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अयोध्या के निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास पद से हटाए गए, जानिए अब किसे मिली कमान

Ayodhya News: अयोध्या के प्रमुख धार्मिक संस्थानों में शामिल निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास को महंत पद से हटा दिया गया है. इस फैसले के बाद अयोध्या के संत समाज, धार्मिक संगठनों और राम मंदिर से जुड़े लोगों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. बताया जा रहा है कि 5 जुलाई को दिल्ली में आयोजित पंच रामानंदीय निर्मोही अखाड़े की बैठक में यह निर्णय लिया गया था. बैठक में अखाड़े के वरिष्ठ सदस्यों ने नेतृत्व और संगठनात्मक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. इस घटनाक्रम के बाद राम मंदिर ट्रस्ट में महंत दिनेन्द्र दास की भूमिका को लेकर भी नए सवाल खड़े होने लगे हैं. दिल्ली बैठक में लिया गया फैसला जानकारी के अनुसार, 5 जुलाई को दिल्ली में ‘पंच रामानंदीय’ निर्मोही अखाड़े की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें अखाड़े के 13 वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए थे. बैठक की अध्यक्षता महंत रामचंद्राचार्य ने की. बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें एक प्रस्ताव महंत दिनेन्द्र दास को पद से हटाने से संबंधित था. बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव को बहुमत से मंजूरी दी गई. याचिका और बैठक के दस्तावेजों के आधार पर यह दावा भी किया जा रहा है कि अब दिनेन्द्र दास अखाड़े के प्रतिनिधि के रूप में कार्य नहीं करेंगे. चूंकि उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े के प्रतिनिधि के तौर पर स्थान मिला था, इसलिए इस फैसले के बाद उनके ट्रस्टी पद को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं. राम मंदिर ट्रस्ट और भविष्य की भूमिका पर नजर दूसरी ओर, महंत दिनेन्द्र दास पहले सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि राम मंदिर मामले में निर्मोही अखाड़े की ऐतिहासिक भूमिका के बावजूद उन्हें अपेक्षित जिम्मेदारियां नहीं मिलीं. उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उन्हें मंदिर में पूजा-पाठ और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी जाती है तो वह इसे निभाने के लिए तैयार हैं. फिलहाल वे रामलला दर्शन व्यवस्था की निगरानी और मंदिर प्रबंधन से जुड़े कार्यों में सक्रिय बताए जाते हैं. निर्मोही अखाड़े के भीतर हुए इस बदलाव के बाद अब सभी की नजर अखाड़े की आधिकारिक घोषणा और राम मंदिर ट्रस्ट पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर टिकी हुई है. हालांकि निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास को महंत पद से हटाए जाने की समाचार तेजी से वायरल हो रही है. यह भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा मामले पर संसद में संग्राम की तैयारी, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी बोले सदन में सत्ता पक्ष के साथ होगी बहस The post अयोध्या के निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास पद से हटाए गए, जानिए अब किसे मिली कमान appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में बारिश का संकट गहराया, सामान्य से 38% कम वर्षा; सिर्फ 18% क्षेत्र में हुई फसल

