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रांची : मोरहाबादी मैदान में CM हेमंत सोरेन ने फहराया तिरंगा, युवाओं के रोजगार से स्वास्थ्य तक की योजनाओं पर जोर

Hemant Soren Flag Hoisting: रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में शुक्रवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे गरिमामय माहौल में आयोजित हुआ. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इससे पहले उन्होंने परेड का निरीक्षण किया. इस बार समारोह में एक खास पहल देखने को मिली. पहली बार राष्ट्रगीत का पूरा अंतरा गाकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. इसके बाद राष्ट्रगान हुआ. राष्ट्रगान के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल इतिहास की एक तिथि नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी है. आजादी का अर्थ हर शिशु को अच्छी शिक्षा, हर युवा को सम्मानजनक रोजगार और हर नागरिक को न्याय तथा समान अवसर उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर एक नये पड़ाव पर खड़ा है. अब राज्य को अगले 25 वर्षों की दिशा तय करनी है. स्थानीय संसाधनों और हुनर से विकास पर जोर  मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड का विकास केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा. प्रशासन का जोर स्थानीय संसाधनों, लघु उद्योग, पारंपरिक हुनर, कृषि, वनोपज, स्त्री समूहों और युवाओं की क्षमता को आर्थिक शक्ति में बदलने पर है. उन्होंने कहा कि राज्य ऐसा मॉडल विकसित करना चाहता है, जिसमें विकास के साथ सामाजिक न्याय और सांस्कृतिक विरासत का संतुलन बना रहे. परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, वार्षिक परीक्षा कैलेंडर की घोषणा युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है. इसके तहत समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, पारदर्शी और चरणबद्ध परीक्षा प्रणाली, उत्तर-कुंजी एवं ओएमआर की समयबद्ध उपलब्धता तथा परीक्षा प्रक्रिया में बहुस्तरीय जवाबदेही सुनिश्चित की जायेगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन परीक्षा व्यवस्था को ऐसी बनाना चाहती है, जिस पर अभ्यर्थियों के साथ-साथ समाज का विश्वास भी कायम हो. परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिसमें गड़बड़ी की गुंजाइश ही कम हो.  युवाओं के लिए अहम ऐलान समयबद्ध वार्षिक परीक्षा कैलेंडर लागू करने पर जोर. पारदर्शी और चरणबद्ध परीक्षा प्रणाली. उत्तर-कुंजी और ओएमआर समय पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था. परीक्षा प्रक्रिया में बहुस्तरीय जवाबदेही. जेपीएससी, जेएसएससी समेत राज्य की सभी नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाने की बात. युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल. प्रशासनी सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया समयबद्ध होगी मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में जेपीएससी, जेएसएससी सहित राज्य की सभी प्रमुख नियुक्ति प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जायेगा. उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहती है कि युवाओं को अवसर मिले और उनकी ऊर्जा राज्य निर्माण में लगे. उन्होंने युवाओं से कहा कि प्रशासन केवल उनके सपनों की रक्षा करने की जिम्मेदारी नहीं लेती, बल्कि उनका विश्वास जीतना भी चाहती है. किसानों के लिए नयी कृषि वित्तीय स्थिति पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की