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रांची में ढोल-नगाड़ों के बीच डूरंड कप के पहले क्वार्टरफाइनल का आगाज, दिल्ली और एफसी रेंगदाई आमने-सामने

Durand Cup 2026 1st Quater Final: डूरंड कप के 135वें सीजन के पहले क्वार्टरफाइनल मुकाबले का आगाज रविवार को रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में हुआ. स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली और मणिपुर की एफसी रेंगदाई की टीमें आमने-सामने हैं. मुकाबले का उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया. इस दौरान कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे. डूंरड कप के दौरान मोराबादी स्टेडियम में फैंस रांची में क्रिकेट को लेकर फैंस का जुनून तो अक्सर देखने को मिलता है, लेकिन रविवार को फुटबॉल के लिए भी वैसा ही उत्साह नजर आया. मोराबादी में मौजूद दर्शकों ने बता दिया कि झारखंड में फुटबॉल की लोकप्रियता किसी से कम नहीं है. दोनों टीमों की प्लेइंग-11 स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली: फर्नांडिस (GK), गोगोउ (C), आशुतोष, रोड्रिगुइन्हो, पेना, ऐमेन, अजहर, टोम्बा, डुवान, मनोज एमडी. सबस्टिट्यूट: एम. कैफ, एन. रिचर्ड, एलन साजी, जोसेफ, सी. फर्नांडिस, ऑगस्टीन, सौरव, डायमंड, विशाल (GK), अक्षत एफसी रेंगदाई: पैंटिगा (GK) (C), रोजेन, केइफाबा, गैसुआंगमेई, किशन, अमरजीत, नरेश, लांचुंगरेई, डोले, चुइंगाम्पोउ, अमितकुमार. सबस्टिट्यूट: बसंता, सेंडी, सूरज (GK), बुंगचा, जेम्स, अबुंगटन, जोनाह, तिंगकाउचुन दोनों टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए मैदान पर उतर चुकी हैं और रांची के फुटबॉल फैंस की नजरें इस रोमांचक मुकाबले पर टिकी हैं. ये भी पढ़ें: डुरंड कप का मुकाबला देखने रांची रवाना हुई 50 स्कूली खिलाड़ियों की टीम The post रांची में ढोल-नगाड़ों के बीच डूरंड कप के पहले क्वार्टरफाइनल का आगाज, दिल्ली और एफसी रेंगदाई आमने-सामने appeared first on Naya Vichar.

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51 की उम्र में सुरेश ने किया NEET क्वालीफाई, सड़क हादसे के बाद देखा डॉक्टर बनने का सपना