मनोज कुमार, रांची झारखंड में खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली साबित हो रही है. 19 जुलाई 2026 तक राज्य में सामान्य से 38 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. इसका सीधा असर धान की बुआई और रोपनी पर पड़ा है. राज्य में तय लक्ष्य का अब तक केवल 18.06 प्रतिशत क्षेत्र में ही फसल लग सकी है, जबकि धान रोपनी सामान्य का महज 13.7 प्रतिशत ही पहुंच पाई है. सबसे खराब स्थिति पलामू और उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की है, जहां कई जिलों में वर्षा की भारी कमी के कारण किसान अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. वहीं कोल्हान प्रमंडल में अपेक्षाकृत थोड़ी राहत देखने को मिली है. उत्तरी छोटानागपुर में हालात चिंताजनक उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल में हजारीबाग, रामगढ़, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो और धनबाद जिले शामिल हैं. यहां की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है. चतरा में सामान्य से 68 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जो राज्य में सबसे खराब स्थिति में शामिल है. पूरे प्रमंडल में मात्र 14 प्रतिशत खेतों में ही फसल लग सकी है. दक्षिणी छोटानागपुर में भी कम बारिश दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल, जिसमें रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और सिमडेगा शामिल हैं, वहां भी सामान्य से करीब 49 प्रतिशत कम बारिश हुई है. इस प्रमंडल में करीब 13 प्रतिशत खेतों में ही रोपनी हो पाई है. कोल्हान में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति कोल्हान प्रमंडल, जिसमें पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां शामिल हैं, राज्य में सबसे बेहतर स्थिति में है. यहां सामान्य से करीब 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है. पूर्वी सिंहभूम में 36.4 प्रतिशत और सरायकेला में 40.8 प्रतिशत वर्षा घाटा दर्ज किया गया, जो अन्य प्रमंडलों की तुलना में कम है. पलामू प्रमंडल सबसे ज्यादा प्रभावित पलामू, गढ़वा और लातेहार वाले पलामू प्रमंडल में स्थिति सबसे खराब बताई जा रही है. पलामू में 62 प्रतिशत, गढ़वा में 71 प्रतिशत और लातेहार में 56.8 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है. धान की बुआई यहां काफी पीछे है, हालांकि मक्का और अन्य फसलों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बताई जा रही है. संताल परगना में भी गंभीर स्थिति संताल परगना प्रमंडल में दुमका, देवघर, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिले शामिल हैं. यहां सामान्य से करीब 34 प्रतिशत कम बारिश हुई है और लगभग 15 प्रतिशत खेतों में ही फसल लग सकी है. इन जिलों में 50% से अधिक वर्षा घाटा 50% से अधिक वर्षा घाटा वाले जिले जिला वर्षा घाटा (%) चतरा 68% देवघर 60% गढ़वा 71% गोड्डा 51% कोडरमा 63% पाकुड़ 62% पलामू 51% साहिबगंज 54% धान रोपनी की रफ्तार बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार कई जिलों में धान रोपनी 10 प्रतिशत से भी कम हुई है, जबकि कुछ जिलों में यह 20 प्रतिशत के आसपास पहुंची है. सामान्य वर्षों की तुलना में यह स्थिति काफी खराब है. यदि अगले एक-दो सप्ताह में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई, तो खरीफ उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. विशेषज्ञों की सलाह बीएयू के पूर्व वैज्ञानिक बिनोद कुमार के अनुसार, जिन क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है वहां किसानों को जल्दबाजी में रोपनी नहीं करनी चाहिए. उन्होंने सलाह दी कि मिट्टी में पर्याप्त नमी बनने का इंतजार करें और लगातार कम वर्षा वाले जिलों में कम अवधि वाली धान की किस्मों तथा वैकल्पिक खरीफ फसलों पर भी विचार किया जा सकता है. प्रमंडलवार वर्षा की कमी और फसल आच्छादन प्रमंडल सामान्य से कम बारिश (%) लक्ष्य का फसल आच्छादन (%) दक्षिणी छोटानागपुर 49 13.1 पलामू 38.1 24.9 कोल्हान 63.5 29.3 उत्तरी छोटानागपुर 34.4 14.0 संताल परगना 37.9 14.5 कुल मिलाकर, झारखंड में खरीफ सीजन पर वर्षा की कमी का गंभीर असर दिखाई दे रहा है. यदि जल्द पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो धान उत्पादन और किसानों की आय दोनों पर बड़ा संकट गहरा सकता है. The post झारखंड में बारिश का संकट गहराया, सामान्य से 38% कम वर्षा; सिर्फ 18% क्षेत्र में हुई फसल appeared first on Naya Vichar.

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Heavy Rain: नागालैंड में भारी बारिश का कहर, मोन जिले में बाढ़ और लैंडस्लाइड से तीन लोगों की मौत