आर्थिक शक्ति केवल बड़े उद्योगों में नहीं, बल्कि लाखों छोटे किसानों, बुनकरों, कारीगरों, स्त्री स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों में भी है. प्रशासन कृषि, बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन, लाह, तसर, मिलेट, औषधीय पौधों और लघु वनोपज आधारित वित्तीय स्थिति को नयी गति देना चाहती है. उन्होंने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत राज्य में करीब 2.15 लाख एकड़ भूमि पर हरित खेती को बढ़ावा दिया गया है और लगभग 7 लाख परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य किसानों को केवल उत्पादक नहीं, बल्कि मूल्यवर्धित कृषि और बाजार से जुड़ा उद्यमी बनाना है. उद्योग और निवेश से 22 हजार युवाओं को रोजगार का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का आयोजन किया गया. इसमें उद्योग, पर्यटन, आइटी, पीएचइडी, आधारभूत संरचना और अन्य क्षेत्रों के निवेशकों के साथ विचार-विमर्श हुआ. प्रशासन के प्रयासों के परिणामस्वरूप 16 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिनमें कुल 10 एमओयू के धरातल पर उतरने से 22 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना बतायी गयी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचें, हर जिले में नये उद्योग विकसित हों और स्टार्टअप व नवाचार को प्रोत्साहन मिले. स्त्रीओं की आर्थिक ताकत को विकास से जोड़ने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रगति स्त्रीओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं है. उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्त्रीओं के आर्थिक सशक्तीकरण का उल्लेख किया. ग्रामीण स्त्रीओं के नेतृत्व वाले समूहों को स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में प्रशासन की योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के तहत 50 वर्ष से कम उम्र की स्त्रीओं के लिए प्रति माह 2,500 रुपये की सहायता दी जा रही है. साथ ही स्त्री स्वयं सहायता समूहों को ऋण और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की बात कही. स्त्रीओं के लिए मुख्यमंत्री के संदेश के मुख्य बिंदु स्त्री समूहों से स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा. ‘पलाश ब्रांड’ के माध्यम से ग्रामीण स्त्रीओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर. स्त्री नेतृत्व को बढ़ावा देने की नीति. स्त्रीओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को राज्य के विकास से जोड़ने का प्रयास. स्वास्थ्य क्षेत्र में छह नये मेडिकल कॉलेज, आरआइएमएस-2 का निर्माण मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही है. राज्य में छह नये चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है. साथ ही आरआइएमएस-2 का निर्माण कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग शिक्षा और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल बड़े शहरों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा पहुंचाना है. पंचायतों में दवा दुकानों को आगे बढ़ाने के साथ ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने की बात भी कही. ‘झारखंड मॉडल’ में आदिवासी चेतना और प्रकृति का संरक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी आदिवासी चेतना, प्राकृतिक संसाधनों और सामुदायिक जीवन से है. राज्य के विकास का मॉडल ऐसा होना चाहिए, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण

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​विरासत में जायदाद नहीं, आज़ादी का जुनून मिला! एक भाई जेल गया तो दूसरे ने संभाली कमान, UP के 5 परिवारों की ‘अनटोल्ड’ स्टोरी

UP Freedom Fighters: उत्तर प्रदेश के 5 ऐसे परिवारों की अनसुनी कहानियां, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपनी विरासत नहीं, बल्कि जुनून को आगे बढ़ाया. एक भाई जेल गया तो दूसरे ने संभाली कमान. The post ​विरासत में जायदाद नहीं, आज़ादी का जुनून मिला! एक भाई जेल गया तो दूसरे ने संभाली कमान, UP के 5 परिवारों की ‘अनटोल्ड’ स्टोरी appeared first on Naya Vichar.

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लाल किले से PM मोदी का ऐलान, 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा, पांच नए रिएक्टर

PM Modi Independence Day Speech 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और तकनीकी विकास को लेकर कई लक्ष्य सामने रखे. पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान का लक्ष्य 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना है और इसी दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने की योजना है. आत्मनिर्भर हिंदुस्तान पर दिया जोर प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान को दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश को अपनी क्षमताएं मजबूत करनी होंगी और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करनी होगी. पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर हिंदुस्तान के संकल्प के साथ देश आगे बढ़ रहा है और मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों से बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं. रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन को लेकर किया बड़ा दावा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान में रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन की शुरुआत 1925 में हुई थी, लेकिन लगभग 90 वर्षों में केवल 30 प्रतिशत रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हो पाया था. उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में हिंदुस्तान ने 100 प्रतिशत रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन हासिल किया है. इससे आयातित डीजल पर निर्भरता कम हुई है और पर्यावरण को भी फायदा हुआ है. पीएम मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का भी जिक्र किया और इसे स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम बताया. डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में बढ़ी हिंदुस्तान की ताकत पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान ने डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है. पिछले 12 सालों में इंटरनेट यूजर्स की संख्या करीब चार गुना बढ़ी है. उन्होंने कहा कि पेटेंट की संख्या चार गुना और डिजिटल लेनदेन (ट्रांजेक्शन) 100 गुना बढ़ा है. इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में करीब सात गुना बढ़ोतरी हुई है. डिफेंस और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में बढ़ोतरी प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 12 सालों में रक्षा उत्पादन लगभग चार गुना बढ़ा है, जबकि खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब पांच गुना हुआ है. उन्होंने कहा कि आधुनिक रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा है. पीएम मोदी ने इसे आत्मनिर्भर हिंदुस्तान की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया. आम लोगों की सुविधाओं में सुधार का दावा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रशासन ने आम नागरिकों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की रफ्तार तेज की है. उन्होंने कहा कि नल से जल कनेक्शन देने की गति पहले के मुकाबले 15 गुना बढ़ी है, जबकि गैस कनेक्शन देने की वार्षिक रफ्तार छह गुना हुई है. गरीबों के लिए शौचालय बनाने की गति चार गुना और आवास उपलब्ध कराने की गति तीन गुना बढ़ने का भी दावा किया गया. मेट्रो नेटवर्क और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विस्तार प्रधानमंत्री