदरूनी पहुंच से सिंडिकेट को मिला पेपर लीक का रास्ता प्रश्नपत्र की निर्माण प्रक्रिया तक समीर की सीधी पहुंच ने सिंडिकेट को पेपर लीक कराने का सबसे आसान रास्ता मुहैया कराया. जांच के अनुसार, समीर ने परीक्षा से पहले ही पूरे प्रश्नपत्र और उत्तरों को कंठस्थ कर लिया था. इसके बाद वह एजेंसी के साधारण कर्मी से बदलकर गिरोह के सबसे अहम मोहरे के रूप में तब्दील हो गया. दिल्ली से रांची की हवाई यात्रा, खर्च का इंतजाम सोमांश प्रकाश ने किया समीर ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य सहयोगियों के साथ दिल्ली से रांची की हवाई यात्रा की. इन सभी हवाई टिकटों और यात्रा के पूरे खर्च का बंदोबस्त सह-अभियुक्त सोमांश प्रकाश के जरिये किया गया था. जांच में इस यात्रा और पेपर लीक के पूरे नेटवर्क के बीच संबंधों को भी खंगाला जा रहा है. पेपर लीक का पैसा कहां गया? CID की रडार पर रांची के दो कोचिंग JSSC CGL मामले में अब CID यह भी जांच कर रही है कि पेपर लीक का पैसा कहां और कैसे गया. एजेंसी की रडार पर रांची के दो कोचिंग संस्थान पतंजलि आइएएस एकेडमी और शिवांगन की पाठशाला हैं. यहां अभ्यर्थियों को पास कराने का संगठित ठेका लिया जाता था. मामले में पतंजलि आइएएस एकेडमी के संचालक रवि कुमार और शिवांगन की पाठशाला के संचालक संजीत कुमार पहले ही जेल जा चुके हैं. बैंक खातों और लेन-देन की जांच CID अब दोनों कोचिंग संचालकों के बैंक खातों, आय-व्यय, ऑडिट रिपोर्ट और लेन-देन का विश्लेषण कर रही है. जांच में परीक्षा एजेंसियों टीडीपीएल और बिंसिस टेक्नोलॉजी के साथ कोचिंग संचालकों की मिलीभगत की बात सामने आ चुकी है. समीर के बैंक खातों में मिले संदिग्ध ट्रांसफर CID को वित्तीय पड़ताल में समीर के बैंक खातों से संदिग्ध लेन-देन के पुख्ता प्रमाण मिले हैं. उसके खातों में UPI से 98,000 रुपये और 30,000 रुपये के ट्रांसफर दर्ज मिले हैं. प्रिंटिंग प्रेस की पहुंच का नाजायज फायदा उठाकर और सवाल-जवाब याद करके परीक्षा में बैठा समीर अंततः सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) के पद पर चयनित होने में सफल भी रहा. अब वित्तीय कड़ियों को जोड़ रही CID CID अब समीर के बैंक खातों में मिले संदिग्ध लेन-देन और सिंडिकेट के बाकी सदस्यों की भूमिका को जोड़कर जांच को अंतिम रूप देने में जुटी है. इस मामले में जांच का दायरा पेपर लीक कराने वाले लोगों से लेकर पैसे के लेन-देन, कोचिंग संस्थानों और परीक्षा एजेंसियों की कथित भूमिका तक पहुंच गया है. ये भी पढ़ें: Rupi Soren की अनकही कहानी: जब शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन में संघर्षरत थे, वह संभाल रही थीं घर का मोर्चा The post JSSC CGL पेपर लीक का खुलासा! प्रिंटिंग प्रेस कर्मी ने रट लिए थे सवाल-जवाब, ऐसे खुला पूरा स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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Video: प्रियंका गांधी ने महिला पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ

पुलिसकर्मी जब प्रियंका गांधी को प्रदर्शन के दौरान वहां से हटाने की कोशिश कर रहे थे, तब वह सड़क पर लेट गईं. कुछ देर बाद स्त्री पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाकर पुलिस वाहन तक ले जाने की कोशिश की. इसी दौरान सामने आए वीडियो में प्रियंका गांधी एक स्त्री कांस्टेबल की ओर हाथ बढ़ाती और उसे कोहनी मारती हुई दिखाई देती हैं. हालांकि, इस घटना को लेकर यह स्पष्ट नहीं है कि कोहनी जानबूझकर मारी गई या पुलिस के साथ हो रही धक्का-मुक्की के दौरान ऐसा हुआ. प्रदर्शन के दौरान का वीडियो जिसमें कथित रूप से कोहनी मारती दिखी प्रियंका गांधी दूसरी ओर, प्रियंका गांधी ने पुलिस पर उनके साथ बदसलूकी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि स्त्री पुलिसकर्मियों ने उन्हें जमीन पर गिराया और उनके शरीर पर खरोंचें आईं. ये भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन, पुलिस को किया इन्फॉर्म क्यों हो रहा प्रदर्शन? प्रदर्शनकारी नेता चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगा रहे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया. The post Video: प्रियंका गांधी ने स्त्री पुलिसकर्मी को मारी कोहनी? वीडियो में देखें प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ appeared first on Naya Vichar.

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