Heavy Rain: पूर्वोत्तर हिंदुस्तान में मानसून की जोरदार बारिश हो रही है. मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, असम समेत कई और राज्यों में बारिश से लोगों का बुरा हाल है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने नागालैंड में भी जमकर तबाही मचाई है. राज्य के मोन जिले में रविवार (19 जुलाई) को अचानक आई बाढ़ और लैंडस्लाइड ने भारी तबाही मचाई. प्राकृतिक आपदा में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही अधिकारियों ने बताया कि लगातार कई घंटों तक हुई भारी बारिश के बाद मोन शहर और आसपास के इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई. इसके साथ ही कई स्थानों पर भूस्खलन (Landslide) भी हुआ, जिससे कई मकान बह गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं. बाढ़ में कई इलाके जलमग्न हो गए, जबकि प्रमुख सड़क मार्ग बंद होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी. तीन लोगों की मौत, कई के फंसे होने की आशंका राहत और बचाव दल ने खराब मौसम और कठिन हालात के बावजूद अभियान चलाकर एक स्त्री और एक पुरुष सहित तीन लोगों के शव बरामद कर लिए हैं. अधिकारियों ने मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई है, ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. राहत और बचाव अभियान जारी नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NSDMA) के संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी जॉनी रुआंगमेई ने बताया कि रविवार सुबह से ही लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में अचानक बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन गई. वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में हुए भूस्खलन से कई प्रमुख सड़कें बंद हो गईं. प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत कार्य तेजी से चलाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने जताया दुख मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने इस हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि राज्य प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है. उनके अनुसार, नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस और असम राइफल्स की टीमें संयुक्त रूप से खोज और बचाव अभियान चला रही हैं. लोगों से सतर्क रहने की अपील जिला प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन संभावित इलाकों, नदी किनारों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अभी भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. Also Read: उत्तर बंगाल में आफत की बारिश : IMD ने जारी किया अलर्ट, भू-स्खलन और अचानक बाढ़ की चेतावनी The post Heavy Rain: नागालैंड में भारी बारिश का कहर, मोन जिले में बाढ़ और लैंडस्लाइड से तीन लोगों की मौत appeared first on Naya Vichar.

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Ramayana: मैं जिंदगी भर आपका ऋणी रहूंगा… लक्ष्मण का किरदार मिलने पर इमोशनल हुए रवि दुबे, डायरेक्टर नितेश तिवारी का किया धन्यवाद

Ramayana: नितेश तिवारी की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में एक ऐसा पल देखने को मिला, जिसने सभी का दिल छू लिया. फिल्म में लक्ष्मण का किरदार निभा रहे रवि दुबे मंच पर अपनी बात कहते-कहते इमोशनल हो गए. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम खुद अपने किरदारों को चुनते हैं और उन्हें निभाने की ताकत भी वही देते हैं. रवि ने यह भी कहा कि इतने बड़े कलाकारों के बीच इस फिल्म का हिस्सा बनना उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है. Ravie Dubey on Ramayana: ‘श्रीराम ही चुनते हैं’ View on Instagram इवेंट में रवि दुबे ने कहा, “श्रीराम चुनते हैं और जब श्रीराम चुनते हैं, तो भाव भी वही देते हैं, साधन भी वही देते हैं, संसाधन भी वही देते हैं और हिम्मत भी वही देते हैं.” उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीराम ने नितेश तिवारी को इस फिल्म के लिए चुना, रणबीर कपूर को श्रीराम और साई पल्लवी को माता सीता के किरदार के लिए चुना. रवि ने कहा कि उन्हें आज भी यकीन नहीं होता कि उन्हें लक्ष्मण जैसा पवित्र किरदार निभाने का मौका मिला है. Ravie Dubey Emotional Speech: मंच पर छलक पड़े आंसू अपनी बात कहते हुए रवि दुबे काफी भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि शायद यह उनके माता-पिता के अच्छे कर्मों का फल है कि उन्हें रामायण जैसी बड़ी फिल्म में लक्ष्मण बनने का मौका मिला. उन्होंने मंच पर मौजूद निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी का हाथ जोड़कर धन्यवाद किया और कहा, “मैं जिंदगी भर आपका ऋणी रहूंगा.” यह कहते हुए उनकी आंखें भी नम हो गईं. Ramayana Trailer Launch: दिल्ली में जुटे फिल्म के बड़े सितारे दिल्ली के हिंदुस्तान मंडपम में आयोजित ‘प्रथम संकल्प’ इवेंट में रणबीर कपूर, साई पल्लवी, रवि दुबे, नितेश तिवारी, नमित मल्होत्रा, अरुण गोविल, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय, कुनाल कपूर, शोभना, अजींक्य देव, करण जौहर और कई अन्य सितारे मौजूद रहे. इस कार्यक्रम में फिल्म का ट्रेलर चुनिंदा लोगों को दिखाया गया. वहीं, इसका आधिकारिक ग्लोबल लॉन्च 24 जुलाई को San Diego Comic-Con 2026 में होगा, जहां इसे दुनिया भर के दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा ये भी पढ़ें: Ramayana: मुझे उनकी आंखों में सच्चाई दिखाई देती है… डायरेक्टर नितेश तिवारी ने बताया क्यों रणबीर कपूर और साई पल्लवी ही बने राम-सीता The post Ramayana: मैं जिंदगी भर आपका ऋणी रहूंगा… लक्ष्मण का किरदार मिलने पर इमोशनल हुए रवि दुबे, डायरेक्टर नितेश तिवारी का किया धन्यवाद appeared first on Naya Vichar.