ने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का जिक्र करते हुए कहा कि देश में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत किया गया है. उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में काम की रफ्तार, पैमाना और उपलब्धियां पहले की तुलना में काफी बदली हैं. समाज के हर वर्ग के योगदान को किया याद पीएम मोदी ने अपने भाषण में दलितों, वंचितों, आदिवासियों, गरीबों, मध्यम वर्ग, युवाओं, स्त्रीओं, बुजुर्गों और ग्रामीण-शहरी नागरिकों के योगदान की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में देश के हर हिस्से और हर वर्ग के लोगों ने हिंदुस्तान को आगे बढ़ाने के लिए अपनी भूमिका निभाई है. Also Read: लाल किले से पीएम मोदी का संदेश, 2047 तक विकसित हिंदुस्तान का सपना होगा साकार The post लाल किले से PM मोदी का ऐलान, 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा, पांच नए रिएक्टर appeared first on Naya Vichar.

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Independence Day 2026 Live : PM मोदी बोले- भारत का सेमीकंडक्टर सफर,आत्मनिर्भरता से विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम

आज हिंदुस्तान स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ पूरे उत्साह के साथ मना रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में तिरंगा फहराने और देशभक्ति कार्यक्रमों का दौर जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. The post Independence Day 2026 Live : PM मोदी बोले- हिंदुस्तान का सेमीकंडक्टर सफर,आत्मनिर्भरता से विकसित हिंदुस्तान की ओर बढ़ते कदम appeared first on Naya Vichar.

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लाल किले से पीएम मोदी का संदेश, 2047 तक विकसित भारत का सपना होगा साकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने विकसित हिंदुस्तान के लक्ष्य, वित्तीय स्थिति, रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता समेत कई मुद्दों पर बात की. पीएम मोदी ने कहा कि देश नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और 2047 तक विकसित हिंदुस्तान का सपना साकार करने के लिए सभी नागरिकों को मिलकर काम करना होगा. 2047 तक विकसित हिंदुस्तान बनाने का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंदुस्तान ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का बड़ा सपना देखा है. उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश जब विकसित बनने का संकल्प लेता है तो पूरी दुनिया उसकी ओर अलग नजर से देखती है. पीएम मोदी ने कहा कि मजबूत इरादों और देश के लोगों की क्षमता के दम पर हिंदुस्तान इस लक्ष्य तक पहुंच सकता है. पीएम मोदी बोले- अब छोटे सपने काफी नहीं प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में लोगों से बड़े लक्ष्य तय करने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति उसके सपनों, संकल्प और क्षमता पर निर्भर करती है. उन्होंने कहा अब सिर्फ छोटे सपने देखने से काम नहीं चलेगा. बड़े सपने सोच को बड़ा बनाते हैं और आगे बढ़ने के नए रास्ते खोलते हैं. लाल किले पर पहली बार समारोह का हिस्सा बना वंदे मातरम इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने को विशेष रूप से याद किया गया. लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया. प्रधानमंत्री ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताया और कहा कि आज देशभर में तिरंगे और वंदे मातरम को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है. इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह का फोकस 150 Years of Vande Mataram और Yuva Shakti for Viksit Bharat@2047 पर रखा गया है.0 21 तोपों की सलामी के बीच फहराया तिरंगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इस दौरान 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के जवानों ने 21 तोपों की सलामी दी. इसके लिए स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया गया. इस बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत ने संभाली. The post लाल किले से पीएम मोदी का संदेश, 2047 तक विकसित हिंदुस्तान का सपना होगा साकार appeared first on Naya Vichar.

