धनबाद. आइआइटी आइएसएम धनबाद के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की रिसर्च टीम ने अर्थन डैम निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. संस्थान की “Earthen Dam Structure with Compacted Clay-Fly Ash-Lime Core” तकनीक को हिंदुस्तान प्रशासन के पेटेंट कार्यालय से पेटेंट मिल गया है. पेटेंट नंबर 601531 है और इसे 4 सितंबर 2026 को प्रदान किया गया. रिसर्च टीम के सदस्य सुबोध श्रीवास्तव ने भी पेटेंट मिलने की जानकारी साझा की है.
इस तकनीक का उद्देश्य अर्थन डैम के कोर में इस्तेमाल होने वाली प्राकृतिक क्ले के एक हिस्से के विकल्प के रूप में फ्लाई ऐश और लाइम से तैयार कंपोजिट सामग्री का इस्तेमाल करना है. इससे एक ओर प्राकृतिक मिट्टी पर निर्भरता कम करने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश के उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है.
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