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फुटबॉल का फीवर: फीफा फाइनल के कारण मणिपुर में सोमवार को स्कूल-कॉलेज बंद

Fifa World Cup Final: शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, ‘‘मणिपुर के राज्यपाल ने निर्देश दिए हैं कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई अथवा किसी अन्य बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालयों के साथ-साथ सभी प्रशासनी, अनुदानित और निजी महाविद्यालय, उच्च शिक्षण संस्थान तथा विश्वविद्यालय 20 जुलाई को बंद रहेंगे.’’ आदेश में यह भी कहा गया है कि 20 जुलाई 2026 को रात 12:30 बजे होने वाले फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले का राज्यभर के विद्यार्थी उत्साहपूर्वक आनंद ले सकें, इसी उद्देश्य से यह अवकाश घोषित किया गया है. फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होगी भिड़ंत फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना और स्पेन की टीमें आमने-सामने होंगी. अर्जेंटीना मौजूदा चैंपियन है, जबकि 16 साल के बाद स्पेन फाइनल में पहुंचा है. आखिरी बार स्पेन ने 2010 में नीदरलैंड को हराकर अपना पहला वर्ल्ड कप जीता था. ये भी पढ़ें: FIFA World Cup 2026 Final: फाइनल से पहले लियोनेल मेसी का भावुक पोस्ट, टीम के लिए कही यह बड़ी बात The post फुटबॉल का फीवर: फीफा फाइनल के कारण मणिपुर में सोमवार को स्कूल-कॉलेज बंद appeared first on Naya Vichar.

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मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को बताया शैतान, कहा- खून का बदला जरूर लेंगे

Mojtaba Khamenei Warns US : मोजतबा खामेनेई ने ईरान के नागरिकों के नाम रविवार को एक लिखित संदेश जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा – “हम अपने पिता और जंग में शहीद हुए लोगों के पवित्र खून का बदला जरूर लेंगे. हमारे देश की भी यही मांग है.” उन्होंने अमेरिका और इजराइल को हत्यारा करार देते हुए कहा- “ये हत्यारे बिस्तर पर शांति से मरने का अपना सपना अब सीधे अपनी कब्र तक ही ले जाएंगे.” मोजतबा ने कहा कि अपराधियों के नाम उनके पास दर्ज हैं. पिता के जनाजे में उमड़ी भीड़ को बताया बदलाव की शुरुआत ईरान और इराक में अपने पिता के अंतिम संस्कार में उमड़े लाखों लोगों के हुजूम का जिक्र करते हुए खामेनेई ने कहा कि इस जनसैलाब ने जागरूकता और सक्रिय भागीदारी का एक नया अध्याय लिख दिया है. उन्होंने कहा: “अमेरिका और उसके सहयोगियों ने इराक-ईरान में इस विशाल जमावड़े को देखा है. दोनों देशों के आपसी संबंधों को कमजोर करने के लिए जो साजिशें रची गई थीं, वे इस जनसैलाब के सामने पूरी तरह से बेकार और बेअसर साबित हुई हैं.” इससे पहले मोजतबा ने 11 जुलाई को ईरानी नागरिकों के नाम संदेश जारी किया था, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इजराइल से बदला लेने का संकल्प लिया था. घायल मोजतबा अब तक नहीं आए सामने हवाई हमले में खुद घायल होने के कारण मोजतबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम संस्कार के किसी भी कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके थे. हमले के बाद से वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं और न ही उनका कोई वीडियो या ऑडियो जारी हुआ है. अब तक मोजतबा का संदेश लिखित रूप में ही सामने आया है. इस्लामाबाद MoU से पीछे हटा ईरान, खाड़ी में भीषण टकराव ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ होने वाले समझौते से खुद को अलग कर लिया है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है. अमेरिका ने लगातार 7वीं रात ईरान पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बनाया. ये भी पढ़ें: कुवैत का दावा : ईरानी मिसाइल और ड्रोन से हमला, अलर्ट मोड पर एयर डिफेंस सिस्टम The post मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को बताया शैतान, कहा- खून का बदला जरूर लेंगे appeared first on Naya Vichar.