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Independence Day 2026 Live : PM मोदी बोले- भारत का सेमीकंडक्टर सफर,आत्मनिर्भरता से विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम

आज हिंदुस्तान स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ पूरे उत्साह के साथ मना रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में तिरंगा फहराने और देशभक्ति कार्यक्रमों का दौर जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. The post Independence Day 2026 Live : PM मोदी बोले- हिंदुस्तान का सेमीकंडक्टर सफर,आत्मनिर्भरता से विकसित हिंदुस्तान की ओर बढ़ते कदम appeared first on Naya Vichar.

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स्वतंत्रता सेनानी जिनका नाम इतिहास की किताबों में भी नहीं मिलता, पढ़ें इनकी अनसुनी कहानियां

Unsung Heroes of India: हिंदुस्तान की आजादी की कहानी सिर्फ महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और चंद्रशेखर आजाद जैसे प्रसिद्ध नामों तक सीमित नहीं है. देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानी भी हुए, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया, जेल गए और अपनी जान तक कुर्बान कर दी. इनमें से कई नाम आज भी आम लोगों के बीच ज्यादा चर्चित नहीं हैं. स्वतंत्रता दिवस के खास मौके (Independence Day Special) पर जानिए ऐसे ही 5 गुमनाम और कम चर्चित स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियां (Freedom Fighter Stories), जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में अहम योगदान दिया. हिंदुस्तान के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी कौन थे? आजादी के आंदोलन में अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों के लोगों ने हिस्सा लिया. आदिवासी समुदायों से लेकर किसान, स्त्रीएं, मजदूर, छात्र और क्रांतिकारी तक अंग्रेजों के खिलाफ खड़े हुए. कई स्थानीय नायकों का संघर्ष अपने क्षेत्र तक सीमित रहा, जिसकी वजह से उनके नाम राष्ट्रीय इतिहास की लोकप्रिय किताबों में ज्यादा जगह नहीं बना पाए. मातंगिनी हाजरा: 73 साल की उम्र में तिरंगा लेकर निकलीं पश्चिम बंगाल की मातंगिनी हाजरा हिंदुस्तान छोड़ो आंदोलन की प्रमुख स्त्री सेनानियों में शामिल थीं. 1942 में उन्होंने तिरंगा हाथ में लेकर जुलूस का नेतृत्व किया. ब्रिटिश पुलिस की गोली लगने के बाद भी वे आगे बढ़ती रहीं और शहीद हो गईं. उन्हें आज भी बंगाल में सम्मान के साथ याद किया जाता है. ये भी पढ़ें: स्कूल हो या कॉलेज, इस स्वतंत्रता दिवस, इन 30 स्लोगन से बनाएं पोस्टर पीर अली खान: किताबें बेचने से क्रांति तक का सफर बिहार के पीर अली खान 1857 के विद्रोह से जुड़े प्रमुख क्रांतिकारियों में गिने जाते हैं. वे पटना में पुस्तक विक्रेता के रूप में काम करते थे और क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय रहे. अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर फांसी दे दी. उनका नाम बिहार के 1857 के विद्रोह के इतिहास में खास महत्व रखता है. प्रीतिलता वाडेदार: चटगांव की साहसी क्रांतिकारी प्रीतिलता वाडेदार बंगाल की क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़ी थीं. 1932 में उन्होंने चटगांव के पहाड़तली यूरोपियन क्लब पर क्रांतिकारी कार्रवाई का नेतृत्व किया. ब्रिटिश पुलिस से घिरने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने सायनाइड खा लिया और शहीद हो गईं. आदिवासी और क्षेत्रीय संघर्षों के नायक तीलू रौतेली: कम उम्र में उठाया हथियार उत्तराखंड की तीलू रौतेली को गढ़वाल की वीरांगना के रूप में याद किया जाता है. लोक परंपराओं और क्षेत्रीय इतिहास में उनके साहस और संघर्ष की कई कहानियां मिलती हैं. उन्होंने कम उम्र में ही अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए हथियार उठाया और कई संघर्षों में हिस्सा लिया. वीर कुंवर सिंह: 80 साल की उम्र में अंग्रेजों से लोहा बिहार के जगदीशपुर के वीर कुंवर सिंह 1857 के विद्रोह के प्रमुख योद्धाओं में थे. करीब 80 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंग्रेजी सेना के खिलाफ मोर्चा संभाला. युद्ध के दौरान घायल हुए अपने हाथ को लेकर उनसे जुड़ी वीरता की कहानी आज भी लोकप्रिय है. उनका संघर्ष बिहार के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है. गुमनाम Freedom Fighter को जानना क्यों जरूरी? हिंदुस्तान की स्वतंत्रता की कहानी कई छोटे-बड़े आंदोलनों और असंख्य लोगों के बलिदान से बनी है. प्रसिद्ध नेताओं के साथ उन स्थानीय और क्षेत्रीय सेनानियों को याद करना भी जरूरी है, जिन्होंने अपने स्तर पर अंग्रेजी शासन को चुनौती दी. इन गुमनाम नायकों की कहानियां नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन की व्यापकता और विविधता समझने में मदद करती हैं. ये भी पढ़ें: Independence Day 2026: स्कूली बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस पर 10 लाइन, निबंध में कर सकते हैं शामिल The post स्वतंत्रता सेनानी जिनका नाम इतिहास की किताबों में भी नहीं मिलता, पढ़ें इनकी अनसुनी कहानियां appeared first on Naya Vichar.