NEET UG 2026 Success Story: कहते हैं ना, कोई भी चीज सीखने की कोई उम्र नहीं होती है. इसी बात को प्रूव करते हुए तमिलनाडु के सुरेश कुमार ने 51 साल की उम्र में मेडिकल परीक्षा क्रैक की है. सुरेश कुमार ने दो PhD और MBA करने के बाद NEET UG 2026 में सफलता पाई है. आइए उनकी सक्सेस स्टोरी के बारे में जानते हैं. NEET UG 2026 Score: क्या है NEET UG 2026 स्कोर? तमिलनाडु के सुरेश कुमार ने NEET UG 2026 में 720 में से 192 अंक हासिल करके प्रशासनी MBBS सीट पाई है. उनकी यह सक्सेस स्टोरी लोखों स्टूडेंट्स के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है. Suresh Educational Background: क्या है सुरेश का एजुकेशनल बैकग्राउंड? HT की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले के वेलंकन्नी के रहने वाले सुरेश कुमार ने 1992 में 12वीं पास की थी और तभी से वे मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते थे. उन्होंने फार्माकोलॉजी में पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री पूरी की, फिर MBA किया और दो PhD हासिल की. वे अभी डायग्नोस्टिक्स इंडस्ट्री में काम करते हैं. Suresh Medical Attempt: जानिए कितने अटेंप्ट के बाद पाई सफलता मेडिकल एडमिशन के लिए उम्र की सीमा हटाए जाने के बाद सुरेश कुमार 2022 में पहली बार NEET UG परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन सफल नहीं हो पाए. हालांकि, 2026 में 18 महीने की तैयारी के बाद उन्होंने फिर से मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम दिया और सफल रहे. उन्होंने 192 अंक हासिल किए और PwD कोटे के तहत नागपट्टिनम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सीट पाई. ये भी पढ़ें: कई बार हुए असफल, लेकिन नहीं टूटा हौसला, बिलाल खान ने UPSC CAPF 2025 में हासिल की AIR 121 Suresh Study Routine: कितनी देर करते थे पढ़ाई? फुल-टाइम नौकरी करते हुए भी सुरेश कुमार मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करते रहे. वे रात में, अक्सर 10 बजे से आधी रात तक पढ़ाई करते थे. इसके अलावा वे सब्जेक्ट से जुड़े रहने के लिए अपने बेटे को बायोलॉजी भी पढ़ाते थे. वे नियमित रूप से पिछले सालों के प्रश्न-पत्रों का प्रैक्टिस करते थे और 2023 से 2025 के बीच अपनी पढ़ाई को पूरी तरह एनालाइज किए. ये भी पढ़ें: ऐश्वर्या बनीं देश की पहली ट्रांसजेंडर अफसर, समाज के तानों को बनाई ताकत और हौसले ने दिलाई नई पहचान NEET Exam Inspiration: कहां से डाॅक्टर बनने का जगा सपना? NEET परीक्षा में शामिल होने की प्रेरणा सुरेश को एक सड़क दुर्घटना के बाद मिली, जिससे उनके चलने-फिरने की क्षमता पर असर पड़ा था. उनके परिवार, जिसमें उनकी पत्नी दुर्गा (जो एक टीचर हैं) भी शामिल हैं, ने कॉलेज लौटने के उनके फैसले का समर्थन किया है. ऐसी उम्र में जब बहुत से लोग रिटायरमेंट की योजना बनाना शुरू कर देते हैं. उस वक्त सुरेश ने पढ़ाई करने की सोंची और मेडिकल परीक्षा क्रैक की. Suresh Family Background: क्या है सुरेश की फैमिली बैकग्राउंड? सुरेश कुमार के दो शिशु हैं. एक 8वीं और दूसरे 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं. परीवार में सुरेश की 72 वर्ष की मां भी हैं. परिवार और बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी के साथ-साथ सुरेश ने अपनी पढ़ाई की और मेडिकल जैसी परीक्षा में सफलता हासिल की. ये भी पढ़ें: चाय बेचने वाले का बेटा बना अफसर, बिहार के बेटे ने UPSC CAPF ने हिसिल किया 81वां रैंक, जानें उनकी सफलता की कहानी The post 51 की उम्र में सुरेश ने किया NEET क्वालीफाई, सड़क हादसे के बाद देखा डॉक्टर बनने का सपना appeared first on Naya Vichar.

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सोशल मीडिया के जरिए Gen Z को निशाना बना रहा पाकिस्तान? ऐसे शुरू होता है पूरा खेल

हिंदुस्तान में पिछले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र की एजेंसियों ने ऐसे दर्जनों युवाओं का पता लगाया है, जिन्हें कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने सोशल मीडिया के जरिए अपने नेटवर्क में शामिल किया. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, आर्थिक तंगी, कम शिक्षा और नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को खास तौर पर निशाना बनाया गया. पहले पैसे का लालच, फिर बढ़ता अपराध जांच एजेंसियों के के मुताबिक, युवाओं को शुरुआत में 12 हजार से 25 हजार रुपये तक दिए जाते थे. इसके बाद उनसे छोटे-छोटे काम कराए जाते. पुलिस स्टेशन या किसी संवेदनशील जगह की वीडियो बनाने जैसे कामों से शुरुआत कर धीरे-धीरे उन्हें गंभीर आपराधिक गतिविधियों की ओर धकेलने का आरोप है. पाकिस्तानी गैंगस्टर का नाम सामने पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस कथित नेटवर्क में पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों की भूमिका सामने आई है. आरोप है कि सोशल मीडिया पर युवाओं से संपर्क कर उन्हें प्रभावित किया जाता और फिर अलग मैसेजिंग ग्रुप में जोड़ा जाता था. वहां हिंदुस्तान और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के जरिए उनका मानसिक तौर पर प्रभाव बनाने की कोशिश की जाती. अशरफ दानियाल से ऐसे हुई कथित शुरुआत उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के 23 वर्षीय अशरफ दानियाल का नाम भी जांच में सामने आया है. महाराष्ट्र के भिवंडी में हैंडलूम का काम करने वाले दानियाल से कथित तौर पर जनवरी में इंस्टाग्राम के जरिए हम्माद मेमन ने संपर्क किया. मेमन को भट्टी का सहयोगी बताया गया है. बाद में दानियाल को एक अन्य मैसेजिंग ग्रुप में जोड़े जाने का दावा किया गया. गरीबी और मजबूरी को बनाया हथियार जांच में सामने आए युवाओं में मुंबई के 21 वर्षीय साजिद महबूब शेख, गोरखपुर के 20 वर्षीय कृष्णा मिश्रा और पंजाब के अमरजीत सिंह, करनजीत सिंह व सतनाम सिंह के नाम भी बताए गए हैं. एजेंसियों का आरोप है कि इन युवाओं की कमजोर आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर उन्हें कथित नेटवर्क में खींचा गया. Gen Z के लिए बढ़ा खतरा यह मामला दिखाता है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाला अनजान संपर्क किस तरह युवाओं को धीरे-धीरे प्रभावित कर सकता है. जांच एजेंसियां अब ऐसे नेटवर्क, ऑनलाइन संपर्कों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं. सवाल सिर्फ सुरक्षा का नहीं, बल्कि यह भी है कि आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर युवाओं को कट्टरपंथी नेटवर्क से बचाने के लिए परिवार और समाज कितने तैयार हैं. ये भी पढ़ें: केरल में फर्नीचर गोदाम में भीषण आग, मौके पर पहुंची दमकल की कई गाड़ियां The post सोशल मीडिया के जरिए Gen Z को निशाना बना रहा पाकिस्तान? ऐसे शुरू होता है पूरा स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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Video: प्रदर्शनकारी छात्रों से मिले राहुल गांधी, बोले- हिंसक शासन के सामने डटे युवा, लड़कियों पर गर्व

राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया पर छात्रों के साथ बातचीत का एक वीडियो साझा किया. ये छात्र पिछले महीने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. छात्रों के मुताबिक, 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान उन्हें पुलिस की ज्यादती और कथित उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था. 10 मिनट 43 सेकेंड के वीडियो में राहुल गांधी छात्रों की बातें सुनते नजर आ रहे हैं. छात्रों ने उन्हें बताया कि अपनी आवाज उठाने के बाद उन्हें पुलिस की कथित बर्बरता और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा. छात्राओं की राहुल गांधी ने की खास तौर पर तारीफ राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों ने शांति, प्रेम और हंसी-मजाक के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्राओं की खास तौर पर तारीफ की. उन्होंने कहा, “मुझे हर एक युवा पर गर्व है, खासकर उन लड़कियों पर, जिन्हें भाजपा के गुंडों की बदसलूकी, गाली-गलौज और हिंसा का सामना करना पड़ा.” राहुल गांधी ने दावा किया कि कुछ छात्राओं को प्रधानमंत्री से माफी मांगने के लिए भी मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि अब इन युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकेगा. 22 अगस्त को पुणे पहुंचेगा ‘छात्रों की गूंज’ राहुल गांधी ने बताया कि छात्रों के साथ संवाद का कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ 22 अगस्त को पुणे पहुंचेगा. इस बार यह कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं के लिए आयोजित किया जाएगा. “अब लड़कियां बोलेंगी, देश सुनेगा.” – राहुल गांधी राहुल गांधी ने 5 अगस्त को छात्रों के साथ की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस राहुल गांधी ने 5 अगस्त को छात्रों से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान उनके साथ पांच छात्र भी मौजूद थे. इनमें मॉडल रिया अहीर भी शामिल थीं. छात्र आंदोलन के दौरान मुंबई में एक पुलिस वैन के सामने खड़े होकर उसे रोकने की रिया की तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी. रिया ने ऑनलाइन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत भी की है. ये भी पढ़ें: वंदे मातरम् विवाद : अमित शाह ने कहा- सोनिया गांधी का पाप जनता कभी माफ नहीं करेगी ये भी पढ़ें: राहुल गांधी और संदीप दीक्षित विवाद पर बोले जयराम रमेश, अब डिप्लोमेसी कहां है? अब तो हगलोमेसी है The post Video: प्रदर्शनकारी छात्रों से मिले राहुल गांधी, बोले- हिंसक शासन के सामने डटे युवा, लड़कियों पर गर्व appeared first on Naya Vichar.