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कोहली-गंभीर विवाद की खबरें निकली बेबुनियाद, लंदन में दिखी शानदार केमिस्ट्री

हिंदुस्तान के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और मुख्य कोच गौतम गंभीर के बीच अनबन की चर्चाओं को इंग्लैंड दौरे के दौरान एक बार फिर हवा मिली थी. नेट्स में दोनों के बीच कम बातचीत और साथ नजर न आने को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं. हालांकि, लंदन में हिंदुस्तानीय उच्चायोग (Indian High Commission) के कार्यक्रम में दोनों को साथ हंसते-मुस्कुराते देख इन अफवाहों पर काफी हद तक विराम लग गया. हिंदुस्तानीय टीम के हाई कमीशन दौरे के दौरान कोहली और गंभीर को आपस में बातचीत करते और ठहाके लगाते देखा गया. यह दृश्य उन दावों के बिल्कुल उलट था, जिनमें कहा जा रहा था कि दोनों के रिश्ते सामान्य नहीं हैं. इससे पहले कार्डिफ में स्पोर्ट्से गए दूसरे वनडे के बाद बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी ऐसी समाचारों को सिरे से खारिज कर दिया था. मुकाबले से पहले विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच लंबी बातचीत रविवार को लॉर्ड्स में सीरीज के निर्णायक मुकाबले से पहले भी कोहली और गंभीर बाउंड्री लाइन के पास लंबी बातचीत करते नजर आए. दोनों के बीच हुई चर्चा ने यह साफ संकेत दिया कि टीम के भीतर किसी तरह की असहजता नहीं है. पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सितांशु कोटक ने क्या कहा? पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में सितांशु कोटक ने कहा, “विराट और गौतम ने आज कम से कम 10 बार बात की होगी. मुझे नहीं लगता कि उनके बीच किसी पुल की जरूरत है. ये अफवाहें कहां से आती हैं, मुझे नहीं पता, लेकिन आती जरूर हैं.” 2027 वर्ल्ड कप में एक साल से भी कम समय 2027 वनडे विश्व कप में अब एक साल से भी कम समय बचा है और ऐसे में टीम के वरिष्ठ बल्लेबाज विराट कोहली तथा मुख्य कोच गौतम गंभीर के बीच मजबूत तालमेल हिंदुस्तानीय टीम के लिए बेहद अहम है. बहुत हद से टीम बल्लेबाजी में विराट कोहली पर निर्भर है. वहीं गंभीर भविष्य की योजनाओं को आकार देने में जुटे हैं. दरअसल, गंभीर के 2024 में हिंदुस्तानीय टीम का मुख्य कोच बनने के बाद से ही दोनों के रिश्तों को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं. लेकिन लंदन में सामने आई तस्वीरों और मैदान पर दिखी उनकी सहज बातचीत ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि दोनों का पूरा ध्यान हिंदुस्तानीय टीम की सफलता पर है. ये भी पढ़ें: लॉर्ड्स में रोहित शर्मा और गौतम गंभीर की दिखी शानदार बॉन्डिंग, वायरल हुआ वीडियो The post कोहली-गंभीर विवाद की समाचारें निकली बेबुनियाद, लंदन में दिखी शानदार केमिस्ट्री appeared first on Naya Vichar.

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अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर बुलडोजर एक्शन पर हाईकोर्ट की रोक, जानें अदालत ने क्या कहा