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Unsung Heroes of India: हिंदुस्तान की आजादी की कहानी सिर्फ महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और चंद्रशेखर आजाद जैसे प्रसिद्ध नामों तक सीमित नहीं है. देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानी भी हुए, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया, जेल गए और अपनी जान तक कुर्बान कर दी. इनमें से कई नाम आज भी आम लोगों के बीच ज्यादा चर्चित नहीं हैं. स्वतंत्रता दिवस के खास मौके (Independence Day Special) पर जानिए ऐसे ही 5 गुमनाम और कम चर्चित स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियां (Freedom Fighter Stories), जिन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में अहम योगदान दिया. हिंदुस्तान के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी कौन थे? आजादी के आंदोलन में अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों के लोगों ने हिस्सा लिया. आदिवासी समुदायों से लेकर किसान, स्त्रीएं, मजदूर, छात्र और क्रांतिकारी तक अंग्रेजों के खिलाफ खड़े हुए. कई स्थानीय नायकों का संघर्ष अपने क्षेत्र तक सीमित रहा, जिसकी वजह से उनके नाम राष्ट्रीय इतिहास की लोकप्रिय किताबों में ज्यादा जगह नहीं बना पाए. मातंगिनी हाजरा: 73 साल की उम्र में तिरंगा लेकर निकलीं पश्चिम बंगाल की मातंगिनी हाजरा हिंदुस्तान छोड़ो आंदोलन की प्रमुख स्त्री सेनानियों में शामिल थीं. 1942 में उन्होंने तिरंगा हाथ में लेकर जुलूस का नेतृत्व किया. ब्रिटिश पुलिस की गोली लगने के बाद भी वे आगे बढ़ती रहीं और शहीद हो गईं. उन्हें आज भी बंगाल में सम्मान के साथ याद किया जाता है. ये भी पढ़ें: स्कूल हो या कॉलेज, इस स्वतंत्रता दिवस, इन 30 स्लोगन से बनाएं पोस्टर पीर अली खान: किताबें बेचने से क्रांति तक का सफर बिहार के पीर अली खान 1857 के विद्रोह से जुड़े प्रमुख क्रांतिकारियों में गिने जाते हैं. वे पटना में पुस्तक विक्रेता के रूप में काम करते थे और क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय रहे. अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर फांसी दे दी. उनका नाम बिहार के 1857 के विद्रोह के इतिहास में खास महत्व रखता है. प्रीतिलता वाडेदार: चटगांव की साहसी क्रांतिकारी प्रीतिलता वाडेदार बंगाल की क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़ी थीं. 1932 में उन्होंने चटगांव के पहाड़तली यूरोपियन क्लब पर क्रांतिकारी कार्रवाई का नेतृत्व किया. ब्रिटिश पुलिस से घिरने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने सायनाइड खा लिया और शहीद हो गईं. आदिवासी और क्षेत्रीय संघर्षों के नायक तीलू रौतेली: कम उम्र में उठाया हथियार उत्तराखंड की तीलू रौतेली को गढ़वाल की वीरांगना के रूप में याद किया जाता है. लोक परंपराओं और क्षेत्रीय इतिहास में उनके साहस और संघर्ष की कई कहानियां मिलती हैं. उन्होंने कम उम्र में ही अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए हथियार उठाया और कई संघर्षों में हिस्सा लिया. वीर कुंवर सिंह: 80 साल की उम्र में अंग्रेजों से लोहा बिहार के जगदीशपुर के वीर कुंवर सिंह 1857 के विद्रोह के प्रमुख योद्धाओं में थे. करीब 80 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंग्रेजी सेना के खिलाफ मोर्चा संभाला. युद्ध के दौरान घायल हुए अपने हाथ को लेकर उनसे जुड़ी वीरता की कहानी आज भी लोकप्रिय है. उनका संघर्ष बिहार के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है. गुमनाम Freedom Fighter को जानना क्यों जरूरी? हिंदुस्तान की स्वतंत्रता की कहानी कई छोटे-बड़े आंदोलनों और असंख्य लोगों के बलिदान से बनी है. प्रसिद्ध नेताओं के साथ उन स्थानीय और क्षेत्रीय सेनानियों को याद करना भी जरूरी है, जिन्होंने अपने स्तर पर अंग्रेजी शासन को चुनौती दी. इन गुमनाम नायकों की कहानियां नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन की व्यापकता और विविधता समझने में मदद करती हैं. ये भी पढ़ें: Independence Day 2026: स्कूली बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस पर 10 लाइन, निबंध में कर सकते हैं शामिल The post स्वतंत्रता सेनानी जिनका नाम इतिहास की किताबों में भी नहीं मिलता, पढ़ें इनकी अनसुनी कहानियां appeared first on Naya Vichar.