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वंदे मातरम् विवाद : अमित शाह ने कहा- सोनिया गांधी का पाप जनता कभी माफ नहीं करेगी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का अपमान करने का आरोप लगाते हुए जोरदार हमला बोला है. राजस्थान के निम्बाहेड़ा में आयोजित अटल गौरव स्मृति समारोह में शाह ने कहा कि कांग्रेस को इस मामले में देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए. सोनिया गांधी पर अमित शाह ने बोला हमला अमित शाह ने कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वंदे मातरम् के गायन के दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से गीत रोकने को कहा. उन्होंने सवाल किया कि कोई वंदे मातरम् जैसे राष्ट्रगीत को अधूरा छोड़ने के बारे में कैसे सोच सकता है. 140 करोड़ लोग आपको देख रहे हैं. आपने जो पाप किया है, उसे देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी- अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री बोले अमित शाह- कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए गृह मंत्री ने कहा कि अगर कांग्रेस नेताओं में थोड़ी भी शर्म बची है तो उन्हें हाथ जोड़कर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए. शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट बैंक की नेतृत्व के कारण वंदे मातरम् को भुला दिया. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रगीत आजादी की लड़ाई के दौरान लाखों हिंदुस्तानीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा. अमित शाह ने कहा- वंदे मातरम् बोलते हुए स्वतंत्रता सेनानियों ने दी कुर्बानी अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम् केवल दो शब्द नहीं हैं, बल्कि हिंदुस्तान माता की वंदना हैं. उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में हजारों-लाखों लोगों ने वंदे मातरम् कहते हुए गोलियां खाईं, लाठियां सहीं, जेल गए और फांसी के फंदे तक चढ़ गए. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के 150वें वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से इसे नया सम्मान देने का काम किया है. स्वतंत्रता दिवस समारोह का भी किया जिक्र शाह ने कहा कि इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला. उनके मुताबिक, आजादी के 80 साल बाद लाल किले और देशभर में ध्वजारोहण कार्यक्रमों के दौरान वंदे मातरम् का गायन किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि जब वंदे मातरम् को फिर से सम्मान मिल रहा है, तब कांग्रेस का रवैया इसके विपरीत दिखाई दे रहा है. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का किया अनावरण इससे पहले अमित शाह ने निम्बाहेड़ा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया. उन्होंने देश के विकास में वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी प्रशासन ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए. शाह ने पोखरण परमाणु परीक्षण, गांवों को सड़कों से जोड़ने, राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय के गठन जैसे फैसलों का जिक्र किया. Also Read:Sonia Gandhi पर वंदे मातरम् के अपमान का आरोप, BJP नेताओं ने थाने में की शिकायत The post वंदे मातरम् विवाद : अमित शाह ने कहा- सोनिया गांधी का पाप जनता कभी माफ नहीं करेगी appeared first on Naya Vichar.

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राहुल गांधी और संदीप दीक्षित विवाद पर बोले जयराम रमेश, अब डिप्लोमेसी कहां है? अब तो हगलोमेसी है

जयराम रमेश ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा, “सबको गले लगाओ, दिखाओ कि विदेशी नेता तुम्हारे अच्छे दोस्त हैं, और छोटे देशों से अवॉर्ड और मेडल मांगो. मेरा मानना ​​है कि यह हमारी विदेश नीति के हित में नहीं है; इसने हमें कमजोर किया है. यही सवाल उठाए जा रहे हैं.” पीएम मोदी पीड़ित होने का नाटक करते हैं : जयराम रमेश जयराम रमेश ने आगे कहा, “जब लोगों की छवि खराब करने की बात आती है, तो प्रधानमंत्री का कोई मुकाबला नहीं है. जब भी प्रधानमंत्री से सवाल पूछा जाता है या उनकी आलोचना की जाती है, तो वे खुद को पीड़ित बताते हैं और विक्टिम पॉलिटिक्स करते हैं. वे दूसरों से सवाल कर सकते हैं, मजाक उड़ा सकते हैं और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन जब कोई उनसे सवाल पूछता है, तो दोहरे मापदंड अपनाए जाते हैं.” राहुल गांधी ने पीएम मोदी की विदेश नीति पर क्या कहा था, जिससे मचा है हंगामा राहुल गांधी ने 13 अगस्त को भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें जोकरों का समूह करार दिया था. प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर कटाक्ष करते हुए राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को प्रतीकात्मक रूप से गले लगाया था. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दिमाग में पता नहीं कहां से यह बात घर कर गई कि गले मिलना ही विदेश नीति है. जब राहुल गांधी ने दीक्षित को गले लगाया तो पूर्व सांसद ने मजाकिया लहजे में सवाल किया कि आपने मुझे (जॉर्जिया) मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था? इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह अभी तक यहां नहीं पहुंचे हैं. दीक्षित की टिप्पणी को सोशल मीडिया में कई लोगों ने स्त्री विरोधी करार दिया. The post राहुल गांधी और संदीप दीक्षित विवाद पर बोले जयराम रमेश, अब डिप्लोमेसी कहां है? अब तो हगलोमेसी है appeared first on Naya Vichar.