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय को तोड़े जाने पर कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने रोक लगा दी है. रविवार (19 जुलाई) को इस मामले में एक विशेष सुनवाई करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर जुलाई के अंत तक यथास्थिति (Status Quo) बनाये रखने का कोर्ट ने आदेश दिया है. जस्टिस राजा बसु चौधरी की एकल पीठ ने रविवार की छुट्टी के दिन विशेष अदालत लगाकर इस मामले को सुना और राज्य प्रशासन को निर्देश दिया कि वह आमतला स्थित इस विवादित इमारत से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश करे. ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी ने खटखटाया था कोर्ट का दरवाजा कोर्ट की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आयी कि जिस इमारत पर बुलडोजर चलाया गया, उसका मालिकाना हक ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ (Leaps and Bounds) कंपनी के पास है. इसी कंपनी की ओर से जिला प्रशासन की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी थी. प्रवर्तन निदेशालय (ED) के आधिकारिक दावों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेता अभिषेक बनर्जी इसी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं. विस्तृत सुनवाई नियमित पीठ में होगी : हाईकोर्ट विशेष सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि जुलाई के अंत तक इस परिसर में कोई भी तोड़फोड़ या बदलाव नहीं किया जायेगा और अब इस मामले की विस्तृत सुनवाई नियमित पीठ (Regular Bench) के समक्ष दोबारा की जायेगी. ये भी पढ़ें: बुलडोजर एक्शन से भड़के अभिषेक बनर्जी, कहा- 2031 में हमारी प्रशासन बनी तो बीजेपी के दफ्तर ऐसे ही तोड़ेंगे प्रशासन और अभिषेक बनर्जी के दावों में विरोधाभास दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने शनिवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अभिषेक बनर्जी के आमतला स्थित कार्यालय को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की थी. जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि यह इमारत कथित तौर पर बिना किसी स्वीकृत भवन योजना (Approved Building Plan) के और नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन करके बनायी गयी थी. इसलिए यह एक्शन लिया गया. ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी के आमतला कार्यालय पर चला प्रशासन का बुलडोजर, BJP कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न अभिषेक बनर्जी ने प्रशासन के दावों पर किया पलटवार डायमंड हार्बर के सांसद और अभिषेक बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया था कि यह उनका आधिकारिक निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय है. उन्होंने कहा कि इस दफ्तर का निर्माण पूरी तरह से खरीदी गयी वैध जमीन पर कानून के दायरे में रहकर किया गया था और इसके लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक अनुमतियां ली गयीं थीं. हाईकोर्ट के इस स्थगन आदेश के बाद अब इस पूरे नेतृत्वक व कानूनी विवाद पर जुलाई के अंत में होने वाली अगली सुनवाई के दौरान ही स्थिति और स्पष्ट होगी. The post अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर बुलडोजर एक्शन पर हाईकोर्ट की रोक, जानें अदालत ने क्या कहा appeared first on Naya Vichar.

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सोनम वांगचुक मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी अस्पताल में ट्रांसफर की मांग ठुकराई

दिल्ली हाईकोर्ट ने रविवार (19 जुलाई) को सामाजिक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल में ट्रांसफर करने की मांग पर तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया है. जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा कि फिलहाल इस मामले में किसी अंतरिम आदेश की जरूरत नहीं है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई तय की है. वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि जे. आंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र प्रशासन, सफदरजंग अस्पताल और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. याचिका में वांगचुक को उनकी पसंद के निजी अस्पताल में ट्रांसफर करने की अनुमति देने की मांग की गई है. डॉक्टर लगातार कर रहे हैं निगरानी- कोर्ट सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर लगातार सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य निगरानी कर रहे हैं. ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि उनके साथ किसी तरह की जबरदस्ती की जा रही है. अदालत ने यह भी माना कि जंतर-मंतर से उन्हें अस्पताल ले जाने की प्रशासनी कार्रवाई को प्रथम दृष्टया मनमाना नहीं कहा जा सकता. परिवार को 24 घंटे मिलने की अनुमति जस्टिस पुष्करणा ने कहा कि वांगचुक की पत्नी, उनके भाई और अन्य परिजनों को उनसे 24 घंटे मिलने की अनुमति दी गई है. अदालत ने यह भी साफ किया कि यदि जरूरत हुई और वांगचुक खुद तैयार होंगे, तो वे डॉक्टरों के इलाज में सहयोग करेंगे. प्रशासन ने कहा- इलाज में सहयोग करें केंद्र प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने अदालत में कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर वांगचुक का उचित इलाज कर रहे हैं और इस पर संदेह की कोई वजह नहीं है. उन्होंने कहा कि बेहतर इलाज के लिए वांगचुक का सहयोग भी जरूरी है. कपिल सिब्बल ने उठाया अधिकार का सवाल वांगचुक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत से कहा कि उनके क्लाइंट को मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया जाए. उन्होंने दलील दी कि सोनम वांगचुक किसी हिरासत में नहीं हैं, इसलिए उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता. 21 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं वांगचुक सोनम वांगचुक को शनिवार को उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी. वह 28 जून से नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. The post सोनम वांगचुक मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी अस्पताल में ट्रांसफर की मांग ठुकराई appeared first on Naya Vichar.