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श्रीलंका के खिलाफ 157 रन बनाते ही शुभमन गिल रचेंगे इतिहास, WTC में 3000 रन बनाने वाले बनेंगे पहले भारतीय

Shubman Gill Record: श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में हिंदुस्तानीय कप्तान शुभमन गिल की नजर सिर्फ टीम को जीत दिलाने पर नहीं होगी. गिल के पास इस सीरीज में बल्ले से इतिहास रचने का भी शानदार मौका है. वह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में दो बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं. 157 रन बनाते ही WTC में पूरा करेंगे 3000 रन गिल अगर श्रीलंका के खिलाफ दोनों टेस्ट मैचों में 157 रन बना लेते हैं, तो वह WTC इतिहास में 3,000 रन पूरे करने वाले पहले हिंदुस्तानीय बल्लेबाज बन जाएंगे. गिल ने अब तक WTC में 40 मैचों की 73 पारियों में 2,843 रन बनाए हैं. उन्हें 3,000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 157 रन की जरूरत है. हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों में WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में गिल फिलहाल पहले स्थान पर हैं. उनके बाद ऋषभ पंत के 2,780 और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के 2,716 रन हैं. वो तीसरे स्थान पर मौजूद हैं. विराट कोहली 2,617 रन के साथ चौथे स्थान पर हैं. WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के जो रूट के नाम है. रूट ने अब तक 77 मैचों में 6,651 रन बनाए हैं. ये भी पढ़ें: IND vs SL Live Streaming: फ्री में कैसे देखें हिंदुस्तान-श्रीलंका का पहला टेस्ट मैच? WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले हिंदुस्तानीय खिलाड़ी मैच पारी रन शुभमन गिल 40 73 2,843 ऋषभ पंत 40 71 2,780 रोहित शर्मा 40 69 2,716 विराट कोहली 46 79 2,617 रवींद्र जडेजा 48 73 2,610 यशस्वी जायसवाल 28 53 2,511 केएल राहुल 33 62 2,148 कप्तान के तौर पर भी बना सकते हैं ये रिकॉर्ड शुभमन गिल के पास सिर्फ 3,000 WTC रन पूरे करने का ही मौका नहीं है. वह मौजूदा WTC चक्र में बतौर हिंदुस्तानीय कप्तान 1,000 रन पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी भी बन सकते हैं. गिल ने 2025-27 WTC चक्र में हिंदुस्तान की कप्तानी करते हुए आठ मैचों में अब तक 950 रन बनाए हैं. यानी वह इस खास उपलब्धि से सिर्फ 50 रन दूर हैं. ये भी पढ़ें: 15 अगस्त को 7:29 में धोनी ने लिया था संन्यास, 6 साल बाद भी कायम है ‘कैप्टन कूल’ का ये रिकॉर्ड WTC के एक चक्र में हिंदुस्तानीय कप्तानों के सबसे ज्यादा रन खिलाड़ी मैच रन सर्वोच्च स्कोर 100/50 चक्र शुभमन गिल 8 950 269 5/1 2025-27 विराट कोहली 15 934 254* 2/5 2019-21 रोहित शर्मा 17 864 131 3/4 2023-25 विराट कोहली 7 415 79 0/3 2021-23 रोहित शर्मा 7 390 120 1/0 2021-23 अब तक तीन हिंदुस्तानीय बल्लेबाज एक WTC चक्र में 1,000 से ज्यादा रन बना चुके हैं. इनमें अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल शामिल हैं. अगर गिल श्रीलंका सीरीज में 50 रन बना लेते हैं, तो वह इस सूची में शामिल होने वाले चौथे हिंदुस्तानीय बन जाएंगे. ये भी पढ़ें: कुलदीप यादव के समर्थन में उतरे मुरली कार्तिक, रोहित-द्रविड़ के दौर को लेकर कही ये बात WTC के एक चक्र में हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के सबसे ज्यादा रन खिलाड़ी मैच रन सर्वोच्च स्कोर 100/50 चक्र यशस्वी जायसवाल 19 1,798 214* 4/10 2023-25 अजिंक्य रहाणे 18 1,159 115 3/6 2019-21 रोहित शर्मा 12 1,094 212 4/2 2019-21 शुभमन गिल 16 972 119* 3/3 2023-25 शुभमन गिल 8 950 269 5/1 2025-27 WTC के एक चक्र में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी जो रूट के नाम है. उन्होंने 2019-21 WTC चक्र में इंग्लैंड की कप्तानी करते हुए 20 मैचों में 1,660 रन बनाए थे. अब तक सिर्फ चार कप्तान जो रूट, बाबर आजम, दिमुथ करुणारत्ने और बेन स्टोक्स एक WTC चक्र में कप्तान के तौर पर 1,000 से ज्यादा रन बना पाए हैं. श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में गिल के पास इस खास क्लब में शामिल होने का मौका है. ये भी पढ़ें: IND vs SL: पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका टीम का ऐलान, ढाई साल बाद हुई डिकवेला की वापसी The post श्रीलंका के खिलाफ 157 रन बनाते ही शुभमन गिल रचेंगे इतिहास, WTC में 3000 रन बनाने वाले बनेंगे पहले हिंदुस्तानीय appeared first on Naya Vichar.

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श्रीलंका के खिलाफ 157 रन बनाते ही शुभमन गिल रचेंगे इतिहास, WTC में 3000 रन बनाने वाले बनेंगे पहले भारतीय