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मनोज तिवारी का प्रशांत किशोर पर पलटवार, बोले- जीतने के बाद जो झुके वो संस्कारी, गाली दे वो अहंकारी, पीके ने कहा था फ्रॉड

Manoj Tiwari On Prashant Kishor: भोजपुरी कलाकार और भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला है. बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. अब मनोज तिवारी ने खुद को ‘संस्कारी बिहारी’ बताते हुए प्रशांत किशोर को ‘अहंकारी’ करार दिया है. मनोज तिवारी बोले- जीत के बाद भी गाली दे रहे हैं पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में मनोज तिवारी ने प्रशांत किशोर पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि चुनाव की बात चुनाव तक ही होनी चाहिए. जीतने के बाद भी किसी के मुंह से अपशब्द निकलना सही नहीं है. मनोज तिवारी ने कहा कि जो जीतने के बाद झुकता है, वो संस्कारी होता है और जो जीतने के बाद भी गाली दे, वो अहंकारी होता है. उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे सुनकर वह हैरान हैं. ‘हम संस्कारी बिहारी हैं’ भाजपा सांसद ने अपने काम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक हजार से ज्यादा कलाकारों को मंच दिया है. बिहार का नाम देश और दुनिया में पहुंचाने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि हम तो संस्कारी बिहारी हैं. हम इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते. मनोज तिवारी ने प्रशांत किशोर को बांकीपुर की जीत पर बधाई भी दी. साथ ही कहा कि अब उन्हें अपने क्षेत्र की जनता का ध्यान रखना चाहिए. बिहार की ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें प्रशांत किशोर ने मनोज तिवारी को बताया था ‘फ्रॉड’ दरअसल, प्रशांत किशोर ने एक इंटरव्यू में मनोज तिवारी पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने भाजपा सांसद को ‘फ्रॉड आदमी’ बताया था. पीके ने आरोप लगाया था कि मनोज तिवारी चुनाव के समय बिहार आते हैं और उसके बाद गायब हो जाते हैं. उन्होंने मनोज तिवारी को चुनौती भी दी थी. कहा था कि अगर उनमें हिम्मत है तो भोजपुर में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाकर दिखाएं. भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर शुरू हुआ विवाद दोनों नेताओं के बीच विवाद की शुरुआत भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से हुई. बांकीपुर उपचुनाव के प्रचार के दौरान मनोज तिवारी ने प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए थे. मनोज तिवारी का आरोप था कि प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी की मां से कहा था कि वह तभी न्याय दिलाएंगे, जब वह बांकीपुर आकर जन सुराज पार्टी के लिए प्रचार करेंगी. Also Read:बांकीपुर के बाद प्रशांत किशोर का नया एक्शन प्लान तैयार, फिर पहुंचेंगे गांव-गांव, चिराग पासवान ने की PK की तारीफ The post मनोज तिवारी का प्रशांत किशोर पर पलटवार, बोले- जीतने के बाद जो झुके वो संस्कारी, गाली दे वो अहंकारी, पीके ने कहा था फ्रॉड appeared first on Naya Vichar.

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JPSC Student Protest: कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर की आंदोलनकारी छात्रों से अपील, बोले- CBI जांच की मांग पर पुनर्विचार करें