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Nvidia CEO Jensen Huang की ब्लैक लेदर जैकेट 9.4 करोड़ रुपये में बिकी, अनुमान से 16 गुना ज्यादा मिली कीमत

दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक कंपनियों में शामिल Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग (Jensen Huang) की पहचान बन चुकी ब्लैक लेदर जैकेट रिकॉर्ड कीमत पर नीलाम हुई है. मशहूर ऑक्शन हाउस Sotheby’s में हुई नीलामी में यह जैकेट 9.60 लाख डॉलर (करीब 9.4 करोड़ रुपये) में बिकी, जो शुरुआती अनुमान से लगभग 16 गुना अधिक है. ऑक्शन से मिली पूरी राशि टेक्नोलॉजी और साइंस के क्षेत्र में काम कर रहे युवा इनोवेटर्स की मदद के लिए दान की जाएगी. अनुमान से कई गुना ज्यादा मिली कीमत नीलामी से पहले इस जैकेट की कीमत 40,000 से 60,000 डॉलर (करीब 33 लाख से 50 लाख रुपये) आंकी गई थी. लेकिन बोली के दौरान इसकी कीमत तेजी से बढ़ती गई और आखिरकार यह करीब 9.60 लाख डॉलर में बिक गई. किस काम आएगा नीलामी का पैसा? रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीलामी से प्राप्त पूरी राशि सैन फ्रांसिस्को स्थित वेंचर कैपिटल फर्म Long Journey Ventures की पहल के तहत Age Institute नामक गैर-लाभकारी संगठन को दी जाएगी. यह संस्था टेक्नोलॉजी, साइंस, संस्कृति और समाज से जुड़े शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और इनोवेटर्स को नए विचारों और रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए सहयोग देती है. इस फंड का इस्तेमाल फेलोशिप और रिसर्च कार्यक्रमों पर किया जाएगा. टेक दुनिया का स्टाइल आइकन बन चुकी है यह जैकेट सिलिकॉन वैली में जैसे स्टीव जॉब्स अपने ब्लैक टर्टलनेक और मार्क जुकरबर्ग अपनी ग्रे टी-शर्ट या हुडी के लिए जाने जाते थे, वैसे ही जेन्सन हुआंग की ब्लैक लेदर जैकेट उनकी पहचान बन चुकी है. वह Nvidia के लगभग हर बड़े प्रोडक्ट लॉन्च, डेवलपर कॉन्फ्रेंस और कीनोट प्रेजेंटेशन में इसी तरह की ब्लैक लेदर जैकेट पहने नजर आते हैं. 2023 के ताइपे इवेंट में पहनी थी यही जैकेट नीलामी में शामिल यह जैकेट लग्जरी फैशन ब्रांड Tom Ford की है. जेन्सन हुआंग ने इसे 18 अक्टूबर 2023 को ताइपे में आयोजित Hon Hai Tech Day के दौरान पहना था. Sotheby’s ने इवेंट की तस्वीरों के जरिए इस जैकेट की पुष्टि की, जबकि इस पर मौजूद जेन्सन हुआंग के हस्ताक्षर का सत्यापन James Spence Authentication ने किया. टॉम फोर्ड जैकेट्स के बड़े प्रशंसक हैं Jensen Huang फैशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, जेन्सन हुआंग लंबे समय से Tom Ford की लेदर जैकेट्स पहनते आ रहे हैं. उनकी कई जैकेट्स की कीमत 10,000 डॉलर (करीब 8.3 लाख रुपये) या उससे भी अधिक होती है. उनकी यह स्टाइल अब टेक इंडस्ट्री में एक अलग ब्रांड पहचान बन चुकी है. दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं Jensen Huang Forbes Real-Time Billionaires List के मुताबिक, Nvidia के CEO जेन्सन हुआंग की कुल संपत्ति करीब 175 अरब डॉलर (लगभग 16.84 लाख करोड़ रुपये) है. इसी के साथ वह दुनिया के सातवें सबसे अमीर व्यक्ति हैं. उनके नेतृत्व में Nvidia ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है और कंपनी का बाजार मूल्य भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. The post Nvidia CEO Jensen Huang की ब्लैक लेदर जैकेट 9.4 करोड़ रुपये में बिकी, अनुमान से 16 गुना ज्यादा मिली कीमत appeared first on Naya Vichar.

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