Shubman Gill Record: श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में हिंदुस्तानीय कप्तान शुभमन गिल की नजर सिर्फ टीम को जीत दिलाने पर नहीं होगी. गिल के पास इस सीरीज में बल्ले से इतिहास रचने का भी शानदार मौका है. वह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में दो बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं. 157 रन बनाते ही WTC में पूरा करेंगे 3000 रन गिल अगर श्रीलंका के खिलाफ दोनों टेस्ट मैचों में 157 रन बना लेते हैं, तो वह WTC इतिहास में 3,000 रन पूरे करने वाले पहले हिंदुस्तानीय बल्लेबाज बन जाएंगे. गिल ने अब तक WTC में 40 मैचों की 73 पारियों में 2,843 रन बनाए हैं. उन्हें 3,000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 157 रन की जरूरत है. हिंदुस्तानीय बल्लेबाजों में WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में गिल फिलहाल पहले स्थान पर हैं. उनके बाद ऋषभ पंत के 2,780 और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के 2,716 रन हैं. वो तीसरे स्थान पर मौजूद हैं. विराट कोहली 2,617 रन के साथ चौथे स्थान पर हैं. WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड इंग्लैंड के जो रूट के नाम है. रूट ने अब तक 77 मैचों में 6,651 रन बनाए हैं. ये भी पढ़ें: IND vs SL Live Streaming: फ्री में कैसे देखें हिंदुस्तान-श्रीलंका का पहला टेस्ट मैच? WTC में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले हिंदुस्तानीय खिलाड़ी मैच पारी रन शुभमन गिल 40 73 2,843 ऋषभ पंत 40 71 2,780 रोहित शर्मा 40 69 2,716 विराट कोहली 46 79 2,617 रवींद्र जडेजा 48 73 2,610 यशस्वी जायसवाल 28 53 2,511 केएल राहुल 33 62 2,148 कप्तान के तौर पर भी बना सकते हैं ये रिकॉर्ड शुभमन गिल के पास सिर्फ 3,000 WTC रन पूरे करने का ही मौका नहीं है. वह मौजूदा WTC चक्र में बतौर हिंदुस्तानीय कप्तान 1,000 रन पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी भी बन सकते हैं. गिल ने 2025-27 WTC चक्र में हिंदुस्तान की कप्तानी करते हुए आठ मैचों में अब तक 950 रन बनाए हैं. यानी वह इस खास उपलब्धि से सिर्फ 50 रन दूर हैं. ये भी पढ़ें: 15 अगस्त को 7:29 में धोनी ने लिया था संन्यास, 6 साल बाद भी कायम है ‘कैप्टन कूल’ का ये रिकॉर्ड WTC के एक चक्र में हिंदुस्तानीय कप्तानों के सबसे ज्यादा रन खिलाड़ी मैच रन सर्वोच्च स्कोर 100/50 चक्र शुभमन गिल 8 950 269 5/1 2025-27 विराट कोहली 15 934 254* 2/5 2019-21 रोहित शर्मा 17 864 131 3/4 2023-25 विराट कोहली 7 415 79 0/3 2021-23 रोहित शर्मा 7 390 120 1/0 2021-23 अब तक तीन हिंदुस्तानीय बल्लेबाज एक WTC चक्र में 1,000 से ज्यादा रन बना चुके हैं. इनमें अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल शामिल हैं. अगर गिल श्रीलंका सीरीज में 50 रन बना लेते हैं, तो वह इस सूची में शामिल होने वाले चौथे हिंदुस्तानीय बन जाएंगे. ये भी पढ़ें: कुलदीप यादव के समर्थन में उतरे मुरली कार्तिक, रोहित-द्रविड़ के दौर को लेकर कही ये बात WTC के एक चक्र में हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के सबसे ज्यादा रन खिलाड़ी मैच रन सर्वोच्च स्कोर 100/50 चक्र यशस्वी जायसवाल 19 1,798 214* 4/10 2023-25 अजिंक्य रहाणे 18 1,159 115 3/6 2019-21 रोहित शर्मा 12 1,094 212 4/2 2019-21 शुभमन गिल 16 972 119* 3/3 2023-25 शुभमन गिल 8 950 269 5/1 2025-27 WTC के एक चक्र में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी जो रूट के नाम है. उन्होंने 2019-21 WTC चक्र में इंग्लैंड की कप्तानी करते हुए 20 मैचों में 1,660 रन बनाए थे. अब तक सिर्फ चार कप्तान जो रूट, बाबर आजम, दिमुथ करुणारत्ने और बेन स्टोक्स एक WTC चक्र में कप्तान के तौर पर 1,000 से ज्यादा रन बना पाए हैं. श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में गिल के पास इस खास क्लब में शामिल होने का मौका है. ये भी पढ़ें: IND vs SL: पहले टेस्ट के लिए श्रीलंका टीम का ऐलान, ढाई साल बाद हुई डिकवेला की वापसी The post श्रीलंका के खिलाफ 157 रन बनाते ही शुभमन गिल रचेंगे इतिहास, WTC में 3000 रन बनाने वाले बनेंगे पहले हिंदुस्तानीय appeared first on Naya Vichar.

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