JPSC Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में कथित धांधली पर छात्रों के आंदोलन के बीच कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने आंदोलनकारी छात्रों से केंद्रीय अण्वेशन ब्यूरो (CBI) जांच की मांग पर पुनर्विचार करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों की समस्याओं पर काफी संवेदनशील हैं और प्रशासन उनकी मांगों को लेकर गंभीरता से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी जांच को पूरा होने में समय लगता है और ऐसा नहीं है कि आज कोई निर्णय लिया जाए और अगले दिन उसका परिणाम सामने आ जाए. CID नतीजे तक पहुंचने का कर रही प्रयास राजेश ठाकुर ने कहा कि छात्रों की चिंताओं को समझा जा रहा है और मामले की जांच जारी है. उन्होंने कहा कि CID लगातार सही परिणाम तक पहुंचने के लिए प्रयास कर रही है. ऐसे में छात्रों को जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखते हुए थोड़ा समय देना चाहिए. कांग्रेस नेता ने CBI जांच की मांग पर उठाए सवाल CBI जांच की मांग पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने एजेंसी के हालिया रिकॉर्ड का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि CBI के पास करीब 152 मामले हैं, लेकिन इनमें अब तक ऐसी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों को संतोष हो. उनका कहना था कि जब केंद्रीय जांच एजेंसी के कई मामलों में अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए हैं, तो झारखंड में चल रही जांच को उसी एजेंसी को सौंपने की मांग पर छात्रों को पुनर्विचार करना चाहिए. छात्रों की परेशानियों पर हेमंत सोरेन संवेदनशील उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना आंदोलन इस तरह आगे बढ़ाना चाहिए कि उन्हें मिल रही नेतृत्वक और सामाजिक सहानुभूति प्रभावित न हो. राजेश ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दोनों ही छात्रों की परेशानियों पर संवेदनशील हैं. प्रशासन की ओर से जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. CID कर रही मामलों की जांच कांग्रेस नेता ने कहा कि CID लगातार मामलों की जांच कर रही है और उसका उद्देश्य सही परिणाम तक पहुंचना है. ऐसे में ऐसी एजेंसी को जांच सौंपना उचित नहीं होगा, जिसके कामकाज और लंबित मामलों को लेकर पहले से सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने छात्रों से भावनात्मक दबाव में फैसला लेने के बजाय मौजूदा जांच प्रक्रिया को भी मौका देने की बात कही. लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं छात्र JPSC-JSSC अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शामिल है. छात्र कई मामलों में CBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें: ‘यह कैसी आजादी?’ देवेंद्रनाथ महतो के साथ रांची के सदर अस्पताल में बर्ताव पर बरसे जयराम महतो छात्रों का CBI जांच पर जोर राजेश ठाकुर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत तथा जांच को लेकर लगातार गतिरोध बना हुआ है. एक ओर प्रशासन CID और प्रस्तावित अन्य जांच प्रक्रियाओं के जरिए कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं आंदोलनकारी छात्र केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग पर जोर दे रहे हैं. अब छात्रों के अगले कदम पर सबकी नजर है. इसे भी पढ़ें: झारखंड में कनीय स्तर के अभियंता बने हुए हैं जिला अभियंता, प्रशासनी आदेश का हो रहा उल्लंघन The post JPSC Student Protest: कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर की आंदोलनकारी छात्रों से अपील, बोले- CBI जांच की मांग पर पुनर्विचार करें appeared first on Naya Vichar.

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संसद में लगातार हुए हंगामे पर हरिवंश ने जताई चिंता, कहा- संकट के वक्त तो सरकार-विपक्ष मिलकर काम करे

संसद के मानसून सत्र में लगातार हुए हंगामे और कार्यवाही बाधित होने के बीच राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने प्रशासन और विपक्ष दोनों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. एएनआई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि संसद को चलाने की जिम्मेदारी किसी एक पक्ष की नहीं, बल्कि प्रशासन और विपक्ष दोनों की बराबर है. नेतृत्वक पार्टियों की संविधान में आस्था पर किया सवाल हरिवंश ने कहा कि अगर प्रशासन या विपक्ष में से कोई एक पक्ष सदन की कार्यवाही रोकने पर अड़ जाता है, तो संसद में वही स्थिति होती है, जो फिलहाल के दिनों में देखने को मिली. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नेतृत्वक पार्टियां लगातार संविधान की बात करती हैं और उसकी कॉपियां लेकर चलती हैं, लेकिन उनके वास्तविक व्यवहार में संविधान में आस्था कितनी दिखाई देती है? ये भी पढ़ें: UP के युवाओं के लिए खुशसमाचारी! CM योगी ने किया ‘यूथ ब्रिगेड स्कीम’ का ऐलान, जानिएं कैसे मिलेंगे लाभ ये भी पढ़ें: ट्रंप की ईरान पॉलिसी से बेचैन हैं खाड़ी के देश, रणनीति पर उठे सवाल तो व्हाइट हाउस ने दिया जवाब संसद का सही ढंग से चलना बहुत जरूरी हरिवंश ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय नेतृत्वक और सुरक्षा परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे समय में संसद की कार्यवाही का सही ढंग से चलना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा, हमें अपनी पिछली पीढ़ी से पूछना चाहिए कि 2014 के बाद हमने ‘विकसित हिंदुस्तान’ का सपना क्यों देखा?” उन्होंने जोर दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में कम से कम संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए. संकट के वक्त पक्ष-विपक्ष एक सुर में बोले हरिवंश ने कहा कि विश्व अभी गंभीर एनर्जी क्रासिस के दौर से गुजर रहा है, बावजूद इसके हमारे देश में उतनी बदतर स्थिति नहीं है. इसकी वजह यह है कि हमने खुद को मजबूत किया है. ऐसे में जब संकट के हालात हैं, देश के लोगों को एक साथ आकर देश चलाना चाहिए ना कि संसद को बाधित करके लोकतंत्र के मंदिर को ठप करना चाहिए. The post संसद में लगातार हुए हंगामे पर हरिवंश ने जताई चिंता, कहा- संकट के वक्त तो प्रशासन-विपक्ष मिलकर काम करे appeared first on Naya Vichar.

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Gen Z को साधने बिहार पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, 400 से ज्यादा स्टूडेंट्स से करेंगे बात, जानिए पूरा कार्यक्रम

Gyanesh Kumar Bihar Visit: दो दिवसीय दौरे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पटना पहुंचे. पटना पहुंचने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने कहा, मतदाता सूची के शुद्धिकरण का देशभर में सबसे सफल आयोजन बिहार से ही शुरू हुआ था. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव का मतदान प्रतिशत न केवल आजादी से अब तक बिहार में सर्वाधिक रहा बल्कि अमेरिका, फ्रांस, इंग्लैंड, जापान, स्पेन के आम चुनाव से भी ज्यादा मतदान प्रतिशत रहा. ELC 2.0 की करेंगे शुरुआत जानकारी के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 17 अगस्त को Electrol literacy Clubs (ELC 2.0) की शुरुआत करेंगे. 17 अगस्त को लॉन्चिंग की जाएगी. ज्ञानेश कुमार बिहार के कई जिलों का दौरा करेंगे. खासकर वे राज्य के Gen Z वोटर्स से बात करेंगे. चुनाव में विद्यार्थियों की ज्यादा से ज्यादा सहभागिता हो, इसके लिए उन्हें प्रेरित करेंगे. View on Instagram इन जिलों में जायेंगे मुख्य चुनाव आयुक्त आज मुख्य चुनाव आयुक्त सीतामढ़ी, वैशाली और मधुबनी जायेंगे. यहां वे बूथ लेवल के अधिकारियों से बातचीत करेंगे. बताया जा रहा है कि ज्ञानेश कुमार का यह प्रयास चुनावी प्रक्रिया की जमीनी हकीकत को समझने के लिए होगा. इस दौरान बीएलओ अपने अनुभव साझा करेंगे, फील्ड में आने वाली चुनौतियों पर खुलकर चर्चा करेंगे और निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के सुझाव देंगे. बिहार से जुड़ी अन्य समाचारों के लिए यहां क्लिक करें पटना के ज्ञान भवन में होगा कार्यक्रम 17 अगस्त को पटना के ज्ञान भवन में निर्वाचन साक्षरता क्लब 2.0 (ELC 2.0) और ECINET को लेकर एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. इस सम्मेलन की सबसे खास बात इसकी भागीदारी होगी. बिहार के 400 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों से हजारों विद्यार्थी इसमें शामिल होंगे. इनमें बड़ी संख्या उन युवाओं की होगी, जो पहली बार मतदान करने जा रहे हैं. कार्यक्रम में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि शिक्षक, विश्वविद्यालयों के कुलपति, महाविद्यालयों और विद्यालयों के प्राचार्य और अलग-अलग संस्थानों के प्रमुख भी हिस्सा लेंगे. इस तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस दौरे से न केवल जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान तलाशने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल होगी. Also Read: बिहार में जमीन रजिस्ट्री के बाद WhatsApp पर मिलेंगे डॉक्युमेंट्स, नई डिजिटल व्यवस्था से आसान होगी प्रक्रिया The post Gen Z को साधने बिहार पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, 400 से ज्यादा स्टूडेंट्स से करेंगे बात, जानिए पूरा कार्यक्रम appeared first on Naya Vichar.

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